Author: NewseDay

  • सौरव दास-अशुतोष रांका फिर लिए गए हिरासत में, दिल्ली में पुलिस की कार्रवाई

    सौरव दास-अशुतोष रांका फिर लिए गए हिरासत में, दिल्ली में पुलिस की कार्रवाई

    नई दिल्ली

    दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका आज फिर से जंतर-मंतर से हिरासत में ले लिया है। सौरव और रांका रोक के बावजूद यहां पहुंचे थे।

    बता दें कि 10 अक्टूबर को भी CJP नेताओं अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से पहले दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिए जाने के बाद एहतियातन गिरफ्तार किया गया था, लेकिन रविवार को उन्हें एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किए जाने के बाद रिहा कर दिया गया था। उन्हें इस शर्त पर रिहा किया गया था कि वे एक साल तक ‘शांति भंग’ करने वाला कोई काम नहीं करेंगे और अपना व्यवहार अच्छा बनाए रखेंगे।

    दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार के 11 अक्टूबर के स्थायी आदेश के तहत जंतर-मंतर पर अब प्रदर्शन नहीं किया जा सकेगा। वहीं, रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली स्थित सीबीडी (सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट) मैदान विरोध-प्रदर्शन के लिए नये स्थान होंगे।

    उन्होंने कहा, ”आप विरोध की आवाज को खत्म नहीं कर सकते।”

    दीपके ने एक फोटो भी पोस्ट किया जिसमें आशुतोष रांका तिरंगा पकड़े नजर आ रहे हैं और उनके पास पुलिसकर्मी हैं। दीपके ने पोस्ट कर लिखा, ”जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराते आशुतोष रांका।”

    जंतर-मंतर पहुंचे सीजेपी कार्यकर्ता
    सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने हिरासत में लिए जाने और जंतर-मंतर में घुसने की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए X पर पोस्ट किया, ”जा नहीं रहे थे, अंदर घुस गए।”

    ‘जंतर-मंतर पर फिर से हमारा कब्जा’
    कॉकरोच जनता पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास ने कहा, ”जंतर-मंतर पर फिर से हमारा कब्जा हो गया है! हम जंतर-मंतर में दाखिल हो गए हैं और अब हमें हिरासत में लिया जा रहा है। लेकिन यह हम सभी युवाओं के लिए एक संदेश है कि हम ऐसा कर सकते हैं! ज्ञानू, अब तुम्हारा खेल खत्म है, भाई!”

    कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सोमवार को ऐलान किया कि वह अगले कुछ दिनों में राजस्थान में प्रदर्शन करेगी। पार्टी ने आरोप लगाया कि राज्य में उसके कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया और कुछ को घरों में नजरबंद किया गया। इसके साथ ही दिल्ली में हाल ही में हुए प्रदर्शनों में शामिल कार्यकर्ताओं, महिलाओं, छात्रों और पत्रकारों को हिरासत में लेने और उनके साथ पुलिस की कथित ज्यादती के विरोध में यह प्रदर्शन किया जाएगा।

  • UP में जूनियर इंजीनियर के 1536 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू, तकनीकी युवाओं को मौका

    UP में जूनियर इंजीनियर के 1536 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू, तकनीकी युवाओं को मौका

    योगी सरकार में तकनीकी युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर, अवर अभियंता के 1536 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू

    यांत्रिक के 1156 और विद्युत के 380 पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित

    पीईटी 2025 (PET-2025) के स्कोर के आधार पर होगी शॉर्टलिस्टिंग

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में युवाओं को पारदर्शी एवं योग्यता आधारित रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) ने अवर अभियंता (यांत्रिक) और अवर अभियंता (विद्युत) के कुल 1536 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए अलग-अलग विज्ञापन जारी किए हैं। इससे प्रदेश के तकनीकी योग्यता रखने वाले युवाओं के लिए सरकारी सेवा में प्रवेश का नया अवसर उपलब्ध होगा।

    आयोग द्वारा सोमवार को अवर अभियंता (यांत्रिक) के 1156 पदों के लिए तथा अवर अभियंता (विद्युत) के 380 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया गया है। 

    यांत्रिक के 1156 पदों के लिए 3 नवंबर से आवेदन
    अवर अभियंता (यांत्रिक) मुख्य परीक्षा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण और शुल्क जमा करने की प्रक्रिया 3 नवंबर 2026 से शुरू होगी। अभ्यर्थी 25 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन और शुल्क जमा कर सकेंगे। शुल्क समायोजन एवं आवेदन में अनुमन्य संशोधन की अंतिम तिथि 2 दिसंबर 2026 निर्धारित की गई है।

