Author: NewseDay

  • Israel News: न्यूयॉर्क से आई फ्लाइट में बम की धमकी, बेन गुरियन एयरपोर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    Israel News: न्यूयॉर्क से आई फ्लाइट में बम की धमकी, बेन गुरियन एयरपोर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    न्यूयॉर्क 

    न्यूयॉर्क से इजरायल के बेन गुरियन एयरपोर्ट पहुंची डेल्टा एयरलाइंस की फ्लाइट में बम होने की गुमनाम सूचना मिलने से हड़कंप मच गया. इजरायल एयरपोर्ट्स अथॉरिटी को बम में विस्फोटक होने की गुमनाम सूचना मिली थी. फिलहाल विमान की तलाशी ली जा रही है। 

    सभी यात्रियों को विमान से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. और विमान की तलाशी ली जा रही है। 

    यह घटना ऐसे समय में हुई है जब कुछ दिन पहले ही दुबई से इजरायल आ रहे विमान में ओमानी पायलट ने अपने ही को-पायलट पर हमला कर दिया था. 30 सितंबर को दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में यह घटना हुई थी। 

    फ्लाईदुबई की फ्लाइट में को-पायलट ने किया था हमला
    विमान में मौजूद ओमानी को-पायलट ने भारतीय पायलट स्मित मच्छार पर कॉकपिट में हमला कर दिया था. ओमानी पायलट ने को पायलट पर इमरजेंसी कुल्हाड़ी से वार किया था और विमान पर नियंत्रण करने की कोशिश की थी. इस दौरान विमान तेजी से नीचे गिरने लगा था. लेकिन गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया था जिसे कारण यात्रियों और विमान के क्रू ने अंदर आकर हमलावरों को काबू में किया। 

    विमान में मौजूद ऑफ ड्यूटी पायलट ने फ्लाइट को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंड कराया था. मामले की जांच अब भी की जा रही है. इस घटना के बाद भारतीय पायलट स्मित मच्छार की बहादुरी की दुनिया भर में प्रशंसा हुई। 

  • यूपी में दलित वोटों पर सियासी नजर, पासी समाज को साधने के लिए भाजपा की तैयारी तेज

    यूपी में दलित वोटों पर सियासी नजर, पासी समाज को साधने के लिए भाजपा की तैयारी तेज

     लखनऊ
    विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा अपने जातीय समीकरण की हर कड़ी मजबूत करने में जुटी है। पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर की नाराजगी और पासी समाज की बेचैनी दूर करने के लिए भाजपा ने गियर बदला है।

    प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े ने मुख्यालय पर 14 अक्टूबर को पासी समाज के जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों की बैठक बुलाया था, जिसे फिलहाल टाला गया है। बैठक अगले सप्ताह बुलाई जाएगी।

    अनुसूचित वर्ग में जाटव के बाद सबसे बड़ी आबादी पासी समाज की है। अवध, गोरखपुर, कानपुर एवं काशी क्षेत्र में इनकी बड़ी आबादी है। भाजपाइयों का कहना है कि यह समाज प्रदेश की 85 सीटों पर निर्णायक भूमिका निभाता है, जबकि डेढ़ सौ सीटों पर असर रखता है।

    पार्टी ने हाल में भले ही प्रियंका रावत को राज्य सभा भेजकर पासी समाज में पैठ बढ़ाने का प्रयास किया, लेकिन कौशल किशोर की नाराजगी पार्टी के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। पिछले दिनों भाजपा ने कृष्णा पासवान को प्रदेश सरकार में मंत्री बनाया।

    प्रदेश संगठन में अशोक रावत, उपेंद्र रावत एवं प्रियंका रावत को शामिल किया। भाजपा के पास जयप्रकाश रावत, अशोक रावत एवं कमलेश पासवान के रूप में तीन, जबकि सपा के पास आरके चौधरी, प्रिया सरोज, दारोगा प्रसाद सरोज, पुष्पेंद्र सरोज एवं अवधेश प्रसाद के रूप में पासी समाज के पांच सांसद हैं।

