Author: NewseDay

  • शेयर बाजार में पहले तेजी, फिर अचानक बिकवाली! सेंसेक्स-निफ्टी में क्यों बदला रुख, जानें पूरा अपडेट

    शेयर बाजार में पहले तेजी, फिर अचानक बिकवाली! सेंसेक्स-निफ्टी में क्यों बदला रुख, जानें पूरा अपडेट

    मुंबई 
    शेयर बाजार में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत हुई. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स ओपनिंग के साथ ही 400 अंकों से ज्यादा की छलांग लगा गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी ने भी रफ्तार के साथ कारोबार शुरू किया. हालांकि, ये तेजी महज कुछ मिनट ही देखने को मिली और Sensex-Nifty अचानक रेड जोन में कारोबार करते हुए नजर आए. बाजार में दमदार शुरुआत के दौरान मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस से लेकर टाटा ग्रुप की कंपनी ट्रेंट तक के शेयरों ने धांसू शुरुआत की।  

    खुलते ही Sensex-Nifty ने किया हैरान
    शेयर मार्केट में कारोबार की ओपनिंग के साथ ही सेंसेक्स-निफ्टी ने निवेशकों को हैरान कर दिया. बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 72,472 की तुलना में जोरदार तेजी लेकर 72,771 पर कारोबार की शुरुआत की और फिर 412 अंक से ज्यादा चढ़कर 73,884 के लेवल पर जा पहुंचा, लेकिन इसके बाद अचानक ये शुरुआती तेजी गिरावट में बदल गई और महज कुछ मिनटों के कारोबार के दौरान ही सेंसेक्स करीब 100 अंक की गिरावट लेकर 72, 379 पर आ गया। 

    सेंसेक्स के जैसा ही हाल एनएसई निफ्टी का भी देखने को मिला. ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले बंद 22,520 की तुलना में तेजी लेकर 22,593 पर ओपन हुआ और फिर 22,651 तक उछला, लेकिन फिर सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए ये भी अचानक फिसलने लगा और गिरकर 22,512 पर आ गया। 

    शुरुआती कारोबार में इन शेयरों का गदर 
    शेयर मार्केट की दमदार ओपनिंग के दौरान जिन शेयरों ने तेज रफ्तार के साथ कारोबार की शुरुआत की, उनमें बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल BEL Share, M&M Share, Tata Steel Share, Trent Share, Reliance Share, Eternal Share शामिल रहे, जिनमें 1-2 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। 

    इसके अलावा BSE के मिडकैप कैटेगरी पर नजर डालें, तो Suzlon Share, TI India Share, KEI Share, MCX Share करीब 2 से 3 फीसदी उछलकर कारोबार करते हुए नजर आए. स्मॉलकैप कैटेगरी में शामिल शेयरों में Syngene Share, TD Powers में तो 5-6 फीसदी की तेजी आई।  

    ये शेयर खुलते ही धड़ाम 
    अब बात करते हैं शेयर मार्केट में गिरावट को सपोर्ट करने वाले शेयरों की, तो बड़ी लार्जकैप कंपनियों में शामिल Tech Mahindra Share (3.60%), Bharti Airtel Share (2%), ITC Share (1.50%) गिरकर कारोबार कर रहे थे. इसके अलावा एसबीआई शेयर में भी करीब 1 फीसदी की गिरावट देखने को मिली. दूसरी ओर मिडकैप में शामिल Glenmark Share, Colpal Share, Yes Bank Share, Nykka Share गिरावट के साथ रेड जोन में बने हुए थे। 

    विदेशों से मिल रहे थे ये संकेत 
    शेयर बाजार में बीते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन जोरदार तेजी देखने को मिली थी और सोमवार को भी विदेशों से सेंसेक्स-निप्टी के लिए मिले जुले संकेत मिल रहे थे. एक ओर जहां गिफ्ट निफ्टी तेजी के साथ ग्रीन जोन में कारोबार करते हुए Sensex-Nifty की तेजी ओपनिंग का संकेत दे रहा था, तो वहीं जापान, हांगकांग से लेकर साउथ कोरिया के बाजार कभी ग्रीन तो कभी रेड जोन में ट्रेड करते हुए उथल-पुथल की ओर इशारा कर रहे थे। 

  • तमिलनाडु को मैन्युफैक्चरिंग और मेट्रो विस्तार से मिलेगी रफ्तार, PM मोदी ने दिया हरसंभव सहयोग का भरोसा

    तमिलनाडु को मैन्युफैक्चरिंग और मेट्रो विस्तार से मिलेगी रफ्तार, PM मोदी ने दिया हरसंभव सहयोग का भरोसा

    चेन्नई
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु के दौरे के दौरान राज्य के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि राज्य में भले ही सरकारें बदलती रही हों, लेकिन तमिलनाडु की तरक्की और यहां के लोगों की सेवा करने का उनका संकल्प हमेशा एक जैसा मजबूत रहा है।

    प्रधानमंत्री ने चेन्नई में 13 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे से जुड़े प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान उनके साथ तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय भी विशेष रूप से मौजूद रहे।

    इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने तमिलनाडु को केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव मदद और निरंतर सहयोग जारी रखने का पूरा भरोसा दिलाया।

    देश और राज्यों के रिश्ते पर दिया जोर
    कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने देश और राज्यों के मजबूत रिश्ते पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अगर देश को मजबूत बनाना है, तो सबसे पहले राज्यों को आर्थिक रूप से सशक्त करना होगा। इसी दिशा में केंद्र सरकार तमिलनाडु जैसे राज्यों में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को लगातार बढ़ावा दे रही है।

    मेक इन इंडिया और वोकल फॉर लोकल जैसी महत्वाकांक्षी पहलों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि इन योजनाओं से तमिलनाडु को अभूतपूर्व लाभ मिला है। मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में हुई इस बढ़ोतरी से देश भर के लाखों युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं, जिसमें तमिलनाडु की भूमिका बेहद सराहनीय और अग्रणी रही है।

