Category: मध्य प्रदेश

  • झकनावदा में विश्व हिंदू परिषद का स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया

    झकनावदा में विश्व हिंदू परिषद का स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया

    झाबुआ
    झकनावदा प्राचीन महादेव मंदिर परिसर मे आयोजित विश्व हिंदू परिषद जिला झाबुआ के प्रखंड रायपुरिया के खंड झकनावदा में स्थापना दिवस का कार्यक्रम बड़े हर्षो उल्लास के साथ मनाया गया जिसमे विश्व हिन्दु परिषद के जिला पदाधिकारी ओर प्रखंड के प्रमुख ओर खंड के कार्यकर्ताओ के द्वारा इस आयोजन का आयोजन किया गया। जिसमें जिला सयोजक बादल प्रजापत प्रखंड सुरक्षा प्रमुख विकास राठौड़ , प्रखंड विधि प्रमुख रितेश प्रजापत खण्ड सयोजक सुनील मुलेवा साहित गांव के युवाओं व खण्ड समिती के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

  • सिंहस्थ 2028 को लेकर रेलवे अलर्ट मोड में, 125 से अधिक स्पेशल ट्रेनें और स्मार्ट कैमरों का सुरक्षा घेरा

    सिंहस्थ 2028 को लेकर रेलवे अलर्ट मोड में, 125 से अधिक स्पेशल ट्रेनें और स्मार्ट कैमरों का सुरक्षा घेरा

    उज्जैन 

    उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ 2028 को लेकर रेलवे ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सिंहस्थ के दौरान देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए रेलवे 125 से अधिक स्पेशल ट्रेनें चलाने की तैयारी कर रहा है।

    रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार ने रविवार को इंदौर पहुंचकर रेलवे की तैयारियों और विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ के दौरान यात्रियों की सुविधा और भीड़ को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त संख्या में ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। प्रयास रहेगा कि यात्रियों को यात्रा के लिए ज्यादा किराया नहीं चुकाना पड़े।

    चेयरमैन सतीश कुमार ने इंदौर स्टेशन, शास्त्री ब्रिज और आसपास चल रहे रेलवे से जुड़े विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से स्टेशन रीडेवलपमेंट, यात्री सुविधाओं और इंदौर से जुड़े महत्वपूर्ण रेल प्रोजेक्ट्स की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने इंदौर-मनमाड़, इंदौर-खंडवा और इंदौर-उज्जैन रेल सेक्शन के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।

    सिंहस्थ के लिए 125 से ज्यादा ट्रेनें, यात्रियों के किराए पर भी फोकस सिंहस्थ 2028 में करोड़ों श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए रेलवे ने अभी से यात्री परिवहन की योजना पर काम शुरू कर दिया है। चेयरमैन ने स्पष्ट किया कि सिंहस्थ के दौरान 125 से अधिक ट्रेनों का संचालन किया जाएगा।

    इन ट्रेनों के जरिए उज्जैन के साथ इंदौर और आसपास के शहरों को जोड़ने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। रेलवे का प्रयास होगा कि श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित रेल यात्रा मिल सके। ट्रेनों की संख्या बढ़ाने के साथ यात्रियों पर अतिरिक्त किराए का बोझ न पड़े, इस पर भी ध्यान दिया जाएगा।

    सिंहस्थ के लिए 125 से ज्यादा ट्रेनें, यात्रियों के किराए पर भी फोकस

    सिंहस्थ 2028 में करोड़ों श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए रेलवे ने अभी से यात्री परिवहन की योजना पर काम शुरू कर दिया है। चेयरमैन ने स्पष्ट किया कि सिंहस्थ के दौरान 125 से अधिक ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। इन ट्रेनों के जरिए उज्जैन के साथ इंदौर और आसपास के शहरों को जोड़ने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

    रेलवे का प्रयास होगा कि श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित रेल यात्रा मिल सके। ट्रेनों की संख्या बढ़ाने के साथ यात्रियों पर अतिरिक्त किराए का बोझ न पड़े, इस पर भी ध्यान दिया जाएगा।

    इंदौर से चलने वाली स्पेशल ट्रेनों को नियमित करने पर काम
    इंदौर से अलग-अलग शहरों के लिए चलने वाली स्पेशल ट्रेनों को नियमित करने की मांग पर भी रेलवे काम कर रहा है। चेयरमैन ने कहा कि इंदौर से संचालित होने वाली कुछ स्पेशल ट्रेनों को नियमित करने की दिशा में प्रक्रिया जारी है। इससे इंदौर के यात्रियों को नियमित रेल कनेक्टिविटी मिलने के साथ सिंहस्थ के दौरान भी यातायात का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।

