Category: मध्य प्रदेश

  • मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध हथियारों के मामले में बड़ी कार्रवाई

    मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध हथियारों के मामले में बड़ी कार्रवाई

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध हथियारों के निर्माण, तस्करी, परिवहन एवं अवैध रूप से हथियार रखने वालों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की सतर्कता, त्वरित कार्रवाई और मजबूत सूचना तंत्र के परिणामस्वरूप पिछले दो सप्ताह में छतरपुर, खरगोन, ग्वालियर, इंदौर एवं मुरैना पुलिस द्वारा की गई कार्रवाइयों में कुल 48 अवैध फायर आर्म्स, जिंदा राउंड, खाली खोखा, हथियार निर्माण में प्रयुक्त उपकरण एवं वाहन जब्त किए गए हैं। पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों से अवैध हथियारों के स्रोत एवं इनके नेटवर्क के संबंध में पूछताछ की जा रही है।

    खरगोन

    थाना बिस्टान पुलिस ने अवैध फायर आर्म्स के निर्माण एवं तस्करी से जुड़े फरार आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस पूछताछ में आरोपी की निशानदेही पर ग्राम सिगनूर में नहर के पास छिपाकर रखी 10 अवैध देशी पिस्टल, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 2 लाख 50 हजार रूपये है, तथा पिस्टल निर्माण में प्रयुक्त ग्राइंडर, सांड़सी, कानस, पेचकस एवं हथौड़ी आदि संसाधन जब्त किए गए है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी के विरुद्ध पूर्व से 11 आर्म्स एक्ट के प्रकरण दर्ज पाए गए। इसके अतिरिक्त खरगोन पुलिस द्वारा अवैध फायर आर्म्स की तस्करी/परिवहन के विरुद्ध की गई एक अन्य कार्रवाई में 01 आरोपी को गिरफ्तार कर 10 अवैध पिस्टल एवं 01 मोटरसाइकिल जब्त की गई। दोनों कार्रवाइयों में खरगोन पुलिस ने कुल 20 अवैध पिस्टल जब्त की हैं।

    ग्वालियर

    अवैध हथियार रखने एवं सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन करने वाले बदमाशों के विरुद्ध चलाए जा रहे “ऑपरेशन ईगल” के तहत ग्वालियर पुलिस ने व्यापक कार्रवाई करते हुए जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से 15 आरोपियों/विधि-विरुद्ध बालकों को अभिरक्षा में लिया। कार्रवाई में 315 बोर के 14 देशी कट्टे, 15 जिंदा राउंड, 01 खाली खोखा तथा 32 बोर की 01 पिस्टल एवं 05 जिंदा राउंड बरामद किए गए। कार्रवाई के दौरान महाराजपुरा, मुरार, पनिहार, उटीला, डबरा देहात, पुरानी छावनी, गोला का मंदिर, झांसीरोड, सिरोल, हजीरा, बिजौली, कंपू एवं थाटीपुर थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमों द्वारा प्रभावी कार्रवाई की गई।

    इसके अतिरिक्त थाना इंदरगंज, गोला का मंदिर, महाराजपुरा एवं डबरा सिटी पुलिस द्वारा अलग-अलग 04 कार्यवाहियों में अवैध हथियारों का प्रदर्शन एवं वारदात की फिराक में घूम रहे आरोपियों/विधि-विरुद्ध बालकों को अभिरक्षा में लेकर कुल 04 अवैध देशी कट्टे/पिस्टल एवं जिंदा राउंड बरामद किए गए।

    छतरपुर

    थाना लवकुशनगर पुलिस ने ग्राम किशनपुरा में अवैध हथियार निर्माण की सूचना पर कार्रवाई करते हुए अवैध हथियार निर्माण की दो फैक्ट्रियों का खुलासा किया। कार्रवाई में निर्माता एवं विक्रेता सहित 02 अंतरराज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। दोनों स्थानों से 315 बोर एवं 12 बोर के देशी कट्टे, अधबने हथियार, अधबने कट्टों के साँचे एवं नाल सहित हथियार निर्माण में प्रयुक्त बड़ी संख्या में उपकरण एवं संसाधन जब्त किए गए। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों द्वारा मध्य प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश में अवैध हथियारों का निर्माण कर बिक्री किए जाने की जानकारी सामने आई है। गिरफ्तार आरोपियों में से एक के विरुद्ध पूर्व में अवैध शराब से संबंधित 02 अपराध भी पंजीबद्ध होना पाया गया।

    इंदौर

    क्राइम ब्रांच इंदौर ने अवैध फायर आर्म्स की तस्करी एवं परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 02 आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 03 देशी पिस्टल, 01 देशी कट्टा, 04 जिंदा कारतूस तथा 01स्कूटी जब्त की गई। जब्त मशरुका की कुल अनुमानित कीमत करीब 1 लाखरुपये है। प्रारंभिक जांच में दोनों आरोपियों के विरुद्ध पूर्व से आपराधिक प्रकरण दर्ज होना पाया गया है। पुलिस द्वारा आरोपियों से अवैध हथियारों की आपूर्ति एवं नेटवर्क के संबंध में पूछताछ की जा रही है।

    मुरैना

    थाना पोरसा पुलिस ने फायरिंग के गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना के 24 घंटे के भीतर 04 वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त 315 बोर के 03 अवैध देशी कट्टेएवं मोटरसाइकिल, जिनकी अनुमानित कीमत 2 लाख रूपये से अधिक है, जब्त की गई।

    मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा अवैध हथियारों के निर्माण एवं तस्करी के स्रोतों तक पहुंचकर कार्रवाई करने के साथ ही हथियार रखने वाले बदमाशों की लगातार निगरानी एवं धरपकड़ की जा रही है। अवैध हथियारों के नेटवर्क को जड़ से समाप्त करने और प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए मध्य प्रदेश पुलिस की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

     

  • कानून-व्यवस्था सुदृढ़ रहे, असामाजिक तत्वों पर हो कठोर कार्रवाई

    कानून-व्यवस्था सुदृढ़ रहे, असामाजिक तत्वों पर हो कठोर कार्रवाई

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सागर जिले के बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में अवैध शराब से लोगों की हुई मृत्यु के प्रकरण में कठोरतापूवर्क कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाए। जिले में नशा मुक्ति अभियान भी चलाया जाए जिससे ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने मृतकों के प्रति अपनी शोक संवेदना भी व्यक्त की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि क्षेत्र में अवैध शराब सामग्री को जब्त करने की कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज सागर के बुन्देलखंड मेडिकल चिकित्सा महाविद्यालय के सभागार में जनप्रतिनिधियों, पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य शासन अपराध और असामाजिक गतिविधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जिले के साथ-साथ आस-पास और सीमावर्ती क्षेत्रों में गहन जांच अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा जहाँ कहीं भी शंका या संदिग्ध गतिविधि की गुंजाइश हो, वहाँ तत्परता से पड़ताल की जाए और सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को कहा कि पूरी प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखना अनिवार्य है। उन्होंने कहा अपराधियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो, लेकिन यह सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है कि किसी निर्दोष के विरुद्ध कार्रवाई नहीं हो।

    अफवाह फैलाने वालों पर करे सख्त कार्रवाई

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शांति एवं सौहार्द बिगाड़ने की मंशा से सोशल मीडिया या अन्य विभिन्न माध्यमों पर अनावश्यक अफवाह फैलाने वाले तत्वों पर पैनी नजर रखने और उनके खिलाफ कठोर दंडात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

    समाज को साथ लेकर चलेगा नशा विरोधी अभियान

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में नशा विरोधी अभियान को गति देने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि नशे के अवैध कारोबार को पूरी तरह ध्वस्त किया जाए। साथ ही, नशा मुक्ति के क्षेत्र में कार्यरत स्वयंसेवी संस्थाओं और सामाजिक संगठनों को साथ लेकर जनजागरूकता और नशा मुक्ति के प्रभावी कार्यक्रम संचालित किए जाएं।

