Author: NewseDay

  • योगी सरकार का पेंशन बढ़ाने का प्लान, यूपी के 1.21 करोड़ लाभार्थियों को अब हर महीने मिल सकते हैं 500 रुपये अतिरिक्त

    योगी सरकार का पेंशन बढ़ाने का प्लान, यूपी के 1.21 करोड़ लाभार्थियों को अब हर महीने मिल सकते हैं 500 रुपये अतिरिक्त

     लखनऊ
    उत्तर प्रदेश में बुजुर्गों, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिए राहत भरी खबर है. योगी आदित्यनाथ सरकार इन तीनों श्रेणियों के लाभार्थियों की मासिक पेंशन बढ़ाकर 1,000 रुपये से 1,500 रुपये करने की तैयारी में है. प्रस्ताव को सैद्धांतिक सहमति मिल गई है. अगर इसे कैबिनेट की मंजूरी मिल जाती है, तो प्रदेश के 1.21 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को इसका फायदा मिल सकता है। 

    हर महीने मिलेंगे ₹500 ज्यादा
    प्रस्ताव के मुताबिक पेंशन की राशि में हर महीने 500 रुपये की बढ़ोतरी की जाएगी. इससे लाभार्थियों को सालाना 12,000 रुपये के बजाय 18,000 रुपये पेंशन मिल सकती है. यानी प्रत्येक लाभार्थी को एक साल में 6,000 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे. हालांकि, बढ़ी हुई पेंशन का लाभ मिलने के लिए प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिलना जरूरी है। 

    1.21 करोड़ से ज्यादा लोगों को फायदा
    इस प्रस्ताव के लागू होने पर प्रदेश की तीन प्रमुख पेंशन योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है. इनमें वृद्धावस्था पेंशन योजना के 67 लाख से अधिक, निराश्रित महिला पेंशन योजना के 42 लाख से अधिक और दिव्यांगजन पेंशन योजना के करीब 12 लाख लाभार्थी शामिल हैं. इस तरह पेंशन में बढ़ोतरी का लाभ 1.21 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच सकता है। 

    2017 के बाद बढ़ी थी पेंशन राशि
    प्रदेश में वर्ष 2017 के बाद इन पेंशन योजनाओं की राशि 500 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये प्रतिमाह की गई थी. अब इसे 1,500 रुपये करने की तैयारी है. प्रस्ताव को जल्द कैबिनेट के समक्ष रखा जा सकता है. इसके अलावा, दिसंबर में संभावित दूसरे अनुपूरक बजट में इस बढ़ोतरी के लिए धनराशि का प्रावधान किए जाने की तैयारी है। 

    कब से मिल सकती है बढ़ी हुई पेंशन?
    प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर चालू वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही से लाभार्थियों को बढ़ी हुई पेंशन मिलने की संभावना जताई गई है. हालांकि, इसकी अंतिम समयसीमा सरकारी मंजूरी और बजट प्रावधान पर निर्भर करेगी। 

    विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार की ओर से अलग-अलग वर्गों के लिए कई फैसले और घोषणाएं की जा रही हैं. इससे पहले रसोइयों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का मानदेय बढ़ाने का आदेश जारी किया गया था. वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अगले छह महीने में एक लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र देने की घोषणा भी की है। 

  • नेपाल में प्राकृतिक आपदा से मची अफरा-तफरी, 40 घर तबाह और 6 पुल क्षतिग्रस्त; 150 से अधिक विदेशी पर्यटक फंसे

    नेपाल में प्राकृतिक आपदा से मची अफरा-तफरी, 40 घर तबाह और 6 पुल क्षतिग्रस्त; 150 से अधिक विदेशी पर्यटक फंसे

     काठमांडू
     नेपाल के मनासलू ट्रेकिंग क्षेत्र में रविवार तड़के बूढ़ी गंडकी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ ने एक बार फिर तबाई मचाई हुई है। इस भयावह हादसे में करीब 40 घर, छह पुल और पनबिजली बुनियादी ढांचा बह गए, जबकि 10 लोग लापता बताए जा रहे हैं।

    वहीं ट्रेकिंग सीजन होने के चलते इस बाढ़ के कारण 150 से अधिक विदेशी पर्यटक रास्ते में फंस गए हैं। गनीमत यह रही कि समय रहते भेजे गए SMS अलर्ट के कारण कई स्थानीय लोग सुरक्षित ऊंचे इलाकों की ओर चले गए, जिससे बड़ा जान-माल का नुकसान होने से बच गया। फिलहाल राहत बचाव का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।