    इंदौर स्टेशन के रीडेवलपमेंट में तेजी के निर्देश
    रेलवे बोर्ड चेयरमैन ने इंदौर स्टेशन के रीडेवलपमेंट की प्रगति का भी जायजा लिया। उन्होंने कहा कि जून 2025 में भी उन्होंने स्टेशन का रिव्यू किया था। उस समय की स्थिति और वर्तमान स्थिति में काफी बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि स्टेशन के विकास और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आगे और क्या व्यवस्थाएं की जा सकती हैं, इस पर गंभीरता से चर्चा की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि स्टेशन के विकास की पूरी रूपरेखा जनरल मैनेजर और उनकी टीम के साथ साझा की गई है। इसे रेलवे बोर्ड के स्तर पर भी प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि यात्री सुविधाओं को बेहतर करने और विकास कार्यों को गति देने के लिए आवश्यक निर्णय लिए जा सकें।

    शास्त्री ब्रिज का निरीक्षण, नए रेलवे ओवरब्रिज पर भी चर्चा
    सतीश कुमार ने इंदौर के शास्त्री ब्रिज का भी निरीक्षण किया। ब्रिज के कारण यातायात और भविष्य में बढ़ने वाले दबाव को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि जिस मार्ग को चौड़ा करने का काम किया जा रहा है, उसके दौरान वैकल्पिक यातायात व्यवस्था बेहद जरूरी होगी। नए एलाइनमेंट को लेकर दिए गए सुझावों पर भी रेलवे गंभीरता से विचार कर रहा है। नए शास्त्री रेलवे ओवरब्रिज के शुरुआती दौर का काम जल्द शुरू करने की दिशा में काम किया जाएगा।

    सुरक्षा के लिए AI वाले कैमरे, चेहरा भी स्कैन कर सकेंगे
    रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक वाले कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा। इन कैमरों के जरिए स्टेशन परिसर में होने वाली गतिविधियों पर निगरानी रखी जाएगी। नई तकनीक से लैस कैमरों में चेहरे की पहचान और स्कैनिंग जैसी सुविधाएं भी शामिल होंगी। इससे संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने और सुरक्षा एजेंसियों को समय पर अलर्ट करने में मदद मिल सकती है।

    चूहों की समस्या पर पेस्ट कंट्रोल बढ़ेगा, पेंट्री कार की विशेष सफाई
    रेलवे परिसरों और ट्रेनों में चूहों की समस्या को लेकर भी चेयरमैन ने अधिकारियों से जानकारी ली। वर्तमान में सामने आ रही समस्याओं को देखते हुए पेस्ट कंट्रोल व्यवस्था पर ज्यादा ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।

    इंदौर-मनमाड़ और इंदौर-खंडवा रेल प्रोजेक्ट भी अहम
    चेयरमैन ने इंदौर से जुड़े महत्वपूर्ण रेल प्रोजेक्ट्स की भी समीक्षा की। इंदौर-मनमाड़ और इंदौर-खंडवा रेल सेक्शन के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा इंदौर-उज्जैन सेक्शन की क्षमता और यात्री सुविधाओं से जुड़े कामों को भी प्राथमिकता देने की बात कही गई। सिंहस्थ के दौरान इंदौर से उज्जैन जाने वाले यात्रियों की संख्या काफी बढ़ने की संभावना है। ऐसे में इस रेल मार्ग की क्षमता और संचालन व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी।

    इंदौर से चलने वाली स्पेशल ट्रेनों को नियमित करने पर काम इंदौर से अलग-अलग शहरों के लिए चलने वाली स्पेशल ट्रेनों को नियमित करने की मांग पर भी रेलवे काम कर रहा है। चेयरमैन ने कहा कि इंदौर से संचालित होने वाली कुछ स्पेशल ट्रेनों को नियमित करने की दिशा में प्रक्रिया जारी है।

    इससे इंदौर के यात्रियों को नियमित रेल कनेक्टिविटी मिलने के साथ सिंहस्थ के दौरान भी यातायात का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।

    इंदौर स्टेशन के रीडेवलपमेंट में तेजी के निर्देश रेलवे बोर्ड चेयरमैन ने इंदौर स्टेशन के रीडेवलपमेंट की प्रगति का भी जायजा लिया। उन्होंने कहा कि जून 2025 में भी उन्होंने स्टेशन का रिव्यू किया था। उस समय की स्थिति और वर्तमान स्थिति में काफी बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि स्टेशन के विकास और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आगे और क्या व्यवस्थाएं की जा सकती हैं, इस पर गंभीरता से चर्चा की जाएगी।

    उन्होंने अधिकारियों को बताया कि स्टेशन के विकास की पूरी रूपरेखा जनरल मैनेजर और उनकी टीम के साथ साझा की गई है। इसे रेलवे बोर्ड के स्तर पर भी प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि यात्री सुविधाओं को बेहतर करने और विकास कार्यों को गति देने के लिए आवश्यक निर्णय लिए जा सकें।