    12 सालों में मेट्रों सेवाओं का हुआ विस्तार
    शहरी विकास और पब्लिक ट्रांसफोर्ट के महत्व पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 12 सालों के भीतर देश के 25 प्रमुख शहरों तक मेट्रों सेवाओं का शानदार विस्तार हुआ है। साल 2014 में देश का मेट्रो नेटवर्क महज 250 किलोमीटर था, जो बढ़कर साल 2026 में 1,100 किलोमीटर तक पहुंच गया है।

    उन्होंने भरोसा दिलाया कि हाल ही में शुरू किए गए नए प्रोजेक्ट्स से न सिर्फ आम जनता का सफर आसान होगा, बल्कि पूरे राज्य में व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को एक नई रफ्तार मिलेगी।

    विजय ने पीएम के सामने रखी बड़ी मांगे
    वहीं मुख्यमंत्री विजय ने चेन्नई मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के दूसेर चरण का उद्घाटन करने के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही उन्होंने राज्य के समग्र विकास से जुड़ी कई प्रमुख और अहम मांगे प्रधानमंत्री के सामने रखीं।

    विजय ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि चेन्नई मेट्रो के तीसरे चरण को जल्द से जल्द मंजूरी दी जाए। इसके साथ ही उन्होंने कोयंबटूर और मदुरै के लिए प्रस्तावित मेट्रो रेल प्रोजेक्ट्स पर दोबारा विचार करने और बोम्मासमुद्रम को होसुर से जोड़ने वाले अंतर-राज्यीय मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए भी केंद्र से पूरा समर्थन मांगा।

    मुख्यमंत्री ने तमिलनाडु के भविष्य के आर्थिक लक्ष्यों का जिक्र करते हुए बताया कि राज्य ने वर्ष 2036 तक 1.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का बड़ा लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए उन्होंने केंद्र से कई अन्य प्रस्तावों पर भी मुहर लगाने की अपील की।

    इनमें गोदावरी-कावेरी नदी-जोड़ो परियोजना, मद्रास हाईकोर्ट की आधिकारिक भाषा के रूप में तमिल को मान्यता देना, और चेन्नई-कोयंबटूर व चेन्नई-कन्याकुमारी के बीच हाई-स्पीड कॉरिडोर का निर्माण शामिल है। इसके अलावा, उन्होंने समग्र शिक्षा योजना के तहत रुके हुए फंड को बिना देरी के जारी करने पर भी विशेष जोर दिया।

    विजय की मांगों को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें निरंतर समर्थन का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा, केंद्र तमिलनाडु के विकास को जारी रखने के लिए हर संभव सहायता प्रदान करेगा।

  • ट्रंप की नाम बदलने की मुहिम जारी, अब अटलांटिक-प्रशांत महासागर और न्यू मेक्सिको का नाम बदलने का विचार

    ट्रंप की नाम बदलने की मुहिम जारी, अब अटलांटिक-प्रशांत महासागर और न्यू मेक्सिको का नाम बदलने का विचार

    वॉशिंगटन
    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अटलांटिक या प्रशांत महासागर का नाम बदलने का आइडिया पेश किया है। उन्होंने कहा कि इसका नाम ट्रंप महासागर ( Trump Ocean ) या अमेरिकी महासागर (Ocean Of The Americas) रखने का सुझाव दिया है। ट्रंप ने यह शनिवार 10 अक्टूबर को टेनेसी में एक चुनावी रैली के दौरान कही। अमेरिका में नवम्बर में मध्यावधि चुनाव होने वाले हैं।

    वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, "ट्रंप ने कहा कि हमें एक नदी चाहिए। हमें एक महासागर चाहिए।" इसके बाद उन्होंने सुझाव दिया कि अटलांटिक या प्रशांत महासागरों में से किसी एक का नाम बदला जा सकता है। उन्होंने कहा, "हम इसे 'ट्रंप ओशन' या 'ओशन ऑफ द अमेरिकाज' या ऐसा ही कुछ रख सकते हैं।"

    गल्फ ऑफ मेक्सिको का बदल चुके नाम
    इस दौरान ट्रंप ने गल्फ ऑफ मेक्सिको का नाम बदलकर गल्फ ऑफ अमेरिका और लेक ओंटारियो का नाम बदलकर लेक अमेरिका करने के अपने पुराने फैसलों का जिक्र किया। उन्होंने यह भी कहा कि वह पद छोड़ने से पहले एक महासागर और एक बड़ी नदी का नाम बदलना चाहते हैं। वॉशिंगटन पोस्ट के अनुसार, ट्रंप ने कहा कि "बाहर निकलने से पहले मुझे लगता है कि हमारे पास एक महासागर होना चाहिए। हमें एक बड़ी नदी की भी जरूरत है।"

    ट्रंप ने पिछले साल गल्फ ऑफ मेक्सिको नाम बदलकर गल्फ ऑफ अमेरिका कर दिया था। ट्रंप के इस कदम से मेक्सिको के साथ तनाव पैदा हो गया था। इसे लेकर एसोसिएटेड प्रेस के साथ विवाद भी हुआ, जब समाचार एजेंसी ने नए नाम के इस्तेमाल से इनकार कर दिया। इसके बाद एजेंसी को राष्ट्रपति के कार्यक्रम में शामिल होने से रोका गया जिस पर कानूनी विवाद शुरू हो गया।

    न्यू मेक्सिको का भी नाम बदलने का इरादा
    ट्रंप ने पिछले महीने ही न्यू मेक्सिको का नाम बदलकर न्यू अमेरिका करने का विचार रखा है। हालांकि, बाद में उन्होंने कहा कि इस पर आगे बढ़ना है या नहीं, यह राज्य के निवासियों को तय करना होगा। न्यू मेक्सिको में रिपप्लिकन कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन वाले एक वीडियो में उन्होंने कहा, मैं इस पर जोर नहीं देने वाला, लेकिन बहुत से लोगों को यह विचार बहुत पसंद है।

  • रांची एयरपोर्ट पर रोजाना 6 हजार यात्री, 3,655 मीटर तक बढ़ेगा रनवे; इंटरनेशनल फ्लाइट्स की उम्मीद तेज

    रांची एयरपोर्ट पर रोजाना 6 हजार यात्री, 3,655 मीटर तक बढ़ेगा रनवे; इंटरनेशनल फ्लाइट्स की उम्मीद तेज

