Category: मध्य प्रदेश

  • मानसून को लेकर CM डॉ. यादव ने किया अलर्ट, बोले- बारिश के दौरान सतर्कता बेहद जरूरी

    मानसून को लेकर CM डॉ. यादव ने किया अलर्ट, बोले- बारिश के दौरान सतर्कता बेहद जरूरी

    मानसून सक्रिय रहने तक रहें बेहद सावधान – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    राहत एवं बचाव कार्यों में कोई कमी न रहें
    बाढ़ प्रभावितों को तत्काल दें खाना, कपड़ा और जरूरत का सूखा सामान
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्टेट कमांड सेन्टर पहुंचकर वर्षाजनित परिस्थितियों की ली जानकारी
    राहत एवं बचाव कार्यों का लाइव निरीक्षण किया
    बीते एक माह में 2783 लोगों का किया गया है रेस्क्यू

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में अतिवृष्टि की वजह से कुछ क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई है। ऐसे में हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता नागरिकों की सुरक्षा है। कठिनाई की इस घड़ी में शासन, प्रशासन, तहसील का हर अधिकारी और कर्मचारी पूरी संवेदनशीलता, तत्परता और समन्वय के साथ राहत और बचाव कार्यों में सहयोग करें। किसी भी नागरिक को संकट में अकेला न छोड़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, होमगार्ड, फील्ड अधिकारी, राहत एवं बचाव कार्य में जुटी एजेंसीज प्रदेश में मानसून सक्रिय रहने तक बेहद सजग रहें, सर्तक रहें, सावधान रहें और किसी भी परिस्थिति को हैंडल करने के लिए तैयार रहें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को होमगार्ड कार्यालय के एसडीआरएफ स्टेट कमांड सेन्टर पहुंचकर प्रदेश के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग से बात की और सभी से उनके जिलों में वर्षा की स्थिति की जानकारी लेकर समीक्षा बैठक भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कहीं बाढ़ का पानी घरों तक आ गया है तो प्रभावितों को तत्काल राहत शिविरों में पहुंचायें और सभी प्रभावितों को तत्काल खाना, कपड़ा और जरूरत का सूखा सामान उपलब्ध कराएं। साथ ही इन्हें शासन की ओर से नियमानुसार राहत राशि भी दिलायें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीसी के जरिए ही प्रदेश के कुछ जिलों में बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए चलायें जा रहे रेस्क्यू का लाइव स्ट्रीमिंग के जरिए निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने पन्ना, गुना, रीवा, सतना और पूर्वी मध्यप्रदेश के जिलों में अतिवृष्टि के कारण उपजी परिस्थतियों पर सीधे पुलिस अधीक्षकों, होमगार्ड और बचाव दल के अधिकारियों से बात की। बताया गया कि पन्ना की किलकिला नदी में आई बाढ़ के कारण यहां स्टेट डिसेस्टर इमरजेंसी रिस्पांस फोर्स (एसडीईआरएफ) द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। बैठक में मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव गृह विभाग संजय कुमार शुक्ल, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, एडीजी होमगार्ड सुप्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव, एडीजी इंटेलीजेंस अंशुमन यादव, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. सुदाम खाड़े, एसडीईआरएफ के स्टेट हेड सहित सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न जिलों में बारिश से उत्पन्न परिस्थितियों, प्रभावित क्षेत्रों में संचालित राहत एवं बचाव कार्यों तथा प्रशासन की तैयारियों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने रेस्क्यू ऑपरेशन और संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात टीमों की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और प्रशासनिक अमला पूरी मुस्तैदी के साथ कार्य करे तथा आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों तक तत्काल राहत एवं बचाव पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रदेशवासियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आपदा प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं की निरंतर मॉनिटरिंग, विभागों के बीच बेहतर समन्वय और किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा

    जिलों के अधिकारियों को वीसी से निर्देश देने के उपरांत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में कहा कि प्रदेश में कमोबेश पूरे क्षेत्र में बारिश का दौर बना हुआ है। पश्चिमी मध्यप्रदेश को छोड़कर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश हुई है। इसके मद्देनजर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें पूरी मुस्तैदी के साथ विभिन्न स्थानों पर तैनात हैं। बीते एक माह में आपदा प्रबंधन टीमों की मदद से 2,783 से अधिक लोगों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया गया है। फिलहाल अगले दो-चार दिनों में किसी बड़ी चुनौती की स्थिति नहीं है, लेकिन अचानक बाढ़ जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पहले से सुनिश्चित की गई हैं। हमारी इन्हीं तैयारियों का ही परिणाम है कि अब तक प्रदेश में जान-माल की कोई विशेष हानि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि हमारे पुलिस बल एवं राहत दलों ने भी पूरी दक्षता और मुस्तैदी के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है। आगामी दिनों में बारिश की आशंका को देखते हुए हम लगातार सतर्क हैं और व्यवस्थाओं पर भी नजर बनाए हुए हैं। इसी क्रम में आज प्रदेश में बाढ़ आपदा प्रबंधन से संबंधित तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की है, ताकि किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए प्रदेशवासियों के जान-माल-मवेशियों की सुरक्षा कायम रखी जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने सबसे संवाद कर अपनी तैयारियों को और बेहतर कर लिया है।

     

