Category: बिज़नेस

  • सेंसेक्स 1000 अंक गिरा, बिखरे बाजार और 2 प्रमुख कारणों से हुआ भारी नुकसान

    सेंसेक्स 1000 अंक गिरा, बिखरे बाजार और 2 प्रमुख कारणों से हुआ भारी नुकसान

    मुंबई 

    24 अप्रैल का दिन भारतीय शेयर बाजारों के लिए ब्लैक फ्राइडे साबित हुआ। लगातार तीसरे दिन गिरावट झेलते हुए बाजार लाल निशान में बंद हुआ। सेंसेक्स लगभग 1000 अंकों की गिरावट के साथ 76,664.21 पर और निफ्टी 275.10 अंकों की गिरावट के साथ 23,897.95 पर बंद हुआ। निफ्टी पर सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में हैं। सबसे ज्यादा 5 प्रतिशत निफ्टी आईटी टूटा है। फार्मा इंडेक्स लगभग 2 प्रतिशत और हेल्थकेयर व रियल्टी इंडेक्स 1 प्रतिशत से ज्यादा नीचे आए हैं।

    बाजार की गिरावट में निवेशकों के 4.90 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए। गुरुवार, 23 अप्रैल को मार्केट बंद होने पर सेंसेक्स पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,66,39,864.88 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को बाजार बंद होने पर यह घटकर 4,61,49,758.18 करोड़ रुपये पर आ गया। यानि कि 4,90,106.7 करोड़ रुपये की कमी।

    शुक्रवार को सेंसेक्स लाल निशान में 77,483.80 पर खुला। फिर पिछली क्लोजिंग से 1260.13 अंकों तक लुढ़ककर 76,403.87 के लो तक गया। इसी तरह निफ्टी भी गिरावट के साथ 24,100.55 पर खुला और फिर पिछली क्लोजिंग से लगभग 359.4 अंक गिरकर 23,813.65 के लो तक गया।

    क्यों फिसल रहा है बाजार
    अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर को लेकर बातचीत रुकने से कच्चा तेल एक बार फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव बढ़कर 105.97 डॉलर प्रति बैरल हो गया है। महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग होर्मुज स्ट्रेट के आसपास ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने से माहौल और अनिश्चित हो गया है। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशक भारतीय बाजार में लगातार सेलर बने हुए हैं। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार को उन्होंने 3,254.71 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

    रुपये में जारी गिरावट भी एक वजह है। शुक्रवार को घरेलू मुद्रा में लगातार पांचवें सत्र में गिरावट रही।रुपया 22 पैसे गिरकर 94.23 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। कच्चे तेल की अस्थिर कीमतों और मजबूत अमेरिकी डॉलर के कारण घरेलू मुद्रा पर दबाव कायम है। वैश्विक बाजारों की कमजोरी भी भारतीय बाजारों को प्रभावित कर रही है। अमेरिकी बाजार गुरुवार को लाल निशान में बंद हुए। भारत के अलावा कई अन्य एशियाई बाजारों में भी शुक्रवार को गिरावट है। जकार्ता कंपोजिट 3 प्रतिशत गिरा है। शंघाई कंपोजिट, सेट कंपोजिट में भी गिरावट है। हालांकि निक्केई, हेंग सेंग और ताइवान वेटेड हरे निशान में हैं।

  • सोने और चांदी की कीमतों में 1.6 प्रतिशत की गिरावट, मजबूत डॉलर से बढ़ी बिकवाली

    सोने और चांदी की कीमतों में 1.6 प्रतिशत की गिरावट, मजबूत डॉलर से बढ़ी बिकवाली

    मुंबई
    सोने और चांदी की कीमतों में मजबूत डॉलर के चलते गुरुवार को दबाव देखा जा रहा है और दोनों कीमती धातुओं में करीब 1.6 प्रतिशत तक की गिरावट है।मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सुबह सोने का 05 जून 2026 का कॉन्ट्रैक्ट 9:56 पर 0.36 प्रतिशत या 546 रुपए की कमजोरी के साथ 1,52,111 रुपए पर था।अब तक के कारोबार में सोने ने 1,51,719 रुपए का न्यूनतम स्तर और 1,52,200 रुपए उच्चतम स्तर बनाया है।

    चांदी का 05 मई, 2026 का कॉन्ट्रैक्ट 1.61 प्रतिशत की गिरावट या 3,987 रुपए की कमजोरी के साथ 2,44,377 रुपए पर था।अब तक के कारोबार में चांदी ने 2,42,220 रुपए का न्यूनतम स्तर और 2,44,730 रुपए का उच्चतम स्तर बनाया है।अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमत में कमजोरी कमजोरी देखी जा रही है। कॉमेक्स पर गोल्ड की कीमत 0.68 प्रतिशत कम होकर 4,720 डॉलर प्रति औंस और चांदी का दाम 2.43 प्रतिशत कम होकर 76 डॉलर प्रति औंस हो गया है।

    सोने और चांदी में कमजोरी की वजह मजबूत डॉलर इंडेक्स को माना जा रहा है, जो कि 0.11 प्रतिशत बढ़कर 98.50 के ऊपर कारोबार कर रहा था।आमतौर पर जब भी डॉलर इंडेक्स में मजबूती देखी जाती है तो सोने और चांदी में दबाव देखने को मिलता है।डॉलर इंडेक्स के तेजी का कारण कच्चे तेल की कीमत में बढ़ोतरी होना है, जिससे डॉलर की मांग बढ़ गई है। अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 1.22 प्रतिशत की तेजी के साथ 103 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड 1.36 प्रतिशत की मजबूती के साथ 94 डॉलर प्रति बैरल पर है।

