Author: NewseDay

  • रणबीर कपूर की ‘रामायण’ करीब 40 भाषाओं में होगी डब, दुनिया भर में रिलीज की तैयारी तेज

    रणबीर कपूर की ‘रामायण’ करीब 40 भाषाओं में होगी डब, दुनिया भर में रिलीज की तैयारी तेज

    रणबीर कपूर की ‘रामायण’ को सिर्फ भारतीय दर्शकों तक सीमित रखने के बजाय दुनिया भर के सिनेमाघरों तक पहुंचाने की तैयारी है। प्रमोशन और इंटरनेशनल डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़े अनाउंसमेंट्स के बीच इसकी डबिंग को लेकर भी अहम दावा सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, मेकर्स का लक्ष्य ऐसा अनुभव तैयार करना है, जिसे अलग-अलग देशों के दर्शक अपनी भाषा में देख सकें। इस प्लान में सोनी पिक्चर्स की भूमिका अहम बताई जा रही है। फिल्म की पहली किस्त अब 5 नवंबर 2026 को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। आखिर ‘रामायण’ की ग्लोबल रिलीज के लिए टीम क्या-क्या कर रही है, और भाषाओं को लेकर क्या जानकारी मिली है?

    रामायण करीब 40 भाषाओं में डब? क्या है पूरा मामला?
    रणबीर कपूर, साई पल्लवी और यश की फिल्म ‘रामायण’ को लेकर एक बड़ा दावा सामने आया है। बॉलीवुड हंगामा से बात करते हुए एक ट्रेड सूत्र ने बताया कि फिल्म को लगभग 40 भाषाओं में डब किया गया है। इसका मकसद दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले दर्शकों तक भारतीय महाकाव्य की कहानी को उनकी अपनी भाषा में पहुंचाना है।

    ट्रेड सूत्र ने कहा, “दुनिया भर के दर्शकों के लिए ‘रामायण’ को सुलभ और आकर्षक बनाने के लिए फिल्म को लगभग 40 भाषाओं में डब किया गया है। इसके नतीजतन, दुनियाभर के दर्शक बिना सबटाइटल पर निर्भर हुए, अपनी समझ की भाषा में फिल्म को उसके पूरे वैभव के साथ देख सकेंगे। इतने बड़े पैमाने पर किसी भारतीय फिल्म को पहली बार डब किया गया है। फिल्म को किन-किन भाषाओं में डब किया गया है, इसकी पूरी सूची अगले एक-दो हफ्तों में जारी की जाएगी।”

    सोनी पिक्चर्स के साथ 'रामायण' का ग्लोबल प्लान क्या है?
    फिल्म को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बड़े स्तर पर रिलीज करने की रणनीति लंबे समय से तैयार की जा रही है। इसी दिशा में CinemaCon 2026 और San Diego Comic-Con जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों पर फिल्म का प्रमोशन किया गया। इसके अलावा, विदेशी बाजारों में डिस्ट्रीब्यूशन की जिम्मेदारी Sony Pictures को सौंपना भी इस प्लानिंग का अहम हिस्सा है।

    ट्रेड सूत्र ने बॉलीवुड हंगामा से कहा, “निर्माता नमित मल्होत्रा और ‘रामायण’ की मुख्य टीम इसे किसी भारतीय फिल्म की अब तक की सबसे बड़ी रिलीज बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। वे लंबे समय से इस लक्ष्य पर काम कर रहे हैं। CinemaCon 2026 और San Diego Comic-Con में फिल्म का प्रमोशन इसी दिशा में उठाया गया एक कदम था। अंतरराष्ट्रीय वितरण के लिए Sony Pictures को साथ लाना भी टीम के लिए बहुत बड़ी मजबूती साबित हुआ है।” Sony Pictures फिल्म को भारत के बाहर अंतरराष्ट्रीय बाजारों में वितरित करेगी। वहीं, भारत में हिंदी भाषी बाजार के लिए Dharma Productions वितरण संभालेगी। इस व्यवस्था के जरिए फिल्म को भारतीय दर्शकों के साथ-साथ विदेशी बाजारों तक पहुंचाने की तैयारी है।

    रामायण की स्टारकास्ट और म्यूजिक में कौन-कौन शामिल है?
    नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी ‘रामायण’ में रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि साई पल्लवी सीता के किरदार में नजर आएंगी। यश रावण की भूमिका निभा रहे हैं। सनी देओल भगवान हनुमान और रवि दुबे लक्ष्मण के किरदार में दिखाई देंगे। फिल्म का निर्माण नमित मल्होत्रा ने किया है। इसके संगीत की जिम्मेदारी ए. आर. रहमान और हॉलीवुड के मशहूर संगीतकार हंस जिमेर ने संभाली है। इंडियन एपिक को बड़े सिनेमाई स्तर पर पेश करने के लिए फिल्म के विजुअल्स और अंतरराष्ट्रीय पहुंच पर भी खास जोर दिया जा रहा है।

