Author: NewseDay

  • OSAP घोटाले को लेकर कनाडा में जांच तेज, पंजाबी छात्रों की बढ़ी मुश्किलें

    OSAP घोटाले को लेकर कनाडा में जांच तेज, पंजाबी छात्रों की बढ़ी मुश्किलें

    चंडीगढ़
     कनाडा के ओंटारियो प्रांत में प्राइवेट करियर कालेजों को मिलने वाली स्टूडेंट फाइनेंशियल असिस्टेंस को लेकर जांच शुरू होने से पंजाबी समुदाय की चिंता बढ़ गई है।ओंटारियो सरकार ने ओंटारियो स्टूडेंट असिस्टेंस प्रोग्राम (ओएसएपी) के तहत वित्तीय सहायता के इस्तेमाल में संभावित अनियमितताओं को लेकर मामला ओंटारियो प्रोविंशियल पुलिस (ओपीपी) को भेज दिया है।शुरुआती आडिट में कई तरह की गड़बड़ियों की आशंका सामने आने के बाद सरकार ने व्यापक समीक्षा के लिए आडिट फर्म केपीएमजी को भी जिम्मेदारी सौंपी है।

    ओंटारियो के कालेज एवं यूनिवर्सिटी मंत्री नोलन क्विन के अनुसार, प्राइवेट करियर कालेजों में ओएसएपी के इस्तेमाल को लेकर बढ़ती चिंताओं के बाद लक्षित निरीक्षण शुरू किए गए थे।

    शुरुआती जांच में कुछ कालेजों के साझा स्वामित्व, कालेजों और इमिग्रेशन सेवाएं देने वाली कंपनियों के बीच संबंध, स्टूडेंट्स के सत्यापन की कमजोर प्रक्रिया और कुछ खास भौगोलिक क्षेत्रों से बड़ी संख्या में आवेदन आने जैसे मामले सामने आए हैं।पहले सामने आए आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान सात करियर कालेजों को ओएसएपी के तहत करीब 385 मिलियन कनाडाई डालर की ग्रांट मिली थी।

    अब सरकार ने जांच पूरी होने तक प्राइवेट करियर कालेजों में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स के लिए ओएसएपी भुगतान रोक दिया है। सरकार ने मामले की जानकारी आडिटर जनरल को भी दी है। हालांकि, अभी तक इस मामले में किसी के खिलाफ आपराधिक आरोप तय किए जाने की घोषणा नहीं हुई है।

    पंजाब के स्टूडेंट्स पर क्या पड़ेगा असर?
    इस मामले पर पंजाब के युवाओं और उनके परिवारों की नजर है, क्योंकि ओंटारियो के कुछ प्राइवेट करियर कालेजों में पंजाबी समुदाय के स्टूडेंट्स की अच्छी-खासी भागीदारी है।

    हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्टूडेंट्स सामान्य तौर पर ओएसएपी के पात्र नहीं होते, इसलिए फंडिंग रोकने का फैसला सीधे तौर पर सभी अंतरराष्ट्रीय स्टूडेंट्स पर लागू नहीं होता।

    फिर भी, यदि जांच के दौरान कालेजों के खिलाफ कार्रवाई होती है तो पढ़ाई, दाखिले और स्टूडेंट सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल सरकार ने स्टूडेंट्स के खिलाफ किसी इमिग्रेशन संबंधी कार्रवाई की घोषणा नहीं की है।

    कालेजों का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था करियर कालेजेज ओंटारियो ने सरकार से उन स्टूडेंट्स की फंडिंग बहाल करने की मांग की है, जिनके आवेदन पहले ही मंजूर हो चुके हैं और जो नियमित रूप से कक्षाओं में शामिल हो रहे हैं।

    संस्था का कहना है कि यदि किसी संस्थान में वित्तीय सहायता के दुरुपयोग की पुष्टि होती है तो कार्रवाई संबंधित संस्थान के खिलाफ होनी चाहिए, न कि उन स्टूडेंट्स के खिलाफ जिन्होंने स्वीकृत सहायता के भरोसे अपनी पढ़ाई जारी रखी है।

    कैलगरी में भी विरोध कर चुके हैं पंजाबी स्टूडेंट्स
    इससे पहले जुलाई में एक हजार से अधिक पंजाबी स्टूडेंट्स ने पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क परमिट (पीजीडब्ल्यूपी) नहीं मिलने के विरोध में कैलगरी में प्रदर्शन किया था। रिपोर्टों के अनुसार, इन स्टूडेंट्स को जालंधर की एक इमिग्रेशन फर्म के जरिए दाखिले के लिए प्रेरित किया गया था।

    इस फर्म के मालिक का कनाडाई इंस्टीट्यूट आफ ओस्टियोपैथिक थेरेपी (सीआईओटी) में सह-स्वामित्व होने की बात भी सामने आई थी।

    ओंटारियो में चल रही जांच के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि संभावित वित्तीय अनियमितताओं की जिम्मेदारी किसकी तय होती है और जांच पूरी होने तक पढ़ाई कर रहे स्टूडेंट्स को राहत मिलती है या नहीं। फिलहाल सरकार की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई के लिए रिपोर्ट का इंतजार है।