    फैजाबाद के सांसद अवधेश प्रसाद के जरिए सपा बड़ा राजनीतिक संदेश दे रही है। सपा ने इंद्रजीत सरोज, आरके चौधरी, पुष्पेंद्र सरोज व प्रिया सरोज को सक्रिय कर दिया है।

    भाजपा ने 2014, 2027, 2019 एवं 2022 के चुनाव में गैर जाटव दलित राजनीति का सफल प्रयोग किया, लेकिन 2024 में सपा के पीडीए ने भाजपा के सामने खतरे की घंटी बजा दी। अब भाजपा एक बार फिर पासी समाज से अपने संबंधों के तार कसने में जुटी है।

     

  • किलर लुक और एडवांस फीचर्स के साथ आई Hyundai Bayon, जानें कीमत, बुकिंग और क्या है खास

    किलर लुक और एडवांस फीचर्स के साथ आई Hyundai Bayon, जानें कीमत, बुकिंग और क्या है खास

    नई दिल्ली

    त्योहारी सीजन है. बाजार में रौनक है, शोरूम में चमक है और घरों में नई गाड़ी लाने की प्लानिंग बन रही हैं. कोई बजट देख रहा है, कोई फीचर्स और कोई ऐसी SUV तलाश रहा है, जो पड़ोसियों की नजर भी खींचे और जेब पर बहुत भारी भी न पड़े. इसी मौके पर Hyundai ने अपनी ब्रांड न्यू एसयूवी Bayon से पर्दा उठाया है. डिजाइन से लेकर 12.3 इंच की दो स्क्रीन और Generative AI वॉयस असिस्टेंट तक, Bayon ने अपनी दावेदारी अभी से पेश कर दी है. Venue और Creta के बीच आने वाली ये एसयूवी सेगमेंट में एक साथ कई दिग्गज प्लेयर्स को टक्कर देने का मद्दा रखती है। 

    Hyundai Bayon की आधिकारिक बुकिंग शुरू कर दी गई है. इसे ग्राहक कंपनी के ऑफिशियल वेबसाइट और अधिकृत डीलरशिप के माध्यम से महज 11,000 रुपये में बुक कर सकते हैं. इस कार को आगामी 26 अक्टूबर को बिक्री के लिए लॉन्च किया जाएगा. उसी वक्त इस एसयूवी की कीमतों का ऐलान भी होगा. तो आइये देखें कैसी है नई BAYON .

    Hyundai Bayon का लुक और डिजाइन
    खास बात यह है कि नई Bayon साइज में क्रेटा से छोटी और वेन्यू से बड़ी होगी. इसका सीधा मुकाबला Maruti Victoris जैसी SUV से होगा. नए डिजाइन, प्रीमियम केबिन और दमदार फीचर्स के साथ आने वाली इस SUV का डिजाइन काफी यूनिक और स्मार्ट नज़र आ रहा है. इसमें कंपनी की लेटेस्ट 'Art of Steel' डिजाइन थीम देखने को मिलती है. इसका लुक काफी हद तक बड़ी Hyundai Tucson जैसा नजर आता है। 

    हालांकि, कंपनी ने अभी तक इसकी लंबाई और दूसरे आकार से जुड़ी पूरी जानकारी साझा नहीं की है. उम्मीद है कि इसकी लंबाई 4 मीटर से थोड़ी ज्यादा होगी. इस तरह यह 4.3 मीटर लंबी Hyundai Creta से थोड़ी छोटी हो सकती है। 

