Category: बिज़नेस

  • NSE IPO पर बड़ा अपडेट, ₹1,992 तक पहुंच सकता है शेयर का अनुमानित लिस्टिंग प्राइस

    NSE IPO पर बड़ा अपडेट, ₹1,992 तक पहुंच सकता है शेयर का अनुमानित लिस्टिंग प्राइस

    नई दिल्ली
    नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के IPO को लेकर निवेशकों के बीच लगातार उत्सुकता बनी हुई है। प्राइस बैंड सामने आने के बाद अब NSE IPO के ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) पर भी बाजार की नजर है। उपलब्ध ग्रे मार्केट आंकड़ों के मुताबिक NSE के शेयर करीब ₹207 के प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं। अगर ₹1,785 के अपर प्राइस बैंड में मौजूदा GMP को जोड़ा जाए, तो अनुमानित कीमत करीब ₹1,992 बैठती है। यानी ग्रे मार्केट संकेतों के आधार पर शेयर करीब 11.60 फीसदी प्रीमियम के साथ लिस्ट हो सकता है। हालांकि, निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि GMP अनौपचारिक बाजार का संकेत है और यह NSE की वास्तविक लिस्टिंग कीमत की गारंटी नहीं देता। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।

    पिछले 10 सेशन के दौरान NSE IPO के GMP में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। इस अवधि में प्रीमियम करीब ₹192 के निचले स्तर से बढ़कर ₹310 तक पहुंचा था। मौजूदा ₹207 का GMP इस ऊपरी स्तर से काफी नीचे है। इससे संकेत मिलता है कि ग्रे मार्केट में शुरुआती उत्साह कुछ कम हुआ है। ऐसे में निवेशकों के लिए सिर्फ GMP के आधार पर IPO में पैसा लगाना उचित नहीं होगा। कंपनी की वैल्यूएशन, कारोबार, बाजार की स्थिति और IPO की कीमत को भी ध्यान में रखना जरूरी है।

    NSE ने IPO के लिए ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। पात्र निवेशकों के लिए इश्यू 16 सितंबर 2026 से खुलेगा, जबकि अन्य निवेशकों के लिए बोली 17 सितंबर से शुरू होगी। IPO 21 सितंबर को बंद होगा। अपर प्राइस बैंड पर इश्यू का टोटल साइज करीब ₹22,561.57 करोड़ तक हो सकता है। यह IPO पूरी तरह OFS (Offer for Sale) है। इसका मतलब है कि NSE को इस इश्यू से नई पूंजी नहीं मिलेगी, बल्कि मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे।

    निवेशक न्यूनतम 8 शेयरों के लिए आवेदन कर सकते हैं और इसके बाद 8 शेयरों के गुणक में बोली लगाई जा सकेगी। इस OFS में SBI (State Bank of India) सबसे बड़ा शेयर बेचने वाला निवेशक है, जो करीब 1.60 करोड़ शेयर ऑफर करेगा। कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड (Canada Pension Plan Investment Board) और अरंडा इन्वेस्टमेंट्स (Aranda Investments) भी बड़ी हिस्सेदारी बेचने वालों में शामिल हैं। दूसरी ओर NSE में 10.72 फीसदी हिस्सेदारी रखने वाली LIC इस OFS में अपने शेयर नहीं बेच रही है।

    RHP के मुताबिक NSE का कोई पहचान योग्य प्रमोटर नहीं है। कर्मचारियों के लिए आरक्षित हिस्से में आवेदन करने वाले पात्र कर्मचारियों को ₹170 प्रति शेयर की छूट दी जाएगी। NSE के शेयर BSE के मेन बोर्ड पर लिस्ट होंगे। ऐसे में IPO की कीमत और GMP दोनों ही निवेशकों के लिए अहम संकेत हैं, लेकिन अंतिम फैसला कंपनी की वित्तीय स्थिति और अपने निवेश लक्ष्य को ध्यान में रखकर ही लेना चाहिए।

     

  • 8वें वेतन आयोग से कर्मचारियों की बड़ी उम्मीद, ग्रुप A को ₹3 करोड़ और ग्रुप C को ₹1 करोड़ बीमा कवर की मांग

    8वें वेतन आयोग से कर्मचारियों की बड़ी उम्मीद, ग्रुप A को ₹3 करोड़ और ग्रुप C को ₹1 करोड़ बीमा कवर की मांग

    नई दिल्ली
    केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए 8वां वेतन आयोग सिर्फ वेतन और भत्तों तक सीमित नहीं है। कर्मचारी संगठनों ने इसके सामने कई दूसरे मुद्दे भी रखे हैं, जिनमें CGEGIS (Central Government Employees Group Insurance Scheme) में बदलाव की मांग प्रमुख है। कर्मचारियों का कहना है कि CGEGIS के तहत मिलने वाला बीमा कवर मौजूदा समय की महंगाई और परिवार की बढ़ती जरूरतों के मुकाबले बेहद कम है। खास बात यह है कि इस योजना की बीमा राशि में लंबे समय से कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। कर्मचारी संगठनों के अनुसार, ग्रुप C कर्मचारियों के लिए करीब ₹1.50 लाख का बीमा कवर आज भी बना हुआ है, जिसे पुराने वेतन आयोग की सिफारिशों से जोड़ा जाता है। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।

