Author: NewseDay

  • दिल्ली के बंगला साहिब गुरुद्वारे में प्रवेश को लेकर विवाद, AAP नेताओं ने ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की

    दिल्ली के बंगला साहिब गुरुद्वारे में प्रवेश को लेकर विवाद, AAP नेताओं ने ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की

    अमृतसर/नई दिल्ली.

    आम आदमी पार्टी ने दिल्ली स्थित गुरुद्वारा बंगला साहिब में जूते पहने और डंडा लिए पुलिस के दाखिल होने पर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। ‘‘आप’’ ने कहा कि भाजपा का सिख-विरोधी चेहरा एक बार फिर बेनकाब हो गया है।

    वोट चोरी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे बच्चों को गिरफ्तार करने के लिए अमित शाह की दिल्ली पुलिस जूते पहने और हाथों में लाठियां लिए गुरुद्वारा बंगला साहिब में घुस गई, जिससे गुरु घर की पवित्रता का उल्लंघन हुआ। गुरुद्वारा साहिब सभी के लिए एक सुरक्षित जगह है। बच्चों ने वहां शरण ली थी और उसकी मर्यादा का सम्मान किया था। फिर भी, भाजपा ने एक बार फिर सिखी, गुरुओं और गुरु घर के प्रति अपनी नफ़रत ज़ाहिर कर दी है। उधर, आम आदमी पार्टी के पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने गुरुद्वारे में भाजपा की दिल्ली पुलिस के जूते पहन कर घुसने पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि कहा कि ये क्या है? दिल्ली पुलिस बंगला साहब जी गुरुद्वारा के अंदर?

    सौरभ भारद्वाज ने वीडियो साझा कर अमित शाह की पुलिस को घेरा
    ‘‘आप’’ के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने जूते पहन कर गुरुद्वारे के अंदर जा रही दिल्ली पुलिस का एक वीडियो एक्स पर साझा कर कहा कि क्या पुलिस गुरुद्वारा बंगला साहिब में दाखिल हुई? क्या भाजपा सरकार का दिमाग़ ठिकाने नहीं है?पुलिस ने जूते पहने हुए हैं और सिर भी नहीं ढके हैं।
    सौरभ भारद्वाज ने एक सिख युवक को घसीटते हुए ले जा रही पुलिस का वीडियो एक्स पर पोस्ट कर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से कहा कि मुझे यह वीडियो किसी से मिला है। अगर यह सच है, तो यह बेशर्मी की हद है। दिल्ली पुलिस सिख प्रदर्शनकारियों के कपड़े इस तरह नहीं उतार सकती। हमने पहले बताया गया है कि दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों की पैंट उतारने की कोशिश की थी। यह बहुत घिनौना है। कृपया जवाब दें।

    गुरु के सिद्धांतों के खिलाफ झुक रहे प्रबंधक: जरनैल सिंह
    वहीं, तिलक नगर के विधायक जरनैल सिंह ने कहा कि श्री गुरु नानक देव जी ने बाबर को जाबर कहा था और सभी सिखों को यह संदेश दिया था कि हमें तानाशाही और समय की हुकूमत के आगे कभी नहीं झुकना है। श्री गुरु गोबिंद सिंह जी मुगलों के आगे नहीं झुके और अपना सब कुछ कुर्बान कर दिया। उनका भी यही संदेश था कि हमें जुल्म और तानाशाही के आगे सिर नहीं झुकाना है। लेकिन आज हमारे गुरुधामों में जिस तरह के प्रबंधक बैठे हैं, वे सत्ता के आगे नतमस्तक हो रहे हैं, जो कि सिख सिद्धांतों के बिल्कुल खिलाफ है।

    जरनैल सिंह ने बताया कि आज गुरुद्वारा बंगला साहिब में जिस तरह पुलिस वाले बूट पहनकर और डंडे लेकर अंदर घुसे और लोगों को मार-मार कर बाहर निकाला, यह बहुत ही ज्यादा शर्मनाक और निंदनीय है। गुरुद्वारे के प्रबंधकों पर यह सवाल उठता है कि वे भाजपा के तलवे चाटने को इतने मजबूर क्यों हो गए हैं कि सिख सिद्धांतों को ही भूल गए हैं? गुरुद्वारों में निशान साहिब झूलता है, जिसका मतलब ही यह है कि अगर किसी को आश्रय चाहिए, लंगर चाहिए या कोई दुख-तकलीफ है, तो वह बेझिझक यहां आए क्योंकि यह गुरु का घर है और यहां सभी एक समान हैं। लेकिन डीएसजीएमसी के पदाधिकारियों ने भाजपा के तलवे चाटने के चक्कर में सिख सिद्धांतों का जो निरादर किया है, संगत उनसे इसका जवाब जरूर मांगेगी।

  • महतारी वंदन योजना की राशि से भारती बनीं आत्मनिर्भर, सिलाई का काम शुरू कर बढ़ाए कमाई के रास्ते

    महतारी वंदन योजना की राशि से भारती बनीं आत्मनिर्भर, सिलाई का काम शुरू कर बढ़ाए कमाई के रास्ते

    सेवा संकल्प अभियान : सेवा की कहानी

    महतारी वंदन योजना से बदली भारती की जिंदगी, सहायता राशि से सिलाई मशीन खरीदकर शुरू किया स्वरोजगार

    घर की आर्थिक परेशानियों के बीच महतारी वंदन योजना बनी सहारा, अब सिलाई से परिवार की आमदनी में दे रहीं योगदान

