Category: मध्य प्रदेश

  • इंदौर में राहुल गांधी का कार्यक्रम, रीजनल पार्क मैदान के लिए कांग्रेस देगी ढाई लाख रुपये

    इंदौर में राहुल गांधी का कार्यक्रम, रीजनल पार्क मैदान के लिए कांग्रेस देगी ढाई लाख रुपये

     इंदौर 

     राहुल गांधी के आयोजन छात्रों की गूंज के लिए इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) मैदान देने पर सहमत हो गया है। रीजनल पार्क के सामने स्थित मैदान के आवंटन के लिए कांग्रेस के पास संदेश पहुंचा है कि लीज शुल्क चुका दिया जाए।

    शहर कांग्रेस कमेटी की ओर से शुक्रवार को आईडीए में मैदान आवंटन के लिए पैसा जमा किया जाएगा। कांग्रेस ने 14 से 19 सितंबर तक के लिए इस मैदान के आवंटन का लिखित आवेदन दिया है। दस दिनों से ज्यादा समय से 19 सितंबर को होने वाले आयोजन छात्रों की गूंज के स्थान को लेकर खींचतान चल रही थी।

    पहले कांग्रेस ने नेहरू स्टेडियम मांगा था। नगर निगम ने इनकार कर दिया था। इसके बाद आईडीए से रीजनल पार्क पिपल्याराव के सामने स्थित मैदान मांगा गया। हालांकि आईडीए ने सीधे इस मैदान के आवंटन की सहमति नहीं दी थी।

    दो दिन पहले पत्र लिखकर आइडीए ने पुलिस से अभिमत मांग लिया। इसके बाद कांग्रेस ने मुद्दा बनाया और कहा कि सरकार के ईशारे पर प्रशासन राहुल गांधी के आयोजन को रोकने की कोशिश कर रहा है। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बयान दे दिया था कि जगह नहीं मिलेगी तो सड़क पर आयोजन होगा लेकिन छात्रों की गूंज तो होकर रहेगा।

    सूत्रों के अनुसार आईडीए के अधिकारियों की ओर से शहर कांग्रेस कमेटी के पास गुरुवार दोपहर संदेश पहुंचा कि मैदान आवंटन के शुल्क के रूप में करीब ढाई लाख रुपये की राशि जमा करवाई जाए। इसके बाद ही मैदान दिया जा सकेगा। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कहा कि मैदान के लिए तय शुल्क शुक्रवार को जमा कर दिया जाएगा।
    महू में भी हुई बैठक

    छात्रों की गूंज के लिए कांग्रेस की तैयारी और बैठकों का सिलसिला जारी है। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी के साथ प्रदेश सहप्रभारी रणविजय लोचन, उषा नायडू, विजयालक्ष्मी साधौ व जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े ने शुक्रवार को ग्रामीण क्षेत्रों में बैठक ली। पहले महू और फिर देपालपुर क्षेत्र में बैठक हुई। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने डॉ. भीमराव आंबेडकर जन्मस्थली पर माल्यार्पण भी किया। इंदौर में हो रहे इस आयोजन के लिए ग्रामीण क्षेत्र से भी युवाओं को जुटाने के प्रयास में कांग्रेस लगी है।

  • रीगल से गांधी हॉल तक बदलेगी ट्रैफिक की तस्वीर, दो नए 3-लेन रेलवे ओवरब्रिज का होगा निर्माण

    रीगल से गांधी हॉल तक बदलेगी ट्रैफिक की तस्वीर, दो नए 3-लेन रेलवे ओवरब्रिज का होगा निर्माण

     इंदौर 

    रीगल से गांधी हॉल के बीच मौजूदा शास्त्री बिज के स्थान पर तीन-तीन लेन के दो अलग-अलग रेलवे ओवर ब्रिज बनाए जाएंगे। पूर्व में जहां शास्त्री ब्रिज को हटाकर उसके स्थान पर एक ही ब्रिज बनाकर उस पर से वाहनों की आने-जाने की व्यवस्था करने की बात कही जा रही थी। अब रेलवे द्वारा मौजूदा शास्त्री ब्रिज के समानांतर ही दूसरा ब्रिज बनाने की योजना बनाई जा रही है।

    यह ब्रिज शास्त्री ब्रिज के समानांतर बनेगा। रीगल की ओर जज बंगलों के पास से होकर यह गांधी हॉल परिसर में उतरेगा। इन दोनों ब्रिजों के निर्माण का जिम्मा इंदौर विकास प्राधिकरण को दिया जाएगा। फिलहाल रेलवे के अफसरों द्वारा आईडीए को इसके लिए प्रस्ताव दिया गया है।

    गुरुवार को इस संबंध में सांसद शंकर लालवानी की अध्यक्षता में आईडीए व रेलवे के अफसरों की बैठक हुई। बैठक में तय हुआ कि सिंहस्थ तक मौजूदा शास्त्री ब्रिज के समानांतर रेलवे ओवर ब्रिज बनाया जाएगा। इसके बनने के बाद शास्त्री ब्रिज को तोड़कर नया ब्रिज बनाया जाएगा। दोनों ब्रिज की ऊंचाई मौजूदा शास्त्री ब्रिज से अधिक रहेगी।

    175 करोड़ में तैयार होंगे दोनों ब्रिज

    रेलवे द्वारा अभी तक शास्त्री ब्रिज को तोड़कर नया ब्रिज बनाने पर 120 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना थी। अब शास्त्री ब्रिज के सामानांतर नया ब्रिज बनाने पर 50 से 55 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया जा रहा है। इस तरह दोनों ब्रिज का निर्माण 175 करोड़ में हो सकेगा।