    CGEGIS को नए सिरे से तैयार करने की मांग
    8वें वेतन आयोग के सामने दिए गए ज्ञापनों में कर्मचारी संगठनों ने CGEGIS को नए सिरे से तैयार करने की मांग की है। MSA (Ministerial Staff Association) ने बीमा कवर को मौजूदा दरों से कम से कम 10 गुना बढ़ाने का सुझाव दिया है। संगठन का तर्क है कि आज के समय में किसी कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु होने पर परिवार को मिलने वाली यह राशि पर्याप्त आर्थिक सुरक्षा नहीं देती।

    ग्रुप A के लिए ₹3 करोड़ तक का बीमा
    FNPO (Federation of National Postal Organisations) ने भी योजना में बड़े बदलाव की मांग करते हुए ग्रुप C के लिए ₹1 करोड़, ग्रुप B के लिए ₹1.50 करोड़ और ग्रुप A के लिए ₹3 करोड़ तक का बीमा कवर सुझाया है। इसके लिए अलग-अलग मासिक योगदान का प्रस्ताव भी रखा गया है।

    पहले के वेतन आयोगों में चर्चा पर खत्म हुई बात
    कर्मचारी संगठनों का कहना है कि पहले के वेतन आयोगों में भी CGEGIS के योगदान और बीमा राशि को बढ़ाने की जरूरत पर चर्चा हुई थी, लेकिन योजना में अपेक्षित बदलाव नहीं हो सका। FNPO ने सुझाव दिया है कि पहले 7वें वेतन आयोग से जुड़े प्रस्तावित बीमा स्तरों को लागू किया जाए और उसके बाद महंगाई तथा वेतन में बदलाव के आधार पर इसे समय-समय पर बढ़ाया जाए। संगठन ने महंगाई भत्ते के एक निश्चित स्तर तक पहुंचने पर बीमा कवर में स्वतः बढ़ोतरी का सुझाव भी दिया है

    असमय मृत्यु की स्थिति में आर्थिक सहायता
    CGEGIS में बीमा के साथ बचत का हिस्सा भी शामिल होता है। कर्मचारी संगठनों का मानना है कि मौजूदा व्यवस्था में बीमा सुरक्षा को ज्यादा प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि कर्मचारी की असमय मृत्यु की स्थिति में उसके परिवार को पर्याप्त आर्थिक सहायता मिल सके। इसी वजह से बीमा और बचत के अनुपात में बदलाव की मांग भी उठी है। हालांकि, इन सभी मांगों पर अंतिम फैसला 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों और उसके बाद केंद्र सरकार के निर्णय पर निर्भर करेगा। फिलहाल, केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की नजर इस बात पर है कि 8वां वेतन आयोग CGEGIS को लेकर क्या सिफारिश करता है और क्या दशकों से चली आ रही इस व्यवस्था में अब बड़ा बदलाव देखने को मिलता है।

  • VinFast Upcoming Cars: भारतीय बाजार के लिए दो स्पेशल कारें तैयार, बजट 10 लाख रुपये से कम

    VinFast Upcoming Cars: भारतीय बाजार के लिए दो स्पेशल कारें तैयार, बजट 10 लाख रुपये से कम

     नई दिल्ली
    विनफास्ट (VinFast) भारतीय बाजार में अपनी स्ट्रैटजी को बदलती दिख रही है. रिपोर्ट्स की मानें, तो वियतनाम की इलेक्ट्रिक कार निर्माता कंपनी दो नई कारों को तैयार कर रही है. इन दोनों कारों को भारतीय बाजार के लिए खास तौर पर तैयार किया जा रहा है, जिसकी कीमत काफी कंपटीटिव होने वाली है। 

    ब्रांड इन दोनों में से एक कार को 12000 डॉलर (लगभग 10 लाख रुपये) से कम कीमत पर लॉन्च कर सकता है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी की दो अपकमिंग ईवी का कोडनेम वीएफ एक्स और वीएफ वाई है. इनकी प्लानिंग अभी शुरुआती चरण में है। 

    क्या है कंपनी का प्लान? 
    विनफास्ट ने इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी है. इन मॉडल्स को लेकर कंपनी अपना प्लान प्रोडक्शन तक पहुंचने पर बदल सकती है. ये कदम कंपनी की पहले की प्लानिंग से अलग है. पहले कंपनी भारत में वीएफ 3, वीएफ 6 और वीएफ 7 मॉडल का लोकली प्रोडक्शन करने वाली थी।  

    अब कंपनी ने इंटरनेशन मॉडल्स के भारत में प्रोडक्शन प्लान्स को कैंसिल कर दिया है. भारत में ये कंपनी फिलहाल वीएफ 6 और वीएफ 7 को बेचती है. ये दोनों ही कारें सीकेडी (CKF) रूट के जरिए भारत में आती है. इनकी असेंबली तमिलनाडु प्लांट में होती है। 

    नए मॉडल्स को कंपनी लोकली भारत की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार करेगी. इन्हें तैयार करते हुए कीतमों का भी ध्यान रखा जाएगा. कंपनी ने इसके लिए भारतीय कंपोनेंट सप्लायर्स से बातचीत भी शुरू कर दी है. इसका टार्गेट भारत में इस कार को आसानी से बनाना है. इसकी मदद से कंपनी हायर लोकलाइजेशन को बढ़ा पाएगी और मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट को कंट्रोल में भी रख पाएगी। 
     