    डॉलर इंडेक्स दुनिया की छह बड़ी मुद्रओं के मुकाबले अमेरिकी मुद्रा की स्थिति को दिखाता है, जिसमें यूरो, जापानी येन, पाउंड स्टर्लिंग,कैनेडियन डॉलर, स्वीडिश क्रोना और स्विस फ्रैंक शामिल हैं।

  • शेयर बाजार में भारी मंदी, सेंसेक्स-निफ्टी में आई गिरावट, US से जापान तक व्यापारिक तूफान, क्रूड $100 के पार

    शेयर बाजार में भारी मंदी, सेंसेक्स-निफ्टी में आई गिरावट, US से जापान तक व्यापारिक तूफान, क्रूड $100 के पार

    मुंबई 

    जिसका डर था वही हुआ, भारतीय शेयर बाजार खुलते ही क्रैश (Stock Market Crash) हो गया. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स अपने पिछले बंद के मुकाबले ओपनिंग के साथ ही 800 अंक से ज्यादा फिसल गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स 200 अंक से ज्यादा का गोता लगा गया. होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका-ईरान में टेंशन के साथ ही क्रूड ऑयल की कीमतों में आए उछाल ने एक बार फिर बाजार का सेंटीमेंट बिगाड़ दिया है. विदेशों से भी सेंसेक्स-निफ्टी के लिए रेड सिग्नल मिल रहे थे। 

    सेंसेक्स ने लगाया तगड़ा गोता 
    BSE Sensex ने गुरुवार को शेयर बाजार में कारोबार की शुरुआत होने के साथ अपने पिछले बंद 78,516 की तुलना में फिसलकर 77,983 के लेवल पर शुरुआत की. इसके कुछ ही मिनटों में इंडेक्स की गिरावट तेज होती चली गई और सेंसेक्स 823 अंक फिसलकर 77,693 पर कारोबार करता नजर आया। 

    न सिर्फ सेंसेक्स, बल्कि NSE Nifty भी ऐसी ही चाल के साथ आगे बढ़ता दिखा. 50 शेयरों वाला ये इंडेक्स अपने पिछले बंद 24,378 की तुलना में गिरावट लेकर 24,202 के स्तर पर खुला और फिर फिसलते हुए 24,134 के लेवल पर आ गया। 

    विदेशों से मिल रहे थे खराब सिग्नल 
    कमजोर ग्लोबल संकेतों के चलते पहले से ही शेयर बाजार में गिरावट की आशंका जताई जा रही थी. बीते कारोबारी दिन जहां अमेरिका शेयर मार्केट रेड जोन में बंद हुए थे, तो वहीं गुरुवार को खुलने के साथ ही एशियाई बाजार बिखरे हुए नजर आए थे। 

    जापान का निक्केई इंडेक्स खुलने के साथ ही फिसल गया और खबर लिखे जाने तक 650 अंक की गिरावट लेकर 58,952 पर ट्रेड कर रहा था. इसके अलावा हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स करीब 300 अंक की गिरावट लेकर 25,889 पर कारोबार करता नजर आ रहा था. अन्य एशियाई शेयर बाजारों में साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स करीब 1 फीसदी फिसला था। 

    Crude Price से सहमा बाजार 
    शेयर मार्केट में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे का एक बड़ा कारण अमेरिका-ईरान तनाव के बीच क्रूड ऑयल की कीमतों में अचानक आया बड़ा उछाल भी है, जिसने न सिर्फ भारत, बल्कि दुनियाभर के शेयर बाजारों का सेंटीमेंट खराब किया है। 

    दरअसल, अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक बार फिर से कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर के पार निकल गई है. Brent Crude Price करीब 8 फीसदी उछलकर 104 डॉलर प्रति बैरल के करीब ट्रेड कर रहा था। 

    सबसे ज्यादा बिखरे ये शेयर
    शुरुआती कारोबार में करीब 1095 शेयरों की शुरुआत गिरावट के साथ रेड जोन में हुई थी और निफ्टी पर इंटरग्लोब एविएशन, SBI लाइफ इंश्योरेंस, एशियन पेंट्स, M&M के शेयर तगड़ी गिरावट में नजर आए थे। 

    खबर लिखे जाने तक Tech Mahindra Share (2.60%), M&M Share (2.20%), Eternal Share (2.15%) फिसलकर ट्रेड कर रहा था. इसके अलावा मिडकैप कैटेगरी में शामिल Ashok Leyland Share (3.10%), Dixon Tech Share (2%) की गिरावट में नजर आया। 

    US से जापान तक भूचाल

    विदेशों से मिल रहे हैं. दरअसल, अमेरिका से लेकर जापान तक दुनियाभर के शेयर बाजारों में भूचाल देखने को मिल रहा है. US Stock Market बुधवार को रेड जोन में बंद हुए, तो एशियाई बाजारों में से अधिकतर में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। 

    Japan Nikkei 600 अंक से ज्यादा, जबकि Hongkong HangSeng करीब 300 अंक टूटा दिखाई दे रहा है. इस बीत भारतीय शेयर बाजार के लिए प्रमुख संकेतक माना जाने वाला गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) भी गिरावट में ट्रेड कर रहा है, जो सेंसेक्स-निफ्टी में गिरावट का संकेत दे रहा है। 

