Category: मध्य प्रदेश

  • MP पुलिस में बड़े स्तर पर तबादले, 127 DSP समेत 10 IPS बदले; मनीष भारद्वाज बने ACP इंदौर

    MP पुलिस में बड़े स्तर पर तबादले, 127 DSP समेत 10 IPS बदले; मनीष भारद्वाज बने ACP इंदौर

    भोपाल 
    मध्यप्रदेश में रविवार रात पुलिस विभाग में बड़े फेरबदल किए गए हैं. गृह विभाग ने 10 IPS अधिकारियों और 127 राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों समेत कुल 137 पुलिस अफसरों के ट्रांसफर किए हैं. सभी अधिकारियों को आगामी आदेश तक नई पदस्थापना पर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं। 

    2023-24 बैच के 10 आईपीएस यहां से वहां
    मध्यप्रदेश में 10 IPS समेत 137 पुलिस अफसरों के तबादला सूची जारी हो गई है. तबादला सूची में 2023 बैच के 4 और 2024 बैच के 6 IPS अधिकारी शामिल हैं. कई अधिकारियों को पुलिस मुख्यालय से मैदानी जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि कुछ अधिकारियों को एक जिले से दूसरे जिले में नई जिम्मेदारी दी गई है। 

    IPS अधिकारियों की नई पदस्थापना
    आईपीएस मनीष भारद्वाज को पुलिस मुख्यालय की साइबर शाखा से हटाकर ACP कोतवाली, नगरीय इंदौर की जिम्मेदारी दी गई है. वहीं मनोज कुमार को ACP एमपी नगर, नगरीय भोपाल पदस्थ किया गया है. इसके अलावा आलोक कुमार वर्मा को देवास से CSP रीवा की जिम्मेदारी दी गई है. वैभव प्रिया को रतलाम से SDOP नेपानगर, शुभम सिंह ठाकुर को जबलपुर से SDOP गाडरवारा और अमित कुमार को खंडवा से SDOP सिंगरौली पदस्थ किया गया है। 

    प्रमुख आईपीएस अफसरों की नई पदस्थापना

     अधिकारी का नाम    वर्तमान पदस्थापना नई पोस्टिंग
    मनीष भारद्वाज डीएसपी, साइबर पुलिस मुख्यालय, भोपाल सहायक पुलिस आयुक्त (ACP), कोतवाली, नगरीय इंदौर
    आलोक कुमार वर्मा  सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP), देवास नगर पुलिस अधीक्षक (CSP), रीवा
    वैभव प्रिया सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP), रतलाम SDOO नेपानगर, बुरहानपुर
    शुभम सिंह ठाकुर सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP), जबलपुर SDOO गाडरवारा, नरसिंहपुर
    मनोज कुमार सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP), ग्वालियर सहायक पुलिस आयुक्त (ACP), एमपी नगर, नगरीय भोपाल
    लेखराज मीना सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP), छतरपुर SDOP सैलना, रतलाम
    काजल सिंह सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP), उज्जैन SDOP खुरई, सागर
    राजीव अग्रवाल सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP), रीवा SDOP कुक्षी, धार
    दीपांशु सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP), सागर SDOP मनावर, धार
    अमित कुमार सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP), खंडवा SDOP सिंगरौली

     

    127 DSP स्तर के अधिकारियों का भी फेरबदल
    IPS अधिकारियों के साथ ही राज्य पुलिस सेवा के 127 अधिकारियों की पदस्थापना में बदलाव किया गया है. इनमें उप पुलिस अधीक्षक (DSP), SDOP, नगर पुलिस अधीक्षक (CSP), सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) और सहायक सेनानी स्तर के अधिकारी शामिल हैं. तबादला सूची में कई ऐसे अधिकारी भी हैं, जिन्हें पुलिस मुख्यालय से मैदानी जिम्मेदारियां दी गई हैं. वहीं अलग-अलग जिलों में तैनात SDOP और नगर पुलिस अधीक्षकों को भी दूसरी जगह नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। 

       सूची में प्रशिक्षु DSP और कार्यवाहक DSP स्तर के अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं. बड़े स्तर पर हुए इस फेरबदल के बाद प्रदेश के कई जिलों और नगरीय पुलिस क्षेत्रों में पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदल गई हैं। 

    2024 बैच के इन आईपीएस के तबादले
    2024 बैच के IPS अधिकारियों में लेखराज मीना को सहायक पुलिस अधीक्षक छतरपुर से एसडीओपी सैलाना, काजल सिंह को सहायक पुलिस अधीक्षक उज्जैन से एसडीओपी खुरई (सागर) पदस्थ किया गया है।

    वहीं राजीव अग्रवाल को सहायक पुलिस अधीक्षक रीवा से एसडीओपी कुक्षी (धार), दीपांशु को सहायक पुलिस अधीक्षक सागर से एसडीओपी मनावर (धार) और अमित कुमार को सहायक पुलिस अधीक्षक खंडवा से एसडीओपी सिंगरौली भेजा गया है।

    127 राज्य पुलिस सेवा अधिकारियों के भी तबादले
    IPS अधिकारियों के साथ राज्य पुलिस सेवा के 127 अधिकारियों की पदस्थापना में भी बदलाव किया गया है। इनमें पुलिस मुख्यालय, जिलों और नगरीय पुलिस इकाइयों में विभिन्न पदों पर तैनात अधिकारी शामिल हैं। इसी क्रम में रजनीश काश्यप को सहायक पुलिस आयुक्त मिसरोद से स्थानांतरित कर उप पुलिस अधीक्षक, पुलिस मुख्यालय पदस्थ किया गया है।

     

  • MP के फर्जी पासपोर्ट कांड में हड़कंप, कच्छ बॉर्डर तक पहुंची जांच की आंच

    MP के फर्जी पासपोर्ट कांड में हड़कंप, कच्छ बॉर्डर तक पहुंची जांच की आंच

    ग्वालियर
    मध्यप्रदेश में डबरा के सिमरिया टेकरी से शुरू हुए फर्जी पासपोर्ट कांड की जड़े अब देश की अंतरराष्ट्रीय सीमा तक जा पहुंची हैं। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की गिरफ्त में आए मुख्य आरोपी जॉय चौधरी से रिमांड के दौरान हुई पूछताछ में देश की सुरक्षा को हिला देने वाले खुलासे हुए हैं। जांच एजेंसियों ने 130 और नए संदिग्ध पासपोर्ट को अपने रडार पर ले लिया है। इस सिंडिकेट का सबसे खतरनाक पहलू यह उजागर हुआ है कि मास्टरमाइंड ने इन दस्तावेजों में स्थायी पता मध्य प्रदेश के बैतूल का और स्थानीय पता पाकिस्तान सीमा से सटे गुजरात के कच्छ के एक गांव का दर्ज कराया था। इसके अलावा डबरा के सिमरिया (वार्ड-1) का पता भी दर्जनों पासपोर्ट में धड़ल्ले से खपाया गया। अब तक 200 पासपोर्ट की संख्या हो गई है।

    इस अंतरराष्ट्रीय लिंक के सामने आते ही केंद्रीय खुफिया एजेंसियां भी मुस्तैद हो गई हैं। वहीं, आंख मूंदकर वेरिफिकेशन करने वाले डबरा, भोपाल और बैतूल के 15 पुलिसकर्मियों और नगर निगम कर्मचारियों की पहचान कर ली गई है, जिन्हें सोमवार को एसटीएफ द्वारा नोटिस जारी किए जा रहे हैं।