    कितनी हो सकती है कीमत?
    अपकमिंग मॉडल्स में से वीएफ एक्स काफी महत्वपूर्ण है. रिपोर्ट्स की मानें, तो विनफास्ट (VinFast) इस कार की कीमत को 12 हजार डॉलर से कम रखना चाहती है. यानी ये भारतीय बाजार में 10 हजार रुपये से कम बजट में आएगी. साइज के मामले में ये कार वीएफ 3 और वीएफ 6 के बीच आएगी। 

    ये एक कॉम्पैक्ट कार होगी जिसमें वीएफ 3 के मुकाबले ज्यादा इंटीरियर स्पेस मिलेगा. अगर कंपनी ने 10 लाख रुपये से कम के बजट में इस कार को लॉन्च किया, तो इसका सीधा मुकाबला टाटा मोटर्स से होगा. टाटा मोटर्स इस वक्त भारतीय बाजार में सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक कारें बेच रही है. खासकर 10 लाख रुपये के बजट में टाटा का दबदबा है। 

  • Mahindra Thar में होने वाला है बड़ा बदलाव, अपडेटेड मॉडल की तैयारी तेज; कब होगी लॉन्च?

    Mahindra Thar में होने वाला है बड़ा बदलाव, अपडेटेड मॉडल की तैयारी तेज; कब होगी लॉन्च?

     नई दिल्ली
    महिंद्रा थार (Mahindra Thar) को कंपनी ने अक्टूबर 2025 में पहला अपडेट दिया था. पहले अपडेट के लगभग एक साल बाद कंपनी इसे दोबारा अपडेट कर सकती है. रिपोर्ट्स की मानें, तो महिंद्रा अपनी ऑफ-रोडर को इस महीने यानी सितंबर में ही अपडेट कर सकती है. हालांकि, महिंद्रा ने आधिकारिक रूप से इसकी जानकारी नहीं दी है। 

    इस एसयूवी का अपडेट सितंबर के अंत तक लॉन्च हो सकता है. महिंद्रा इस कार के अपडेट में डिजाइन में कुछ बदलाव कर सकती है, जिससे इसे मौजूदा मॉडल से थोड़ा अलग किया जा सके. फिलहाल कार का लुक वही है जो 2020 में लॉन्च के वक्त था। 

    क्या होगा नई महिंद्रा थार में खास? 
    अपडेटेड थार को कंपनी ज्यादा अपस्केल और ट्रेंडी लुक दे सकती है, जिससे ये रिफ्रेश लगेगी. एसयूवी में रिवाइज्ड ग्रिल, रिडिजाइन बंपर्स, बदले हुए हेडलैम्प्स और फ्रेश एलॉय व्हील डिजाइन मिलेगा. हाल में ही एसयूवी को टेस्ट करते हुए देखा गया है, जिसमें पांच स्लॉट वाली ग्रिल थी। .

    इसके अलावा अपडेटेड थार में एलईडी हेडलैम्प्स और नया पांच डबल स्पोक एलॉय व्हील मिलेगा. कंपनी इस कार के इंटीरियर को भी अपडेट कर सकती है, जिसमें मल्टीपल स्टाइलिंग और फंक्शनल बदलाव किए जा सकते हैं. महिंद्रा इस कार में नई अपहोल्स्ट्री दे सकती है। 

    कार में नए टेक फीचर्स, कम्फर्ट और कन्वीनियंस फीचर्स मिलेंगे. इसमें 10.25 इंच का डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, वेंटिलेटेड सीट्स और वायरलेस स्मार्टफोन चार्जर मिलेगा. इसके अलावा कार में पैसिव कीलेस एंट्री भी दी जा सकती है, जिससे कार में घुसना और निकलना आसान होगा। 

    इंजन में नहीं होगा कोई बदलाव
    नई थार के इंजन में बदलाव की उम्मीद नहीं है. इसमें वहीं तीन इंजन ऑप्शन मिलेंगे, जो मौजूदा थार में आते हैं. एसयूवी में 1.5 लीटर का डीजल, 2.2 लीटर का डीजल और 2.0 लीटर का पेट्रोल इंजन मिलेगा. कंज्यूमर्स को 6 स्पीड मैन्युअल और 6 स्पीड ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन का विकल्प मिलेगा। 

    कार ऑल व्हील ड्राइव के साथ आएगी. थार का 1.5 लीटर डीजल इंजन 117 एचपी की पावर और 300 एनएम का टॉर्क प्रोड्यूस करता है. वहीं 2.2 लीटर के डीजल इंजन के साथ 130 एचपी की पावर और 300 एनएम का टॉर्क मिलता है. जबकि 2.0 लीटर के पेट्रोल इंजन के साथ 150 एचपी की पावर और 300 एनएम का टॉर्क मिलता है। 

  • Stock Market Update: बाजार में बिकवाली का दबाव, सेंसेक्स 552 अंक लुढ़का; निफ्टी भी टूटा

    Stock Market Update: बाजार में बिकवाली का दबाव, सेंसेक्स 552 अंक लुढ़का; निफ्टी भी टूटा

