Category: मध्य प्रदेश

  • सरकारी स्कूलों में पुस्तक परिवहन का मामला गरमाया, तीन दिन के अल्टीमेटम के बावजूद अब तक कार्रवाई लंबित

    सरकारी स्कूलों में पुस्तक परिवहन का मामला गरमाया, तीन दिन के अल्टीमेटम के बावजूद अब तक कार्रवाई लंबित

    शाासकीय विद्यालयों में पुस्तक परिवहन में भारी गड़बड़ी?, एक माह पहले तीन दिन का अल्टीमेटम देते हुए डीपीसी से ने मांगा स्पष्टीकरण, आज तक नहीं हुई कार्रवाई

    कटनी
     शासकीय स्कूलों में अध्यनरत बच्चों को निशुल्क पुस्तक उपलब्ध कराने के लिए शासन के द्वारा पर्याप्त व्यवस्था की गई है, जिसके तहत ठेका देकर मुख्यालय से निशुल्क पाठ्य पुस्तक स्कूलों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी एक समूह को जिला शिक्षा केंद्र के द्वारा प्रदान की गई है। लगभग एक माह पूर्व राष्ट्र रक्षक न्यूज़ चैनल ने खबर के माध्यम से पुस्तक वितरण घोटाला उजागर करते हुए कई गंभीर सवाल खड़े किए थे। जिसको लेकर कलेक्टर की फटकार के बाद जिला शिक्षा केंद्र कटनी के जिला परियोजना समन्वयक के द्वारा जिले के पुस्तक वितरण ठेका समूह से तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण देने का पत्र 3 अगस्त 2026 को जारी किया गया। पत्र जारी हुए एक माह से भी अधिक का समय बीत गया लेकिन आज भी इस गंभीर मामले में किसी की जिम्मेदारी तय नहीं की जा सकी। पुस्तक वितरण में उजागर गड़बड़ी एवं लगातार हो रही शिकायतों ने एक बार फिर से जिला शिक्षा केंद्र की कार्यशैली को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है।
    फिर हुई शिकायत
    पुस्तक वितरण में हो रही गड़बड़ी को लेकर एक बार फिर से जिला पंचायत सदस्य मोहिनी देवी पांडे ने कटनी कलेक्टर एवं जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी को लिखित शिकायत देते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई एवं वसूली की बात कही है। उन्होंने पत्र के जरिए कहा की पुस्तक परिवहन को लेकर जिला शिक्षा केन्द्र कटनी में कार्यरत जिला परियोजना समन्वयक एवं उनके सहयोगियों ने अपने पद का दुरूपयोग करते हुये वर्ष 2024 से निरंतर चालू वर्ष तक एक ही व्यक्ति को अलग-अलग नाम से परिवहन हेतु निविदा जारी की है। ठेकेदार द्वारा पुस्तकों का परिवहन न कर दबाव बनाकर शिक्षकों से पुस्तकों का परिवहन कराया गया। शिक्षक स्वयं के व्यय से पुस्तकें विद्यालय को उपलब्ध करा रहें है। जिसके चलते शासन की लगभग 75 लाख राशि का मिलीभगत करते हुए दुरूपयोग किया किया गया है।
    जांच पर खड़े किए सवाल
    शिकायतों एवं खबरों को संज्ञान में लेकर कलेक्टर के निर्देश पर जांच के आदेश जारी हुए इस जांच पर सवाल खड़े करते हुए जिला पंचायत सदस्य श्रीमती पांडे ने कहा की जिला परियोजना समन्वयक द्वारा जिला शिक्षा केन्द्र में पदस्थ ए.पी.सी. प्रीति सिंह एवं एक अन्य को जांच हेतु नियुक्त किया गया है जिनकी कार्यशैली विश्वसनीय एवं परदर्शी नहीं है। उन्होंने उक्त जांच जिला शिक्षा केन्द्र से हटकर किसी अन्य विभाग के अधिकारी द्वारा कराकर दोषियों के खिलाफ शासकीय राशि के दुरूपयोग किये जाने पर अनुशासनात्मक कार्यवाही के साथ अपराधिक मामला पंजीबद्ध कराए जाने एवं ठेकेदार को ब्लेकलिस्टेिड कर किये गये भुगतान की वसूली कराए जाने की मांग की है।
    इनका कहना है
    इस संबंध में जानकारी देते हुए डीपीसी प्रेम नारायण तिवारी ने कहा कि जांच दल गठित है। जिसका प्रतिवेदन अभी प्राप्त नहीं हुआ है। प्रस्तुत पत्र पर वरिष्ठ कार्यालय के निर्देशानुसार कार्यवाही की जाएगी। अभी संबंधित एजेंसी को किसी भी प्रकार का भुगतान नहीं किया गया है।

  • वार्ड क्रमांक 15 में सड़क नहीं, कीचड़ से गुजरने को मजबूर वार्डवासी

    वार्ड क्रमांक 15 में सड़क नहीं, कीचड़ से गुजरने को मजबूर वार्डवासी

    वार्ड क्रमांक 15 में सड़क नहीं, कीचड़ से गुजरने को मजबूर वार्डवासी

    कई बार पंचायत में शिकायत और सीएम हेल्पलाइन के बावजूद नहीं हुआ समाधान

    बिलासपुर
     उमरिया जिले
    के बिलासपुर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत बिलासपुर के वार्ड क्रमांक 15 में सड़क नहीं होने के कारण वार्डवासियों को बरसात के दिनों में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कच्चे रास्ते पर बारिश का पानी और कीचड़ जमा होने से लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कत हो रही है।

    वार्डवासियों का कहना है कि सड़क निर्माण को लेकर कई बार ग्राम पंचायत में शिकायत की गई, लेकिन हर बार जल्द सड़क बनवाने का आश्वासन दिया जाता है। समस्या के समाधान के लिए सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत की गई, इसके बावजूद अब तक सड़क निर्माण नहीं हो सका है।