    अब जाली दस्तावेज वाले रडार पर
    दस्तावेज सत्यापन, जाली मार्कशीट, आधार कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र तैयार कराने में स्थानीय स्तर पर मदद करने वाले कुछ शिक्षकों के नाम भी जांच के दायरे में आए हैं। चंद रुपयों के लालच में इन शिक्षकों ने घुसपैठियों के दस्तावेज तैयार करने में अहम भूमिका निभाई। एसटीएफ अब कमेटियों के पुराने रिकॉर्ड, संदिग्ध शिक्षकों के बैंक खातों और कच्छ बॉर्डर से जुड़े पतों के बीच की कड़ियों को खंगाल रही है।

    सिमरिया के बुद्ध विहार में जुटते थे संदिग्ध, भंते बने थे ढाल
    डबरा नगर पालिका के वार्ड-1 स्थित सिमरिया टेकरी, तथागत बुद्ध विहार और अंबेडकर पार्क के पते पर थोक में पासपोर्ट जारी कराने के पीछे सोची-समझी रणनीति थी।

    अज्ञात चेहरों का जमावड़ा: ग्रामीणों के अनुसार, धार्मिक आयोजनों के नाम पर यहां अक्सर बाहरी अनुयायी और संदिग्ध भिक्षु आकर ठहरते थे, लेकिन वे मूल रूप से कहां के रहने वाले थे, इसकी तस्दीक किसी के पास नहीं थी।

    गयाप्रसाद और गुलाबराय की भूमिकाः बुद्ध विहार में रह रहे संघप्रिय भंते ने बताया कि मास्टरमाइंड रियाज सीधे सामने नहीं आता था। पुराबनवार निवासी गयाप्रसाद (जो भंते बनकर सक्रिय था) और माधौनगर निवासी गुलाबराय लगातार इन गतिविधियों में आगे रहते थे। आशंका है कि रियाज इन्हीं चेहरों को मुखौटा बनाकर सिंडिकेट ऑपरेट कर रहा था।

  • पन्ना के बलराम कृषि महोत्सव में वर्चुअली शामिल हुए मुख्यमंत्री किसानों से किया संवाद

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पन्ना महाराजा छत्रसाल और भगवान श्री जुगल किशोर की नगरी है। यह एकमात्र धरती है, जहां हीरा मिलता है, विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पन्ना नेशनल पार्क में बाघ पुनर्स्थापना की बदौलत बाघों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को पन्ना में आयोजित प्रदेश के 28वें बलराम कृषि महोत्सव कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित किया। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड क्षेत्र को केन बेतवा लिंक परियोजना सहित अन्य बड़ी सौगातें मिली हैं। इससे क्षेत्र में खुशहाली और नागरिकों के जीवन स्तर में बदलाव आएगा। आज लाड़ली बहना योजना की महिला लाभार्थियों को 40वीं किस्त भी मिलेगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्म दिवस पर 17 सितम्बर से एक माह तक संचालित होने वाले सेवा संकल्प अभियान का शुभारंभ होगा। आगामी 7 अक्टूबर को प्रधानमंत्री श्री मोदी बतौर कुशल प्रशासक 25 वर्ष पूर्ण करेंगे। यह हम सब के लिए गौरव और गर्व का पल है। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के सफल आयोजन से विश्व में भारत का मान बढ़ा है। प्रधानमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में देश निरंतर तरक्की कर रहा है। आज केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा किसान हित में कई कल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बलराम महोत्सव के आयोजन से किसानों को बहुत लाभ मिलेगा। कृषि वैज्ञानिकों द्वारा आधुनिक कृषि सहित नवाचार तकनीकों की जानकारी से बड़ी संख्या में किसान लाभांवित होंगे। पवई बांध, मझगांय और रुंझ सहित कई लघु सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से वृहद स्तर पर किसानों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्यानिकी खेती अपनाने की अपील करते हुए किसानों से प्राकृतिक खेती को भी प्रोत्साहन देने की अपील की। उन्होंने किसानों से अतिरिक्त आय के अवसर के रूप में पशुपालन और अन्य गतिविधियां अपनाने पर जोर दिया। साथ ही विभिन्न विकास कार्यों का जिक्र करते हुए गौशाला की राशि में बढ़ोत्तरी की जानकारी भी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सेवा संकल्प अभियान में ग्रामीण जरूरतमंद व्यक्तियों को निःशुल्क रजिस्ट्री की सुविधा का लाभ भी मिलेगा। भविष्य में इस योजना को नगरीय क्षेत्रों में भी लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पर्यटन को बढ़ावा देने के दृष्टिगत होम-स्टे जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने की बात भी कही। साथ ही किसानों को सिंचाई के लिए दिन में 10 घंटे बिजली प्रदान करने का आश्वासन भी दिया। उपस्थित किसानों से किसान सम्मान निधि के लाभ संबंधी जानकारी भी ली।

    प्रगतिशील किसानों से संवाद कर की कार्यों की सराहना

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बलराम कृषि महोत्सव के कार्यक्रम में जिले के प्रगतिशील किसानों से संवाद कर उनके कार्यों की सराहना की। ग्राम शाहपुर खुर्द की महिला कृषक कविता रानी ने बताया कि वे 2019 से निरंतर प्राकृतिक खेती कर रही हैं। वर्तमान में 6 गांव के लोगों को प्रशिक्षण के जरिए उन्नत खेती के गुर भी सिखा रही हैं। इसके अलावा कृषि में कम लागत से आय बढ़ोत्तरी के तरीके भी बताती हैं। महिला कृषक ने कृषि विज्ञान केंद्र पन्ना से निरंतर मिले सहयोग और मार्गदर्शन की जानकारी भी दी। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने धान लगाने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी चाही। धामी मोहल्ला पन्ना निवासी राजकमल शर्मा ने कृषि क्षेत्र में शुरू किए गए स्टार्ट-अप की जानकारी दी। जरूआपुर के प्रगतिशील कृषक सुब्रत मलिक ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से उद्यानिकी खेती के जरिए आय में बढ़ोत्तरी की जानकारी दी। पशुपालन एवं डेयरी विभाग के हितग्राही नत्थू प्रसाद यादव ने डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनू योजना अंतर्गत मुर्रा भैंस क्रय कर सफलतापूर्वक डेयरी व्यवसाय गतिविधि करने के बारे में अवगत कराया।

    जनप्रतिनिधियों से भी की चर्चा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रभारी मंत्री एवं विधायकगण सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी चर्चा की। कार्यक्रम में पन्ना विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने कृषि क्षेत्र में बेहतर कार्यों की जानकारी दी। साथ ही गौशालाओं के विकास और दुग्ध उत्पादन एवं पशुपालन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए लक्ष्य में बढ़ोत्तरी का आग्रह किया। गुन्नौर विधायक डॉ. राजेश कुमार वर्मा ने ग्राम श्यामरडाडा में जैविक खेती के बारे में बताया। साथ ही अतिवर्षा से फसल हानि का सर्वे कर मुआवजा वितरण की बात कही। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मीना राजे, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री संतोष यादव, पूर्व अध्यक्ष जिला पंचायत श्री रविराज यादव, नपाध्यक्ष श्रीमती मीना पांडेय सहित अपेक्स बैंक के प्रशासक श्री महेन्द्र सिंह यादव एवं किसान मोर्चा अध्यक्ष श्री प्रदीप अवस्थी ने भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव से संवाद किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा जिला कलेक्टर को अतिवर्षा प्रभावित क्षेत्र में फसल सर्वे और किसानों की अन्य समस्याओं के निराकरण के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान में ग्रामीण और नगरीय क्षेत्र में संचालित जन विश्वास अभियान में शिविरों के माध्यम से भी आम जनता को लाभांवित किया जा रहा है।

