Author: NewseDay

  • Kanha National Park: CM मोहन यादव ने की कान्हा की खूबसूरती की तारीफ, प्राकृतिक वातावरण में वन्यजीवों को देखने का दिया संदेश

    Kanha National Park: CM मोहन यादव ने की कान्हा की खूबसूरती की तारीफ, प्राकृतिक वातावरण में वन्यजीवों को देखने का दिया संदेश

    कान्हा एशिया का सबसे बड़ा नेशनल पार्क, वन्य प्राणियों के नैसर्गिंक जीवन निहारने एक बार कान्हा जरूर आएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

     मंडला / बालाघाट 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कान्हा नेशनल पार्क हमारे देश का नहीं, पूरे एशिया महाद्वीप का सबसे बड़ा नेशनल पार्क है। सघन वनों से आच्छादित कान्हा नेशनल पार्क मुख्यत बाघ, चीता, लकड़बग्घा, हाथी एवं अन्य कई वन्य जीवों से समृद्ध है। उन्होंने सभी वन्य जीव प्रेमियों, पर्यटकों और नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वन्य प्राणियों के साहचर्यपूर्ण नैसर्गिक जीवन को निहारने के लिए कम से कम एक बार कान्हा नेशनल पार्क जरूर आएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती पर हमारे समृद्ध वनों  में सभी प्रकार के जीव जंतुओं के लिए अपने प्राकृतिक आवास में स्वछन्द विचरण करने की स्वतंत्रता है। प्रदेश में बारहसिंगा को भी पुनर्जीवन मिला है। यह वन्य जीव धरती पर धीरे-धीरे विलुप्त होता जा रहा था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क में हमारा चीता पुनर्बसाहट प्रोजेक्ट बड़ी सफलता के साथ आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मंडला जिले के कान्हा किसली में स्थानीय मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्व सरमा और उनकी सरकार के सहयोग से मध्यप्रदेश में जंगली भैंसों (वाइल्ड बफेलो) के पुनर्वास की प्रक्रिया प्रारंभ की है। रविवार को ही यहां 6 मादा और 8 नर जंगली भैंसों को उनके प्राकृतिक आवास में विमुक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के वनों में टाइगर, चीता, लेपर्ड, मगर, घड़ियाल और गिद्धों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। हमारे वन्य जीव मध्यप्रदेश का गौरव पर्यटन क्षेत्र में बढ़ा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार वन, वन्य जीव और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए निरंतर प्रयासरत है। इन प्रयासों से प्रदेश की जैव विविधता को सुरक्षित रखने के साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक विरासत को संरक्षित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि बाघ, तेंदुआ, घड़ियाल और मगरमच्छ जैसे वन्य जीवों के संरक्षण के क्षेत्र में हो रहे प्रयास हमारी प्राकृतिक धरोहर को और समृद्ध बना रहे हैं। यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की इस समृद्ध वन्यजीव विरासत के संरक्षण में योगदान देने वाले सभी लोगों को बधाई दी।

  • शिवराज के बेटे कार्तिकेय अब संभालेंगे वॉलीबॉल संघ की कमान, निर्विरोध अध्यक्ष चुने जाने के बाद खेल जगत में चर्चा तेज

    शिवराज के बेटे कार्तिकेय अब संभालेंगे वॉलीबॉल संघ की कमान, निर्विरोध अध्यक्ष चुने जाने के बाद खेल जगत में चर्चा तेज

    भोपाल 
    केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान की चुनावी राजनीति से पहले खेल प्रशासन में एंट्री हो गई है। कार्तिकेय मध्य प्रदेश वॉलीबॉल संघ के निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए हैं। अध्यक्ष बनने के बाद कार्तिकेय ने प्रदेश में वॉलीबॉल के विकास के लिए मध्यप्रदेश वॉलीबॉल खेल नीति 2026 का प्रारूप जल्द तैयार करने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर जिले में खेल को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए रोडमैप बनाया जाएगा। नई प्रतिभाओं को अवसर देने, खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और जिला संघों को आर्थिक सहायता देने पर भी काम किया जाएगा।

    कार्तिकेय ने संघ के पदाधिकारियों, जिला संघों के प्रतिनिधियों और सदस्यों का आभार जताते हुए कहा कि उन पर जताए गए विश्वास पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे। उनका लक्ष्य वॉलीबॉल को प्रदेश के हर गांव और युवा तक पहुंचाना है।

