Author: NewseDay

  • लाड़ली बहना जैसी योजनाओं पर बोले शिवराज सिंह चौहान, क्यों हर सरकार के लिए इन्हें जारी रखना होगा जरूरी?

    लाड़ली बहना जैसी योजनाओं पर बोले शिवराज सिंह चौहान, क्यों हर सरकार के लिए इन्हें जारी रखना होगा जरूरी?

    भोजपुर 
    मध्य प्रदेश में शुरू हुई लाड़ली बहना योजना के बाद अब देश की हर सरकार को महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता की योजनाएं बनानी पड़ रही हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रायसेन जिले के भोजपुर विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4 के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।

    उन्होंने कहा कि यह योजना वर्तमान में मुख्यमंत्री ने जारी रखी है और भविष्य में भी हर सरकार को इसे जारी रखना पड़ेगा, क्योंकि यदि बहनें नाराज हो गईं तो किसी की खैर नहीं है। मध्य प्रदेश की इस पहल के बाद देश के विभिन्न राज्यों में लाड़की बहना और मैया सम्मान योजना जैसे अलग-अलग नामों से महिलाओं को वित्तीय सहायता दी जा रही है।

    बहनों को उठानी पड़ती थी परेशानी
    केंद्रीय मंत्री चौहान ने बचपन के अनुभवों का उल्लेख करते हुए बताया कि उन्होंने महिलाओं को छोटी-छोटी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर रहते देखा है। एक-दो हजार रुपये के लिए भी गरीब और निम्न मध्यमवर्गीय परिवारों की बहनों को परेशानी उठानी पड़ती थी। इसी सोच के साथ उन्होंने लाड़ली बहना योजना की नींव रखी थी, ताकि महिलाओं के हाथ में आर्थिक ताकत आ सके। पैसे मिलने के बाद महिलाओं की सामाजिक और पारिवारिक स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। अब घर में उनका सम्मान बढ़ा है और परिवार के सदस्य भी उनकी राय को महत्व देने लगे हैं।

    चौहान ने कहा, महिलाओं के राजनीतिक दृष्टिकोण में भी बड़ा परिवर्तन आया है। पहले माना जाता था कि परिवार का मुखिया जिस दल को समर्थन देगा, घर की महिलाएं भी उसी दिशा में मतदान करेंगी। अब स्थिति बदल चुकी है और महिलाएं अपनी निर्णय क्षमता को पहचानकर खुद तय करती हैं कि किसे वोट देना है। उन्होंने एक घटना का उदाहरण भी दिया, जिसमें लाड़ली बहना योजना का लाभ लेने वाली महिला पर एक राजनीतिक दल को वोट देने का दबाव बनाया गया था और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई थी। उस मामले में उन्होंने स्वयं प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। 

    महिलाओं ने की 3,000 रुपये देने की मांग
    कार्यक्रम के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने महिलाओं से पूछा कि लाड़ली बहना योजना के तहत मिलने वाली राशि कितनी होनी चाहिए। इस पर कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं ने 3,000 रुपये करने की मांग की। इस पर शिवराज ने कहा कि योजना की राशि धीरे-धीरे बढ़ाकर 3,000 रुपये की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री ने इस योजना को जारी रखा है और आने वाले समय में सरकारों को महिलाओं के हित में ऐसी योजनाएं चलानी होंगी। हालांकि, योजना की राशि कब बढ़ेगी और बढ़ोतरी किस चरण में होगी, इस बारे में उन्होंने कोई समयसीमा नहीं बताई।

    महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए शुरू की गई योजना
    शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उन्होंने बचपन से गरीब और निम्न मध्यम वर्गीय परिवारों की महिलाओं को आर्थिक परेशानियों का सामना करते देखा है। कई महिलाओं को अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था। कभी 1,000 या 2,000 रुपये के लिए उन्हें पति या परिवार के दूसरे सदस्यों से पैसे मांगने पड़ते थे। कई महिलाओं के पास अपने मायके जाने तक के लिए पैसे नहीं होते थे।

    उन्होंने कहा कि महिलाओं की इसी स्थिति को बदलने के लिए लाड़ली बहना योजना शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य महिलाओं के हाथ में सीधे आर्थिक सहायता पहुंचाना था, ताकि वे अपनी जरूरतों को पूरा कर सकें और आर्थिक फैसले लेने में आत्मनिर्भर बनें।

    आर्थिक सहायता मिलने से परिवार में बढ़ा महिलाओं का सम्मान
    शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि योजना शुरू होने के बाद उन्होंने महिलाओं से पूछा था कि आर्थिक सहायता मिलने से उनकी जिंदगी में क्या बदलाव आया है। उनके मुताबिक, कई महिलाओं ने बताया कि अब परिवार में उनका सम्मान बढ़ा है।

    उन्होंने कहा कि महिलाओं की सास उनसे पहले के मुकाबले अधिक स्नेह से बात करने लगीं और पति भी उनकी राय तथा जरूरतों को ज्यादा महत्व देने लगे। शिवराज के अनुसार, यह योजना केवल पैसे देने तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को आत्मविश्वास और अपने जीवन से जुड़े फैसले लेने की ताकत देने का भी प्रयास है।

    दूसरे राज्यों में भी शुरू हुईं महिलाओं के लिए योजनाएं
    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में लाड़ली बहना योजना शुरू होने के बाद दूसरे राज्यों में भी महिलाओं को आर्थिक सहायता देने की मांग बढ़ी। इसके बाद अलग-अलग राज्यों में महिलाओं के लिए कई योजनाएं शुरू की गईं।

    उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ राज्यों में लाड़ली बहना, कहीं लड़की बहना और कहीं मंईयां सम्मान योजना जैसे नामों से महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जा रही है। शिवराज ने कहा कि महिलाओं ने अपनी ताकत पहचान ली है। अब वे अपने अधिकारों और जरूरतों को लेकर पहले से ज्यादा जागरूक हैं।