  • किसानों के हित और सेवा को समर्पित है बलराम कृषि महोत्सव, बोले CM डॉ. यादव

    किसानों के हित और सेवा को समर्पित है बलराम कृषि महोत्सव, बोले CM डॉ. यादव

    किसानों की सेवा का त्यौहार है बलराम कृषि महोत्सव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    फील्ड से लेकर फैक्ट्री तक सरकार किसानों के साथ है
    मुख्यमंत्री ने भिंड जिले में हुए बलराम कृषि महोत्सव में वीसी से की सहभागिता
    जिले के किसानों से की इस महोत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भिंड की धरती जय जवान-जय किसान का सबसे अच्छा और सार्थक उदाहरण है। कभी डकैतों की समस्या से जूझने वाले इस क्षेत्र की पहचान आज उद्योग, रोजगार और कृषि से हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बलराम कृषि महोत्सव अन्नदाता किसानों की सेवा और इनके प्रति आभार व्यक्त करने का त्यौहार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को भिंड जिले में हुए बलराम कृषि महोत्सव को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कान्फ्रेंसिंग से संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में मौजूद किसानों से कहा कि कृषि क्षेत्र आने वाले समय में प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ और सबकी समृद्धि की सबसे बड़ी गारंटी बनने जा रहा है। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे दुग्ध उत्पादन, अन्न उत्पादन, मछली पालन, उद्यानिकी जिसमें भी उनकी रुचि है, एक नई शुरुआत के साथ आगे बढ़ें। हमारी सरकार फील्ड से लेकर फैक्ट्री तक हमेशा किसानों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी किसान इस बलराम कृषि महोत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। मुख्यमंत्री ने कहा कि धरती माता ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। अपने हीरे जैसी जमीन किसी को न बेचें, बल्कि अपने बच्चों को भी इसी पूंजी में परिश्रम और समर्पण का बीजरूपी निवेश करना सिखायें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि, पशुपालन और मछली पालन में भिंड तेजी से प्रगति कर रहा है। चंबल, सिंध और पहुज जैसी नदियों के पानी से सिंचित भिंड में बाजरा, गेहूं और सरसों खूब होती है। सरसों के उत्पादन में भिंड की अपनी अलग पहचान है। मुरैना-भिंड में प्रदेश की 50 प्रतिशत से ज्यादा सरसों की पैदावार होती है। मुख्यमंत्री ने प्रसन्न्ता व्यक्त करते हुए कहा कि भिंड जिले के किसान अब प्राकृतिक खेती में भी रुचि ले रहे हैं। यहां 3 हजार से अधिक किसानों ने 1250 हेक्टेयर रकबे में प्राकृतिक खेती की है। यहां दुग्ध संकलन में 31 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। लगभग 60 गौशालाओं में गौसेवा भी हो रही है। अब पांडरी गांव में स्वावलंबी गौशाला के लिए 5 हजार निराश्रित गौवंश के आश्रय की तैयारी की जा रही है। मछली पालन में भी यहां के प्रगतिशील लोगों ने नई तकनीक अपनाई है। भवथरा गांव में 25 लाख रुपए की लागत से आधुनिक मत्स्य पालन तकनीक लगाई गई है, जिससे 8 मीट्रिक टन मछली का उत्पादन हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और किसान मिलकर एक नया इतिहास रचेंगे। यहां के किसानों ने पशुपालन और मछली पालन में रुचि लेकर इतिहास रचने की शुरुआत कर दी है। सरकार हमेशा इनके साथ खड़ी है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंचाई परियोजनाओं से भिंड की खेती-किसानी बदल रही है। उन्होंने कहा कि भिंड जिले को ऐतिहासिक पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना का लाभ मिलने जा रहा है, इससे यहां की खेती की तस्वीर बदल जाएगी। सिमार स्टॉप डैम का काम लगभग पूरा हो गया है। इससे 210 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई की सुविधा मिलेगी। उन्होंने बताया कि अटेर में कनेरा उद्वहन सिंचाई परियोजना का काम जून 2027 तक पूरा किया जाएगा। इससे 96 गांवों की 15 हजार हेक्टेयर से ज्यादा जमीन सिंचित होगी। वर्तमान में राजघाट, चंबल और हर्सी नहर प्रणालियों से जिले में 1 लाख 62 हजार 381 हेक्टेयर जमीन सिंचित हो ही रही है।

    नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ यादव की पहल पर पूरे प्रदेश में उत्सव के माहौल में बलराम कृषि महोत्सव मनाया जा रहा है, जिसमें कृषक उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भगवान बलराम की कृपा से किसान कल्याण वर्ष केआयोजनों के अच्छे परिणाम आएंगे।

    कार्यक्रम में मंत्री शुक्ला और विधायक भिण्ड नरेंद्र सिंह कुशवाह द्वारा अन्य अतिथियों की उपस्थिति में दबोहामोड़ के रामसनेही शर्मा को फलोद्यान नर्सरी, बडेरा के पर्वत सिंह को नर्सरी, टुडिला के जगदीश सिंह कंसाना को प्राकृतिक खेती, मानगढ़ के रंजीत सिंह को जैविक खेती, बरूअनपुरा के गंगाराम बघेल को जैविक खेती, सोनेलाल का पुरा के अजय सिंह को केंचुआ खाद उत्पादन, उदन्नखेडा के लक्ष्मण सिंह नरवरिया को जैविक खेती, सैपुरा के संदीप सिंह को उन्नत तकनीकी से टमाटर एंव मिर्च उत्पादन, क्यारीपुरा के कुलदीप सिंह भदौरिया को जैविक खेती और बड़ागांव नं. 1 के गुरुप्रसन्न राजावत को देशी बीज संरक्षण के लिए शाल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में जिले के मेधावी विद्यार्थियों- निराली बघेल, कृतिका दुबे, प्रिंसी, साक्षी शर्मा, छवि परमार, सोनम देवी, साहिल यादव और अभय शर्मा को कक्षा 10वी और 12वी की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।

    समारोह स्थल पर कृषकों की सुविधा हेतु कृषक पंजीयन, ई-केवाईसी तथा फॉर्मर आईडी पंजीयन के विशेष स्टाल लगाए गए थे। कार्यक्रम में पशुपालन और डेयरी विभाग, कृषक कल्याण विभाग, कृषि अभियांत्रिकी विभाग, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, मत्स्य विभाग और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित भिण्ड द्वारा प्रदर्शनी लगाई गई जिसके माध्यम से विभागीय उपलब्धियों और शासकीय योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई। स्वसहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों का भी प्रदर्शन और विक्रय किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गई।

    बलराम कृषि महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम स्थल पर अपेक्स बैंक भोपाल के प्रशासक महेन्द्र यादव, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सरोज बघेल, कपिल यार्दे, देवेन्द्र नरवरिया सहित बड़ी संख्या में जिले के प्रगतिशील किसानबंधु उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि भिंड जिले के कुछ प्रगतिशील किसानों ने प्राकृतिक एवं जैविक खेती के साथ-साथ ताईवानी अमरूद और हल्दी का उत्पादन लिया है। इसके अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं।

     

  • 17 किमी के मेट्रो कॉरिडोर से बदलेगा इंदौर का सफर, CM मोहन यादव बोले- शहर के विकास को मिलेगी रफ्तार

    17 किमी के मेट्रो कॉरिडोर से बदलेगा इंदौर का सफर, CM मोहन यादव बोले- शहर के विकास को मिलेगी रफ्तार

    इंदौर 

    इंदौर में 17 किलोमीटर लंबे मेट्रो ट्रैक पर सेवा दोबारा शुरू किए जाने को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि इंदौर केवल मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि प्रदेश की आर्थिक समृद्धि का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में शहर के भीतर आवागमन को सुगम बनाने और बाहर से आने वाले लोगों के लिए बेहतर यातायात सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए मेट्रो जैसी आधुनिक सेवाओं का विस्तार बेहद जरूरी है।

    मुख्यमंत्री ने इंदौरवासियों और प्रदेशवासियों को मेट्रो सेवा शुरू होने पर हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इंदौर लगातार विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मेट्रो परियोजना शहर के यातायात को बेहतर बनाने के साथ ही भविष्य में इंदौर के विकास को नई गति देने का काम करेगी। शहर की बढ़ती आबादी और यातायात के बढ़ते दबाव को देखते हुए सार्वजनिक परिवहन के आधुनिक साधनों की जरूरत लगातार बढ़ रही है।

    वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर भी मुख्यमंत्री ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का इंदौर में स्वागत है, लेकिन कांग्रेस को अपने शासनकाल में युवाओं की स्थिति को लेकर भी जवाब देना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आंकड़े उठाकर देखे जाएं तो वर्ष 1956 से 2003 तक प्रदेश में कांग्रेस की सरकारें रहीं। ऐसे में युवाओं और महिलाओं की स्थिति को लेकर कांग्रेस को भी अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने प्रदेश में बिजली उत्पादन का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में मध्यप्रदेश में बिजली की उपलब्धता बेहद कम थी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के दौरान बाबूलाल गौर और शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में बिजली उत्पादन को लगातार बढ़ाया गया। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि प्रदेश में बिजली उत्पादन क्षमता करीब 5 हजार मेगावाट से बढ़ाकर 25 हजार मेगावाट तक पहुंचाई गई है और बिजली की उपलब्धता लगातार बढ़ रही है।