    ये पदाधिकारी चुने गए
    चुनाव अधिकारी एडवोकेट दिलीप मालवीय ने चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराई। नई कार्यकारिणी में अनवर खान वरिष्ठ उपाध्यक्ष, विधायक आशीष शर्मा और राम पांडे उपाध्यक्ष, सतीश जोशी महासचिव और विशाल शर्मा कोषाध्यक्ष चुने गए। डीआर सिंह और राजेश शुक्ला संयुक्त सचिव बनाए गए हैं।

    कार्यकारिणी सदस्यों में आशीष सिंह, भूपेन्द्र कांत, राजेन्द्र चतुर्वेदी, मेरिट खिलाड़ी श्वेता शर्मा और रीवा के कृष्णानंद शामिल हैं। बैठक में विभिन्न आयु वर्गों की राज्य स्तरीय चैंपियनशिप कराने की स्वीकृति भी दी गई।

    गांव तक वॉलीबॉल को पहुंचाएंगे
    अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद कार्तिकेय सिंह चौहान ने प्रदेश में वॉलीबॉल के समग्र विकास के लिए मध्यप्रदेश वॉलीबॉल खेल नीति 2026 का प्रारूप जल्द जारी करने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर जिले में इस खेल को बढ़ावा देने के लिए रोडमैप तैयार किया जाएगा। नई प्रतिभाओं को अवसर देने, खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और जिला संघों को आर्थिक सहायता देने की दिशा में भी काम किया जाएगा।

    उन्होंने अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपने के लिए संघ के सभी पदाधिकारियों, जिला संघों के प्रतिनिधियों और सदस्यों का आभार जताया। चौहान ने कहा कि उनका प्रयास सभी के विश्वास पर खरा उतरने का रहेगा। वॉलीबॉल को प्रदेश के हर गांव और युवा तक पहुंचाना तथा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना प्राथमिकता होगी।

    राज्य स्तरीय चैंपियनशिप को मंजूरी
    बैठक में विभिन्न आयु वर्गों की राज्य स्तरीय वॉलीबॉल चैंपियनशिप आयोजित कराने की स्वीकृति दी गई। साथ ही संघ की वैधानिक स्थिति के संबंध में सदन को विस्तृत जानकारी दी गई। नई कार्यकारिणी के सामने प्रदेश में खेल के विस्तार, जिला संघों को मजबूत करने और उभरते खिलाड़ियों को बेहतर मंच उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी होगी।

  • नेपाल सीमा पर अलर्ट, बूढ़ी गंडक का जलस्तर बढ़ा लेकिन गंडक नदी में घटा पानी का प्रवाह

    नेपाल सीमा पर अलर्ट, बूढ़ी गंडक का जलस्तर बढ़ा लेकिन गंडक नदी में घटा पानी का प्रवाह

     बगहा (पश्चिमी चंपारण)
     Nepal Flood Impact: नेपाल में भूस्खलन से गंडक की सहायक नदी बूढ़ी गंडक में जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। लेकिन गंडक नदी में पानी का प्रवाह बहुत कम है। जिससे वाल्मीकिनगर गंडक बराज पर किसी प्रकार का खतरा नहीं है।

    डिस्चार्ज में आई कमी
    सोमवार की अहले सुबह पांच बजे बराज से 40 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। वहीं दस बजते ही पानी का प्रवाह कम हो गया और 37 हजार 200 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। अर्थात पानी के डिस्चार्ज में 2 हजार 800 क्यूसेक की कमी आ गई।

    नेपाल सीमा पर अलर्ट
    वहीं ग्यारह बजे पानी घटकर 33 हजार पर आ गया। बताते चलें कि गंडक नदी में जल प्रवाह की कमी है। लेकिन नेपाल के सीमावर्ती जिले चितवन, नवलपरासी में सतर्कता बढ़ा दी गई है।

    तटवर्ती इलाकों में माइकिंग
    नेपाल प्रशासन ने रविवार से ही माइकिंग कराना शुरू कर दिया है। बूढ़ी गंडकी नदी में जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए चितवन के गंडक नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के लिए माइकिंग नेपाल बाढ़ पूर्वानुमान शाखा के द्वारा प्रचार कराया जा रहा है