    रामायण पार्ट 1 और पार्ट 2 कब रिलीज होंगे?
    लगभग 4000 करोड़ रुपए के रिपोर्टेड बजट में बनी ‘रामायण’ को दो हिस्सों में रिलीज करने की योजना है। फिल्म का पहला पार्ट 5 नवंबर 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में आएगा। वहीं, दूसरा पार्ट दिवाली 2027 के दौरान रिलीज करने का प्लान है। भारत में फिल्म हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम भाषाओं में रिलीज होगी। इसे IMAX समेत प्रीमियम फॉर्मेट में भी देखा जा सकेगा। करीब 40 भाषाओं में डबिंग के दावे की पूरी सूची सामने आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि फिल्म किन अतिरिक्त अंतरराष्ट्रीय भाषाओं में उपलब्ध होगी।

  • ‘गदर 2’ के बाद फिर धमाका करने को तैयार सनी देओल, नए लुक में दिखे दमदार अंदाज

    ‘गदर 2’ के बाद फिर धमाका करने को तैयार सनी देओल, नए लुक में दिखे दमदार अंदाज

    बंटवारा 1947 के बाद एक बार फिर सनी देओल बॉक्स ऑफिस पर कब्जा जमाने को तैयार हैं. उनकी नेक्स्ट फिल्म अनाउंस हुई है. सनी ने सोमवार को इंस्टा पर अपनी नई फिल्म का फर्स्ट लुक रिवील किया है. इसमें एक्टर का धांसू अवतार देखने को मिलता है. मूवी का नाम है- सूर्या: अंत से आरंभ तक.

    सनी की नई फिल्म का ऐलान
    वीडियो में सनी का इंटेंस लुक दिखता है. वो सिगरेट पीते दिखे हैं. बढ़ी हुई दाढ़ी और चेहरे पर रौब उनके लुक को किलर बनाता है. उनकी लार्जर दैन लाइफ पर्सनैलिटी दिखी है. वीडियो में बताया गया है कि उनका किरदार अतीत और वर्तमान में उलझा हुआ है. जो सच की खोज में है. फिल्म के बारे में मेकर्स ने और डिटेल शेयर नहीं की है. फैंस सनी के धांसू लुक को देखकर इंप्रेस्ड हैं. यूजर्स का कहना है ये मूवी पावरफुल होगी. किसी ने कहा- सनी इंटरनेशनल हीरो हैं. लोगों से फिल्म की रिलीज का और इंतजार नहीं हो रहा है.

    फिल्म 20 नवंबर 2026 को रिलीज होगी. इसका डायरेक्शन एम. पद्मकुमार कर रहे हैं. कमल मुकुट इस फिल्म को प्रस्तुत कर रहे हैं. मूवी में रवि किशन, प्रज्ञा जायसवाल भी अहम रोल में दिखेंगे. सनी को गदर 2 के बाद शानदार कमबैक मिला था. लेकिन इसके बाद आई उनकी फिल्में खास कमाल नहीं दिखा पाईं. राजकुमार संतोषी की पीरियड ड्रामा बंटवारा 1947 को खास रिस्पॉन्स नहीं मिला. क्रिटिक्स ने फिल्म को पसंद किया. लेकिन बॉक्स ऑफिस पर मूवी ज्यादा नहीं कमा पाई. इसमें सनी ने सिकंदर मिर्जा का रोल प्ले किया था.

    सबसे खास बात ये है कि नवंबर में उनकी एक और बड़ी फिल्म आ रही है. नितेश तिवारी के डायरेक्शन में बनी फिल्म रामायण भी इसी महीने रिलीज होगी. रणबीर कपूर और साई पल्लवी स्टारर फिल्म में सनी देओल हनुमान का रोल निभाएंगे. पहले पार्ट में सनी देओल नजर नहीं आएंगे. दूसरे पार्ट में उनके किरदार पर फोकस होगा. सनी की बैक टू बैक आ रही फिल्मों ने फैंस की एक्साइटमेंट को पीक पर पहुंचा दिया है. फिलहाल तो उन्हें सूर्या के ट्रेलर, टीजर रिलीज होने का इंतजार है.

  • क्लर्क, फायरमैन और ड्राइवर समेत 275 पदों पर भर्ती की तैयारी, चंडीगढ़ नगर निगम में मिलेंगी नौकरियां

    क्लर्क, फायरमैन और ड्राइवर समेत 275 पदों पर भर्ती की तैयारी, चंडीगढ़ नगर निगम में मिलेंगी नौकरियां

    चंडीगढ़.

