Category: मध्य प्रदेश

  • गणेशी हॉस्पिटल में महिला की मौत पर हंगामा, परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप

    गणेशी हॉस्पिटल में महिला की मौत पर हंगामा, परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप

    गणेशी हॉस्पिटल में महिला की मौत पर हंगामा, परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप

    ड्रिप लगने के बाद बिगड़ी 78 वर्षीय महिला की तबीयत, इलाज के दौरान मौत; पुलिस पहुंची, जांच शुरू

    मुरैना
     शहर की एमएस रोड स्थित गणेशी हॉस्पिटल में सोमवार को 78 वर्षीय महिला मरीज महारानी जाटव की इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया और डॉक्टर व अस्पताल स्टाफ पर इलाज में लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगाए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी लेकर जांच शुरू कर दी।

    परिजनों के मुताबिक महारानी जाटव ग्राम गोरमी वर का पुरा निवासी थीं और अपने बेटे विनोद कुमार सरल, जो मुरैना की पुलिस लाइन स्थित सरकारी क्वार्टर में रहते हैं, से मिलने आई थीं। करीब दो दिन पहले तबीयत खराब होने पर उन्हें सरकारी अस्पताल में दिखाया गया था। उपचार के बाद हालत में सुधार होने पर परिजन उन्हें वापस घर ले गए थे।

    सोमवार दोपहर अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें गणेशी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टर अंकुर गुप्ता ने जांच के बाद उन्हें भर्ती करने की सलाह दी। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में ड्रिप लगाए जाने के बाद महिला की तबीयत और बिगड़ गई। कुछ देर बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। महिला की मौत की खबर मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।

    बाक्स 
    – पहले भी उठ चुके हैं इलाज में लापरवाही के सवाल

    गणेशी हॉस्पिटल में मरीज की मौत का यह मामला नया नहीं बताया जा रहा है। इससे पहले भी अस्पताल में मरीजों की मौत के बाद परिजनों द्वारा हंगामा किए जाने और डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही के आरोप लगाए जाने के मामले सामने आते रहे हैं। ऐसे मामलों के बावजूद अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई हुई, इसे लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

    सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि पूर्व में भी मरीजों की मौत के बाद लापरवाही के आरोप लगे हैं तो स्वास्थ्य विभाग ने इन मामलों की जांच क्यों नहीं कराई? क्या अस्पताल में इलाज की व्यवस्थाओं और चिकित्सकीय प्रक्रिया की नियमित जांच की जा रही है? परिजनों के आरोपों की निष्पक्ष जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविकता सामने आ सकेगी।
    बाक्स 
    – स्वास्थ्य विभाग की भूमिका पर भी सवाल

    मामले को लेकर जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पद्मेश उपाध्याय से पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

    फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इलाज के दौरान कौन-कौन सी चिकित्सकीय प्रक्रिया अपनाई गई और परिजनों द्वारा लगाए गए लापरवाही के आरोप कितने सही हैं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। वहीं, परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

  • सहायक आयुक्त महोदयों के गरिमामयी निरीक्षण में निखरी पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक-5 की प्रतिभा, नवाचार और उत्कृष्टता

    सहायक आयुक्त महोदयों के गरिमामयी निरीक्षण में निखरी पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक-5 की प्रतिभा, नवाचार और उत्कृष्टता

    सहायक आयुक्त महोदयों के गरिमामयी निरीक्षण में निखरी पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक-5 की प्रतिभा, नवाचार और उत्कृष्टता

    ग्वालियर
    पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक-5, ग्वालियर में एक दिवसीय विद्यालय भ्रमण एवं निरीक्षण हेतु माननीय सहायक आयुक्त महोदय श्री दीपक डबराल (ACAD) KVS HQ DELHI एवं श्री विजय वीर सिंह सहायक आयुक्त KVS RO BHOAL के आगमन पर श्री  मनीष तिलक प्राचार्य पीएम श्री केवी 5, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों द्वारा आत्मीय एवं भव्य स्वागत किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को साकार करते हुए कक्षा प्रथम से षष्ठम तक के विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न राज्यों की पारंपरिक वेशभूषा एवं क्षेत्रीय भाषाओं में अभिनंदन से हुई।
    छात्रा समृद्धि शुक्ला की मनमोहक नृत्य प्रस्तुति तथा विद्यार्थियों के बैंड वादन एवं स्वागत गीत ने वातावरण को संगीतमय बना दिया। स्काउट एवं गाइड की ओर से अनुष्का तिलक एवम् अन्य छात्राओं ने गार्ड ऑफ ऑनर प्रस्तुत किया, वहीं छात्राओं दिव्यांशी पाल एवं कीर्ति ने हरित स्वागत कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
    विद्यालय निरीक्षण के दौरान प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों ने गणित एवं विज्ञान की गतिविधियों और कार्यशील मॉडलों के माध्यम से अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। टेसलेशन, वीविंग पैटर्न, सौरमंडल, जल चक्र एवं फाउंटेन जैसी गतिविधियाँ विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। माननीय सहायक आयुक्त ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उनकी जिज्ञासा, आत्मविश्वास एवं रचनात्मकता की सराहना की तथा उन्हें अधिकाधिक प्रश्न पूछने के लिए प्रेरित किया।
    माननीय अधिकारी ने पीएम श्री योजना के सभी छह स्तंभों का अवलोकन कर इसके प्रभावी क्रियान्वयन की सराहना की।
    कक्षा X एवं XII के विद्यार्थियों के साथ विशेष संवाद में उन्हें बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु महत्वपूर्ण सुझाव एवं प्रेरक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। इसके पश्चात बोर्ड कक्षाओं के शिक्षकों के साथ बैठक में शत-प्रतिशत परिणाम एवं प्रत्येक विद्यार्थी के शैक्षणिक स्तर में सुधार हेतु प्रभावी रणनीतियों पर चर्चा हुई। प्राचार्य महोदय ने समस्त शिक्षकों की ओर से उत्कृष्ट परिणाम के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता का आश्वासन दिया।
    अंत में श्रीमती चेतना शर्मा द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया तथा माननीय सहायक आयुक्त महोदय सहित सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रति हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त की गई।

  • नगर निगम में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर कांग्रेस की प्रेस वार्ता

    नगर निगम में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर कांग्रेस की प्रेस वार्ता

    नगर निगम में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर कांग्रेस की प्रेस वार्ता

    7 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो महापौर-आयुक्त के बंगलों में कचरा भरने की चेतावनी

    मुरैना
     नगर निगम में कथित भ्रष्टाचार, शहर में व्याप्त गंदगी, जलभराव और बदहाल सड़कों को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने मंगलवार को प्रेस वार्ता आयोजित की। कांग्रेस नेताओं ने महापौर और नगर निगम आयुक्त पर शहर की समस्याओं की अनदेखी करने तथा राजस्व विभाग में कथित अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सात दिन के भीतर समस्याओं और भ्रष्टाचार के आरोपों पर कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस नगर निगम का घेराव कर बड़ा आंदोलन करेगी।

    जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मधुराज तोमर ने कहा कि शहर में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। कई सड़कें टूटी हुई हैं और बारिश के बाद जलभराव की समस्या बनी हुई है। आम लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है, लेकिन नगर निगम प्रशासन का इन समस्याओं की ओर कोई ध्यान नहीं है। उन्होंने राजस्व विभाग में भी कथित भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि अयोग्य लोगों को महत्वपूर्ण पदों पर बैठाया गया है।

    शहर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष गजेंद्र जाटव ने आरोप लगाया कि महापौर द्वारा दो बंगलों पर अधिकार जमाए जाने की शिकायत कई बार प्रशासन के समक्ष की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने राजस्व विभाग में नामांतरण सहित अन्य कार्यों के नाम पर अवैध वसूली किए जाने का आरोप लगाया। जाटव ने चेतावनी दी कि सात दिन के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो शहर की गंदगी नगर निगम आयुक्त और महापौर के बंगले में भरने का आंदोलन किया जाएगा।

    मुरैना विधायक दिनेश गुर्जर ने कहा कि बारिश और बाढ़ के कारण जनता परेशान है। शहर की कई सड़कें क्षतिग्रस्त हैं और जगह-जगह गंदगी का साम्राज्य बना हुआ है। इसके बावजूद प्रशासन इन समस्याओं के समाधान को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहा है।

    अंबाह विधायक देवेंद्र सखवार ने अंबाह नगर पालिका क्षेत्र की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्षेत्र में भी गंदगी की समस्या बनी हुई है। जनता अपनी समस्याओं को लेकर परेशान है, लेकिन प्रशासन की ओर से उचित सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने नगर निकायों में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।

    नगर निगम में विपक्ष के नेता विनीत कंसाना ने राजस्व विभाग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग कथित तौर पर वसूली का अड्डा बना हुआ है और नामांतरण के नाम पर लोगों से हजारों रुपये लिए जा रहे हैं। उन्होंने फर्जी रसीदें काटे जाने का भी आरोप लगाया और पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

    राहुल गांधी के कार्यक्रम की तैयारियों पर भी चर्चा

    प्रेस वार्ता के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष मधुराज तोमर ने आगामी 19 सितंबर को इंदौर में होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम को लेकर यूथ कांग्रेस और सभी ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। 35 वर्ष से कम उम्र के युवाओं और छात्रों को कार्यक्रम में पहुंचाने के लिए कांग्रेस द्वारा व्यवस्था की जा रही है तथा पंजीयन भी किए जा रहे हैं। कांग्रेस नेताओं के अनुसार राहुल गांधी कार्यक्रम में युवाओं को संबोधित करेंगे।

    पार्टी प्रवक्ता हरीश पाठक ने बताया कि प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने शहर की दयनीय स्थिति पर चिंता जताई। साथ ही चेतावनी दी कि निर्धारित समय में नगरीय प्रशासन ने समस्याओं के समाधान और लगाए गए आरोपों पर कार्रवाई नहीं की तो जिला कांग्रेस कमेटी नगर निगम का घेराव कर बड़ा आंदोलन करेगी।

    प्रेस वार्ता में संगठन महासचिव कुलदीप यादव, दीपक शर्मा, पूर्व जिला अध्यक्ष शहर जिला कांग्रेस कमेटी मुरैना जितेंद्र सिंह डंगस, अवनीश कटारे सहित अन्य कांग्रेस नेता मौजूद रहे।

  • इंदौर में स्टाइपेंड को लेकर गरमाया विवाद, जूनियर डॉक्टरों ने संभाला मोर्चा; MY अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर असर

    इंदौर में स्टाइपेंड को लेकर गरमाया विवाद, जूनियर डॉक्टरों ने संभाला मोर्चा; MY अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर असर

    इंदौर

    इंदौर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमवायएच में चिकित्सा व्यवस्था उस समय प्रभावित हुई जब जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल का ऐलान कर दिया। यहां के डॉक्टर भोपाल में हुए लाठीचार्ज और 'वन नेशन-वन स्टाइपेंड' की लंबे समय से लंबित मांग को लेकर विरोध दर्ज करा रहे हैं। मध्य प्रदेश के इंटर्न डॉक्टर्स 3 दिन से सड़कों पर हैं। भोपाल में सबसे बड़ा प्रदर्शन कमला पार्क के पास चल रहा है, जहां डॉक्टर सड़क पर बैठकर आंदोलन कर रहे हैं। प्रदेशभर के सरकारी अस्पतालों में इसका असर दिख रहा है और कई जगह ओपीडी सेवाएं पूरी तरह से ठप हैं।

    हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की
    अस्पताल परिसर में एकत्र हुए रेजिडेंट डॉक्टरों ने हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी चिकित्सकों का कहना है कि एमबीबीएस के बाद इंटर्नशिप कर रहे डॉक्टर और पोस्ट ग्रेजुएशन के छात्र अस्पतालों में दिन-रात सेवाएं देते हैं। इसके बावजूद देश के अलग-अलग राज्यों में उनके मानदेय में भारी असमानता है। डॉक्टरों की मांग है कि पूरे देश में एक समान मानदेय व्यवस्था लागू की जाए और भोपाल में चिकित्सकों पर बल प्रयोग करने वाले दोषियों पर तत्काल कार्रवाई हो। इंटर्न डॉक्टर राजेश सोनी ने कहा कि जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होगी, हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा। डॉ. रागिनी खन्ना ने बताया कि धूप और गर्मी में भी हम लगातार आंदोलन करेंगे। सीनियर डॉक्टर, हमारे सभी साथी और परिचित इस आंदोलन में हमारे साथ हैं। 

    स्टाइपेंड पर पूरे देश में एक जैसी व्यवस्था की मांग
    जूडा इंदौर के अध्यक्ष डॉक्टर विक्रम नेतू ने कहा कि भोपाल में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे जूनियर डॉक्टरों पर लाठीचार्ज किया गया। हम दोषियों पर कार्रवाई की मांग करते हैं। इस तरह का सलूक कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। हमारी प्रमुख मांग है कि पूरे देश में समान स्टाइपेंड व्यवस्था लागू होना चाहिए।  

    अस्पताल प्रबंधन बोला मरीज परेशान नहीं होंगे
    अस्पताल प्रबंधक डॉक्टर अशोक यादव का कहना है कि मरीजों की देखभाल प्रभावित नहीं होने दी जाएगी। प्रबंधन के अनुसार ओपीडी और आपातकालीन सेवाएं सुचारु रूप से चालू हैं। वरिष्ठ चिकित्सकों और कंसल्टेंट्स को मोर्चे पर तैनात किया गया है। वहीं कई रेजिडेंट डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर काम करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया है ताकि मरीजों की जान जोखिम में न पड़े। 

  • MP में वेस्ट-टू-एनर्जी को मिलेगा बढ़ावा, शारजाह के BEEAH से टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप पर चर्चा

    MP में वेस्ट-टू-एनर्जी को मिलेगा बढ़ावा, शारजाह के BEEAH से टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप पर चर्चा