    गौरतलब है कि बीते कारोबारी दिन बुधवार को शेयर बाजार में दिनभर गिरावट देखने को मिली थी. बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स अपने पिछले बंद 79,273 की तुलना में 756 अंकों की गिरावट लेकर 78,516 पर क्लोज हुआ था, तो वहीं एनएसई का निफ्टी भी दिनभर टूटने के बाद अंत में 198 अंक फिसलकर 24,378 पर बंद हुआ था। 

    Gift Nifty दे रहा ये संकेत 
    जहां एशियाई शेयर बाजार भारतीय शेयर बाजार में भगदड़ के संकेत दे रहे हैं, तो वहीं गिफ्ट निफ्टी से भी रेड सिग्नल मिल रहे हैं. दरअसल, Gift Nifty ओपनिंग के साथ ही गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है. खबर लिखे जाने तक भारतीय शेयर मार्केट के लिए संकेतक माना जाने वाला गिफ्ट निफ्टी 170 अंक की गिरावट में कारोबार कर रहा था। 

    क्रूड की कीमतों ने बढ़ाई टेंशन 
    अमेरिका और ईरान युद्ध में भले ही सीजफायर हो गया हो, लेकिन होर्मुज स्ट्रेट को लेकर दोनों में अभी भी टेंशन बरकरार है. ईरान होर्मुज खोलने को तैयार नहीं, तो अमेरिका की ईरानी बंदरगाहों पर नाकाबंदी जारी है. इस टेंशन के चलते कच्चे तेल की कीमतों में फिर से उछाल देखने को मिला है और Brent Crude Price 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है. इससे शेयर बाजारों में दबाव बढ़ा है। 

  • चांदी की कीमतों में 4500 रुपये का इजाफा, सोने की कीमत भी 2000 रुपये से ज्यादा बढ़ी

    चांदी की कीमतों में 4500 रुपये का इजाफा, सोने की कीमत भी 2000 रुपये से ज्यादा बढ़ी

    मुंबई 

    भारतीय बाजार में सोने-चांदी के भाव में जोरदार उछाल आया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने के भाव ₹2,000 (1.3%) से अधिक चढ़कर ₹1,53,699 प्रति 10 ग्राम हो गए। वहीं, चांदी के रेट में ₹4,700 (2%) की तेजी आई और यह ₹2,49,423 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। दूसरी ओर इंटरनेशनल मार्केट में भी सोने की कीमतें बढ़ीं। स्पॉट गोल्ड 0.8% चढ़कर 4,755 डॉलर प्रति औंस से ऊपर पहुंच गया। इससे पिछले सत्र में इसमें 2% से अधिक की गिरावट आई थी।

    क्या हैं आज के टिप्स: भारतीय निवेशकों के लिए एमसीएक्स गोल्ड पर ₹1,52,800 – ₹1,51,500 का सपोर्ट और ₹1,54,850 – ₹1,55,500 का रेजिस्टेंस माना जा रहा है।

    आज क्यों उछले सोने-चांदी के भाव

    सीजफायर का असर
    सोने-चांदी के भाव में आज की उछाल के पीछे कई कारण हैं। इनमें से एक कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ संघर्ष विराम को बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि जब तक ईरान कोई नया प्रस्ताव नहीं लाता और बातचीत पूरी नहीं हो जाती, तब तक और हमले नहीं किए जाएंगे। हालांकि, होर्मूज स्ट्रेट अब भी व्यापार के लिए बंद है। ईरान ने साफ किया है कि जब तक अमेरिका उसके जहाजों पर अपनी नाकाबंदी जारी रखेगा, वह इस जलमार्ग को नहीं खोलेगा। यह जलडमरूमध्य दुनिया के 20% तेल की सप्लाई का रास्ता है।

    क्रूड ऑयल में तेजी, डॉलर में कमजोरी का असर
    क्रूड तेल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब बने हुए हैं, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा बना हुआ है। वहीं, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में 0.1% की गिरावट आई, जिससे सोना दूसरी मुद्राओं वालों के लिए सस्ता हो गया। कमजोर डॉलर से सोने की कीमतों को आमतौर पर सपोर्ट मिलता है।

    फेड के नए चेयरमैन का बयान: ब्याज दरों पर सख्त रुख
    अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अगले अध्यक्ष के लिए नामित केविन वार्श ने सीनेट में कहा कि वह स्वतंत्र रूप से काम करेंगे। उन्होंने ब्याज दरों में जल्दी कटौती करने के बजाय महंगाई पर नियंत्रण के लिए नई रूपरेखा बनाने की बात कही। निवेशकों को उम्मीद है कि वार्श ब्याज दरें धीरे-धीरे कम करेंगे, जिससे सोने पर दबाव बना रह सकता है।

    ट्रंप के फैसले का असर
    ग्लोबल मार्केट यानी कॉमैक्स पर आज सुबह सोने की कीमत करीब 1 पर्सेंट बढ़कर 4768 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई है। इससे पिछले सेशन में सोने की कीमतों में 2 पर्सेंट से ज्यादा की गिरावट आई थी, जिससे निवेशक थोड़े डरे हुए थे। चांदी की बात करें तो एशियाई ट्रेडिंग घंटों के दौरान चांदी की कीमतों में 1.8 पर्सेंट का सुधार हुआ और यह 77.80 डॉलर प्रति औंस के लेवल पर पहुंच गई। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक सोने की कीमतों में 10 पर्सेंट से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है, जबकि चांदी इस दौरान करीब 17 पर्सेंट तक टूट चुकी है। आज की बढ़त ने निवेशकों को थोड़ी राहत दी है।