    सेना और राहत एजेंसियों ने अब तक 49 लोगों को सुरक्षित निकाला है। अधिकारियों ने लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने का आदेश दिया और निचले इलाकों वाले जिलों को अलर्ट जारी किया।

    रविवार सुबह 4 बजे बुढ़ी गंडक नदी में अचानक आए मलबे से लदे तेज सैलाब ने भारी तबाही मचाई है। अचानक आई बाढ़ के बाद आसपास की धाराओं से तेज आवाजें सुनते ही चुमलिंग और लोकपा जैसी बस्तियों के लोग तथा वहां ठहरे पर्यटक अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भाग खड़े हुए।

    150 से अधिक विदेशी पर्यटक फंसे
    मनासलू ट्रेकिंग क्षेत्र में 150 से अधिक विदेशी पर्यटक फंसे हुए हैं। अधिकारियों को आशंका है कि भूस्खलन के कारण किसी सहायक नदी का प्रवाह अस्थायी रूप से बाधित हो गया था, जिससे भारी मात्रा में पानी और मलबा जमा हो गया।

    बाद में रुकावट हटने पर पानी तीव्र वेग से नीचे की ओर बहा। हालांकि, प्रशासन अभी तक बाढ़ के सटीक कारणों का पता नहीं लगा पाया है। इस आपदा में उंगिलुंग नदी के पास रहने वाले पांच लोग- जिनमें दो महिलाएं और तीन पुरुष शामिल हैं और करीब चार से पांच चरवाहे अभी भी लापता हैं।

    बाढ़ के प्रकोप से लगभग 40 घर और एक प्राथमिक विद्यालय पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं, जबकि 20 से 22 अन्य मकानों पर भी ढहने का खतरा मंडरा रहा है। बाढ़ की वजह से छह पुल बह गए, जिससे दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों का संपर्क पूरी तरह कट गया है।

    जलविद्युत परियोजना भी प्रभावित
    सल्लेरी में निर्माणाधीन 341 मेगावाट की बूढ़ी गंडकी जलविद्युत परियोजना के निर्माण शिविर और उपकरणों को भी बाढ़ के पानी ने पूरी तरह तबाह कर दिया है। अरुघाट में बूढ़ी गंडकी नदी का जलस्तर 5 मीटर के खतरे के निशान को पार कर 8.4 मीटर तक पहुंच गया, जिसके बहाव में मॉनिटरिंग स्टेशन बह गया और जलस्तर का सटीक आंकड़ा जुटाने में बाधा आ रही है।

    प्रशासन ने जारी की चेतावनी
    प्रशासन ने धाडिंग, तनाहुन, चितवन और पूर्वी व पश्चिमी नवलपरासी जिलों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी जारी की है। साथ ही त्रिशूली और नारायणी नदियों के तटीय इलाकों में रहने वाले निवासियों को नदी के किनारों से दूर रहने की सख्त सलाह दी गई है।

     

  • Gold Rate Today: 12 अक्टूबर को सोना-चांदी सस्ता या महंगा? घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार के भाव में दिखा अंतर

    Gold Rate Today: 12 अक्टूबर को सोना-चांदी सस्ता या महंगा? घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार के भाव में दिखा अंतर

     नई दिल्ली
    सोने-चांदी (gold silver) के दाम में लगातार उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। ऐसे में आज यानी 12 अक्टूबर को सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भी घरेलू बाजार में सोने-चांदी के दाम गिरे हुए नजर आए। लेकिन इंटरनेशनल मार्केट में कीमतों में तेजी दर्ज की गई है। आइए आज के ताजा रेट्स पर एक नजर डालते हैं।

    इंटरनेशनल मार्केट में चढ़े दाम
    इंटरनेशनल मार्केट यानी Comex पर आज सोने और चांदी दोनों की कीमतों में तेजी आई है। खबर लिखे जाने तक Comex पर सोना 0य24% तक चढ़ गया (Gold Price on Comex) और कीमत 4,226.40 डॉलर प्रति औस पर पहुंच गई हैं। वहीं चांदी (Silver Price on Comex) के दाम 0.37% तक चढ़े और ऐसे में कीमत 61.275 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करती दिखी।

    घरेलू बाजार में गिरीं कीमतें
    बुलियन मार्केट यानी घरेलू बाजार में सोने-चांदी दोनों के दाम गिर गए। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोना गिरकर करीब ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड करता दिखा है। वहीं चांदी के भाव (Silver Price) भी गिरकर ₹2.25 लाख प्रति किलोग्राम के आसपास ट्रेड करता दिखा।