    भोपाल
     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संयुक्त अरब अमीरात में आयोजित तीन दिवसीय प्रतिष्ठित 'एआईएम कांग्रेस-2026' के तीसरे दिन 8 सितंबर को शारजाह स्थित बी-आह (Bee’aH) मुख्यालय का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने बी-आह फैसेलिटी के ग्रुप सीईओ एवं वाइस-चेयरमैन खालिद अल हुरैमल के साथ एक उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक की। बैठक में पर्यावरण संरक्षण, स्मार्ट सिटी विकास, सर्कुलर इकोनॉमी और अत्याधुनिक वेस्ट मैनेजमेंट समाधानों को मध्यप्रदेश में लागू करने को लेकर गहन विचार-विमर्श हुआ।

    इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ यादव ने सभी प्रकार के इंडस्ट्रियल वेस्ट, सीवेज वेस्ट, वेस्ट रिप्रोसेसिंग और इनर्ट मटेरियल के डिस्पोजल संबंधी ट्रीटमेंट सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान विशेषज्ञों ने उन्हें बताया कि यहां विश्व की सर्वाधिक उन्नत तकनीकी का उपयोग किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चर्चा के दौरान बी-आह ग्रुप को मध्यप्रदेश के नगर निगमों में म्युनिसिपल सॉलिड वेस्ट तथा वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाओं में निवेश और टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश स्वच्छ ऊर्जा और सस्टेनेबल अर्बन डेवलपमेंट के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। बीईईएएच की डिजिटल, एआई-सक्षम और सर्कुलर इकोनॉमी क्षमताएं मध्यप्रदेश के स्मार्ट सिटी विजन और क्लीन एनर्जी मिशन के बिल्कुल अनुकूल हैं। राज्य में ईवी-आधारित फ्लीट और रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स के विस्तार में यह साझेदारी अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो सकती है।

    इंदौर के स्वच्छता मॉडल के साथ वैश्विक तालमेल
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए बताया कि इंदौर ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और बायो-सीएनजी के क्षेत्र में देश और दुनिया के समक्ष एक अनुकरणीय मॉडल स्थापित किया है। उन्होंने बी आह को इंदौर के स्थापित मॉडल के साथ जुड़कर नए आधुनिक समाधानों पर मिलकर काम करने का प्रस्ताव दिया, जिससे कचरा प्रबंधन के साथ-साथ जीरो-वेस्ट लैंडफिल के लक्ष्य को हासिल किया जा सके।

    जीआईएस-2027 के लिए दिया आमंत्रण
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बी आह के ग्रुप के सीईओ खालिद अल हुरैमल को अगले साल भोपाल में आयोजित होने वाली 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027' में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने आग्रह किया कि बी आह ग्रुप अपनी आगामी वैश्विक विस्तार योजनाओं में मध्यप्रदेश को एक प्रमुख और प्राथमिकता वाले गंतव्य (डेस्टिनेशन) के रूप में शामिल करे।

    अत्याधुनिक मुख्यालय का किया अवलोकन
    बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसिद्ध आर्किटेक्ट ज़ाहा हदीद द्वारा डिज़ाईन किए गए बी-आह के प्रतिष्ठित एआई-सक्षम व नेट-ज़ीरो-रेडी मुख्यालय तथा उनकी विभिन्न उन्नत सुविधाओं की सराहना की। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2007 में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के रूप में स्थापित बी आह आज 46 राष्ट्रीयताओं के 13 हजार से अधिक कर्मचारियों और यूएई, सऊदी अरब व मिस्र में विस्तृत परिचालनों के साथ पर्यावरण, रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रीन मोबिलिटी और टेक्नोलॉजी का अग्रणी अंतर्राष्ट्रीय समूह बन चुका है। शारजाह में 90 प्रतिशत से अधिक लैंडफिल-डायवर्जन दर और कमर्शियल स्केल वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट के संचालन में समूह ने वैश्विक मानक स्थापित किए हैं।

    एडवांस्ड सस्टेनेबल और एआई-सक्षम है बी आह फैसिलिटी का मुख्यालय
    बी आह सस्टेनेबिलिटी, इनोवेशन और एआई का वैश्विक मॉडल संयुक्त अरब अमीरात के शारजाह में मुख्यालय वाला बी-आह (BEEAH) वैश्विक स्तर पर सस्टेनेबिलिटी और इनोवेशन के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है। पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के रूप में स्थापित यह संस्था एक वेस्ट मैनेजमेंट कंपनी से विकसित होकर आज एनवायरमेंटल सर्विसेज, रिन्यूएबल एनर्जी, टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर और सस्टेनेबल रियल एस्टेट जैसे विविध क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभा रही है। बी-आह की पहचान एडवांस्ड वेस्ट मैनेजमेंट और सर्कुलर इकोनॉमी सॉल्युशन्स के लिए है। उच्च वेस्ट-डायवर्जन दर के साथ संस्था शारजाह के महत्वाकांक्षी सस्टेनेबिलिटी लक्ष्यों को हासिल करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

    इसका उद्देश्य कचरे को केवल निपटान की वस्तु न मानकर उसे संसाधन में बदलते हुए एक ऐसे मॉडल को विकसित करना है, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ आर्थिक विकास को भी गति दे। बीईईएच का प्रतिष्ठित मुख्यालय इस सोच का जीवंत उदाहरण है। प्रसिद्ध वास्तुकार ज़ाहा हदीद द्वारा डिजाइन किया गया यह भवन दुनिया की अत्याधुनिक सस्टेनेबल और एआई-सक्षम इमारतों में शामिल है। भवन की डिजाइन, तकनीक और ऊर्जा दक्षता इसे भविष्य के स्मार्ट एवं पर्यावरण-अनुकूल शहरों के लिए एक प्रभावी मॉडल बनाती है। रणनीतिक साझेदारियों और नवाचार आधारित परियोजनाओं के माध्यम से बी-आह स्मार्ट और सस्टेनेबल शहरों के विकास को नई दिशा दे रहा है। पर्यावरणीय उत्कृष्टता, ग्रीन टेक्नोलॉजी और सर्कुलर इकोनॉमी के क्षेत्र में इसके प्रयासों ने शारजाह को क्षेत्रीय स्तर पर ग्रीन इनोवेशन के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई है।

  • 1000 साल पुरानी हनुमान प्रतिमा बनी रहस्य, JCB-क्रेन से नहीं हिली; अब IIT एक्सपर्ट्स की मदद

    1000 साल पुरानी हनुमान प्रतिमा बनी रहस्य, JCB-क्रेन से नहीं हिली; अब IIT एक्सपर्ट्स की मदद

    उज्जैन 
    उज्जैन में सड़क चौड़ी करने के लिए मंदिर का ढांचा तोड़ दिया गया। जेसीबी और क्रेन से खड़े हनुमान की प्रतिमा हटाने की कोशिश हुई, लेकिन प्रतिमा अपनी जगह से हिली तक नहीं। करीब 10 दिन की कोशिश के बाद प्रशासन ने एक्सपर्ट्स की मदद लेने का फैसला किया है।