    प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से मिला पोषण और देखभाल का संबल, दो योजनाओं ने दी आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की नई राह

    रायपुर, 
    महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित महतारी वंदन योजना उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित इस योजना से मिलने वाली आर्थिक सहायता महिलाओं के लिए न केवल घरेलू जरूरतों को पूरा करने का माध्यम बन रही है, बल्कि उन्हें स्वरोजगार से जुड़ने का अवसर भी प्रदान कर रही है। जांजगीर-चांपा जिले की श्रीमती भारती धीवर इसकी प्रेरक मिसाल हैं। उन्होंने महतारी वंदन योजना से प्राप्त सहायता राशि का सदुपयोग करते हुए सिलाई मशीन खरीदी और घर से ही सिलाई का काम शुरू कर आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाया है। वहीं, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से मिली सहायता ने गर्भावस्था और बच्चे के जन्म के बाद पोषण एवं देखभाल संबंधी जरूरतों को पूरा करने में सहयोग दिया है।

    महतारी वंदन की राशि से खरीदी सिलाई मशीन, हुनर को बनाया कमाई का जरिया

    श्रीमती भारती धीवर बताती हैं कि पहले परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। सीमित आय के कारण घर की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। वे परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने के लिए कुछ काम करना चाहती थीं, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण स्वरोजगार शुरू करना आसान नहीं था।

    ऐसे समय में महतारी वंदन योजना उनके लिए मददगार साबित हुई। योजना से मिलने वाली आर्थिक सहायता राशि का उपयोग कर उन्होंने सिलाई मशीन खरीदी और अपने हुनर को आजीविका का माध्यम बनाया। अब वे घर से ही सिलाई का काम कर आय अर्जित कर रही हैं। इससे उन्हें अपनी जरूरतों को पूरा करने के साथ परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में भी सहयोग करने का अवसर मिल रहा है।

    प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से मिला मातृत्व और पोषण का संबल

    श्रीमती भारती धीवर को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का भी लाभ मिला है। इस योजना के तहत प्राप्त आर्थिक सहायता से उन्हें गर्भावस्था के दौरान पोषण और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिली। बच्चे के जन्म के बाद भी यह सहायता उनके और शिशु के पोषण एवं देखभाल में उपयोगी साबित हुई।

    भारती बताती हैं कि इन दोनों योजनाओं ने उनके जीवन में अलग-अलग जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। महतारी वंदन योजना ने जहां उन्हें स्वरोजगार शुरू करने का अवसर दिया, वहीं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना ने मातृत्व के दौरान आर्थिक संबल प्रदान किया।

    आर्थिक सहायता से बढ़ा आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े कदम

    सिलाई कार्य शुरू करने के बाद श्रीमती भारती धीवर के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। पहले जहां वे परिवार की आर्थिक जरूरतों को लेकर चिंतित रहती थीं, वहीं अब अपने हुनर से आय अर्जित कर परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने में योगदान दे रही हैं। घर से ही काम करने की सुविधा से वे घरेलू जिम्मेदारियों के साथ स्वरोजगार को भी आगे बढ़ा रही हैं।

    उनके लिए महतारी वंदन योजना से मिलने वाली सहायता राशि केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का माध्यम बनी है।

    श्रीमती भारती धीवर ने दोनों योजनाओं का लाभ मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं से मिली सहायता ने उन्हें सिलाई कार्य शुरू करने और परिवार की जरूरतों को पूरा करने में सहयोग दिया है।

    भारती धीवर की यह सफलता की कहानी दर्शाती है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से मिलने वाली आर्थिक सहायता का सही उपयोग महिलाओं के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है। महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जैसी पहलें महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान करने के साथ उन्हें स्वरोजगार, आत्मनिर्भरता और बेहतर पारिवारिक जीवन की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दे रही हैं।

  • सानिया मिर्जा की राह पर माया राजेश्वरन, सिंगल्स और डबल्स खिताब जीतकर किया डबल धमाका

    सानिया मिर्जा की राह पर माया राजेश्वरन, सिंगल्स और डबल्स खिताब जीतकर किया डबल धमाका

    नई दिल्ली
    भारतीय महिला टेनिस में इन दिनों एक नई खिलाड़ी तेजी के साथ अपनी पहचान बना रही हैं. हाल ही में 17 वर्षीय माया राजेश्वरन रेवती ने महान टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा का 22 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़कर इतिहास रच दिया है.

    कोयंबटूर में जन्मी इस युवा खिलाड़ी ने पुर्तगाल में आयोजित आईटीएफ डब्ल्यू 35 लागोस (ITF W35 Lagos) टूर्नामेंट के फाइनल में स्पेन की सीलिया सर्विनो रुइज को सीधे सेटों में 6-4, 6-2 से हराकर अपने करियर का पहला प्रोफेशनल सिंगल्स खिताब जीत लिया.

    जीत के समय माया की उम्र 17 साल और 3 महीने थी. इसके साथ ही वह डब्ल्यू 35 स्तर पर सिंगल्स खिताब जीतने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई हैं. इससे पहले यह रिकॉर्ड सानिया मिर्जा के नाम था.

    सानिया मिर्जा ने साल 2004 में नाइजीरिया के लागोस में 17 साल और 10 महीने की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की थी. सिंगल्स के अलावा माया ने यूक्रेन की येलीजावेता कोट्लियार् के साथ मिलकर डबल्स का खिताब भी अपने नाम किया और टूर्नामेंट में डबल धमाका किया.