     रांची
     झारखंड के हवाई यात्रियों के लिए राहत और उम्मीद भरी खबर है। राजधानी का बिरसा मुंडा एयरपोर्ट अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन के लिए तैयार है। अब जरूरत किसी एयरलाइन कंपनी के आगे आने की है। एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू करने का प्रस्ताव मिलने पर कस्टम, इमिग्रेशन सहित आवश्यक सेवाओं को सक्रिय किया जा सकता है।

    इससे झारखंड के यात्रियों को भविष्य में विदेश जाने के लिए दिल्ली, कोलकाता या अन्य बड़े एयरपोर्ट पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। एयरलाइंस अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू करने के लिए संपर्क करती हैं, तो जरूरी व्यवस्थाएं फिर सक्रिय की जाएंगी।

    हालांकि नियमित उड़ान के लिए संबंधित नियामकीय मंजूरी भी आवश्यक होगी। अंतरराष्ट्रीय सेवा शुरू होने पर यात्रियों को पासपोर्ट और वीजा जांच, इमिग्रेशन काउंटर, कस्टम जांच, अंतरराष्ट्रीय बैगेज हैंडलिंग, सुरक्षा जांच और आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं मिलेंगी। इससे झारखंड के यात्रियों के लिए विदेश यात्रा अधिक सुविधाजनक हो सकेगी।

    रोजाना छह हजार यात्रियों का आवागमन
    रांची एयरपोर्ट पर प्रतिदिन औसतन 44 से 50 विमानों का आगमन और प्रस्थान हो रहा है। करीब पांच से छह हजार यात्री हवाई सफर कर रहे हैं। आठ अक्टूबर को 46 विमानों का परिचालन हुआ और 5,992 यात्रियों ने यात्रा की।

    जुलाई और अगस्त में कुल 3.68 लाख से अधिक यात्रियों ने हवाई सफर किया। बढ़ती यात्री संख्या अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी की संभावनाओं को मजबूत करती है।

    बड़े विमानों के लिए लंबा रनवे
    रांची एयरपोर्ट का रनवे 2,748 मीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा है। जिला प्रशासन द्वारा भूमि मिलने के बाद इस रनवे की लंबाई को बढ़ाकर 3,655 मीटर करने की योजना है। इतनी लंबाई कई प्रकार के अंतरराष्ट्रीय यात्री विमानों के संचालन के लिए अनुकूल है। हालांकि विमान के आकार, वजन, मौसम और उपलब्ध तकनीकी सुविधाओं के आधार पर संचालन की अंतिम अनुमति निर्धारित होती है।

    डूरंड कप में श्रीलंका की टीम के लिए हुई थी तैयारी
    जुलाई-अगस्त 2026 में रांची में आयोजित डूरंड कप फुटबाल प्रतियोगिता में श्रीलंका की सेना की डिफेंडर्स एफसी टीम ने हिस्सा लिया था। विदेशी खिलाड़ियों के आगमन को देखते हुए एयरपोर्ट पर कस्टम, इमिग्रेशन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। इससे भविष्य में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए तैयारियों को परखने का अवसर मिला।

    यात्रियों को मिल रही नई सुविधाएं
    एयरपोर्ट पर उड़ान यात्री कैफे, फ्लाइब्रेरी, किड्स जोन, अवसार काउंटर और आधुनिक प्रतीक्षालय जैसी सुविधाएं बढ़ाई गई हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त शौचालय, बैठने की व्यवस्था, सुरक्षा जांच ट्रे, प्रस्थान क्षेत्र की फर्श और एप्रन मार्किंग में सुधार की योजना है। विमानों की आवाजाही सुगम बनाने के लिए समानांतर टैक्सी ट्रैक और रैपिड एग्जिट टैक्सीवे का निर्माण भी प्रस्तावित है।

    रांची एयरपोर्ट अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए तैयार है। डूरंड कप फुटबाल प्रतियोगिता के दौरान विदेशी खिलाड़ियों के आगमन पर आवश्यक सुविधाएं बहाल कर उनका परीक्षण किया जा चुका है। एयरलाइंस कंपनियों ने संपर्क किया है। अगर कोई कंपनी इटरनेशनल सेवा बहाल करती है, तो कोई परेशानी नहीं होगी।
        -विनोद कुमार, निदेशक, रांची एयरपोर्ट

     

  • नेपाल में भूस्खलन बना बाढ़ की वजह? बूढ़ी गंडकी नदी में तबाही से जुड़े 5 बड़े अपडेट

    नेपाल में भूस्खलन बना बाढ़ की वजह? बूढ़ी गंडकी नदी में तबाही से जुड़े 5 बड़े अपडेट

    काठमांडू
    नेपाल एक बार फिर बाढ़ की विभीषिका से जूझ रहा है। इस बार बाढ़ रविवार तड़के बूढ़ी गंडकी नदी में आई। बूढ़ी गंडकी में आई बाढ़ ने गोरखा जिले के चुमनुबरी और धारचे ग्रामीण नगरपालिकाओं में व्यापक तबाही मचाई है। बाढ़ में घर, पुल और एक हाइड्रोपावर प्लांट बह गया है। कई गांव डूब गए हैं और बड़ी संख्या में घर बहे हैं। लोगों को बचाने का काम व्यापक स्तर पर चल रहा है। यह चंद हफ्तों पहले भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ के दूसरी घटना है। भोटेकोशी नदी बाढ़ में लगभग 2000 लोगों की मौतों की पुष्टि हुई है और 6000 से ज्यादा लोग लापता हैं। ऐसी आशंका है कि उन लोगों की भी मौत हो चुकी है।

