Category: मध्य प्रदेश

  • सहायक आयुक्त महोदयों के गरिमामयी निरीक्षण में निखरी पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक-5 की प्रतिभा, नवाचार और उत्कृष्टता

    सहायक आयुक्त महोदयों के गरिमामयी निरीक्षण में निखरी पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक-5 की प्रतिभा, नवाचार और उत्कृष्टता

    सहायक आयुक्त महोदयों के गरिमामयी निरीक्षण में निखरी पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक-5 की प्रतिभा, नवाचार और उत्कृष्टता

    ग्वालियर
     पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक-5, ग्वालियर में एक दिवसीय विद्यालय भ्रमण एवं निरीक्षण हेतु माननीय सहायक आयुक्त महोदय श्री दीपक डबराल (ACAD) KVS HQ DELHI एवं श्री विजय वीर सिंह सहायक आयुक्त KVS RO BHOAL के आगमन पर श्री  मनीष तिलक प्राचार्य पीएम श्री केवी 5, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों द्वारा आत्मीय एवं भव्य स्वागत किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को साकार करते हुए कक्षा प्रथम से षष्ठम तक के विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न राज्यों की पारंपरिक वेशभूषा एवं क्षेत्रीय भाषाओं में अभिनंदन से हुई।
    छात्रा समृद्धि शुक्ला की मनमोहक नृत्य प्रस्तुति तथा विद्यार्थियों के बैंड वादन एवं स्वागत गीत ने वातावरण को संगीतमय बना दिया। स्काउट एवं गाइड की ओर से अनुष्का तिलक एवम् अन्य छात्राओं ने गार्ड ऑफ ऑनर प्रस्तुत किया, वहीं छात्राओं दिव्यांशी पाल एवं कीर्ति ने हरित स्वागत कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
    विद्यालय निरीक्षण के दौरान प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों ने गणित एवं विज्ञान की गतिविधियों और कार्यशील मॉडलों के माध्यम से अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। टेसलेशन, वीविंग पैटर्न, सौरमंडल, जल चक्र एवं फाउंटेन जैसी गतिविधियाँ विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। माननीय सहायक आयुक्त ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उनकी जिज्ञासा, आत्मविश्वास एवं रचनात्मकता की सराहना की तथा उन्हें अधिकाधिक प्रश्न पूछने के लिए प्रेरित किया।
    माननीय अधिकारी ने पीएम श्री योजना के सभी छह स्तंभों का अवलोकन कर इसके प्रभावी क्रियान्वयन की सराहना की।
    कक्षा X एवं XII के विद्यार्थियों के साथ विशेष संवाद में उन्हें बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु महत्वपूर्ण सुझाव एवं प्रेरक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। इसके पश्चात बोर्ड कक्षाओं के शिक्षकों के साथ बैठक में शत-प्रतिशत परिणाम एवं प्रत्येक विद्यार्थी के शैक्षणिक स्तर में सुधार हेतु प्रभावी रणनीतियों पर चर्चा हुई। प्राचार्य महोदय ने समस्त शिक्षकों की ओर से उत्कृष्ट परिणाम के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता का आश्वासन दिया।
    अंत में श्रीमती चेतना शर्मा द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया तथा माननीय सहायक आयुक्त महोदय सहित सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रति हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त की गई।

  • MP में यात्री परिवहन का होगा विस्तार, 11 सितंबर से इंदौर में समिट; रोजगार और निवेश के खुलेंगे नए रास्ते

    MP में यात्री परिवहन का होगा विस्तार, 11 सितंबर से इंदौर में समिट; रोजगार और निवेश के खुलेंगे नए रास्ते

    इंदौर 

    मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 2005 में घाटे का हवाला देकर सड़क परिवहन निगम (सपनि) को बंद कर दिया था। पत्रिका ने सड़क परिवहन निगम के बंद होने से प्रदेश में बिगड़ी परिवहन व्यवस्था को उजागर किया था। सरकार के सामने वे सभी तथ्य लेकर आए, जिसने सफर की मुश्किलें बढ़ाईं। इसके बाद मोहन सरकार ने सरकारी लोक परिवहन सेवा को शुरू करने ऐलान किया और अब क्रियान्वयन की ओर बढ़ी है। यानी अब मध्य प्रदेश में जल्द ही सरकारी बस परिवाहन सेवा शुरु होगी।

    आपको बता दें कि, राज्य सरकार प्रदेश के नागरिकों को स्मार्ट, सुरक्षित, सुगम और पर्यावरण-अनुकूल लोक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम लेने जा रही है। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा यात्री परिवहन विजन समिट-2026 आयोजित की जाएगी। प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में 11 और 12 सितंबर को आयोजित होने समिट में प्रदेश की यात्री परिवहन व्यवस्था को अधिक आधुनिक, व्यवस्थित और प्रभावी बनाने के साथ-साथ निवेश, रोजगार और उद्योग के नए अवसरों को बढ़ावा देने पर मंथन होगा।

    इसमें पूरे देश से आने वाले परिवहन विशेषज्ञ, निजी बस ऑपरेटर, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और नीति-निर्माता प्रदेश की यात्री परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विचार-विमर्श करेंगे। विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यात्री परिवहन का रोडमैप तैयार करने में मदद मिलेगी। साथ ही प्रदेश की 75 फीसदी ग्राम पंचायतों को बस सेवा से जोड़कर ग्रामीण कनेक्टिविटी को बेहतर किया जाएगा।

    मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एवं अधोसंरचना लिमिटेड अंतर्गत 'मोबिलिटी विज़न 2030' का लक्ष्य प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक परिवहन नेटवर्क का विस्तार करना है। इसके अंतर्गत प्रदेश में 15,000 से अधिक आधुनिक सार्वजनिक बसें संचालित की जाएंगी। इससे रोजाना 30 लाख से ज्यादा यात्रियों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी। साथ ही 180 से अधिक आधुनिक बस स्टैंड्स, टर्मिनल्स और डिपो का कायाकल्प होगा।

    इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार पर विशेष जोर
    पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के उद्देश्य से समिट में स्वच्छ ईंधन और इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार पर विशेष जोर दिया जाएगा। मौजूदा समय में 96 पीएम ई-बसें और 120 इंटरसिटी बसें प्रदेश में संचालित हैं। इसके साथ आगामी 6 महीनों में 486 पीएम ई-बसें और 34 इंटरसिटी बसें जोड़ी जाएंगी, जबकि वर्ष 2027 तक यह संख्या बढ़ाकर 1,100 करने का लक्ष्य है। प्रदेश में 100 बसों की क्षमता वाले आधुनिक चार्जिंग डिपो और सोलर इंफ्रॉस्ट्रक्चर भी तैयार किए जा रहे हैं। इससे सालाना 70,000 टन से अधिक कार्बन डाईऑक्साइड के उत्सर्जन में कमी आएगी।

    यात्री सुरक्षा, स्मार्ट तकनीक और 24×7 निगरानी
    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा अंतर्गत संचालित होने वाली सभी बसों की निगरानी इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए होगी। इसके लिए मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड एवं उसकी 7 सहायक कंपनियों में अत्याधुनिक कमांड-कंट्रोल सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इन सेंटरों से बसों के संचालन, लोकेशन, टाइमिंग एवं अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियों की रियल टाइम निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, सार्वजनिक बसों में महिला और बाल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इससे यात्री परिवहन व्यवस्था अधिक सुरक्षित, सुगम, पारदर्शी और प्रभावी बनाने में भी मदद मिलेगी। सभी बसों को 07 सीसीटीवी कैमरों, पैनिक बटन और रियल-टाइम व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम से लैस किया जा रहा है। इसके अलावा, पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम, ड्राइवरों की तकनीकी ट्रेनिंग और त्वरित शिकायत निवारण तंत्र के जरिए सुरक्षित एवं समयबद्ध यात्रा सुनिश्चित की जाएगी।

  • ग्वालियर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, शिक्षकों पर TET अनिवार्यता के खिलाफ याचिका खारिज

    ग्वालियर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, शिक्षकों पर TET अनिवार्यता के खिलाफ याचिका खारिज

    ग्वालियर 

    सेवारत शिक्षकों के लिए टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता को चुनौती देने वाली याचिका एमपी में ग्वालियर हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने खारिज कर दी है। जस्टिस जीएस आहलूवालिया और जस्टिस अनुराधा शुक्ला की बेंच ने कहा कि याचिकाकर्ता का मामला सुप्रीम कोर्ट के पूर्व फैसले से पूरी तरह कवर होता है। ऐसे में उसे अलग से कोई राहत नहीं दी जा सकती। हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के 29 मई 2026 के रिव्यू आदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि टीईटी हासिल करने की समय-सीमा दो साल से बढ़ाकर तीन साल कर दी गई है। अब संबंधित इन-सर्विस शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक टीईटी की योग्यता हासिल करनी होगी। बता दें, पहले परीक्षा पास करने की यह समय-सीमा 31 अगस्त 2027 थी।

    पुराने शिक्षकों को राहत की मांग
    याचिकाकर्ता राजेश मिश्रा ने मांग की थी कि
    आरटीई एक्ट की धारा 23(2) और उसके प्रावधान उन शिक्षकों पर पूर्वव्यापी रूप से लागू नहीं किए जाएं, जिनकी नियुक्ति टीईटी की अनिवार्यता लागू होने से पहले हुई थी। उन्होंने टीईटी पास नहीं करने के आधार पर सेवा से हटाने, अनिवार्य सेवानिवृत्ति या अन्य दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने की भी मांग की थी।

    टीईटी औपचारिकता नहीं, आवश्यक योग्यता
    कोर्ट ने स्पष्ट किया कि टीईटी केवल पात्रता की औपचारिकता नहीं, बल्कि शिक्षक के रूप में नियुक्ति के लिए आवश्यक योग्यता है। शिक्षक पद पर नियुक्ति चाहने वाले व्यक्ति को टीईटी पास करना होगा। इसके बाद ही वह नियुक्ति के लिए पात्र माना जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने पुराने शिक्षकों की परिस्थितियों को देखते हुए कुछ राहत भी दी है। जिन इन-सर्विस शिक्षकों की सेवानिवृत्ति में पांच वर्ष से कम समय बचा है, वे टीईटी पास किए बिना सेवानिवृत्ति की आयु तक सेवा में रह सकते हैं। हालांकि, ऐसे शिक्षक टीईटी पास किए बिना पदोन्नति के लिए पात्र नहीं होंगे।

    5 साल से अधिक सेवा बाकी तो टीईटी जरूरी
    कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिन शिक्षकों की सेवानिवृत्ति में पांच वर्ष से अधिक समय बचा है, उनके लिए निर्धारित अवधि में टीईटी पास करना अनिवार्य है। निर्धारित समय में योग्यता हासिल नहीं करने पर सेवा में बने रहने का अधिकार प्रभावित भी हो सकता है।

  • इंदौर में कैंसर जांच हुई फास्ट और स्मार्ट, AI रोबोट करेगा स्क्रीनिंग; 12 सेकंड में मिलेगी रिपोर्ट

    इंदौर में कैंसर जांच हुई फास्ट और स्मार्ट, AI रोबोट करेगा स्क्रीनिंग; 12 सेकंड में मिलेगी रिपोर्ट

    इंदौर
     देश भर में तेजी से ओरल कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं. ऐसे में समय रहते बीमारियों की जांच में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस काफी मददगार साबित हो रहा है. रोबोट डिवाइस मुंह से जुड़ी बीमारियों और खासतौर पर कैंसर का पता आसानी से और समय रहते लगा रहा है, जिससे मरीज को बीमारी के गंभीर होने से पहले इलाज मिल सकेगा। 

    हर साल कैंसर की चपेट में आ रहे हजारों लोग
    भारत में धूम्रपान की लत के अलावा, तंबाकू का सेवन और तरह-तरह के जानलेवा शौक से कैंसर के मामले बढ़ते जा रहे हैं. हर साल हजारों मरीज डायग्नोज हो रहे हैं, इनमें से अधिकांश थर्ड और फोर्थ स्टेज कंडीशन में होते हैं. इसलिए इनमें से हर साल 50 हजार लोगों की इलाज के बावजूद बीमारी फैलने के कारण मौत हो जाती है. हॉस्पिटल और ऑन्कोलॉजिस्ट वाले कैंसर सहित कई अन्य गंभीर बीमारियों को प्री स्टेज में पता करने के लिए स्कैन ओ एयर नामक रोबोटिक मशीन का उपयोग कर रहे हैं. यह मशीन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए बीमारी का 96% तक पता लगाने में सक्षम है। 

