Author: NewseDay

  • जयपुर के पैसिफिक मॉल में फैशन से लेकर एंटरटेनमेंट तक का अनुभव, 450 से ज्यादा स्टोर्स की तैयारी

    जयपुर के पैसिफिक मॉल में फैशन से लेकर एंटरटेनमेंट तक का अनुभव, 450 से ज्यादा स्टोर्स की तैयारी

    जयपुर
     जयपुर के मानसरोवर में रविवार को खुले पैसिफिक मॉल में पहले ही दिन लोगों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिली। वीकेंड पर खरीदारी करने और घूमने निकले लोग परिवार और दोस्तों के साथ मॉल पहुंचे। सुबह से ही यहां लोगों की आवाजाही शुरू हो गई और मॉल के अलग-अलग फ्लोर पर चहल-पहल नजर आई। युवाओं से लेकर बच्चों और परिवारों तक में इस नए मॉल को लेकर उत्साह दिखा। शॉपिंग के साथ खाने-पीने और मनोरंजन के विकल्प मिलने से यह जगह लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रही।

    फैशन, फूड और एंटरटेनमेंट के लिए एक ही जगह
    करीब 11 एकड़ में फैला पैसिफिक मॉल अपने बड़े आकार और ब्रांड्स की रेंज के चलते खास है। यहां खरीदारी के लिए आने वाले लोगों को कपड़ों, जूतों, एक्सेसरीज और लाइफस्टाइल से जुड़े कई विकल्प मिलेंगे। मॉल में उद्घाटन के समय करीब 195 ब्रांड्स उपलब्ध रहे। इनमें यूनिक्लो, एचएंडएम, मार्क्स एंड स्पेंसर, मैंगो, नाइकी, एडिडास और न्यू बैलेंस जैसे लोकप्रिय ब्रांड शामिल हैं। वहीं, माइकल कोर्स, कोच, ह्यूगो बॉस और विक्टोरियाज सीक्रेट जैसे ब्रांड्स भी यहां मौजूद हैं।

    इस तरह अलग-अलग पसंद और जरूरतों के हिसाब से लोगों को खरीदारी के कई विकल्प एक ही जगह मिल सकेंगे। मॉल में घूमने आने वाले लोग फैशन से जुड़े नए कलेक्शन देख सकते हैं और अपनी पसंद के ब्रांड्स की खरीदारी कर सकते हैं।

    450 से ज्यादा स्टोर्स जोड़ने की योजना
    कंपनी के अनुसार, मॉल का कुल निर्मित क्षेत्र करीब 30 लाख वर्गफुट है, जबकि रिटेल स्पेस लगभग 18 लाख वर्गफुट में फैला है। यहां सात रिटेल फ्लोर और दो होटल फ्लोर बनाए गए हैं। फिलहाल करीब 195 ब्रांड्स के साथ इसकी शुरुआत हुई है। आने वाले समय में यहां 450 से ज्यादा स्टोर्स शुरू करने की योजना है। इससे भविष्य में ग्राहकों के लिए खरीदारी के विकल्प और बढ़ सकते हैं।

    'द स्पिरिट ऑफ राजस्थान' का मॉडर्न अंदाज
    मॉल को 'द स्पिरिट ऑफ राजस्थान' थीम पर तैयार किया गया है। उद्घाटन के मौके पर पैसिफिक ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर अभिषेक बंसल भी मौजूद रहे। पहले दिन की रौनक ने साफ कर दिया कि जयपुर में शॉपिंग और एंटरटेनमेंट के नए ठिकानों को लेकर लोगों में खासा उत्साह है।

  • कबड्डी में गोल्ड जीतकर मनीषा ने बढ़ाया देश का मान, भिवानी के परिवार की बदली जिंदगी

    कबड्डी में गोल्ड जीतकर मनीषा ने बढ़ाया देश का मान, भिवानी के परिवार की बदली जिंदगी

    हिसार.

