Author: NewseDay

  • Bigg Boss 20: लव गिल और स्काउट ओपी का वीडियो वायरल, आईस पैक वाले सीन पर मचा बवाल

    Bigg Boss 20: लव गिल और स्काउट ओपी का वीडियो वायरल, आईस पैक वाले सीन पर मचा बवाल

    बिग बॉस 20 में लव गिल और स्काउट ओपी की नजदीकियां चर्चा में बनी हुई हैं. भाई-बहन बोलकर वो जिस तरह से कैमरे पर नजदीकियां दिखाते हैं, इसने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है. शो में वो डंके की चोट पर एक-दूसरे को भाई-बहन बोलते हैं. लेकिन उनकी हरकतें कुछ और ही बयां करती हैं. स्काउट और लव की करीबियों का एक और वीडियो सामने आया है.

    लव-स्काउट का रिश्ता क्या?
    वायरल वीडियो में घरवाले गार्डन एरिया में बैठे हुए हैं. तभी लव गिल के पास स्काउट आते हैं. एक्ट्रेस खड़े होकर कुर्ते के अंदर से कुछ निकालकर स्काउट के हाथ में पकड़ाती हैं. ये वीडियो देखकर लोगों के होश उड़ गए हैं. लोगों का दावा है कि लव ने अपनी ब्रा निकलकर स्काउट को पकड़ाई है. इंटरनेट पर ये सीन देखकर तहलका मच गया है. लेकिन यहां बड़ी गलतफहमी हुई है. लव ने अपने कुर्ते के अंदर से ब्रा नहीं बल्कि आईस पैक निकाला है.

    ये वीडियो इंटरनेट पर धड़ल्ले से वायरल हो रहा है. भले ही वो आईस पैक था, लेकिन तब भी जिस तरह से 150 कैमरों के सामने लव ने स्काउट को कुर्ते में से निकालकर आईस पैक दिया है, इसे देखकर यूजर्स अनकंफर्टेबल हो गए हैं. यूजर्स का कहना है इन दोनों को नहीं मालूम कैमरे के सामने कैसे बिहेव करना है. किसी ने लिखा- ये शो के सबसे चीपेस्ट कंटेस्टेंट हैं. दूसरे ने कहा- थोड़ी तो शर्म लिहाज होनी चाहिए. आईस पैक भी इस तरह से सरेआम निकालकर देने का क्या मतलब है.

    बिग बॉस के बीते वीकेंड का वार में लव गिल और स्काउट की नजदीकियों को लेकर सलमान खान ने एक्ट्रेस से सवाल भी किया था. जहां लव ने बताया कि उनका एक छोटा भाई है. उसके साथ फिजीकल टच को लेकर वो नॉर्मल हैं. इसके बाद सलमान ने बात को आगे नहीं बढ़ाया, वो वहीं पर चुप हो गए.

    सलमान ने दबी जुबान ने लव-स्काउट को बताया कि उनकी नजदीकियों को लेकर बातें बन रही हैं. लेकिन स्काउट ने इस बात को गलत तरीके से लिया. उनका कहना है कि सोशल मीडिया की बातों से उन्हें फर्क नहीं पड़ता. मेकर्स उनका लव संग रिश्ता खराब करना चाहते हैं. मगर वो ऐसा नहीं होने देंगे.

  • बस्तर के नगरनार स्टील प्लांट में आग लगने से मची हलचल, नुकसान का आकलन कर रही टीम

    बस्तर के नगरनार स्टील प्लांट में आग लगने से मची हलचल, नुकसान का आकलन कर रही टीम

    जगदलपुर.

    नगरनार स्थित एनएमडीसी के स्टील प्लांट के भीतर आग लगने की एक और घटना सामने आई है. इस बार प्लांट परिसर में टीआरएल कंपनी के स्टोर में आग लग गई. घटना के बाद मौके पर पहुंचे फायर फाइटर ने तत्परता दिखाते हुए आग पर काबू पा लिया.

    राहत की बात यह रही कि आग पर नियंत्रण कर लिया गया, लेकिन घटना के कारणों और इससे हुए नुकसान को लेकर अब तक विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है, वहीं प्लांट प्रबंधन ने घटना को लेकर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है. उल्लेखनीय है कि स्टल प्लांट परिसर के भीतर आग लगने की सूचना से कुछ समय के लिए हलचल की स्थिति निर्मित हो गई. आग किस वजह से लगी, स्टोर में किस तरह की सामग्री रखी हुई थी और आग से कितना नुकसान हुआ है, इन सवालों के जवाब फिलहाल स्पष्ट नहीं हैं. आग बुझाने के लिए फायर फाइटर को मौके पर पहुंचना पड़ा, उनके प्रयासों से आग पर काबू पा लिया गया.

    घटना को लेकर प्लांट प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है. प्रबंधन के टिप्पणी करने से इनकार के कारण आग लगने की वजह, नुकसान की स्थिति और सुरक्षा इंतजामों से जुड़े सवालों पर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है. फिलहाल यह भी स्पष्ट नहीं है कि घटना की विस्तृत जांच कराई जा रही है या नहीं. औद्योगिक इकाई के भीतर आग लगने की घटनाओं में समय पर आग पर नियंत्रण के साथ-साथ उनके कारणों का पता लगाना भी महत्वपूर्ण है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके.