    MCX पर कहां ट्रेड कर रहा सोना?
    मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज की बात करें तो MCX पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना 800 रुपए गिरा और कीमत ₹1,50,706 (gold price today) प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करता नजर आया है। वहीं चांदी की बात करें तो यह 500 रुपए तक गिरी और कीमत ₹2,25,270 प्रति किलोग्राम (silver price today) पर पहुंच गई।

    खरीदने से पहले चेक करें रेट्स
    आज बाजार खुलते ही सोने और चांदी दोनों के दाम में गिरावट आई है। ऐसे में 24 कैरेट सोना (Gold Rates today) करीब ₹1,51,270 प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है, जबकि 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,39,077 प्रति 10 ग्राम के आसपास बना हुआ है। वहीं 18 कैरेट गोल्ड ₹1,13,790 प्रति 10 ग्राम के करीब ट्रेड कर रहा है। वहीं बुलियन मार्केट में चांदी का भाव लगभग ₹2,26,140 प्रति किलोग्राम के आसपास ट्रेड करता दिखा।

     

  • तरनतारन में ASI इकबाल सिंह की हत्या के बाद बढ़ी चिंता, पंजाब में पुलिस पर हमलों के पीछे एक जैसा तरीका चर्चा में

    तरनतारन में ASI इकबाल सिंह की हत्या के बाद बढ़ी चिंता, पंजाब में पुलिस पर हमलों के पीछे एक जैसा तरीका चर्चा में

    अमृतसर
    पंजाब में पुलिसकर्मियों पर टारगेटेड हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. रविवार, 11 अक्टूबर को तरनतारन के नौशेहरा पन्नुआं में पंजाब पुलिस की इंटेलिजेंस विंग में तैनात ASI इकबाल सिंह की हत्या कर दी गई. बाइक सवार हमलावरों ने इस वारदात को अंजाम दिया. माना जा रहा है कि हमलावर एक सफेद स्विफ्ट गाड़ी में सवार होकर फरार हो गए थे. इन हमलों में बाइक सवार हमलावर शामिल रहे हैं और ज्यादातर घटनाएं सीमावर्ती जिलों में हुई हैं। 

    इस साल पंजाब में पुलिसकर्मियों पर टारगेटेड हमले की यह पांचवीं घटना है. इन हमलों में अब तक पांच पुलिसकर्मियों की जान जा चुकी है, जबकि दो पुलिसकर्मी गोलीबारी की घटनाओं में बाल-बाल बचे. ज्यादातर हमले पंजाब के पंजाब के सीमावर्ती जिलों जैसे अमृतसर, तरनतारन और गुरदासपुर में हुए हैं. इन हमलों में बाइक सवार हमलावर रहे हैं।  

    2026 में कितनी घटनाएं हुई?
    फरवरी में गुरदासपुर स्थित डोरंगला इलाके के अधियान गांव में दो पुलिसकर्मियों ही हत्या कर दी गई थी. वहीं, मई में मजीठा के पास ASI जोहा सिंह की हत्या हुई. इसके बाद सितंबर में अमृतसर में ASI हरजीत सिंह की हत्या कर दी गई, जबकि राजासांसी इलाके में ASI जसवंत सिंह गोलीबारी के हमले में बाल-बाल बचे। 

    अक्टूबर की शुरुआत में ही अजनाला इलाके में ASI सुखचैन सिंह घायल हो गए थे. वहीं, 11 अक्टूबर को तरनतारन के नौशेहरा पन्नुआं में ASI इकबाल सिंह की हत्या हो गई थी. इस हत्या ने पंजाब में पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है. इस साल पंजाब में पुलिसकर्मियों पर कई टारगेटेड हमले हुए हैं। 

    मान सरकार पर विपक्ष हमलावर
    ASI इकबाल सिंह की हत्या को लेकर बीजेपी, कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों ने पंजाब की भगवंत मान सरकार पर सवाल उठाए हैं. दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने X पर पोस्ट करते हुए कहा कि तरनतारन में दिनदहाड़े ASI इकबाल सिंह की हत्या ने कानून-व्यवस्था को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार के दावों की पोल खोल दी है। 

    वहीं, पंजाब कांग्रेस के कद्दावर नेता अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी इसे लेकर भगवंत मान सरकार को घेरा है. उन्होंने सवाल किया है कि आखिर भगवंत मान सरकार कब जागेगी. उन्होंने भगवंत मान से इस मुद्दे पर जवाब मांगा है। 

  • अभिषेक शर्मा के 69 रन और अर्शदीप के 3 विकेट से जीता भारत, सीरीज में बनाई बढ़त

    अभिषेक शर्मा के 69 रन और अर्शदीप के 3 विकेट से जीता भारत, सीरीज में बनाई बढ़त

     नई दिल्ली
    भारत ने वेस्टइंडीज को पांच मैचों की टी20 सीरीज के तीसरे मुकाबले में 14 रनों से हराया. इसके साथ ही उसने सीरीज में 2-1 की बढ़त बना ली. रविवार (11 अक्टूबर) को इंदौर के होलकर स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने बड़ा स्कोर खड़ा किया, लेकिन जीत की असली कहानी गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन ने लिखी. मैच के बाद भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने गेंदबाजों की जमकर तारीफ की और बताया कि टीम दबाव के बावजूद जीत हासिल करने में कैसे कामयाब रही.