    फ्री में होगी जांच
    इंदौर स्थित एक निजी अस्पताल में पहली बार यह मशीन स्थपित किया गया है. जहां मुंह की किसी भी समस्या का निशुल्क जांच किया जा रहा है. जांच के बाद फौरन रिपोर्ट मरीज के मोबाइल नंबर में आ जाता है. अस्पताल के ऑन्कोलॉजिस्ट अमय बियानी ने कहा, "अधिकांश मरीजों को यह पता नहीं होता कि उनके मुंह की छोटी सी तकलीफ कभी भी कैंसर का रूप ले सकती है. अस्पताल में किसी भी तरह की तकलीफ में आने वाले लोग अपने मुंह की प्री मेलेनिन स्टेज में ही जांच कर सकें. इसलिए यह रोबोटिक मशीन स्थापित की गई है। 

    ओरल कैंसर के लिए क्रांतिकारी साबित
    इस रोबोटिक मशीन की खोज साल 2020 में पुणे की डेंटिस्ट विधि भानुशाली और रजत कबाड़े ने किया था, इसका उद्देश्य दांतों और मसूड़े की 40 तरह की बीमारियों की पहचान के लिए किया गया था. इस रोबोटिक मशीन से तरह-तरह की मुंह की जांच के अलावा, कैंसर की प्री स्टेज से संबंधित बीमारी और स्थितियां भी डायग्नोज होने लगी हैं, जिससे यह मशीन ओरल कैंसर के डायग्नोज के लिए क्रांतिकारी साबित हो रही है। 

     
    मेडिकल प्रोफेशनल के लिए सहायक
    कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रतिभा पवार ने कहा, "रोबोटिक मशीन की जांच रिपोर्ट से काफी हद तक मरीज की बीमारी का पता चल जाता है. जिससे यह डॉक्टर और मेडिकल प्रोफेशनल के लिए भी सहायक सिद्ध होगी. मशीन की जांच रिपोर्ट के बाद सिर्फ उन मरीजों को सीटी स्कैन अथवा बायोप्सी करनी जरूरी होगी. जिनका डायग्नोज मशीन द्वारा ओरल कैंसर के रूप में किया गया है इससे लोगों को अनावश्यक जांच के खतरे और आर्थिक समस्या से बचाव हो सकेगा। 

  • युवाओं को मिलेगा देश की अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं और प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहरों को करीब से जानने का अवसर

    युवाओं को मिलेगा देश की अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं और प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहरों को करीब से जानने का अवसर

    भोपाल 

    राष्ट्रवाद और देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत मध्यप्रदेश शासन की महत्वपूर्ण ‘माँ तुझे प्रणाम’ योजना के अंतर्गत वर्ष 2026-27 के लिए युवाओं के चयन की प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है। योजना का उद्देश्य युवाओं में भारत की अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं के प्रति सम्मान और राष्ट्रभाव विकसित करना, सीमा पर होने वाली सैन्य गतिविधियों एवं सैनिकों की दिनचर्या से परिचित कराना तथा मध्यप्रदेश के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और भौगोलिक स्थलों से युवाओं को परिचित कराना है।

    हर विकासखंड से 10 युवा जाएंगे अनुभव यात्रा पर

    योजना के अंतर्गत प्रत्येक विकासखंड स्तर से 5 युवक एवं 5 युवतियों, कुल 10 युवाओं का चयन किया जाएगा। चयनित युवा भारत की अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं की अनुभव यात्रा अथवा प्रदेश के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं भौगोलिक स्थलों के भ्रमण के माध्यम से देश की विविधता, संस्कृति और सीमा सुरक्षा व्यवस्था को करीब से जान सकेंगे।

    5 अलग-अलग श्रेणियों से होगा चयन

    विकासखंड स्तर पर चयन में एक एनसीसी, एक एनएसएस, एक खिलाड़ी, एक मेधावी छात्र तथा एक स्काउट सहित इसी मानदंड के अनुसार युवतियों का चयन किया जाएगा। चयन के लिए युवाओं की आयु 15 से 25 वर्ष निर्धारित है, जिसकी गणना 31 दिसंबर 2027 तक की जाएगी। चयन के मापदंड योजना के निर्धारित परिशिष्ट में दिए गए हैं।

    खेल प्रतिभाओं को मिलेगा विशेष अवसर

    खेल श्रेणी में अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय, राज्य, संभाग और जिला स्तर पर पदक प्राप्त करने अथवा सहभागिता करने वाले खिलाड़ियों को प्राथमिकता के आधार पर चयन के लिए पात्र माना गया है। इससे विभिन्न स्तरों पर खेल प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके युवाओं को योजना के माध्यम से देश की सीमाओं और राष्ट्रीय गौरव से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

    एनसीसी, एनएसएस और स्काउट युवाओं के लिए भी अवसर

    एनसीसी श्रेणी में सी, बी और ए प्रमाण-पत्र को चयन की प्राथमिकता में रखा गया है। वहीं स्काउट वर्ग में अंतर्राष्ट्रीय/राष्ट्रीय जम्बूरी, राष्ट्रपति स्काउट गाइड रोवर रेंजर पुरस्कार, राज्य पुरस्कार तथा तृतीय एवं द्वितीय सोपान जैसी उपलब्धियों को चयन का आधार बनाया गया है। एनएसएस श्रेणी में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों में सहभागिता, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय पुरस्कार, गणतंत्र दिवस परेड, राष्ट्रीय युवा उत्सव, एनएसएस मेगा शिविर, राष्ट्रीय एकता शिविर, साहसिक कार्यक्रम शिविर सहित राज्य, विश्वविद्यालय, जिला एवं इकाई स्तर के शिविरों में सहभागिता को प्राथमिकता दी जाएगी।

    मेधावी विद्यार्थियों को भी मिलेगा मौका

    मेधावी श्रेणी में निर्धारित आयु वर्ग के अंतर्गत आयोजित परीक्षाओं में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले युवाओं को चयन में प्राथमिकता दी जाएगी। इस प्रकार योजना में खेल, शिक्षा, एनसीसी, एनएसएस और स्काउटिंग जैसी विविध गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं को अवसर दिया जा रहा है।