     

  • UP Board 2027: हाईस्कूल-इंटर की परीक्षा तारीखें घोषित

    UP Board 2027: हाईस्कूल-इंटर की परीक्षा तारीखें घोषित

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा 2027 की डेट शीट आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दी गई है। परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र अब टाइमटेबल चेक कर सकते हैं। जारी शेड्यूल के मुताबिक 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 5 फरवरी 2027 से शुरू होकर 24 फरवरी 2027 तक आयोजित की जाएंगी।
    यूपी विधानसभा चुनाव के चलते 20 दिनों में आयोजित होगी परीक्षा

    बोर्ड की ओर से कहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर यूपी बोर्ड पूरा परीक्षा कार्यक्रम 20 दिन में ही संपन्न कराने की तैयारी में है। इससे पहले चुनाव आयोग कई बार बोर्ड परीक्षाओं की तारीखों में बदलाव करवा चुका है। चुनावी वर्ष में परीक्षाओं का कार्यक्रम तय करने के लिए चुनाव आयोग की अनुमति लेनी भी अपेक्षित होती है।

    दो पालियों में आयोजित होंगी परीक्षाएं

    परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जाएगी।

        सुबह की पाली सुबह 8:30 बजे से 11:45 बजे तक
        शाम की पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक

    कार्यक्रम के अनुसार, शुरुआती 15 मिनट प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए निर्धारित हैं। सुबह की पाली में उत्तर लिखने का समय सुबह 8:45 बजे से 11:45 बजे तक, जबकि शाम की पाली में दोपहर 2:15 बजे से शाम 5:15 बजे तक बताया गया है।

    नकलविहीन एवं सुरक्षित परीक्षा की तैयारी
    माध्यमिक शिक्षा परिषद ने राज्यभर के परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी की व्यवस्था की है। सभी परीक्षा कक्षों में वाइस रिकॉर्डर युक्त सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य किए गए हैं। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट (upmsp.edu.in) से अपनी डेटशीट का प्रिंटआउट निकाल लें और अपने संबंधित विद्यालयों से प्रवेश पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी करें।

     

  • नारी सशक्तीकरण के नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रही डबल इंजन सरकार: मुख्यमंत्री

    नारी सशक्तीकरण के नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रही डबल इंजन सरकार: मुख्यमंत्री

    नारी के सम्मान, स्वाभिमान और गरिमापूर्ण जीवन के लिए समर्पित है सरकार: मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री ने किया पोस्ट- नारी की सुरक्षा, सम्मान व स्वाभिमान ही सशक्त-समृद्ध समाज का आधार

    नारी सशक्तीकरण के नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रही डबल इंजन सरकार: मुख्यमंत्री

    2017 से पहले अराजकता के तांडव ने महिलाओं की सुरक्षा व सम्मान पर लगा रखा था ग्रहण

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि की तृतीया पर मां चंद्रघंटा के स्वरूप की आराधना की। इसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने 'एक्स' पर लिखा कि डबल इंजन सरकार की हर पहल नारी के सम्मान, स्वाभिमान और गरिमापूर्ण जीवन के लिए समर्पित है।

    मां चंद्रघंटा के दिव्य स्वरूप का संदेश
    मुख्यमंत्री ने लिखा कि नारी शक्ति के तेज, गरिमा और अदम्य साहस के प्रतीक के रूप में मां चंद्रघंटा का दिव्य स्वरूप हमें यह संदेश देता है कि नारी की सुरक्षा, सम्मान व स्वाभिमान ही सशक्त और समृद्ध समाज का आधार है। इसी भावना को आत्मसात कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में प्रदेश की डबल इंजन सरकार सुशासन के माध्यम से नारी सशक्तीकरण के नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है।

    2017 से पहले सत्ताधीशों के परिवारों का होता था सशक्तीकरण 
    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में फैले अराजकता के तांडव ने महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान पर ग्रहण लगा रखा था। उस समय माताओं-बहनों के सशक्तीकरण के बजाय सत्ताधीशों के परिवारों का सशक्तीकरण ही मुख्य उद्देश्य हुआ करता था।

    मातृत्व को सहारा, इज्जत घर से गरिमा की रक्षा
    मुख्यमंत्री ने कहा कि अब 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' से बेटियों के अस्तित्व की रक्षा, शिक्षा के प्रति जागरूकता, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना से उनके उज्ज्वल भविष्य को संबल, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना से विवाह को गरिमापूर्ण आधार, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से मातृत्व को सहारा, उज्ज्वला से धुएं से मुक्ति, इज्जत घर से गरिमा की रक्षा, घरौनी से संपत्ति का अधिकार, 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं के लिए आजीवन निःशुल्क बस यात्रा और वृद्धावस्था पेंशन के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा तक, डबल इंजन सरकार की हर पहल नारी के सम्मान, स्वाभिमान और गरिमापूर्ण जीवन के लिए समर्पित है।

