Category: मध्य प्रदेश

  • शहडोल में किरायेदारों से होटल गेस्ट तक सबका होगा सत्यापन, 15 दिन से ज्यादा ठहरने पर सूचना जरूरी

    शहडोल में किरायेदारों से होटल गेस्ट तक सबका होगा सत्यापन, 15 दिन से ज्यादा ठहरने पर सूचना जरूरी

    शहडोल 

    शहडोल में 15 दिनों से ज्यादा रुकने वालों पर पुलिस की खास निगरानी होगी. कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने और जन सामान्य के हित की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर दिए हैं. इस आदेश के तहत 15 दिन से अधिक ठहरने वाले व्यक्तियों को थाने में अपनी सूचना देनी होगी और अगर इस नियम का उल्लंघन किया गया, तो उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। 

    ऐसे लोगों को थाने में देनी होगी सूचना
    कलेक्टर के आदेश अनुसार, '' किरायेदारों व पेइंग गेस्ट की सूचना संबंधित मकान व दुकान मालिक द्वारा विहित प्रारूप में संबंधित थाने पर दिया जाना अनिवार्य होगा. सूचना देने के पूर्व मकान अथवा दुकान किराए पर नहीं दी जाएगी. किरायेदार व पेइंग गेस्ट से आईडी प्रूफ और मोबाइल नंबर भी आवश्यक रूप से लिया जाना होगा. इसी प्रकार घरेलू कामगारों एवं व्यावसायिक कर्मचारियों की जानकारी संबंधित मालिक द्वारा थाने पर सूचना देने के उपरांत ही उन्हें कार्य पर रखा जाएगा। 

    आदेश में कलेक्टर ने आगे कहा, '' घरेलू कामगारों के आईडी प्रूफ व मोबाइल नंबर भी आवश्यक रूप से लिए जाएंगे. निजी छात्रावासों में रह रहे छात्र-छात्राओं की सूचना भी तय फॉर्मेट में संबंधित थाने को देनी होगी, और उनका आईडी प्रूफ एवं मोबाइल नंबर लिया जाना आवश्यक होगा। 

    होटल से लेकर धर्मशालाओं तक को निर्देश
    होटल, लॉज, धर्मशाला, रैन बसेरा व सभी धार्मिक स्थलों में रुकने वाले व्यक्तियों से पहचान पत्र और मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से लिए जाएंगे. ठहरने वाले व्यक्तियों की सूची आईडी प्रूफ सहित विहित प्रारूप में प्रतिदिन संबंधित थाने पर दी जाएगी. इसके अलावा भवन निर्माण और अन्य निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों एवं कारीगरों की जानकारी ठेकेदार द्वारा विहित प्रारूप में थाने पर देने के बाद ही उन्हें काम पर रखा जाएगा. इसके अतिरिक्त पुलिस द्वारा प्रारंभ किए गए अतिथि पोर्टल पर भी रुकने वाले व्यक्तियों की जानकारी अनिवार्य रूप से दर्ज करनी होगी। 

    डिलीवरी एजेंट्स के लिए भी निर्देश
    कलेक्टर के आदेश के मुताबिक ऑनलाइन शॉपिंग व होम डिलीवरी एजेंट, स्पा सेंटर, मसाज सेंटर व ब्यूटी पार्लर के कर्मचारियों की जानकारी भी तय प्रारूप में थाने पर देनी होगी और उनके आईडी प्रूफ व मोबाइल नंबर भी लिए जाएंगे. इसी प्रकार निजी सुरक्षा एजेंसी के लिए नियुक्त गार्ड या स्वयं के स्तर पर नियुक्त किए गए गार्ड की जानकारी भी संबंधित थाने पर देनी होगी. विदेशी व्यक्तियों के संबंध में तत्काल सूचना एफआरआरओ शाखा, शहडोल को देना अनिवार्य होगा। 

    कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने कहा, '' नियमों के किसी भी अंश का उल्लंघन करना भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 223 के अंतर्गत दंडनीय होगा। 

  • इंदौर मेट्रो की पहली TBM ‘नर्मदा’ लॉन्च, अंडरग्राउंड निर्माण का काम शुरू; जानें क्या है खास तकनीक

    इंदौर मेट्रो की पहली TBM ‘नर्मदा’ लॉन्च, अंडरग्राउंड निर्माण का काम शुरू; जानें क्या है खास तकनीक

    इंदौर 
    इंदौर मेट्रो के भूमिगत निर्माण कार्य ने अब एक महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर लिया है। मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) ने भूमिगत सेक्शन के लिए पहली टनल बोरिंग मशीन (TBM) ‘नर्मदा’ को एयरपोर्ट स्थित शाफ्ट में सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया।

    TBM की लॉन्चिंग के साथ ही इंदौर मेट्रो के अंडरग्राउंड कॉरिडोर के निर्माण को गति मिलने की उम्मीद है। यह काम आधुनिक तकनीक और निर्धारित सुरक्षा मानकों के तहत किया जाएगा।

    एमडी ने मौके पर पहुंचकर देखा पूरा काम

    TBM ‘नर्मदा’ की लॉन्चिंग के दौरान मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक एस. कृष्ण चैतन्य मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने लॉन्चिंग की पूरी प्रक्रिया का निरीक्षण किया और इस चुनौतीपूर्ण तकनीकी कार्य को सफलतापूर्वक पूरा करने वाली इंजीनियरिंग टीम और मेट्रो अधिकारियों को बधाई दी।