    नगर निगम में वित्तीय संकट के चलते जिन फायरमैन और ड्राइवरों की सेवाएं समाप्त की गई थीं, अब उन्हीं श्रेणियों में नियमित भर्ती होगी। निगम ने 31 मार्च 2025 को अग्निशमन एवं बचाव सेवाओं में आउटसोर्स आधार पर काम कर रहे 90 कर्मचारियों के अनुबंध आगे नहीं बढ़ाए थे। इनमें 47 फायरमैन और 16 ड्राइवर शामिल थे।

    उस समय निगम ने करीब 200 करोड़ रुपये के वित्तीय घाटे का हवाला देते हुए खर्च कम करने के लिए यह फैसला लिया था। अब निगम में नियमित पदों पर भर्ती की तैयारी के तहत 79 फायरमैन और 33 ड्राइवरों के पद भी शामिल हैं। इसके अलावा 118 क्लर्क समेत विभिन्न श्रेणियों के कुल 275 पदों को भरने की प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है। भर्ती के लिए केंद्रीय स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (एसएससी) की मदद को लेकर प्रक्रिया व जिम्मेदारियों पर स्पष्टता मांगी जा रही है।

    पहले अतिरिक्त कर्मचारी बताकर हटाया, अब पद भरने की तैयारी
    मार्च 2025 में कर्मचारियों के अनुबंध बढ़ाने के बजाय उन्हें हटाने का फैसला खर्चों में कटौती के तहत लिया गया था। निगम में उस समय आउटसोर्स कर्मचारियों पर बढ़ते खर्च को भी फैसले का आधार बनाया गया। साथ ही कहा गया कि आउटसोर्स कर्मी इसी शर्त पर रखे गए थे कि रेगुलर भर्ती के बाद उन्हें हटा दिया जाएगा।

    पद भरने के लिए केंद्रीय एजेंसी एसएससी से किया संपर्क
    276 पदों पर भर्ती को मिल चुकी है सैद्धांतिक मंजूरी यूटी प्रशासक ने 276 पदों पर सीधी भर्ती के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दी थी। प्रशासन ने निगम को आरक्षण नियमों का पालन करते हुए किसी प्रतिष्ठित सरकारी एजेंसी के माध्यम से भर्ती कराने के निर्देश दिए थे। अब एसएससी के जरिए भर्ती की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है।

    परीक्षा से लेकर मांगी जा रही जानकारी
    परीक्षा से लेकर वित्तीय औपचारिकताओं पर चर्चा एसएससी से भर्ती की संभावनाओं पर विचार करते निगम ने आवेदन प्रक्रिया, परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था, परीक्षा की जिम्मेदारी, भुगतान और वित्तीय जरूरतों व अन्य प्रक्रियागत पहलुओं पर जानकारी मांगी है। भर्ती प्रक्रिया में निगम व एसएससी की जिम्मेदारियां तय करना भी अहम रहेगा। इन बिंदुओं पर स्पष्टता मिलने के बाद ही भर्ती की आगे की रूपरेखा तय हो सकेगी। तकनीकी और स्वास्थ्य श्रेणी के पद भी खाली क्लर्क, फायरमैन और ड्राइवर के अलावा निगम में जूनियर ड्राफ्ट्समैन, ड्राफ्ट्समैन, सब डिवीजनल इंजीनियर, जूनियर इंजीनियर (सिविल एवं इलेक्ट्रिकल), मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर, अकाउंटेंट, सुपरिंटेंडेंट और स्टेनोग्राफर हाउस सहित कई श्रेणियों के पद खाली हैं। रिक्तियों के चलते विभिन्न विभागों में मानव संसाधन की जरूरत बनी हुई है।

  • T20I में छक्कों का नया बादशाह बना वेस्टइंडीज, भारत 1997 छक्कों के साथ दूसरे नंबर पर

    T20I में छक्कों का नया बादशाह बना वेस्टइंडीज, भारत 1997 छक्कों के साथ दूसरे नंबर पर

    नई दिल्ली
    वेस्टइंडीज ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में एक ऐसा मुकाम हासिल कर लिया है, जहां तक कोई दूसरी टीम नहीं पहुंची थी. वेस्टइंडीज ऐसी पहली टीम बन गई, जिसने टी20 इंटरनेशनल में 2 हजार छक्के पूरे किए. रविवार (11 अक्टूबर) को भारत के खिलाफ इंदौर में खेले गए टी20 सीरीज के तीसरे मुकाबले में वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने 13 छक्के लगाए और इस ऐतिहासिक आंकड़े को छू लिया. हालांकि, इस उपलब्धि के बावजूद टीम को मुकाबले में 14 रनों से हार का सामना करना पड़ा.