    कृषि महोत्सव का आयोजन ऐतिहासिक निर्णय : प्रभारी मंत्री

    उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री तथा पन्ना जिले के प्रभारी मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों के हित में बलराम कृषि महोत्सव ऐतिहासिक निर्णय है। इससे कृषि एवं किसान के जीवन में व्यापक बदलाव एवं परिवर्तन आएगा। मध्यप्रदेश सरकार कृषक हितैषी और किसानों के हित में कल्याणकारी नीति व योजनाओं को लागू करने वाला देश का प्रथम राज्य है। प्रभारी मंत्री एवं मुख्य अतिथि श्री परमार को प्रतीक स्वरूप हल भेंट किया गया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 को किसान कल्याण के रूप में मनाया जा रहा है। इसमें विभिन्न नवाचार और जागरूकता गतिविधियों के जरिए किसानों को महत्वपूर्ण जानकारी भी मिल रही है। सहकारिता के माध्यम से रबी और खरीफ फसल के लिए ऋण प्रदान करने सहित ऋण चुकाने की सराहनीय पहल भी की गई है। उन्होंने सभी किसानों से बलराम कृषि महोत्सव को धूमधाम से मनाने की अपील की। इस अवसर पर अध्यक्ष किसान मोर्चा श्री जयपाल सिंह चावड़ा सहित, श्री सदानंद गौतम, कलेक्टर श्रीमती ऊषा परमार, जिला पंचायत सीईओ श्री उमराव सिंह मरावी सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि, अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी, किसान संघ के अध्यक्ष एवं प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में कृषकगण उपस्थित रहे।

    उत्कृष्ट कृषक एवं मेधावी विद्यार्थियों का किया सम्मान

    कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा उत्कृष्ट किसानों और मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान किया गया। जिला स्तरीय कार्यक्रम में कलाकारों के दल द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम और लोक नृत्य सहित देश भक्ति गीत की आकर्षक प्रस्तुति दी गई। वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को उन्नत कृषि की लाभकारी जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित और भगवान बलराम के चित्र पर माल्यार्पण के साथ किया गया। कार्यक्रम स्थल पर किसान कल्याण तथा कृषि विकास, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन एवं डेयरी, मत्स्य पालन, ग्रामीण आजीविका मिशन, कृषि अभियांत्रिकी सहित अन्य विभागों की प्रदर्शनी के माध्यम से कृषकों को विभागीय योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई। इसके अलावा उन्नत कृषि यंत्रों का प्रदर्शन भी किया गया।

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रादेशिक सिंधी सम्मेलन को किया संबोधित

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रादेशिक सिंधी सम्मेलन को किया संबोधित

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंधी समाज समाज की जीवटता, कर्मठता और अपने स्वभाव से सबका दिल जीतने की क्षमता प्रशंसनीय है। सिंधी समाज का पिछला 80 वर्ष का समय कठिनाईयों और संघर्ष से भरा रहा। समाज ने विभाजन की विभिषिका झेली, जन्मभूमि-घर और कारोबार छोड़ा पर समाज बंधुओं का हौसला, धर्म और संस्कार कभी नहीं छूटे। चुनौतियों को अवसर में बदलकर अपनी पहचान और गौरव को बनाये रखने वाले सिंधी समाज पर सभी को गर्व है।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिंधी समाज में फिनिक्स पक्षी के समान पुन: उठ खड़े होने की क्षमता है। समाज ने अपनी इसी क्षमता के आधार पर ही अपने लिए नए अवसरों का सृजन किया है। सिंधी समाज के महापुरुषों जैसे राजा दाहिर, संत कंवर राम और शहीद हेमु कालानी की जीवनी को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल कर हमने अपना वादा निभाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल के सिंधु भवन में आयोजित प्रादेशिक सिंधी सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर सांसद  शंकर ललवानी, विधायक  भगवानदास सबनानी, मध्यप्रदेश सिंधु भवन ट्रस्ट के अध्यक्ष  राजेन्द्र मनवानी, प्रांतीय सिंधी सम्मेलन के कार्यक्रम संयोजक  ईश्वर झामनानी सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।

    राज्य सरकार सिंधी समाज के अधिकारों के संरक्षण और सिंधी भाषा व संस्कृति के संवर्धन के लिए सदैव तत्पर

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंधी समाज के पास व्यापारिक कुशलता और बिजनेस माइंडसेट होने के साथ-साथ समाज सेवा, शिक्षा सहित कई क्षेत्रों में नवाचार करने की क्षमता है, समाज के लोग विभिन्न क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। राज्य सरकार सिंधी समाज के अधिकारों के संरक्षण, सिंधी भाषा व संस्कृति के संवर्धन के लिए सदैव तत्पर है। हमारी सरकार संवाद से समस्याओं के समाधान में विश्वास रखती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल के मास्टर प्लान के संबंध में कहा कि राज्य सरकार व्यापारियों के हितों की रक्षा के प्रति सजग है, जो भी श्रेष्ठम समाधान होगा वह किया जाएगा।

    प्रधानमंत्री  मोदी के जन्म दिवस 17 सितम्बर से आरंभ होगा सेवा से संकल्प अभियान

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के बतौर कुशल प्रशासक 25 वर्ष पूर्ण होने पर उनके जन्म दिवस 17 सितम्बर से प्रदेश में सेवा से संकल्प अभियान आरंभ किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 50 लाख लोगों की नि:शुल्क रजिस्ट्री करने का कार्य संपूर्ण प्रदेश में हो रहा है। इस प्रक्रिया में स्टाम्प डयूटी राज्य सरकार द्वारा भरी जाएगी। यह राशि लगभग 5 हजार करोड़ रुपए होगी। स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन अभियान के अंतर्गत प्रथमत: ग्रामीण आबादी को उनकी सम्पत्ति की रजिस्ट्री कर राजस्व विभाग के माध्यम से दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएंगे। अगले चरण में शहरी क्षेत्र के भू-खण्डों की रजिस्ट्रीयां की जाएंगी।

    कानून से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर नहीं होगा बर्दाश्त

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर हमारी सरकार पूरी तरह सख्त है। अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, वहीं लापरवाही और अपराध पर कठोर कार्रवाई की जा रही है। प्रधानमंत्री  मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री  अमित शाह के नेतृत्व में बालाघाट आज पूरी तरह नक्सल मुक्त हो चुका है। सागर की घटना में आरोपियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई अपराधियों के लिए स्पष्ट संदेश है कि कानून से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा। सागर शराब कांड के दूसरे आरोपी का भी आज शॉर्ट एनकाउंटर किया गया है। हर अपराधी के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी। कार्यक्रम को इंदौर सांसद  शंकर लालवानी तथा प्रांतीय सिंधी सम्मेलन के कार्यक्रम संयोजक  ईश्वर झावनानी ने भी संबोधित किया।

     

  • देशभर के वरिष्ठ पत्रकार, साहित्यकार और कवि होंगे शामिल

    देशभर के वरिष्ठ पत्रकार, साहित्यकार और कवि होंगे शामिल

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राष्ट्रीय हिन्दी दिवस के अवसर पर सोमवार 14 सितंबर को शाम 4 बजे भारत भवन में ‘भारतीय मातृभाषा अनुष्ठान’ का शुभारंभ करेंगे। भारतीय भाषाओं की विविधता में निहित भारतीय संस्कृति, जीवन-मूल्यों और राष्ट्रीय एकता की भावना को केंद्र में रखते हुए 14 एवं 15 सितंबर 2026 दो दिवसीय अनुष्ठान का केन्द्रिय विषय ‘मातृभाषा, संस्कृति और भारतीय जीवन-मूल्यों पर संवाद’ रखा गया है। संस्कृति विभाग के वीर भारत न्यास एवं संस्कृति संचालनालय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में भारत भवन, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान तथा मातृभाषा मंच की सहभागिता रहेगी।