    जिला स्तर पर समिति करेगी परीक्षण, लॉटरी से होगा चयन

    विकासखंड स्तर से प्राप्त आवेदनों का जिला स्तर पर सूक्ष्म परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित चयन समिति द्वारा लॉटरी के माध्यम से युवाओं का चयन किया जाएगा। समिति में जिला पुलिस अधीक्षक, जिला शिक्षा अधिकारी, नेहरू युवा केंद्र के समन्वयक, एनसीसी, एनएसएस, स्काउट-गाइड, चिन्हित महाविद्यालय के जिला प्रभारी तथा जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी शामिल रहेंगे।

    दस्तावेजों की होगी अनिवार्य जांच

    अनुभव यात्रा के लिए चयनित युवाओं से निर्धारित प्रपत्र के अनुसार आवेदन पत्र के साथ फिटनेस सर्टिफिकेट/चिकित्सा प्रमाण-पत्र, जोखिम एवं संबंधित थाने से चरित्र प्रमाण-पत्र प्राप्त किया जाएगा। चरित्र प्रमाण-पत्र एवं चिकित्सा प्रमाण-पत्र चयनित युवाओं से ही लिया जाना सुनिश्चित किया जाएगा।

    एक युवा को केवल एक बार मिलेगा अनुभव यात्रा का अवसर

    योजना में चयनित युवा को केवल एक बार ही अनुभव यात्रा में भेजा जाएगा। यदि कोई युवा अनुभव यात्रा में जाने से असहमति व्यक्त करता है, तो उसे आगामी किसी भी अनुभव यात्रा में नहीं भेजा जाएगा। साथ ही पूर्व में अनुभव यात्रा पर भेजे जा चुके युवाओं का पुनः चयन नहीं किया जाएगा।

    आवेदन के लिए 22 सितंबर तक का समय, वेबसाइट से भी प्राप्त किए जा सकते हैं आवेदन

    ‘माँ तुझे प्रणाम’ योजना के अंतर्गत विकासखंड स्तर पर पात्र युवाओं से 22 सितंबर तक आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। प्राप्त आवेदनों के परीक्षण के बाद 23 से 26 सितंबर तक जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित चयन समिति द्वारा लॉटरी के माध्यम से युवाओं का चयन किया जाएगा। चयनित युवाओं की सूची तथा समिति के हस्ताक्षरित दस्तावेजों की सॉफ्ट कॉपी 30 सितंबर तक संचालनालय, खेल एवं युवा कल्याण को ई-मेल के माध्यम से उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। ‘माँ तुझे प्रणाम’ योजना के आवेदन पत्र खेल एवं युवा कल्याण विभाग की वेबसाइट www.dsywmp.gov.in से भी प्राप्त किए जा सकते हैं।

    युवा शक्ति को राष्ट्रसेवा और राष्ट्रीय गौरव से जोड़ने की पहल

    ‘माँ तुझे प्रणाम’ योजना के माध्यम से मध्यप्रदेश शासन का प्रयास है कि प्रदेश के युवा केवल पुस्तकों के माध्यम से नहीं, बल्कि सीमा पर तैनात सैनिकों के जीवन, राष्ट्र की सुरक्षा व्यवस्था तथा भारत की ऐतिहासिक-सांस्कृतिक विरासत को प्रत्यक्ष अनुभव कर देश के प्रति अपने दायित्व और गौरव की भावना को और मजबूत करें।

     

  • प्रदेश में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक चलेगा सेवा संकल्प अभियान

    प्रदेश में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक चलेगा सेवा संकल्प अभियान

    भोपाल

    मध्यप्रदेश में जनसेवा को जनभागीदारी से जोड़ने और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा। एक माह के इस अभियान में सेवा, स्वच्छता, सामाजिक सहभागिता, हितग्राही कल्याण, युवा नवाचार और नागरिक दायित्व से जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से आमजन को ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प से जोड़ा जाएगा।

    अभियान में कार्यक्रमों के आयोजन पर जोर के साथ योजनाओं का वास्तविक लाभ, नागरिकों की भागीदारी और गतिविधियों के परिणाम भी फोकस किया जाएगा। प्रत्येक जिले में गतिविधियों का दिनांकवार, स्थानवार और उत्तरदायी अधिकारीवार कैलेंडर तैयार होगा तथा नियमित समीक्षा की जाएगी। जनप्रतिनिधियों के साथ सामाजिक एवं स्वयंसेवी संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थानों, युवाओं, महिलाओं, स्व-सहायता समूहों, वरिष्ठ नागरिकों तथा सामाजिक-आध्यात्मिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, जिससे अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा सके।

    होंगे दीपोत्सव और ‘कहानी बदलाव की’ जैसे आयोजन

    अभियान में ‘आशीर्वाद का दीया’ के तहत हितग्राहीमूलक योजनाओं से लाभान्वित लोगों की अद्यतन एवं प्रमाणित सूची तैयार कर चिन्हित क्षेत्रों में परिवारों की सहभागिता से दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम होंगे। उज्जैन के  महाकाल लोक और निवाड़ी के  रामराजा लोक, ओरछा में भव्य दीपोत्सव आयोजित किए जाएंगे।

    ‘सेवा चित्र’ के तहत 17 सितम्बर से 7 अक्टूबर के बीच शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में प्रधानमंत्री द्वारा किए गए सेवा कार्यों और विकसित भारत की संकल्पना पर चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताएं होंगी। श्रेष्ठ चित्रों की प्रदर्शनी और उत्कृष्ट प्रतिभागियों का सम्मान किया जाएगा तथा चयनित प्रविष्टियों की राज्य स्तरीय प्रदर्शनी भी होगी।

    ‘सेवा स्मरण’ में सेवा कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों को संगीतमय नाट्य प्रस्तुतियों के जरिए आमजन तक पहुंचाया जाएगा। प्रत्येक जिले में 18 से 20 सांस्कृतिक दलों/नुक्कड़ नाट्य टोलियों को सूचीबद्ध कर विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों और सार्वजनिक स्थलों पर प्रस्तुतियां कराई जाएंगी। कार्यक्रम 17 सितम्बर से शुरू होंगे और 2 अक्टूबर को सभी जिला मुख्यालयों पर इनका मंचन होगा।

