Category: मध्य प्रदेश

  • साक्षरता से सशक्त हो रहा मध्यप्रदेश, लिख रहा विकास की नई इबारत

    साक्षरता से सशक्त हो रहा मध्यप्रदेश, लिख रहा विकास की नई इबारत

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा असाक्षरों को साक्षर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिसका परिणाम है कि विश्व साक्षरता दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश में साक्षरता अभियान ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश में संचालित विभिन्न साक्षरता कार्यक्रमों से अब तक 1 करोड़ 63 लाख 4 हजार 132 शिक्षार्थी जुड़े हैं। इनमें से 1 करोड़ 38 लाख 90 हजार 550 शिक्षार्थियों ने सफलता हासिल की है। साक्षरता का यह अभियान अब केवल अक्षर ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों को समझने, शासकीय योजनाओं का लाभ लेने और आत्मनिर्भर बनने के लिए सक्षम बना रहा है।

    संचालक राज्य शिक्षा केंद्र  हरजिंदर सिंह ने बताया कि वर्ष 2011 की जनगणना में प्रदेश में करीब 1 करोड़ 89 लाख 65 हजार 583 असाक्षर व्यक्ति चिन्हित किए गए थे। निरंतर संचालित साक्षरता कार्यक्रमों के परिणामस्वरूप वर्तमान में यह संख्या घटकर लगभग 50 लाख 75 हजार 33 रह गई है। प्रदेश में साक्षरता को जन-अभियान का स्वरूप देते हुए विभिन्न चरणों में कार्यक्रम संचालित किए गए, जिनसे बड़ी संख्या में वयस्क शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़े हैं।

    ‘उल्लास’ नव भारत साक्षरता कार्यक्रम से साक्षरता अभियान को मिली नई गति

    वर्तमान में प्रदेश में "उल्लास नव भारत साक्षरता" कार्यक्रम 2022-2027 संचालित किया जा रहा है। कार्यक्रम के तहत अब तक 99 लाख 68 हजार 100 शिक्षार्थियों को साक्षरता अभियान से जोड़ा गया है। इनमें से 84 लाख 46 हजार 498 शिक्षार्थियों ने सफलता प्राप्त की है।

    उल्लास कार्यक्रम के जिला-वार परिणामों में भी कई जिलों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। झाबुआ में 1,96,967, विदिशा में 2,33,642 और नीमच में 1,55,561 शिक्षार्थियों ने सफलता हासिल की है। इसी प्रकार खरगोन में 3,09,948, उज्जैन में 3,75,618, धार में 2,69,673, रीवा में 2,55,188 और खंडवा में 2,51,462 शिक्षार्थियों ने सफलता प्राप्त की है।

    झाबुआ, नीमच और विदिशा ने हासिल की 100 प्रतिशत उपलब्धि

    शिक्षार्थियों को साक्षरता कार्यक्रम से जोड़कर झाबुआ, नीमच और विदिशा जिले ने अपने निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 100 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की है। बुरहानपुर और खंडवा में 97 प्रतिशत, भिंड और निवाड़ी में 89 प्रतिशत, बालाघाट में 88 प्रतिशत एवं राजगढ़ में 87 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई है।

    साक्षरता से आगे सशक्तिकरण का लक्ष्य

    प्रदेश में संचालित विभिन्न साक्षरता कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल पढ़ना-लिखना सिखाना नहीं, बल्कि शिक्षार्थियों को दैनिक जीवन में पढ़ने, लिखने और गणना करने में सक्षम बनाने के साथ उनके अधिकारों, कर्तव्यों, शासकीय योजनाओं और उपलब्ध अवसरों के प्रति जागरूक करना भी है। साक्षरता के बढ़ते दायरे का असर लोगों के दैनिक जीवन में भी दिखाई दे रहा है। बैंकिंग व्यवस्था को समझने, शासकीय दस्तावेज पढ़ने, विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने में साक्षरता महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। प्रदेश में साक्षरता अभियान को सफल बनाने में शिक्षकों, स्वयंसेवकों, विद्यार्थियों, स्थानीय समुदाय, स्व-सहायता समूहों, प्रशासन और विभिन्न विभागों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। साक्षरता के क्षेत्र में हासिल की गई यह उपलब्धि केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि लाखों लोगों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव की तस्वीर भी प्रस्तुत करती है।

     

  • दुबई से हमारा सहज स्वाभाविक संबंध, मध्यप्रदेश अवसरों की सौगात लिए साथ खड़ा है

    दुबई से हमारा सहज स्वाभाविक संबंध, मध्यप्रदेश अवसरों की सौगात लिए साथ खड़ा है

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दुबई से हमारे सहज और स्वाभाविक संबंध हैं। हम दुबई के भरोसेमंद साथी हैं और संभावनाओं और अवसरों की सौगात लेकर दुबई के साथ खड़े हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश अतुल्य भारत का दिल है और हम दुबई के सभी निवेशकों के दिल में जगह बनाने आए है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों से कहा कि मध्यप्रदेश की औद्योगिक नीतियां बेहद पारदर्शी और निवेशक अनुकूल हैं। हमारी नीति, नीयत, नेतृत्व और पूरी सरकार निवेशकों के स्वागत के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि निवेशक बिना किसी संकोच के मध्यप्रदेश में निवेश करें। हमारी सरकार आपको कभी भी निराश नहीं होने देगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) प्रवास के दूसरे दिन दुबई के वर्ल्ड ट्रेड सेन्टर में हो रही एआईएम कांग्रेस-2026 के दौरान विशेष रूप से आयोजित 'इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन : मध्यप्रदेश' सत्र को संबोधित कर रहे थे। सत्र में यूएई के फॉरेन ट्रेड मिनिस्टर डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़ेयूदी, यूएई में भारत के उच्चायुक्त डॉ. दीपक मित्तल सहित बड़ी संख्या में देश-विदेश के उद्योगपति, इन्वेस्टर्स और इंडस्ट्री पार्टनर उपस्थित थे। सत्र के दौरान मध्यप्रदेश में हो रही औद्योगिक प्रगति, यहां की खूबियों, निवेश अवसरों और अनंत संभावनाओं पर केंद्रित एक ऑडियो-वीडियो फिल्म (एवी) का प्रदर्शन भी किया गया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुबई वैश्विक निवेश और नवाचार का केंद्र है। मध्यप्रदेश के लिए गर्व का विषय है कि आज वैश्विक साझेदारी, रणनीतिक और आर्थिक सहयोग, मजबूत और समृद्ध भविष्य का साझा रोडमैप एआईएम कांग्रेस के इस बड़े प्लेटफॉर्म पर रखा गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश देश-विदेश के सभी निवेशकों को दीर्घकालिक और विश्वस्तरीय साझेदारी के लिए नये अवसर उपलब्ध करा रहा है। भारत के सभी राज्यों में विकास की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के बीच मध्यप्रदेश उन अग्रणी राज्यों में शामिल है, जो अपनी पारदर्शी नीतियों और आकर्षक योजनाओं के आधार पर औद्योगिक विकास के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करता है। दुनिया में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए गंतव्यों की तलाश चल रही है। ऐसे समय में मध्यप्रदेश निवेशकों और उद्योग समूहों को सभी सुगम अवसर उपलब्ध करा रहा है। नीति, नीयत और निवेश में मध्यप्रदेश ने निवेशकों का दिल जीता है। मध्यप्रदेश, देश का वह प्रदेश है, जिसने निवेशकों को आगे बढ़ने के लिए अवसर वर्तमान के सभी सेक्टर्स में अवसर उपलब्ध कराए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में प्रचुर प्राकृतिक और कुशल मानव संसाधन हैं। मध्यप्रदेश ने अपनी उद्योग अनुकूल नीतियों, तेजी से विकसित हो रही औद्योगिक अधोसंरचनाओं और दिनों-दिन बढ़ती अर्थव्यवस्था से देश में अपना एक अलग ही स्थान बनाया है।