    410 टन की मशीन, पहले जमीन पर तैयार की गई
    ‘नर्मदा’ कोई सामान्य मशीन नहीं है। इसका वजन करीब 410 मीट्रिक टन है। इतनी भारी और विशाल TBM को पहले ग्राउंड लेवल पर असेंबल किया गया। इसके बाद विशेष तकनीकी व्यवस्था के जरिए इसे एयरपोर्ट स्थित शाफ्ट के भीतर उतारा गया।

    मशीन को शाफ्ट में सुरक्षित उतारना अपने आप में एक चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया थी। इसके लिए Megalift System और Strand Jack Assembly जैसी विशेष तकनीक का इस्तेमाल किया गया। यह सिस्टम 1,000 मीट्रिक टन से अधिक भार उठाने में सक्षम है।

    अब एयरपोर्ट से बड़ा गणपति तक बनेगी सुरंग
    TBM ‘नर्मदा’ का इस्तेमाल इंदौर मेट्रो के एयरपोर्ट-बड़ा गणपति भूमिगत सेक्शन में सुरंग निर्माण के लिए किया जाएगा। मशीन के जरिए जमीन के भीतर सुरंग बनाने का काम व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ेगा।

    भूमिगत निर्माण में TBM तकनीक का इस्तेमाल इसलिए महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इससे जमीन की सतह पर यातायात और अन्य गतिविधियों को अपेक्षाकृत कम प्रभावित करते हुए बड़े स्तर पर सुरंग निर्माण किया जा सकता है।

    अंडरग्राउंड मेट्रो निर्माण के नए चरण की शुरुआत
    पहली TBM की सफल लॉन्चिंग के साथ इंदौर मेट्रो परियोजना ने भूमिगत निर्माण के लिहाज से एक अहम पड़ाव पार किया है। अब सुरंग निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ शहर में मेट्रो के भूमिगत नेटवर्क को आकार मिलने लगेगा।

    मेट्रो अधिकारियों के मुताबिक इस तरह की तकनीकी प्रोजेक्ट में मशीन की असेंबली, शाफ्ट में उतारना और फिर टनल बोरिंग शुरू करना कई चरणों वाली जटिल प्रक्रिया है। ‘नर्मदा’ की सफल लॉन्चिंग इस पूरी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

     

  • मां बनने वाली महिला कैदियों के लिए राहत, 15 दिन की पैरोल फिर भी जेलों में नहीं पहुंच रही जानकारी

    मां बनने वाली महिला कैदियों के लिए राहत, 15 दिन की पैरोल फिर भी जेलों में नहीं पहुंच रही जानकारी

    भोपाल
     जेल में बंद गर्भवती महिलाओं के बच्चों को जन्मस्थान के तौर पर जेल की पहचान न मिले, इसके लिए उन्हें प्रसव से पहले 15 दिन की पैरोल लेने की सुविधा दी गई है। हालांकि, जानकारी के अभाव में कई महिला कैदी इस विकल्प का लाभ नहीं उठा पा रही हैं। जेल प्रशासन का प्रयास है कि किसी भी गर्भवती महिला को जेल परिसर में प्रसव की स्थिति का सामना न करना पड़े।

    प्रदेश की जेलों में इस समय 10 गर्भवती महिला कैदी हैं। इनमें दो महिलाएं सजा प्राप्त हैं, जबकि आठ विचाराधीन कैदी हैं। जेल मुख्यालय की ओर से इन सभी की स्वास्थ्य निगरानी की जा रही है। 

    सरकारी अस्पताल में ही कराया जा रहा प्रसव
    जेल महानिदेशक वरुण कपूर के अनुसार, बड़ी जेलों में अस्पताल की सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद गर्भवती महिला कैदियों का प्रसव जेल में नहीं कराया जाता। उन्हें प्रसव के लिए मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पताल या नजदीकी जिला अस्पताल भेजा जाता है। इससे मां और नवजात दोनों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधा मिल सके।

    अब जेल प्रशासन हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिला कैदियों की पहचान और निगरानी को और मजबूत करने की तैयारी में है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रसव के दौरान अचानक आपात स्थिति पैदा होने पर भी महिला को जेल में ही प्रसव कराने की नौबत न आए।

    जन्म में जेल का उल्लेख नहीं
    महिला कैदियों से जन्मे बच्चों के भविष्य पर जेल की पहचान की छाप न पड़े, इसके लिए शासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उनके जन्म प्रमाण पत्र में जेल का उल्लेख नहीं किया जाएगा। जन्मस्थान के तौर पर संबंधित क्षेत्र या जिस शासकीय अस्पताल में प्रसव हुआ है, उसका नाम दर्ज किया जाएगा।

    इसी उद्देश्य से महिला कैदियों को प्रसव के आसपास 15 दिन की पैरोल लेने का विकल्प भी उपलब्ध है। लेकिन पर्याप्त जानकारी न होने के कारण इसका उपयोग सीमित है।