    ‘आंगन का मिलन’ 25 सितम्बर से 7 अक्टूबर तक सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर आयोजित होगा। तीन दिवसीय आयोजनों में माताओं और बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य एवं महिला कल्याण योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। लाभार्थी माताएं अनुभव साझा करेंगी, आंगनवाड़ी एवं आशा कार्यकर्ताओं तथा लाभार्थी माताओं का सम्मान होगा और बच्चों के लिए मनोरंजक गतिविधियां की जाएंगी।

    ‘कहानी बदलाव की’ में शासन की योजनाओं से जीवन में उल्लेखनीय सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले हितग्राहियों की वास्तविक कहानियां संक्षिप्त वीडियो एवं डिजिटल माध्यम से सामने लाई जाएंगी। लाभार्थी, योजना, स्थान और बदलाव का विवरण दर्ज कर उत्कृष्ट सफलता-कथाओं को प्रोफेशनल तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा।

    सेवा ज्योति यात्रा से लेंगे विकसित भारत का संकल्प

    प्रत्येक जिले और ग्राम स्तर पर ‘सेवा ज्योति यात्रा’ आयोजित होगी। अलग-अलग दिशाओं से निकलने वाली यात्राएं निर्धारित स्थल पर एकत्र होंगी, जहां शासन की प्रमुख विकास उपलब्धियों और सेवा कार्यों की जानकारी दी जाएगी। यहां नागरिक ‘विकसित भारत 2047’ का सामूहिक संकल्प लेंगे। स्थानीय नागरिकों, युवाओं, सामाजिक संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी के साथ जिला विकास पुस्तिका का वितरण भी किया जाएगा।

    मध्यप्रदेश से गुजरने वाली ‘बड़नगर से वाराणसी—जल, जन और सेवा संकल्प यात्रा’ के पड़ावों पर स्थानीय नागरिकों और विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों को जोड़ते हुए कार्यक्रमों को संवादात्मक और सहभागी स्वरूप दिया जाएगा।

    ‘सेवा मेरा योगदान’ में 25 गतिविधियों से जुड़ेंगे नागरिक

    अभियान के दौरान ‘सेवा मेरा योगदान’ के तहत नागरिकों को 25 प्रमुख सेवा गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। इनमें रक्तदान, अनाथालय/वृद्धाश्रम भ्रमण, वृक्षारोपण, स्वच्छता, स्वास्थ्य जांच, एक गांव गोद लेकर सेवा कार्य, योग-ध्यान, प्लास्टिक-मुक्त जागरूकता, महिला स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, वंचित बच्चों को शिक्षा सहयोग, करियर काउंसलिंग, वरिष्ठ नागरिकों के लिए डिजिटल साक्षरता, अंगदान संकल्प, नशा-मुक्त भारत, पोषण एवं एनीमिया जागरूकता, सड़क सुरक्षा, जल संरक्षण एवं जल स्रोत सफाई, कचरा पृथक्करण एवं कम्पोस्टिंग, साइबर सुरक्षा, फिट इंडिया, वीर गाथा एवं सैनिक सम्मान, दिव्यांगजन सहयोग, मतदाता जागरूकता एवं पंजीयन, वोकल फॉर लोकल और सरकारी योजनाओं की जागरूकता शामिल हैं। नागरिकों को स्वप्रेरणा से सेवा गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। सेवा कार्यों का फोटो-वीडियो दस्तावेजीकरण और सोशल मीडिया प्रचार होगा। चयनित गतिविधियों के बिफोर/आफ्टर वीडियो रील माई भारत पोर्टल पर अपलोड कर डिजिटल प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के लिए भी नागरिकों को प्रेरित किया जाएगा। नदी घाटों और सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता अभियान एवं श्रमदान होंगे तथा श्रमदान करने वालों को सम्मानित किया जाएगा।

    ‘सेवा सेतु’ में मौके पर मिलेगा योजनाओं का लाभ

    ‘सेवा सेतु—सरकार आपके द्वार’ के तहत विधानसभा और विकासखंड स्तर पर शिविर होंगे। संबंधित विभागों के अधिकारी नागरिकों की योजनावार पात्रता का परीक्षण करेंगे तथा पात्र लोगों को आवेदन, दस्तावेज और योजना लाभ प्राप्त करने में मार्गदर्शन देंगे। प्राप्त आवेदनों के निराकरण की पृथक मॉनिटरिंग होगी।

    ह्यूमन रंगोली से नवाचार तक

    ‘सेवा के रंग’ में प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर ह्यूमन रंगोली बनाई जाएगी। इसके विषय जनकल्याणकारी योजनाओं, राष्ट्रीय प्रतीकों और विकसित भारत की संकल्पना पर आधारित होंगे। चयनित शहरों में एक ही दिन 108 मीटर व्यास का ‘भारत मंडल’ बनाने की भी योजना है।

    ‘हैकाथॉन और इनोवेशन चैलेंज’ में युवा, विद्यार्थी, स्टार्टअप, प्रोफेशनल्स और नवाचारकर्ताओं को जोड़ा जाएगा। उत्कृष्ट नवाचारों की प्रदर्शनी, लाइव डेमो और विशेषज्ञ संवाद आयोजित किए जाएंगे। ‘जनसेवक महाकुंभ—पंचायत से पार्लियामेंट’ के तहत 17 अक्टूबर को प्रस्तावित राष्ट्रीय कार्यक्रम में प्रदेश की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

    ‘25 साल, 25 कहानियां’ में विकास और उपलब्धियों के प्रमुख पड़ावों को दर्शाने वाली क्यूरेटेड किट वितरित की जाएगी। इसमें 25 प्रमुख योजनाओं एवं उपलब्धियों की प्रतिकृतियां और विस्तृत जानकारी के लिए क्यूआर कोड होंगे।