    मध्यप्रदेश की कनेक्टिविटी अन्य राज्यों से बेहतर

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश भारत का हृदय प्रदेश है, जिसकी कनेक्टिविटी देश के सभी राज्यों से बेहतर है। मध्यप्रदेश 24 घंटे माल परिवहन की सुविधा प्रदान करता है। एक्सपोर्ट और डिस्ट्रीब्यूशन के लिए राज्य सदैव अनुकूल है। देश में प्रमुख औद्योगिक केंद्र और बाजार तक पहुंच है, दिल्ली-मुम्बई औद्योगिक कॉरिडोर, रेल नेटवर्क, आधुनिक लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर आदि सुविधाओं के कारण मध्यप्रदेश का विशेष स्थान बना है। कृषि, उद्योग, सेवाएं, नई औद्योगिक आधारित अर्थव्यवस्थाओं का केंद्र है। मध्यप्रदेश भारत के अग्रणी कृषि उत्पादक राज्यों में शामिल है। जहां की उत्पादकता, अनुकूलता, फूड प्रोसेसिंग के आधार पर हमें वैश्विक खाद्य श्रृंखला का हिस्सा बनने का अवसर मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में टेक्सटाइल सेक्टर सबसे तेजी से उभरता क्षेत्र है। इस सेक्टर में मध्यप्रदेश अब केवल प्रोडक्शन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि कपड़ा उद्योग हमारी समृद्ध औद्योगिक विरासत और आधुनिक औद्योगिक क्षमता का अनूठा संगम बन गया है। चंदेरी, महेश्वरी आदि वस्त्रों के लेकर आधुनिक वस्त्र निर्माण के लिए मध्यप्रदेश में बेहतर अवसर हैं। ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, फॉर्मास्यूटिकल और एडवांस मैन्यूफैक्चरिंग हमारे राज्य को तेजी से आगे बढ़ा रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीथमपुर, मंडीदीप जैसे औद्योगिक केंद्र राष्ट्रीय कंपनियों के पसंदीदा केंद्र बने हुए हैं। पारम्परिक उद्योगों सहित आज मध्यप्रदेश की नई पीढ़ी को भी आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए आगे बढ़कर भविष्य के व्यापार-व्यवसाय करने के लिए तैयार हैं। दूरसंचार निर्माण, डिजिटल मैन्यूफैक्चरिंग, ऑप्टिकल फाइबर, इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीन एनर्जी और भविष्य की तकनीकी जरूरतों के हिसाब से हम मजबूत इकोसिस्टम का निर्माण कर रहे हैं। हम जानते है कि निवेश सिर्फ संसाधन और अवसरों को देखने से ही नहीं आता, इसके लिए भरोसे की भी जरूरत होती है। मध्यप्रदेश निवेशकों का वो भरोसेमंद साथी है, जहां नीतियां सरल और पारदर्शी हैं, पर्याप्त संसाधन हैं और आपके उद्योगों-कारखानों के लिए आधुनिक संरचनाएं भी उपलब्ध हैं।

    हमारी सरकार निवेशकों के लिए हर संभव कदम उठाने के लिए तैयार

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार निवेशकों के लिए हर संभव कदम उठाने के लिए तैयार है। मध्यप्रदेश कृषि, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल्स, फॉर्मास्युटिकल्स, इंजीनियरिंग, लॉजिस्टिक्स, रिन्युएबल एनर्जी, डिजिटल टेक्नोलॉजी और व्यापार की अपार संभावनाओं वाला राज्य है। राज्य को सभी क्षेत्रों में आगे लाकर यहां निवेश बढ़ाने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में भारत भविष्य की संभावनाओं वाला देश बन रहा है। प्रधानमंत्री  मोदी के कालखंड में भारत सबसे समृद्ध अर्थव्यवस्था वाला देश बना है, दुबई और अन्य सभी खाड़ी देशों से हमारे अच्छे संबंध हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस संवाद सत्र के आयोजन के लिए यूएई ऑफिशियल्स के प्रयासों की सराहना की।

    म.प्र. में भरपूर है प्राकृतिक संसाधन और स्किल्ड मैन पॉवर : डॉ. थानी

    यूएई के फॉरेन ट्रेड मिनिस्टर डॉ. थानी ने कहा कि जुलाई 2025 में यूएई और मध्यप्रदेश के बीच व्यापार और व्यवसाय में सहयोग बढ़ाने पर अहम चर्चा हुई थी। भारत अर्थव्यवस्था की दृष्टि से हमारा एक पुराना और महत्वपूर्ण आर्थिक साझेदार है। पिछले साल भारत और यूएई का द्विपक्षीय तेल व्यापार 100 बिलियन डॉलर रहा। दोनों देश मिलकर द्विपक्षीय व्यापार को आगे बढ़ा रहे हैं। इसके साथ निवेश और नागरिकों के बीच संबंधों को प्रगाढ़ बना रहे हैं। मुझे विश्वास है कि मध्यप्रदेश हमारी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा। यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा राज्य है, जहां प्राकृतिक संसाधनों और स्क्ल्डि मैन पॉवर की कोई कमी नहीं है। यूएई मध्यप्रदेश की क्षमताओं को रेखांकित करता है। पिछले दौरे पर यूएई ने सेंट्रल इंडिया में सप्लाई चेन को मजबूत करने और उसे ग्लोबल मार्केट से जोड़ने पर सहमति जताई थी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव के पिछले दौरे में टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज के लिए कॉरिडोर शुरू करने पर चर्चा हुई थी, इस पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इससे भारत और यूएई के बीच व्यापार और निवेश बढ़ेगा। हम मध्यप्रदेश के साथ वैश्विक निवेशकों और व्यापार को जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं। आशा है कि आगामी जनवरी माह (जीआईएस 2027) में मध्यप्रदेश और यूएई के बीच व्यापारिक संबंधों को नई रफ्तार मिलेगी।