    उन्होंने कहा कि आज मध्यप्रदेश आर्थिक और विकास के कई क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में विपक्ष को केवल आरोप लगाने के बजाय अपने शासनकाल के कामकाज का हिसाब भी जनता के सामने रखना चाहिए।

  • भारी बारिश के बीच भोपाल में जमीन धंसने से दहशत, कारें मलबे में दबीं; इमारतों पर खतरा

    भारी बारिश के बीच भोपाल में जमीन धंसने से दहशत, कारें मलबे में दबीं; इमारतों पर खतरा

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में जमीन धंस रही है। कलियासोत नदी के मुहाने पर जमीन धंस गई जिससे कई कारें दब गईं। भारी बारिश के चलते यह घटना घटी। जमीन धंसने से आसपास के इलाके में दहशत पसर गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। जमीन में दबी कारों को देर रात क्रेन से निकाला गया।

    कलियासोत नदी के मुहाने पर जमीन धंसने से 8 मंजिला इमारत आम्रवेली की नींव पर खतरा उत्पन्न होने की बात कही जा रही है। पता चला है कि आसपास की इमारतों की नींव भी कमजोर हो गई है।

    भोपाल के बाहरी इलाके में देर रात उस समय सनसनी फैल गई जब यहां जमीन धंसने लगी। इससे आसपास के कई क्षेत्र में कई पेड़ गिर गए, रोड फट गईं। जमीन धंसने से रहवासियों की कारें दब गईं। मामले की सूचना तुरंत पुलिस और प्रशासन को दी गई।

    जमीन धंसने की सूचना मिलते ही अनेक वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। जमीन में दबी कारों को क्रेन से निकालने का काम शुरु किया गया। कुछ लोगों ने पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों व अमले की भी भरपूर मदद की।

    जमीन धंसने के इस मामले में 8 मंजिला इमारत आम्रवेली की नींव भी हिल गई है। सलैया इलाके में मौजूद यह प्रोजेक्ट कलियासोत नदी के बेहद नजदीक बना हुआ है। जमीन धंसने से आसपास की अन्य इमारतों को भी खतरा उत्पन्न हो गया है। जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा ले रही है।

    घटना के बाद आसपास रहने वाले लोगों में दहशत का माहौल है। सबसे बड़ी चिंता 8 मंजिला आम्रवेली बिल्डिंग की नींव को लेकर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि जमीन धंसने का असर आसपास की इमारतों की नींव पर भी पड़ सकता है।

    फिलहाल प्रशासन की ओर से मौके की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। जमीन धंसने की वास्तविक वजह और इमारतों की सुरक्षा को लेकर तकनीकी जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

    देर रात शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
    घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन के अधिकारी देर रात अपना अमला लेकर मौके पर पहुंचे। क्रेन की मदद से जमीन में धंसी कारों को बाहर निकालने का अभियान चलाया गया। कारों को कड़ी मशक्कत के बाद निकाला जा सका।

    इमारतों में रह रहे लोगों पर मंडराया खतरा
    इलाके में लगातार और तेज बारिश हो रही है। इसके
    बीच जमीन धंसने की घटना ने इलाके में रह रहे लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जमीन धंसने से इमारतों की नींव को नुकसान पहुंचने की आशंका है जिससे इनमें रह रहे लोगों को खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोग अब दहशत के साए में रह रहे हैं। यदि तेज बारिश का दौर जारी रहा तो जमीन और धंसने की आशंका है। फिलहाल जिला प्रशासन स्थिति पर नजर रख रहा है। जमीन धंसने की वजह जानने की कोेशिश की जा रही है।

  • MP में IAS ट्रांसफर की बड़ी सूची जारी, सागर कमिश्नर बदले; 11 की नई पदस्थापना, 5 को मिला अतिरिक्त प्रभार

    MP में IAS ट्रांसफर की बड़ी सूची जारी, सागर कमिश्नर बदले; 11 की नई पदस्थापना, 5 को मिला अतिरिक्त प्रभार

    भोपाल

    मध्य प्रदेश में आज राज्य शासन ने 11 अधिकारियों के तबादले आदेश जारी किए हैं। सागर के कमिश्नर अनिल सुचारी को राज्य भंडार गृह निगम का प्रबंध संचालक बनाया गया है। आयुक्त उद्योग दिलीप कुमार को सागर का संभागीय कमिश्नर पदस्थ किया गया है।साथ ही महिला और बाल विकास विभाग की आयुक्त निधि निवेदिता को अब ओएसडी शहर राजस्व आयुक्त और आयुक्त भू अभिलेख की अतिरिक्त प्रभार की जिम्मेदारी सौंप गई है।सरकार ने ओएसडी शाह श्रम आयुक्त संदीप जीआर को भी बदला है और उन्हें ओएसडी सह आयुक्त महिला और बाल विकास तथा पड़े मिशन संचालक अटल बिहारी वाजपेई बाल आरोग्य एवं पोषण मिशन के पद पर पदस्थ किया है।

    6 जिला पंचायत CEO भी बदले गए
    सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने एक अन्य तबादला आदेश में 6 राज्य प्रशासनिक सेवा (SAS) के अफसर के तबादले करते हुए उन्हें मुख्य कार्यपालन अधिकारी और अपर मेला अधिकारी सिंहस्थ उज्जैन के पद पर पदस्थ किया है।

    जारी आदेश के अनुसार प्रमुख राजस्व आयुक्त अनुभा श्रीवास्तव को अब सचिव राजस्व विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, आयुक्त सहसंचालक पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण सतेंद्र सिंह को अब सचिव पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का जिम्मा सौंपा है।

    इसके अलावा राजस्व, महिला एवं बाल विकास, नगर निगम और निगम-मंडल स्तर के कई पदों पर भी बदलाव हुए हैं। नीचे पूरी सूची दी गई है।

    ट्रांसफर सूची (नई पदस्थापना)

        आईएएस अनिल सुचारी (2006): आयुक्त, सागर संभाग, सागर से उन्हें प्रबंध संचालक बनाया गया है। अब वे मध्यप्रदेश भण्डार गृह निगम, भोपाल में पोस्टेड होंगे। (समकक्ष घोषित पद: सचिव, मध्यप्रदेश शासन)

        आईएएस दिलीप कुमार (2008): आयुक्त उद्योग तथा प्रबंध संचालक लघु उद्योग निगम, भोपाल (अतिरिक्त प्रभार सहित) से उन्हें आयुक्त बनाया गया है। अब वे सागर संभाग, सागर में पोस्टेड होंगे।