    इस मैच से पहले वेस्टइंडीज के नाम 1997 छक्के दर्ज थे. ऐसे में 2000 का आंकड़ा टच करने के लिए उसे सिर्फ तीन छक्कों की जरूरत थी. भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ कैरेबियाई बल्लेबाजों ने आक्रामक रुख अपनाया और अपनी टीम को टी20 क्रिकेट के इतिहास में एक खास स्थान दिला दिया.

    2000 छक्कों का आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि कैरेबियाई टीम ने छोटे फॉर्मेट में आक्रामक बल्लेबाजी को अपनी ताकत बनाया है. हालांकि, भारत भी इस मामले में ज्यादा पीछे नहीं है और अगले मुकाबले में इस आंकड़े तक पहुंच सकता है. भारतीय टीम ने 1997 छक्के लगाए हैं. न्यूजीलैंड 1585 छक्कों के साथ इस सूची में तीसरे स्थान पर है. इसके बाद पाकिस्तान और साउथ अफ्रीका का नंबर आता है.

    टी20I में में सर्वाधिक छक्के
    2010- वेस्टइंडीज
    1997- भारत
    1585- न्यूजीलैंड
    1500- पाकिस्तान
    1407- साउथ अफ्रीका
    1406- इंग्लैंड
    1400- ऑस्ट्रेलिया

    मुकाबले में भारत ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 223 रन बनाए. अभिषेक शर्मा ने महज 30 गेंदों पर 69 रन ठोक दिए. उनकी पारी में छह चौके और पांच छक्के शामिल रहे. ईशान किशन ने भी 18 गेंदों पर 37 रन बनाकर भारतीय पारी को रफ्तार दी. दोनों के बीच दूसरे विकेट के लिए 108 रनों की तेज साझेदारी हुई. अभिषेक ने इस पारी के दौरान टी20 इंटरनेशनल में अपने 2000 रन भी पूरे किए. हालांकि, मिडिल ओवर्स में लगातार विकेट गिरने के कारण भारत अपनी मजबूत शुरुआत का पूरा फायदा नहीं उठा सका.

    224 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए वेस्टइंडीज ने शाई होप के रूप में शुरुआती विकेट गंवाया. इसके बाद शिमरॉन हेटमायर और कामिल पूरन ने पारी को संभालने की कोशिश की. हेटमायर ने 26 गेंदों पर 43 रन बनाए, जबकि पूरन ने 27 गेंदों पर 42 रनों की पारी खेली. दोनों ने मिलकर दूसरे विकेट के लिए 60 रनों की साझेदारी की. पूरन ने एक ओवर में तीन छक्के लगाकर मुकाबले में रोमांच बढ़ाया. इसके बाद शमर स्प्रिंगर ने सिर्फ 11 गेंदों पर नाबाद 35 रन बनाए, लेकिन बढ़ते जरूरी रनरेट के कारण वेस्टइंडीज लक्ष्य हासिल नहीं कर सका. टीम निर्धारित 20 ओवर में सात विकेट पर 209 रन ही बना सकी.

    भारतीय गेंदबाजों ने दबाव के क्षणों में बेहतर नियंत्रण दिखाया. अर्शदीप सिंह ने 44 रन देकर तीन विकेट हासिल किए और उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया. उन्होंने कप्तान शाई होप को जल्दी आउट करने के साथ अंतिम ओवरों में भी अहम विकेट चटकाए. नमन धीर ने दो विकेट लेकर उनका अच्छा साथ दिया. अब सीरीज का चौथा मुकाबला 14 अक्टूबर को हैदराबाद में खेला जाएगा, जबकि सीरीज का आखिरी मैच 17 अक्टूबर को बेंगलुरु में होगा. दोनों मुकाबले भारतीय समयानुसार शाम 7 बजे शुरू होंगे

  • छत्तीसगढ़ में श्रद्धालुओं को बड़ी सौगात, बस्तर से दंतेवाड़ा तक निःशुल्क बस सेवा शुरू हुई

    छत्तीसगढ़ में श्रद्धालुओं को बड़ी सौगात, बस्तर से दंतेवाड़ा तक निःशुल्क बस सेवा शुरू हुई

    जगदलपुर.

    नगरनार स्थित एनएमडीसी के स्टील प्लांट के भीतर आग लगने की एक और घटना सामने आई है. इस बार प्लांट परिसर में टीआरएल कंपनी के स्टोर में आग लग गई. घटना के बाद मौके पर पहुंचे फायर फाइटर ने तत्परता दिखाते हुए आग पर काबू पा लिया.