    कार्यक्रमों की संख्या नहीं, परिणाम भी होंगे दर्ज

    अभियान की गतिविधियों की जिलेवार एवं गतिविधिवार मॉनिटरिंग के लिए सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर पृथक मॉड्यूल तैयार किया जा रहा है। प्रत्येक जिले की 13 गतिविधियों का कैलेंडर 12 सितम्बर तक पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा और अभियान अवधि में दैनिक प्रगति अपडेट होगी। केवल कार्यक्रमों की संख्या नहीं, बल्कि वास्तविक परिणाम, फोटो-वीडियो और जहां लागू हो वहां पहले और बाद के साक्ष्य भी दर्ज किये जायेंगे।

    ‘सेवा सेतु’ में आने वाले नागरिकों, प्राप्त एवं स्वीकृत आवेदनों तथा वास्तविक रूप से लाभान्वित हितग्राहियों का पृथक विवरण रखा जाएगा। ‘सेवा मेरा योगदान’ में स्वयंसेवकों की संख्या और श्रमदान के घंटे तथा ‘कहानी बदलाव की’ में सत्यापित सफलता-कथाओं का रिकॉर्ड रखा जाएगा। कलेक्टर नियमित समीक्षा करेंगे और राज्य स्तर पर भी अभियान की प्रगति की समीक्षा होगी।

    ‘सेवा संकल्प अभियान’ का लक्ष्य सेवा को उत्सव, सहभागिता को संकल्प और संकल्प को जनआंदोलन में बदलते हुए शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना और नागरिकों को सामूहिक रूप से ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प से जोड़ना है।

     

  • लगभग 70 लाख रुपये से अधिक की राशि/संपत्ति जब्‍त कर पीड़ितों को वापस कराई

    लगभग 70 लाख रुपये से अधिक की राशि/संपत्ति जब्‍त कर पीड़ितों को वापस कराई

    भोपाल

    मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा साइबर अपराध एवं ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोहों के विरुद्ध प्रदेश में निरंतर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विगत 10 दिनों के दौरान पुलिस की विभिन्न टीमों ने आधुनिक तकनीकी अनुसंधान, त्वरित कार्रवाई, NCRP के MRM/GRM मॉड्यूल तथा अंतर्राज्यीय समन्वय के माध्यम से निवेश एवं शेयर ट्रेडिंग ठगी, ई-कॉमर्स रिफंडफ्रॉड, म्यूल बैंक अकाउंट, वर्क-फ्रॉम-होम ठगी एवं मोबाइल हैकिंग से जुड़े कई मामलों का सफलतापूर्वक खुलासा किया है। कार्रवाई के दौरान अंतर्राज्यीय गिरोहों से जुड़े आरोपियों को गिरफ्तार किया है तथा बड़ी मात्रा में नगदी, मोबाइल फोन, बैंकिंग दस्तावेज, डेबिट/प्रीपेड कार्ड सहित ठगी से संबंधित संपत्ति जब्‍त की है। साथ ही तकनीकी माध्यमों से समय पर कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी के शिकार पीड़ितों की लाखों रुपये की राशि होल्ड कराकर वापस भी कराई गई।

    ग्वालियर

    सायबर क्राइम विंग ग्वालियर ने निवेश के नाम पर 1 करोड़ 63 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय नेटवर्क के एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी व्हाट्स एप एवं टेलीग्राम के माध्यम से साइबर अपराधियों को म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराता था। उसके कब्जे से 26 डेबिट/प्रीपेड कार्ड, बैंकिंग दस्तावेज एवं मोबाइल फोन जब्त किए गए।

    गुना

    फर्जी सिम एवं बैंक खातों के माध्यम से महंगे मोबाइल ऑर्डर कर रिफंड लेने तथा मोबाइल हड़पने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से ईवी कार एवं 25 मोबाइल सहित लगभग 60 लाख रूपए से अधिक की संपत्ति जब्‍त की है। वहीं साइबर सेल गुना ने NCRP के माध्यम से त्वरित कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी के शिकार पीड़ितों की 1लाख 35हजार रुपये की राशिपर समय रहते होल्ड लगवाकर सुरक्षित वापस कराई।

    इंदौर

    थाना विजयनगर पुलिस ने उत्तरप्रदेश साइबर सेल के समन्वय से फर्जी “Nokia_Securities” ऐप के जरिए शेयर बाजार में मुनाफे का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह के 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया। थाना एरोड्रम पुलिस ने साइबर ठगी में संलिप्त संगठित सिंडिकेट के 16 आरोपियों को गिरफ्तार कर नेटवर्क का खुलासा किया। थाना तिलक नगर पुलिस ने ऑनलाइन ठगी की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आवेदक की ठगी गई 1लाख 39हजार 860 रुपये की संपूर्ण राशि वापस कराई।

    पन्ना

    पुलिस ने वर्क-फ्रॉम-होम के माध्यम से नौकरी एवं कमाई का लालच देकर लगभग 5लाख 87हजार रुपये से अधिक की ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के 1 विधि-विरुद्ध बालक को अभिरक्षा में लेकर 5 सदस्यों को राजस्थान के दौसा जिले से गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 5लाख 82हजार रुपये नगद जब्‍त किए। इसी प्रकार फर्जी विज्ञापन के माध्यम से टाटा पावर सोलर की डिस्ट्रीब्यूटरशिप/फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर 1लाख 60हजार रुपये की ठगी करने वाले 3 आरोपियों को पुलिस ने बिहार से गिरफ्तार किया। आरोपियों से 47हजार रुपये नगद एवं 5 मोबाइल फोन जब्‍त किए है। एक अन्‍य कार्यवाही में पुलिस ने मोबाइल हैक कर बैंक खाते से 1लाख रूपए निकालने वाले 4  आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्‍जे से 11हजार रुपये नगद जब्‍त किए।

    देवास

    पुलिस ने गृह मंत्रालय के MRM (Money Restoration Module) का प्रभावी उपयोग करते हुए दो प्रकरणों में कुल 87हजार 910रुपये की धनराशि संबंधित पीड़ितों के बैंक खातों में वापस कराई।

    अशोकनगर

    “ सेफ क्लिक” अभियान के तहत साइबर जागरूकता एवं पुलिस की तकनीकी तत्परता के परिणाम स्वरूप ऑनलाइन ठगी के शिकार पीड़ितों की 1लाख 43हजार रुपये की धनराशि को समय रहते होल्ड कराकर सुरक्षित वापस कराया।