    अब सबकी नजर इस बात पर है कि प्रबंधन घटना को लेकर कब तक आधिकारिक जानकारी देता है, और आग लगने के वास्तविक कारणों का खुलासा कब होता है. नगरनार स्टील प्लांट में इससे पहले भी आग लगने की घटना सामने आ चुकी है. ऐसे में एक बार फिर प्लांट परिसर में आग लगने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. हालांकि पिछली और वर्तमान घटना के बीच किसी तरह का संबंध है या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हुई है. बार-बार ऐसी घटनाएं सामने आने के बीच आग लगने के कारणों की जांच और औद्योगिक सुरक्षा उपायों की जानकारी सार्वजनिक किए जाने की जरूरत महसूस की जा रही है.

  • धीरेंद्र शास्त्री की रथयात्रा में भक्त बने सलमान खान, दूसरे दिन 7 संकल्पों के साथ सनातन एकता पर जोर

    धीरेंद्र शास्त्री की रथयात्रा में भक्त बने सलमान खान, दूसरे दिन 7 संकल्पों के साथ सनातन एकता पर जोर

     पन्ना
    छतरपुर में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की 3.0 ‘सनातन हिंदू एकता रथयात्रा’ का आज दूसरा दिन है। पन्ना स्थित रघुलीला पैलेस में रात्रि विश्राम के बाद यात्रा सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ, राष्ट्रगान और बच्चों को शपथ दिलाने के साथ। 

    अयोध्या के राजू दास, मलूकपीठ के गंगा दास, हरिद्वार के मोनी और चित्रकूट के राधेश्याम महाराज साथ हैं। शास्त्री ने हजारों श्रद्धालुओं को सात वचनों की शपथ दिलाई। उन्होंने सामाजिक एकता, नशामुक्ति, हिंदू एकता और राष्ट्रवाद को यात्रा का उद्देश्य बताया।

    बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री के भक्त बने सलमान खान

    पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री बुंदेलखंड के 5 जिलों में सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा निकाल रहे हैं. 11 अक्टूबर को ग्राम गड़ा बागेश्वर धाम से शुरू यात्रा बमीठा, चंदननगर, पन्ना, अजयगढ़ और अमानगंज होते हुए दमोह, सागर और टीकमगढ़ तक जाएगी. पन्ना के अजयगढ़ में यात्रा 11 अक्टूबर को रात में पहुंची, जहां पर बगराजन माता में कार्यक्रम आयोजित हुआ। 

    सलमान खान को बागेश्वर धाम बुलाया
    धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा मंदिर में पूजा अर्चना की गई. इस मौके पर पन्ना विधायक एवं अनेक जनप्रतिनिधि और हजारों की संख्या में जनता मौजूद रही. इसी दौरान मंच पर सलमान खान सहित एक और मुस्लिम भाई को लेकर पहुंचे. उन्होंने बाबा बागेश्वर को माला पहनाई. धीरेंद्र शास्त्री द्वारा उन्हें पीले रंग का गमछा पहनाया गया. इस बीच सलमान खान ने बाबा बागेश्वर के पैर छुए. सलमान खान ने बताया "उन्होंने बागेश्वर धाम सरकार के पैर छुए हैं. इसमें कोई अजीब बात नहीं है. वे संत हैं. उन्होंने मेरी बीमारी के बारे में भी बताया है. उन्होंने बागेश्वर धाम आने के लिए कहा है। 

    सलमान खान की बीमारी बताई
    सलमान खान का कहना है "मैं बागेश्वर धाम जाऊंगा और उनके शिष्यों से बाबा बागेश्वर से मिलाने का आग्रह करूंगा. उनसे बीमारी के बारे में और उपचार के बारे में जानकारी लूंगा. अभी बीमारी के बारे में उन्होंने ज्यादा चर्चा नहीं हो सकी क्योंकि वहां पर कैमरे चल रहे थे." वहीं, बाबा बागेश्वर ने अजयगढ़ में कहा "जहां पर बरसात नहीं होती, वहां की फसलें खराब हो जाती हैं और जहां पर संस्कार नहीं होते वहां पर नस्ल खराब हो जाती हैं।  

    कुछ दें या नहीं, बच्चों को संस्कार दें
    बाबा बागेश्वर ने कहा "अपने बच्चों को कार या व्यापार देकर नहीं जाना लेकिन उनको संस्कार देकर जरूर जाना, क्योंकि संस्कार अगर उनके अंदर रहेंगे तो कार और व्यापार भी कहीं भी कमा लेंगे." सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा रात करीब 11:00 बजे पन्ना पहुंची जहां पर रात्रि विश्राम पन्ना के मधुबन गार्डन में हुआ, जहां पर उनके साथ हजारों की संख्या में लोग रथ यात्रा में शामिल हुए. दूसरे दिन रथ यात्रा अमानगंज होते हुए दमोह जिले प्रवेश करेगी। 

  • उत्तर प्रदेश की मंडियों को मिलेंगे नए अधिकारी, प्रशासनिक अनुभव वाले अफसर संभालेंगे जिम्मेदारी

    उत्तर प्रदेश की मंडियों को मिलेंगे नए अधिकारी, प्रशासनिक अनुभव वाले अफसर संभालेंगे जिम्मेदारी

    राजस्व, पंचायती राज, आयकर और रक्षा सेवाओं के अनुभवी अब संभालेंगे यूपी की मंडियों की कमान

    मंडियों में नई पारी, किसानों के हितों की रक्षा की होगी जिम्मेदारी

    लखनऊ के आईआईसीएमआरटी में नवनियुक्त मंडी सचिवों का 45 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शुरू

    अखिल भारतीय अध्ययन भ्रमण में जानेंगे विभिन्न राज्यों की मंडियों की कार्यप्रणाली

    हर दूसरे नए मंडी सचिव के पास पूर्व सेवा का अनुभव, 126 चयनितों में 84 विज्ञान स्नातक