    मध्यप्रदेश और यूएई नए समझौतों का गवाह बन रहा है : उच्चायुक्त डॉ. मित्तल

    यूएई में भारत के उच्चायुक्त डॉ. दीपक मित्तल ने कहा कि भारत की विकास यात्रा में मध्यप्रदेश ग्रोथ इंजन की भूमिका में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था ने 7.8 प्रतिशत की विकास दर हासिल की है। यह वैश्विक स्तर पर जारी संकटों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है। इस विकास यात्रा में मध्यप्रदेश का बड़ा योगदान है। मध्यप्रदेश कई वर्षों से अपनी जीडीपी को 12 प्रतिशत से ऊपर बरकरार रखे हुए है। तेजी से बढ़ती भारतीय इकोनॉमी में यूएई भी एक अहम साझेदार के दौर पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है। भारत और यूएई के बीच कई अहम समझौते हुए हैं और पिछले तीन वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार बढ़कर 100 बिलियन डॉलर से अधिक हो गया है। यह दोनों देशों नेतृत्वकर्ताओं की प्रतिबद्धता और मजबूत हो रहे रिश्तों का परिचायक है। यूएई भारत के लिए द्विपक्षीय कारोबार वाले शीर्ष 3 देशों में शामिल है। यह हमारे लिए एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। आज मध्यप्रदेश और यूएई नए समझौतों का गवाह बन रहा है।

    दुबई और मध्यप्रदेश के बीच सीईपीए के माध्यम से मजबूत होंगे आर्थिक संबंध : एसीएस  मंडलोई

    दुबई में आयोजित इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश निवेश सत्र में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई ने मध्यप्रदेश की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, निवेश अनुकूल नीतियों और मजबूत औद्योगिक आधारभूत संरचना पर विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया। उन्होंने बताया कि देश के मध्य में स्थित मध्यप्रदेश 1,000 किलोमीटर के दायरे में देश की लगभग 60 प्रतिशत आबादी तक आसान पहुंच प्रदान करता है, जिससे उत्पादों को बड़े उपभोक्ता बाजार तक कम समय में पहुंचाना संभव है। प्रदेश की जीएसडीपी वृद्धि दर पिछले पांच वर्षों में लगभग 12.7 प्रतिशत रही है। प्रस्तुतीकरण में खाद्य प्रसंस्करण, टेक्सटाइल एवं परिधान, नवीकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, खनन और पर्यटन को निवेश के प्रमुख अवसरों के रूप में रेखांकित किया गया। उन्होंने फूड से फार्म-टू-फैशन वैल्यू चेन, जैविक कपास, मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब, आईसीडी, एमएमएलपी, नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन एवं भंडारण तथा खनिज संसाधनों में संभावनाओं की जानकारी दी। दुबई और मध्यप्रदेश के बीच व्यापारिक अवसरों को सीईपीए के माध्यम से और मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।

    सत्र में मध्यप्रदेश में निवेश अवसरों, नीतियों और आधारभूत संरचना पर आधारित ऑडियो विजुअल का प्रदर्शन किया गया। सत्र के अंत में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के सचिव  जॉन किंग्सली ने सभी निवेशकों और उद्योगपतियों का आभार जताया।

     

  • पर्यावरण संरक्षण में मध्यप्रदेश की बड़ी छलांग, जलवायु परिवर्तन पर उठाए प्रभावी कदम; राज्यमंत्री अहिरवार का बयान

    पर्यावरण संरक्षण में मध्यप्रदेश की बड़ी छलांग, जलवायु परिवर्तन पर उठाए प्रभावी कदम; राज्यमंत्री अहिरवार का बयान

    मध्यप्रदेश में जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय पहल हुई है : राज्यमंत्री अहिरवार

    अंतर्राष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस पर मध्यप्रदेश में गैर CO2 उत्सर्जन में कमी के मार्ग:एक बहु क्षेत्रीय आंकलन रिपोर्ट का किया विमोचन

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश में जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में कई उल्लेखनीय पहल की है। इंदौर में स्वच्छता, सतत् अपशिष्ट प्रबंधन और कार्बन क्रेडिट जैसी पहलों के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व स्थापित किया है। राज्य में लगभग 7.6 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य मंत्री वन एवं पर्यावरण दिलीप सिंह अहिरवार ने भोपाल स्वच्छ वायु दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश में गैर CO2 उत्सर्जन में कमी के मार्ग-एक बहु क्षेत्रीय आंकलन रिपेार्ट के कार्यक्रम विमोचन के अवसर पर कहीं। उन्होंने कहा कि स्वच्छ परिवहन, इलेक्ट्रिक वाहन नीति, नवकरणीय ऊर्जा और हरित शहरी विकास जैसे क्षेत्रों में भी मध्यप्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है। हमारा राज्य जलवायु परिवर्तन कार्ययोजना तथा इलेक्ट्रिक वाहन एवं नवकरणीय ऊर्जा से संबंधित नीतियों में हमे एक मजबूत आधार प्रदान करती है।

    राज्य मंत्री अहिरवार ने कहा कि आज हम सभी मध्यप्रदेश के लिये एक स्वच्छ, स्वस्थ और जलवायु अनुकूल भविष्य पर सामूहिक विचार करने के लिये एकत्रित हुए है। स्वच्छ वायु दिवस को मनाने का उद्देश्य वायु प्रदूषण के कारण स्वास्थ्य, पर्यावरण और अर्थव्यवस्था पर पढ़ने वाले बूरे प्रभावों के प्रति लोगों को सचेत करना है। हवा की गुणवत्ता में सुधार के लिये राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सहयोग को बढ़ावा देना तथा सामूहिक भागीदारी द्वारा आम नागरिकों, औद्योगिक इकाईयों और विभिन्न शासकीय एवं निजी उपक्रमों को प्रदूषण न करने के लिये प्रेरित करना। उन्होंने प्रदेश के नॉन-CO2 उत्सर्जन की महत्वपूर्ण अध्ययन रिपोर्ट को तैयार करने के लिये जलवायु परिवर्तन केन्द्र, एप्कों की वैज्ञानिक टीम, इंस्टीट्यूट फॉर गवर्नेंस एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट, टेरी और सभी सहयोगी संस्थाओं और विशेषज्ञों का आभार व्यक्त किया।