    तीन-तीन लेन के होंगे दोनो ब्रिज

    नई योजना के तहत शास्त्री ब्रिज के स्थान पर बनाए जाने वाला ब्रिज तीन लेन का होगा और उसके समानांतर बनने वाला ब्रिज भी तीन लेन का होगा। पूर्व में बनने वाले ब्रिज पर जगह कम होने के कारण पैदल चलने वालों के लिए अलग से फुटओवर ब्रिज बनाने की योजना थी।

    अब वो फुटओवर ब्रिज नहीं बनेगा और दोनों ब्रिज पर फुटपाथ का निर्माण किया जा सकेगा। शास्त्री ब्रिज के स्थान पर बनने वाले ब्रिज की चौड़ाई 10.3 मीटर होगी। वही इसके समानांतर बनने वाले ब्रिज की चौड़ाई 9 से 9.30 मीटर होगी। जब दोनों ब्रिज तैयार हो जाएंगे तो आने व जाने के लिए अलग-अलग ब्रिज का उपयोग होगा।

    दो से तीन माह में रेलवे बोर्ड से मिलेगी स्वीकृति

    पूर्व में रेलवे ही शास्त्री ब्रिज को तोड़कर नया ब्रिज बनाने वाला था। इसके लिए बजट तय होने के साथ रेलवे बोर्ड से मंजूरी भी मिल गई थी। अब दूसरा समानांतर ब्रिज बनाने का निर्णय लिया गया और निर्माण का जिम्मा भी आईडीए को दिया जा रहा है। दोनों ब्रिज में रेलवे वाले हिस्से के कार्य का सुपरविजन रेलवे विभाग द्वारा किया जाएगा।

    आईडीए दोनों ब्रिज का निर्माण करेगा

    रेलवे दोनो ब्रिज के निर्माण की राशि आईडीए को देगा और आईडीए दोनों ब्रिज का निर्माण करेगा। ऐसे में नया ब्रिज बनाने के लिए अभी रेलवे बोर्ड से मंजूरी मिलने में दो से तीन माह का समय लगेगा। इधर गुरुवार को शहर में हुई आइडीए की अफसरों की बैठक में आईडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. परीक्षित संजय राव झाड़े ने नए ब्रिज के निर्माण के लिए सर्वे कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। सर्वे के आधार पर ब्रिज के अलाइनमेंट, संरचना, ऊंचाई, चौड़ाई, यातायात प्रबंधन सहित अन्य तकनीकी पहलुओं को अंतिम रूप दिया जाएगा।

     

  • सागर में शराब माफिया पर टूटा प्रशासन का बुलडोजर, 5 ठिकानों पर कार्रवाई; जहरीली शराब से 30 मौतें

    सागर में शराब माफिया पर टूटा प्रशासन का बुलडोजर, 5 ठिकानों पर कार्रवाई; जहरीली शराब से 30 मौतें

     सागर

     जहरीली शराब कांड के आरोपियों पर प्रशासन की कार्यवाही भी तेज हो गई है। गुरुवार को इस कांड के तीन आरोपितों के बंडा कस्बे में स्थित पांच मकान-गोदामों को बुल्डोजर चलाकर ढहा दिया गया।

    इसके साथ काली कमाई से खड़े किए गए उनके अवैध साम्राज्य का रसूख भी मिट्टी में मिल गया।
    तीन ठिकाने ढहाए

    बंडा एसडीएम कार्यालय में गुरुवार दोपहर एक बजे कार्यवाही करने वाली पूरी टीम को एकत्र किया गया। वहां अधिकारियों ने उन्हें ब्रीफ किया उसके बाद तीन अलग-अलग टुकड़ियां एक-एक बुल्डोजर लेकर तीन टीमें आरोपितों मनीष लोधी उर्फ यशवंत ठाकुर, चंद्रभान उर्फ चंदू सिंह राजपूत और आशीष साहू के चिन्हित ठिकानों पर पहुंची।

    10 मिनट के भीतर भवनों में तोड़फोड़ शुरू हो गई। कार्रवाई के दौरान मनीष लोधी के घर से एक महिला कुछ दस्तावेज लेकर अधिकारियों के पास पहुंची, जिसे बिना सुने हटा दिया गया।

    करणी सेना के संभागीय अध्यक्ष और ततरवारा गांव के सरपंच चंद्रभान उर्फ चंदू सिंह राजपूत की करीब 2500 वर्गफीट में बनी आलीशान कोठी को पांच-छह घंटों में तोड़ दिया गया। कोठी का अधिकांश हिस्से का निर्माण एक साल पूर्व ही किया गया था। भवन इतना बड़ा था कि परिसर में करीब दस गाड़ियों की पार्किंग आसानी से हो सकती थी।

    एक आरोपी आशीष साहू के कॉलेज रोड स्थित करीब 20 साल पुराना मकान दो घंटे के भीतर ही पूरी तरह ढहा दिया गया। इसके आगे का हिस्सा कच्चा था। आशीष को मनीष लोधी का सहयोगी बताया जा रहा है। उसका मुख्य काम अलग-अलग गांवों में शराब की तस्करी करना था। आशीष के खिलाफ छह-सात मामले दर्ज हैं।
    रवि लखेरा ने खड़ा किया नेटवर्क

    पुलिस के अनुसार आबकारी ठेकेदार मनीष लोधी ने अंतरराज्यीय नकली शराब माफिया रवि लखेरा के साथ मिलकर नकली शराब का नेटवर्क खड़ा किया। उसने ततरवारा सरपंच चंदू राजपूत के साथ अवैध शराब की फैक्र्ट्री बनाई। चंदू तो पकडा गया, लेकिन मनीष और रवि फरार हैं।

    पुलिस ने इन तीनों पर 20 -20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। आरोपित बनाए गए 30 लोगों में से 14 पकड़े जा चुके हैं।
    मनीष के गोदाम में भट्ठी, कड़ाही और मशीनें

