Category: मध्य प्रदेश

  • राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 7 से 12 सितंबर तक ग्वालियर में के.आर.जी. कॉलेज में बने परीक्षा केन्द्र पर 176 अभ्यर्थी होंगे शामिल

    राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 7 से 12 सितंबर तक ग्वालियर में के.आर.जी. कॉलेज में बने परीक्षा केन्द्र पर 176 अभ्यर्थी होंगे शामिल

    ग्वालियर

    मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2026 का आयोजन 7 सितंबर से 12 सितंबर तक होगा। यह परीक्षा इन तिथियों में प्रतिदिन एक सत्र में सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक आयोजित होगी। ग्वालियर में राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा कम्पू स्थित केआरजी कॉलेज में परीक्षा केन्द्र बनाया गया है, जिसमें 176 अभ्यर्थी शामिल होंगे।
        
    परीक्षा को सुचारू एवं सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए कलेक्टर कार्यालय के कक्ष क्रमांक 113 में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। कंट्रोल रूम का दूरभाष क्रमांक 0751-2446214 है। कंट्रोल रूम 7 सितंबर से 12 सितंबर तक प्रतिदिन सुबह 9 बजे से परीक्षा समाप्त होने तक निरंतर कार्यशील रहेगा। यह कंट्रोल रूम अधीक्षक कलेक्टर कार्यालय श्री आर.आई. भगत (मोबा. 9425135143) के निर्देशन में कार्य करेगा। 
        
    परीक्षा कक्ष में मोबाइल फोन, कैलकुलेटर, ब्लूटूथ, डिजिटल घड़ी, स्मार्ट घड़ी अथवा अन्य कोई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना प्रतिबंधित रहेगा। इसके साथ ही बालों को बांधने वाले क्लचर, बक्कल, हाथ के बैंड, हाथ में पहने जाने वाले नेटेलिफ बैंड, बेल्ट, धूप का चश्मा, पर्स, पेंसिल, रबर, व्हाइटनर, स्केल, बैग एवं पठन सामग्री सहित अन्य प्रतिबंधित वस्तुएं परीक्षा कक्ष में ले जाना वर्जित रहेगा। अभ्यर्थियों को जूते-मोजे पहनकर परीक्षा कक्ष में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। 
        
    परीक्षा के लिए संयुक्त कलेक्टर श्रीमती शिवांगी अग्रवाल को परीक्षा प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से सेवानिवृत्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री ए.बी. गुप्ता (मोबा. 9425109125) को ग्वालियर जिले के लिए ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया है। वे परीक्षा व्यवस्था का पर्यवेक्षण करेंगे।
    क्रमांक/026/26

  • ग्वालियर में बारिश का असर: नर्सरी से 8वीं तक स्कूल बंद, 5 सितंबर को रहेगा अवकाश

    ग्वालियर में बारिश का असर: नर्सरी से 8वीं तक स्कूल बंद, 5 सितंबर को रहेगा अवकाश

     ग्वालियर

    मौसम विभाग द्वारा शुक्रवार को जारी की गई भारी वर्षा की चेतावनी और जिले में अत्यधिक बारिश की संभावना को ध्यान में रखते हुए ग्वालियर जिले में 5 सितंबर को नर्सरी से 8वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित किया गया है।

    कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा इस संबंध में आदेश जारी किया गया है।
    सरकारी और प्राइवेट सभी बोर्ड के स्कूलों पर लागू होगा छुट्टी का आदेश

    आदेश के अनुसार जिले में संचालित समस्त शासकीय, अशासकीय, सीबीएसई, आईसीएसई, माध्यमिक शिक्षा मंडल एवं अन्य सभी बोर्ड से संबद्ध विद्यालयों में नर्सरी से कक्षा 8वीं तक के छात्र-छात्राओं का 5 सितंबर 2026 को अवकाश रहेगा।

    आदेश में स्पष्ट किया गया है कि विद्यालयों एवं शिक्षण संस्थाओं के शिक्षक एवं अन्य स्टाफ नियमित समय पर उपस्थित रहेंगे तथा अन्य शासकीय कार्यों का निर्वहन करेंगे। पूर्व से निर्धारित महत्वपूर्ण गतिविधियां एवं परीक्षाएं, यदि कोई हों, यथावत संचालित की जाएंगी।

     

  • MP में बारिश और वज्रपात का डबल अलर्ट, भोपाल-विदिशा समेत 14 जिले प्रभावित; 33 जिलों में चेतावनी

    MP में बारिश और वज्रपात का डबल अलर्ट, भोपाल-विदिशा समेत 14 जिले प्रभावित; 33 जिलों में चेतावनी

