Category: मध्य प्रदेश

  • भारतीय ज्ञान परंपरा में दिखता है जीवन का दर्शन, निजी विश्वविद्यालयों के योगदान पर बोले राज्यपाल पटेल

    भारतीय ज्ञान परंपरा में दिखता है जीवन का दर्शन, निजी विश्वविद्यालयों के योगदान पर बोले राज्यपाल पटेल

    हमारी ज्ञान परंपरा में व्यावहारिकता, गहनता और जीवन का दर्शन : राज्यपाल पटेल

    राज्यपाल भारतीय ज्ञान परंपरा के विकास में निजी विश्वविद्यालयों के योगदान विषय पर आयोजित कार्यशाला में हुए शामिल

    भोपाल
    राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि भारतीय संस्कृति प्रकृति पूजक है। ब्रह्माण्ड के सूर्य, चन्द्रमा, ग्रह, नक्षत्र हमारी जीवन संस्कृति का अभिन्न अंग है। प्रकृति के पांचों तत्व वायु, अग्नि, जल, पृथ्वी और नभ हमारी दैनिक दिनचर्या में शामिल है। यह महान ज्ञान परंपरा अनंत काल से शाश्वत है। इसमें व्यावहारिकता, गहनता और जीवन का गूढ़ दर्शन है। जरूरी  है कि इस अद्भुत और गौरवशाली परंपरा को वर्तमान और भावी पीढ़ी तक सार्थक रूप से पहुंचाया जाए। आयोजक इस दिशा में बेहतर पारस्परिक समन्वय के साथ चिंतन करें, शोध और अनुसंधान को बढ़ावा दें। भारतीय ज्ञान परंपरा का निरंतर समृद्धता में योगदान करें।

    राज्यपाल पटेल मंगलवार को मध्‍यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग और निजी विश्वविद्यालय संघ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाने की निजी विश्वविद्यालयों के माध्यम से की गई पहल के लिए आयोजकों को बधाई और शुभकामनाएं दी। कुशाभाऊ सभागार में आयोजित कार्यशाला का आयोजन ''भारतीय ज्ञान परंपरा के विकास में निजी विश्वविद्यालयों के योगदान'' विषय पर किया गया था। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री इंदर परमार भी मौजूद थे।

    विकसित भारत के लिए सक्षम और सामर्थ्यवान पीढ़ी तैयार करें : राज्यपाल

    राज्यपाल पटेल ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा का महान स्त्रोत हमारी वैदिक,   पौराणिक और प्राचीन संस्कृति है। रामायण और महाभारत जैसे ग्रंथ, ज्ञान, विज्ञान और संस्कार के अद्भुत भंडार है। इन ग्रंथों के प्रत्येक पात्र प्रेम, आदर, त्याग, स्वाभिमान, सम्मान और नैतिकता के आदर्श प्रतीक है। उन्होंने निजी विश्वविद्यालयों से अपेक्षा की है कि हमारी परंपरा और उसके ज्ञान तत्वों को नई पीढ़ी तक पहुँचाने की ज़िम्मेदारी स्वीकारें। विद्यार्थियों को समाज के गरीब, पिछड़े, वंचित और कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशील बनाएं। उन्हें विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में सक्षम और सामर्थ्यवान बनाएं। उन्होंने कहा कि आयोजक नियमित रूप से ऐसे आयोजनों की समीक्षा के द्वारा भविष्य की चुनौतियों और उनके समाधान के प्रयास करें।

    वही विद्या सार्थक, जो अज्ञान, भय और बंधन से करें मुक्त : पटेल

    राज्‍यपाल पटेल ने कहा कि हमारी गुरु शिष्य परंपरा में शिक्षा केवल पाठ याद करना नहीं, बल्कि चरित्र, अनुशासन, आत्म निर्भरता और कर्तव्य बोध का विकास करना था। भारतीय ज्ञान परंपरा का गौरव, ऐसी उपलब्धियों में नहीं, बल्कि उस सोच में है, जिसने ज्ञान को मानव और समाज के हित से जोड़ा है। भारतीय ज्ञान परंपरा में शिक्षा की सार्थकता मनुष्य को अज्ञान, भय और बंधन से मुक्त करना और “सब सुखी हो” के लिए कार्य करना बताया है।  

    हमारी ज्ञान परंपरा में मानव कल्याण का महान ध्येय : राज्यपाल

    राज्‍यपाल पटेल ने कहा कि भारत केवल एक प्राचीन देश नहीं, ऐसी महान ज्ञान सभ्यता है, जिसका लक्ष्य सत्य, जीवन और लोक का कल्याण था। हमारी ज्ञान परंपरा में शिक्षा केवल सूचना पाना नहीं, बल्कि जीवन को समझकर मानवता के कल्याण के लिए सत्य की खोज करना था। उन्होंने कहा कि उपनिषदों में हमारी ज्ञान परंपरा की जिज्ञासा, वेदों में प्रकृति और ब्रह्मांड के प्रति सम्मान तथा हमारे दर्शन में जीवन के गहरे सवालों के चिंतन की महान विरासत मिलती है। चरक और सुश्रुत ने मानव स्वास्थ्य और चिकित्सा को व्यवस्थित ज्ञान के रूप में विकसित किया। कौटिल्य के अर्थशास्त्र में शासन, अर्थनीति, कूटनीति और समाज व्यवस्था पर गहरा चिंतन मिलता है, जिसकी प्रासंगिकता सर्वकालिक है।