    1- नेपाल के जल विज्ञान और मौसम विज्ञान विभाग के बाढ़ पूर्वानुमान अनुभाग ने रविवार को कहा कि भूस्खलन के कारण एक सहायक नदी का मार्ग अवरुद्ध हो जाने से बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक बाढ़ आने की संभावना है। इस विभाग के जलविज्ञानी बिनोद पराजुली ने बताया कि उपग्रह चित्रों में गोरखा जिले के चुमनुबरी ग्रामीण नगरपालिका के चुमचेत के पास एक बड़ा भूस्खलन दिखाई दे रहा है। माना जा रहा है कि यह भूस्खलन शनिवार को हुआ था। पराजुली ने कांतिपुर को बताया, “हम उपग्रह चित्रों का अध्ययन कर रहे हैं। चुमचेत के आसपास एक बड़ा भूस्खलन दिखाई दे रहा है। ऐसा प्रतीत होता है कि यह कल हुआ था। संभवतः यह बाढ़ तब आई जब बूढ़ी गंडकी की एक अवरुद्ध सहायक नदी ने अचानक पानी छोड़ दिया।”

    2- अधिकारियों को संदेह है कि भूस्खलन के कारण बूढ़ी गंडकी की सहायक नदी उंगेलिंग का प्रवाह अवरुद्ध हो गया है। जल विज्ञान और मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, नदी का प्रवाह लगातार घट-बढ़ रहा है। जलस्तर खतरे की सीमा से ऊपर है और इसमें लगातार उतार-चढ़ाव हो रहा है, जिसके चलते त्रिशुली नदी का बेनीघाट तक का निचला इलाका बाढ़ के अत्यधिक खतरे में है। अधिकारियों ने मुग्लिंग के आसपास और चितवन और नवलपरासी जिलों में नदी के किनारे रहने वाले लोगों से भी सतर्क रहने का आग्रह किया है।

    3- काठमांडू पोस्ट के अनुसार, चुमनुबरी ग्रामीण नगरपालिका के प्रशासनिक प्रमुख नारायण प्रसाद सपकोटा के अनुसार, रविवार सुबह बूढ़ी गंडकी नदी में आई अचानक बाढ़ ने जगत बागर, सल्लेरी और घट्टीखोला में अनुमानित 35 से 40 घरों को बहा दिया। बाढ़ में न्याकचेत और सिरदिबास तथा माछखोला और केराउजा को जोड़ने वाले पैदल पुल बह गए। आरुघाट ग्रामीण नगरपालिका के वार्ड 2 और 3 को जोड़ने वाला सोती स्थित लोहे का मोटर-योग्य पुल भी नष्ट हो गया, साथ ही गोरखा और धाडिंग जिलों को जोड़ने वाला आरुघाट का पुल भी क्षतिग्रस्त हो गया। गृह मंत्री सूदान गुरुंग ने न्याकचेत और फिलिम बाजार को जोड़ने वाले एक पुल को हुए नुकसान की भी जानकारी दी है।

    4- बूढ़ी गंडकी नदी में आई बाढ़ के कारण कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। कई घरों के बहने से उनके अंदर मौजूद लोग भी लापता हुए हैं। नेपाली सेना हेलीकॉप्टर से लोगों को बचाने का काम कर रही है। सड़कों और पुलों के टूट जाने के कारण बड़े इलाके में राहत और बचाव कार्य जमीनी स्तर पर चालू नहीं हो सके हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, बाढ़ का पैटर्न भी काफी अजीब था। कभी पानी का बहाव कम हो रहा था और कभी ज्यादा। पानी के साथ मलबा भी भारी मात्रा में आ रहा था। इस कारण निचले इलाके में मौजूद घरों और ढांचों को भारी नुकसान पहुंचा है।

    5- नदी के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव के चलते अधिकारियों ने त्रिशुली नदी के किनारे बेनीघाट तक बाढ़ के अत्यधिक खतरे की चेतावनी दी है और मुग्लिंग, चितवन और नवलपरासी के आसपास के निवासियों से सतर्क रहने का आग्रह किया है। सल्लेरी, चुमनुबरी-3 में निर्माणाधीन 341 मेगावाट की बुढ़ी गंडकी जलविद्युत परियोजना के स्थल पर बाढ़ के पानी में एक निर्माण शिविर और कुछ उपकरण बह गए।
    प्रियेश मिश्र

  • छत्तीसगढ़ मध्य भारत के बड़े मेडिकल हब के रूप में हो रहा विकसित : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    छत्तीसगढ़ मध्य भारत के बड़े मेडिकल हब के रूप में हो रहा विकसित : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    *रायपुर में ओमेगा मेडिसिन अस्पताल की अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की नई पहल, कैंसर उपचार केंद्र का हुआ भूमिपूजन*

    *मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा – प्रदेश में ही कैंसर मरीजों को मिलेंगी उच्चस्तरीय उपचार सुविधाएं, दूसरे राज्यों पर निर्भरता होगी कम*

    *नवा रायपुर में 200 एकड़ में विकसित की जा रही आधुनिक मेडिसिटी और फार्मा पार्क*

    *शहरों से लेकर सुदूर वनांचलों तक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर सरकार का फोकस*

    *आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना बनीं जरूरतमंद परिवारों का संबल*

    *मेडिसिटी से सुपर स्पेशलिटी चिकित्सा, फार्मा उद्योग, अनुसंधान और रोजगार को मिलेगा नया विस्तार*

    रायपुर
    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ तेजी से मध्य भारत के एक बड़े मेडिकल हब के रूप में विकसित हो रहा है। राज्य में स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार के साथ अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीक, सुपर स्पेशलिटी सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा को निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है। हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ के प्रत्येक नागरिक को बेहतर, सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सुविधाएं अपने प्रदेश में ही उपलब्ध हों तथा आर्थिक अभाव किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति के उपचार में बाधा न बने।

    मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर में ओमेगा मेडिसिन अस्पताल की अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की नई पहल एवं कैंसर उपचार केंद्र के भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अस्पताल प्रबंधन और ओमेगा ग्रुप की पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के उपचार के लिए आधुनिक सुविधाओं का विस्तार प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाएगा।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीज के साथ पूरा परिवार कठिन दौर से गुजरता है। यदि उपचार के लिए दूसरे राज्य जाना पड़े तो परिवार पर आर्थिक बोझ बढ़ने के साथ अनेक व्यावहारिक कठिनाइयां भी आती हैं। हमारी कोशिश है कि छत्तीसगढ़ के लोगों को गंभीर से गंभीर बीमारी के उपचार के लिए प्रदेश से बाहर जाने की आवश्यकता न्यूनतम हो और उन्हें अपने परिवार के बीच रहते हुए विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।

