Category: मध्य प्रदेश

  • दुबई में गूंजा मध्यप्रदेश का निवेश मंत्र, CM यादव बोले- आइए निवेश करें, हम साथ निभाएंगे

    दुबई में गूंजा मध्यप्रदेश का निवेश मंत्र, CM यादव बोले- आइए निवेश करें, हम साथ निभाएंगे

    दुबई से दुनिया को मध्यप्रदेश का संदेश: “निवेश कीजिए, हम साझेदारी निभाएंगे”

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के दुबई में विश्व के विभिन्न देशों से आए राष्ट्राध्यक्षों एवं शासनाध्यक्षों के साथ एआईएम कांग्रेस-2026 के उद्घाटन सत्र में शामिल हुए। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने, मध्यप्रदेश पवेलियन का उद्घाटन किया, "Invest in Madhya Pradesh, India" निवेश सत्र में राज्य की निवेश क्षमता का प्रस्तुतीकरण किया तथा यूएई और रूस के वरिष्ठ नेतृत्व एवं प्रमुख उद्योग समूहों के साथ कई महत्वपूर्ण वन-टू-वन और शासन-स्तरीय बैठकें कीं।

    दिन की शुरुआत ताज दुबई, बिजनेस बे में मीडिया संवाद से हुई, जहां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों, उद्योग जगत और वैश्विक साझेदारों के बीच मध्यप्रदेश की बढ़ती आर्थिक शक्ति, औद्योगिक प्रगति और आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 की तैयारियों पर चर्चा की।

    मध्यप्रदेश पवेलियन का उद्घाटन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एआईएम कांग्रेस के प्रदर्शनी क्षेत्र में स्थापित मध्यप्रदेश पवेलियन का उद्घाटन किया। पवेलियन को राज्य के प्रमुख निवेश एवं व्यापार प्रदर्शन मंच के रूप में विकसित किया गया है, जहां वैश्विक निवेशकों को मध्यप्रदेश की केंद्रीय अवस्थिति, विशाल लैंड बैंक, विकसित औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र, विश्वस्तरीय अवसंरचना, निवेशक-अनुकूल नीतियों तथा विनिर्माण, वस्त्र, लॉजिस्टिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा, फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और उभरते उद्योगों में अवसरों की जानकारी दी गई। साथ ही चंदेरी, महेश्वरी, ज़री-जरदोज़ी, बेल मेटल और ग्वालियर कारपेट जैसे जीआई टैग एवं ओडीओपी उत्पादों का प्रदर्शन भी किया गया।

    रास अलखैमाह के शासक से मुलाकात

    एआईएम कांग्रेस के उद्घाटन समारोह से पूर्व, मुख्यमंत्री ने UAE सुप्रीम काउंसिल के सदस्य एवं रास अलखैमाह के शासक हिजहाइनेस शेख सऊद बिन सकरअलकासिमी से शिष्टाचार भेंट की। बैठक में सिरेमिक एवं निर्माण सामग्री, फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल डिवाइसेज, पर्यटन एवं आतिथ्य, खाद्य प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उन्हें ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में भाग लेने का आमंत्रण भी दिया। दोनों पक्षों ने निवेश संवर्धन एवं बाजार पहुंच के लिए संस्थागत सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।

    तातारस्तान गणराज्य के प्रमुख के साथ उच्चस्तरीय बैठक

    दोपहर में मुख्यमंत्री ने रूस के तातारस्तान गणराज्य के प्रमुख एच.ई. रुस्तम मिन्निखानोव के साथ शासन-स्तरीय बैठक की। बैठक का उद्देश्य तातारस्तान और मध्यप्रदेश के बीच व्यापार एवं निवेश सहयोग को मजबूत करना तथा सेक्टर-विशिष्ट साझेदारियों की पहचान करना था। वार्ता के दौरान उन्नत विनिर्माण, पेट्रोकेमिकल्स, इंजीनियरिंग, लॉजिस्टिक्स, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि, प्रौद्योगिकी और नवाचार आधारित उद्योगों में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।

    बैठक में “टाइम: रूस-भारत” फोरम में मध्यप्रदेश की भागीदारी, दोनों पक्षों के व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों के आदान-प्रदान, संभावित संयुक्त परियोजनाओं तथा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में तातारस्तान की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई।

    “Invest in Madhya Pradesh, India” सत्र ने बटोरा ध्यान

    दोपहर बाद आयोजित “Invest in Madhya Pradesh, India” निवेश सत्र AIM Congress का प्रमुख आकर्षण रहा। सत्र में दुबई के महावाणिज्यदूत डॉ. ई. विष्णु वर्धन रेड्डी ने स्वागत उद्बोधन दिया, जबकि मध्यप्रदेश के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने राज्य की निवेश संभावनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। सत्र में पर्यटन क्षेत्र की निवेश संभावनाओं पर विशेष फिल्म भी प्रदर्शित की गई। UAE के विदेश व्यापार राज्य मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद अलज़ेयौदी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

    निवेश सत्र में मुख्यमंत्री का विशेष संबोधन

    निवेश सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश केवल अवसरों का प्रदेश नहीं, बल्कि दीर्घकालिक, स्थिर और विश्वसनीय निवेश साझेदारी का केन्द्र है। उन्होंने कहा कि नीति, नीयत और नेतृत्व ने मध्यप्रदेश को निवेशकों का पसंदीदा गंतव्य बनाया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश भारत का भौगोलिक केंद्र है और यहां से देश के किसी भी हिस्से तक 24 से 36 घंटे के भीतर परिवहन संभव है। दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर, विकसित सड़क और रेल नेटवर्क तथा आधुनिक लॉजिस्टिक्स सुविधाएं इसे विनिर्माण एवं वितरण का स्वाभाविक केन्द्र बनाती हैं। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र, ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, फार्मास्यूटिकल्स, दूरसंचार उपकरण निर्माण, ऑप्टिकल फाइबर, इलेक्ट्रॉनिक्स, स्वच्छ ऊर्जा और डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में मध्यप्रदेश तेजी से मजबूत औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित कर रहा है। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को भोपाल में अगले वर्ष आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में भाग लेने का आमंत्रण दिया।

    यूएई के अर्थव्यवस्था एवं पर्यटन मंत्री के साथ बैठक

    निवेश सत्र के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने UAE के कैबिनेट सदस्य एवं अर्थव्यवस्था और पर्यटन मंत्री एच.ई. अब्दुल्ला बिन तौकअलमर्री से मुलाकात की। बैठक में नागरिक उड्डयन, विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ), भविष्य-केंद्रित संस्थानों, औद्योगिक पार्कों एवं निवेश सहयोग के विषयों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश में स्पेशल इंडस्ट्रियल जोन विकसित करने की योजनाओं की जानकारी दी और दुबई फ्यूचर फाउंडेशन जैसे संस्थानों की अवधारणा पर सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।

    डॉ. थानी बिन अहमद अलज़ेयौदी के साथ वन-टू-वन बैठक

    शाम को मुख्यमंत्री ने UAE के विदेश व्यापार राज्य मंत्री एवं एआईएम कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ. थानी बिन अहमद अलज़ेयौदी के साथ अलग से एक विशेष वन-टू-वन बैठक की। बैठक में मध्यप्रदेश को UAE निवेशकों के लिए मध्य भारत का पसंदीदा निवेश गंतव्य बनाने की रणनीति पर चर्चा हुई। खाद्य प्रसंस्करण, मत्स्यपालन एवं एक्वाकल्चर, कोल्ड चेन, हरित ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रिक वाहन, स्मार्ट विनिर्माण और निर्यात प्लेटफॉर्म में सहयोग बढ़ाने पर विचार किया गया। दोनों पक्षों ने चयनित निवेश परियोजनाओं के लिए संयुक्त कार्य प्रणाली विकसित करने तथा भविष्य में मध्यप्रदेश-UAE निवेश राउंडटेबल आयोजित करने पर सहमति व्यक्त की।