        आईएएस अनुभा श्रीवास्तव (2009): प्रमुख राजस्व आयुक्त तथा आयुक्त, भू-अभिलेख एवं बंदोवस्त, ग्वालियर (अतिरिक्त प्रभार सहित) से उन्हें सचिव बनाया गया है। अब वे राजस्व विभाग, मंत्रालय भोपाल में पोस्टेड होंगी।

        आईएएस सतेन्द्र सिंह (2009): आयुक्त-सह-संचालक, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, भोपाल से उन्हें सचिव बनाया गया है। अब वे पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में पोस्टेड होंगे। (अतिरिक्त प्रभार: सचिव-अनुसूचित जाति कल्याण विभाग, आयुक्त-अनुसूचित जाति विकास, प्रबंध संचालक-अनुसूचित जाति वित्त निगम एवं आयुक्त-सह-संचालक पिछड़ा वर्ग कल्याण)

        आईएएस नेहा मारव्या सिंह (2011): संचालक, आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजनाएं एवं अन्य प्रभार, भोपाल से उन्हें प्रबंध संचालक बनाया गया है। अब वे अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम, भोपाल में पोस्टेड होंगी। (समकक्ष घोषित पद: अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन)

        आईएएस निधि निवेदिता (2012): वि.क.अ.-सह-आयुक्त, महिला एवं बाल विकास, भोपाल से उन्हें वि.क.अ.-सह-प्रमुख राजस्व आयुक्त बनाया गया है। अब वे भोपाल में पोस्टेड होंगी। (अतिरिक्त प्रभार: आयुक्त, भू-अभिलेख एवं बंदोवस्त, ग्वालियर; समकक्ष घोषित पद: अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन)

        आईएएस अनुराग वर्मा (2012): प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश भण्डार गृह निगम एवं राज्य नागरिक आपूर्ति निगम (अतिरिक्त प्रभार सहित), भोपाल से उन्हें प्रबंध संचालक बनाया गया है। अब वे राज्य नागरिक आपूर्ति निगम, भोपाल में पोस्टेड होंगे। (समकक्ष घोषित पद: अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन)

        आईएएस मयंक अग्रवाल (2013): प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेस कॉर्पोरेशन, भोपाल से उन्हें मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है। अब वे विकसित भारत-रोजगार गारंटी आजीविका मिशन (VB-GRAMG), भोपाल में पोस्टेड होंगे। (अतिरिक्त प्रभार: मिशन संचालक, समग्र नर्मदा मिशन; समकक्ष घोषित पद: अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन)

        आईएएस संदीप जी.आर. (2013): वि.क.अ.-सह-श्रम आयुक्त, इंदौर से उन्हें वि.क.अ.-सह-आयुक्त बनाया गया है। अब वे महिला एवं बाल विकास विभाग, भोपाल में पोस्टेड होंगे। (समकक्ष घोषित पद: अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन)

        आईएएस अवि प्रसाद (2014): मुख्य कार्यपालन अधिकारी, रोजगार गारंटी परिषद, भोपाल से उन्हें प्रबंध संचालक बनाया गया है। अब वे मध्यप्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेस कॉर्पोरेशन, भोपाल में पोस्टेड होंगे। (अतिरिक्त प्रभार: अपर सचिव, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग; समकक्ष घोषित पद: उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन)

        आईएएस नेहा जैन (2018): अपर संचालक, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, इंदौर से उन्हें मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है। अब वे स्मार्ट सिटी, उज्जैन में पोस्टेड होंगी। (अतिरिक्त प्रभार: अपर आयुक्त, नगर पालिक निगम उज्जैन; समकक्ष घोषित पद: उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन)

    अतिरिक्त प्रभार (मूल पद यथावत)

        आईएएस रघुराज एम.आर. (2004): सचिव, श्रम विभाग, भोपाल के मूल पद पर बने रहेंगे। उन्हें सचिव, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

        आईएएस तरुण राठी (2010): आयुक्त, आदिवासी विकास, भोपाल के मूल पद पर बने रहेंगे। उन्हें आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजनाएं, MAPCET एवं आदिम जाति अनुसंधान संस्थान का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

        आईएएस कुमार पुरूषोत्तम (2012): अपर सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय, भोपाल के मूल पद पर बने रहेंगे। उन्हें आयुक्त उद्योग एवं प्रबंध संचालक लघु उद्योग निगम का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

        आईएएस शीतला पटले (2014): सचिव, मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग, इंदौर के मूल पद पर बनी रहेंगी। उन्हें श्रम आयुक्त, इंदौर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
        आईएएस अनिशा श्रीवास्तव (2021): कार्यकारी संचालक, मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम, ग्वालियर के मूल पद पर बनी रहेंगी। उन्हें मुख्य कार्यपालन अधिकारी, ग्वालियर विकास प्राधिकरण का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

  • राज्यपाल  पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया उत्कृष्ट शिक्षकों का सम्मान

    राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया उत्कृष्ट शिक्षकों का सम्मान

    राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह 2026
    राष्ट्र निर्माण की पीढ़ी तैयार करते हैं शिक्षक : राज्यपाल श्री पटेल

    जहां गुरुर खत्म और गुण शुरू होते हैं, वहीं गुरु की दृष्टि पैदा होती है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
    जिन्हें ज़रूरत है, उन शिक्षकों को ऑफलाइन टीईटी परीक्षा दिलाने के किए जाएंगे प्रयास
    शिक्षकों के सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की घोषणा
    राज्यपाल श्री पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया उत्कृष्ट शिक्षकों का सम्मान
    शिक्षक दिवस पर प्रदेश के 33 उत्कृष्ट शिक्षक हुए सम्मानित
    प्रशासन अकादमी में हुआ राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह

    भोपाल

    राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि बच्चों की पहली पाठशाला उसका घर होती है। माता-पिता उन्हें प्रारंभिक शिक्षा और संस्कार देते हैं, लेकिन वास्तव में शिक्षक ही बच्चों को ज्ञान और संस्कारों से परिपूर्ण करते हैं। राष्ट्र् निर्माण की भावी पीढ़ी तैयार करते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक बच्चों को आत्मीय भाव से पढ़ाएं। उनकी बुद्धि, क्षमता और अपेक्षाओं को समझते हुए अपनापन और सहनशीलता का व्य्वहार करें। कठिनाईयों और जिज्ञासाओं को धैर्य के साथ सुनें। प्रेमपूर्वक व्यवहार करते हुए समाधान करें। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि बच्चे, विकसित भारत के कर्णधार है। शिक्षक इन कर्णधारों के शिल्प्कार है। इसलिए शिक्षक पहले स्वयं ज्ञान और नैतिक गुणों का आदर्श व्यक्ति बनें। बच्चों में ईमानदारी, सहनशीलता, जुझारूपन आदि गुणों का विकास कर, उनके व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करें।

    राज्यापाल श्री पटेल शनिवार को शिक्षक दिवस पर आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में हुए राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मा्न समारोह 2026 को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मा्न-2026 और गत वर्ष के राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान प्राप्तकर्ता शिक्षकों को सम्मानित कर सभी को शिक्षक दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी। राज्यपाल श्री पटेल एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। मां सरस्वती और डॉ. सर्वपल्ली् राधाकृष्ण्न के चित्र पर माल्यार्पण कर नमन किया। राज्यपाल श्री पटेल का मुख्यतमंत्री डॉ. यादव ने पौधा भेंट कर स्वागत किया। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया।