    विद्युत के 380 पदों पर 6 नवंबर से आवेदन
    अवर अभियंता (विद्युत) मुख्य परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 6 नवंबर 2026 से शुरू होगी। आवेदन और शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 27 नवंबर 2026 तथा शुल्क समायोजन एवं आवेदन संशोधन की अंतिम तिथि 4 दिसंबर 2026 निर्धारित की गई है।

    पीईटी-2025 के आधार पर होगी मुख्य परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्टिंग
    दोनों भर्तियों में वही अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे, जिन्होंने प्रारम्भिक अर्हता परीक्षा (पीईटी)-2025 में प्रतिभाग किया है और आयोग द्वारा उन्हें पीईटी-2025 का स्कोर कार्ड जारी किया गया है। मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों की शॉर्टलिस्टिंग पीईटी-2025 के नार्मलाइज्ड स्कोर और मेरिट के आधार पर की जाएगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि पीईटी-2025 में वास्तविक अथवा नार्मलाइज्ड स्कोर शून्य या उससे कम/नकारात्मक होने वाले अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्ट नहीं किया जाएगा।

    पारदर्शी चयन प्रक्रिया पर सरकार का जोर
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार लगातार सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता, निष्पक्षता और योग्यता आधारित चयन पर जोर दे रही है। अवर अभियंता के 1536 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू होने से प्रदेश के तकनीकी रूप से दक्ष युवाओं को सरकारी विभागों में सेवा का अवसर मिलेगा और विभिन्न विभागों के तकनीकी मानव संसाधन को भी मजबूती मिलेगी।

    आयोग ने पीईटी-2025 के परिणाम में अंडर इंवेस्टिगेशन (यूआई) और प्रोविजनल श्रेणी में चिह्नित अभ्यर्थियों को भी अंतिम निर्णय होने तक मुख्य परीक्षाओं में आवेदन की सशर्त अनुमति दी है। हालांकि, ऐसे अभ्यर्थियों की शॉर्टलिस्टिंग और चयन संबंधी आगे की कार्रवाई आयोग स्तर पर चल रही जांच के अंतिम निर्णय के अधीन होगी।

    अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upsssc.gov.in पर विज्ञापन, पात्रता एवं आवेदन संबंधी विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

  • छत्तीसगढ़ में राम वनगमन पथ के विकास पर सियासत तेज, साय सरकार की योजना में आश्रय स्थल, सत्संग भवन और सीता रसोई शामिल

    छत्तीसगढ़ में राम वनगमन पथ के विकास पर सियासत तेज, साय सरकार की योजना में आश्रय स्थल, सत्संग भवन और सीता रसोई शामिल

    रायपुर
     छत्तीसगढ़ में भगवान श्रीराम के वनगमन पथ को विकसित करने की योजना को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने शोध के आधार पर राम वनगमन पथ के विकास के लिए स्थलों का चयन किया है। योजना के तहत वर्ष 2026 से 2029 तक तीन चरणों में विकास कार्य प्रस्तावित हैं। चयनित स्थलों पर आश्रय स्थल, सत्संग भवन और सीता रसोई जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि साधु-संतों और श्रद्धालुओं को ठहरने सहित अन्य जरूरी सुविधाएं मिल सकें।

    तीन चरणों में पूरा होगा विकास कार्य
    राज्य सरकार की योजना के अनुसार, राम वनगमन पथ से जुड़े स्थलों का विकास तीन वित्तीय वर्षों में किया जाएगा। पहले चरण में वर्ष 2026-27, दूसरे चरण में 2027-28 और तीसरे चरण में 2028-29 के दौरान विभिन्न धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों पर सुविधाओं का विस्तार प्रस्तावित है। सरकार का उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ छत्तीसगढ़ में भगवान श्रीराम से जुड़ी मान्यताओं और सांस्कृतिक विरासत को सामने लाना है।

    कांग्रेस सरकार ने 2019-20 में की थी शुरुआत

    छत्तीसगढ़ में राम वनगमन पर्यटन परिपथ की घोषणा कांग्रेस सरकार ने वर्ष 2019-20 में की थी। उस समय इतिहासकार स्वर्गीय हेमू यदु के शोध के आधार पर 75 स्थलों की सूची सामने आई थी। इनमें से नौ स्थलों को विकास के लिए चुना गया था।

    कांग्रेस शासन के दौरान चंदखुरी के कौशल्या मंदिर और शिवरीनारायण सहित कुछ प्रमुख स्थलों पर विकास कार्य हुए। हालांकि, बाकी स्थलों पर योजना का अपेक्षित विस्तार नहीं हो सका। अब साय सरकार ने 31 स्थलों को शामिल करते हुए इस योजना को नए सिरे से आगे बढ़ाने की तैयारी की है।