    प्रदेश में कठोर कानून का है प्रावधान

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार के रहते हुए, पूर्व मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान के समय कठोर कानून बनाया गया कि इसमें धारा 49 और बाकी 304 जोड़ते हुए हत्या से लेकर आजीवन कारावास और फांसी तक की सजा देने का प्रावधान है। इस प्रकार की घटना में लिप्त है, उन पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। हमने प्रशासन को फ्री हैंड दिया है कि वह उस पर कठोर से कठोर कार्रवाई करें, जिनके अवैध अतिक्रमण हैं या अलग से किसी ने इस प्रकार से अपना साम्राज्य चलाया है, उस पर भी काम करें।

    नशा मुक्ति के लिए सबको मिलकर प्रयास करने की जरूरत

    हमने पूरे राज्य में निर्देश जारी किए हैं कि नशा मुक्ति अभियान चलाने के लिए धार्मिक संस्थाओं के साथ, सामाजिक संस्थाओं के साथ-साथ अलग-अलग स्तर पर शासन की ओर से भी नशा मुक्ति के अभियान चलाने की आवश्यकता है। हम सबको इससे निपटने के लिए सामाजिक स्तर पर भी प्रतिबद्धता की जरूरत पड़ेगी।

    मुख्यमंत्री ने अस्पताल के वार्डों में जाकर जाना बंडा के प्रभावितों का हाल, परिजन को बंधाया ढांढस

    बंडा के अवैध शराब मामले के प्रभावितों को त्वरित राहत देने और उनका ढांढस बंधाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव सागर स्थित बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उन्होंने अस्पताल के वार्डों में जाकर भर्ती मरीजों का कुशलक्षेम जाना और पीड़ित परिवारों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने परिजन से कहा कि सरकार हर स्थिति में आपके साथ है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रत्येक मरीज के पास जाकर उनके स्वास्थ्य की स्थिति देखी। पीड़ितों के परिजनों से पूछा—"परिवार में कौन-कौन है? चिंता मत करिए, सरकार हर स्थिति में आपके साथ खड़ी है।" निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने बीएमसी के प्रभारी डीन, अधीक्षक और वरिष्ठ चिकित्सकों से पीड़ितों को सर्वोत्तम इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है। साथ ही आवश्यक दवाओं, टेस्ट और विशेषज्ञों की तैनाती 24 घंटे सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

    इस दौरान दमोह सांसद  राहुल सिंह लोधी, रहली विधायक  गोपाल भार्गव, खुरई विधायक  भूपेन्द्र सिंह, सागर विधायक  शैलेन्द्र जैन, नरयावली विधायक  प्रदीप लारिया, बंडा विधायक  वीरेन्द्र सिंह लोधी, बीना विधायक मती निर्मला सप्रे, देवरी विधायक  ब्रज बिहारी पटेरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष  हीरा सिंह राजपूत,  श्याम तिवारी, महापौर मती संगीता तिवारी, नगर निगम अध्यक्ष  वृन्दावन अहिरवार अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, डाक्टर्स, मौजूद थे।

     

  • 2030 तक देश में हर साल 20 लाख कैंसर मरीज! जितेंद्र सिंह ने जताई चिंता, विदिशा में इलाज की सुविधा शुरू

    2030 तक देश में हर साल 20 लाख कैंसर मरीज! जितेंद्र सिंह ने जताई चिंता, विदिशा में इलाज की सुविधा शुरू

    विदिशा 
     देश में पिछले साल 2025 में कुल 12 लाख नए कैंसर रोगी पाए गए. अनुमान है कि साल 2030 तक देश में हर साल 20 लाख कैंसर रोगी मिलेंगे. देश में बढ़ते कैंसर के खतरे पर केंद्रीय परमाणु ऊर्जा राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने ये बात कही. विदिशा मेडिकल कॉलेज में कैंसर डे-केयर सेंटर के शुभारंभ अवसर डॉ. जितेंद्र सिंह बोल रहे थे। 

    विदिशा में लगे कैंप से पता चला खतरा कितना बड़ा
    विदिशा स्थित अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में कैंसर रोगियों के सुलभ और आधुनिक इलाज के लिए कैंसर कीमोथेरेपी डे-केयर सेंटर का शुभारंभ हुआ. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया "मुझे पता चला है कि विदिशा में इसी साल जून में आयोजित कैंप में 3 हजार लोगों की जांच की गई. इसमें 600 लोगों में कैंसर कन्फर्म हुआ. इसके अलावा 250 लोग कैंसर के सस्पेक्ट मिले. ये आंकड़े बताते हैं कि कितना बड़ा खतरा हमारे सामने है. सरकार का प्रयास है कि आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं और उन्नत मेडिकल टेक्नोलॉजी का लाभ देश के अंतिम छोर पर बैठे हर नागरिक तक पहुंचे। 

    जीवनशैली में बदलाव लाने पर जोर
    केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा "विदिशा जैसे क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर इस प्रकार के डे-केयर मॉडल की शुरुआत अत्यंत सराहनीय और क्रांतिकारी कदम है. कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों और उनके परिवारों को बड़े शहरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं. अब इस डे-केयर सेंटर के शुरू होने से दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को लाभ मिलेगा. देश में कैंसर के संदिग्ध मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. इलाज के साथ लोगों को जीवनशैली में बदलाव करने और कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाने की जरूरत है। 

    डे केयर सेंटर में बैठेंगे विशेषज्ञ डॉक्टर
    इस मौके पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा "विदिशा में कैंसर डे-केयर सेंटर प्रारंभ होने से विदिशा, रायसेन, सीहोर और आसपास के ग्रामीण अंचलों के कैंसर पीड़ितों को कीमोथेरेपी और प्रारंभिक उपचार के लिए भोपाल, इंदौर, दिल्ली या मुंबई जैसे बड़े शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. डे-केयर मॉडल के तहत मरीज सुबह अस्पताल आकर विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में कीमोथेरेपी व दवाइयां प्राप्त कर सकेंगे. कैंसर की अगर समय पर पहचान हो जाए तो इसका इलाज संभव है। 

    विदिशा में बनेगा कैंसर अस्पताल : शिवराज
    शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की "आने वाले समय में यहां रेडियोथेरेपी सहित अन्य उन्नत चिकित्सा सुविधाएं विकसित की जाएंगी. विदिशा में पूर्ण कैंसर अस्पताल स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा. टाटा मेमोरियल सेंटर (मुंबई) के मार्गदर्शन और एम्स भोपाल के तकनीकी समन्वय से ये सेंटर संचालित किया जाएगा. भविष्य के पूर्ण अस्पताल के लिए भूमि चिह्नित करने की प्रक्रिया भी जारी है। 

  • ग्वालियर स्टेशन पर पैंट्री कारों का औचक निरीक्षण; लावारिस खानपान सामग्री जब्त, तीन ट्रेनों की पैंट्री की हुई सघन जांच

    ग्वालियर स्टेशन पर पैंट्री कारों का औचक निरीक्षण; लावारिस खानपान सामग्री जब्त, तीन ट्रेनों की पैंट्री की हुई सघन जांच

    ग्वालियर/झाँसी। मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार के मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अमन वर्मा के निर्देशन में यात्रियों को स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण खानपान सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आज दिनांक 09.09.2026 को सहायक वाणिज्य प्रबंधक/ ग्वालियर आर के वर्मा के नेतृत्व में ग्वालियर स्टेशन से गुजरने वाली ट्रेनों की पैंट्री कारों का औचक निरीक्षण किया गया। इस सघन जांच अभियान के दौरान ट्रेन संख्या 18237 (संचालक: मेसर्स आर के एसोसिएट्स एंड होटलियर्स प्राइवेट लिमिटेड), ट्रेन संख्या 16787 (संचालक: मेसर्स चंद्र मौली मिश्रा) तथा ट्रेन संख्या 11077 (संचालक: मेसर्स आर के एसोसिएट्स एंड होटलियर्स प्राइवेट लिमिटेड) की पैंट्री कारों की गहनता से पड़ताल की गई।

    निरीक्षण के दौरान ग्वालियर स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 2/3 पर कुछ खानपान सामग्री (कैटरिंग मटेरियल) लावारिस हालत में रखी पाई गई। उपस्थित अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए लावारिस सामग्री को तुरंत जब्त किया और उसे एलपीओ संख्या 88 (दिनांक 09/09/2026) के तहत विधिवत जमा करवा दिया।

     

  • सेवा संकल्प एवं समर्पण के तहत भाजपा मंडल बिलासपुर की मासिक बैठक एवं कार्यशाला संपन्न

    सेवा संकल्प एवं समर्पण के तहत भाजपा मंडल बिलासपुर की मासिक बैठक एवं कार्यशाला संपन्न

    बिलासपुर। उमरिया जिले के बिलासपुर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत बिलासपुर में सेवा संकल्प एवं समर्पण अभियान के तहत भारतीय जनता पार्टी मंडल बिलासपुर की मासिक बैठक एवं कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा एवं संगठनात्मक गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

    बैठक में मंडल प्रभारी प्रीति रामनारायण पयासी, पूर्व किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष कमलेश गुप्ता, मंडल अध्यक्ष पुष्पेंद्र सोनी, महामंत्री बिनायक तिवारी एवं सोहन कोल, मंडल उपाध्यक्ष राकेश तिवारी सहित विभिन्न मोर्चों के पदाधिकारी एवं भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

    कार्यक्रम के दौरान मंडल प्रभारी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से 18 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले विभिन्न सेवा एवं संगठनात्मक कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी कार्यकर्ताओं को दी गई। साथ ही आगामी कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए कार्यकर्ताओं से सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया गया।

    बैठक में ओबीसी मोर्चा मंडल अध्यक्ष अंजली राय, एससी मोर्चा मंडल अध्यक्ष दिनेश झरिया, एसटी मोर्चा मंडल अध्यक्ष महाजन सिंह टेकाम, महिला मोर्चा से निर्मला सिंह, सरोज सोनी सहित भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता मौजूद रहे।

  • MP की निवेश क्षमता से रूबरू हुआ दुनिया का उद्योग जगत, दुबई दौरे में ₹53 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले

    MP की निवेश क्षमता से रूबरू हुआ दुनिया का उद्योग जगत, दुबई दौरे में ₹53 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले

    मध्यप्रदेश निवेशकों का भरोसेमंद साथी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुबई में दुनिया के उद्योग जगत को दिया न्योता
    मध्यप्रदेश की निवेश क्षमता से रूबरू हुआ वैश्विक उद्योग जगत
    लगभग 53 हजार करोड़ से अधिक का निवेश प्रस्ताव प्राप्त

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का 6 से 8 सितंबर का दुबई दौरा मध्यप्रदेश की निवेश रणनीति को वैश्विक मंच पर नए विस्तार देने वाला रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशा निवेश के साथ तकनीक, बाजार, निर्यात और रोजगार को जोड़कर मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश एवं विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बनाना है। एआईएम कांग्रेस-2026 में मुख्यमंत्री डॉ यादव ने मध्यप्रदेश को केवल निवेश के गंतव्य के रूप में नहीं, बल्कि वैश्विक कंपनियों और निवेशकों के लिए दीर्घकालिक साझेदार के रूप में प्रस्तुत किया। दुबई प्रवास के दौरान लगभग 53 हजार करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए है। यूएई के शीर्ष मंत्रियों, तातारस्तान के नेतृत्व, विश्व बैंक और डीपी वर्ल्ड, क्रिसेंट एंटरप्राइज़, जेम्स एजुकेशन, शराफ ग्रुप, चोइथराम्स, राणा होल्डिंग्स, वीएफएस ग्लोबल और BEEAH जैसी कंपनियों के साथ हुई बैठकों में लॉजिस्टिक्स, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, एआई एवं डिजिटल टेक्नोलॉजी, ग्रीन एनर्जी, ई-मोबिलिटी, फार्मा, शिक्षा, पर्यटन, स्वास्थ्य, आधुनिक विनिर्माण और वेस्ट-टू-एनर्जी जैसे क्षेत्रों में निवेश और तकनीकी साझेदारी की संभावनाएं खुलीं।

    दुबई ने मध्यप्रदेश में पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र का अध्ययन करने के लिए प्रतिनिधिमंडल भेजने, विमानन संपर्क बढ़ाने तथा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में उच्चस्तरीय निवेशक दल के साथ भागीदारी की दिशा में सहमति जताई, वहीं विश्व बैंक ने एआई और डिजिटल गवर्नेंस परियोजनाओं में सहयोग में रुचि दिखाई। डीपी वर्ल्ड और शराफ ग्रुप के साथ मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स, BEEAH के साथ कचरा प्रबंधन एवं वेस्ट-टू-एनर्जी, GEMS के साथ एजुकेशन और कौशल विकास तथा चोइथराम्स के साथ रिटेल और फूड प्रोसेसिंग की संभावनाओं ने दौरे को ठोस कारोबारी अवसरों से जोड़ा। शारजाह चैंबर के साथ बिजनेस फोरम और यूएई के साथ निवेश राउंडटेबल की पहल के साथ मध्यप्रदेश ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि अब लक्ष्य केवल पूंजी आकर्षित करना नहीं, बल्कि पूंजी, तकनीक, बाजार, रोजगार और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को मध्यप्रदेश से जोड़ना है।

    ग्लोबल निवेश मानचित्र पर सशक्त होता मध्यप्रदेश

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एआईएम कांग्रेस-2026 में दुनिया के निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश का न्योता दिया और सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया।

                 25 से अधिक नई नीतियां: निवेश और कारोबार को आसान बनाने के लिए 25 से अधिक नयी नीतियां और 2700 से अधिक अप्रासंगिक कानून समाप्त।

                 MSME में 1.10 करोड़ रोजगार: प्रदेश में MSME सेक्टर में 1.10 करोड़ से अधिक लोग कार्यरत।

                 76 हजार करोड़ रूपए से अधिक निर्यात: वर्ष 2026-27 में मध्यप्रदेश से 76 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात।

                 भविष्य के सेक्टरों पर फोकस: AI, डेटा, ड्रोन, डिफेंस, साइंस सिटी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को निवेश के नए क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।

                 तीन नए आईटी पार्क: रीवा, इंदौर और उज्जैन में तीन नए आईटी पार्क विकसित किए जा रहे हैं।

                 भूमि-बिजली-पानी की ताकत: पर्याप्त लैंड बैंक, भूमि, सरप्लस बिजली, जल संसाधन और ग्रीन एनर्जी की उपलब्धता को निवेश की बड़ी ताकत बताया।

                 अंतर्राष्ट्रीय कनेक्टिविटी: भोपाल और इंदौर से अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें; चार नए एयरपोर्ट विकसित करने की तैयारी।

                 कृषि से ग्लोबल फूड चेन तक: फूड प्रोसेसिंग, कोल्ड चेन, ग्रेडिंग, भंडारण और कृषि निर्यात में यूएई और खाड़ी बाजार को लक्ष्य।

                 टेक्सटाइल की वैश्विक ब्रांडिंग: चंदेरी और महेश्वरी को आधुनिक टेक्सटाइल पार्क व गारमेंट निर्माण से जोड़ने की योजना।

                 लॉजिस्टिक्स में बड़े अवसर: डीपी वर्ल्ड के साथ पवारखेड़ा में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब की संभावनाएं।

                 शराफ ग्रुप का प्रस्ताव: मध्यप्रदेश में रेल-साइडिंग आधारित लॉजिस्टिक्स पार्क के लिए 30–50 मिलियन डॉलर निवेश की संभावना और 300–600 रोजगार का अवसर।

                 जेम्स एजुकेशन : मध्यप्रदेश के प्रमुख एवं उभरते शहरों में अंतर्राष्ट्रीय K-12 स्कूल और कौशल विकास केंद्रों की संभावनाएं।

                 क्रिसेंट एंटरप्राइज़ेज़ : लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, ऊर्जा, शहरी अधोसंरचना और तकनीकी सहयोग पर चर्चा।

                 राणा हॉल्डिंग्स : स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर, ग्रीन हाइड्रोजन, ग्रीन एनर्जी, ई-मोबिलिटी और कृषि मशीनरी में संभावनाएं।

                 चोइथराम्स : आधुनिक रिटेल, सुपरमार्केट, फूड प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और स्थानीय किसानों से सीधी खरीद की संभावना।

                 बी-आह के साथ हरित साझेदारी: वेस्ट मैनेजमेंट, वेस्ट-टू-एनर्जी, सर्कुलर इकोनॉमी और स्मार्ट सिटी मॉडल में सहयोग।

                 इंदौर मॉडल का विस्तार: ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और बायो-सीएनजी मॉडल को वैश्विक तकनीक से जोड़ने की पहल।

                 यूएई का पर्यटन दल: होटल, हॉस्पिटैलिटी और पर्यटन निवेश की संभावनाएं तलाशने यूएई का प्रतिनिधिमंडल मध्यप्रदेश आएगा।

                 विमानन सहयोग: मध्यप्रदेश और यूएई के बीच एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने पर सहमति की दिशा में पहल।

                 विश्व बैंक से AI सहयोग: एआई और डिजिटल गवर्नेंस परियोजनाओं में वित्तीय एवं तकनीकी सहयोग की संभावनाएं।

                 तातारस्तान से साझेदारी: एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, पेट्रोकेमिकल्स, फूड प्रोसेसिंग, इंजीनियरिंग, लॉजिस्टिक्स और आधुनिक तकनीक में सहयोग; जीआईएस-2027 का निमंत्रण।

                 इथियोपिया से आर्थिक सहयोग: कृषि, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, फार्मा, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और ऊर्जा में निवेश की संभावनाएं।

                 रस-अल-खैमा से औद्योगिक सहयोग: सिरेमिक, निर्माण सामग्री, फार्मा, मेडिकल डिवाइस, पर्यटन, फूड प्रोसेसिंग, लॉजिस्टिक्स और नवीकरणीय ऊर्जा में साझेदारी।

                 शारजाह चैंबर के साथ बिजनेस फोरम: ‘एमपी-शारजाह बिजनेस फोरम’ की पहल और मध्यप्रदेश के एमएसएमई निर्यातकों को खाड़ी के खरीदारों से जोड़ने पर जोर।

                 ओडीओपी-जीआई की ग्लोबल ब्रांडिंग: चंदेरी, महेश्वरी, बाटिक, जरी-जरदोजी, बेल मेटल और ग्वालियर कारपेट को दुबई में वैश्विक बाजार के सामने प्रदर्शित किया गया।

                 अरब देशों तक पहुंच: अरब संसद अध्यक्ष से चर्चा; अरब निवेशकों को ऊर्जा, फार्मा, मेडिकल डिवाइस, टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, फूड प्रोसेसिंग और शहरी अधोसंरचना में निवेश का आमंत्रण।

                 जीआईएस-2027 केंद्र में: यूएई, तातारस्तान, इथियोपिया, अरब देशों और वैश्विक उद्योग जगत को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में भागीदारी का निमंत्रण।

                निवेश के साथ तकनीक, बाजार, निर्यात और रोजगार को जोड़कर मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश एवं विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बनाना।

                 मध्यप्रदेश ने दुबई में अपना ग्लोबल इन्वेस्टमेंट के लिये विजन रखा—मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एआईएम कांग्रेस-2026 के ‘इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन : मध्यप्रदेश’ सत्र में वैश्विक निवेशकों को प्रदेश में निवेश का न्योता दिया और मध्यप्रदेश की विश्वसनीय, पारदर्शी एवं निवेशक-अनुकूल नीतियों की जानकारी दी।

                 दुबई के प्रमुख निवेशकों और उद्योग समूहों से वन-टू-वन संवाद— मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डीपी वर्ल्ड, राणा होल्डिंग्स, जेम्स एजुकेशन, क्रेसेंट एंटरप्राइजेज, ब्यूमर्क कॉर्पोरेशन, शराफ ग्रुप, वीएफएस ग्लोबल, चोइथराम्स सहित प्रमुख वैश्विक कंपनियों के शीर्ष प्रतिनिधियों से सीधे निवेश पर चर्चा की।

                 डीपी वर्ल्ड के साथ पोवारखेड़ा को अंतरदेशीय लॉजिस्टिक्स हब बनाने की संभावना—मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और कोल्ड-चेन के जरिए किसानों, एफपीओ, एमएसएमई और उद्योगों के उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की योजना पर विमर्श।

                 जेम्स एजुकेशन मध्यप्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के K-12 स्कूल खोलने का इच्छुक—प्रदेश के प्रमुख एवं उभरते शहरों में आधुनिक स्कूल कैंपस स्थापित करने तथा विद्यार्थियों के कौशल विकास पर काम करने में रुचि।

                 चोइथराम्स समूह प्रदेश में आधुनिक रिटेल नेटवर्क विकसित करेगा—प्रमुख शहरों में सुपरमार्केट और आधुनिक किराना रिटेल केन्द्रों की स्थापना के साथ स्थानीय किसानों और उत्पादकों से सीधे खरीद तथा खाद्य प्रसंस्करण-पैकेजिंग को बढ़ावा देने पर सहमति।

                 ब्यूमर्क कॉर्पोरेशन ने कई क्षेत्रों में निवेश की इच्छा जताई—इंफ्रास्ट्रक्चर, हेल्थकेयर, टेक्नोलॉजी और ग्रीन एनर्जी में संभावनाएं तलाशने पर चर्चा।

                 राणा होल्डिंग्स के साथ भविष्य की तकनीक पर फोकस—स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर, ग्रीन एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, ई-मोबिलिटी और कृषि मशीनरी में निवेश की संभावनाओं पर विमर्श।

                 क्रेसेंट एंटरप्राइजेज ने ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स और शहरी अधोसंरचना में रुचि दिखाई—मध्यप्रदेश में वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी, तकनीक हस्तांतरण और दीर्घकालिक निवेश की संभावनाओं पर चर्चा।

                 यूएई के विदेश व्यापार राज्य मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद ज़ैयौदी के साथ उच्चस्तरीय वार्ता—भारत-यूएई सीइपीए के तहत गैर-तेल व्यापार, उन्नत तकनीक, सप्लाई चेन और सीमा-पार निवेश को गति देने पर सहमति।

                 यूएई का उच्चस्तरीय निवेश प्रतिनिधिमंडल मध्यप्रदेश आएगा—होटल एवं हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं का अध्ययन करने के लिए यूएई प्रतिनिधिमंडल के शीघ्र प्रदेश दौरे पर सहमति।

                 मध्यप्रदेश-यूएई निवेश सहयोग के लिए 5–10 क्रियान्वयन-तैयार परियोजनाओं की पहचान होगी—‘मध्यप्रदेश-यूएई इन्वेस्टमेंट राउंड टेबल’ आयोजित करने और परियोजनाओं के लिए समर्पित नोडल अधिकारियों की नियुक्ति का निर्णय; तीन माह में पहली समीक्षा।

                 तातारस्तान के साथ नई औद्योगिक साझेदारी का रास्ता खुला—रूसी गणराज्य तातारस्तान के प्रमुख रुस्तम मिन्निखानोव के साथ बैठक में एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, पेट्रोकेमिकल्स, फूड प्रोसेसिंग, इंजीनियरिंग, लॉजिस्टिक्स, कृषि, कौशल विकास और आधुनिक तकनीक में बी2बी एवं जी2जी सहयोग पर सहमति।

                 तातारस्तान का निवेश प्रतिनिधिमंडल जीआईएस-2027 में आएगा—तातारस्तान ने मध्यप्रदेश को ‘टाइम : रूस–भारत’ फोरम और प्रदर्शनी में सहभागिता का निमंत्रण दिया तथा आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्रतिनिधिमंडल के साथ भाग लेने की प्रतिबद्धता जताई।

                 विश्व बैंक के साथ एआई और डिजिटल परियोजनाओं पर संवाद—विश्व बैंक के डिजिटल एवं एआई मामलों के उपाध्यक्ष सांगबू किम के साथ बैठक में मध्यप्रदेश की एआई और डिजिटल गवर्नेंस परियोजनाओं के लिए फंडिंग एवं वित्तीय सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा।

                 पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी में यूएई की साझेदारी—यूएई के अर्थव्यवस्था एवं पर्यटन मंत्री अब्दुल्लाह बिन तौक अल मर्री ने मध्यप्रदेश में होटल एवं हॉस्पिटैलिटी निवेश की संभावनाओं के लिए विशेष प्रतिनिधिमंडल भेजने का आश्वासन दिया।

                 मध्यप्रदेश-यूएई हवाई संपर्क बढ़ाने में सहयोग—यूएई की ओर से मध्यप्रदेश और यूएई के बीच एविएशन ऑपरेशन्स के विस्तार में सहयोग का भरोसा; इससे पर्यटन, कार्गो और व्यापारिक आवागमन को गति मिलने की संभावना।

                 खनन, टेक्सटाइल, वन और पर्यटन में यूएई के साथ साझेदारी—इन क्षेत्रों में निवेश और नीतिगत सहयोग की संभावनाओं पर उच्चस्तरीय विमर्श।

                 बी-आह के साथ वेस्ट-टू-एनर्जी साझेदारी की संभावनाएं—शारजाह स्थित बी-आह मुख्यालय में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रुप सीईओ खालिद अल हुरैमल के साथ बैठक की; मध्यप्रदेश में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, वेस्ट-टू-एनर्जी, सर्कुलर इकोनॉमी और ग्रीन मोबिलिटी में निवेश एवं तकनीकी सहयोग पर चर्चा।

                 इंदौर के स्वच्छता मॉडल को वैश्विक साझेदारी से जोड़ने की पहल—बी-आह के साथ इंदौर के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और बायो-सीएनजी मॉडल को जोड़कर आधुनिक कचरा प्रबंधन और जीरो-वेस्ट लैंडफिल की दिशा में काम करने की संभावनाएं तलाशी गईं।

                 शारजाह चैंबर के साथ बिजनेस फोरम का प्रस्ताव—शारजाह चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के चेयरमैन अब्दुल्ला सुल्तान अल ओवैस से मुलाकात में उच्चस्तरीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के मध्यप्रदेश दौरे और ‘मध्यप्रदेश-शारजाह बिजनेस फोरम’ के गठन का प्रस्ताव।

                 एमपी के एमएसएमई और निर्यातकों को खाड़ी बाजार से जोड़ने की पहल—शारजाह चैंबर से प्रदेश के उत्पादकों को खाड़ी देशों के खरीदारों और वितरकों से जोड़ने में सहयोग मांगा गया।

                 फूड प्रोसेसिंग, कोल्ड चेन, लॉजिस्टिक्स, टेक्सटाइल, फार्मा, रिन्यूएबल एनर्जी और पर्यटन में निवेश के अवसर—शारजाह की कंपनियों को इन क्षेत्रों में निवेश के लिए आमंत्रित किया गया।

                 मध्यप्रदेश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों की ग्लोबल ब्रांडिंग—पीथमपुर और मंडीदीप जैसे औद्योगिक केंद्रों के साथ प्रदेश की औद्योगिक भूमि, कनेक्टिविटी, ऊर्जा, कुशल मानव संसाधन और निवेश-अनुकूल नीतियों को वैश्विक निवेशकों के सामने रखा गया।

                 मध्यप्रदेश की केंद्रीय भौगोलिक स्थिति को निवेश की ताकत के रूप में पेश किया गया—प्रदेश लगभग 1,000 किलोमीटर के दायरे में देश की करीब 60 प्रतिशत आबादी तक पहुंच प्रदान करता है, जिससे बड़े उपभोक्ता बाजार तक उत्पादों की तेज पहुंच संभव है।

                 लॉजिस्टिक्स और एक्सपोर्ट को नई दिशा देने पर जोर—सड़क, रेल और एयर कनेक्टिविटी, दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स और ICD/MMPL जैसी सुविधाओं के जरिए मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय और वैश्विक सप्लाई चेन से जोड़ने की रणनीति सामने रखी गई।

                 दुबई में मध्यप्रदेश के ओडीओपी और जीआई उत्पादों की वैश्विक ब्रांडिंग—चंदेरी, महेश्वरी, बैतूल बेल मेटल, उज्जैन बाटिक, भोपाल जरी-जरदोजी और ग्वालियर कारपेट सहित प्रदेश के विरासत उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी आयोजित की गई।

                 अरब देशों के साथ निवेश सहयोग का विस्तार—अरब संसद के अध्यक्ष मोहम्मद अहमद अल यामाही के साथ व्यापार, कृषि, पर्यटन, शिक्षा, लॉजिस्टिक्स, फार्मा, टेक्सटाइल, नवीकरणीय ऊर्जा और शहरी अधोसंरचना में सहयोग पर चर्चा।

                 मध्यपूर्व और अफ्रीका के 20 से अधिक देशों को जीआईएस-2027 का आमंत्रण—अरब संसद के माध्यम से अल्जीरिया, बहरीन, मिस्र, इराक, जॉर्डन, कुवैत, मोरक्को, ओमान, कतर, सऊदी अरब, यूएई सहित अनेक देशों के संसदीय नेतृत्व को मध्यप्रदेश आने का निमंत्रण।

                 वैश्विक निवेश नेटवर्क से सीधा संपर्क—एआईएम कांग्रेस के ‘टाइकून्स रात्रिभोज’ में सॉवरेन वेल्थ फंड्स, फैमिली ऑफिस, संस्थागत निवेशकों, वित्तीय संस्थानों और वैश्विक कॉरपोरेट नेतृत्व से मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संवाद।

                 जीआईएस-2027 को दुबई दौरे का बड़ा लक्ष्य बनाया गया—लगभग हर प्रमुख बैठक में मुख्यमंत्री ने अगले वर्ष मध्यप्रदेश में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए निवेशकों, कंपनियों, सरकारी प्रतिनिधियों और व्यापारिक संगठनों को आमंत्रित किया।

                 मध्यप्रदेश की निवेश नीति का केंद्रीय संदेश—‘नीति, नीयत और नेतृत्व’—मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वैश्विक निवेशकों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार पारदर्शी नीतियों, सिंगल-विंडो व्यवस्था और समयबद्ध सहयोग के साथ निवेशकों की हर संभव मदद के लिए तैयार है।

    छह से आठ सितंबर के दुबई प्रवास में मध्यप्रदेश ने निवेश आकर्षण को केवल ‘निवेश प्रस्तावों’ तक सीमित न रखते हुए यूएई, रूस, विश्व बैंक और वैश्विक कॉरपोरेट जगत के साथ लॉजिस्टिक्स, एआई, ग्रीन एनर्जी, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, फार्मा, शिक्षा, पर्यटन, वेस्ट-टू-एनर्जी और आधुनिक विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में दीर्घकालिक साझेदारी का रोडमैप प्रस्तुत किया।

     

  • MP की लाड़ली बहनों के लिए खुशखबरी! 40वीं किस्त में मिलेंगे ₹1500, पेमेंट स्टेटस और लाभार्थी सूची ऐसे करें चेक

    MP की लाड़ली बहनों के लिए खुशखबरी! 40वीं किस्त में मिलेंगे ₹1500, पेमेंट स्टेटस और लाभार्थी सूची ऐसे करें चेक

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश की 1.25 करोड़ से ज्यादा लाडली बहना योजना की लाभार्थियों के लिए सितंबर महीने की किस्त को लेकर इंतजार खत्म होने वाला है. दरअसल, राज्य सरकार से जुड़े सूत्रों और अधिकारियों के मुताबिक योजना की 40वीं किस्त 15 सितंबर 2026 तक बहनों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए भेज दी जाएगी. इस बार भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ही योजना के तहत मिलने वाली 1500 रुपये की राशि हर लाडली बहनों के खाते में ट्रांसफर करेंगे। 

    मुख्यमंत्री के विदेश दौरे से लौटते ही तय होगी तारीख
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने दुबई दौरे से 9 सितंबर को भोपाल वापस लौटेंगे. सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री के लौटने के बाद एक विशेष राज्य स्तरीय कार्यक्रम की तारीख तय की जाएगी, जिसमें बटन दबाकर 1.25 करोड़ से अधिक बहनों के खातों में एक साथ करोड़ों रुपये की राशि अंतरित की जाएगी। 

    पिछले महीने सभी बहनों को मिले थे 1750 रुपये
    रक्षाबंधन के मौके पर अगस्त महीने में मोहन सरकार ने बहनों को विशेष उपहार देते हुए 1750 रुपये की राशि जारी की थी. हालांकि, सितंबर महीने से नियमित रूप से मिलने वाले 1500 रुपये की किस्त भेजी जाएगी. मध्य प्रदेश कैबिनेट ने लाडली बहना योजना को अगले 5 वर्षों तक बिना किसी रुकावट के जारी रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, यानी ये योजना बिना किसी रुकावट के अगले पांच साल तक चलती रहेगी. इस पर सरकार 1,14,365 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट खर्च करेगी। 

    लाभार्थियों की लिस्ट में ऐसे चेक करें अपना नाम
    लाडली बहनों के किस्त का समय नजदीक आते ही महिलाओं को इस बात को लेकर चिंता बढ़ जाती है, कि कहीं उसका नाम कट तो नहीं गया है. दरअसल कई राज्य सरकार अपने यहां अपात्र महिलाओं की पहचान कर उनके नाम लाभार्थी सूची से हटा रही है. ऐसे लाडली बहना योजना की लाभार्थी आपका नाम स्वीकृत सूची में चेक कर सकती हैं. अगर आप भी अपना नाम चेक करना चाहते हैं तो मध्य प्रदेश सरकार के आधिकारिक पोर्टल cmladlibahna.mp.gov.in या https://cmladlibahna.mp.gov.in पर जाकर दो तरीकों से चेक कर सकती हैं। 

    फाइनल सूची में ऐसे चेक करें नाम

        मध्य प्रदेश सरकार की अधिकारिक वेबसाइट cmladlibahna.mp.gov.in पर जाएं. 
        मुख्य मेन्यू में दिए गए अंतिम सूची विकल्प पर क्लिक करें.
        अपना पंजीकृत मोबाइल नंबर और स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा कोड दर्ज करें.
        ओटीपी प्राप्त करें पर क्लिक करें और मोबाइल पर आए ओटीपी को वेरीफाई करें.
        अपना जिला, स्थानीय निकाय जैसे जनपद या नगर निगम फिर ग्राम पंचायत या वार्ड चुनें.
        स्क्रीन पर आपके क्षेत्र की पूरी लिस्ट खुल जाएगी, इसमें अपना नाम देखें.

    आवेदन और पेमेंट की स्थिति वाले लिंक पर जाकर अपना नाम चेक करें

        होमपेज पर आवेदन एवं भुगतान की स्थिति वाले विकल्प पर क्लिक करें.
        अपना 9 अंकों का समग्र सदस्य क्रमांक या ऑनलाइन पंजीयन क्रमांक दर्ज करें.
        कैप्चा कोड भरकर पंजीकृत मोबाइल पर आया ओटीपी दर्ज करें और सबमिट करें. 
        आपके आवेदन का स्टेटस, स्वीकृति और  किस्त के भुगतान की पूरी जानकारी स्क्रीन पर दिख जाएगी। 

  • हाइड्रो पावर का दमदार प्रदर्शन, अगस्त में लक्ष्य से 42 मिलियन यूनिट अधिक बिजली उत्पादन से बढ़ी रफ्तार

    हाइड्रो पावर का दमदार प्रदर्शन, अगस्त में लक्ष्य से 42 मिलियन यूनिट अधिक बिजली उत्पादन से बढ़ी रफ्तार

    पॉवर जनरेटिंग कंपनी की जल विद्युत इकाइयों ने पकड़ी रफ्तार, अगस्त में लक्ष्य से 42 मिलियन यूनिट अधिक उत्पादन

    भोपाल
    प्रदेश में मानसून की अच्छी बारिश का मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड (MPPGCL) की जल विद्युत इकाइयों को सीधा लाभ मिला है। कंपनी के जल विद्युत गृहों ने अगस्त में निर्धारित 339 मिलियन यूनिट के मुकाबले 380.90 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन कर लक्ष्य से करीब 42 मिलियन यूनिट अधिक उत्पादन दर्ज किया। इस दौरान जल विद्युत इकाइयों का प्लांट उपलब्धता कारक 83.40 प्रतिशत रहा।

    ‘रेडीनेस फर्स्ट’ रणनीति से वित्तीय वर्ष में भी लक्ष्य पार

    म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी के अंतर्गत प्रदेश में संचालित 10 जल विद्युत गृहों की कुल स्थापित क्षमता 915 मेगावाट है। चालू वित्तीय वर्ष में अगस्त माह के अंत तक 963 मिलियन यूनिट के निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध 983 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन हो चुका है। यानी कंपनी की जल विद्युत इकाइयां अब तक निर्धारित लक्ष्य से 20 मिलियन यूनिट आगे चल रही हैं। कंपनी ने चालू वित्तीय वर्ष में जल विद्युत गृहों के संचालन की रणनीति को ‘रेडीनेस फर्स्ट’ दृष्टिकोण पर केंद्रित किया है। इसके तहत मशीनरी, टरबाइन, जनरेटर और सहायक प्रणालियों के आवश्यक अनुरक्षण एवं तकनीकी परीक्षण समय रहते पूरे किए गए, जिससे मानसून के दौरान उपलब्ध जल संसाधनों का अधिकतम उपयोग किया जा सके।

    83.40 प्रतिशत रहा प्लांट फेक्टर

    अगस्त माह के अंत तक कंपनी की जल विद्युत इकाइयों का प्लांट उपलब्धता फेक्टर 83.40 प्रतिशत रहा। यह मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा निर्धारित 83.77 प्रतिशत वार्षिक मानक के करीब है। बेहतर उपलब्धता ने जल विद्युत गृहों को उपलब्ध जल के अनुरूप अधिकतम क्षमता से संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कंपनी द्वारा जल विद्युत गृहों की मशीनरी और महत्वपूर्ण प्रणालियों की निगरानी के साथ-साथ आवश्यक अनुरक्षण कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे उत्पादन के दौरान तकनीकी व्यवधान की संभावना को न्यूनतम रखा जा सके।

    समय पर तैयारी और तकनीकी अनुशासन से बढ़ी उत्पादन क्षमता

    कंपनी के डायरेक्टर टेक्निकल सुबोध निगम ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में विश्वसनीयता केवल स्थापित क्षमता पर निर्भर नहीं करती, बल्कि समय पर की गई तैयारी, तकनीकी दक्षता और परिचालन अनुशासन भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। संभावित मौसमीय परिस्थितियों का पूर्व आकलन कर जल विद्युत गृहों को उच्च स्तर की निगरानी में संचालित किया गया, जिससे उपलब्ध जल संसाधनों का प्रभावी उपयोग संभव हुआ।

    मुख्य अभियंता जल विद्युत राजेन्द्र पटेल ने बताया कि सभी जल विद्युत गृहों में प्राथमिकता उपलब्ध जल संसाधनों का अधिकतम, कुशल और किफायती उपयोग सुनिश्चित करने की है। इसके साथ ही इकाइयों को उनकी तकनीकी क्षमता के अनुरूप उपलब्ध रखने पर लगातार निगरानी की जा रही है।

     

  • सरकारी कर्मचारियों के प्रमोशन पर हाईकोर्ट का अहम फैसला, 50% आरक्षण सीमा का करना होगा पालन

    सरकारी कर्मचारियों के प्रमोशन पर हाईकोर्ट का अहम फैसला, 50% आरक्षण सीमा का करना होगा पालन

    जबलपुर 

    प्रमोशन में आरक्षण को लेकर मंगलवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार को निर्देश दिए कि कर्मचारियों को प्रमोशन दिया जा सकता है, लेकिन आरक्षण की 50 प्रतिशत निर्धारित सीमा का उल्लंघन नहीं। 

    हाईकोर्ट ने प्रदेश के मुख्य सचिव को व्यक्तिगत रूप से यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि इस मामले या सुप्रीम कोर्ट में लंबित आरबी राय और जरनैल सिंह मामलों में फैसला आने तक प्रमोशन में आरक्षण की 50 प्रतिशत सीमा का सख्ती से पालन हो।

    अदालत ने कहा- प्रमोशन के लिए विचार का अधिकार, लेकिन आरक्षण की सीमा जरूरी

    सुनवाई के दौरान भोपाल की वेटरनरी सर्जन डॉ. स्वाति तिवारी सहित अन्य की ओर से दायर याचिकाओं पर बहस हुई। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से कर्मचारियों को लगातार प्रमोशन दिए जा रहे हैं। एक बार प्रमोशन मिलने के बाद संबंधित कर्मचारियों को बाद में पदावनत यानी रिवर्ट करना व्यावहारिक रूप से मुश्किल हो जाता है।

    वरिष्ठ अधिवक्ता ने आरबी राय मामले का हवाला देते हुए कहा कि स्पष्ट कानूनी स्थिति होने के बावजूद अब तक प्रभावित कर्मचारियों को रिवर्ट नहीं किया गया है।

    इंद्रा साहनी फैसले का हवाला
    डिवीजन बेंच ने सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक इंद्रा साहनी बनाम भारत संघ फैसले में निर्धारित 50 प्रतिशत आरक्षण की सीमा का उल्लेख किया। कोर्ट ने कहा कि कर्मचारियों को प्रमोशन के लिए विचार किए जाने का अधिकार है, लेकिन आरक्षण की निर्धारित 50 प्रतिशत ऊपरी सीमा का पालन भी जरूरी है। इसे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से पार नहीं किया जा सकता।

    कोर्ट ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि लंबित मामलों में अंतिम निर्णय आने तक प्रमोशन प्रक्रिया में 50 प्रतिशत आरक्षण की सीमा का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। मामले की अगली सुनवाई 1 दिसंबर को होगी।

    सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता प्रशांत सिंह और अतिरिक्त महाधिवक्ता जान्हवी पंडित ने सरकार का पक्ष रखा।

     

  • दुबई में MP के लिए निवेश जुटाने की कवायद तेज, CM मोहन यादव ने GIS-2027 के लिए दिया आमंत्रण

    दुबई में MP के लिए निवेश जुटाने की कवायद तेज, CM मोहन यादव ने GIS-2027 के लिए दिया आमंत्रण

     भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में ऊर्जा, अधोसंरचना, लॉजिस्टिक्स और नगरीय विकास के क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। मध्यप्रदेश, देश के मध्य में स्थित है और यहां का सड़क सम्पर्क, रेल तथा एयर कनेक्टिविटी देश के सभी स्थानों से सुगम है। देश के किसी भी कोने में मध्यप्रदेश से अपने उत्पाद पहुंचाना सरल और त्वरित है। प्रदेश में उपलब्ध बेहतर औद्योगिक अधोसंरचना, पर्याप्त ऊर्जा तथा स्किल्ड मैनपॉवर के कारण मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास की दृष्टि से हर तरह की संभावनाओं से परिपूर्ण प्रदेश है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुबई में आयोजित 'एआईएम कांग्रेस-2026' (एन्युअल इन्वेस्टमेंट मीटिंग) के तीसरे दिन 8 सितंबर को यूएई के प्रमुख निवेशकों और उद्यमियों के साथ वन-टू-वन मीटिंग की। इसके अंतर्गत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूएई के बिजनेस-फिलैंथ्रॉपी के लिए स्पेशल एनवॉय और क्रेसेंट एंटरप्राइजेज के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर बद्र जाफर, डीपी वर्ल्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिजवान सूमार, राणा होल्डिंग्स लिमिटेड के चेयरमैन-मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. दर्शन सिंह राणा, जेम्स एजुकेशन कंपनी के चेयरमैन-फाउंडर श्री सनी वर्की, ब्यूमर्क कॉर्पोरेशन लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन और सीईओ सिद्धार्थ बालाचंद्रन, शराफ ग्रुप के प्रेसिडेंट-सीईओ श्याम कपूर, वीएफएस ग्लोबल के वैश्विक प्रमुख अमित साइचर तथा सुपरमार्केट, वितरण और विनिर्माण क्षेत्र के प्रमुख बहुराष्ट्रीय समूह 'चोइथराम' के अध्यक्ष एल.टी. पगरानी से विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योग समूहों के प्रतिनिधियों को अगले वर्ष होने वाली ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट (जीआईएस)-2027 का निमंत्रण भी दिया।

    तकनीक आधारित उद्यमशीलता और स्टार्टअप को राज्य सरकार कर रही है प्रोत्साहित
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चर्चा के दौरान क्रेसेंट एंटरप्राइजेज के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर बद्र जाफर को प्रदेश के प्रमुख उत्पादन क्लस्टर्स के लिए वेयर हाऊसिंग, लॉजिस्टिक्स आदि के क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं से अवगत कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तकनीक आधारित उद्यमशीलता और स्टार्टअप के क्षेत्र में निवेश को राज्य सरकार निरंतर प्रोत्साहित कर रही है। जाफर ने शहरी अधोसंरचना विकास, सूचना प्रौद्योगिकी, संसाधनों के प्रभावी उपयोग, तकनीक हस्तांतरण के क्षेत्र में दीर्घ अवधि निवेश के संबंध में रूचि प्रकट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव तथा जाफर के बीच मध्यप्रदेश में एनर्जी और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नवाचार को लेकर विशेष रूप से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जाफर ने बताया कि क्रेसेंट ग्रुप ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, अधोसंरचना और दीर्घकालिक निवेश में रुचि रखने वाला बहुआयामी व्यापारिक समूह है। पेट्रोलियम और उद्यमिता क्रेसेंट के प्रमुख कार्यक्षेत्र हैं। कंपनी का मुख्यालय शारजाह में है।

    पोवारखेड़ा अंतरदेशीय लॉजिस्टिक्स के प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में होगा विकसित
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डीपी वर्ल्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिजवान सूमार के साथ चर्चा में लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन सहित कई विषयों पर बातचीत की। उल्लेखनीय है कि डीपी वर्ल्ड की इकाईयां मध्यप्रदेश में पहले से ही संचालित है तथा वह प्रदेश में गतिविधियों के विस्तार का इच्छुक है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सूमार ने बताया कि डीपी वर्ल्ड कंपनी एंड-टू-एंड सप्लाई चेन और व्यापार समाधानों की एकीकृत वैश्विक प्रदाता है। यह दुबई सरकार की 100% स्वामित्व वाली कंपनी है। कंपनी भारत सहित 80 देशों में काम कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पोवारखेड़ा लॉजिस्टिक्स कंपोजिट हब को अंतरदेशीय लॉजिस्टिक्स के प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में विकसित करने की संभावना है। प्रमुख औद्योगिक और कृषि क्लस्टरों को सेवा देने वाली मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और कोल्ड-चेन सुविधाओं से व्यापार-व्यवसाय गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा। कुशल रेल-आधारित माल ढुलाई के माध्यम से लॉजिस्टिक्स लागत और ट्रांसपोर्ट का समय कम करते हुए किसानों, एफपीओ, एमएसएमई और उद्योगों के लिए कार्गो समेकन, मूल्य संवर्धन और निर्यात सहायता प्रदान करने से प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक बाजारों से जोड़ा जा सकेगा, इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

    स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर्स, ग्रीन एनर्जी, ई-मोबिलिटी के क्षेत्र में निवेश पर हुई चर्चा
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राणा होल्डिंग्स लिमिटेड के चेयरमैन-मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. दर्शन सिंह राणा से मुलाकात की। दोनों के बीच मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। बैठक में स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर्स, ग्रीन एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, ई-मोबिलिटी और एग्रीकल्चरल मशीनरी पर फोकस किया गया।

    प्रदेश के प्रमुख शहरों में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के K-12 स्कूल कैंपस होंगे स्थापित
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जेम्स एजुकेशन कंपनी के चेयरमैन-फाउंडर सनी वर्की से मुलाकात के दौरान उन्हें प्रदेश के शिक्षा क्षेत्र के नवाचारों और प्रदेश में निवेश की संभावनाओं से अवगत कराया। उल्लेखनीय है कि जेम्स एजुकेशन कंपनी स्कूल शिक्षा, एजुकेशनल मैनेजमेंट और एज्युकेशन टेक्नोलॉजी सेक्टर में काम करती है। जेम्स एजुकेशन कंपनी ने मध्यप्रदेश के प्रमुख शहरों और विकासशील शहरों में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के K-12 स्कूल कैंपस स्थापित करने में रूचि प्रदर्शित की। इन स्कूलों में विद्यार्थियों में कौशल विकसित करने के लिए ट्रेनिंग भी दी जाएगी। कंपनी स्थानीय जरूरतों और भविष्य की लर्निंग आवश्यकताओं के अनुसार नेशनल और इंटरनेशनल करिकुलम को लागू करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सनी वर्की ने बताया कि उनकी कंपनी की स्थापना वर्ष 2000 में हुई थी। कंपनी मिडिल ईस्ट, एशिया, यूरोप और नॉर्थ अमेरिका में काम कर रही है। कंपनी का फोकस गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शिक्षक सशक्तिकरण और शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार पर है। इसका मुख्यालय दुबई में है।

    ब्यूमर्क कॉर्पोरेशन प्रदेश में निवेश का इच्छुक
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ब्यूमर्क कॉर्पोरेशन लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन और सीईओ सिद्धार्थ बालाचंद्रन से वन-टू-वन मीटिंग की। बालाचंद्रन ने इंफ्रास्ट्रक्चर, हेल्थ केयर, टेक्नोलॉजी, ग्रीन एनर्जी सहित कई सेक्टर में निवेश की इच्छा प्रकट की।

    शराफ ग्रुप मध्यप्रदेश में संचालन एवं प्रतिष्ठान स्थापित करने के लिए इच्छुक
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शराफ ग्रुप के प्रेसिडेंट-सीईओ श्याम कपूर से मुलाकात की। दोनों के बीच शिपिंग-लॉजिस्टिक्स, सप्लाई चेन सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में मध्यप्रदेश में रेल-साइडिंग युक्त लॉजिस्टिक्स पार्क स्थापित करने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। इसके लिए लगभग 30 से 50 मिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश का प्रस्ताव है। इस परियोजना से लगभग 300 से 600 लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। कंपनी इंदौर और पीथमपुर क्षेत्र में निवेश के लिए इच्छुक है। बैठक में मल्टीमोडल लॉजिस्टिक्स पार्क, आधुनिक वेयरहाउसिंग और रीजनल डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर्स का विकास किए जाने पर चर्चा हुई। कंपनी के प्रेसिडेंट कपूर ने बैठक में बताया कि कंपनी भारत में अपनी भारतीय सहायक कंपनी हिंद टर्मिनल्स प्राइवेट लिमिटेड (HTPL) के माध्यम से मौजूद है जो इनलैंड कंटेनर डिपो के संचालन के साथ-साथ ताजे कृषि उत्पादों के संरक्षण के लिए कोल्ड-चेन समाधान भी उपलब्ध कराती है। कंपनी भारत में 35 माल वाहक ट्रेनों और लगभग 900 ट्रकों का संचालन कर रही है। कंपनी मध्यप्रदेश में अपना संचालन एवं प्रतिष्ठान स्थापित करने के लिए विशेष रूप से इच्छुक है।

    भोपाल और इंदौर में वीज़ा सेवाओं का होगा विस्तार
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ वीएफएस ग्लोबल के वैश्विक प्रमुख अमित साइचर की सौहार्दपूर्ण एवं परिणामोन्मुखी बैठक संपन्न हुई। बैठक में राज्य में निवेश, रोजगार, वीज़ा सेवाओं की सुलभता, पर्यटन तथा युवाओं के कौशल विकास को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीएफएस ग्लोबल को भोपाल और इंदौर में वीज़ा आवेदन सेवाओं का दायरा बढ़ाने तथा क्षेत्रीय पहुंच को और अधिक सशक्त बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के युवाओं की रोजगार-योग्यता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। चर्चा के दौरान स्थानीय युवाओं के लिए उद्योग-उन्मुख यात्रा, पर्यटन और आतिथ्य (हॉस्पिटैलिटी) प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने पर विचार किया गया।

    चोइथराम समूह सुपरमार्केट और आधुनिक किराना रिटेल केन्द्रों की स्थापना का इच्छुक
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुपरमार्केट, वितरण और विनिर्माण क्षेत्र के प्रमुख बहुराष्ट्रीय समूह 'चोइथराम' के अध्यक्ष एल. टी. पगरानी से प्रदेश की निवेश नीतियों और व्यापारिक संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। दुबई मुख्यालय वाला चोइथराम समूह वर्ष 1943 से कार्यरत प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय समूह है। यूरोप, उत्तरी अमेरिका और अफ्रीका में मजबूत उपस्थिति रखने वाला यह समूह रिटेल, खाद्य सेवाओं, लॉजिस्टिक्स और ब्रांड वितरण में विशेषज्ञता रखता है। बैठक के दौरान राज्य में आधुनिक व्यापारिक अधोसंरचना के विकास पर सहमति बनी। समूह प्रदेश के प्रमुख शहरों में सुपरमार्केट और आधुनिक किराना-रिटेल प्रारूपों की स्थापना का इच्छुक है। औद्योगिक साझेदारी के तहत समूह मध्यप्रदेश के स्थानीय उत्पादकों और किसानों से सीधे कृषि व प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों की खरीद करेगा। स्थानीय कच्चे माल का उपयोग कर राज्य में खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग और निजी लेबल विनिर्माण को गति दी जाएगी।