    हॉर्मुज जलडमरूमध्य का संकट
    बाजार में इस बदलाव की एक बड़ी वजह सप्लाई में आ रही रुकावट भी है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य का रास्ता अभी भी जहाजों की आवाजाही के लिए बंद है। ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक अमेरिका उसके जहाजों पर लगी पाबंदी नहीं हटाता, तब तक वह इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते को नहीं खोलेगा। इस रास्ते के बंद होने से पूरी दुनिया में एनर्जी सप्लाई में भारी दिक्कत आ रही है। सप्लाई चेन प्रभावित होने की वजह से महंगाई बढ़ने का खतरा भी पैदा हो गया है। यही वजह है कि निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर फिर से सोने की तरफ रुख कर रहे हैं।

    फेड रिजर्व और डॉलर का दबाव
    कीमतों में रिकवरी के बावजूद कुछ ऐसे फैक्टर भी हैं जो सोने और चांदी पर लगातार दबाव बना रहे हैं। डॉलर इंडेक्स में पिछले सेशन के दौरान 0.4 पर्सेंट की मजबूती देखी गई है। डॉलर महंगा होने से सोना उन लोगों के लिए महंगा हो जाता है जो दूसरी करेंसी में निवेश करते हैं। इसके अलावा फेडरल रिजर्व के अगले संभावित चेयरमैन केविन वारश के एक बयान ने भी बाजार में हलचल पैदा कर दी है। उन्होंने कहा है कि अगर वे चेयरमैन बनते हैं, तो वे पूरी तरह स्वतंत्र होकर काम करेंगे। इसका मतलब है कि सेंट्रल बैंक ब्याज दरों को ऊंचे लेवल पर रख सकता है, जो सोने जैसे एसेट के लिए अच्छा संकेत नहीं माना जाता।

    भारतीय बाजार यानी एमसीएक्स पर सोने और चांदी के रेट में आज थोड़ा बदलाव देखा गया है। 21 अप्रैल के डेटा के मुताबिक, एमसीएक्स पर सोने का भाव 1,51,698 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास था। वहीं चांदी की बात करें तो यह 2,44,916 रुपये प्रति किलोग्राम के लेवल पर देखी गई। ग्लोबल मार्केट में आई रिकवरी के बाद अब निवेशकों की नजर आने वाले समय में होने वाली शांति वार्ता पर टिकी है। ट्रंप ने साफ कर दिया है कि वे तब तक कोई नया हमला नहीं करेंगे जब तक ईरान की तरफ से कोई नया और ठोस प्रस्ताव नहीं आ जाता।

    बड़े बदलाव का इंतजार
    विश्लेषक अहमद असिरी के अनुसार, बुलियन मार्केट अब जियो-पॉलिटिकल रिस्क को पचा चुका है। पिछले कुछ हफ्तों में सोने की कीमतें सीमित दायरे में चल रही हैं। अब बाजार या तो स्थितियों के और बिगड़ने या फिर मैक्रो इकोनॉमी में बड़े बदलाव का इंतजार कर रहा है।

  • शेयर बाजार में गिरावट: होर्मुज पर तनाव, क्रूड में तेजी और IT शेयरों का गिरना, सेंसेक्स 755 अंक गिरा

    शेयर बाजार में गिरावट: होर्मुज पर तनाव, क्रूड में तेजी और IT शेयरों का गिरना, सेंसेक्स 755 अंक गिरा

    मुंबई 

    शेयर मार्केट में जारी तूफानी तेजी पर ब्रेक लग गया है. सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को बीएसई का सेंसेक्स और एनएसई का निफ्टी इंडेक्स तेज गिरावट के साथ ओपन हुआ. होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका और ईरान में मचे घमासान और क्रूड ऑयल की कीमत में अचानक आए उछाल ने दुनियाभर के शेयर बाजारों में फिर हलचल और खौफ बढ़ा दिया है। 

    भारत की बात करें, तो बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला Sensex 300 अंक की गिरावट के साथ ओपन हुआ और कुछ देर में ये 755 अंक से ज्यादा टूट गया. वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का Nifty करीब 200 अंक की गिरावट लेकर कारोबार करता दिखा. इस गिरावट के बीच टेक कंपनियों के शेयर क्रैश (IT-Tech Stock Crash) नजर आए. HCT Tech Share तो खुलने के साथ ही करीब 10 फीसदी टूट गया। 

    खराब शुरुआत, फिर बिखरे इंडेक्स 
    Share Market में बुधवार को कारोबार की शुरुआत खराब रही और कुछ देर में ही गिरावट तेज हो गई. बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 79,273 की तुलना में 79,019 पर ओपन हुआ और फिर अचानक कुछ मिनटों में ही 755 अंक से ज्यादा की गिरावट लेकर 78,518 के लेवल पर कारोबार करने लगा।  

    सेंसेक्स की तरह ही एनएसई निफ्टी की भी शुरुआत खराब रही और ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले बंद 24,576 की तुलना में गिरावट के साथ 24,470 पर खुला. इसके बाद NSE Nifty भी तेजी से फिसलता चला गया और करीब 200 अंक की गिरावट लेकर 24,352 पर ट्रेड करता दिखा। 