    महिलाएं खुद तय करती हैं कि किसे वोट देना है
    शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पहले यह माना जाता था कि परिवार का मुखिया या गांव का प्रभावशाली व्यक्ति जिस राजनीतिक दल का समर्थन करेगा, परिवार के दूसरे सदस्य भी उसी दल को वोट देंगे। महिलाओं के मतदान को लेकर भी ऐसी ही धारणा थी। उन्होंने कहा कि अब स्थिति बदल रही है और महिलाएं अपने फैसले खुद लेने लगी हैं। वे अपनी पसंद के उम्मीदवार और राजनीतिक दल को वोट देने का निर्णय स्वयं करती हैं।

    इस दौरान उन्होंने एक महिला से जुड़ी घटना का जिक्र करते हुए दावा किया कि लाड़ली बहना योजना के बाद उस पर कांग्रेस को वोट देने का दबाव बनाया गया और उसके साथ मारपीट की गई। शिवराज के मुताबिक, महिला के उनके पास पहुंचने के बाद एफआईआर दर्ज कराई गई।

    लाड़ली बहना के साथ लखपति दीदी अभियान पर भी जोर
    शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि महिलाओं को केवल सरकारी आर्थिक सहायता पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। उनका लक्ष्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उनकी आमदनी बढ़ाना होना चाहिए। इसके लिए लखपति दीदी अभियान को आगे बढ़ाने की जरूरत है।

    उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की सालाना आमदनी कम से कम एक लाख रुपये होनी चाहिए। इसके लिए महिलाओं को प्रशिक्षण, बैंक से सहायता और कम ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि वे अपना कारोबार शुरू कर सकें।

    उन्होंने कहा कि महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने के साथ रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना भी जरूरी है। इससे उनकी आय बढ़ेगी और वे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में अधिक योगदान दे सकेंगी।

    किसानों की बिजली समस्या पर मुख्यमंत्री से करेंगे चर्चा
    कार्यक्रम के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने भोजपुर क्षेत्र में किसानों को हो रही बिजली और पानी की समस्याओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के बाद वह इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री और बिजली मंत्री से चर्चा करेंगे, ताकि क्षेत्र में किसानों को पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकें।

    उन्होंने किसानों को बेहतर खेती की तकनीक सिखाने की बात भी कही। शिवराज ने बताया कि किसानों के एक समूह को प्रशिक्षण के लिए भुवनेश्वर भेजा गया है। उनके आने-जाने, रहने और भोजन की व्यवस्था की जा रही है, ताकि किसान अतिरिक्त खर्च की चिंता किए बिना नई तकनीक और खेती के बेहतर तरीकों को सीख सकें।

  • राहुल गांधी-खड़गे से मुलाकात नहीं करेंगे CJI सूर्यकांत, SIR और वोट चोरी के मुद्दे पर विपक्ष का मार्च आज

    राहुल गांधी-खड़गे से मुलाकात नहीं करेंगे CJI सूर्यकांत, SIR और वोट चोरी के मुद्दे पर विपक्ष का मार्च आज

    नई दिल्ली
     भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने 'वोट चोरी' के आरोपों पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मिलने से इनकार कर दिया. और कहा है कि इसी तरह के मामले सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं, सूत्रों ने रविवार को बताया। लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के नेता (LoPs) राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने सीजेआई को लेटर लिखकर सोमवार को शाम 4 से 5 बजे के बीच उनसे मिलने का समय मांगा था. इसमें उन्होंने 'वोट चोरी' खत्म करने, चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को रोकने और पेपर बैलेट फॉर्मेट पर वापस जाने की मांग करते हुए एक मेमोरेंडम सौंपा था। 

    विपक्षी पार्टियों ने अपनी मांगों को लेकर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक विरोध मार्च निकालने का ऐलान किया है. कांग्रेस ने इसे 'चलो दिल्ली- डेमोक्रेसी के लिए मार्च' नाम दिया है. इसके लिए नेता दोपहर 1.30 बजे कनॉट प्लेस-बाराखंभा रोड जंक्शन पर इकट्ठा होंगे। 

    सूत्रों ने बताया कि राहुल गांधी की मीटिंग की रिक्वेस्ट के जवाब में सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि एडमिनिस्ट्रेटिव साइड पर कोई ऑर्डर पास नहीं किया जा सकता, और कांग्रेस लीडर से ज्यूडिशियल साइड पर एक पिटीशन फाइल करने को कहा, जिस पर मंगलवार को सुनवाई हो सकती है। 

    उन्होंने आगे कहा कि सीजेआई ने कहा कि अगर किसी नागरिक के फंडामेंटल राइट्स का उल्लंघन होता है, तो सुप्रीम कोर्ट उसके लिए 24×7 खुला है. सूत्रों ने बताया कि उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट एडमिनिस्ट्रेटिव साइड पर शासन के कामों में दखल नहीं दे सकता। 

    इससे पहले राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा था कि पार्टियों, जेंडर, जाति, कम्युनिटी और स्टेट से ऊपर उठकर एकजुट होकर हम भारतीय सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालेंगे. सोमवार को देश के युवा शांति से प्रोटेस्ट करने के लिए दिल्ली में निकले. वे अपने दिलों में प्यार लेकर आए थे, नफरत या गुस्सा लेकर नहीं. उन्हें पुलिस और बीजेपी के गुंडों, दोनों ने पीटा. यह वह भारत नहीं है जो हम चाहते हैं। 

    गांधी ने पोस्ट में कहा, 'हम भारतीय पार्टी, जेंडर, जाति, समुदाय और राज्य से ऊपर उठकर एक होकर सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेंगे. युवा, सभी विपक्षी पार्टियां, सिविल सोसाइटी ग्रुप और वे सभी लोग जो डेमोक्रेसी में विश्वास करते हैं और भारत के संविधान के साथ खड़े हैं, हमारे साथ चलेंगे। 

    विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A. के अलग-अलग विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने शुक्रवार को पार्लियामेंट से विजय चौक तक मार्च किया और बाद में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक ज्ञापन सौंपा. वहीं, बेंगलुरु में खड़गे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने पूरे देश में 'अराजकता पैदा कर दी है', और शनिवार को विरोध प्रदर्शनों के दौरान भारी पुलिस तैनाती और हिरासत में लेना, युवाओं के आंदोलन से सरकार के 'डर' को दिखाता है। 