    मुंबई
     शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आई। वैश्विक शेयर बाजारों में कमजोरी, बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और ऊर्जा कीमतों में तेजी का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा। सेंसेक्स 552.02 अंक टूटकर 74,350.57 पर और निफ्टी 192.15 अंक गिरकर 23,285.65 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

    एशियाई बाजारों में भारी गिरावट
    एशिया-प्रशांत क्षेत्र के प्रमुख शेयर बाजार शुक्रवार को तेज गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। इसका असर अमेरिकी बाजारों में गुरुवार को आई कमजोरी के बाद देखने को मिला। निवेशक महंगे कच्चे तेल और बढ़ती बॉन्ड यील्ड के बीच महंगाई और ब्याज दरों के आउटलुक को लेकर सतर्क हैं। जापान का Nikkei 225 करीब 3 फीसदी और दक्षिण कोरिया का Kospi लगभग 2.6 फीसदी नीचे कारोबार कर रहा था।

    अमेरिकी बाजार भी दबाव में
    गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में भी गिरावट रही। Dow Jones Industrial Average 0.6 फीसदी, S&P 500 करीब 0.58 फीसदी और Nasdaq Composite 0.65 फीसदी गिरकर बंद हुआ।

    इस बीच, अमेरिका की 10 साल की ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड एशियाई कारोबार के दौरान करीब 5 फीसदी के ऊंचे स्तर पर बनी रही। गुरुवार को यह 4.95 फीसदी पर बंद हुई थी।

  • Surf Excel-Vim विवाद में HUL की जीत, Beco के ऐड ऑनलाइन-ऑफलाइन प्लेटफॉर्म से हटाने के निर्देश

    Surf Excel-Vim विवाद में HUL की जीत, Beco के ऐड ऑनलाइन-ऑफलाइन प्लेटफॉर्म से हटाने के निर्देश

     नई दिल्ली
    हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) को बेको (BECO) के साथ चल रहे एड कैंपेन विवाद में दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. हाई कोर्ट ने Beco को अपना विवादित विज्ञापन सभी ऑनलाइन और ऑफलाइन प्लेटफॉर्म से हटाने और वापस लेने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने इसके लिए कंपनी को एक हफ्ते का समय दिया है. मामला Beco के #WarOnWhatsHidden कैंपेन से जुड़ा है, जिसमें HUL के Surf Excel और Vim जैसे प्रोडक्ट्स को लेकर कुछ दावे किए गए थे. HUL ने इन विज्ञापनों को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट का रुख किया था। 

    कोर्ट ने विज्ञापनों पर क्या कहा?
    जस्टिस अनुप जे भंभानी ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि पहली नजर में Beco के विज्ञापनों से एक औसत ग्राहक के बीच यह संदेश जा सकता है कि HUL के प्रोडक्ट्स में मौजूद कुछ केमिकल इंग्रीडिएंट्स की वजह से स्किन इरिटेशन, खुजली या एक्जिमा जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. हाई कोर्ट ने कहा कि पूरे कैंपेन को एक साथ और समग्र तरीके से देखने पर यह सिर्फ अपने प्रोडक्ट को बेहतर बताने वाला तुलनात्मक विज्ञापन नहीं लगता. पहली नजर में यह HUL के प्रोडक्ट्स को नीचा दिखाने वाला कैंपेन नजर आता है. कोर्ट ने यह भी कहा कि इन दावों को कथित तौर पर वेरिफाइड साइंटिफिक बेसिस पर पेश किया गया है. इसी वजह से हाई कोर्ट ने फिलहाल विवादित विज्ञापनों को हटाने का निर्देश दिया है। 

    एक हफ्ते में विज्ञापन हटाने होंगे
    दिल्ली हाई कोर्ट ने Beco को मामले में शामिल सभी विवादित विज्ञापनों को एक हफ्ते के भीतर हटाने, वापस लेने और रिकॉल करने का निर्देश दिया है. कोर्ट का आदेश सिर्फ किसी एक माध्यम तक सीमित नहीं है. जिन विज्ञापनों में आपत्तिजनक बयान शामिल हैं, उन्हें किसी भी फॉर्मेट या माध्यम से हटाना होगा. इसके बाद Beco को हाई कोर्ट के आदेश के पालन की जानकारी देते हुए अगले एक हफ्ते के भीतर कंप्लायंस एफिडेविट भी दाखिल करना होगा। 

    #WarOnWhatsHidden कैंपेन
    पूरा विवाद Beco के #WarOnWhatsHidden एड कैंपेन को लेकर है. इस कैंपेन में HUL के Surf Excel और Vim जैसे प्रोडक्ट्स पर सवाल उठाए गए थे. Beco के विज्ञापनों में कुछ खास केमिकल इंग्रीडिएंट्स का जिक्र करते हुए उनके इस्तेमाल को लेकर स्वास्थ्य संबंधी जोखिम से संबंधित दावे किए गए थे. HUL ने इन दावों पर आपत्ति जताई और इन्हें झूठा और भ्रामक बताते हुए दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी। 