    राज्यापाल श्री पटेल ने कहा कि राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार- 2026 और गत वर्ष के राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से पुरस्कृत शिक्षकों के सम्मान का यह आयोजन, उन सभी शिक्षकों को नमन करने का प्रसंग है, जो ज्ञान और संस्कार से राष्ट्र का भविष्य गढ़ रहे हैं। माता-पिता तो केवल बच्चे को जन्म देते हैं, लेकिन शिक्षक बच्चे के व्यक्तित्व को दिशा देकर आदर्श नागरिक बनाने का महान कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजनरी नेतृत्व में देश ने नई सोच और नए कौशल के द्वारा शिक्षा को नये भारत की शक्ति बनाने का संकल्प, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के रूप में लिया है। शिक्षक दिवस पर सभी शिक्षक, भारत को ज्ञान की महाशक्ति बनाने का संकल्प ग्रहण करें।

    शिक्षा को निरंतर अपडेशन, अपग्रेडेशन और इनोवेशन की जरूरत

    राज्यापाल श्री पटेल ने कहा कि आज की दुनिया में शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रह सकती, उसे बदलती वैश्विक आवश्यकताओं और रोजगार के नए अवसरों के अनुरुप निरंतर अपडेशन, अपग्रेडेशन और इनोवेशन करते रहना होगा। समय की जरूरत है कि भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक विज्ञान और तकनीक से जोड़कर, हमारी शिक्षा को नई पहचान और शक्ति प्रदान करें। कला, विज्ञान, खेल, कौशल और व्यावसायिक शिक्षा के बीच की दीवारे हटाते हुए, विद्यार्थियों को उनकी रुचि से विषय चुन कर पढ़ने का भरपूर अवसर दिया जाए। उन्होंने शिक्षकों का आह्वान किया कि आपको अब पाठ पढ़ाने से आगे बढ़कर, विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचान कर, उन्हें प्रेरित करने और सही दिशा देने वाले मार्गदर्शक के रूप में आगे आना होगा।

    राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह 2026 में आज प्रदेश के 33 शिक्षकों का सम्मान हुआ है। भारत के दूसरे राष्ट्रपति और महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जन्म जयंती के अवसर पर सभी प्रदेशवासियों को बधाई देता हूं। यह आयोजन हमारे शिक्षकों को नमन करने का अवसर है, जो ज्ञान और संस्कार का देश का भविष्य गढ़ रहे हैं। माता-पिता और शिक्षक बच्चों को संस्कार देकर बच्चों को जिम्मेदार नागरिक बनाते हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने शिक्षा को नए भारत की शक्ति बनाने का संकल्प राष्ट्रीय शिक्षा नीति के रूप में लिया है। उन्होंने शिक्षकों से अनुरोध किया कि वे भारत को महाशक्ति बनाने का संकल्प लें। आज शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है। उसे वैश्विक जरूरतों और रोजगार के अवसरों के अनुरूप अपग्रेड और इनोवेट करने की आवश्यकता है। बच्चों को उनकी रुचि के विषय चुनने का अवसर दिया जाए। शिक्षक विद्यार्थियों की प्रतिभा को खोजें और उसे आगे बढ़ने में सहयोग करें। बच्चों को संस्कारित करने में माता-पिता की जिम्मेदारी अहम है। तभी हमें देश के अच्छे नागरिक मिलेंगे। माता-पिता, बड़े भाई-बहन बच्चों से पूछें कि आज स्कूल में क्या पढ़ाया। हमारे लिए सभी शिक्षक सम्मानीय हैं। शिक्षक अपने परिवार के बच्चों की तरह उन्हें पढ़ाएं। बड़े होकर विद्यार्थी अपने शिक्षक को कभी नहीं भूलते हैं। आज सिखाए हुए बच्चे विकसित भारत @2047 के संकल्प में योगदान देंगे। बच्चों को सहनशील बनाएं। कई बच्चे मानसिक परेशानी में गलत कदम उठा लेते हैं। ऐसे बच्चों को प्यार से समझाएं। हमें ऐसी पीढ़ी तैयार करनी है, जो अपने माता-पिता और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी न भूलें।

    अध्यक्षीय संबोधन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि गुरु शिष्य परम्परा भारतीय संस्कृति की अनुपम धरोहर हैं। गुरुजन नि:संदेह विशेष भी है और हमारी प्राचीन सांस्कृतिक परम्पराओं का विशेषण भी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया में देश का मान निरंतर बढ़ रहा है। इसके पीछे गुरु की महिमा है, क्योंकि जहां गुरूर खत्म होता है, और गुण शुरू होता है, वहीं गुरु की दृष्टि पैदा होती है। गुरु की दृष्टि से ही शिक्षित समाज की सृष्टि होती है। उन्होंने कहा कि हमारे गुरुजन एक दीपक की तरह स्वयं अंधेरे में रहकर अपने विद्यार्थियों को शिक्षित कर उनका पूरा जीवन-चरित्र आलोकित करते हैं। इस दुनिया में माता-पिता के बाद वो शिक्षक ही हैं, जो यह कामना करते हैं कि आप वह बनें, जो आप वास्तव में बनना चाहते हैं। आपको वह सब मिले, जो आप पाना चाहते हैं। इसीलिए गुरुजन सदैव वंदनीय हैं, पूजनीय हैं। इनका सदैव आदर-सम्मान और सत्कार करना हम सबका कर्तव्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिक्षकों के इस सम्मान समारोह में घोषणा करते हुए कहा कि प्रदेश के जिन वरिष्ठ शिक्षकों को टीईटी की परीक्षा देनी है और जिन्हें ऐसी ज़रूरत है, उन्हें ऑफलाइन टीईटी परीक्षा दिलाने के प्रयास और प्रबंध किए जाएंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत की गौरवशाली गुरुकुल और गुरु-शिष्य परंपरा दुनिया में सबसे प्राचीन है। भारत की मंशा कभी किसी देश को अधीन करने की नहीं रही। हम वसुधैब कुटुम्बकम की भावना से मानवता को बढ़ाने के लिए कार्य करते आए हैं। प्राचीन काल में भारत ने तक्षशिला, नालंदा और विक्रमजीत शिला विश्वविद्यालयों के माध्यम से दुनियाभर के विद्यार्थियों को शिक्षित किया। वर्तमान समय ऐसा है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत शांति और स्थिरता के साथ सुदृढ़ अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है और दुनिया भारत की ओर बड़ी आशा के साथ देख रही है। आजादी के बाद भारत ने गुट निरपेक्ष नीति अपनाई थी और वह समय आया है, जब प्रधानमंत्री श्री मोदी दुनिया के अलग-अलग शक्तिशाली देशों के राष्ट्राध्यक्षों से पूरे सम्मान के साथ मुलाकात और चर्चा करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश का नक्शा कागजों पर बनता है, लेकिन देश की किस्मत हमारे गुरुजन कक्षाओं में बनाते हैं। हमारे शिक्षक और गुरुजन इन कक्षाओं के अधिपति हैं। शिक्षक कई पीढ़ियों तक अपने शिष्य की प्रगति से आनंदित होता है। उसे जीवन में सबसे अधिक गर्व तब महसूस होता है, जब वो शिष्य को स्वयं से आगे बढ़ते हुए देखता है। मध्यप्रदेश सरकार सभी शिक्षकों की मेहनत का सम्मान करती है। जब बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम सामने आते हैं तो इनकी मेरिट लिस्ट में 50 प्रतिशत से अधिक बच्चे हमारे शासकीय स्कूलों के होते हैं, जो शिक्षकों के मार्गदर्शन और परिश्रम के कारण वहां तक पहुंच पाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार शिक्षकों के लिए जो बेहतर हो सकता है, ऐसे सभी जरूरी निर्णय लेने के लिए प्रतिबद्ध है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हो रही टीईटी की परीक्षा ऑफलाइन मोड पर होगी। शिक्षा विभाग के आधार पर शैक्षणिक गुणवत्ता के लिए हम प्रयास कर रहे हैं। हमारे शासकीय स्कूल, प्राइवेट स्कूलों से बेहतर होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती ऐसी है, जहां भगवान श्रीकृष्ण स्वयं शिक्षा ग्रहण करने के लिए उज्जैन के सांदीपनि आश्रम आए थे। जहां उन्होंने 64 कलाएं और 14 विद्याओं का ज्ञान प्राप्त किया। श्रीकृष्ण के गुरु महर्षि सांदीपनि ने अपने शिष्य को जगद्गुरु की उपाधि दी। उन्होंने अपने शिष्य में भविष्य का पुरुषार्थ और पराक्रम देख लिया था। इसी प्रकार महर्षि विश्वामित्र ने बाल्यकाल में प्रभु श्रीराम और उनके भाइयों में पराक्रम देखा था। वे राजा दशरथ से श्रीराम और लक्ष्मण को अपने साथ ले गए और श्रीराम को मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम बनाया।