    खड़गे ने कहा, 'हमने (CJI से) शाम 4 से 5 बजे के बीच का समय मांगा है. हम उन्हें बता देंगे, क्योंकि हम मांग नहीं कर सकते. हम उनसे हाथ जोड़कर ही रिक्वेस्ट कर सकते हैं.' खड़गे ने कहा, 'गृह मंत्री और प्रधानमंत्री देश में अराजकता फैला रहे हैं. अघोषित इमरजेंसी लगा दी गई है। 

  • 16 अक्टूबर से इन 3 राशियों को मिल सकते हैं तरक्की के मौके, नौकरी और कारोबार में लाभ के योग

    16 अक्टूबर से इन 3 राशियों को मिल सकते हैं तरक्की के मौके, नौकरी और कारोबार में लाभ के योग

     ग्रहों की चाल और उनकी स्थिति को महत्वपूर्ण माना जाता है. मान्यता है कि इनका प्रभाव लोगों के करियर, आर्थिक स्थिति और निजी जीवन पर भी पड़ सकता है. इस समय कर्मफल दाता शनि मीन राशि में वक्री हैं, जबकि मंगल कर्क राशि में गोचर कर रहे हैं. ऐसे में अक्टूबर के मध्य में इन दोनों ग्रहों की स्थिति से नवपंचम योग बनने जा रहा है. इस योग के निर्माण से कुछ राशियों के लोगों को नौकरी और कारोबार में तरक्की के नए अवसर मिल सकते हैं. साथ ही, आर्थिक स्थिति में सुधार होने की भी संभावना है. तो आइए जानते हैं मंगल-शनि के संयोग से बना नवपंचम योग किन राशियों के लिए शुभ माना जा रहा है.

    कब बनेगा मंगल-शनि का नवपंचम योग?
    वैदिक पंचांग के अनुसार, 16 अक्टूबर को दोपहर 1 बजकर 58 मिनट पर मंगल और शनि के बीच 120 डिग्री का कोण बनेगा. ग्रहों की इस स्थिति को नवपंचम योग कहा जाता है. बता दें कि इस समय मंगल अपनी नीच राशि कर्क राशि में हैं. हालांकि, इस राशि में देवगुरु बृहस्पति के साथ उनकी युति के कारण नीचभंग योग का निर्माण हो रहा है.

    कर्क राशि (Cancer)
    कर्क राशि वालों के लिए मंगल और शनि की यह स्थिति करियर और धन के मामले में अच्छी रह सकती है. नौकरी में सफलता मिलेगी. काम ज्यादा मिल सकता है . नई जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं. मेहनत से आगे बढ़ने के नए मौके मिल सकते हैं.

    कारोबार करने वालों को किसी पुराने काम से फायदा हो सकता है. लंबे समय से अटका पैसा भी वापस मिलने की उम्मीद है. परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा. मन खुश रहेगा.

    कन्या राशि (Virgo)
    कन्या राशि वालों के लिए नवपंचम योग कई मामलों में शुभ रह सकता है. आपकी चंद्र राशि से मंगल ग्यारहवें भाव में और वक्री शनि सातवें भाव में हैं. ऐसे में इस दौरान कमाई के नए रास्ते खुल सकते हैं. नए संपर्क भविष्य में काम आ सकते हैं. समाज में आपकी छवि बेहतर हो सकती है.

    नौकरी करने वालों को तरक्की के नए मौके मिल सकते हैं. लंबे समय से की जा रही मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने की उम्मीद है. कारोबारियों के लिए समय लकी साबित होगा. नए ग्राहक मिल सकते हैं. व्यापारिक संबंध मजबूत होगा. इससे भविष्य में लाभ मिलने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं.

    कुंभ राशि (Aquarius)
    कुंभ राशि वालों के लिए यह समय अच्छा रह सकता है. शनि आपकी राशि से दूसरे भाव में और मंगल छठे भाव में स्थित हैं. ऐसे में इस राशि के जातकों को कारोबार में लाभ मिलने के योग बन सकते हैं. नए लोगों से जान-पहचान बढ़ेगी, जिनसे भविष्य में नौकरी या बिजनेस में फायदा मिल सकता है.

    नौकरी करने वालों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं. कार्यस्थल पर कुछ चुनौतियां आएंगी, लेकिन मेहनत और सूझबूझ से आप अपनी स्थिति मजबूत कर सकते हैं. प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में भी फायदा मिलने के योग बन सकते हैं.

  • छत्तीसगढ़ में बिजली संकट रोकने की तैयारी तेज, बढ़ती मांग के बीच 6300 मेगावाट बिजली उपलब्ध कराने पर जोर

    छत्तीसगढ़ में बिजली संकट रोकने की तैयारी तेज, बढ़ती मांग के बीच 6300 मेगावाट बिजली उपलब्ध कराने पर जोर

    बढ़ी मांग के बीच छत्तीसगढ़ में बिजली आपूर्ति सुचारू रखने, 6300 मेगावाट तक उपलब्धता सुनिश्चित

    – रविवार शाम को बिजली की मांग 6300 मेगावाट पहुंची, पीक आवर्स में एक्सचेंज से खरीदी जा रही अतिरिक्त बिजली

    रायपुर, 
    देशभर में बिजली की बढ़ती मांग के बीच छत्तीसगढ़ में उपभोक्ताओं की आवश्यकता के अनुरूप बिजली की उपलब्धता बनाए रखने के लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। पीक आवर्स में प्रदेश में बिजली की मांग बढ़कर करीब 6300 मेगावाट तक पहुँच गई है, जिसकी आपूर्ति सुनिश्चित की गई।  उमस भरे मौसम, कृषि पंपों के बढ़ते संचालन और एयर कंडीशनर सहित अन्य विद्युत उपकरणों के अधिक उपयोग से प्रदेश में बिजली की खपत बढ़ी है।

    छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक भीम सिंह कंवर ने बताया कि प्रदेश में सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं को निरंतर और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक व्यवस्था की जा रही है। मांग में वृद्धि का आकलन करते हुए बिजली की अतिरिक्त व्यवस्था की जा रही है। 

     आवश्यकता पड़ने पर पावर एक्सचेंज से 10 रुपये प्रति यूनिट तक की दर पर भी बिजली खरीदी जा रही है, ताकि पीक आवर्स में आपूर्ति बनाए रखी जा सके।

