Category: मध्य प्रदेश

  • वैश्विक निवेश के नक्शे पर और मजबूत होगा मध्यप्रदेश, सीएम डॉ. यादव की पहल से बढ़ेंगी संभावनाएं

    वैश्विक निवेश के नक्शे पर और मजबूत होगा मध्यप्रदेश, सीएम डॉ. यादव की पहल से बढ़ेंगी संभावनाएं

    इन्वेस्ट मध्यप्रदेश : दुबई 2026
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश की वैश्विक निवेश संभावनाओं को मिलेगा नया आयाम

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव 6 से 9 सितंबर तक दुबई प्रवास पर
    वैश्विक आयोजन एआईएम कांग्रेस 2026 में सहभागिता के साथ इन्वेस्ट एमपी 2026 में करेंगे निवेश संवाद

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 6 से 9 सितंबर 2026 तक दुबई में इन्वेस्ट मध्यप्रदेश–दुबई 2026 के तहत संयुक्त अरब अमीरात के प्रमुख निवेशकों, उद्योग समूहों और वैश्विक कारोबारी नेतृत्व के साथ मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर सीधा संवाद करेंगे।

    दुबई में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की भागीदारी का एक महत्वपूर्ण पक्ष एआईएम कांग्रेस-2026 में सहभागिता का भी रहेगा। इसके माध्यम से मध्यप्रदेश को अंतर्राष्ट्रीय उद्योग समुदाय के सामने अपनी औद्योगिक और पर्यटन क्षमताओं को प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, विभिन्न देशों और संयुक्त अरब अमीरात के शीर्ष नीति-निर्माताओं एवं कारोबारी नेतृत्व के साथ बैठकों में मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं, सहयोग और नए अवसरों पर चर्चा होगी।

    तीन दिवसीय कार्यक्रम में निवेशकों के साथ वन-टू-वन बैठकों से लेकर उच्चस्तरीय शासन-स्तरीय मुलाकातें, एआईएम कांग्रेस में मध्यप्रदेश पेवेलियन का उद्घाटन, इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश–इंडिया निवेश सत्र, शारजाह के उद्योग प्रतिनिधियों के साथ संवाद तथा दुबई के प्रमुख उद्योग समूहों के साथ बैठकें शामिल हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से मध्यप्रदेश की औद्योगिक, व्यापारिक और पर्यटन क्षमता को निवेशकों के सामने प्रभावी ढंग से रखा जाएगा।मध्यप्रदेश अपनी औद्योगिक क्षमता, समृद्ध प्राकृतिक संसाधनों, कुशल मानव संसाधन और निवेश के लिए अनुकूल नीतियों के साथ वैश्विक निवेश मानचित्र पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दुबई में विभिन्न उद्योग प्रतिनिधियों से निवेश संवाद इस दिशा में परिणाममूलक साबित होगा।

    6 सितंबर 2026 पहला दिन

    प्रवासी भारतीयों से संवाद और वैश्विक कारोबारी समुदाय से संपर्क

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के दुबई पहुंचने पर प्रवासी भारतीय समुदाय द्वारा उनका स्वागत किया जाएगा। इसके बाद ओडीओपी (एक जिला-एक उत्पाद) स्टॉल का उद्घाटन होगा। स्टॉल में मध्यप्रदेश के बेल मेटल, चंदेरी, माहेश्वरी, बाटिक, ज़री-ज़रदोज़ी और ग्वालियर कारपेट जैसे स्थानीय उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव संयुक्त अरब अमीरात में भारत के राजदूत डॉ. दीपक मित्तल और दुबई के महावाणिज्य दूत डॉ. ई. विष्णु वर्धन रेड्डी से मुलाकात कर द्विपक्षीय आर्थिक एवं निवेश संबंधों से जुड़े विषयों पर चर्चा करेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव अरब संसद के अध्यक्ष हिज हाईनेस मोहम्मद अहमद अल यम्माही के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे और अरब संसद के अध्यक्ष एवं सदस्यों को इन्वेस्ट मध्यप्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 के लिए आमंत्रित करेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव मीडिया से संवाद करेंगे तथा एआईएम कांग्रेस-2026 के आमंत्रण-आधारित ‘टाइकून्स’ कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में करीब 500 संप्रभु संपदा कोष, फैमिली ऑफिस और प्रमुख कॉरपोरेट संस्थानों के प्रतिनिधियों की भागीदारी रहेगी। यहां निवेश के प्रमुख विषयों पर संवाद के साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव की एआईएम कांग्रेस के अध्यक्ष हिज हाईनेस डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़ेयूदी के साथ भी बैठक होगी।

    7 सितंबर 2026 दूसरा दिन

    एआईएम कांग्रेस में मध्यप्रदेश की वैश्विक निवेश क्षमता का प्रदर्शन

    दूसरे दिन 7 सितंबर सोमवार को एआईएम कांग्रेस-2026 पर केंद्रित रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश पेवेलियन का उद्घाटन करेंगे। पवेलियन के माध्यम से प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, निवेश अवसरों और प्रमुख क्षेत्रों को अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव संघीय सर्वोच्च परिषद के सदस्य एवं रास अल खैमाह के शासक हिज हाईनेस शेख सऊद बिन सक्र अल कासिमी से शिष्टाचार भेंट करेंगे तथा उन्हें इन्वेस्ट मध्यप्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 के लिए आमंत्रित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव एआईएम कांग्रेस के उद्घाटन समारोह में राष्ट्राध्यक्षों एवं शासनाध्यक्षों की उपस्थिति में लीडर्स सेशन को संबोधित करेंगे। इसके बाद तातारस्तान गणराज्य के गवर्नर के साथ बैठक होगी। वहीं इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश –इंडिया निवेश सत्र में मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश की निवेश संभावनाओं और राज्य की नीतिगत तैयारियों को वैश्विक निवेशकों के सामने रखेंगे। इस सत्र को विदेश व्यापार राज्य मंत्री हिज हाईनेस डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़ेयूदी भी संबोधित करेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव संयुक्त अरब अमीरात के अर्थव्यवस्था एवं पर्यटन मंत्री हिज हाईनेस अब्दुल्ला बिन तौक अल मर्री तथा विदेश व्यापार राज्य मंत्री एवं एआईएम कांग्रेस के अध्यक्ष हिज हाईनेस डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़ेयूदी के साथ उच्चस्तरीय बैठकें करेंगे।

    दूसरे दिन लूलू ग्रुप इंटरनेशनल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक यूसुफ़ अली एम.ए. के साथ बैठक भी महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल है। दिन का समापन दुबई के कारोबारी एवं निवेश समुदाय के साथ संवाद के साथ होगा।