    स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि शिक्षक दिवस को पूरा देश गुरुजनों के सम्मान के रूप में देखता है। भविष्य में हमारी युवा पीढ़ी अगर देश को आगे बढ़ाएगी तो इसमें हमारे अभिभावकों और गुरुजनों का विशेष योगदान होगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी के कार्यकाल में देश की शिक्षण पद्धति की चुनौतियां खत्म हो रही हैं। देश में शिक्षा नीति 2020 लागू की गई है। मध्यप्रदेश में यह सबसे पहले उच्च शिक्षा मंत्री रहते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लागू करवाई थी। आज का दिन शिक्षकों के प्रति हमारी कृतज्ञता प्रकट करने का है। राज्य सरकार अच्छा कार्य करने वाले शिक्षकों का सम्मान कर रही है। प्रदेश का हर शिक्षक हमारी शिक्षा व्यवस्था की अहम कड़ी है। नक्सल प्रभावित रहे बालाघाट जिले में शिक्षकों ने स्कूलों के माध्यम से बच्चों को अच्छे संस्कार दिए। कई शिक्षक ऐसे हैं, जो अपने वेतन की हिस्सेदारी भी स्कूल को आदर्श विद्यालय बनाने में लगा देते हैं। बच्चों को स्वयं साइकिल की घंटी बजाकर स्कूल आने के लिए प्रेरित करते हैं। हमारी सरकार कानूनी बाधाओं को दूर करने का प्रयास करते हुए शिक्षकों की बेहतरी के लिए कार्य कर रही है। विकसित भारत @2047 के संकल्प की पूर्ति में सभी शिक्षकगणों का अहम योगदान होगा।

    कार्यक्रम में जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुर्नवास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग, विधायक श्री भगवानदास सबनानी, नगर निगम अध्यक्ष श्री किशन सूर्यवंशी, आयुक्त लोक शिक्षण श्री अभिषेक सिंह, स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी, सम्मानित शिक्षकगण एवं उनके परिजन भी उपस्थित थे।

    इन उत्कृष्ट शिक्षकों का हुआ सम्मान

    समारोह में श्री शिवलाल दांगी (सुसनेर), श्री धन्नालाल बिसेन (बालाघाट), श्री रीतेश कुमार पथाड़े (बैतूल), श्री सुखनंदन साहू (दमोह), श्री नरेंद्र कुमार भारद्वाज (गुना), श्री ओम प्रकाश विश्वकर्मा (नर्मदापुरम), श्री महेंद्र सिंह ठाकुर (कटनी), श्री राकेश कुमार गुप्ता (मंदसौर), सुश्री शिखा शर्मा (नरसिंहपुर), श्री लोकेंद्र सिंह पंवार (नीमच), सुश्री ज्योति पाठक (निवाड़ी), श्री राकेश कुमार वर्मा (रायसेन), श्री सुरेश चंद्र सोनी (राजगढ़), सुश्री शर्मिला उपाध्याय (रतलाम), सुश्री रीनादेवी कटरे (सिवनी), श्री हेमंत कुमार वैद्य (शाजापुर), श्री राकेश द्विवेदी (सीधी), सुश्री सीमा परमार (उज्जैन), सुश्री पूनम मिश्रा (बालाघाट), श्री बिहारीलाल प्रजापति (छतरपुर), श्री अरुण कुमार भादे (छिंदवाड़ा), श्री बलराम अहिरवार (दमोह), श्री मुकेश कुमार शर्मा (गुना), श्री अरुण कुमार मित्तल (इंदौर), श्री मुकेश प्रजापति (मंदसौर), श्री मनीष तिवारी (नरसिंहपुर), श्री अजय कुमार मिश्रा, श्री मुकेश नागर (राजगढ़), श्री राजेश महेश्वरी (रतलाम), श्री मोहित कुमार गर्ग (सतना), सुश्री पूजा पांडे (सिवनी), श्री सतीश पांडे (सीधी), सुश्री श्वेता तिवारी (उज्जैन), सुश्री अजिता, श्रीमती शीला पटेल (राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान प्राप्त) तथा श्री भैरूलाल ओसारा (राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान प्राप्त) ने सम्मान पाया। इन शिक्षकों को शॉल, श्रीफल, प्रशस्ति पत्र एवं 25 हजार रुपए नगद सम्मान राशि देकर सम्मानित किया गया। 

  • इंदौर वालों को मिली बड़ी सौगात, आज से दौड़ेगी एक्सटेंडेड रूट पर मेट्रो; किराया ₹20 से ₹80

    इंदौर वालों को मिली बड़ी सौगात, आज से दौड़ेगी एक्सटेंडेड रूट पर मेट्रो; किराया ₹20 से ₹80

    इंदौर 
     मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के लिए आज का दिन बेहद खास है. शनिवार को यहां मेट्रो की विस्तारित सेवा का शुभारंभ होने जा रहा है. आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल विस्तारित मेट्रो सेवा का शुभारंभ करेंगे. इंदौर मेट्रो की विस्तारित सेवा आज से इंदौर के गांधीनगर से मालवीय नगर चौराहा तक शुरू हो जाएगी. आज औपचारिक उद्घाटन के बाद 6 सितंबर 2026 से यह सेवा आम यात्रियों के लिए उपलब्ध होगी। 