    राज्य मंत्री अहिरवार ने कहा कि स्वच्छ वायु और जलवायु परिवर्तन से निपटने की हमारी रणनीतियां एक दूसरे से जुड़ी हुई है। हम स्थानीय स्तर पर जो कदम उठाते है, उनका प्रभाव पूरे वातावरण पर पड़ता है। स्वच्छ हवा सबकी साझा धरोहर है। उन्होंने कहा कि केवल नीतियां बनाना पर्याप्त नहीं है हमें ऐसे वैज्ञानिक अध्ययनों की आवश्यकता है जो जिलेवार और क्षेत्रवार सटीक जानकारी उपलब्ध करायें। इससे हम अपनी नीतियों और कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बना सकें। मुझे विश्वास है कि आज प्रस्तुत की जाने वाली रिपोर्ट नीति निर्माताओं शोधकर्ताओं और विभिन्न विभागों के लिये एक उपयोग मार्गदर्शिका सिद्ध होगी। हम सभी मिलकर इस महत्वपूर्ण रोडमेप को धरातल पर प्रभावी कार्यों में परिवर्तित करने का प्रयास करेंगे और स्वस्थ, हरित तथा जलवायु-लचीले मध्यप्रदेश के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

    इस अवसर पर कार्यपालन संचालक एप्को हर्षल पंचोली ने कार्यक्रम का परिचय एवं स्वागत उद्बोधन दिया। पूर्व सदस्य सचिव केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड डॉ. बी. सेनगुप्ता, वायु प्रदूषण नियंत्रण पर तकनीकी सत्र, जलवायु परिवर्तन एवं वायु गुणवत्ता, द एनर्जी एण्ड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट नई दिल्ली ने वायु प्रदूषण एवं जलवायु प्रदूषण पर तकनीकी सत्र और निदेशक विज्ञान कार्यक्रम, गेटवे रिसर्च निमीश सिंह ने ट्रांसबाउंड्री वायु प्रदूषण पर तकनीकी सत्र को संबोधित किया।

     

  • गुरु का ऋण कभी नहीं चुकाया जा सकता, शिक्षक राष्ट्र निर्माण के सच्चे शिल्पकार-राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा

    रायपुर

     समाज और राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों के अमूल्य योगदान को नमन करते हुए स्व. सोनचंद स्मृति फाउंडेशन के तत्वाधान में नगर भवन, बलौदाबाजार में गरिमामय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने जिले के 150 सेवानिवृत्त शिक्षक-शिक्षिकाओं को सम्मानित कर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।

    ​गुरुजनों के मार्गदर्शन से ही संभव है सशक्त समाज का निर्माण

     ​शिक्षक सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री वर्मा ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान को सर्वाेपरि बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल किताबी ज्ञान नहीं बांटते, बल्कि वे विद्यार्थियों में संस्कार रोपकर उनके व्यक्तित्व और भविष्य की मजबूत नींव रखते हैं। ​उन्होंने सभी गुरुजनों का अभिनंदन करते हुए कहा कि गुरुजनों का उपकार इतना महान है कि इसे कभी चुकाया नहीं जा सकता। जिन शिक्षकों का आज सम्मान हुआ है, उन्होंने अपने जीवन का स्वर्णिम समय भावी पीढ़ी को गढ़ने में समर्पित किया है। उनका यह योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।

     कार्यक्रम के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवा देने वाले सेवानिवृत्त शिक्षकों को स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। समारोह में स्थानीय जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।

  • प्रतिभा खोज परीक्षा के परिणाम घोषित, 9 केंद्रों पर होगी जेईई-नीट की नि:शुल्क तैयारी

    प्रतिभा खोज परीक्षा के परिणाम घोषित, 9 केंद्रों पर होगी जेईई-नीट की नि:शुल्क तैयारी

    भोपाल 

    उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने शिक्षक दिवस के अवसर पर शाजापुर जिले की प्रतिभा खोज परीक्षा के अंतिम परिणाम घोषित करते हुए कहा कि प्रदेश के प्रतिभावान विद्यार्थियों को आर्थिक एवं सामाजिक परिस्थितियों से परे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के समान अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से ‘प्रतिभा मंदिर परियोजना’ का विस्तार करते हुए अब जिले के 9 केंद्रों पर जेईई (JEE) एवं नीट (NEET) की नि:शुल्क तैयारी कराई जाएगी।

    मंत्री  परमार ने बताया कि प्रतिभा खोज परीक्षा में 1 हजार 751 विद्यार्थियों का चयन हुआ है। इनमें कक्षा 9 आधारभूत तैयारी (फाउंडेशन) के 937, संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JEE) के 347 तथा राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) के 467 विद्यार्थी शामिल हैं। चयनित विद्यार्थियों में 1 हजार 241 शासकीय एवं 510 निजी विद्यालयों के विद्यार्थी हैं। इनमें 1 हजार 207 हिंदी माध्यम और 544 अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थी हैं तथा दिव्यांग श्रेणी के 5 विद्यार्थियों का भी चयन हुआ है। 17 सितंबर 2026 को सांदीपनि विद्यालय, गौलाना में परियोजना का भव्य शुभारंभ होगा। इस अवसर पर सभी चयनित विद्यार्थियों को अभिभावकों एवं संरक्षकों की उपस्थिति में प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा एवं कक्षाएं 18 सितंबर से प्रारंभ होंगी।

    मंत्री  परमार ने बताया कि विद्यार्थियों की व्यापक भागीदारी और उल्लेखनीय चयन को देखते हुए जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों शाजापुर, शुजालपुर एवं कालापीपल में प्रतिभा मंदिर केंद्रों की संख्या 3 से बढ़ाकर 9 की गई है। इनमें शुजालपुर, पोचानेर, गौलाना, अकोदिया एवं सुंदरसी के 5 सांदीपनि विद्यालय (सीएम राइज), शाजापुर का 1 उत्कृष्ट विद्यालय तथा कालापीपल, मोमन बड़ोदिया एवं पोलायकला के 3 महाविद्यालय शामिल हैं।

    मंत्री  परमार ने कहा कि प्रतिभा मंदिर परियोजना को समावेशी स्वरूप दिया गया है। शासकीय विद्यालयों के निर्धन एवं वंचित विद्यार्थियों को प्राथमिकता देने के बाद सीटें रिक्त रहने पर निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों को भी अवसर मिलेगा। चयनित निजी विद्यालय विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर अपने परिसर में भी प्रतिभा मंदिर स्थापित कर संचालित कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी द्वारा व्यक्त विश्वस्तरीय एवं नि:शुल्क प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के राष्ट्रीय संकल्प को मध्यप्रदेश में धरातल पर उतारने की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल है। यह प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व एवं संकल्प के प्रति हमारा कार्य-समर्पण है।