    8 सितंबर 2026 तीसरा दिन

    निवेशकों से सीधा संवाद और शारजाह-दुबई के प्रमुख कारोबारी समूहों से संवाद

    तीसरे दिन मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. यादव यूएई के प्रमुख निवेशकों के साथ वन-टू-वन बैठक करेंगे। इनमें राणा होल्डिंग्स, जेम्स एजुकेशन, क्रेसेंट ग्रुप, प्योर हेल्थ, शराफ ग्रुप, चोइथराम्स, डीपी वर्ल्ड, ब्यूमर्क कॉरपोरेशन, वेस्ट ज़ोन, केजीके ग्रुप, विस्टास मीडिया कैपिटल और वीएफएस ग्लोबल जैसे प्रमुख उद्योग समूहों के प्रतिनिधि शामिल हैं । इसके बाद शारजाह चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष हिज हाईनेस अब्दुल्ला सुल्तान अल ओवैस के साथ बैठक होगी। शारजाह चैंबर एवं आईबीपीसी शारजाह के प्रतिनिधियों के साथ राउंड टेबल बैठक में मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों पर चर्चा होगी और उन्हें इन्वेस्ट मध्यप्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 के लिए आमंत्रित किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव बीआह समूह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के साथ भी बैठक करेंगे। इस दौरान मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर प्रस्तुति दी जाएगी और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 का आमंत्रण दिया जाएगा। इसके बाद दुबई के प्रमुख कारोबारी समूह इमार समूह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के साथ बैठक होगी। यह बैठक रियल एस्टेट, शहरी विकास और संबंधित क्षेत्रों में संभावित निवेश एवं सहयोग के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण होगी।

    तीसरे दिन मंगलवार शाम को इन्वेस्ट मध्यप्रदेश : निवेश अवसरों पर संवाद सत्र आयोजित होगा। इसमें संयुक्त अरब अमीरात के व्यवसाय एवं परोपकार के लिए विशेष दूत हिज हाईनेस बद्र जाफ़र विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। सत्र में मध्यप्रदेश की औद्योगिक एवं पर्यटन क्षेत्र की संभावनाओं को प्रस्तुत किया जाएगा और मुख्यमंत्री डॉ. यादव निवेशकों एवं प्रमुख उद्योग प्रतिनिधियों को मध्यप्रदेश में उपलब्ध अवसरों से सीधे रूबरू कराएंगे।

    9 सितंबर 2026 नई दिल्ली के लिए प्रस्थान

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव तीन दिवसीय निवेश-केंद्रित कार्यक्रम के बाद 9 सितंबर को दुबई से नई दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे।

    इन्वेस्ट मध्यप्रदेश–दुबई 2026 के माध्यम से मध्यप्रदेश सरकार का यह प्रयास रहेगा कि वैश्विक निवेश समुदाय के साथ बने संवाद को ठोस निवेश प्रस्तावों, व्यावसायिक साझेदारियों और दीर्घकालिक सहयोग में बदला जाए।

     

  • इंदौर मेट्रो ने पकड़ी रफ्तार, 2850 करोड़ के प्रोजेक्ट का शुभारंभ; 16 स्टेशनों से जुड़ेगा शहर

    इंदौर मेट्रो ने पकड़ी रफ्तार, 2850 करोड़ के प्रोजेक्ट का शुभारंभ; 16 स्टेशनों से जुड़ेगा शहर

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव, केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल, मंत्री विजयवर्गीय ने हरी झंडी दिखाकर इंदौर मेट्रो ट्रेन को किया रवाना

    बापट चौराहे मेट्रो स्टेशन से गांधी नगर तक सांदीपनि विद्यालय के बच्चों के साथ किया सफर 

    इंदौर 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल और नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने शनिवार को बापट चौराहा मेट्रो स्टेशन पर हरी झंडी दिखाकर इंदौर मेट्रो ट्रेन को रवाना किया।    इंदौर में आज ऐतिहासिक मेट्रो परियोजना की दूसरे चरण की विधिवत रूप से शुरूआत हो गई है। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, सांसद शंकर लालवानी, विधायक सुउषा ठाकुर, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़, मधु वर्मा, गोलू शुक्ला, एससीएस संजय दुबे, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल, सुमित मिश्रा, श्रवण चावड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण मौजूद थे।

    मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जबसे आपने केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय संभाला है, तब से मध्यप्रदेश को लगातार सौगातें मिल रही है। इसके पूर्व भोपाल में भी मेट्रो परियोजना का शुभारंभ हुआ। उन्होंने कहा कि इंदौर मेट्रो परियोजना का दूसरा चरण केवल इंदौर के लिये नहीं पूरे प्रदेश के लिये गौरव की बात है। इंदौर में मेट्रो के दूसरे चरण के शुरू होने से आवागमन और सुगम होगा तथा नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेगी। इंदौर मेट्रो का सफर यहां नागरिकों की  दिनचर्या का हिस्सा बनेगी। इंदौर मेट्रो में सफर के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेट्रो ट्रेन में सांदीपनि विद्यालय के बच्चों के साथ यात्रा की। उन्होंने बच्चों से संवाद किया और उनकी पढ़ाई के बारे में जानकारी ली। इंदौर मेट्रो बापट चौराहे से शुरू होकर हीरा नगर, चंद्रगुप्त चौराहा, आईएसबीटी, एमआर टेन, भौरासला चौराहा तथा सुपर कॉरिडोर से होते हुए गांधी नगर स्टेशन पहुंची।

    मेट्रो के अधिकारियों ने बताया कि इंदौर मेट्रो रोजाना सुबह 9 से शाम 7 बजे तक चलेगी। इंदौर मेट्रो नागरिकों को हर 15 मिनट के अंतराल पर मिलेगी और रोजाना 70 से अधिक फेरे लगाएगी। 

     

  • मेट्रो शहरों के विकास के साथ-साथ उद्योग और व्यापार को गति देने का महत्वपूर्ण माध्यम : केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल

    मेट्रो शहरों के विकास के साथ-साथ उद्योग और व्यापार को गति देने का महत्वपूर्ण माध्यम : केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल

    इंदौर के विकास को मिली नई रफ्तार : लोक परिवहन के क्षेत्र में इंदौर को मिली बड़ी सौगात

    मेट्रो परियोजना परिवहन तंत्र को आधुनिक बनाने के साथ ही शहर के विकास को करेगी नई गति प्रदान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
    मेट्रो शहरों के विकास के साथ-साथ उद्योग और व्यापार को गति देने का महत्वपूर्ण माध्यम : केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया 2 हजार 850 करोड़ रुपये की लागत से विस्तारित इंदौर मेट्रो का शुभारंभ-केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल भी रहे विशेष रूप से मौजूद