    अब IIT इंदौर की टीम को बुलाया गया है। टीम ने स्पेशल इक्विपमेंट से प्रतिमा की गहराई और आसपास की जमीन की जांच की। पुरातत्व एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि प्रतिमा करीब 1000 साल पुरानी हो सकती है। IIT की रिपोर्ट के बाद तय होगा कि इसे सुरक्षित तरीके से हटाया जा सकता है या नहीं।

    वहीं, भक्तों के लिए यह सिर्फ प्रतिमा हटाने का मामला नहीं है। खड़े हनुमान को लोग ‘डॉक्टर हनुमान’ और मंदिर को ‘उज्जैन का एम्स’ कहते हैं। मान्यता है कि यहां बच्चों और बीमार लोगों की मन्नतें पूरी होती हैं। इसलिए प्रतिमा के नहीं हिलने को भक्त भगवान का संकेत और चमत्कार मान रहे हैं।

    सड़क चौड़ीकरण में मंदिर आड़े आया था
    कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है। सड़क की चौड़ाई करीब 15 मीटर की जा रही है। इसी दायरे में खड़े हनुमान का मंदिर आ रहा था। कार्रवाई के दौरान मंदिर का ढांचा हटा दिया गया, लेकिन प्रतिमा को विस्थापित करने में परेशानी हुई।

    प्रतिमा हटाने के लिए निगम की टीम कटर लेकर भी पहुंची थी। भक्तों ने इसका विरोध किया। उनका कहना था कि ज्यादा बल लगाने या कटर चलाने से प्रतिमा को नुकसान हो सकता है। दो दिन पहले मंदिर के आसपास बैरिकेडिंग की गई थी। भक्तों ने निगम कमिश्नर को ज्ञापन देकर विशेषज्ञों से जांच कराने की मांग की थी।

    प्रतिमा के नीचे क्या है, IIT पता लगाएगी
    आईआईटी इंदौर की टीम ने मंगलवार को करीब दो घंटे तक जांच की। विशेष उपकरणों से प्रतिमा की जमीन में गहराई और आसपास की संरचना की जानकारी जुटाई गई है। टीम अब अपनी रिपोर्ट देगी।

    नगर निगम कमिश्नर अभिलाष मिश्रा के मुताबिक मंदिर के पंडित के आग्रह पर आईआईटी की टीम को बुलाया गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही प्रतिमा को हटाने की प्रक्रिया और तारीख तय होगी। प्रशासन यह देख रहा है कि प्रतिमा को बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित तरीके से दूसरी जगह ले जाना संभव है या नहीं।

    पुरातत्व विशेषज्ञ बोले- 1000 साल पुरानी हो सकती है प्रतिमा

    विक्रम विश्वविद्यालय के पुरातत्व विशेषज्ञ प्रो. डॉ. रमण सोलंकी के मुताबिक प्रतिमा करीब 1000 वर्ष पुरानी हो सकती है। उनके अनुसार पुराने समय में बड़ी प्रतिमाओं को इंटरलॉक तकनीक से स्थापित किया जाता था। खड़े हनुमान की प्रतिमा भी इसी तकनीक से स्थापित किए जाने की संभावना है।

    उन्होंने बताया कि प्रतिमा मालवा क्षेत्र में मिलने वाले मजबूत बेसाल्ट पत्थर की है। परमार वंश और राजा भोज के समय इस तरह के पत्थरों पर कलाकृतियां बनाने की परंपरा रही है। लंबे समय से सिंदूर चढ़ाए जाने के कारण प्रतिमा की मूल बनावट और भाव-भंगिमा साफ दिखाई नहीं देती।

    भक्त इसे चमत्कार मान रहे
    प्रतिमा को हटाने की कोशिशों के बाद इसके नहीं हिलने की चर्चा सोशल मीडिया तक पहुंच गई। स्थानीय लोग, पुजारी और हिंदू संगठन इसे भगवान का संकेत और चमत्कार मान रहे हैं। इसे लेकर हनुमान चालीसा का पाठ किया गया और प्रतिमा हटाने का विरोध हुआ।

    भक्तों के लिए यह सिर्फ मंदिर या प्रतिमा हटाने का मामला नहीं है। यहां खड़े हनुमान को ‘डॉक्टर हनुमान’ कहा जाता है, जबकि मंदिर को कई लोग ‘उज्जैन का एम्स’ कहते हैं। मान्यता है कि यहां बच्चों और बीमार लोगों की मन्नतें पूरी होती हैं।

    बच्चों के इलाज की मान्यता से पड़ा ‘डॉक्टर हनुमान’ नाम
    पुजारी महेश बैरागी के मुताबिक मंदिर में वर्षों से छोटे बच्चों को झाड़नी दी जाती है और ताबीज बांधे जाते हैं। उनका दावा है कि इससे कई बच्चों को फायदा मिला है।

    उन्होंने एक बच्चे का उदाहरण देते हुए बताया कि उसका लीवर ट्रांसप्लांट होना था। परिवार एयर एंबुलेंस से बच्चे को दिल्ली ले जाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन हर बार उसकी तबीयत बिगड़ जाती थी। परिवार मंदिर आया और बच्चे को भगवान का ताबीज बांधा गया। इसके बाद उसे एयर एंबुलेंस से दिल्ली ले जाया गया और उसका लीवर ट्रांसप्लांट हुआ।

    मुस्लिम परिवार भी मन्नत मांगने आते हैं
    भक्त शिवेंद्र तिवारी के मुताबिक मंदिर में मुस्लिम समाज के परिवार भी मन्नत लेकर पहुंचते हैं। जिन परिवारों में संतान नहीं होती या जो किसी बीमारी से परेशान होते हैं, वे यहां मन्नत मांगते हैं। उनका कहना है कि वर्षों से लोग अपनी समस्याएं लेकर मंदिर आते रहे हैं और अब प्रतिमा को लेकर देशभर में चर्चा हो रही है।

    मंदिर के ऊपर लगाया गया टेंट
    मंदिर का ढांचा हटाए जाने के बाद प्रतिमा की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने उसके ऊपर केनोपी यानी टेंट लगा दिया है। भक्त इसे अयोध्या के राम मंदिर से जोड़कर देख रहे हैं। उनका कहना है कि जिस तरह भगवान राम को एक समय टेंट में रहना पड़ा था, उसी तरह अब खड़े हनुमान भी टेंट के नीचे विराजित हैं।

  • भोपाल में डॉक्टरों का प्रदर्शन हुआ उग्र, OPD-ऑपरेशन बंद; ₹14 हजार से ₹30 हजार स्टाइपेंड करने की मांग

    भोपाल में डॉक्टरों का प्रदर्शन हुआ उग्र, OPD-ऑपरेशन बंद; ₹14 हजार से ₹30 हजार स्टाइपेंड करने की मांग

    भोपाल

    मध्य प्रदेश के इंटर्न डॉक्टर्स स्टाइपेंड बढ़वाने 3 दिन से सड़कों पर हैं। भोपाल में सबसे बड़ा प्रदर्शन कमला पार्क के पास चल रहा है, जहां डॉक्टर सड़क पर बैठकर आंदोलन कर रहे हैं। प्रदेशभर के सरकारी अस्पतालों में इसका असर दिख रहा है। ओपीडी सेवाएं ठप हैं।

    भोपाल के हमीदिया अस्पताल में बुधवार को 12 बजे तक ओपीडी बंद कर दी गई। सीनियर डॉक्टर्स ने मरीजों को देखा। किडनी और लिवर के मरीज भटकते दिखे। हमीदिया में आज सिर्फ 2 ऑपरेशन हुए, जबकि बाकी दिन 40 से ज्यादा होते थे।

    कमला पार्क के पास आंदोलन, रास्ते को वन-वे किया गया
    भोपाल में कमला पार्क के पास बड़ी संख्या में इंटर्न डॉक्टर सड़क पर बैठे हैं। प्रदर्शन के कारण ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित हुई है। रास्ते को वन-वे किया गया है। पुलिस और प्रशासन डॉक्टरों से बातचीत कर रहे हैं, ताकि प्रदर्शन से आम लोगों को ज्यादा परेशानी न हो।

    इंटर्न डॉक्टर सौरभ सोनी ने बताया- जब तक मांग पूरी नहीं होगी, हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा। डॉ. शालिनी खन्ना ने बताया कि धूप और गर्मी से काफी दिक्कत हो रही है, लेकिन खाने-पीने की परेशानी नहीं है। सीनियर डॉक्टर, साथी और भोपाल के लोग भी हमारे लिए खाना भेज रहे हैं।

    भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कहा- जिला प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। इंटर्न डॉक्टरों की मांगों को लेकर कल मेडिकल कॉलेज में विस्तृत चर्चा हुई थी। आज भी उन्हें बातचीत के लिए बुलाया गया है। प्रदर्शन शांतिपूर्ण है और ट्रैफिक भी सुचारू रूप से चल रहा है।

    उन्होंने कहा- छात्रों को अपने बीच से तय प्रतिनिधियों के जरिए प्रशासन से तुरंत बातचीत करनी चाहिए। प्रदर्शन करना उनका अधिकार है, लेकिन सरकार के फैसले के बाद यह भी देखना चाहिए कि उनकी मांगों में से सरकार ने किस हद तक सहमति दी है। हर व्यक्ति के असंतुष्ट होने पर लगातार विरोध जारी रखना उचित नहीं है।

  • सागर शराब कांड: मौतों का आंकड़ा 28 पहुंचा, 7 दुकानें फिर खुलेंगी; गांव-गांव शुरू हुआ नशामुक्ति अभियान

    सागर शराब कांड: मौतों का आंकड़ा 28 पहुंचा, 7 दुकानें फिर खुलेंगी; गांव-गांव शुरू हुआ नशामुक्ति अभियान

     सागर
     मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब पीने वाले लोगों की मौत का सिलसिला जारी है। मंगलवार को तीन और लोगों की मौत हुई। इनको मिलाकर मरने वालों की संख्या बढ़कर 28 हो गई है।इस बीच प्रभावित क्षेत्रों में उन सात शराब की दुकानों को फिर से खोलने का आदेश हो जारी हो गया है, जिन्हें मौतों के बाद बंद करा दिया गया था। हालांकि आदेश में कहा गया है कि जिले में केवल संदिग्ध बाम्बे व्हिस्की और सागर गोल्ड ब्रांड की देसी शराब की बिक्री प्रतिबंधित रहेगी।

    मामले में पुलिस और प्रशासन ने अवैध शराब के नेटवर्क को ध्वस्त करने और दोषियों पर कार्रवाई के लिए रणनीति बनाई है। अब प्रशासन ने तीन स्तर पर कार्रवाई शुरू की है।

    इसमें घर-घर सर्वे, चौपाल और कानूनी कार्रवाई शामिल है। बंडा सिविल अस्पताल में शराब सेवन से प्रभावित मरीजों के आने का सिलसिला अब थमने लगा है। हालांकि, मामले में अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस ने शासन-प्रशासन पर मौतों का आंकड़ा छिपाने का आरोप लगाया है।

    मंगलवार को छापरी, घूरमार और रिछवार सानौधा गांव के एक-एक व्यक्ति की मौत हुई। करीब 13 लोग बुंदेलखंड मेडिकल कालेज की आइसीयू में जीवन और मौत के बीच जूझ रहे हैं, जबकि डेढ़ सौ से अधिक लोग भर्ती हैं। हालांकि कुछ लोगों को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई है।

    इस बीच, प्रारंभिक जांच में संदिग्ध शराब किसी अधिकृत डिस्टिलरी से तैयार होकर बाजार में आने की पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों का कहना है कि यदि डिस्टिलरी स्तर पर तैयार शराब में गड़बड़ी होती तो उसका असर संभाग के अन्य क्षेत्रों में भी दिखाई देता।

    फिलहाल जांच का फोकस शराब की पैकेजिंग और उसमें मिलावट के स्तर पर है। शराब की जांच के लिए तीन टीमें गठित की हैं। पिछले दो दिनों में शराब दुकानों, आरोपितों के कब्जे, फैक्ट्री सहित अन्य स्थानों से शराब के करीब 80 नमूने लिए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि नकली शराब की बोतल का ढक्कन ढीला होने और शराब का रंग सामान्य से अलग होता है।

    मृतकों के विसरा की फॉरेंसिक जांच पर जताया संदेह
    जिला कांग्रेस कमेटी सागर ग्रामीण के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह मोहासा ने कहा कि सरकार अभी भी जहरीली शराब से हुई मौतों के वास्तविक आंकड़े सार्वजनिक नहीं कर रही है। प्रशासन द्वारा बताए जा रहे आंकड़ों और जमीनी हकीकत में अंतर दिखाई दे रहा है।

    पहले मृतकों के शव परिजनों को सौंपने में देरी हुई, पोस्टमार्टम में देरी हुई और अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि मृतकों के विसरा की फॉरेंसिक जांच पूरी ईमानदारी और निष्पक्षता से होगी या नहीं।

    कांग्रेस की मांग है कि सभी मृतकों के विसरा की जांच भोपाल की स्वतंत्र फॉरेंसिक लैब से कराई जाए, ताकि जांच की निष्पक्षता पर किसी प्रकार का सवाल न उठे।

    भारत की सबसे भ्रष्ट सरकार मध्यप्रदेश में-राहुल गांधी
    राहुल गांधी ने सागर में जहरीली शराब से मौतों के बाद X पर लिखा- भारत की सबसे भ्रष्ट सरकार वाले राज्य मध्यप्रदेश में शासन नाम की कोई चीज बची ही नहीं। दवा जहरीली। शराब जहरीली। पानी जहरीला। नए कानून बना दिए जाते हैं, लेकिन अगले हादसे तक उन्हें किसी तहखाने में डाल दिया जाता है।

    उन्होंने लिखा- जहरीली शराब ने प्रदेश के सागर में अनेक लोगों की जान लेकर उन सभी घरों में मातम पहुंचा दिया है, लेकिन मध्यप्रदेश को पता है आगे क्या होगा। कुछ गिरफ्तारियां होंगी, कुछ अधिकारी सस्पेंड होंगे, जांच के आदेश होंगे, क्योंकि ये पहली बार नहीं है।

    शिकायतों पर क्लीनचिट भारी पड़ी, वेयर हाउस प्रभारी को हटाया
    सागर में लंबे समय से आबकारी वेयर हाउस की प्रभारी मंजूषा सोनी को मंगलवार देर शाम हटा दिया गया। उनके स्थान पर राम चित्रकार को नया प्रभारी बनाया गया है।

    दरअसल, पिछले महीने एक शराब ठेकेदार ने बाम्बे व्हिस्की की नकली बोतल देकर उसके मिलावटी होने की आशंका जताई थी। 10-12 दिन उसे रखे रहने के बाद सहायक आबकारी आयुक्त ने उसे जांच के लिए वेयर हाउस भेजा।

    बताया गया है कि एडीओ मंजूषा सोनी ने करीब एक घंटे में केवल बैच नंबर का मिलान कर शराब को पीने योग्य बताते हुए रिपोर्ट भेज दी।

    अब इसी ब्रांड की शराब से बंडा तहसील मुख्यालय से सटे आठ गांवों में मौतों के बाद क्लीनचिट पर सवाल है। शराब ठेकेदारों का कहना है मंजूषा सोनी 20-22 साल से सागर में ही कार्यरत हैं।

    राहुल गांधी ने कहा- सरकार जवाब दे
    लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष्य राहुल गांधी ने इस मामले में कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए राज्य सरकार से जवाबदेही की मांग की है। उन्होंने इंटरनेट मीडिया पर की पोस्ट में लिखा है कि भारत की सबसे भ्रष्ट सरकार वाले राज्य मध्य प्रदेश में शासन नाम की कोई चीज बची ही नहीं।

    जहरीली शराब ने प्रदेश के सागर जिले में अनेक लोगों की जान लेकर उन सभी घरों में मातम पहुंचा दिया है। मगर पूरे मध्य प्रदेश को पता है आगे क्या होगा- कुछ गिरफ्तारियां होंगी, कुछ अधिकारी सस्पेंड होंगे, जांच के आदेश होंगे, क्योंकि यह पहली बार नहीं है। कुछ ही वक्त पहले इंदौर में दूषित पानी पीने से कई लोगों की मौत हुई।

    पिछले साल जहरीली कफ सीरप से छोटे बच्चों की जान चली गई। मध्य प्रदेश में दवा जहरीली। शराब जहरीली। पानी जहरीला। 20 साल से ज्यादा समय से भाजपा की सरकार है, लेकिन जवाबदेही कहां है?

    उन्होंने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो, इन मौतों की पूरी सच्चाई सामने आए और सिर्फ छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं, जिसकी भी लापरवाही या मिलीभगत सामने आए, उसकी जवाबदेही तय हो।

    शिवपुरी में महिलाओं ने शराब की दुकान पर लगाई आग
    सागर जिले में जहरीली शराब पीने से मौतों के बाद शिवपुरी जिले के अमोला गांव की शराब की दुकान पर महिलाओं ने धावा बोल दिया। उन्होंने बोतलें फेंक जमकर तोड़फोड़ की और दुकान में आग लगा दी। पूरी दुकान जलकर राख हो गई। कर्मचारियों ने भागकर खुद को महिलाओं के आक्रोश से बचाया। सभी महिलाएं हाथों में लाठियां लेकर पहुंचीं थीं।

    दरअसल, शराब ठेकेदारों ने जगह-जगह शराब बिक्री के ठिकाने बना दिए हैं। आमोला में ऐसी ही दुकान खोली गई है। इससे गांव में शराब पीकर रोज हंगामा होता है। नतीजतन, महिलाएं परेशान होती हैं। अमोला थाना प्रभारी योगेंद्र सेंगर का कहना है कि पुलिस टीम ने महिलाओं को शांत कराया।

    शराब दुकानें सील, आरोपियों की धरपकड़ शुरू
    शराब से मौतें होने का कारण सामने आते ही पुलिस और प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी। तत्काल सात लाइसेंसी शराब दुकानों को सील कर दिया गया। सैंपलिंग शुरू कराई गई।

    वहीं, दूसरी ओर पुलिस की अलग-अलग टीमों ने गांवों में दबिश दी। अवैध रूप से शराब बेचने वाले आरोपियों की धरपकड़ शुरू की गई। उनके कब्जे से शराब जब्त की गई। इसके बाद पुलिस ने क्षेत्र में लगातार निगरानी बढ़ाई, ताकि कोई भी व्यक्ति अवैध शराब न बेच सके।

    प्रशासन ने गांव-गांव में मुनादी कराकर लोगों से शराब नहीं पीने की अपील की। वहीं, शराब पीने वाले लोगों को अस्पताल में चेकअप कराने की सलाह दी गई। इसके बाद प्रशासन ने जल्द ही स्थिति पर नियंत्रण पा लिया।

    इन 30 लोगों को मामले में आरोपी बनाया
    मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने जुझार लोधी, दिनेश सिंह, सौरभ लोधी, गोविंद लोधी, मनोहर लोधी, लाइसेंसी यशवंत ठाकुर, मनीष लोधी, आशीष साहू, आकाश राय, रहीम खान, सत्यम, आशाराम, अरविंद, रोहित, माखन, अनिकेत गंधर्व, विशाल लोधी, मंगल रजक, विशाल लोधी और राजा सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

    वहीं, विनायका थाने में राम सिंह लोधी निवासी पाटन, ततरवारा सरपंच चंदू उर्फ चंद्रभान पिता द्वारिका प्रसाद राजपूत निवासी ततरवारा, अरविंद पिता आशाराम यादव, भगवान सिंह पिता देवी सिंह लोधी, मानसिंह प्रताप बिहार अहिरवार, लाइसेंसी ठेकेदार सिद्धार्थ कुशवाहा, रोहित पिता उत्तम शिवहरे निवासी छतरपुर, राघवेंद्र पिता सोहन सिंह निवासी ततरवारा, धर्मेंद्र पिता भुजबल राजपूत निवासी ततरवारा और सोहन पिता उमराव सिंह राजपूत निवासी ततरवारा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

  • निवेश बढ़ाने के लिए MP सरकार का बड़ा कदम, जरूरत के अनुसार पॉलिसी में मिलेगी छूट: डॉ. यादव

    निवेश बढ़ाने के लिए MP सरकार का बड़ा कदम, जरूरत के अनुसार पॉलिसी में मिलेगी छूट: डॉ. यादव

    निवेशकों को देंगे आवश्यकतानुसार नीतियों (पॉलिसी) में छूट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मध्यप्रदेश उद्योग क्षेत्र में आशाओं और असीम अवसरों की धरती
    900 कानूनों को समाप्त कर उद्योग और व्यापार व्यवसाय क्षेत्र को बनाया सुगम और सरल

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में उद्योगों के विकास के लिए 2700 से अधिक नियमों और लगभग 900 कानूनों को समाप्त कर उद्योग और व्यापार-व्यवसाय क्षेत्र को सरल, सुगम बनाने का प्रयास किया है। इस कदम से उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण बना है। निर्धारित नीतियों के अंतर्गत और आवश्यकता होने पर निवेशकों को नीतियों में आवश्यक छूट दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को दुबई में "इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश" को संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कार्य पद्धति के आधार पर दुनियाभर में रहने वाला भारतीय समुदाय आज स्वयं को गौरवान्वित महसूस करता है। प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते राज्य को विकास के नए आयाम दिए। अब उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद दुनिया हमारी अर्थव्यवस्था की शक्ति देख रही है। दुबई वैश्विक अर्थव्यवस्था का केंद्र माना जाता है। यूएई से अफ्रीका और एशिया के साथ यूरोप में व्यापार होता है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश दुनिया का इकलौता राज्य है, जहां हीरे और स्वर्ण भंडार मौजूद है। अफ्रीका के बाद मध्यप्रदेश एक मात्र धरती है, जहां कटनी और सिंगरौली में सोने की खदान मिली है। मध्यप्रदेश में माइनिंग क्षेत्र में विकास की अपार संभावनाएं हैं। निवेशक यहां आएं और अपने व्यापार-व्यवसाय के राज्य को समृद्ध बनाएं। होटल व्यवसाय शुरू करने पर मध्यप्रदेश सरकार 30 प्रतिशत कैपिटल सब्सिडी उपलब्ध करवा रही है। दुनिया की सबसे सस्ती बिजली 2.17 पैसे प्रति यूनिट बिजली मध्यप्रदेश उपलब्ध करवा रहा है। हमारी सरकार ग्रीन एनर्जी को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश आशाओं और असीम संभावनाओं की धरती है। नवाचार, विकास और साझा समृद्धि की सोच हमें जोड़ती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को जीआईएस-2027 का निमंत्रण देते हुए कहा कि देश की सबसे अच्छी एविएशन पॉलिसी मध्यप्रदेश में है। मध्यप्रदेश से यूएई और अबुधाबी के लिए सीधी एयर कनेक्टिविटी हो गई है। हमारी सरकार प्रति फ्लाइट वीजीएफ भी दे रही है। अगले महीने प्रदेश से शारजाह से भी उड़ान सेवा शुरू की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह उनकी निरंतर दूसरे वर्ष दुबई की यात्रा है। इसके पहले पर्यटन निगम के अध्यक्ष के नाते भी दुबई आने का अवसर मिला था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं और प्रदेश की विशेषताओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार में लगभग 15 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव धरातल पर नजर आने लगे हैं। मध्यप्रदेश से आज 76 हजार करोड़ से अधिक का निर्यात हो रहा है। देश में सबसे तेज विकास दर और बेरोजगारी को खत्म करने की दर मध्यप्रदेश की है। यहां अपराध मुक्त वातावरण और समय सीमा में कामों के निपटारे का प्रावधान सभी को आकर्षित करता है। औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए राज्य में अब केवल 29 दिन में जमीन उपलब्ध करवाई जा रही है। प्रदेश सरकार ऑन द स्पॉट लैंड अलॉटमेंट में विश्वास रखती है। मध्यप्रदेश में 1 लाख से अधिक इंडस्ट्रियल लैंड बैंक और 5 लाख किलोमीटर से अधिक रोड नेटवर्क है। सभी व्यवस्थाएं करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। है। बुर्ज खलीफा की ऊंचाई के साथ दुबई का भाग्य भी बदलता चला गया। हम मध्यप्रदेश की समृद्धि के लिए वक्त से, वक्त को पहचानने वालों के बीच आए हैं।

    मध्यप्रदेश में लॉजिस्टिक्स, खनन और पर्यटन सेक्टर में अपार संभावनाएं : एसीएस मंडलोई

    दुबई में इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश इन्वेस्टमेंट सेशन के तीसरे दिन औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने प्रदेश की मजबूत कनेक्टिविटी, निवेश अनुकूल नीतियों और विकसित हो रहे औद्योगिक इको सिस्टम के साथ लॉजिस्टिक्स, खनन और पर्यटन क्षेत्रों की संभावनाओं पर प्रेजेंटेशन दिया।

    एसीएस मंडलोई ने बताया कि लॉजिस्टिक्स पॉलिसी-2025 के तहत निवेशकों को फिक्स्ड कैपिटल इन्वेस्टमेंट पर 30 प्रतिशत तक सहायता सहित कई प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क तथा नर्मदा एक्सप्रेस-वे और दिल्ली-नागपुर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से जुड़ रहे औद्योगिक अवसरों की जानकारी दी गई। खनन क्षेत्र में हीरा, तांबा, मैंगनीज, चूना पत्थर और डायमंड और स्वर्ण खनिज संसाधनों को निवेश के महत्वपूर्ण अवसर के रूप में रेखांकित किया गया।

    पर्यटन सेक्टर में मध्यप्रदेश की समृद्ध विरासत, वन्य जीव और प्राकृतिक स्थलों के बारे में निवेशकों को जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में प्रदेश में 13.41 करोड़ पर्यटक आए, जबकि पर्यटन नीति-2025 के तहत पूंजी निवेश पर 30 प्रतिशत तक सब्सिडी, स्टांप ड्यूटी की प्रतिपूर्ति और 90 वर्ष तक की लीज जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। विभिन्न पर्यटन स्थलों पर निजी निवेश की संभावनाएं प्रदर्शित की गईं।

    मुख्यमंत्री डॉ . यादव की सक्रियता और निवेशकों से सीधा संवाद मध्यप्रदेश की ताकत :

    भारत के काउंसिल जनरल डॉ. रेड्डी

    दुबई में भारत के काउंसिल जनरल डॉ. ई. विष्णुवर्धन रेड्डी ने कहा कि भारत और यूएई के बीच रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है और दोनों देशों के बीच सहयोग के लिए कोई भी क्षेत्र अछूता नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के उद्योग जगत से निरंतर संवाद और हर कार्यक्रम में समान ऊर्जा के साथ सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश के साथ जुड़ाव और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने मध्यप्रदेश की बेहतर कनेक्टिविटी, तेज आर्थिक विकास और विशाल पर्यटन एवं आध्यात्मिक संभावनाओं की सराहना की।

    आईपीएफ यूएई के नेशनल प्रेसिडेंट जितेंद्र वैद्य ने कहा कि भगवान राम ने 14 वर्ष के वनवास में से अधिकांश समय मध्यप्रदेश के चित्रकूट में बिताया। ऐसे राज्य में निवेश का सौभाग्य निवेशकों को मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में अधिकतम निवेश के लिए दिन-रात परिश्रम कर रहे हैं।

    उद्योगपति और सांसद राजिंदर गुप्ता ने कहा कि मध्यप्रदेश देश की प्रगति में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रदेश में उद्योगों को हर तरह से सहयोग मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से मध्यप्रदेश देश का सबसे उन्नतशील राज्य बना है। उन्हें राज्य में 12% से अधिक ग्रोथ लाने का श्रेय है।

     

  • हृदय रोग और स्ट्रोक से बचाव के लिए एक्टिव रहें, डॉ. मनीषा श्रीवास्तव ने दी अहम सलाह

    हृदय रोग और स्ट्रोक से बचाव के लिए एक्टिव रहें, डॉ. मनीषा श्रीवास्तव ने दी अहम सलाह

    सक्रिय जीवन शैली हृदय रोग और स्ट्रोक की रोकथाम में सहायक- डॉ मनीषा श्रीवास्तव
    भोपाल

    भोपाल स्मारक अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र (बीएमएचआरसी), भोपाल में 08 सितंबर 2026 को विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वर्ष 2026 में विश्व फिजियोथेरेपी दिवस की थीम “हृदय रोग और स्ट्रोक की रोकथाम, प्रबंधन एवं पुनर्वास में फिजियोथेरेपी और शारीरिक गतिविधि की भूमिका” रही।
    बीएमएचआरसी के सभागार में आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, NCAHP (National Commission for Allied and Healthcare Professions) के अध्यक्ष  डॉ. डी. विजय कुमार थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान की प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव ने की।

    अपने उद्बोधन में डॉ. मनीषा श्रीवास्तव ने विश्व फिजियोथेरेपी दिवस 2026 की थीम के प्रमुख संदेशों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हृदय संबंधी रोग (सीवीडी) विश्व स्तर पर मृत्यु के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हृदय रोग एवं स्ट्रोक की रोकथाम में नियमित शारीरिक गतिविधि और स्वस्थ जीवनशैली की महत्वपूर्ण भूमिका है। फिजियोथेरेपिस्ट लोगों को शारीरिक रूप से सक्रिय रहने तथा दीर्घकालिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के बेहतर प्रबंधन के लिए प्रेरित एवं प्रशिक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
    डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि शारीरिक गतिविधि एवं नियमित मूवमेंट व्यक्ति को स्वतंत्र एवं सक्रिय बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लंबे समय तक लगातार बैठे रहने से बचना चाहिए तथा प्रत्येक आधे घंटे में शरीर को सक्रिय अवस्था में लाने का प्रयास करना चाहिए। नियमित शारीरिक गतिविधि हृदय रोग एवं स्ट्रोक की रोकथाम में सहायक हो सकती है।

    मुख्य अतिथि डॉ. डी. विजय कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि भारत में “वन हेल्थ, वन नेशन” के दृष्टिकोण के तहत विश्व फिजियोथेरेपी दिवस को समग्र स्वास्थ्य चेतना के रूप में देखा जा रहा है। इसका उद्देश्य देश के प्रत्येक नागरिक तक शारीरिक तंदुरुस्ती एवं पुनर्वास संबंधी सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने फिजियोथेरेपी के संबंध में विश्वसनीय जानकारी साझा करने, आवश्यकता पड़ने पर उचित चिकित्सा एवं पुनर्वास सेवाएं लेने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने तथा स्वास्थ्य एवं पुनर्वास के क्षेत्र में फिजियोथेरेपी की व्यापक भूमिका के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।
    उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश के विभिन्न जिला चिकित्सालयों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में निःशुल्क फिजियोथेरेपी शिविर तथा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों एवं पुनर्वास केंद्रों में फिजियोथेरेपिस्ट की सेवाएं ली जा रही हैं, जिससे स्वास्थ्य एवं पुनर्वास सेवाओं को ग्रामीण स्तर तक पहुंचाने में सहायता मिल रही है।

    कार्यक्रम में फिजियोथेरेपी विभाग के प्रभारी डॉ. असलम जमाली ने कहा कि प्रत्येक चार में से एक व्यक्ति को अपने जीवनकाल में स्ट्रोक होने की संभावना रहती है, जबकि अधिकांश स्ट्रोक के जोखिम को प्रभावी जीवनशैली एवं स्वास्थ्य प्रबंधन के माध्यम से कम किया जा सकता है। उन्होंने नियमित व्यायाम एवं शारीरिक सक्रियता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सप्ताह में पांच दिन लगभग 30 मिनट का नियमित व्यायाम स्ट्रोक के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकता है। उन्होंने संदेश दिया कि “ज्यादा चलें और सक्रिय रहें, बैठे कम” को दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। नियमित व्यायाम से मांसपेशियां मजबूत होती हैं तथा शारीरिक क्षमता में सुधार होता है। 

    न्यूरोमेडिसिन के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. रचित राज सक्सेना ने “मैनेजमेंट ऑफ स्ट्रोक” विषय पर पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से जानकारी दी। उन्होंने स्ट्रोक के उपचार में समय पर चिकित्सा सहायता प्राप्त करने के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि स्ट्रोक के लक्षण दिखाई देने पर मरीज को तत्काल अस्पताल पहुंचाना आवश्यक है। उन्होंने स्ट्रोक के प्रारंभिक उपचार में समय की महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी।

    न्यूरो सर्जरी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. सौरभ गुप्ता ने अपने प्रस्तुतीकरण में सर्जरी के पश्चात मरीज के पुनर्वास में फिजियोथेरेपिस्ट की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मरीज को पुनः शारीरिक रूप से सक्षम एवं आत्मनिर्भर बनाने में फिजियोथेरेपिस्ट की सहभागिता भी महत्वपूर्ण होती है।

    फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. नेहल शाह ने “स्ट्रोक रिहैबिलिटेशन में न्यूरोप्लास्टिसिटी का महत्व” विषय पर प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि न्यूरोप्लास्टिसिटी के माध्यम से मस्तिष्क के स्वस्थ क्षेत्र स्ट्रोक अथवा चोट के कारण प्रभावित हुए कार्यों की भरपाई एवं पुनर्गठन में सहायता कर सकते हैं। नियमित अभ्यास एवं व्यायाम से नए तंत्रिका मार्गों को मजबूत करने, मस्तिष्क के अनुकूलन को बढ़ावा देने तथा रिकवरी की प्रक्रिया को बेहतर बनाने में सहायता मिलती है। उन्होंने स्ट्रोक से उबर रहे मरीजों के लिए अर्ली न्यूरो-रिहैबिलिटेशन को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। 

    कार्यक्रम के दौरान हृदय रोग एवं स्ट्रोक की रोकथाम के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से फिजियोथेरेपी के विद्यार्थियों द्वारा नाटक का मंचन किया गया। कार्यक्रम में फिजियोथेरेपी विभाग के चिकित्सकों का सम्मान कर विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए गए।

    इस अवसर पर न्यूरो-सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. संदीप सोरते, मिनी यूनिट को-ऑर्डिनेटर डॉ. रोमा रस्तोगी, डॉ. अंजलि शर्मा, डॉ. सीमा नवेद, डॉ. महेश राठौर, देवेंद्र सिंह सहित संस्थान के चिकित्सक, अधिकारी-कर्मचारी एवं विद्यार्थीगण उपस्थित रहे।