    सुनवाई के दौरान HUL की ओर से कहा गया कि Beco के विज्ञापनों में जिन केमिकल्स का जिक्र किया गया है, उनमें बेंजिसोथियाजोलिनोन (BIT) और लिनियर अल्काइलबेंजीन सल्फोनेट (LAS) शामिल हैं. HUL का कहना था कि उसके प्रोडक्ट्स में इन केमिकल्स की इस्तेमाल की गई मात्रा को देखते हुए ग्राहकों को नुकसान पहुंचने की संभावना नहीं है. कंपनी ने पूरे विज्ञापन कैंपेन को झूठा और भ्रामक बताया। 

    दूसरी तरफ Beco की ओर से दलील दी गई कि किसी कारोबारी को अपने प्रोडक्ट की तुलना प्रतिस्पर्धी कंपनी के प्रोडक्ट से करने का अधिकार है. कंपनी ने यह भी कहा कि तुलना किस प्रोडक्ट से की जा रही है, यह बताने के लिए जरूरत के मुताबिक प्रतिद्वंद्वी के मार्क और पैकेजिंग का इस्तेमाल किया जा सकता है। 

    HUL ने फैसले का किया स्वागत
    दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश का HUL ने स्वागत किया
    है. कंपनी ने कहा कि वह यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है कि उसके सभी प्रोडक्ट्स लागू रेगुलेटरी जरूरतों और कड़े ग्लोबल सेफ्टी स्टैंडर्ड्स के मुताबिक तैयार, निर्मित और सेफ्टी-असेस्ड हों. HUL ने कहा कि ग्राहकों का भरोसा जिम्मेदार विज्ञापन से बनता है. कंपनी के मुताबिक निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सच्ची जानकारी, बौद्धिक संपदा के सम्मान और प्रतिस्पर्धी ब्रांड्स की साख के सम्मान पर आधारित होनी चाहिए। 

    Beco के पास अब क्या रास्ता?
    हाई कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद अब Beco को तय समयसीमा के भीतर विवादित विज्ञापनों को हटाना और वापस लेना होगा. इसके बाद एक हफ्ते के भीतर अदालत में हलफनामा भी दाखिल करना होगा. हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि हाई कोर्ट का यह अंतरिम आदेश है. यानी अदालत ने फिलहाल विवादित विज्ञापनों पर कार्रवाई का निर्देश दिया है, लेकिन पूरे मामले पर अंतिम फैसला अभी नहीं आया है. आगे की सुनवाई में दोनों पक्षों की दलीलों और मामले से जुड़े दूसरे पहलुओं पर विस्तार से सुनवाई होगी। 

  • अचानक गिरे शेयर बाजार के सुर! इन स्टॉक्स में भारी बिकवाली, 5 लाख करोड़ रुपये डूबे

    अचानक गिरे शेयर बाजार के सुर! इन स्टॉक्स में भारी बिकवाली, 5 लाख करोड़ रुपये डूबे

    मुंबई 
    भारतीय शेयर बा
    जार में भारी गिरावट देखी जा रही है. निफ्टी 230 अंक या 1 फीसदी टूटकर 23,255 पर कारोबार कर रहा है. जबकि BSE सेंसेक्‍स 0.87 फीसदी या 637 अंक टूटकर 74,265.32 पर आ चुका है. सभी इंडेक्‍स में दबाव दिखाई दे रहा है. खासकर मेटल सेक्‍टर में ज्‍यादा बिकवाली दिख रही है। 

    बीएसई के टॉप 30 शेयरों में से सिर्फ 8 शेयर ही मामूली तेजी पर कारोबार कर रहे हैं, जबकि बाकी 22 शेयर भारी गिरावट पर हैं. बजाज फाइनेंस, महिंद्रा एंड महिंद्रा और टाटा स्‍टील शेयर 2 फीसदी से ज्‍यादा टूट चुके हैं. वहीं एलटी, एचडीएफसी बैंक और रिलायंस जैसे हैवीवेट शेयरों में भी गिरावट है। 

    शेयर बाजार में भारी दबाव के कारण निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है. बीएसई मार्केट कैप 483 लाख करोड़ रुपये से 5 लाख करोड़ रुपये घटकर 478 लाख करोड़ रुपये पर आ चुका है. इसके अलावा, बीएसई के 120 शेयरों में आज लोअर सर्किट लगा है. 70 शेयर अपर सर्किट पर कामकाज कर रहे हैं. 117 शेयर 52 वीक के निचले स्‍तर पर हैं और 68 शेयर 52 वीक के हाई पर हैं. 3,365 शेयरों में से 809 शेयर तेजी पर कामकाज कर रहे थे और 2,376 शेयरों में गिरावट रही, जबकि 180 शेयर अनचेंज थे। 

    मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक तनाव गहराने और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड के 108 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने से 11 सितंबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार में भारी तबाही देखने को मिली। कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते दलाल स्ट्रीट की शुरुआत गैप-डाउन हुई और बाजार खुलते ही बिकवाली का भारी दबाव देखने को मिला।

    शुरुआती कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 708.23 अंक यानी 0.95% की भारी गिरावट के साथ 74,194.36 पर आ गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 सूचकांक 259.70 अंक टूटकर 23,218.10 के स्तर पर फिसल गया। बाजार में मंदी का माहौल इतना तगड़ा रहा कि लगभग 1,824 शेयरों में बिकवाली रही, जबकि केवल 692 शेयर ही हरे निशान में टिक पाए।
    क्रूड में लगी आग से ONGC चमका, IT शेयरों ने भी दी राहत