    हाल ही में महाराष्ट्र के नासिक की एक अदालत ने भी एक महिला को प्रसव के लिए जमानत देने के निर्देश देते हुए टिप्पणी की थी कि जेल में बच्चे को जन्म देना किसी महिला के लिए गहरे सदमे से कम नहीं है। ऐसे मामलों ने जेलों में गर्भवती महिला कैदियों के लिए संवेदनशील और मानवीय व्यवस्था की जरूरत को फिर सामने ला दिया है।

     

  • घर में दुकान-कॉम्प्लेक्स चलाने वालों की बढ़ी मुश्किलें, भोपाल की 576 कॉलोनियों पर होगी कार्रवाई

    घर में दुकान-कॉम्प्लेक्स चलाने वालों की बढ़ी मुश्किलें, भोपाल की 576 कॉलोनियों पर होगी कार्रवाई

    भोपाल

    भोपाल शहर में प्रशासनिक अधिकारियों व दूसरी एजेंसियों में रहवासी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों पर कार्रवाई का मामला केवल नगर निगम पर छोड़ दिया है। जिन घरों में दुकान व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स चल रहे है, उनमें बड़ी हिस्सेदारी नजूल, बीडीए व हाउसिंग बोर्ड की भी है। अरेरा कॉलोनी से एमपी नगर, अशोका गार्डन से बैरागढ़ तक नजूल पट्टों की जमीन है। जिला प्रशासन के रेकॉर्ड के अनुसार, शहर में 576 कॉलोनियां नजूल जमीनों या गैर अनुमोदित ले आउट्स पर बसी है। बीडीए हाउसिंग के 50 प्रोजेक्ट है। यहां आवासीय में बड़े स्तर पर व्यावसायिक गतिविधियां व निर्माण है। इस स्थिति में कलेक्टर समेत बीडीए-हाउसिंग बोर्ड के अफसरों को मैदान में उतारने की जरूरत महसूस की जा रही है।

    सरकारी भूमि पर बनी कॉलोनियां
    पुराने भोपाल के शाहजहांनाबाद, बैरागढ़, सुल्ता
    निया रोड, लखेरापुरा, अशोका गार्डन, है, जबकि नया भोपाल अरेरा, टीटी नगर, एमपी नगर के बड़े हिस्से नजूल लीज-लैंड पर बसे है। ईदगाह हिल्स में 600 एकड़ जमीन मर्जर में है और रिकॉर्ड में सरकारी है।

    हाउसिंग बोर्ड-बीडीए की स्थिति
    हाउसिंग बोर्ड ने भोपाल में 25 से अधिक बड़ी आवासीय कॉलोनियां व टाउनशिप विकसित की है। इनमें अयोध्या नगर क्षेत्र सबसे बड़ा आवासीय परिसर है। बीडीए की 13 से योजनाएं निगम को हस्तांतरित हो हो चुकी है, पर 7 की जिम्मेदारी उसी की है।

    निगम सीमा के तहत निगम कार्रवाई कर रहा है। नजूल, हाउसिंग बोर्ड, बीडीए के प्रोजेक्ट्स व क्षेत्र को लेकर समीक्षा कर ली जाएगी। कोर्ट के आदेश का पूरा पालन किया जाएगा।- कर्मवीर शर्मा, संभागायुक्त

    घर चार इमली में, अरेरा में बनाया व्यावसायिक भवन
    जब से नगर निगम द्वारा सीलिंग की कार्रवाई शुरू की गई है, मकान में कारोबार को लेकर पोल भी खुल रहे है। कई मामले ऐसे भी सामने आ रहे है, जिनमें भवन मालिक का असली पता किसी और इलाके का है और उसने किसी और रहवासी क्षेत्र में कारोबार के लिए भवन खड़ा किया है। ऐसा ही एक मामला अरेरा ई4/115 प्लॉट का है। इस पर हिंमाश चौरसिया और शुभम चौरसिया के नाम पर अप्रेल 2024 में मैं आवासीय निर्माण की अनुमति दी गई थी। लेकिन यहां कारोबारी भवन बना लिया गया है। अनुमति 0.75 एफएआर के आधार पर दी गई थी। यानी क्षेत्रफल से 75 फीसदी ही दो मंजिला निर्माण की मंजूरी है। लेकिन प्लॉट मालिक ने पूरा व्यावसायिक निर्माण कर लिया।

    ट्रैफिक पर पड़ेगा असर
    इमारत वंदेमातरम चौराहा से आगे 1100 क्वार्टर हनुमान मंदिर के बीच चार लेन रोड पर तैयार हो रही है। यहां अरेरा से लेकर कोलार, शाहपुरा, चुनाभट्टी और आसपास के ट्रैफिक गुजरता है। ऐसे में पीक ऑवर्स में चौराहे पर जाम की स्थिति बनेगी जिससे चौराहा भी प्रभावित होगा।

  • ऊर्जा के क्षेत्र में बदली MP की तस्वीर, नवकरणीय ऊर्जा से मध्यप्रदेश बना रहा नई पहचान

    ऊर्जा के क्षेत्र में बदली MP की तस्वीर, नवकरणीय ऊर्जा से मध्यप्रदेश बना रहा नई पहचान