    भोपाल

    उत्तरी मध्य प्रदेश और दक्षिणी उत्तर प्रदेश पर जमे निम्न दबाव के क्षेत्र और उसके ऊपर से गुजर रहीं दो ट्रफ लाइनों के प्रभाव से पूरा प्रदेश तरबतर हुआ। शुक्रवार शाम 5:30 बजे तक सबसे ज्यादा 38 मिलीमीटर पानी गुना में और 31 मिलीमीटर श्योपुर में गिरा। राजधानी भोपाल में दिनभर रुक–रुक कर हुई रिमझिम वर्षा से करीब 18 मिलीमीटर पानी बरसा और भदभदा डैम का एक गेट इस सीजन में पहली बार खोला गया।

    8 सितंबर तक तेज व मध्यम वर्षा का दौर

    वहीं राजगढ़ में 13 मिलीमीटर, उज्जैन व बैतूल में 9-9 मिलीमीटर , धार व खंडवा में 4-4 मिलीमीटर , दतिया में 3 मिलीमीटर और रायसेन, रतलाम व टीकमगढ़ में 1 मिलीमीटर वर्षा हुई। ग्वालियर, इंदौर और नर्मदापुरम में भी दिनभर फुहारें पड़ती रहीं। मौसम विज्ञानी एसएन साहू ने बताया कि मौजूदा वेदर सिस्टम के असर से समूचे मध्य प्रदेश में आठ सितंबर तक तेज व मध्यम वर्षा का दौर लगातार बना रहेगा।

    शिवपुरी–श्योपुर में अति भारी वर्षा की चेतावनी

    मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार शनिवार को ग्वालियर–चंबल अंचल के शिवपुरी और श्योपुर जिलों में अति भारी वर्षा की आशंका जताते हुए आरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं विदिशा, राजगढ़, शाजापुर सहित 14 जिलों में भारी वर्षा का येलो अलर्ट रहेगा। इसके अलावा राजधानी भोपाल, रायसेन और सीहोर समेत 33 जिलों में बिजली चमकने, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।

    यह भी पढ़ें– एमपी में विधानसभा प्रक्रिया में बड़े सुधार की तैयारी, अब सदन में रखने से पहले ही विधेयकों पर विधायकों को दी जाएगी पूरी जानकारी

    प्रदेश के चार बड़े शहरों का तापमान

    शहर

    अधिकतम तापमान (°C)

    न्यूनतम तापमान (°C)

    भोपाल

    23.8

    21.2

    इंदौर

    25.2

    21.2

    ग्वालियर

    29.4

    25.4

    जबलपुर

    25.9

    23.0

    नोट — तापमान डिग्री सेल्सियस में

    कहां कितनी हुई वर्षा

    शहर

    वर्षा (मिलीमीटर में)

    ग्वालियर

    0.2

    नर्मदापुरम

    0.5

    इंदौर

    0.8

    सागर

    0.8

     

  • मध्यप्रदेश पुलिस के निरीक्षक राकेश कुमार कुशवाह ने राज्य स्तरीय निशानेबाजी प्रतियोगिता में जीता रजत पदक

    मध्यप्रदेश पुलिस के निरीक्षक राकेश कुमार कुशवाह ने राज्य स्तरीय निशानेबाजी प्रतियोगिता में जीता रजत पदक

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश पुलिस के लिए गौरव का एक और अवसर सामने आया है। पुलिस मुख्यालय, भोपाल में निज सहायक के पद पर पदस्थ  राकेश कुमार कुशवाह ने अपनी उत्कृष्ट निशानेबाजी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए राज्य स्तरीय शूटिंग प्रतियोगिता में रजत पदक अर्जित कर मध्यप्रदेश पुलिस का गौरव बढ़ाया है।

    जबलपुर में 20 से 26 अगस्त 2026 तक आयोजित 13वीं एमपी स्टेट गन फॉर ग्लोरी शूटिंग प्रतियोगिता-एनआर में  राकेश कुमार कुशवाह ने 10 मीटर पिस्टल (NR) मास्टर मेन इंडिविजुअल स्पर्धा में हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के में उन्होंने द्वितीय स्थान प्राप्त कर रजत पदक अपने नाम किया।  राकेश कुमार कुशवाह ग्वालियर डिस्ट्रिक्ट राइफल एसोसिएशन के प्रतिनिधि के रूप में प्रतियोगिता में शामिल हुए थे।

     कुशवाह पुलिस विभाग के लिपिकीय वर्ग के कर्मचारी हैं और वर्तमान में पुलिस मुख्यालय में निज सहायक के रूप में शासकीय दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। कार्यालयीन कार्यों की व्यस्तता के साथ निशानेबाजी में निरंतर अभ्यास कर राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में पदक हासिल करना उनकी प्रतिबद्धता और लगन को दर्शाता है। यह उपलब्धि न केवल मध्यप्रदेश पुलिस की खेल प्रतिभा को सामने लाती है, बल्कि पुलिस विभाग के उन सभी अधिकारी-कर्मचारियों के लिए प्रेरणास्रोत है, जो अपनी नियमित शासकीय सेवाओं के साथ खेल एवं अन्य क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।