    लोगों ने ली राहत की सांस
    नेपाल में अलर्ट को देखते हुए वाल्मीकि नगर गंडक नदी के तटवर्ती इलाकों में रहने वालों लोगों में भय का माहौल कायम हो गया था। लेकिन अब लोग भी निश्चिंत हो चले हैं। इधर गंडक नदी के रास्ते पानी के आने का कोई अलर्ट अब तक जारी नहीं किया गया है।

    नहीं है कोई खतरा
    वहीं वाल्मीकि नगर गंडक बराज के अधीक्षण अभियंता मो. जिलानी ने बताया कि फिलहाल गंडक नदी में जलस्तर बढ़ने की कोई सूचना नहीं है।

    नेपाल के देवघाट से पानी डिस्चार्ज करने के बाद ही गंडक नदी में संभावित स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल जलस्तर में कमी है खतरा जैसी अभी स्थिति नहीं है।

  • बाड़मेर से जैसलमेर तक सीमा पर सड़क निर्माण तेज, BSF जवानों को गश्त में मिलेगी बड़ी राहत

    बाड़मेर से जैसलमेर तक सीमा पर सड़क निर्माण तेज, BSF जवानों को गश्त में मिलेगी बड़ी राहत

    बाड़मेर
    भारत-पाकिस्तान सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए बाखासर रण से जैसलमेर के तनोट तक तारबंदी के समानांतर करीब 225 किलोमीटर लंबी डामर सड़क बनाई जा रही है।

    रेतीले धोरों और दुर्गम रास्तों के बीच बनने वाली इस सड़क से सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों को गश्त में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अभी तक तारबंदी के पास कई हिस्सों में जवानों को कच्चे और रेतीले रास्तों से पेट्रोलिंग करनी पड़ती है। धूल और दुर्गम भूभाग के कारण आवाजाही में परेशानी होती है।

    डामर सड़क बनने से सीमावर्ती चौकियों तक पहुंचना और नियमित गश्त करना आसान होगा। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) ने परियोजना के लिए तीन अलग-अलग टेंडर जारी किए है। करीब 260 करोड़ रुपए की लागत वाली परियोजना के तहत मुनाबाव के पास निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। यहां करीब 25 प्रतिशत काम पूरा होने की जानकारी है ।

    सीमावर्ती गांवों तक पहुंच भी होगी आसान
    बाखासर, मुनाबाव और तनोट जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क संपर्क सुरक्षा के साथ स्थानीय जरूरतों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। बेहतर आधारभूत ढांचे से निर्माण, रखरखाव और आवश्यक सेवाओं से जुड़े कार्यों में सहूलियत मिल सकती है।

    राजस्थान की पाकिस्तान से लगने वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा करीब 1.070 किलोमीटर लंबी है। श्रीगंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर और बाड़मेर प्रमुख सीमावर्ती जिले हैं। ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में सड़क जैसी आधारभूत सुविधाएं सीमा प्रबंधन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

    सामरिक सुरक्षा को मिलेगी मजबूती
    प्रदेश का बड़ा सीमावर्ती हिस्सा थार के रेगिस्तान में आता है। दूर-दूर तक फैले रेतीले इलाके, विरल आबादी और कठिन भौगोलिक परिस्थितियां सीमा सुरक्षा को चुनौतीपूर्ण बनाती हैं।

    ऐसे में तारबंदी के समानांतर सड़क निर्माण सामरिक दृष्टि से अहम है। बेहतर संपर्क से निगरानी व्यवस्था को मजबूत होगी। संदिग्ध तथा तस्करी जैसी अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के प्रयासों को भी इससे सहारा मिलने की उम्मीद है।

  • इलेक्ट्रिक कार बाजार में Volvo का बड़ा धमाका, EX90 लॉन्च; 6-सीटर SUV में मिलेगी 625 KM की दावा की गई रेंज

    इलेक्ट्रिक कार बाजार में Volvo का बड़ा धमाका, EX90 लॉन्च; 6-सीटर SUV में मिलेगी 625 KM की दावा की गई रेंज