    शास्त्री ब्रिज का निरीक्षण, नए रेलवे ओवरब्रिज पर भी चर्चा सतीश कुमार ने इंदौर के शास्त्री ब्रिज का भी निरीक्षण किया। ब्रिज के कारण यातायात और भविष्य में बढ़ने वाले दबाव को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हुई।

    उन्होंने कहा कि जिस मार्ग को चौड़ा करने का काम किया जा रहा है, उसके दौरान वैकल्पिक यातायात व्यवस्था बेहद जरूरी होगी। नए एलाइनमेंट को लेकर दिए गए सुझावों पर भी रेलवे गंभीरता से विचार कर रहा है। नए शास्त्री रेलवे ओवरब्रिज के शुरुआती दौर का काम जल्द शुरू करने की दिशा में काम किया जाएगा।

    सुरक्षा के लिए AI वाले कैमरे, चेहरा भी स्कैन कर सकेंगे रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक वाले कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा। इन कैमरों के जरिए स्टेशन परिसर में होने वाली गतिविधियों पर निगरानी रखी जाएगी। नई तकनीक से लैस कैमरों में चेहरे की पहचान और स्कैनिंग जैसी सुविधाएं भी शामिल होंगी। इससे संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने और सुरक्षा एजेंसियों को समय पर अलर्ट करने में मदद मिल सकती है।

    चूहों की समस्या पर पेस्ट कंट्रोल बढ़ेगा
    रेलवे परिसरों और ट्रेनों में चूहों की समस्या को लेकर भी चेयरमैन ने अधिकारियों से जानकारी ली। वर्तमान में सामने आ रही समस्याओं को देखते हुए पेस्ट कंट्रोल व्यवस्था पर ज्यादा ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।

    इंदौर-मनमाड़ और इंदौर-खंडवा रेल प्रोजेक्ट भी अहम चेयरमैन ने इंदौर से जुड़े महत्वपूर्ण रेल प्रोजेक्ट्स की भी समीक्षा की। इंदौर-मनमाड़ और इंदौर-खंडवा रेल सेक्शन के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।

    इसके अलावा इंदौर-उज्जैन सेक्शन की क्षमता और यात्री सुविधाओं से जुड़े कामों को भी प्राथमिकता देने की बात कही गई। सिंहस्थ के दौरान इंदौर से उज्जैन जाने वाले यात्रियों की संख्या काफी बढ़ने की संभावना है। ऐसे में इस रेल मार्ग की क्षमता और संचालन व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी।

  • स्वच्छता के बाद स्वच्छ हवा में भी इंदौर का जलवा, एयर क्वालिटी सर्वे में दूसरे पायदान पर शहर

    स्वच्छता के बाद स्वच्छ हवा में भी इंदौर का जलवा, एयर क्वालिटी सर्वे में दूसरे पायदान पर शहर

    इंदौर 
    स्वच्छता के सिरमौर इंदौर ने अब अपनी आबोहवा को शुद्ध रखने में भी एक नया मुकाम हासिल किया है। 'स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026' में इंदौर ने देश के शीर्ष तीन शहरों में अपनी जगह पक्की कर ली है। सूत्रों की मानें तो इस प्रतिष्ठित सर्वेक्षण में शहर ने दूसरा पायदान हासिल किया है। हालांकि, रैंकिंग की आधिकारिक और अंतिम घोषणा 7 सितंबर को नई दिल्ली में की जाएगी। इस खास उपलब्धि के लिए इंदौर को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाना है।

    दिल्ली में मिलेगा 'राष्ट्रीय स्वच्छ वायु सराहना पुरस्कार'
        सात सितंबर को नई दिल्ली स्थित इंदिरा पर्यावरण भवन के गंगा ऑडिटोरियम में 'स्वच्छ वायु दिवस' कार्यक्रम आयोजित होगा। इसी समारोह में केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव परिणामों की विधिवत घोषणा करेंगे।

        कार्यक्रम के दौरान इंदौर को 'राष्ट्रीय स्वच्छ वायु सराहना पुरस्कार' से नवाजा जाएगा। यह सम्मान ग्रहण करने के लिए शहर के महापौर और निगमायुक्त को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों तक भी इस पुरस्कार की सूचना पहुंच चुकी है।

    इन प्रयासों से सुधरी शहर की आबोहवा
    वायु गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम ने जमीनी स्तर पर कई अहम कदम उठाए, जिनका सीधा और सकारात्मक असर इस सर्वेक्षण में नजर आया। निगम के प्रमुख प्रयास इस प्रकार रहे:

        सड़कों की मशीनीकृत सफाई: हवा में धूल के कणों को उड़ने से रोकने के लिए मैकेनाइज्ड स्वीपिंग मशीनों का व्यापक स्तर पर इस्तेमाल किया गया।