     

  • भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन रहे सजग

    भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन रहे सजग

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के जिलों में भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए सभी जिलों के कलेक्टर को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारी बारिश की संभावित परिस्थितियों को देखते हुए अग्रिम तैयारियां करने तथा आवश्यक संसाधनों को पहले से जुटाकर अमले को तैनात रखने के निर्देश दिए हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार और शनिवार को भारी बारिश की चेतावनी, विशेष रूप से उत्तरी मध्यप्रदेश में भारी बारिश के अलर्ट को ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रशासन को पूरी तरह सतर्क एवं मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसी भी संभावित समस्या की स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव संसाधनों की उपलब्धता पहले से ही सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही जनहित और आवश्यकता के अनुसार सभी आवश्यक और एहतियाती कदम अविलंब उठाए जाएं।

     

  • पदवृद्धि की मांग पर सड़क पर उतरे शिक्षक अभ्यर्थी, भोपाल में CM मोहन यादव और शिवराज सिंह के काफिले को रोका

    पदवृद्धि की मांग पर सड़क पर उतरे शिक्षक अभ्यर्थी, भोपाल में CM मोहन यादव और शिवराज सिंह के काफिले को रोका

    भोपाल।

    राजधानी भोपाल में शिक्षक भर्ती में पदवृद्धि की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है।

    शुक्रवार को वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने नीलम पार्क के बाहर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का काफिला रोककर पदवृद्धि की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।

    इसके बाद अभ्यर्थियों ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का काफिला भी रोककर वर्ग-1 शिक्षक भर्ती 2023 में पद बढ़ाने की मांग रखी।

    नीलम पार्क में वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी पिछले 15 दिन से धरना दे रहे हैं। वहीं वर्ग-1 शिक्षक भर्ती 2023 में पदवृद्धि की मांग को लेकर अभ्यर्थियों की भूख हड़ताल 12वें दिन भी जारी रही। भूख हड़ताल पर बैठीं अभ्यर्थी कीर्ति झा की शुक्रवार को फिर तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें दोबारा अस्पताल ले जाया गया।

    पहली बार वर्ग-1, 2 और 3 के अभ्यर्थी एक मंच पर

    शिक्षक भर्ती में पदवृद्धि की मांग को लेकर वर्ग-1, वर्ग-2 और वर्ग-3 के अभ्यर्थी एक साथ आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बड़ी संख्या में शिक्षकों के पद रिक्त हैं, इसके बावजूद भर्ती में पदों की संख्या सीमित रखी गई है।
     

  • मुख्यमंत्री ने ग्लोबल समिट के लिए निवेशकों, विशेषज्ञों और स्टार्टअप्स को दिया आमंत्रण

    मुख्यमंत्री ने ग्लोबल समिट के लिए निवेशकों, विशेषज्ञों और स्टार्टअप्स को दिया आमंत्रण

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने 'इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0' के माध्यम से देश को इस क्षेत्र में सशक्त बनाने का संकल्प लिया है। प्रधानमंत्री  मोदी के इस संकल्प को साकार करने में मध्यप्रदेश अपनी अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर जैसे आधुनिक विज्ञान के अनेक प्रकल्पों पर बेहतरीन काम हो रहा है। इस क्षेत्र में प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार अग्रसर है। एक दौर वो था, जब चिप निर्माण के दिशा में कोई सोचता भी नहीं था। अब मध्यप्रदेश ने इस दिशा में कदम बढ़ाने के लिए ठोस निर्णय लिए हैं।मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आगामी 23-24 अक्टूबर को इंदौर में होने वाली एमपी सेमीकंडक्टर समिट-2026 के कैम्पेन पोस्टर के विमोचन अवसर पर संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  राकेश शुक्ला, जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष डॉ. मोहन नागर, प्रमुख सचिव विज्ञान प्रौद्योगिकी  एम. सेल्वेन्द्रम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार अगले महीने 23-24 अक्टूबर को इंदौर में "मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर समिट 2026" का आयोजन करने जा रही है। मुख्यमंत्री ने इस ग्लोबल समिट में शामिल हो जा रहे सभी निवेशकों, तकनीकी विशेषज्ञों, स्टार्टअप्स, शिक्षाविदों और नीति-निर्धारकों का मध्यप्रदेश की धरती पर स्वागत करते हुए उन्हें आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी देश-प्रदेशवासियों से एकजुट होकर सेमीकंडक्टर निर्माण में आत्मनिर्भर होने के स्वप्न को साकार करने और विज़न 2047 के समृद्ध मध्यप्रदेश एवं विकसित भारत की यात्रा में सहभागी होने का आह्वान किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने बीते ढाई वर्ष में सभी क्षेत्रों में उद्योग और व्यापार अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए 25 नई नीतियां लागू की हैं। इनसे सरलीकृत, पारदर्शी और वचनबद्धता के साथ कार्य करने का अवसर मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश देश में सबसे अधिक रोजगार देने वाला, बेरोजगारी दर को न्यूनतम स्तर पर लाने वाला तथा देश-विदेश के निवेशकों का दिल और विश्वास जीतने वाला राज्य बन गया है।