    श्रेयस अय्यर के मुताबिक गेंदबाजों को अपनी रणनीति पर पूरा भरोसा था. उन्होंने स्पष्ट सोच के साथ गेंदबाजी की और मैदान पर अपनी योजनाओं को अच्छी तरह लागू किया. श्रेयस ने कहा कि जब भी उन्होंने गेंद किसी खिलाड़ी को सौंपी, हर गेंदबाज चुनौती का सामना करने के लिए तैयार था. कप्तान के लिए यही सबसे अहम बात थी.

    मैच के बाद श्रेयस अय्यर ने कहा कि गेंदबाजों के आत्मविश्वास और उनकी रणनीति में स्पष्टता साफ दिखाई दे रही थी. उन्होंने दबाव के क्षणों में भी अपने प्लान पर अमल किया. श्रेयस ने माना कि ऐसे मैदान पर, जहां बड़े स्कोर बनते हैं, विरोधी टीम को रोकना आसान नहीं होता. इसके बावजूद भारतीय गेंदबाजों ने संयम बनाए रखा और टीम को जीत दिलाई.

    श्रेयस अय्यर ने कहा कि वेस्टइंडीज जैसी टीम को कभी हल्के में नहीं लिया जा सकता. इसलिए भारतीय खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रक्रिया पर टिके रहना, नियमित रणनीति का पालन करना और आक्रामक रवैया बनाए रखना जरूरी था. भारतीय कप्तान ने अभिषेक शर्मा और ईशान किशन की बल्लेबाजी की भी तारीफ की. अभिषेक ने 30 गेंदों पर 69 रनों बनाकर टीम को तेज शुरुआत दिलाई, जबकि ईशान किशन ने सिर्फ 18 गेंदों पर 37 रनों ठोक दिए. दोनों बल्लेबाजों ने भारतीय पारी को मजबूती दी और बड़े स्कोर की नींव रखी.

    वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने हार के बाद स्वीकार किया कि उनकी टीम गेंदबाजी में अधिक अनुशासित प्रदर्शन कर सकती थी. उन्होंने कहा कि क्रिकेट में कई बार छोटे-छोटे अंतर नतीजा तय करते हैं. भारतीय बल्लेबाजों की साझेदारी काफी खतरनाक थी, लेकिन विकेट मिलने के बाद वेस्टइंडीज ने मुकाबले में वापसी भी की.

    हार के बाद शाई होप का छलका दर्द
    शाई होप ने माना कि उनकी टीम कुछ मौकों पर चौके रोकने में नाकाम रही. उन्होंने यह भी कहा कि वेस्टइंडीज को एक मजबूत ओपनिंग साझेदारी की जरूरत है, ताकि बल्लेबाजी की शुरुआत में ही टीम को बेहतर आधार मिल सके. हालांकि, उन्होंने किसी एक या दो खिलाड़ियों को हार के लिए जिम्मेदार ठहराने से परहेज किया.

    शाई होप ने इंदौर में ओस के असर का जिक्र करते हुए कहा कि पारी के आखिरी हिस्से में गेंदबाजी करना चुनौतीपूर्ण हो गया था. गेंद की दिशा और स्विंग पर इसका प्रभाव महसूस हुआ. इसके बावजूद उन्होंने भारतीय गेंदबाजों की तारीफ की और कहा कि उन्होंने बेहतरीन यॉर्कर डालकर दबाव में गेंदबाजी करने का उदाहरण पेश किया.

    भारत ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 223 रन बनाए थे. लक्ष्य का पीछा करते हुए वेस्टइंडीज की टीम सात विकेट पर 209 रन ही बना सकी. फास्ट बॉलर अर्शदीप सिंह ने तीन विकेट लेकर अहम भूमिका निभाई, जबकि नमन धीर ने दो विकेट हासिल किए. अब दोनों टीमों के बीच सीरीज का चौथा मुकाबला बुधवार (14 अक्टूबर) को हैदराबाद में खेला जाएगा. भारतीय टीम की नजरें इस मुकाबले को जीतकर सीरीज में अजेय बढ़त हासिल करने पर होंगी.