    वार्डवासियों ने बताया कि बरसात के मौसम में स्थिति और भी खराब हो जाती है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और ग्रामीणों को कीचड़ भरे रास्ते से होकर आवागमन करना पड़ता है। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत एवं संबंधित अधिकारियों से वार्ड क्रमांक 15 में जल्द सड़क निर्माण करवाने की मांग की है।

     

  • दुबई दौरे के दूसरे दिन निवेश पर फोकस, मुख्यमंत्री डॉ. यादव वैश्विक संवाद कार्यक्रमों में होंगे शामिल

    दुबई दौरे के दूसरे दिन निवेश पर फोकस, मुख्यमंत्री डॉ. यादव वैश्विक संवाद कार्यक्रमों में होंगे शामिल

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव दुबई प्रवास के दूसरे दिन सोमवार को निवेश और वैश्विक संवाद कार्यक्रमों में करेंगे सहभागिता

    एआईएम कांग्रेस 2026 में मध्यप्रदेश की निवेश संभावनाओं की प्रस्तुति, वैश्विक नेताओं और यूएई के वरिष्ठ नेतृत्व से होगा संवाद

    मध्यप्रदेश पवेलियन का उद्घाटन और ‘इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश’ निवेश सत्र रहेगा प्रमुख आकर्षण
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव एआईएम सत्र को करेंगे संबोधित

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के चार दिवसीय दुबई प्रवास का दूसरा दिन मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र पर और मजबूती से स्थापित करने के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेगा। सोमवार, 7 सितंबर को मुख्यमंत्री डॉ. यादव एआईएम कांग्रेस 2026 में भाग लेंगे और विभिन्न देशों के राजनीतिक एवं शासन-स्तरीय प्रतिनिधियों, निवेशकों तथा यूएई के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ संवाद करेंगे। दिनभर के कार्यक्रमों में मध्यप्रदेश की निवेश क्षमता, औद्योगिक संभावनाओं और वैश्विक साझेदारी के अवसरों को प्रमुखता से सामने रखा जाएगा।

    दूसरे दिन मुख्यमंत्री एआईएम कांग्रेस 2026 के उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे और मध्यप्रदेश पवेलियन का उद्घाटन करेंगे। एआईएम कांग्रेस के मंच पर मध्यप्रदेश की औद्योगिक शक्ति, निवेश अवसरों और प्रदेश में उपलब्ध अनुकूल कारोबारी वातावरण को वैश्विक निवेश समुदाय के समक्ष प्रदर्शित किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव संयुक्त अरब अमीरात के संघीय सर्वोच्च परिषद के सदस्य एवं रास अल खैमाह के शासक महामहिम शेख सऊद बिन सक्र अल कासिमी से शिष्टाचार भेंट भी करेंगे। यह मुलाकात मध्यप्रदेश और यूएई के बीच निवेश एवं आर्थिक सहयोग की संभावनाओं को आगे बढ़ाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण होगी।

    एआईएम कांग्रेस के लीडर्स सेशन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव राष्ट्राध्यक्षों एवं शासनाध्यक्षों की उपस्थिति में संबोधित करेंगे। वैश्विक नेतृत्व के इस महत्वपूर्ण मंच पर मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश की विकास यात्रा, निवेश की संभावनाओं और राज्य में उद्योगों के लिए तैयार किए जा रहे अनुकूल इकोसिस्टम को अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के समक्ष रखेंगे। इसी मंच पर इन्वेस्ट मध्यप्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 के लिए वैश्विक निवेशकों को आमंत्रण भी दिया जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की तातारस्तान गणराज्य, रूस के गवर्नर के साथ बैठक करेंगे। यह बैठक मध्यप्रदेश और रूस के बीच औद्योगिक एवं निवेश सहयोग की संभावनाओं पर संवाद का महत्वपूर्ण अवसर होगी।

    दिवस का एक प्रमुख कार्यक्रम ‘इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश, इंडिया’ निवेश सत्र होगा। इस सत्र में मुख्यमंत्री डॉ. यादव वैश्विक निवेशकों और कारोबारी प्रतिनिधियों के समक्ष मध्यप्रदेश की निवेश क्षमता, प्रमुख सेक्टरों, औद्योगिक अधोसंरचना और निवेश के लिए उपलब्ध अवसरों की जानकारी देंगे। मुख्यमंत्री का संबोधन प्रदेश को एक विश्वसनीय और उभरते निवेश गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करने पर केंद्रित रहेगा। इसके बाद यूएई के विदेश व्यापार राज्य मंत्री महामहिम डॉ. थानी बिन अहमद अल जेयूदी की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव संबोधित करेंगे। यह संवाद भारत-मध्यप्रदेश और यूएई के बीच व्यापार एवं निवेश संबंधों को और व्यापक बनाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहेगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यूएई के अर्थव्यवस्था एवं पर्यटन मंत्री महामहिम अब्दुल्ला बिन तौक अल मरी के साथ बैठक भी होगी। बैठक में निवेश, व्यापार, पर्यटन और आर्थिक सहयोग से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श होगा। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव की विदेश व्यापार राज्य मंत्री एवं एआईएम कांग्रेस के अध्यक्ष महामहिम डॉ. थानी बिन अहमद अल जेयूदी के साथ बैठक होगी।

    दुबई प्रवास के दूसरे दिन मुख्यमंत्री की लूलू ग्रुप इंटरनेशनल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक यूसुफ अली एम.ए. के साथ बैठक भी महत्वपूर्ण होगी। लूलू ग्रुप के साथ संवाद के माध्यम से मध्यप्रदेश में निवेश एवं व्यापार विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी।