    साइबर सुरक्षा के प्रति मध्यप्रदेश पुलिस की अपील

    मध्यप्रदेश पुलिस आमजन से अपील करती है कि किसी भी अनजान लिंक, APK फाइल अथवा लुभावने ऑनलाइन विज्ञापनों पर भरोसा न करें। वर्क-फ्रॉम-होम, शेयर बाजार में दोगुना मुनाफा, फ्रेंचाइजी/डिस्ट्रीब्यूटरशिप ऑफर अथवा रिफंड के नाम पर प्राप्त होने वाले संदेशों की सत्यता जांचे बिना कोई राशि ट्रांसफर न करें। अपने बैंक खाते से संबंधित जानकारी, OTP, UPI PIN एवं व्यक्तिगत पहचान संबंधी दस्तावेज किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें अथवा cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। समय पर की गई शिकायत ठगी की राशि को होल्ड कराने एवं पीड़ित को राशि वापस दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

     

  • एमपी अर्बन लॉकर से सुगम एवं त्वरित होंगी नागरिक केंद्रित सेवाएं

    एमपी अर्बन लॉकर से सुगम एवं त्वरित होंगी नागरिक केंद्रित सेवाएं

    भोपाल

    नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त  संकेत भोंडवे ने कहा है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के प्रासंगिक समावेश से शासकीय कार्यप्रणाली और नागरिक सेवाओं को अधिक त्वरित, पारदर्शी तथा आंकड़ा-आधारित (डेटा-ड्रिवन) बनाने में क्रांतिकारी परिवर्तन संभव हैं। नगरीय क्षेत्रों में उपलब्ध विशाल आंकड़ों के सूक्ष्म विश्लेषण, सेवाओं की प्रभावी निगरानी और निर्णय प्रक्रिया को चुस्त-दुरुस्त बनाकर आम नागरिकों के जीवन को और अधिक सुगम एवं सुविधाजनक बनाया जा सकता है।  भोंडवे भोपाल में ओरेकल द्वारा आयोजित 'गोवएआई लीडरशिप फोरम-2026' में मुख्य वक्ता के रूप में सहभागिता करते हुए अपने विचार व्यक्त कर रहे थे।

    सुरक्षा मानकों और डेटा निजता पर बल

    आयुक्त  भोंडवे ने तकनीक के जिम्मेदार और जन-उपयोगी प्रयोग का आह्वान करते हुए कहा कि एआई आधारित नवाचारों को अपनाते समय डिजिटल आंकड़ों की सुरक्षा, नागरिकों की व्यक्तिगत निजता और सुदृढ़ साइबर सुरक्षा तंत्र सुनिश्चित करना अत्यंत अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीकी प्रगति के साथ कड़े सुरक्षा मानकों का संतुलन बनाए रखकर ही जन-विश्वास और डेटा गोपनीयता को सुरक्षित रखा जा सकता है।

    एमपी अर्बन लॉकर: डिजिटल सुशासन की दिशा में नवाचार

    मध्यप्रदेश में डिजिटल सुशासन के क्षेत्र में स्थापित किए जा रहे नए आयामों को रेखांकित करते हुए  भोंडवे ने 'एमपी लॉकर' एवं 'एमपी अर्बन लॉकर ऐप' की विशेषताओं और उसकी सर्व-उपयोगिता की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि डिजिटल माध्यमों के जरिए नागरिकों को महत्वपूर्ण दस्तावेज और नगरीय सेवाएं उनके द्वार तक पहुंचाना शासन को अधिक पारदर्शी और संवेदनशील बनाता है। 'एमपी अर्बन लॉकर ऐप' एंड्रॉयड और आईओएस दोनों प्रमुख प्लेटफॉर्म्स के स्टोर पर जनसामान्य के उपयोग के लिए उपलब्ध है।

    संतुलित एआई आधारित शासन व्यवस्था पर विमर्श

    फोरम में एआई एवं डिजिटल प्रौद्योगिकी के विशेषज्ञों ने भाग लेते हुए प्रशासनिक सुशासन में तकनीक, डेटा प्रबंधन और सुरक्षा मानकों के मध्य समन्वय स्थापित करने पर गहन विचार-मंथन किया। इस अवसर पर आईटी, एआई विशेषज्ञ, प्रशासनिक अधिकारी एवं विषय-विशेषज्ञ उपस्थित रहे। 

  • विसबल वाहिनियों में पुलिसकर्मियों की सुविधाओं, कल्याण एवं कार्य-परिस्थितियों को बेहतर बनाने पर विशेष जोर

    विसबल वाहिनियों में पुलिसकर्मियों की सुविधाओं, कल्याण एवं कार्य-परिस्थितियों को बेहतर बनाने पर विशेष जोर

    भोपाल

    अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (विसबल)  डी. निवास वर्मा की अध्यक्षता में आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विसबल की विभिन्न वाहिनियों से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विसबल वाहिनियों में पुलिस बल की कार्यक्षमता, सुविधाओं, कल्याण एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने से संबंधित विभिन्न विषयों पर दिशा-निर्देश दिए गए। इसके पश्चात ई-ऑफिस के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई।

    बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (विसबल)  निवास वर्मा ने निर्देश दिए कि विसबल कंपनियों की व्यवस्थाओं का नियमित रूप से भौतिक सत्यापन सुनिश्चित किया जाए। सेनानी, उप सेनानी, सहायक सेनानी तथा वाहिनी चिकित्सालय के चिकित्सक समय-समय पर कंपनियों का भ्रमण कर आवास, पेयजल, शौचालय-स्नानागार, विद्युत, स्वच्छता, मच्छर नियंत्रण, भोजन व्यवस्था तथा शासकीय आवासों के रख-रखाव एवं मरम्मत की स्थिति का निरीक्षण करें और पाई जाने वाली कमियों का तत्काल निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आवासीय परिसर, बैरक, खेल एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की नियमित समीक्षा के साथ पुलिसकर्मियों को बेहतर कार्य एवं आवासीय वातावरण उपलब्ध कराया जाए।

    उन्होंने कर्मचारियों के मेडिकल तथा टीए/डीए देयकों का परीक्षण कर निर्धारित समय-सीमा में भुगतान सुनिश्चित करने तथा अनावश्यक रूप से लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के भी निर्देश दिए। साथ ही वाहिनियों में संचालित विभिन्न कल्याणकारी गतिविधियों एवं सेवाओं में ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था को बढ़ावा देते हुए पारदर्शी एवं कैशलेस भुगतान प्रणाली सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