    दो एकड़ जमीन, परिवार की सीमित आमदनी व आंखों में बड़े सपने। इन चुनौतियों के बीच भिवानी रोहिल्ला की बेटी मनीषा ने कबड्डी के मैदान में ऐसा दम दिखाया कि परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने में भी योगदान दिया।

    गरीब किसान परिवार में जन्मी मनीषा ने मेहनत व लगन के दम पर गांव से खेल का सफर शुरू किया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। चीन के बाद एशियन गेम्स में भी गोल्ड जीतकर परिवार का नाम रोशन किया है।

    2016 से किया था कबड्डी का अभ्यास
    वर्ष 2016 में शुरू किया था कबड्डी का अभ्यास मनीषा ने वर्ष 2016 में गांव में ही कोच धर्मपाल के मार्गदर्शन में कबड्डी का अभ्यास शुरू किया था। करीब तीन साल की मेहनत के बाद उसे जिला स्तर पर खेलने का मौका मिला। इसके बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा। वर्ष 2022 में पंजाब में आयोजित नेशनल प्रतियोगिता में हिस्सा लिया, हालांकि क्वार्टर फाइनल में हार का सामना करना पड़ा।
    निराश होने के बजाय मनीषा ने अपनी कमियों पर काम किया। हरिद्वार में आयोजित सीनियर नेशनल प्रतियोगिता में तीसरा स्थान हासिल किया। स्टेट स्तर की प्रतियोगिताओं में भी बेहतर प्रदर्शन किया और आगे बढ़ने का सिलसिला जारी रखा।

    आर्थिक चुनौतियों को मात दे परिवार की बदली तकदीर
    बहनों ने भी बनाई पहचान मनीषा पांच बहनों में चौथे नंबर पर है और उसका एक छोटा भाई भी है। परिवार के पास केवल दो एकड़ जमीन है, ऐसे में आर्थिक चुनौतियों के बीच खेल में आगे बढ़ना आसान नहीं था। मनीषा व उसकी दो बहनें रेनू और शिक्षा भी पदक जीतकर परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने में योगदान दिया है।

  • बिजनौर में अजान की आवाज को लेकर पुलिस की कार्रवाई, मुअज्जिन पर मुकदमा और गलत रिपोर्ट देने के आरोप में पुलिसकर्मी निलंबित

    बिजनौर में अजान की आवाज को लेकर पुलिस की कार्रवाई, मुअज्जिन पर मुकदमा और गलत रिपोर्ट देने के आरोप में पुलिसकर्मी निलंबित

    बिजनौर
    बिजनौर के नजीबाबाद में मस्जिद में अजान के दौरान लाउडस्पीकर की तेज आवाज सुनाई देने पर मामला गरमा गया. राजकीय इंटर कॉलेज के पास स्थित नजीबुद्दौला मस्जिद में अजान की आवाज सड़क तक पहुंच रही थी. इसी दौरान नजीबाबाद थाने पहुंचे एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने आवाज सुनी तो पुलिस को मस्जिद में जांच करने के निर्देश दिए. इसके बाद पुलिस ने मस्जिद में अजान देने वाले मोहम्मद फैजान को गिरफ्तार कर लिया. मामले में मुकदमा दर्ज कर लाउडस्पीकर, एम्पलीफायर और माइक भी कब्जे में ले लिए गए। 

    यह कार्रवाई  दोपहर करीब एक बजे की बताई जा रही है. पुलिस के अनुसार, मोहम्मद फैजान नजीबाबाद के मोहल्ला मकबरा का रहने वाला है और मस्जिद में अजान देता है. पुलिस का कहना है कि लाउडस्पीकर की आवाज तय मानकों से अधिक थी, जिससे आसपास से गुजरने वाले लोगों को परेशानी हो रही थी। 

    सड़क तक पहुंच रही थी लाउडस्पीकर की आवाज 

    जानकारी के मुताबिक, शनिवार को नजीबाबाद में थाना समाधान दिवस के सिलसिले में पहुंचे एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई को राजकीय इंटर कॉलेज के पास स्थित मस्जिद से अजान की तेज आवाज सुनाई दी. इसके बाद उन्होंने पुलिस को जांच के निर्देश दिए। 

    मौके पर पहुंचे उपनिरीक्षक सौरभ सिंह और कांस्टेबल रोहित ने मस्जिद में जांच की. पुलिस के मुताबिक, वहां लाउडस्पीकर, एम्पलीफायर और माइक मिले. पुलिस का आरोप है कि लाउडस्पीकर से निकलने वाली आवाज निर्धारित सीमा से अधिक थी. कार्रवाई के दौरान मोहम्मद फैजान मौके से फरार हो गया. इसके बाद पुलिस ने उपकरण कब्जे में लेकर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। 