    पहले चरण में इन स्थलों का होगा विकास
    वर्ष 2026-27 के पहले चरण में रुद्रेश्वर महादेव मंदिर (रुद्री, धमतरी), शृंगी ऋषि-सप्तर्षि आश्रम (नगरी-सिहावा), खरौद, रामाराम, चिंतामीटर मंदिर (सुकमा), रामगढ़, सीता बेंगरा, रामझरना (रायगढ़), विष्णु मंदिर (रामपुर-जुनवानी, कांकेर), चित्रकोट शिव मंदिर और सीतामढ़ी-हरचौका सहित कई स्थलों के विकास की योजना है।

    दूसरे चरण में इन धार्मिक स्थलों पर काम
    वर्ष 2027-28 के दूसरे चरण में राम-लक्ष्मण पायन, सीतामढ़ी-छतोड़ा, सीतामढ़ी-रापा, सीतामढ़ी-कनवाई, सीता लेखनी, सीताकुंड, राम-जानकी मंदिर (सारासोर), पैसर घाट, गड़िया मंदिर, छोटे डोंगर शिव मंदिर तोडमा, राम मंदिर (सूरजपुर) और कोटमसर-कोटि महेश्वर जैसे स्थलों को विकसित करने का प्रस्ताव है।

    तीसरे चरण में शिवरीनारायण और सिरपुर समेत अन्य स्थल
    वर्ष 2028-29 के तीसरे चरण में इंजराम शिव मंदिर, सिंगेश्वर, लोमश ऋषि
    आश्रम, विष्णु मंदिर, कुलेश्वर मंदिर, तीरथगढ़, सीताकुंड, मांडव्य आश्रम, शिवरीनारायण, वाल्मीकि आश्रम, वागेश्वर शिव मंदिर, रक्सा डोंगरी और सिरपुर स्थित राम दिवाला सहित अन्य स्थलों का विकास प्रस्तावित है।

    कांग्रेस ने चंद्रखुरी मंदिर को लेकर उठाए सवाल
    राम वनगमन पथ के लिए स्थलों के चयन को लेकर राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने भगवान श्रीराम के वनगमन मार्ग से जुड़े 75 स्थलों को विकसित करने की पहल की थी। इनमें चंद्रखुरी, शिवरीनारायण, सीतामढ़ी-हरचौका, रामगढ़, राजिम, नगरी-सिहावा, रामाराम, तुरतुरिया और चंपारण सहित नौ स्थलों पर निर्माण कार्य शुरू किया गया था।

    वर्तमान भाजपा सरकार द्वारा घोषित स्थलों की सूची में माता कौशल्या मंदिर, चंद्रखुरी का उल्लेख नहीं होने पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का कहना है कि राम वनगमन पथ से जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए और पहले से शुरू किए गए अधूरे विकास कार्य भी पूरे किए जाने चाहिए।

    शोध के आधार पर स्थलों के चयन का दावा
    राज्य सरकार ने स्थलों के चयन के पीछे शोध का हवाला दिया है। इसके लिए छत्तीसगढ़ के इतिहासकार स्वर्गीय हेमू यदु की वर्ष 2018 में प्रकाशित पुस्तक ‘छत्तीसगढ़ पर्यटन में राम वनगमन पथ’ और पंडित राम अवतार शर्मा के अध्ययन को आधार बताया गया है। पंडित शर्मा ने अयोध्या से श्रीलंका तक भगवान श्रीराम के वनगमन मार्ग का अध्ययन करते हुए देशभर के 240 से अधिक स्थलों का उल्लेख किया था।

    पर्यटन मंत्री और कांग्रेस ने रखे अपने-अपने तर्क
    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि कुछ स्थलों को राम वनगमन पथ से जोड़ने का उल्लेख किसी ग्रंथ में नहीं मिलता। सरकार के अनुसार, चयन शोध के आधार पर किया गया है और अधूरे विकास कार्यों को भी पूरा किया जाएगा।

    वहीं, कांग्रेस के प्रदेश संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि चंद्रखुरी में माता कौशल्या मंदिर के विकास पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने भाजपा पर भगवान श्रीराम के नाम का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए करने का आरोप लगाया।

    धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने पर नजर
    राम वनगमन पथ के विकास से छत्तीसगढ़ के धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। आश्रय स्थल, सत्संग भवन और सीता रसोई जैसी सुविधाएं विकसित होने से श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्था मिल सकती है। हालांकि, स्थलों के चयन और चंद्रखुरी मंदिर को सूची में शामिल नहीं किए जाने को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। अब योजना के निर्धारित चरणों में कार्य पूरा करना और चयनित स्थलों पर सुविधाएं विकसित करना सरकार के लिए महत्वपूर्ण होगा।