    SUV के फ्रंट में स्प्लिट हेडलैंप सेटअप दिया गया है. बोनट के अगले हिस्से पर पतली ब्लैक स्ट्रिप में LED DRLs लगाए गए हैं, जिनका डिजाइन हुंडई के 'H' लैटर से इंस्पायर्ड है. जो आपको इससे पहले भी कंपनी की कई अलग-अलग एसयूवी में देखने को मिली है. एक चीज जो हुंडई ने अलग किया है वो है, इस एसयूवी में कनेक्टिंग और पूरी चौड़ाई वाली LED लाइट बार नहीं दी है. बंपर पर मेन हेडलैंप यूनिट के साथ ब्लैक और सिल्वर रंग की मोटी क्लैडिंग दी गई है, जो इसके फ्रंट लुक को स्ट्रांग प्रेजेंस देती है। 

    साइड से देखने पर Bayon का डिजाइन और भी अलग नजर आता है. इसमें बाहर निकले हुए व्हील आर्च, शार्प बॉडी लाइन्स और चारों पहियों के आसपास मोटी क्लैडिंग दी गई है. इसके पेटल डिजाइन वाले अलॉय व्हील भी SUV को स्टाइलिश लुक देते हैं. कंपनी ने दरवाजों पर रेगुलर पुल-टाइप हैंडल दिए हैं, जबकि विंडो के आसपास पियानो ब्लैक फिनिश दी गई है। 

    Bayon के पिछले हिस्से की बात करें तो पीछे की तरफ पतली ब्लैक स्ट्रिकप के साथ नए टेललैंप दिए गए हैं. टेलगेट के बीच में बड़े अक्षरों में Bayon लिखा हुआ है. इसके अलावा रूफ स्पॉयलर और ब्लैक-सिल्वर फिनिश वाला रियर बंपर भी मिलता है. कुल मिलाकर, Bayon का डिजाइन ट्रेडिशनल स्क्वॉयर SUV के बजाय एक स्टाइलिश क्रॉसओवर जैसा है. जो उम्मीद है कि ग्राहकों को पसंद आएगा। 

    हाईटेक केबिन
    Hyundai Bayon का इंटीरियर काफी शानदार है. केबिन की सबसे बड़ी खासियत 12.3-इंच की डुअल स्क्रीन है. इनमें एक स्क्रीन ड्राइवर के लिए इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर का काम करेगी, जबकि दूसरी का इस्तेमाल इंफोटेनमेंट सिस्टम के लिए होगा. इन स्क्रीन के नीचे एयर कंडीशनिंग और क्लाइमेट कंट्रोल से जुड़े बटन और डिस्प्ले दिए गए हैं. अच्छी बात यह है कि कंपनी ने हर काम के लिए टचस्क्रीन पर निर्भर रहने के बजाय कई फिजिकल बटन और नॉब भी दिए हैं। 

    टचस्क्रीन के नीचे शॉर्टकट बटन मिलते हैं, जबकि स्टीयरिंग व्हील पर भी कई कंट्रोल दिए गए हैं. सेंटर कंसोल पर टच-सेंसिटिव बटन भी मिलते हैं. इसका स्टीयरिंग व्हील Hyundai Venue जैसा है और इसमें ड्राइव मोड चुनने के लिए अलग कंट्रोल भी दिया गया है। 

    Generative AI वॉयस असिस्टेंट
    नई Bayon में फीचर्स की लंबी लिस्ट मिलेगी. इसका सबसे खास फीचर Generative AI बेस्ड वॉयस असिस्टेंट है. कंपनी के मुताबिक, भारतीय बाजार में Hyundai की किसी गाड़ी में पहली बार यह तकनीक दी जा रही है. इस सिस्टम की मदद से ड्राइवर गाड़ी से रेगुलर बातचीत की तरह बात कर सकेगा. यानी हर बार पहले से तय कमांड बोलने की जरूरत नहीं होगी. हुंडई का दावा है कि यह सिस्टम बातचीत के अंदाज में पूछे गए सवालों को समझकर उनसे जुड़ी जानकारी दे सकेगा। 