    Tech Share खुलते ही क्रैश 
    शेयर बाजार में अचानक आई इस बड़ी गिरावट के बीच आईटी और टेक कंपनियों के शेयर बुरी तरह क्रैश नजर आए. बीएसई लार्जकैप कैटेगरी में शामिल HCL Tech Share खुलते ही 10 फीसदी के आसपास टूट गया. इसके अलावा Infosys Share (3%), Tech Mahindra Share (2.50%), TCS Share (2.10%) तक गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे थे। 

    बाजार क्रैश होने के बड़े कारण
    बात करें, शेयर बाजार में मची तबाही के पीछे के कारणों के बारे में, तो मिडिल ईस्ट युद्ध की टेंशन फिर हाई पर है, डोनाल्ड ट्रंप होर्मुज को लेकर अड़े हुए हैं और ईरान दूसरी ओर से लगातार धमकियां दे रहा है. इसके चलते क्रूड की कीमतों में फिर से उबाल आने लगा है. इसका असर एशियाई बाजारों में उथल-पुथल के तौर पर देखने को मिला और विदेशों से मिले निगेटिव सिग्नल के चलते सेंसेक्स-निफ्टी भी बिखर गए। 

    ये शेयर भी धराशायी
    आईटी-टेक शेयरों के अलावा अन्य गिरावट वाले स्टॉक्स की बात करें, तो ICICI Bank Share (2%), BEL Share (1.50%) की गिरावट में ट्रेड कर रहा था. इसके अलावा मिडकैप में शामिल Coforge Share (2.70%), MPhasis Share (1.90%) फिसलकर ट्रेड कर रहा था। 

  • MG Windsor EV ने लॉन्च किया नया Commute वेरिएंट, जानें इसकी कीमत और प्रमुख फीचर्स

    MG Windsor EV ने लॉन्च किया नया Commute वेरिएंट, जानें इसकी कीमत और प्रमुख फीचर्स

    मुंबई 

    JSW MG Motor India ने अपनी नई MG Windsor EV रेंज का विस्तार करते हुए, एक नया 'Commute' वेरिएंट जोड़ा है. कंपनी ने इस वेरिएंट की कीमत 13.49 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) रखी है. इस नए वेरिएंट को मौजूदा Excite ट्रिम से नीचे रखा जाएगा, जिसकी कीमत उससे लगभग 61,000 रुपये कम है. हालांकि यह मुख्य रूप से फ्लीट ऑपरेटरों के लिए है, लेकिन इसे निजी इस्तेमाल के लिए भी रजिस्टर कराया जा सकता है। 

    MG Windsor EV Commute वेरिएंट का डिजाइन
    Windsor EV के नए Commute वेरिएंट में LED प्रोजेक्टर हेडलाइट्स, ORVM पर लगे टर्न इंडिकेटर्स और फ्लश डोर हैंडल्स बरकरार रखे गए हैं. हालांकि, इसमें अलॉय व्हील्स की जगह 17-इंच के स्टील व्हील्स का इस्तेमाल किया गया है, जिन पर कोई कवर नहीं मिलता है। 

    MG Windsor EV Commute वेरिएंट का इंटीरियर
    इंटीरियर की बात करें तो नए Commute वेरिएंट में एक आसान केबिन लेआउट मिलता है. इस नए वेरिएंट में Excite वेरिएंट में मिलने वाली 10.1-इंच की सेंट्रल टचस्क्रीन नहीं है. इसके बजाय, इसमें 7-इंच का LCD इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर मिलता है, जो मुख्य डिस्प्ले का काम करता है। 

    केबिन में मिलने वाली बेसिक फ़ैब्रिक अपहोल्स्ट्री, मैनुअल सीट एडजस्टमेंट और एक मिनिमल डैशबोर्ड लेआउट मिलता है, जबकि गोल्डेन कलर के हाइलाइट्स सिर्फ़ इसके डोर की ट्रिम्स पर ही मिलते हैं. कार में एयर-कंडीशनिंग मैनुअल है, और ORVMs भी मैनुअली एडजस्ट करने वाले हैं। 

    इसके अलावा, इस वेरिएंट में स्टीयरिंग-माउंटेड गियर सेलेक्टर, क्रूज़ कंट्रोल और डिस्प्ले सेटिंग बटन वाला 2-स्पोक स्टीयरिंग व्हील, और कपहोल्डर व स्टोरेज वाला एक सेंटर कंसोल मिलता रहेगा। 

    अन्य दिखाई देने वाले एलिमेंट्स में पावर विंडो स्विच, हेडलाइट बीम की हाइट एडजस्ट करने के कंट्रोल, ट्रैक्शन कंट्रोल, आगे की फॉग लाइट्स, ऑटो होल्ड और इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक शामिल हैं. इसके अलावा, पीछे की सीटों में भी ऊपर के वेरिएंट्स की तरह ही रिक्लाइनिंग फ़ंक्शन मिलता है। 

    MG Windsor EV Commute वेरिएंट का बैटरी पैक और रेंज
    नए Commute वेरिएंट के बैटरी पैक की बात करें तो इसमें वही 38 kWh का बैटरी पैक इस्तेमाल किया गया है, जो इसके निचले ट्रिम्स – Excite, Exclusive और Essence में भी मिलता है. एक बार फुल चार्ज करने पर यह कार 332 km तक की रेंज प्रदान करता है। 