    राहत की बात यह रही कि आग पर नियंत्रण कर लिया गया, लेकिन घटना के कारणों और इससे हुए नुकसान को लेकर अब तक विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है, वहीं प्लांट प्रबंधन ने घटना को लेकर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है. उल्लेखनीय है कि स्टल प्लांट परिसर के भीतर आग लगने की सूचना से कुछ समय के लिए हलचल की स्थिति निर्मित हो गई. आग किस वजह से लगी, स्टोर में किस तरह की सामग्री रखी हुई थी और आग से कितना नुकसान हुआ है, इन सवालों के जवाब फिलहाल स्पष्ट नहीं हैं. आग बुझाने के लिए फायर फाइटर को मौके पर पहुंचना पड़ा, उनके प्रयासों से आग पर काबू पा लिया गया. घटना को लेकर प्लांट प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है.

    प्रबंधन के टिप्पणी करने से इनकार के कारण आग लगने की वजह, नुकसान की स्थिति और सुरक्षा इंतजामों से जुड़े सवालों पर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है. फिलहाल यह भी स्पष्ट नहीं है कि घटना की विस्तृत जांच कराई जा रही है या नहीं. औद्योगिक इकाई के भीतर आग लगने की घटनाओं में समय पर आग पर नियंत्रण के साथ-साथ उनके कारणों का पता लगाना भी महत्वपूर्ण है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके. अब सबकी नजर इस बात पर है कि प्रबंधन घटना को लेकर कब तक आधिकारिक जानकारी देता है, और आग लगने के वास्तविक कारणों का खुलासा कब होता है.

    नगरनार स्टील प्लांट में इससे पहले भी आग लगने की घटना सामने आ चुकी है. ऐसे में एक बार फिर प्लांट परिसर में आग लगने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. हालांकि पिछली और वर्तमान घटना के बीच किसी तरह का संबंध है या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हुई है. बार-बार ऐसी घटनाएं सामने आने के बीच आग लगने के कारणों की जांच और औद्योगिक सुरक्षा उपायों की जानकारी सार्वजनिक किए जाने की जरूरत महसूस की जा रही है.

  • बच्चों से मिलने के लिए मुख्यमंत्री ने रुकवाया काफिला, डॉ. मोहन यादव के आत्मीय संवाद की चर्चा

    बच्चों से मिलने के लिए मुख्यमंत्री ने रुकवाया काफिला, डॉ. मोहन यादव के आत्मीय संवाद की चर्चा

    मंडला 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को मंडला जिले के टटारा में स्कूल के नन्हें बच्चों के आत्मीयता से सहज संवाद किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टटारी हेलीपेड जाते समय एक निजी पब्लिक स्कूल में अपना काफिला रुकवाया और वहां प्रार्थना सभा में शामिल विद्यार्थियों से मिले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अचानक अपने बीच पाकर बच्चे और उनके टीचर्स प्रसन्न हुए। स्कूल में उस समय बच्चों की रुटीन असेम्बली चल रही थी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को परमपिता परमेश्वर से सबके कल्याण की प्रार्थना करते देखा, तो वे उनके बीच पहुंच गए। उन्होंने बच्चों से स्नेहपूर्वक बातचीत की, उनके नाम पूछे और यह भी जाना कि वे किस कक्षा में पढ़ते हैं तथा उनकी पढ़ाई कैसी चल रही है ?

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बच्चों को दुलारते हुए खूब मन लगाकर पढ़ने-लिखने के लिए प्रेरित किया। बच्चों के साथ उनका संवाद सहज, आत्मीय और अपनत्व से भरा रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस अप्रत्याशित उपस्थिति से विद्यार्थियों के चेहरे खिल उठे और विद्यालय परिसर में हर्ष और उत्साह का माहौल बन गया।

     

  • मध्य प्रदेश में आयुष्मान योजना पर सख्ती, 69 अस्पताल बाहर और एक लाख लंबित क्लेम निपटाने के लिए 50 डॉक्टर नियुक्त

    मध्य प्रदेश में आयुष्मान योजना पर सख्ती, 69 अस्पताल बाहर और एक लाख लंबित क्लेम निपटाने के लिए 50 डॉक्टर नियुक्त

    नई दिल्ली

    आयुष्मान भारत ‘निरामयम’ योजना के तहत मध्य प्रदेश के 69 अस्पतालों को योजना से बाहर कर दिया गया है. इनमें भोपाल के 27 अस्पताल शामिल हैं. इन अस्पतालों की संबद्धता खत्म करने के पीछे अलग-अलग कारण हैं. सबसे ज्यादा 60 अस्पताल राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (National Board of Accreditation एनएबीएच) का गुणवत्ता प्रमाणपत्र हासिल करने की अनिवार्यता पूरी नहीं कर सके. वहीं, पांच अस्पतालों ने पिछले छह महीने से आयुष्मान कार्डधारियों का इलाज नहीं किया. तीन अस्पतालों की संबद्धता अन्य कारणों से खत्म की गई है. इसके अलावा, भोपाल के मारुति अस्पताल पर मृत मरीज के नाम पर क्लेम लेने के मामले में कार्रवाई की गई है। 