    प्रतिभा मंदिर की कक्षाएं कोटा एवं नई दिल्ली स्थित प्रतिभा मंदिर स्टूडियो से ऑनलाइन संचालित होंगी। विषय-विशेषज्ञ शिक्षक विद्यार्थियों को मार्गदर्शन देंगे तथा यूट्यूब (YouTube) चैनल एवं प्रतिभा धारा शिक्षण प्रबंधन प्रणाली (LMS) पोर्टल के माध्यम से अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। स्क्रीन समय कम करने और अभ्यास को प्रभावी बनाने के लिए मुद्रित अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध होगी।  परमार ने कहा कि ‘प्रतिभा मंदिर’ केवल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का केंद्र नहीं, बल्कि संसाधनों के अभाव में पीछे रह जाने वाली प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का समान अवसर देने का माध्यम है।

     

  • प्रभावित गांवों का दौरा कर जानी स्थिति

    प्रभावित गांवों का दौरा कर जानी स्थिति

    भोपाल 

    उप मुख्यमंत्री एवं सागर जिले के प्रभारी मंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने बंडा क्षेत्र में अवैध शराब हादसे से प्रभावित गांवों का सघन दौरा कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें ढांढस बंधाया और आश्वस्त किया कि दुख की इस कठिन घड़ी में राज्य सरकार उनके साथ खड़ी है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने बंडा, शाहगढ़ तहसील के ग्राम बमूरा भेड़ा, नौराज, गूगरा खुर्द, धुरमार, चौका, हनौती एवं पापेट पहुंचकर पीड़ित तथा मृतक परिवारों के सदस्यों से व्यक्तिगत रूप से भेंट की। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत हृदय विदारक घटना है और प्रभावित परिवार कठिन दौर से गुजर रहे हैं। उन्होंने परिजन को सांत्वना देते हुए स्पष्ट किया कि शासन की ओर से नियमानुसार सभी प्रभावित परिवारों को हरसंभव राहत उपलब्ध कराई जाएगी।

    उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि अवैध शराब के कारोबार में लिप्त शराब माफियाओं और इसमें शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। परिजन द्वारा की गई मांग पर उन्होंने जानकारी दी कि पुलिस एवं प्रशासन द्वारा अब तक 10 से अधिक आरोपियों को हिरासत में लिया जा चुका है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और वितरण के मुख्य स्रोत तक पहुंचकर जड़ों को पूरी तरह समाप्त किया जाए, जिससे दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।

    नशामुक्त समाज के लिए ग्रामीणों से की अपील

    उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने भ्रमण के दौरान ग्रामीणों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों से संवाद करते हुए गांवों को पूर्णतः नशामुक्त बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशे की लत न केवल व्यक्ति को बल्कि पूरे परिवार और समाज को तबाह कर देती है। इसलिए सभी नागरिक अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए नशे की लत से दूर रहें। उन्होंने रेखांकित किया कि क्षेत्र में पूर्व में भी नशामुक्ति के लिए जनसहयोग से प्रयास हुए हैं; भविष्य में भी अवैध नशे के कारोबार पर पूर्ण विराम लगाने और इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए शासन-प्रशासन पूरी कड़ाई और गंभीरता से कार्य कर रहा है। इस दौरान बंडा विधायक  वीरेंद्र सिंह कलेक्टर मती प्रतिभा पाल, पुलिस अधीक्षक  अनुराग सुजनिया, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  जगदीश गोमे सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी अधिकारी मौजूद रहे। 

  • CM मोहन यादव का ग्लोबल इन्वेस्टर्स को न्योता, Dubai AIM Congress 2026 में बोले- मध्यप्रदेश में निवेश के अपार अवसर

    CM मोहन यादव का ग्लोबल इन्वेस्टर्स को न्योता, Dubai AIM Congress 2026 में बोले- मध्यप्रदेश में निवेश के अपार अवसर

    दुबई में एआईएम कांग्रेस-2026 के मंच से मुख्यमंत्री डॉ. यादव का वैश्विक निवेशकों को मध्यप्रदेश आने का न्योता

    मध्यप्रदेश में फाइलें डेस्क पर नहीं रुकेंगी, सरकार निवेशकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी होगी” : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
    वैश्विक बाजारों और नए निवेश की संभावनाओं का विस्तार

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को दुबई वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में आयोजित एआईएम कांग्रेस-2026 में दुनिया भर के निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश भारत के विशाल घरेलू बाजार के केंद्र में स्थित है और मजबूत कनेक्टिविटी, विकसित औद्योगिक आधार तथा निवेश-अनुकूल नीतियों के कारण तेजी से देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों में अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेशकों को हर स्तर पर पूरा प्रशासनिक सहयोग मिलेगा और सरकार उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी होगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एआईएम कांग्रेस-2026 के आयोजन के लिए पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह मंच पारंपरिक निवेश से आगे बढ़कर वैश्विक नवाचार, आर्थिक साझेदारी और नए अवसरों का सशक्त मंच बन चुका है। उन्होंने कहा कि बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था, भू-राजनीतिक परिस्थितियां, आपूर्ति शृंखलाओं में बदलाव, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और हरित विकास आज निवेश की दिशा को प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे समय में सतत और समावेशी भविष्य के लिए वैश्विक समृद्धि के नए निवेश मार्ग इस आयोजन की थीम बेहद प्रासंगिक है।

    भारत-यूएई संबंधों को नई आर्थिक ऊर्जा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत और संयुक्त अरब अमीरात के संबंध आज अभूतपूर्व ऊंचाइयों पर हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और यूएई के शीर्ष नेतृत्व के बीच बने गहरे विश्वास ने दोनों देशों के संबंधों को नई रणनीतिक और आर्थिक ऊर्जा दी है। वर्ष 2022 में लागू व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते सीईपीए ने व्यापार, निवेश, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल सहयोग के लिए नए अवसर खोले हैं। उन्होंने कहा कि भारत और यूएई के बीच द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब डॉलर का आंकड़ा पार कर चुका है और वर्ष 2032 तक इसे 200 अरब डॉलर तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास जताया कि इस लक्ष्य को हासिल करने में मध्यप्रदेश महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    मध्यप्रदेश में फाइलें डेस्क पर नहीं रुकेंगी, सरकार निवेशकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी होगी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में उन्हें हर स्तर पर पूर्ण प्रशासनिक सहयोग और व्यक्तिगत प्रतिबद्धता मिलेगी। उन्होंने कहा कि आपकी फाइलें सरकारी दफ्तरों की डेस्क पर इंतजार नहीं करेंगी, सरकार स्वयं आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी होगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में निवेश प्रस्तावों को तेजी से धरातल पर उतारने और उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने यूएई और दुनिया भर के निवेशकों को खाद्य प्रसंस्करण एवं एग्री-बिजनेस, टेक्सटाइल एवं गारमेंट्स, फार्मास्युटिकल्स, इंजीनियरिंग एवं विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स एवं वेयरहाउसिंग, नवीकरणीय ऊर्जा तथा डिजिटल अवसंरचना, डेटा सेंटर और भविष्य की प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में निवेश के लिए आमंत्रित किया।