    दिवस के समापन पर दुबई के महावाणिज्य दूत द्वारा आयोजित रात्रिभोज में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सहभागिता रहेगी।

     

  • दुबई से मध्यप्रदेश के निवेश मिशन को नई रफ्तार, CM डॉ. यादव बोले- निवेशकों के साथ मजबूत होगी विकास साझेदारी

    दुबई से मध्यप्रदेश के निवेश मिशन को नई रफ्तार, CM डॉ. यादव बोले- निवेशकों के साथ मजबूत होगी विकास साझेदारी

    दुबई में मध्यप्रदेश के वैश्विक निवेश मिशन की प्रभावशाली शुरुआत

    मध्यप्रदेश सरकार का उद्देश्य निवेशकों के लिए दीर्घकालिक विकास साझेदारी का एक विश्वसनीय मंच तैयार करना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
    पहले दिन प्रवासी भारतीय समुदाय, राजनयिक नेतृत्व और वैश्विक निवेश नेटवर्क से हुआ सशक्त संवाद
    दुबई में मध्यप्रदेश की शिल्प कला से जुड़ रहा वैश्विक समुदाय

    भोपाल

    मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में अपने चार दिवसीय वैश्विक निवेश एवं व्यापारिक दौरे के प्रथम दिवस की शुरुआत विभिन्न उच्चस्तरीय गतिविधियों और महत्वपूर्ण संवादों के साथ की। इस दौरे का उद्देश्य मध्यप्रदेश को प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई), वैश्विक औद्योगिक साझेदारियों तथा दीर्घकालिक आर्थिक सहयोग के लिए एक अग्रणी निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करना है। प्रतिनिधिमंडल 7 से 9 सितम्बर 2026 तक आयोजित एआईएम कांग्रेस 2026 में भाग लेकर राज्य की औद्योगिक क्षमताओं, निवेश अवसरों और विकास दृष्टि को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करेगा।

    दुबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचने पर प्रतिनिधिमंडल का स्वागत भारतीय मिशन के अधिकारियों द्वारा किया गया। इसके पश्चात होटल फॉर्च्यून एट्रियम में संयुक्त अरब अमीरात में रह रहे प्रवासी भारतीय समुदाय ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय स्वागत किया। कार्यक्रम में जितेंद्र वैद्य के नेतृत्व में लगभग 50 प्रवासी भारतीयों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रवासी भारतीय समुदाय को राज्य के विकास और वैश्विक ब्रांडिंग में महत्वपूर्ण साझेदार बताया।

    ओडीओपी एवं जीआई उत्पाद प्रदर्शनी का किया उद्घाटन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ताज दुबई, बिजनेस बे में आयोजित मध्यप्रदेश के ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट) एवं भौगोलिक संकेतक (जीआई) उत्पादों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का उद्घाटन कर मध्यप्रदेश की समृद्ध हस्तशिल्प, हथकरघा और पारंपरिक कला विरासत को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित किया।

    प्रदर्शनी में राज्य के छह विशिष्ट विरासत उत्पादों को प्रदर्शित किया गया, जिनमें बैतूल का बेल मेटल क्राफ्ट, अशोकनगर की चंदेरी साड़ी, खरगोन के महेश्वर की महेश्वरी साड़ी, उज्जैन का बाटिक प्रिंट, भोपाल की जरी-जरदोजी तथा ग्वालियर कारपेट शामिल हैं। ये उत्पाद मध्यप्रदेश के पारंपरिक कौशल, सांस्कृतिक विविधता और निर्यात क्षमता का प्रतिनिधित्व करते हैं। राज्य सरकार का उद्देश्य इन उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाना, अंतर्राष्ट्रीय खरीददारों से जोड़ना तथा कारीगरों के लिए नए आर्थिक अवसर सृजित करना है।

    भारतीय राजनयिक नेतृत्व के साथ रणनीतिक विचार-विमर्श

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संयुक्त अरब अमीरात में भारत के राजदूत डॉ. दीपक मित्तल तथा दुबई एवं नॉर्थ अमीरात के भारत के महावाणिज्य दूत डॉ. ई. विष्णु वर्धन रेड्डी के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया। बैठक में यूएई में कार्यरत भारतीय मिशन की भूमिका, निवेश आकर्षण की संभावनाएं तथा मध्यप्रदेश और यूएई के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा हुई।

    बैठक के दौरान राज्य में उपलब्ध औद्योगिक भूमि, विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी, निवेशक-अनुकूल नीतियों, लॉजिस्टिक्स सुविधाओं तथा औद्योगिक अवसंरचना को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया। साथ ही यूएई के संप्रभु निवेश कोषों, प्रमुख कॉर्पोरेट समूहों, व्यापारिक संगठनों और संस्थागत निवेशकों के साथ संपर्क स्थापित करने के लिये भारतीय मिशन के सहयोग का आग्रह किया गया। मुख्यमंत्री ने राजदूत और महावाणिज्य दूत को आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 में सक्रिय भागीदारी के लिए भी आमंत्रित किया।