    एनएबीएच प्रमाणपत्र नहीं मिलने पर कार्रवाई
    योजना के अधिकारियों के अनुसार, अस्पतालों का निरीक्षण करने पर कई जगह गंभीर अनियमितताएं मिलीं. कुछ अस्पताल जरूरी गुणवत्ता प्रमाणपत्र भी प्रस्तुत नहीं कर पाए. इसके चलते उन्हें योजना से बाहर किया गया. भोपाल के 27 अस्पतालों में नवोदय हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, श्रीराम मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, आरएआई हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, परफेक्ट मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल एंड कैंसर सेंटर, सेंट्रल हॉस्पिटल, रक्षा हॉस्पिटल, सहज हॉस्पिटल, गुडविल हॉस्पिटल, एबी हॉस्पिटल, वीएनएस हॉस्पिटल, राजधानी हॉस्पिटल और एशियन हॉस्पिटल समेत अन्य अस्पताल शामिल हैं। 

    पांच अस्पतालों ने छह महीने से नहीं किया इलाज
    आयुष्मान योजना के तहत पिछले छह महीने से मरीजों का इलाज नहीं करने वाले पांच अस्पतालों को भी बाहर कर दिया गया है. इनमें भोपाल का शल्या जॉइंट केयर, ग्वालियर का मेट्रो न्यूरो हॉस्पिटल, नीमच का रामनिवास आयरन हॉस्पिटल, शाजापुर का श्री डीपी केयर हॉस्पिटल और टीकमगढ़ का न्यू सिटी हॉस्पिटल शामिल हैं। 

    21 अस्पतालों को 31 अक्टूबर तक मोहलत
    भोपाल के 10 अस्पतालों को फिलहाल राहत दी गई है. इनमें हेल्थ स्टार मल्टीस्पेशियलिटी, मयूर हॉस्पिटल, शुभम हॉस्पिटल, एलएन मेडिकल कॉलेज एंड जेके हॉस्पिटल, लक्ष्मी मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, एपेक्स हॉस्पिटल और पीपुल्स हॉस्पिटल सहित अन्य अस्पताल शामिल हैं. वहीं, 21 अस्पतालों को एनएबीएच प्रमाणपत्र हासिल करने के लिए 31 अक्टूबर तक का समय दिया गया है। 

    योजना के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अरविंद शाह ने बताया कि नियमों का पालन नहीं करने और जरूरी प्रमाणपत्र नहीं देने वाले अस्पतालों पर कार्रवाई की गई है। 

    लंबित क्लेम के लिए 50 डॉक्टर नियुक्त
    अस्पताल संचालकों ने भुगतान में देरी को लेकर आंदोलन किया थ. इसके बाद सरकार ने पोर्टल-2 पर लंबित एक लाख क्लेम का निपटारा दो महीने में करने का आश्वासन दिया है. इसके लिए 50 डॉक्टरों की नियुक्ति की गई है. सरकार का मकसद लंबित भुगतान से जुड़े मामलों को जल्द निपटाना है. इसके साथ-साथ हम लोगों ने कुछ ऐसे भी काम किए हैं जैसे कि आलू के पौधे में तीन-चार तरह के विटामिन में अलग-अलग ट्रांसजेनिक टेक्नीक से डाल दिए हैं. यह टारगेट है कि इस तरह की सारी इनफार्मेशन हमारे बच्चों में पहुंचे यह रिसर्च और एडवांस लेवल पर जाए। 

  • छत्तीसगढ़ शिक्षक भर्ती में दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए फिर खुला अवसर, संशोधित विज्ञापन से आवेदन का मिलेगा मौका

    छत्तीसगढ़ शिक्षक भर्ती में दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए फिर खुला अवसर, संशोधित विज्ञापन से आवेदन का मिलेगा मौका

    छत्तीसगढ़ शिक्षक भर्ती 2026- दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए विस्तृत विज्ञापन में संशोधन 

    दिव्यांग अभ्यर्थियों को मिलेगा आवेदन का नया अवसर

    रायपुर
    छत्तीसगढ़ में शिक्षक भर्ती 2026 के अंतर्गत दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा शिक्षक भर्ती के विस्तृत विज्ञापन में शुद्धि पत्र जारी किया गया है। इस संशोधन के तहत विभिन्न विषयों के शिक्षक पदों के लिए उपयुक्त दिव्यांगता की श्रेणियों का विस्तार किया गया है, जिससे पात्र दिव्यांग अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन करने का एक नया अवसर मिलेगा।