    सिपाही पर भी गिरी गाज 
    इस मामले में कार्रवाई केवल मोअज्जन तक सीमित नहीं रही. धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर हटाने और उनकी आवाज तय मानकों के अनुसार रखने के संबंध में गलत रिपोर्ट देने के मामले में एसपी ने नजीबाबाद थाने में तैनात सिपाही ललित कुमार को निलंबित कर दिया। 

    बताया गया है कि जिले में पहले धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर की आवाज तय मानकों के अनुसार रखने और नियमों के विपरीत लगे लाउडस्पीकर हटाने के लिए अभियान चलाया गया था. इसी अभियान से जुड़ी रिपोर्ट में गड़बड़ी मिलने के बाद सिपाही के खिलाफ कार्रवाई की गई। 

    सितंबर में हटाए गए थे 2509 धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर 
    बिजनौर जिले में सितंबर महीने में धार्मिक स्थलों पर लगे लाउडस्पीकर हटाने के लिए अभियान चलाया गया था. उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, इस दौरान 1323 मस्जिदों, 1116 मंदिरों और 70 गुरुद्वारों से लाउडस्पीकर हटाए गए थे. इसके अलावा जिन धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर लगे रहने दिए गए, वहां भी आवाज निर्धारित मानकों के अनुसार रखने की हिदायत दी गई थी। 

    अब नजीबाबाद में सामने आए इस मामले के बाद एसपी ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि धार्मिक स्थलों पर लगे ध्वनि विस्तारक यंत्रों की आवाज तय मानकों के अनुसार ही रखी जाए. साथ ही, इस संबंध में मिलने वाली रिपोर्ट की सही तरीके से जांच की जाए, ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके। 

    एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि निर्धारित मानकों से अधिक आवाज में लाउडस्पीकर बजाने के मामले में कार्रवाई की गई है. मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया की जा रही है. फिलहाल, मामला प्रदेश भर में चर्चा का विषय बन गया है। 

  • मैहर मेले में पहुंचना होगा आसान, रेलवे ने 8 ट्रेनों को दिया स्टॉपेज; श्रद्धालुओं को मिलेगी राहत

    मैहर मेले में पहुंचना होगा आसान, रेलवे ने 8 ट्रेनों को दिया स्टॉपेज; श्रद्धालुओं को मिलेगी राहत

    बलिया /मैहर 

    मध्य प्रदेश के मैहर स्थित मां शारदा मंदिर में दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए रेलवे ने आठ ट्रेनों के ठहराव को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. दी गई जानकारी के अनुसार, बलिया रूट से गुजरने वाली आठ प्रमुख ट्रेनों का मैहर स्टेशन पर पांच मिनट का अस्थायी ठहराव निर्धारित किया गया है. इससे बलिया, गाजीपुर, मऊ, छपरा और आसपास के क्षेत्रों से मैहर जाने वाले यात्रियों को सहूलियत मिलने की उम्मीद है। 

    नवरात्रि और मेले में बढ़ जाती है श्रद्धालुओं की भीड़
    मैहर स्थित मां शारदा मंदिर में नवरात्रि और विशेष धार्मिक अवसरों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ बढ़ जाती है. मैहर स्टेशन पर अतिरिक्त ठहराव मिलने से यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने और उतरने के लिए अधिक समय मिल सकता है. इस फैसले से खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के साथ यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिलने की उम्मीद है। 

    आठ ट्रेनों के नाम और समय की आधिकारिक पुष्टि जरूरी
    उपलब्ध जानकारी में आठ ट्रेनों के नाम, गाड़ी संख्या, ठहराव लागू होने की तारीख और आगमन-प्रस्थान का समय स्पष्ट नहीं है. इसलिए यात्रियों को यात्रा से पहले रेलवे की आधिकारिक सूचना, एनटीईएस या रेलवे हेल्पलाइन 139 के माध्यम से संबंधित ट्रेन का ठहराव और समय जरूर जांच लेना चाहिए। 

    सुरक्षा और यात्री सुविधाओं पर रहेगा जोर
    मेले के दौरान स्टेशन पर भीड़ प्रबंधन और यात्रियों की सुरक्षा महत्वपूर्ण रहती है. हालांकि, अतिरिक्त आरपीएफ-जीआरपी बल की तैनाती और विशेष हेल्प डेस्क बनाए जाने के संबंध में आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। 

  • नोएडा में स्कूलों को बम धमकी से मचा हड़कंप, करीब एक दर्जन स्कूलों में जांच के लिए पहुंची पुलिस टीम