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारा मध्यप्रदेश ग्रीन स्टेट तो है ही, अब ग्रीन और क्लीन एनर्जी सेक्टर (नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र) में भी एक नई उम्मीद और नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश में ग्रीन एनर्जी की असीम संभावनाएं हैं। हम इन्हीं संभावनाओं को चरणबद्ध तरीके से एक्सप्लोर कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में ट्रांजेक्शन एडवाईजरी सर्विसेस एग्रीमेंट (टीएएसए) के तहत मध्यप्रदेश में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग अंतर्गत तीन महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स के लिए रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड (आरयूएमएसएल) और एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) के बीच एमओयू के बाद ये बात कही।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एशियन डेवलपमेंट बैंक एवं रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड को इन महत्वपूर्ण समझौते के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह समझौता मध्यप्रदेश में स्वच्छ, विश्वसनीय एवं किफायती ऊर्जा के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश ने विगत वर्षों में नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में नवाचार, बड़ी परियोजनाओं तथा प्रतिस्पर्धी एवं पारदर्शी निविदा प्रक्रियाओं के माध्यम से देश में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल नवकरणीय ऊर्जा की क्षमता ही बढ़ाना नहीं है, बल्कि ऐसी ऊर्जा व्यवस्था विकसित करना है जो विश्वसनीय, किफायती, सतत और 24×7 उपलब्ध हो तथा प्रदेश की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा कर सके। इसी दिशा में आरयूएमएसएल और एडीबी के मध्य ट्रांजेक्शन एडवायजरी सर्विसेस एग्रीमेंट संबंधी एमओयू एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि एडीबी द्वारा आरयूएमएसएल को तीन नवकरणीय ऊर्जा प्राजेक्टस के लिए निःशुल्क ट्रांजेक्शन एडवाईजरी सर्विसेस उपलब्ध कराई जा रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहयोग का उद्देश्य बैंकेबल और सस्टेनेबल बिजनेस ट्रांसजेक्शन स्ट्रक्चर्स तैयार करना है, जिससे मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में दीर्घकालीन निवेश को बढ़ावा मिले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह परियोजनाएं हमारी भविष्य की ऊर्जा व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बनेंगी। इससे ग्रिड स्टेबिलिटी, नवकरणीय ऊर्जा इंटीग्रेशन तथा पीक डिमांड मैनेजमेंट को भी मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में उपलब्ध सौर एवं पवन ऊर्जा की विशाल संभावनाओं के साथ ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टोरेज कैपिसिटी के विकास पर भी समान रूप से ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का प्रयास है कि नवकरणीय ऊर्जा को केवल बिजली उत्पादन के स्रोत के रूप में न देखकर इसे औद्योगिक विकास, ग्रीन इन्वेस्मेंट, रोजगार सृजन और आर्थिक विकास के इंजन के रूप में विकसित किया जाए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में स्थापित होने वाले तीनों प्रोजेक्ट्स में तकनीकी सहयोग और वित्तीय सहायता देने के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक का आभार व्यक्त करते हुए रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड और नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग की इस क्रांतिकारी पहल के लिए सराहना की।

    एमओयू

    टीएएसए के तहत मध्यप्रदेश में तीन प्रोजेक्ट्स के लिए बड़ी तैयारी की जा रही है। इसमें "पीएम सूर्य सरोवर'' योजना के तहत फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट के साथ रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड को 278 मेगावाट के ओंकारेश्वर फ़ेज़ के लिए समझौता ज्ञापन हुआ। रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड को फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट को विकसित करने का लंबा अनुभव है। यह भारत के सबसे बड़े फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट्स में से एक है। ओंकारेश्वर में ही 300 मेगावाट के लिए अतिरिक्त जलाशय क्षेत्र और ज़रूरी इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध है। इस 600 मेगावाट प्रोजेक्ट के लिए पहले ही सर्वे, प्री-फ़िजिबिलिटी और डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट का अध्ययन किया जा चुका हैं। पीएम सूर्य सरोवर योजना में 2 घंटे के को-लोकेटेड एनर्जी स्टोरेज सिस्टम वाले फ्लोटिंग सोलर पीवी के लिए 1 करोड़ रुपये प्रति मेगावाट की सेंट्रल फाइनेंशियल असिस्टेंस देने का प्रावधान है।

    एमओयू कार्यक्रम में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला, अपर मुख्य सचिव श्री मनु श्रीवास्तव, एमडी म.प्र. ऊर्जा विकास निगम श्री अमित तोमर सहित अन्य विभागीय अधिकारीगण, एशियन डेवलपमेंट बैंक तथा आरयूएमएसएल के वरिष्ठ पदाधिकारी भी उपस्थित थे।

     

  • स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी भोपाल में किया जा रहा राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन

    स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी भोपाल में किया जा रहा राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन

    भोपाल 

    प्रदेश सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया जा रहा है। यह समारोह राज्यपाल  मंगुभाई पटेल के मुख्य आतिथ्य एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी भोपाल में होगा। 5 सितंबर को आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। समारोह में स्कूल शिक्षा मंत्री  उदय प्रताप सिंह, जनजातीय कार्य लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन एवं भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग मंत्री डॉ. कुँवर विजय शाह और खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री  विश्वास सारंग विशेष अतिथि होंगे।

    शिक्षक दिवस पर आयोजित समारोह में प्रदेश भर से चयनित 33 उत्कृष्टशिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। राज्य स्तरीय पुरस्कार-2026 के लिए चयनित शिक्षकों को ​शॉल, ​फल, ​प्रशस्ति पत्र और​ 25,000 हजार रुपये की सम्मान राशि प्रदान कर अलंकृत किया जाएगा।