  • जिबूती-यमन समुद्री मार्ग पर दर्दनाक हादसा, नाव पलटने से मचा कोहराम; बच्चों समेत 139 लोगों की गई जान

    जिबूती-यमन समुद्री मार्ग पर दर्दनाक हादसा, नाव पलटने से मचा कोहराम; बच्चों समेत 139 लोगों की गई जान

    सना

    जिबूती से यमन जा रही एक नाव के डूबने से कम से कम 139 माइग्रेंट्स की मौत हो गई है, जिनमें कम से कम 15 बच्चे शामिल हैं. संयुक्त राष्ट्र की संस्था इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (आईओएम) ने बताया कि 300 से ज्यादा माइग्रेंट्स को ले जा रही यह नाव जिबूती के ओबोक शहर के उत्तर में गुहेरे के पास 8-9 अक्टूबर की रात हादसे का शिकार हो गई. नाव पर 305 लोग सवार थे, जिनमें से लगभग 82 माइग्रेंट्स को रेस्क्यू कर लिया गया है, जबकि करीब 84 लोग अब भी लापता हैं। 

    जिबूती में आईओएम के मिशन प्रमुख एलेक्जेंड्रे कॉइसैक ने कहा, 'हमारी टीमें लोकल अथॉरिटीज के साथ मिलकर जमीनी स्तर पर इमरजेंसी असिस्टेंस दे रही हैं. यह हादसा इस बात की याद दिलाता है कि आर्थिक अवसरों की तलाश में इस कॉरिडोर से गुजरने वाले माइग्रेंट्स को कितना खतरा उठाना पड़ता है। 

    IOM के बयान में कहा गया है कि जिबूती की लोकल अथॉरिटीज सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने के साथ ही जीवित बचे माइग्रेंट्स को मेडिकल केयर देने और मृतकों के अंतिम संस्कार का इंतजाम कर रही हैं। 

    जानकारी के मुताबिक, ये माइग्रेंट्स यमन जा रहे थे, ताकि अमीर गल्फ देशों तक पहुंच सकें, जबकि खुद यमन के नागरिक अपना देश छोड़कर भाग रहे हैं, क्योंकि वहां 2022 के यूएन-मध्यस्थता वाले युद्धविराम के बाद से सऊदी अरब समर्थित सरकारी बलों और ईरान समर्थित हूतियों के बीच लड़ाई में गंभीर स्तर पर बढ़ गई है। 

  • मॉडल श्रद्धा दुबे को लेकर नए दावे वायरल, शादीशुदा होने और मां बनने की चर्चा के बीच क्या है पूरा मामला?

    मॉडल श्रद्धा दुबे को लेकर नए दावे वायरल, शादीशुदा होने और मां बनने की चर्चा के बीच क्या है पूरा मामला?

    लखनऊ
     रेस्टोरेंट कारोबा
    री शिवा शर्मा की हत्या के मामले में फरार चल रही मॉडल श्रद्धा दुबे को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस जब श्रद्धा दुबे के फ्लैट पर पहुंची तो वहां पर आपत्तिजनक दवाईयां मिलीं. बताया जा रहा है कि यह शक्तिवर्धक दवाइयां थीं. साथ ही यह भी पता चला है कि घटना के समय फ्लैट में श्रद्धा दुबे और उसकी बहन रश्मि मौजूद थी. इसके अलावा पुलिस ने जब श्रद्धा की कॉल डिटेल खंगाली तो उसमें बिल्डर, नेता, कई रसूखदारों के नंबर मिले हैं। 

    अयोध्या की तरफ भागी थी श्रद्धा दुबे
    पुलिस सूत्रों के मुताबिक शिवा की मौत के बाद श्रद्धा अयोध्या की तरफ भागी थी. हजरतगंज पुलिस टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है. दिल्ली से लेकर नेपाल तक पुलिस की टीम सक्रिय हो गई है. पांच संदिग्धों से पुलिस की पूछताछ जारी है. बताया जाता है कि श्रद्धा दुबे की पहले शादी हो चुकी है. पहले पति से तलाक और एक बेटा होने की बात भी सामने आई है. सोशल मीडिया में श्रद्धा दुबे की शादी की एक फोटो भी वायरल हो रही है। 

    पति के साथ रायबरेली रहती थी श्रद्धा दुबे
    प्राप्त जानकारी के मुताबिक रायबरेली में पति प्रिंस दुबे के साथ रहने वाली श्रद्धा दुबे करीब दस साल पहले उसे छोड़कर लखनऊ आ गई थी. बताया जा रहा है कि बड़े स्तर पर पैसा कमाने और करोड़पति बनने की चाह में उसने लखनऊ में मॉडलिंग शुरू की. इसके बाद हाईप्रोफाइल लोगों के बीच अपनी पहचान बनाई और पार्टियों में शामिल होने लगी. रायबरेली में रहने के दौरान श्रद्धा का पति से विवाद होता था. वह लखनऊ आना चाहती थी. जबकि पति रायबरेली में ही रहने के पक्ष में था। 