    इसके अलावा SUV में Bluelink कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी मिलेगी, जिसमें 70 से ज्यादा फीचर्स होंगे. इसमें OTA अपडेट, इनबिल्ट नेविगेशन, स्प्लिट-स्क्रीन और स्मार्टफोन जैसे क्विक कंट्रोल शामिल हैं. कंपनी इसमें कई भाषाओं का सपोर्ट भी देगी, जिसमें 10 भारतीय क्षेत्रीय भाषाएं और 2 अंतरराष्ट्रीय भाषाएं शामिल हैं। 

    इंजन और परफॉर्मेंस
    कंपनी का कहना है कि, Hyundai Bayon में 1.5-लीटर, चार-सिलेंडर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन दिया जाएगा. यह वही इंजन है जो Creta में भी मिलता है. ये इंजन 115hp की पावर और 144Nm का टॉर्क जेनरेट करता है. ट्रांसमिशन के लिए इसमें मैनुअल और CVT गियरबॉक्स का विकल्प मिलेगा. फिलहाल कंपनी ने इसके CNG वर्जन को पेश किए जाने की जानकारी नहीं दी है. लेकिन जानकारों का मानना है कि, इसे भविष्य में अंडरबॉडी CNG टैंक के साथ भी पेश किया जा सकता है। 

    क्या होगी कीमत
    लॉन्च से पहले Hyundai Bayon की कीमत के बारे में कुछ भी कहना मुश्किल है. लेकिन ये हुंडई के लिए भी एक बड़ी चुनौती होगी. इसे ऐसे प्राइस के साथ बाजार में उतारना होगा जिससे वेन्यू और क्रेटा दोनों के ग्राहक इफेक्ट न हो. ऐसा माना जा रहा है कि, कंपनी इस एसयूवी को 8.5 लाख रुपये से 15 लाख रुपये के बीच लॉन्च कर सकती है। 

  • सगाई तोड़ने के फैसले पर आकृति अग्रवाल ने मानी गलती, पृथ्वी शॉ के साथ फिर आईं करीब

    सगाई तोड़ने के फैसले पर आकृति अग्रवाल ने मानी गलती, पृथ्वी शॉ के साथ फिर आईं करीब

    नई दिल्ली
     भारतीय क्रिकेटर पृथ्वी शॉ और एक्ट्रेस-इन्फ्लुएंसर आकृति अग्रवाल ने अपना रिश्ता फिर से जोड़ने का फैसला किया है। इसी साल मार्च में दोनों ने सगाई खी थी। हालांकि, सितंबर में आकृति ने बताया था कि दोनों ने अलग होने का फैसला किया है। उस समय उन्होंने फ्यूचर और परिस्थितियों में अंतर को इसकी वजह बताया था। अब दोनों ने अपना फैसला बदल लिया है। आकृति ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर कर इसकी जानकारी दी। पृथ्वी शॉ ने भी इस पोस्ट को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर किया।

    आकृति अग्रवाल ने मानी अपनी गलती
    आकृति ने अपनी पोस्ट में लिखा कि जब उन्होंने सगाई तोड़ने का फैसला किया था, तब उन्होंने अपने करीबियों की बातों को अपने रिश्ते पर हावी होने दिया। उन्होंने लिखा, 'जब मैंने हमारी सगाई तोड़ी थी तो मैंने अपने करीबियों की राय को खुद पर हावी होने दिया। जिन्हें लगता था कि वे हमारे रिश्ते को हमसे बेहतर समझते हैं। उसी वजह से मंगेतर और हमारे रिश्ते के प्रति मेरा नजरिया बदल गया। मुझे लगता है कि मुझे भड़काया गया था और मैंने वह फैसला बिना आपस में बात किए ले लिया जिसकी हमें जरूरत थी।'