        ग्रीन बेल्ट का विस्तार: पर्यावरण को शुद्ध रखने और हरियाली बढ़ाने के लिए शहरभर में नए ग्रीन बेल्ट विकसित किए गए।

        मलबे का उचित प्रबंधन: निर्माण कार्यों और तोड़फोड़ से निकलने वाले कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटान किया गया।

        रीसाइकिल और रीयूज: सीएंडडी कचरे (मलबे) के अधिकतम हिस्से को दोबारा उपयोग में लाने और उसे रीसाइकिल करने पर विशेष जोर दिया गया।

        ई-वाहनों पर फोकस: प्रदूषण का स्तर घटाने के लिए सार्वजनिक परिवहन बेड़े में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया गया।

    7 सितंबर को आधिकारिक तौर पर साफ होगी तस्वीर
    वर्तमान में नगर निगम के सूत्रों के हवाले से इंदौर के दूसरे स्थान पर रहने की सुगबुगाहट है। हालांकि, शहर की वास्तविक रैंकिंग और स्थिति की अंतिम तस्वीर 7 सितंबर को दिल्ली के मुख्य समारोह में ही स्पष्ट होगी, जब परिणामों की औपचारिक घोषणा की जाएगी।

  • मध्यप्रदेश में बारिश का कहर, 15 जिलों में अलर्ट; उज्जैन में पुराना महाकाल द्वार ढहा, शिवपुरी में युवक की मौत

    मध्यप्रदेश में बारिश का कहर, 15 जिलों में अलर्ट; उज्जैन में पुराना महाकाल द्वार ढहा, शिवपुरी में युवक की मौत

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश में मानसून अब बाढ़ और उफनती नदियों वाला दौर दिखा रहा है। पूर्वी हिस्से में लगातार बारिश के बाद अब पश्चिम और उत्तरी जिलों में भी मानसून सक्रिय है। नर्मदा समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। भोपाल के भदभदा और कलियासोत के साथ बरगी बांध के गेट भी खोले गए हैं। नदी-नालों के उफान और बांधों से छोड़े जा रहे पानी के कारण कई इलाकों में लोगों को सतर्क किया गया है।

    आज 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
    मौसम केंद्र ने रविवार को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह, पन्ना और सतना में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, इंदौर, धार, उज्जैन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, श्योपुर, जबलपुर, मंडला, रीवा, सीधी, सिंगरौली समेत कई जिलों में हल्की से तेज बारिश हो सकती है।

    भोपाल में डैम से पानी छोड़ा
    भोपाल में भदभदा के बाद कलियासोत बांध के गेट भी खोले गए। शनिवार शाम चार गेट खोले गए थे। पानी का दबाव कम होने पर इन्हें धीरे-धीरे बंद किया गया। रात में एक गेट खुला रहा। प्रशासन ने कलियासोत नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

    उज्जैन में बारिश की वजह से महाकाल मंदिर से रामघाट जाने वाले रोड का ऐतिहासिक महाकाल द्वार शनिवार देर रात गिर गया। किसी जनहानि की सूचना नहीं है। एक्जीक्यूटिव इंजीनियर कमल सक्सेना ने कहा- महाकाल द्वार के पास निर्माण कार्य के दौरान गहरी खुदाई चल रही है। बारिश के कारण मिट्टी में नमी बढ़ने और जमीन के सेटलमेंट की वजह से द्वार की संरचना प्रभावित होने की आशंका है। वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

    रविवार सुबह शिवपुरी जिले के सिकराऊदा गांव में 21 वर्षीय राम रावत का शव गहलोनी के पास नदी किनारे मिला। वह शुक्रवार को रपटा पार करते समय तेज बहाव में बह गया था। शनिवार को SDERF ने दिनभर सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन युवक का पता नहीं चल सका था। रविवार को नदी का जलस्तर कम होने के बाद ग्रामीणों ने शव देखा।

    कढ़ाही में बैठकर रस्सी के सहारे पार कर रहे नाला
    मुरैना के कैलारस में खेरली-पचोखरा रोड पर गुराह नाले का पुल बारिश के बाद पानी में डूब गया है। जरूरी काम से निकले लोग बड़ी कढ़ाही जैसे बर्तन में बैठकर रस्सी के सहारे नाले के एक छोर से दूसरे छोर तक पहुंच रहे हैं। पानी का बहाव तेज होने के कारण जरा सी चूक हादसे का कारण बन सकती है।

    9 सितंबर तक बारिश का दौर
    मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक 6 सितंबर को भी मौसम तंत्र सक्रिय रहेगा। इसके बाद 7, 8 और 9 सितंबर को भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में तेज बारिश जारी रह सकती है। यानी सितंबर की शुरुआत में मिली बारिश प्रदेश में अब तक की कमी को और कम कर सकती है। 