    उन्होंने कहा कि ओमेगा अस्पताल का प्रस्तावित ऑन्कोलॉजी सेंटर इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा। विशेषज्ञ चिकित्सकों और आधुनिक चिकित्सा तकनीक की उपलब्धता से न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि आसपास के राज्यों के मरीजों को भी बेहतर कैंसर उपचार की सुविधा मिल सकेगी।

    स्वस्थ छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए मजबूत हो रही स्वास्थ्य अधोसंरचना

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में राज्य सरकार स्वस्थ छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। स्वास्थ्य सेवाओं को केवल बड़े शहरों तक सीमित रखने के बजाय गांव, गरीब और सुदूर जनजातीय अंचलों तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पतालों तथा मेडिकल कॉलेजों तक स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत किया जा रहा है। जिला अस्पतालों में आईसीयू, डायलिसिस यूनिट, आधुनिक पैथोलॉजी और अन्य आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, ताकि सामान्य जांच और उपचार के लिए मरीजों को अनावश्यक रूप से बड़े शहरों की ओर न जाना पड़े।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास स्वास्थ्य सेवाओं का विकेंद्रीकरण करना है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच चिकित्सा सुविधाओं के अंतर को कम करते हुए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित की जा रही है।

    गंभीर बीमारी में परिवारों का संबल बन रही सरकार

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गंभीर बीमारी केवल स्वास्थ्य संबंधी चुनौती नहीं होती, बल्कि कई बार परिवार के सामने बड़ा आर्थिक संकट भी खड़ा कर देती है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ की गई आयुष्मान भारत योजना ने ऐसे लाखों परिवारों को उपचार की चिंता से राहत दी है। शासकीय अस्पतालों के साथ बड़ी संख्या में निजी अस्पतालों को भी योजना से जोड़ा गया है, जिससे पात्र परिवारों को निर्धारित प्रावधानों के अंतर्गत निःशुल्क उपचार की सुविधा मिल रही है।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के माध्यम से भी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे जरूरतमंद परिवारों को सहायता प्रदान कर रही है। हमारा स्पष्ट संकल्प है कि पैसे के अभाव में किसी गरीब का इलाज न रुके और बीमारी के उपचार के लिए किसी परिवार को अपनी जमीन, घर या गहने बेचने जैसी परिस्थिति का सामना न करना पड़े।

    अबूझमाड़ और सुदूर वनांचलों तक पहुंच रहा स्वास्थ्य सेवाओं का नेटवर्क

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में हो रहा बदलाव केवल रायपुर या बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। सरकार की प्राथमिकता अबूझमाड़ सहित प्रदेश के दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाना भी है।

    उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में कभी बुनियादी सुविधाओं की पहुंच सीमित थी, वहां आज स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ रहा है। वनांचलों में स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों की जांच और उपचार किया जा रहा है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के साथ चिकित्सकों, दवाइयों और आवश्यक जांच सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य ऐसा स्वास्थ्य तंत्र विकसित करना है जिसमें बस्तर के सुदूर गांव से लेकर राजधानी रायपुर तक हर नागरिक को आवश्यकता के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो।

    नवा रायपुर में 200 एकड़ में मेडिसिटी और फार्मा पार्क से खुलेगा संभावनाओं का नया द्वार

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख स्वास्थ्य और चिकित्सा निवेश केंद्रों में शामिल करने की दिशा में नवा रायपुर में लगभग 200 एकड़ क्षेत्र में आधुनिक मेडिसिटी और फार्मा पार्क विकसित किया जा रहा है। यह परियोजना आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य क्षेत्र की तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    उन्होंने कहा कि मेडिसिटी और फार्मा पार्क के माध्यम से सुपर स्पेशलिटी चिकित्सा सेवाओं, फार्मास्युटिकल उद्योग, चिकित्सा अनुसंधान और आधुनिक स्वास्थ्य तकनीकों को एक मजबूत इकोसिस्टम उपलब्ध होगा। इससे चिकित्सकों, नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ सहित प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर और नवा रायपुर में सुपर स्पेशलिटी एवं मल्टीस्पेशलिटी स्वास्थ्य सुविधाओं का लगातार विस्तार हो रहा है। आधुनिक स्वास्थ्य इकाइयों और चिकित्सा क्षेत्र में नए निवेश के माध्यम से छत्तीसगढ़ की मेडिकल टूरिज्म की संभावनाएं भी मजबूत हो रही हैं। हमारा प्रयास है कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ न केवल प्रदेशवासियों, बल्कि आसपास के राज्यों के लोगों के लिए भी गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक चिकित्सा सेवाओं का प्रमुख केंद्र बने।

    स्वास्थ्य क्षेत्र में निजी निवेश से बढ़ेंगी सुविधाएं और रोजगार

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ओमेगा ग्रुप का रायपुर में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार इस बात का संकेत है कि छत्तीसगढ़ चिकित्सा क्षेत्र में निवेश के आकर्षक केंद्र के रूप में उभर रहा है। राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में निजी निवेश और सार्वजनिक-निजी भागीदारी को प्रोत्साहित कर रही है।

    उन्होंने कहा कि सरकार और निजी क्षेत्र के समन्वित प्रयासों से आधुनिक स्वास्थ्य अधोसंरचना का तेजी से विस्तार संभव है। नए अस्पतालों और सुपर स्पेशलिटी केंद्रों की स्थापना से जहां मरीजों को बेहतर उपचार मिलेगा, वहीं चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मियों और अन्य युवाओं के लिए बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही समृद्ध प्रदेश की सबसे मजबूत नींव हैं। इसलिए सरकार उपचार की सुविधाएं बढ़ाने के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, आधुनिक और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में काम कर रही है। हमारा संकल्प है कि छत्तीसगढ़ का कोई भी नागरिक गंभीर बीमारी के उपचार के लिए स्वयं को असहाय महसूस न करे। सरकार हर जरूरतमंद के साथ पूरी संवेदनशीलता से खड़ी है।

    उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य में स्वास्थ्य अधोसंरचना और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का निरंतर विस्तार हो रहा है, जिसका सीधा लाभ प्रदेश की जनता को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र द्वारा आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार से प्रदेश के स्वास्थ्य तंत्र को और मजबूती मिलेगी।

    स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार गांव से लेकर शहर तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है। स्वास्थ्य अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण के साथ आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की पहुंच बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कैंसर उपचार केंद्र की पहल के लिए अस्पताल प्रबंधन और पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

    इस अवसर पर विधायक श्री मोतीलाल साहू, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, मेडिसिन हॉस्पिटल के डायरेक्टर श्री सुशील शर्मा, ओमेगा ग्रुप के सीईओ सहित अन्य जनप्रतिनिधि, चिकित्सक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

  • शेयर बाजार में IPO की धूम, Jio Platforms समेत इन कंपनियों के इश्यू की तारीख और कीमत जानें

    शेयर बाजार में IPO की धूम, Jio Platforms समेत इन कंपनियों के इश्यू की तारीख और कीमत जानें

    नई दिल्ली
    प्राथमिक बाजार में आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के जरिए धन जुटाने की रफ्तार लगातार बनी हुई है। अक्टूबर में जियो प्लेटफॉर्म्स, जेटवर्क मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस और अवाडा इलेक्ट्रो समेत करीब एक दर्जन कंपनियां अपना आईपीओ लाने की तैयारी में हैं। इन कंपनियों के आईपीओ से आईटी, स्वास्थ्य सेवा, नवीकरणीय ऊर्जा, रक्षा और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश के नए अवसर मिलने की उम्मीद है।

    कौन-कौन सी कंपनियां कतार में
    मर्चेंट बैंकर से मिली जानकारी के अनुसार, इस महीने आईपीओ लाने की तैयारी कर रही अन्य कंपनियों में फ्यूजन सीएक्स, एचडी फायर प्रोटेक्ट, टोन्बो इमेजिंग, बोनफिग्लियोली ट्रांसमिशंस, सहजानंद मेडिकल टेक्नोलॉजीज, पारस हेल्थकेयर, एनडीआर इनविट ट्रस्ट, गुजरात विक्ट्री फोर्जिंग्स और एसएफसी एनवायरनमेंटल टेक्नोलॉजीज शामिल हैं।

    इस साल अबतक 96 आईपीओ के जरिये कंपनियों ने 1.1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि जुटाई है। इनमें अकेले सितंबर महीने में 35 आईपीओ बाजार में आए थे।

    एक्सपर्ट क्या कह रहे हैं?
    जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड की एमडी और इक्विटी कैपिटल मार्केट्स प्रमुख नेहा अग्रवाल ने कहा कि वर्ष की दूसरी छमाही में भी भारतीय प्राथमिक बाजार में मजबूत गतिविधियां जारी हैं। हालांकि, शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक घटनाक्रम के कारण कंपनियों को आईपीओ लाने के लिए उपयुक्त समय का चयन करना पड़ सकता है, लेकिन गुणवत्तापूर्ण कंपनियों के शेयरों के प्रति निवेशकों की रुचि बनी हुई है।

    उन्होंने कहा कि घरेलू संस्थागत निवेशकों के पास उपलब्ध पर्याप्त पूंजी और विदेशी निवेशकों की चुनिंदा भागीदारी से सार्वजनिक निर्गम बाजार को समर्थन मिल रहा है।

    Jio पर सबका ध्यान
    रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की दूरसंचार और डिजिटल सेवा इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ इस महीने का सबसे बड़ा आकर्षण माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, कंपनी का आईपीओ 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर को बंद होगा। इसके भारत का अबतक का सबसे बड़ा आईपीओ होने की उम्मीद है।

    13 अक्टूबर को खुल रहा एचडी फायर प्रोटेक्ट आईपीओ
    एचडी फायर प्रोटेक्ट ने अपने 712 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए 258 से 271 रुपये प्रति शेयर का मूल्य दायरा तय किया है। यह निर्गम 13 अक्टूबर को खुलेगा और 15 अक्टूबर को बंद होगा। इसमें प्रवर्तकों की हिस्सेदारी बिक्री (ओएफएस) के जरिये पूरी राशि जुटाई जाएगी।

    AI कंपनी का भी आ रहा IPO
    वहीं, एआई आधारित ग्राहक अनुभव सेवाएं देने वाली कंपनी फ्यूजन सीएक्स ने 702 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए 275 से 289 रुपये प्रति शेयर का मूल्य दायरा तय किया है। इसका निर्गम 14 अक्टूबर से 16 अक्टूबर तक खुला रहेगा।

    प्रौद्योगिकी आधारित विनिर्माण मंच जेटवर्क अपने आईपीओ के जरिये करीब 5,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। इसमें 2,600 करोड़ रुपये का नया निर्गम और 9.68 करोड़ तक शेयरों की बिक्री पेशकश शामिल है। कंपनी का आईपीओ 15 अक्टूबर को खुलेगा और 19 अक्टूबर को बंद होगा।

    रक्षा प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कंपनी टोन्बो इमेजिंग ने 1.22 करोड़ तक शेयरों की बिक्री पेशकश का प्रस्ताव रखा है। इसका आईपीओ भी 15 से 19 अक्टूबर तक खुला रहेगा।

    इसी अवधि में बोनफिग्लियोली समूह की भारतीय इकाई बोनफिग्लियोली ट्रांसमिशंस का आईपीओ आएगा। कंपनी ने 4.32 करोड़ तक शेयरों की बिक्री पेशकश का प्रस्ताव दिया है।

    चिकित्सा उपकरण बनाने वाली सहजानंद मेडिकल टेक्नोलॉजीज का आईपीओ भी 15 अक्टूबर को खुलेगा और 19 अक्टूबर को बंद होगा। इस निर्गम में 1.38 करोड़ शेयरों की बिक्री पेशकश की जाएगी।

    नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की कंपनी अवाडा इलेक्ट्रो आईपीओ के जरिये 7,600 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। पारस हेल्थकेयर 1,800 करोड़ रुपये और एनडीआर इनविट ट्रस्ट 750 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में हैं।

