Category: मध्य प्रदेश

  • उज्जैन गोपाल मंदिर रोड चौड़ीकरण को बड़ी राहत, शाही मस्जिद के खिलाफ याचिकाएं खारिज; निगम करेगा कार्रवाई

    उज्जैन गोपाल मंदिर रोड चौड़ीकरण को बड़ी राहत, शाही मस्जिद के खिलाफ याचिकाएं खारिज; निगम करेगा कार्रवाई

    उज्जैन

    उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच गोपाल मंदिर रोड चौड़ीकरण परियोजना को लेकर एक बड़ा फैसला सामने आया है. करीब 100 साल पुरानी शाही मस्जिद को हटाने के खिलाफ दायर दोनों याचिकाओं को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ ने खारिज कर दिया है. इस फैसले के बाद नगर निगम के लिए सड़क चौड़ीकरण की राह आसान हो गई है. हालांकि मस्जिद प्रबंधन और मुस्लिम समाज ने फैसले पर असहमति जताते हुए ऊपरी अदालत में अपील करने की बात कही है। 
     
    हाईकोर्ट ने खारिज की दोनों याचिकाएं
    सिंहस्थ महापर्व 2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन में कई विकास कार्य किए जा रहे हैं. इसी क्रम में गोपाल मंदिर रोड के चौड़ीकरण की योजना बनाई गई है. इस परियोजना की जद में आने वाली शाही मस्जिद को हटाने के खिलाफ दायर दो अलग-अलग याचिकाओं पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ में सुनवाई हुई. जस्टिस संदीप एन. भट्ट की एकल पीठ ने दोनों मामलों की एक साथ सुनवाई करने के बाद याचिकाएं खारिज कर दीं। 

    निगम की कार्रवाई का रास्ता हुआ साफ
    हाईकोर्ट का विस्तृत लिखित आदेश अभी जारी होना बाकी है, लेकिन याचिकाएं खारिज होने के बाद नगर निगम के लिए आगे की कार्रवाई का रास्ता खुल गया है. माना जा रहा है कि अब निगम सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत मस्जिद को हटाने या विस्थापन की प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकता है। 

    मुस्लिम समाज ने जताई आपत्ति
    नगर निगम की ओर से मस्जिद को हटाने का नोटिस जारी होने के बाद से ही मुस्लिम समाज इसका विरोध कर रहा है. समाज के लोगों का कहना है कि शाही मस्जिद केवल एक धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि ऐतिहासिक महत्व भी रखती है. इसी आधार पर इसे यथास्थान बनाए रखने की मांग की जा रही थी। 

    याचिकाकर्ताओं की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता सैय्यद अशहर अली वारसी ने कहा कि अदालत का विस्तृत आदेश अभी आना बाकी है. आदेश का अध्ययन करने के बाद कानूनी विकल्पों पर विचार किया जाएगा. उन्होंने संकेत दिए हैं कि मामले को डबल बेंच या सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है। 

    सिंहस्थ के लिए अहम माना जा रहा मार्ग
    प्रशासन का कहना है कि सिंहस्थ 2028 के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना है. ऐसे में शहर के प्रमुख मार्गों को चौड़ा करना जरूरी माना जा रहा है. गोपाल मंदिर रोड शहर के सबसे व्यस्त और अपेक्षाकृत संकरे रास्तों में शामिल है. प्रशासन का तर्क है कि सड़क चौड़ी होने से यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और भीड़ प्रबंधन में मदद मिलेगी। 

    इन लोगों ने दायर की थीं याचिकाएं
    पहली याचिका शाही मस्जिद वक्फ पंचायत मोचियान और शाही मस्जिद इंतजामिया कमेटी की ओर से दायर की गई थी. इसमें मध्य प्रदेश शासन, नगर निगम उज्जैन, कलेक्टर और अन्य अधिकारियों को पक्षकार बनाया गया था. दूसरी याचिका शाही मस्जिद वक्फ पंच मोचियान के अध्यक्ष अरशान हुसैन की ओर से दाखिल की गई थी, जिसमें शासन, नगर निगम और वक्फ बोर्ड को पक्षकार बनाया गया था। 

    पुराने दस्तावेजों का दिया गया हवाला
    मस्जिद प्रबंधन की ओर से अदालत में दावा किया गया कि शाही मस्जिद 100 वर्ष से अधिक पुरानी और ऐतिहासिक महत्व की है. याचिकाकर्ताओं ने 17 मार्च 1925 से जुड़े दस्तावेजों का हवाला देते हुए कहा कि उस समय जारी एक पत्र में भूमि अधिग्रहण के बाद मस्जिद के शेष हिस्से को यथावत बनाए रखने का उल्लेख किया गया था. इसी आधार पर मस्जिद को संरक्षित रखने की मांग की गई थी। 

     