    नई दिल्‍ली
     भारतीय बाजार में सामान्‍य इलेक्‍ट्रिक कारों के साथ ही लग्‍जरी सेगमेंट की कारों को भी काफी पसंद किया जाता है। जिसे देखते हुए लग्‍जरी वाहन निर्माता भी इलेक्‍ट्रिक सेगमेंट में कई विकल्‍प पेश और लॉन्‍च करने की तैयारी कर रहे हैं। इसी क्रम में लग्‍जरी वाहन निर्माता वोल्‍वो की ओर से भी नई गाड़ी के तौर पर Volvo EX 90 को आज लॉन्‍च कर दिया गया है। निर्माता की ओर से इस एसयूवी को किस तरह की खासियत, रेंज और कीमत पर लॉन्‍च किया गया है। हम आपको इस खबर में बता रहे हैं।

    Volvo EX 90 हुई लॉन्‍च
    वोल्‍वो की ओर से नई इलेक्‍ट्रिक एसयूवी के तौर पर ईएक्‍स 90 को आज औपचारिक तौर पर भारत में लॉन्‍च कर दिया गया है। निर्माता की ओर से इस एसयूवी को कई बेहतरीन फीचर्स और रेंज के साथ ऑफर किया गया है। निर्माता की ओर से इस एसयूवी को नए प्‍लेटफॉर्म पर बनाया गया है। एसयूवी के लॉन्‍च के मौके पर भारत के शतरंज स्‍टार विश्‍वनाथन आनंद भी मौजूद रहे।

    कितनी होगी रेंज
    निर्माता की ओर से इस इलेक्‍ट्रिक एसयूवी को फ्रंट व्‍हील और रियर व्‍हील ड्राइव विकल्‍प के साथ ऑफर किया गया है। इसके साथ इसमें 106 kWh की क्षमता की बैटरी का विकल्‍प भी दिया गया है। जिससे इसे 625 किलोमीटर तक की रेंज मिल सकती है। इसके साथ ही इसमें दी गई मोटर से 245 किलोवाट पावर और 470 न्‍यूटन मीटर टॉर्क मिल सकता है। दूसरे विकल्‍प से इसे 500 किलोवाट पावर और 870 न्‍यूटन मीटर का टॉर्क मिलता है।

    कैसे हैं फीचर्स
    वोल्‍वो की ओर से इस एसयूवी में कई बेहतरीन फीचर्स को ऑफर किया गया है। इसमें एलईडी डीआरएल, एलईडी हेडलाइट, ADAS, 14.5 इंच इंफोटेनमेंट सिस्‍टम 25 Bowers and Wilkins का ऑडियो सिस्‍टम, पैनोरमिक सनरूफ, इलेक्‍ट्रोक्रोमैटिक सनरूफ जैसे कई फीचर्स दिए गए हैं।

    कितनी है कीमत
    वोल्‍वो की ओर से इस एसयूवी को भारत में 1.26 करोड़ रुपये की एक्‍स शोरूम कीमत पर ऑफर किया गया है। यह इसकी इंट्रोडक्‍ट्री कीमत है। इस कीमत पर एसयूवी को तीन दिसंबर तक बुक करवाया जा सकता है। इसके बाद कीमत में बदलाव किया जा सकता है। इसके साथ निर्माता की ओर से 11 किलोवाट की क्षमता का चार्जर दिया जा रहा है। एसयूवी की डिलीवरी को जनवरी 2027 से शुरू किया जाएगा। 

    किनसे होगा मुकाबला
    भारतीय बाजार में वोल्‍वो की ओर से इस एसयूवी को फ्लेगशिप इलेक्‍ट्रिक एसयूवी के तौर पर ऑफर किया गया है। इसका मुकाबला Mercedes Benz EQS, BMW iX जैसी इलेक्ट्रिक एसयूवी से होगा।

  • बिहार के जंगलों और प्राकृतिक स्थलों की बदलेगी तस्वीर, ईको-टूरिज्म के लिए सरकार ने तेज की तैयारी

    बिहार के जंगलों और प्राकृतिक स्थलों की बदलेगी तस्वीर, ईको-टूरिज्म के लिए सरकार ने तेज की तैयारी

    पटना
     राज्य के प्राकृतिक और वन क्षेत्रों को पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार ने पहल तेज कर दी है।

    मुंगेर के भीमबांध को एक प्रमुख ईको टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद इस स्थल पर पर्यटकीय सुविधाओं को विकसित करने की कवायद शुरू की जाएगी।

    पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के स्तर से प्रकृति संरक्षण के साथ पर्यटन सुविधाओं के विस्तार पर काम किया जा रहा है।

    इसके तहत प्राकृतिक स्थलों, जलाशयों, पहाड़ी और वन्यजीव क्षेत्रों में पर्यटकों के लिए आधारभूत संरचना एवं जन-सुविधाओं के विकास की योजनाएं आगे बढ़ाई जा रही हैं।

    ईको-टूरिज्म डेवलपमेंट सोसाइटी के माध्यम से राज्य के ईको-टूरिज्म स्थलों के समग्र विकास के लिए ट्रांजेक्शन एडवाइजर, आर्किटेक्ट कंसल्टेंट और प्रोग्राम मैनेजमेंट यूनिट (पीएमयू) के चयन की प्रक्रिया चल रही है।

    एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू
    इसके साथ ही बिहार में ईको-टूरिज्म की ब्रांडिंग और रणनीतिक प्रचार-प्रसार के लिए एजेंसी के चयन की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। इसका उद्देश्य राज्य के प्राकृतिक पर्यटन स्थलों को व्यवस्थित पहचान दिलाने के साथ पर्यटकों के लिए बेहतर अनुभव विकसित करना है।

    चयनित ईको-टूरिज्म स्थलों के विकास और संचालन में निजी क्षेत्र की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पीपीपी, डीबीएफओटी मॉडल पर भी कार्य किया जा रहा है। साथ ही राज्य के अन्य प्रमुख प्राकृतिक एवं ईको-टूरिज्म स्थलों पर भी विकास की संभावनाओं का आकलन किया जा रहा है।

    इनमें राजगीर, कैमूर, रोहतास, गया, वाल्मीकि व्याघ्र आरक्ष्य सहित विभिन्न वन और जलाशय क्षेत्र शामिल हैं। राजगीर में ईको-फ्रेंडली कॉटेज विकसित करने तथा नेचर सफारी में क्लिफ वाक जैसी नई पर्यटकीय सुविधाएं विकसित करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है।

  • छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को पहचान दिलाने वाले अनिल गढ़ेवाल ने राज्यपाल रमेन डेका से की सौजन्य भेंट

    छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को पहचान दिलाने वाले अनिल गढ़ेवाल ने राज्यपाल रमेन डेका से की सौजन्य भेंट

    राज्यपाल से गेड़ी नर्तक अनिल गढ़ेवाल ने की भेंट

    रायपुर
    राज्यपाल रमेन डेका से आज लोकभवन में छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध गेड़ी लोक नर्तक एवं लोक श्रृंगार भारती, बिलासपुर के संचालक अनिल कुमार गढ़ेवाल ने अपने सहयोगी लक्ष्मी नारायण मांडले के साथ सौजन्य भेंट की।

               उल्लेखनीय  है की गढ़ेवाल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के गेड़ी लोक नृत्य दल ने 26 जनवरी 2026 को नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह तथा 15 अगस्त 2026 को राष्ट्रपति भवन में आयोजित ‘एट होम’ कार्यक्रम में गेड़ी नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति दी थी। इन प्रतिष्ठित राष्ट्रीय आयोजनों में छत्तीसगढ़ की लोककला और सांस्कृतिक परंपराओं का प्रदर्शन कर दल ने प्रदेश को गौरवान्वित किया।

              राज्यपाल डेका ने गढ़ेवाल एवं उनकी टीम के प्रयासों और उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि लोकनृत्य हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के महत्वपूर्ण अंग हैं। ऐसे कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदेश की लोककला और परंपराओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

             राज्यपाल ने गढ़ेवाल एवं उनके सहयोगियों को लोककला के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर कार्य करने तथा भविष्य में भी छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए शुभकामनाएं दीं।

  • हरियाणा में कचरा बनेगा ऊर्जा का स्रोत, हिसार में वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट लगाने की तैयारी

    हरियाणा में कचरा बनेगा ऊर्जा का स्रोत, हिसार में वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट लगाने की तैयारी

    हिसार.