    इस बैटरी पैक को 7.4 kW AC चार्जर से चार्ज करने पर 10 से 100 प्रतिशत तक चार्ज करने में लगभग 7 घंटे लगते हैं, जबकि 45 kW DC फास्ट चार्जर से यह लगभग 45 मिनट में 20 से 80 प्रतिशत तक चार्ज हो जाता है। 

  • Stock Market Rally: एक खबर ने अमेरिका से बढ़ाई शेयर बाजार की रफ्तार, वॉर का डर धुंधला

    Stock Market Rally: एक खबर ने अमेरिका से बढ़ाई शेयर बाजार की रफ्तार, वॉर का डर धुंधला

    मुंबई 

    मंगलवार को शेयर बाजार (Stock Market) में मंगल ही मंगल नजर आ रहा है. ओपनिंग के साथ ही मार्केट के दोनों इंडेक्स सेंसेक्स-निफ्टी रॉकेट की रफ्तार से भाग रहे हैं. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (BSE Sensex) जहां खुलते ही 500 अंक से ज्यादा की छलांग लगा गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (NSE Nifty) भी जोरदार तेजी पकड़े हुए नजर आया. मिडिल ईस्ट में टेंशन फिर से बढ़ने के बाद भी बाजार बमबम है और इसके पीछे भारत-अमेरिका में ट्रेड डील को लेकर आया बड़ा अपडेट माना जा सकता है, जिससे US-Iran War का खौफ धुआं-धुआं हो गया है. शुरुआती कारोबार में Axis Bank, Adani Ports से लेकर IndiGo तक के शेयर बढ़त में कारोबार करते नजर आए। 

    सेंसेक्स-निफ्टी में तगड़ी उछाल 
    बीएसई का सेंसेक्स इंडेक्स मंगलवार को अपने पिछले कारोबारी बंद 78,520 की तुलना में तेज रफ्तार के साथ ओपन हुआ और 78,617 पर खुला. इसके बाद कुछ ही मिनट के कारोबार के दौरान Sensex 79 हजार का आंकड़ा पार कर गया और 500 अंक से ज्यादा की तेजी लेकर 79,032 पर ट्रेड करता दिखा। 

    दूसरी ओर एनएसई निफ्टी की बात करें, तो ये भी सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलता दिखाई दिया है. अपने पिछले बंद 24,364 की तुलना में इसकी ओपनिंग भी तेजी के साथ 24,374 पर हुई और फिर करीब 150 अंक की तगड़ी उछाल के साथ ही Nifty भी 24,500 का आंकड़ा पार कर गया। 

    शेयर बाजार में ये रैली ऐसे समय में देखने को मिल रही है, जबकि अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध फिर से बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं. होर्मुज स्ट्रेट को लेकर तनातनी चरम पर है और दूसरे दौर की शांति वार्ता पर भी संकट मंडरा रहा है। 

    इस रैली की ये बड़ी वजह 
    बात करें, शेयर बाजार में आई इस तूफानी तेजी के पीछे के बड़े कारण के बारे में, तो अमेरिका से आई एक खबर को माना जा सकता है. दरअसल, India-US Trade Deal का नया दौर शुरू हो रहा है. 20 अप्रैल से शुरू हुई चर्चा के तहत बड़े बदलाव की उम्‍मीद जताई जा रही है। 

    खासकर टैरिफ को लेकर फिर से बातचीत हो सकती है, क्‍योंकि अमेरिका कोर्ट ने टैरिफ को गैर-कानूनी बताते हुए रद्द कर दिया था. इस चर्चा में मुख्य वार्ताकार दर्पण जैन के लीडरशिप में करीब एक दर्जन भारतीय अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल तीन दिनों तक अमेरिकी अधिकारियों के साथ बातचीत करेगा. इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली है और ब्रेंट क्रूड की कीमत अंतरराष्ट्रीय मार्केट में 95 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गई है, जिसका असर भी बाजार पर दिखा है। 

    इन शेयरों में दिखी तेजी 
    शेयर मार्केट में तेजी के बीच सबसे ज्यादा भागने वाले स्टॉक्स की बात करें, तो बीएसई लार्जकैप कैटेगरी में शामिल AsianPaints Share (2%), Axis Bank Share (2%), Adani Ports Share (1.50%) की तेजी लेकर कारोबार कर रहे थे. इसके अलावा मिडकैप कैटेगरी में शामिल AU Bank Share (4%), Godrej Properties Share (2.50%), Phoenix Share (2.10%), Voltas Share (1.70%) की तेजी में दिखे. Paytm, Dixon, Zentech, Suzlon जैसे शेयर भी तेजी में कारोबार करते हुए नजर आए। 

  • ₹5000 टूटी चांदी, गोल्ड की कीमतें हुईं 1.87 लाख रुपये सस्ती, नए रेट्स देखें

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    इंदौर 

    सोना-चांदी की कीमतों में फिर बड़ी गिरावट (Gold-Silver Rate Fall) देखने को मिली है. बीते सप्ताह दोनों कीमती धातुओं के दाम में जोरदार तेजी देखने को मिली थी, लेकिन हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को जैसे ही मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर वायदा कारोबार शुरू हुआ, एक झटके में चांदी 5357 रुपये सस्ती हो गई. इस ताजा गिरावट के बाद अब 1 Kg Silver अपने हाई लेवल से 1.87 लाख रुपये से ज्यादा सस्ती हो गई है। 
     