  • ‘सेवा संकल्प अभियान’ PM मोदी के 25 वर्षों की सेवा और जिम्मेदारी के प्रति आभार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    ‘सेवा संकल्प अभियान’ PM मोदी के 25 वर्षों की सेवा और जिम्मेदारी के प्रति आभार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रधानमंत्री मोदी के सेवा और जिम्मेदारी के 25 वर्षों के प्रति आभार का प्रकटीकरण है सेवा संकल्प अभियान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 17 सितम्बर को आ रहे जन्मदिवस पर उज्जैन स्थित महाकाल महालोक सहित संपूर्ण प्रदेश में 58 लाख आशीर्वाद के दीपक प्रज्जवलित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मानना है कि मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक मोदी ने गरीब, किसान, युवा, महिला और वंचित वर्ग को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने का काम किया है। प्रदेशवासियों द्वारा किया जा रहा है यह दीप प्रज्ज्वलन प्रधानमंत्री मोदी के सेवा और जिम्मेदारी के 25 वर्षों के प्रति आभार का प्रकटीकरण है। वस्तुत: हम ऐसे व्यक्तित्व की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा का स्मरण कर रहे हैं, जिन्होंने जीवन को पद नहीं, सेवा का माध्यम माना। प्रधानमंत्री मोदी की सात अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शुरू हुई यह सेवा यात्रा आज एक ऐतिहासिक पड़ाव पर पहुंच रही है। इस क्रम में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक प्रदेश में सेवा को राजनैतिक संस्कार बनाने के संकल्प के रूप में सेवा संकल्प अभियान का आयोजन किया जाएगा।

    प्रधानमंत्री मोदी ने गरीब कल्याण को शासन संचालन के केन्द्र में रखा

    प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में गरीब कल्याण को शासन संचालन के केन्द्र में रखा। करोड़ों लोगों को मुफ्त राशन, करोड़ों परिवारों को आवास, शौचालय, सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिला। इससे पहले मोदी गुजरात के लंबे समय तक निर्वाचित मुख्यमंत्री रहे। कृषि, उद्योग और निवेश के साथ शासन में गति और परिणाम पर विशेष ध्यान, उनकी कार्यशैली की पहचान रही।

    भारत बना दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था

    प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। जिस भारत को कभी आर्थिक कमजोरी के रूप में देखा जाता था, वही भारत आज विश्व मंच पर आत्मविश्वास के साथ अपनी भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा को मजबूती मिली है। आतंकवाद और नक्सलवाद के विरूद्ध निर्णायक कार्रवाई की गई है। परिणामस्वरूप देशवासियों के मन में सुरक्षा और आत्मविश्वास की भावना मजबूत हुई है। स्टार्टअप, स्किल डेवलपमेंट, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, खेलो इंडिया और फिट इंडिया जैसे अभियानों ने युवाओं को नई दिशा, नई ऊर्जा और नए अवसर प्रदान किए हैं।

    आत्मनिर्भर भारत का संकल्प मजबूत हुआ

    प्रधानमंत्री मोदी द्वारा आरंभ किए गए स्वच्छ भारत अभियान ने देश में जनभागीदारी की एक नई संस्कृति की रचना की। प्रधानमंत्री आवास योजना ने करोड़ों परिवारों के लिए पक्के घर के आकांक्षा को नई गति दी और जल जीवन मिशन ने घर-घर नल से जल पहुंचाने के संकल्प को आगे बढ़ाया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में 35 वर्षों के अंतराल के बाद शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा दी। आयुष्मान भारत ने गरीब परिवारों को गंभीर बीमारी के आर्थिक बोझ से सुरक्षा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। महिलाओं के सशक्तिकरण के क्षेत्र में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ से लेकर लाड़ली बहना, लखपति दीदी और नारी शक्ति वंदन अधिनियम तक महत्वपूर्ण पहल हुई। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ऊर्जा के क्षेत्र में भारत ने विविधीकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से लाखों परिवारों को रूफटॉप सोलर से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। रक्षा क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर भारत का संकल्प मजबूत हुआ है।

    'सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास और सबका प्रयास' को धरातल पर उतार रही राज्य सरकार

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रधानमंत्री मोदी के 'सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास और सबका प्रयास' के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। प्रदेश में 85 हजार से अधिक युवाओं की शासकीय सेवाओं में नियुक्तियां की गई हैं। आने वाले समय में प्रतिवर्ष एक लाख से अधिक युवाओं को सार्वजनिक क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का संकल्प है। प्रदेश में संचालित "लाड़ली बहना" योजना ने महिलाओं के आर्थिक आत्मविश्वास और परिवार में उनके निर्णयकारी स्थान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कृषक कल्याण वर्ष के अंतर्गत किए गए नवाचारों के सुखद परिणाम सामने आ रहे हैं। किसानों को ग्रामीण क्षेत्र की कृषि भूमि के भू-अर्जन पर बाजार दर पर चार गुना मुआवजा देने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश में सिंचाई क्षमता का लगतार विस्तार किया रहा है।