    नोएडा में स्कूलों को बम धमकी से मचा हड़कंप, करीब एक दर्जन स्कूलों में जांच के लिए पहुंची पुलिस टीम

    नोएडा
    स्कूल में बच्चों की पढ़ाई चल रही हो और अचानक बम से उड़ाने की धमकी मिलने की खबर आ जाए, तो अभिभावकों की चिंता बढ़ना लाजिमी है. नोएडा में ऐसा ही मामला सामने आया है. करीब एक दर्जन स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है. इनमें सेक्टर-16 स्थित एपीजे स्कूल, स्टेप बाय स्टेप और डीपीएस जीबीएन समेत कई स्कूल शामिल हैं. सूचना मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉड और फायर विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। 

    कई स्कूलों को मिली धमकी
    शुरुआती जानकारी के मुताबिक, नोएडा के करीब एक दर्जन स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है. इस लिस्ट में एपीजे, स्टेप बाय स्टेप और डीपीएस जीबीएन जैसे स्कूलों के नाम शामिल हैं. एक साथ कई स्कूलों को निशाना बनाकर धमकी दिए जाने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है. हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि सभी स्कूलों को धमकी किस माध्यम से मिली और इसके पीछे किसका हाथ है. इस मामले में पुलिस जांच कर रही है। 

    पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड मौके पर
    धमकी की सूचना मिलने के बाद पुलिस के साथ बम निरोधक दस्ते, डॉग स्क्वॉड और फायर विभाग की टीमें मौके पर मौजूद हैं.सुरक्षा एजेंसियां स्थिति का जायजा ले रही हैं और धमकी से जुड़ी जानकारी की जांच में जुटी हुई है।  

    धमकी के स्रोत का पता लगाने में जुटी पुलिस
    पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि धमकी कहां से भेजी गई और क्या यह वास्तविक खतरा है या किसी ने दहशत फैलाने के लिए ऐसा किया है. फिलहाल, किसी स्कूल में बम मिलने या धमकी के पीछे जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान होने की पुष्टि नहीं हुई है। 

  • पंजाब के अमृतसर एयरपोर्ट पर ड्रोन की हलचल, कई फ्लाइट्स डायवर्ट; सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    पंजाब के अमृतसर एयरपोर्ट पर ड्रोन की हलचल, कई फ्लाइट्स डायवर्ट; सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अमृतसर.

    श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रविवार देर रात एयरपोर्ट और उसके आसपास आसमान में अत्यधिक ऊंचाई पर दो से तीन संदिग्ध ड्रोन उड़ते दिखाई दिए। सुरक्षा के मद्देनजर रनवे ऑपरेशंस रोक दिए गए और अमृतसर आ रही तीन फ्लाइट्स को डायवर्ट करना पड़ा।

    स्थिति की समीक्षा के बाद रात करीब सवा दस बजे हवाई सेवाएं बहाल कर दी गईं। जानकारी के अनुसार, रविवार रात करीब 9:30 बजे एयरपोर्ट पर तैनात सीआईएसएफ के जवानों ने एयरपोर्ट परिसर और बाहर के आसमान में दो से तीन अज्ञात वस्तुओं को संदिग्ध हालात में उड़ते देखा। जवानों ने तुरंत इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी। सुरक्षा समीक्षा के बाद रात 10:15 बजे के आसपास एयरपोर्ट का संचालन सामान्य कर दिया गया। गौरतलब कि इससे पहले अगस्त महीने में भी इसी तरह ड्रोन एक्टिविटी हुई थी। उस वक्त भी कुछ उड़ानें प्रभावित हुई थी।

    ये उड़ानें हुईं डायवर्ट –

    • एहतियातन रात 9:32 बजे अमृतसर आ रही तीन उड़ानों का रूट बदल दिया गया
    • मलेशिया एयरलाइंस (MH-118) : कुआलालंपुर से अमृतसर-दिल्ली डायवर्ट
    • इंडिगो (6E-5028) : मुंबई से अमृतसर-चंडीगढ़ डायवर्ट
    • एयर इंडिया (AI-855) : दिल्ली से अमृतसर-वापस दिल्ली डायवर्ट
  • शारदीय नवरात्र में बनेंगे 2 गजकेसरी और 3 सर्वार्थ सिद्धि योग, मेष समेत 4 राशियों की चमकेगी किस्मत