    लोगों से पैसा ऐंठती थी श्रद्धा दुबे
    दैनिक जागरण की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि श्रद्धा लोगों से नजदीकी बढ़ाकर उनसे रुपये लेती थी. कुछ लोगों के वीडियो बनाने और उनके जरिए दबाव बनाने की भी बात सामने आई है. हालांकि इन आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। 

  • Train Update: दिल्ली जाने वालों के लिए राहत, वंदे भारत-तेजस समेत कई ट्रेनों में वेटिंग हुई कम

    Train Update: दिल्ली जाने वालों के लिए राहत, वंदे भारत-तेजस समेत कई ट्रेनों में वेटिंग हुई कम

     लखनऊ
    दिल्ली में चल रहे प्रदर्शनों का असर रेल सेवाओं पर पड़ने लगा है। दिल्ली जाने वाली लखनऊ मेल और एसी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में यात्रियों की संख्या कम हो गई है। इस कारण इन ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट कम हो गई है।

    इसी तरह शताब्दी एक्सप्रेस, तेजस एक्सप्रेस, वंदे भारत एक्सप्रेस और अरुणाचल एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों में सीटें खाली हैं। आनंद विहार जाने वाली नीलांचल एक्सप्रेस में सोमवार का आरक्षण चार्ट बनने के बाद भी सीटें खाली हैं। दिल्ली जाने वाली ट्रेनों का संचालन पूरी तरह बहाल हो गया है।

    रविवार को नई दिल्ली जाने वाली गोमती एक्सप्रेस निरस्त रही। यह ट्रेन शनिवार को नई दिल्ली से लखनऊ के लिए रवाना नहीं हुई थी। रविवार को नई दिल्ली जाने वाली एसी एक्सप्रेस, लखनऊ मेल और तेजस एक्सप्रेस अपने तय समय पर रवाना हुईं।

    राजधानी एक्सप्रेस की एसी थर्ड में 20 और एसी सेकेंड में 60 सीटें खाली
    सोमवार को नई दिल्ली जाने वाली तेजस एक्सप्रेस की एसी चेयरकार में 109, एक्जक्यूटिव क्लास में नौ, अयोध्या-आनंद विहार वंदे भारत की चेयरकार में 731 और एक्जक्यूटिव क्लास में 49, शताब्दी एक्सप्रेस की चेयरकार में 304 सीटें उपलब्ध हैं। इसी तरह अरुणाचल एक्सप्रेस की एसी थर्ड में 173, एसी सेकेंड में 62, आनंद विहार की एसी थर्ड में 155, राजधानी एक्सप्रेस की एसी थर्ड में 20 और एसी सेकेंड में 60 सीटें खाली हैं।

    लखनऊ नई दिल्ली एसी एक्सप्रेस की वेटिंग तेजी से कम हुई है। सोमवार की एसी एक्सप्रेस की एसी थर्ड इकोनामी में 11, एसी थर्ड में आठ, एसी सेकेंड की वेटिंग 11 ही रह गई है, जबकि तत्काल कोटे में एसी थर्ड इकोनोमी में 28, एसी थर्ड में 62 सीटें उपलब्ध हैं।

  • कान्हा टाइगर रिजर्व में ऐतिहासिक पहल, 17 हेक्टेयर के बाड़े में छोड़े गए 8 जंगली भैंसे; जानें पूरा प्लान

    कान्हा टाइगर रिजर्व में ऐतिहासिक पहल, 17 हेक्टेयर के बाड़े में छोड़े गए 8 जंगली भैंसे; जानें पूरा प्लान