  • MP में शिक्षकों की पदोन्नति पर पेंच, 32 हजार शिक्षक प्रभावित

    MP में शिक्षकों की पदोन्नति पर पेंच, 32 हजार शिक्षक प्रभावित

    भोपाल
    स्कूल शिक्षा विभाग के 32 हजार से अधिक शिक्षकों की पदोन्नति लटकी हुई है, जबकि जनजातीय कार्य विभाग ने 264 उच्च श्रेणी शिक्षकों और प्रधान पाठकों को व्याख्याता बना दिया है। इस दोहरे रवैये से शिक्षकों में नाराजगी है। शासकीय शिक्षक संगठन मध्यप्रदेश ने कहा है कि मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद भी स्कूल शिक्षा विभाग पदोन्नति आदेश जारी नहीं कर रहा है।

    शासकीय शिक्षक संगठन का विरोध: दो साल से लंबित हैं पदोन्नतियां
    संगठन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र कौशल ने बताया कि दोनों विभागों में शिक्षकों की योग्यता, अर्हता और सेवा शर्तें समान हैं। जनजातीय विभाग में सहायक शिक्षक से उच्च श्रेणी शिक्षक और उच्च श्रेणी शिक्षक से व्याख्याता तक पदोन्नतियां हो चुकी हैं।

    जल्द लाभ देने की मांग
    वहीं स्कूल शिक्षा विभाग में प्राथमिक, सहायक, माध्यमिक और उच्च श्रेणी शिक्षकों की पदोन्नति दो साल से लंबित है। उन्होंने बताया कि करीब दो साल पहले उच्च पद का प्रभार लेने वाले शिक्षकों को भी अभी तक नियमित पदोन्नति नहीं मिली है। इससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है। संगठन ने मांग की है कि शासन समय-सीमा तय कर पात्र शिक्षकों को जल्द पदोन्नति का लाभ दे।

  • कपूरथला में बने 18 LHB कोच बांग्लादेश भेजे गए, रेलवे को ₹91.73 लाख की आय

    कपूरथला में बने 18 LHB कोच बांग्लादेश भेजे गए, रेलवे को ₹91.73 लाख की आय

    फिरोजपुर

    रेलवे की ओर से स्वदेशी रेल कोचों के निर्यात को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई है। फिरोजपुर मंडल की बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट के प्रयासों से 18 एलएचबी कोचों की पहली रेक हुसैनपुर रेलवे स्टेशन से बांग्लादेश के दर्शना रेलवे स्टेशन के लिए सफलतापूर्वक रवाना की गई।

    फिरोजपुर रेलवे मंडल को 91.73 लाख रुपये का मिला राजस्व
    इस निर्यात से फिरोजपुर रेलवे मंडल को 91.73 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। मंडल रेल प्रबंधक संजीव कुमार ने बताया कि इस पहल के तहत भेजे गए सभी 18 एलएचबी कोच रेल कोच फैक्ट्री, कपूरथला में निर्मित किए गए हैं। इन कोचों को बांग्लादेश रेलवे की परिचालन संबंधी जरूरतों और यात्रियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।

    यह उपलब्धि फिरोजपुर मंडल, रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला, राइट्स (रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विसेज) लिमिटेड और बांग्लादेश रेलवे के बीच बेहतर समन्वय का परिणाम है। इससे भारतीय रेलवे की व्यावसायिक गतिविधियों को विस्तार देने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वदेशी रेल तकनीक और विनिर्माण क्षमता को बढ़ावा मिलेगा। 

    वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (फ्रेट) परमदीप सिंह सैनी ने बताया कि यह पहल बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट के निरंतर प्रयासों और विभिन्न संस्थानों के साथ बेहतर तालमेल से संभव हुई है। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयासों से भारतीय रेलवे के राजस्व में वृद्धि होगी और अंतरराष्ट्रीय निर्यात के नए अवसर भी खुलेंगे। 'मेक इन इंडिया, फॉर द वर्ल्ड’ के विजन के अनुरूप यह उपलब्धि वैश्विक रेलवे क्षेत्र में भारत की उपस्थिति मजबूत करने और देश में निर्मित रेल कोचों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की दिशा में अहम कदम है।

  • चंडीगढ़ में 75 करोड़ के प्रोजेक्ट की जांच लंबित, एक साल से विजिलेंस के पास मामला

    चंडीगढ़ में 75 करोड़ के प्रोजेक्ट की जांच लंबित, एक साल से विजिलेंस के पास मामला

    चंडीगढ़

    चंडीगढ़ के मनीमाजरा में 75 करोड़ रुपए की लागत से शुरू किए गए जलापूर्ति प्रोजेक्ट की विजिलेंस जांच एक साल से ठंडे बस्ते में पड़ी है। इसका उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया था, लेकिन इसके बाद भी परियोजना का अपेक्षित लाभ नहीं मिलने के आरोप लगाए। 

    प्रोजेक्ट में गड़बड़ी की शिकायत चंडीगढ़ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र पाल मल्होत्रा ने केंद्र सरकार से की थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने मामले की जांच चंडीगढ़ विजिलेंस को सौंपी थी। इसके बावजूद अब तक न तो प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है और न ही मामले में किसी कार्रवाई की जानकारी सामने आई है।
    विजिलेंस चंडीगढ़।