    कौन हैं माया राजेश्वरन?
    माया को 8 साल की उम्र में उनके पिता राजेश्वरन ने टेनिस से जोड़ा था. भारत में शुरुआती कोचिंग और प्रो सर्व टेनिस अकादमी में ट्रेनिंग के बाद उन्होंने कई आईटीएफ जूनियर खिताब जीते और ऐसा करने वाली पहली भारतीय महिला बनीं.

    अपने खेल को निखारने के लिए माया ने स्पेन के मल्लोर्का स्थित राफेल नडाल अकादमी में भी प्रशिक्षण लिया है. इसके बाद वह फ्रांस के कांस में एलीट टेनिस सेंटर में शिफ्ट हो गईं.

    सानिया मिर्जा का रिकॉर्ड तोड़ने के बाद जब माया से उनके इस खास मुकाम के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बहुत ही विनम्रता से कहा कि सानिया एक लीजेंड हैं और हमेशा रहेंगी, उनकी बराबरी नहीं की जा सकती. उन्होंने कहा कि बचपन से सानिया ही उनकी आदर्श थीं और उन्हीं की वजह से भारत में टेनिस को पहचान मिली.

  • छत्तीसगढ़ के श्रेष्ठ शिक्षकों को मिलेगा सम्मान, कल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव करेंगे सम्मानित

    छत्तीसगढ़ के श्रेष्ठ शिक्षकों को मिलेगा सम्मान, कल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव करेंगे सम्मानित

    दुर्ग.

    लंबी प्रतीक्षा के बाद आखिरकार उत्कृष्ट शिक्षकों के सम्मान की तिथि तय की गई है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के मुख्य आतिथ्य में शिक्षक सम्मान समारोह 13 अक्टूबर को खालसा पब्लिक स्कूल में दोपहर 12 बजे से रखा गया है।

    सम्मान समारोह में दुर्ग संभाग के अलावा दुर्ग जिले के उत्कृष्ट शिक्षक भी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण योजना के तहत विकासखंड, जिला तथा संभाग स्तर पर उत्कृष्ट शिक्षकों को चयन किया जा चुका है। अफसोस इस बात का है कि एक माह से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी इन शिक्षकों को अब तक पुरस्कृत नहीं किया जा सका है। दरअसल, मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण योजना के तहत प्रति वर्ष शिक्षक दिवस पर 5 सितंबर को विकासखंड, जिला तथा संभाग स्तर पर उत्कृष्ट शिक्षकों को पुरस्कृत किए जाने का प्रावधान रहा है। विकासखंड स्तर पर शिक्षादूत, जिला स्तर पर ज्ञानदीप तथा संभाग स्तर पर शिक्षाश्री पुरस्कार से शिक्षकों को नवाजा जाता है। विकासखंड स्तर पर शिक्षादूत पुरस्कार के लिए 9 सहायक शिक्षक, ज्ञानदीप के लिए पूर्व माध्यमिक शाला के 3 शिक्षक तथा संभाग स्तर पर 3 व्याख्याता को शिक्षाश्री सम्मान दिया जाना है। इसके लिए उत्कृष्ट शिक्षकों का चयन भी हो ‘चुका है।

    सम्मान समारोह में शिक्षादूत पुरस्कार के लिए प्रत्येक शिक्षकों को 5000 रूपये, ज्ञानदीप पर 7000 रुपए तथा शिक्षाश्री पुरस्कार के लिए 10000 रुपए एवं प्रशस्ति पत्र, शील्ड प्रदान किया जाएगा। ज्ञानदीप पुरस्कार के लिए श्रीमती स्वाति प्रसाद शिक्षक (एल.बी) शास. पू.मा.शा टेमरी दुर्ग, राकेश हरमुख शिक्षक (ई) शास. पू. मा.शा तुमाकला धमधा तथा मुकेश कुमार वर्मा शिक्षक (एल.बी) शास.पू.मा.शा. अमेरी पाटन के नामों की घोषणा की गई है। शिक्षादूत पुरस्कार के लिए दुर्ग ब्लॉक से रजनीकांत भारद्वाज करहीडीह, टोमन लाल साहू बोरसीभाठा तथा चित्रा इंगले बिरेझरभाठा, पाटन ब्लॉक से टिकेश्वरी वर्मा अमेरी, दिलीप कुमार शुक्ला कुगदा तथा कमल सिंह साहू मोरिद, धमधा ब्लॉक से चदूलाल साहू नवीन सेमरिया, श्रीमती सपना दुबे रामपुर तथा कुंवर सिंह खिलौरा का चयन किया गया है।

  • 20 प्रतिशत आरक्षण के साथ उत्तर प्रदेश महिला पुलिस कार्यबल 10,000 से बढ़कर 44,000 से अधिक हुआ: सीएम योगी

    20 प्रतिशत आरक्षण के साथ उत्तर प्रदेश महिला पुलिस कार्यबल 10,000 से बढ़कर 44,000 से अधिक हुआ: सीएम योगी

    कभी नारी सुरक्षा के सवालों से घिरा यूपी अब बना सामर्थ्य की नई पहचान: सीएम योगी

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'एक्स' पर किया पोस्ट- मां ब्रह्मचारिणी के तप और संकल्प से सिद्धि का मंत्र सिखाता है कि दृढ़ इच्छाशक्ति से असंभव दिखने वाले लक्ष्य भी किए जा सकते हैं सिद्ध

    सुरक्षा से सशक्तीकरण की यात्रा ‘सशक्त नारी, समृद्ध-उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को कर रही साकार: मुख्यमंत्री