    हरियाणा के हिसार में कचरे से बिजली बनाने की योजना को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। शहर के नजदीक ढंढूर गांव में प्रस्तावित वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट के लिए ऑयल ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (OGEL) की तीन सदस्यीय विशेषज्ञ टीम ने जमीन का निरीक्षण किया है।

    इस परियोजना के तहत कचरे से 5 से 10 मेगावाट बिजली उत्पादन करने का लक्ष्य रखा गया है। दिल्ली से पहुंची विशेषज्ञ टीम ने प्रस्तावित स्थल की स्थिति देखी और तकनीकी जानकारी जुटाई। इस दौरान नगर निगम की टीम भी एक्सईएन जयवीर डूडी के नेतृत्व में मौजूद रही। यह कार्रवाई निगमायुक्त सी. जयाश्रद्धा के मार्गदर्शन में की गई।

    जमीन की मिट्टी की होगी जांच, फिर आगे बढ़ेगा प्रोजेक्ट
    जमीन का निरीक्षण पूरा होने के बाद अब मिट्टी की जांच करवाई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर प्लांट की स्थापना से जुड़ी अगली तकनीकी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। योजना के अनुसार, हिसार, हांसी, फतेहाबाद, जींद और भिवानी जिले के सिवानी क्षेत्र से आने वाले कचरे का इस्तेमाल बिजली उत्पादन के लिए किया जाएगा। इससे कई क्षेत्रों के ठोस कचरे के निस्तारण में मदद मिलने की उम्मीद है।

    15 एकड़ जमीन मिली, कचरा प्रोसेसिंग के लिए ₹9.93 करोड़ का टेंडर
    प्रस्तावित परियोजना के लिए राजकीय पशुधन फार्म की 55 एकड़ भूमि में से 15 एकड़ जमीन लीज पर उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा कचरे की प्रोसेसिंग से जुड़े काम के लिए मेरठ की एक एजेंसी को 9.93 करोड़ रुपये का टेंडर दिया गया है। यह राशि कचरा प्रोसेसिंग के काम से संबंधित बताई गई है, इसे पूरे बिजली प्लांट की कुल लागत नहीं समझना चाहिए। जमीन का निरीक्षण करने पहुंची ओजीईएल की टीम ने निगमायुक्त सी. जयाश्रद्धा के साथ बैठक भी की। बैठक में परियोजना की तैयारियों और आगे की प्रक्रिया पर चर्चा हुई।

    चिकनवास सब स्टेशन से जुड़ेगा प्लांट, बिछेगी 10 किलोमीटर लाइन
    प्रस्तावित प्लांट से तैयार होने वाली बिजली को ग्रिड तक पहुंचाने की व्यवस्था पर भी काम किया जा रहा है। योजना के मुताबिक, प्लांट को चिकनवास के 220 केवी सब स्टेशन से जोड़ा जाएगा। इसके लिए करीब 10 किलोमीटर लंबी 33 केवी बिजली लाइन बिछाने का प्रस्ताव है। एचवीपीएनएल के एक्सईएन सत्यप्रकाश के नेतृत्व में चिकनवास सब स्टेशन तैयार होने की जानकारी दी गई है। हिसार का यह वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट शुरू होने पर कचरे के बेहतर प्रबंधन के साथ बिजली उत्पादन में भी मदद मिल सकती है। फिलहाल परियोजना जमीन की जांच और तकनीकी तैयारियों के चरण में है। प्लांट के निर्माण और बिजली उत्पादन शुरू होने की निश्चित तारीख अभी सामने नहीं आई है।

  • दीपावली से पहले पंजाब की सुरक्षा पर चिंता, ISI पर नाबालिगों का स्लीपर सेल तैयार करने का आरोप

    दीपावली से पहले पंजाब की सुरक्षा पर चिंता, ISI पर नाबालिगों का स्लीपर सेल तैयार करने का आरोप

    अमृतसर.