    राज्‍यपाल पटेल ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यशाला का शुभारंभ किया। उनका मध्‍यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष डॉ. खेमसिंह डेहरिया और निजी विश्वविद्यालय संघ के अध्यक्ष डॉ. संजीव अग्रवाल ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया।

    भारतीय ज्ञान परम्परा केवल पाठ्यक्रम नहीं, व्यावहारिक ज्ञान का

    सशक्त माध्यम : उच्च शिक्षा मंत्री परमार

    कार्यशाला में उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने कहा कि भारतीय ज्ञान परम्परा केवल पाठ्यक्रम का विषय नहीं, बल्कि समाज जीवन में विद्यमान व्यावहारिक ज्ञान की समृद्ध परम्परा है। यह हमारे पूर्वजों का प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का भाव उनकी वैज्ञानिक एवं समग्र जीवन-दृष्टि की परिचायक है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ने शिक्षा में भारतीय ज्ञान परम्परा के समृद्ध समावेश का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा को भारतीय दृष्टि एवं भारतीयता से जोड़ने के प्रयासों में सार्वजनिक और निजी विश्वविद्यालयों की सक्रिय और पारस्परिक सहभागिता आवश्यक है। जरूरी है कि इसका युगानुकूल परिप्रेक्ष्य में वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ शोध, अनुसंधान एवं दस्‍तावेजीकरण किया जाए। सभी निजी विश्वविद्यालय भारतीय ज्ञान परम्परा के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विशेष प्रकोष्ठ गठित करें। अपने पूर्वजों के ज्ञान को सहेजें और तथ्यों के आधार पर जीवनोपयोगी पाठ्य सामग्री तैयार करें।

    शिक्षा संस्कृति और उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव डॉ. अतुल कोठारी ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत भारतीय ज्ञान परंपरा की दिशा में मध्‍यप्रदेश की कार्य प्रणाली की सराहना की। प्रदेश को राष्ट्रीय प्रयासों में अग्रणी बताया। निजी विश्वविद्यालयों के सहयोग से भारतीय ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाने की पहल को अनुकरणीय कहा। मध्‍यप्रदेश हिन्दी ग्रंथ अकादमी के संचालक अशोक कड़ेल ने हिन्दी ग्रंथ अकादमी द्वारा भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित पाठ्यक्रम सृजन और प्रकाशन प्रयासों की जानकारी दी।

    कार्यशाला में उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा के भावी रोडमेप के लिए स्‍थानीयता और आधुनिकता का समन्वय प्रशिक्षण, शोध एवं अनुसंधान आधारित प्रमाणित पाठ्यक्रम, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा अत्यंत जरूरी है।

    कार्यशाला में स्वागत उद्बोधन निजी विश्वविद्यालय संघ के अध्यक्ष डॉ. संजीव अग्रवाल ने दिया। आभार निजी वि.वि. संघ के सचिव डॉ. अजीत सिंह पटेल ने व्यक्त किया। इस अवसर पर उच्‍च शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी,  मध्‍यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के सदस्य, निजी विश्वविद्यालय संघ के पदाधिकारी, शिक्षाविद् उपस्थित थे।

     

  • MP Weather: प्रदेश में अब तक 31.1 इंच बारिश, 12 जिलों में सामान्य से ज्यादा; रीवा संभाग में अगले 4 दिन झमाझम

    MP Weather: प्रदेश में अब तक 31.1 इंच बारिश, 12 जिलों में सामान्य से ज्यादा; रीवा संभाग में अगले 4 दिन झमाझम

    भोपाल
    मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक औसतन 31.1 इंच (लगभग 791 मिमी) पानी बरस चुका है। यह आंकड़ा निर्धारित कोटे का 83.5 प्रतिशत है। सामान्य औसत 33.1 इंच के मुकाबले अभी करीब दो इंच की कमी बनी हुई है, जो कुल मिलाकर छह प्रतिशत कम है।

    प्रदेश के 12 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है। इनमें भोपाल, राजगढ़, शिवपुरी, निवाड़ी, मैहर, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज और उमरिया शामिल हैं। इन क्षेत्रों में वर्षा का प्रतिशत 101 से 146 तक पहुंच गया है। मऊगंज जिले में सबसे अधिक करीब 53 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि आलीराजपुर में सबसे कम 13.6 इंच पानी गिरा।

    12 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
    भोपाल, राजगढ़, शिवपुरी, निवाड़ी, मैहर, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज और उमरिया में सामान्य से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है। वहीं उमरिया, अनूपपुर, आगर-मालवा, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, ग्वालियर, गुना, दतिया, खरगोन और बुरहानपुर में अब तक 90% से ज्यादा बारिश हो चुकी है। मऊगंज प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश वाला जिला है, जहां करीब 53 इंच पानी गिर चुका है, जबकि आलीराजपुर में सबसे कम 13.6 इंच बारिश दर्ज हुई है।

    31 जिलों में 3 से 54% तक बारिश कम
    प्रदेश के कई जिलों में अब भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से काफी नीचे है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में 3% से 23% तक कम बारिश हुई है। वहीं पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा समेत कई जिलों में सामान्य से 7% से 54% तक कम पानी गिरा है।