    20 प्रतिशत आरक्षण के साथ उत्तर प्रदेश महिला पुलिस कार्यबल 10,000 से बढ़कर 44,000 से अधिक हुआ: सीएम योगी

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि की द्वितीया पर मां ब्रह्मचारिणी के स्वरूप की पूजा की। उन्होंने प्रदेशवासियों से इसके महत्व पर चर्चा की। कहा कि मां ब्रह्मचारिणी के तप और संकल्प से सिद्धि का मंत्र हमें सिखाता है कि दृढ़ इच्छाशक्ति से असंभव दिखने वाले लक्ष्य भी सिद्ध किए जा सकते हैं।

    सीएम ने 2017 से पहले और बाद के यूपी की दिखाई तस्वीर
    मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर 2017 से पहले और इसके बाद के उत्तर प्रदेश की तुलना की। कहा कि वर्ष 2017 से पहले महिला सुरक्षा को लेकर सवालों से घिरा रहने वाला उत्तर प्रदेश आज नारी सुरक्षा और सामर्थ्य की नई पहचान बना है। विगत 9.5 वर्षों में अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति, तकनीक आधारित निगरानी, पुलिस की त्वरित कार्रवाई और जन-जागरूकता अभियानों ने प्रदेश में महिलाओं के लिए भयमुक्त वातावरण के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाई है।

    महिला सुरक्षा तंत्र को किया सुदृढ़
    सीएम योगी ने कहा कि मिशन शक्ति के पांच चरणों, सेफ सिटी परियोजना, मिशन शक्ति केंद्रों और महिला बीट पुलिसिंग जैसी पहलों ने महिला सुरक्षा तंत्र को व्यापक और सुदृढ़ आधार प्रदान किया है।

    यूपी पुलिस में 44,000 से अधिक हुआ महिला कार्यबल
    मुख्यमंत्री ने पुलिस कार्यबल में महिलाओं के योगदान का भी जिक्र किया। कहा कि 20 प्रतिशत आरक्षण के साथ उत्तर प्रदेश महिला पुलिस कार्यबल 10,000 से बढ़कर 44,000 से अधिक हुआ है। इसके साथ ही लखनऊ में वीरांगना ऊदा देवी पासी, गोरखपुर में वीरांगना झलकारी बाई कोरी और बदायूं में वीरांगना अवंतीबाई लोधी के नाम पर 3 महिला पीएसी बटालियनों का भी गठन हुआ है।

    ‘सशक्त नारी-समृद्ध उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को साकार कर रही सरकार
    मुख्यमंत्री ने नागरिकों को आश्वस्त किया कि प्रदेश की डबल इंजन सरकार की नारी सुरक्षा से सशक्तीकरण की यह अहर्निश यात्रा ‘सशक्त नारी-समृद्ध उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को साकार कर रही है।

  • छत्तीसगढ़ में महिला क्रिकेट का बड़ा आयोजन, रायपुर में भारत-जिम्बाब्वे सीरीज का आगाज 16 अक्टूबर से

    छत्तीसगढ़ में महिला क्रिकेट का बड़ा आयोजन, रायपुर में भारत-जिम्बाब्वे सीरीज का आगाज 16 अक्टूबर से

    रायपुर 

     छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में क्रिकेट प्रेमियों को पहली बार अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट मुकाबलों का रोमांच देखने का मौका मिलेगा। भारत और जिम्बाब्वे की महिला टीमें 16 अक्टूबर से तीन मैचों की टी20 सीरीज में आमने-सामने होंगी। शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में 16, 18 और 20 अक्टूबर को मुकाबले खेले जाएंगे। भारतीय टीम की कप्तानी और नए क्रिकेटिंग दौर को लेकर भी इस सीरीज पर नजरें रहेंगी।

    रायपुर में पहली बार अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट, भारत-जिम्बाब्वे की भिड़ंत पर नजरें

     छत्तीसगढ़ के क्रिकेट इतिहास में अक्टूबर का महीना खास होने जा रहा है। राजधानी रायपुर पहली बार अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट मुकाबलों की मेजबानी करेगा। भारत और जिम्बाब्वे की महिला टीमें तीन मैचों की टी20 सीरीज में अपना दम दिखाएंगी। इस सीरीज को लेकर स्थानीय क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह है। अब तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के पुरुष मुकाबलों के लिए पहचान बनाने वाला रायपुर का स्टेडियम महिला क्रिकेट के रोमांच का भी गवाह बनेगा।

    16 अक्टूबर से सीरीज का आगाज, 18 और 20 को भी मुकाबले
    भारत और जिम्बाब्वे के बीच पहला टी20 मुकाबला 16 अक्टूबर को खेला जाएगा। सीरीज का दूसरा मैच 18 अक्टूबर और तीसरा मुकाबला 20 अक्टूबर को निर्धारित है। सभी मैच रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेले जाएंगे। तीनों मुकाबलों का कार्यक्रम शाम 5 बजे से शुरू होने का बताया गया है। मैचों के दौरान दर्शकों की नजर भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन और जिम्बाब्वे की टीम की चुनौती पर रहेगी।