    सूपखार 
    मध्यप्रदेश में विलुप्त हो चुके जंगली भैंसों को उनके प्राकृतिक आवास में पुनः स्थापित करने की दिशा में रविवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कान्हा टाइगर रिजर्व के सूपखार परिक्षेत्र में जंगली भैंसा पुनर्स्थापना कार्यक्रम के अंतर्गत क्वारंटाइन अवधि पूरी कर चुके आठ जंगली भैंसों को एक हेक्टेयर के छोटे बाड़े से 17 हेक्टेयर क्षेत्रफल में निर्मित बड़े बाड़े में विमुक्त किया। इस पहल का उद्देश्य जंगली भैंसों को क्षेत्र की आबोहवा और पर्यावरण के अनुकूल बनाकर उनके प्राकृतिक आवास में पुनर्स्थापित करना है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कहा कि मध्यप्रदेश के लिए आज का दिन महत्वपूर्ण है। लगभग सौ वर्षों बाद कान्हा टाइगर रिजर्व के सूपखार परिक्षेत्र में जंगली भैंसों की पुनर्स्थापना का दूसरा चरण प्रारंभ हो रहा है। असम के मुख्यमंत्री श्री हिमंत बिस्वा सरमा के सहयोग से काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान से लगभग 2200 किलोमीटर की दूरी तय कर आठ जंगली भैंसों को मध्यप्रदेश लाया गया है। वर्षाकाल समाप्त होने के बाद इन्हें प्राकृतिक आवास में बसाने की दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा।

    दो चरणों में काजीरंगा से लाए गए आठ जंगली भैंसे
    जंगली भैंसा पुनर्स्थापना परियोजना के तहत असम के काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान से दो चरणों में आठ जंगली भैंसों को कान्हा टाइगर रिजर्व के सूपखार परिक्षेत्र में लाया गया था। प्रथम चरण में 28 अप्रैल 2026 को तीन मादा और एक नर जंगली भैंसे को विशेष रूप से निर्मित एक हेक्टेयर क्षेत्रफल के बाड़े में छोड़ा गया। इसके बाद 9 मई 2026 को तीन मादा और एक नर जंगली भैंसे को इसी बाड़े में रखा गया।

    कुल छह मादा और दो नर जंगली भैंसों को छोटे बाड़े में क्वारंटाइन कर रखा गया, ताकि वे यहां के वातावरण और जलवायु के अनुरूप स्वयं को ढाल सकें। क्वारंटाइन अवधि पूरी होने के बाद रविवार 11 अक्टूबर को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी आठ जंगली भैंसों को 17 हेक्टेयर के बड़े बाड़े में स्थानांतरित कर विमुक्त किया।

    तीन वर्षों में 50 जंगली भैंसों को बसाने का लक्ष्य
    मध्यप्रदेश के वन क्षेत्रों से जंगली भैंसे लगभग सौ वर्ष पहले विलुप्त हो चुके थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रेरणा से वन विभाग ने इस प्रजाति को पुनः स्थापित करने के लिए विशेष योजना तैयार की है। सूपखार क्षेत्र में पूर्व में जंगली भैंसों की उपस्थिति के प्रमाण मिलने के आधार पर यहां पुनर्स्थापना परियोजना क्रियान्वित की जा रही है। इस परियोजना के अंतर्गत आगामी तीन वर्षों में कुल 50 जंगली भैंसों को पुनः स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। यह पहल मध्यप्रदेश में जैव-विविधता के संरक्षण, वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को मजबूत बनाने और विलुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    वन्यजीव संरक्षण के साथ क्षेत्र के विकास पर जोर
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार विलुप्त हो चुके वन्यजीवों को पुनः स्थापित कर पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि 7 अक्टूबर को नौरादेही में रानी दुर्गावती के नाम पर अभयारण्य बनाकर चीतों के लिए तीसरा ठिकाना विकसित करने की पहल की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश से नक्सलवाद के खात्मे के बाद इस क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं सामने आ रही हैं।

    कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग आयोग की सदस्य श्रीमती मौसम बिसेन, पूर्व मंत्री रामकिशोर कांवरे, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अनुपमा नेताम, मध्यप्रदेश अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य भगतसिंह नेताम,श्री रविंद्र मणि त्रिपाठी, प्रमुख सचिव वन श्री राघवेन्द्र सिंह, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) डॉ. समिता राजोरा, बालाघाट के पुलिस उप महानिरीक्षक श्री विनीत जैन, कलेक्टर श्री कुमार सत्यम, पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य मिश्रा, कान्हा टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक श्री प्रकाश वर्मा, उप संचालक (कोर) सुश्री अमिथा के.बी., उप संचालक (बफर), समस्त सहायक संचालक, परिक्षेत्र अधिकारी तथा स्थानीय वन अमला उपस्थित रहा।

     

  • मध्यप्रदेश सरकार का किसानों पर फोकस, कृषि विकास और किसान कल्याण के लिए लगातार हो रहे प्रयास

    मध्यप्रदेश सरकार का किसानों पर फोकस, कृषि विकास और किसान कल्याण के लिए लगातार हो रहे प्रयास