    कृषि और फूड प्रोसेसिंग में बड़ी संभावना

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत और यूएई की अर्थव्यवस्थाओं में अनेक समानताएं हैं और दोनों देशों के बीच सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं। विशेष रूप से कृषि और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में मध्यप्रदेश यूएई और पूरे खाड़ी क्षेत्र के लिए विश्वसनीय और दीर्घकालिक आपूर्ति साझेदार बन सकता है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश के प्रमुख कृषि राज्यों में शामिल है। सोयाबीन, गेहूं, दालों, मक्का, मसालों और अन्य कृषि उत्पादों के साथ प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में भी व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि यूएई अपनी खाद्य जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करता है। ऐसे में मध्यप्रदेश के लिए खाड़ी क्षेत्र एक बड़ा और स्थायी बाजार बन सकता है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुबई जैसे अंतर्राष्ट्रीय बाजार से प्रदेश के कृषि उत्पादों को जोड़ने से किसानों को बेहतर बाजार और उनकी उपज के बेहतर मूल्य मिल सकते हैं। इसके साथ ही कोल्ड चेन, ग्रेडिंग, भंडारण और फूड प्रोसेसिंग में निवेश के नए अवसर भी सृजित होंगे।

    चंदेरी-महेश्वरी से वैश्विक टेक्सटाइल वैल्यू चेन तक

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश की समृद्ध वस्त्र परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि चंदेरी और महेश्वरी जैसी पारंपरिक पहचान को आधुनिक टेक्सटाइल पार्क और गारमेंट निर्माण से जोड़ा जा रहा है। प्रदेश का लक्ष्य वैश्विक टेक्सटाइल वैल्यू चेन में महत्वपूर्ण स्थान बनाना है। उन्होंने कहा कि फार्मास्युटिकल्स, इंजीनियरिंग और उन्नत विनिर्माण के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। पीथमपुर, मंडीदीप और मालनपुर जैसे औद्योगिक केंद्र ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और हाईटेक विनिर्माण के मजबूत आधार बन चुके हैं। ऑप्टिकल फाइबर और उन्नत विनिर्माण इकाइयों की स्थापना से मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमता और मजबूत हुई है।

    एआईएम कांग्रेस से मध्य-पूर्व, अफ्रीका और यूरोप तक म.प्र. की पहुंच

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यूएई केवल मध्यप्रदेश के लिए एक बड़ा बाजार नहीं है, बल्कि मध्य-पूर्व, अफ्रीका और यूरोप तक पहुंचने का महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार भी है। वहीं मध्यप्रदेश भौगोलिक रूप से भारत के विशाल घरेलू बाजार के केंद्र में स्थित है। दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा, विश्वस्तरीय एक्सप्रेसवे नेटवर्क, विकसित औद्योगिक क्षेत्र और बहु-माध्यम लॉजिस्टिक्स प्रदेश को वैश्विक निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार बनाते हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एआईएम कांग्रेस के दौरान दुबई के बिजनेस बे स्थित ताज दुबई में मध्यप्रदेश के 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' और भौगोलिक संकेतक उत्पादों की प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया। प्रदर्शनी में बैतूल का बेल मेटल क्राफ्ट, अशोकनगर की चंदेरी साड़ी, खरगोन के महेश्वर की महेश्वरी साड़ी, उज्जैन का बाटिक प्रिंट, भोपाल की जरी-जरदोजी और ग्वालियर का कारपेट प्रदर्शित किया गया। उन्होंने कहा कि इन उत्पादों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने और अंतर्राष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंचाने से स्थानीय कारीगरों के लिए नए आर्थिक अवसर सृजित होंगे।

    अरब संसद अध्यक्ष से भी हुई अहम चर्चा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अरब संसद के अध्यक्ष मोहम्मद अहमद अल यामाही से मुलाकात कर अरब देशों और मध्यप्रदेश के बीच व्यापार, निवेश, कृषि, पर्यटन और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने अरब निवेशकों को मध्यप्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा, औषधि निर्माण, चिकित्सा उपकरण, वस्त्र, लॉजिस्टिक्स, उन्नत विनिर्माण और शहरी अवसंरचना के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मोहम्मद अहमद अल यामाही और उनके नेतृत्व वाले अरब व्यावसायिक प्रतिनिधिमंडल को मध्यप्रदेश आने तथा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में सहभागी बनने का आमंत्रण दिया।

    एआईएम कांग्रेस से मध्यप्रदेश के लिए वैश्विक बाजारों और नए निवेश के रास्ते होंगे मजबूत

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश और यूएई की साझेदारी केवल निवेश तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पारस्परिक समृद्धि और साझा भविष्य की साझेदारी है। भारतीय संस्कृति के वसुधैव कुटुंबकम् के भाव का उल्लेख करते हुए उन्होंने यूएई सरकार, वहां के व्यापारिक संगठनों और दुनिया भर के निवेशकों से मध्यप्रदेश आने और नई आर्थिक साझेदारी की शुरुआत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि निवेश को विकास और विकास को जनकल्याण से जोड़ते हुए मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश, विनिर्माण और नवाचार का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए मिलकर काम करना है।

     

  • दुबई में बढ़ी MP की ग्लोबल पहुंच! CM मोहन यादव ने इथियोपिया के राष्ट्रपति को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 का दिया न्योता

    दुबई में बढ़ी MP की ग्लोबल पहुंच! CM मोहन यादव ने इथियोपिया के राष्ट्रपति को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 का दिया न्योता

    दुबई में इथियोपिया के राष्ट्रपति से मिले मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मध्यप्रदेश में निवेश और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 का दिया न्योता