    हाईकोर्ट के निर्देश पर हुआ संशोधन

           लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी शुद्धि पत्र के अनुसार, यह कदम छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय द्वारा याचिका क्रमांक WPS No. 6783 of 2026 (मीनाक्षी मंगलेकर एवं अन्य बनाम छत्तीसगढ़ शासन एवं अन्य) में 9 अक्टूबर 2026 को पारित निर्णय के अनुपालन में उठाया गया है। इससे पहले स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत शासकीय शालाओं में ई एवं टी संवर्ग के शिक्षक पदों के लिए छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल की वेबसाइट  vyapamcg.cgstate.gov.in पर 7 अगस्त 2026 को विस्तृत विज्ञापन जारी किया गया था।

    दिव्यांगता की श्रेणियों में किए गए मुख्य बदलाव

            हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत और सामाजिक विज्ञान विषय के लिए समाज कल्याण विभाग की 11 सितंबर 2026 की संशोधित अधिसूचना के अनुसार इन विषयों के लिए पूर्ण दृष्टिबाधिता (Blind) और सेरेब्रल पाल्सी (Cerebral Palsy) को उपयुक्त दिव्यांगता की श्रेणियों में शामिल किया गया है। इसी प्रकार गणित विषय के शिक्षक पद के लिए सेरेब्रल पाल्सी एवं कुष्ठ रोग से उपचारित दिव्यांगता तथा कृषि विषय के शिक्षक पद के लिए सेरेब्रल पाल्सी को शामिल किया गया है।

          गणित इस विषय के शिक्षक पद के लिए सेरेब्रल पाल्सी एवं कुष्ठ रोग से उपचारित दिव्यांगता को शामिल किया गया है।      कृषि विषय के शिक्षक पद के लिए सेरेब्रल पाल्सी को शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त, दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित पदों का वितरण चार प्रमुख समूहों—दृष्टिबाधिता (VI), श्रवण बाधिता (HI), अस्थिबाधिता (OI) एवं बहुदिव्यांगता (MD) के अनुसार श्रेणीवार निर्धारित किया गया है।

    कुल 1654 पदों का विषयवार विवरण

          लोक शिक्षण संचालनालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार संशोधित विज्ञापन के अनुसार ई-संवर्ग के 868 और टी-संवर्ग के 786 पदों (कुल 1654 पद) पर भर्ती की प्रक्रिया होगी। ई-संवर्ग (कुल 868 पद) हिंदी के 109, संस्कृत के 150, अंग्रेजी के 319, गणित के 135, सामाजिक विज्ञान के 150 और कृषि के 5 पद और टी-संवर्ग (कुल 786 पद)रू हिंदी के 141, संस्कृत के 150, अंग्रेजी के 185, गणित के 115, सामाजिक विज्ञान के 100 और कृषि के 95 पद शामिल हैं।

    आवेदन की तिथि जल्द होगी घोषित

          लोक शिक्षण संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि इस संशोधन के दायरे में आने वाले नए दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए ऑनलाइन आवेदन की तिथि छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) द्वारा अलग से घोषित की जाएगी। शुद्धि पत्र से संबंधित विस्तृत जानकारी छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल की वेबसाइट पर देखी जा सकती है। इसके अलावा 7 अगस्त 2026 को जारी विज्ञापन की अन्य सभी शर्तें और कंडिकाएं यथावत रहेंगी।

  • भोपाल से दीपावली-छठ के लिए रेलवे का बड़ा इंतजाम, 3 स्पेशल ट्रेनों का शेड्यूल जारी; देखें टाइम-टेबल

    भोपाल से दीपावली-छठ के लिए रेलवे का बड़ा इंतजाम, 3 स्पेशल ट्रेनों का शेड्यूल जारी; देखें टाइम-टेबल

    भोपाल
     दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ पर यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे तीन स्पेशल ट्रेनों का संचालन करेगा।

    इन ट्रेनों का संचालन
    – पहली ट्रेन रानी कमलापति-दानापुर स्पेशल (01667/01668) 12 अक्टूबर से 17 नवंबर तक चलेगी। यह दोनों दिशाओं में 11-11 फेरे लगाएगी। इसका ठहराव भोपाल, संत हिरदाराम नगर, विदिशा, बीना, नर्मदापुरम और इटारसी सहित अन्य स्टेशनों पर रहेगा।

    – दूसरी रीवा-रानी कमलापति सुपरफास्ट स्पेशल (02192/02191) 17 व 24 अक्टूबर तथा 7 व 14 नवंबर को चलेगी। दोनों दिशाओं में इसके चार-चार फेरे होंगे।