    कच्चे तेल की कीमतों में आए तेज उछाल का सीधा फायदा तेल कंपनी ONGC को मिला। निफ्टी हीटमैप के मुताबिक, चौतरफा मंदी के बीच भी ONGC का शेयर 1.85% की तेजी के साथ ₹241.67 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है।

        टॉप गेनर स्टॉक्स: ONGC के अलावा टेक महिंद्रा (+1.26%), इन्फोसिस (+0.84%), टीसीएस (+0.83%), विप्रो (+0.34%), पावरग्रिड (+0.33%), आईटीसी (+0.31%) और एचसीएल टेक (+0.18%) हरे निशान में कारोबार करते दिखे। आईटी सेक्टर अकेला ऐसा सेक्टर रहा जिसने बाजार को थोड़ा सहारा दिया।
        टॉप लूजर स्टॉक्स: दूसरी ओर, हिंडाल्को (-3.90%) और टाटा स्टील (-2.49%) में सबसे ज्यादा बिकवाली रही। इनके अलावा बजाज फाइनेंस (-2.22%), जेएसडब्ल्यू स्टील (-2.01%), बजाज फिनसर्व (-1.85%), श्रीराम फाइनेंस (-1.83%), आयशर मोटर्स (-1.79%) और अडानी एंटरप्राइजेज (-1.74%) के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई।

    मेटल, ऑटो और बैंकिंग सेक्टर 3% तक टूटे

    सेक्टोरल फ्रंट पर आईटी सेक्टर को छोड़कर सभी इंडेक्स लाल निशान में डूब गए। मेटल, ऑटो, बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर्स में 1% से लेकर 3% तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई।

    क्‍यों आई मार्केट में इतनी भारी गिरावट? 

        शेयर बाजार में भारी गिरावट का सबसे खास वजह ब्रेंट क्रूड ऑयल है, जिसकी कीमत अब ग्‍लोबल मार्केट में 108 डॉलर प्रति बैरल हो चुका है। 
        अमेरिका में महंगाई के मजबूत आंकड़े आए हैं, जिससे फेडरल बैंक द्वारा ब्‍याज दरों में बढ़ोतरी की उम्‍मीद और भी मजबूत हो चुकी है।  
        विदेशी निवेशकों ने जबरदस्‍त बिकवाली की है. 10 सितंबर को विदेशी निवेशकों ने 438 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेचे. हालांकि, घरेलू निवेशकों ने 1,026 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं। 

    इन शेयरों में भारी दबाव
    हिंदुस्‍तान कॉपर 4 फीसदी टूटकर 508 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार कर रहा है. हिंदुस्‍तान जिंक के शेयरों में भी 4 फीसदी की गिरावट है. लोधा डेवलपर्स के शेयर भी 5 फीसदी टूटे हैं. कोचीन शिपयार्ड 6 फीसदी, गोदरेज प्रॉपर्टीज 6 फीसदी और एनएसीएल के शेयरों में भी 4 फीसदी की गिरावट है. डिक्‍सन टेक के शेयर भी 3 फीसदी से ज्‍यादा टूटे हैं और मुथूट फाइनेंस के शेयरों में भी करीब 4 फीसदी की गिरावट देखी जा रही है। 

  • Gautam Adani की कंपनी के शेयर में बंपर तेजी का दावा, Jefferies ने दिया Buy Call; 46% तक चढ़ने की उम्मीद

    Gautam Adani की कंपनी के शेयर में बंपर तेजी का दावा, Jefferies ने दिया Buy Call; 46% तक चढ़ने की उम्मीद

    मुंबई 
    शेयर बाजार में निवेश करते हैं, तो फिर ये खबर आपके लिए है. विदेशी ब्रोकरेज ने दुनिया के सबसे बड़े अरबपतियों की लिस्ट में शामिल गौतम अडानी की दो कंपनियों पर भरोसा जताया है और इनके शेयरों में जोरदार उछाल का अनुमान जारी किया है. ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेफरेजी की फेवरेट लिस्ट में सबसे ऊपर Adani Energy Solutions  का नाम शामिल है, जिसमें 46 फीसदी की उछाल की उम्मीद जाहिर किया गया है और इसे बड़े टारगेट के साथ बाय रेटिंग देते हुए निवेशकों को खरीदने की सलाह दी है। 

    2060 रुपये तक जाएगा शेयर
    अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (AESL) जेफरीज की लिस्ट में टॉप पर है, जिसे पहले अडानी ट्रांसमिशन लिमिटेड के नाम से जाना जाता था. ब्रोकरेज की ओर से इस अडानी स्टॉक को 'Buy Rating' दी गई है. इसके साथ ही इस शेयर को 12 महीने का नया टागरेट प्राइस भी सेट किया है, जो 2,060 रुपये है. इसका मतलब है कि Adani Energy Solutions Share अपने वर्तमान मूल्य 1,407.50 रुपये से 46% ऊपर जा सकता है। 