    किन बिंदुओं की जांच कर रही विजिलेंस, जानिए…

        अमित शाह के उद्घाटन के बाद भी प्रोजेक्ट पर सवाल: मनीमाजरा में 24×7 जलापूर्ति परियोजना का उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया था। इस दौरान चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया भी मौजूद थे। परियोजना की लागत करीब 75 करोड़ रुपए बताई गई थी।

        मामले की जांच विजिलेंस को सौंपी गई थी: इसका उद्देश्य मनीमाजरा के लोगों को चौबीसों घंटे पानी की आपूर्ति उपलब्ध करवाना था। केंद्र सरकार को शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच विजिलेंस को सौंपी गई थी। 
    जांच में यह पता लगाया जाना था कि परियोजना पर खर्च की गई राशि किन कार्यों और उपकरणों पर खर्च हुई, सामान कहां से खरीदा गया और नगर निगम में इस प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी किन अधिकारियों के पास थी।

        प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों से पूछताछ तक नहीं: इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि करीब एक साल बीतने के बाद भी प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों से पूछताछ तक नहीं हुई है। जांच के दौरान नगर निगम के उन अधिकारियों की भूमिका देखी जानी है, जो परियोजना की योजना बनाने, खरीद प्रक्रिया और काम पूरा करवाने से जुड़े थे।

        एक अधिकारी चंडीगढ़ में डेपुटेशन पर तैनात थे: परियोजना शुरू होने के समय एक अधिकारी चंडीगढ़ में डेपुटेशन पर तैनात थे। वह अब मूल कैडर में वापस जा चुके हैं। ऐसे में जांच में देरी को लेकर यह सवाल भी उठ रहा है कि संबंधित अधिकारी के चंडीगढ़ से जाने के बावजूद मामले की जांच को समय पर आगे क्यों नहीं बढ़ाया गया।

        उद्घाटन के समय आनंदिता मित्रा थीं निगम कमिश्नर: उद्घाटन के समय चंडीगढ़ नगर निगम की कमिश्नर आनंदिता मित्रा थीं, जबकि वर्तमान में अमित कुमार निगम कमिश्नर हैं। जांच में परियोजना से जुड़े अधिकारियों की भूमिका और उस समय लिए गए फैसलों की पड़ताल की जा सकती है। जरूरत पड़ने पर तत्कालीन निगम कमिश्नर समेत अन्य संबंधित अधिकारियों से भी पूछताछ की जा सकती है।

        विजिलेंस की जांच में देरी पर उठ रहे सवाल: केंद्र सरकार को शिकायत दिए जाने और जांच विजिलेंस को सौंपे जाने के बावजूद मामले में ठोस कार्रवाई सामने नहीं आने से जांच की रफ्तार पर सवाल खड़े हो रहे हैं। एक तरफ प्रोजेक्ट में गड़बड़ी के आरोप हैं, दूसरी तरफ विजिलेंस की ओर से दस्तावेज नहीं मिलने की बात कही जा रही है। ऐसे में सवाल है कि नगर निगम से रिकॉर्ड हासिल करने के लिए क्या कार्रवाई की गई और अब तक संबंधित अधिकारियों को बुलाकर उनका पक्ष क्यों नहीं जाना गया।

        किसी अधिकारी के खिलाफ गड़बड़ी साबित नहीं: इस मामले में किसी अधिकारी के खिलाफ गड़बड़ी साबित नहीं हुई है। जांच का उद्देश्य परियोजना में खर्च हुई राशि, खरीद प्रक्रिया और अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल करना है। अब देखना होगा कि करीब एक साल से लंबित जांच में विजिलेंस कब तक आगे की कार्रवाई करती है।

    BJP अध्यक्ष ने दी केंद्र को शिकायत चंडीगढ़ बीजेपी अध्यक्ष जतिंदर पाल मल्होत्रा ने केंद्र सरकार को एक चिट्ठी भेजी थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि मनीमाजरा में 4 अगस्त 2024 को 24×7 जलापूर्ति परियोजना का उद्घाटन किया गया, लेकिन आज तक वहां एक दिन भी पानी नहीं आया है। लोगों के घरों में गंदा पानी आ रहा है, जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है।

    केंद्र सरकार ने मामला संज्ञान में लिया मल्होत्रा ने लिखा था कि इस समस्या का जल्द समाधान किया जाए, ताकि लोगों को पानी की दिक्कत न हो। इसी शिकायत के बाद केंद्र सरकार ने मामला संज्ञान में लिया और इसकी जांच का जिम्मा चंडीगढ़ विजिलेंस विभाग को सौंपी।

    एक लाख से ज्यादा लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए बनाई 75 करोड़ की लागत से बनी यह परियोजना मनीमाजरा के एक लाख से ज्यादा लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए बनाई गई है। इसमें मॉडर्न हाउसिंग कॉम्प्लेक्स, शिवालिक एन्क्लेव, इंदिरा कॉलोनी और शास्त्री नगर के इलाके शामिल हैं। यह परियोजना स्मार्ट सिटी मिशन का हिस्सा है। इसका उद्देश्य लगातार और उच्च दबाव वाली जल आपूर्ति देना है।