    चांदी ही नहीं एमसीएक्स पर सोने की कीमत में भी गिरावट आई है. 10 Gram 24 Karat Gold का रेट अपने पिछले कारोबार बंद के मुकाबले ओपनिंग के साथ ही 1780 रुपये कम हो गया और इस गिरावट के साथ अब सोना अपने हाई से 50000 रुपये प्रति 10 ग्राम से ज्यादा सस्ता मिल रहा है। 

    खुलते ही धड़ाम हो गई चांदी 
    एमसीएक्स पर 5 मई की एक्सपायी वाली चंदी का भाव बीते शुक्रवार को तेजी के साथ 2,57,142 रुपये प्रति किलोग्राम पर क्लोज हुई थी और सोमवार को जब कारोबार की शुरुआत हुई, तो ये धड़ाम होकर 2,51,785 रुपये पर आ गई. इस हिसाब से चांदी 5,357 रुपये प्रति किलो सस्ती हो गई. 

    अगर चांदी के हाई लेवल से तुलना करें, तो ये हफ्ते के पहले दिन की गिरावट के बाद अब 1,87,552 रुपये प्रति किलोग्राम तक सस्ता हो गया है. बता दें कि इस साल जनवरी महीने में ही पहली बार चांदी का वायदा भाव 4 लाख रुपये के पार निकला था और 4,39,337 रुपये प्रति किलो का लाइफ टाइम हाई लेवल छुआ था। 

    US-Iran जंग के बाद कितनी गिरावट? 
    अगर बात करें, मिडिल ईस्ट युद्ध की शुरुआत के बाद अब तक फिसले चांदी के भाव के बारे में, तो 28 फरवरी को पहली बार अमेरिका-इजरायल ने ईरान पर स्ट्राइक्स की शुरुआत की थी और इससे एक दिन पहले यानी 27 फरवरी को MCX Silver Price 2,82,644 रुपये पर ट्रेड कर रहा था और ताजा कीमत से तुलना करें, तो ये कीमती धातु इस दौरान 30,859 रुपये प्रति किलो सस्ती हो चुकी है। 

    सोना भी चांदी की तरह फिसला
    अब MCX Gold Rate पर नजर डालें, तो पिछले शुक्रवार को 5 जून की एक्सपायरी वाले वायदा सोना का भाव 1,54,609 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था और सोमवार को खुलने के साथ ही ये 1780 रुपये की गिरावट लेकर  1,52,829 रुपये पर आ गया।  

    इस गिरावट के बाद सोना अपने लाइफ टाइम हाई लेवल 2,02,984 रुपये से  50,155 रुपये सस्ता हो गया है. वहीं अमेरिका-ईरान युद्ध की शुरुआत से अब तक Gold Rate में 12,830 रुपये की कमी आ चुकी है. 27 फरवरी को सोना 1,65,659 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। 

    बीते हफ्ते खूब भागा Gold-Silver
    अगर बीते सप्ताह गोल्ड-सिल्वर रेट्स की बात करें, तो एमसीएक्स पर 5 मई की एक्सपायरी वाली चांदी का रेट चार कारोबारी दिनों में 14,805 रुपये बढ़ा था. पिछले 10 अप्रैल को 1 किलो चांदी की कीमत 2,43,274 रुपये थी, जो बीते शुक्रवार को 2,58,079 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई।  

    चांदी की तरह सोना भी पिछले हफ्ते चमका थी. ये कीमती पीली धातु 10 अप्रैल के 1,52,652 रुपये की तुलना में बीते शुक्रवार को 1,54,605 रुपये पर बंद हुआ था. यानी ये चार दिन में 1953 रुपये प्रति 10 ग्राम महंगा हुआ था। 

  • US-Iran युद्ध फिर से छिड़ा, वैश्विक तनाव और क्रूड की कीमतें बढ़ीं

    US-Iran युद्ध फिर से छिड़ा, वैश्विक तनाव और क्रूड की कीमतें बढ़ीं

    मुंबई 

    अमेरिका और ईरान के बीच फिर जंग (US-Iran War) शुरू हो गई है. होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) पर अमेरिकी नाकाबंदी और ईरान के पलटवार ने ग्लोबल टेंशन को एक बार फिर से बढ़ा दिया है. इस बीच क्रूड की कीमतें फिर छलांग लगाने लगी हैं और ब्रेंट क्रूड करीब 6% महंगा हो गया. सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को इस टेंशन का असर शेयर बाजार में भी देखने को मिली. शुरुआती कारोबार के दौरान सेंसेक्स-निफ्टी में गिरावट दिखी, तो अगले ही पल तेज रिकवरी भी नजर आई। 

    लेकिन कुछ ही मिनटों में बाजी पलटी नजर आई और जंग की आहट व तेल के झटके से उबरते हुए सेंसेक्स-निफ्टी ने तेज रिकवरी करनी शुरू कर दी. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 200 अंक से ज्यादा चढ़कर कारोबार करता हुआ नजर आया. हालांकि, ये तेजी भी कुछ देर के लिए कायम रही और दोनों इंडेक्स फिर से फिसलते हुए नजर आए। 

    सेंसेक्स-निफ्टी की बदली चाल 
    सोमवार को शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत गिरावट के साथ रेड जोन में हुई. बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले शुक्रवार के बंद 78,493 की तुलना में खुलने के साथ ही फिसलकर 78,203 के लेवल पर आ गया. हालांकि, कुछ देर बाद ही ये इंडेक्स रिकवरी मोड में आ गया और उछलकर 78,733 के लेवल पर कारोबार करने लगा. वहीं कुछ देर तेजी में कारोबार के बाद अचानक फिर गिरावट आई और सेंसेक्स 140 अंक से ज्यादा फिसल गया।