    आकृति के मुताबिक दोनों ने अब खुलकर बात की है और एक-दूसरे को बेहतर तरीके से समझा है। उन्होंने लिखा- मैं उस फैसले और उससे पहुंची ठेस की पूरी जिम्मेदारी लेती हूं। इसके बाद हमने आपस में खुलकर बात की है, एक-दूसरे को समझा है और फिर से एक साथ होने का फैसला किया है। एक साथ मिलकर हम एक-दूसरे के लिए काफी हैं और हमें किसी तीसरे इंसान की जरूरत नहीं है। इस बार मैं चाहती हूं कि हमारा भविष्य हमारी अपनी समझ, विश्वास और प्यार से चले। नई शुरुआत करते हुए हमारे इस फैसले का सम्मान करें।

    रणजी ट्रॉफी में खेल रहे पृथ्वी शॉ
    26 साल के पृथ्वी शॉ की कप्तानी में भारत ने अंडर-19 विश्व कप 2018 का खिताब जीता था। उसी साल डेब्यू करते हुए उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ शतक लगा दिया था। पृथ्वी को भारतीय क्रिकेट का भविष्य माना जाता था लेकिन चोट और खराब फॉर्म के कारण उनका करियर उम्मीद के मुताबिक आगे नहीं बढ़ पाया। 2025-26 घरेलू सीजन से पहले पृथ्वी शॉ ने मुंबई छोड़कर महाराष्ट्र का रुख किया था। अभी वह रणजी ट्रॉफी में खेल रहे हैं। रविवार को सर्विसेज के खिलाफ महाराष्ट्र की कप्तानी करते हुए पृथ्वी ने 73 गेंदों पर 70 रन बनाए।

  • मध्य प्रदेश में 12 आदिवासी परिवारों के मकान गिराने पर सरकार सख्त, कोसमी मामले की होगी जांच

    मध्य प्रदेश में 12 आदिवासी परिवारों के मकान गिराने पर सरकार सख्त, कोसमी मामले की होगी जांच

    भोपाल
     मध्य प्रदेश के एक गांव में 12 आदिवासी परिवारों के मकान गिराए जाने के मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है। यह कदम केंद्रीय कृषि मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा प्रभावित परिवारों से मिलने और वन विभाग व स्थानीय प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाने के एक दिन बाद उठाया गया है।

    शिवराज सिंह चौहान ने सीहोर जिले के कोसमी गांव में आदिवासी परिवारों के घर तोड़े जाने और उनकी फसल नष्ट किए जाने को सरासर 'अन्याय' करार दिया। उन्होंने रविवार को कहा कि यह कार्रवाई अधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री मोहन यादव और भाजपा की छवि खराब करने की साजिश प्रतीत होती है।

    पीड़ित परिवारों से मिलने के बाद उन्होंने कहा कि यहां जो कुछ हुआ, वह बेहद दुखद है। मैंने सालों पहले अधिकारियों से कहा था कि इन परिवारों को परेशान न किया जाए, क्योंकि वे लंबे समय से यहां रह रहे हैं। मैं मुख्यमंत्री को इनके आंसुओं, बर्बाद हुई फसलों और उजड़े भविष्य के बारे में बताऊंगा। कोसमी गांव शिवराज सिंह चौहान के विदिशा लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है।

    मुख्यमंत्री ने दिए जांच के निर्देश
    इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को कहा कि मैंने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। हमारी सरकार संवेदनशील है और जांच के बाद सारी स्थिति साफ हो जाएगी।

    सूत्रों के अनुसार, शिवराज सिंह चौहान जल्द ही मुख्यमंत्री से मिलकर इन परिवारों की परेशानी से उन्हें अवगत करा सकते हैं। वन विकास निगम के सूत्रों के मुताबिक, इन 12 परिवारों ने वन भूमि पर अतिक्रमण किया हुआ था। सूत्रों ने बताया कि वर्ष 2021 में 186.9 हेक्टेयर जमीन पर पौधारोपण किया गया था, जिसमें से 38.84 हेक्टेयर पर कथित तौर पर अतिक्रमण कर लिया गया था।