    अरब संसद के अध्यक्ष के साथ उच्चस्तरीय संवाद

    प्रथम दिवस की एक अन्य महत्वपूर्ण गतिविधि अरब संसद के अध्यक्ष महामहिम मोहम्मद अहमद अल यामाही के सम्मान में आयोजित विशेष दोपहर भोज रहा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अरब देशों और मध्यप्रदेश के बीच व्यापार, निवेश, कृषि, पर्यटन और शिक्षा के क्षेत्रों में व्यापक सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने अरब निवेशकों को मध्यप्रदेश के नवकरणीय ऊर्जा, औषधि निर्माण, चिकित्सा उपकरण, वस्त्र, लॉजिस्टिक्स, उन्नत विनिर्माण और शहरी अवसंरचना क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों से अवगत कराया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महामहिम मोहम्मद अहमद अल यामाही तथा उनके नेतृत्व वाले अरब व्यावसायिक प्रतिनिधिमंडल को मध्यप्रदेश का दौरा करने और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 में सहभागी बनने का आमंत्रण दिया। बैठक के दौरान खाद्य प्रसंस्करण, कृषि मूल्य श्रृंखला, कोल्ड चेन अवसंरचना, कृषि लॉजिस्टिक्स तथा दीर्घकालिक निर्यात सहयोग की संभावनाओं पर विशेष रूप से चर्चा की गई।

    मुख्यमंत्री ने जीआईएस-2027 के लिए मध्य पूर्व और अफ्रीका क्षेत्र के अनेक देशों के संसदीय नेताओं एवं संसद अध्यक्षों को महामहिम यामाही द्वारा विशेष आमंत्रण प्रेषित किए। आमंत्रित गणमान्य व्यक्तियों में अल्जीरिया, बहरीन, कोमोरोस, जिबूती, मिस्र, इराक, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, लीबिया, मॉरिटानिया, मोरक्को, ओमान, फिलिस्तीन, कतर, सऊदी अरब, सोमालिया, सूडान, सीरिया, ट्यूनीशिया, संयुक्त अरब अमीरात तथा यमन के संसदीय प्रमुख शामिल हैं। इन आमंत्रणों के माध्यम से मध्यप्रदेश और पश्चिम एवं अफ्रीकी देशों के बीच निवेश, व्यापार, उद्योग, अवसंरचना विकास, नवाचार तथा आर्थिक सहयोग को नई गति देने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन देशों के संसदीय नेतृत्व को मध्यप्रदेश की निवेशक-अनुकूल नीतियों, आधुनिक औद्योगिक अवसंरचना और जीआईएस-2027 के माध्यम से उपलब्ध वैश्विक साझेदारी के अवसरों से अवगत कराते हुए सम्मेलन में सक्रिय सहभागिता का आग्रह किया।

    वैश्विक मीडिया के समक्ष प्रस्तुत हुई मध्यप्रदेश की विकास दृष्टि

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया संवाद में मध्यप्रदेश की औद्योगिक, अवसंरचनात्मक, पर्यटन तथा लॉजिस्टिक्स क्षमताओं को वैश्विक मीडिया के समक्ष प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि निवेशकों के लिए दीर्घकालिक विकास साझेदारी का एक विश्वसनीय मंच तैयार करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश की सिंगल विंडो प्रणाली, त्वरित स्वीकृति तंत्र, प्रगतिशील औद्योगिक नीतियों तथा राज्य की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति को निवेशकों के लिए विशेष आकर्षण बताया।

    एआईएम कांग्रेस 2026 के ‘टाइकून्स रात्रि भोज’ कार्यक्रम में सहभागिता

    दुबई दौरे के प्रथम दिवस का समापन एआईएम कांग्रेस 2026 के विशेष आमंत्रण-आधारित उच्चस्तरीय नेटवर्किंग कार्यक्रम ‘टाइकून्स रात्रि भोज’ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सहभागिता के साथ हुआ। यह कार्यक्रम एआईएम कांग्रेस के अध्यक्ष महामहिम डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़ेयूदी की मेजबानी में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सॉवरेन वेल्थ फंड्स, फैमिली ऑफिस, संस्थागत निवेशकों, वैश्विक कॉर्पोरेट नेतृत्वकर्ताओं, वित्तीय संस्थानों के प्रमुखों तथा नीति-निर्माताओं ने भाग लेकर वैश्विक निवेश एवं आर्थिक सहयोग के विभिन्न आयामों पर विचार-विमर्श किया।

    इस अवसर पर महामहिम इंजीनियर सुल्तान अहमद बिन सुलेयम अल मंसूरी, अध्यक्ष, दुबई चैंबर्स; महामहिम मोहम्मद अली राशिद लूता, अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, दुबई चैंबर्स; महामहिम जासेम मोहम्मद अलबुदैवी, महासचिव, खाड़ी सहयोग परिषद (GCC); महामहिम अब्दुल्ला बिन आदेल फखरो, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री, बहरीन साम्राज्य; महामहिम राजदूत कुबानिचबेक ओमुरालिएव, महासचिव, तुर्किक राज्यों का संगठन; तथा महामहिम बद्र जाफर, विशेष दूत, संयुक्त अरब अमीरात विदेश मंत्रालय विशेष रूप से उपस्थित रहे।

    कार्यक्रम में महामहिम आयशा मोहम्मद सईद अल मुल्ला, अध्यक्षा, अमीरात बिजनेस वुमेन काउंसिल; अध्यक्ष महामहिम ओबैद सैफ हमद अल ज़ाबी, कृषि निवेश एवं विकास के लिए अरब प्राधिकरण; आंद्रे वामेसो नकुआलोलोकी, गवर्नर, केंद्रीय बैंक, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो; इमैनुएल तुतुबा, गवर्नर, बैंक ऑफ तंजानिया; करीम सुएद, गवर्नर, बैंक दु लिबान; तथा सांगबू किम, उपाध्यक्ष विश्व बैंक समूह की उपस्थिति ने कार्यक्रम को वैश्विक निवेश, वित्तीय सहयोग और नीति संवाद का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न देशों के वरिष्ठ नीति-निर्माताओं, निवेशकों, वित्तीय संस्थानों के प्रमुखों और वैश्विक उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ संवाद करते हुए मध्यप्रदेश की निवेश-अनुकूल नीतियों, मजबूत औद्योगिक अधोसंरचना, लॉजिस्टिक क्षमताओं तथा आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 की रूपरेखा से अवगत कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में विनिर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, नवकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, शहरी अवसंरचना, प्रौद्योगिकी तथा निर्यातोन्मुख उद्योगों में उपलब्ध व्यापक निवेश अवसरों को रेखांकित करते हुए वैश्विक निवेशकों को राज्य के विकास अभियान का सहभागी बनने का आमंत्रण दिया। इस संवाद ने मध्यप्रदेश और अंतर्राष्ट्रीय निवेश समुदाय के बीच दीर्घकालिक आर्थिक सहयोग और रणनीतिक साझेदारियों की संभावनाओं को और सुदृढ़ किया।