    वार्ड-11 स्थित मनीष लोधी उर्फ यशवंत के गोदाम में भट्ठी, कड़ाही और मशीनें मिलीं। खाद्य पदार्थों के रैपर भी मिले। अंदर पांच बाइकें खड़ी थीं और जिसमें से तीन पर नंबर प्लेट तक नहीं थी।

    आशंका जताई गई कि इन्हीं वाहनों का इस्तेमाल अवैध शराब की सप्लाई और तस्करी में किया जाता था। इसको देखने से साफ हुआ कि पुलिस इस गोदाम को देखने तक नहीं पहुंची थी।

    प्रशासन की बुल्डोजर कार्रवाई में पूरा गोदाम इन मशीनों के साथ जमींदोज हो गया। इस अनदेखी पर सवाल उठ रहे हैं। कहा जा रहा है कि अगर इन मशीनों का संबंध अवैध शराब बनाने से हो तो उसके सबूत भी हमेशा के लिए

    इस मामले में बंडा नगर पालिका की निष्क्रियता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। 10-10, 20-20 वर्षों से अवैध निर्माण था, लेकिन कभी कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोपी मनीष लोधी का गोदाम तो सरकारी जमीन पर कब्जा कर बनाया गया था, लेकिन उसे भी खाली कराने की कोई कोशिश नहीं हुई।

    सीएमओ आरसी अहिरवार का कहना था कि ये निर्माण उनके कार्यकाल के पहले हुए हैं, इसलिए अभी स्पष्ट नहीं बता सकता कि उन पर कोई कार्रवाई की गई थी या नहीं? हाल में हुई जांच में यह बगैर परमिशन अवैध निर्माण पाए गए, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई।

    जहरीली शराब से एक और मौत

    जहरीली शराब से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुंदेलखंड मेडिकल कालेज में गुरुवार को पिपरिया किल्लाई निवासी राम सिंह (30) की भी मौत हो गई। इसके साथ ही जहरीली शराब से मरने वालों की संख्या 30 पहुंच गई है।

        जहरीली शराब के आरोपित के पांच अवैध निर्माण को चिन्हित किया गया था। प्रशासन द्वारा सभी पर कार्रवाई की गई है। उन्हें 24 घंटे पहले ही नोटिस जारी कर दिए गए थे। आरोपितों के अन्य निर्माणों की जांच की जा रही है। उन पर भी कार्रवाई की जाएगी – संजय जैन, एसडीएम बंडा

     

  • काम नहीं करने वाले ठेकेदारों पर लोक निर्माण विभाग की बड़ी कार्रवाई, 6 ठेकेदार ब्लैकलिस्टेड

    काम नहीं करने वाले ठेकेदारों पर लोक निर्माण विभाग की बड़ी कार्रवाई, 6 ठेकेदार ब्लैकलिस्टेड

    रायपुर

     लोक निर्माण विभाग ने सड़कों और पुलों के निर्माण कार्यों में अत्यंत धीमी प्रगति और कार्य पूर्ण करने में रूचि नहीं लेने वाले 6 ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई की है। विभाग द्वारा अनुबंध के अनुसार कार्य नहीं होने पर बार-बार नोटिस जारी करने, अनुबंध अवधि बढ़ाने, ठेकेदारों द्वारा स्वयं शपथ पत्र देने के बावजूद काम नहीं करने तथा कार्य पूर्ण करने में रूचि नहीं लेने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट कर उनके पंजीयन के नवीनीकरण पर रोक लगा दी है। दो ठेकेदारों के पंजीयन भी निरस्त किए गए हैं। 

    राज्य शासन ने बस्तर की महत्वाकांक्षी सड़कों के निर्माण की धीमी गति और विलंब को देखते हुए व्यापक समीक्षा के बाद वहां निर्माणाधीन कार्यों को पूरा करने में रूचि नहीं दिखाने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की है। ये ठेकेदार बार-बार नोटिस जारी करने तथा स्वयं शपथ पत्र देने के बावजूद काम नहीं कर रहे थे। इनके द्वारा निर्माणाधीन सड़कों और पुलों को पूर्ण करने में रूचि नहीं ली जा रही थे। राज्य शासन ने इन कार्रवाईयों को लेकर बिलासपुर उच्च न्यायालय में कैविएट भी दायर की है।

    लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता कार्यालय द्वारा सड़कों और पुलों के निर्माण में कोताही, लापरवाही और अनुबंधों के उल्लंघन पर ठेकेदार  के. मोहन रेड्डी, मेसर्स शांति विजय कन्सट्रक्शन, मेसर्स ट्रांसाफ्ट इंफ्रा., मेसर्स राघवा कन्सट्रक्शन, मेसर्स बालाजी इन्फ्रास्ट्रक्चर और मेसर्स पंकज हालदार के पंजीयन अ-नवीनीकरण (Non-Renewal) के आदेश जारी किए गए हैं। विभाग ने सार्वजनिक आवागमन और जनसुविधा के कार्यों में हीला-हवाला को गंभीरता से लेते हुए ठेकेदार  के. मोहन रेड्डी और मेसर्स ट्रांसाफ्ट इंफ्रा. के पंजीयन को भी निरस्त कर दिया है। 

    लोक निर्माण विभाग ने सुकमा जिले में चिंतलनार-मरियागुड़म मार्ग और कोंटा-गोलापल्ली मार्ग का काम कर रहे मेसर्स राघवा कंस्ट्रक्शन के पंजीयन को आगामी 5 वर्षों तक अ-नवीनीकरण की कार्रवाई की है। नारायणपुर जिले में नारायणपुर-सोनपुर-मरोड़ा का निर्माण कर रहे मेसर्स शांति विजय कन्सट्रक्शन के पंजीयन के नवीनीकरण पर भी आगामी 5 वर्षों तक रोक लगाई गई है। विभाग द्वारा चिंतलनार-मरियागुड़म मार्ग का काम कर रहे मेसर्स ट्रांसाफ्ट इंफ्रा. के पंजीयन को निरस्त करते हुए आदेश दिनांक से आगामी 5 वर्षों तक अनवीनीकरण के आदेश जारी किए गए हैं। 
     