    इसके साथ ही यात्रियों को गांधीनगर से मालवीय नगर चौराहा तक निर्बाध मेट्रो यात्रा की सुविधा मिलेगी. मेट्रो की पहली ट्रेन दोनों छोरों से प्रतिदिन सुबह 9:00 बजे रवाना होगी, जबकि अंतिम ट्रेन शाम 7:00 बजे प्रस्थान करेगी. यात्रियों की सुविधा के लिए हर 15 मिनट के अंतराल पर ट्रेन उपलब्ध रहेगी तथा प्रतिदिन 80 से अधिक फेरे संचालित किए जाएंगे। 

    लगभग 17 किलोमीटर तक हुआ मेट्रो एक्सटेंशन
    वर्तमान में इंदौर मेट्रो का संचालन गांधीनगर से सुपर कॉरिडोर-3 तक लगभग 6 किलोमीटर के मार्ग पर किया जा रहा है. सेवा विस्तार के बाद अब मेट्रो गांधीनगर से मालवीय नगर चौराहा तक लगभग 17 किलोमीटर लंबे मार्ग पर संचालित होगी. विस्तारित कॉरिडोर में कुल 16 स्टेशनों से यात्रियों को आवागमन की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे शहर के प्रमुख व्यावसायिक व आवासीय क्षेत्रों के बीच यात्रा अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक बनेगी। 

    यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता
    इंदौर मेट्रो की आधुनिक, पूर्णतः वातानुकूलित ट्रेनें यात्रियों को आरामदायक यात्रा का अनुभव प्रदान करेंगी. सभी स्टेशनों पर डिजिटल यात्री सूचना प्रणाली, सीसीटीवी आधारित सुरक्षा व्यवस्था, एस्केलेटर, लिफ्ट तथा दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं उपलब्ध हैं. यह परियोजना पर्यावरण-अनुकूल, सुरक्षित एवं समयबद्ध सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। 

    डिजिटल टिकटिंग से होगी स्मार्ट और कैशलेस यात्रा
    यात्रियों की सुविधा के लिए इंदौर मेट्रो में ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन (AFC) प्रणाली पहले से संचालित है. यात्री एमपीएमआरसीएल मोबाइल ऐप के माध्यम से डिजिटल टिकट प्राप्त कर सकते हैं और यूपीआई, क्यूआर कोड, ई-वॉलेट व मोबाइल ऐप के जरिए कैशलेस भुगतान कर सहज व सुरक्षित यात्रा का लाभ उठा सकते हैं.

    रिटर्न, ग्रुप टिकट एवं ई-वॉलेट रिचार्ज पर विशेष लाभ
    यात्रियों को प्रोत्साहित करने के लिए एमपीएमआरसीएल द्वारा आकर्षक प्रमोशनल डिस्काउंट पॉलिसी लागू की गई है. इसके तहत रिटर्न जर्नी टिकट पर 5 प्रतिशत व ग्रुप टिकट पर 10 प्रतिशत की छूट दी जा रही है. वहीं, मोबाइल ऐप के माध्यम से ई-वॉलेट रिचार्ज करने पर रिचार्ज राशि के अनुसार 8 प्रतिशत से 15 प्रतिशत तक बोनस मिलेगा. ₹200–499 के रिचार्ज पर 8 प्रतिशत, ₹500–999 पर 10 प्रतिशत, ₹1000–1499 पर 12 प्रतिशत और ₹1500–2000 के रिचार्ज पर 15 प्रतिशत बोनस प्रदान किया जाएगा। 

  • अजनार नदी की सफाई को लेकर जागी ब्यावरा नगर पालिका, सीएम से मुलाकात के बाद सुबह से अभियान शुरू

    अजनार नदी की सफाई को लेकर जागी ब्यावरा नगर पालिका, सीएम से मुलाकात के बाद सुबह से अभियान शुरू

    ब्यावरा
     राजगढ़ जिले के ब्यावरा शहर का रहने वाला बिट्टू तबाही एक बार फिर चर्चा में है। शुक्रवार को वह दिनभर सोशल मीडिया पर ट्रेंड करता रहा। ट्रेंड होने के बाद उसे मुख्यमंत्री ने भी शुक्रवार को मिलने बुलाया। सीएम से बिट्टू तबाही की मुलाकात के बाद ब्यावरा नगर पालिका ने शनिवार सुबह अजनार नदी को सफाई को लेकर अभियान शुरू कर दिया है।

    लोगों ने कहा- AI जनरेटेड है इमेज, बाद में फोटो की शेयर
    असल में सोशल मीडिया पर नदी की सफाई को लेकर उसके द्वारा डाली गई तस्वीर को किसी ने एआई क्रिएटेड लिख दिया। इसके बाद बिट्टू ने सभी को आईना दिखा दिया। उसकी मेहनत और उसके द्वारा किए गए काम के बाद की तस्वीरें बताई। इसके बाद सभी उसके काम की तारीफ क रहे हैं। उसके काम की सराहना की जा रही है। देश के साथ ही विदेशों में भी उसके वीडियो शेयर किए जा रहे हैं और खूब तारीफें वह बटोर रहा है।

    बिट्टू के जज्बे को देख मुख्यमंत्री ने बुलाया
    बिट्टू के जज्बे को देखकर और सोशल मीडिया पर ट्रेंड देख मुख्यमंत्री कार्यालय से भी मिलने का न्यौता मिला। शुक्रवार को बिट्टू मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) से मिलने पहुंचा। देर शाम हुई मुलाकात में सीएम यादव ने बिट्टू के काम की सराहना की है। साथ ही हर संभव मदद देने की बात कही है। साथ ही कहा कि बिट्टू की मेहनत बेकार नहीं जाएगी। बिट्टू तबाही से मुलाकात का वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर किया।

    सीएम-बिट्टू की मुलाकात के बाद ब्यावरा नगर पालिका ने चलाया अभियान
    शुक्रवार को सीएम मोहन यादव और बिट्टू तबाही की मुलाकात के बाद शनिवार सुबह ब्यावरा नगर पालिका हरकत में आया। नगर पालिका ने बिट्टू तबाही के सफाई अभियान का समर्थन करते हुए अजनार नदी में जमा पुराने कचरे और पॉलीथीन को जेसीबी और पोकलेन मशीन के माध्यम से साफ किया। इसके अलावा मंदिर के पास अजनार नदी के घाट का भी सौंदर्यीकरण भी कराया।

    राजगढ़ जिले के ब्यावरा में 21 साल के एक बीएससी छात्र ने अजनार नदी को साफ करने का ऐसा बीड़ा उठाया, जिसकी शुरुआत उसने अकेले की थी। सोशल मीडिया पर 'बिट्टू तबाही' के नाम से पहचाने जाने वाले सुरेंद्र सिंह चौधरी 26 जनवरी से नदी में जमा कचरा, पॉलिथीन और गंदगी निकालने में जुटे हैं। शुरुआत में लोग उन्हें देखकर हैरान होते थे, लेकिन उनकी लगातार मेहनत ने अब नगर पालिका को भी इस मुहिम से जुड़ने के लिए प्रेरित किया है।