  • Sonali Bendre: कैंसर को जंग नहीं मानतीं सोनाली बेंद्रे, बीमारी से जुड़े अनुभवों पर खुलकर की बात

    Sonali Bendre: कैंसर को जंग नहीं मानतीं सोनाली बेंद्रे, बीमारी से जुड़े अनुभवों पर खुलकर की बात

    मुंबई 
    अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे हाल ही में मराठी क्विज शो 'कोण होणार करोडपति' के प्रीमियर में पहुंचीं, जिसे अभिनेत्री माधुरी दीक्षित होस्ट कर रही हैं। शो में हुई बातचीत के दौरान अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे ने अपने कैंसर बैटल पर खुलकर बात की। अभिनेत्री ने बताया कि इस मुश्किल दौर में उन्होंने अपने शरीर से प्यार करना सीखा और इस फेज से काफी कुछ सीखा। बातचीत के दौरान माधुरी ने सोनाली के कैंसर से लड़ने के हौसले और इस कठिन दौर में उनकी हिम्मत की तारीफ की।

    माधुरी ने सवाल पूछते हुए कहा, "आपने जिंदगी में कई अलग-अलग अनुभव देखे हैं और जब आपने कैंसर को मात दी, तब हमने आपका एक नया रूप देखा। हमने आपको एक मजबूत सोनाली के रूप में उभरते हुए देखा।" इस पर अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे कहती हैं कि उन्होंने कभी भी कैंसर को लड़ाई के तौर नहीं देखा था, बल्कि अपने शरीर को समझने और इससे कुछ सीखने पर ध्यान दिया था। उन्होंने कहा, "हम हमेशा कहते हैं कि किसी ने कैंसर पर जीत हासिल कर ली, लेकिन उस वक्त मेरा इरादा इससे उबरने का नहीं था बल्कि, यह समझने का था कि ऐसा क्यों हो रहा है और इससे मैं क्या सीख सकती हूं।"

    सोनाली बेंद्र ने माधुरी दीक्षित को बताया कि कैंसर के दौरान उन्हें जिंदगी के कई अनुभव मिलें। उन्होंने कहा, " यकीन मानिए, मैंने इससे वाकई बहुत कुछ सीखा और मैंने इसे इसी नजरिए से देखा।"
    सोनाली ने यह भी बताया कि उन्हें क्यों लगता है कि लड़ाई और जीतने जैसी भाषा कभी-कभी अपने ही शरीर के साथ एक टकराव पैदा कर देती है। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि जब हम कहते हैं कि हमने किसी चीज पर जीत हासिल कर ली है, तो कहीं न कहीं ऐसा लगता है जैसे ये एक लड़ाई है। इसमें कहीं न कहीं एक निगेटिविटी आ जाती है और आखिर है तो ये हमारा ही शरीर, है ना? कैंसर सेल्स भी तो हमारे ही सेल्स हैं। तो हम खुद से ही कैसे लड़ सकते हैं?"

  • बिजली कटौती से लेकर अन्य समस्याओं तक, यूपी में WhatsApp चैटबॉट से शिकायत दर्ज करना हुआ आसान

    बिजली कटौती से लेकर अन्य समस्याओं तक, यूपी में WhatsApp चैटबॉट से शिकायत दर्ज करना हुआ आसान

    प्रयागराज
     बिजली उपभोक्ताओं के लिए अच्छी खबर है। अब आपको बिजली से संबंधित छोटे-छोटे कामों के लिए विभाग के कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। उप्र पावर कारपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने वाट्सएप चैटबाट सेवा की शुरुआत की है। इसकी मदद से अब आप घर बैठे बिजली विभाग से संबंधित काम आसानी से निपटा सकते हैं। बिजली बिल अधिक आने, पावर कट समेत अन्य शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। साथ ही खुद बिजली का बिल भी बना सकते हैं।

    डिस्काम वार वाट्सएप चैटबाट सेवा
    उप्र पावर कारर्पोरेशन लिमिटेड ने बिजली उपभोक्ताओं के लिए डिजिटल सेवाओं को और आसान बनाते हुए डिस्काम वार वाट्सएप चैटबाट सेवा की शुरुआत की है। इसकी मदद से अब उपभोक्ता घर बैठे अपने मोबाइल पर वाट्सएप संदेश भेजकर बिजली बिल की जानकारी, ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने और सेल्फ बिल जनरेट जैसी सेवाओं का 24 घंटे लाभ उठा सकते हैं।