    लूलू ग्रुप के चेयरमैन युसूफ अली के साथ महत्वपूर्ण बैठक

    दिवस के अंतिम प्रमुख कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लूलू ग्रुप इंटरनेशनल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक युसूफ अली एम.ए. के साथ विस्तृत वन-टू-वन बैठक की। लूलू ग्रुप मध्य पूर्व का प्रमुख रिटेल, हाइपरमार्केट, खाद्य वितरण, कृषि निर्यात, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग समूह है, जिसकी वैश्विक उपस्थिति 250 से अधिक स्टोर्स और 65,000 से अधिक कर्मचारियों तक फैली हुई है।

    बैठक में मध्यप्रदेश से प्याज, गेहूं, सब्जियों सहित कृषि उत्पादों की प्रत्यक्ष खरीद को बढ़ावा देने, खाद्य प्रसंस्करण, सप्लाई चेन, वेयरहाउसिंग, कृषि निर्यात और रिटेल नेटवर्क विस्तार के अवसरों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश की कृषि क्षमता, खाद्य प्रसंस्करण अवसंरचना और निर्यातोन्मुखी नीतियों की जानकारी देते हुए लूलू ग्रुप को राज्य में निवेश बढ़ाने का आमंत्रण दिया।

    उद्योग एवं निवेश समुदाय के साथ नेटवर्किंग

    दिन का समापन दुबई स्थित भारतीय महावाणिज्यदूत द्वारा आयोजित विशेष रात्रिभोज में हुआ, जिसमें इंडियन बिज़नेस एंड प्रोफेशनल काउंसिल (IBPC) के अध्यक्ष सिद्धार्थ बालचंद्रन, UAE-India Business Council के अध्यक्ष नीलेश वेद, ट्रांसवर्ल्ड ग्रुप के अध्यक्ष रमेश एस. रामकृष्णन, डीपी वर्ल्ड के समूह मुख्य वित्तीय अधिकारी युवराज नारायण, लूलू ग्रुप के समूह निदेशक सलीम एम.ए. सहित खाद्य, लॉजिस्टिक्स, विमानन, वस्त्र, औद्योगिक विनिर्माण और व्यापार संगठनों के वरिष्ठ प्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न उद्योग प्रतिनिधियों के साथ अनौपचारिक संवाद कर उन्हें मध्यप्रदेश की विकास यात्रा का सहभागी बनने का आमंत्रण दिया।

     

  • दुबई में निवेशकों से आमने-सामने होंगे सीएम डॉ. यादव, तीसरे दिन निवेश को लेकर अहम बैठकें

    दुबई में निवेशकों से आमने-सामने होंगे सीएम डॉ. यादव, तीसरे दिन निवेश को लेकर अहम बैठकें

    दुबई प्रवास के तीसरे दिन निवेशकों से सीधा संवाद करेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    शारजाह चैंबर, बीआह और इमार के शीर्ष प्रतिनिधियों से करेंगे मुलाकात
    यूएई के प्रमुख उद्यमियों से निवेश पर होगी वन-टू-वन मीटिंग

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दुबई यात्रा के तीसरे दिन 8 सितंबर को मध्यप्रदेश में निवेश आकर्षित करने के लिए महत्वपूर्ण बैठकों और संवाद सत्रों में सहभागिता करेंगे। मुख्यमंत्री दुबई में यूएई के प्रमुख निवेशकों और उद्यमियों के साथ वन-टू-वन मीटिंग कर मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं, उपलब्ध औद्योगिक सुविधाओं और निवेश अनुकूल नीतियों पर चर्चा करेंगे। इनमें राणा होल्डिंग्स, जेम्स एजुकेशन, क्रेसेंट ग्रुप, प्योर हेल्थ, शराफ ग्रुप, चोइथराम्स, डीपी वर्ल्ड, ब्यूमर्क कॉरपोरेशन, वेस्ट ज़ोन, केजीके ग्रुप, विस्टास मीडिया कैपिटल और वीएफएस ग्लोबल के प्रमुख प्रतिनिधि शामिल हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव शारजाह चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष महामहिम अब्दुल्ला सुल्तान अल ओवैस के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद चैंबर और आईबीपीसी शारजाह के प्रतिनिधियों के साथ राउण्ड टेबल मीटिंग के संवाद में मध्यप्रदेश की निवेश संभावनाएं साझा करते हुए इन्वेस्ट मध्यप्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 के लिए आमंत्रित करेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव बीआह समूह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा इमार के समूह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी से भी मुलाकात करेंगे। इन बैठकों में पर्यावरण प्रबंधन, शहरी विकास, रियल एस्टेट और अधोसंरचना के क्षेत्र में मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा होगी तथा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 के लिए आमंत्रण दिया जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव मीडिया से संवाद भी करेंगे। इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश : संवाद सत्र में यूएई के प्रमुख निवेशकों एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से सीधे संवाद कर मध्यप्रदेश की निवेश संभावनाओं को सामने रखेंगे।

     

  • दुबई से हमारा सहज स्वाभाविक संबंध, मध्यप्रदेश अवसरों की सौगात लिए साथ खड़ा है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    दुबई से हमारा सहज स्वाभाविक संबंध, मध्यप्रदेश अवसरों की सौगात लिए साथ खड़ा है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मध्यप्रदेश है निवेशकों का भरोसेमंद साथी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भारत का दिल है मध्यप्रदेश, हम निवेशकों के दिल में जगह बनाने आए हैं
    दुबई से हमारा सहज स्वाभाविक संबंध, मध्यप्रदेश अवसरों की सौगात लिए साथ खड़ा है
    दुबई में एआईएम कांग्रेस में हुआ इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन : मध्यप्रदेश सत्र