    लोक निर्माण विभाग ने सुकमा जिले में भेज्जी-चिंतागुफा मार्ग और चिंतलनार-मरियागुड़म सड़क का निर्माण कर रहे ठेकेदार  के. मोहन रेड्डी के पंजीयन को निरस्त करते हुए आदेश दिनांक से आगामी 5 वर्षों तक अनवीनीकरण के आदेश जारी किए हैं। विभाग ने कोंटा-गोलापल्ली मार्ग का काम कर रहे मेसर्स बालाजी इन्फ्रास्ट्रक्चर के पंजीयन को आगामी 2 वर्षों तक अ-नवीनीकरण की कार्रवाई की है। वहीं नारायणपुर-सोनपुर-मरोड़ा मार्ग पर पुल-पुलिया का निर्माण कर रहे मेसर्स पंकज हालदार के पंजीयन को भी आगामी 5 वर्षों तक नवीनीकरण पर रोक लगाई गई है।

     

  • धार, छिंदवाड़ा, बैतूल, नर्मदापुरम, दमोह और उमरिया के चयनित गांव बनेंगे एस्ट्रो-टूरिज्म के नए केंद्र

    धार, छिंदवाड़ा, बैतूल, नर्मदापुरम, दमोह और उमरिया के चयनित गांव बनेंगे एस्ट्रो-टूरिज्म के नए केंद्र

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश में पर्यटन के नए आयाम विकसित करने के साथ खगोलीय पर्यटन (एस्ट्रो-टूरिज्म) को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा जनजातीय पर्यटन परियोजना के अंतर्गत ‘एस्ट्रो विलेज डेवलपमेंट प्रोजेक्ट’ का क्रियान्वयन मई 2026 से प्रारंभ किया गया है। परियोजना का उद्देश्य राज्य के प्राकृतिक रूप से अंधकारमय (डार्क स्काई) क्षेत्रों को पर्यटन के नए आकर्षण के रूप में विकसित करना और पर्यटकों को तारों, ग्रहों तथा आकाशगंगा के अवलोकन का अनूठा अनुभव उपलब्ध कराना है।

    छह जिलों के चयनित गांवों में शुरू हुआ विकास कार्य

    परियोजना के प्रथम चरण में प्रदेश के छह जिलों धार, छिंदवाड़ा, बैतूल, नर्मदापुरम, दमोह और उमरिया से एक-एक गांव का चयन किया गया है। इन गांवों को खगोलीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने का कार्य शुरू हो चुका है। धार जिले के ज्ञानपुरा, छिंदवाड़ा के धुसावानी, बैतूल के बांचा, नर्मदापुरम के ढ़ाबा, दमोह के रिछकुड़ी और उमरिया जिले के रंछा गांव में एस्ट्रो-टूरिज्म से जुड़ी सुविधाओं और अधोसंरचना का विकास किया जा रहा है।

    पर्यटक जल्द ले सकेंगे एस्ट्रो विलेज पर्यटन का आनंद

    मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैयाराजा टी. ने कहा कि मध्यप्रदेश में एस्ट्रो विलेज पर्यटन, विज्ञान और प्रकृति के अनूठे संगम के रूप में विकसित किया जा रहा है। प्रकाश प्रदूषण से दूर इन क्षेत्रों में पर्यटक स्वच्छ रात्रिकालीन आकाश में तारों, ग्रहों और आकाशगंगा का अवलोकन कर सकेंगे।उन्होंने कहा कि यह पहल एस्ट्रो-टूरिज्म को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय समुदायों के लिए पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगी। पर्यटन गतिविधियों में स्थानीय लोगों की सीधी भागीदारी सुनिश्चित करते हुए उन्हें परियोजना से आर्थिक रूप से जोड़ा जाएगा।

    आधुनिक उपकरणों और सुविधाओं से विकसित होंगे एस्ट्रो विलेज

    चयनित गांवों में पर्यटकों को तारों, ग्रहों और अन्य खगोलीय पिंडों के सुरक्षित, स्पष्ट और उत्कृष्ट अवलोकन के लिए आधुनिक अधोसंरचना विकसित की जा रही है। इसके अंतर्गत आधुनिक टेलिस्कोप, दूरबीन और एस्ट्रो-फोटोग्राफी कैमरे उपलब्ध कराए जाएंगे।पर्यटकों के लिए स्टार गेजिंग प्लेटफॉर्म और ऑब्जर्वेशन एरिया विकसित किए जाएंगे। साथ ही खगोलीय घटनाओं और अंतरिक्ष से जुड़ी जानकारी को सरल एवं रोचक तरीके से समझाने के लिए इंटरप्रिटेशन सेंटर का निर्माण किया जाएगा। इन सुविधाओं से पर्यटकों को रात्रिकालीन आकाश के अवलोकन के साथ खगोलीय घटनाओं को समझने का भी अवसर मिलेगा।

    स्थानीय युवा बनेंगे ‘एस्ट्रो गाइड’

    एस्ट्रो विलेज परियोजना का एक प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण समुदाय को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इसके लिए चयनित गांवों के स्थानीय युवाओं को 90 दिवसीय सघन प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद इन्हें कुशल ‘एस्ट्रो गाइड’ के रूप में तैयार किया जाएगा।एस्ट्रो गाइड पर्यटकों को रात्रिकालीन आकाश, तारामंडलों और विभिन्न खगोलीय घटनाओं की जानकारी देने के साथ स्टार गेजिंग जैसी गतिविधियों में मार्गदर्शन करेंगे। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा पर्यटन से होने वाली आर्थिक गतिविधियों में स्थानीय निवासियों की भागीदारी बढ़ेगी।

    भारत के प्रमुख एस्ट्रो-टूरिज्म गंतव्य के रूप में उभरेगा मध्यप्रदेश

    एस्ट्रो विलेज परियोजना प्रदेश में स्टार गेजिंग और खगोलीय पर्यटन जैसी विशिष्ट (निश) पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। प्राकृतिक रूप से अंधकारमय क्षेत्रों को पर्यटन से जोड़कर मध्यप्रदेश में पर्यटन का एक नया क्षेत्र विकसित किया जा रहा है।यह परियोजना देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को रात्रिकालीन आकाश के अवलोकन का अनूठा अनुभव उपलब्ध कराने के साथ मध्यप्रदेश को भारत के प्रमुख और अग्रणी एस्ट्रो-टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

     

  • नवा रायपुर की बढ़ती राष्ट्रीय पहचान और निवेशकों के विश्वास का प्रमाण है नई परियोजना – मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय

    नवा रायपुर की बढ़ती राष्ट्रीय पहचान और निवेशकों के विश्वास का प्रमाण है नई परियोजना – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    रायपुर 

     नवा रायपुर अटल नगर अब देश के प्रमुख आधुनिक शहरों के साथ-साथ हॉस्पिटैलिटी और बिजनेस डेस्टिनेशन के रूप में भी अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। इसी दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ने जा रही है। देश की प्रमुख हॉस्पिटैलिटी कंपनी इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (IHCL) ने नवा रायपुर में अपने प्रतिष्ठित Ginger Hotel की स्थापना की घोषणा की है। 111 कमरों वाला यह होटल ब्राउनफील्ड परियोजना के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए IHCL ने ECHT Ventures के साथ साझेदारी की है।

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि नवा रायपुर में देश की प्रतिष्ठित हॉस्पिटैलिटी कंपनी IHCL का Ginger Hotel लाना छत्तीसगढ़ के प्रति बढ़ते निवेशकों के विश्वास और नवा रायपुर की राष्ट्रीय पहचान का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर को आधुनिक, सुविधायुक्त और निवेश के अनुकूल शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। देश-विदेश से आने वाले निवेशकों, उद्यमियों, प्रोफेशनल्स और पर्यटकों के लिए बेहतर हॉस्पिटैलिटी सुविधाओं का विस्तार नवा रायपुर की आर्थिक गतिविधियों को नई गति देगा। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर अब केवल प्रशासनिक राजधानी नहीं, बल्कि निवेश, शिक्षा, रोजगार, पर्यटन और आधुनिक सेवाओं का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

    वित्त एवं आवास एवं पर्यावरण मंत्री  ओपी चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर में Ginger Hotel का आगमन शहर के तेजी से विकसित होते बिजनेस और हॉस्पिटैलिटी इकोसिस्टम को नई मजबूती देगा। उन्होंने कहा कि विश्वस्तरीय संस्थानों, निवेश परियोजनाओं और कॉर्पोरेट गतिविधियों के विस्तार के साथ गुणवत्तापूर्ण आवास और आतिथ्य सुविधाओं की मांग भी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि नवा रायपुर में निवेश करने वाले उद्यमियों और यहां आने वाले देश-विदेश के प्रतिनिधियों को एक आधुनिक और सुविधाजनक इकोसिस्टम उपलब्ध हो। Ginger जैसी प्रतिष्ठित ब्रांड की परियोजना नवा रायपुर की बदलती तस्वीर और बढ़ती संभावनाओं को रेखांकित करती है।

    आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा Ginger Nava Raipur

    प्रस्तावित Ginger Nava Raipur में 111 कमरे होंगे। होटल में विशाल एवं आधुनिक कमरे, Ginger का सिग्नेचर ऑल-डे डाइनिंग रेस्टोरेंट Qmin, मीटिंग रूम और फिटनेस सेंटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसे व्यावसायिक यात्रियों के साथ-साथ पर्यटन एवं अवकाश के लिए नवा रायपुर आने वाले यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया जाएगा।

  • प्रदेश के 55 जिलों में चलेगा सेवा संकल्प अभियान, वरिष्ठ IAS अधिकारी बनाए गए नोडल ऑफिसर

    प्रदेश के 55 जिलों में चलेगा सेवा संकल्प अभियान, वरिष्ठ IAS अधिकारी बनाए गए नोडल ऑफिसर

    प्रदेशभर में 17 सितम्बर से एक माह तक चलेगा सेवा संकल्प अभियान

    घर दीप प्रज्ज्वलन से लेकर जन सेवक महाकुंभ जैसे होंगे आयोजन
    सभी 55 जिलों के लिए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नोडल ऑफिसर नियुक्त

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश में 17 सितंबर से 17अक्टूबर 2026 तक सेवा संकल्प अभियान चलाया जायेगा। इस अभियान के अंतर्गत सभी 55 जिलों में नागरिकों की सेवा से जुड़े प्रकल्वों का आयोजन क्रमबद्ध रूप से किया जाएगा। भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारियों को अभियान के लिए जिलों का नोडल अधिकारी नामांकित किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में सभी विभागाध्यक्ष को निर्देश दिये हैं। सेवा संकल्प अभियान 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 2 सितंबर 2026 को हुई बैठक में भी दिशा-निर्देश दिए गए थे।