    विगत वर्ष ​राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित शिक्षकों का विशेष सम्मान

    समारोह में विगत वर्ष 2025 में राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित दो शिक्षकों का विशेष सम्मान भी किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में भारत सरकार के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा मध्यप्रदेश से राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2025 के लिए चयनित एवं राष्ट्रपति से सम्मानित 2 उत्कृष्ट शिक्षकों ​मती शीला पटले और ​ भेरूलाल औसारा को समारोह में शॉल, फल, प्रशस्ति पत्र तथा सम्मान राशि प्रदान कर विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा।

    इन शिक्षकों का होगा सम्मान

    सु पूनम मिश्रा,  बिहारी लाल प्रजापति,  अरूण कुमार भादे,  बलराम अहिरवार,  मुकेश कुमार शर्मा,  अरूण कुमार मित्तल,  मुकेश कुमार प्रजापति,  मनीष तिवारी,  अजय कुमार मिश्रा,  मुकेश नागर,  राजेश महेश्वरी,  मोहित कुमार गर्ग, सु पूजा पाण्डेय,  सतीश कुमार पाण्डेय, सु श्वेता तिवारी,  शिवलाल दांगी,  धन्नालाल बिसेन,  रितेश कुमार पथाडे,  सुखनंदन साहू,  नरेन्द्र कुमार भारद्वाज,  ओम प्रकाश विश्वकर्मा,  महेन्द्र सिंह ठाकुर,  राकेश कुमार गुप्ता, सु शिखा शर्मा,  महेन्द्र सिंह पवार, सु ज्योति पाठक,  राकेश कुमार वर्मा,  सुरेश चंद्र सोनी, सु शर्मिला उपाध्याय, सु रीना देवी कटरे,  हेमंत कुमार वैद्य,  राकेश कुमार द्विवेद्वी एवं सु सीमा परमार शामिल हैं।

     

  • 18 शीर्ष निशानेबाजों सहित 36 सदस्यीय दल लेगा हिस्सा

    18 शीर्ष निशानेबाजों सहित 36 सदस्यीय दल लेगा हिस्सा

    भोपाल

    एशियन गेम्स 2026 में भारतीय निशानेबाजी टीम के खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन को लेकर तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। एशियन गेम्स से पहले भारतीय निशानेबाजी टीम का अंतिम विशेष तैयारी शिविर एक बार फिर भोपाल में आयोजित किया जा रहा है। यह शिविर 05 से 14 सितंबर 2026 तक मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी, भोपाल में संचालित होगा। शिविर के बाद भारतीय निशानेबाज एशियन गेम्स 2026 में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए पदक के लिए निशाना साधेंगे।

    9 पुरुष और 9 महिला निशानेबाज लेंगे हिस्सा

    विशेष तैयारी शिविर में कुल 18 एथलीट्स शामिल होंगे, जिसमें 9 पुरुष और 9 महिला निशानेबाज हैं। पुरुष वर्ग में पार्थ राकेश माने, हिमांशु ढिल्लों, रुद्राक्ष बालासाहेब पाटिल, ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, नीरज कुमार, केदारलिंग बालकृष्ण उचागवने, कमलजीत, आकाश भारद्वाज और अनीश शामिल हैं।

    महिला वर्ग में इलावेनिल वालारिवन, सोनम उत्तम मस्कर, विदार्सा के. विनोद, आषी चौकसे, तिलोत्तमा सेन, सुरुचि, ईशा सिंह, मनु भाकर और राही सरनोबत प्रशिक्षण लेंगी।

    शीर्ष निशानेबाजों के अनुभव से मजबूत होगी एशियन गेम्स की तैयारी

    भारतीय टीम में शामिल निशानेबाजों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। मनु भाकर, ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर और ईशा सिंह जैसे शीर्ष निशानेबाज टीम की तैयारियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

    मनु भाकर ने ओलंपिक स्तर पर 10 मीटर एयर पिस्टल महिला और 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम में कांस्य पदक सहित दो ओलंपिक पदक हासिल किए हैं। वहीं ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर ने ISSF विश्व चैंपियनशिप, विश्व कप और एशियन चैंपियनशिप सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीते हैं। ईशा सिंह ने भी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है और विश्व चैंपियनशिप, विश्व कप, एशियन चैंपियनशिप तथा एशियन गेम्स में पदक हासिल किए हैं।

    इन अनुभवी और प्रतिभाशाली निशानेबाजों की मौजूदगी से भारतीय टीम को एशियन गेम्स से पहले अंतिम तैयारियों में मजबूती मिलेगी।

    राइफल और पिस्टल के विशेषज्ञ कोच संभालेंगे प्रशिक्षण की जिम्मेदारी

    कैंप में राइफल और पिस्टल के विशेषज्ञ कोच खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देंगे। विदेशी कोच थॉमस फार्निक राइफल और जलेना अरुनोविक पिस्टल की जिम्मेदारी संभालेंगी। इसके अलावा समरेश जंग 10 मीटर पिस्टल के हेड कोच, विद्या जाधव 10 मीटर पिस्टल कोच, हरप्रीत सिंह 25 मीटर पिस्टल कोच, डी.एस. चंदेल 10 मीटर राइफल हाई परफॉर्मेंस कोच, पूजा घाटकर 10 मीटर राइफल कोच, मनोज कुमार 50 मीटर राइफल के हेड कोच तथा सतगुरुदास 50 मीटर राइफल कोच के रूप में दल के साथ रहेंगे।