    मध्यप्रदेश एक वर्ष में सर्वाधिक निवेश लाने वाला देश का तीसरा राज्य बना

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर प्रदेश में जल्द ही समान नागरिक संहिता लागू होगी। मध्यप्रदेश नए नियमों के तहत वक्फ बोर्ड का गठन करने वाला देश का पहला राज्य बना है। प्रदेश में लाल सलाम को आखिरी सलाम कह दिया है, यह बड़ी उपलब्धि है। मध्यप्रदेश एक वर्ष में सर्वाधिक निवेश लाने वाला देश का तीसरा प्रदेश बन गया है। अब तक लगभग 34 लाख करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, बड़ी उपलब्धि यह भी है कि लगभग 15 लाख करोड़ के प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। रीवा, दतिया और सतना हवाई अड्डे के लोकार्पण के बाद प्रदेश में हवाई अड्डो की संख्या आठ हो गई है। वर्षों से लंबित केन-बेतवा लिंक परियोजना के भूमि-पूजन और पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना के लिए मध्यप्रदेश, राजस्थान और केन्द्र सरकार के बीच हुए त्रिपक्षीय समझौते ने सिंचाई सुविधा के विस्तार के नए द्वार खोले हैं। प्रदेश में दो मेट्रोपॉलिटिन क्षेत्र क्रमश: इंदौर-उज्जैन-देवास-धार और भोपाल-सीहोर-रायसेन-विदिशा-ब्यावरा आकार लेने की ओर अग्रसर हैं। नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में प्रदेश वर्ष 2030 तक 50 प्रतिशत ऊर्जा खपत नवकरणीय स्त्रोतों से करने के लक्ष्य पर कार्य कर रहा है। मध्यप्रदेश सरकार महाकाल महालोक, ओंकारेश्वर, ओरछा, चित्रकूट, अमरकंटक, सांची और खजुराहो का विकास भारत की सभ्यता और संस्कृति के जीवंत केन्द्रों के रूप में कर रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव, प्रधानमंत्री मोदी की 25 वर्षों की सेवा यात्रा से प्रेरणा लेते हुए विकसित भारत के साथ विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश को विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सेवा और सुशासन के संकल्प के साथ निरंतर कार्य जारी है।

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री मांडविया से की मुलाकात, विकास और रोजगार से जुड़े विषयों पर चर्चा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री मांडविया से की मुलाकात, विकास और रोजगार से जुड़े विषयों पर चर्चा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय श्रम एवं रोज़गार तथा युवा कार्य खेल मंत्री मांडविया से की सौजन्य भेंट

    मध्यप्रदेश के विकास, रोजगार और युवाओं से जुड़े विषयों पर हुई सार्थक चर्चा

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया से सौजन्य भेंट की। इस अवसरपर मध्यप्रदेश के विकास, रोजगार सृजन, युवाओं के कौशल विकास तथा प्रदेश में रोजगार के नए अवसरों के विस्तार से जुड़े विभिन्न विषयों पर सार्थक चर्चा हुई।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में युवाओं के कौशल विकास और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। साथ ही प्रदेश के युवाओं को अधिक अवसर उपलब्ध कराने तथा केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के सहयोग से रोजगार एवं कौशल विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के संबंध में भी विचार-विमर्श किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री मांडविया के बीच युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों के विस्तार, कौशल विकास को बढ़ावा देने तथा केंद्र और राज्य के समन्वय से रोजगारपरक गतिविधियों को गति देने सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई।

     

  • टेक्सटाइल सेक्टर में निवेश बढ़ाने पर मंथन, मुख्यमंत्री डॉ. यादव की केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह से सार्थक चर्चा

    टेक्सटाइल सेक्टर में निवेश बढ़ाने पर मंथन, मुख्यमंत्री डॉ. यादव की केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह से सार्थक चर्चा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह से की भेंट

    मध्यप्रदेश में वस्त्र एवं टेक्सटाइल क्षेत्र के विस्तार और निवेश संभावनाओं पर हुई सार्थक चर्चा

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह से भेंट की। इस दौरान मध्यप्रदेश में वस्त्र एवं टेक्सटाइल क्षेत्र के विस्तार, निवेश की संभावनाओं, औद्योगिक विकास तथा रोजगार सृजन से जुड़े विभिन्न विषयों पर सार्थक चर्चा हुई।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में वस्त्र उद्योग के लिए उपलब्ध संभावनाओं और राज्य सरकार द्वारा उद्योग एवं निवेश को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों से केंद्रीय वस्त्र मंत्री को अवगत कराया। उन्होंने प्रदेश में टेक्सटाइल सेक्टर को और अधिक गति प्रदान करने तथा इस क्षेत्र में नए निवेश आकर्षित करने की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया।