    सेवा संकल्प अभियान 2026 में अनेक गतिविधियां होंगी जिसमें आर्शीवाद का दीया जलाना, यानि हितग्राही परिवारों के घर पर दीप प्रज्ज्‍वलन, सेवा चित्र राष्ट्रव्यापी ड्राईंग और भाषण प्रतियोगिता, सेवा स्मरण संगीतमय नाट्य प्रस्तुतियां, आंगन का मिलन यानि आंगनबाडी कार्यकर्ताओं का सम्मान एवं बच्चों तथा माताओं की सक्रिय भागीदारी, कहानी बदलाव के तहत सरकार की योजनाओं से जीवन में आए सकारात्मक बदलाव की सक्सेस स्टोरी, सेवा ज्योति यात्रा में गांव , जिला स्तर की जनभागीदारी यात्रा, विकसित भारत के निर्माण के संकल्प के साथ, वड़नगर (गुजरात) से वाराणसी यात्रा जल, जन और सेवा संकल्प यात्रा, सेवा-मेरा योगदान के तहत 25 प्रमुख सेवा गतिविधियों में नागरिकों की भागीदारी होगी।

    इसी तरह सेवा सेतु अभियान में सेवा सेतु केन्द्र स्थापित कर आम नागरिकों को एक ही स्थान पर जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी और योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना, सेवा के रंगके अंतर्गत घर-घर से राष्ट्र तक आभार और संकल्प की रंगोली का निर्माण, राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज विद्यार्थियों, युवाओं, स्टार्ट-अप्स, प्रोफेशनल्स, कॉर्पोरेट इनोवेटर और जमीनी स्तर पर नए समाधान विकसित करने वाले लोगों को जोड़ने के लिए होगा। जन सेवक महाकुंभ के तहत पंचायत से पार्लियामेंट तक देशभर से सरपंच एवं जनप्रतिनिधियों का राष्ट्रीय सम्मेलन और 25 साल 25 कहानियाँ नेशनल अनबॉक्सिंग गतिविधियां आयोजित होगी।

    वरिष्ठ भाप्रसे अधिकारियों को सौंपा जिलों का दायित्व

    सेवा संकल्प अभियान 2026 के अंतर्गत जिलों में अभियान के सफल क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक समन्वय एवं मॉनिटरिंग की दृष्टि से भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारियों को जिले के लिए नोडल अधिकारी के रूप में नामांकित किया गया है। नोडल अधिकारीगण अभियान की संपूर्ण अवधि के लिए प्रतिदिन आयोजित होने वाले कार्यक्रमों एवं गतिविधियों की माईक्रो प्लानिंग में जिला कलेक्टर को सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदान करेंगे, अभियान की नियमित मॉनिटरिंग के लिए एक सिस्टम तैयार किया जाना, ताकि सभी आयोजन शासन की अपेक्षा के अनुरूप प्रभावी रूप से संचालित हो सकें। जिले में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत अधिक से अधिक जन भागीदारी एवं जन सहयोग प्राप्त हो सके, इस दृष्टि से आयोजनों की विस्तृत रूपरेखा तैयार करने में जिला प्रशासन का सहयोग करना और जिले के प्रभारी मंत्री एवं अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधिगण के साथ सेवा संकल्प अभियान के स्वरूप एवं रणनीति पर संवाद एवं समन्वय का दायित्व होगा।

    सामान्य प्रशासन विभाग ने निर्देश दिए है कि सेवा संकल्प अभियान 2026 के क्रियान्वयन की जिले की संपूर्ण एक माह की योजना आज-कल में अनिवार्य रूप से तैयार करवा ली जाए।समस्त नामांकित नोडल अधिकारीगण 17 सितंबर 2026 को संपूर्ण दिवस अपने प्रभार के जिले में रहेंगे और उस दिन आयोजित होने वाले समस्त कार्यक्रमों आर्शीवाद का दीया एवं अन्य कार्यक्रम में अनिवार्य रूप से भाग लेंगें।

  • आंगनवाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करने पहुंचे आयुक्त संदीप जी.आर., बच्चों से सीधे लिया सेवाओं का फीडबैक

    आंगनवाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करने पहुंचे आयुक्त संदीप जी.आर., बच्चों से सीधे लिया सेवाओं का फीडबैक

    आंगनवाड़ी सेवाओं की जमीनी हकीकत जानने पहुंचे आयुक्त संदीप जी.आर.

    बच्चों से संवाद कर लिया फीडबैक

    भोपाल 

    नवागत आयुक्त महिला एवं बाल विकास संदीप जी.आर. ने मैदानी स्तर पर विभागीय सेवाओं की स्थिति जानने सीहोर जिले के आंगनवाड़ी केंद्र डोडी क्रमांक-58 का भ्रमण एवं निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र पर बच्चों, गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और अन्य हितग्राहियों को उपलब्ध कराई जा रही पोषण, स्वास्थ्य एवं प्रारंभिक शिक्षा संबंधी सेवाओं का बारीकी से अवलोकन किया और सेवाओं की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

    निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने 3 से 6 वर्ष आयु के बच्चों के लिए उपलब्ध नाश्ता एवं गर्म पके भोजन की गुणवत्ता और स्वाद की जानकारी ली। उन्होंने गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं तथा 6 माह से 3 वर्ष तक के बच्चों को उपलब्ध कराए जा रहे स्थानीय टेक होम राशन, शाला पूर्व शिक्षा गतिविधियों तथा केंद्र पर प्रदाय की जा रही अन्य पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी भी ली।

    आंगनवाड़ी केंद्रों को अधिक बाल हितैषी बनाने पर जोर

    आयुक्त संदीप जी.आर. ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र केवल पोषण वितरण का केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के समग्र विकास, प्रारंभिक शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल और मातृ एवं शिशु कल्याण का महत्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने बच्चों और हितग्राहियों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने, पोषण एवं स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने तथा आंगनवाड़ी केंद्रों को अधिक सक्रिय, जीवंत और बाल हितैषी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