    इंदौर

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इंदौर में मेट्रो ट्रेन का विस्तार केवल परिवहन सुविधा का विस्तार नहीं, बल्कि विकास के एक नए अध्याय की शुरुआत है। आज मेट्रो का नया चरण शुरू हुआ है और आने वाले समय में इसके और चरण पूरे होंगे। मेट्रो के माध्यम से इंदौर को उज्जैन और पीथमपुर सहित आसपास के क्षेत्रों से जोड़ने का कार्य क्रमशः आगे बढ़ेगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को इंदौर में मेट्रो ट्रेन के नये चरण के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मेट्रो के पहले चरण को मिले सकारात्मक प्रतिसाद के बाद अब इसका विस्तार शहर के अंदरूनी क्षेत्रों तक हो रहा है। यह सिलसिला लगातार आगे बढ़ेगा और आने वाले समय में मेट्रो इंदौर सहित पूरे मालवा क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को नयी दिशा देगी। इंदौर के मेट्रो रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा 2 हजार 850 करोड़ रुपये की लागत से सुपर कॉरिडोर-3 से मालवीय नगर तक मेट्रो कॉरिडोर का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में अतिथियों ने बटन दबाकर मेट्रो का शुभारंभ किया।

    कार्यक्रम में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। केंद्रीय आवास एवं शहरी राज्य मंत्री तोखन साहू, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, इंदौर सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक गोलू शुक्ला, श्रीमती मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़, मधु वर्मा तथा सुउषा ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारीगण मौजूद थे।

    भारत की विकास दर ने बढ़ाया देशवासियों का गौरव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के सभी क्षेत्रों में विकास के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले सामने आई आर्थिक विकास दर के आंकड़े देशवासियों का उत्साह और गौरव बढ़ाने वाले हैं। अमेरिका की विकास दर लगभग 2 प्रतिशत और चीन की 4 प्रतिशत के मुकाबले भारत की विकास दर 7.8 प्रतिशत रहना देश की मजबूत आर्थिक स्थिति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया के बड़े देशों के सामने अपने हितों और अपनी शर्तों के साथ मजबूती से अपनी बात रख रहा है। यह प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत के बढ़ते आत्मविश्वास और सामर्थ्य का परिचायक है।

    18 हजार 500 करोड़ की इंदौर-मनमाड़ रेल परियोजना से बनेगा नया इतिहास

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर को मिली मेट्रो की सौगात के साथ ही इंदौर-मनमाड़ नई रेल लाइन के लिए 18 हजार 500 करोड़ रुपये की मंजूरी भी क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है। यह परियोजना इंदौर, मालवा और पूरे मध्यप्रदेश के विकास में नया इतिहास रचेगी। उन्होंने कहा कि इस रेल परियोजना के पूर्ण होने के बाद इंदौर और मुंबई के बीच आवागमन के लिए गुजरात होकर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। इंदौर से मनमाड़ के माध्यम से महाराष्ट्र और मुंबई से सीधा संपर्क स्थापित होगा। इसी प्रकार मध्यप्रदेश के अन्य क्षेत्रों से भी इंदौर और उज्जैन के बीच संपर्क और अधिक सुगम होगा।

    उज्जैन-इंदौर-मुंबई कनेक्टिविटी को मिलेगा नया विस्तार

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आने वाले समय में गुना से उज्जैन, उज्जैन से इंदौर और इंदौर से मनमाड़ तक बेहतर रेल कनेक्टिविटी विकसित होगी। इसके साथ ही इन्दौर मेट्रो के उज्जैन तक विस्तार का संकल्प भी लिया गया है। इससे उज्जैन और इंदौर सहित आसपास के पूरे महानगरीय क्षेत्र को एकजुट करने में मेट्रो महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि माँ देवी अहिल्या की नगरी इंदौर विकास और विरासत दोनों क्षेत्रों में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है।

    इन्दौर मेट्रो के 17 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर में है 16 स्टेशन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मेट्रो का सफर गांधीनगर से मालवीय चौराहे तक आगे बढ़ रहा है। इस कॉरिडोर की लंबाई 17 किलोमीटर है और इसमें 16 स्टेशन शामिल हैं। यह परियोजना इंदौर के परिवहन तंत्र को आधुनिक और सशक्त बनाने के साथ ही शहर के विकास को नयी गति प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री सहित सभी संबंधित अधिकारियों और मेट्रो परियोजना से जुड़े लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इंदौर को लगातार मिल रही विकास की सौगातों का सिलसिला इसी तरह आगे भी जारी रहेगा।

    मेट्रो परियोजना परिवहन के साथ ही विकसित भारत के निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम : केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल

    केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि इंदौर में मेट्रो के नए 11 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का शुभारंभ शहर के विकास की दिशा में मील का पत्थर है। पहले मेट्रो का लगभग 6 किलोमीटर का हिस्सा आउटर क्षेत्र तक सीमित था, लेकिन नए कॉरिडोर के जुड़ने से मेट्रो अब शहर के प्रमुख क्षेत्रों से भी जुड़ गई है। उन्होंने कहा कि मेट्रो के विस्तार से विद्यार्थियों, कर्मचारियों, व्यापारियों और आम नागरिकों को सुरक्षित, सुविधाजनक और समयबद्ध परिवहन की सुविधा मिलेगी। इससे शहर में आवागमन सुगम होगा और लोगों के समय की बचत होगी। उन्होंने कहा कि मेट्रो शहरों के विकास के साथ उद्योग और व्यापार को गति देने का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि वर्ष-2014 में देश के केवल पांच शहरों में 245 किलोमीटर मेट्रो नेटवर्क संचालित था, जबकि आज 26 शहरों में लगभग एक हजार 170 किलोमीटर लम्बा मेट्रो का नेटवर्क होने जा रहा है।

    केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के स्थिर नेतृत्व में मेट्रो के विस्तार की यह गति विश्व में अभूतपूर्व है और भारत शीघ्र ही मेट्रो नेटवर्क के मामले में अमेरिका को पीछे छोड़कर दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश बन सकता है। उन्होंने कहा कि मेट्रो केवल यातायात का साधन नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण की आधारभूत संरचना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। शहरीकरण, इंफ्रास्ट्रक्चर, औद्योगिकीकरण, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में तेजी से विकास होने पर ही भारत@2047 तक विकसित राष्ट्र के लक्ष्य को प्राप्त कर सकेगा। उन्होंने कहा कि इंदौर मेट्रो के विस्तार से बस स्टेंड, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और उज्जैन सहित महत्वपूर्ण स्थलों को जोड़ने की दिशा में भी नई संभावनाएं बनेंगी। इससे इंदौर के उद्योग, व्यापार, पर्यटन और धार्मिक गतिविधियों को और गति मिलेगी तथा आसपास के क्षेत्रों से आने वाले नागरिकों को बेहतर परिवहन सुविधा प्राप्त होगी। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश को देश का दिल कहा जाता है और इंदौर इस दिल की धड़कन है। उन्होंने इंदौरवासियों को मेट्रो के नए चरण की शुरुआत पर शुभकामनाएं दीं।

    मेट्रो परियोजना का मूल उद्देश्य, पीथमपुर-महू से देवास-उज्जैन और आगे मक्सी तक विस्तार करना है : मंत्री विजयवर्गीय

    नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर मेट्रो की योजना का मूल उद्देश्य शहर के भीतर आवागमन को सुगम करने के साथ ही इंदौर के विस्तार को गति देना और शहर को विकेंद्रित करना था। इसी मूल उद्देश्य को पूरा करने के लिये मेट्रो परियोजना का विस्तार पीथमपुर, महू, देवास- मक्सी और उज्जैन तक किया जायेगा। उन्होंने कहा कि पहला चरण शहर में पूरा होने के बाद दूसरे चरण का काम आगे बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी इसके लिए आवश्यक स्वीकृति प्रदान की है। इसके बाद मेट्रो को पीथमपुर तक ले जाने की योजना है। आगे औद्योगिक क्षेत्रों से होते हुए उज्जैन, अवंतिकापुरी और मक्सी तक इसके विस्तार की परिकल्पना है।

    मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि अगले 10 से 15 वर्षों तक इंदौर क्षेत्र में मेट्रो का काम लगातार चलता रहेगा। यह एक दीर्घकालिक योजना है, जिसके माध्यम से इंदौर और आसपास के क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी के साथ विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मेट्रो का उद्देश्य केवल परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि शहर का विकेंद्रीकरण और तेज गति से समग्र विकास करना है। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर में मेट्रो का एक बड़ा हिस्सा तैयार हो चुका है। शहर के नागरिकों की मांग और इंदौर की सुंदरता को ध्यान में रखते हुए शहर के प्रमुख हिस्सों में मेट्रो को भूमिगत करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि एमजी रोड जैसी प्रमुख और सुंदर सड़कों पर मेट्रो के खंभे लगने से शहर के सौंदर्य पर असर पड़ सकता था। इसलिए इसे भूमिगत करने के लिए प्रयास किए गए। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि भूमिगत मेट्रो परियोजना से बजट में कुछ वृद्धि अवश्य होगी, लेकिन इससे इंदौर की सुंदरता और पहचान सुरक्षित रहेगी।

     

  • इंदौर में राहुल गांधी के कार्यक्रम की जोरदार तैयारी, 20 हजार से ज्यादा पंजीयन से बढ़ा उत्साह

    इंदौर में राहुल गांधी के कार्यक्रम की जोरदार तैयारी, 20 हजार से ज्यादा पंजीयन से बढ़ा उत्साह

    इंदौर 

    19 सितंबर को इंदौर में होने वाले राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए कांग्रेस नेताओं ने कमर कस ली है। इस आयोजन में न तो कांग्रेस के नेता राहुल के साथ मंच साझा करेंगे और न ही कांग्रेस का झंडा आयोजन में कहीं नजर आएगा, लेकिन पर्दे के पीछे कांग्रेस नेता इस आयोजन की बागडोर संभाले हुए हैं। विद्यार्थियों को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन का विकल्प दिया गया है। इसमें अब तक 20 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों के रजिस्ट्रेशन की बात कही जा रही है। इस आयोजन में 70 हजार से ज्यादा लोगों के जुटने की उम्मीद है। आयोजन स्थल को भी समतल किया जा रहा है, लेकिन शुक्रवार को हुई बारिश की वजह से काम रुक गया। पहले यह कार्यक्रम इंदौर के नेहरू स्टेडियम में होना था, लेकिन वहां नगर निगम ने इसकी अनुमति नहीं दी।

    गैर-राजनीतिक आयोजन बता रही कांग्रेस
    राहुल गांधी के 19 सितंबर के आयोजन को कांग्रेस नेता गैर-राजनीतिक बता रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि भाजपा को इस आयोजन को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर देखना चाहिए। राहुल गांधी शामिल युवाओं से उनके सपनों, शिक्षा के अधिकार और शिक्षा व्यवस्था की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर संवाद करेंगे। इस कारण इसे 'छात्रों की गूंज' नाम दिया गया है, लेकिन भाजपा ने स्टेडियम नहीं देकर छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश की है।

    विजयवर्गीय को भी आमंत्रण देगी कांग्रेस

    आयोजन की तैयारियों को लेकर बैठक हो रही थी। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने इस आयोजन में शामिल होने के लिए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को भी आमंत्रण पत्र भेजने की बात कही। उन्होंने इसकी जिम्मेदारी पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा को दी है।

  • डेढ़ साल से तैयार खड़ी 26 करोड़ की इमारत नहीं आई काम, JP अस्पताल परिसर में मिलीं शराब की बोतलें

    डेढ़ साल से तैयार खड़ी 26 करोड़ की इमारत नहीं आई काम, JP अस्पताल परिसर में मिलीं शराब की बोतलें

    भोपाल

    राजधानी के जेपी अस्पताल में मरीजों को बेहतर और आधुनिक इलाज देने के लिए तैयार की गई नई बहुमंजिला इमारत अब खुद ही बदहाली का शिकार होने लगी है। करीब 26 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हुई पांच मंजिला इमारत को मरीजों के लिए खोलने की कई समय-सीमाएं तय हो चुकी हैं, लेकिन अब तक इसका शुभारंभ नहीं हो सका है। स्थिति यह है कि लंबे समय से बंद पड़ी इमारत के आसपास असामाजिक तत्वों का जमावड़ा होने लगा है। परिसर में शराब की बोतलें दिखाई दे रही हैं, जबकि अस्पताल के बाहर बने पोर्च में लोग मोटरसाइकिल और कार खड़ी कर रहे हैं। करीब डेढ़ साल से तैयार इस इमारत का उपयोग शुरू नहीं होने से एक तरफ मरीजों को नई सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है, वहीं दूसरी तरफ खाली पड़े परिसर की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

     15 अगस्त तक शुरू करने के थे निर्देश
    नई इमारत को चालू करने को लेकर प्रशासन की ओर से कई बार समय-सीमा तय की गई। हाल ही में कलेक्टर की बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे कि हर हाल में 15 अगस्त तक नई इमारत शुरू की जाए। इसके बावजूद सितंबर शुरू हो चुका है, लेकिन अस्पताल प्रबंधन की ओर से यहां मरीजों को शिफ्ट करने या सेवाएं शुरू करने की कोई ठोस गतिविधि दिखाई नहीं दे रही है। इससे पहले भी भवन को शुरू करने की तारीखें तय की गई थीं। नवंबर 2025 की रिपोर्ट में भी सामने आया था कि करीब 26 करोड़ रुपए से तैयार भवन मरीजों के लिए नहीं खुल सका था। उस समय भवन को अस्पताल प्रशासन को सौंपने और तकनीकी कमियों को लेकर मामला अटका हुआ बताया गया था।