    इस अवसर पर केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय की सचिव श्रीमती नीलम शमी राव,मध्यप्रदेश सरकार के आवासीय आयुक्त रश्मि अरुण शमी तथा  केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

  • ग्वालियर की सड़कों पर आवारा गोवंश बना खतरा, चरनोई जमीनों से अतिक्रमण हटाने की मांग

    ग्वालियर की सड़कों पर आवारा गोवंश बना खतरा, चरनोई जमीनों से अतिक्रमण हटाने की मांग

    ग्वालियर
    ग्वालियर शहर की यातायात व्यवस्था यूँ तो पहले ही से अतिक्रमण एवं टमटमों के बेतरतीब परिचालन से अस्त व्यस्त रहती है और ऊपर से किसी भी चौराहे पर अथवा बीच रास्ते मे आराम से बैठे अथवा लड़ते हुऐ आवारा जानवर कब किसी राहगीर को अपने सीगों से घायल कर दें यह कहा नहीं जा सकता नगर निगम प्रशासन का एक बहुत बड़ा अमला मात्र औपचारिकता करके कभी कभार गोवंश को पकडकर लाल टिपारा भेजकर अपनी इतिश्री कर लेता है और आम जनता को बीच चौराहे पर जानवरों के सींग खाने को छोड़ जाता है जबकि पूर्व में सभी शासनों द्वारा सरकारी मंदिरों से लगी तमाम भूमि को गऊचर के लिये दी जाती रही है आचार्य विनोवा भावे जी के भूदान आंदोलन के दौरान भी शासन ने इस अंचल में सेकड़ों बीघा जमीन गऊचर के लिये दी थी किन्तु अतिक्रमण करताओं द्वारा उक्त भूमियों पर कब्जा कर लेने से बेचारी गऊ माताओं को चारा मिल नहीं पाता और चारे के अभाव में गोमाता गाँव छोड़कर शहरों की और आ जाती हैं और कुछ लालची व्यक्ति जब गो माता दूध देना बंद कर देती हैं तो ऐसे गोवंशो को शहर मे छोड़ जाते हैं और वे बिचारि इधर उधर बदहवास सी दौड़ती फिरती हैं कुछ शहरी व्यक्ति भी अपने पापों से मुक्ति पाने के लिये बीच बाजारों में गोवंशो को चारा डालकर यातायात को अवरुद्र करने में अपना योगदान दे देते हैं l

    ऐसा कहाँ जाता है कि द्वापर काल में भगवान श्रीकृष्णजी का गोवंश चराने का क्षेत्र गोहद तक रहा था किन्तु अब ऐसा जान पड़ता है कि वर्तमान मे यह क्षेत्र ग्वालियर नगर निगम सीमा तक बढ़ गया है क्योंकि जहां देखो वही जानवर बीच चौराहे पर झुण्ड के झुण्ड खड़े होकर अथवा चौराहे पर बैठकर आम नागरिकों के लिये खतरा बन जाते है और कभी कभी माता बहनों एवं विशेषकर बुजुर्ग व्यक्ति इनकी चपेट में आ ही जाते हैं और दुर्घटना ग्रस्त हो जाते हैं l
    मेरा जिलाधीश महोदय एवं नव नियुक्त आयुक्त महोदय से आग्रह है कि ग्वालियर में चरनोइ की जमीनों एवं गोदान आंदोलन के दौरान दान में दी गई भूमियों को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाये जिससे पूजनीय गऊ माताओं को को चारा खाने एवं भोजन करने के लिये शहरों में आने का मौका ही ना मिले और शहर में आकर पाँलीथिन खाकर अकाल मौत का सामना भी नहीं करना पड़े एवं जिससे शहर की यातायात व्यवस्था भी बिगड़ने से बच सके और आम नागरिकों को भी जानवरों के बदहवास दौड़ने एवं आपस में लड़ने से अनावश्यक होने वाली दुर्घटनाओं से बचाया जा सके l

     

  • मानव अधिकार आयोग का 32वां स्थापना दिवस कल, CM डॉ. यादव करेंगे कार्यक्रम का शुभारंभ

    मानव अधिकार आयोग का 32वां स्थापना दिवस कल, CM डॉ. यादव करेंगे कार्यक्रम का शुभारंभ

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव 13 सितंबर को मानव अधिकार आयोग के 32वें स्थापना दिवस कार्यक्रम का करेंगे शुभारंभ

    जनजातीय मानव अधिकारों के संरक्षण और योजनाओं की उन तक पहुंच पर होगा मंथन

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार, 13 सितंबर को भोपाल स्थित आर.सी.व्ही.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी के स्वर्ण जयंती सभागार में आयोजित मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के 32वें स्थापना दिवस कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समारोह के मुख्य अतिथि और जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह विशिष्ट अतिथि होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष (कार्यवाहक) डॉ. अवधेश प्रताप सिंह करेंगे।

    अनुसूचित जनजाति वर्ग के मानव अधिकारों पर होगा विचार-विमर्श

    कार्यक्रम में ‘अनुसूचित जनजाति वर्ग के मानव अधिकारों का संरक्षण एवं शासकीय योजनाओं की उन तक पहुंच’ विषय पर वक्ताओं के उद्बोधन होंगे, साथ ही प्रेजेंटेशन के माध्यम से जनजातीय कार्य विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम में मिशन कर्मयोगी अंतर्गत साधना सप्ताह में अच्छे प्रदर्शन के लिए जनजातीय कार्य विभाग के उत्कृष्ट अधिकारियों एवं कर्मियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे।

    स्मारिका और डायरी का होगा विमोचन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव और आयोजन के अतिथि मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग, भोपाल द्वारा प्रकाशित विषय आधारित ‘स्मारिका’ एवं बहुउपयोगी डायरी का विमोचन करंगे। स्मारिका में विभिन्न लेखकों के विषय आधारित आलेखों के साथ जनजातीय वर्ग के मानव अधिकारों के संरक्षण एवं संवर्धन तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं की उन तक पहुंच से संबंधित जानकारी शामिल की गई है।

    जनजातीय प्रतिनिधि एवं विद्यार्थी होंगे शामिल

    कार्यक्रम में म.प्र. राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रामलाल रौतेल, जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव गुलशन बामरा, आयुक्त तरुण राठी सहित मानव अधिकार आयोग एवं जनजातीय कार्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी, विभागीय हितग्राही, स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि और जनजातीय वर्ग के विद्यार्थी उपस्थित रहेंगे।

     

  • लाड़ली बहनों के लिए बड़ी खुशखबरी! 13 सितंबर को मिलेगी 40वीं किस्त, CM डॉ. यादव करेंगे अंतरित

    लाड़ली बहनों के लिए बड़ी खुशखबरी! 13 सितंबर को मिलेगी 40वीं किस्त, CM डॉ. यादव करेंगे अंतरित

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव 13 सितंबर को आगर मालवा से अंतरित करेंगे लाड़ली बहना योजना की 40वीं किस्त

    प्रदेश की 1.25 करोड़ से अधिक महिलाओं के खातों में पहुंचेंगे 1,835 करोड़ रुपये

    अब तक 65,395 करोड़ से अधिक का अंतरण
    मुख्यमंत्री 225.95 करोड़ के 33 कार्यों का भूमि-पूजन, 28.14 करोड़ के 17 कार्यों का लोकार्पण भी करेंगे

    आगर मालवा

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार 13 सितंबर को आगर मालवा से मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की सितंबर माह की 40वीं किस्त का अंतरण करेंगे। इस अवसर पर प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख 10 हजार 150 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 1,835 करोड़ 09 लाख 22 हजार 450 रुपये की मासिक आर्थिक सहायता सीधे अंतरित की जाएगी। सितंबर की किस्त के साथ ही योजना के प्रारंभ से अब तक महिलाओं को नियमित मासिक सहायता के रूप में अंतरित राशि 65,395.99 करोड़ रुपये हो जाएगी।

    1,000 रुपये से शुरू हुई सहायता अब 1,500 रुपये प्रतिमाह

    मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की शुरुआत जून 2023 में हुई थी। उस समय पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती थी। अक्टूबर 2023 से इसमें 250 रुपये की वृद्धि कर सहायता राशि 1,250 रुपये प्रतिमाह की गई। नवंबर 2025 से एक बार फिर 250 रुपये की वृद्धि के बाद पात्र महिला हितग्राहियों को वर्तमान में 1,500 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी जा रही है।

    योजना में ऐसी पात्र लाभार्थी महिलाओं को भी प्रावधान के अनुसार लाभ दिया जा रहा है, जिन्हें सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से प्रतिमाह 900 रुपये प्राप्त हो रहे हैं। इस व्यवस्था के तहत उन्हें अंतर की राशि उपलब्ध कराई जा रही है ।

    जून 2023 से अगस्त 2026 तक लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत 39 नियमित मासिक किस्तों का भुगतान किया जा चुका है। अब सितंबर में 40वीं किस्त अंतरित की जाएगी। इसके अतिरिक्त रक्षाबंधन के अवसर पर अगस्त 2023, अगस्त 2024, अगस्त 2025 और अगस्त 2026 में लाभार्थी महिलाओं को 250 रुपये की विशेष आर्थिक सहायता भी दी गई है।