    भारतीय टीम रायपुर पहुंची, जिम्बाब्वे का आगमन निर्धारित
    सीरीज की तैयारियों के बीच भारतीय टीम के खिलाड़ियों का रायपुर पहुंचना शुरू हो गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भारतीय टीम की खिलाड़ी स्मृति मंधाना रविवार को करीब दोपहर 3:30 बजे रायपुर पहुंचीं। टीम के अन्य खिलाड़ियों के भी पहुंचने का कार्यक्रम है। जिम्बाब्वे की टीम के 12 अक्टूबर को रायपुर पहुंचने की जानकारी दी गई है। दोनों टीमों के आगमन के साथ ही शहर में अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट सीरीज की तैयारियां तेज होंगी।

    स्मृति मंधाना पहली बार फुल टाइम कप्तान
    इस सीरीज में स्मृति मंधाना पहली बार फुल-टाइम कप्तान के तौर पर भारतीय टीम की कमान संभालेंगी। शेफाली वर्मा उप-कप्तान होंगी। पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर भी टीम में शामिल हैं।

    15 सदस्यीय टीम में ऋचा घोष, जी. कमलिनी, दीप्ति शर्मा, प्रेमा रावत, श्री चरणी, नंदनी शर्मा, क्रांति गौड़, अरुंधति रेड्डी, जिन्तिमणि कलिता और मिन्नू मणि भी शामिल हैं। तीनों मैच रायपुर में होने से स्थानीय क्रिकेट प्रशंसकों को छह दिनों में तीन अंतरराष्ट्रीय मैच देखने का मौका मिलेगा।

    E-टिकट से एंट्री, ओपन वाई-फाई की सुविधा
    दर्शकों की सुविधा के लिए टिकट ऑनलाइन उपलब्ध होंगे। ई-टिकट स्कैन करने के लिए स्टेडियम परिसर में ओपन वाई-फाई की सुविधा रहेगी। टिकट के साथ तय संख्या में पार्किंग पास दिए जाएंगे। स्टेडियम और पार्किंग क्षेत्र में CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। दर्शकों के लिए खाने-पीने की चीजों और पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था भी रहेगी।

    एम्बुलेंस और ग्रीन कॉरिडोर तैयार रहेगा
    स्वास्थ्य विभाग आसपास के अस्पतालों की मैपिंग करेगा। स्टेडियम में एम्बुलेंस तैनात रहेगी। आपात स्थिति और VIP आवाजाही के लिए ग्रीन कॉरिडोर तय किया जाएगा। फायर ब्रिगेड, पर्याप्त पानी और इमरजेंसी रूट की भी व्यवस्था रहेगी। बिजली और मोबाइल नेटवर्क की सुविधा बनाए रखने की जिम्मेदारी संबंधित विभागों को दी गई है।

    2 जुलाई 2026 को NGT ने अंतरिम आदेश जारी कर रायपुर समेत 3 स्टेडियमों में ट्रिब्यूनल की मंजूरी के बिना आगे मैच कराने पर रोक लगा दी थी। इसके बाद इंटरनेशनल महिला क्रिकेट मैच कराने की मंजूरी मांगी गई। सुनवाई के बाद NGT ने 3 मैचों के लिए रोक हटा दी।

    मैदान पर छह अभ्यास सत्र, खिलाड़ियों की तैयारी पर रहेगा फोकस
    मैचों से पहले भारतीय टीम के लिए अभ्यास सत्र निर्धारित किए गए हैं। कार्यक्रम के अनुसार, 12 और 13 अक्टूबर को शाम 6 से रात 9 बजे तक अभ्यास होगा। 14 अक्टूबर को दोपहर 2 से शाम 5 बजे और 15 अक्टूबर को शाम 6 से रात 9 बजे तक टीम मैदान पर अभ्यास करेगी। पहले मुकाबले के बाद 17 अक्टूबर को दोपहर 2 से शाम 5 बजे तथा दूसरे मैच के बाद 19 अक्टूबर को शाम 6 से रात 9 बजे तक अभ्यास का कार्यक्रम है। इस तरह भारतीय टीम के कुल छह अभ्यास सत्र निर्धारित बताए गए हैं। जिम्बाब्वे की टीम के लिए भी 13, 14, 15, 17 और 19 अक्टूबर को अभ्यास प्रस्तावित है।

    दर्शकों की सुविधा और प्रशासनिक तैयारी
    मैचों की तैयारियों की समीक्षा के लिए मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक की गई। इसके बाद रायपुर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में लोकल सपोर्ट कमेटी बनाई गई है। इस समिति में पुलिस, खेल विभाग, परिवहन, लोक निर्माण विभाग, एनआरडीए और छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के अधिकारी शामिल हैं। दर्शकों के लिए टिकट ऑनलाइन उपलब्ध रहेंगे। ई-टिकट स्कैन करने के लिए स्टेडियम परिसर में ओपन वाई-फाई की सुविधा दी जाएगी। टिकट के साथ तय संख्या में पार्किंग पास मिलेंगे। स्टेडियम और पार्किंग क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे तथा दर्शकों के लिए भोजन और पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था रहेगी। 

    सुरक्षा इंतजाम और एनजीटी का आदेश
    स्वास्थ्य विभाग आसपास के अस्पतालों की मैपिंग करेगा और स्टेडियम में एंबुलेंस तैनात रहेगी। आपात स्थिति तथा वीआईपी आवाजाही के लिए ग्रीन कॉरिडोर तय किया जाएगा। दमकल, आपातकालीन रास्ते, बिजली और मोबाइल नेटवर्क की सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। एनजीटी ने 2 जुलाई 2026 को जारी अंतरिम आदेश में रायपुर समेत तीन स्टेडियमों में अनुमति के बिना खेल गतिविधियों पर रोक लगा दी थी। बाद में अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए अनुमति मांगने पर एनजीटी ने तीन मैचों के लिए रोक संशोधित कर स्वीकृति दी है। 