    एम-16 और एके टाइप के हथियारों की लगातार बरामदगी ने साबित कर दिया है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआइ इस दीवाली बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है।

    हालांकि, अब तक पुलिस कर्मी और पुलिस इमारतों को भी आइएसआइ के गुर्गे टारगेट करते रहे हैं। लेकिन अब इनपुट मिले हैं कि आइएसआइ पंजाब में जनतक स्थानों को टारगेट करने वाली है। पता चला है कि इसके लिए आइएसआइ लगातार नाबालिगों को स्लीपर सेल के रूप में तैयार कर रही है।

    हालांकि, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां अपने स्तर पर सीमावर्ती इलाकों में जनता को आइएसआइ के मंसूबों के बारे में जागरूक करत रहे हैं। लेकिन लगातार हो रही गिरफ्तारियां, खतरनाक हथियारों की बरामदगी नहीं रुक पा रही है। एम -16 और 15 किलो अफीम के साथ गिरफ्तार किए गए मलकीत सिंह उर्फ मीता और गुरजीत सिंह के कब्जे से मिले मोबाइल की फोरेंसिक जांच में की बातें सामने आइ हैं।

  • मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना से आकांक्षा के सपनों को मिले पंख, श्रमिक परिवार की बेटी के लिए खुलीं नई संभावनाएं

    मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना से आकांक्षा के सपनों को मिले पंख, श्रमिक परिवार की बेटी के लिए खुलीं नई संभावनाएं

    सेवा संकल्प अभियान : सेवा की कहानी

    श्रमिक परिवार की बेटी आकांक्षा के सपनों को मिले नए पंख, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना बनी सहारा

    निर्माण श्रमिक की बेटी को मिली 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता, उच्च शिक्षा की राह होगी आसान

    आकांक्षा बोलीं- आगे की पढ़ाई में करूंगी सहायता राशि का उपयोग, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति जताया आभार

    रायपुर, 
    आर्थिक परिस्थि
    तियां अब श्रमिक परिवारों की बेटियों के सपनों को पूरा करने में बाधा नहीं बनें, इसके लिए छत्तीसगढ़ शासन की मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह योजना बेटियों को शिक्षा जारी रखने और आत्मनिर्भर बनने के लिए आर्थिक संबल प्रदान कर रही है। जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम बनारी निवासी निर्माण श्रमिक श्रीमती कुमारी बाई यादव की पुत्री कुमारी आकांक्षा यादव के लिए भी यह योजना आगे की पढ़ाई और उज्ज्वल भविष्य की नई उम्मीद लेकर आई है। योजना के तहत आकांक्षा को 20 हजार रुपये की एकमुश्त आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।

    श्रमिक परिवार की बेटी की उच्च शिक्षा को मिला आर्थिक संबल

    निर्माण श्रमिक परिवारों के लिए बच्चों की शिक्षा और भविष्य की जरूरतों को पूरा करना कई बार आर्थिक चुनौती बन जाता है। ऐसे परिवारों की बेटियों को आगे बढ़ने का अवसर देने के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना आकांक्षा जैसी बेटियों के लिए मददगार साबित हो रही है। योजना से प्राप्त 20 हजार रुपये की सहायता राशि आकांक्षा को अपनी आगे की पढ़ाई जारी रखने और शैक्षणिक जरूरतों को पूरा करने में सहयोग प्रदान करेगी।

    पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की बेटियों को मिलती है 20 हजार रुपये की सहायता

    मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की पात्र बेटियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। योजना के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की प्रथम दो अविवाहित पुत्रियों को 18 से 21 वर्ष की आयु के बीच तथा कम से कम दसवीं कक्षा उत्तीर्ण होने पर 20 हजार रुपये की एकमुश्त सहायता राशि दी जाती है। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए निर्माण श्रमिक का पंजीयन कम से कम तीन वर्ष पुराना होना आवश्यक है।

    आगे की पढ़ाई में करूंगी सहायता राशि का उपयोग : आकांक्षा

    योजना का लाभ मिलने पर कुमारी आकांक्षा यादव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि प्राप्त 20 हजार रुपये की सहायता राशि का उपयोग वह अपनी आगे की पढ़ाई में करेंगी। इस आर्थिक सहयोग से उन्हें शिक्षा जारी रखने में मदद मिलेगी। आकांक्षा ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के प्रति आभार व्यक्त किया।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा श्रमिक परिवारों के कल्याण और उनकी बेटियों की शिक्षा एवं सशक्तिकरण के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। आकांक्षा यादव की यह कहानी दर्शाती है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से मिलने वाला आर्थिक संबल श्रमिक परिवारों की बेटियों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने और आत्मनिर्भर भविष्य की ओर कदम बढ़ाने का अवसर प्रदान कर रहा है।