    लखनऊ

    प्रदेश की कृषि मंडियों में आधुनिक, पारदर्शी और किसान केंद्रित प्रबंधन व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से सोमवार को नवनियुक्त मंडी सचिवों का 45 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद की ओर से लखनऊ स्थित आईआईसीएमआरटी में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। प्रशिक्षण के दौरान सचिवों को अखिल भारतीय अध्ययन भ्रमण पर भी भेजा जाएगा, जहां वे देश की प्रमुख मंडियों और आधुनिक कृषि विपणन केंद्रों की कार्यप्रणाली का अध्ययन करेंगे।

    प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए प्रमुख सचिव कृषि डॉ. एम.के.एस. सुंदरम ने कहा कि प्रदेश सरकार कृषि विपणन व्यवस्था को अधिक प्रभावी और किसान हितैषी बनाने के लिए निरंतर सुधार कर रही है। इन सुधारों का लाभ किसानों तक पहुंचाने में मंडी सचिवों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने नवचयनित सचिवों से पारदर्शिता, जवाबदेही और किसान हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य करने का आह्वान किया।

    मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि परिषद को विविध शैक्षणिक योग्यता और पूर्व सेवा अनुभव वाला नया कैडर मिला है। प्रशिक्षण का उद्देश्य इनकी दक्षता को मंडी प्रबंधन की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करना है। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों की मंडियों का अध्ययन भ्रमण सचिवों को कृषि विपणन की विविध कार्यप्रणालियों से परिचित कराएगा, जिसका लाभ प्रदेश की मंडियों और किसानों को मिलेगा।

    भारत सरकार के विपणन एवं निरीक्षण निदेशालय (डीएमआई) के विशेषज्ञों के सहयोग से आयोजित 45 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में मंडी अधिनियम, वित्तीय प्रबंधन, ई-नाम और अन्य डिजिटल व्यवस्थाओं की जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण के अंतर्गत नवचयनित सचिव देश के विभिन्न राज्यों की प्रमुख मंडियों एवं आधुनिक कृषि विपणन केंद्रों का अध्ययन भ्रमण भी करेंगे। इस दौरान वे कृषि उपज की आवक, नीलामी एवं मूल्य निर्धारण की प्रक्रिया, किसानों और व्यापारियों को उपलब्ध सुविधाओं, उपज की ग्रेडिंग, भंडारण, परिवहन तथा डिजिटल विपणन व्यवस्थाओं का अवलोकन करेंगे। प्रशिक्षण में केस स्टडी और व्यावहारिक कार्ययोजनाओं को भी शामिल किया गया है।

    राजस्व से रक्षा सेवाओं तक का अनुभव लेकर आए नए मंडी सचिव

    कार्यभार ग्रहण कर चुके 116 नवचयनित मंडी सचिवों में 59 यानी लगभग 51 प्रतिशत को पूर्व सेवा का अनुभव है। उपलब्ध विभागवार विवरण के अनुसार सर्वाधिक 23 सचिव राजस्व विभाग में कार्य कर चुके हैं। इसके अलावा वित्त, लेखा, कर एवं सहकारिता क्षेत्र से सात, पंचायती राज और जिला न्यायालय से छह-छह, रक्षा सेवाओं से पांच, रेलवे और पुलिस से तीन-तीन तथा बैंकिंग और वन विभाग से दो-दो सचिव शामिल हैं। शेष दो नवचयनित मंडी सचिव अन्य विभागों से संबंधित हैं। विभिन्न विभागों में कार्य कर चुके इन युवाओं के प्रशासनिक और व्यावहारिक अनुभव का लाभ मंडियों के संचालन एवं प्रबंधन में मिलेगा।

    126 चयनित मंडी सचिवों में 84 विज्ञान स्नातक, 42 अन्य विषयों से स्नातक

    नवचयनित मंडी सचिवों की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी विविधता लिए हुए है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार कुल 126 चयनित अभ्यर्थियों में 84 विज्ञान स्नातक हैं, जबकि शेष 42 ने अन्य विषयों से स्नातक की उपाधि प्राप्त की है। इनमें परास्नातक, बीएड, डीएलएड तथा अन्य अतिरिक्त शैक्षणिक योग्यताएं रखने वाले अभ्यर्थी भी शामिल हैं। रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस में पीजी डिप्लोमा तथा सिविल इंजीनियरिंग डिप्लोमा जैसी तकनीकी योग्यता वाले युवा भी इस नए कैडर का हिस्सा हैं। कुल 126 चयनित अभ्यर्थियों में से अब तक 116 ने मंडी सचिव के पद पर कार्यभार ग्रहण कर लिया है।

    योगी सरकार के सुधारों से भर्ती में पारदर्शिता, योग्यता को मिला सम्मान

    पहले मंडी परिषद एवं मंडी समितियों में भर्ती परिषद की सेवा विनियमावली के तहत परिषद स्तर से की जाती थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने भर्ती व्यवस्था में सुधार करते हुए स्वतंत्र चयन आयोगों के माध्यम से निष्पक्ष, पारदर्शी और योग्यता आधारित चयन की प्रक्रिया अपनाई। उच्च श्रेणी के मंडी सचिवों की भर्ती उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से होती है, जबकि वर्तमान नवनियुक्त सचिवों का चयन उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की प्रतिस्पर्धी परीक्षा से हुआ है। इस बदलाव से प्रतिभाशाली युवाओं को अपनी योग्यता के बल पर आगे बढ़ने का अवसर मिला है।

  • छत्तीसगढ़ शिक्षक भर्ती में बड़ा अपडेट, ई-संवर्ग के 795 और टी-संवर्ग के 1497 पदों पर आवेदन का मिलेगा मौका