    महिलाओं तक पहुंची 65 हजार करोड़ से अधिक की राशि

    लाड़ली बहना योजना के माध्यम से जून 2023 से अगस्त 2026 तक 63,560.90 करोड़ रुपये की राशि महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में सितंबर 2026 तक योजना के अंतर्गत 11,300 करोड़ रुपये व्यय होने का अनुमान है।वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत 23,882.81 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव इसके अलावा आगर मालवा में 225 करोड़ रुपये से अधिक के कुल 33 विकास कार्यों का भूमि-पूजन और 28 करोड़ से अधिक के17 कार्यों का लोकार्पण भी करेंगे।

  • ICAI भोपाल शाखा ने आयोजित किया दीक्षांत समारोह, नवनिर्वाचित चार्टर्ड अकाउंटेंट्स का हुआ सम्मान

    ICAI भोपाल शाखा ने आयोजित किया दीक्षांत समारोह, नवनिर्वाचित चार्टर्ड अकाउंटेंट्स का हुआ सम्मान

    आईसीएआई भोपाल शाखा द्वारा नवनिर्वाचित चार्टर्ड अकाउंटेंट्स हेतु भव्य दीक्षांत समारोह का आयोजन

    भोपाल
    द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) की भोपाल शाखा (सीआईआरसी) द्वारा आज कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर, मिंटो हॉल, भोपाल में मई 2026 बैच के नवनिर्वाचित चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के लिए भव्य दीक्षांत समारोह का सफल आयोजन किया गया। यह समारोह उत्साह, गौरव एवं प्रेरणा से परिपूर्ण रहा, जिसमें नवनिर्मित चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एवं उनके परिजनों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की।

    समारोह में लगभग 56 नवनिर्वाचित चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को उनके गौरवान्वित माता-पिता एवं परिवारजनों की उपस्थिति में सम्मानित किया गया। इस अवसर पर दो अखिल भारतीय रैंक धारकों को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान सभी नव-सीए को पेशे के प्रति निष्ठा, ईमानदारी, नैतिकता एवं उत्कृष्टता बनाए रखने की शपथ भी दिलाई गई।

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आईएएस श्री मनु श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव, मध्य प्रदेश शासन, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग एवं आयुक्त, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा, मध्य प्रदेश रहे। उन्होंने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में नव-चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने तथा अपने पेशेवर जीवन में पारदर्शिता, ईमानदारी एवं नैतिक मूल्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश दिया।
    समारोह में सीए अभय छाजेड़, केंद्रीय परिषद सदस्य एवं दीक्षांत समन्वयक, विशेष रूप से उपस्थित रहे।

    दीक्षांत समारोह का औपचारिक उद्घाटन आईसीएआई अध्यक्ष सीए प्रसन्न कुमार डी. एवं उपाध्यक्ष सीए मंगेश पी. किनारे द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया। दोनों पदाधिकारियों ने अपने संदेश में नव-चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए उन्हें वैश्विक स्तर पर भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंसी पेशे की प्रतिष्ठा एवं गरिमा को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता आईसीएआई भोपाल शाखा के पदाधिकारियों द्वारा की गई। इस अवसर पर प्रमुख रूप से सीए आदित्य पी. श्रीवास्तव — चेयरमैन, आईसीएआई भोपाल शाखा; सीए प्रदीप मूत्रेजा — वाइस चेयरमैन; सीए अभिषेक जैन — सचिव; सीए नंदन नरुला — कोषाध्यक्ष; सीए पीयूष चतर — चेयरमैन, CICASA; सीए सुचिता गोयल — शाखा कार्यकारिणी सदस्य, सहित शाखा के पूर्व चेयरमैन सीए अर्पित राय, वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, शाखा पदाधिकारी एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

    इस विशेष दीक्षांत समारोह का देशभर के 23 शहरों में एक साथ लाइव प्रसारण किया गया, जिससे यह आयोजन और भी व्यापक एवं प्रभावशाली बना। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने युवा पेशेवरों को अपने ज्ञान, कौशल एवं नैतिक मूल्यों के माध्यम से समाज एवं राष्ट्र के विकास में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

    समारोह के अंत में आईसीएआई भोपाल शाखा द्वारा सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, अभिभावकों एवं सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया, जिनके सहयोग एवं सहभागिता से यह आयोजन अत्यंत सफल एवं यादगार बन सका।

     

  • इंदौर नगर निगम की नई सुविधा, 311 एप पर खुद करें प्रॉपर्टी टैक्स का आकलन और 21 तरह के सुधार के आवेदन

    इंदौर नगर निगम की नई सुविधा, 311 एप पर खुद करें प्रॉपर्टी टैक्स का आकलन और 21 तरह के सुधार के आवेदन