     

  • स्वच्छता के बाद अब कचरे के ढेर से निपटेगा MP, 30+ साइटों पर जमा 12 लाख टन कचरा बने चुनौती

    स्वच्छता के बाद अब कचरे के ढेर से निपटेगा MP, 30+ साइटों पर जमा 12 लाख टन कचरा बने चुनौती

    भोपाल
     मध्य प्रदेश में वर्षों पुराने कचरे के ढेर आमजन के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डाल रहे हैं। राज्य सरकार ने तय किया है कि वर्ष 2027 तक कचरे के ढेर का शत-प्रतिशत निपटान किया जाएगा। प्रदेश के मुख्य सचिव की ओर से सुप्रीम कोर्ट में इसका हलफनामा भी दिया गया है। दरअसल, प्रदेश में वर्षों पुराने लैंडफिल, खुले मैदानों पर बिना किसी वैज्ञानिक प्रबंधन के जमा हुए कचरे के पुराने ढेर हैं। प्रदेश की 30 से अधिक डंपिंग साइटों पर 12 लाख टन से ज्यादा कचरा इकट्ठा होने की जानकारी सामने आई है।

    सरकार का दावा है कि इसका थर्ड पार्टी सत्यापन भी कराया जा रहा है। वर्षों से लैंडफिल या अन्य स्थानों पर जमा हो गए कचरे से पर्यावरण पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और इसे प्रतिबंधित करने के लिए बायोरेमेडिएशन, जैव-खनन (बायोमाइनिंग), और स्थिरीकरण जैसी विधियों का उपयोग किया जाता है। यह एक चुनौती है लेकिन इसे संसाधित करके भूमि को पुनः प्राप्त किया जा सकता है। ऐसे में राज्य सरकार ने तय किया कि अगले वर्ष तक शहरों से ऐसे कचरे ढेर साफ किए जाएंगे।

    बता दें, जून 2026 तक लीगेसी वेस्ट (वर्षों पुराने कचरे के ढेर) का अनिवार्य रूप से निपटान करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन यह संभव नहीं हो सका। इसके लिए बकायदा निकायों को यह भी घोषणा पत्र देने के निर्देश दिए गए थे कि उनके शहर में लीगेसी वेस्ट नहीं है। अब वर्ष 2027 के अंत तक कचरे के ढेर के निपटान का लक्ष्य रखा गया है।

    एक ओर मप्र के शहर स्वच्छता के सिरमौर, दूसरी तरफ वर्षों पुराना कचरा निपटान चुनौती
    मध्य प्रदेश के शहर स्वच्छता में देश में लगातार नंबर वन बने हुए है। आठ बार से इंदौर सबसे स्वच्छतम शहर बना हुआ है, दूसरे नंबर पर भोपाल है तो निकायों ने भी स्वच्छता में अपनी एक अलग जगह बनाई है। इन सबके बावजूद प्रदेश के शहरों में वर्षों से जमा कचरे का निपटान चुनौती बना हुआ है। यह कचरे का ढेर प्रदेश के स्वच्छता मिशन पर बट्टा लगा रहा है।

    ऐसे में लीगेसी वेस्ट प्रोजेक्ट को लेकर नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने समस्त आयुक्त एवं संभागीय संयुक्त संचालकों को निर्देशित किया है कि निकाय स्तर पर शत-प्रतिशत स्रोत पृथकीकरण एवं प्रतिदिन संग्रहित होने वाले कचरे का नियमित पूर्ण प्रसंस्करण हो। जिन नगरीय निकायों में लीगेसी वेस्ट डंपसाइट रेमेडिएशन का कार्य प्रगतिरत है। उनकी समीक्षा कर वर्ष 2027 तक कार्य पूर्ण करें।

  • MP में यात्री परिवहन को मिलेगी नई दिशा, इंदौर में 11-12 सितंबर को जुटेंगे विशेषज्ञ

    MP में यात्री परिवहन को मिलेगी नई दिशा, इंदौर में 11-12 सितंबर को जुटेंगे विशेषज्ञ

     इंदौर

    मध्यप्रदेश में यात्री परिवहन की तस्वीर बदलने की तैयारी है। प्रदेश सरकार इंदौर में 11 और 12 सितंबर को यात्री परिवहन विजन समिट-2026 आयोजित करने जा रही है। ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में होने वाली दो दिवसीय समिट में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। समिट का मुख्य फोकस मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा पर रहेगा। सरकार की कोशिश है कि प्रदेश में यात्री परिवहन को केवल बसों की संख्या बढ़ाने तक सीमित न रखते हुए इसे आधुनिक तकनीक, बेहतर कनेक्टिविटी, डिजिटल सुविधाओं और निजी क्षेत्र की भागीदारी से जोड़ा जाए।