    ऊर्जा की खपत की निगरानी जैसे काम किए जाने हैं इसके तहत रिसाव में कमी, स्मार्ट मीटरिंग, भूजल पर निर्भरता घटाना और ऊर्जा की खपत की निगरानी जैसे काम किए जाने हैं। इसके लिए कुल 22 किलोमीटर लंबी जल पाइपलाइन बिछाई गई है और दो भूमिगत जलाशय बनाए गए हैं, जिनकी क्षमता दो-दो मिलियन गैलन प्रतिदिन है।

  • यूपी राइज में युवाओं का दम, नवाचार से रोजगार सृजन की नई राह

    यूपी राइज में युवाओं का दम, नवाचार से रोजगार सृजन की नई राह

    नौकरी मांगने के बजाय अब रोजगार देने वाले… यूपी राइज में दिखी युवा नवाचार की ताकत

    – पोल्ट्री फार्मिंग में बीमारी की पहचान के नवाचार पर डॉ. अजय यादव को 25 हजार रुपये का पुरस्कार

    – एआई आधारित शिक्षा और ग्लोबल स्टार्टअप से जुड़ने के समाधान भी प्रस्तुत, दो रनर अप को ट्रॉफी

    ग्रेटर नोएडा
     युवाओं को नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार देने वाला बनाने और उत्तर प्रदेश को नवाचार व स्टार्टअप का केंद्र बनाने की योगी सरकार की सोच को सोमवार को यूपी राइज कार्यक्रम में नई दिशा मिली। बेनेट यूनिवर्सिटी में आयोजित कार्यक्रम में युवाओं ने पोल्ट्री फार्मिंग में बीमारियों की शुरुआती पहचान, एआई आधारित शिक्षा और विदेश में पढ़ाई के साथ स्टार्टअप पर काम करने जैसे समाधान प्रस्तुत किए। हरियाणा के महेंद्रगढ़ निवासी डॉ. अजय यादव ने प्रथम पुरस्कार जीता। उन्हें 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया, जबकि सोनल कुकरेजा फर्स्ट रनर अप और सना शर्मा सेकेंड रनर अप रहीं। दोनों को ट्रॉफी प्रदान की गई।

    कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति डॉ. राज सिंह, प्रो. सिद्धार्थ शंकर तथा मेंटर हर्षित देसाई, ज्योति तिवारी और राहुल जैन ने किया। युवाओं ने ड्रोन तकनीक, विज्ञान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), शिक्षा और पशुपालन सहित विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार प्रस्तुत किए। इनका उद्देश्य सामाजिक समस्याओं का समाधान तलाशने के साथ रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर तैयार करना रहा।

    बीमारी की शुरुआती पहचान और समाधान ने बनाया विजेता
    पेशे से एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अजय यादव ने पोल्ट्री फार्मिंग में पक्षियों की बीमारियों की शुरुआती चरण में पहचान और निदान के लिए तकनीक आधारित समाधान प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि उनके नवाचार में हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर सहित विभिन्न तकनीकों को शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य बीमारी का समय रहते पता लगाकर नुकसान कम करने में मदद करना है। मेंटर ने उनके नवाचार को प्रथम स्थान के लिए चुना और 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया।

    दिल्ली की सोनल कुकरेजा ने दूसरे और तीसरे स्तर के शहरों में रहने वाले बच्चों की पढ़ाई आसान बनाने के लिए एआई आधारित ऐप तैयार किया है। उनके अनुसार, बच्चे यूट्यूब सहित अलग-अलग ऑनलाइन मंचों पर अध्ययन सामग्री तलाशते हैं, जिससे कई बार भ्रम की स्थिति बनती है और समय भी अधिक लगता है। उनका ऐप विभिन्न पाठ्यक्रमों से जुड़ी समस्याओं के समाधान एक ही मंच पर उपलब्ध कराने का प्रयास करता है। वह फर्स्ट रनर अप रहीं।

    दिल्ली की सना शर्मा ने ‘ट्रैवल्सी’ नाम से ऐसा मंच बनाया है, जिसके माध्यम से विदेश में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी अपनी शिक्षा के दौरान दूसरे देशों के स्टार्टअप के साथ काम कर सकते हैं। इससे उन्हें व्यावहारिक अनुभव मिलता है। स्टार्टअप के साथ काम करने की अवधि पूरी होने के बाद उन्हें अपना कारोबार शुरू करने में भी मदद मिल सकती है। सना सेकेंड रनर अप रहीं। दोनों रनर अप को ट्रॉफी प्रदान की गई।

    एआई और कौशल विकास पर जोर
    बेनेट यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. राज सिंह ने शिक्षा में एआई और तकनीकी बदलाव के महत्व पर जोर दिया। एआई शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाने, समस्याओं के समाधान तलाशने और विद्यार्थियों को भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार करने में उपयोगी हो सकता है। नवाचार को व्यावहारिक अनुभव और कौशल विकास से जोड़ना युवाओं को रोजगार और उद्यमिता के लिए तैयार करने में मददगार है।