    क्या था मामला ?
    कोसमी गांव में वन विभाग और प्रशासन की कार्रवाई के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नाराजगी जताई थी। वह देर रात पीड़ित आदिवासी परिवारों के बीच पहुंचे और धरने पर बैठ गए। उन्होंने कार्रवाई को लेकर कड़े शब्दों में विरोध दर्ज कराया और जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की। शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि जिन परिवारों के घर तोड़े गए हैं, उनके लिए नए पक्के मकान बनवाए जाएंगे। स्थायी व्यवस्था होने तक उनके रहने और खाने-पीने का खर्च उठाने की बात भी उन्होंने कही थी।

    अधिकारियों से चर्चा के बाद भी हुई कार्रवाई
    शिवराज सिंह चौहान ने बताया था कि कार्रवाई रोकने के लिए उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल से चर्चा की थी। इसके बावजूद तोड़फोड़ की कार्रवाई होने पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने और कार्रवाई में शामिल दोषी वन कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की थी।

    प्रशासन ने बताई कार्रवाई की वजह
    प्रशासन के मुताबिक, सीहोर जिले के वन विकास निगम के वन कक्ष क्रमांक 426 में वर्ष 2021 में पौधरोपण किया गया था। प्रशासन का आरोप है कि सिंहपुर के 10 आदिवासी परिवारों ने इस क्षेत्र में पौधरोपण को नुकसान पहुंचाकर खेती शुरू कर दी थी और झोपड़ियां बना ली थीं। अधिकारियों के अनुसार, संबंधित परिवारों के खिलाफ पहले से वन अपराध के मामले दर्ज थे और उन्हें बेदखली के नोटिस भी दिए गए थे। प्रशासन का कहना है कि इन्हीं प्रक्रियाओं के तहत झोपड़ियों को हटाया गया।

    OBC आरक्षण पर भी सरकार करा रही परीक्षण
    अब मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मामले में जांच की बात कही है। इसके साथ ही उन्होंने मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले का परीक्षण करा रही है। हालांकि, मुख्यमंत्री ने इस संबंध में आगे की कार्रवाई या निर्णय की समयसीमा को लेकर कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी।

    पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे शिवराज, कार्रवाई पर जताई नाराजगी
    यह पूरा मामला सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा के कोसमी गांव का है। यहां वन विभाग और प्रशासन की कार्रवाई के दौरान आदिवासी परिवारों के घरों को तोड़े जाने की शिकायत सामने आई थी। रविवार को केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान गांव पहुंचे और प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी परेशानियां सुनीं।

    मुख्य सचिव और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष से की बात
    मौके पर वरिष्ठ प्रशासनिक और वन विभाग के अधिकारियों की अनुपस्थिति पर भी शिवराज सिंह चौहान ने आपत्ति जताई। उन्होंने घटनास्थल से ही मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल को फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी और अपनी चिंता व्यक्त की। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से भी बातचीत कर प्रभावित परिवारों की स्थिति से अवगत कराया।

    शिवराज सिंह चौहान ने भरोसा दिलाया कि जिन परिवारों के मकान तोड़े गए हैं, उन्हें बेसहारा नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने प्रभावित लोगों के लिए नए मकान बनवाने और स्थायी आवास की व्यवस्था होने तक अस्थायी रूप से रहने तथा भोजन-पानी की सुविधा सुनिश्चित करने की बात कही।

    घरों के साथ फसल और पानी का संकट भी
    कोसमी गांव की कार्रवाई को लेकर उठे सवाल केवल आवास तक सीमित नहीं हैं। प्रभावित परिवारों की मक्का और तुअर की फसलों को नुकसान पहुंचने तथा पानी के लिए उपयोग किए जाने वाले कुएं में मिट्टी भरने की बात भी सामने आई है। इससे ग्रामीणों के सामने रोजमर्रा की जरूरतों और आजीविका को लेकर मुश्किलें खड़ी होने की चिंता जताई जा रही है।