    बच्चों और हितग्राहियों से सीधे संवाद कर जानी जमीनी स्थिति

    आयुक्त संदीप जी.आर. ने आंगनवाड़ी केंद्र में उपस्थित बच्चों और महिला हितग्राहियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने बच्चों से केंद्र पर मिलने वाले नाश्ते और गर्म पके भोजन के स्वाद एवं गुणवत्ता के बारे में सहज बातचीत की तथा पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में हितग्राहियों से फीडबैक लिया।

    पोषण ट्रैकर के उपयोग और कुपोषित बच्चों के प्रबंधन की ली जानकारी

    आयुक्त संदीप ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से शाला पूर्व शिक्षा गतिविधियों के आयोजन, पोषण ट्रैकर के उपयोग तथा केंद्र में कुपोषित बच्चों के उपचार एवं प्रबंधन के लिए की जा रही कार्यवाही की जानकारी ली। कार्यकर्ता द्वारा पोषण ट्रैकर में उपलब्ध शाला पूर्व शिक्षा गतिविधि के वीडियो के माध्यम से बच्चों के साथ कराई जा रही गतिविधि का भी उन्होंने प्रत्यक्ष अवलोकन किया। संदीप ने डिजिटल माध्यमों के प्रभावी उपयोग के साथ बच्चों के लिए गतिविधि आधारित और रुचिकर प्रारंभिक शिक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

    विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की भी की समीक्षा

    निरीक्षण के दौरान आयुक्त सेदीप जी. आर. ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना सहित विभाग की अन्य योजनाओं में नवीन हितग्राहियों के पंजीयन तथा उन्हें योजनाओं का लाभ प्राप्त होने की स्थिति की जानकारी भी ली। उन्होंने योजनाओं का पात्र हितग्राहियों तक समय पर लाभ पहुंचाने और मैदानी स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।

     

  • शहडोल की 6 बेटियों ने मारी बाजी, राष्ट्रीय फुटबॉल कैंप में चयन से बढ़ा प्रदेश का गौरव

    शहडोल की 6 बेटियों ने मारी बाजी, राष्ट्रीय फुटबॉल कैंप में चयन से बढ़ा प्रदेश का गौरव

    भोपाल 

    सीमित संसाधनों के बीच फुटबॉल के सपने देखने वाले शहडोल के छोटे से गांव विचारपुर की बेटियों की प्रतिभा ने प्रदेश का नाम रोशन कर दिया है। फुटबॉल के इस ‘मिनी ब्राजील’ विचारपुर के ‘खेलो इंडिया स्माल सेंटर’ में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली 6 प्रतिभाशाली बेटियों का चयन राष्ट्रीय फुटबॉल कैंप के लिये हुआ है। यह उपलब्धि 6 बेटियों की सफलता से अधिक उस बदलाव की कहानी है, जहां गांव की बेटियां अब अपने बड़े सपनों को पूरा करने के लिए जी-जान एक कर रही हैं।

    छोटे गांव से राष्ट्रीय टीम तक का सफर

    महू में 31 अगस्त से 4 सितम्बर 2026 तक आयोजित एआईएफएफ इंटर डिस्ट्रिक्ट अंडर-16 गर्ल्स फुटबॉल टूर्नामेंट में शहडोल की अंडर-16 बालिका टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। लीग मुकाबलों में शहडोल ने ग्वालियर को 10-0 और महू को भी 10-0 से हराया। फाइनल में इंदौर के खिलाफ टीम को 1-0 से हार मिली और शहडोल को उपविजेता से संतोष करना पड़ा। लेकिन, इस हार के बीच शहडोल की बेटियों ने अपनी प्रतिभा का ऐसा प्रदर्शन किया कि टीम की आठ खिलाड़ियों का चयन राष्ट्रीय फुटबॉल कैंप के लिए हो गया। चयनित खिलाड़ियों में विचारपुर के ‘खेलो इंडिया स्माल सेंटर’ की राधिनी सिंह, संध्या सहीस, मोनिका सिंह, चांदनी यादव, राधा सिंह और वाशु शामिल हैं। साथ ही दिव्या संत और दिव्या बैगा ने भी राष्ट्रीय कैंप में जगह बनाई है।

    राधिनी ने आठ गोल कर मचाई धूम

    इस टूर्नामेंट में विचारपुर की राधिनी सिंह ने अपने खेल से खास पहचान बनाई। राधिनी दो मुकाबलों में कुल आठ गोल दागकर प्रतियोगिता में सर्वाधिक गोल करने वाली खिलाड़ी बन गई। पहले मुकाबले में उसने पांच और दूसरे मुकाबले में तीन गोल किए। राधिनी की नियमित पोजीशन सेंटर है, लेकिन टीम के गेम प्लान के अनुसार उन्हें फारवर्ड लाइन में उतारा गया। इस नई भूमिका में भी उन्होंने अपनी प्रतिभा साबित करते हुए 8 गोल दाग दिए। दसवीं में अध्ययनरत राधिनी विचारपुर स्थित ‘खेलो इंडिया स्माल सेंटर’ में प्रशिक्षण ले रही हैं। सेंटर की कोच लक्ष्मी सहीस के अनुसार, राधिनी कम उम्र में ही अपनी प्रतिभा का परिचय दे रही हैं। वह अब तक तीन राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुकी हैं।

    अब पहनना है राष्ट्रीय टीम की जर्सी

    राष्ट्रीय कैंप इंदौर में आयोजित किया जा रहा है। यहां खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर मध्यप्रदेश की राष्ट्रीय अंडर-16 बालिका फुटबॉल टीम का चयन किया जाएगा। चयनित टीम राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जाएगी। विचारपुर की इन 6 बेटियों के सामने अपने खेल से राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने का बड़ा अवसर है।