    कार्यक्रम में सॉफ्टवेयर इंजीनियर एवं शिक्षाविद् सौम्या सिंह, एआई एजुकेटर और वनरोडमैप डॉट एआई के संस्थापक गौरव घई तथा शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग के कंसल्टेंट चैतन्य के. चौबे और मोहम्मद दाऊद भी मौजूद रहे। मेंटर हर्षित देसाई, ज्योति तिवारी और राहुल जैन ने भी युवाओं को मार्गदर्शन दिया।

    12 स्टार्टअप ने प्रस्तुत किए नवाचार
    कार्यक्रम में ट्रिप्ज़ी, एनॉर्थ, स्टेपकोड, वर्डियोनेक्स, चिल्ड्रेन हू कोड, ज़ोरियन इंडस्ट्रीज़ प्राइवेट लिमिटेड, स्यिंक, वेलकोरिस इंडस्ट्रीज़, प्रानिक्स टेक्नोलॉजी/स्मार्ट, पोल्ट्री फार्मिंग, ट्रैवल्सी और टेरासोल्स से जुड़े स्टार्टअप एवं नवाचार प्रस्तुत किए गए। इन पहलों ने तकनीक, शिक्षा, यात्रा और पशुपालन के क्षेत्र में समस्याओं के समाधान तथा रोजगार सृजन की संभावनाएं सामने रखीं।

  • ग्वालियर में नरोत्तम मिश्रा के लिफ्ट में फंसने का वीडियो आया सामने

    ग्वालियर में नरोत्तम मिश्रा के लिफ्ट में फंसने का वीडियो आया सामने

    ग्वालियर 

    ग्वालियर में पूर्व गृहमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा सोमवार शाम एक ऐसी स्थिति में फंस गए, जिसने मौके पर मौजूद लोगों की चिंता बढ़ा दी। वे जयेंद्रगंज में एक स्पोकन इंग्लिश कोचिंग सेंटर की नई ब्रांच का उद्घाटन करने पहुंचे थे। पहले फ्लोर से तीसरे फ्लोर पर जाते समय लिफ्ट दूसरे फ्लोर पर तकनीकी खराबी के कारण अचानक रुक गई। इसके बाद डॉ. नरोत्तम मिश्रा लिफ्ट के अंदर फंस गए। कर्मचारियों ने करीब 10 से 15 मिनट की मशक्कत के बाद दरवाजा खोला और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है।

    दूसरे फ्लोर पर अचानक रुक गई लिफ्ट
    यह घटना ग्वालियर के लश्कर क्षेत्र में स्थित जयेंद्रगंज की है। यहां संजय कॉम्प्लेक्स के सामने वाली बिल्डिंग में 'ग्वालियर नंबर 01 स्पोकन इंग्लिश क्लासेस' की नई ब्रांच का उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में डॉ. नरोत्तम मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने पहुंचे थे। जानकारी के मुताबिक, कोचिंग सेंटर तीसरे फ्लोर पर स्थित था। वहां पहुंचने के लिए डॉ. मिश्रा लिफ्ट में सवार हुए। लिफ्ट पहले फ्लोर से ऊपर की ओर बढ़ी, लेकिन दूसरे फ्लोर पर पहुंचते ही तकनीकी खराबी आ गई और वह झटके के साथ रुक गई। लिफ्ट के अचानक रुकने से उसके अंदर मौजूद लोग बाहर नहीं निकल सके। घटना की जानकारी मिलते ही बिल्डिंग के कर्मचारी और कार्यक्रम के आयोजक सक्रिय हो गए। मौके पर मौजूद लोगों को चिंता थी कि लिफ्ट का दरवाजा कैसे खोला जाए और अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर कैसे निकाला जाए।

    10 से 15 मिनट तक लिफ्ट में फंसे रहे नरोत्तम मिश्रा
    लिफ्ट के रुकने के बाद कर्मचारियों ने तुरंत दरवाजा खोलने की कोशिश शुरू की। तकनीकी खराबी के कारण लिफ्ट का दरवाजा सामान्य तरीके से नहीं खुल पा रहा था। ऐसे में कर्मचारियों को इसे खोलने के लिए मशक्कत करनी पड़ी।करीब 10 से 15 मिनट बाद दरवाजा खोला जा सका। इसके बाद डॉ. नरोत्तम मिश्रा को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस दौरान उनके सुरक्षाकर्मी, आयोजक और पुलिसकर्मी भी मौके पर मौजूद रहे।

    लिफ्ट में फंसने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
    इस पूरी घटना का वीडियो मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने रिकॉर्ड कर लिया। बाद में इसे सोशल मीडिया पर साझा किया गया, जिसके बाद यह चर्चा में आ गया। वीडियो में लिफ्ट से जुड़ी घटना और डॉ. मिश्रा को बाहर निकालने की स्थिति को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ी। हालांकि, घटना से जुड़े वीडियो को साझा करते समय उसके वास्तविक संदर्भ और उपलब्ध जानकारी की पुष्टि करना जरूरी है।