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संयुक्त अरब अमीरात प्रवास के दौरान इथियोपिया के राष्ट्रपति महामहिम ताये अत्स्के सेलासी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं के साथ भारत-इथियोपिया आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने तथा दोनों देशों के बीच व्यापारिक एवं निवेश सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर विस्तार से चर्चा हुई।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इथियोपिया के राष्ट्रपति को मध्यप्रदेश में उपलब्ध निवेश अवसरों, अनुकूल औद्योगिक वातावरण और विभिन्न क्षेत्रों में मौजूद संभावनाओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश भारत के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और प्रदेश में वैश्विक निवेशकों के लिए नए अवसर लगातार विकसित किए जा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इथियोपिया के उद्योग एवं व्यापार जगत को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि प्रदेश कृषि, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, फार्मास्युटिकल्स, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स, ऊर्जा और आधुनिक तकनीक जैसे क्षेत्रों में निवेश की व्यापक संभावनाएं उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने इथियोपिया के राष्ट्रपति को मध्यप्रदेश में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) में शामिल होने का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वैश्विक निवेशकों के साथ साझेदारी के माध्यम से मध्यप्रदेश को निवेश, उद्योग और नवाचार का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

    भारत-इथियोपिया आर्थिक साझेदारी को नई गति देने पर जोर

    मुलाकात के दौरान भारत और इथियोपिया के बीच आर्थिक संबंधों को और व्यापक बनाने तथा मध्यप्रदेश और इथियोपिया के बीच निवेश एवं व्यावसायिक सहयोग की नई संभावनाएं तलाशने पर भी चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने व्यापार और निवेश के क्षेत्र में आपसी सहयोग को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।

     

  • MP और रास अल खैमाह के बीच बढ़ेगा औद्योगिक सहयोग! CM मोहन यादव ने शासक शेख सौद से की चर्चा

    MP और रास अल खैमाह के बीच बढ़ेगा औद्योगिक सहयोग! CM मोहन यादव ने शासक शेख सौद से की चर्चा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रस-अल-खैमा के शासक शेख सौद बिन सकर अल कासिमी से की मुलाकात

    मध्यप्रदेश और रास अल खैमाह के बीच निवेश एवं औद्योगिक सहयोग की संभावनाओं पर हुई चर्चा

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने दुबई प्रवास के दूसरे दिन संयुक्त अरब अमीरात की सुप्रीम काउंसिल के सदस्य एवं रस-अल-खैमा के शासक शेख सौद बिन सकर अल कासिमी से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में निवेश के अनुकूल वातावरण और प्रदेश में उपलब्ध विभिन्न औद्योगिक और व्यवसायिक अवसरों की जानकारी दी।बैठक में मध्यप्रदेश और रस-अल-खैमा के बीच निवेश संवर्धन, औद्योगिक सहयोग, निवेशकों के संपर्क और बाजार पहुंच बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श हुआ।

    विभिन्न क्षेत्रों में निवेश एवं सहयोग की संभावनाओं पर हुई चर्चा

    दोनों प्रमुखों के मध्य सिरेमिक एवं निर्माण सामग्री, फार्मास्यूटिकल्स एवं मेडिकल डिवाइस, पर्यटन एवं आतिथ्य, खाद्य प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे सेक्टर्स में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इन क्षेत्रों में निवेश और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए दोनों पक्षों के बीच संस्थागत समन्वय मजबूत करने पर जोर दिया गया।

    निवेशकों को मध्यप्रदेश में भूमि की पहचान, आवश्यक अनुमतियों, अधोसंरचना से जुड़ी सुविधाओं और राज्य-स्तरीय नोडल सहयोग के माध्यम से समयबद्ध सुविधा उपलब्ध कराने के संबंध में भी चर्चा हुई। रस-अल खैमा की कंपनियों एवं संस्थानों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करने और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सहयोग की संयुक्त रूप से पहचान करने का प्रस्ताव रखा गया।

    रस-अल-खैमा विनिर्माण, सिरेमिक, निर्माण सामग्री, फार्मास्यूटिकल्स, पर्यटन और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में स्थापित केंद्र है। वहीं मध्यप्रदेश अपनी केंद्रीय भौगोलिक स्थिति, प्रतिस्पर्धी लागत, उपलब्ध औद्योगिक भूमि, स्थापित अधोसंरचना और सिंगल विंडो सुविधा के माध्यम से निवेशकों को भारतीय बाजार तक प्रभावी पहुंच उपलब्ध करता है। बैठक में दोनों पक्षों की पूरक क्षमताओं के आधार पर सहयोग के अवसरों पर चर्चा हुई।

     

  • MP में निवेश की बंपर संभावनाएं! AI, डिफेंस, फूड प्रोसेसिंग समेत इन सेक्टर्स पर CM मोहन यादव का फोकस

    MP में निवेश की बंपर संभावनाएं! AI, डिफेंस, फूड प्रोसेसिंग समेत इन सेक्टर्स पर CM मोहन यादव का फोकस

    निवेश के लिए मध्यप्रदेश बना देश का नया ग्रोथ हब

     AI-डेटा से डिफेंस और फूड प्रोसेसिंग तक हर सेक्टर में अवसर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
    25 से ज्यादा नई नीतियां लागू
    1.10 करोड़ से अधिक लोगों को MSME सेक्टर में रोजगार

    भोपाल
    मध्यप्रदेश अब निवेश, उद्योग और रोजगार के नए केंद्र के रूप में तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। दुबई यात्रा के पहले दिन पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में निवेश की दृष्टि से हर क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। फूड प्रोसेसिंग यूनिट, टेक्सटाइल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा सेक्टर, ड्रोन, डिफेंस और साइंस सिटी जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश के लिए राज्य में अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है। राज्य सरकार का लक्ष्य प्रदेश के हर क्षेत्र की स्थानीय क्षमता को पहचानकर उसे उद्योग, निवेश और रोजगार के अवसरों में बदलना है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में व्यापार को सुगम बनाने की दिशा में जो पहल की है, मध्यप्रदेश में उसे प्रभावी रूप से लागू किया गया है। राज्य सरकार ने कई अप्रासंगिक कानूनों को समाप्त किया है और 25 से अधिक नई नीतियां लागू की हैं। इन नीतिगत सुधारों के परिणामस्वरूप प्रदेश में बड़े उद्योगों की स्थापना में तेजी आई है और निवेशकों के लिए कारोबारी माहौल अधिक अनुकूल हुआ है।

    MSME सेक्टर में 1.10 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था में MSME सेक्टर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्रदेश में 1 करोड़ 10 लाख से अधिक लोग MSME क्षेत्र में कार्यरत हैं। इसके साथ ही राज्य सरकार ने शासकीय सेवाओं में नई भर्तियां भी लागू की हैं। प्रदेश में बड़े पैमाने पर उत्पादन हो रहा है और निर्यात के क्षेत्र में भी राज्य लगातार अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। वर्ष 2026-27 में मध्यप्रदेश से 76 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात हुआ है।उन्होंने कहा कि सरकार की व्यापार हितैषी नीतियों का उद्देश्य बड़े निवेश को आकर्षित करने के साथ स्थानीय उद्यमों को भी विस्तार के अवसर उपलब्ध कराना है। निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण और आवश्यक सुविधाएं विकसित की गई हैं, जिससे उद्योगों की स्थापना और संचालन दोनों को सुगम बनाया जा सके।