    पूर्वी हिस्से में बारिश से सुधरा आंकड़ा
    पिछले एक सप्ताह में पूर्वी मध्य प्रदेश के बारिश के आंकड़े में तेजी से सुधार हुआ है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में हाल के दिनों में तेज बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात भी बने। इसी वजह से पहली बार इस सीजन में पूर्वी हिस्से की बारिश सामान्य के आसपास पहुंची है और सोमवार तक यहां सामान्य से करीब 1% ज्यादा बारिश दर्ज की गई।

    11 सितंबर तक इन संभागों में तेज बारिश
    मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक 11 सितंबर तक रीवा और शहडोल संभाग में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। प्रदेश के बाकी जिलों में हल्की बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 12 सितंबर के बाद एक नया सिस्टम सक्रिय हो सकता है, जिसके असर से एक बार फिर पूरे प्रदेश में बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है।

    इतने ही जिले बेहतर स्थिति में हैं, जहां 90 प्रतिशत से अधिक कोटा पूरा हो चुका है। इसके विपरीत 31 जिले अभी भी पिछड़े हुए हैं। पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश अपेक्षाकृत अच्छी रही, जबकि इंदौर-उज्जैन वाले पश्चिमी हिस्से में कमी ज्यादा नजर आ रही है।

    रीवा-शहडोल में जारी रहेगा बारिश का दौर
    मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल के अनुसार 11 सितंबर तक रीवा और शहडोल संभाग में भारी वर्षा का क्रम बना रहेगा। अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 12 सितंबर के बाद नए सिस्टम के सक्रिय होने की संभावना है, जिससे पूरे प्रदेश में दोबारा बारिश का माहौल बन सकता है।

    जून में सूखा, जुलाई-अगस्त में अच्छी बारिश मौसम विभाग के अनुसार, जून में 14% कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआती दिनों में तेज बारिश होने से यह बढ़ गया। इसके बाद मानसून दो बार ब्रेक हुआ और कई दिन तक बारिश नहीं हुई।

    आखिरी सप्ताह में फिर से स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो गया। बावजूद इसके 13 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हालांकि, जुलाई और फिर अगस्त का भी फुल हो गया, लेकिन जून की भरपाई नहीं हो पाई। यही वजह से अब तक भी प्रदेश में 6 प्रतिशत कम पानी गिरा है।

    प्रदेश की सामान्य बारिश 37.3 इंच प्रदेश की सामान्य बारिश 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जिले की सामान्य बारिश 38 से 39 इंच तक है।

     

  • झारखंड धाम परिसर में युवाओं ने चलाया वृहद सफाई अभियान

    झारखंड धाम परिसर में युवाओं ने चलाया वृहद सफाई अभियान

    झारखंड धाम परिसर में युवाओं ने चलाया वृहद सफाई अभियान

    कौड़िया
     उमरिया जिले के कौड़िया स्थित झारखंड धाम परिसर में सोमवार सुबह गांव के युवाओं ने एकजुट होकर वृहद श्रमदान एवं सफाई अभियान चलाया। कौड़िया एवं सलैया के युवाओं ने झारखंड धाम पहुंचकर पूरे परिसर सहित तालाब के आसपास साफ-सफाई की और स्वच्छता का संदेश दिया।

    इस दौरान युवाओं ने कहा कि गांव की स्वच्छता एवं ऐतिहासिक-धार्मिक धरोहरों की देखरेख किसी एक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। सभी को मिलकर अपने आसपास के सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखने के लिए आगे आना चाहिए।

    युवाओं ने संकल्प लिया कि भविष्य में भी गांव के रास्तों, नदी-तालाबों एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई के साथ-साथ गांव के विकास कार्यों में इसी तरह एकजुट होकर श्रमदान किया जाएगा।

  • सीएमओ ने नगर का किया मैदानी भ्रमण, मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं के शीघ्र निराकरण के दिए निर्देश

    सीएमओ ने नगर का किया मैदानी भ्रमण, मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं के शीघ्र निराकरण के दिए निर्देश

    सीएमओ ने नगर का किया मैदानी भ्रमण, मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं के शीघ्र निराकरण के दिए निर्देश

    शहडोल 
     मुख्य नगर पालिका अधिकारी शहडोल श्रीमती आशा जितेंद्र भंडारी ने सोमवार को वार्ड पार्षद शक्ति लक्ष्यकार के साथ चौधरी मोहल्ले सहित आसपास के क्षेत्रों का भ्रमण कर सड़क एवं नाली व्यवस्था का जायजा लिया।

    निरीक्षण के दौरान वार्डवासियों एवं जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र में सड़क, नाली एवं जल निकासी से संबंधित विभिन्न समस्याओं से सीएमओ को अवगत कराया। नागरिकों द्वारा बताई गई समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ ने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

    मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने सड़क एवं नाली से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सब इंजीनियर शरद द्विवेदी को क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप आवश्यक कार्यों का प्राक्कलन तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने निर्देशित किया कि प्राक्कलन तैयार करते समय क्षेत्र की वास्तविक आवश्यकताओं को ध्यान में रखा जाए तथा नियमानुसार आगामी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि नागरिकों को बेहतर सड़क सुविधा के साथ सुचारु जल निकासी की सुविधा मिल सके।