    23 जिलों में औसत से ज्यादा बारिश
    लगातार बारिश से प्रदेश के बारिश के आंकड़े में तेजी से सुधार हुआ है। अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। इसके विपरीत कई जिलों में अभी भी बारिश की कमी बनी हुई है। पश्चिमी मध्यप्रदेश के कुछ जिलों में सामान्य से 2 से 53 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।

    जून की कमी सितंबर में हो रही कम
    प्रदेश में बारिश का मौसम इस बार उतार-चढ़ाव वाला रहा। जून में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई और अगस्त में अच्छी बारिश के बावजूद जून की कमी पूरी तरह नहीं भर सकी। सितंबर के पहले सप्ताह में सक्रिय सिस्टम ने बारिश का आंकड़ा तेजी से ऊपर किया है।प्रदेश में सामान्य बारिश करीब 37.3 इंच मानी जाती है। अब तक 30 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है और मौजूदा सिस्टम सक्रिय रहने से आने वाले दिनों में आंकड़े में और सुधार की उम्मीद है। 

  • नर्मदा के बढ़ते जलस्तर से रेलवे अलर्ट, जबलपुर मंडल में 109 कर्मचारी तैनात; ट्रेनों की सुरक्षा पर खास नजर

    नर्मदा के बढ़ते जलस्तर से रेलवे अलर्ट, जबलपुर मंडल में 109 कर्मचारी तैनात; ट्रेनों की सुरक्षा पर खास नजर

    जबलपुर
     अंचल में निरंतर बारिश के दौरान यात्रियों की सुरक्षित यात्रा और ट्रेनों के सुचारू संचालन के लिए जबलपुर मंडल ने व्यापक सुरक्षा तैयारियां की हैं। भारी बारिश, जलभराव, बाढ़ और मिट्टी के कटाव जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए संवेदनशील रेल संपत्तियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

    संवेदनशील स्थानों पर 109 रेल कर्मचारियों की तैनाती
        मंडल के महत्वपूर्ण पुलों, कटिंग और अन्य संवेदनशील स्थानों पर 109 रेल कर्मचारियों की तैनाती की गई है। मानसून पेट्रोलमैन और स्टेशनरी वाचमैन भारी बारिश के दौरान तथा उसके बाद ट्रैक की लगातार निगरानी कर रहे हैं। ट्रैक धंसने, गिट्टी बहने, जलभराव और तटबंध के कटाव जैसी स्थिति की तत्काल सूचना अधिकारियों और कंट्रोल कार्यालय को दी जा रही है।

    पेट्रोलिंग की निगरानी जीपीएस डिवाइस से की जा रही है। महत्वपूर्ण पुलों पर वाटर लेवल मानिटरिंग सिस्टम से जलस्तर की रियल टाइम निगरानी हो रही है। चुनिंदा स्टेशनों पर हवा की गति मापने के लिए एनीमोमीटर लगाए गए हैं। पुलों, पुलियाओं, तटबंधों और कटिंग स्थलों का निरीक्षण कर आवश्यक सुदृढ़ीकरण किया गया है।
    आपात स्थिति से निपटने के लिए गिट्टी, पत्थर, रेत की बोरियां, स्लीपर, रेल और जरूरी उपकरण भी रणनीतिक स्थानों पर उपलब्ध रखे गए हैं। मौसम विभाग, बरगी बांध प्राधिकरण, जिला प्रशासन तथा रेलवे के विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया गया है। अधिकारियों और रखरखाव टीमों द्वारा चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है।

    10 फीट तक बढ़ा नर्मदा का जलस्तर
        बरगी बांध के 13 जलद्वारों से शनिवार को तीसरे दिन भी 4032 क्यूमेक पानी की निकासी होती रही। लगातार बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने से नर्मदा उफान पर है। ऐसे में ग्वारीघाट में उमाघाट, दरोगाघाट, सिद्धघाट, नाव घाट जलमग्न हो गए हैं। घाट किनारे बनी होटलें भी पूरी तरह से डूब चुकी हैं। नागमंदिर तक पानी पहुंच जाने से घाट पर लगने वाली प्रसाद की दुकानें ऊपर चौक पर लग रही हैं।

        नर्मदा का जलस्तर करीब 10 फीट तक बढ़ चुका है। मानसून सीजन में ये दूसरी बार है जब नर्मदा का विकराल रूप नजर आया है। इसके पूर्व 19 अगस्त 2026 को बरगी के द्वार खोले जाने से नर्मदा का जलस्तर बढ़ा था। वहीं नर्मदा का रौद्र रूप तिलवाराघाट, लम्हेटाघाट और भेड़ाघाट में भी देखने मिल रहा है। नर्मदा का जलस्तर बढ़ने और पानी तेज बहाव का नजारा देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग ग्वारीघाट, भेड़ाघाट पहुंच रहे हैं। प्रशासन द्वारा सुरक्षा के लिए होमगार्डों की तैनाती की गई है।