    पांच मंजिल की इमारत, इलाज की सुविधाओं का विस्तार
    नई इमारत जेपी अस्पताल परिसर में ही पुराने भवन के पास बनाई गई है। पांच मंजिला भवन में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अतिरिक्त बिस्तरों और कई महत्वपूर्ण चिकित्सा सुविधाओं की योजना बनाई गई है।परियोजना के शुरुआती प्रस्ताव में 270 बिस्तर और चार आधुनिक ऑपरेशन थिएटर बनाने की बात सामने आई थी। बाद की विस्तृत योजना में भवन की क्षमता 240 बिस्तर बताई गई। इसमें आपातकालीन उपचार, शल्य चिकित्सा और अलग-अलग वार्डों के साथ जांच तथा अन्य चिकित्सा सुविधाओं को एक ही परिसर में उपलब्ध कराने की योजना थी। 2024 की योजना के मुताबिक करीब 26 करोड़ रुपए की लागत वाली इस इमारत में राज्य सरकार की करीब 19 करोड़ और केंद्र की करीब 7 करोड़ रुपए की हिस्सेदारी बताई गई थी। इसमें भूतल पर आपातकालीन और अलग-अलग वार्ड, ऊपरी मंजिलों पर शल्य चिकित्सा वार्ड, निजी वार्ड और चार ऑपरेशन थिएटर की व्यवस्था प्रस्तावित थी। एक मंजिल पर रक्त बैंक बनाने की भी योजना थी।

    इमारत पर असामाजिक तत्वों का कब्जा
    नई इमारत के शुरू नहीं होने का असर अस्पताल की मौजूदा व्यवस्था पर भी पड़ रहा है। मरीजों और उनके परिजनों को अभी पुराने भवन की ही सीमित जगह में इलाज कराना पड़ रहा है। दूसरी ओर खाली पड़ी नई इमारत की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अस्पताल परिसर में शराब की बोतलें मिलने और लोगों के पोर्च में वाहन खड़े करने से साफ है कि बंद भवन का इस्तेमाल धीरे-धीरे दूसरे कामों के लिए होने लगा है। यदि समय रहते यहां सुरक्षा और निगरानी नहीं बढ़ाई गई तो भवन की संपत्ति को नुकसान पहुंचने के साथ मरीजों और कर्मचारियों की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है।

    निर्माण पूरा, लेकिन शुरू करने की जिम्मेदारी पर अटका मामला
    नई इमारत के मामले में पहले भी निर्माण पूरा होने के बावजूद इसे अस्पताल प्रशासन को सौंपने और तकनीकी कमियों को लेकर विवाद सामने आया था। नवंबर 2025 में अस्पताल प्रबंधन की ओर से कुछ कमियों के कारण शिफ्टिंग रोके जाने की बात कही गई थी, जबकि निर्माण एजेंसी की ओर से अपना काम लगभग पूरा होने का दावा किया गया था। अब सवाल यह है कि जब प्रशासन कई बार समय-सीमा तय कर चुका है  तो अभी तक दरवाजे क्यों नहीं खुले हैं।

    अधीक्षक बोले नहीं आई अभी तक कोई डेट 
    जेपी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संजय जैन ने बताया कि अभी तक शुरू करने की कोई डेट फिक्स नहीं की गई है। जल्द ही इसे शुरू किया जाएगा। गाड़ी पार्किंग को लेकर कहां की कोई डॉक्टर की गाड़ी खड़ी होगी बाइक अगर खड़ी है तो दिखाता हूं। और शराब की बोतलों को लेकर उन्हें कहा कि मै जांच करवाता हूं। 

     

  • पीएम श्री केवी क्रमांक 5 में गुरुओं को नमन, हर्षोल्लास से मना शिक्षक दिवस

    पीएम श्री केवी क्रमांक 5 में गुरुओं को नमन, हर्षोल्लास से मना शिक्षक दिवस

    ग्वालियर। पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 5, शास्त्री नगर में शिक्षक दिवस समारोह उत्साह एवं उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्री मनीष तिलक, प्राचार्य के स्वागत एवं डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुआ। विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान, स्नेह एवं कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उन्हें स्मृति-चिह्न भेंट किए। वरिष्ठ विद्यार्थियों ने शिक्षक की भूमिका निभाते हुए कक्षाओं का संचालन किया और अध्यापन के दायित्व का अनुभव प्राप्त किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने गीत, नृत्य, भाषण एवं अन्य रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समां बांध दिया।

    अपने प्रेरणादायी संबोधन में प्राचार्य ने शिक्षकों को समाज एवं राष्ट्र निर्माण का आधार स्तंभ बताते हुए कहा कि “शिक्षक वह दीपक है, जो अज्ञानता के अंधकार को मिटाकर ज्ञान का प्रकाश फैलाता है।” उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षकों का सम्मान करने तथा उनके मार्गदर्शन पर चलकर जीवन में सफलता प्राप्त करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों ने शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया। शिक्षक दिवस समारोह विद्यालय परिवार के लिए प्रेरणादायी, भावपूर्ण एवं अविस्मरणीय अवसर बन गया।

  • भोपाल में 576 कॉलोनियों पर एक्शन की तैयारी, घरों में व्यावसायिक गतिविधियों पर सख्ती

    भोपाल में 576 कॉलोनियों पर एक्शन की तैयारी, घरों में व्यावसायिक गतिविधियों पर सख्ती

    भोपाल

    मध्यप्रदेश के भोपाल शहर में प्रशासनिक अधिकारियों व दूसरी एजेंसियों में रहवासी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों पर कार्रवाई का मामला केवल नगर निगम पर छोड़ दिया है। जिन घरों में दुकान व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स चल रहे है, उनमें बड़ी हिस्सेदारी नजूल, बीडीए व हाउसिंग बोर्ड की भी है। अरेरा कॉलोनी से एमपी नगर, अशोका गार्डन से बैरागढ़ तक नजूल पट्टों की जमीन है। जिला प्रशासन के रेकॉर्ड के अनुसार, शहर में 576 कॉलोनियां नजूल जमीनों या गैर अनुमोदित ले आउट्स पर बसी है। बीडीए हाउसिंग के 50 प्रोजेक्ट है। यहां आवासीय में बड़े स्तर पर व्यावसायिक गतिविधियां व निर्माण है। इस स्थिति में कलेक्टर समेत बीडीए-हाउसिंग बोर्ड के अफसरों को मैदान में उतारने की जरूरत महसूस की जा रही है।

    सरकारी भूमि पर बनी कॉलोनियां
    पुराने भोपाल के शाहजहांनाबाद, बैरागढ़, सुल्तानिया रोड, लखेरापुरा, अशोका गार्डन, है, जबकि नया भोपाल अरेरा, टीटी नगर, एमपी नगर के बड़े हिस्से नजूल लीज-लैंड पर बसे है। ईदगाह हिल्स में 600 एकड़ जमीन मर्जर में है और रिकॉर्ड में सरकारी है।

    भोपाल शहर में प्रशासनिक अधिकारियों व दूसरी एजेंसियों में रहवासी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों पर कार्रवाई का मामला केवल नगर निगम पर छोड़ दिया है। जिन घरों में दुकान व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स चल रहे है, उनमें बड़ी हिस्सेदारी नजूल, बीडीए व हाउसिंग बोर्ड की भी है। अरेरा कॉलोनी से एमपी नगर, अशोका गार्डन से बैरागढ़ तक नजूल पट्टों की जमीन है। जिला प्रशासन के रेकॉर्ड के अनुसार, शहर में 576 कॉलोनियां नजूल जमीनों या गैर अनुमोदित ले आउट्स पर बसी है। बीडीए हाउसिंग के 50 प्रोजेक्ट है। यहां आवासीय में बड़े स्तर पर व्यावसायिक गतिविधियां व निर्माण है। इस स्थिति में कलेक्टर समेत बीडीए-हाउसिंग बोर्ड के अफसरों को मैदान में उतारने की जरूरत महसूस की जा रही है।

    सरकारी भूमि पर बनी कॉलोनियां
    पुराने भोपाल के शाहजहांनाबाद, बैरागढ़, सुल्तानिया रोड, लखेरापुरा, अशोका गार्डन, है, जबकि नया भोपाल अरेरा, टीटी नगर, एमपी नगर के बड़े हिस्से नजूल लीज-लैंड पर बसे है। ईदगाह हिल्स में 600 एकड़ जमीन मर्जर में है और रिकॉर्ड में सरकारी है।

    हाउसिंग बोर्ड-बीडीए की स्थिति
    हाउसिंग बोर्ड ने भोपाल में 25 से अधिक बड़ी आवासीय कॉलोनियां व टाउनशिप विकसित की है। इनमें अयोध्या नगर क्षेत्र सबसे बड़ा आवासीय परिसर है। बीडीए की 13 से योजनाएं निगम को हस्तांतरित हो हो चुकी है, पर 7 की जिम्मेदारी उसी की है।

    निगम सीमा के तहत निगम कार्रवाई कर रहा है। नजूल, हाउसिंग बोर्ड, बीडीए के प्रोजेक्ट्स व क्षेत्र को लेकर समीक्षा कर ली जाएगी। कोर्ट के आदेश का पूरा पालन किया जाएगा।- कर्मवीर शर्मा, संभागायुक्त

    घर चार इमली में, अरेरा में बनाया व्यावसायिक भवन
    जब से नगर निगम द्वारा सीलिंग की कार्रवाई शुरू की गई है, मकान में कारोबार को लेकर पोल भी खुल रहे है। कई मामले ऐसे भी सामने आ रहे है, जिनमें भवन मालिक का असली पता किसी और इलाके का है और उसने किसी और रहवासी क्षेत्र में कारोबार के लिए भवन खड़ा किया है। ऐसा ही एक मामला अरेरा ई4/115 प्लॉट का है। इस पर हिंमाश चौरसिया और शुभम चौरसिया के नाम पर अप्रेल 2024 में मैं आवासीय निर्माण की अनुमति दी गई थी। लेकिन यहां कारोबारी भवन बना लिया गया है। अनुमति 0.75 एफएआर के आधार पर दी गई थी। यानी क्षेत्रफल से 75 फीसदी ही दो मंजिला निर्माण की मंजूरी है। लेकिन प्लॉट मालिक ने पूरा व्यावसायिक निर्माण कर लिया।

    ट्रैफिक पर पड़ेगा असर
    इमारत वंदेमातरम चौराहा से आगे 1100 क्वार्टर हनुमान मंदिर के बीच चार लेन रोड पर तैयार हो रही है। यहां अरेरा से लेकर कोलार, शाहपुरा, चुनाभट्टी और आसपास के ट्रैफिक गुजरता है। ऐसे में पीक ऑवर्स में चौराहे पर जाम की स्थिति बनेगी जिससे चौराहा भी प्रभावित होगा।

  • आस्था, परंपरा और राष्ट्रभक्ति का संगम बना पुराना नाका, युवाओं ने जोश से सजाया 21वां मटकी फोड़ उत्सव, रामपुरिया की टीम ने फोड़ी मटकी

    आस्था, परंपरा और राष्ट्रभक्ति का संगम बना पुराना नाका, युवाओं ने जोश से सजाया 21वां मटकी फोड़ उत्सव, रामपुरिया की टीम ने फोड़ी मटकी

    पेटलावद। जन्माष्टमी के पावन अवसर पर नगर के पुराने नाका पर श्री पुराना नाका राधा-कृष्ण मित्र मंडल के तत्वावधान में 21वीं मटकी फोड़ प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। धार्मिक आस्था, भारतीय संस्कृति और राष्ट्रभक्ति से सराबोर इस आयोजन में नगर सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु एवं दर्शक पहुंचे। कार्यक्रम की शुरुआत विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुई। रिस्क नृत्य अकादमी के कलाकारों ने भगवान गणेश, राधा-कृष्ण, भगवान महादेव एवं पारंपरिक नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का मन मोह लिया। वहीं गुजरात से आए कलाकारों ने राधा-कृष्ण की सुंदर रासलीला प्रस्तुत कर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। स्थानीय युवाओं ने गरबा एवं भक्ति गीतों की प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में उत्साह का रंग भर दिया।

    आधी रात को हुई महाआरती, फिर गूंजा वंदे मातरम्
    रात्रि 12 बजे भगवान राधा-कृष्ण की भव्य महाआरती संपन्न हुई। इसके पश्चात उपस्थित श्रद्धालुओं एवं नगरवासियों ने एक साथ राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया। हजारों लोगों की एक साथ उठती आवाज से पूरा पुराना नाका राष्ट्रभक्ति के भाव से गूंज उठा। भक्ति और राष्ट्रभक्ति का यह अनूठा संगम आयोजन का विशेष आकर्षण रहा।

    रोमांचक मुकाबले में रामपुरिया की टीम विजेता
    महाआरती के बाद मटकी फोड़ प्रतियोगिता शुरू हुई, जिसका रोमांच रात करीब 1 बजे तक बना रहा। क्रेन की सहायता से ऊंचाई पर लटकाई गई मटकी को फोड़ने के लिए विभिन्न टीमों ने पूरे उत्साह और जोश के साथ प्रयास किए। कई रोमांचक प्रयासों के बाद रामपुरिया की टीम ने मटकी फोड़कर विजय हासिल की। विजेता टीम को 11,111 रुपये का नगद पुरस्कार श्री अतुल चौधरी द्वारा प्रदान किया गया।

    गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति ने बढ़ाई आयोजन की शोभा
    कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह विभाग कार्यवाह आकाश चौहान, हिंदू जागरण मंच के जिला सह संयोजक प्रकाश प्रजापत, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व रितिका पाटीदार, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस अनुरक्ति सबनानी, जनपद पंचायत अध्यक्ष रमेश सोलंकी, थाना प्रभारी निर्भय सिंह भूरिया, नगर परिषद मुख्य अधिकारी राहुल वर्मा एवं नगर परिषद अध्यक्ष ललिता योगेश गामड़ सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। अतिथियों ने भगवान राधा-कृष्ण की पूजा-अर्चना कर आयोजन की सराहना की तथा युवाओं द्वारा धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने के प्रयास की प्रशंसा की। अतिथियों की उपस्थिति से आयोजन की गरिमा और उत्साह दोनों बढ़े।