    सीएमओ ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वार्डवासियों से प्राप्त समस्याओं का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए उनका समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने मौके पर उपस्थित नागरिकों से क्षेत्र की अन्य समस्याओं की जानकारी भी ली और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

    निरीक्षण के दौरान वार्ड पार्षद शक्ति लक्ष्यकार, मनोनीत पार्षद विनय केवट, निकाय कर्मचारी, सब इंजीनियर शरद द्विवेदी सहित वार्ड के नागरिक उपस्थित रहे।

  • इंदौर, जबलपुर और भोपाल का दमदार प्रदर्शन, स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में MP के तीन शहर शीर्ष-5 में

    इंदौर, जबलपुर और भोपाल का दमदार प्रदर्शन, स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में MP के तीन शहर शीर्ष-5 में

    राष्ट्रीय स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026: मध्यप्रदेश के तीन शहर देश के शीर्ष पाँच में

    स्वच्छ वायु प्रबंधन में मध्यप्रदेश का स्वर्णिम प्रदर्शन: इंदौर द्वितीय, जबलपुर तृतीय और भोपाल चौथे स्थान पर, वार्ड श्रेणी में भोपाल का वार्ड-60 अलंकृत
    हरित विकास और जनभागीदारी की सुखद परिणति: राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता रैंकिंग में मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय पटल पर लहराया परचम

    भोपाल 

    पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और जनभागीदारी की दिशा में मध्यप्रदेश ने स्वर्णिम उपलब्धि अर्जित की है। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 के परिणामों में देश के शीर्ष पाँच स्वच्छ वायु शहरों में प्रदेश के तीन प्रमुख नगरों ने अनुपम स्थान प्राप्त कर राष्ट्रीय पटल पर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। 'राष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस' के अवसर पर सोमवार को नई दिल्ली स्थित इंदिरा पर्यावरण भवन के गंगा प्रेक्षागृह में आयोजित समारोह में 10 लाख से अधिक आबादी वाली श्रेणी में इंदौर एवं जबलपुर तथा वार्ड स्तरीय श्रेणी में भोपाल नगर निगम के वार्ड क्रमांक-60 को प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान से अलंकृत किया गया। यह सम्मान नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव तन्मय कुमार द्वारा प्रदान किया गया।

    दस लाख से अधिक जनसंख्या श्रेणी में प्रदेश का उत्कृष्ट प्रदर्शन

    राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के अंतर्गत 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले महानगरों की प्रतिस्पर्धा में मध्यप्रदेश का प्रदर्शन अत्यंत सराहनीय रहा। इस वर्ग में इंदौर ने संपूर्ण देश में द्वितीय, जबलपुर ने तृतीय तथा राजधानी भोपाल ने चतुर्थ स्थान अर्जित कर स्वच्छ वायु प्रबंधन में अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है। इसी श्रेणी में ग्वालियर ने 39वाँ स्थान प्राप्त किया। वहीं, 3 से 10 लाख जनसंख्या वर्ग में उज्जैन ने 16वाँ और सागर ने 21वाँ स्थान प्राप्त किया, जबकि 3 लाख से कम जनसंख्या श्रेणी में देवास ने 7वाँ स्थान हासिल किया। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा संचालित इस सर्वेक्षण में देश के 130 प्रमुख शहरों के मध्य निर्धारित मापदंडों पर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करने के लिए रैंकिंग जारी की जाती है।

    इंदौर एवं जबलपुर की अनुकरणीय उपलब्धियां

    स्वच्छता के क्षेत्र में निरंतर नवमानक स्थापित करने वाले इंदौर नगर ने धूल नियंत्रण, मैकेनाइज्ड सड़क सफाई, हरित क्षेत्र के विस्तार तथा नागरिक सहभागिता के बल पर वायु गुणवत्ता प्रबंधन में देश में दूसरा स्थान हासिल किया है। समारोह में इंदौर नगर निगम की ओर से महापौर पुष्यमित्र भार्गव, आयुक्त क्षितिज सिंघल एवं एमआईसी सदस्य अश्विनी शुक्ला ने यह सम्मान ग्रहण किया। वहीं, प्रदूषण नियंत्रण एवं सुनियोजित पर्यावरण संरक्षण कार्यों के दम पर तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले जबलपुर नगर निगम की ओर से महापौर जगत बहादुर सिंह 'अन्नू', आयुक्त राम प्रसाद अहिरवार, कमलेश श्रीवास्तव, संभव अयाची एवं जी.एस. मरावी ने पुरस्कार प्राप्त किया।

    भोपाल के वार्ड क्रमांक-60 को मिला राष्ट्रीय गौरव

    वार्ड स्तरीय वायु गुणवत्ता में अभूतपूर्व सुधार और नवाचारों के लिए भोपाल नगर निगम के वार्ड क्रमांक-60 को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष रूप से सराहा गया। स्थानीय स्तर पर हरित पहल, सघन पौधारोपण तथा नागरिक जागरूकता के प्रभावी प्रयासों के लिए अपर आयुक्त अमन मिश्रा एवं एमआईसी सदस्य आर. के. सिंह बघेल ने यह प्रतिष्ठित सम्मान स्वीकार किया।