    भारी बारिश के आसार कम रिमझिम जारी रहेगी
        माह के शुरुआती दिनों में बरसने वाले बादल अब आ
    गे बढ़ गए हैं। इसी के साथ मध्यम से भारी बारिश का दौर भी समाप्त हो गया है। अगले चार दिनों तक भारी बारिश के आसार कम ही हैं। हालांकि वर्तमान में सक्रिय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से जबलपुर सहित संभाग के जिलों में रिमझिम बारिश का दौर जारी रहेगा।

        कहीं-कहीं तेज हवा के साथ बौछारें भी पड़ सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश और दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र शनिवार को कमजोर होकर सामान्य निम्न दबाव के क्षेत्र में बदल गया है। यह सिस्टम अगले 24 घंटों के दौरान इसी क्षेत्र में लगभग स्थिर बना रहेगा।

     

  • घटना को लेकर CM डॉ. यादव का बड़ा बयान, जांच के बाद दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

    घटना को लेकर CM डॉ. यादव का बड़ा बयान, जांच के बाद दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

    घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, जांच कराकर दोषियों पर होगी सख्त कार्यवाही : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सागर जिले के बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में शराब के सेवन से मृत्यु होने का समाचार अत्यंत दुःखद एवं दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सागर जिले के प्रभारी मंत्री एवं अधिकारियों को घटना की तत्काल जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जांच के पश्चात इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को विदेश दौरे पर रवाना होने से पहले नई दिल्ली स्थित मध्यप्रदेश भवन में मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में यह बात कही।

     

  • सागर में जहरीली शराब बनी मौत का कारण, 12 लोगों ने गंवाई जान; कई की हालत नाजुक

    सागर में जहरीली शराब बनी मौत का कारण, 12 लोगों ने गंवाई जान; कई की हालत नाजुक

    सागर
    मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा में शनिवार रात जहरीली शराब पीने से 12 लोगों की मौत हो गई। वहीं कई लोगों की हालत गंभीर होने पर उन्हें सागर स्थित बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) रेफर किया गया है।

    जानकारी के अनुसार रात में करीब दर्जनभर लोगों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें बंडा के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान 12 लोगों की मौत हो गई। मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम बंडा अस्पताल में कराया जा रहा है। गंभीर हालत वाले पांच मरीजों को उपचार के लिए बीएमसी सागर भेजा गया है।

    घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर प्रतिभा पाल और पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया सहित प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी बंडा पहुंचे। अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर स्थिति की जानकारी ली और मामले की जांच शुरू कराई। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बंडा में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

    जिलाधिकारी ने दी जांच की सलाह
    जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से अपील की कि पिछले 24 से 48 घंटे के दौरान किसी भी प्रकार की शराब का सेवन करने वाले व्यक्ति को यदि किसी तरह के लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो वह तुरंत चिकित्सक से जांच कराए। उन्होंने कहा, ”प्रशासन ऐसे सभी मामलों पर नजर रख रहा है और जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

    बंडा के पूर्व विधायक की अपील
    बंडा के पूर्व विधायक तरवर लोधी ने दावा किया कि 9 लोगों की मौत जहरीली शराब पीने के कारण हुई है। उन्होंने कहा कि बंडा विकासखंड के बराज, घूघर, नौराज और आसपास के गांवों में रहने वाले कई लोगों ने शनिवार रात शराब का सेवन किया था, जिसके बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। उन्होंने बताया कि परिजन उन्हें इलाज के लिए बंडा के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने कई लोगों को मृत घोषित कर दिया। उन्होंने कहा कि चार-पांच लोग बंडा सिविल अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि चार-पांच लोगों को सागर भेजा गया है।

    तरवर लोधी ने लोगों से अपील की कि जिन लोगों ने पिछले दो-तीन दिनों में बंडा क्षेत्र की किसी दुकान या अवैध रूप से शराब बेचने वालों से शराब खरीदकर पी है और उन्हें स्वास्थ्य संबंधी थोड़ी भी परेशानी महसूस हो रही है, वे तुरंत अस्पताल पहुंचकर चिकित्सक से जांच कराएं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी प्रतिभा पाल और पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के नेतृत्व में प्रशासन और पुलिस का दल मौके पर मौजूद है। अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं।

    इनकी हुई मौत
    पुलिस के अनुसार मृतकों में गोलू उर्फ चमन लोधी (45), निवासी गूगरा खुर्द, दिग्विजय लोधी (28), निवासी नौराज, करतार सिंह लोधी (30), निवासी नौराज, उजियार सिंह लोधी (56), निवासी गूगरा खुर्द, रोशन लोधी (30), निवासी पाटन थाना विनायका और राजेंद्र लोधी (32), निवासी नौराज-गूगरा शामिल हैं। गोलू उर्फ चमन को पहले से कैंसर की शिकायत होने की जानकारी भी सामने आई है।