    उन्होंने बताया कि वर्तमान में पूरे देश में अधिक दरों पर भी बिजली उपलब्ध नहीं हो पा रही है। 
     पिछले सप्ताह उत्तर प्रदेश से 200 मेगावाट बिजली प्राप्त की गई थी। वर्तमान में भी मांग और उपलब्धता की स्थिति का आकलन करते हुए पावर एक्सचेंज से अतिरिक्त बिजली खरीदी जा रही है। इसकी मात्रा मांग के अनुसार करीब 100 से 700 मेगावाट तक रहती है। हाल के दिनों में हरियाणा में बारिश के कारण वहां उपलब्ध अतिरिक्त बिजली का लाभ भी एक्सचेंज के माध्यम से छत्तीसगढ़ को मिला है।

    देशभर में बिजली की मांग बढ़ने से अतिरिक्त बिजली की उपलब्धता पर दबाव बना हुआ है। विभिन्न राज्य अपनी आवश्यकता के अनुसार पावर एक्सचेंज के माध्यम से बिजली खरीदने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन एक साथ बढ़ी मांग के कारण अतिरिक्त बिजली की उपलब्धता सीमित है। पंजाब, गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और कर्नाटक सहित कई राज्यों में बिजली की उपलब्धता को लेकर दबाव की स्थिति बताई जा रही है। ऐसे में उपलब्ध बिजली का समुचित प्रबंधन और समयानुसार अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था महत्वपूर्ण हो गई है।

    छत्तीसगढ़ में धान की सिंचाई के लिए बड़ी संख्या में कृषि पंपों का संचालन हो रहा है। इसके साथ उमस भरे मौसम के कारण घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कूलिंग उपकरणों का उपयोग बढ़ने से बिजली की मांग अधिक बनी हुई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में भी उमस भरा मौसम बने रहने की संभावना है। मौसम में ठंडक आने के बाद बिजली की खपत में कमी आने की उम्मीद है।

    कंवर ने कहा कि बिजली की मांग और उपलब्धता की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रदेश में उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने के साथ आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था की जा रही है। विद्युत ग्रिड की सुरक्षा और संतुलन बनाए रखते हुए कृषि, घरेलू, वाणिज्यिक तथा औद्योगिक उपभोक्ताओं को विश्वसनीय बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराना कंपनी की प्राथमिकता है।

     

  • Bathinda News: पार्क अस्पताल में ED की रेड से मचा हड़कंप, वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही टीम

    Bathinda News: पार्क अस्पताल में ED की रेड से मचा हड़कंप, वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही टीम

     पटियला / बठिंडा

    पंजाब में सोमवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने पार्क अस्पताल की सभी ब्रांचों पर एक साथ रेड की। पटियला और बठिंडा में टीम सुबह करीब 9 बजे स्थानीय पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंची और जांच शुरू की। कार्रवाई के दौरान अस्पताल के प्रशासनिक कार्यालयों और दस्तावेजों की जांच की गई। अस्पताल प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों से भी पूछताछ की गई। हालांकि, ED ने अभी तक छापेमारी के कारण और इससे जुड़े मामले को लेकर आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।

    वित्तीय रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच
    जांच के दौरान अस्पताल के वित्तीय लेन-देन, कर भुगतान और सरकारी योजनाओं के तहत किए गए दावों से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। टीम कंप्यूटर, सर्वर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में मौजूद डिजिटल डेटा की जांच कर रही है। इसके अलावा, बिलिंग रिकॉर्ड, बैंक खातों के विवरण और अन्य दस्तावेज भी जांच के दायरे में हैं।

    सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई वित्तीय अनियमितताओं या नियमों के उल्लंघन से जुड़ी शिकायतों के आधार पर की जा सकती है। हालांकि, ED की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई है। फिलहाल यह भी स्पष्ट नहीं है कि छापेमारी किस मामले या प्राथमिकी (FIR) के तहत की जा रही है।

  • पंजाब में बारिश से धान खरीद व्यवस्था पर असर, खेतों में पानी और मंडियों में अनाज के ढेर से किसान परेशान

    पंजाब में बारिश से धान खरीद व्यवस्था पर असर, खेतों में पानी और मंडियों में अनाज के ढेर से किसान परेशान

    चंडीगढ़ 
    पंजाब में बारिश ने धान की फसल पर दोहरी मार की है। खेतों में खड़ी फसल तेज हवा और पानी से प्रभावित हुई है तो मंडियों में बिकने के इंतजार में पड़ा धान भीगकर खराब होने के खतरे में है। कहीं मंडियों में तीन फीट तक पानी भर गया तो कहीं खुले में रखी धान की बोरियां पानी में डूब गईं। 

    खेतों में जलभराव के कारण कंबाइन से कटाई नहीं हो पा रही। दूसरी ओर, उठान की धीमी रफ्तार ने किसानों और आढ़तियों की चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश की मंडियों में करीब 15 लाख मीट्रिक टन धान उठान के इंतजार में बताया जा रहा है। किसानों ने प्रभावित क्षेत्रों में गिरदावरी करवाकर मुआवजा देने की मांग की है।

    मंडियों में भीगा धान, उठान की रफ्तार धीमी
    बारिश के बीच मंडियों में धान की आवक जारी है, लेकिन उठान उस गति से नहीं हो रहा, जितनी जरूरत है। खुले में रखी बोरियों को तिरपाल से ढकने के बावजूद कई जगह पानी धान तक पहुंच गया। मंडियों में पर्याप्त ढके हुए स्थान और जलनिकासी की कमी ने परेशानी बढ़ा दी है। धान में नमी बढ़ने से खरीद के निर्धारित 17 प्रतिशत मानक को लेकर भी किसानों की चिंता बढ़ गई है।

    एक दिन में मंडियों में तीन लाख मीट्रिक टन से अधिक धान पहुंचा, जबकि उठान दो लाख मीट्रिक टन से कम रहा। इससे मंडियों में धान का ढेर बढ़ता जा रहा है। राज्य सरकार केंद्र से उठान तेज करने की मांग कर रही है। पिछले साल का करीब 10 लाख मीट्रिक टन धान और गेहूं भी उठान के इंतजार में बताया जा रहा है। ऐसे में नई फसल के लिए मंडियों में जगह की कमी का संकट गहराने लगा है।