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दुबई से हमारे सहज और स्वाभाविक संबंध हैं। हम दुबई के भरोसेमंद साथी हैं और संभावनाओं और अवसरों की सौगात लेकर दुबई के साथ खड़े हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश अतुल्य भारत का दिल है और हम दुबई के सभी निवेशकों के दिल में जगह बनाने आए है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों से कहा कि मध्यप्रदेश की औद्योगिक नीतियां बेहद पारदर्शी और निवेशक अनुकूल हैं। हमारी नीति, नीयत, नेतृत्व और पूरी सरकार निवेशकों के स्वागत के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि निवेशक बिना किसी संकोच के मध्यप्रदेश में निवेश करें। हमारी सरकार आपको कभी भी निराश नहीं होने देगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) प्रवास के दूसरे दिन दुबई के वर्ल्ड ट्रेड सेन्टर में हो रही एआईएम कांग्रेस-2026 के दौरान विशेष रूप से आयोजित 'इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन : मध्यप्रदेश' सत्र को संबोधित कर रहे थे। सत्र में यूएई के फॉरेन ट्रेड मिनिस्टर डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़ेयूदी, यूएई में भारत के उच्चायुक्त डॉ. दीपक मित्तल सहित बड़ी संख्या में देश-विदेश के उद्योगपति, इन्वेस्टर्स और इंडस्ट्री पार्टनर उपस्थित थे। सत्र के दौरान मध्यप्रदेश में हो रही औद्योगिक प्रगति, यहां की खूबियों, निवेश अवसरों और अनंत संभावनाओं पर केंद्रित एक ऑडियो-वीडियो फिल्म (एवी) का प्रदर्शन भी किया गया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुबई वैश्विक निवेश और नवाचार का केंद्र है। मध्यप्रदेश के लिए गर्व का विषय है कि आज वैश्विक साझेदारी, रणनीतिक और आर्थिक सहयोग, मजबूत और समृद्ध भविष्य का साझा रोडमैप एआईएम कांग्रेस के इस बड़े प्लेटफॉर्म पर रखा गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश देश-विदेश के सभी निवेशकों को दीर्घकालिक और विश्वस्तरीय साझेदारी के लिए नये अवसर उपलब्ध करा रहा है। भारत के सभी राज्यों में विकास की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के बीच मध्यप्रदेश उन अग्रणी राज्यों में शामिल है, जो अपनी पारदर्शी नीतियों और आकर्षक योजनाओं के आधार पर औद्योगिक विकास के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करता है। दुनिया में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए गंतव्यों की तलाश चल रही है। ऐसे समय में मध्यप्रदेश निवेशकों और उद्योग समूहों को सभी सुगम अवसर उपलब्ध करा रहा है। नीति, नीयत और निवेश में मध्यप्रदेश ने निवेशकों का दिल जीता है। मध्यप्रदेश, देश का वह प्रदेश है, जिसने निवेशकों को आगे बढ़ने के लिए अवसर वर्तमान के सभी सेक्टर्स में अवसर उपलब्ध कराए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में प्रचुर प्राकृतिक और कुशल मानव संसाधन हैं। मध्यप्रदेश ने अपनी उद्योग अनुकूल नीतियों, तेजी से विकसित हो रही औद्योगिक अधोसंरचनाओं और दिनों-दिन बढ़ती अर्थव्यवस्था से देश में अपना एक अलग ही स्थान बनाया है।

    मध्यप्रदेश की कनेक्टिविटी अन्य राज्यों से बेहतर

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश भारत का हृदय प्रदेश है, जिसकी कनेक्टिविटी देश के सभी राज्यों से बेहतर है। मध्यप्रदेश 24 घंटे माल परिवहन की सुविधा प्रदान करता है। एक्सपोर्ट और डिस्ट्रीब्यूशन के लिए राज्य सदैव अनुकूल है। देश में प्रमुख औद्योगिक केंद्र और बाजार तक पहुंच है, दिल्ली-मुम्बई औद्योगिक कॉरिडोर, रेल नेटवर्क, आधुनिक लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर आदि सुविधाओं के कारण मध्यप्रदेश का विशेष स्थान बना है। कृषि, उद्योग, सेवाएं, नई औद्योगिक आधारित अर्थव्यवस्थाओं का केंद्र है। मध्यप्रदेश भारत के अग्रणी कृषि उत्पादक राज्यों में शामिल है। जहां की उत्पादकता, अनुकूलता, फूड प्रोसेसिंग के आधार पर हमें वैश्विक खाद्य श्रृंखला का हिस्सा बनने का अवसर मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में टेक्सटाइल सेक्टर सबसे तेजी से उभरता क्षेत्र है। इस सेक्टर में मध्यप्रदेश अब केवल प्रोडक्शन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि कपड़ा उद्योग हमारी समृद्ध औद्योगिक विरासत और आधुनिक औद्योगिक क्षमता का अनूठा संगम बन गया है। चंदेरी, महेश्वरी आदि वस्त्रों के लेकर आधुनिक वस्त्र निर्माण के लिए मध्यप्रदेश में बेहतर अवसर हैं। ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, फॉर्मास्यूटिकल और एडवांस मैन्यूफैक्चरिंग हमारे राज्य को तेजी से आगे बढ़ा रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीथमपुर, मंडीदीप जैसे औद्योगिक केंद्र राष्ट्रीय कंपनियों के पसंदीदा केंद्र बने हुए हैं। पारम्परिक उद्योगों सहित आज मध्यप्रदेश की नई पीढ़ी को भी आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए आगे बढ़कर भविष्य के व्यापार-व्यवसाय करने के लिए तैयार हैं। दूरसंचार निर्माण, डिजिटल मैन्यूफैक्चरिंग, ऑप्टिकल फाइबर, इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीन एनर्जी और भविष्य की तकनीकी जरूरतों के हिसाब से हम मजबूत इकोसिस्टम का निर्माण कर रहे हैं। हम जानते है कि निवेश सिर्फ संसाधन और अवसरों को देखने से ही नहीं आता, इसके लिए भरोसे की भी जरूरत होती है। मध्यप्रदेश निवेशकों का वो भरोसेमंद साथी है, जहां नीतियां सरल और पारदर्शी हैं, पर्याप्त संसाधन हैं और आपके उद्योगों-कारखानों के लिए आधुनिक संरचनाएं भी उपलब्ध हैं।

    हमारी सरकार निवेशकों के लिए हर संभव कदम उठाने के लिए तैयार

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार निवेशकों के लिए हर संभव कदम उठाने के लिए तैयार है। मध्यप्रदेश कृषि, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल्स, फॉर्मास्युटिकल्स, इंजीनियरिंग, लॉजिस्टिक्स, रिन्युएबल एनर्जी, डिजिटल टेक्नोलॉजी और व्यापार की अपार संभावनाओं वाला राज्य है। राज्य को सभी क्षेत्रों में आगे लाकर यहां निवेश बढ़ाने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत भविष्य की संभावनाओं वाला देश बन रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के कालखंड में भारत सबसे समृद्ध अर्थव्यवस्था वाला देश बना है, दुबई और अन्य सभी खाड़ी देशों से हमारे अच्छे संबंध हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस संवाद सत्र के आयोजन के लिए यूएई ऑफिशियल्स के प्रयासों की सराहना की।

    म.प्र. में भरपूर है प्राकृतिक संसाधन और स्किल्ड मैन पॉवर : डॉ. थानी

    यूएई के फॉरेन ट्रेड मिनिस्टर डॉ. थानी ने कहा कि जुलाई 2025 में यूएई और मध्यप्रदेश के बीच व्यापार और व्यवसाय में सहयोग बढ़ाने पर अहम चर्चा हुई थी। भारत अर्थव्यवस्था की दृष्टि से हमारा एक पुराना और महत्वपूर्ण आर्थिक साझेदार है। पिछले साल भारत और यूएई का द्विपक्षीय तेल व्यापार 100 बिलियन डॉलर रहा। दोनों देश मिलकर द्विपक्षीय व्यापार को आगे बढ़ा रहे हैं। इसके साथ निवेश और नागरिकों के बीच संबंधों को प्रगाढ़ बना रहे हैं। मुझे विश्वास है कि मध्यप्रदेश हमारी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा। यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा राज्य है, जहां प्राकृतिक संसाधनों और स्क्ल्डि मैन पॉवर की कोई कमी नहीं है। यूएई मध्यप्रदेश की क्षमताओं को रेखांकित करता है। पिछले दौरे पर यूएई ने सेंट्रल इंडिया में सप्लाई चेन को मजबूत करने और उसे ग्लोबल मार्केट से जोड़ने पर सहमति जताई थी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव के पिछले दौरे में टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज के लिए कॉरिडोर शुरू करने पर चर्चा हुई थी, इस पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इससे भारत और यूएई के बीच व्यापार और निवेश बढ़ेगा। हम मध्यप्रदेश के साथ वैश्विक निवेशकों और व्यापार को जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं। आशा है कि आगामी जनवरी माह (जीआईएस 2027) में मध्यप्रदेश और यूएई के बीच व्यापारिक संबंधों को नई रफ्तार मिलेगी।