    AI, डेटा, ड्रोन और डिफेंस पर विशेष फोकस

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भविष्य की अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मध्यप्रदेश ने AI, डेटा, ड्रोन और डिफेंस जैसे नए क्षेत्रों को विशेष रूप से प्रमोट किया है। प्रदेश में तीन नए IT पार्क विकसित किए जा रहे हैं, जो रीवा, इंदौर और उज्जैन में बन रहे हैं। इनसे तकनीकी उद्योगों, स्टार्टअप और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे।उन्होंने कहा कि प्रदेश में साइंस सिटी भी विकसित की जा रही है। विज्ञान, तकनीक, नवाचार और नई पीढ़ी के कौशल विकास के लिहाज से यह महत्वपूर्ण पहल है।

     जमीन, बिजली, पानी और ग्रीन एनर्जी की पर्याप्त उपलब्धता

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योगों की स्थापना के लिए आवश्यक बुनियादी संसाधनों के मामले में मध्यप्रदेश की स्थिति बेहद मजबूत है। प्रदेश के पास पर्याप्त लैंड बैंक और भूमि, सरप्लस बिजली तथा पर्याप्त जल संसाधन उपलब्ध हैं। ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में भी राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप पंप लोड और अन्य बुनियादी जरूरतों को पूरा करने की क्षमता प्रदेश में है।उन्होंने कहा कि उद्योगों के लिए भूमि और संसाधनों के साथ बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और आवागमन की सुविधा भी जरूरी है। मध्यप्रदेश ने इस दिशा में भी अपनी कनेक्टिविटी को मजबूत किया है। यही वजह है कि प्रदेश देशभर के निवेशकों के आकर्षण का केंद्र बना है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में दुनिया की सबसे सस्ती बिजली बन रही है। सस्ती बिजली, ग्रीन एनर्जी, पर्याप्त भूमि, पानी और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर का संयोजन प्रदेश को निवेश के लिए प्रतिस्पर्धी बनाता है। इन सुविधाओं और नीतिगत लाभों के आधार पर मध्यप्रदेश अन्य राज्यों को प्रतिस्पर्धा दे रहा है।

    नीतियां बनीं निवेश की ताकत, लाभ जमीन पर पहुंचा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सरकार ने केवल नीतियां बनाने तक खुद को सीमित नहीं रखा है, बल्कि निवेशकों को नीतियों के आधार पर मिलने वाले लाभ प्रभावी रूप से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। व्यापार हितैषी नीतियों के साथ निवेशकों के लिए आवश्यक सुविधाओं और अनुकूल वातावरण का निर्माण किया गया है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में व्यापार सुगमता के लिए किए गए सुधारों को मध्यप्रदेश में प्रभावी ढंग से लागू करने का परिणाम है कि बड़े उद्योगों की स्थापना तेजी से हो रही है और निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।

    रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से जिला स्तर तक पहुंचेगा उद्योग

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के माध्यम से प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में स्थानीय उद्योगों और निवेश को प्रोत्साहित करने के नए अवसर तैयार किए गए हैं। इस पहल की देशभर में सराहना हुई है।अब सरकार का फोकस जिला स्तर पर औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार पर है। प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र में उपलब्ध संसाधनों और संभावनाओं को चिन्हित कर उन्हें उद्योग, निवेश और रोजगार के नए अवसरों में बदला जा रहा है। इससे औद्योगिक विकास बड़े शहरों तक सीमित न रहकर जिलों और स्थानीय क्षेत्रों तक पहुंचेगा।

    शिक्षा और स्वास्थ्य को रोजगारोन्मुख बनाने पर जोर

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निवेश के साथ कुशल मानव संसाधन तैयार करना भी जरूरी है। इसी दृष्टिकोण से प्रदेश में शिक्षा को रोजगारोन्मुख बनाया जा रहा है। स्वास्थ्य क्षेत्र को भी इसी दृष्टिकोण से सुदृढ़ किया जा रहा है, ताकि बेहतर सेवाओं के साथ इस क्षेत्र में भी रोजगार और निवेश की संभावनाएं बढ़ें।

    भोपाल-इंदौर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें, चार नए एयरपोर्ट की तैयारी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निवेश और पर्यटन के लिए बेहतर एयर कनेक्टिविटी महत्वपूर्ण है। भोपाल और इंदौर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन हो रहा है। प्रदेश में चार और नए एयरपोर्ट विकसित किए जाने की तैयारी है। ग्वालियर और जबलपुर भी एयर कनेक्टिविटी के लिहाज से तैयार हैं और भविष्य में यहां से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने की संभावनाएं हैं।उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी के कारण मध्यप्रदेश देश और दुनिया से तेजी से जुड़ रहा है। इसका सीधा लाभ उद्योग, व्यापार, निवेश और पर्यटन को मिल रहा है।

     महाकाल लोक के बाद पर्यटन में बड़ा उछाल

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश औद्योगिक निवेश के साथ पर्यटन के क्षेत्र में भी देश का बड़ा प्लेयर बनकर उभरा है। महाकाल लोक के निर्माण के बाद उज्जैन में श्रद्धालुओं की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष मध्यप्रदेश में करीब 14 करोड़ बाहरी पर्यटकों का आगमन हुआ है। उन्होंने कहा कि पर्यटन के विस्तार से होटल, परिवहन, खान-पान, हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पाद, फूड प्रोसेसिंग और सेवा क्षेत्र में भी रोजगार एवं निवेश के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। मध्यप्रदेश अब देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों के साथ-साथ निवेश के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में भी अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।

    हर क्षेत्र की क्षमता को निवेश और रोजगार में बदलने का लक्ष्य

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में फूड प्रोसेसिंग से लेकर टेक्सटाइल, IT, AI, डेटा, ड्रोन, डिफेंस और पर्यटन तक प्रत्येक क्षेत्र में उद्योग लगाने की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश के पास पर्याप्त भूमि, बिजली, पानी, ग्रीन एनर्जी, लैंड बैंक, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और तेजी से विकसित हो रही एयर कनेक्टिविटी जैसी ताकतें हैं।उन्होंने कहा कि सरकार ने नीतिगत सुधारों के साथ ऐसा निवेश इकोसिस्टम तैयार किया है, जिसमें स्थानीय संसाधनों और संभावनाओं को उद्योगों से जोड़ा जा रहा है। मध्यप्रदेश का लक्ष्य स्पष्ट है—प्रदेश की क्षमता को निवेश में, निवेश को उत्पादन में और उत्पादन को रोजगार में बदलना।