    फिटनेस और मानसिक तैयारी पर भी रहेगा विशेष फोकस

    एशियन गेम्स से पहले आयोजित इस अंतिम शिविर में खिलाड़ियों की तकनीकी तैयारियों के साथ उनकी फिटनेस, रिकवरी और मानसिक मजबूती पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। दल में हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर डॉ. पियरे ब्यूचैंप, हाई परफॉर्मेंस मैनेजर रौनक पंडित, फिजियोथेरेपिस्ट स्नेहिल खुराना, संचिता मुखर्जी और अनुज गुप्ता शामिल हैं।

    इसके साथ ही विजेंद्र पाल सिंह एवं मयंक सिंह गरिया स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग ट्रेनर तथा शिवम द्विवेदी एवं अक्षिता शेखोन स्पोर्ट्स साइकोलॉजिस्ट के रूप में खिलाड़ियों को अपनी सेवाएं देंगे।

    मध्यप्रदेश उपलब्ध करा रहा अत्याधुनिक शूटिंग सुविधाएं

    अंतिम तैयारी शिविर के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग, मध्यप्रदेश द्वारा मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी की अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए 10 मीटर, 25 मीटर एवं 50 मीटर शूटिंग रेंज, फाइनल रेंज तथा फिटनेस के लिए जिम की सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।

    एक ही परिसर में अंतरराष्ट्रीय स्तर की शूटिंग रेंज और फिटनेस सुविधाएं मिलने से भारतीय निशानेबाजों को एशियन गेम्स से पहले अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में मदद मिलेगी।

    अगस्त में भी भोपाल में हुआ था विशेष तैयारी शिविर

    एशियन गेम्स 2026 की तैयारियों के तहत भारतीय निशानेबाजी टीम का विशेष तैयारी शिविर इससे पहले 14 से 25 अगस्त 2026 तक भोपाल में आयोजित किया गया था। इस दौरान 18 शीर्ष निशानेबाजों सहित 36 सदस्यीय दल ने मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी की अत्याधुनिक सुविधाओं में प्रशिक्षण लिया था। अब एशियन गेम्स से ठीक पहले 05 से 14 सितंबर तक आयोजित होने वाला यह शिविर टीम का अंतिम तैयारी शिविर है। इसमें खिलाड़ी प्रतियोगिता से पहले अपनी तकनीक, फिटनेस और मानसिक तैयारी को अंतिम रूप देंगे।

    भोपाल से एशियन गेम्स के लिए रवाना होगी भारतीय निशानेबाजी टीम

    05 से 14 सितंबर तक चलने वाला यह शिविर भारतीय निशानेबाजी टीम का एशियन गेम्स 2026 से पहले अंतिम तैयारी चरण होगा। शिविर के दौरान खिलाड़ी अपनी तकनीक को बेहतर करने के साथ प्रतियोगिता की परिस्थितियों के अनुरूप खुद को तैयार करेंगे। 14 सितंबर को शिविर समाप्त होने के बाद भारतीय निशानेबाज एशियन गेम्स 2026 में देश के लिए पदक जीतने के लक्ष्य के साथ सीधे प्रतियोगिता में उतरेंगे।

    भारतीय निशानेबाजी टीम का लगातार भोपाल में प्रशिक्षण लेना मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी की विश्वस्तरीय सुविधाओं और प्रदेश की मजबूत खेल अधोसंरचना को भी रेखांकित करता है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग, मध्यप्रदेश खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने और प्रदेश को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रशिक्षण के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।

     

  • भागीरथपुरा में लापरवाही की इंतहा: 7 साल तक जस की तस रही पाइपलाइन, मौतों के बाद जागा प्रशासन

    भागीरथपुरा में लापरवाही की इंतहा: 7 साल तक जस की तस रही पाइपलाइन, मौतों के बाद जागा प्रशासन

     इंदौर 

     हाई कोर्ट में प्रस्तुत भागीरथपुरा दूषित पानी कांड की जांच रिपोर्ट से रोजाना नए तथ्य सामने आ रहे हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने वर्ष 2018 में ही बता दिया था कि भागीरथपुरा सहित शहर के कई क्षेत्रों में बोरिंग दूषित पानी उगल रहे हैं। बावजूद इसके नगर निगम के अधिकारियों ने सात साल तक पाइप लाइन बदलने को लेकर गंभीरता नहीं जताई।

    दिसंबर 2025 के अंत में जब दूषित पानी की वजह से भागीरथपुरा में मौतें होने लगी तो अधिकारियों की नींद खुली। सात साल से अटकी पाइप लाइनें सिर्फ सात माह में बदल दी गईं। कोर्ट में प्रस्तुत रिपोर्ट में आयोग ने अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। 110 पेज के निष्कर्ष में कोर्ट ने हादसे के लिए निगम के आधा दर्जन अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है। कोर्ट ने माना कि समय रहते ये अधिकारी जाग जाते तो हादसा नहीं होता।