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों के सर्वांगीण विकास के लिये प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि उपज मंडी समिति प्रांगण, देवास में आयोजित 'बलराम कृषि महोत्सव' एवं जिला स्तरीय किसान मेले का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने समस्त प्रदेशवासियों एवं अन्नदाताओं को शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मां चामुंडा और मां तुलजा भवानी की पावन धरा पर कृषि विभाग द्वारा किसानों के हित में आयोजित यह महाअभियान अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि माताजी की कृपा और शासन के कड़े निर्णयों से प्रदेश को नक्सलवाद से मुक्ति मिली है। देवास के किसानों की प्रशंसा करते हुए कहा कि जिले के अन्नदाता उन्नत तकनीकों और प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में कई उत्कृष्ट नवाचार कर रहे हैं, जिससे देवास पूरे प्रदेश में कृषि क्षेत्र में एक आदर्श मॉडल बनकर उभर रहा है।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपेक्स बैंक प्रशासक श्री महेंद्र सिंह यादव ने बताया कि 'सेवा संकल्प अभियान' के अंतर्गत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सेवा भाव को आगे बढ़ाते हुए देवास प्रदेश का 45वां जिला है, जहां बलराम कृषि महोत्सव का भव्य आयोजन हो रहा है। विधायक श्रीमती गायत्री राजे पवार ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने किसानों और देवास मंडी व्यवस्था को अभूतपूर्व संबल प्रदान किया है।

    किसान मेले का मुख्य उद्देश्य कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, प्राकृतिक व जैविक खेती तथा श्रीअन्न (मिलेट मिशन) को बढ़ावा देना रहा। मेले में कृषि वैज्ञानिकों द्वारा रबी सीजन के दृष्टिगत कम पानी में अधिक उत्पादन देने वाली फसलों जैसे गेहूं, चना, मसूर एवं सरसों की प्रमाणित किस्मों पर किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन दिया गया।

    मंडी प्रांगण में आधुनिक कृषि यंत्रों, ड्रिप-स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणालियों एवं कृषि नवाचारों की भव्य प्रदर्शनी भी लगाई गई। समारोह के दौरान देवास जिले के प्रगतिशील किसानों ने अपने नवाचारों के अनुभव भी साझा किए। इसमें देवास विकासखण्ड के ग्राम छोटी चुरलाय निवासी कृषक श्री धर्मेन्द्र सिंह राजपूत ने प्राकृतिक और आधुनिक खेती के समन्वय से मॉडल फार्मिंग और आय वृद्धि के बारे में बताया, ग्राम कनोरिया की श्रीमती पवित्रा नागर ने प्राकृतिक खेती के तरीकों और उसके परिणामों पर चर्चा की, सोनकच्छ के ग्राम अरनिया कला निवासी श्री नारायण सिंह सेंधव ने शेडनेट व पॉलीहाउस के जरिए उद्यानिकी फसलों के प्रबंधन की जानकारी दी, ग्राम पोलाय जागीर के श्री लक्ष्मीनारायण ने किसान उत्पादक संगठन के जरिए उत्पादों की मार्केटिंग व्यवस्था पर प्रकाश डाला तथा टोंकखुर्द के ग्राम चौबारधीरा की श्रीमती संगीता कुशवाह ने प्राकृतिक खेती के सफल क्रियान्वयन के व्यावहारिक अनुभव साझा किए।

    कार्यक्रम में कृषि, पशुपालन एवं नवाचार के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 11 प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाले कृषकों में आधुनिक खेती के लिए देवास के श्री धर्मेन्द्र सिंह राजपूत, उन्नत पशुपालन के लिए श्री दौलत यादव, प्राकृतिक खेती के लिए श्रीमती पवित्रा नागर तथा फसल विविधीकरण के लिए ग्राम मेंडकी धाकड़ के श्री जगदीश नागर शामिल हैं। इसी क्रम में उद्यानिकी फसल (शेडनेट एवं पॉलीहाउस) हेतु सोनकच्छ के श्री नारायण सिंह सेंधव, एफपीओ मार्केटिंग के लिए श्री लक्ष्मीनारायण, प्राकृतिक खेती के लिए टोंकखुर्द की श्रीमती संगीता कुशवाह, खातेगांव की श्रीमती चिंताबाई कुमरे एवं बागली के श्री बांकेसिंह कर्मा को सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त कन्नौद विकासखण्ड के ग्राम खेरखेड़ा से प्राकृतिक खेती के सफल क्रियान्वयन एवं प्रसार के लिए श्रीमती ज्योति राव तथा श्री रामभरोसे बैरागी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

    इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लीला भेरूलाल अटारिया, महापौर श्रीमती गीता दुर्गेश अग्रवाल, डॉ. रायसिंह सेंधव, पूर्व देवास विकास प्राधिकरण अध्यक्ष श्री राजेश यादव सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं किसान उपस्थित रहे।