    पहले दिन राष्ट्रभाषा और भाषाई पत्रकारिता पर होगा विमर्श

    मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार एवं वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव राम तिवारी ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा शुभारंभ किए जाने के बाद पहला सत्र शाम 4:30 से 5:30 बजे तक ‘मातृभाषा से राष्ट्रभाषा : भाषाओं में भारत की आत्मा’ विषय पर व्याख्यान होगा। इसमें बांग्ला के  स्नेहाशीष सूर, कश्मीरी के  आसिम मोहिउद्दीन अपने विचार रखेंगे, सत्र समन्वयक माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलगुरू  विजय मनोहर तिवारी करेंगे। दूसरा सत्र शाम 6 से 7:30 बजे तक ‘भाषाई पत्रकारिता, समाज की आवाज़’ विषय पर होगा, जिसमें  जयदीप कर्णिक, वरिष्ठ संपादक  गिरीश उपाध्याय और वरिष्ठ पुरातत्वविद  नारायण व्यास सहभागी होंगे। सत्र का समन्वयक दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान के निदेशक  मुकेश मिश्रा द्वारा किया जायेगा।

    न्यासी सचिव  तिवारी ने बताया कि 14 सितंबर की शाम 7:30 बजे राष्ट्रीय कवि सम्मेलन आयोजित होगा। इसमें डॉ. कीर्ति काले,  स्वयं वास्तव,  दिनेश दिग्गज,  शैलेन्द्र मधुर,  अज़हर इकबाल तथा  रामायणधर दि्ववेदी काव्य पाठ करेंगे। इसी दिन शाम 4 बजे ‘पूर्वरंग’ में भारतीय भाषाओं एवं बोलियों के गीतों की प्रस्तुति  उमेश तरकसवार एवं साथी, भोपाल द्वारा दी जाएगी।

    15 सितंबर के विमर्श सत्र एवं 'संत राग' प्रस्तुति

    15 सितंबर को पहला सत्र शाम 4 से 5:30 बजे तक ‘डिजिटल युग में मातृभाषाएँ : संकट, संभावना और नई पत्रकारिता’ विषय पर होगा। इसमें उर्दू के वरिष्ठ संपादक  अब्दुल वदूद साजिद, मराठी से सुबह सवेरे के कार्यकारी प्रधान संपादक  अजय बोकिल, असमिया के वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक  समुद्रगुप्त कश्यप तथा फाउंडर फ्रेंड्स ऑफ मध्यप्रदेश, यूके के  रोहित दीक्षित विचार रखेंगे। दूसरा सत्र शाम 5:30 से 7 बजे तक ‘भाषा अनेक, भारत एक’ विषय पर होगा, जिसमें मलयालम के  मनोज के. दास,  सतीश के. सिंह,  अनुराग उपाध्याय एवं  मनोज शर्मा सहित अन्य पत्रकार सहभागी होंगे। शाम 7:30 बजे ‘संत राग’ कार्यक्रम में संत कवियों की वाणी की प्रस्तुति सु सुधा रघुरामन, नई दिल्ली द्वारा की जाएगी।

    भाषाई शब्द-चित्र प्रदर्शनी एवं दुर्लभ पुस्तकों का होगा लोकार्पण

     तिवारी ने बताया कि आयोजन स्थल पर शब्द-चित्र और भारतीय भाषाओं से संबंधित प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रहेगी। इसके साथ ही महर्षि पाणिनि, भोजदेव, महर्षि पतंजलि, भर्तृहरि और सम्राट राजेंद्र चोल सहित भारतीय परंपरा के महत्त्वपूर्ण व्यक्तित्वों तथा ‘युग-युगीन जल’, ‘उड़ चल अपने देश’, ‘अष्टावक्र गीता’, ‘नारद गीता’, ‘गर्भ गीता’, ‘ब्राह्मण गीता’, ‘उत्तर गीता’, ‘परमहंस गीता’, ‘वृत्र गीता’, ‘हंस गीता’, ‘चंद्र गीता’, ‘जानकी गीता’ एवं सूर्यकांत त्रिपाठी निराला हिन्दी साहित्य के प्रकाश पुंज जैसी पुस्तकों का लोकार्पण भी होगा।

    भारतीय सभ्यता की स्मृतियाँ हमारी मातृभाषाओं, बोलियों और लिपियों में सुरक्षित हैं। राष्ट्रीय हिन्दी दिवस के अवसर पर भारतीय मातृभाषा अनुष्ठान के माध्यम से भाषाओं में रची साहित्यिक-सांस्कृतिक विरासत और भाषाई पत्रकारिता के योगदान को समझने का प्रयास होगा। हमारा उद्देश्य अतीत की स्मृतियों से साक्षात्कार करते हुए वर्तमान समाज को अपनी सभ्यतागत चेतना से जोड़ना और भविष्य के लिए नई सांस्कृतिक दृष्टि विकसित करना है। इस अनुष्ठान में व्याख्यान, विमर्श, राष्ट्रीय कवि सम्मेलन, संत कवियों की वाणी, पूर्वरंग तथा प्रदर्शनी सहित विविध कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं।

     

  • अंतरविभागीय समन्वय से पेयजल एवं बाल पोषण व्यवस्था को करें सशक्त

    अंतरविभागीय समन्वय से पेयजल एवं बाल पोषण व्यवस्था को करें सशक्त

    भोपाल 

    उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने निवास कार्यालय भोपाल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बालाघाट जिले में स्वास्थ्य सेवाओं एवं स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि बालाघाट के पूरे क्षेत्र को स्वास्थ्य सेवाओं से प्रभावी रूप से कवर करना है। कोई भी पात्र व्यक्ति स्वास्थ्य सुविधा से वंचित न रहे और प्रत्येक स्तर पर स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत एवं जवाबदेह बनाया जाए। बैठक में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  सुखवीर सिंह, आयुक्त  धनराजू एस, एमडी एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बालाघाट कलेक्टर  कुँअर सत्यम, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

    उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि बालाघाट जिले के प्रत्येक क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। स्वास्थ्य अधोसंरचना के सशक्तीकरण के लिए आवश्यकतानुसार संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों सहित पूरे क्षेत्र को स्वास्थ्य सेवाओं के दायरे में लाते हुए स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता और पहुंच को और बेहतर बनाया जाए।

    शत-प्रतिशत टीकाकरण और गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीयन सुनिश्चित करें

    उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि बालाघाट नक्सल प्रभाव से मुक्त हुआ है। ऐसे क्षेत्रों में स्थानीय निवासियों को स्वास्थ्य सेवाओं एवं विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के प्रति जागरुक बनाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य जागरुकता अभियान से जोड़ते हुए शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने गर्भवती महिलाओं के पंजीयन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गर्भवती महिला का समय पर पंजीयन हो तथा सभी एएनसी (ANC) समय पर हों, यह सुनिश्चित किया जाए। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) वाली गर्भवती महिलाओं को समय पर चिन्हित कर उनका नियमित फॉलोअप किया जाए और आवश्यकतानुसार उन्हें उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में उपचार एवं प्रसव की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

    संस्थागत प्रसव के लिए पूर्व तैयारी सुनिश्चित करें

    उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि शत प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित किए जाएँ। जिन गर्भवती महिलाओं में प्रसव के दौरान जोखिम की संभावना हो, उन्हें समय रहते स्वास्थ्य संस्थान में भर्ती कराकर आवश्यक निगरानी एवं उपचार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने दूरस्थ क्षेत्रों के लिए बर्थ वेटिंग होम की व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए, ताकि एचआरपी चिन्हित गर्भवती महिलाओं को प्रसव के समय उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं समय से उपलब्ध हो सकें।