    क्यों ब्रोकरेज अडानी शेयर पर बुलिश? 
    गौतम अडानी के इस शेयर पर ब्रोकरेज फर्म के बुलिश होने के कारण की बात करें, तो जेफरीज ने कंपनी के साथ महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (MSEDCL) के 25 सालों के लिए किए गए 2.5 गीगावाट 24 घंटे (RTC) बिजली आपूर्ति समझौते पर फोकस किया है. ब्रोकरेज ने कहा है कि इससे FY28 के अंत में ट्रेडिंग सेगमेंट की मात्रा बढ़कर 57% हो गई है, जबकि FY27 की पहली तिमाही के अंत में यह 20% थी. सिर्फ इतना ही नहीं, कंपनी की EBITDA प्रोफाइल और भी ज्यादा स्थिर नजर आ रही है, जिससे आने वाले समय में शेयर की परफॉर्मेंस को लेकर पॉजिटिव सिग्नल मिल रहे हैं। 

    इस शेयर को भी बड़ा टारगेट 
    जेफरीज ने न सिर्फ Adani Group के अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड पर भरोसा जताते हुए इसके शेयर को नया और बड़ा टारगेट दिया है. तो वहीं अपनी लिस्ट में एक और Adani Stock शामिल किए हैं. ये अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (Adani Green Energy Ltd Share), जो गुरुवार को शेयर बाजार में कारोबार के दौरान 1307 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. इस कंपनी का मार्केट कैप 2.16 लाख करोड़ रुपये है और Jefferies ने इस शेयर के लिए 1328 रुपये का टारगेट सेट करते हुए खरीदारी की सलाह दी है। 

    गौरतलब है कि गौतम अडानी का बिजनेस घर की रसोई से लेकर पोर्ट-एयरपोर्ट तक फैला हुआ है. उनकी 10 कंपनियां शेयर बाजार में लिस्टेड हैं. अगर संपत्ति की बात करें, तो ब्लूमबर्ग बिलेनियर्स इंडेक्स के मुताबिक, Gautam Adani Networth 112 अरब डॉलर है. खबर लिखे जाने तक बीते 24 घंटे में ही उनकी संपत्ति में 3.58 अरब डॉलर का उछाल दर्ज किया गया। 

     

  • iPhone 18 Pro की एंट्री के साथ महंगे हुए iPhone 17, 16 और Air, कीमतों में हुआ बड़ा इजाफा

    iPhone 18 Pro की एंट्री के साथ महंगे हुए iPhone 17, 16 और Air, कीमतों में हुआ बड़ा इजाफा

    मुंबई 

    कैलिफोर्निया की टेक कंपनी Apple ने iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max के साथ अपने पहले फोल्डेबल iPhone Duo को लॉन्च कर दिया है। आमतौर पर नई iPhone सीरीज आने के बाद पुराने मॉडल्स की कीमत में कटौती देखने को मिलती है, लेकिन इस बार ठीक उल्टा हुआ है। भारत में Apple ने कुछ पुराने और मौजूदा iPhone मॉडल्स की कीमतें घटाने के बजाय बढ़ा दी हैं। इसका सबसे बड़ा असर iPhone Air और iPhone 17 पर पड़ा है, जिनकी शुरुआती कीमतें तो क्रम से 30 हजार रुपये और 17 हजार रुपये तक बढ़ा दी गई हैं।

    इतनी बढ़ी iPhone 17 की कीमत
    iPhone 17 को भारत में पिछले साल 82,900 रुपये की शुरुआती कीमत पर लॉन्च किया गया था। अब इसकी शुरुआती कीमत बढ़कर 99,900 रुपये हो गई है। यानी ग्राहकों को इसी मॉडल के लिए पहले की तुलना में 17,000 रुपये ज्यादा खर्च करने होंगे। यह बदलाव ऐसे वक्त पर किया गया है जब आमतौर पर नई जेनरेशन के iPhone के लॉन्च के बाद पिछली जेनरेशन के मॉडल की कीमत कम होने की उम्मीद की जा रही थी।

    iPhone 16 और iPhone 17e भी महंगे
    सिर्फ iPhone 17 ही नहीं, Apple ने iPhone 16 और iPhone 17e की कीमतों में भी बदलाव किया है। iPhone 16 को 79,900 रुपये की शुरुआती कीमत पर लॉन्च किया गया था, जो अब बढ़कर 89,900 रुपय हो गई है। वहीं, iPhone 17e अब 64,900 रुपये के बजाय 79,900 रुपये की शुरुआती कीमत पर मिलेगा। वहीं iPhone Air की शुरुआती कीमत भी बढ़कर 1,49,900 रुपये हो गई है। जबकि इसे 1,19,900 रुपये कीमत पर लॉन्च किया गया था। यानी सीधे 30 हजार रुपये की बढ़त हुई है।

    रिपोर्ट्स में इस कीमत बढ़ोतरी के पीछे ग्लोबल मेमोरी चिप और कंपोनेंट लागत में बढ़त को एक बड़ी वजह बताया गया है। AI डेटा सेंटर की बढ़ती डिमांड के चलते मेमोरी चिप्स की कीमतों पर भी दबाव बना हुआ है।