    गुजरात विक्ट्री फोर्जिंग्स ने 1.97 करोड़ तक शेयरों के आईपीओ का प्रस्ताव रखा है। इन कंपनियों के निर्गम में नए शेयर जारी करने और मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी बेचने, दोनों की योजना शामिल है।

    जल एवं अपशिष्ट जल उपचार समाधान उपलब्ध कराने वाली एसएफसी एन्वॉयरर्नमेंटल टेक्नोलॉजीज ने 150 करोड़ रुपये के नए शेयर निर्गम और 1.23 करोड़ शेयरों की बिक्री पेशकश वाला आईपीओ प्रस्तावित किया है।

  • जशपुर में 2.5 किमी सड़क का डामरीकरण पूरा, शिक्षा-स्वास्थ्य और बाजार तक पहुंच होगी आसान

    जशपुर में 2.5 किमी सड़क का डामरीकरण पूरा, शिक्षा-स्वास्थ्य और बाजार तक पहुंच होगी आसान

    रायपुर
    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले के दूरस्थ एवं सीमावर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क को मजबूत करने और आवागमन की सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत सिकरिमा से विदुरपुर तक 2.5 किलोमीटर लंबी सड़क का मरम्मत एवं जीर्णाेद्धार कार्य 89 लाख 53 हजार रुपये की लागत से पूर्ण कर लिया गया है। सड़क के डामरीकरण से क्षेत्र के ग्रामीणों को आवागमन में बड़ी राहत मिली है। विशेष रूप से बरसात के दिनों में होने वाली परेशानियां दूर होने के साथ अब ग्रामीणों को बेहतर सड़क सुविधा का लाभ मिलेगा।

    सिकरिमा से विदुरपुर मार्ग की स्थिति खराब होने के कारण ग्रामीणों को लंबे समय से आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। विशेषकर बारिश के मौसम में सड़क की खराब स्थिति के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती थी। इसका असर विद्यार्थियों, किसानों, मजदूरों और स्वास्थ्य सेवाओं सहित अन्य आवश्यक कार्यों के लिए आने-जाने वाले ग्रामीणों पर पड़ता था। अब सड़क का मरम्मत एवं डामरीकरण कार्य पूर्ण होने से ग्रामीणों को सुगम और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी।

    ओडिशा सीमा से लगे गांवों में सड़क संपर्क हुआ मजबूत
    जशपुर जिले का सिकरिमा-विदुरपुर मार्ग ओडिशा राज्य की सीमा से लगे ग्रामीण क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। सड़क के जीर्णाेद्धार से सीमावर्ती गांवों का मुख्य मार्गों से संपर्क बेहतर होगा। इससे ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी।

    बेहतर सड़क संपर्क से किसानों को अपनी कृषि उपज बाजार तक पहुंचाने तथा ग्रामीणों को दैनिक जरूरतों के लिए आवागमन करने में भी सहूलियत होगी। इसके साथ ही क्षेत्र में सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

    बरसात में आवागमन की परेशानी से मिलेगी राहत
    सिकरिमा से विदुरपुर तक सड़क का डामरीकरण कार्य पूर्ण होने से ग्रामीणों को विशेष रूप से बारिश के मौसम में होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी। पहले सड़क की खराब स्थिति के कारण दोपहिया और अन्य वाहनों के आवागमन में कठिनाई होती थी। अब सड़क की स्थिति बेहतर होने से विद्यार्थियों को विद्यालय आने-जाने, मरीजों को स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचने तथा ग्रामीणों को आवश्यक कार्यों के लिए आवागमन करने में सुविधा होगी।

    लंबे समय से प्रतीक्षित सड़क का कार्य पूर्ण होने पर ग्रामीणों में खुशी
    सिकरिमा से विदुरपुर तक सड़क का मरम्मत एवं जीर्णाेद्धार कार्य पूर्ण होने से क्षेत्र के ग्रामीणों में प्रसन्नता है। लंबे समय से बेहतर सड़क सुविधा की प्रतीक्षा कर रहे ग्रामीणों को अब आवागमन में सहूलियत मिलेगी। सड़क के बेहतर होने से गांवों के बीच संपर्क मजबूत हुआ है और दैनिक जरूरतों के लिए आवाजाही आसान होगी।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले के दूरस्थ, ग्रामीण एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क अधोसंरचना के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत सिकरिमा-विदुरपुर मार्ग का जीर्णाेद्धार इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे ग्रामीणों के दैनिक जीवन में सुविधा बढ़ने के साथ सीमावर्ती क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।

  • भारत की रोमांचक जीत के हीरो बने गेंदबाज, कप्तान श्रेयस अय्यर ने WI को 14 रन से हराने के बाद क्या कहा?

    भारत की रोमांचक जीत के हीरो बने गेंदबाज, कप्तान श्रेयस अय्यर ने WI को 14 रन से हराने के बाद क्या कहा?

      इंदौर 
    इंदौर के होलकर स्टेडियम में खेले गए तीसरे टी20 मुकाबले में टीम इंडिया ने वेस्टइंडीज को 14 रनों से हरा दिया है. भारत की तरफ से अभिषेक शर्मा और अर्शदीप सिंह इस जीत के हीरो रहे। 

    इस शानदार जीत के साथ ही भारतीय टीम ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 2-1 की अहम बढ़त हासिल कर ली है. अब दोनों टीमों के बीच सीरीज का चौथा मुकाबला 14 अक्टूबर (बुधवार) को हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेला जाएगा। 

    टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया ने निर्धारित 20 ओवरों में 223 रनों का मजबूत स्कोर बनाया था. अभिषेक शर्मा ने मैदान पर चौकों-छक्कों की बरसात करते हुए महज 30 गेंदों में 69 रनों की शानदार पारी खेली. अभिषेक शर्मा 69 रनों की दमदार पारी खेलकर स्प्रिंगर की गेंद पर आउट हो गए। 

    इसके अलावा ईशान किशन ने 37 रन, तिलक वर्मा ने 28 रन, नीतीश रेड्डी ने 21 रन और अक्षर पटेल ने 20 रनों का योगदान दिया. तिलक वर्मा और अक्षर पटेल दोनों ही रन आउट होकर पवेलियन लौटे. वेस्टइंडीज की तरफ से गेंदबाजी में रोस्टन चेस, शमार जोसेफ और शमार स्प्रिंगर ने दो-दो विकेट चटकाए, जबकि कीमो पॉल और गुडाकेश मोटी को एक-एक सफलता मिली। 