    सुरेंद्र नदी के उस हिस्से की सफाई कर रहे हैं, जहां लंबे समय से बड़ी मात्रा में कचरा जमा था। स्थानीय मंदिर के आसपास नदी में उतरकर सफाई करने के दौरान उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। गंदे पानी में काम करने से हाथ-पैर में संक्रमण का खतरा बना रहता है, वहीं नदी की सफाई के दौरान कई बार सांप भी सामने आ चुके हैं। इसके बावजूद सुरेंद्र ने सफाई का काम नहीं छोड़ा।

    सांप मिले, संक्रमण हुआ, फिर भी नहीं रुके

    बिना किसी जरूरी उपकरण के नदी की सफाई आसान नहीं थी. काम के दौरान उन्हें हाथ-पैर में संक्रमण जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और सांपों से भी सामना हुआ. इसके बावजूद उन्होंने सफाई नहीं छोड़ी. उनकी लगातार मेहनत देखकर ब्यावरा नगर पालिका भी आगे आई. अब जेसीबी और पोकलेन मशीनों की मदद से नदी में जमा पुराना कचरा, पॉलीथिन और मलबा हटाया जा रहा है। 

    नगर पालिका के सब-इंजीनियर रूपेश कुमार नेताम के मुताबिक, नदी में पांच बड़े नालों का पानी गिरता है, जो कि गंदगी और बदबू का कारण है. इसे रोकने के लिए करीब 14.77 करोड़ रुपये की लागत से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। 

    सुरेंद्र की कहानी उस सोच की कहानी है जिसमें एक इंसान ने शुरुआत की और धीरे-धीरे लोग उसके साथ जुड़ते चले गए. एक फावड़े से शुरू हुई मुहिम ने पूरे शहर को बता दिया कि बदलाव के लिए हमेशा भीड़ का इंतजार जरूरी नहीं। 

    जिस काम की शुरुआत सुरेंद्र ने अकेले फावड़े के साथ की थी, उसने लोगों और नगर पालिका को सात आने पर मजबूर कर दिया. फिलहाल नदी के पूरी तरह साफ होने में वक्त लगेगा, लेकिन ‘बिट्टू तबाही’ की मुहीम ने साबित कर दिया कि बड़े बदलाव के लिए सिर्फ एक छोटी पहल की जरूरत होती है। 

    अकेले शुरू की मुहिम
    सुरेंद्र का कहना है कि अजनार नदी उनके शहर की पहचान का हिस्सा है लेकिन लगातार कचरा डाले जाने से इसकी हालत खराब होती जा रही थी। उन्होंने किसी संस्था या अभियान का इंतजार करने के बजाय खुद नदी में उतरकर सफाई शुरू करने का फैसला किया। 26 जनवरी से शुरू हुई उनकी यह मुहिम लगातार जारी है।

    सुरेंद्र की मेहनत का असर दिखाई देने लगा तो नगर पालिका भी आगे आई। अब पुराने समय से जमा कचरे और पॉलिथीन को हटाने के लिए नगर पालिका की ओर से जेसीबी और पोकलेन मशीनें उपलब्ध कराई जा रही हैं। मशीनों की मदद से नदी और उसके आसपास जमा भारी मात्रा में कचरे को हटाया जा रहा है। 

     

  • श्योपुर में बाढ़ का खतरा बढ़ा, आवदा डैम ओवरफ्लो और क्वारी नदी उफान पर; संवेदनशील मार्गों पर पुलिस तैनात

    श्योपुर में बाढ़ का खतरा बढ़ा, आवदा डैम ओवरफ्लो और क्वारी नदी उफान पर; संवेदनशील मार्गों पर पुलिस तैनात

    श्योपुर 

    श्योपुर जिले में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। श्योपुर का आवदा डैम अपनी 45 फीट की भराव क्षमता के बाद ओवरफ्लो हो रहा है। डैम से पानी बहने के कारण आसपास के इलाकों पर प्रशासन नजर रख रहा है।
    श्योपुर तहसील में 5 सितंबर को 110 mm, कराहल में 100.40 mm, विजयपुर में 76 mm और वीरपुर में 30 mm बारिश दर्ज की गई। प्रशासन ने नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों में लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। पुलिस और प्रशासन की टीमें भी संवेदनशील जगहों पर तैनात हैं।

    क्वारी नदी के बढ़ते जलस्तर से विजयपुर-टेटरा मार्ग बंद
    विजयपुर में बारिश से हालात बिगड़ गए हैं। यहां क्वारी नदी उफान पर है और खतरे के निशान तक पहुंच गई है। नदी पर बना पुल डूब जाने से विजयपुर-टेटरा मार्ग बंद हो गया है। प्रशासन ने पुल पर आवाजाही रोक दी है। मार्ग बंद होने से दोनों तरफ के लोगों को परेशानी हो रही है। हालातों को देखते हुए सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है।

    विजयपुर की सब्जी मंडी-कोठारी पैलेस में भरा पानी
    बारिश के कारण विजयपुर की सब्जी मंडी में भी पानी भर गया है। मंडी की कई दुकानें पानी में डूब गई हैं। कोठारी पैलेस में पानी भरने से एक दीवार गिर गई, हालांकि इस दौरान कोई जनहानि नहीं हुई।

  • कृष्ण जन्मोत्सव के बाद घर लौट रही थीं 3 महिलाएं, मुरैना में ट्रक ने कुचला; चालक गिरफ्तार

    कृष्ण जन्मोत्सव के बाद घर लौट रही थीं 3 महिलाएं, मुरैना में ट्रक ने कुचला; चालक गिरफ्तार

    मुरैना 
     कृष्ण जन्मोत्सव की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं, जब मंदिर से दर्शन कर घर लौट रही तीन महिलाओं को अनियंत्रित तेज रफ्तार ट्रक ने कुचल दिया। दर्दनाक हादसे में तीनों महिलाओं की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

    हादसा राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-44 पर स्थित घिरोना हनुमान मंदिर के पास देर रात हुआ। जानकारी के मुताबिक सिविल लाइन थाना क्षेत्र के हरफूल के पुरा गांव की रहने वाली तीन महिलाएं कृष्ण जन्मोत्सव देखने और पूजा-अर्चना करने के बाद अपने घर लौट रही थीं। इसी दौरान दिल्ली की ओर जा रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और ट्रक सड़क किनारे स्थित कुछ दुकानों में जा घुसा। इससे दुकानों को भी नुकसान पहुंचा है।

    घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हादसे के बाद मृतक महिलाओं के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। त्योहार की रात घर से खुशी-खुशी निकली महिलाएं वापस नहीं लौट सकीं, जिससे पूरे गांव में शोक का माहौल है।

    सिविल लाइन थाना प्रभारी उदयभान सिंह यादव ने बताया कि मृतक तीनों महिलाएं हरफूल के पुरा गांव की निवासी थीं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ट्रक चालक को पकड़ लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। वहीं दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को घटनास्थल से हटाने का काम भी जारी है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्ग पर तेज रफ्तार और लापरवाह वाहनों की आवाजाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं।