Category: मध्य प्रदेश

  • जबलपुर में होमगार्ड्स की मोटरबोट डूबी, इंजन फेल होने से मचा हड़कंप; नाविकों ने 8 जवानों को बचाया

    जबलपुर में होमगार्ड्स की मोटरबोट डूबी, इंजन फेल होने से मचा हड़कंप; नाविकों ने 8 जवानों को बचाया

     जबलपुर
     मध्य प्रदेश में भारी वर्षा से जबलपुर स्थित बरगी बांध के 13 जलद्वार खोले जाने से उफनती नर्मदा नदी के गौरीघाट में शुक्रवार शाम को होमगार्ड की पेट्रोलिंग मोटरबोट पलट गई।

    हादसे के समय मोटर बोट में क्षमता से अधिक बचाव दल के सदस्य सवार थे। नर्मदा में दल के सदस्य मोटरबोट से गश्त कर रहे थे, तभी तेज बहाव के कारण नाव अनियंत्रित होकर बहने लगी।

    कुछ होमगार्ड जवान तैरकर बाहर आए, जबकि बाकी को मौके पर मौजूद स्थानीय नाविकों और गोताखोरों ने अपनी नावों की मदद से सुरक्षित निकाला। पुलिस ने भी बचाव अभियान चलाकर जवानों को निकाला।

    सामने आया है कि मोटरबोट की क्षमता चार से पांच होती है, लेकिन उस पर चालक सहित 12 होमगार्ड जवान सवार थे। जो मोटरबोट पलटी, उसमें बैठने की व्यवस्था नहीं रहती है, फिर भी जवानों को उसमें बैठाकर तेज प्रवाह के बीच ले जाया गया।

    मझधार में इंजन खराब होने की बात सामने आई है। इससे गश्ती बोट की तकनीकी फिटनेस और जांच में लापरवाही माना जा रहा है। हालांकि चालक को छोड़कर बाकी सभी ने लाइफ जैकेट पहन रखी थी।

    बताया जा रहा है कि मोटरबोट श्रद्धालुओं की सुरक्षा और घाट पर निगरानी के लिए पेट्रोलिंग कर रही थी। इसी दौरान बोट नदी में डूब गई। चालक की लापरवाही की बात भी कही जा रही है।

    होमगार्ड कमांडेंट नीरज सिंह ने मामले की जांच कराने बात कही है। याद आया बरगी डैम हादसागौरीघाट में नाव पलटने की घटना ने जबलपुर के बरगी डैम में क्रूज हादसे की याद दिला दी।

    30 अप्रैल की शाम बरगी डैम के क्रूज में सवार 32 में नौ लोगों की मौत हो गई थी। लापता लोगों की तीन दिन तक तलाश चलने के बाद मृतकों की संख्या 13 हो गई थी। शेष को बचा लिया गया था। हादसे की जांच एकल सदस्यीय आयोग कर रहा है।

    बरगी बांध के गेट खुलने के बाद पेट्रोलिंग कर रही थी टीम
    होमगार्ड कमांडेंट नीरज सिंह ठाकुर ने बताया- बरगी बांध के गेट खोले जाने के बाद नर्मदा के घाटों पर अलर्ट जारी किया गया है। होमगार्ड्स की टीम को ग्वारीघाट पर तैनात किया गया है, लेकिन पेट्रोलिंग के दौरान नर्मदा नदी के बीच में इंजन में खराबी आ गई। सभी जवान ड्यूटी पर थे। लाइफ जैकेट पहने हुए थे। घटना के बाद नाव नदी में डूब गई।

    उन्होंने बताया कि यह सही है कि नाव में क्षमता से अधिक लोग सवार थे। प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि चालक की गलती के कारण हादसा हुआ। इस संबंध में चालक से पूछताछ की जा रही है। हालांकि, स्थानीय लोगों के मुताबिक, नाव में 10 से 11 लोग सवार थे।

    क्षमता से करीब दोगुने जवान सवार थे
    गौरीघाट थाना प्रभारी के अनुसार, हादसे के समय मोटरबोट को भानु नामक जवान चला रहा था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बोट में करीब 8 जवान सवार थे, जबकि उसकी क्षमता केवल 4 लोगों की थी। यानी बोट में निर्धारित क्षमता से करीब दोगुने जवान सवार थे।

    अधिकारियों ने जांच के निर्देश दिए
    मोटरबोट की क्षमता से अधिक जवानों के सवार होने की बात सामने आने के बाद होमगार्ड अधिकारियों ने जांच के निर्देश दिए हैं। जांच में यह देखा जाएगा कि पेट्रोलिंग के दौरान बोट में निर्धारित क्षमता से अधिक जवान कैसे सवार हुए। इंजन खराब होने के बाद सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम मौजूद थे।

     

  • चित्रकूट में बाढ़ से भारी नुकसान, 709 घरों की बिजली बहाल; 566 कनेक्शन पर काम जारी

    चित्रकूट में बाढ़ से भारी नुकसान, 709 घरों की बिजली बहाल; 566 कनेक्शन पर काम जारी

    चित्रकूट 

    सतना के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के पांच दिन में तीन बार उफान पर आने के बाद अब बाढ़ का पानी उतर चुका है, लेकिन पीछे तबाही छोड़ गया है। गलियों, दुकानों और घरों में मिट्टी और कीचड़ जमा है। कई परिवारों की गृहस्थी बर्बाद हो गई। 

    पानी इतनी तेजी से आया, घर और दुकान दोनों नहीं बचा पाई
    आरोग्यधाम में जनरल स्टोर और कपड़ों की दुकान चलाने वाली ममता शर्मा ने बताया कि बाढ़ का पानी इतनी तेजी से बढ़ा कि जरूरी सामान दूसरी मंजिल तक पहुंचाने का समय नहीं मिला। घर और दुकान में रखा सामान पानी और कीचड़ की चपेट में आकर खराब हो गया।

    पुरानी लंका तिराहे पर फुटवियर दुकान चलाने वाले जितेंद्र ने गुरुवार को शटर खोला तो अंदर टूटा काउंटर, बिखरी अलमारी और कीचड़ में सने जूते-चप्पल मिले। उनके मुताबिक करीब 3 लाख रुपए का सामान बर्बाद हुआ है।

    खाना मिल रहा, लेकिन सफाई के लिए पानी नहीं
    बाढ़ प्रभावित लोगों तक प्रशासन, मठ-मंदिरों और स्वयंसेवी संस्थाओं की ओर से भोजन-पानी पहुंचाया जा रहा है। लोगों को राहत व्यवस्था से शिकायत नहीं है, लेकिन अब सबसे बड़ी जरूरत सफाई के पानी की है।

    एमपीटी चौराहे पर चाय-नाश्ते का होटल चलाने वाली पूनम ने बताया कि बाढ़ में काफी सामान बह गया। जो सामान बचा है और होटल में जमा गंदगी, उसे साफ करने के लिए पानी उपलब्ध नहीं है।

    समाजसेवी रामशिरोमणि शर्मा ने बताया कि घरों और होटलों में कीचड़ भरा है। नदी से पानी लाकर सफाई करना संभव नहीं है और नगर परिषद के कर्मचारी भी कई जगह नहीं पहुंच पाए हैं। ऐसे में प्रभावित परिवारों के सामने सफाई की बड़ी चुनौती बनी हुई है।

    मुख्य सड़क साफ, अब गलियों में युद्ध स्तर पर सफाई
    गुरुवार को चित्रकूट की स्थिति में कुछ सुधार नजर आया। बाढ़ के दौरान बंद पड़ी मुख्य सड़क पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई। सड़क पर जमा कचरा और कीचड़ भी काफी हद तक हटाया जा चुका है।

    जिला प्रशासन का बड़ा अमला पिछले पांच दिनों से चित्रकूट में मौजूद है। राहत और बचाव के बाद अब शहर को सामान्य स्थिति में लाने पर फोकस है। मुख्य सड़क के बाद मोहल्लों और गलियों में सफाई तेज कर दी गई है। कीचड़ हटाने के साथ मलबा उठाया जा रहा है।

    1275 में से 709 घरों की बिजली बहाल
    बाढ़ और बारिश से बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई थी। चित्रकूट वितरण केंद्र के 19 ट्रांसफॉर्मर प्रभावित हुए। इनमें से 11 ट्रांसफॉर्मर गुरुवार तक ठीक कर दिए गए, जबकि बाकी 8 पर काम जारी है।

    कुल 1275 प्रभावित उपभोक्ताओं में से 709 की बिजली सप्लाई बहाल हो चुकी है। 566 उपभोक्ताओं के घरों तक बिजली पहुंचाने के लिए कर्मचारी लगातार काम कर रहे हैं। बारिश और कीचड़ के बीच बिजलीकर्मी नेटवर्क को जल्द सामान्य करने में जुटे हैं।

    पांच दिन बाद निकली धूप, लोगों को मिली उम्मीद
    गुरुवार शाम करीब 4 बजे पांच दिन बाद कुछ देर के लिए सूरज बादलों के पीछे से बाहर आया। लगातार बारिश और बाढ़ के बीच यह धूप लोगों के लिए राहत की खबर बनी। गुरुवार को बारिश नहीं होने से प्रशासन को भी सफाई और बहाली के काम में तेजी लाने का मौका मिला।

    हालांकि बाढ़ का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। कई घरों में गृहस्थी मिट्टी में सनी है और दुकानों में नुकसान का हिसाब लगाया जा रहा है। लोगों के सामने अब घर-कारोबार को दोबारा खड़ा करने की चुनौती है।

    पांच दिन की आफत के बाद आसमान साफ होने लगा है। अब चित्रकूट के लोग बाढ़ की तबाही से बाहर निकलकर अपनी जिंदगी को फिर से पटरी पर लाने में जुट गए हैं।

  • मध्यप्रदेश में भारी बारिश से बिगड़े हालात, 6 जिलों में स्कूल बंद; आज 19 जिलों में अलर्ट

    मध्यप्रदेश में भारी बारिश से बिगड़े हालात, 6 जिलों में स्कूल बंद; आज 19 जिलों में अलर्ट

    भोपाल 
    मध्यप्रदेश में मानसून का असर अब उत्तर और मध्य हिस्से में ज्यादा दिखाई देगा। पूर्वी हिस्से में लगातार बारिश के बाद सक्रिय हुआ मौसमी तंत्र अब ग्वालियर-चंबल की ओर बढ़ गया है। मौसम विभाग ने शनिवार को 19 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। श्योपुर और शिवपुरी में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है, जबकि ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, सागर, गुना, अशोकनगर, विदिशा, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा और मंदसौर में भारी बारिश हो सकती है।

    ग्वालियर-चंबल में अगले दो दिन ज्यादा असर
    मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक मौसमी तंत्र का असर 5 और 6 सितंबर को ग्वालियर-चंबल, सागर और उज्जैन संभाग के कई जिलों में रहेगा। इसके बाद 7 और 8 सितंबर को भी कुछ इलाकों में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। हालांकि इंदौर में इस दौरान तेज बारिश की संभावना कम है।

    ग्वालियर में लगातार बारिश से नदी-नाले उफान पर

    ग्वालियर में बीते 24 घंटे से हो रही रुक रुक कर बारिश के बीच मौसम विभाग ने ग्वालियर अंचल में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. जिसे देखते हुए शुक्रवार देर शाम ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर जिला पंचायत सीईओ ऑफिस से पांच सितम्बर को जिले के सभी स्कूल में कक्षा आठवीं तक के विद्यार्थियों केनलिये अवकाश घोषित करने का आदेश जारी किया गया है। 

    बारिश के कारण 7 जिलों में स्कूल बंद
    लगातार बारिश और कई जगह बने बाढ़ जैसे हालात को देखते हुए प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए 5 सितंबर को कई जिलों में स्कूल बंद रखने का फैसला लिया है।मुरैना में सभी स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद हैं। श्योपुर में नर्सरी से 12वीं तक के स्कूल बंद किए गए हैं। शिवपुरी में सभी शैक्षणिक संस्थान और आंगनवाड़ी केंद्र बंद हैं। गुना में नर्सरी से 12वीं तक स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद किए गए हैं। भिंड में नर्सरी से 8वीं तक छुट्टी है। जबकि ग्वालियर में  नर्सरी से 8वीं तक छुट्टी कर दी गई है। वही रायसेन में सभी सरकारी और निजी स्कूल बंद की घोषणा की गई है।

    छुट्टी सिर्फ छात्रों की, स्कूल खुलेंगे, टीचर्स को पहुंचना होगा
    प्रशासन ने बरसात के समय ग्वालियर अंचल और निचले इलाकों में संचालित स्कूलों और आसपास के इलाके में जहां जलभराव की स्थिति बनती हैं, उन्हें देखते हुए ही यह आदेश जारी किया गया है. हालांकि ये छुट्टी सिर्फ छात्रों के लिए होगी, शिक्षकों और टीचिंग स्टाफ को हर दिन की तरह समय पर स्कूल पहुंचना होगा. ग्वालियर कलेक्टर ने यह आदेश जिले के सभी स्कूलों और शिक्षा विभाग प्रबंधन को पालन कराने का जिम्मा सौंपा है। 

    गुरुवार से ही हो रही है बारिश
    हालांकि, इस आदेश के साथ ही यह बात भी स्पष्ट की गई है कि, जिन विद्यालयों में पूर्व से परीक्षा या कोई अन्य खास गतिविधि या इवेंट प्लान हैं ऐसे में उन विद्यालयों में संबंधित तय गतिविधि का आयोजन हो सकेगा. आपको बता दें कि ग्वालियर में गुरुवार दोपहर से शुरू हुई बारिश पूरी तरह नहीं थमी है, शुक्रवार को भी सुबह से कई इलाकों में हल्की तो कई इलाकों में तेज बारिश देखने को मिली है, ऐसे में निचले इलाकों में जलभराव से छात्रों का आवागमन प्रभावित होने के साथ ही बारिश में भीगने से बीमार होने और जहरीले जानवरों के दंश का खतरा भी रहता है. ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही ये आदेश जारी कराया गया है। 

    30 इंच बारिश, फिर भी सामान्य से 7% पीछे
    प्रदेश में अब तक 762.7 मिलीमीटर यानी करीब 30 इंच बारिश दर्ज हो चुकी है। सामान्य बारिश 816 मिलीमीटर यानी 32.1 इंच होनी चाहिए थी। इस हिसाब से प्रदेश अभी करीब 2.1 इंच पीछे है और कुल बारिश सामान्य से 7 प्रतिशत कम है। हालांकि बारिश के आंकड़ों में क्षेत्रीय अंतर काफी बड़ा है। पूर्वी मध्यप्रदेश में अब बारिश सामान्य से 3 प्रतिशत ज्यादा हो गई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में अभी भी सामान्य से करीब 15 प्रतिशत कम पानी गिरा है।

    पूर्वी हिस्से में बदली तस्वीर
    जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में पिछले एक सप्ताह की लगातार बारिश ने आंकड़ों को तेजी से सुधारा है। कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बनने के बावजूद यही बारिश अब मौसमी औसत की कमी को पाट रही है। प्रदेश में इस सीजन में पहली बार पूर्वी हिस्से का आंकड़ा सामान्य से ऊपर पहुंचा है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में अब भी सामान्य से 4 से 23 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है।

    शिवपुरी में भी हालात बिगड़े
    शिवपुरी में भी पिछले 24 घंटे से लगातार बारिश का दौर जारी है. बारिश के चलते शिवपुरी शहर सहित अंचल में कई जगह जलभराव की स्थिति बन गई है. हालातों की गंभीरता और छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन ने 5 सितंबर 2026 को जिले के सभी शासकीय व अशासकीय शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित कर दिया है. शहर की संजय कॉलोनी, नमो नगर, कमला हेरिटेज होटल के पास, रेलवे स्टेशन मार्ग सहित कई कॉलोनियों में सड़कें पानी में डूब गईं. कई स्थानों पर घुटनों से ज्यादा पानी भरने के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। 

    मड़ीखेड़ा डैम के गेट पहली बारे खुले
    लगातार हो रही बारिश और मड़ीखेड़ा डैम में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए इस सीजन में पहली बार मड़ीखेड़ा डैम के गेट खोलकर सिंध नदी में पानी छोड़ा जा रहा है. वहीं पोहरी अनुविभाग में छर्च बिलौआ मार्ग सकुला नदी में आए उफान से बंद हो गया है. कलेक्टर कार्यालय की भू-संसाधन प्रबंधन शाखा द्वारा 4 सितंबर 2026 को जारी आंकड़ों के मुताबिक, '' शिवपुरी में 1 जून से अब तक औसतन 764.46 मिमी बारिश दर्ज हो चुकी है. जिले की सामान्य औसत वर्षा 816.30 मिमी है। यानी शिवपुरी अब सामान्य बारिश के आंकड़े से महज 51.84 मिमी पीछे रह गया है। 

    गुना में भी स्कूलों की छुट्टी
    गुना में भी ऐसे ही हाल हैं. भारी बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं, जिसके चलते अब प्रशासन ने सुरक्षा दृष्टि से स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है. नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक शनिवार को अवकाश रहेगा और अब सीधे सोमवार को स्कूल लगेंगे। 

    श्योपुर-विजयपुर में भी नदियां उफान पर
    श्योपुर-विजयपुर शहर सहित कई इलाकों में भी शुक्रवार सुबह से हो रही तेज बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है. लगातार बारिश के चलते श्योपुर की मोर डोंगरी नदी और विजयपुर की क्वारी नदी भी उफान पर आ गई है. विजयपुर इकलौद पुल पर भी 2 फीट पानी बह रहा है, जिससे कई गांव डूब गए हैं और घरों में पानी भर गया है. इस क्षेत्रों में प्रशासन के साथ बचाव दल तैनात हैं और ग्रामीणों को रेस्क्यू किया जा रहा है। 

    पश्चिमी हिस्से में बारिश की कमी बरकरार
    पश्चिमी हिस्से के कई जिलों में मानसून अभी भी औसत से पीछे है। आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 5 से 54 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है। 

    24 जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी
    अब तक अनूपपुर, छतरपुर, डिंडोरी, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

    जून की कमी अब भी पूरी नहीं हुई
    इस मानसून में जून सबसे कमजोर रहा था। महीने में सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम बारिश हुई। जुलाई और अगस्त में कई बार सक्रिय हुए मजबूत मानसूनी सिस्टम से बारिश की भरपाई हुई, लेकिन बीच में मानसून के दो ब्रेक आने से कमी पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी। प्रदेश की सामान्य मौसमी बारिश 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश करीब 38 से 39 इंच रहती है। 

  • पावर सेक्टर में नई पहल से विकास को मिलेगा बल, CM मोहन यादव बोले- उद्योगों के लिए सरकार प्रतिबद्ध

    पावर सेक्टर में नई पहल से विकास को मिलेगा बल, CM मोहन यादव बोले- उद्योगों के लिए सरकार प्रतिबद्ध

     सीहोर
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 4 सितंबर को सीहोर जिले में क्रॉम्पटन ग्रीव्स की नई पावर ट्रांसफॉर्मर मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट के ट्रांसफॉर्मर के रोल-आउट का शुभारंभ किया।इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास और निवेश आकर्षित करने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है, क्योंकि निवेश से ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर विकसित होते हैं।

    सरकार छोटे-बड़े सभी निवेशकों को पूरा सहयोग देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि दो दिन पहले ही केबल निर्माण के लिए 106 करोड़ की लागत से एक फैक्ट्री का भूमि-पूजन किया गया है। आज जन्माष्टमी के पावन अवसर पर 888 करोड़ की लागत से तैयार हुई सीजी पॉवर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस की नई पावर ट्रांसफॉर्मर फैक्ट्री का लोकार्पण हुआ है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बीते करीब 8 महीने में गोदरेज जैसी बड़ी-बड़ी कंपनियों की इकाइयों के लोकार्पण और भूमि-पूजन किए गए। ग्वालियर-चंबल अंचल में गोदरेज इंडस्ट्रीज ने साबुन तैयार करने के लिए एशिया की सबसे बड़ी अपनी चौथी यूनिट का शुभारंभ किया है।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की उद्योग अनुकूल नीतियों के बलबूते देश की बड़ी-बड़ी कंपनियों के बीच मध्य प्रदेश आकर उद्योग स्थापित करने की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा विकसित हो रही है। प्रदेश में आ रहीं फैक्ट्रियों में केवल प्रोडक्ट तैयार नहीं होता है, बल्कि राज्य की आर्थिक समृद्धि, टैक्स कलेक्शन और रोजगार के अवसरों का भी विकास होता है।

    मात्र 13 महीने में शुरू हुई दुनिया की सबसे बड़ी ट्रांसफॉर्मर मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सीहोर श्योर है, निवेश में सिक्योर है और रिटर्न एश्योर है। यह जिला पर्यटन के क्षेत्र में तेज गति से विकास कर रहा है। सीहोर अब भोपाल मेट्रोपोलिटन सिटी का हिस्सा है, जिससे भविष्य में यहां के नागरिकों को लाभ मिलेगा।

    देश के इलेक्ट्रिकल इकोसिस्टम को ट्रांसफॉर्म करने में सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस की पावर ट्रांसफॉर्मर मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट बड़ी भूमिका निभाएगी। सीहोर में टायर से लेकर ट्रांसफॉर्मर तक सब कुछ तैयार हो रहा है। वर्तमान समय में मध्यप्रदेश की ग्रोथ में 5 अहम कड़ियां हैं, पैशन, पोटेंशियल, पॉलिसी, परफॉर्मेंस और प्रोडक्शन।
    सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस ने अपनी 9 दशक की यात्रा में आज मध्य प्रदेश की धरती पर नया मुकाम हासिल किया है। पिछले साल अगस्त में भूमि-पूजन के बाद रिकॉर्ड 13 महीने में सीहोर में दुनिया की सबसे बड़ी ट्रांसफॉर्मर निर्माण फैक्ट्री प्रारंभ हुई है।

    जन्माष्टमी के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों के लिए यह बड़ी सौगात है। उन्होंने कहा कि इस यूनिट में हर वर्ष 365 ट्रांसफॉर्मर तैयार होंगे और 2 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस के आसपास स्थित खाली भूमि से छोटे-बड़े झाड़ हटाने में सरकार सहयोग प्रदान करेगी।

    तेज गति से आगे बढ़ा रहा है भारत
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की अर्थव्यवस्था तेज गति से आगे बढ़ रही है। देश के साथ मध्य प्रदेश भी कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहा है। अर्थव्यवस्था के हालिया आंकड़े बताते हैं कि भारत की विकास दर दुनिया में सर्वाधिक 7.8 प्रतिशत है, जबकि अमेरिका की ग्रोथ रेट मात्र 2 प्रतिशत और चीन की 4 प्रतिशत पर है।

    भारत अपनी अर्थव्यवस्था की रफ्तार को तेज गति से आगे बढ़ा रहा है। केंद्रीय उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि अमेरिका अपनी ट्रेड डील को ओपन करे, तभी भारत अपने कदम आगे बढ़ाएगा। इस मामले में देश के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

    दुनिया की सबसे बड़ी ट्रांसफॉर्मर टेस्टिंग लैब अब सीहोर में
    सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस के सीईओ अमर कौल ने कहा कि यह हमारी कंपनी का महत्वपूर्ण पड़ाव है। प्रधानमंत्री मोदी ने जीडीपी में मैन्यूफैक्चरिंग का हिस्सा 13 प्रतिशत है, इसे 2035 तक 25 प्रतिशत पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। सीहोर में क्रॉम्पटन ग्रीव्स की नई पॉवर ट्रांसफॉर्मर मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट में लगभग 2000 लोगों को रोजगार मिला है।

    यहां पर हर महीने 35 ट्रांसफॉर्मर तैयार किए जाएंगे, जिनका आकार किसी तीन मंजिला बंगले के बराबर होगा। हमारी कंपनी आधुनिक मशीनों के माध्यम से प्रोडक्शन कर रही है। इस यूनिट में दुनिया की सबसे बड़ी टेस्ट लैब भी तैयार की गई है।

    यूनिट की जरूरत के लिए 36 प्रतिशत बिजली सोलर एनर्जी से मिलेगी। राज्य सरकार के सहयोग से सीहोर में यह यूनिट मात्र 13 महीने में प्रोडक्शन के तैयार हुई है। हमारी कंपनी विकसित भारत और समृद्ध मध्य प्रदेश के निर्माण के लिए संकल्पित है।

     

  • भगवान श्रीकृष्ण का जीवन सिखाता है संघर्ष में भी सार्थकता का मार्ग: सीएम डॉ. यादव

    भगवान श्रीकृष्ण का जीवन सिखाता है संघर्ष में भी सार्थकता का मार्ग: सीएम डॉ. यादव

    भगवान श्रीकृष्ण ने कष्टों के बीच रहकर भी जीवन को सार्थक बनाने की दी सीख : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस्कॉन मंदिर भोपाल में आयोजित श्रीकृष्ण जन्म उत्सव में हुए शामिल

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कष्टों के बीच जीवन को किस तरह सार्थक बनाया जा सकता है, यह भगवान श्रीकृष्ण से सीखा जा सकता है। उन्होंने कंस को जो एक सत्ताधीश थे, उनके घर में ही घुसकर मार कर साहस और शौर्य का परिचय दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में नगरीय क्षेत्रों में गीता भवन और ग्रामीण क्षेत्रों में वृंदावन ग्राम प्रारंभ किये जा रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा गौशालाओं के संचालन के लिए सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल के पटेल नगर स्थित इस्कॉन मंदिर में आयोजित श्रीकृष्ण जन्म उत्सव को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में प्रस्तुत भजन भी सुने।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि घर-घर गोपाल की कल्पना को साकार करते हुए प्रदेश में गौपालन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन वृद्धि के प्रयास किये जा रहे हैं। आने वाले समय में मध्यप्रदेश इस क्षेत्र में देश में नंबर वन बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की सभी श्रद्धालुओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस्कॉन मंदिर में आकर वृंदावन की भांति महसूस होता है। भगवान श्रीकृष्ण ने अपने जीवन काल में मित्रता के महत्व को भी स्थापित किया। साथ ही शिक्षा की महत्ता स्थापित की। उन्होंने उज्जैन में गुरु सांदीपनि से शिक्षा ग्रहण की। अपने जीवन में ही जगतगुरु की उपाधि भी उन्होंने प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने की पहल की गई। संविधान की दृष्टि से सभी नागरिक समान हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में श्रीकृष्ण पाथेय का निर्माण किया जा रहा है। प्रारंभ में संस्था द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस्कॉन मंदिर पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा पर नमन कर पूजा अर्चना की। उन्होंने इस्कॉन संस्था के संस्थापक स्वामी प्रभुपाद की प्रतिमा को भी नमन किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नए इस्कॉन मंदिर निर्माण की कल्पना की सराहना की। उन्होंने बताया कि जब वे उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष थे तो सर्वप्रथम मध्यप्रदेश में उज्जैन में ही इस्कॉन मंदिर प्रारंभ हुआ। यह सिलसिला राजधानी भोपाल तक पहुंचा है। यहां निर्मित किये जा रहे नए मंदिर की वास्तुकला और नागर शैली के अनुरूप निर्माण की पहल प्रशंसनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नए इस्कॉन मंदिर निर्माण के लिए बनाए गए प्रोजेक्ट की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को इस्कॉन संस्थान की ओर से स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। 

  • भगवान श्रीकृष्ण ने दुनिया को सिखाए साहस और कर्तव्य के गुण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भगवान श्रीकृष्ण ने दुनिया को सिखाए साहस और कर्तव्य के गुण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भगवान श्रीकृष्ण ने जिया साहस, कर्तव्य और मित्रता के गुणों से भरा जीवन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन की मटकी फोड़ स्पर्धा से जुड़े वर्चुअली

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व से अनेक तरह की सीख मनुष्य को मिलती है। भगवान श्रीकृष्ण का जीवन साहस, रणनीति निर्माण, कर्तव्य परायणता और मित्रता के महत्व को इंगित करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन के शहीद पार्क स्थित कृष्ण ग्रुप और कृष्णा वेल्फेयर सोसायटी के मटकी फोड़ प्रतियोगिता एवं भजन संध्या को वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी को जन्माष्टमी की बधाई दी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मटकी फोड़ प्रतियोगिता और कार्यक्रम में जीवन दर्शन समाया हुआ है। हमारा जीवन मटकी या घड़े की तरह है जिसमें पुण्य का माखन भरा रहना चाहिए। हम सब मिलकर मटकी फोड़कर मक्खन प्राप्त करते हैं। एकजुट होकर फोड़ने का अलग आनंद है। मटकी फोड़ स्पर्धा से यह सीख मिलती है कि मित्रता और सामुहिकता कितनी आवश्यक है। मटकी फोड़ने का कार्य संगठन की शक्ति को भी प्रदर्शित करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संस्था द्वारा गत 17वर्ष से निरंतर हो रहे इस आयोजन और सभी प्रतिभागियों की सराहना की। कार्यक्रम में नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव के अलावा अनेक अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

     

  • कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गईं स्वाती बागरेचा की तलाश तेज, पहचान के लिए लिया जाएगा DNA सैंपल

    कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गईं स्वाती बागरेचा की तलाश तेज, पहचान के लिए लिया जाएगा DNA सैंपल

    विदिशा 
    नेपाल त्रासदी में लापता हुई मध्यप्रदेश के विदिशा की स्वाती बागरेचा के संबंध में बड़ा अपडेट सामने आया है। अब उनकी जांच पड़ताल डीएनए के आधार पर की जाएगी। नेपाल सरकार ने इसकी कवायद शुरु कर दी है। समाचार एजेंसी भाषा के अनुसार सिविल सर्जन डॉ. अनूप वर्मा ने इस संबंध में स्वाती के भाई डॉ. प्रशांत बागरेचा से बात की है। पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने भी कहा कि स्वाती के परिजनों के डीएनए नमूने लिए जाएंगे। उनसे बातचीत के बाद नियमानुसार जांच की प्रक्रिया चालू की जाएगी।

    स्वाती को 26 अगस्त को नेपाल आना था जिसके लिए वे आव्रजन की प्रक्रिया पूरी कराने गई थीं। बताया जा रहा है कि वह पूरी बिल्डिंग मलबे में बह गई थी। तभी से उनका कोई सुराग नहीं लग सका है।

    स्वाती बागरेचा 77 सदस्यीय दल के साथ 8 अगस्त को कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकली थीं
    स्वाती बागरेचा 77 सदस्यीय दल के साथ 8 अगस्त को कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकली थीं। उनका ग्रुप 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा पर आव्रजन संबंधी औपचारिकताएं पूरी कर रहा था तभी आपदा आ गई। इसके बाद से ही स्वाती से कोई संपर्क नहीं हो पाया हालांकि इस बीच उनके मोबाइल पर रिंग जाती रही।

    परिवार ने नेपाल सरकार और कनाडा तथा भारतीय दूतावासों से भी संपर्क किया

    स्वाती का पता लगाने के लिए परिवार ने नेपाल सरकार और कनाडा तथा भारतीय दूतावासों से भी संपर्क किया। विदिशा के सांसद व केंद्रीय मंत्री शिवराजसिंह चौहान ने भी बागरेचा परिवार से मुलाकात कर इस मामले में उनकी पूरी मदद करने का आश्वासन दिया था।

    बता दें कि नेपाल-तिब्बत सीमा के पास 26 अगस्त को चट्टानों के खिसकने और हिमस्खलन के कारण अचानक आई बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई थी। बाढ़ में मकान, वाहन, सड़कें और पुल बह गए तथा जलविद्युत परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा।

    कनाडा की ओर से डीएनए जांच के संबंध में स्वाती बागरेचा के परिवार को पत्र भेजा गया
    बताया जा रहा कि कनाडा सरकार की ओर से डीएनए जांच के संबंध में स्वाती बागरेचा के परिवार को पत्र भेजा गया है। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार डीएनए के लिए आवश्यक औपचारिकताएं जल्द ही पूरी की जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग परिजनों के नमूने लेगा।

  • हड्डी एवं जोड़ रोग के डॉ. दीपक चांदिल निलंबित, अनुशासनहीनता, लापरवाही एवं लेन-देन की शिकायतों पर कार्रवाई

    हड्डी एवं जोड़ रोग के डॉ. दीपक चांदिल निलंबित, अनुशासनहीनता, लापरवाही एवं लेन-देन की शिकायतों पर कार्रवाई

    हड्डी एवं जोड़ रोग के डॉ. दीपक चांदिल निलंबित, अनुशासनहीनता, लापरवाही एवं लेन-देन की शिकायतों पर कार्रवाई
    मुरैना

    कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर आयुक्त, चंबल संभाग द्वारा जिला चिकित्सालय, मुरैना में पदस्थ अस्थिरोग विशेषज्ञ डॉ. दीपक चांदिल को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-09 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
    कलेक्टर  ने अवगत कराया है कि सिविल सर्जन-सह-मुख्य अस्पताल अधीक्षक, जिला चिकित्सालय, मुरैना द्वारा प्रतिवेदित किया गया कि डॉ. दीपक चांदिल, अस्थिरोग विशेषज्ञ, जिला चिकित्सालय, मुरैना द्वारा अपनी ड्यूटी पर अनुपस्थित रहना, एम.एल.सी. रिपोर्ट समय से नहीं भेजना, विकलांग बोर्ड में पूर्ण चिकित्सकीय परीक्षण किए बिना ही विकलांग प्रमाण-पत्र के लिए अपात्र घोषित करना तथा आए दिन सी.एम. हेल्पलाइन के अंतर्गत शिकायतें प्राप्त होना पाया गया है। इनमें ज्यादातर शिकायतें चिकित्सकीय कार्य में लापरवाही एवं पैसे के लेन-देन से संबंधित हैं।
    डॉ. चांदिल को कार्यप्रणाली में सुधार हेतु कार्यालय, जिला चिकित्सालय, मुरैना से कई बार कारण बताओ सूचना-पत्र जारी किए गए, किन्तु इनके द्वारा कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं किया गया। इनके विरुद्ध सी.एम. हेल्पलाइन में की गई शिकायतों के संबंध में भी कारण बताओ सूचना-पत्र जारी किए गए तथा क्षेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं, ग्वालियर द्वारा भी कारण बताओ सूचना-पत्र जारी किए गए। दिनांक 15 जून 2026, 27 जून 2026 एवं 19 जून 2026 को जारी कारण बताओ सूचना-पत्रों का भी इनके द्वारा समयावधि में जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया, जिसके पश्चात भी कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं किया गया।
    सिविल सर्जन-सह-मुख्य अस्पताल अधीक्षक, जिला चिकित्सालय, मुरैना द्वारा पूर्व में भी कई बार अनुपस्थित रहने पर नोटिस दिए जाने के पश्चात भी कोई सुधार नहीं किए जाने के कारण इनके विरुद्ध कार्यवाही हेतु प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया था। उक्त कारणों से कार्यालय कलेक्टर, जिला मुरैना द्वारा दिनांक 09 फरवरी 2023 को कारण बताओ सूचना-पत्र जारी किया गया था, जिसके क्रम में डॉ. चांदिल द्वारा प्रस्तुत जवाब पूर्णतः समाधानकारक न पाए जाने से भविष्य में पुनरावृत्ति न किए जाने की चेतावनी देते हुए जारी कारण बताओ सूचना-पत्र नस्तीबद्ध किया गया था।
    सिविल सर्जन-सह-मुख्य अस्पताल अधीक्षक, जिला चिकित्सालय, मुरैना द्वारा दिनांक 13 मार्च 2023 को पुनः प्रतिवेदित किया गया कि डॉ. दीपक चांदिल, अस्थिरोग विशेषज्ञ की ड्यूटी दिनांक 13 मार्च 2023 को माननीय राज्यपाल महोदय के आगमन के दौरान कारकेड में लगाई गई थी। इसके अनुक्रम में दिनांक 11 मार्च 2023 को उनके ओ.पी.डी. कक्ष में बैठकर मरीजों को देखने के दौरान डॉ. चांदिल द्वारा मरीजों के सामने जूता मारने एवं गाली-गलौज करते हुए अभद्रता की गई, जिसके क्रम में डॉ. चांदिल के विरुद्ध सख्त कार्यवाही किए जाने का निवेदन किया गया था।
    सिविल सर्जन द्वारा अपने प्रतिवेदन के साथ उक्त घटना के संबंध में की गई शिकायत में अन्य चिकित्सकों, वार्ड बॉय तथा अन्य व्यक्तियों के हस्ताक्षर भी लिए गए। जिसमें डॉ. आशीष अग्रवाल, अस्थिरोग विशेषज्ञ, डॉ. अनुराग तोमर, नेत्र रोग विशेषज्ञ एवं डॉ. राघवेन्द्र यादव, मेडिकल विशेषज्ञ के कथन लिए जाने पर उनके द्वारा अपने कथनों में सिविल सर्जन द्वारा की गई शिकायत को सही बताया गया और शिकायती आवेदन पर अपने हस्ताक्षर होना भी स्वीकार किया गया।
    उपरोक्त के परिप्रेक्ष्य में डॉ. दीपक चांदिल, अस्थिरोग विशेषज्ञ, जिला चिकित्सालय, मुरैना द्वारा उक्त कृत्य पदीय कर्तव्यों के निर्वहन में घोर लापरवाही, अनुशासनहीनता, स्वेच्छाचारिता एवं असंवेदनशीलता का द्योतक होकर मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-5 के उपनियम (1), (2), (3) के विपरीत है। जिसके लिए मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के अंतर्गत डॉ. चांदिल को निलंबित किए जाने की अनुशंसा का प्रस्ताव कलेक्टर  द्वारा आयुक्त, चंबल संभाग को प्रेषित किया गया।
    कलेक्टर द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन एवं अनुशंसा के आधार पर आयुक्त, चंबल संभाग ने डॉ. दीपक चांदिल, अस्थिरोग विशेषज्ञ, जिला चिकित्सालय, मुरैना को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-09 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है।
    निलंबन अवधि में डॉ. चांदिल का मुख्यालय कार्यालय, सिविल सर्जन-सह-मुख्य अस्पताल अधीक्षक, जिला चिकित्सालय, मुरैना रहेगा तथा निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

  • शहडोल में किरायेदारों से होटल गेस्ट तक सबका होगा सत्यापन, 15 दिन से ज्यादा ठहरने पर सूचना जरूरी

    शहडोल में किरायेदारों से होटल गेस्ट तक सबका होगा सत्यापन, 15 दिन से ज्यादा ठहरने पर सूचना जरूरी

    शहडोल 

    शहडोल में 15 दिनों से ज्यादा रुकने वालों पर पुलिस की खास निगरानी होगी. कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने और जन सामान्य के हित की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर दिए हैं. इस आदेश के तहत 15 दिन से अधिक ठहरने वाले व्यक्तियों को थाने में अपनी सूचना देनी होगी और अगर इस नियम का उल्लंघन किया गया, तो उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। 

    ऐसे लोगों को थाने में देनी होगी सूचना
    कलेक्टर के आदेश अनुसार, '' किरायेदारों व पेइंग गेस्ट की सूचना संबंधित मकान व दुकान मालिक द्वारा विहित प्रारूप में संबंधित थाने पर दिया जाना अनिवार्य होगा. सूचना देने के पूर्व मकान अथवा दुकान किराए पर नहीं दी जाएगी. किरायेदार व पेइंग गेस्ट से आईडी प्रूफ और मोबाइल नंबर भी आवश्यक रूप से लिया जाना होगा. इसी प्रकार घरेलू कामगारों एवं व्यावसायिक कर्मचारियों की जानकारी संबंधित मालिक द्वारा थाने पर सूचना देने के उपरांत ही उन्हें कार्य पर रखा जाएगा। 

    आदेश में कलेक्टर ने आगे कहा, '' घरेलू कामगारों के आईडी प्रूफ व मोबाइल नंबर भी आवश्यक रूप से लिए जाएंगे. निजी छात्रावासों में रह रहे छात्र-छात्राओं की सूचना भी तय फॉर्मेट में संबंधित थाने को देनी होगी, और उनका आईडी प्रूफ एवं मोबाइल नंबर लिया जाना आवश्यक होगा। 

    होटल से लेकर धर्मशालाओं तक को निर्देश
    होटल, लॉज, धर्मशाला, रैन बसेरा व सभी धार्मिक स्थलों में रुकने वाले व्यक्तियों से पहचान पत्र और मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से लिए जाएंगे. ठहरने वाले व्यक्तियों की सूची आईडी प्रूफ सहित विहित प्रारूप में प्रतिदिन संबंधित थाने पर दी जाएगी. इसके अलावा भवन निर्माण और अन्य निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों एवं कारीगरों की जानकारी ठेकेदार द्वारा विहित प्रारूप में थाने पर देने के बाद ही उन्हें काम पर रखा जाएगा. इसके अतिरिक्त पुलिस द्वारा प्रारंभ किए गए अतिथि पोर्टल पर भी रुकने वाले व्यक्तियों की जानकारी अनिवार्य रूप से दर्ज करनी होगी। 

    डिलीवरी एजेंट्स के लिए भी निर्देश
    कलेक्टर के आदेश के मुताबिक ऑनलाइन शॉपिंग व होम डिलीवरी एजेंट, स्पा सेंटर, मसाज सेंटर व ब्यूटी पार्लर के कर्मचारियों की जानकारी भी तय प्रारूप में थाने पर देनी होगी और उनके आईडी प्रूफ व मोबाइल नंबर भी लिए जाएंगे. इसी प्रकार निजी सुरक्षा एजेंसी के लिए नियुक्त गार्ड या स्वयं के स्तर पर नियुक्त किए गए गार्ड की जानकारी भी संबंधित थाने पर देनी होगी. विदेशी व्यक्तियों के संबंध में तत्काल सूचना एफआरआरओ शाखा, शहडोल को देना अनिवार्य होगा। 

    कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने कहा, '' नियमों के किसी भी अंश का उल्लंघन करना भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 223 के अंतर्गत दंडनीय होगा। 

  • इंदौर मेट्रो की पहली TBM ‘नर्मदा’ लॉन्च, अंडरग्राउंड निर्माण का काम शुरू; जानें क्या है खास तकनीक

    इंदौर मेट्रो की पहली TBM ‘नर्मदा’ लॉन्च, अंडरग्राउंड निर्माण का काम शुरू; जानें क्या है खास तकनीक

    इंदौर 
    इंदौर मेट्रो के भूमिगत निर्माण कार्य ने अब एक महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर लिया है। मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) ने भूमिगत सेक्शन के लिए पहली टनल बोरिंग मशीन (TBM) ‘नर्मदा’ को एयरपोर्ट स्थित शाफ्ट में सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया।

    TBM की लॉन्चिंग के साथ ही इंदौर मेट्रो के अंडरग्राउंड कॉरिडोर के निर्माण को गति मिलने की उम्मीद है। यह काम आधुनिक तकनीक और निर्धारित सुरक्षा मानकों के तहत किया जाएगा।

    एमडी ने मौके पर पहुंचकर देखा पूरा काम

    TBM ‘नर्मदा’ की लॉन्चिंग के दौरान मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक एस. कृष्ण चैतन्य मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने लॉन्चिंग की पूरी प्रक्रिया का निरीक्षण किया और इस चुनौतीपूर्ण तकनीकी कार्य को सफलतापूर्वक पूरा करने वाली इंजीनियरिंग टीम और मेट्रो अधिकारियों को बधाई दी।

    410 टन की मशीन, पहले जमीन पर तैयार की गई
    ‘नर्मदा’ कोई सामान्य मशीन नहीं है। इसका वजन करीब 410 मीट्रिक टन है। इतनी भारी और विशाल TBM को पहले ग्राउंड लेवल पर असेंबल किया गया। इसके बाद विशेष तकनीकी व्यवस्था के जरिए इसे एयरपोर्ट स्थित शाफ्ट के भीतर उतारा गया।

    मशीन को शाफ्ट में सुरक्षित उतारना अपने आप में एक चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया थी। इसके लिए Megalift System और Strand Jack Assembly जैसी विशेष तकनीक का इस्तेमाल किया गया। यह सिस्टम 1,000 मीट्रिक टन से अधिक भार उठाने में सक्षम है।

    अब एयरपोर्ट से बड़ा गणपति तक बनेगी सुरंग
    TBM ‘नर्मदा’ का इस्तेमाल इंदौर मेट्रो के एयरपोर्ट-बड़ा गणपति भूमिगत सेक्शन में सुरंग निर्माण के लिए किया जाएगा। मशीन के जरिए जमीन के भीतर सुरंग बनाने का काम व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ेगा।

    भूमिगत निर्माण में TBM तकनीक का इस्तेमाल इसलिए महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इससे जमीन की सतह पर यातायात और अन्य गतिविधियों को अपेक्षाकृत कम प्रभावित करते हुए बड़े स्तर पर सुरंग निर्माण किया जा सकता है।

    अंडरग्राउंड मेट्रो निर्माण के नए चरण की शुरुआत
    पहली TBM की सफल लॉन्चिंग के साथ इंदौर मेट्रो परियोजना ने भूमिगत निर्माण के लिहाज से एक अहम पड़ाव पार किया है। अब सुरंग निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ शहर में मेट्रो के भूमिगत नेटवर्क को आकार मिलने लगेगा।

    मेट्रो अधिकारियों के मुताबिक इस तरह की तकनीकी प्रोजेक्ट में मशीन की असेंबली, शाफ्ट में उतारना और फिर टनल बोरिंग शुरू करना कई चरणों वाली जटिल प्रक्रिया है। ‘नर्मदा’ की सफल लॉन्चिंग इस पूरी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।