    रायपुर के क्रिकेट प्रेमियों के लिए ऐतिहासिक मौका
    इस सीरीज का सबसे खास पहलू यह है कि रायपुर में पहली बार अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट मुकाबले देखने को मिलेंगे। इससे स्थानीय दर्शकों को महिला क्रिकेटरों के प्रदर्शन को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। भारत और जिम्बाब्वे के बीच होने वाले मुकाबले शहर के खेलप्रेमियों के लिए यादगार अनुभव बन सकते हैं। सीरीज के निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक, दोनों टीमें 21 अक्टूबर को दोपहर 12:30 बजे रायपुर से रवाना होंगी।

    टिकट और स्टेडियम पहुंचने से जुड़ी अपडेट पर रखें नजर
    मैच देखने की योजना बना रहे दर्शकों को टिकट की उपलब्धता, प्रवेश नियम, स्टेडियम में दर्शकों के प्रवेश का समय और अन्य व्यवस्थाओं की आधिकारिक घोषणा पर नजर रखनी चाहिए। टिकट बिक्री या प्रवेश संबंधी जानकारी की पुष्टि होने के बाद ही यात्रा और मैच देखने की योजना बनाना बेहतर रहेगा।

  • कृषि विकास में दंतेवाड़ा की बड़ी उपलब्धि, प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत मिला राष्ट्रीय सम्मान

    कृषि विकास में दंतेवाड़ा की बड़ी उपलब्धि, प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत मिला राष्ट्रीय सम्मान

    प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना 

    उत्कृष्ट कार्य के लिए छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले को मिला राष्ट्रीय सम्मान, मुख्यमंत्री साय ने दी बधाई

    रायपुर, 
    कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों और किसानों की उन्नति के लिए किए जा रहे प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा  केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले को  ‘Certificate of Excellence’ से सम्मानित किया गया है।

               इस गौरवशाली उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि  "दंतेवाड़ा जिले को प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत मिला यह राष्ट्रीय सम्मान छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गर्व का विषय है। कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के मार्गदर्शन में प्रशासनिक टीम, कृषि विभाग और हमारे मेहनतकश किसानों ने जिस लगन से कृषि विकास, फसल विविधीकरण और आजीविका संवर्धन के लिए कार्य किया है, उसी का परिणाम यह राष्ट्रीय मान्यता है। राज्य सरकार किसानों को सशक्त बनाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।"  

    कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के नेतृत्व को मिली पहचान

        कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के मार्गदर्शन में जिले में कृषि विकास और किसान कल्याण से जुड़े प्रयासों को लगातार गति दी जा रही है। यह सम्मान कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने, किसानों की प्रगति सुनिश्चित करने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में किए जा रहे सकारात्मक प्रयासों का परिणाम है।

    योजना का उद्देश्य और महत्व

          प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का मुख्य उद्देश्य कृषि उत्पादकता में वृद्धि करना, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करना और किसानों को बेहतर कृषि संसाधन उपलब्ध कराना है। जनजातीय बहुल दंतेवाड़ा जिले के लिए यह उपलब्धि विशेष महत्व रखती है, जो ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने के साथ-साथ किसानों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में मददगार साबित होगी।
          
            देश के 100 आकांक्षी (कमजोर या पिछड़े) कृषि जिलों में खेती की स्थिति में सुधार लाना, उत्पादकता बढ़ाना और किसानों की आय में वृद्धि करना है।  जिलों की पहचान कम उत्पादकता, कम फसल सघनता (क्रॉप इंटेंसिटी) और कमजोर कृषि ऋण (केसीसी) वितरण प्रणाली के आधार पर की गई है। हर खेत तक सिंचाई पहुंचाना, पंचायत और ब्लॉक स्तर पर भंडारण (वेयरहाउस) क्षमता बढ़ाना, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना और आसान एवं सस्ता ऋण उपलब्ध कराना है।

         यह सम्मान कृषि विभाग के अधिकारियों, मैदानी अमले और कृषि क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारकों के सामूहिक प्रयासों की सराहना है, जो कृषि को अधिक उत्पादक और लाभकारी बनाने के संकल्प को और मजबूत करता है।

  • यूक्रेन में रूसी सेना को भारी नुकसान, NATO के मुताबिक पिछले महीने 28 हजार जवानों की गई जान

    यूक्रेन में रूसी सेना को भारी नुकसान, NATO के मुताबिक पिछले महीने 28 हजार जवानों की गई जान

    मॉस्को 

    एक वरिष्ठ नाटो सैन्य अधिकारी के अनुसार रूस को यूक्रेन में पिछले महीने 50,000 से अधिक हताहत हुए. इनमें से करीब 28,000 सैनिक मारे गए. यह आंकड़ा यूक्रेनी बलों के नुकसान से कहीं ज्यादा है. उसी दौरान यूक्रेन के लगभग 5,000 हताहत हुए. ये आंकड़े संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा के लिए गुमनामी की शर्त पर दिए गए। 

    रूसी सेना यूक्रेन में आक्रामक बढ़त हासिल करने की कोशिश कर रही है. सैनिकों को ऐसे क्षेत्रों में भेजा जा रहा है जहां ड्रोन, बारूदी सुरंगें, तोपखाने और अन्य बचाव व्यवस्थाएं सक्रिय हैं. इन क्षेत्रों को किल जोन कहा जाता है. इन प्रयासों के बावजूद नुकसान का अनुपात बहुत अधिक बताया जा रहा है। 