    छत्तीसगढ़ शिक्षक भर्ती में बड़ा अपडेट, ई-संवर्ग के 795 और टी-संवर्ग के 1497 पदों पर आवेदन का मिलेगा मौका

    सहायक शिक्षक भर्ती-2026 के विस्तृत विज्ञापन में संशोधन, दिव्यांग अभ्यर्थियों को मिलेगा आवेदन का अवसर

    उच्च न्यायालय के आदेश के परिपालन में लोक शिक्षण संचालनालय ने जारी किया शुद्धि पत्र

    दृष्टिबाधित, श्रवणबाधित और सेरेब्रल पाल्सी श्रेणी के दिव्यांग अभ्यर्थी भी कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन

    ई-संवर्ग के 795 और टी-संवर्ग के 1497 सहित कुल 2292 पदों के लिए जारी है भर्ती प्रक्रिया

    रायपुर
    छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत सहायक शिक्षक भर्ती-2026 के विस्तृत विज्ञापन में महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है। लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ द्वारा माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय के परिपालन में शुद्धि पत्र जारी कर दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए पात्रता संबंधी प्रावधानों में बदलाव किया गया है। इसके तहत दृष्टिबाधित (Blind), श्रवणबाधित (Deaf) तथा सेरेब्रल पाल्सी (Cerebral Palsy) श्रेणी के दिव्यांग अभ्यर्थियों को भी ऑनलाइन आवेदन करने का अवसर प्रदान किया जाएगा।

               लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी शुद्धि पत्र के अनुसार, राज्य की शासकीय शालाओं के ई-संवर्ग एवं टी-संवर्ग में सहायक शिक्षक के रिक्त पदों की पूर्ति के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल की वेबसाइट पर 24 जुलाई 2026 को विस्तृत विज्ञापन जारी किया गया था। इस भर्ती विज्ञापन के संबंध में माननीय उच्च न्यायालय, छत्तीसगढ़ में दायर याचिका क्रमांक WPS No. 6783 of 2026 (मीनाक्षी मंगलकर एवं अन्य बनाम छत्तीसगढ़ शासन एवं अन्य) में 9 अक्टूबर 2026 को पारित निर्णय के अनुपालन में संशोधन किया गया है।

    दिव्यांग अभ्यर्थियों की पात्रता में महत्वपूर्ण संशोधन

                 शुद्धि पत्र के अनुसार, समाज कल्याण विभाग की 11 सितंबर 2026 की संशोधित अधिसूचना के अनुरूप सहायक शिक्षक पद के लिए चिह्नित उपयुक्त दिव्यांगता की श्रेणियों में ब्लाइंड (B), डेफ (D) तथा सेरेब्रल पाल्सी (CP) को शामिल किया गया है। इसके साथ ही विस्तृत विज्ञापन की कंडिका 05 के उपखंड (iv) को विलोपित किया गया है।

                दिव्यांगजनों के लिए आरक्षित पदों का समूहवार एवं श्रेणीवार वितरण भी सामान्य प्रशासन विभाग के 5 मार्च 2019 के निर्देशों के अनुरूप जारी किया गया है। इसके तहत दृष्टिबाधित, श्रवणबाधित, अस्थिबाधित तथा बहुदिव्यांगता से संबंधित समूहों के लिए आरक्षित पदों का विवरण स्पष्ट किया गया है।

    सहायक शिक्षक के कुल 2292 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया

                जारी संशोधित विवरण के अनुसार सहायक शिक्षक ई-संवर्ग में 795 तथा टी-संवर्ग में 1497 पद शामिल हैं। ई-संवर्ग में रायपुर, दुर्ग, महासमुंद, बलौदाबाजार-भाटापारा, बालोद, बेमेतरा, राजनांदगांव, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा, मुंगेली, रायगढ़ एवं बिलासपुर जिले शामिल हैं। इसी प्रकार टी-संवर्ग में बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कोंडागांव, कांकेर, नारायणपुर, सुकमा, सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज, कोरिया, जशपुर, कोरबा, रायगढ़, गरियाबंद एवं बालोद जिले शामिल हैं।

    ऑनलाइन आवेदन की तिथि अलग से होगी घोषित

                  लोक शिक्षण संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि ब्लाइंड (B), डेफ (D) एवं सेरेब्रल पाल्सी (CP) श्रेणी के दिव्यांग अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन करने का अवसर दिया जाएगा। इन अभ्यर्थियों के लिए ऑनलाइन आवेदन की तिथि की जानकारी छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल द्वारा पृथक से जारी की जाएगी।संचालनालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि 24 जुलाई 2026 को जारी सहायक शिक्षक भर्ती के विस्तृत विज्ञापन की शेष सभी शर्तें एवं कंडिकाएं पूर्ववत रहेंगी।

  • मिडिल ईस्ट में पाकिस्तान की कूटनीति पर संकट? हूतियों के हाथों 47 सैनिकों के पकड़े जाने की खबर और ईरान के बयान से हलचल

    मिडिल ईस्ट में पाकिस्तान की कूटनीति पर संकट? हूतियों के हाथों 47 सैनिकों के पकड़े जाने की खबर और ईरान के बयान से हलचल

    इस्लामाबाद

    पाकिस्तान अपनी जिस कूटनीति के गीत पूरी दुनिया में गा रहा था, वो पूरी तरह से फेल होती दिख रही है. मध्य पूर्व के मसलों में दलाल बनकर हर तरफ से मलाई खाने का उसका प्लान बर्बाद हो चुका है क्योंकि न तो ईरान उसकी मंशा पर भरोसा कर रहा है, न ही सऊदी अरब और तुर्की के साथ मिलकर बना उसका इस्लामिक नाटो उसके किसी काम का रह गया है. वहां पाकिस्तान के अंदर विरोध ने शहबाज-मुनीर के होश उड़ा रखे हैं, यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी इज्जत का फालूदा बन चुका है। 