    मीटर रीडिंग, बिल संबंधी काम स्मार्टफोन से करें
    उपभोक्ता अपने स्मार्टफोन के माध्यम से कुछ ही देर में अपनी समस्या का समाधान पा सकतेहैं। इस नई व्यवस्था से अब उपभोक्ताओं को बिल संबंधी सामान्य जानकारियों, नया बिल निकलवाने या मीटर रीडिंग की शिकायत दर्ज कराने के लिए उपकेंद्र या अधिकारियों के कार्यालयों तक जाने की जरूरत नहीं होगी।

    घर बैठे बिलिंग देख भुगतान कर सकेंगे 
    बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता केके सारस्वत ने बताया कि वाट्सएप चैटबाट से उपभोक्ताओं को काफी लाभ मिलेगा। वे घर बैठे बिजली संबंधित शिकायतों को दर्ज कराने के साथ ही बिलिंग देखकर भुगतान कर सकते हैं।

    वाट्सएप चैटबाट सेवा को ऐसे करें डाउनलोड

    – डिस्काम का वाट्सएप नंबर अपने मोबाइल में सेव करें।
    – वाट्सएप खोलकर उस नंबर पर हैलो लिखकर भेजें।
    – चैटबाट द्वारा मांगे जाने पर अपना बिजली उपभोक्ता खाता नंबर दर्ज करें।
    – यदि चैटबाट संदेश भेजने के लिए कहता है तो उसके निर्देश के अनुसार संदेश भेजें।
    – उपलब्ध विकल्पों में से अपनी जरूरत की सेवा चुनें।
    ये मिलेंगी सुविधाएं

    – बिजली बिल देखना।
    – ऑनलाइन बिजली बिल भुगतान करना।
    – सेल्फ बिल जनरेशन।
    – बिल सुधार अनुरोध दर्ज करना।
    – मीटर संबंधी शिकायतें दर्ज करना।
    – सेवा अनुरोध की स्थिति देखना।
    – पंजीकृत मोबाइल नंबर से संबंधित कुछ अन्य सुविधाओं का उपयोग करना।

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ढालसिंह बिसेन सहित नव नियुक्त राज्यपालों को दी बधाई

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ढालसिंह बिसेन सहित नव नियुक्त राज्यपालों को दी बधाई

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ढालसिंह बिसेन सहित नव नियुक्त राज्यपालों को दी बधाई

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नव नियुक्त राज्यपालों को बधाई दी है।
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने मध्यप्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री , वरिष्ठ नेता ढालसिंह बिसेन को उत्तराखंड का राज्यपाल नियुक्त किया है। यह हर्षदायी समाचार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कामना की बिसेन के सार्वजनिक जीवन के सुदीर्घ अनुभव से उत्तराखण्ड की प्रगति को लाभ मिलेगा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अन्य राज्यों में नियुक्त किए गए राज्यपालों को भी हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

    उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा 6 राज्यों के नए राज्यपालों की नियुक्ति की गई है। इनमें ढाल सिंह बिसेन को (उत्तराखंड) के साथ ही ओम प्रकाश माथुर (केरलम) राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ( तमिलनाडु)ब्रज मोहन राम ( ओडिशा) डॉ. सुधा यादव ( कर्नाटक) और दुष्यंत गौतम ( सिक्किम) को राज्यपाल नियुक्त किया गया है।

  • World’s Largest Hotel: मलेशिया के इस होटल का नाम गिनीज रिकॉर्ड में दर्ज, हजारों कमरे और अरबों रुपये की लागत ने बनाया खास

    World’s Largest Hotel: मलेशिया के इस होटल का नाम गिनीज रिकॉर्ड में दर्ज, हजारों कमरे और अरबों रुपये की लागत ने बनाया खास

    कुआ लालम्पुर

     दुनिया में होटल तो लाखों हैं, लेकिन कुछ होटल अपनी ऊंचाई, कुछ अपनी लग्जरी और कुछ अपनी अनोखी कहानी के लिए पहचाने जाते हैं। मगर मलेशिया के पहाड़ों पर बना द फर्स्ट होटल (First World Hotel) अपनी एक खास वजह से दुनिया भर में मशहूर है।

    यह कमरों की संख्या के लिहाज से दुनिया का सबसे बड़ा होटल है। मलेशिया के पहाड़ी पर्यटन स्थल जेंटिंग हाइलैंड्स में मौजूद इस होटल में कुल 7,351 ऑपरेशनल कमरे हैं। Guinness World Records ने 20 जून 2015 को इसे दुनिया का सबसे बड़ा होटल माना था।