    मध्यप्रदेश और यूएई नए समझौतों का गवाह बन रहा है : उच्चायुक्त डॉ. मित्तल

    यूएई में भारत के उच्चायुक्त डॉ. दीपक मित्तल ने कहा कि भारत की विकास यात्रा में मध्यप्रदेश ग्रोथ इंजन की भूमिका में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था ने 7.8 प्रतिशत की विकास दर हासिल की है। यह वैश्विक स्तर पर जारी संकटों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है। इस विकास यात्रा में मध्यप्रदेश का बड़ा योगदान है। मध्यप्रदेश कई वर्षों से अपनी जीडीपी को 12 प्रतिशत से ऊपर बरकरार रखे हुए है। तेजी से बढ़ती भारतीय इकोनॉमी में यूएई भी एक अहम साझेदार के दौर पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है। भारत और यूएई के बीच कई अहम समझौते हुए हैं और पिछले तीन वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार बढ़कर 100 बिलियन डॉलर से अधिक हो गया है। यह दोनों देशों नेतृत्वकर्ताओं की प्रतिबद्धता और मजबूत हो रहे रिश्तों का परिचायक है। यूएई भारत के लिए द्विपक्षीय कारोबार वाले शीर्ष 3 देशों में शामिल है। यह हमारे लिए एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। आज मध्यप्रदेश और यूएई नए समझौतों का गवाह बन रहा है।

    दुबई और मध्यप्रदेश के बीच सीईपीए के माध्यम से मजबूत होंगे आर्थिक संबंध : एसीएस मंडलोई

    दुबई में आयोजित इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश निवेश सत्र में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने मध्यप्रदेश की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, निवेश अनुकूल नीतियों और मजबूत औद्योगिक आधारभूत संरचना पर विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया। उन्होंने बताया कि देश के मध्य में स्थित मध्यप्रदेश 1,000 किलोमीटर के दायरे में देश की लगभग 60 प्रतिशत आबादी तक आसान पहुंच प्रदान करता है, जिससे उत्पादों को बड़े उपभोक्ता बाजार तक कम समय में पहुंचाना संभव है। प्रदेश की जीएसडीपी वृद्धि दर पिछले पांच वर्षों में लगभग 12.7 प्रतिशत रही है। प्रस्तुतीकरण में खाद्य प्रसंस्करण, टेक्सटाइल एवं परिधान, नवीकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, खनन और पर्यटन को निवेश के प्रमुख अवसरों के रूप में रेखांकित किया गया। उन्होंने फूड से फार्म-टू-फैशन वैल्यू चेन, जैविक कपास, मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब, आईसीडी, एमएमएलपी, नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन एवं भंडारण तथा खनिज संसाधनों में संभावनाओं की जानकारी दी। दुबई और मध्यप्रदेश के बीच व्यापारिक अवसरों को सीईपीए के माध्यम से और मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।

    सत्र में मध्यप्रदेश में निवेश अवसरों, नीतियों और आधारभूत संरचना पर आधारित ऑडियो विजुअल का प्रदर्शन किया गया। सत्र के अंत में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के सचिव जॉन किंग्सली ने सभी निवेशकों और उद्योगपतियों का आभार जताया।

     

  • AIM कांग्रेस-2026 में सीएम यादव की अहम मुलाकात, मध्यप्रदेश-तातारस्तान के बीच B2B और G2G सहयोग पर जोर

    AIM कांग्रेस-2026 में सीएम यादव की अहम मुलाकात, मध्यप्रदेश-तातारस्तान के बीच B2B और G2G सहयोग पर जोर

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तातारस्तान के प्रमुख एच.ई. रुस्तम मिन्निखानोव से की मुलाकात

    दुबई के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में आयोजित एआईएम कांग्रेस-2026 में मुख्यमंत्री ने की शिरकत
    मध्यप्रदेश और रूसी गणराज्य तातारस्तान के बीच B2B और G2G सहयोग को मिलेगा नया आयाम
    एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, पेट्रोकेमिकल्स, फूड प्रोसेसिंग, लॉजिस्टिक्स और टेक्नोलॉजी में संयुक्त निवेश पर बनी सहमति
    तातारस्तान ने मध्यप्रदेश प्रतिनिधिमंडल को टाइम: रूस–भारत फोरम में सहभागिता के लिये किया आमंत्रित
    आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-27 के लिए दिया आमंत्रण

    भोपाल 

    दुबई विजिट- दूसरा दिन

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुबई प्रवास के दौरान वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में आयोजित 'एआईएम कांग्रेस-2026' में सहभागिता की। इस अवसर पर उन्होंने रूसी गणराज्य तातारस्तान के प्रमुख (रईस) महामहिम रुस्तम मिन्निखानोव के साथ उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक की।

    बैठक का मुख्य उद्देश्य मध्यप्रदेश और तातारस्तान के बीच व्यापार एवं निवेश सहयोग को प्रगाढ़ करना, सेक्टर-विशिष्ट रणनीतिक साझेदारियों की पहचान करना तथा आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 (GIS) में तातारस्तान की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महामहिम रुस्तम मिन्निखानोव को मध्यप्रदेश की समृद्ध औद्योगिक क्षमताओं और निवेश अनुकूल वातावरण से अवगत कराते हुए आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में सम्मिलित होने का औपचारिक निमंत्रण दिया। तातारस्तान के प्रमुख ने इस निमंत्रण का स्वागत करते हुए आश्वस्त किया कि वे एक सशक्त निवेशक प्रतिनिधिमंडल (डेलिगेशन) के साथ समिट में भाग लेंगे तथा राज्य में निवेश की ठोस संभावनाओं को आगे बढ़ाएंगे।

    बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, पेट्रोकेमिकल्स, फूड प्रोसेसिंग, इंजीनियरिंग, लॉजिस्टिक्स, कौशल विकास, कृषि एवं इनोवेशन-आधारित आधुनिक तकनीकों में सहयोग पर विस्तृत विमर्श हुआ। भारत और तातारस्तान के प्रगाढ़ होते आर्थिक संबंधों के परिप्रेक्ष्य में मध्यप्रदेश के साथ बीटूबी और जीटूजी स्तर पर दीर्घकालिक साझेदारी विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया।

    तातारस्तान की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. यादव, उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों और राज्य के व्यापारिक प्रतिनिधियों को “टाइम: रूस–भारत” फोरम तथा संबंधित प्रदर्शनी में सहभागिता के लिये आमंत्रित किया गया। बैठक में दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय बिजनेस मिशन आयोजित करने, संयुक्त परियोजनाओं की संभावनाओं को धरातल पर उतारने और त्वरित समन्वय के लिए अधिकृत नोडल ऑफिसर्स को नामित करने पर भी सहमति व्यक्त की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूएई के विदेश व्यापार राज्य मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद ज़ैयौदी से की वन-टू-वन मीटिंग

    मध्यप्रदेश में निवेश के लिए किया आमंत्रित

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूएई के विदेश व्यापार राज्य मंत्री महामहिम डॉ. थानी बिन अहमद ज़ैयौदी के साथ उच्च स्तरीय वन-टू-वन बैठक की। बैठक में दोनों पक्षों के बीच भारत-यूएई व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (India-UAE CEPA) के तहत गैर-तेल व्यापार, उन्नत प्रौद्योगिकी, सुदृढ़ आपूर्ति श्रृंखला और सीमा-पार निवेश को गति देने पर गहन विचार-विमर्श हुआ।