    देश के खेल मैदानों का सपना — गांव की बेटियां

    विचारपुर से एक साथ 6 खिलाड़ियों के राष्ट्रीय फुटबॉल कैंप के लिए चयन से शहडोल जिले के विचारपुर को मिनी ब्राजील कहा जाना सार्थक हो गया है। इन बेटियों ने सिद्ध कर दिया है कि गांवों में भी प्रतिभा की कमी नहीं है, बशर्ते उसे सही मंच, प्रशिक्षण और अवसर दिये जाएं। विचारपुर की बेटियां अपनी फुटबॉल प्रतिभा से गांव के फुटबॉल मैदान से राष्ट्रीय टीम में अपना स्थान बनाने की ओर अग्रसर हैं। देश के खेल मैदानों को भी गांव की दमदार बेटियों का इंतजार है। इन बेटियों की कहानी उन हजारों बेटियों के लिए उम्मीद है, जो छोटे शहरों और गांवों में बड़े सपने देखती हैं।

     

  • वन स्टॉप सेंटर के काउंसलर्स एवं केस वर्कर्स के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम

    वन स्टॉप सेंटर के काउंसलर्स एवं केस वर्कर्स के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम

    भोपाल

    राष्ट्रीय महिला आयोग के तत्वावधान में मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग द्वारा महिलाओं को हिंसा एवं अन्य संकट की परिस्थितियों में प्रभावी, संवेदनशील एवं समन्वित सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वन स्टॉप सेंटर के काउंसलर्स एवं केस वर्कर्स के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

    राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष  रेखा यादव ने कहा कि जब कोई महिला अथवा बालिका अपनी समस्या लेकर वन स्टॉप सेंटर पहुंचती है, तो काउंसलर का पहला दायित्व उसकी बात को बिना किसी पूर्वाग्रह, निर्णय या निष्कर्ष के ध्यानपूर्वक सुनना है। महिला की परिस्थितियों को समझे बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उसके लिए और अधिक कठिनाई पैदा कर सकता है।

    प्रशिक्षण के दौरान भारतीय न्याय संहिता (BNS), दंड संबंधी कानूनों, पॉक्सो अधिनियम, दहेज प्रतिषेध अधिनियम, बाल विवाह निषेध अधिनियम, घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, नागरिक सुरक्षा से संबंधित प्रावधानों सहित अन्य कानूनों की बारीकियों एवं उनके व्यावहारिक क्रियान्वयन की जानकारी दी गई। साथ ही महिलाओं के विरुद्ध हिंसा की रोकथाम के लिए बालकों एवं युवाओं में भी लैंगिक समानता, सम्मान और संवेदनशीलता की समझ विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।

    सर्वाइवर केंद्रित रणनीति पर जोर

    आयोग के सदस्य श्री सुरेश तोमर ने सर्वाइवर केंद्रित रणनीति पर चर्चा करते हुए कहा कि प्रत्येक पीड़ित महिला की सुरक्षा, सम्मान, गोपनीयता, आवश्यकताओं और निर्णय लेने की क्षमता को केंद्र में रखकर सहायता एवं पुनर्वास की व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि महिला को केवल एक ‘प्रकरण’ के रूप में नहीं, बल्कि अपने जीवन के संघर्ष से गुजर रही एक व्यक्ति के रूप में समझना आवश्यक है।

    केस डॉक्यूमेंटेशन एवं SOP की जानकारी

    प्रशिक्षण के दूसरे सत्र में सुश्री प्राची चंदेल ने केस डॉक्यूमेंटेशन, रिकॉर्ड संधारण एवं डेटा के व्यवस्थित प्रबंधन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जब कोई महिला या बालिका वन स्टॉप सेंटर आती है, तो उसकी परिस्थिति, आवश्यक सेवाओं और प्रकरण से संबंधित जानकारी का व्यवस्थित दस्तावेजीकरण किया जाना चाहिए।

    केस वर्कर्स एवं काउंसलर्स को भारत सरकार द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुरूप प्रकरणों पर कार्य करने की प्रक्रिया समझाई गई। महिला की व्यक्तिगत जानकारी एवं प्रकरण से संबंधित सूचनाओं को पूर्ण रूप से गोपनीय रखने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही आवश्यक सहमति (Consent) प्रपत्रों को नियमानुसार भरवाने और महिला को उपलब्ध सभी आवश्यक सेवाएं एवं सहायता प्रदान करने की बात कही गई।

    विशेषज्ञों ने कहा कि वन स्टॉप सेंटर की जिम्मेदारी केवल महिला की प्रारंभिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रकरणों में नियमित फॉलोअप लेना भी आवश्यक है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि महिला को आवश्यक सहायता वास्तव में प्राप्त हो रही है और वह सुरक्षित स्थिति में है।

    सुरक्षा, विश्वास और सशक्तिकरण को बनाया जाए आधार

    प्रशिक्षण में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि संकट की स्थिति में वन स्टॉप सेंटर पहुंचने वाली अधिकांश महिलाएं किसी न किसी प्रकार के मानसिक एवं भावनात्मक आघात (Trauma) से गुजर रही होती हैं। ऐसे में सबसे पहले उन्हें सुरक्षा, विश्वास, विकल्प, सहभागिता और सशक्तिकरण का भरोसा दिलाना आवश्यक है।

    विशेषज्ञों ने कहा कि वन स्टॉप सेंटर में आने वाली महिला को शारीरिक और भावनात्मक सुरक्षा प्रदान करना सबसे पहला कदम होना चाहिए। उसकी इच्छा, आवश्यकता और निर्णय को सम्मान देते हुए उसे उपलब्ध विकल्पों की जानकारी दी जानी चाहिए, जिससे वह अपने भविष्य से जुड़े निर्णयों में स्वयं सहभागी बन सके।