    पहाड़ पर होटल बनाने का आया विचार
    First World Hotel की कहानी असल में मलेशिया के कारोबारी तान श्री लिम गोह टोंग के सपने से शुरू होती है। 1965 में उन्होंने एक ऐसे माउंटेन रिजॉर्ट को विकसित करने की योजना बनाई, जहां लोग शहर की गर्मी और भीड़ से दूर जाकर छुट्टियां बिता सकें।

    उस समय Genting Highlands आज जितना डेवलप और टूरिस्ट स्पॉट नहीं था। यहां पहुंचना भी आसान नहीं था। Genting Group ने पहाड़ तक सड़क बनाने का काम शुरू किया और 1969 में Genting Sempah से पहाड़ की चोटी तक करीब 25.5 किलोमीटर लंबी सड़क तैयार हुई।

    फर्स्ट वर्ल्ड होटल की शुरुआत कैसे हुई?
    जेंटिंग क्षेत्र में होटल कारोबार तेजी से बढ़ाने की योजना के तहत फर्स्ट वर्ल्ड होटल का निर्माण शुरू हुआ। वर्ष 2000 में इसके पहले चरण का निर्माण आगे बढ़ा और करीब 1,000 कमरे दिसंबर 2000 में उपलब्ध हो गए। पहले चरण में कुल हजारों कमरों की योजना थी।

    साथ ही शॉपिंग, रेस्तरां, इनडोर थीम पार्क और कन्वेंशन सुविधाएं भी तैयार की गईं। फिर 2001 में फर्स्ट वर्ल्ड होटल के पहले टावर और उससे जुड़े बड़े कॉम्प्लेक्स को पूरा करने का काम आगे बढ़ा।

    7351 कमरों वाला बना दुनिया का सबसे बड़ा होटल
    फर्स्ट वर्ल्ड होटल की सबसे बड़ी पहचान इसके कमरे हैं। 2006 में होटल में 6118 कमरे होने पर इसे Guinness World Records ने दुनिया का सबसे बड़ा होटल घोषित किया था। इसके बाद भी होटल का विस्तार जारी रहा। टावर 3 खुलने के बाद 2015 में कमरों की संख्या बढ़कर 7351 हो गई। Guinness के मुताबिक Tower 2 Annex के निर्माण से कमरों की संख्या 6,118 से बढ़कर 7,351 हुई।

    होटल का मालिक कौन?
    फर्स्ट वर्ल्ड होटल किसी एक व्यक्ति के निजी होटल के तौर पर नहीं चलता, बल्कि यह जेंटिंग ग्रुप के रिसॉर्ट्स वर्ल्ड जेंटिंग का हिस्सा है। होटल का ऑपरेशन जेंटिंग मलेशिया के हॉस्पिटैलिटी कारोबार से जुड़ा है। जेंटिंग मलेशिया के मुताबिक रिसॉर्ट्स वर्ल्ड जेंटिंग में करीब 10,500 कमरे सात अलग-अलग होटलों में हैं।

    फर्स्ट वर्ल्ड होटल इसी विशाल इंटीग्रेटेड रिसॉर्ट्स का सबसे बड़ा होटल है। आज यह पूरा इलाका होटल, मनोरंजन, शॉपिंग, रेस्तरां, थीम पार्क और दूसरे पर्यटन आकर्षणों का बड़ा केंद्र बन चुका है।

    कहां मौजूद है और अंदर क्या मिलता है?
    फर्स्ट वर्ल्ड होटल मलेशिया के पहांग राज्य के जेंटिंग हाइलैंड्स में, रिसॉर्ट्स वर्ल्ड जेंटिंग के बीचों-बीच स्थित है। होटल के आसपास फर्स्ट वर्ल्ड प्लाजा, स्काईएवेन्यू, स्काईट्रोपोलिस इनडोर थीम पार्क और जेंटिंग इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर जैसे प्रमुख आकर्षण मौजूद हैं।

    होटल में तीन टावर हैं और अलग-अलग बजट के यात्रियों के लिए स्टैंडर्ड, डीलक्स, सुपीरियर डीलक्स, ट्रिपल और वर्ल्ड क्लब जैसे कमरे उपलब्ध हैं। यानी यह सिर्फ रहने की जगह नहीं, बल्कि एक बड़े मनोरंजन और पर्यटन परिसर का हिस्सा है।

    एक रात का किराया कितना है?
    फर्स्ट वर्ल्ड होटल की खासियत यह भी है कि दुनिया का सबसे बड़ा होटल होने के बावजूद यहां हर कमरे का किराया बेहद महंगा नहीं है। कीमत तारीख, कमरे के प्रकार, छुट्टियों और ऑफर के हिसाब से काफी बदलती रहती है। 2026 में होटल की आधिकारिक वेबसाइट पर कुछ प्रमोशनल ऑफर में स्टैंडर्ड रूम का किराया करीब 3100 रुपये से 4000 रुपये से शुरू होता बताया गया है।