    लिफ्ट से बाहर आते ही नरोत्तम मिश्रा ने किया उद्घाटन
    लिफ्ट से सुरक्षित बाहर निकलने के बाद डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने अपना निर्धारित कार्यक्रम जारी रखा। उन्होंने 'ग्वालियर नंबर 01 स्पोकन इंग्लिश क्लासेस' की नई ब्रांच का रिबन काटकर उद्घाटन किया। इस घटनाक्रम के बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। लिफ्ट में फंसने के कारण उद्घाटन कार्यक्रम पर कुछ समय के लिए असर जरूर पड़ा, लेकिन डॉ. मिश्रा बाहर आने के बाद कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम पूरा होने के बाद उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तस्वीरें और वीडियो भी साझा किए। उन्होंने कोचिंग संस्थान को युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक बेहतर विकल्प बताया।

    युवाओं के लिए शुरू हुई स्पोकन इंग्लिश कोचिंग की नई ब्रांच
    जयेंद्रगंज में शुरू हुई 'ग्वालियर नंबर 01 स्पोकन इंग्लिश क्लासेस' की नई ब्रांच का उद्देश्य युवाओं को अंग्रेजी बोलने और संवाद करने का प्रशिक्षण देने से जुड़ा है। आज के समय में अंग्रेजी भाषा का ज्ञान शिक्षा, नौकरी, इंटरव्यू और पेशेवर जीवन में उपयोगी माना जाता है। ऐसे में स्पोकन इंग्लिश क्लासेस उन विद्यार्थियों और युवाओं के लिए एक विकल्प बन सकती हैं, जो अपनी बातचीत की क्षमता बेहतर करना चाहते हैं। उद्घाटन कार्यक्रम में डॉ. नरोत्तम मिश्रा की मौजूदगी इसी अवसर का हिस्सा थी।

  • ब्लीचिंग पाउडर, चूने और एंटी लार्वा के छिड़काव से मच्छरजनित बीमारियों पर नियंत्रण की तैयारी

    ब्लीचिंग पाउडर, चूने और एंटी लार्वा के छिड़काव से मच्छरजनित बीमारियों पर नियंत्रण की तैयारी

    बाढ़ प्रभावित इलाकों में सफाई अभियान तेज, योगी सरकार का जलनिकासी और स्वास्थ्य सुरक्षा पर जोर

    बाढ़ का पानी उतरते ही एक्शन में लखनऊ नगर निगम, 70 एकड़ में ड्रोन से एंटी लार्वा का छिड़काव

    जीआईएस मैपिंग के आधार पर जोन-3 और जोन-6 में सेक्टरवार कार्ययोजना तैयार

    नालियों की सफाई, कीचड़ हटाने और जलनिकासी व्यवस्था सुधारने पर जोर

    ब्लीचिंग पाउडर, चूने और एंटी लार्वा के छिड़काव से मच्छरजनित बीमारियों पर नियंत्रण की तैयारी

    लखनऊ
    योगी सरकार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन सामान्य बनाने और लोगों को संक्रामक व मच्छरजनित बीमारियों से बचाने के लिए राहत एवं स्वच्छता संबंधी कार्यों पर जोर दे रही है। इसी क्रम में लखनऊ नगर निगम ने बाढ़ का पानी उतरने के साथ ही प्रभावित इलाकों में सफाई, जलनिकासी और स्वास्थ्य सुरक्षा के कार्य तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। नगर आयुक्त गौरव कुमार ने जोन-3 के जोनल कार्यालय में अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्त और संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर अभियान को तत्काल गति देने के निर्देश दिए।

    बैठक में जोन-3 और जोन-6 के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जलस्तर कम होने के बाद किए जाने वाले कार्यों की समीक्षा की गई। नगर आयुक्त ने निर्देश दिए कि जिन इलाकों से पानी उतर चुका है, वहां मड पंप लगाकर डीसिल्टिंग और सफाई कराई जाए। ताकि ताकि प्रभावित गलियों और नालियों से जमा मिट्टी, कीचड़ और गंदगी को हटाया जा सके।

    जीआईएस मैपिंग से तैयार हुई सेक्टरवार कार्ययोजना

    बाढ़ प्रभावित इलाकों में सफाई अभियान को व्यवस्थित और प्रभावी बनाने के लिए नगर निगम ने जीआईएस मैपिंग के आधार पर कार्ययोजना तैयार की है। प्रभावित क्षेत्रों को अलग-अलग सेक्टरों में बांटकर प्रत्येक सेक्टर के लिए प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। इंजीनियरिंग, स्वास्थ्य और जलकल विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तैनाती के साथ गलीवार सुपरवाइजरों की जिम्मेदारी भी तय की गई है। इससे विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने और कार्यों की नियमित निगरानी में मदद मिलेगी।

    400 से 500 अतिरिक्त सफाई कर्मचारियों लगाए जा रहे

    बड़े पैमाने पर सफाई अभियान संचालित करने के लिए नगर निगम के अन्य जोनों से भी अतिरिक्त मानवबल बुलाया जाएगा। बैठक में एलएसए और एलएसजी से कर्मचारियों की तैनाती के निर्देश दिए गए। प्रारंभिक आकलन के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में सफाई कार्यों के लिए करीब 400 से 500 अतिरिक्त कर्मचारियों की आवश्यकता है। संबंधित एजेंसियों को आवश्यक मानवबल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। जलस्तर कम होने के अनुसार अलग-अलग क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से अभियान चलाया जाएगा।