    शारदीय नवरात्र में बनेंगे 2 गजकेसरी और 3 सर्वार्थ सिद्धि योग, मेष समेत 4 राशियों की चमकेगी किस्मत

    11 अक्टूबर से लेकर 19 अक्टूबर तक शारदीय नवरात्र रहेंगे. नौ दिन के इस महापर्व में एक दुर्लभ संयोग बनने वाला है. इस बार नवरात्र में दो बार गजकेसरी योग और तीन बार सर्वार्थ सिद्धि योग रहने वाला है. पहला गजकेसरी योग 11 अक्टूबर को बना था और दूसरा 19 अक्टूबर को बनेगा. इसके अलावा 14, 18 और 19 अक्टूबर को सर्वार्थ सिद्धि योग भी रहेगा. महाष्टमी और महानवमी भी सर्वार्थ सिद्धि योग में मनाई जाएगी. यानी इस बार नवरात्र में पांच दिन बेहद खास रहने वाले हैं. ज्योतिषविदों की मानें तो यह दुर्लभ संयोग चार राशियों के लिए शुभ संकेत दे रहा है.

    मेष राशि
    लंबित कार्यों में गति आएगी. करियर में ग्रोथ के नए अवसर आपको मिलेंगे. आर्थिक मामलों में भी राहत मिलने वाली है. इसके साथ ही अचानक धन प्राप्ति के संकेत हैं, जिससे आर्थिक स्थिति को मजबूती मिल सकती है. सामाजिक जीवन में आपका मान-सम्मान बढ़ने की उम्मीद है. परिवार और दोस्तों का सहयोग मिलने से आत्मविश्वास मजबूत होगा. इससे आप अपने तय लक्ष्यों पर बेहतर तरीके से ध्यान दे पाएंगे. इस दौरान अपनी योजनाओं को आगे बढ़ाने और उपलब्ध अवसरों का सही इस्तेमाल करने पर ध्यान देना फायदेमंद रहेगा.

    मिथुन राशि
    नौकरी और कारोबार के लिहाज से समय अच्छा दिखाई दे रहा है . कार्यक्षेत्र में अपनी योग्यता और प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा. पेशेवर मोर्चे पर बड़ी और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है. आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं, लेकिन निवेश करते समय जल्दबाजी से बचना जरूरी होगा. किसी भी फैसले पर पहुंचने से पहले उसके सभी पहलुओं पर विचार करें. सोच-समझकर बनाई गई योजनाएं आगे चलकर लाभ पहुंचा सकती हैं. इस दौरान अपनी मेहनत को सही दिशा में लगाना और काम के प्रति गंभीर रहना जरूरी रहेगा.

    सिंह राशि
    नौकरी करने वालों को अपने काम के लिए वरिष्ठ अधिकारियों से प्रशंसा मिल सकती है. अपनी प्रतिभा और कार्यक्षमता के दम पर आप कार्यक्षेत्र में अलग पहचान बनाने में सफल हो सकते हैं. व्यापारियों के लिए भी आगे बढ़ने के नए अवसर सामने आ सकते हैं. ऐसे में अपनी क्षमताओं पर भरोसा बनाए रखना जरूरी होगा. सामने आने वाले अवसरों को पहचानकर उनका पूरा लाभ उठाने की कोशिश करें. मेहनत और सही दिशा में किए गए प्रयास आपको अपने पेशेवर लक्ष्यों के करीब पहुंचाने में मदद कर सकते हैं.

    तुला राशि
    आर्थिक मामलों में राहत देने वाला समय है. नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है. लंबे समय से अटका हुआ धन वापस मिलने से आर्थिक स्थिति बेहतर हो सकती है. नौकरी बदलने की तैयारी कर रहे लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं. वहीं, अविवाहित जातकों के विवाह की बातचीत आगे बढ़ने के संकेत हैं. इस अवधि में करियर और निजी जीवन से जुड़े मामलों में सकारात्मक प्रगति की उम्मीद की जा सकती है

  • रेलवे का त्योहारों पर बड़ा इंतजाम, प्रयागराज-हडपसर पूजा स्पेशल में होंगे 21 कोच; जानें स्टॉपेज और सुविधाएं

    रेलवे का त्योहारों पर बड़ा इंतजाम, प्रयागराज-हडपसर पूजा स्पेशल में होंगे 21 कोच; जानें स्टॉपेज और सुविधाएं