    पुलिस और विद्युत विभाग ने संभाली व्यवस्था
    हजारों की संख्या में उमड़ी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन एवं विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने पूरी मुस्तैदी के साथ अपनी सेवाएं दीं। सुरक्षा, यातायात एवं विद्युत व्यवस्था को व्यवस्थित बनाए रखने में प्रशासन का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।

    युवाओं की मेहनत से यादगार बना 21वां आयोजन
    आयोजन को सफल एवं यादगार बनाने में मंडल के साथी खुश मांडोत, रचित गादिया, सिद्धू गुगलिया, श्रेयल पटवा, चेतन जैन, शुभम निमजा, विनोद चौधरी, खुश कलाल, पंकज परमार, लक्ष्य चौधरी एवं प्रफुल्ल गोयल सहित पूरी आयोजन समिति का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर मंडल के वरिष्ठ साथी राकेश मांडोत, प्रदीप पटवा, अनिल मुलेवा, करण बाबा व्यास, लाला चौधरी, कमलेश भानपुरिया एवं नाना गोयल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं नगरवासी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन लोकु परिहार ने किया।

  • मानसून को लेकर CM डॉ. यादव ने किया अलर्ट, बोले- बारिश के दौरान सतर्कता बेहद जरूरी

    मानसून को लेकर CM डॉ. यादव ने किया अलर्ट, बोले- बारिश के दौरान सतर्कता बेहद जरूरी

    मानसून सक्रिय रहने तक रहें बेहद सावधान – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    राहत एवं बचाव कार्यों में कोई कमी न रहें
    बाढ़ प्रभावितों को तत्काल दें खाना, कपड़ा और जरूरत का सूखा सामान
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्टेट कमांड सेन्टर पहुंचकर वर्षाजनित परिस्थितियों की ली जानकारी
    राहत एवं बचाव कार्यों का लाइव निरीक्षण किया
    बीते एक माह में 2783 लोगों का किया गया है रेस्क्यू

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में अतिवृष्टि की वजह से कुछ क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई है। ऐसे में हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता नागरिकों की सुरक्षा है। कठिनाई की इस घड़ी में शासन, प्रशासन, तहसील का हर अधिकारी और कर्मचारी पूरी संवेदनशीलता, तत्परता और समन्वय के साथ राहत और बचाव कार्यों में सहयोग करें। किसी भी नागरिक को संकट में अकेला न छोड़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, होमगार्ड, फील्ड अधिकारी, राहत एवं बचाव कार्य में जुटी एजेंसीज प्रदेश में मानसून सक्रिय रहने तक बेहद सजग रहें, सर्तक रहें, सावधान रहें और किसी भी परिस्थिति को हैंडल करने के लिए तैयार रहें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को होमगार्ड कार्यालय के एसडीआरएफ स्टेट कमांड सेन्टर पहुंचकर प्रदेश के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग से बात की और सभी से उनके जिलों में वर्षा की स्थिति की जानकारी लेकर समीक्षा बैठक भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कहीं बाढ़ का पानी घरों तक आ गया है तो प्रभावितों को तत्काल राहत शिविरों में पहुंचायें और सभी प्रभावितों को तत्काल खाना, कपड़ा और जरूरत का सूखा सामान उपलब्ध कराएं। साथ ही इन्हें शासन की ओर से नियमानुसार राहत राशि भी दिलायें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीसी के जरिए ही प्रदेश के कुछ जिलों में बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए चलायें जा रहे रेस्क्यू का लाइव स्ट्रीमिंग के जरिए निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने पन्ना, गुना, रीवा, सतना और पूर्वी मध्यप्रदेश के जिलों में अतिवृष्टि के कारण उपजी परिस्थतियों पर सीधे पुलिस अधीक्षकों, होमगार्ड और बचाव दल के अधिकारियों से बात की। बताया गया कि पन्ना की किलकिला नदी में आई बाढ़ के कारण यहां स्टेट डिसेस्टर इमरजेंसी रिस्पांस फोर्स (एसडीईआरएफ) द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। बैठक में मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव गृह विभाग संजय कुमार शुक्ल, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, एडीजी होमगार्ड सुप्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव, एडीजी इंटेलीजेंस अंशुमन यादव, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. सुदाम खाड़े, एसडीईआरएफ के स्टेट हेड सहित सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न जिलों में बारिश से उत्पन्न परिस्थितियों, प्रभावित क्षेत्रों में संचालित राहत एवं बचाव कार्यों तथा प्रशासन की तैयारियों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने रेस्क्यू ऑपरेशन और संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात टीमों की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और प्रशासनिक अमला पूरी मुस्तैदी के साथ कार्य करे तथा आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों तक तत्काल राहत एवं बचाव पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रदेशवासियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आपदा प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं की निरंतर मॉनिटरिंग, विभागों के बीच बेहतर समन्वय और किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा

    जिलों के अधिकारियों को वीसी से निर्देश देने के उपरांत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में कहा कि प्रदेश में कमोबेश पूरे क्षेत्र में बारिश का दौर बना हुआ है। पश्चिमी मध्यप्रदेश को छोड़कर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश हुई है। इसके मद्देनजर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें पूरी मुस्तैदी के साथ विभिन्न स्थानों पर तैनात हैं। बीते एक माह में आपदा प्रबंधन टीमों की मदद से 2,783 से अधिक लोगों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया गया है। फिलहाल अगले दो-चार दिनों में किसी बड़ी चुनौती की स्थिति नहीं है, लेकिन अचानक बाढ़ जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पहले से सुनिश्चित की गई हैं। हमारी इन्हीं तैयारियों का ही परिणाम है कि अब तक प्रदेश में जान-माल की कोई विशेष हानि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि हमारे पुलिस बल एवं राहत दलों ने भी पूरी दक्षता और मुस्तैदी के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है। आगामी दिनों में बारिश की आशंका को देखते हुए हम लगातार सतर्क हैं और व्यवस्थाओं पर भी नजर बनाए हुए हैं। इसी क्रम में आज प्रदेश में बाढ़ आपदा प्रबंधन से संबंधित तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की है, ताकि किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए प्रदेशवासियों के जान-माल-मवेशियों की सुरक्षा कायम रखी जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने सबसे संवाद कर अपनी तैयारियों को और बेहतर कर लिया है।

     