    पांच मरीज बीएमसी रेफर
    हरनाम राय (42), निवासी चौका, उत्तम नत्थू नायक (42), निवासी दलपतपुर, मंगल रजक (40), निवासी गूगरा खुर्द, परम आदिवासी, निवासी हिनौता और धनसिंह आदिवासी (30), निवासी हिनौता को गंभीर हालत में बीएमसी सागर रेफर किया गया है।

    प्रशासन और पुलिस द्वारा घटना के कारणों की जांच की जा रही है। जहरीली शराब की आशंका को लेकर भी जांच की जा रही है।

  • MP हाईकोर्ट को मिलेगा नया मुख्य न्यायाधीश, अल्पेश कोगजे की नियुक्ति को राष्ट्रपति की मंजूरी; अगले हफ्ते शपथ संभव

    MP हाईकोर्ट को मिलेगा नया मुख्य न्यायाधीश, अल्पेश कोगजे की नियुक्ति को राष्ट्रपति की मंजूरी; अगले हफ्ते शपथ संभव

    भोपाल
    भोपाल में राष्ट्रपति
    की मंजूरी के बाद केंद्र सरकार ने शनिवार रात गुजरात हाईकोर्ट के जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का 30वां मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की अधिसूचना जारी की। 

    कॉलेजियम की सिफारिश पर नियुक्ति
    जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे वर्तमान में गुजरात हाईकोर्ट के न्यायाधीश हैं। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 31 अगस्त 2026 को हुई बैठक में उन्हें मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की थी। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद केंद्र सरकार ने उनकी नियुक्ति की औपचारिक अधिसूचना जारी कर दी।

    केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए इन नियुक्तियों की घोषणा की।

  • रक्षाबंधन महोत्सव में बना नया उत्साह का माहौल, 31,117 बहनों ने मंत्री सारंग को बांधे रक्षासूत्र

    रक्षाबंधन महोत्सव में बना नया उत्साह का माहौल, 31,117 बहनों ने मंत्री सारंग को बांधे रक्षासूत्र

    विविधता में एकता ही भारतीय संस्कृति की विशेषता- मंत्री सारंग

    नरेला रक्षाबंधन महोत्सव 2026: चौथे दिन 31 हज़ार 117 बहनों ने मंत्री सारंग को बांधे रक्षासूत्र
    विभिन्न धर्मों और समाजों की बहनों ने बांधी राखी; सामाजिक समरसता का दिया संदेश

    भोपाल 

    सहकारिता, खेल और युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग को शनिवार को वार्ड क्रमांक 71 एवं 79 में आयोजित विश्व के सबसे बड़े नरेला रक्षाबंधन महोत्सव के चौथे दिन 31 हज़ार 117 बहनों ने राखी बांधकर अपना स्नेह और आशीर्वाद प्रदान किया। कार्यक्रम में हिंदू, सिख और मुस्लिम सहित अन्य धर्मों और समाजों की बहनों ने राखी बाँधकर सामाजिक समरसता का संदेश दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में GenZ बहनों ने भी महोत्सव में उत्साहपूर्वक भागीदारी की। मंत्री सारंग ने बहनों को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में स्नेह और रिश्तों की भावना किसी धर्म या समुदाय की सीमाओं में बंधी नहीं है। उन्होंने कहा कि बहनों ने एक-दूसरे के साथ मिलकर रक्षाबंधन का पर्व मनाते हुए यह संदेश दिया कि स्नेह और विश्वास का यह बंधन समाज को जोड़ने वाली सबसे मजबूत कड़ी है। उन्होंने कहा कि विविधता में एकता ही भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता रही है।

    विविधता में एकता भारतीय संस्कृति की विशेषता

    मंत्री सारंग ने कहा कि विविधता में एकता ही भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता रही है। नरेला रक्षाबंधन महोत्सव में विभिन्न धर्मों और समाजों की बहनों की एक साथ सहभागिता ने इसी महान भारतीय भावना को साकार किया। अलग-अलग आस्थाओं और सामाजिक पृष्ठभूमियों से आई बहनों ने एकजुट होकर रक्षासूत्र बांधा और सामाजिक समरसता का संदेश दिया।

    विभिन्न धर्मों और समाजों की बहनों ने की सहभागिता

    नरेला रक्षाबंधन महोत्सव-2026 के चौथे दिन विभिन्न धर्मों और समाजों की बहनों ने सहभागिता कर मंत्री सारंग को रक्षासूत्र बांधकर सामाजिक समरसता का संदेश दिया। नरेला रक्षाबंधन महोत्सव केवल भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का उत्सव नहीं बल्कि सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक एकता और आपसी विश्वास का महापर्व बन चुका है। विभिन्न धर्मों और समाजों की बहनों की सहभागिता ने इस आयोजन को और अधिक व्यापकता प्रदान कर रही है।