    70 एकड़ क्षेत्र में ड्रोन से एंटी लार्वा का छिड़काव

    जलभराव के बाद मच्छरों के प्रजनन और मच्छरजनित बीमारियों की आशंका को कम करने के लिए नगर निगम एंटी लार्वा का छिड़काव करा रहा है। जोन-3 और जोन-6 में कुल 70 एकड़ क्षेत्र में ड्रोन के माध्यम से दवा का छिड़काव किया गया है।

    जोन-3 के फैजुल्लागंज में 44 एकड़ क्षेत्र में ड्रोन से एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया। घैला रोड पर टैंकर से भी दवा का छिड़काव किया गया। दाउदनगर की 60 फीट रोड पर सोडियम हाइपोक्लोराइट और ब्लीचिंग का छिड़काव करने के साथ सफाई तथा झाड़ियों की कटाई कराई गई। गणेश बाग, सन्मंत विहार और मिल्लत नगर में भी ड्रोन से दवा का छिड़काव किया गया। मामा कॉलोनी और पुराने दाउदनगर में पानी उतरने के बाद सूख चुकी गलियों में ब्लीचिंग का छिड़काव, नालियों की सफाई और झाड़ियों की कटाई कराई गई।

    जोन-6 में भी स्वच्छता और जलनिकासी पर जोर

    जोन-6 के सैथा में 18 एकड़ और हयात नगर में 8 एकड़ क्षेत्र में ड्रोन से एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया। इस प्रकार जोन-6 में कुल 26 एकड़ क्षेत्र को कवर किया गया।
    हयात नगर, सैथा, टांड़खेड़ा और दौलतखेड़ा में जलभराव वाले क्षेत्रों तथा पानी के किनारे ब्लीचिंग पाउडर, चूने और एंटी लार्वा का छिड़काव किया गया। हरि नगर और मिश्री की बगिया में भी सफाई एवं स्वास्थ्य सुरक्षा संबंधी कार्य कराए गए। हयात नगर और दौलतखेड़ा में सड़क किनारे की नालियों की सफाई कर जलनिकासी व्यवस्था सुधारने पर जोर दिया गया।

    जलभराव के बाद स्वच्छता और स्वास्थ्य सुरक्षा पर विशेष ध्यान

    बाढ़ का पानी उतरने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में जमा गंदगी, कीचड़ और मच्छरों के प्रजनन की आशंका को देखते हुए नगर निगम द्वारा सफाई एवं स्वास्थ्य सुरक्षा संबंधी कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। एंटी लार्वा छिड़काव के साथ ब्लीचिंग पाउडर, चूने और सोडियम हाइपोक्लोराइट का प्रयोग किया जा रहा है। वहीं, नालियों की सफाई और झाड़ियों की कटाई के माध्यम से प्रभावित इलाकों को स्वच्छ बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। नगर निगम की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति के अनुसार कार्य कर रही हैं, ताकि बाढ़ के बाद स्वच्छता बनाए रखने और मच्छरजनित बीमारियों की आशंका कम करने में सहायता मिल सके।

  • राज्यपालों की नियुक्ति पर मुख्यमंत्री साय ने जताई खुशी, जनकल्याण को मिलेगी नई दिशा

    राज्यपालों की नियुक्ति पर मुख्यमंत्री साय ने जताई खुशी, जनकल्याण को मिलेगी नई दिशा

    नवनियुक्त राज्यपालों को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी बधाई एवं शुभकामनाएं

    मुख्यमंत्री ने कहा- समृद्ध अनुभव और कुशल मार्गदर्शन से संबंधित राज्यों में सुशासन एवं जनकल्याण को मिलेगी नई मजबूती

    रायपुर
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा विभिन्न राज्यों के लिए नियुक्त राज्यपालों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

    मुख्यमंत्री साय ने केरल के राज्यपाल के रूप में नियुक्त ओम प्रकाश माथुर, तमिलनाडु के राज्यपाल के रूप में नियुक्त राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, ओडिशा के राज्यपाल के रूप में नियुक्त ब्रज मोहन राम, कर्नाटक की राज्यपाल के रूप में नियुक्त डॉ. सुधा यादव, उत्तराखंड के राज्यपाल के रूप में नियुक्त डॉ. ढाल सिंह बिसेन तथा सिक्किम के राज्यपाल के रूप में नियुक्त दुष्यंत गौतम को नवीन दायित्व के लिए शुभकामनाएं दी हैं।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सभी नवनियुक्त राज्यपालों का दीर्घ सार्वजनिक जीवन, समृद्ध अनुभव और कुशल मार्गदर्शन संबंधित राज्यों की विकास यात्रा को नई गति प्रदान करेगा तथा सुशासन, जनकल्याण और संवैधानिक मूल्यों को और सुदृढ़ करेगा।

    मुख्यमंत्री साय ने सभी नवनियुक्त राज्यपालों के सफल, यशस्वी एवं गरिमामय कार्यकाल की मंगलकामना की है।