    – तीसरी रीवा-डॉ. आंबेडकर नगर स्पेशल (01704/01703) प्रत्येक शनिवार और रविवार को चलेगी। यह इटारसी, नर्मदापुरम, रानी कमलापति, भोपाल, सीहोर और शुजालपुर सहित निर्धारित स्टेशनों पर रुकेगी।

    इन ट्रेनों से त्योहारों पर यात्रियों को अतिरिक्त रेल सुविधा मिलेगी। 

  • AI निगरानी से सुरक्षा बढ़ेगी या निजता पर खतरा? दिल्ली पुलिस की नई तकनीक पर उठे सवाल

    AI निगरानी से सुरक्षा बढ़ेगी या निजता पर खतरा? दिल्ली पुलिस की नई तकनीक पर उठे सवाल

    नई दिल्ली
    दिल्ली में बड़े प्रदर्शन हों, गणतंत्र दिवस की परेड हो या किसी खास कार्यक्रम में हजारों लोगों की भीड़, सुरक्षा एजेंसियां अब निगरानी के लिए आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का इस्तेमाल कर रही हैं। चेहरा पहचानने वाले स्मार्ट चश्मे, हाईटेक कैमरों से लैस ईक्षणा वैन, ड्रोन और फिंगरप्रिंट पहचानने वाले ऐप पुलिस की मदद करते हैं। ये तकनीक कैसे काम करती हैं, पुलिस को इनसे क्या जानकारी मिलती है और लोगों की निजता को लेकर कानून क्या कहता है

    'इक्षणा वैन: चलती-फिरती निगरानी गाड़ी'
    इसमें लगे हाईटेक कैमरों की फुटेज को AI की मदद से जांचा जाता है। चेहरा पहचानने वाली तकनीक संदिग्ध व्यक्तियों के चेहरों का पुलिस के रिकॉर्ड से मिलान करने में मदद करती है।

    आज्ञालेंस स्मार्ट चश्मे : भीड़ में अपराधियों के चेहरों की पहचान
    प्रदर्शन के दौरान कई बार AI तकनीक वाले ये स्मार्ट चश्मे पुलिसकर्मी पहने दिखे हैं। इनमें चेहरा पहचानने की सुविधा है। इनके इस्तेमाल की शुरुआत इस बार के गणतंत्र दिवस परेड से हुई थी।

    ड्रोन और बॉडी कैमरे
    ड्रोन से बड़ी भीड़ और आसपास के इलाकों पर नजर रखी जाती है। पुलिस ड्रोन से मिली फुटेज को AI के जरिए जरूरत की जानकारी जुटाने में करती है। पुलिसकर्मियों के बॉडी कैमरे सामने होने वाली गतिविधियों को रिकॉर्ड करते हैं। हालांकि हर ड्रोन और बॉडी कैमरे में AI होना जरूरी नहीं है।

    अभिज्ञान ऐप
    यह ऐप राष्ट्रीय फिंगरप्रिंट पहचान प्रणाली से जुड़ा है। इसकी मदद से पुलिस किसी व्यक्ति की पहचान और उपलब्ध आपराधिक रिकॉर्ड का मिलान कर सकती है।

    AI से भीड़ की गिनती
    AI से लैस एडवांस कैमरा सिस्टम भीड़ में मौजूद लोगों की अनुमानित संख्या निकालने में मदद कर सकते हैं। इससे पुलिस को भीड़ की स्थिति समझने और सुरक्षा व्यवस्था बनाने में मदद मिलती है।

    'डेटा सुरक्षा का भरोसा इन उपकरणों के भरोसे नहीं'
    सुप्रीम कोर्ट के वकील और साइबर कानून विशेषज्ञ विराग गुप्ता ने कहा कि 4 अगस्त 2017 को सुप्रीम कोर्ट की 9 जजों की संविधान पीठ ने पुट्टस्वामी फैसले में निजता को मौलिक अधिकार माना था। संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत सरकार किसी की निजता में दखल तभी दे सकती है, जब उसका कानूनी आधार हो, मकसद उचित हो और निगरानी जरूरत से ज्यादा न हो।
    सुरक्षा एजेंसियां प्रदर्शन या भीड़ वाली जगह लोगों की निगरानी के लिए जिन उपकरणों का इस्तेमाल कर रही हैं, उनमें ज्यादातर विदेशी हैं। इनसे जुटाए गए फोटो, वीडियो और दूसरे डेटा की सुरक्षा कितनी मजबूत है, इस पर भरोसेमंद जानकारी नहीं है। डेटा की सुरक्षा की जिम्मेदारी उसे जुटाने वाली एजेंसी की होती है। अभी इन एजेंसियों के लिए डेटा शेयरिंग का स्पष्ट प्रोटोकॉल भी नहीं है। ऐसे उपकरणों का इस्तेमाल हजारों लोगों की निजता के लिए खतरा बन सकता है।