    बड़ी संख्या में GenZ बहनें हुई शामिल

    चौथ दिन वार्ड क्रमांक 71 एवं 79 में आयोजित नरेला रक्षाबंधन महोत्सव में बड़ी संख्या में GenZ बहनों की उत्साहपूर्वक भागीदारी ने महोत्सव की भव्यता को और बढ़ा दिया। GenZ बहनों ने पूरे उत्साह और आत्मीयता के साथ मंत्री सारंग को राखी बांधकर आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम में युवा पीढ़ी का भारतीय परंपराओं एवं सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ाव की झलक दिखाई दी।

    तीसरे दिन 29 हज़ार 179 बहनों ने बांधे रक्षासूत्र

    मंत्री सारंग को नरेला रक्षाबंधन महोत्सव-2026 के तीसरे दिन 29 हज़ार 179 बहनों ने रक्षासूत्र बांधकर आशीर्वाद प्रदान किया। पिछले वर्ष 1 लाख 84 हजार 632 बहनों ने मंत्री सारंग को रक्षासूत्र बांधा था। इस वर्ष भी बहनों के उत्साह और सहभागिता को देखते हुए पिछले वर्ष का रिकॉर्ड टूटने की संभावना है।

    6 सितंबर को यहां होंगे कार्यक्रम

    दिनांक 6 सितंबर को वार्ड क्रमांक 36 (प्रातः 11:00 बजे), वार्ड क्रमांक 70 (दोप. 01:00 बजे) एवं वार्ड क्रमांक 37 (शाम 04:00 बजे) में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यहां भी हजारों की संख्या में बहनें रक्षाबंधन कार्यक्रम में शामिल होंगी।

     

  • भवभूति अलंकरण से सम्मानित होंगे गिरधर राठी और राजेन्द्र दानी

    भवभूति अलंकरण से सम्मानित होंगे गिरधर राठी और राजेन्द्र दानी

    भोपाल
     नर्मदापुरम जिले के पिपरिया में जन्मे प्रख्यात कवि, संपादक,अनुवादक और मानवाधिकार कार्यकर्ता गिरधर राठी तथा जबलपुर निवासी वरिष्ठ कथाकार एवं संपादक राजेन्द्र दानी को वर्ष 2026 का मप्र हिन्दी साहित्य सम्मेलन का प्रतिष्ठित भवभूति अलंकरण प्रदान किया जाएगा। अलंकरण के लिए गठित निर्णायक मण्डल में वरिष्ठ साहित्यकार सत्यमोहन वर्मा, रामप्रकाश त्रिपाठी तथा प्रो इकबाल मसूद शामिल थे। 

    राठी साहित्य अकादमी की हिन्दी पत्रिका समकालीन भारतीय साहित्य (1992-2003) और प्रतिपक्ष के संपादक रह चुके हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय पत्रिका अल्टरनेटिव्स (1978-1991) के प्रबंध संपादक और चाइना रिपोर्ट और जनयुग के संपादकीय सहायक का दायित्व भी निभाया है। उनके तीन काव्य संग्रह, एक यात्रा वृत्तांत और आलोचना की दो पुस्तकें  प्रकाशित हैं।उन्होंने डेनियल वेइसबोर्ट के साथ 'सर्वाइवल : एन एक्सपीरियंस एंड एन एक्सपेरिमेंट इन ट्रांसलेटिंग मॉडर्न हिन्दी पोएट्री' का सह-संपादन किया है। अनेक भारतीय तथा विदेशी कवियों की रचनाओं का अनुवाद भी राठी ने किया है। वे एमनेस्टी इंटरनेशनल की भारत शाखा के सचिव भी रहे हैं। गिरधर राठी, ओमप्रकाश साहित्य सम्मान तथा कृष्णा सोबती की जीवनी पर आधारित पुस्तक 'दूसरा जीवन' के लिए रज़ा फैलोशिप से सम्मानित हैं। 

    दूसरी ओर राजनांदगांव में जन्मे और लगभग चालीस वर्षों से कथा-लेखन में अनवरत सक्रिय शीर्षस्थ कथाकार राजेन्द्र दानी वर्गीय चेतना और प्रगतिशील-जनवादी मूल्यों के साथ गहरी प्रतिबद्धता के लिये जाने जाते हैं। वे लंबे समय तक हिन्दी कथा साहित्य की महत्वपूर्ण पत्रिका 'पहल' के सम्पादन से जुड़े रहे। उनके 17 कहानी संग्रह, दो उपन्यास और कथेतर गद्य की एक पुस्तक प्रकाशित है। विगत 4 वर्षों से वे साहित्यिक पत्रिका अन्विति का सम्पादन और प्रकाशन कर रहे हैं। उन्हें मप्र शासन के अखिल भारतीय मुक्तिबोध सम्मान सहित अनेक सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।