    इतनी है iPhone 18 Pro मॉडल्स की कीमत
    नई iPhone 18 Pro सीरीज की बात करें तो भारत में iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत 1,64,900 रुपये और iPhone 18 Pro Max की शुरुआती कीमत 1,79,900 रुपये है। दोनों मॉडल्स में नया A20 Pro चिपसेट, बेहतर कैमरा, बैटरी और AI से जुड़े फीचर्स दिए गए हैं। भारत में इनके प्री-ऑर्डर 12 सितंबर से शुरू होंगे और सेल 18 सितंबर से शुरू होने की जानकारी सामने आई है।

    Apple ने इस बार बेस iPhone 18 को अपने सितंबर लॉन्च इवेंट में पेश नहीं किया है। कंपनी ने प्रीमियम iPhone 18 Pro और Pro Max के अलावा फोल्डेबल iPhone Duo पर ज्यादा फोकस किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक वनीला iPhone 18 मॉडल बाद में, शायद 2027 की शुरुआत में पेश किया जा सकता है।

    इन ग्राहकों को लगा बड़ा झटका
    इस कीमत बढ़ोतरी का सीधा असर उन ग्राहकों पर पड़ेगा जो iPhone 18 Pro के लॉन्च के बाद iPhone 17 या iPhone 16 को कम कीमत में खरीदने की उम्मीद कर रहे थे। खासतौर पर फेस्टिव सीजन से पहले iPhone खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए यह बदलाव निराशाजनक हो सकता है। हालांकि, ऑनलाइन रिटेलर्स और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर बैंक ऑफर, एक्सचेंज बोनस और डिस्काउंट के जरिए इन मॉडल्स का इफेक्टिव प्राइस Apple की आधिकारिक कीमत से कम मिल सकता है।

  • Creta, Creta Electric और Alcazar का नया अवतार लॉन्च, Hyundai ने पेश किए खास Lounge Edition

    Creta, Creta Electric और Alcazar का नया अवतार लॉन्च, Hyundai ने पेश किए खास Lounge Edition

    मुंबई 
    हुंडई ने एक साथ अपनी तीन एसयूवी का खास वेरिएंट लॉन्च किया है. कंपनी ने क्रेटा, क्रेटा इलेक्ट्रिक और अल्कजार एसयूवीज का लाउंज एडिशन लॉन्च किया है. गाड़ियों का लाउंज एडिशन इनके टॉप स्पेक्स ट्रिम पर बेस्ड है. इसके तहत इन एसयूवीज में 11.6 इंच का नया एंटरटेनमेंट स्क्रीन रियर पैसेंजर के लिए दिया गया है।  

    इसके अलावा कार गोल्डेन ब्रॉन्ज एक्सटीरियर कलर, सिल्वर इंसर्ट के साथ ऑल ब्लैक कैबिन और हल्के फुल्के रिवाइज्ड अपहोल्स्ट्री के साथ आती है. लाउंज एडिशन के तहत हुंडई अल्कजार 5 सीटर अवतार में भी मिलेगी. स्टैंडर्ड वेरिएंट में ये कार 6 या 7 सीटर कॉन्फिग्रेशन में आती है. आइए जानते हैं इन कारों की खास बातें। 

    कितनी है कीमत? 
    सबसे पहले बात करते हैं हुंडई क्रेटा की, तो इसके किंग 1.5 पेट्रोल सीवीटी वेरिएंट के लाउंज एडिशन की कीमत 19.22 लाख रुपये एक्स शोरूम है. ये स्टैंडर्ड वेरिएंट के मुकाबले 53 हजार रुपये महंगा. स्टैंडर्ड किंग 1.5 पेट्रोल सीवीटी वेरिएंट की कीमत 18.69 लाख रुपये एक्स शोरूम है। 

    वहीं क्रेटा किंग 1.5 डीजल ऑटोमेटिक लाउंज एडिशन की कीमत 20.31 लाख रुपये एक्स शोरूम है. इसका स्टैंडर्ड वेरिएंट 19.78 लाख रुपये एक्स शोरूम का है. अल्कजार सिग्नेचर 1.5 डीजल ऑटोमेटिक लाउंज एडिशन की कीमत 21.81 लाख रुपये एक्स शोरूम है. जबकि क्रेटा इलेक्ट्रिक एक्सीलेंस एलआर लाउंज एडिशन 24.34 लाख रुपये की एक्स शोरूम कीमत पर आता है। 

    क्या मिलेगा नया? 
    फीचर की बात करें, तो क्रेटा, क्रेटा इलेक्ट्रिक और अल्कजार लाउंज एडिशन में 11.6 इंच का रियर सीट एंटरटेनमेंट स्क्रीन मिलेगी, जो ओटीटी ऐप्स, फोन मिररिंग और गेमिंग सपोर्ट के साथ आती है. इस सिस्टम पर अलग से ऐप स्टोर दिया गया है, जहां से आप मल्टीपल ऐप्स को डाउनलोड कर सकते हैं। 

    इसके अलावा लाउंज एडिशन में वॉइट एंबिएंट लाइटिंग मिलती है. इस एडिशन के तहत कंपनी ने गोल्डेन ब्राउंज एक्सटीरियर कलर थीम दी है. तीनों ही कारें इस कलर में मिलेंगी. इसके अलावा ब्लैक एलॉय मिलेंगे. हालांकि, एलॉय के साइज में कोई बदलाव नहीं किया गया है. कार के इंटीरियर में भी ब्लैक थीम मिलेगी, जो सिल्वर एसेंट के साथ आएगी।