    बैठक में वाहिनियों एवं अधीनस्थ कंपनियों में स्वीकृत एवं उपलब्ध बल की समीक्षा, बल की कमी की पूर्ति, कॉपरेटिव बैंक में वित्तीय अनुशासन, नियमित ऑडिट एवं लंबित ऑडिट आपत्तियों के निराकरण तथा कर्मचारियों के नियमानुसार स्थानांतरण के संबंध में चर्चा की गई। लंबित अनुकंपा नियुक्ति प्रकरणों के शीघ्र निराकरण तथा पुलिस चिकित्सालयों में चिकित्सकीय सेवाओं, दवाओं, उपकरणों, चिकित्सक, स्टाफ एवं तकनीशियन की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई।

    प्रत्येक वाहिनी में मंगलवार एवं शुक्रवार को नियमित परेड/ओआर आयोजित कर कर्मचारियों की समस्याओं, अनुशासन एवं कल्याण से संबंधित विषयों की समीक्षा, वाहिनियों में आवश्यक निर्माण एवं आधारभूत संरचना के कार्यों के लिए जनप्रतिनिधियों से समन्वय, सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों को उनकी सहमति एवं नियमानुसार कल्याणकारी एवं सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने तथा सेनानीगण द्वारा अपनी वाहिनी से संबंधित महत्वपूर्ण समस्याओं, उपलब्धियों, नवाचारों एवं आवश्यकताओं को नियमित रूप से प्रस्तुत करने के संबंध में भी चर्चा की गई। बैठक में पुलिसकर्मियों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं, सुचारु प्रशासनिक व्यवस्था, समयबद्ध भुगतान एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा उनकी समस्याओं के त्वरित निराकरण पर विशेष जोर दिया गया।

    बैठक में समस्त पुलिस महानिरीक्षक, विसबल रेंज (मध्यप्रदेश) तथा समस्त सेनानी, विसबल (मध्यप्रदेश) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सम्मिलित हुए। 

     

  • उज्जैन सिंहस्थ के लिए 55 करोड़ से अधिक के विद्युत संबंधित कार्य पूर्ण

    उज्जैन सिंहस्थ के लिए 55 करोड़ से अधिक के विद्युत संबंधित कार्य पूर्ण

    भोपाल

    उज्जैन में वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर पश्चिम क्षेत्र कंपनी द्वारा विद्युत संबंधित कार्य तेजी से कराए जा रहे हैं। इससे नगरीय क्षेत्रों, शिप्रा के घाट क्षेत्रों व मेला क्षेत्रों में आने वाले करोड़ों श्रध्दालुओं को सुविधा मिलेगी। अब तक लगभग 55 करोड़ के विद्युत संबंधित कार्य कराए गए हैं। सात करोड़ रूपए की लागत से ग्रिड, लाइन इत्यादि के कार्य प्रगति पर हैं।

    ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर के मार्गदर्शन में उज्जैन शहर में चार नए 33/11केवी ग्रिड तैयार किए जाना थे, इसमें से तीन का कार्य पूर्ण होकर इनसे बिजली आपूर्ति प्रारंभ हो गई हैं, चौथे ग्रिड का कार्य प्रगतिरत है। इन सभी ग्रिडों की लागत संबंधित लाइनों के साथ लगभग 30 करोड़ रूपए है। साथ ही 33 केवी नई लाइन व इंटर कनेक्शन इत्यादि की 20 किमी लाइन साढ़े चार करोड़ रुपए से तैयार हुई हैं। उज्जैन में 11 केवी लाइन, इंटर कनेक्शन व फीडर से संबंधित लाइनों का 80 किमी कार्य लागत 17 करोड़ रूपए से पूर्ण किया गया हैं। प्रबंध निदेशक  अनूप कुमार सिंह ने बताया कि सिंहस्थ के मद्देनजर तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में नए ग्रिड, 33 केवी लाइन समेत 9 कार्यों के लिए 11.42 करोड़ मंजूर किए गए थे, इसमें से 75 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुके हैं, ओंकारेश्वर क्षेत्र में शेष कार्य जारी हैं।

    प्रबंध निदेशक ने बताया कि सिंहस्थ के निमित्त उज्जैन में सैंकड़ों ट्रांसफार्मर लगाए जा चुके हैं। वहीं कुछ माह बाद मेला क्षेत्र में एक हजार नए ट्रांसफार्मर और ट्रांसफार्मर क्षमता वृद्धि के कार्य किए जाएंगे। उज्जैन शहर के चुनिंदा क्षेत्र में अंडरग्राउंड केबल और कोटेड कंडक्टर का कार्य किया गया है। सिंहस्थ को लेकर उज्जैन नगरीय क्षेत्र, शिप्रा के घाट क्षेत्रों, मेला क्षेत्र में बिजली की अधिकतम आकलित मांग 550 मेगावॉट की सतत पूर्ति की आवश्यकता के अनुसार व्यवस्था जुटाई जा रही है। प्रबंध निदेशक ने बताया कि इंदौर, उज्जैन के बिजली अधिकारियों ने गत वर्ष संपूर्ण प्रयागराज महाकुंभ में की गई विद्युत व्यवस्था का भी अध्ययन किया है।

    चलित ट्रांसफार्मर, पोल पर क्यूआर कोड

    बिजली कंपनी सिंहस्थ में चलित ट्रांसफार्मर का इंतजाम करेगी। बड़े वाहन पर ट्रांसफार्मर रखे जाएंगे, कही कोई अतिरिक्त मांग या मौजूदा ट्रांसफार्मर खराब होने की अवस्था रही तो तुरंत गाड़ी पहुंच जाएगी। गाड़ी पर रखे ट्रासंफार्मर से 11 केवी के जंपर जोड़ने पर बिजली प्रदाय होने लगेगी। इधर मेला क्षेत्र में पोल पर क्यूआर कोड लगाएं जाएंगे जो मेला क्षेत्र में किसी के गुम होने पर लोकेशन बताने के काम आएगी। साथ ही क्षेत्र विशेष की बिजली आपूर्ति संबंधित शिकायतों के तेजी से समाधान में मदद करेंगे।