    ये आंकड़े युद्ध की उच्च लागत को रेखांकित करते हैं. रूस की सैन्य व्यय में भारी वृद्धि हुई है. इस साल यह मूल योजना से करीब 40 प्रतिशत अधिक होने का अनुमान है. लंबे संघर्ष से दोनों पक्षों पर दबाव बढ़ रहा है. यूक्रेन ने कुछ क्षेत्रों में क्षेत्रीय बढ़त भी हासिल की है. इतने बड़े पैमाने पर नुकसान युद्ध को जारी रखने की क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं। 

    जर्मन खुफिया प्रमुख समेत कई अधिकारियों ने कहा है कि युद्ध की गतिशीलता ऐसी हो गई है कि इसे बिना राजनीतिक कीमत चुकाए समाप्त करना मुश्किल है. रूस के लिए ये नुकसान घरेलू स्तर पर भी चुनौती पैदा कर सकते हैं. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ये आंकड़े युद्ध की निरंतरता और शांति प्रयासों की जरूरत पर चर्चा बढ़ा रहे हैं। 

    नाटो अधिकारी के ये आंकड़े युद्ध की भारी मानवीय कीमत को सामने लाते हैं. दोनों पक्षों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है. स्थायी समाधान के लिए कूटनीतिक प्रयास जरूरी हैं क्योंकि सैन्य मार्ग से नुकसान बढ़ते जा रहे हैं। 

     

  • दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर बड़ा बदलाव, गृह मंत्रालय के फैसले के बाद जंतर-मंतर पर धरने को लेकर बदले नियम

    दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर बड़ा बदलाव, गृह मंत्रालय के फैसले के बाद जंतर-मंतर पर धरने को लेकर बदले नियम

    नई दिल्ली

    गृह मंत्रालय ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है जिसमें जंतर-मंतर को अब सार्वजनिक प्रदर्शनों और धरनाओं के लिए उपयुक्त स्थान नहीं माना जाएगा। यह निर्णय दिल्ली पुलिस और केंद्रीकृत सुरक्षा बलों के सहयोग से किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य समय-समय पर बढ़ते दंगों और सार्वजनिक असहमतियों को नियंत्रित करना है। इस व्यापक कदम का मूल कारण सुरक्षा की बढ़ती चुनौतियाँ हैं, विशेषकर त्योहारों और चुनावी समय में जंतर-मंतर के आसपास होने वाली कई घटनाओं के बाद। पिछले कुछ महीनों में जंतर-मंतर पर अलग-अलग समूहों और धारणा धारकों द्वारा कई बार प्रदर्शन एवं धरनाओं के प्रयास हुए थे, जिसके परिणामस्वरूप से वातावरण में अशांति और मानवाधिकारों के उल्लंघन के डर के साथ जाथे हैं। इस तरह के मामलों में सुरक्षा बलों ने भी काफी जोखिम देखा था। 

    इसके मद्देनज़र, गृह मंत्रालय ने एक विशेष समिति के तर्क और सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए, जंतर-मंतर को प्रोटेस्ट साइट से डिनोटिफाई करने का निर्णय लिया। नए प्रोटेस्ट साइट के रूप में दिल्ली पुलिस ने तीन स्थानों का चयन किया है: रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और केंद्रीय भवन परिसर ( CBD ग्राउंड)। इन स्थानों को चुनने के निर्णय का आधार भौगोलिक स्थिति, सुरक्षा संरचना, और परिवहन पहुँच है। रामलीला मैदान और बुराड़ी मैदान मध्य दिल्ली के प्रमुख राजमार्गों के नजदीक हैं, जिससे सुरक्षा बलों के लिए त्वरित हस्तक्षेप की सुविधा होगी। 

    अब दिल्ली में इन 3 चुनिंदा जगहों पर ही हो सकेंगे प्रदर्शन

    आंदोलनकारियों के लोकतांत्रिक अधिकारों और शहर की व्यवस्था के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए सरकार ने धरना-प्रदर्शन के लिए तीन नए और तय स्थानों को नोटिफाई किया है। अब दिल्ली में किसी भी प्रकार का राजनीतिक या सामाजिक आंदोलन केवल इन्हीं तीन जगहों पर आयोजित किया जा सकेगा:

        रामलीला मैदान: मध्य दिल्ली स्थित यह ऐतिहासिक मैदान बड़े स्तर की रैलियों, जनसभाओं और विशाल प्रदर्शनों के लिए मुख्य केंद्र रहेगा।
        निरंकारी ग्राउंड (बुराड़ी): उत्तर-पूर्वी दिल्ली का यह विशाल मैदान बड़े जनसमूह वाले आंदोलनों और किसानों या मजदूरों के लंबे धरनों के लिए आरक्षित किया गया है।
        सीबीडी ग्राउंड (शाहदरा): पूर्वी दिल्ली में स्थित सीबीडी (Central Business District) ग्राउंड को भी अधिकृत प्रदर्शन स्थल के रूप में चुना गया है।

    आयोजकों को लेनी होगी पूर्व अनुमति

    नए नियमों के लागू होने के बाद अब बिना पूर्व अनुमति के दिल्ली के किसी भी अन्य स्थान पर इकट्ठा होना या प्रदर्शन करना कानूनन अपराध माना जाएगा। आयोजकों को अब नए तय किए गए तीन स्थलों में से किसी एक पर कार्यक्रम करने के लिए दिल्ली पुलिस प्रशासन से बाकायदा अनुमति लेनी होगी। इस फैसले के बाद जंतर-मंतर पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है ताकि किसी भी तरह के अनाधिकृत जमावड़े को तुरंत रोका जा सके।