    14 रन से वेस्टइंडीज को मिली हार
    224 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी कैरेबियाई टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और भारतीय गेंदबाजों ने लगातार अंतराल पर झटके देकर मैच पर अपनी पकड़ बनाए रखी. पारी की शुरुआत में ही अर्शदीप सिंह ने वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप (5 रन) को बोल्ड कर भारत को पहली सफलता दिलाई। 

    इसके बाद नमन धीर ने खतरनाक दिख रहे शिमरोन हेटमायर (43 रन) को बोल्ड कर विंडीज को दूसरा बड़ा झटका दिया. अक्षर पटेल ने रोवमैन पॉवेल (5 रन) को ईशान किशन के हाथों कैच आउट कराया. कामिल पूरन ने संघर्ष करते हुए 42 रन बनाए, जिन्हें नमन धीर की गेंद पर अर्शदीप ने कैच किया। 

    वेस्टइंडीज की टीम 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 209 रन ही बना सकी और 14 रनों से मुकाबला गंवा बैठी. भारत की तरफ से अर्शदीप सिंह ने सबसे अधिक तीन विकेट हासिल किए. वहीं नमन धीर भी दो अहम विकेट चटकाने में कामयाब रहे। 

    श्रेयस अय्यर के मुताबिक गेंदबाजों को अपनी रणनीति पर पूरा भरोसा था. उन्होंने स्पष्ट सोच के साथ गेंदबाजी की और मैदान पर अपनी योजनाओं को अच्छी तरह लागू किया. श्रेयस ने कहा कि जब भी उन्होंने गेंद किसी खिलाड़ी को सौंपी, हर गेंदबाज चुनौती का सामना करने के लिए तैयार था. कप्तान के लिए यही सबसे अहम बात थी। 

    मैच के बाद श्रेयस अय्यर ने कहा कि गेंदबाजों के आत्मविश्वास और उनकी रणनीति में स्पष्टता साफ दिखाई दे रही थी. उन्होंने दबाव के क्षणों में भी अपने प्लान पर अमल किया. श्रेयस ने माना कि ऐसे मैदान पर, जहां बड़े स्कोर बनते हैं, विरोधी टीम को रोकना आसान नहीं होता. इसके बावजूद भारतीय गेंदबाजों ने संयम बनाए रखा और टीम को जीत दिलाई। 

    श्रेयस अय्यर ने कहा कि वेस्टइंडीज जैसी टीम को कभी हल्के में नहीं लिया जा सकता. इसलिए भारतीय खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रक्रिया पर टिके रहना, नियमित रणनीति का पालन करना और आक्रामक रवैया बनाए रखना जरूरी था. भारतीय कप्तान ने अभिषेक शर्मा और ईशान किशन की बल्लेबाजी की भी तारीफ की. अभिषेक ने 30 गेंदों पर 69 रनों बनाकर टीम को तेज शुरुआत दिलाई, जबकि ईशान किशन ने सिर्फ 18 गेंदों पर 37 रनों ठोक दिए. दोनों बल्लेबाजों ने भारतीय पारी को मजबूती दी और बड़े स्कोर की नींव रखी। 

  • बिहार की बेटियां बनेंगी बिजनेस वुमन! सरकार की स्टार्टअप योजना से मिलेगा आर्थिक सहयोग और मार्गदर्शन

    बिहार की बेटियां बनेंगी बिजनेस वुमन! सरकार की स्टार्टअप योजना से मिलेगा आर्थिक सहयोग और मार्गदर्शन

    पटना
    बिहार में छात्राओं और युवतियों को उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने बिहार की बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना के तहत 2100 महिलाओं को लाभ देने की पहल की है।

    इस योजना के अंतर्गत चयनित प्रतिभागियों को नया व्यवसाय शुरू करने के लिए 50 हजार रुपये से लेकर 2 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता एवं प्रोत्साहन राशि का प्रावधान है।

    इस पहल का उद्देश्य बिहार की बेटियों के नवाचार और स्टार्टअप आइडिया को प्रोत्साहित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
    योजना के माध्यम से छात्राओं और युवतियों को अपने नए विचारों को व्यवसाय का रूप देने का अवसर मिलेगा।

    जिन युवतियों के पास कोई नया स्टार्टअप आइडिया या उद्यम शुरू करने की योजना है, उन्हें आर्थिक सहयोग के साथ मार्गदर्शन और जरूरी सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।

    इससे वे अपने कौशल और प्रतिभा का उपयोग कर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकेंगी।

    नवाचार और नए व्यवसायों को मिलेगा बढ़ावा
    बदलते दौर में स्टार्टअप और नई तकनीक आर्थिक विकास के महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं। ऐसे में योजना को राज्य की युवतियों में उद्यमशीलता की भावना विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

    योजना के जरिए नई सोच, तकनीकी नवाचार और व्यावसायिक संभावनाओं वाले विचारों को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जाएगा।

    आर्थिक सहायता मिलने से चयनित प्रतिभागियों को अपने व्यवसाय की शुरुआती जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सकती है।

    आत्मनिर्भर बनेंगी बिहार की बेटियां
    इस योजना का प्रमुख लक्ष्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें रोजगार तलाशने के बजाय रोजगार देने वाला बनाना है।

    आर्थिक सहयोग और मार्गदर्शन के माध्यम से युवतियों को अपने पैरों पर खड़े होने तथा व्यावसायिक क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने का अवसर मिलेगा।

    विशेष रूप से उन युवतियों के लिए यह पहल उपयोगी साबित हो सकती है, जो बेहतर विचार और काम करने की क्षमता रखने के बावजूद पूंजी की कमी के कारण अपना व्यवसाय शुरू नहीं कर पाती हैं।

    महिला उद्यमियों की भागीदारी बढ़ने से राज्य में आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

    छोटे व्यवसायों और नए स्टार्टअप के विकास से स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग के साथ-साथ बिहार की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सकती है।