    67 नए मेडिकल ऑफिसर्स की पदस्थापना

    उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि बालाघाट जिले में आवश्यकता एवं मांग के अनुरूप 67 नए मेडिकल ऑफिसर्स की पदस्थापना की गई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उपलब्ध मानव संसाधन का प्रभावी उपयोग करते हुए प्रत्येक क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य अधिकारियों की मैदानी उपस्थिति आवश्यक है। स्वास्थ्य अधिकारी नियमित रूप से क्षेत्रों का दौरा करें और मैदानी अमले की कार्यप्रणाली की समीक्षा करें।

    मैदानी अमले को प्रोत्साहित करें, इंसेंटिव समय पर वितरित किये जाए

    उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की सफलता में मैदानी अमले की महत्वपूर्ण भूमिका है। अधिकारियों द्वारा मैदानी स्वास्थ्य कर्मचारियों को निरंतर मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन दिया जाए। उनके कार्यों को प्रोत्साहित करने के साथ ही निर्धारित इंसेंटिव का समय पर वितरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी नियमित रूप से मैदानी क्षेत्रों का दौरा करें, कर्मचारियों की समस्याओं को समझें और उन्हें बेहतर कार्य के लिए प्रेरित करें।

    स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का आवश्यकतानुसार उपयोग करें

    उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि जिले में स्थानीय आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए अनटाइड फंड आवश्यकतानुसार उपलब्ध कराया गया है। इसका उपयोग स्थानीय स्तर की आकस्मिक आवश्यकताओं के लिए किया जा सकता है। विशेष रूप से आवश्यक परिवहन, आकस्मिक दवाओं, उपकरणों तथा अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए इसका नियमानुसार उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवा प्रभावित न हो और स्थानीय स्तर पर सामने आने वाली आकस्मिक आवश्यकता का तत्काल समाधान हो, इसके लिए उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग किया जाए।

    जन्मजात बीमारियों से प्रभावित बच्चों का समय पर उपचार पर दें विशेष ध्यान

    उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने निर्देश दिए कि जन्मजात बीमारियों से प्रभावित बच्चों की पहचान एवं उपचार पर विशेष ध्यान दिया जाए। जन्मजात हृदय रोग, क्लेफ्ट लिप, क्लब फुट आदि समस्याओं से प्रभावित बच्चों को चिन्हित कर उनकी आवश्यक सर्जरी एवं उपचार समय पर कराया जाए। उन्होंने कहा कि आरबीएसके (RBSK) के अंतर्गत पात्र बच्चों की आवश्यक सर्जरी एवं उपचार की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध है। इसलिए ऐसे बच्चों की पहचान, रेफरल और उपचार की पूरी प्रक्रिया को प्रभावी बनाया जाए, ताकि कोई भी बच्चा आवश्यक उपचार से वंचित न रहे।

    टीकाकरण के लिए वैकल्पिक व्यवस्था का भी उपयोग करें

    उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि जहां नियमित टीकाकरण व्यवस्था के माध्यम से शत-प्रतिशत कवरेज प्राप्त करने में कठिनाई हो, वहां आवश्यकता के अनुसार हायर्ड वैक्सीनेटर तथा ऑल्टरनेट वैक्सीन डिलीवरी (एवीडी) जैसी व्यवस्थाओं को प्रोत्साहित किया जाए। दूरस्थ एवं कठिन पहुंच वाले क्षेत्रों में विशेष रणनीति बनाकर टीकाकरण का लक्ष्य पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विशेष अभियान चला कर टीकाकरण से छूटे बच्चों की पहचान करें और शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित किया जाये।

    पंचायतों को सुमन पंचायत के लिए प्रेरित करें

    उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि पंचायत स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को जनभागीदारी से मजबूत किया जाए। पंचायतों को सुमन पंचायत बनने के लिए प्रेरित करें और स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सक्रिय रूप से शामिल करें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच केवल विभागीय प्रयासों से नहीं, बल्कि स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी से अधिक प्रभावी बनाई जा सकती है। इसलिए स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य जागरूकता अभियान का हिस्सा बनाया जाए।

    स्वच्छता अभियान को गति दें

    उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के बीच सीधा संबंध बताते हुए क्षेत्र में विशेष स्वच्छता अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पंचायतों, स्थानीय संस्थाओं एवं नागरिकों की सहभागिता से स्वच्छता को जन-अभियान का स्वरूप दिया जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था को फुलप्रूफ बनाने के लिए बीमारी की रोकथाम, समय पर पहचान, उपचार, टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा स्वच्छता—सभी पहलुओं पर एक साथ कार्य किया जाना आवश्यक है।

    स्वास्थ्य सेवाओं में संसाधनों की कमी नहीं होने दी जाएगी

    उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए आवश्यक संसाधनों की कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जिले की आवश्यकता के अनुसार मानव संसाधन, दवाएं, उपकरण, परिवहन एवं अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए शासन स्तर से आवश्यक सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करें।

    बालाघाट में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे

    उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि बालाघाट में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए आवश्यकतानुसार सभी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्वास्थ्य संस्थानों के सुदृढ़ीकरण के लिए 2 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। साथ ही 2 नए पीएचसी, 1 एसएचसी एवं 2 एमएमयू की स्वीकृति के निर्देश दिए हैं। अन्य आवश्यकताओं की भी प्राथमिकता से पूर्ति की जाएगी। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि अंतर्विभागीय समन्वय से पेयजल एवं बाल पोषण सेवाओं को सशक्त किया जाए। आंगनवाड़ी केंद्रों को सुदृढ़ करने के साथ बच्चों एवं हितग्राहियों का नियमित फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए। आवश्यकतानुसार आशा एवं एएनएम के पदों की भी स्वीकृति दी जाएगी।

     

  • ​छ.ग. फेंसिंग एसोसिएशन की 20वीं वार्षिक आमसभा एवं महत्वपूर्ण बैठक संपन्न

    ​छ.ग. फेंसिंग एसोसिएशन की 20वीं वार्षिक आमसभा एवं महत्वपूर्ण बैठक संपन्न

    ​रायपुर,

    छत्तीसगढ़ फेंसिंग एसोसिएशन की 20वीं वार्षिक आमसभा का आयोजन आज  को क्विंस  क्लब, रायपुर में किया गया।
    ​इस बैठक में संघ के अध्यक्ष  एस. प्रकाश, महासचिव  समीर खान, वर्किंग प्रेसिडेंट  अजीत सिंह पटेल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष  दिनेश गुप्ता,छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के संयुक्त सचिव  मो. अकरम खान, वालीवाल संघ से  नितिन पाण्डेय मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
    ​बैठक के दौरान पूर्व महासचिव महसचिव बशीर अहमद खान भी उपस्थित थे  समीर खान ने छत्तीसगढ़ प्रदेश फेंसिंग एसोसिएशन के सभी महत्वपूर्ण एजेंडों पर विस्तार से चर्चा की तथा कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पेश किए, जिस पर उपस्थित सभी जिला संघों के अध्यक्षों एवं सचिवों ने सर्वसम्मति से अपनी सहमति प्रदान की।