    सतत् विकास और दूरदर्शी नेतृत्व की सुखद परिणति

    यह राष्ट्रीय गौरव प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'विकसित भारत' के पावन संकल्प तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में संचालित पर्यावरण संरक्षण अभियानों का फलश्रम है। प्रदेश के नगरीय निकायों द्वारा धूल नियंत्रण, जल छिड़काव, खुले में कचरा जलाने पर रोकथाम, निर्माण स्थलों की निगरानी एवं व्यापक जनचेतना के जो प्रयास किए गए हैं, आज उन्हीं की परिणति स्वरूप मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय वायु संरक्षण पटल पर यह सफलता अर्जित की है।

     

  • कटनी में तुलसीदास कुशवाहा बने टैक्सी यूनियन कल्याण समिति के जिला उपाध्यक्ष, सम्मान के साथ मिला आई-कार्ड

    कटनी में तुलसीदास कुशवाहा बने टैक्सी यूनियन कल्याण समिति के जिला उपाध्यक्ष, सम्मान के साथ मिला आई-कार्ड

    कटनी 
    आभार एवं धन्यवाद टैक्सी यूनियन कल्याण समिति संपूर्ण भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष महोदय माननीय  सुशील सिंह चौहान के नेतृत्व में राष्ट्रीय संगठन मंत्री नीरज दुबे जी के द्वारा तुलसीदास कुशवाहा जी को जिला उपाध्यक्ष का सम्मान एवं आई कार्ड वितरण उपस्थित सम्माननीय राष्ट्रीय सचिव  रोहिणी प्रसाद तिवारी उर्फ मुन्ना महाराज जी मध्य प्रदेश संगठन मंत्री  दीपक पटेल जी कटनी कार्यवाहक अध्यक्ष  तुषार पटेल जी मध्य प्रदेश महामंत्री  अरुण कुशवाहा जी कटनी जिला संरक्षक एवं संगठन मंत्री सोनू गुप्ता जी एवं विवेक शर्मा जी नितिन बर्मन जी उदय सिंह जी कैलाश कनौजिया जी मनोज दुबे जी समस्त कटनी जिला सदस्य  उपस्थित रहे। 

    राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुशील चौहान जी 
    (2) राष्ट्रीय संगठन मंत्री नीरज दुबे जी 
    (3) राष्ट्रीय संयुक्त सचिव पवन कुमार श्रीवास्तव जी राष्ट्रीय सचिव श्री रोहिणी प्रसाद तिवारी और मुन्ना महाराज जी
    (4)मध्य प्रदेश संगठन मंत्री दीपक पटेल जी 
    (5)मध्य प्रदेश महामंत्री अरुण कुशवाहा जी 
    कटनी जिले की टीम 
    (1) जिला अध्यक्ष दीपक पटेल जी 
    (2)संगठन मंत्री सोनू गुप्ता जी
    (3) उपाध्यक्ष कुलदीप मिश्रा जी 
    (4) उपाध्यक्ष तुलसीदास कुशवाहा जी 
    (5) कार्यवाहक अध्यक्ष तुषार पटेल 
    (6) सलाहकार अविनाश रावत 
    (7) मीडिया प्रभारी सागर शुक्ला जी 
    (8) महासचिव बॉबी अग्रवाल 
    (9) मीडिया प्रभारी कमल अरोड़ा 
    (10) सचिव जैकी राय 
    (11) महामंत्री विवेक शर्मा 
    (12) आरिफ खान 
    (13) संपर्क प्रमुख पवन सिकरवार 
    (14) राजा खान 
    (15) मंटू कुशवाहा 
    (16) सिंधु राज 
    (17) मुकेश सेन। 

  • टीकमगढ़ नपा अध्यक्ष उपचुनाव स्थगित, राज्य निर्वाचन आयोग के आदेश से टली आज से शुरू होने वाली नामांकन प्रक्रिया

    टीकमगढ़ नपा अध्यक्ष उपचुनाव स्थगित, राज्य निर्वाचन आयोग के आदेश से टली आज से शुरू होने वाली नामांकन प्रक्रिया

    टीकमगढ़ 
    टीकमगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष के उपचुनाव को राज्य निर्वाचन आयोग ने आगामी आदेश तक स्थगित कर दिया है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी विवेक श्रोतिय ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। आयोग के आदेश के बाद 8 सितंबर से शुरू होने वाली नामांकन प्रक्रिया भी रद्द कर दी गई है। हालांकि, ग्रामीण पंचायतों के निर्वाचन पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यथावत होंगे।

    आज से शुरू होनी थी नामांकन प्रक्रिया
    कलेक्टर विवेक श्रोतिय ने बताया कि नगर पालिका अध्यक्ष उपचुनाव के लिए मंगलवार से नामांकन फार्म वितरण की प्रक्रिया शुरू होनी थी। आयोग के निर्देश के बाद इसे रोक दिया गया है। अब नगरीय निकाय उपचुनाव के लिए नया कार्यक्रम जारी किया जाएगा।

    वित्तीय गड़बड़ी के बाद खाली हुआ था पद
    दरअसल, टीकमगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार को वित्तीय गड़बड़ियों के चलते अयोग्य घोषित किया गया था। उनके चुनाव लड़ने पर 6 साल के लिए रोक भी लगाई गई है। अध्यक्ष पद खाली होने के बाद डिप्टी कलेक्टर अंजली शर्मा को नगर पालिका का प्रभारी अध्यक्ष बनाया गया था।