    मध्यप्रदेश को यूएई निवेशकों के पसंदीदा गंतव्य के रूप में किया पेश

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूएई के निवेशकों के समक्ष मध्यप्रदेश के निवेश अवसरों और आदर्श निवेश गंतव्य की विशेषताओं से अवगत कराया, जिनमें रणनीतिक केंद्रीय अवस्थिति, प्रतिस्पर्धी लागत, उपलब्ध औद्योगिक भूमि और स्थापित अवसंरचना को प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश के प्रमुख बाजारों तक सीधी और सुगम पहुंच प्रदान करता है। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की उद्योग-हितैषी नीतियों और सिंगल विंडो सुविधा का उल्लेख करते हुए यूएई निवेशकों को समयबद्ध राज्य-स्तरीय सहायता का पूर्ण भरोसा दिलाया।

    प्राथमिकता वाले सेक्टर्स और खाद्य प्रसंस्करण में साझेदारी का आह्वान

    बैठक में मध्यप्रदेश में निवेश के विभिन्न अवसरों पर चर्चा हुई, जिनमें विशेष रूप से खाद्य प्रसंस्करण, मत्स्य पालन, नवकरणीय ऊर्जा एवं भंडारण, फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रिक वाहन (EV), स्मार्ट विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स, पर्यटन और स्वास्थ्य सेवाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फूड पार्क, मत्स्य पालन एवं एक्वाकल्चर, कोल्ड चेन, हरित ऊर्जा और निर्यात प्लेटफॉर्म्स के विकास में यूएई की सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया।

    ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए दिया न्योता

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महामहिम डॉ. थानी बिन अहमद ज़ैयौदी को मध्यप्रदेश में आयोजित होने वाले आगामी 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027' में शामिल होने का औपचारिक आमंत्रण दिया। यूएई के विदेश व्यापार राज्य मंत्री ने इस आमंत्रण को स्वीकारते हुए आश्वस्त किया कि वे यूएई के प्रमुख निवेशकों का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल (डेलिगेशन) के साथ सहभागिता करेंगे।

    अगला कदम: 3 माह में समीक्षा और नोडल ऑफिसर की नियुक्ति

    द्विपक्षीय संबंधों और औद्योगिक साझेदारी को व्यावहारिक रूप देने के लिए 5 से 10 क्रियान्वयन-तैयार परियोजनाओं की पहचान करने और संयुक्त समीक्षा व्यवस्था स्थापित करने पर सहमति बनी। इसके तहत 'मध्यप्रदेश-यूएई इन्वेस्टमेंट राउंड टेबल' का आयोजन किया जाएगा तथा चयनित परियोजनाओं के लिए समर्पित नोडल अधिकारी नामित किए जाएंगे, जिनकी पहली प्रगति समीक्षा तीन माह के भीतर सुनिश्चित की जाएगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्व बैंक के उपाध्यक्ष से की उच्च स्तरीय बैठक

    प्रदेश में एआई परियोजनाओं के लिए फंडिंग पर हुआ संवाद

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'एआईएम कांग्रेस-2026' सम्मेलन के दौरान विश्व बैंक के डिजिटल एवं एआई (Digital and AI) मामलों के वाइस प्रेसिडेंट सांगबु किम तथा उनकी टीम के साथ बैठक की।

    बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच मध्यप्रदेश में डिजिटल और तकनीकी विस्तार को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। इस संवाद में विश्व बैंक के प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार की नीतियों के तहत संचालित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डिजिटल गवर्नेंस से संबंधित परियोजनाओं में फंडिंग और वित्तीय सहयोग देने में रुचि दिखाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में उभरती तकनीकों, नवाचार और निवेश के अनुकूल वातावरण की जानकारी साझा करते हुए राज्य के विकास में वैश्विक साझेदारी को मजबूत करने पर बल दिया।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की यूएई के अर्थव्यवस्था एवं पर्यटन मंत्री एचई अब्दुल्ला बिन तौक अल मर्री निवेश की संभावनाओं पर हुई बैठक

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को दुबई स्थित अर्थव्यवस्था और पर्यटन मंत्रालय में यूएई कैबिनेट सदस्य एवं अर्थव्यवस्था और पर्यटन मंत्री एचई अब्दुल्ला बिन तौक अल मर्री के साथ बैठक की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने एचई अल मर्री को मध्यप्रदेश में आयोजित होने वाली आगामी 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट' (GIS) में सहभागिता के लिए औपचारिक निमंत्रण दिया। आमंत्रण को सहर्ष स्वीकार करते हुए एचई अब्दुल्ला बिन तौक अल मर्री ने आश्वस्त किया कि होटल एवं हॉस्पिटैलिटी इंवेस्टमेंट के क्षेत्र में संभावनाओं को धरातल पर उतारने के लिए दुबई से एक विशेष निवेश प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही मध्यप्रदेश का दौरा करेगा।

    प्रमुख क्षेत्रों में निवेश और नीतिगत सहयोग पर गहन विमर्श

    उच्च स्तरीय वार्ता के दौरान दोनों पक्षों के मध्य खनन (माइनिंग), टेक्सटाइल, वन (फॉरेस्ट) एवं पर्यटन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में साझेदारी को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश सरकार की पारदर्शी नीतियों, भूमि स्वामित्व नियमों, श्रम सुधारों और विदेशी निवेशकों के लिए उपलब्ध सुरक्षा तंत्र (प्रोटेक्शन मैकेनिज्म) से अवगत कराया। उन्होंने राज्य में पहले से सक्रिय यूएई कंपनियों के सकारात्मक अनुभवों को साझा करते हुए नए निवेशकों के लिए अनुकूल औद्योगिक वातावरण की प्रतिबद्धता दोहराई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य की नई एविएशन पॉलिसी के प्रमुख प्रावधानों को रेखांकित किया। एचई अब्दुल्ला बिन तौक अल मर्री, जो यूएई की जनरल सिविल एविएशन अथॉरिटी के चेयरमैन भी हैं, ने सिविल एविएशन मंत्री के रूप में भरोसा दिलाया कि वह मध्यप्रदेश और यूएई के मध्य एविएशन ऑपरेशन्स के विस्तार में पूरा सहयोग करेंगे। इस कदम से दोनों क्षेत्रों के बीच पर्यटन, कार्गो और व्यापारिक आवागमन को उल्लेखनीय गति मिलेगी।

    हट्टा इकोनॉमिक ज़ोन और दुबई फ्यूचर फाउंडेशन मॉडल पर विमर्श

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूएई के 'हट्टा इकोनॉमिक ज़ोन डेवलपमेंट प्रोजेक्ट' (Hatta Economic Zone Development Project) और विशेष औद्योगिक पार्कों के विकास मॉडल के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश भी आधुनिक औद्योगिक क्लस्टर व विशेष आर्थिक क्षेत्र स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रहा है। इसके साथ ही, 'दुबई फ्यूचर फाउंडेशन' के सीईओ के रूप में एचई अल मर्री ने मध्यप्रदेश में भी इसी प्रकार के नवाचार और भविष्योन्मुखी फाउंडेशन स्थापित करने की दिशा में तकनीकी एवं रणनीतिक सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया।

     

  • बेसहारा बुजुर्गों को कल धार्मिक यात्रा सकल ब्राह्मण महासमिति करवाएगी, बैठक संपन्न

    बेसहारा बुजुर्गों को कल धार्मिक यात्रा सकल ब्राह्मण महासमिति करवाएगी, बैठक संपन्न

    बेसहारा बुजुर्गों को कल धार्मिक यात्रा सकल ब्राह्मण महासमिति करवाएगी, बैठक संपन्न   