     

  • राजा वड़िंग ने चन्नी को बताया रणनीतिकार, पायलट-परगट के समर्थकों से बातचीत के बाद दिए बयान ने बढ़ाई राजनीतिक चर्चा

    राजा वड़िंग ने चन्नी को बताया रणनीतिकार, पायलट-परगट के समर्थकों से बातचीत के बाद दिए बयान ने बढ़ाई राजनीतिक चर्चा

    चंडीगढ़ 

    पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने वाले अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने रविवार को एक बयान में कहा कि भले ही पार्टी हाईकमान या पंजाब प्रभारी सचिन पायलट उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट न दें, लेकिन वह राहुल गांधी के एक वफादार सिपाही के रूप में कांग्रेस का झंडा हमेशा बुलंद रखेंगे। रविवार को चंडीगढ़ स्थित कांग्रेस भवन में नए प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह के पदभार ग्रहण समारोह के दौरान वडिंग के इन बयानों ने राजनीतिक गलियारों में खासी चर्चा बटोरी है।
    शक्त्ति प्रदर्शन और खुलकर सामने आई आंतरिक कलह
    पदभार ग्रहण समारोह से पहले राजा वडिंग ने पार्टी मुख्यालय के पास एक किराए के मकान में अपने समर्थकों और कई वरिष्ठ नेताओं (ब्रह्म मोहिंद्रा, राणा केपी सिंह, सुरिंदर डावर, अनिल जोशी, सिमरजीत सिंह बैंस, हरदयाल कंबोज और मालविका सूद) के साथ एक बैठक की, जिसे उनके शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा गया।

    'नहीं करुंगा किसी का विरोध'
    वडिंग ने स्वीकार किया कि जब वे पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष थे, तब पार्टी के कई लोगों ने उनका विरोध किया था और हो सकता है कि आगे भी करें, लेकिन वे किसी का विरोध नहीं करेंगे। परगट सिंह को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी हाईकमान का हर फैसला उन्हें स्वीकार है और वे नए अध्यक्ष के साथ पूरी मजबूती से खड़े रहेंगे।

    सचिन पायलट और टिकट को लेकर बड़ा बयान
    समारोह के दौरान सचिन पायलट की मौजूदगी में वडिंग ने तंज कसते हुए कहा कि पायलट साहब अगली बार मेरा टिकट भी काट सकते हैं, लेकिन मैं राहुल गांधी का सिपाही बना रहूंगा और हमेशा कांग्रेस के साथ रहूंगा।

    गौरतलब है कि पिछले महीने पंजाब में नेतृत्व परिवर्तन के बाद कांग्रेस हाईकमान ने पूर्व हॉकी कप्तान और विधायक परगट सिंह को नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया था। इस बदलाव से पहले पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी कलह और चरणजीत सिंह चन्नी समेत कई वरिष्ठ नेताओं का विरोध खुलकर सामने आया था।

    दोनों गुटों के एक दूसरे को दिए गए अहम मैसेज, जानिए…
    राजा वड़िंग का पावर शो: राजा वड़िंग ने अपने समर्थक नेताओं को ताजपोशी समारोह से पहले अपने पास बुलाया। करीब दो घंटे तक राजा वड़िंग ने उनके साथ बैठक की और उन्हें कहा कि वो डटकर कांग्रेस पार्टी के लिए काम करें। वो उनके लिए राहुल गांधी से बात करके आए हैं। राहुल गांधी से क्या बात हुई इसका खुलासा वो ताजपोशी समारोह के मंच से करेंगे। ताजपोशी समारोह से पहले राजा वड़िंग ने अपने समर्थक नेताओं को बुलाकर पावर शो किया और सचिन पायलट समेत विरोधी गुट को साफ कह दिया कि आज भी नेताओं का बड़ा गुट उनके साथ है और वो पार्टी में उनकी अनदेखी होने नहीं देंगे।

    सचिन पायलट समेत चन्नी को दिखाया आयना: राजा वड़िंग ने ताजपोशी समारोह में सचिन पायलट, चरणजीत सिंह चन्नी व प्रधान परगट सिंह को स्पष्ट मैसेज दे दिया कि ये सब मिलकर भी उनका और उनके समर्थकों का कुछ नहीं बिगाड़ सकते। राजा वड़िंग ने सचिन पायलट के सामने साफ कह दिया कि उनके नेता सिर्फ राहुल गांधी हैं और अपने समर्थकों की बात वो राहुल गांधी से करके आए हैं। वड़िंग ने ऐसा कहकर प्रधान, प्रभारी व अन्य नेताओं को साफ कर दिया कि उनके समर्थकों की अनदेखी करना उनके लिए आसान नहीं होगा।

    चन्नी गुट से खुद को अलग दिखाया: राजा वड़िंग के लिए ताजपोशी समारोह में मंच पर कुर्सी लगी थी। राजा वड़िंग जब मंच पर आए तो उन्होंने सिर्फ परगट सिंह व सचिन पायलट से हाथ मिलाया। ऐसा उन्होंने प्रोटोकॉल के तहत किया। इसके अलावा सुखजिंदर सिंह रंधावा, चरणजीत सिंह चन्नी, विजय इंदर सिंगला समेत कई बड़े नेता मंच पर थे लेकिन राजा वड़िंग ने उनके साथ हाथ तक नहीं मिलाया औार उसके बाद मंच पर लगी कुर्सी पर नहीं बैठे। वो वहां से नीचे उतर कर कार्यकर्ताओं के साथ बैठ गए। अमृतसर से सांसद गुरजीत औजला उन्हें मनाने गए लेकिन वो मंच पर चन्नी, सचिन पायलट व अन्य नेताओं के साथ बैठने को राजी नहीं हुए। ऐसा करके उन्होंने अपने समर्थकों को मैसेज दिया कि जो लोग उनके साथ मंच पर नहीं बैठना चाहते थे अब वो भी उनके साथ मंच पर नहीं बैठेंगे।