    31 जुलाई को जारी हुआ था चुनावी कार्यक्रम
    राज्य निर्वाचन आयोग ने 31 जुलाई को टीकमगढ़
    नगर पालिका अध्यक्ष के उपचुनाव की तारीखों का ऐलान किया था। इसके बाद कलेक्टर ने 1 सितंबर को नगरीय चुनाव की आचार संहिता लागू कर दी थी। पिछले एक सप्ताह से भाजपा और कांग्रेस में अध्यक्ष पद के लिए दावेदारों ने अपनी दावेदारी जताना शुरू कर दी थी।

    18 सितंबर तक होना था नामांकन
    निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अध्यक्ष पद के लिए नाम निर्देशन का काम 8 सितंबर से 18 सितंबर तक होना था। नाम-निर्देशन पत्र प्राप्त करने की अंतिम तारीख 15 सितंबर तय की गई थी। 18 सितंबर को नाम वापसी की अंतिम तारीख थी। इसी दिन नाम वापसी के बाद चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की सूची तैयार कर चुनाव चिह्नों का आवंटन किया जाना था।

    29 सितंबर को होना था मतदान नगर पालिका अध्यक्ष के उपचुनाव के लिए 29 सितंबर को सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान होना था। इसके बाद 3 अक्टूबर को सुबह 9 बजे से मतगणना और चुनाव परिणाम की घोषणा की जानी थी। चुनाव कार्यक्रम स्थगित होने के बाद अध्यक्ष पद के लिए तैयारी कर रहे दावेदारों को झटका लगा है।

    आयोग के आदेश में क्या कहा-
    कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से जारी पत्र में बताया गया कि राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव ने नगरीय निकायों के उप निर्वाचन वर्ष 2026 (पूर्वार्द्ध) को आगामी आदेश तक स्थगित करने की जानकारी दी है। मध्यप्रदेश नगरपालिका निर्वाचन नियम 1994 के नियम 23 सहपठित नियम 11-क के तहत उपचुनाव को नए सिरे से री-शेड्यूल किया जाएगा।

    नए कार्यक्रम का इंतजार
    आयोग के निर्देश के बाद जिले
    में नगरीय निकाय उप निर्वाचन की सूचना जारी नहीं की गई है। अब राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से नया कार्यक्रम जारी होने के बाद ही नामांकन और चुनाव की प्रक्रिया दोबारा शुरू होगी। फिलहाल अध्यक्ष पद के दावेदारों को नई तारीखों का इंतजार करना होगा।

  • भोपाल में नई जिम्मेदारी संभालने से पहले पूर्व ADM डामोर की मौत, हार्ट अटैक ने ली जान

    भोपाल में नई जिम्मेदारी संभालने से पहले पूर्व ADM डामोर की मौत, हार्ट अटैक ने ली जान

    विदिशा 

    विदिशा के पूर्व अपर कलेक्टर और 2019 बैच के आईएएस अधिकारी अनिल कुमार डामोर का मंगलवार सुबह हार्ट अटैक से निधन हो गया। सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। 

    उनके निधन की खबर मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों में दुख फैल गया। जैसे ही यह खबर मिली, बड़ी संख्या में लोग मेडिकल कॉलेज पहुंचने लगे। अस्पताल परिसर में उनके परिचित अधिकारी, कर्मचारी और सहयोगी दुखी नजर आए। हर किसी के चेहरे पर अपने साथी अधिकारी को अचानक खोने का दुख साफ दिख रहा था। मेडिकल कॉलेज में उनके शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।

    इसी महीने भोपाल ट्रांसफर हुआ था अनिल कुमार डामोर विदिशा में अपर कलेक्टर के पद पर काम कर चुके थे। इसी महीने राज्य शासन ने उनका तबादला पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, भोपाल में उप सचिव के पद पर किया था। वे विदिशा से अपना काम छोड़कर नई जिम्मेदारी संभालने की तैयारी में थे।

    सहकर्मियों के अनुसार, डामोर बहुत हंसमुख, मिलनसार और सहज स्वभाव के अधिकारी थे। वे अधिकारियों के साथ-साथ कर्मचारियों से भी प्यार से बात करते थे।

    अच्छे व्यवहार के लिए जाने जाते थे उनके व्यवहार में कभी अधिकारी वाली औपचारिकता नहीं दिखती थी। इसी वजह से उन्होंने प्रशासनिक अमले में कम समय में ही अपनी अलग पहचान बनाई थी।

    मेडिकल कॉलेज पहुंचे अधिकारी-कर्मचारी एक-दूसरे से उनके साथ बिताए समय और यादें साझा करते दिखे। सहकर्मियों का कहना था कि उन्होंने सिर्फ एक अच्छे अधिकारी को ही नहीं, बल्कि एक अच्छे साथी को भी खो दिया है।

    झाबुआ के रहने वाले थे अनिल कुमार डामोर मूल रूप से झाबुआ जिले के रहने वाले थे। उनके परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं। उनका बेटा 11वीं कक्षा में पढ़ रहा है, जबकि बेटी भी पढ़ाई कर रही है।

     

  • धार को मिली बड़ी सौगात! आज से शुरू होगी ट्रेन सेवा, पीएम नरेंद्र मोदी वर्चुअली दिखाएंगे हरी झंडी