    दरअसल सऊदी अरब और तुर्की के साथ मिलकर पाकिस्तान ने जो मक्का पैक्ट किया था और दुनियाभर में इस रक्षा गठबंधन का ढिंढोरा पीटा था, वो सबसे ज्यादा नुकसान उसी का कर रहा है. हूतियों की वॉर्निंग के बाद भी डिफेंस पैक्ट में बंधे पाकिस्तान ने सऊदी अरब के समर्थन में जैसे ही अपनी सेना उतारी, उसके भाड़े के सैनिकों को हूती विद्रोहियों ने धर लिया. हूती प्रवक्ता जनरल याह्या सरी ने कहा है कि बाब अल-मंदेब की लड़ाई में हूतियों ने सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के 85 सैनिकों को पकड़ लिया है. इनमें 47 पाकिस्तानी सैनिक शामिल हैं। 

    ईरान के सांसद ने क्यों पाकिस्तान को लताड़ा?

    ईरानी सांसद मोहसेन जंगनेह ने पाकिस्तान की शांति की कोशिशों का मजाक उड़ाते हुए उनके निष्पक्ष होने पर सवाल उठाया. पाकिस्तान के सऊदी की जंग में उतरने के बाद ईरान की ओर से ऐसा बयान आया है. जंगनेह ने साफ तौर पर कहा कि विदेश नीति पर साफ तौर से अमेरिका का असर रहता है. ईरानी सांसद ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का भी जिक्र करते हुए भरपूर मखौल उड़ाया. उन्होंने लिखा-  उनके ट्वीट भी अमेरिकियों की ओर से लिखे जाते हैं. जंगनेह के निशाने पर वो ट्वीट था, जिसमें आखिर में एक ऐसी लाइन लिखी हुई थी, जिसे देखकर यह साफ समझ आ रहा था कि शहबाज शरीफ किया गया ट्वीट कहीं और से फॉरवर्ड हुआ है। 

    क्यों फंस गया है पाकिस्तान?
    पाकिस्तान को लेकर बात करें तो ये देश ईरान-अमेरिका के युद्ध की शुरुआत से ही पंचायत सुलझाने की भूमिका में आ गया था. उसने कुछ महीनों बाद इस्लामाबाद में दलाली का पूरा इंतजाम किया और दोनों पक्षों को बुला भी लिया लेकिन बात बनने के बजाय और बिगड़ गई. ईरान का भरोसा यहीं से पाकिस्तान पर से उठने लगा था और अब हूतियों के खिलाफ सेना उतारने के बाद परिस्थितियां पाकिस्तान के और खिलाफ हो चुकी हैं. ऐसे में पाकिस्तान पूरी तरह से फंसा हुआ है. एक तरफ सऊदी-तुर्की के साथ उसका डिफेंस पैक्ट है और ये दोनों देश अमेरिका की फ्रेंड लिस्ट में हैं, वहीं दूसरी ओर ईरान है- जो उसका पड़ोसी है और उससे रिश्ते बिगाड़ना उसे कभी भी फायदा नहीं देगा। 

  • झारखंड: रांची में फुटपाथ दुकानदारों को मिलेगी राहत, 6 अंचलों से सरकारी जमीन का ब्योरा तलब

    झारखंड: रांची में फुटपाथ दुकानदारों को मिलेगी राहत, 6 अंचलों से सरकारी जमीन का ब्योरा तलब

     रांची
     राजधानी की सड़कों और फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त करने के साथ फुटपाथ दुकानदारों के रोजगार को व्यवस्थित करने की तैयारी तेज हो गई है।

    रांची नगर निगम सभी 53 वार्डों में वेंडिंग जोन और वेंडर मार्केट विकसित करना चाहता है। इसके लिए अब सरकारी जमीन की तलाश शुरू कर दी गई है।

    निगम के उप नगर आयुक्त रविंद्र कुमार ने शहर अंचल समेत छह अंचलों के अंचल अधिकारियों को पत्र लिखकर उपलब्ध सरकारी जमीन की सूची मांगी है।

    अधिकारियों को जमीन चिह्नित करने के साथ उसकी मापी और विस्तृत विवरण भी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।

    अतिक्रमण हटाने के साथ रोजगार बचाने की तैयारी
    शहर में फुटपाथों पर दुकानें लगने से पैदल चलने वालों को परेशानी होती है, वहीं कई प्रमुख सड़कों पर यातायात भी प्रभावित होता है। दूसरी ओर, फुटपाथ पर दुकान लगाना हजारों लोगों की आजीविका का साधन है।

    ऐसे में निगम की योजना दुकानदारों को निर्धारित स्थान उपलब्ध कराकर दोनों समस्याओं का समाधान निकालने की है। वेंडिंग जोन और वेंडर मार्केट बनने से दुकानदारों को कारोबार के लिए व्यवस्थित जगह मिलेगी और सड़कों पर बेतरतीब तरीके से दुकानें लगने की समस्या कम हो सकेगी।

    जमीन के अभाव में अटकी है कई वार्डों की योजना
    नगर निगम के अनुसार, कुछ वार्डों में वेंडिंग जोन और वेंडर मार्केट का निर्माण कर संचालन शुरू किया जा चुका है, जबकि कुछ स्थानों पर काम जारी है। हालांकि, उपयुक्त जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण कई वार्डों में योजना अब तक आगे नहीं बढ़ सकी है।