    परगट ने वड़िंग को खिलाड़ियों की सूची से बाहर रखा: परगट सिंह हॉकी कैप्टन के अंदाज में अपनी टीम के बारे में बता रहे थे तो उन्होंने सुखपाल खैहरा का नाम लेकर अपनी टीम के खिलाड़ियों की खूबियां बतानी शुरू की। परगट सिंह ने सुखजिंदर सिंह रंधावा, प्रताप सिंह बाजवा, राणा केपी समेत अन्य नेताओं के नाम लिए। इसी बीच उन्होंने चरणजीत सिंह चन्नी को टीम का ऐसा खिलाड़ी बताया जो कि रणनीति बनाकर जीत हासिल करता है। अपनी इस टीम में उन्होंने राजा वड़िंग का कहीं नाम नहीं लिया, जिससे साफ है कि परगट सिंह राजा वड़िंग को अपनी टीम से दूर ही रखना चाहते हैं।

    चन्नी ने खुद को दिखाया पावरफुल: चरणजीत सिंह चन्नी ने अपने भाषण के दौरान राजा वड़िंग का नाम ही नहीं लिया। ऐसा चन्नी ने चंडीगढ़ में धरने के दौरान भी किया था। इस पर राजा वड़िंग ने अपने भाषण में जब चन्नी का नाम लिया तो यहां तक कहा कि कोई मेरा नाम ले या न ले मैं सब का नाम लूंगा। चन्नी ने वड़िंग का नाम न लेकर उन्हें यह मैसेज दिया कि उनकी वड़िंग से दूरी अब भी बरकरार है। कंपेनिंग कमेटी का चेयरमैन नियुक्त होने के बाद पहली बार चन्नी ने हाईकमान का धन्यवाद किया। चन्नी ने अब खुद को कंपेनिंग कमेटी का चेयरमैन मान लिया है।

    युवाओं को टिकट देने की मांग
    राहुल गांधी के साथ अपनी हालिया मुलाकात का जिक्र करते हुए राजा वडिंग ने कहा कि उन्होंने शीर्ष नेतृत्व से आग्रह किया है कि आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी की लड़ाई लड़ने वाले युवाओं को 50 प्रतिशत से अधिक टिकट दिए जाएं। वडिंग ने स्पष्ट किया कि उनका एकमात्र उद्देश्य पंजाब में अगली कांग्रेस सरकार का गठन करना है और इसके लिए वे पूरी निष्ठा से काम करते रहेंगे।

     

  • भरतपुर में 70-80 लोगों की भीड़ के हमले का आरोप, दो साल पुराने खनन विवाद की जांच में जुटी पुलिस

    भरतपुर में 70-80 लोगों की भीड़ के हमले का आरोप, दो साल पुराने खनन विवाद की जांच में जुटी पुलिस

     भरतपुर
    राजस्थान के भरतपुर जिले के वैर थाना क्षेत्र में पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की मौत की यह पूरी कहानी महज़ एक अचानक हुआ हादसा नहीं है, बल्कि यह माइनिंग, स्थानीय रसूख और ग्रामीणों के बीच लंबे समय से सुलग रहे गंभीर आक्रोश की एक बड़ी और डरावनी कहानी है। पूर्वी राजस्थान के इस चर्चित राजनीतिक घटनाक्रम ने पूरे प्रशासनिक अमले और राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। आखिर किन परिस्थितियों में एक पूर्व विधायक को अपनी जान गंवानी पड़ी और इस खूनी संघर्ष के पीछे की असली वजह क्या थी, इसकी पूरी परतें अब धीरे-धीरे सामने आ रही हैं।

    इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने वाले कौन थे और यह विवाद इतना कब और कैसे बढ़ा, इसे लेकर स्थानीय स्तर पर कई बड़े खुलासे हुए हैं। पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर इस पूरे मामले की गहनता से छानबीन की जा रही है ताकि यह साफ हो सके कि इस हिंसक झड़प के पीछे असल साजिश किसकी थी?

    किसने किया हमला? 70 से 80 लोगों की उग्र भीड़ का धावा!
    इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत 11 अक्टूबर 2026 की शाम को हुई, जब भरतपुर के वैर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले भौंडा और रायपुर गांव के करीब 70 से 80 स्थानीय ग्रामीण और अज्ञात लोग लाठी-डंडों, पत्थरों और घातक हथियारों से लैस होकर क्रेशर प्लांट पर अचानक आ धमके। क्रेशर से सटी पहाड़ी पर जब मशीनों के जरिए खनन का काम चल रहा था, तब पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना वहीं मौजूद थे।

    उग्र भीड़ ने वहां पहुंचते ही सीधा हमला बोल दिया और पूर्व विधायक तथा उनके निजी सुरक्षाकर्मी (बॉडीगार्ड) गगन शर्मा को बुरी तरह घेरकर ताबड़तोड़ मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान पूर्व विधायक की पत्नी कमलेश भड़ाना ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि इस हिंसक हमले के बीच भीड़ की तरफ से फायरिंग भी की गई, जिसमें अतर सिंह भड़ाना को गोली लगी। हालांकि, स्थानीय पुलिस ने शुरुआती जांच के बाद गोली लगने की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की है और इसे मेडिकल रिपोर्ट तथा जांच का विषय बताया है

    क्यों हुआ यह खूनी संघर्ष? क्या है 2 साल पुराना माइनिंग विवाद?
    इस पूरे खूनी संघर्ष की मुख्य जड़ माइनिंग लीज (खनन पट्टा) और क्रेशर प्लांट के संचालन का रास्ता है, जो पिछले काफी समय से विवादों में था। वैर थाना पुलिस के मुताबिक, यह कोई रातों-रात उपजा विवाद नहीं है, बल्कि भौंडा और रायपुर गांव के ग्रामीणों तथा क्रेशर संचालक (पूर्व विधायक के परिवार) के बीच पिछले करीब 2 वर्षों से तनाव का दौर चल रहा था।

    यह माइनिंग लीज पूर्व विधायक की पत्नी कमलेश भड़ाना के नाम पर आवंटित थी। स्थानीय ग्रामीणों का लंबे समय से यह आरोप था कि इस क्रेशर और माइनिंग गतिविधियों के कारण उनके पारंपरिक रास्ते बंद हो रहे हैं, पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है और गांवों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है।