    इंदौर
     इंदौर नगर निगम द्वारा जारी इंदौर 311 एप पर संपत्तिकर संबंधी नई आनलाइन सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसके माध्यम से नागरिक घर बैठे संपत्तिकर संबंधी दावे-आपत्ति एवं शिकायत दर्ज करने, अपनी संपत्ति का खुद असेसमेंट कर सकेंगे। इसके अलावा की स्वयं की संपत्ति के संपत्तिकर खाते में आवश्यक सुधार हेतु ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इस एप में अब शिकायत एवं आवेदनों की लाइव ट्रैकिंग भी हो सकेगी।

    शिकायतकर्ता जान सकेगा कि उसकी शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई है या शिकायत किस अधिकारी के पास जांच के लिए है। प्रॉपर्टी टैक्स पर दावे-आपत्ति के सहित 21 तरह के सुधार के झोन या नगर निगम कार्यालय जाने की जरूरत नहीं रहेगी। कई काम आसानी से घर बैठे मोबाइल एप के जरिए हो जाएंगे।

    प्रॉपर्टी का आकलन खुद कर सकेगा मालिक
    मोबाइल एप के जरिए संपत्ति के मालिक अब खुद ही प्रॉपर्टी टैक्स का आकलन कर सकते हैं। इसमें उसे प्रॉपर्टी सेल्फ असिसमेंट का ऑप्शन चुनकर इसमें मांगी गई जानकारिया दर्ज कर फार्म को सबमिट करना होगा। इसके साथ ही प्रॉपर्टी टैक्स में दोव और आपत्तियों की शिकायत भी इसी एप के जरिए दर्ज कराई जा सकेगी।

    अधिकारियों ने शहर के लोगों से अपील की है कि वे अब निगम के दफ्तर आने की जगह घर बैठे ही मोबाइल एप के जरिए इन सुविधाओं का उपयोग करें। एप में सबसे खास बात यह है कि लोग आपत्ति दर्ज कराने के साथ उसे ट्रैक भी कर सकेंगे।

    एक कॉल में मिलेंगे महापौर
    यदि आप नगर निगम की कोई भी सेवा से परेशान है जैसे, स्वच्छता, कचड़ा गाड़ी, जीरो वेस्ट ईवेंट,  प्रमाणपत्र, लाइट या अन्य समस्याओं के लिए परेशान हैं, तो 311 एप आप के लिए एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है. इसके जरिए आप घर बैठे अपनी किसी भी समस्या का समाधान कर सकते हैं. इतना ही नहीं यहां आपको मेयर हेल्पलाइन पर सीधे महापौर तक अपनी समस्या पहुंचाने का मौका भी मिलेगा. इसके लिए आपको एक कंप्लेंट नंबर दिया जाएगा साथ ही आपके पास कॉल बैक भी आएगा. इसके लिए टोल फ्री नंबर 18002331311 भी जारी किया गया है। 

    एप पर शिकायत और फीडबैक दोनों दे सकते हैं
    Indore 311 App की खास बात ये है कि यहां आप शिकायत के अलावा अपना फीडबैक भी दे सकते हैं. इसके लिए आप अपनी समस्या की कैटेगरी चुनकर फोटो सहित रिपोर्ट करें और कंप्लेंट नंबर  सेव कर लें. यह एप में भी सेव रहता है. यहां आपको निगम की नई जानकारियां और नोटिस भी मिल जाएंगे. यदि कोई कर्मचारी आपसे सही बर्ताव नहीं करता है तो इसके लिए भी आप शिकायत दर्ज करा सकते हैं. इस एप पर इंदौर म्युनिसिपल कमिश्नर और महापौर दोनों नजर रखते हैं। 

    एप इंदौर 311 क्या है?

    इंदौर 311 एप लोगों की सुविधाओं के लिए लाया गया है. इस एप के जरिए आप स्वच्छता, कचड़ा गाड़ी, जीरो वेस्ट ईवेंट, प्रमाणपत्र, लाइट या अन्य समस्याओं का समाधान सिर्फ एक कॉल के जरिए कर सकते हैं. इस एप की खास बात ये है कि इसके जरिए आप सीधे समुदाय के नेताओं के साथ संवाद कर सकते हैं. इंदौर 311 एप को नागरिक सेवाओं के उपयोग को आसान बनाने के लिए बनाया गया है। 

     

  • Singhस्थ 2028 से पहले उज्जैन में निर्माण कार्यों पर सवाल, सांसद ने गडकरी से कार्रवाई की मांग

    Singhस्थ 2028 से पहले उज्जैन में निर्माण कार्यों पर सवाल, सांसद ने गडकरी से कार्रवाई की मांग

    उज्जैन 

    सिहंस्थ-2028 से पहले उज्जैन में हजारों करोड़ के निर्माण कार्यों के घटिया निर्माण उजागर हो गए। शहर को राजस्थान और दिल्ली से जोड़ने के लिए 4 हजार करोड़ रुपए से बनाए देवास-बदनावर और उज्जैन-गरोठ दोनों हाईवे अभी से ही खराब हो गए। घटिया निर्माण सामने आते ही सांसद अनिल फिरोजिया ने भी मोर्चा खोल दिया।