                                      
    ग्वालियर 

     सकल ब्राह्मण समाज की कोर कमेटी की बैठक प्रधान कार्यालय संस्थापक डॉक्टर जयवीर भारद्वाज की अध्यक्षता में संपन्न हुई । बैठक में निर्णय लिया गया कि 9 सितंबर को आश्रम स्वर्ग सदन के सभी समाजों के वरिष्ठ बुजुर्ग जनों को धार्मिक यात्रा पर ले जाकर उन्हें अपने साथ गणेश पूजन, सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ, श्रीमद् भागवत गीता के 18 वें अध्याय एवं श्री सत्यनारायण की कथा का श्रवण पंडित गिरिराज गुरुजी सहित पांच ब्राह्मणों के मुखारविंद से डबरा नव ग्रह शक्ति पीठ पर कराया जाएगा ।                                              यात्रा  का संयोजक तीरथ मिश्रा , डॉ मुन्नालाल शर्मा, अनिता योगेंद्र दीक्षित को मनोनीत किया गया ।     

     सकल ब्राह्मण महासमिति ग्वालियर द्वारा धार्मिक यात्रा में पुरुष बुर्जुगों की लिस्ट 

    .नवल पाठक,शंकर कुशवाह जी .विवेक सोनी जी .किशन जाटव जी.भागीरथ जाटव जी.शिशुपाल जी.दिलीप शाक्य जी.अनुराग जी ,.भाई जी.सूरज जी.राजेन्द्र जी.जयप्रकाश जी.करणजी.सुधीर जी.रामानंद जी.मुकेश जी.फूलचंद्र .सुमित जी.हेमंत ठाकुर जी.देव जी.आलोक श्रीवास्तव जी.चंदन सिंह .रामकृपाल जी.दीपक TI जी,.विजय भदौरिया जी.विनय जी, विकास गोस्वामी,पवन सूर्यवंशी,प्रिंस खटीक,युगांक गिरी,महिला बुजुर्गों की लिस्ट अभी .निर्मला देवी जी.रमादेवी जी.प्रीतिदेवी जी.भावना जी.सुनीता जी.पूजा जी.रूपाली

    जी.आराध्या.राशि,विभा अनेजा, काजल मौर्य, रश्मि बाथम,.विभा अनेजा .प्रिंस खटीक .सोनी गिरी.युगांक गिरी।                                         यात्रा का शुभारंभ भार्गव समाज के संभागीय अध्यक्ष परमानंद शर्मा, सकल ब्राह्मण महासमिति के अध्यक्ष प्रकाश नारायण शर्मा,सर्व ब्राह्मण महासंघ के अध्यक्ष रामनारायण मिश्रा, सनाढ्य सभा के संरक्षक डॉ केशव पांडे, श्याम बाबू शर्मा, ब्रह्म दत्त पाण्डेय शास्त्री,देवेन्द्र कुमार पाठक,सर्व ब्राह्मण महासंघ के महामंत्री रवि गौड, सकल ब्राह्मण महासमिति की महिला अध्यक्ष बीना भारद्वाज, सनातन धर्म का ध्वज पताका फहराकर नवग्रह शक्ति पीठ के लिए रवाना करेंगे।                                                   

  • मध्यप्रदेश में रोजगार की सौगात, MP Transco ने 351 नए कार्मिकों को दी नियुक्ति; मंत्री तोमर बोले- ऊर्जा क्षेत्र होगा मजबूत

    मध्यप्रदेश में रोजगार की सौगात, MP Transco ने 351 नए कार्मिकों को दी नियुक्ति; मंत्री तोमर बोले- ऊर्जा क्षेत्र होगा मजबूत

    एमपी ट्रांसको ने 351 नए कार्मिकों को दी नियुक्ति : ऊर्जा मंत्री तोमर

    भोपाल 

    ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार ऊर्जा विभाग के अंतर्गत मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) द्वारा विभिन्न श्रेणियों के पदों पर चयन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूर्ण कर प्रथम चरण में अब तक कुल 351 नए कार्मिकों को नियुक्तियां दी गई है। इनमें द्वितीय श्रेणी के 55 अधिकारी, तृतीय श्रेणी के 173 कर्मचारी तथा चतुर्थ श्रेणी के 123 कर्मचारी शामिल हैं।

    ऊर्जा मंत्री तोमर ने सभी नवनियुक्त कार्मिकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समर्पण, दक्षता और उत्तरदायित्व के साथ कार्य करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि युवा एवं प्रशिक्षित मानव संसाधन के जुड़ने से प्रदेश की ट्रांसमिशन व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।

    चरणबद्ध तरीके से की जा रही है नियुक्तियां

    ऊर्जा मंत्री ने बताया कि कंपनी द्वारा ट्रांसमिशन तंत्र के प्रभावी संचालन, रखरखाव तथा विस्तार कार्यों को गति देने के लिए चरणबद्ध रूप से रिक्त पदों पर भर्ती की जा रही है। इन नियुक्तियों से कंपनी की तकनीकी एवं संचालन क्षमता को और मजबूती मिलेगी तथा प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण एवं विश्वसनीय विद्युत पारेषण व्यवस्था सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।

    नए कार्मिकों को दिया जा रहा है प्रशिक्षण

    एमपी ट्रांसको के मुख्य अभियंता (मानव संसाधन एवं प्रशासन) धीरेंद्र सिंह ने बताया कि नियुक्त किए गए 351 कार्मिकों में 55 सहायक अभियंता, 166 कनिष्ठ अभियंता(पारेषण), 7 कनिष्ठ अभियंता (सिविल), 89 उपकेंद्र परिचारक, 24 सिविल परिचारक तथा 10 सर्वेयर परिचारक शामिल हैं। सभी नवनियुक्त कार्मिकों को आवश्यक तकनीकी एवं कार्यात्मक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

     

  • मध्यप्रदेश में टोल का दायरा बढ़ेगा, 12 सड़कों पर लगेगा शुल्क; सरकार बनाएगी 3 हजार करोड़ का राजस्व

    मध्यप्रदेश में टोल का दायरा बढ़ेगा, 12 सड़कों पर लगेगा शुल्क; सरकार बनाएगी 3 हजार करोड़ का राजस्व

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश में आने वाले समय में सड़क से सफर करना महंगा हो सकता है। राज्य सरकार सड़कों से होने वाली आय बढ़ाने के लिए टोल व्यवस्था का विस्तार करने की तैयारी में है। कम से कम 12 और सड़कों को टोल के दायरे में लाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके अलावा कुछ अन्य सड़कों को भी भविष्य में इस व्यवस्था से जोड़ने की योजना है। फिलहाल प्रदेश में मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीआरडीसी) की अलग-अलग योजनाओं के तहत 93 सड़कों पर 139 टोल प्लाजा संचालित हो रहे हैं। विभाग का मानना है कि नई सड़कों को टोल व्यवस्था से जोड़कर सरकार की आय में बड़ा इजाफा किया जा सकता है।

    अभी 400 करोड़, लक्ष्य 3 हजार करोड़ तक
    पीडब्ल्यूडी से जुड़े अधिकारियों के अनुसार प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के टोल से सालाना करीब 4 हजार करोड़ रुपये की आय होती है। इसके मुकाबले पीडब्ल्यूडी और एमपीआरडीसी की टोल से कमाई करीब 400 करोड़ रुपये सालाना है। इसी अंतर को देखते हुए विभाग अगले 10 से 15 साल में टोल से होने वाली आय को बढ़ाकर 2 हजार से 3 हजार करोड़ रुपये सालाना तक पहुंचाना चाहता है। इसके लिए नई सड़कों का निर्माण टोल आधारित मॉडल पर करने पर जोर दिया जा रहा है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के अनुसार टोल आधारित नई सड़कों से विभाग की आय बढ़ेगी। इससे सड़क क्षेत्र में निवेश के साथ राज्य के राजस्व में भी विभाग का योगदान बढ़ाया जा सकेगा। 