     

  • स्लेट, तख्ती और चॉक से स्मार्ट क्लास तक पहुँची शिक्षा, लेकिन शिक्षक की भूमिका आज भी सबसे महत्वपूर्ण – मुख्यमंत्री  साय

    स्लेट, तख्ती और चॉक से स्मार्ट क्लास तक पहुँची शिक्षा, लेकिन शिक्षक की भूमिका आज भी सबसे महत्वपूर्ण – मुख्यमंत्री साय

    रायपुर

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने शिक्षक दिवस ( 5 सितंबर) के अवसर पर प्रदेश के गुरुजनों के नाम आत्मीय पत्र लिखकर उन्हें सादर नमन किया है। 

    मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने पत्र में अपने विद्यार्थी जीवन की स्मृतियों को साझा करते हुए बचपन के संघर्ष, उस दौर में शिक्षा प्राप्त करने की कठिनाइयों और आज शिक्षा के क्षेत्र में आए व्यापक बदलाव का भावपूर्ण उल्लेख किया है। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया है कि वे प्रत्येक बच्चे के भीतर छिपी संभावनाओं को पहचानें और विशेष रूप से उन बच्चों का हाथ थामें, जो अभाव, संकोच अथवा किसी अन्य कारण से पीछे छूट रहे हैं।

    मुख्यमंत्री  साय ने लिखा है  कि आज मुख्यमंत्री के दायित्व का निर्वहन करते हुए जब उन्हें प्रदेश के बच्चों के भविष्य और उनकी शिक्षा से जुड़े निर्णय लेने का अवसर मिलता है, तब अपने बचपन और विद्यार्थी जीवन के वे दिन और अधिक याद आते हैं। जीवन कितना भी आगे बढ़ जाए, अपने शिक्षकों के प्रति आदर और कृतज्ञता का भाव कभी कम नहीं होता।

    बगिया के छोटे से स्कूल से शुरू हुआ शिक्षा का सफर

    मुख्यमंत्री  साय ने पत्र में अपने बचपन को याद करते हुए बताया है कि उनका जन्म जशपुर जिले के बगिया गाँव के एक साधारण किसान परिवार में हुआ और गाँव के स्कूल से ही उनकी शिक्षा की शुरुआत हुई। जीवन ने बहुत छोटी उम्र में उनकी कठिन परीक्षा ली। जब वे लगभग दस वर्ष के थे और चौथी कक्षा में पढ़ रहे थे, तभी पिता का साया सिर से उठ गया। परिवार, खेती और छोटे भाइयों की चिंता कम उम्र में ही उनके जीवन का हिस्सा बन गई।

    गाँव में पाँचवीं तक पढ़ने के बाद आगे की शिक्षा के लिए उन्हें कुनकुरी जाना पड़ा। वहाँ लोयोला उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में एक छोटे से कमरे में रहकर पढ़ाई की। आगे भी पढ़ने की इच्छा थी, लेकिन पारिवारिक परिस्थितियों के कारण शिक्षा का क्रम जारी नहीं रख सके। उन्होंने खेती की जिम्मेदारी संभाली और अपने छोटे भाइयों की पढ़ाई को आगे बढ़ाया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय गाँव के एक बच्चे के लिए शिक्षा तक पहुँचना आज जितना सहज नहीं था। विद्यालय दूर होते थे, आवागमन के साधन सीमित थे, पढ़ाई के संसाधनों का अभाव था और आर्थिक कठिनाइयाँ भी कई बच्चों के सपनों की राह में बाधा बन जाती थीं।

    स्लेट-तख्ती से स्मार्ट क्लास तक:मुख्यमंत्री ने याद किया शिक्षा का बदलता दौर

    मुख्यमंत्री  साय ने अपने विद्यार्थी जीवन और वर्तमान शिक्षा व्यवस्था की तुलना करते हुए कहा कि आज पीछे मुड़कर देखने पर यह सुखद अनुभूति होती है कि शिक्षा की दुनिया कितनी बदल गई है। जिस समय उनकी पीढ़ी ने स्लेट, तख्ती और चॉक से पढ़ाई शुरू की थी, आज उसी छत्तीसगढ़ के बच्चे स्मार्ट क्लास में पढ़ रहे हैं। डिजिटल माध्यमों से दुनिया भर के ज्ञान तक उनकी पहुँच बनी है और वे विज्ञान एवं आधुनिक तकनीक से जुड़ रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि कभी दूरस्थ अंचलों में विद्यालय तक पहुँचना भी बच्चों के लिए चुनौती हुआ करता था, वहीं आज इन क्षेत्रों में बेहतर विद्यालय, आधुनिक शैक्षणिक संसाधन और नए अवसर बच्चों के द्वार तक पहुँच रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा में आए इस व्यापक परिवर्तन के बावजूद एक बात तब भी सत्य थी और आज भी उतनी ही सत्य है- शिक्षा का सबसे महत्वपूर्ण आधार शिक्षक ही है।

    तकनीक जानकारी दे सकती है, लेकिन शिक्षक ही बच्चे के भीतर आत्मविश्वास जगाता है

    मुख्यमंत्री  साय ने गुरुजनों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि तकनीक बच्चों को जानकारी दे सकती है, पुस्तकें उन्हें ज्ञान दे सकती हैं और आधुनिक संसाधन सीखने की राह आसान कर सकते हैं, लेकिन किसी बच्चे के भीतर आत्मविश्वास जगाने, उसके संस्कार गढ़ने, उसकी प्रतिभा पहचानने और उसे एक अच्छा मनुष्य बनाने का सामर्थ्य एक संवेदनशील शिक्षक में ही होता है।

    उन्होंने कहा कि उनके अपने जीवन में भी गुरुजनों से मिली सीख ने कठिन परिस्थितियों में आगे बढ़ने का साहस दिया। यही कारण है कि वे शिक्षक को केवल पाठ पढ़ाने वाला नहीं, बल्कि जीवन की दिशा दिखाने वाला पथ-प्रदर्शक मानते हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि जिन अभावों और कठिनाइयों के कारण कभी किसी बच्चे की पढ़ाई रुक जाती थी, वे आज किसी बच्चे के सपनों के रास्ते में बाधा न बनें। कोई बच्चा केवल इसलिए पीछे न रह जाए कि उसका जन्म किसी छोटे गाँव, वनांचल अथवा दूरस्थ क्षेत्र में हुआ है।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि इसी सोच के साथ राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप छत्तीसगढ़ में शिक्षा को अधिक सहज, आधुनिक, व्यावहारिक और बच्चों की प्रतिभा के अनुकूल बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। मातृभाषा और स्थानीय भाषाओं में सीखने के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। कौशल और व्यावहारिक ज्ञान को शिक्षा से जोड़ा जा रहा है तथा डिजिटल शिक्षा, स्मार्ट क्लास और आधुनिक शैक्षणिक संसाधनों का विस्तार हो रहा है।

    मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बस्तर का उल्लेख करते हुए कहा कि उन क्षेत्रों में भी विद्यालयों की घंटियाँ फिर सुनाई दे रही हैं, जहाँ परिस्थितियों के कारण वर्षों तक स्कूल बंद रहे थे। यह बदलाव केवल भवन, तकनीक और सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके केंद्र में प्रत्येक बच्चे को आगे बढ़ने का समान अवसर देने का संकल्प है।

    मुख्यमंत्री ने कहा  कि हम ऐसा छत्तीसगढ़ बनाना चाहते हैं, जहाँ किसी बच्चे की परिस्थितियाँ उसके सपनों की सीमा तय न करें।

    हर बच्चे में छिपी हैं अनगिनत संभावनाएँ

    मुख्यमंत्री  साय ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि इस संकल्प को धरातल पर उतारने की सबसे बड़ी शक्ति प्रदेश के शिक्षक हैं। शिक्षक के सामने कक्षा में बैठा हर बच्चा अपने भीतर अनगिनत संभावनाएँ लेकर आता है। कोई भविष्य का वैज्ञानिक हो सकता है, कोई खिलाड़ी, डॉक्टर, किसान, शिक्षक, कलाकार या जनसेवक।

    उन्होंने कहा कि कई बार बच्चे को स्वयं अपनी क्षमता का पता नहीं होता, लेकिन शिक्षक की पारखी दृष्टि उसकी प्रतिभा पहचान लेती है। शिक्षक द्वारा कहा गया प्रोत्साहन का एक वाक्य भी किसी बच्चे को जीवन भर आगे बढ़ने की शक्ति दे सकता है।

    मुख्यमंत्री का गुरुजनों से विशेष आग्रह:पीछे छूट रहे बच्चे का हाथ थामिए

    मुख्यमंत्री  साय ने शिक्षक दिवस पर गुरुजनों से अत्यंत आत्मीय आग्रह करते हुए कहा कि हर बच्चे के भीतर छिपी संभावना को पहचानिए। विशेषकर उस बच्चे का हाथ अवश्य थामिए, जो अभाव में है, संकोच में है या किसी कारण पीछे छूट रहा है। हो सकता है आपका थोड़ा-सा विश्वास उसके पूरे जीवन की दिशा बदल दे।

    उन्होंने कहा कि एक शिक्षक का विश्वास किसी बच्चे के लिए जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा बन सकता है। इसलिए शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं, बल्कि बच्चे के व्यक्तित्व, आत्मविश्वास, संस्कार और उसकी क्षमताओं को विकसित करना भी है।

    मुख्यमंत्री  साय ने अपने पत्र में अत्यंत भावपूर्ण ढंग से गुरुजनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि शिक्षक दिवस पर वे मुख्यमंत्री के रूप में ही नहीं, बल्कि कभी गाँव के एक छोटे से स्कूल में पढ़ने वाले उस विद्यार्थी के रूप में भी सभी गुरुजनों के प्रति कृतज्ञ हैं, जिसने अपने शिक्षकों से मिले संस्कार और सीख को जीवन की पूँजी माना है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि समय बदल गया है, स्कूल बदल रहे हैं और पढ़ाने तथा सीखने के साधन भी बदल रहे हैं। आने वाले समय में आधुनिक तकनीक इन्हें और अधिक बदलेगी, लेकिन गुरु और शिष्य के बीच विश्वास, स्नेह और संस्कार का जो संबंध भारतीय परंपरा की आत्मा है, उसका महत्व कभी कम नहीं होगा।

    हर स्कूल बने सपनों का द्वार, हर कक्षा संभावनाओं का संसार

    मुख्यमंत्री  साय ने प्रदेश के शिक्षकों से आह्वान किया कि हम सब मिलकर ऐसा छत्तीसगढ़ गढ़ें, जहाँ हर स्कूल सपनों का द्वार बने, हर कक्षा संभावनाओं का संसार बने और हर शिक्षक अपने विद्यार्थी के जीवन में आशा का दीप जलाए।

    उन्होंने कहा कि शिक्षकों के ज्ञान से बच्चों का भविष्य उज्ज्वल हो, उनके संस्कारों से समाज समृद्ध हो और उनके मार्गदर्शन से छत्तीसगढ़ की नई पीढ़ी आत्मविश्वास के साथ विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाए, यही उनकी कामना है।

    मुख्यमंत्री  साय ने शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रदेश के सभी गुरुजनों को सादर नमन करते हुए उनके स्वस्थ, सुखी और यशस्वी जीवन की कामना की तथा सभी शिक्षकों और उनके परिवारों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं।

  • महाकाल महालोक की तर्ज पर जानापाव में भगवान  परशुराम लोक और भगवान  कृष्ण लोक का होगा विकास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया भूमि-पूजन

    महाकाल महालोक की तर्ज पर जानापाव में भगवान परशुराम लोक और भगवान कृष्ण लोक का होगा विकास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया भूमि-पूजन

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जानापाव वह गौरवशाली धरती है, जहां भगवान कृष्ण ने महर्षि परशुराम से सुदर्शन चक्र प्राप्त किया था। यह पवित्र और गौरवशाली स्थान है। महर्षि परशुराम की जन्मस्थली और साढ़े सात नदियों के उद्गम वाले इस पावन स्थल पर जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान कृष्ण का स्मरण करना सभी का सौभाग्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को इंदौर जिले के जानापाव में महाकाल लोक की तर्ज पर विकसित किए जाने वाले भगवान  परशुराम लोक एवं भगवान कृष्ण लोक के भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान कृष्ण को महर्षि परशुराम द्वारा प्रदान किया गया सुदर्शन चक्र उनके जीवन में धर्म और सत्य की रक्षा का महत्वपूर्ण अस्त्र बना। भगवान कृष्ण ने अपने जीवन में सत्य, धर्म, पराक्रम और पुरुषार्थ का संदेश दिया। शिशुपाल प्रसंग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण ने अपनी बुआ को दिए वचन के अनुसार शिशुपाल की सौ गलतियों तक क्षमा किया और इसके बाद धर्म की रक्षा के लिए उसका अंत किया।

    5000 वर्ष पुराने गौरवशाली इतिहास को सामने लाएगी सरकार

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश का भगवान कृष्ण और भगवान राम से गहरा संबंध रहा है। सरकार इस लगभग 5000 वर्ष पुराने गौरवशाली इतिहास को फिर से सामने लाने के लिए कार्य कर रही है। भगवान कृष्ण ने मध्यप्रदेश में जहाँ-जहाँ अपने चरण रखे, उन सभी स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जाएगा। इसी प्रकार भगवान राम के चरण जहाँ-जहाँ पड़े, उन स्थलों को भी धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चित्रकूट धाम, जानापाव, राम के वनगमन से जुड़े आश्रम और अन्य पौराणिक स्थलों के साथ भगवान कृष्ण से जुड़े स्थलों को भी विकसित करने की योजना है। भगवान कृष्ण के मध्यप्रदेश से संबंध को दर्शाने वाले स्थलों में रुक्मिणी हरण से जुड़े क्षेत्र तथा धार जिले में हुए युद्ध से संबंधित स्थानों को भी विकसित कर उनके गौरवशाली इतिहास को जीवंत किया जाएगा।

     महाकाल लोक की तर्ज पर 17 करोड़ रूपये से विकसित होगा परशुराम लोक और कृष्ण लोक

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश में बड़ा परिवर्तन आया है। महाकाल लोक के विकास के बाद उज्जैन में श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। धार्मिक पर्यटन बढ़ने से स्थानीय लोगों को रोजगार और व्यवसाय के नए अवसर मिल रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसी दिशा में जानापाव को भी देश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र और आध्यात्मिक चेतना पीठ के रूप में विकसित किया जा रहा है। महाकाल लोक की तर्ज पर लगभग 17 करोड़ रुपये की लागत से ‘परशुराम लोक’ एवं ‘कृष्ण लोक’ का निर्माण किया जाएगा।

    परियोजना के अंतर्गत यज्ञ कुंड का पुनर्विकास, भव्य ऑडिटोरियम, ध्यान कुटीर, हर्बल गार्डन, लैंडस्केपिंग, बहुउद्देशीय भवन तथा जनसुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए पहाड़ी पर रोपवे निर्माण भी कार्य योजना में शामिल है।

    धर्म, सत्य और पराक्रम का संदेश देते हैं भगवान कृष्ण

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान कृष्ण ने गोपाल के रूप में गायों का पालन करते हुए वन-वन विचरण किया और सामान्य जीवन से लेकर महाभारत के विराट प्रसंग तक मानव जीवन को अनेक संदेश दिए। उन्होंने गीता के माध्यम से दुनिया को कर्म, धर्म और कर्तव्य का मार्ग दिखाया। भगवान कृष्ण का जीवन सिखाता है कि जीवन की प्रत्येक परिस्थिति में सत्य और धर्म के लिए खड़े रहना चाहिए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऐसे पवित्र स्थलों का विकास केवल पर्यटन की दृष्टि से नहीं, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों को सनातन संस्कृति और गौरवशाली इतिहास से परिचित कराने के लिए भी आवश्यक है। जानापाव में विकसित होने वाला ‘परशुराम लोक’ एवं ‘कृष्ण लोक’ इसी दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है।

    कार्यक्रम में भगवान कृष्ण की लीलाओं पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी गईं। दही हांडी कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जानापाव स्थित मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की।

    कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष मती रीना सतीश मालवीय, सांसद सु कविता पाटीदार, विधायक सु उषा ठाकुर,  श्रवण चावड़ा सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। 

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लगभग 900 करोड़ लागत के पॉवर ट्रांसफॉर्मर मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट का लोकार्पण कर पहले ट्रांसफार्मर को किया रोल-आउट

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लगभग 900 करोड़ लागत के पॉवर ट्रांसफॉर्मर मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट का लोकार्पण कर पहले ट्रांसफार्मर को किया रोल-आउट

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास और निवेश आकर्षित करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। सरकार छोटे-बड़े सभी निवेशकों को पूरा सहयोग देने के लिए तैयार है। जहां निवेश है वहां रोजगार है। मध्यप्रदेश ने निवेशकों का दिल और विश्वास जीता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को सीहोर जिले के बड़ियाखेड़ी में क्रॉम्पटन ग्रीव्स की नई पॉवर ट्रांसफॉर्मर मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट के शुभारंभ और पहले ट्रांसफॉर्मर के रोल-आउट के शुभारंभ अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यह देश में इस प्रकार की सबसे बड़ी इकाई है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जन्माष्टमी के पावन अवसर पर लगभग 900 करोड़ की लागत से तैयार हुई सीजी पॉवर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस की नई पॉवर ट्रांसफॉर्मर फैक्ट्री का लोकार्पण इस सम्पूर्ण क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योग अनुकूल नीतियों के कारण देश की बड़ी-बड़ी कंपनियों में मध्यप्रदेश आकर उद्योग स्थापित करने की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा विकसित हो रही है। हमारा प्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है। प्रदेश में आ रहीं फैक्ट्रियों में केवल उत्पाद तैयार नहीं होता है, बल्कि इससे रोजगार के अवसरों में वृद्धि और राज्य की समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश जिस गति से विकास की ओर अग्रसर है, उसी गति से मध्यप्रदेश भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। नए उद्योगों से स्थानीय स्तर पर युवाओं को रोजगार मिलने के साथ ही व्यापार एवं आर्थिक गतिविधियों का विस्तार होता है। औद्योगिक निवेश बढ़ने से प्रदेश की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होती है और सरकार को विकास एवं जनकल्याण के कार्यों के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध होते हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में अधिक से अधिक निवेश आए और इसका लाभ उद्योग, रोजगार के साथ समग्र विकास के रूप में मिले।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पैशन, पोटेंशियल, पॉलिसी, परफॉर्मेंस और प्रोडक्शन मध्यप्रदेश की नई औद्योगिक पहचान बन गए हैं। उद्योग स्थापित करने वाले निवेशकों को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार तत्पर है। राज्य में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है, जिससे औद्योगिक विकास के साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सीहोर में देश की सबसे बड़ी ट्रांसफॉर्मर निर्माण इकाई का लोकार्पण ऐतिहासिक अवसर है। देश के ऊर्जा एवं औद्योगिक इको सिस्टम को ट्रांसफॉर्म करने में इस उद्योग की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि अब ’’डाई से लेकर ट्रांसफॉर्मर तक का निर्माण सीहोर में’’ होने लगा है, जो जिले में बढ़ते औद्योगिक विकास का प्रमाण है।

    रिकॉर्ड 13 महीने में तैयार हुई दुनिया की सबसे बड़ी ट्रांसफॉर्मर मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गत वर्ष अगस्त में भूमि-पूजन के बाद रिकॉर्ड 13 महीने में सीहोर में दुनिया की सबसे बड़ी ट्रांसफॉर्मर निर्माण फैक्ट्री प्रारंभ हुई है। देश के इलेक्ट्रिकल इको सिस्टम को ट्रांसफॉर्म करने में सीजी पॉवर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस की पॉवर ट्रांसफॉर्मर मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट बड़ी भूमिका निभाएगी। इस इकाई से क्षेत्र की तस्वीर बदल जाएगी। सीहोर में टायर से लेकर ट्रांसफॉर्मर तक सब कुछ तैयार हो रहा है। सीजी पॉवर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस ने अपनी 9 दशक की यात्रा में आज मध्यप्रदेश की धरती पर नया मुकाम हासिल किया है। इस यूनिट में हर वर्ष बड़ी संख्या में ट्रांसफॉर्मर तैयार होंगे और 2 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह जिला पर्यटन के क्षेत्र में तेज गति से विकास कर रहा है। सीहोर अब भोपाल मेट्रोपोलिटन सिटी का हिस्सा है, जिससे भविष्य में यहां के नागरिकों को लाभ मिलेगा। मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में शामिल होने से सीहोर में औद्योगिक, व्यावसायिक और रोजगार के अवसरों का विस्तार होगा। बेहतर सड़क, परिवहन और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास से सीहोर का भोपाल के साथ समन्वित विकास होगा। आने वाले समय में यह क्षेत्र आर्थिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र के रूप में उभरेगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉम्पटन ग्रीव्स (सीजी) परिवार को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। सीजी पॉवर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस को आवश्यकतानुसार भूमि उपलब्ध करवाने में जरूरी सहयोग प्रदान किया जाएगा।

    दुनिया की सबसे बड़ी ट्रांसफॉर्मर टेस्टिंग लैब

    सीजी पॉवर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस के सीईओ  अमर कौल ने कहा कि यह हमारी कंपनी का महत्वपूर्ण पड़ाव है। प्रधानमंत्री  मोदी ने जीडीपी में मैन्यूफैक्चरिंग का हिस्सा 13 प्रतिशत है, इसे वर्ष 2035 तक 25 प्रतिशत पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। सीहोर में क्रॉम्पटन ग्रीव्स की नई पॉवर ट्रांसफॉर्मर मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट में 2 हजार व्यक्तियों को रोजगार मिला है। कंपनी आधुनिक उपकरणों के माध्यम से प्रोडक्शन कर रही है। इस यूनिट में दुनिया की सबसे बड़ी टेस्ट लैब भी तैयार की गई है। यूनिट की जरूरत के लिए 36 प्रतिशत बिजली सोलर एनर्जी से मिलेगी। हमारी कंपनी विकसित भारत और समृद्ध मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए संकल्पित है।

    मुख्यमंत्री ने सीजी पावर की इकाई का किया अवलोकन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीहोर के बड़ियाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र स्थित सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस लिमिटेड की ट्रांसफॉर्मर निर्माण इकाई का अवलोकन किया। उन्होंने इकाई में ट्रांसफॉर्मर निर्माण की प्रक्रिया, आधुनिक तकनीक और उत्पादन क्षमता की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कंपनी के अधिकारियों से उद्योग के संचालन एवं विस्तार से संबंधित जानकारी प्राप्त करते हुए प्रदेश में बड़े औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अधिक अवसर सृजित करने पर जोर दिया।

    कार्यक्रम में राजस्व मंत्री  करण सिंह वर्मा, विधायक  सुदेश राय, विधायक  रमाकांत भार्गव सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में कंपनी के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।