    रिपोर्ट को हल्के में लेते रहे अधिकारी

    प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने वर्ष 2018 में दी अपनी रिपोर्ट पेश करने के साथ इस बात की चेतावनी भी दी थी कि नालों के आसपास के बोरिंग दूषित पानी दे रहे हैं। कई रहवासी क्षेत्रोंं में लोग इस पानी को रोजमर्रा के कामकाज में उपयोग करने के साथ-साथ पीने के लिए भी इस्तेमाल कर रहे हैं।

    यह स्थिति किसी भी दिन खतरनाक साबित हो सकती है, लेकिन जिम्मेदारों ने इस रिपोर्ट और चेतावनी को गंभीरता से लिया ही नहीं। उनकी यह लापरवाही भागीरथपुरा के रहवासियों पर भारी पड़ गई। दिसंबर 2025 की शुरुआत से ही भागीरथपुरा में लोग बीमार होने लगे थे, लेकिन इस तरफ न स्वास्थ्य विभाग ने ध्यान दिया न नगर निगम ने। 28 दिसंबर को जब बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोगों के बीमार होने की खबरें सामने आई और केबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अधिकारियों पर इसे लेकर नाराजगी जताई तो अधिकारी हरकत में आए।

    पिछले कई माह से कर रहे थे शिकायत

    जांच रिपोर्ट में यह बात भी सामने आई है कि भागीरथपुरा के रहवासी सितंबर 2025 से ही जनप्रतिनिधियों से पानी दूषित आने की शिकायत कर रहे थे, लेकिन किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया। आयोग के समक्ष एक दर्जन से ज्यादा रहवासियों ने इसकी पुष्टि की है। इन लोगों का कहना था कि जनप्रतिनिधि उनकी शिकायत सुनने के बाद सिर्फ इतना कहते थे कि दिखवाते हैं।

    25 किमी से ज्यादा लाइन है भागीरथपुरा में

    भागीरथपुरा क्षेत्र में पानी के पाइप लाइन की लंबाई करीब 25 किमी है। शासन की दो बड़ी योजनाओं में इन लाइनों को बदलने के लिए पैसा तो आया लेकिन कभी काम नहीं हुआ।

  • करेंसी एक्सचेंज के नाम पर धोखाधड़ी का खेल खत्म, 3 आरोपी गिरफ्तार; पुलिस ने जब्त किए 2.40 लाख रुपए

    करेंसी एक्सचेंज के नाम पर धोखाधड़ी का खेल खत्म, 3 आरोपी गिरफ्तार; पुलिस ने जब्त किए 2.40 लाख रुपए

    भोपाल 

    प्रदेश में अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा नागरिकों के साथ होने वाली धोखाधड़ी की घटनाओं में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में राजगढ़ जिले के थाना पचोर पुलिस ने करेंसी एक्सचेंज के नाम पर 05 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले 03 आरोपियों को गिरफ्तार कर लगभग 02 लाख 40 हजार रुपये नगद जब्त किए हैं।

    पुलिस अधीक्षक राजगढ़ श्री अमित तोलानी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री के.एल. बंजारे के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी सारंगपुर श्री अरविन्द सिंह के पर्यवेक्षण में थाना पचोर पुलिस टीम द्वारा यह कार्रवाई की गई।

    25 अगस्त को सारंगपुर निवासी फरियादी द्वारा थाना पचोर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि एक महिला एवं दो पुरुषों द्वारा पचोर मंडी में करेंसी एक्सचेंज के नाम पर छल-कपटपूर्वक उसके साथ 05 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई है। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना पचोर में प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।

    घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना पचोर पुलिस द्वारा आरोपियों की पतारसी एवं धोखाधड़ी की राशि की बरामदगी के लिए विशेष पुलिस टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने घटनास्थल एवं आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया। तकनीकी साक्ष्यों एवं प्राप्त जानकारी के आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई तथा मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया तथा उनके कब्जे से धोखाधड़ी की राशि में से 02 लाख 40 हजार रुपये नगद जब्त किए।

    पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों से घटना के संबंध में विस्तृत पूछताछ की जा रही है। धोखाधड़ी की शेष राशि की बरामदगी तथा घटना से जुड़े अन्य तथ्यों एवं संभावित सहयोगियों के संबंध में विवेचना जारी है। मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों के साथ होने वाली धोखाधड़ी एवं अन्य आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए त्वरित कार्रवाई, तकनीकी साक्ष्यों के उपयोग एवं आधुनिक पुलिसिंग के माध्यम से निरंतर कार्रवाई कर रही है।

     

  • मुख्यमंत्री ने मुरैना में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को किया वर्चुअली संबोधित

    मुख्यमंत्री ने मुरैना में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को किया वर्चुअली संबोधित