    निजी बस ऑपरेटर से लेकर टेक्नोलॉजी कंपनियां होंगी शामिल
    समिट में निजी बस ऑपरेटर, बस निर्माता, परिवहन विशेषज्ञ, नीति निर्माता, निवेशक, टेक्नोलॉजी कंपनियां और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर से जुड़े प्रतिनिधि शामिल होंगे। इन सभी के बीच प्रदेश की भविष्य की परिवहन व्यवस्था को लेकर चर्चा होगी। खास बात यह है कि सरकार पीपीपी मॉडल के जरिए यात्री बसों के संचालन को बढ़ावा देने की दिशा में भी रोडमैप तैयार करेगी। इससे निजी क्षेत्र को परिवहन व्यवस्था में बड़े स्तर पर भागीदारी का मौका मिलेगा। 

    बस सेवा से लेकर एआई तक पर होगी चर्चा
    समिट में यात्री परिवहन से जुड़े कई आधुनिक क्षेत्रों पर चर्चा होगी। इनमें इलेक्ट्रिक और हाइड्रोजन मोबिलिटी, इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम, डिजिटल टिकटिंग, फ्लीट मैनेजमेंट, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, एआई और डेटा एनालिटिक्स, स्मार्ट बस स्टॉप, पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम और मोबिलिटी फाइनेंस प्रमुख हैं। सरकार का जोर ऐसी परिवहन व्यवस्था तैयार करने पर है, जिसमें यात्री को बस की जानकारी, टिकटिंग और यात्रा से जुड़ी सुविधाएं डिजिटल माध्यम से आसानी से मिल सकें। 

    12 क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं
    समिट में मोबिलिटी सेक्टर के 12 संभावनाशील क्षेत्रों को प्रमुखता से सामने रखा जाएगा। इनमें बस निर्माण, इलेक्ट्रिक एवं हाइड्रोजन मोबिलिटी, डिजिटल टिकटिंग, फ्लीट मैनेजमेंट, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, एआई एवं एनालिटिक्स, स्मार्ट बस स्टॉप, पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम, मोबिलिटी-एज-ए-सर्विस और परिवहन वित्त जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इन क्षेत्रों में काम करने वाली कंपनियों के लिए मध्यप्रदेश में निवेश और साझेदारी के नए अवसर तलाशे जाएंगे। 

    सरकार और उद्योग के बीच सीधे संवाद पर जोर
    समिट की एक खास बात सरकार और उद्योग जगत के बीच सीधे संवाद को माना जा रहा है। इसमें शामिल कंपनियों को प्रदेश सरकार के संबंधित अधिकारियों के साथ वन-टू-वन बैठक का अवसर भी मिलेगा। कंपनियां अपने तकनीकी समाधान और बिजनेस मॉडल प्रस्तुत कर सकेंगी। इसके जरिए पायलट प्रोजेक्ट, निवेश और सार्वजनिक-निजी भागीदारी की संभावनाओं को आगे बढ़ाने की कोशिश होगी।

    मोबिलिटी विजन-2030 का रोडमैप होगा तैयार
    यात्री परिवहन विजन समिट से प्रदेश के लिए मोबिलिटी विजन-2030 को आगे बढ़ाने की दिशा में भी काम होगा। इसमें पीपीपी मॉडल को गति देने, डिजिटल-फर्स्ट मोबिलिटी फ्रेमवर्क तैयार करने, स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने और सरकार-उद्योग के बीच सहयोग मजबूत करने जैसे मुद्दे शामिल हैं। समिट में छह प्रमुख विषयों पर विशेष फोकस रहेगा। इनमें पीपीपी आधारित मोबिलिटी, इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम, वित्तीय स्थिरता, स्वच्छ मोबिलिटी, एकीकृत टिकटिंग और बेहतर यात्री अनुभव शामिल हैं।

     

  • ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने की तैयारी, इंदौर में 11-12 सितंबर को ‘यात्री परिवहन विजन समिट-2026’

    ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने की तैयारी, इंदौर में 11-12 सितंबर को ‘यात्री परिवहन विजन समिट-2026’

    सुरक्षित सफर और ग्रीन मोबिलिटी हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    इन्दौर में 11-12 सितम्बर को होगी ‘यात्री परिवहन विजन समिट-2026’

    इन्दौर 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में आधुनिक परिवहन व्यवस्था के विस्तार के साथ सुरक्षित सफर और ग्रीन मोबिलिटी को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'एक्स' पर कहा कि मध्यप्रदेश में सुरक्षित, सुगम और पर्यावरण अनुकूल यात्री परिवहन व्यवस्था को नई दिशा देने के उद्देश्य से आगामी 11 एवं 12 सितम्बर को इंदौर में ‘यात्री परिवहन विजन समिट-2026’ का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश का संकल्प है कि हर यात्री को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक परिवहन मिले। सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल और प्रभावी बनाने में सार्वजनिक-निजी भागीदारी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। यात्री परिवहन विजन समिट इसी दिशा में भविष्य की ठोस रूपरेखा तैयार करेगा।

    उल्लेखनीय है कि समिट में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण तथा इसमें सार्वजनिक-निजी भागीदारी की भूमिका पर विशेषज्ञों, निवेशकों और नीति-निर्माताओं द्वारा विचार-विमर्श किया जाएगा। समिट का फोकस सुरक्षित परिवहन के साथ हरित परिवहन और बेहतर मोबिलिटी की दिशा में नए अवसर तलाशने पर केंद्रित रहेगा। यह समिट प्रदेश की यात्री परिवहन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित, टिकाऊ और तकनीक-सक्षम बनाने के लिए संभावित निवेश और साझेदारी के नए द्वार खोलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

     