    इसी बाधा को दूर करने के लिए शहर अंचल, बड़गाईं, कांके, हेहल, नामकुम और अरगोड़ा के सीओ से सरकारी भूमि का ब्योरा मांगा गया है।

    जमीन की उपलब्धता और उपयुक्तता की जानकारी मिलने के बाद ही अलग-अलग वार्डों में निर्माण की संभावनाएं स्पष्ट हो सकेंगी।

    मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद तेज हुई पहल
    राजधानी के सुंदरीकरण और फुटपाथ दुकानदारों को व्यवस्थित करने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सितंबर में अधिकारियों के साथ हुई बैठक में सभी 53 वार्डों में वेंडिंग जोन और वेंडर मार्केट के लिए जमीन चिह्नित करने का निर्देश दिया था।

    उन्होंने दुकानदारों को निर्धारित स्थानों पर बसाने पर जोर दिया था, ताकि शहर की व्यवस्था बेहतर होने के साथ उनके रोजगार पर भी असर न पड़े।

  • बिहार के इन 9 देवी मंदिरों की है खास मान्यता, नवरात्र में जरूर करें मां के दर्शन

    बिहार के इन 9 देवी मंदिरों की है खास मान्यता, नवरात्र में जरूर करें मां के दर्शन

    पटना

     Shakti peeth in Bihar शारदीय नवरात्र हो या चैत्र नवरात्र, मां दुर्गा की भक्ति में डूबा बिहार अपनी समृद्ध धार्मिक परंपराओं के लिए खास पहचान रखता है। राज्य के अलग-अलग जिलों में स्थित देवी मंदिरों में सालभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है, लेकिन नवरात्र के दौरान इन मंदिरों की रौनक देखते ही बनती है।

    Devi Temple in Bihar कहीं मां के दर्शन के लिए लंबी कतारें लगती हैं, तो कहीं विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन होता है। आइए, तस्वीरों के जरिए बिहार के नौ प्रसिद्ध शक्तिस्थलों और देवी मंदिरों की महिमा जानते हैं।

    1. Maa Mundeshwari Temple: कैमूर की पहाड़ियों पर विराजती हैं मां
    Maa Mundeshwari Temple बिहार के कैमूर जिले में स्थित मां मुंडेश्वरी मंदिर अपनी प्राचीनता और धार्मिक मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध है। कैमूर की पहाड़ियों पर स्थित इस मंदिर को देश के प्राचीन मंदिरों में गिना जाता है।

    यहां मां मुंडेश्वरी की पूजा के साथ भगवान शिव की आराधना भी की जाती है। मंदिर की प्राचीन स्थापत्य शैली और धार्मिक परंपराएं श्रद्धालुओं को आकर्षित करती हैं।

    नवरात्र के अवसर पर यहां बड़ी संख्या में भक्त मां के दर्शन करने पहुंचते हैं। इस मंदिर की एक खास पहचान यहां प्रचलित पारंपरिक बलि-विधि है, जिसमें रक्तपात के बिना अनुष्ठान किया जाता है। आस्था और इतिहास का संगम होने के कारण यह मंदिर बिहार के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों में शामिल है।

    2. Patan Devi Temple: पटना की बड़ी और छोटी पटनदेवी की महिमा
    Bari Patan Devi Temple राजधानी पटना में स्थित बड़ी पटनदेवी और छोटी पटनदेवी मंदिर श्रद्धालुओं की गहरी आस्था के केंद्र हैं। बड़ी पटनदेवी को बिहार के प्रमुख शक्तिस्थलों में विशेष स्थान प्राप्त है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, यह स्थान मां सती से जुड़ी पौराणिक परंपराओं के कारण अत्यंत पवित्र माना जाता है।

    नवरात्र में दोनों मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, आरती और धार्मिक अनुष्ठान होते हैं। सुबह से ही श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचने लगते हैं। राजधानी में स्थित होने के कारण यहां बिहार के अलग-अलग जिलों के अलावा दूसरे राज्यों से भी भक्त आते हैं। मां के दर्शन कर श्रद्धालु सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।
    3. Maa Tara Chandi Temple: सासाराम में मां के दर्शन के लिए उमड़ते हैं भक्त
    रोहतास जिले के सासाराम में स्थित मां तारा चंडी मंदिर बिहार के प्रसिद्ध देवी मंदिरों में शामिल है। कैमूर पहाड़ी क्षेत्र के निकट स्थित इस मंदिर का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व है। यहां मां तारा की पूजा-अर्चना के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं।

    नवरात्र के दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल रहता है। श्रद्धालु मां के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि और जीवन में सुख-शांति की कामना करते हैं।

    स्थानीय धार्मिक परंपराओं में इस मंदिर को विशेष स्थान प्राप्त है। सासाराम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह मंदिर आस्था के प्रमुख केंद्रों में से एक है।

    4. Maa Mangla Gauri Temple: गया में माता के दर्शन का विशेष महत्व
    गया स्थित मां मंगला गौरी मंदिर बिहार के प्रसिद्ध देवी मंदिरों में से एक है। यह मंदिर अपनी धार्मिक मान्यताओं और प्राचीन परंपराओं के कारण देशभर में जाना जाता है।

    मान्यता है कि यहां माता की पूजा करने से भक्तों को सुख, सौभाग्य और पारिवारिक खुशहाली का आशीर्वाद मिलता है।

    विशेष रूप से सावन और नवरात्र के दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ जाती है। भक्त माता को चुनरी, फूल और प्रसाद अर्पित कर पूजा-अर्चना करते हैं।

    गया के धार्मिक पर्यटन स्थलों में इस मंदिर का महत्वपूर्ण स्थान है। मां मंगला गौरी के दर्शन के लिए बिहार के साथ-साथ दूसरे राज्यों से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं।