    दिल्ली में सांसद फिरोजिया ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गड़करी से मुलाकात की। 2600 करोड़ रुपए से बन रहे उज्जैन-गरोठ और 1400 करोड़ से बने देवास-बदनावर हाइवे में निर्माण की गुणवत्ता संबंधी हकीकत बताई।

    सांसद ने गड़करी को बताया कि देवास-बदनावर हाईवे को अभी 3 साल ही हुए है, पिछले एक साल से वह लगातार क्षतिग्रस्त हो रहा है। उज्जैन-गरोठ हाईवे तो अभी निर्माणाधीन है। लोकार्पण से पहले ही यह हाइवे धंसने लगा है। सांसद दोनों हाईवे की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

    केंद्रीय मंत्री को उज्जैन-गरोठ व देवास-बदनावर दोनों हाईवे की गुणवत्ता से अवगत करा दिया है। उन्होंने जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने की बात की है। – अनिल फिरोजिया, सांसद

    सिंहस्थ से पहले उज्जैन में बड़ा सड़क विस्तार, शक्तिपीठ मार्ग होगा 15 मीटर चौड़ा; 136 दुकानें टूटेंगी

     धार्मिक नगरी उज्जैन में सिंहस्थ (Ujjain Simhastha 2028) तैयारियों को आगे बढ़ाते हुए हुए अब गुदरी चौराहा से हरसिद्धि की पाल तक सड़क चौड़ीकरण की तैयारी है। इस मार्ग को 15 मीटर चौड़ा किया जाएगा, जिसमें 136 दुकान मुकान प्रभावित होंगे। गुदरी चौराहा से पानदरिया होते हुए हरसिद्धि पाल यातायात तक लगभग 570 मीटर लंबा मार्ग पुराने शहर के यातायात के साथ महाकाल सवारी मार्ग का प्रमुख हिस्सा है।

    सिंहस्थ में प्रबंधन के मान से भी यह मार्ग महत्वपूर्ण है। नगर निगम अब इसे 15 मीटर चौड़ा करेगा। करीब 14 करोड़ की लागत से मार्ग का चौड़ीकरण किया जाएगा। मंगलवार को निगम ने वर्तमान रोड के मध्य से नपती व भवनों के प्रभाविता हिस्सों पर मार्किंग का काम शुरू कर दिया है। इसके माध्यम से प्रस्तावित सड़क की सीमा निर्धारित करने के साथ ही प्रभावित भवनों का चिन्हांकन किया जा रहा है। भवन निरीक्षक सौम्या चतुर्वेदी और निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर मार्ग की मार्किंग की।

    इस मार्ग से निकलती है सिंहस्थ में पेशवाई
    पाल मार्ग गुदरी चौराहा से हरसिद्धि पाल पुराने शहर के व्यस्ततम मार्गों में से एक है। बाबा महाकाल की सवारी के साथ सिंहस्थ के दौरान पेशवाई भी इसी मार्ग से होकर गुजरती है। इस कारण सिंहस्थ तैयारियों के चलते इस मार्ग का विशेष महत्व है। रामघाट व हरसिद्धि मंदिर क्षेत्र की ओर आने जाने वाले श्रद्धालुओं व लोगों के लिए भी यह प्रमुख संपर्क मार्ग है।

    सिंहस्थ में भीड़ प्रबंधन है उद्देश्य
    सिंहस्थ-2028 के दौरान महाकाल क्षेत्र से रामघाट की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं के आवागमन् को सुगम बनाना और भीड़ प्रबंधन के लिए मार्ग की क्षमता बढ़ाना। अप्रैल 2026 में हुई मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता वाली मंत्रिमंडलीय समिति अलावा की बैठक में इस मार्ग के चौड़ीकरण के साथ सीमेंट-कंक्रीट सड़क निर्माण को मंजूरी दी गई थी। इसी बैठक में गुदरी हरसिद्धि पाल मार्ग के अलावा बबई वाले की धर्मशाला से दानी गेट, शिंदे नर्सिंग होम से नीलगंगा, गौतम मार्ग से तिलकेश्वर, अंकुपात् से मंगलनाथ और महाकाल चौराहे से गोपाल मंदिर होते हुए कमरी मार्ग सहित कई सड़कों के चौड़ीकरण, निर्माण को मंजूरी दी थी। 22 कार्यों के लिए 2,923.84 करोड़ की स्वीकृति देकर मुख्यमंत्री ने इन सिंहस्थ संबंधी कार्यों को 2027 की दीपावली तक पूरा करने के निर्देश दिए है।