    इसी मांग को लेकर ग्रामीण पिछले दो साल से लगातार धरने और विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। रविवार की शाम को जब प्लांट पर दोबारा खनन कार्य और मशीनें सुचारू की गईं, तो लंबे समय से सुलग रहा ग्रामीणों का गुस्सा अचानक ज्वालामुखी की तरह फूट पड़ा और मामूली कहासुनी कुछ ही मिनटों में हिंसक झड़प में बदल गई।

    पुलिस की भूमिका और इंटेलिजेंस फेलियर!
    इस पूरे घटनाक्रम के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली और भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। जब लगभग एक घंटे तक क्रेशर प्लांट और भौंडा गांव के बीच भारी बवाल और तनाव का माहौल बना रहा, तब सूचना मिलने के बाद वैर थाना पुलिस मौके पर पहुंची।

    पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए घायल पूर्व विधायक और उनके सुरक्षाकर्मी को संभालकर वैर के उपजिला अस्पताल पहुंचाया, जहां से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें तुरंत जयपुर रेफर किया गया था।

    लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि चूंकि यह माइनिंग विवाद पिछले दो वर्षों से चल रहा था और ग्रामीण लगातार धरने पर बैठे थे, तो स्थानीय खुफिया तंत्र (इंटेलिजेंस) और पुलिस को इस बात का अंदेशा क्यों नहीं हुआ कि यहां कभी भी बड़ा टकराव हो सकता है? रविवार को जब विवादित प्लांट पर काम शुरू हुआ, तब वहां पुलिस बल की मौजूदगी का न होना प्रशासनिक ढिलाई को साफ तौर पर दर्शाता है।

    भारी पुलिस बल तैनात और ताबड़तोड़ दबिश
    पूर्व विधायक की मौत की दुखद खबर जैसे ही भरतपुर संभाग और उनके गृह क्षेत्र में पहुंची, पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और भारी तनाव का माहौल बन गया। किसी भी तरह की जातीय, सामाजिक या राजनीतिक हिंसा को रोकने के लिए प्रशासन ने तुरंत कड़े कदम उठाए।

    भौंडा गांव, क्रेशर साइट और स्थानीय अस्पतालों के आसपास भारी संख्या में पुलिस जाब्ता और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भरतपुर मुख्यालय से अतिरिक्त त्वरित प्रतिक्रिया दल (QRT) और विशेष पुलिस फोर्स को वैर भेजा गया है। पुलिस अब घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज, वीडियो और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर हमलावर ग्रामीणों की पहचान करने में जुटी है तथा मुख्य आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

  • अमृतसर में लावारिस लिफाफे से निकली असॉल्ट राइफल, प्लॉट में हथियार मिलने से सुरक्षा व्यवस्था पर बढ़ी चिंता

    अमृतसर में लावारिस लिफाफे से निकली असॉल्ट राइफल, प्लॉट में हथियार मिलने से सुरक्षा व्यवस्था पर बढ़ी चिंता

    अमृतसर 

    में लुहारका रोड के पास एक प्लॉट से असॉल्ट राइफल बरामद की गई है। मिलिट्री इंटेलिजेंस अमृतसर के कर्मचारियों से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए हथियार बरामद किया। थाना कंबो में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।

    पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 11 अक्टूबर को एएसआई सरवन सिंह पुलिस के साथ इलाके में गश्त और संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश के संबंध में मीराकोट खुर्द में मौजूद थे। उनके पास मिलिट्री इंटेलिजेंस अमृतसर के कर्मचारी पहुंचे। उन्होंने सूचना दी कि लुहारका रोड पर कैम्ब्रिज स्कूल के पास स्थित प्लॉट में घातक हथियार या असलहा छिपाकर रखा हो सकता है।

    बताए गए स्थान पर तलाशी अभियान चलाया सूचना मिलने पर ASI सरवन सिंह ने पुलिस और मिलिट्री इंटेलिजेंस के कर्मचारियों के साथ बताए गए स्थान पर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान कैम्ब्रिज स्कूल के पास स्थित प्लॉट की जांच की गई। तलाशी के दौरान वहां से पीले रंग का एक लिफाफा बरामद हुआ।

    जांच करने पर असॉल्ट राइफल मिली लिफाफे की जांच करने पर उसके अंदर से एक असॉल्ट राइफल मिली। राइफल की बॉडी पर CAL 223 BORE S/A लिखा हुआ था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, बरामद राइफल के साथ मैगजीन और रॉड नहीं मिली। हथियार को कब्जे में लेकर उसकी वीडियोग्राफी भी की गई।

    उपलब्ध रिकॉर्ड में कोई जानकारी नहीं इस मामले में थाना कंबो में 11 अक्टूबर 2026 को भारतीय आर्म्स एक्ट की धारा 25(8), 54 और 59 के तहत केस दर्ज किया गया है। मामले में अज्ञात आरोपी का उल्लेख किया गया है। फिलहाल, हथियार किसने और किस मकसद से प्लॉट में छिपाकर रखा था, इस संबंध में उपलब्ध रिकॉर्ड में कोई जानकारी नहीं दी गई है।

     

  • अमृतसर एयरपोर्ट पर फिर ड्रोन से सुरक्षा चिंता, 3 उड़ानें डायवर्ट; सितंबर में भी 7 फ्लाइट हुई थीं प्रभावित

    अमृतसर एयरपोर्ट पर फिर ड्रोन से सुरक्षा चिंता, 3 उड़ानें डायवर्ट; सितंबर में भी 7 फ्लाइट हुई थीं प्रभावित

    अमृतसर
    अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के आसपास संदिग्ध ड्रोन गतिविधि सामने आने के बाद रविवार रात सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं। एयरपोर्ट परिसर और आसपास के आसमान में दो से तीन ड्रोन उड़ते देखे जाने के बाद सुरक्षा के मद्देनजर रनवे का संचालन रोक दिया गया। इसके चलते अमृतसर आने वाली तीन उड़ानों को डायवर्ट करना पड़ा। अचानक उड़ानों का मार्ग बदलने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

    जानकारी के अनुसार, रात करीब 9:30 बजे एयरपोर्ट पर तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवानों ने परिसर और आसपास के आसमान में संदिग्ध ड्रोन उड़ते देखे। जवानों ने तुरंत इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई और एहतियातन हवाई अड्डे पर उड़ानों का संचालन रोक दिया गया।