    5. Aami Mandir: सारण में मां अंबिका के दरबार की अलग पहचान
    सारण जिले के आमी गांव में स्थित मां अंबिका मंदिर क्षेत्र के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में शामिल है। इस मंदिर को लेकर श्रद्धालुओं में गहरी आस्था है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यहां सच्चे मन से पूजा करने वाले भक्त माता से अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की प्रार्थना करते हैं।

    गंगा नदी के निकट स्थित इस मंदिर का वातावरण श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। नवरात्र के दौरान यहां विशेष पूजा-अर्चना होती है और भक्तों की आवाजाही बढ़ जाती है।

    संतान सुख और मनोकामना पूर्ति की कामना से भी श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। आमी मंदिर सारण जिले की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

    6. Maa Chandika Sthan: मुंगेर में शक्ति उपासना का प्रमुख केंद्र
    मुंगेर स्थित मां चंडिका स्थान बिहार के प्रमुख देवी मंदिरों में गिना जाता है। इस मंदिर को लेकर कई धार्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं। श्रद्धालु यहां मां चंडिका की पूजा कर परिवार की खुशहाली, सुख-शांति और संकटों से मुक्ति की कामना करते हैं।

    नवरात्र के दिनों में मंदिर में विशेष धार्मिक गतिविधियां होती हैं। भक्त सुबह से ही दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।

    मुंगेर और आसपास के जिलों के लोगों के बीच इस मंदिर की विशेष मान्यता है। धार्मिक परंपराओं और स्थानीय आस्था के कारण चंडिका स्थान लंबे समय से श्रद्धालुओं को आकर्षित करता रहा है।

    7. Maa Ugratara Temple: महिषी में विराजती हैं मां उग्रतारा
    सहरसा जिले के महिषी में स्थित मां उग्रतारा मंदिर बिहार के प्रसिद्ध शक्तिस्थलों में शामिल है। यह मंदिर धार्मिक और तांत्रिक परंपराओं के लिए विशेष रूप से जाना जाता है। यहां मां उग्रतारा की आराधना करने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं।

    नवरात्र के दौरान मंदिर में विशेष पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं। भक्त माता के दर्शन कर सुख, शांति

    सारण जिले के आमी गांव में स्थित मां अंबिका मंदिर क्षेत्र के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में शामिल है। इस मंदिर को लेकर श्रद्धालुओं में गहरी आस्था है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यहां सच्चे मन से पूजा करने वाले भक्त माता से अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की प्रार्थना करते हैं।

    गंगा नदी के निकट स्थित इस मंदिर का वातावरण श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। नवरात्र के दौरान यहां विशेष पूजा-अर्चना होती है और भक्तों की आवाजाही बढ़ जाती है।

    संतान सुख और मनोकामना पूर्ति की कामना से भी श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। आमी मंदिर सारण जिले की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

    8. Maa Raj Rajeshwari Temple: मुजफ्फरपुर में आस्था का प्रमुख केंद्र

    मुजफ्फरपुर स्थित मां राजराजेश्वरी मंदिर श्रद्धालुओं के बीच विशेष आस्था रखता है। यहां माता की पूजा-अर्चना के लिए सालभर भक्त पहुंचते हैं। नवरात्र के समय मंदिर में सजावट, आरती और विशेष अनुष्ठानों के कारण भक्तिमय माहौल देखने को मिलता है।

    श्रद्धालु माता के दरबार में पहुंचकर मानसिक शांति, सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं। स्थानीय धार्मिक परंपराओं में इस मंदिर का विशेष महत्व है। मुजफ्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए यह मंदिर देवी उपासना का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।

    9. Maa Kali Temple: फारबिसगंज में मां काली के दर्शन की विशेष मान्यता
    अररिया जिले के फारबिसगंज स्थित मां काली मंदिर सीमांचल क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। मां काली की आराधना करने के लिए यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। धार्मिक मान्यता है कि माता की पूजा करने से भक्तों को साहस, शक्ति और संकटों का सामना करने की प्रेरणा मिलती है।

    नवरात्र के दौरान मंदिर में पूजा-अर्चना और दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ जाती है। भक्त माता को फूल, प्रसाद और चुनरी अर्पित कर अपनी श्रद्धा प्रकट करते हैं। सीमांचल की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं में इस मंदिर का खास स्थान है।
    नवरात्र में इन मंदिरों के दर्शन से जुड़ी है बिहार की धार्मिक विरासत

    बिहार के ये नौ देवी मंदिर राज्य की समृद्ध धार्मिक परंपरा, लोक आस्था और सांस्कृतिक विरासत की झलक पेश करते हैं। पटना की पटनदेवी से लेकर कैमूर की मुंडेश्वरी और सहरसा की उग्रतारा तक, हर मंदिर की अपनी अलग पहचान और स्थानीय मान्यताएं हैं।

    नवरात्र के अवसर पर इन मंदिरों में श्रद्धालु मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा-अर्चना करते हैं। जो लोग इन धार्मिक स्थलों तक नहीं पहुंच पाते, वे तस्वीरों के माध्यम से इनके दर्शन कर सकते हैं और बिहार की आध्यात्मिक विरासत को करीब से जान सकते हैं।

  • हिसार में कचरा प्रबंधन को मिलेगी नई दिशा, ₹9.93 करोड़ के टेंडर के बाद वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना आगे बढ़ी

    हिसार में कचरा प्रबंधन को मिलेगी नई दिशा, ₹9.93 करोड़ के टेंडर के बाद वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना आगे बढ़ी