    निजी कंपनियों के बजाय सरकार के पास आएगा टोल
    सड़क निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी अब हाइब्रिड एन्युटी मॉडल यानी एचएएम को ज्यादा बढ़ावा देने की तैयारी में है। इसका उद्देश्य यह भी है कि सड़क बनने के बाद टोल से मिलने वाली राशि सरकार के पास आए। बीओटी मॉडल में सड़क बनाने वाली निजी कंपनी निवेश करती है और तय अवधि तक टोल से अपनी लागत और मुनाफा वसूलती है। वहीं एचएएम में सड़क निर्माण की लागत का 40 प्रतिशत हिस्सा सरकार देती है, जबकि बाकी 60 प्रतिशत राशि निजी कंपनी लगाती है। इस मॉडल में सड़क बनने के बाद टोल वसूली पीडब्ल्यूडी के माध्यम से किए जाने का प्रावधान है। यही वजह है कि विभाग नई परियोजनाओं के लिए एचएएम मॉडल को प्राथमिकता देने पर विचार कर रहा है।  एमपीआरडीसी के टोल आधारित सड़क प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक हाल में कुछ सड़कों को एचएएम के तहत मंजूरी दी गई है। इनमें सिवनी-बालाघाट, विदिशा-भोपाल और दमोह-कटनी सड़क परियोजनाएं शामिल हैं। इन सड़कों पर टोल प्लाजा बनाए जाने की योजना है। इसके अलावा आने वाले समय में एचएएम के तहत और सड़क परियोजनाएं मंजूर किए जाने की तैयारी है। 

    वाहन चालकों पर बढ़ेगा खर्च
    नई सड़कों को टोल नेटवर्क में शामिल किए जाने का सीधा असर वाहन चालकों पर पड़ेगा। इन सड़कों का इस्तेमाल करने वाले लोगों को निर्धारित शुल्क देना होगा। सरकार जहां इसे सड़क निर्माण और रखरखाव के लिए अतिरिक्त आय का जरिया मान रही है, वहीं यात्रियों और माल परिवहन करने वाले वाहनों के लिए यात्रा की लागत बढ़ने की संभावना है। नई सड़कों पर टोल लागू होने से पहले शुल्क की दर और वसूली की व्यवस्था तय की जाएगी। 

  • तीन ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने और एक की राशि राजसात करने के निर्देश

    तीन ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने और एक की राशि राजसात करने के निर्देश

    भोपाल 

    लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह एवं विभाग के प्रमुख सचिव  सुखवीर सिंह के निर्देशानुसार प्रदेश में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए औचक निरीक्षण व्यवस्था के तहत 5 सितंबर को सात जिलों में 35 निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया गया। मुख्य अभियंताओं के सात दलों ने विदिशा, बालाघाट, मुरैना, झाबुआ, मैहर, नीमच एवं निवाड़ी जिलों में यादृच्छिक आधार पर चयनित कार्यों का निरीक्षण किया।

    निरीक्षण किए गए कार्यों में लोक निर्माण विभाग के सड़क एवं पुल संबंधी 21, पीआईयू के चार भवन, मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के छह, मध्यप्रदेश भवन विकास निगम के तीन तथा राष्ट्रीय राजमार्ग से संबंधित एक कार्य शामिल है। औचक निरीक्षण रिपोर्ट की समीक्षा मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक  भरत यादव की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की गई।

    अधिकारियों को नोटिस, ठेकेदार के विरुद्ध ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई

    विदिशा जिले में चटोली मुख्य सड़क से हबीबगंज-कैथोरा तक चार किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं पाए जाने पर संबंधित अनुविभागीय अधिकारी एवं उपयंत्री को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। साथ ही ठेकेदार मेसर्स अनादि कंस्ट्रक्शन कंपनी, सिरोंज के विरुद्ध ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई करने के निर्देश मुख्य अभियंता, भोपाल को दिए गए।

    विदिशा जिले के नटेरन में मध्यप्रदेश भवन विकास निगम द्वारा निर्माणाधीन शासकीय एक्सीलेंस हाई स्कूल भवन की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं पाई गई। संबंधित कंसल्टेंट, इलेक्ट्रिकल कॉन्ट्रैक्टर एवं आर्किटेक्ट को नोटिस जारी करने तथा ठेकेदार मेसर्स एसेंट कंस्ट्रक्शन्स प्राइवेट लिमिटेड के विरुद्ध ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

    इसी प्रकार, 20 अगस्त को नरसिंहपुर जिले में निरीक्षण किए गए मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के करेली-सिंहपुर-डांगीढाना मार्ग की स्थिति संतोषजनक नहीं पाए जाने पर ठेकेदार मेसर्स गैनन डंकरली एंड कंपनी लिमिटेड को ब्लैकलिस्ट करने और राशि राजसात करने के निर्देश मुख्य अभियंता, एमपीआरडीसी को दिए गए। निरीक्षण किए गए अन्य 23 कार्यों में पाई गई कमियों को दूर करते हुए आवश्यक आंशिक सुधार निर्धारित समय-सीमा में कराने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए गए।

    लोकपथ की शिकायतों का चार दिन में हो निराकरण

    प्रबंध संचालक  यादव ने औचक निरीक्षण में सामने आई कमियों को समय-सीमा में दूर कराने और मुख्य अभियंता कॉन्फ्रेंस में दिए गए निर्देशों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का शिकायतकर्ता की संतुष्टि के साथ एल-1 स्तर पर निराकरण कराने तथा मुख्य अभियंताओं एवं अधीक्षण यंत्रियों को इसकी नियमित समीक्षा करने को कहा। लोकपथ ऐप पर प्राप्त शिकायतों का निराकरण अनिवार्य रूप से चार दिवस में करने के निर्देश भी दिए गए।

    वर्षाकाल में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत को दें प्राथमिकता

    सड़क मरम्मत के साथ सड़क सुरक्षा, जंगल सफाई, रोड मार्किंग एवं पेंटिंग के कार्य समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। सड़क एवं पुल-पुलियों के आवश्यक संधारण, वर्षाकाल में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत तथा चिन्हित ब्लैक स्पॉट के शॉर्ट टर्म एवं लॉन्ग टर्म सुधार कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने को कहा गया। परफॉर्मेंस गारंटी वाले कार्यों की कार्ययोजना तैयार कर वर्षाकाल समाप्त होते ही कार्य प्रारंभ करने के निर्देश भी दिए गए।

    बैठक में विभागीय परिसंपत्तियों से संबंधित किसी भी घटना की जानकारी तत्काल इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम में दर्ज करने, एमपीआरडीसी के एआरएस सिस्टम के सूचना बोर्ड लगाने, सेफ स्कूल जोन मॉडल के प्रस्ताव भेजने तथा लोक कल्याण सूचकांक पोर्टल पर विभागीय जानकारी नियमित रूप से अद्यतन करने के निर्देश दिए गए। लोक कल्याण सरोवर एवं पौधारोपण के नवीन लक्ष्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने को भी कहा गया।

    इसके अतिरिक्त बिटुमिन के बिलों का संबंधित रिफाइनरी के पोर्टल पर सत्यापन, जनप्रतिनिधियों से प्राप्त पत्रों पर समयबद्ध कार्रवाई तथा औचक निरीक्षण व्यवस्था की गंभीरता एवं प्रभावशीलता बनाए रखने के निर्देश दिए गए। आगामी 15 सितंबर को आयोजित होने वाले अभियंता दिवस की सभी तैयारियां भी समय-सीमा में पूर्ण करने को कहा गया।

     