    वहीं, CBD ग्राउंड भी व्यास के भीतर स्थित है और उसे जोड़ने वाली सार्वजनिक परिवहन प्रणाली से अच्छी तरह सुसज्जित है। यह बदलाव सार्वजनिक संगठनों को अपनी आवाज उठाने के लिए एक वैध और सुरक्षित मंच प्रदान करेगा। गृह मंत्रालय द्वारा बनाई गई समिति ने कहा कि इस कदम से शांति और सार्वजनिक व्यवस्था बनी रहेगी और नागरिकों के कानूनी अधिकारों को नुकसान नहीं पहुँचने लगेगा। इस निर्णय के बाद सुझाव दिया गया कि सभी प्रोटेस्ट और आंदोलन गतिविधियों को इन निर्दिष्ट स्थानों पर ही सीमित रखा जाए, ताकि किसी भी दुर्घटना या अनियंत्रित परिस्थिति से बचा जा सके।

    गृह मंत्रालय ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है जिसमें जंतर-मंतर को अब सार्वजनिक प्रदर्शनों और धरनाओं के लिए उपयुक्त स्थान नहीं माना जाएगा। यह निर्णय दिल्ली पुलिस और केंद्रीकृत सुरक्षा बलों के सहयोग से किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य समय-समय पर बढ़ते दंगों और सार्वजनिक असहमतियों को नियंत्रित करना है। इस व्यापक कदम का मूल कारण सुरक्षा की बढ़ती चुनौतियाँ हैं, विशेषकर त्योहारों और चुनावी समय में जंतर-मंतर के आसपास होने वाली कई घटनाओं के बाद। 

    पिछले कुछ महीनों में जंतर-मंतर पर अलग-अलग समूहों और धारणा धारकों द्वारा कई बार प्रदर्शन एवं धरनाओं के प्रयास हुए थे, जिसके परिणामस्वरूप से वातावरण में अशांति और मानवाधिकारों के उल्लंघन के डर के साथ जाथे हैं। इस तरह के मामलों में सुरक्षा बलों ने भी काफी जोखिम देखा था। इसके मद्देनज़र, गृह मंत्रालय ने एक विशेष समिति के तर्क और सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए, जंतर-मंतर को प्रोटेस्ट साइट से डिनोटिफाई करने का निर्णय लिया।

     नए प्रोटेस्ट साइट के रूप में दिल्ली पुलिस ने तीन स्थानों का चयन किया है: रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और केंद्रीय भवन परिसर (CBD ग्राउंड)। इन स्थानों को चुनने के निर्णय का आधार भौगोलिक स्थिति, सुरक्षा संरचना, और परिवहन पहुँच है। रामलीला मैदान और बुराड़ी मैदान मध्य दिल्ली के प्रमुख राजमार्गों के नजदीक हैं, जिससे सुरक्षा बलों के लिए त्वरित हस्तक्षेप की सुविधा होगी। वहीं, CBD ग्राउंड भी व्यास के भीतर स्थित है और उसे जोड़ने वाली सार्वजनिक परिवहन प्रणाली से अच्छी तरह सुसज्जित है। यह बदलाव सार्वजनिक संगठनों को अपनी आवाज उठाने के लिए एक वैध और सुरक्षित मंच प्रदान करेगा। 

    गृह मंत्रालय द्वारा बनाई गई समिति ने कहा कि इस कदम से शांति और सार्वजनिक व्यवस्था बनी रहेगी और नागरिकों के कानूनी अधिकारों को नुकसान नहीं पहुँचने लगेगा। इस निर्णय के बाद सुझाव दिया गया कि सभी प्रोटेस्ट और आंदोलन गतिविधियों को इन निर्दिष्ट स्थानों पर ही सीमित रखा जाए, ताकि किसी भी दुर्घटना या अनियंत्रित परिस्थिति से बचा जा सके।

  • राष्ट्रपति के छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर प्रशासन अलर्ट, लोकभवन में तैयारियों की समीक्षा के लिए बैठक आयोजित

    राष्ट्रपति के छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर प्रशासन अलर्ट, लोकभवन में तैयारियों की समीक्षा के लिए बैठक आयोजित

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के छत्तीसगढ़ प्रवास की तैयारियों  के संबंध में लोकभवन में बैठक आयोजित

    रायपुर
    राष्ट्रपति  द्रौपदी मुर्मू के 22 एवं 23 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित छत्तीसगढ़ प्रवास को लेकर  आवश्यक तैयारियों के संबंध में आज लोकभवन में बैठक आयोजित की गई। राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में राष्ट्रपति के प्रवास के दौरान लोकभवन में की जाने वाली व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

           बैठक में लोकभवन परिसर में बैठक व्यवस्था, पार्किंग, बिजली और इंटरनेट की निर्बाध उपलब्धता सहित विभिन्न व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई। इसके साथ ही चिकित्सा सुविधाओं, सुरक्षा प्रबंधों और प्रोटोकॉल के तहत वाहनों की व्यवस्था समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि राष्ट्रपति के प्रवास के दौरान सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित हो सकें।

           बैठक में जनसंपर्क विभाग के संचालक आशीष कुमार टिकरिहा, रायपुर के पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला सहित जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, नगर निगम रायपुर, सामान्य प्रशासन विभाग तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।