    तीन उड़ानों को किया गया डायवर्ट 
    ड्रोन गतिविधि के कारण दिल्ली से अमृतसर आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट एआई-855 को वापस दिल्ली भेज दिया गया। मुंबई से अमृतसर आ रही इंडिगो की फ्लाइट 6ई-5028 को चंडीगढ़ और कुआलालंपुर से आ रही मलेशिया एयरलाइंस की फ्लाइट एमएच-118 को दिल्ली डायवर्ट किया गया।

    उड़ानों का मार्ग बदले जाने से कई यात्री एयरपोर्ट पर फंस गए। अचानक टिकट रद्द होने और उड़ानों के प्रभावित होने से यात्रियों में नाराजगी देखने को मिली। कुछ यात्रियों ने अधिकारियों से जानकारी मांगी, लेकिन शुरुआत में उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं मिल पाया। हालांकि, रात करीब 10:30 बजे के बाद स्थिति सामान्य होने लगी।

    सितंबर में भी सामने आई थी ड्रोन गतिविधि
    अमृतसर एयरपोर्ट के आसपास ड्रोन गतिविधि का मामला पहले भी सामने आ चुका है। छह सितंबर की रात करीब 9:40 से 9:50 बजे के बीच रनवे और ऑपरेशनल एरिया के पास आसमान में संदिग्ध ड्रोन उड़ते देखे गए थे। उस समय सुरक्षा कारणों से एयरपोर्ट का संचालन करीब 90 मिनट तक रोकना पड़ा था। इसके चलते अमृतसर आने वाली सात व्यावसायिक उड़ानों का मार्ग बदलकर उन्हें दिल्ली और चंडीगढ़ भेजा गया था। 

    रात 9:30 बजे दिखे संदिग्ध ड्रोन
    जानकारी के अनुसार, रविवार रात करीब 9:30 बजे एयरपोर्ट पर तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवानों ने परिसर और उसके आसपास आसमान में दो से तीन ड्रोन को उड़ते देखा। जवानों ने तुरंत इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई।

    सितंबर में भी प्रभावित हुई थीं 7 उड़ानें
    इससे पहले सितंबर में भी एयरपोर्ट के पास ड्रोन गतिविधि सामने आई थी। उस समय भी 7 उड़ानें प्रभावित हुई थीं। 6 सितंबर को रात करीब 9:40 से 9:50 बजे के बीच, एयरपोर्ट के रनवे और ऑपरेशनल एरिया के पास आसमान में कुछ संदिग्ध ड्रोन उड़ते देखे थे।

    इसके बाद सुरक्षा के लिहाज से एयरपोर्ट प्रशासन ने करीब डेढ़ घंटे (90 मिनट) तक हवाई अड्डे का संचालन पूरी तरह से रोक दिया था। इस दौरान अमृतसर आने वाली 7 कमर्शियल उड़ानों (जिसमें मलेशिया एयरलाइंस, एयर इंडिया, और इंडिगो की उड़ानें शामिल थीं) का मार्ग बदलकर उन्हें दिल्ली और चंडीगढ़ भेजा गया था।

    बााद में पंजाब पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की शुरुआती जांच में सामने आया कि ये कोई सुरक्षा चूक या जासूसी ड्रोन नहीं थे, बल्कि एयरपोर्ट के पास के एक गांव में चल रहे स्पोर्ट्स टूर्नामेंट (खेल प्रतियोगिता) के दौरान उड़ाए जा रहे ड्रोन थे।

    पंजाब-चंडीगढ़ में ये विमान दुर्घटनाएं हुईं
        एअर इंडिया का विमान PAK एयरस्पेस में घुसा: दो महीने पहले एअर इंडिया की एक फ्लाइट रात में रास्ता भटककर पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में जा घुसी। इसे पाकिस्तान की एयर ट्रैफिक अथॉरिटी ने चेतावनी देकर वापस भेजा। विमान ने दिल्ली से उड़ान भरी थी और इसे अमृतसर लैंड होना था। 

     एयर स्पेस से जब फ्लाइट लौटी तब तक अमृतसर एयरपोर्ट पर ट्रैफिक बढ़ गया था, ऐसे में इसे वापस दिल्ली भेज दिया गया। एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया है कि तकनीकी खराबी के कारण यह फ्लाइट रास्ता भटक गई थी।

        चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर इंडिगो फ्लाइट में धमाका और धुआं: 6 मई 2026 को हैदराबाद से चंडीगड़ एयरपोर्ट पर उतरी इंडिगो की फ्लाइट (6E 108) के रनवे पर लैंड करते ही केबिन के पिछले हिस्से में अचानक धुआं भर गया। जांच में पता चला कि एक यात्री के पावर बैंक में विस्फोट हुआ था। विमान में मची अफरातफरी और इमरजेंसी स्लाइडर से यात्रियों को बाहर निकालने के दौरान 5 से 6 यात्री घायल हो गए, जिनमें से एक महिला का पैर फ्रैक्चर हो गया।

        बठिंडा में सैन्य विमान दुर्घटना: बठिंडा जिले के अकलियां कलां गांव में 7 मई 2025 रात करीब 1:30 बजे एक सैन्य विमान दुर्घटनाग्रस्त होकर गेहूं के खेतों में गिर गया। विमान गिरने के बाद उसमें जोरदार धमाका हुआ और आग लग गई। इस हादसे में मलबे की चपेट में आने और आग बुझाने की कोशिश के दौरान 2 नागरिकों की मौत हो गई और 9 अन्य लोग घायल हो गए। पायलट सुरक्षित रूप से इजेक्ट करने में कामयाब रहा था।

        अपाचे हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग: 13 जून 2025 को भारतीय वायु सेना (IAF) के एक अपाचे लड़ाकू हेलीकॉप्टर को तकनीकी खराबी के कारण पठानकोट जिले के एक गांव के खुले खेतों में एहतियातन उतारना पड़ा। इस घटना में हेलीकॉप्टर और चालक दल दोनों पूरी तरह सुरक्षित रहे और कोई नुकसान नहीं हुआ।