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कैलारस शुगर फैक्ट्री को पुनः प्रारंभ कराया जाएगा। इससे क्षेत्र के किसानों को अपनी उपज का बेहतर लाभ मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। मुरैना में दुग्ध समितियों के माध्यम से दुग्ध संग्रहण को बढ़ावा देकर किसानों की आय में वृद्धि के प्रयास किए जाएंगे। मुरैना सहित जिले की प्रत्येक नगर पंचायत में गीता भवन का निर्माण कराया जाएगा। इन भवनों में नागरिकों को अध्ययन करने का अवसर मिलेगा। जिले के एक विकासखंड में वृंदावन भवन भी बनाया जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को कृषि उपज मंडी परिसर मुरैना में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को सीहोर से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बलराम कृषि महोत्सव और कृषि प्रदर्शनी के माध्यम से किसानों को उन्नत कृषि पद्धतियों के प्रति प्रेरित करने की बात कही।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुरैना जिला गेहूं, धान, तिलहन और दलहन के उत्पादन में अग्रणी रहा है। किसान गेहूं की खेती को बढ़ावा दें। खेती के लिए दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि उद्यानिकी के क्षेत्र में प्रदेश को देश में प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है। भविष्य में 30 लाख लोगों को सोलर पंप उपलब्ध कराने की योजना है। इससे किसानों को सिंचाई के साथ विद्युत व्यय में भी लाभ मिलेगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान दूध डेयरी को आय का अतिरिक्त साधन बनाएं और गाय पालन को बढ़ावा दें। प्रदेश में वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत किसानों के हित में विभिन्न कार्यक्रम और गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण की सुविधा दी जा रही है। खरीफ एवं रबी फसलों के लिए ऋण चुकाने की अवधि 6-6 माह निर्धारित थी, जिसे बढ़ाकर अब एक वर्ष कर दिया गया है। अब किसान जिस दिन ऋण लेगा, उस दिनांक से एक वर्ष की अवधि में ऋण चुका सकेगा। इससे किसानों को बार-बार बैंक की लाइन में लगने की आवश्यकता नहीं होगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों के हितों के लिए प्रदेश सरकार निरंतर कार्य कर रही है। किसानों को उन्नत बाजरा एवं सरसों के बीज उपलब्ध कराए गए हैं। प्रदेश में ढाई करोड़ किसानों को सब्सिडी पर बीज उपलब्ध कराया गया है। सरकार का प्रयास है कि किसानों को उन्नत कृषि तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज और बेहतर कृषि सुविधाएं उपलब्ध कराकर उनकी आय में वृद्धि की जाए।

    किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री  एदल सिंह कंषाना ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के अग्रणी कृषि उत्पादक राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। गेहूं, सोयाबीन, चना, दलहन-तिलहन तथा उद्यानिकी के क्षेत्र में प्रदेश के किसान निरंतर नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। यह उपलब्धि किसानों की मेहनत, कृषि वैज्ञानिकों के ज्ञान और सरकार की किसान हितैषी नीतियों का परिणाम है।

    कृषि मंत्री  कंषाना ने कहा कि सरकार का लक्ष्य अधिक उत्पादन, अधिक उत्पादकता, बेहतर गुणवत्ता, कम लागत, बेहतर मूल्य और किसान की अधिक आय सुनिश्चित करना है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में किसान कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अनेक योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जन, कृषि यंत्रीकरण, प्राकृतिक खेती तथा दलहन-तिलहन मिशन जैसी योजनाओं से किसानों को निरंतर लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि को डिजिटल तकनीक से जोड़ा जा रहा है। ई-विकास प्रणाली के माध्यम से उर्वरक वितरण में भी पारदर्शिता लाई गई है। 1 अप्रैल 2026 से प्रदेश के सभी जिलों में उर्वरक वितरण इसी प्रणाली के माध्यम से किया जा रहा है। इससे अनावश्यक कतारों, कालाबाजारी और अनियमित वितरण पर प्रभावी नियंत्रण में सहायता मिल रही है।

    कृषि मंत्री  कंषाना ने इस अवसर पर प्रगतिशील किसानों सर्व राममोहन मीणा, गिर्राज आदिवासी, उदय राठौर, अरविंद सिंह गुर्जर, बालबिहारी शर्मा, राकेश शर्मा, संजय शर्मा, रामबाबू सिंह, कौशलकिशोर एवं बृजेन्द्र को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। मेधावी विद्यार्थियों हर्ष कुशवाह, रिचा तोमर, शिवेन्द्र यादव, अमन शर्मा, रागिनी देवी, हर्षित वशिष्ठ, कृतिका सिकरवार, धर्मेन्द्र धाकड़, रियान खान एवं कु. सोनम को भी स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में समाजसेवी  कमलेश कुशवाह ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

    मुरैना-श्योपुर सांसद  शिवमंगल सिंह तोमर ने किसानों से जैविक खाद अपनाने का आह्वान किया। रासायनिक खाद का संतुलित उपयोग करने से भूमि की उर्वरता बनाए रखने में मदद मिलेगी। उन्होंने किसानों से आवश्यकता के अनुसार ही खाद, बीज एवं पानी का उपयोग करने की अपील की। सांसद  तोमर ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई का रकबा निरंतर बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। नदियों को जोड़ने की योजनाओं से किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

    कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा प्रदर्शनी लगाई गई। किसानों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर महापौर मती शारदा सोलंकी, कलेक्टर  लोकेश कुमार जांगिड़, पुलिस अधीक्षक  धर्मराज मीणा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत  कमलेश कुमार भार्गव, अपर कलेक्टर  अश्विनी कुमार रावत, संयुक्त संचालक कृषि, उप संचालक कृषि मुरैना सहित बड़ी संख्या में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए कृषकगण उपस्थित रहे।