    भोपाल
    दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ पर्व के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने प्रयागराज से हडपसर के बीच पूजा स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। इस ट्रेन का लाभ बीना, रानी कमलापति और इटारसी के यात्रियों को भी मिलेगा।

    ये गाड़ियां चलेंगी
    – गाड़ी संख्या 04107 प्रयागराज-हडपसर स्पेशल 21 अक्टूबर से 18 नवंबर तक प्रत्येक बुधवार को प्रयागराज से रात 10:20 बजे रवाना होगी।

    यह बीना रात 11:35 बजे, रानी कमलापति अगले दिन रात 2 बजे और इटारसी सुबह 3:35 बजे पहुंचेगी। हडपसर में शाम 7:30 बजे पहुंचेगी।

    वापसी शेड्यूल
    – वापसी में गाड़ी संख्या 04108 हडपसर-प्रयागराज स्पेशल 22 अक्टूबर से 19 नवंबर तक प्रत्येक गुरुवार को रात 10:40 बजे चलेगी।

    यह इटारसी दोपहर 12:20, रानी कमलापति 2:15 और बीना शाम 4:45 बजे पहुंचेगी। ट्रेन में 21 कोच होंगे, जिनमें 12 स्लीपर, छह सामान्य, एक थर्ड एसी और दो एसएलआरडी कोच शामिल हैं।

     

  • MP में ओबीसी आरक्षण पर फिर बढ़ी हलचल, मोहन सरकार सुप्रीम कोर्ट जाने और जातिगत जनगणना पर कर रही मंथन

    MP में ओबीसी आरक्षण पर फिर बढ़ी हलचल, मोहन सरकार सुप्रीम कोर्ट जाने और जातिगत जनगणना पर कर रही मंथन

    भोपाल

     हाईकोर्ट से रद्द हो चुके 27 फीसद ओबीसी आरक्षण पर सरकार चुप नहीं बैठेगी। कई स्तर पर कानूनी सलाह ली जा रही है। सुप्रीम कोर्ट जाने की संभावना सबसे ज्यादा है। हालांकि अभी यह अंतिम रूप से तय नहीं हुआ है। कई स्तर पर कानूनी सलाह ली जा रही है। सूत्रों के मुताबिक सरकार जल्द ही सर्वदलीय बैठक बुला सकती है, जिसमें सभी बिंदुओं पर चर्चा की जानी है। नए सिरे से उन राज्यों का अध्ययन भी कराया जा सकता है, जहां पूर्व से ओबीसी वर्ग को 27 फीसद या उससे अधिक आरक्षण की पात्रता है। बता दें कि विपक्ष और ओबीसी महासभा पहले ही सुप्रीम कोर्ट जाने का ऐलान कर चुके हैं।

    आगले कदम क्या होने चाहिए, इस पर मंथन
    कानूनी मामलों के जानकारों के मुताबिक सरकार दो तरीके से आगे बढ़ सकती है। पहला, फिर से सुप्रीम कोर्ट जाए। दूसरा, जातिगत जनगणना के नतीजों का इंतजार। एक कैबिनेट मंत्री का कहना है कि मप्र में ओबीसी आरक्षण बड़ा मुद्दा रहा है, आने वाले समय भी रहेगा। ऐसे में संवैधानिक कदम उठाए जाएंगे, इस दिशा में निश्चित ही विचार-विमर्श चल रहा है। जानकारों का कहना है कि कई राज्यों में आरक्षण की सीमा 50% से अधिक है लेकिन वहां की सरकारों ने इसके लिए विशेष स्थिति वाले तर्क दिए थे। मप्र में ऐसा नहीं हो पाया, इसके लिए कई पक्ष जिम्मेदार हैं।

    राजनीतिक समीकरण भी सक्रिय
    राजनीतिक समीकरण के आधार पर भी यह बड़ा विषय है, चूंकि मप्र में ओबीसी एक बड़ा वर्ग है और अन्य राज्यों की तुलना में आरक्षण मामलों में पिछड़े है। आने वाले चुनावों में विपक्ष द्वारा ओबीसी आरक्षण को मुद्दा बनाया जाना तय है तो ओबीसी वर्ग के संगठनों में भी अंदरूनी स्तर पर कई दौर की चर्चा जारी है। बता दें तत्कालीन कमलनाथ सरकार ने 2019 में ओबीसी को 27% आरक्षण देने के कानून के लिए अध्यादेश लाया था, जो विवादों में पड़ा। सुप्रीम कोर्ट से लेकर हाईकोर्ट में कई दौर की सुनवाई हुई और अंततः हाल में हाईकोर्ट ने कानून को रद्द कर दिया।