  • सेमीकंडक्टर हब बनने की ओर मध्यप्रदेश, CM डॉ. यादव ने बताई सरकार की बड़ी तैयारी

    सेमीकंडक्टर हब बनने की ओर मध्यप्रदेश, CM डॉ. यादव ने बताई सरकार की बड़ी तैयारी

    सेमीकंडक्टर क्षेत्र में मध्यप्रदेश निभाएगा अग्रणी भूमिका : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को नई गति देने के लिए मध्यप्रदेश अग्रणी भूमिका निभाने को तैयार है। मुख्यमंत्री ने 'एक्स' पर कहा कि राज्य में अत्याधुनिक तकनीक, निवेश और नवाचार के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है, जिससे मध्यप्रदेश देश के उभरते सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम का महत्वपूर्ण केंद्र बन सके।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सेमीकंडक्टर तकनीक भारत के आत्मनिर्भर और विकसित भविष्य की आधारशिला है। देश में तकनीकी क्षेत्र में हो रहे बदलाव और विकास में मध्यप्रदेश भी सहभागी बन रहा है। सेमीकंडक्टर इंडिया प्रोग्राम 2.0 में मध्यप्रदेश अपनी भूमिका मजबूत कर रहा है। केंद्र सरकार द्वारा 6 राज्यों में 12 सेमीकंडक्टर परियोजनाओं को मंजूरी दिए जाने के बाद इस क्षेत्र में देश की गति तेज हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अपनी नीतिगत पहल, निवेश-अनुकूल वातावरण और औद्योगिक क्षमता के जरिए इस राष्ट्रीय अभियान को नई ऊंचाई देगा।

    उल्लेखनीय है कि इंदौर में अगले महीने 23-24 अक्टूबर को ‘एमपी सेमीकंडक्टर समिट-2026’ का आयोजन किया जा रहा है। समिट में देश-विदेश के निवेशक, तकनीकी विशेषज्ञ और नीति-निर्माता एक मंच पर जुटेंगे। यहां प्रदेश में मजबूत सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित करने, निवेश की संभावनाओं, तकनीकी सहयोग और औद्योगिक विस्तार पर व्यापक विचार-मंथन होगा।

     

  • महाकाल की राजसी सवारी में चप्पे-चप्पे पर पहरा, कई जिलों से बुलाया अतिरिक्त पुलिस बल

    महाकाल की राजसी सवारी में चप्पे-चप्पे पर पहरा, कई जिलों से बुलाया अतिरिक्त पुलिस बल

    उज्जैन
     भगवान महाकालेश्वर की सोमवार को निकलने वाली राजसी सवारी को लेकर पुलिस ने सुरक्षा का अभेद घेरा तैयार किया है। सवारी मार्ग और आसपास के क्षेत्रों में 2000 से ज्यादा पुलिस अधिकारी-कर्मचारी तैनात रहेंगे। भीड़ में होने वाली चोरी और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए 100 से ज्यादा जवान सादी वर्दी में तैनात किए जाएंगे।

    वहीं 100 से ज्यादा ऊंचे भवनों से पुलिसकर्मी पूरे सवारी मार्ग पर निगरानी रखेंगे। आसमान से 10 ड्रोन कैमरे और जमीन पर सीसीटीवी कैमरों के जरिये भी लगातार निगरानी की जाएगी। एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि सवारी की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए इंदौर, देवास, शाजापुर, रतलाम, मंदसौर, नीमच, दतिया, शिवपुरी से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है।

    ड्यूटी में लगाए गए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सवारी मार्ग, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी दी जा रही है। सुरक्षा के मद्देनजर होटल, लाज और धर्मशालाओं की भी लगातार चेकिंग की जा रही है।

    राजसी सवारी में उमड़ने वाली भारी भीड़ के बीच मोबाइल, पर्स, मंगलसूत्र और चेन चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस ने विशेष टीम बनाई है। 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी सादी वर्दी में भीड़ के बीच तैनात रहेंगे। संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। सवारी व्यवस्था में करीब 100 महिला पुलिसकर्मियों की भी ड्यूटी लगाई गई है।

    20 मार्गों पर प्रतिबंध, सात जगह पार्किंग
    राजसी सवारी के दौरान शहर में यातायात व्यवस्था भी बदली रहेगी। यातायात पुलिस ने 20 मार्गों पर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित करने और जरूरत के अनुसार कुछ मार्गों को डायवर्ट करने की योजना बनाई है। श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए सात स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। यातायात डीएसपी दिलीपसिंह परिहार ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पार्किंग बनाई गई है।

    भोपाल, इंदौर और देवास की ओर से आने वाले श्रद्धालु वाकणकर पार्किंग, मन्नत गार्डन, हरिफाटक ब्रिज के नीचे और कर्कराज पार्किंग में वाहन खड़े कर सकेंगे। बड़नगर और नागदा की ओर से आने वाले श्रद्धालु- कार्तिक मेला मैदान, मक्सी और आगर की ओर से आने वाले श्रद्धालु क्षीरसागर स्टेडियम और सामाजिक न्याय परिसर में वाहन पार्क करेंगे।

    इन मार्गों पर वाहनों का प्रवेश रहेगा प्रतिबंधित
        हरिफाटक टी से बेगमबाग की तरफ जाने वाले सभी प्रकार के वाहन।
        दानीगेट से रामानुज कोट तरफ जाने वाले समस्त प्रकार के वाहन।
        गुदरी चौराहा से कहारवाड़ी से होकर रामघाट तरफ जाने वाले वाहन।
        तेलीवाड़ा से कमरीमार्ग तरफ आने वाले सभी प्रकार के वाहन।
        निकास चौराहा से तेलीवाडा की ओर वाहन नहीं ले जा सकेंगे।
        क्षीरसागर से कंठाल चौराहा की ओर।
        बियावानी से तेलीवाड़ा की तरफ।
        नरेंद्र टॉकीज से कंठाल तरफ आने वाले समस्त प्रकार के वाहन।
        दानीगेट से रामानुज कोट तरफ, गुदरी चौराहा से कहारवाडी से होकर रामघाट, तेलीवाड़ा से कमरी मार्ग तरफ आने वाले समस्त प्रकार के वाहन प्रतिबंधित रहेंगे।
        भार्गव तिराहे से टंकी चौक तरफ, केडी गेट से कमरीमार्ग तरफ आने वाले, चक्रतीर्थ टर्निंग से दानीगेट तरफ, शंकराचार्य से दानीगेट, तोपखाने से लोहे का पुल, नलिया बाखल से बेगमबाम चौराहा, बारह खोली से बेगमबाग की तरफ सभी प्रकार के वाहन प्रतिबंधित रहेंगे।