  • हरित विकास और जनभागीदारी की सुखद परिणति: राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता रैंकिंग में मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय पटल पर लहराया परचम

    हरित विकास और जनभागीदारी की सुखद परिणति: राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता रैंकिंग में मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय पटल पर लहराया परचम

    भोपाल 

    पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और जनभागीदारी की दिशा में मध्यप्रदेश ने स्वर्णिम उपलब्धि अर्जित की है। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 के परिणामों में देश के शीर्ष पाँच स्वच्छ वायु शहरों में प्रदेश के तीन प्रमुख नगरों ने अनुपम स्थान प्राप्त कर राष्ट्रीय पटल पर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। 'राष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस' के अवसर पर सोमवार को नई दिल्ली स्थित इंदिरा पर्यावरण भवन के गंगा प्रेक्षागृह में आयोजित समारोह में 10 लाख से अधिक आबादी वाली श्रेणी में इंदौर एवं जबलपुर तथा वार्ड स्तरीय श्रेणी में भोपाल नगर निगम के वार्ड क्रमांक-60 को प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान से अलंकृत किया गया। यह सम्मान नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव श्री तन्मय कुमार द्वारा प्रदान किया गया।

    दस लाख से अधिक जनसंख्या श्रेणी में प्रदेश का उत्कृष्ट प्रदर्शन

    राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के अंतर्गत 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले महानगरों की प्रतिस्पर्धा में मध्यप्रदेश का प्रदर्शन अत्यंत सराहनीय रहा। इस वर्ग में इंदौर ने संपूर्ण देश में द्वितीय, जबलपुर ने तृतीय तथा राजधानी भोपाल ने चतुर्थ स्थान अर्जित कर स्वच्छ वायु प्रबंधन में अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है। इसी श्रेणी में ग्वालियर ने 39वाँ स्थान प्राप्त किया। वहीं, 3 से 10 लाख जनसंख्या वर्ग में उज्जैन ने 16वाँ और सागर ने 21वाँ स्थान प्राप्त किया, जबकि 3 लाख से कम जनसंख्या श्रेणी में देवास ने 7वाँ स्थान हासिल किया। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा संचालित इस सर्वेक्षण में देश के 130 प्रमुख शहरों के मध्य निर्धारित मापदंडों पर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करने के लिए रैंकिंग जारी की जाती है।

    इंदौर एवं जबलपुर की अनुकरणीय उपलब्धियां

    स्वच्छता के क्षेत्र में निरंतर नवमानक स्थापित करने वाले इंदौर नगर ने धूल नियंत्रण, मैकेनाइज्ड सड़क सफाई, हरित क्षेत्र के विस्तार तथा नागरिक सहभागिता के बल पर वायु गुणवत्ता प्रबंधन में देश में दूसरा स्थान हासिल किया है। समारोह में इंदौर नगर निगम की ओर से महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, आयुक्त श्री क्षितिज सिंघल एवं एमआईसी सदस्य श्री अश्विनी शुक्ला ने यह सम्मान ग्रहण किया। वहीं, प्रदूषण नियंत्रण एवं सुनियोजित पर्यावरण संरक्षण कार्यों के दम पर तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले जबलपुर नगर निगम की ओर से महापौर श्री जगत बहादुर सिंह 'अन्नू', आयुक्त श्री राम प्रसाद अहिरवार, श्री कमलेश श्रीवास्तव, श्री संभव अयाची एवं श्री जी.एस. मरावी ने पुरस्कार प्राप्त किया।

    भोपाल के वार्ड क्रमांक-60 को मिला राष्ट्रीय गौरव

    वार्ड स्तरीय वायु गुणवत्ता में अभूतपूर्व सुधार और नवाचारों के लिए भोपाल नगर निगम के वार्ड क्रमांक-60 को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष रूप से सराहा गया। स्थानीय स्तर पर हरित पहल, सघन पौधारोपण तथा नागरिक जागरूकता के प्रभावी प्रयासों के लिए अपर आयुक्त श्री अमन मिश्रा एवं एमआईसी सदस्य श्री आर. के. सिंह बघेल ने यह प्रतिष्ठित सम्मान स्वीकार किया।

    सतत् विकास और दूरदर्शी नेतृत्व की सुखद परिणति

    यह राष्ट्रीय गौरव प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 'विकसित भारत' के पावन संकल्प तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में संचालित पर्यावरण संरक्षण अभियानों का फलश्रम है। प्रदेश के नगरीय निकायों द्वारा धूल नियंत्रण, जल छिड़काव, खुले में कचरा जलाने पर रोकथाम, निर्माण स्थलों की निगरानी एवं व्यापक जनचेतना के जो प्रयास किए गए हैं, आज उन्हीं की परिणति स्वरूप मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय वायु संरक्षण पटल पर यह सफलता अर्जित की है।

     

  • संदिग्ध अवैध शराब की घटना पर जिला दंडाधिकारी ने दिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश

    संदिग्ध अवैध शराब की घटना पर जिला दंडाधिकारी ने दिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश

    भोपाल 

    कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी सागर प्रतिभा पाल ने सागर जिले के बंडा क्षेत्र में संदिग्ध अमानक/अवैध शराब के सेवन से हुई घटना को गंभीरता से लेते हुए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। विगत दिनों सागर जिले की शाहगढ़ तहसील के ग्राम नौराज एवं गूगरा खुर्द तथा बंडा तहसील के ग्राम बमूरा आदि में 4 एवं 5 सितंबर की दरम्यानी रात संदिग्ध अमानक/अवैध शराब के सेवन के बाद ग्रामीणों के बीमार होने तथा कुछ मरीजों की मृत्यु की घटना सामने आई थी। प्रभावित ग्रामीणों ने उल्टी, बेहोशी एवं शरीर में झटके जैसे लक्षणों की शिकायत के बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बंडा पहुंचकर उपचार कराया। चिकित्सकों द्वारा मरीजों का उपचार किया गया, लेकिन उपचार के दौरान कुछ मरीजों की मृत्यु हो गई।

    कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने घटना की वास्तविक परिस्थितियों एवं कारणों का तथ्यात्मक रूप से पता लगाने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 196 के तहत मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश दिए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मृतकों द्वारा शराब का सेवन किया गया था, जिसे संदिग्ध अमानक/अवैध शराब बताया गया है। मजिस्ट्रियल जांच के लिए अनुविभागीय दंडाधिकारी, जैसीनगर, जिला सागर को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच में घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसका वास्तविक कारण क्या था और इसके लिए कौन जिम्मेदार है, इन सभी पहलुओं की विस्तृत जांच की जाएगी।

    मजिस्ट्रियल जांच में यह भी निर्धारित किया जाएगा कि मृतकों की मृत्यु का वास्तविक कारण संदिग्ध अमानक/अवैध शराब का सेवन था अथवा कोई अन्य कारण। साथ ही शराब के निर्माण, भंडारण एवं वितरण से संबंधित तथ्यों की भी जांच की जाएगी। यह भी पता लगाया जाएगा कि इसमें कौन-कौन संलिप्त थे। इसके अतिरिक्त, संबंधित नियामकीय विभागों द्वारा अपने दायित्वों के निर्वहन में किसी प्रकार की लापरवाही बरती गई या नहीं, घटना के लिए मुख्य रूप से कौन-कौन से व्यक्ति जिम्मेदार हैं तथा भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कौन-कौन से प्रशासनिक एवं कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं, इसकी भी जांच की जाएगी। जिला प्रशासन ने जांच अधिकारी को निर्धारित सभी बिंदुओं पर तथ्यात्मक जांच कर स्पष्ट अभिमत सहित जांच प्रतिवेदन कलेक्टर कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।