    हिसार
     हिसार शहर के कचरे को ऊर्जा में बदलने की प्रस्तावित योजना अब धीरे-धीरे जमीन पर उतरने की दिशा में आगे बढ़ रही है। हिसार में वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट स्थापित करने की तैयारियों के बीच आयल ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (ओजीईएल) की ओर से तीन सदस्यीय विशेषज्ञ टीम ने ढंढूर गांव के पास चिह्नित जमीन का निरीक्षण किया।

    दिल्ली से आए विशेषज्ञों ने सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के लिए प्रस्तावित जमीन का निरीक्षण कर वहां की मौजूदा स्थिति की रिपोर्ट तैयार की। निगमायुक्त सी. जयाश्रद्धा के मार्गदर्शन में नगर निगम की तकनीकी टीम भी एक्सईएन जयवीर डूडी के नेतृत्व में मौके पर मौजूद रही।

    परियोजा को आगे बढ़ाने के लिए होगी मिट्टी की जांच
    अब परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए जमीन की मिट्टी की जांच करवाई जाएगी। इसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की तकनीकी प्रक्रिया को गति मिलेगी। हिसार में प्रस्तावित यह परियोजना शहर की कचरा प्रबंधन व्यवस्था को बदलने की क्षमता रखती है।

    योजना के तहत पांच जिलों हिसार, हांसी, फतेहाबाद, जींद और भिवानी जिले के सिवानी क्षेत्र से आने वाले कचरे का उपयोग कर पांच से दस मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।

    मेरठ की एजेंसी को दिया 9.93 करोड़ रुपये का टेंडर
    इसके लिए राजकीय पशुधन फार्म की 55 एकड़ भूमि में से 15 एकड़ जमीन लीज पर मिल चुकी है। कचरा प्रोसेसिंग के काम के लिए मेरठ की एजेंसी को 9.93 करोड़ रुपये में टेंडर दिया गया है। निगमायुक्त से भी हुई मीटिंग विशेषज्ञों की टीम ने निगमायुक्त सी. जयाश्रद्धा से परियोजना के संबंध में बातचीत की।

    वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट की स्थापना की दिशा में आगे बढ़ते हुए आयल ग्रीन एनर्जी लिमिटेड की तीन सदस्यीय विशेषज्ञ टीम ने जमीन के संबंध में काफी जानकारी जुटाई।

    ओजीईएल और यूएलबी की टीम ने इस जगह का किया निरीक्षण
    चिकनवास सब स्टेशन से जुड़ेगा प्रस्तावित प्लांट वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना के लिए बिजली को ग्रिड तक पहुंचाने की तैयारी भी की जा रही है। एचवीपीएनएल के एक्सइएन सत्यप्रकाश के नेतृत्व में चिकनवास में 220 केवी का सब स्टेशन तैयार हो चुका है।

    प्रस्तावित योजना के अनुसार, वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट को इस सब स्टेशन से जोड़ने के लिए करीब 10 किलोमीटर लंबी 33 केवी लाइन बिछाई जाएगी। इससे प्लांट में उत्पादित बिजली को बिजली व्यवस्था में शामिल करने का रास्ता तैयार होगा।

    प्रदेश सरकार हिसार के विकास को व्यापक स्तर पर गति दे रही है। इसी दिशा में क्लस्टर स्तर पर वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट स्थापित करने की परियोजना पर काम आगे बढ़ रहा है। यह परियोजना कचरे को समस्या के बजाय संसाधन में बदलने और ऊर्जा पैदा करने में महत्वपूर्ण साबित होगी।

     

  • राज्यपाल रमेन डेका से खिलाड़ियों ने की सौजन्य मुलाकात, प्रदेश की खेल प्रतिभाओं ने बढ़ाया मान

    राज्यपाल रमेन डेका से खिलाड़ियों ने की सौजन्य मुलाकात, प्रदेश की खेल प्रतिभाओं ने बढ़ाया मान

    राज्यपाल रमेन डेका से प्रदेश के उत्कृष्ट खिलाड़ियों ने की सौजन्य भेंट

    रायपुर
    छत्तीसगढ़ के विभिन्न खेलों में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले खिलाड़ियों ने आज लोकभवन में राज्यपाल रमेन डेका से सौजन्य भेंट की। खिलाड़ी छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के उपाध्यक्ष किशोर महानंद के साथ राज्यपाल से मिलने पहुंचे थे।

                 राज्यपाल डेका ने खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी मेहनत, अनुशासन और समर्पण युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को भविष्य में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश एवं देश का नाम रोशन करने के लिए प्रोत्साहित किया और आगामी प्रतियोगिताओं में सफलता की शुभकामनाएं दीं।

                 राज्यपाल से भेंट करने वालों में अंतरराष्ट्रीय पावरलिफ्टर प्रदीप क्षत्री एवं लखपति सिंदूर, वेटलिफ्टर कैलाश सिक्का, बास्केटबॉल खिलाड़ी कु. सौपी सिक्का, थाई बॉक्सिंग में स्वर्ण पदक विजेता कु. मानसी तांडी, सॉफ्टबॉल खिलाड़ी कु. गंगा सोना एवं कु. प्रतिमा सोना, फुटबॉल खिलाड़ी बोस्टो तांडी एवं राजेश महानंद, कराटे खिलाड़ी कु. लक्षिता तांडी, किक बॉक्सिंग खिलाड़ी कु. रीयाशा बाघ, पावरलिफ्टर कु. प्रिया हरपाल तथा ‘इंडियाज बेस्ट डांसर सीजन-5’ के विजेता रितेश पाल शामिल थे।

               राज्यपाल ने सभी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें खेल के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।