    अपने सम्बोधन मेँ प्रदेश फेंसिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष  एस. प्रकाश (IAS) ने प्रदेश के सभी जिलों प्रमुखो के फेंसिंग के प्रचार के लिए आवश्यक सुझाव मांगे सभी के विचार सुनने के पश्चात् अपने उदबोधन मेँ कहा की आप सभी को अपने जिला मेँ फेंसिंग (तलवारबाज़ी ) की नर्सरी तैयार करने को ये खेल तभी प्रदेश के मुख्य धारा मेँ जुड़ पायेगा। उन्होंने कहा की अधिक से अधिक प्रशिक्षण शिविर एवं लगातर स्पर्धा से फेंसिंग का वातवरण निर्मित होगा, हम इसके विकास के सरकार से मिलने वाली हर सुविधा का लाभ दिलवाने का प्रयास करेंगे.  अकरम ने भी मुख्यमंत्री के खेल के प्रति नवीन योजना से अवगत कराया।
     अजित सिंह पटेल ज़ी ने सभी जिलों के सचिव से मंथली रिपोर्ट पर कार्य को कहा, फेंसिंग (तलवार बाज़ी )को बढ़ाने के लिए विकासखंड स्तर मेँ चयन प्रक्रिया कर प्रशिक्षण की व्यवस्था जिला संघ सुनिश्चित करें।
    संघ के कोषाध्यक्ष  अखिलेश दुबे ने छत्तीसगढ़ मेँ  खेलों इंडिया फेंसिंग अ कादमी का प्रस्ताव जो बहरतरई बिलासपुर मेँ होना जो अभी तक लंबित हैँ ध्यान दिलाया, फेंसिंग खेल को छत्तीसगढ़ के साई सेंटर मेँ जोड़ने का प्रस्ताव रखा।
     निखिल जम्बूलकर ने फेंसिंग पंडित रविशंकर विश्व विद्यालय के खेल कैलेंडर मेँ जोड़े जाने का प्रस्ताव रखा।
    ​बैठक के मुख्य बिंदु एवं निर्णय:

    ​वार्षिक  एवं मासिक कार्ययोजना एवं क्षेत्रीय,जिला  पर स्पर्धा आयोजित कर राज्य प्रतियोगिताएं: संघ की वार्षिक कार्ययोजना तय की गई और संघ द्वारा आयोजित की जाने वाली राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के स्थान निश्चित किए गए एवं राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं का कैलेंडर इस प्रकार जारी किया गया:

    ​सब-जूनियर प्रतियोगिता: रायपुर जिला अक्टूबर माह 
    ​जूनियर एवं सीनियर प्रतियोगिता: दुर्ग जिला दिसंबर माह 
    ​कैडेट बालक- बलिका 17 वर्ष प्रतियोगिता: कोरबा जिला नवम्बर 
    ​अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण: संघ द्वारा जानकारी दी गई कि प्रदेश की कु. नेहा यादव एवं दीपांशी नेताम हाई परफॉर्मेंस ट्रेनिंग प्राप्त करने के लिए इटली प्रस्थान कर चुकी हैं।
    ​पुरस्कार एवं सम्मान: फेंसिंग के 05 खिलाड़ियों को इस वर्ष 'राज्य पुरस्कार' हेतु नामांकित किया गया था, जिन्हें यह पुरस्कार प्राप्त हुआ है। इसके अलावा वर्ष 2026 में 5 खिलाड़ियों के नाम 'उत्कृष्ट खिलाड़ी' के रूप में घोषित किए गए।
    ​शासकीय सेवा में अवसर: संघ के 12 खिलाड़ियों को उत्कृष्ट खिलाड़ी नीति के अंतर्गत सरकारी विभागों में नौकरी प्राप्त हुई है।
    ​खेल प्रोत्साहन प्रस्ताव:
    ​फेंसिंग खेल को 'हाई ग्रेड' (High Grade) श्रेणी की सूची में शामिल करवाने पर चर्चा की गई।
    ​राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों की खेल सूची में फेंसिंग को शामिल करने का प्रस्ताव पारित किया गया।
    ​आगामी आयोजन: आगामी वर्ष में ऑल इंडिया चैंपियनशिप एवं सीनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित करवाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।
    ​15 जिलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति:
    ​आज की इस वार्षिक बैठक में प्रदेश के 15 जिलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से:
    ​रायपुर: अखिलेश दुबे, आरती सिंह 
    ​दुर्ग: अर्पित तिवारी, मती केशवमणि पांडे
    ​कोरबा: तारिकेश मिश्रा
    ​मुंगेली: भूमेश पांडे
    ​दुर्ग ग्रामीण: ज्ञानचंद
    ​बालोद: मनमोहन सिंह वर्मा
    ​बेमेतरा: योगेश साहू
    ​खैरागढ़: प्रियंक कश्यप
    ​धमतरी: वेदप्रकाश
    ​गरियाबंद: बलराम यादव
    ​दुर्ग नगर निगम: निखिल जाबुलकर
    जांजगीर चंपा से वरुण पाण्डेय,
    प्रदेश फेंसिंग के उपाध्यक्ष  कमल रुपरेला,  आबिद,
    ​सहित कई अन्य पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

  • अखिलेश यादव के जलभराव वाले ट्वीट पर वाराणसी के महापौर का पलटवार

    अखिलेश यादव के जलभराव वाले ट्वीट पर वाराणसी के महापौर का पलटवार

    वाराणसी

    काशी में जलभराव और गलियों के जलमग्न होने को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के सोशल मीडिया पोस्ट के बाद सियासत तेज हो गई है। अखिलेश यादव के ट्वीट में काशी में जलभराव की स्थिति को लेकर सवाल उठाए जाने के बाद महापौर अशोक तिवारी ने पलटवार किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर जलभराव को लेकर चलाए जा रहे अभियान की परिस्थितियों की जांच कराए जाने की बात कही। उन्होंने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनको  बनारस के बारे में कम जानकारी है या उनका सूचना तंत्र काफी कमजोर है। बिना सही  जानकारी के उनको सोशल मीडिया पर वीडियो साझा नहीं करना चाहिए। 

    अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए महापौर ने कहा कि उन्हें इस तरह के छोटे राजनीतिक मामलों से बचना चाहिए। ऐसा तरीका नहीं अपनाया जाना चाहिए जिससे काशी की बदनामी हो। यह काशी की जनता का अपमान है। सीवर पाइपलाइन में बोरी मिलने के मामले में जलकल विभाग भेलूपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज करा चुकी है।

    महापौर अशोक तिवारी ने कहा कि पिछले करीब एक सप्ताह से सोशल मीडिया पर काशी में जलजमाव, गलियों के जलमग्न होने और कई वार्डों में समस्याओं को लेकर लगातार सोशल मीडिया पर ट्रेंड या अभियान चलाया जा रहा था। सोशल मीडिया पर जहां-जहां शिकायतें और वीडियो सामने आए, वहां अधिकारियों को भेजकर मौके की जांच कराई गई।

    उन्होंने कहा कि जांच के दौरान कई स्थानों पर सीवर को कूड़े-करकट और अन्य सामग्री से ढके जाने की बात सामने आई। कुछ स्थानों पर सीवर में बोरी भरकर डाली गई थी, जबकि कहीं प्लाई डालकर सीवर को ढक दिया गया था।

    महापौर ने नवेद कॉम्प्लेक्स का भी उल्लेख किया। उन्होंने इसे अवैध बिल्डिंग बताते हुए कहा कि इसके नीचे से बड़ा नाला गुजरता है और उसके ऊपर निर्माण किया गया है। उनका कहना है कि नालों और सीवर की स्थिति की जांच कराई जा रही है, ताकि जलभराव के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। सीसीटीवी के इस दौर में यह पता लगाया जा सकता है कि सीवर में बोरी कब डाली गई, किसके द्वारा डाली गई और इसके पीछे क्या वजह थी। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने जांच के दौरान सीवर में बोरे डाले जाने और नाले में मलबा भरे होने की बात भी देखी है। हालांकि, महापौर ने स्पष्ट किया कि इन गतिविधियों के लिए कौन जिम्मेदार है, इसका निर्णय जांच पूरी होने के बाद ही होगा। 
    महापौर ने कहा कि यदि जलभराव को लेकर कोई समस्या है तो उसका समाधान कराने के लिए नगर निगम और जलकल लगातार काम कर रहे हैं। लेकिन यदि जानबूझकर सीवर और नालों को बाधित किया गया है तो यह नगर निगम, जलकल और काशी की जनता की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली बात है।

  • ‘ मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान को विद्यार्थियों का व्यापक समर्थन, 2,67,744 विद्यार्थियों ने भेजे निबंध और विचार