    ध्यान रहे कि तारीख और ऑफर के अनुसार कीमत काफी बदल सकती है।

     

  • यूपी के 68 हजार ग्राम प्रहरियों को सम्मान देंगे CM योगी, बरेली में कार्यक्रम

    यूपी के 68 हजार ग्राम प्रहरियों को सम्मान देंगे CM योगी, बरेली में कार्यक्रम

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को बरेली में करेंगे 68,000 ग्राम प्रहरियों का सम्मान

    ग्राम सुरक्षा और अपराध नियंत्रण में उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाले प्रहरियों का बढ़ेगा मान

    रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित होगा समारोह, कई मंत्री और जनप्रतिनिधि रहेंगे मौजूद

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार, 13 अक्टूबर को नाथ नगरी बरेली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के 68,000 ग्राम प्रहरियों का सम्मान करेंगे। पुलिस प्रशासन के सूचना तंत्र को मजबूत करने और अपराध नियंत्रण में सराहनीय भूमिका निभाने के उपलक्ष्य में ग्राम प्रहरियों का यह सम्मान समारोह रिजर्व पुलिस लाइन में होगा।

    इस दौरान वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना और पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह उपस्थित रहेंगे। इनके साथ ही सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर, वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अरुण कुमार सक्सेना, गन्ना विकास एवं चीनी मिल राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार सहित बरेली के महापौर डॉ. उमेश गौतम, सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार, राज्यसभा सदस्य श्रुति गंगवार, विधायक डॉ. राघवेंद्र शर्मा, संजीव अग्रवाल, डॉ. डी.सी. वर्मा, डॉ. एम.पी.आर्य व विधान परिषद सदस्य बहोरन लाल मौर्य, कुंवर महाराज सिंह भी मौजूद रहेंगे।

  • गुरुग्राम में संपत्ति पंजीकरण पर उठे सवाल, एक पैन कार्ड से जुड़ीं 25 हजार संपत्तियां; करोड़ों के सौदों की पड़ताल शुरू

    गुरुग्राम में संपत्ति पंजीकरण पर उठे सवाल, एक पैन कार्ड से जुड़ीं 25 हजार संपत्तियां; करोड़ों के सौदों की पड़ताल शुरू

    गुरुग्राम
     हरियाणा के गुरुग्राम में संपतियों की खरीद के बाद रजिस्ट्रेशन में बड़ा खेल सामने आया है. बादशाहपुर तहसील में आयकर विभाग के सर्वेक्षण के दौरान लगभग 25,000 संपत्तियों के रिकॉर्ड में विसंगतियां पाए जाने के बाद 55,000 करोड़ रुपये के सौदे जांच के दायरे में आ गए हैं. इनमें पिछले दो वर्षों के दौरान जमीन की कई रजिस्ट्रियों में एक ही पैन नंबर के कथित इस्तेमाल की बात सामने आई है. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। 

    अधिकारी ने बताया कि भारी मूल्य वाले संपत्ति सौदों में विसंगतियों की जांच के लिए आयकर विभाग, चंडीगढ़ के निदेशक (जांच एवं आपराधिक खुफिया जानकारी) ने सात सदस्यीय टीम का गठन किया है, जो वर्तमान में बादशाहपुर तहसील कार्यालय में रिकॉर्ड की बारीकी से जांच कर रही है। 

    आयकर विभाग के अधिकारियों के अनुसार, विभाग को लगभग 12,000 संपत्तियों से जुड़े 15,000 करोड़ रुपये के सौदों की कोई जानकारी नहीं मिली थी. अधिकारियों ने बताया कि जब लगभग 25,000 संपत्तियों से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की गई, तो पता चला कि या तो इन सौदों की सूचना विभाग को नहीं दी गई थी या फिर गलत पैन दर्ज किए गए थे. इन संपत्तियों से जुड़े लगभग 55,000 करोड़ रुपये के सौदों में अनियमितताएं सामने आई हैं. विभाग विसंगतियों के वास्तविक दायरे का पता लगाने के लिए रिकॉर्ड का मिलान कर रहा है।

    गौर रहे कि हरियाणा में जब 30 लाख रुपये से ज़्यादा की प्रॉपर्टी डील्स होती है तो जानकारी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट जानकारी देनी होती है और इसमें ‘स्टेटमेंट ऑफ़ फाइनेंशियल ट्रांज़ैक्शन्स’ फाइल किया जाता है. हरियाणा सरकार ने मई 2026 तक का एसएफटी डाटा दिया है और इसमें खुलासा हुआ है. 140 तहसीलदारों ने समय से पहले अपने ‘स्टेटमेंट ऑफ़ फाइनेंशियल ट्रांज़ैक्शन्स’ जमा कर दिए  थे और 120 ने डेडलाइन तक अपनी रिपोर्ट जमा की है।  