    धार को मिली बड़ी सौगात! आज से शुरू होगी ट्रेन सेवा, पीएम नरेंद्र मोदी वर्चुअली दिखाएंगे हरी झंडी

    धार
     धार जिले के लिए 8 सितंबर का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज होने जा रहा है। मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिले को पहली रेल सेवा की सौगात देने जा रहे हैं। कुछ ही देर बाद वडोदरा में आयोजित कार्यक्रम से प्रधानमंत्री वर्चुअल माध्यम से धार जिले के 28 किलोमीटर लंबे नवनिर्मित रेलखंड का लोकार्पण करेंगे और यात्री रेल सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।

    इसके साथ ही पहली बार धार जिले के नक्शे पर रेल सेवा शुरू हो जाएगी और जिले की धरती पर ट्रेन दौड़ती नजर आएगी। धार में रेल सुविधा का सपना कई दशकों पुराना है। 8 फरवरी 2008 को झाबुआ में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने धार-छोटा उदयपुर रेल परियोजना का शिलान्यास किया था।

    उस समय उम्मीद थी कि वर्ष 2011 तक जिले को रेल सुविधा मिल जाएगी, लेकिन विभिन्न कारणों से परियोजना में लंबा समय लगा। आखिरकार 18 साल 7 महीने बाद यह इंतजार खत्म होने जा रहा है।

    रामकोट तक सफर करेंगी
    टांडा रोड रेलवे स्टेशन पर इस ऐतिहासिक अवसर को लेकर उत्सव जैसा माहौल है। केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर भी यहां पहुंच चुकी हैं। वे टांडा रोड स्टेशन से ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगी और स्वयं रामकोट तक रेल सफर करेंगी।

    रेल सेवा शुरू होने से सबसे बड़ा लाभ टांडा और आसपास के आदिवासी अंचल के लोगों को मिलने की उम्मीद है। खासकर रोजगार के लिए गुजरात और अन्य क्षेत्रों में प्रवास करने वाले हजारों लोगों के लिए यह सस्ता, सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन का नया माध्यम बनेगा। जिले के ऐसे भी अनेक लोग हैं, जिन्होंने अब तक ट्रेन देखी तक नहीं है या रेल में सफर नहीं किया है। ऐसे लोगों के लिए आज का दिन किसी उत्सव से कम नहीं है।

     

  • पुलिस कार्रवाई से भड़के इंटर्न डॉक्टर, स्टाइपेंड बढ़ाने को लेकर सरकारी अस्पतालों में OPD सेवाएं बंद

    पुलिस कार्रवाई से भड़के इंटर्न डॉक्टर, स्टाइपेंड बढ़ाने को लेकर सरकारी अस्पतालों में OPD सेवाएं बंद

    भोपाल

    MBBS इंटर्न डॉक्टर्स के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की मांग को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब प्रदेशभर में फैलता नजर आ रहा है। सोमवार सुबह से चल रहे प्रदर्शन के बाद पुलिस की कार्रवाई से नाराज इंटर्न डॉक्टर्स ने मंगलवार को प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में OPD सेवाओं के बहिष्कार का ऐलान किया है।डॉक्टरों के मुताबिक, इस दौरान इमरजेंसी सेवाएं जारी रहेंगी, ताकि गंभीर मरीजों को तत्काल चिकित्सा सुविधा मिलती रहे। हालांकि OPD बंद रहने से सामान्य मरीजों की नियमित जांच और उपचार सेवाएं प्रभावित होने की संभावना है।

    भोपाल में रातभर सड़क पर डटे रहे इंटर्न डॉक्टर
    राजधानी भोपाल में इंटर्न डॉक्टरों का प्रदर्शन रातभर जारी रहा। डॉक्टर कमला पार्क की सड़क पर बैठकर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते रहे।प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने मुख्यमंत्री निवास की ओर जाने वाले रास्तों पर सुरक्षा बढ़ा दी है। CM हाउस की तरफ जाने वाले सभी प्रमुख रास्तों को बंद कर दिया गया है, जिससे प्रदर्शनकारियों को मुख्यमंत्री निवास की ओर आगे बढ़ने से रोका जा सके।

    इंदौर और रतलाम में भी असर
    भोपाल के अलावा इंदौर, रतलाम समेत प्रदेश के अन्य सरकारी अस्पतालों में भी इंटर्न डॉक्टर्स के काम नहीं करने की बात सामने आई है। इससे सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को नियमित OPD सेवाओं के लिए परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।हालांकि आंदोलन के दौरान इमरजेंसी सेवाओं को जारी रखने की बात कही गई है।

    चिकित्सक समुदाय के लिए काला दिन
    जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (जेडीए) ने समर्थन जताते हुए मंगलवार को हमीदिया अस्पताल की नियमित ओपीडी और इलेक्टिव ओटी का पूर्ण बहिष्कार कर दिया है। प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे एमटीए के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राकेश मालवीय ने इसे चिकित्सक समुदाय के लिए काला दिन करार दिया और मांग पूरी न होने पर पूरे डॉक्टर समुदाय के आंदोलन में उतरने की चेतावनी दी।

    प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे जीतू पटवारी
    इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री को खुद आंदोलन कर रहे डॉक्टरों के बीच आकर उनकी मांग सुननी चाहिए। पटवारी ने CM हाउस जाने वाले रास्ते पर बैरिकेडिंग को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यहां भारत-पाकिस्तान की बॉर्डर बना दी गई है। उन्होंने सरकार से डॉक्टरों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द समाधान निकालने की अपील की।