    हाईकोर्ट ने खारिज कर दी थी मांग
    जानकारी के लिए बता दें कि, 9 अक्टूबर को जबलपुर हाईकोर्ट ने 27 फीसदी आरक्षण करने की मांग को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने 13% होल्ड पदों पर तीन महीने के भीतर अनारक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने का निर्देश दिया था। इसके साथ ही जो नियुक्तियां 27 फीसदी के हिसाब से पिछले कुछ वर्षों में हो चुकी है, उन्हें बरकरार रखने और आगे होने वाली भर्ती प्रक्रिया में से निम्न पदों की संख्या को एडस्ट करने का भी आदेश दिया था।

    15 महीने वाली कांग्रेस सरकार ने कर दिया था लागू
    कमलनाथ सरकार ने मध्यप्रदेश में ओबीसी का आरक्षण बढ़ाकर 27 फीसदी करने की घोषणा कर लागू भी कर दिया था। इसके बाद यह मामला कोर्ट में चले गया था। कोर्ट ने कहा है कि ओबीसी वर्ग का पर्याप्त प्रतिनिधित्व है। मध्यप्रदेश में 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण के मामले में 2019 में 14 से 27 फीसदी आरक्षण कर दिया था। बाद में यह न्यायिक प्रक्रिया में आ गया।

  • स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर उज्जैन में हंगामा, आयुर्वेद छात्रों ने कॉलेज-अस्पताल का गेट बंद कर जताया विरोध

    स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर उज्जैन में हंगामा, आयुर्वेद छात्रों ने कॉलेज-अस्पताल का गेट बंद कर जताया विरोध

    उज्जैन

    उज्जैन के आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे करीब 200 आयुर्वेद छात्र-छात्राओं ने सोमवार को कॉलेज और अस्पताल के मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर दी।

    बीते सात दिनों से धरना दे रहे विद्यार्थियों का कहना है कि बार-बार मांग उठाने के बावजूद उनकी सुनवाई नहीं हुई। तालाबंदी के कारण सुबह अस्पताल पहुंचने वाले डॉक्टरों, अन्य स्टाफ और मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

    ₹9,383 से बढ़ाकर ₹21,500 करने की मांग
    प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों की मांग है कि बीएएमएस इंटर्न को मिलने वाला स्टाइपेंड बढ़ाकर 21,500 रुपये प्रतिमाह किया जाए। विद्यार्थियों के मुताबिक, वर्तमान में मध्यप्रदेश में बीएएमएस इंटर्न को महज 9,383 रुपये मानदेय दिया जा रहा है, जबकि अन्य राज्यों में इंटर्न को इससे अधिक स्टाइपेंड मिलता है।

    एमबीबीएस इंटर्न के बराबर मानदेय की मांग
    विद्यार्थियों का कहना है कि बीएएमएस और एमबीबीएस इंटर्न समान तरह की ड्यूटी करते हैं, लेकिन स्टाइपेंड में बड़ा अंतर है। उनका तर्क है कि समान कार्य के लिए समान मानदेय मिलना चाहिए। विद्यार्थियों ने सरकार से मांग की है कि बढ़ा हुआ स्टाइपेंड तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।

    प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि मांग पूरी करने संबंधी लिखित आदेश चाहिए।

    सद्बुद्धि यज्ञ और रक्तदान कर चुके हैं छात्र
    स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर छात्र-छात्राएं पिछले सात दिनों से धरना दे रहे हैं। इस दौरान वे प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने के साथ सद्बुद्धि यज्ञ और रक्तदान जैसे कार्यक्रम भी कर चुके हैं। इसके बावजूद मांग पर निर्णय नहीं होने से नाराज विद्यार्थियों ने सोमवार को कॉलेज और अस्पताल के गेट पर तालाबंदी कर दी।

    तालाबंदी के बाद अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों को परेशानी हुई। विद्यार्थियों ने स्पष्ट किया कि उनकी प्रमुख मांग बीएएमएस इंटर्न का स्टाइपेंड बढ़ाकर एमबीबीएस इंटर्न के बराबर करना है।