  • मध्य प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव से पहले बड़ा बदलाव संभव, इटारसी में परिसीमन से वार्ड और सीटों का बदलेगा समीकरण

    मध्य प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव से पहले बड़ा बदलाव संभव, इटारसी में परिसीमन से वार्ड और सीटों का बदलेगा समीकरण

    इटारसी 
    मध्य प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले नगरीय निकाय चुनावों को लेकर राज्य सरकार ने प्रशासनिक तैयारी शुरू कर दी है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के सचिव बीएस जामोद द्वारा जारी आदेश के तहत प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को 31 अक्टूबर 2026 तक नगरीय निकायों की सीमावृद्धि, वार्डों का पुनर्गठन, परिसीमन, नवीन निकायों/ नगर निगम गठन के पूर्ण प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं। इस आदेश के बाद इटारसी नगरपालिका के वार्डों में हलचल शुरू हो गई है। हालांकि निकायों की सीमावृद्धि और वार्ड परिसीमन का निर्णय स्थानीय निकायों को ही लेना है। वे प्रस्ताव बनाकर भेजेंगे, तभी शासन कोई निर्णय ले पाएगा।

    राजनीतिक नफा-नुकसान
    इटारसी शहर के बाजार क्षेत्र में भाजपा का मजबूत गढ़ है। पुरानी इटारसी, नाला मोहल्ला और गरीबी लाइन के अलावा पीपल मोहल्ला क्षेत्र में कांग्रेस का जनाधार भी असरदार है। वार्डों की सीमाओं का यदि पुनर्गठन (Delimitation) किया गया तो चुनावी समीकरण बदल सकते हैं। जिसका असर नतीजों पर दिखने की उम्मीद है। इसके अलावा वार्ड बड़े और अधिक मतदाता होने की वजह से उन वार्डों में भाग्य आजमा रहे उम्मीदवारों को प्रचार-प्रसार में अधिक समय लगता है। कई बार तो वे दूसरी दफा कुछ क्षेत्रों के मतदाताओं तक संपर्क भी नहीं कर पाते हैं।

    क्यों जरूरी है वार्डों का परिसीमन?
    निकायों में कुछ वार्ड ऐसे हैं जिनमें मतदाता ज्यादा हैं। भौगोलिक क्षेत्र भी बड़ा है। कुछ वार्ड ऐसे हैं जिनमें मतदाता कम हैं। भौगोलिक क्षेत्र भी छोटा है। ऐसे में इन वार्डों में विकास कार्य प्रभावित होते हैं। बड़े क्षेत्र के जनप्रतिनिधि को अतिरिक्त मेहनत करनी होती है। उदाहरण के तौर पर शहर के 34 वार्डों में सबसे कम वोटर वाले वार्ड 8 (मतदाता 1070), वार्ड 14 (मतदाता 1053), वार्ड 32 (मतदाता 1170) हैं। इसके अलावा सबसे अधिक मतदाता वाले वार्ड 2 (मतदाता 3494), वार्ड 21 (मतदाता 3439) हैं। मतदाता संख्या के इन्हीं अंतरों को शासन ठीक कर लगभग बराबर पर लाना चाहता है।

    वार्ड परिसीमन व आरक्षण का पेंच
    पूर्व वरिष्ठ पार्षद व अधिवक्ता यज्ञदत्त गौर का कहना है कि मप्र नगरपालिका (वाडों का विस्तार) नियम, 1994 के तहत सीमाओं के पुनर्गठन के बाद नए सिरे से एसटी, एससी, ओबीसी, महिला आरक्षण की लॉटरी निकाली जाएगी। सीमावृद्धि और वाडों के पुनर्गठन से कई वर्तमान पार्षदों के पारंपरिक वाडों की सीमाएं बदल जाएंगी। कुछ सीटें आरक्षित हो सकती हैं। ऐसे में कई स्थापित नेताओं को नए वाडों की तलाश करनी पड़ेगी। मौजूदा जनप्रतिनिधि ऐसे बदलावों से डरते हैं।

    निकायों से मांगे गए है प्रस्ताव- सीएमओ
    वार्डों के परिसीमन के लिए शासन ने नगरीय निकायों से प्रस्ताव मांगे हैं। इटारसी नगरपालिका में इसकी आवश्यकता है या नहीं। इस संबंध में परिषद की बैठक बुलाकर निर्णय लिया जाएगा।- सुरेखा जाटव, सीएमओ नपा