    कमला पार्क की सड़क पर रातभर डटे रहे इंटर्न डॉक्टर
    भोपाल में प्रदर्शन कर रहे MBBS इंटर्न डॉक्टर पुलिस कार्रवाई के बाद भी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। कई इंटर्न डॉक्टर रातभर कमला पार्क की सड़क पर बैठे रहे और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते रहे। डॉक्टरों का कहना है कि वे लंबे समय से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने के बावजूद पुलिस ने उनके खिलाफ वाटर कैनन और बल प्रयोग का इस्तेमाल किया। वहीं, प्रशासन ने मुख्यमंत्री निवास की ओर जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया है। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस ने इलाके में बैरिकेडिंग कर रास्तों पर निगरानी बढ़ा दी है।

    प्रदेशभर में OPD बंद, इमरजेंसी सेवा रहेगी चालू
    इंटर्न डॉक्टरों के आंदोलन को जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन का समर्थन मिलने के बाद इसका असर प्रदेश के कई सरकारी अस्पतालों में दिखाई दे रहा है। भोपाल के अलावा इंदौर, रतलाम और अन्य शहरों में भी डॉक्टरों के काम से दूर रहने की जानकारी सामने आई है। जूनियर डॉक्टर ने साफ किया है कि जब तक इंटर्न डॉक्टरों की मांगों पर समाधान नहीं होता, तब तक नियमित OPD और तय इलेक्टिव ऑपरेशन सेवाओं का बहिष्कार जारी रहेगा। हालांकि, मरीजों की परेशानी को देखते हुए इमरजेंसी सेवाओं को बंद नहीं किया गया है। गंभीर मरीजों को अस्पतालों में जरूरी चिकित्सा सुविधा मिलती रहेगी। 

    स्टाइपेंड बढ़ाने के साथ पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल
    जूनियर डॉक्टर मध्य प्रदेश के वाइस प्रेसिडेंट अनुराग भारती के मुताबिक, प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बातचीत हुई है, लेकिन इंटर्न डॉक्टर अपनी मांगों पर कायम हैं। डॉक्टरों की मुख्य मांगों में स्टाइपेंड में तत्काल बढ़ोतरी शामिल है। इसके साथ ही प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा कथित लाठीचार्ज और वाटर कैनन के इस्तेमाल को लेकर भी कार्रवाई की मांग की जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे मेडिकल छात्रों और इंटर्न डॉक्टरों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

    मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन भी समर्थन में
    मामले को लेकर मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन मध्यप्रदेश ने भी प्रदर्शनकारी डॉक्टरों का समर्थन किया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राकेश मालवीय देर रात प्रदर्शन कर रहे इंटर्न डॉक्टरों से मिलने पहुंचे। उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन के दौरान वाटर कैनन और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किए जाने से डॉक्टरों में आक्रोश है। उन्होंने इस घटना को चिकित्सक समुदाय के लिए दुखद बताया और कहा कि यदि इंटर्न डॉक्टरों की मांगों का समाधान नहीं हुआ तो पूरा चिकित्सक समुदाय उनके साथ खड़ा रहेगा।

    डॉक्टरों पर बल प्रयोग की निंदा  
    अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर पुलिसिया कार्रवाई को असंवैधानिक बताते हुए घायल डॉक्टरों के नि:शुल्क इलाज और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं एफएआईएमए के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. आकाश सोनी ने कहा कि उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ की तर्ज पर सरकार को बल प्रयोग के बजाय बातचीत के जरिए इस मुद्दे का समाधान निकालना चाहिए।

    इंटर्न बोले- उप मुख्यमंत्री खुद आएं
    प्रशासनिक स्तर पर देर रात हुई कलेक्टर और सीएमई की वार्ता बेनतीजा रही। गांधी मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. कविता सिंह जब छात्रों को डिप्टी सीएम से मिलाने ले जाने पहुंचीं, तो डॉक्टरों ने वहां जाने से साफ इंकार कर दिया। इंटर्न डॉक्टरों की दो टूक मांग है कि स्टाइपेंड में तत्काल बढ़ोतरी के साथ-साथ उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल स्वयं आकर उनसे बात करें और लाठीचार्ज के जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाए।

    लाठीचार्ज और वॉटर कैनन के विरोध में JDA भी उतरा
    इंटर्न डॉक्टर्स के समर्थन में जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (JDA) भी सामने आया है। सोमवार को मुख्यमंत्री निवास की ओर मार्च के दौरान पुलिस द्वारा लाठीचार्ज और वॉटर कैनन के इस्तेमाल का JDA ने विरोध किया है।

    स्टाइपेंड बढ़ोतरी के साथ कार्रवाई की मांग
    JDA मध्यप्रदेश के वाइस प्रेसिडेंट  के मुताबिक, कलेक्टर और CME के साथ बातचीत हुई है, लेकिन इंटर्न डॉक्टर अपनी मांगों पर कायम हैं। डॉक्टर्स का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।फिलहाल इंटर्न डॉक्टर्स के आंदोलन और OPD बहिष्कार के चलते प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में सामान्य चिकित्सा सेवाओं पर असर पड़ने की स्थिति बनी हुई है।