    NSE Nifty भी सेंसेक्स की तरह ही चलता हुआ नजर आया. 50 शेयरों वाला ये इंडेक्स अपने पिछले बंद 23,353 की तुलना में ओपनिंग के साथ ही गिरकर 24,241 के लेवल पर आ गया, लेकिन फिर अचानक इसकी गिरावट पर भी ब्रेक लग गया और ये उछलकर 24,420 के स्तर पर कारोबार करता नजर आने लगा और फिर सेंसेक्स की चाल से चाल मिलाकर ग्रीन से रेड जोन में आ गया। 

    इन शेयरों ने दिया बाजार को सपोर्ट 
    मिडिल ईस्ट में फिर टेंशन बढ़ने के साथ ही होर्मुज पर तनातनी के चलते कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल से गिफ्ट निफ्टी बुरी तरह टूटकर ट्रेड कर रहा था और इससे आशंका जताई जा रही थी कि सेंसेक्स-निफ्टी में भी गिरावट देखने को मिली. लेकिन शुरुआती गिरावट के बाद कुछ दिग्गज कंपनियों ने बाजार को सपोर्ट दिया और दोनों इंडेक्स रिकवरी मोड में आ गए। 

    सबसे तेज भागने वाले शेयरों पर नजर डालें, तो लार्जकैप कैटेगरी में शामिल SBI Share (2.10%), ICICI Bank Share (2%) और Trent Share (1.10%) की उछाल के साथ कारोबार कर रहे थे. इसके अलावा मिडकैप में शामिल BHEL Share (3%), AU Bank Share (1.50%), Voltas Share (1.40%) चढ़कर कारोबार कर रहे थे. स्मॉलकैप कैटेगरी पर नजर डालें, तो यहां पर CUB Share (3%), Radico Khetan Share (2.50%) की बढ़त में थे। 

     

     

     

  • रॉबर्ट कियोसाकी बोले- मैंने चेतावनी दी थी, अब मेरी भविष्यवाणी हो रही है सच

    रॉबर्ट कियोसाकी बोले- मैंने चेतावनी दी थी, अब मेरी भविष्यवाणी हो रही है सच

    नई दिल्ली
    मशहूर किताब 'रिच डैड पुअर डैड' के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी (Robert Kiyosaki) सोशल मीडिया पर खासे एक्टिव रहते हैं और आए दिन अपनी पोस्ट के जरिए लोगों को अमीर बनने की गुर बताते नजर आते हैं. उन्होंने ट्विटर (अब X) पर की गई नए पोस्ट में क्रैश की चेतावनी (Crash Warning) को दोहराते हुए कहा है कि उनके द्वारा साल 2002 में की गई भविष्यवाणियां अब सच हो रही हैं और अमेरिका से टोक्यो तक फाइनेंशियल क्रैश देखने को मिल रहा है। 

     'बबल फट जाते हैं, फिर…'
    Robert Kiyosaki ने अपनी पोस्ट में साल 2002 में रिलीज की गई अपनी कितान 'रिच डैड प्रोफेसी' का हवाला देते हुए लिखा, 'मैंने सबको चेतावनी दी थी, अब 2026 में प्रोफेसी में की गईं भविष्यवाणियां सच साबित हो रही हैं. आपको भी 'Everything Bubble' का शिकार होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि बबल फट जाते हैं और दुनिया के इतिहास में सबसे बड़ी मंदी (Biggest Recession) की ओर ले जाते हैं। 

    Rich Dad Poor Dad के राइटर ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में आगे लिखा कि दुबई से वेगास तक और टोक्यो से न्यूयॉर्क सिटी तक इकॉनमिक क्रैश देखें, लेकिन दुनिया की Economy Crash होने पर भी आप विनर बन सकते हैं. इसलिए निवेश करते समय स्टडी करें, सजग रहें और समझें कि जानें कि दुनिया की इकॉनमी अभी भी आपको फाइनेंशियल विनर बना सकती है. फाइनेंशियल फ्रीडम के लिए लड़ने के लिए जो जरूरी है, वो करें और अपना ख्याल रखें। 

    अक्सर देते हैं गिरावट में खरीद की सलाह
    रॉबर्ट कियोसाकी इससे पहले भी क्रैश वार्निंग दे चुके हैं. इस साल फरवरी महीने में उन्होंने एक्स पोस्ट (Robert Kiyosaki X Post) के जरिए उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा था कि, 'मैं आपको चेतावनी दे रहा हूं, रिच डैड्स प्रोफेसी (Rich Dad’s Prophecy) में मैंने इतिहास के सबसे बड़े स्टॉक मार्केट क्रैश के बारे में चेतावनी दी थी, जो अभी भी आ रहा है और अब आने वाला ही है. जो लोग तैयार नहीं हैं, उनके लिए ये आने वाला क्रैश सबसे बुरा सपना होगा। 

    बता दें कि कियोसाकी अपनी ज्यादातर पोस्ट में निवेशकों को सोना-चांदी (Gold-Silver) के साथ ही क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन (Bitcoin) में निवेश की सलाह देते हैं. खासतौर पर वे सोना-चांदी का संकट में सबसे बड़ा सहारा बताते नजर आते हैं और इनके क्रैश होने की स्थिति में खरीदारी की सलाह देते हैं।