  • किसानों के हित और सेवा को समर्पित है बलराम कृषि महोत्सव, बोले CM डॉ. यादव

    किसानों के हित और सेवा को समर्पित है बलराम कृषि महोत्सव, बोले CM डॉ. यादव

    किसानों की सेवा का त्यौहार है बलराम कृषि महोत्सव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    फील्ड से लेकर फैक्ट्री तक सरकार किसानों के साथ है
    मुख्यमंत्री ने भिंड जिले में हुए बलराम कृषि महोत्सव में वीसी से की सहभागिता
    जिले के किसानों से की इस महोत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भिंड की धरती जय जवान-जय किसान का सबसे अच्छा और सार्थक उदाहरण है। कभी डकैतों की समस्या से जूझने वाले इस क्षेत्र की पहचान आज उद्योग, रोजगार और कृषि से हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बलराम कृषि महोत्सव अन्नदाता किसानों की सेवा और इनके प्रति आभार व्यक्त करने का त्यौहार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को भिंड जिले में हुए बलराम कृषि महोत्सव को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कान्फ्रेंसिंग से संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में मौजूद किसानों से कहा कि कृषि क्षेत्र आने वाले समय में प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ और सबकी समृद्धि की सबसे बड़ी गारंटी बनने जा रहा है। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे दुग्ध उत्पादन, अन्न उत्पादन, मछली पालन, उद्यानिकी जिसमें भी उनकी रुचि है, एक नई शुरुआत के साथ आगे बढ़ें। हमारी सरकार फील्ड से लेकर फैक्ट्री तक हमेशा किसानों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी किसान इस बलराम कृषि महोत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। मुख्यमंत्री ने कहा कि धरती माता ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। अपने हीरे जैसी जमीन किसी को न बेचें, बल्कि अपने बच्चों को भी इसी पूंजी में परिश्रम और समर्पण का बीजरूपी निवेश करना सिखायें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि, पशुपालन और मछली पालन में भिंड तेजी से प्रगति कर रहा है। चंबल, सिंध और पहुज जैसी नदियों के पानी से सिंचित भिंड में बाजरा, गेहूं और सरसों खूब होती है। सरसों के उत्पादन में भिंड की अपनी अलग पहचान है। मुरैना-भिंड में प्रदेश की 50 प्रतिशत से ज्यादा सरसों की पैदावार होती है। मुख्यमंत्री ने प्रसन्न्ता व्यक्त करते हुए कहा कि भिंड जिले के किसान अब प्राकृतिक खेती में भी रुचि ले रहे हैं। यहां 3 हजार से अधिक किसानों ने 1250 हेक्टेयर रकबे में प्राकृतिक खेती की है। यहां दुग्ध संकलन में 31 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। लगभग 60 गौशालाओं में गौसेवा भी हो रही है। अब पांडरी गांव में स्वावलंबी गौशाला के लिए 5 हजार निराश्रित गौवंश के आश्रय की तैयारी की जा रही है। मछली पालन में भी यहां के प्रगतिशील लोगों ने नई तकनीक अपनाई है। भवथरा गांव में 25 लाख रुपए की लागत से आधुनिक मत्स्य पालन तकनीक लगाई गई है, जिससे 8 मीट्रिक टन मछली का उत्पादन हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और किसान मिलकर एक नया इतिहास रचेंगे। यहां के किसानों ने पशुपालन और मछली पालन में रुचि लेकर इतिहास रचने की शुरुआत कर दी है। सरकार हमेशा इनके साथ खड़ी है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंचाई परियोजनाओं से भिंड की खेती-किसानी बदल रही है। उन्होंने कहा कि भिंड जिले को ऐतिहासिक पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना का लाभ मिलने जा रहा है, इससे यहां की खेती की तस्वीर बदल जाएगी। सिमार स्टॉप डैम का काम लगभग पूरा हो गया है। इससे 210 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई की सुविधा मिलेगी। उन्होंने बताया कि अटेर में कनेरा उद्वहन सिंचाई परियोजना का काम जून 2027 तक पूरा किया जाएगा। इससे 96 गांवों की 15 हजार हेक्टेयर से ज्यादा जमीन सिंचित होगी। वर्तमान में राजघाट, चंबल और हर्सी नहर प्रणालियों से जिले में 1 लाख 62 हजार 381 हेक्टेयर जमीन सिंचित हो ही रही है।

    नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ यादव की पहल पर पूरे प्रदेश में उत्सव के माहौल में बलराम कृषि महोत्सव मनाया जा रहा है, जिसमें कृषक उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भगवान बलराम की कृपा से किसान कल्याण वर्ष केआयोजनों के अच्छे परिणाम आएंगे।

    कार्यक्रम में मंत्री शुक्ला और विधायक भिण्ड नरेंद्र सिंह कुशवाह द्वारा अन्य अतिथियों की उपस्थिति में दबोहामोड़ के रामसनेही शर्मा को फलोद्यान नर्सरी, बडेरा के पर्वत सिंह को नर्सरी, टुडिला के जगदीश सिंह कंसाना को प्राकृतिक खेती, मानगढ़ के रंजीत सिंह को जैविक खेती, बरूअनपुरा के गंगाराम बघेल को जैविक खेती, सोनेलाल का पुरा के अजय सिंह को केंचुआ खाद उत्पादन, उदन्नखेडा के लक्ष्मण सिंह नरवरिया को जैविक खेती, सैपुरा के संदीप सिंह को उन्नत तकनीकी से टमाटर एंव मिर्च उत्पादन, क्यारीपुरा के कुलदीप सिंह भदौरिया को जैविक खेती और बड़ागांव नं. 1 के गुरुप्रसन्न राजावत को देशी बीज संरक्षण के लिए शाल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में जिले के मेधावी विद्यार्थियों- निराली बघेल, कृतिका दुबे, प्रिंसी, साक्षी शर्मा, छवि परमार, सोनम देवी, साहिल यादव और अभय शर्मा को कक्षा 10वी और 12वी की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।

    समारोह स्थल पर कृषकों की सुविधा हेतु कृषक पंजीयन, ई-केवाईसी तथा फॉर्मर आईडी पंजीयन के विशेष स्टाल लगाए गए थे। कार्यक्रम में पशुपालन और डेयरी विभाग, कृषक कल्याण विभाग, कृषि अभियांत्रिकी विभाग, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, मत्स्य विभाग और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित भिण्ड द्वारा प्रदर्शनी लगाई गई जिसके माध्यम से विभागीय उपलब्धियों और शासकीय योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई। स्वसहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों का भी प्रदर्शन और विक्रय किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गई।

    बलराम कृषि महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम स्थल पर अपेक्स बैंक भोपाल के प्रशासक महेन्द्र यादव, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सरोज बघेल, कपिल यार्दे, देवेन्द्र नरवरिया सहित बड़ी संख्या में जिले के प्रगतिशील किसानबंधु उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि भिंड जिले के कुछ प्रगतिशील किसानों ने प्राकृतिक एवं जैविक खेती के साथ-साथ ताईवानी अमरूद और हल्दी का उत्पादन लिया है। इसके अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं।