Category: मध्य प्रदेश

  • नर्सिंग स्टूडेंट्स के रिजल्ट को लेकर डिप्टी CM शुक्ल सख्त, हाईकोर्ट के आदेश का प्राथमिकता से पालन करने को कहा

    नर्सिंग स्टूडेंट्स के रिजल्ट को लेकर डिप्टी CM शुक्ल सख्त, हाईकोर्ट के आदेश का प्राथमिकता से पालन करने को कहा

    नर्सिंग छात्रों के परीक्षा परिणाम के संबंध में उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने की समीक्षा

    हाईकोर्ट के आदेश के तारतम्य में आवश्यक कार्यवाही प्राथमिकता से सुनिश्चित करने के निर्देश

    छात्रों का हित सर्वोच्च प्राथमिकता, समाविष्ट संस्थानों को तत्काल सूचित कर परिणाम जारी करने की करें कार्यवाही

    भोपाल

    उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में नर्सिंग छात्रों के परीक्षा परिणाम से संबंधित विषय की समीक्षा करते हुए विभागीय अधिकारियों से वस्तुस्थिति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने उच्च न्यायालय के आदेश के तारतम्य में संबंधित प्रकरण में आवश्यक कार्यवाही को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि छात्रों का हित सर्वोच्च प्राथमिकता है। उच्च न्यायालय के आदेश के अनुरूप सभी आवश्यक प्रक्रियाएं निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण की जाएं, जिससे पात्र छात्रों को उनके परीक्षा परिणाम प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो।

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि समाविष्ट संस्थानों को प्राथमिकता से सूचित कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, जिससे संबंधित छात्रों के परीक्षा परिणाम जारी किए जा सकें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो और विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक कदम समन्वय के साथ उठाए जाएं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने अनसूटेबल कॉलेजों के छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें सूटेबल कॉलेजों से संबद्ध/संलग्न किए जाने के विषय में भी आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे विद्यार्थियों के शैक्षणिक हित प्रभावित न हों, इसके लिए नियमानुसार उपलब्ध विकल्पों पर शीघ्र कार्यवाही की जाए।

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि न्यायालयीन आदेश , विभागीय नियमों एवं विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रकरण का निराकरण प्राथमिकता से किया जाए। साथ ही, संबंधित संस्थानों एवं विश्वविद्यालय के बीच आवश्यक समन्वय सुनिश्चित करते हुए प्रक्रिया को सुचारू रूप से आगे बढ़ाया जाए। बैठक में आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा धनराजू एस, एमपीएनआरसी के रजिस्ट्रार डॉ. उपेन्द्र धोटे सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। मध्यप्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी के पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

     

  • हिन्दू महासभा ने काले झंडों के साथ प्रदर्शन कर केंद्र सरकार का पुतला जलाया ,

    हिन्दू महासभा ने काले झंडों के साथ प्रदर्शन कर केंद्र सरकार का पुतला जलाया ,

     ग्वालियर                                                                           
      कमर तोड़ महंगाई कम करने, विदेशी दो सौ पांच लाख करोड़ का कर्ज से मुक्ति दिलाने, डॉक्टरों पर लाठीचार्ज के विरोध में तथा मुख्य मंत्री के इशारे पर सनातनियों के प्रथम आराध्या श्री गणेश जी की प्रतिमा को की ऊंचाई कम करने की तानाशाही फरमान के विरोध में,गेंडे वाली सड़क पर एक हिन्दू परिवार को घर में मुस्लिम परिवार के लोगों को लहुलुहान हालत करने के बाद भी पुलिस रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। बिगड़ती हुई कानून व्यवस्था सुधारने, धार्मिक स्थलों का अधिग्रहण नहीं करने   को लेकर हिंदू महासभा ग्वालियर ने हिन्दू महासभा भवन, दौलतगंज में  10 सितंबर को सुबह ठीक 9-30 बजे काले झंडों को लगाकर विरोध प्रदर्शन करते हुए रामा मार्केट, नुक्कड़ चौराहे पर केंद्र सरकार का पुतला जलाकर विरोध प्रदर्शन किया गया ।          

       हिन्दू महासभा के जिला अध्यक्ष लोकेश शर्मा , युवक हिन्दू महासभा के जिला अध्यक्ष आनंद माहौर, युवा महामंत्री धर्मेंद्र बरेलिया ने कहां की मुख्यमंत्री के इशारे पर ग्वालियर में हिंदुओं के प्रथम आराध्य भगवान श्री गणेश जी की प्रतिमा को स्थापित करने वाले एवं मूर्ति कलाकारों को जिला एवं पुलिस प्रसारण द्वारा जबरदस्ती प्रतिमाओं की ऊंचाई कम करने का फरमान तानाशाही रवैया अपनाया जा रहा है जो हिंदुओं की भावनाओं के साथ कुठाराघात है जिसे हिंदू महासभा सहन नहीं करेगी।  मंहगाई से आम नागरिक त्राहि त्राहि कर रहा है और केंद्र सरकार डबल इंजन सरकार अनदेखी कर प्रदेश,देश पर लाखों  का कर्ज कर रही है। अपने हक की मांग करने पर खुलेआम डाक्टरों पर लाठीचार्ज किया जा रहा है। यदि तीन दिन में मांगें पूरी नहीं हुई तों हिन्दू महासभा लश्कर को आधे दिन के बन्द का आयोजन किया जाएगा। लश्कर बंद को लेकर दिनांक 11 सितंबर को सायं काल ठीक 6-00 बजे हिन्दू महासभा भवन दौलतगंज में बैठक अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ जयवीर भारद्वाज के मुख्य आतिथ्य में आयोजित की गई है।उपरोक्त मांगों को लेकर आंदोलन जारी रहेगा।           

      संचालन रोहित जाटव, राहुल गुप्ता ने किया।   10 सितंबर को डबल इंजन सरकार का उज्जेन में 170 बर्ष प्राचीन मंदिर खड़े हनुमान मंदिर सहित अन्य मंदिर हटाने को लेकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की सद्बुद्धि के लिए चामुंडा धाम कोटेश्वर मंदिर पर हिन्दू महासभा चामुंडा मंदिर समिति की महिलाओं ने श्री हनुमान चालीसा पाठ कर विरोध किया ।     
    जिला अध्यक्ष   

    लोकेश शर्मा ,                                                     

  • बलराम कृषि महोत्सव में CM डॉ. यादव का बड़ा संदेश- किसानों की खुशहाली से ही मजबूत होगा देश

    बलराम कृषि महोत्सव में CM डॉ. यादव का बड़ा संदेश- किसानों की खुशहाली से ही मजबूत होगा देश

    किसानों की समृद्धि से ही राष्ट्र की समृद्धि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री ने टीकमगढ़ के बलराम कृषि महोत्सव को किया वर्चुअली संबोधित

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों की समृद्धि से ही राष्ट्र की समृद्धि होती है। मध्यप्रदेश सरकार किसानों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाकर उनकी समृद्धि बढ़ाने को प्राथमिकता दे रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुंदेलखंड अंचल की समृद्धि के लिए केन-बेतवा अंतर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजना की स्वीकृति प्रदान की है। उनका संकल्प है कि पर्याप्त सिंचाई से उत्पादन में वृद्धि हो और किसानों को अधिक से अधिक लाभ प्रदान किए जाएं। आने वाले समय में बुंदेलखंड अंचल की तस्वीर बदल जाएगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को टीकमगढ़ में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि टीकमगढ़ में पीतल की मूर्तियां बनाने वाले शिल्पी इस क्षेत्र की पहचान है। इसके साथ ही कृषि क्षेत्र में टीकमगढ़ जिले में हो रहा कार्य अन्य जिलों के लिए उदाहरण बन रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बलराम कृषि महोत्सव में पधारे जनप्रतिनिधियों, किसानों और बहनों को श्रेष्ठ आयोजन के लिए तथा आने वाले पर्व-त्यौहारों की बधाई दी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उन्नत कृषि कार्य में लगे कृषकों को दी बधाई

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बलराम कृषि महोत्सव में आये किसानों से चर्चा की, जो उन्नत कृषि के कार्य में संलग्न है। उन्होंने किसानों द्वारा किए जा रहे परिश्रम और नवाचारों की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विष्णु शर्मा अनंतपुरा को सब्जी उत्पादन और पॉली हाऊस निर्माण के साथ ही गौशाला के संचालन के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बालचंद अहिरवार ने बताया कि वे प्राकृतिक खेती कर रहे हैं, जिससे लगभग 250 किसान बंधु जुड़े हैं। मनोहर लोधी और श्रीमती शशि लोधी ने प्राकृतिक खेती के अनुभव सुनाए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जगदीश अहिरवार ने लगभग 15 एकड़ क्षेत्र में की जा रही फूलों की खेती विशेष रूप से स्ट्रोबेरी, तरबूज, नीबू, अमरूद आदि के उत्पादन की जानकारी दी। अहिरवार ने बताया कि वे उद्यानिकी विभाग से मार्गदर्शन प्राप्त कर यह कार्य कर रहे हैं और दो दर्जन व्यक्तियों को रोजगार भी दे रहे हैं। इसके साथ ही 15 गायों को पालते हुए दुग्ध उत्पादन से भी लाभ कमा रहे हैं। रमेश यादव ने बताया कि वे वर्ष 2005 से बीज उत्पादन का कार्य कर रहे हैं। लगभग 3 लाख क्विंटल बीज उत्पादन में सक्षम बने हैं।

    रानी मक्खी तो नहीं देखी, लेकिन अपनी बहन को महारानी बनते देख रहा हूं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव को श्रीमती सुनीता बुंदेला ने मधुमक्खी पालन के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में 5 केंद्र कार्य कर रहे हैं। यह कार्य परिश्रम आधारित है जिसके आर्थिक लाभ काफी हैं। मधुमक्खी पालन कार्य की विस्तृत जानकारी भी श्रीमती सुनीता बुंदेला द्वारा दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मधुमक्खी पालन कार्य में रानी मक्खी की भूमिका का उल्लेख आने पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने तो रानी मक्खी नहीं देखी, लेकिन अपनी बहन सुनीता को मधुमक्खी पालन के कार्य से आर्थिक रूप से सक्षम होने और महारानी बनते हुए देखने का अवसर जरूर प्राप्त हो रहा है।

    जनप्रतिनिधियों से चर्चा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व मंत्री हरिशंकर खटीक, अपेक्स बैंक के प्रशासक महेंद्र यादव, कप्तान सिंह से भी चर्चा की। जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा किसानों के कल्याण के लिए उठाए गए महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों के हित में बलराम कृषि महोत्सव प्रांरभ किए गए हैं, जिनकी किसान कल्याण की दृष्टि से बहुत उपयोगिता है। प्रारंभ में श्रीमती सरोज राजपूत ने स्वागत भाषण में कहा कि केन-बेतवा परियोजना की मंजूरी और बुंदेलखंड में इन्वेस्टर्स समिट होने से किसानों सहित सभी वर्गों के हित में कार्य हुआ है।

     

  • कर्म और धर्म का समन्वय सिखाते हैं संत रविदास, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उनके विचारों को किया नमन

    कर्म और धर्म का समन्वय सिखाते हैं संत रविदास, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उनके विचारों को किया नमन

    संत रविदास ने दिया धर्म के साथ कर्म को महत्व : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    रायसेन में हुई संत शिरोमणि रविदास की मूर्ति स्थापित
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मूर्ति स्थापना समारोह में वर्चुअली शामिल हुए

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि संत शिरोमणि गुरू रविदास जी ने अपने जीवन में धर्म के साथ कर्म को भी प्रधानता दी। उनके उपदेश आज भी समाज का मार्गदर्शन करते हैं। मध्यप्रदेश सरकार समाज की पथ-प्रदर्शक विभूतियों के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे जल्दी ही रायसेन पहुंचकर संत रविदास की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास भोपाल से वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा रायसेन में संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की मूर्ति स्थापना समारोह को संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संत रविदास की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में देश में समरसता संकल्प अभियान के अंतर्गत विकास शिविर, यात्राएं गत जुलाई से आयोजित की जा रही हैं, जो आगामी फरवरी माह तक चलेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में युवा, महिला, गरीब, किसान वर्ग के कल्याण के साथ ही सामाजिक समरसता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संतों ने सदैव समाज को बहुमूल्य मार्गदर्शन दिया है। संत रविदास जी के शब्द थे – 'ऐसा चाहूं राज मैं, जहां मिले सबन को अन्न। छोट-बड़ो सब सम बसे, रविदास रहे प्रसन्न।' इसके साथ ही 'प्रभु जी तुम चंदन हम पानी जाकि अंग अंग बास सामानी' के माध्यम से भक्त और भगवान के घनिष्ठ संबंध की ओर इंगित किया है। संत रविदास का मानना था कि प्रभु आप चंदन हैं और मैं पानी हूं। जिस प्रकार पानी में चंदन मिलने से पानी के प्रत्येक अंग में चंदन की महक शामिल हो जाती है। उसी तरह आपकी भक्ति से मेरा अंग-अंग पावन और आनंदित हो गया है। यह ईश्वर की प्रति अगाध प्रेम और आत्मीयता का प्रमाण है। इसी तरह 'मन चंगा तो कठौती में गंगा' की कहावत भी संत रविदास ने दी। इसका आशय यह है कि यदि व्यक्ति का मन कार्य में शद्ध भावना से पूरी तरह लगा है तो चमड़ा भिगोने के बर्तन (कठौती) में भी गंगा प्रकट हो सकती है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि रायसेन में समरसता यात्रा, समरसता भोज से सभी वर्गों का जुड़ना प्रशंसनीय है। इसी सामाजिक समरसता के लिए हमारे संतों ने अपना पूरा जीवन अर्पित किया। प्रारंभ में पूर्व मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जानकारी दी कि संत रविदास की प्रतिमा की स्थापना का कार्य पूर्ण होने के साथ ही निकट ही डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा को स्थापित करने का कार्य भी चल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा की स्थापना के लिए राज्य शासन से 25 लाख रूपए की प्रदान करने की स्वीकृति दी गई। रायसेन नगर के सभी समाजों द्वारा परस्पर भाईचारे के साथ पर्व-त्यौहार मनाने का कार्य होता है। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री सुरेंद्र पटवा, रामपाल सिंह के अलावा संत धनीराम, संत मनीराम, राकेश शर्मा, समाजसेवी जमना सिंह उपस्थित थे।

     

  • Brilliant Convention Centre में होगा यात्री परिवहन विजन समिट-2026, CM यादव करेंगे दो दिवसीय आयोजन की शुरुआत

    Brilliant Convention Centre में होगा यात्री परिवहन विजन समिट-2026, CM यादव करेंगे दो दिवसीय आयोजन की शुरुआत

    यात्री परिवहन विजन समिट-2026
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव दो दिवसीय यात्री परिवहन विजन समिट 2026 का 11 सितंबर को करेंगे शुभारंभ

    इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में होगी समिट
    परिवहन मंत्री सिंह भी होंगे समिट में शामिल
    MPYPIL लोगो एवं विशेष पुस्तिका का होगा विमोचन
    इंडस्ट्री एक्सपो तथा हैकेथॉन का होगा उद्घाटन

    इंदौर

    मध्यप्रदेश में सार्वजनिक यात्री परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित, सुगम और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में राज्य सरकार एक महत्वपूर्ण पहल करने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 11 सितंबर को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में दो दिवसीय यात्री परिवहन विजन समिट-2026 का शुभारंभ करेंगे। इस समिट में निजी बस ऑपरेटरों, नीति-निर्माताओं, परिवहन विशेषज्ञों, देशभर के राज्य परिवहन उपक्रमों, आईटी कंपनियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधि एक मंच पर जुटेंगे और मध्यप्रदेश की यात्री परिवहन व्यवस्था को अधिक प्रभावी एवं भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाने के लिए रणनीति और सुझाव साझा करेंगे।

    समिट का प्रमुख केंद्र ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ होगी। ‘नई सोच, नई राह, नया मध्यप्रदेश’ विजन के साथ आयोजित इस समिट का उद्देश्य मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MPYPIL) के माध्यम से जन-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल, आधुनिक आईटी प्रणालियों और हरित ऊर्जा आधारित परिवहन पारिस्थितिकी तंत्र को गति देना है। परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह भी समिट में शामिल होंगे।

    इंडस्ट्री एक्सपो का उद्घाटन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव समिट के दौरान इंडस्ट्री एक्सपो का उद्घाटन करेंगे। एक्सपो में बस निर्माताओं, आईटी कंपनियों, वित्तीय संस्थानों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े अन्य उद्योगों के साथ प्रदेश के विभिन्न शासकीय निगमों द्वारा अपनी गतिविधियों, तकनीकी समाधानों और नवाचारों का प्रदर्शन किया जाएगा। इससे परिवहन क्षेत्र में निवेश, तकनीक और नई साझेदारियों की संभावनाओं को भी बढ़ावा मिलेगा। समिट में ईलेट्स टेक्नोमीडिया द्वारा संकलित समिट की स्मारिका का विमोचन किया जाएगा। साथ ही MPYPIL द्वारा ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ की संरचना और योजना के अंतर्गत भविष्य में किए जाने वाले कार्यों पर केन्द्रित विशेष पुस्तिका का भी विमोचन भी होगा। राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित प्रतियोगिता के माध्यम से चयनित MPYPIL के नए लोगो का अनावरण भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा किया जाएगा। इसके साथ ही परिवहन क्षेत्र में नवाचार और तकनीकी समाधान विकसित करने वाले मोबिलिटी स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित हैकाथॉन का शुभारंभ भी होगा। समिट में होने वाले विचार-विमर्श और विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर प्रदेश की यात्री परिवहन व्यवस्था को तकनीक-सक्षम, सुरक्षित, सुविधाजनक और टिकाऊ बनाने की दिशा में आगे की कार्ययोजना को आकार दिया जाएगा।

    देशभर के विशेषज्ञ, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, निजी बस ऑपरेटर बनाएंगे रणनीति

    समिट में देश के विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, निजी बस ऑपरेटर, पूरे देश के राज्य परिवहन उपक्रमों, आईटी कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे और प्रदेश की सार्वजनिक यात्री परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सरल, सुगम, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था की रणनीति बनाएंगे। साथ ही अपने सुझाव भी देंगे। परिवहन समिट में 8 सत्र होंगे। इन सत्रों के माध्यम से यात्री परिवहन को सुगम, सुरक्षित, स्मार्ट और प्रदूषणमुक्त बनाने, एमपी मोबिलिटी विजन-2030 के तहत PPP मॉडल से निवेश, रोजगार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने, वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बस संचालन, यात्री सुरक्षा, ग्रीन मोबिलिटी, स्वच्छ ईंधन, एकीकृत टिकटिंग, स्वचालित किराया संग्रह प्रणाली विषयों पर चर्चा होगी।

    देश के ये प्रमुख संस्थान समिट में होंगे शामिल

    समिट में ईकेए मोबिलिटी, टाटा मोटर्स, ग्रीनसेल मोबिलिटी, वोल्वो-आयशर प्राइवेट लिमिटेड, स्विच मोबिलिटी (हिंदुजा ग्रुप), एयरो ईगल ऑटोमोबाइल, यश टेक्नोलॉजीज, रैपिडो, चलो मोबिलिटी, एमनेक्स इन्फोटेक्नोलॉजीज, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, एसबीआई, थिंक गैस जैसी प्रमुख कंपनियां सहभागिता करेंगी। इसके अलावा विभिन्न शिक्षण संस्थानों, थिंक टैंक एवं कंसल्टेंसी एजेंसियों के परिवहन विशेषज्ञ भी समिट में अपने अनुभव और सुझाव साझा करेंगे। इनमें WRI इंडिया, BITS पिलानी, CEPT अहमदाबाद, KPMG और DIMTS प्रमुख हैं।

    इन 8 सत्रों में होगा मंथन

    1. "मध्यप्रदेश मोबिलिटी विजन 2030: बस संचालन एवं इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) में सार्वजनिक निजी भागीदारी को बढ़ावा": इस सत्र में मध्य प्रदेश के विशाल भौगोलिक विस्तार और तेजी से बढ़ते शहरी केंद्रों के अनुरूप बस संचालन व ITMS में PPP मॉडल लागू करके सेवा की गुणवत्ता सुधारने पर मंथन किया जाएगा।

    2. "भविष्य के लिए तैयार यात्री परिवहन अवसंरचना: सार्वजनिक निजी भागीदारी के माध्यम से निवेश को प्रोत्साहन": यह सत्र बस टर्मिनलों, मल्टीमॉडल हब, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी तथा इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम जैसी आधुनिक परिवहन संपत्तियों में पीपीपी के माध्यम से निवेश आकर्षित करने, अभिनव वित्तपोषण मॉडल, नीतिगत सहयोग और जोखिम-साझाकरण व्यवस्था पर केंद्रित होगा।

    3. "वित्तीय रूप से सुदृढ़ एवं आत्मनिर्भर सार्वजनिक बस संचालन के लिए रणनीतियाँ": इस सत्र में केवल किराए पर निर्भरता घटाने, व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण, गैर-किराया राजस्व (विज्ञापन, खुदरा, लॉजिस्टिक्स व नामकरण अधिकार) तथा प्रदर्शन-आधारित अनुबंधों पर विचार किया जाएगा।

    4. "यात्री परिवहन क्षेत्र में रोजगार एवं उद्यमिता सृजन हेतु केंद्र सरकार की योजनाओं का प्रभावी उपयोग": इसमें पीएम मुद्रा योजना, पीएमईजीपी, स्टार्टअप इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया, पीएम कौशल विकास योजना, पीएम ई-ड्राइव, पीएम ई-बस सेवा और पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के जरिए ट्रांसपोर्टरों, एमएसएमई, महिला उद्यमियों और कुशल पेशेवरों को सशक्त बनाने पर चर्चा होगी।

    5. "सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में सुरक्षा, विश्वसनीयता एवं यात्री सुविधा": इसमें सीसीटीवी निगरानी, आपातकालीन प्रतिक्रिया, प्रिवेंटिव मेंटेनेंस, वास्तविक समय पर यात्री सूचना, चालक प्रशिक्षण और शिकायत निवारण जैसे उपभोक्ता-केंद्रित मुद्दों पर विमर्श होगा।

    6. "डेटा-आधारित निर्णय: इंट्रा-सिटी एवं इंटर-सिटी बस मार्गों एवं संचालन की योजना (AI आधारित विश्लेषण सहित)": इस सत्र में राज्यव्यापी आईटीएमएस, रीयल-टाइम डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए मार्गों के युक्तिकरण एवं शेड्यूलिंग पर विशेषज्ञ चर्चा करेंगे।

    7. "हरित मोबिलिटी: स्वच्छ ईंधन एवं भविष्य के लिए तैयार बस बेड़ा": इसमें इलेक्ट्रिक, हाइड्रोजन और फ्लेक्स-फ्यूल बसों, चार्जिंग व रीफ्यूलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रीन डिपो और उन्नत चालक सहायता प्रणाली (एडीएएस) से जुड़े तकनीकी व ढांचागत पहलुओं की समीक्षा की जाएगी।

    8. "एक राज्य, एक यात्रा: एकीकृत टिकटिंग एवं स्वचालित किराया संग्रह प्रणाली के माध्यम से निर्बाध यात्रा अनुभव": सत्र में नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड, स्वचालित किराया संग्रह, ओपन-लूप भुगतान प्रणाली और मोबिलिटी-एज-ए-सर्विस (MaaS) प्लेटफॉर्म पर बात होगी।

  • 30 सितम्बर तक सभी विभागों में लागू होंगे ई-एचआरएमएस और डीई पोर्टल

    30 सितम्बर तक सभी विभागों में लागू होंगे ई-एचआरएमएस और डीई पोर्टल

    30 सितम्बर तक सभी विभागों में लागू होंगे ई-एचआरएमएस और डीई पोर्टल

    भोपाल 

    प्रदेश के शासकीय सेवकों के लिए मानव संसाधन प्रबंधन के लिए ई-एचआरएमएस एवं विभागीय जाँच प्रकरणों के प्रबंधन के लिए डीई पोर्टल से संबंधित प्रकरणों के एंड-टू-एंड ऑनलाइन वर्कफ्लो की सुविधा प्रदान किए जाने का राज्य-शासन द्वारा निर्णय लिया गया है। इसके अंतर्गत समस्त विभागों द्वारा उक्त पोर्टलों को अपनाया जाएगा, जो आईएफएमआईएस स्पैरो (IFMIS,SPARROW) एवं अन्य कर्मचारी-संबंधी पोर्टलों के साथ एकीकृत है। सामान्य प्रशासन विभाग ने प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभागवार प्रशिक्षण कार्यक्रम निर्धारित किए जाने एवं इन पोर्टलों की प्रगति का नियमित अनुश्रवण करने के निर्देश दिए हैं।

    सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देश अनुसार इन पोर्टलों को समस्त विभागों एवं उनके अधीनस्थ क्षेत्रीय कार्यालयों में अपनाए जाने की सलाह दी गई है। नियुक्ति से सेवानिवृत्ति तक कर्मचारियों के संपूर्ण सेवा-जीवन चक्र का सुव्यवस्थित एवं एकीकृत प्रबंधन सुनिश्चित होगा। अवकाश, भ्रमण, सूचनाओं एवं अन्य सेवा-संबंधी अनुमतियों के निराकरण में समय एवं कार्यभार में कमीं आएगी तथा निर्णय प्रक्रिया अधिक त्वरित एवं पारदर्शी होगी। पदोन्नति, परिवीक्षाधीन अधिकारियों/कर्मचारियों की सेवाओं की पुष्टि एवं अन्य स्थापना-संबंधी प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण में सुविधा होगी। स्थानांतरण, पदस्थापना एवं अन्य संवर्ग (कैडर) प्रबंधन संबंधी कार्य अधिक प्रभावी एवं सुव्यवस्थित हो सकेंगे।

    प्रत्येक अधिकारी/कर्मचारी को अपनी सेवा संबंधी समस्त जानकारी, जैसे सेवा-वृत्त, जी.पी.एफ. शेष राशि, वेतन पर्ची, अवकाश विवरण आदि का समेकित डिजिटल प्रोफाइल उपलब्ध होगा। वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन (एसीआर/एपीएआर) के प्रबंधन एवं अनुश्रवण की प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित होगी। विभागीय जाँच प्रकरणों के पंजीयन से अंतिम निर्णय तक उनकी ऑनलाइन मानीटरिंग एवं ट्रैकिंग की प्रभावी व्यवस्था उपलब्ध होगी। 30 सितम्बर 2026 तक उक्त पोर्टलों को अपनाये जाने संबंधी समुचित कार्यवाही किए जाने की अपेक्षा की गई है।

     

  • जिले के शासकीय छात्रावासों में बच्चों का होगा नियमित स्वास्थ्य परीक्षण

    जिले के शासकीय छात्रावासों में बच्चों का होगा नियमित स्वास्थ्य परीक्षण

    जिले के शासकीय छात्रावासों में बच्चों का होगा नियमित स्वास्थ्य परीक्षण

    कलेक्टर ने सीएमएचओ को दिए आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित करने के निर्देश

    ग्वालियर
     जिले में ज
    नजाति कल्याण विभाग के छात्रावासों के साथ-साथ सर्व शिक्षा अभियान अंतर्गत संचालित बालिका एवं बालक छात्रावासों में निवासरत बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जायेगा। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने स्वास्थ्य परीक्षण की नियमित व पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को दिए हैं। उन्होंने कहा है कि छात्रावासों में रहने वाले बच्चों के स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए।
        कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि छात्रावासों में माह में एक बार बालिकाओं का स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने आवश्यकता अनुसार महिला चिकित्सक की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा है कि छात्रावासों के निकट स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अथवा अन्य शासकीय अस्पतालों के चिकित्सकों को भी नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के लिए जिम्मेदारी सौंपी जाए। उन्होंने हर छात्रावास में प्राथमिक स्वास्थ्य किट रखवाने के निर्देश भी दिए हैं। 
        बालिका छात्रावासों में महिला चिकित्सक द्वारा प्रतिमाह स्वास्थ्य परीक्षण के साथ ही हीमोग्लोबिन टेस्ट एवं आंखों की जांच कराई जाएगी। प्रत्येक बालिका का स्वास्थ्य कार्ड तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही पुरानी बीमारी से पीड़ित बच्चों के उपचार की भी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी कलेक्टर ने दिए हैं।
        स्वास्थ्य परीक्षण व्यवस्था की समीक्षा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी स्तर से की जाएगी। कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत द्वारा भी समय-समय पर इसकी समीक्षा करेंगे। 

    सर्व शिक्षा अभियान के तहत जिले में यहां संचालित हैं छात्रावास 

        सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत जिले में 4 कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय सह छात्रावास संचालित है, जो मोहनगढ़, गैडोलकला, मोहना व हस्तिनापुर में स्थित हैं। इसके अलावा रेंहट, सहराई, करहिया, अमरोल व घाटीगांव में बालिका छात्रावास विभाग द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। ग्वालियर शहर के अंतर्गत बालक छात्रावास पागनबीसी परिसर तिलक नगर, सेबेंथ बटालियन परिसर काली ब्रिज मुरार, सीडब्ल्यूएसएन बालक छात्रावास महलगांव तथा सीडब्ल्यूएसएन बालिका छात्रावास काल्पी ब्रिज मुरार क्षेत्र में संचालित हो रहे हैं। 
     

  • डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश का अंतिम अवसर

    डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश का अंतिम अवसर

    डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश का अंतिम अवसर 

    12 और 14 सितंबर को कॉलेज लेवल काउंसलिंग

    ग्वालियर 
     तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा संचालित डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए कॉलेज लेवल काउंसलिंग का अंतिम अवसर है। दसवीं अथवा बारहवीं कक्षा उत्तीर्ण छात्र-छात्राएं कॉलेज लेवल काउंसलिंग के लिए पंजीयन कराने के बाद 12 सितंबर या 14 सितंबर 2026 को सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ शासकीय डॉ. भीमराव आंबेडकर पॉलिटेक्निक कॉलेज, नाका चंद्रवदनी, झांसी रोड, ग्वालियर में उपस्थित हो सकते हैं। 
        डॉ. भीमराव अम्बेडकर पॉलीटेक्निक कॉलेज के प्राचार्य श्री जैन से प्राप्त जानकारी के अनुसार कॉलेज लेवल काउंसलिंग के लिए पंजीयन एमपी ऑनलाइन के माध्यम से या विद्यार्थी स्वयं तकनीकी शिक्षा विभाग की वेबसाइट www.dte.mponline.gov.in पर कर सकते हैं। कॉलेज में टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी तथा आतिथ्य क्षेत्र से संबंधित होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी पाठ्यक्रम में प्रवेश का अवसर उपलब्ध है। 
        इन पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों के लिए रोजगार और प्लेसमेंट की बेहतर संभावनाएं रहती हैं। इच्छुक छात्र-छात्राएं निर्धारित तिथियों में आवश्यक दस्तावेजों के साथ कॉलेज में उपस्थित होकर प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

     

  • जन-आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध, विकास कार्यों की रफ्तार रहेगी बरकरार: राज्यमंत्री गौर

    जन-आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध, विकास कार्यों की रफ्तार रहेगी बरकरार: राज्यमंत्री गौर

    विकास की गति रहेगी निरंतर जारी, जन-आकांक्षाओं की पूर्ति हमारी प्रतिबद्धता : राज्यमंत्री  गौर

    गोविन्दपुरा विधानसभा क्षेत्र में 70 लाख रुपये के विकास कार्यों का हुआ लोकार्पण एवं भूमि-पूजन
    वार्ड 66 में नवनिर्मित सामुदायिक भवन जनता को समर्पित
    वार्ड 62 ऋषिपुरम में सीसी रोड निर्माण का भूमिपूजन

    भोपाल

    पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा है कि गोविन्दपुरा क्षेत्र का सर्वांगीण विकास और जन-आकांक्षाओं की पूर्ति हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनता द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारी का पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ निर्वहन किया जा रहा है। क्षेत्र में अधोसंरचनात्मक विकास और जन-कल्याण का यह प्रवाह अनवरत जारी रहेगा। राज्यमंत्री श्रीमती गौर गोविन्दपुरा विधानसभा क्षेत्र में 70 लाख रुपये से अधिक के लागत के विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं।

    करमवीर नगर को मिली मंगल भवन की सौगात

    राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने वार्ड 66 करमवीर नगर में 25 लाख रुपये की लागत से नवनिर्मित सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि स्थानीय नागरिक लंबे समय से एक सर्वसुविधायुक्त मंगल भवन की मांग कर रहे थे, जो आज पूर्ण हुई है। यह नवनिर्मित भवन क्षेत्रवासियों के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं सामुदायिक आयोजनों का प्रमुख केंद्र बनेगा तथा परस्पर सौहार्द को सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध होगा।

    सुगम आवागमन के लिए सीसी रोड का भूमि-पूजन

    राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने वार्ड 62 आनंद नगर स्थित ऋषिपुरम फेस-2 एवं फेस-3 में पार्क तथा मंदिर के समीप 46 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाली सीसी रोड का भूमि-पूजन किया। उन्होंने कहा कि इस मार्ग के निर्माण से क्षेत्रीय रहवासियों को आवागमन में सुगमता होगी और यातायात सुचारु बनेगा। श्रीमती गौर ने उपस्थित संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ पूरा किया जाए।

    कार्यक्रम में श्री लवकुश यादव, श्री संतोष ग्वाला, पार्षद श्रीमती छाया ठाकुर, श्रीमती उर्मिला मोर्य, श्रीमती शिरोमणि शर्मा, श्रीमती ममता विश्वकर्मा, सर्वश्री बी. शक्ति राव, भीकम सिंह बघेल, मनोज विश्वकर्मा सहित अनेक जन-प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और स्थानीय रहवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

     

  • Gwalior News: मोहना में 11 सितंबर को जन-विश्वास शिविर, जनता और उद्योग जगत से सीधा संवाद करेंगे अधिकारी

    Gwalior News: मोहना में 11 सितंबर को जन-विश्वास शिविर, जनता और उद्योग जगत से सीधा संवाद करेंगे अधिकारी

    ग्वालियर
    मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान” के तहत ग्वालियर जिले का पाँचवां जिला स्तरीय शिविर शुक्रवार 11 सितम्बर को प्रात: 10.30 बजे से मोहना स्थित नगर पालिका परिषद कार्यालय प्रांगण में आयोजित होगा।

    मंत्री कुशवाह की मौजूदगी में होगा शिविर का आयोजन
    सामाजिक न्याय, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह भी शिविर में शामिल होंगे। मंत्री कुशवाह की मौजूदगी में इस शिविर के माध्यम से नगर पंचायत मोहना के सभी वार्डों की सभी बस्तियों के निवासियों को लाभान्वित कराया जायेगा।

    उद्यमियों की समस्याओं का होगा समाधान
    शिविर शुरू होने से पहले विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ नगर पंचायत क्षेत्र में भ्रमण कर अपने-अपने विभाग की संस्थाओं का निरीक्षण करेंगे। जिला स्तरीय जन-विश्वास शिविर में जन संवाद, उद्योग एवं इन्फ्लुएंसर संवाद आयोजित किए जाएंगे। उद्योग संवाद में वृहद, एमएसएमई तथा कुटीर उद्योगों से जुड़े उद्यमी अपने अनुभव साझा करेंगे। साथ ही उद्यमियों की समस्याओं का समाधान भी किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर सम्पूर्ण प्रदेश के साथ ग्वालियर जिले में भी जनता से सीधा संवाद व जुड़ाव स्थापित करने और समस्याओं का शतप्रतिशत निराकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह अभियान संचालित होने जा रहा है।