    ‘ मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान को विद्यार्थियों का व्यापक समर्थन, 2,67,744 विद्यार्थियों ने भेजे निबंध और विचार

    देहरादून 

     मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने  हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के चौरास परिसर स्थित प्रेक्षागृह में ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ विषय पर आयोजित ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम में  प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशभर से जुड़े विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद किया और विकसित उत्तराखंड को लेकर उनके विचारों, सुझावों, सपनों तथा भविष्य की परिकल्पनाओं को जाना। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उनका मार्गदर्शन भी किया।

    मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विद्यार्थियों की ऊर्जा, उनकी सोच और विकसित उत्तराखंड के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उत्साहवर्धक है। प्रदेश की भावी पीढ़ी को सशक्त, आत्मनिर्भर, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि युवाओं के विचार और सुझाव उत्तराखंड के विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। आज के विद्यार्थी ही कल के उत्तराखंड और भारत का नेतृत्व करेंगे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान को प्रदेश के विद्यार्थियों का व्यापक समर्थन मिला है। अभियान के तहत प्रदेशभर से 2,67,744 विद्यार्थियों ने अपने निबंध एवं विचार भेजे हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा व्यक्त किए गए विचार उत्तराखंड के विकास, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य के प्रति उनकी सोच, संवेदनशीलता और संकल्प को दर्शाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा लिखे गए निबंधों की सराहना करते हुए कहा कि सभी ने इतनी अच्छी तरह अपने विचार व्यक्त किए हैं कि यह निर्णय करना कठिन है कि किसने अच्छा लिखा और किसने बहुत अच्छा लिखा।

    संवाद के दौरान रुद्रप्रयाग की कक्षा 11 की छात्रा सीमा सेमवाल ने पलायन विषय पर लिखे अपने निबंध के बारे में मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने इसे दो-तीन दिनों में लिखा है और पलायन को विषय इसलिए चुना, क्योंकि उन्होंने इसे स्वयं महसूस किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में मुख्य रूप से दो प्रकार का पलायन देखा जाता है—स्थायी और अस्थायी। उन्होंने कहा कि शिक्षा और रोजगार के लिए घर से बाहर जाना हमेशा नकारात्मक नहीं होता। बाहर जाकर पढ़ने, सीखने और अनुभव प्राप्त करने से युवाओं को बेहतर एक्सपोजर मिलता है। हालांकि, पहाड़ों में माताओं-बहनों को अनेक कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद वे कठिन परिस्थितियों में भी अपने परिवार और समाज को संभालते हुए स्वयं कार्य कर रही हैं तथा दूसरों को भी प्रेरित कर रही हैं।

    देवप्रयाग की छात्रा श्रेया सेमवाल ने ‘पहाड़ रहें, अपने रहें, मेरे सपने रहें’ विषय पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने पहाड़ों में रोजगार और अवसरों के विस्तार के साथ अपनी जड़ों से जुड़े रहने की आवश्यकता पर विचार रखे। वहीं जीईसी पौड़ी की छात्रा प्रिया ने विकसित उत्तराखंड को लेकर अपने विचार साझा किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का निर्माण तभी संभव है, जब देश का प्रत्येक गांव, प्रत्येक जिला और प्रत्येक राज्य विकास की मुख्यधारा से जुड़े और विकसित हो।

    छात्रा तमन्ना ने पलायन और खेती से होने वाली कम आय की समस्या को रेखांकित करते हुए कहा—‘मेरा पहाड़, मेरा रोजगार, पत्थर की छाती पर बनेगा रोजगार।’ मुख्यमंत्री ने उनके विचार की सराहना करते हुए कहा कि यह सकारात्मक सोच का परिचायक है। परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं, लेकिन हमारा संकल्प मजबूत होना चाहिए कि जीवन में हमें कुछ बेहतर करना है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं को अपनी परिस्थितियों को अवसर में बदलने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।

    छात्रा सृष्टि ने सरकारी स्कूलों और अस्पतालों के प्रति लोगों के भरोसे से जुड़े सवाल उठाए। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जैसे व्यक्तित्व साधारण परिवारों से निकलकर देश के सर्वोच्च पदों तक पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। आज की पीढ़ी अच्छे और बेहतर की समझ रखती है। युवाओं को अपने जनपद और प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों तथा विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी रखनी चाहिए और सकारात्मक बदलाव के लिए अपनी भूमिका निभानी चाहिए।

    रुद्रप्रयाग की छात्रा अनुष्का ने पलायन रोकने से जुड़े अपने विचार साझा किए। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं, इसके बावजूद सरकार द्वारा गांव-गांव तक बिजली, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है और सरकार निरंतर इस दिशा में कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 500 से अधिक स्मार्ट क्लास संचालित किए जा रहे हैं तथा रिवर्स माइग्रेशन भी हो रहा है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे केवल नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनने का लक्ष्य रखें।

    इशिका नेगी और गौरव बिष्ट ने पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण तथा चारधाम यात्रा से जुड़े विषयों पर अपने सुझाव साझा किए। विद्यार्थियों ने उत्तराखंड की प्राकृतिक संपदा को संरक्षित रखते हुए पर्यटन को रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर भी अपने विचार रखे।

    छात्र मुकेश कुशवाहा ने स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए छोटे-छोटे गांवों तक हेलीकॉप्टर एंबुलेंस जैसी सुविधा पहुंचाने तथा विद्यालय स्तर पर कौशल विकास की ट्रेनिंग उपलब्ध कराने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री ने इसे महत्वपूर्ण सुझाव बताते हुए कहा कि सरकार का प्रयास है कि युवाओं को अपनी प्रतिभा और क्षमता का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए आवश्यक सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि कौशल विकास और रोजगारपरक शिक्षा के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा रखे गए सभी विचारों और सुझावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। विकसित भारत और विकसित उत्तराखंड के निर्माण में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान करते हुए कहा कि युवा अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाएं और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन उनके लिए विशेष है, क्योंकि उन्हें विद्यार्थियों से सीधे संवाद करने का अवसर मिला। विद्यार्थियों के विचारों से उनकी परिकल्पना, ज्ञान, संवेदनशीलता और भविष्य को लेकर उनकी सोच का पता चलता है। उन्होंने कहा कि सभी विद्यार्थियों के भीतर आगे बढ़ने और कुछ बेहतर करने की तीव्र इच्छा दिखाई देती है। यही ऊर्जा विकसित उत्तराखंड के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है।

    उन्होंने कहा कि देश का भविष्य युवा हैं और भविष्य का उत्तराखंड एवं भारत युवाओं के सपनों, संकल्प और मेहनत से बनेगा। वर्ष 2047 में भारत कैसा हो, उसमें युवाओं का क्या योगदान हो, उनकी क्या भूमिका हो और व्यवस्थाएं कैसी होनी चाहिए—इन सभी विषयों पर युवाओं की सोच और सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विकास की इस यात्रा में प्रत्येक युवा की भूमिका अहम है और युवाओं को अपने सपनों को लक्ष्य में बदलकर निरंतर आगे बढ़ना चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवा विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर कार्य कर रहे हैं। टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में युवाओं की प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री युवा योजना जैसे प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं की प्रतिभा और मेहनत के साथ खिलवाड़ करने वाले नकल माफियाओं के विरुद्ध भी राज्य सरकार ने सख्त कानून बनाए हैं, ताकि योग्य युवाओं को पारदर्शी और निष्पक्ष अवसर मिल सकें।

    कार्यक्रम के दौरान छात्रा अदिति गौतम ने मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी को उनके द्वारा बनाई गई एक चित्रकृति भेंट की। बेहतर सहभागिता के लिए नोडल अधिकारी शिक्षक अंकुश को सम्मानित किया गया। वहीं रुद्रप्रयाग जनपद से निबंध प्रतियोगिता में विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग  विशाल मिश्रा को भी सम्मानित किया गया।

    मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे अपने सपनों को अपना लक्ष्य बनाएं, निरंतर मेहनत करें और अपनी प्रतिभा एवं ऊर्जा का उपयोग प्रदेश तथा देश के निर्माण में करें। उन्होंने कहा कि आने वाला उत्तराखंड युवाओं के सपनों का उत्तराखंड होगा और इसके निर्माण में प्रदेश के प्रत्येक युवा की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।

     कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं एवं शिक्षक उपस्थित रहे। इस अवसर पर जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल मती नितिका खण्डेलवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मती श्वेता चौबे, मुख्य विकास अधिकारी मती वरुणा अग्रवाल सहित संबंधित अधिकारी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

  • सरकार  गांवों, पंचायतों, कस्बों सभी जगह पहुंचेंगी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की बसें

    सरकार गांवों, पंचायतों, कस्बों सभी जगह पहुंचेंगी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की बसें

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश की लाडली बहनें लाभ लेने वाली नहीं बल्कि लाभ कमाने वाली बन रही है। नारी सशक्तिकरण केवल नारों से नहीं हो सकता है, इसके लिये प्रदेश सरकार दृढ़ संकल्पित होकर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को आगर-मालवा से प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख 10 हजार से अधिक लाड़ली बहनों को लाड़ली बहना योजना की 40वीं किश्त के रूप में सिंगल क्लिक से 1835 करोड़ रुपए से अधिक की प्रोत्साहन राशि उनके बैंक खातों में अंतरित की। इसमें आगर-मालवा जिले की 1 लाख 13 हजार से अधिक लाड़ली बहनें भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां विभिन्न शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किए।

    मुख्यमंत्री ने आगर मालवा जिले को 254 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाले 50 विकास कार्यों की सौगात दी। इसमें 226 करोड़ रुपए से 33 विकास कार्यों का भूमिपूजन और क़रीब 28 करोड़ रुपए से 17 विकास कार्यों का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने लगभग 118 करोड़ रुपए की लागत से 3 सड़क परियोजनाओं और 19 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से बनने वाले शासकीय विधि महाविद्यालय का भूमिपूजन किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगर में एक बड़ी गौशाला का निर्माण करने और आगर-मालवा जिले के हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि मनुष्य की 'जैसी दृष्टि-वैसी सृष्टि'। विकास के लिए मन में संकल्प शक्ति होना जरूरी है और हम इसी संकल्प शक्ति से प्रदेश के विकास के लिए सभी जरूरी कदम उठा रहे हैं। हमने नागरिकों से विकास का जो भी वादा किया है, उसे पूरा करके भी दिखाया है। 'सच्चा वादा-पक्का काम' अब यही हमारी सरकार की मुख्य पहचान बन गया है।

    पट्टों की पक्की रजिस्ट्री कराकर पट्टेधारियों को नि:शुल्क देगी सरकार

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सितम्बर जनसेवा को समर्पित महीना है। आने वाली 17 सितम्बर से प्रदेश में जनसेवा से जुड़े दो बड़े काम प्रारंभ होने हैं। उन्होंने कहा कि 'स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन योजना-2026' के तहत हमारी सरकार 17 सितम्बर से एक बहुत बड़ा कदम उठाने जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के ऐसे सभी 50 लाख से अधिक पट्टेधारियों को, जिनके पास पट्टे तो हैं, परंतु इसकी रजिस्ट्री नहीं है, इन सभी को हमारी सरकार पक्की रजिस्ट्री कराकर नि:शुल्क रूप से पट्टेधारियों को प्रदान करेगी। इन 50 लाख पट्टों की पक्की रजिस्ट्री का शुल्क सरकार अपने खजाने से वहन करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूरे देश में मध्यप्रदेश ही सबसे पहले ऐसा नवाचारी और क्रांतिकारी कदम उठाने जा रहा है।

    25 सितम्बर से प्रारंभ होगी 'प्रदेश की अपनी सुगम बस सेवा'

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 17 सितम्बर से ही प्रदेश में अगले एक माह (17 अक्टूबर) की अवधि का 'सेवा संकल्प अभियान' प्रारंभ होने जा रहा है। इस अभियान में प्रदेशवासियों को जनसेवा और लोक कल्याण की नई-नई सौगातें दी जायेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान के दौरान ही 25 सितम्बर (अनंत चतुर्दशी) से 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' का मंगल आरंभ कर 'प्रदेश की अपनी सुगम बस सेवा' की शुरुआत की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह सुगम बसें प्रदेश के गांव-गांव, पंचायत-पंचायत, कस्बे, ब्लॉक, तहसील सहित सभी छोटे-बड़े नगरों तक पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में 5 लाख किमी का रोड़ नेटवर्क उपलब्ध है। प्रदेश में वर्ष 2030 तक 15 हज़ार से अधिक बसें चलाई जायेंगी।

    आशीर्वाद का दीपक जरुर जलाएं

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 17 सितम्बर को प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी का जन्मदिन है। प्रधानमंत्री  मोदी के कुशल नेतृत्व में हमारा भारत अब विश्व के अग्रणी देशों में आ गया है। उनके अबतक के सफल कार्यकाल में हम विश्व की तीसरी सबसे बडी अर्थव्यवस्था बनने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 'सेवा संकल्प अभियान' के पहले दिन अर्थात 17 सितम्बर को प्रदेश में एक साथ एक समय पर 58 लाख आशीर्वाद के दीपक जलाये जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की सभी लाड़ली बहनों और शासकीय योजनाओं का हितलाभ पाने वाले सभी लाभार्थियों से कहा कि वे सब 17 सितम्बर को शाम 7 बजे अपने-अपने घरों और प्रतिष्ठानों में आर्शीवाद का दीपक जलाकर प्रधानमंत्री  मोदी को उनके जन्मदिन का आर्शीवाद रूपी उपहार जरूर दें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की लाड़ली बहनों को तीज और गणेश चतुर्थी की मंगलकामनाएं देते हुए कहा कि बहनों को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाना हमारा लक्ष्य है। हम अपनी बहनों से किया हर वादा पूरी निष्ठा और समर्पण से निभायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहनों के मान सम्मान और सुरक्षा में कोई आंच नहीं आने दी जाएगी। हमारी सरकार बहनों की आजीविका, स्व रोजगार और इनके आर्थिक स्वावलंबन के लिए सभी प्रबंध कर रही है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के सद्प्रयासों से हमारी बहनें अब सिर्फ़ हितलाभ पाने वाली ही नहीं, अपितु अपना हित स्वयं सृजित करने और लाभ कमाने वाली भी बन रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि प्रदेश की 4 लाख से अधिक बहनें अब सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग की वित्तीय और तकनीकी मदद और स्व-उद्मशीलता से अब उद्योगपति बन रही हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में महिलाओं के हित में लिए किये जा रहे प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि हमारी सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि लाड़ली बहना योजना सिर्फ़ आर्थिक सहायता का माध्यम न होकर महिलाओं के आत्मविश्वास, आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ उन्हें सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने सभी बहनों के सुखद, सुरक्षित और समृद्ध भविष्य की कामना करते हुए कहा कि सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।

    समारोह में अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री तथा जिला प्रभारी मंत्री  नागर सिंह चौहान, सांसद  महेन्द्र सिंह सोलंकी, विधायक  माधव सिंह, मधु गहलोत, जिला पंचायत अध्यक्ष मती मुन्नाबाई चैहान, जिलाध्यक्ष  ओम मालवीय सहित जनप्रतिनिधि, स्थानीय अधिकारी और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।