    इन मार्गों से होगी आकस्मिक निकासी

        महाकाल घाटी से हरिफाटक टी, हरिफाटक चौराहा।
        महाकाल घाटी से लोहे का पुल होते हुए दौलतगंज, देवासगेट।
        गणगौर दरवाजे से छोटी रपट होते हुए।
        कमरी मार्ग से केडी गेट होते हुए पत्ती बजार, जूना सोमवारिया।
        मुसद्दीपुरा चौराहा से डाबरी पीठा होकर नई सड़क।
        भगत जी चौराहे से छोटा सराफा होकर नमकमंड़ी से नई सड़क ।
        छत्री चौक बैंक आफ इंडिया के सामने से लखेरवाड़ी होकर लोहे का पुल अथवा नमक मंड होकर नई सड़क।
        हरिसिद्धि पाल से हरसिद्धि तरफ।
        गुदरी चौराहा से कसाई बाडा बांसफोड़ की गली तरफ।

     

  • विदिशा में पराली से बनेगी CBG, किसानों को मिलेगा कृषि अवशेषों का दाम; जल्द लगेगा प्लांट

    विदिशा में पराली से बनेगी CBG, किसानों को मिलेगा कृषि अवशेषों का दाम; जल्द लगेगा प्लांट

     विदिशा
     जिस पराली या नरवाई को किसान फसल कटने के बाद खेत से हटाने के लिए जला देते हैं, वही पराली अब ईधन का कच्चा माल बनेगी। मक्का, धान, गेहूं सहित दूसरी फसलों के अवशेषों से अब कम्प्रेस्ड बायो गैस (सीबीजी) बनाने की तैयारी है। इसके लिए इंडियन ऑयल कार्पोरेशन जिले में सीबीजी प्लांट लगाने जा रहा है। यह प्लांट शुरू हो जाने के बाद क्षेत्र का किसान केवल अन्नदाता ही नहीं ऊर्जादाता भी बन जाएगा।

    उपयुक्त जमीन की तलाश
    किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के सचिव निशांत बरवड़े ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से कलेक्टर अंशुल गुप्ता और आईओसीएल के अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने प्लांट स्थापना से संबंधित आवश्यक कार्रवाई शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने बताया कि इसके लिए नटेरन, बासौदा और कुरवाई क्षेत्र में 15 से 20 एकड़ सरकारी जमीन की तलाश हो रही है। एसडीएम को जमीन चिन्हित करने की कार्रवाई की जा रही है। बताया गया कि यह जमीन आईओसीएल को लंबी अवधि के पट्टे पर दी जाएगी।

    किसानों की समस्या होगी दूर, कमाई भी होगी
    फसल कटने के बाद खेत में बचने वाले अवशेष किसानों के लिए लंबे समय से परेशानी बने हुए हैं। इन्हें खेत से हटाने में मेहनत और खर्च लगता है। इससे बचने के लिए अधिकांश किसान इन अवशेषों को खेत में ही जला देते हैं। इससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचता है। अब सीबीजी प्लांट के लिए क्षेत्र से मक्का, धान, गेहूं सहित विभिन्न फसलों के अवशेष एकत्रित किए जाएंगे। इनका उपयोग बायोगैस और अन्य उत्पाद तैयार करने में होगा। इससे किसानों को फसल की मुख्य उपज के अलावा खेत में बचे अवशेषों से भी आर्थिक लाभ मिलने का रास्ता बनेगा।

    विदिशा में जलती है सबसे अधिक पराली
    इस साल देश भर में पराली जलाने की 68,259 घटनाएं रिपोर्ट हुईं। उनमें से 39,165 यानी आधे से अधिक घटनाएं मध्यप्रदेश में दर्ज हुई हैं। मध्य प्रदेश में भी विदिशा जिला पराली जलाने में सबसे आगे रहा है। यहां इस साल 4465 घटनाएं रिकॉर्ड हो चुकी हैं। पिछले वर्ष भी यहां ऐसी ही स्थिति थी।

    यह है सीबीजी
    कम्प्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) जैविक कचरे या बायोमास से बनाई गई ऐसी गैस है, जिसका मुख्य घटक मीथेन होता है। इसे सामान्यतः बायोगैस को शुद्ध करके और संपीड़ित यानी कम्प्रेस करके तैयार किया जाता है। गुणवत्ता और उपयोग के लिहाज से यह काफी हद तक सीएनजी की तरह है। इसका उपयोग वाहनों में, औद्योगिक भट्टियों में, खाना पकाने में और कुछ संयंत्रों में बिजली उत्पादन के लिए किया जाता है।

        सीबीजी प्लांट की स्थापना से किसानों के लिए पराली अब केवल अपशिष्ट नहीं रहेगी, बल्कि उसका उपयोग ऊर्जा उत्पादन के लिए किया जा सकेगा। इससे पराली जलाने की घटनाओं को कम करने, पर्यावरण संरक्षण और किसानों को कृषि अवशेषों का उचित मूल्य दिलाने में मदद मिलेगी। प्लांट की स्थापना के लिए आवश्यक भूमि चयन एवं अन्य प्रक्रियाओं को प्राथमिकता से आगे बढ़ाया जा रहा है।
        – अंशुल गुप्ता, कलेक्टर, विदिशा।