    अब मुख्यमंत्री के निर्देश पर होने वाली जांच इस पूरे मामले में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जांच में कार्रवाई की परिस्थितियों, जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका और प्रभावित परिवारों को हुए नुकसान जैसे पहलुओं की पड़ताल किए जाने की उम्मीद है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि आदिवासी परिवारों को राहत और आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन कितनी जल्दी ठोस कदम उठाता है।

     

  • विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब में 13 लाख वोट कम, मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने दी जानकारी

    विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब में 13 लाख वोट कम, मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने दी जानकारी

    चंडीगढ़ 
    पंजाब में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद करीब 13 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। पंजाब की मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने यह जानकारी दी। एसआईआर की प्रक्रिया से पहले राज्य में करीब 2.14 करोड़ मतदाता पंजीकृत थे, जबकि पुनरीक्षण के बाद यह संख्या घटकर लगभग 2.01 करोड़ रह गई है।

    मतदाता सूची में हुए इस बदलाव के बाद पंजाब में मतदाताओं की कुल संख्या में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। एसआईआर के तहत मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण कर उनमें दर्ज नामों और संबंधित विवरणों की जांच की जाती है, ताकि सूची को अद्यतन किया जा सके।

     मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इस प्रक्रिया के बाद राज्य की मतदाता सूची में करीब 13 लाख मतदाताओं की कमी आई है। हालांकि, हटाए गए नामों के कारणों और अलग-अलग श्रेणियों में नाम कटने का विस्तृत ब्योरा उपलब्ध होने पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कितने नाम मृत मतदाताओं, स्थान परिवर्तन या अन्य कारणों से हटाए गए हैं।  

    मतदाता सूची में नाम दर्ज होना मतदान के अधिकार के लिए जरूरी है। ऐसे में मतदाताओं के लिए अपनी प्रविष्टियों की जांच करना महत्वपूर्ण है, ताकि आगामी चुनावों के दौरान उन्हें मतदान करने में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। 

    घर-घर जाकर किया गया सत्यापन
    अनिंदिता मित्रा ने बताया कि बूथ लेवल अधिकारियों ने 25 जून से 3 अगस्त तक घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया. इस दौरान पंजीकृत मतदाताओं को एन्यूमरेशन फॉर्म दिए गए और उनसे वापस लिए गए. 13 अगस्त को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में 1,93,94,435 मतदाता थे. उस समय कुल मतदाताओं में से 20,66,608 यानी 9.63 फीसदी मतदाताओं को अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट के तौर पर बंटवारा किया गया था। 

    दावों और आपत्तियों की अवधि के दौरान राज्यभर में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को ड्राफ्ट मतदाता सूची की प्रतियां दी गई थीं. 13 अगस्त से 12 सितंबर के बीच लोगों से अपनी जानकारी की जांच करने और जरूरत होने पर दावे या आपत्तियां दाखिल करने को कहा गया था. आवेदन ECINET मोबाइल ऐप के जरिए ऑनलाइन, बूथ लेवल अधिकारियों के माध्यम से ऑफलाइन या चुनाव पंजीकरण अधिकारियों के कार्यालय में जमा किए जा सकते थे. इस दौरान पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी, 19 रोल ऑब्जर्वर और जिला निर्वाचन अधिकारियों ने दावों और आपत्तियों की जांच के लिए फील्ड विजिट और सुपर-चेकिंग की। 

    86,038 मतदाताओं को किया गया अपात्र
    13 अगस्त से 8 अक्टूबर तक दावों और आपत्तियों के निपटारे के चरण में ऐसे मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए, जिनका मैपिंग नहीं हुआ था या जिनकी जानकारी में गड़बड़ी थी. अनिंदिता मित्रा ने बताया कि नोटिस पाने वाले 35,49,036 मतदाताओं में से 86,038 को विस्तृत सत्यापन और स्पीकिंग ऑर्डर के जरिए अपात्र पाया गया। 

     बढ़ाए गए मतदान केंद्र
    मतदाताओं की सुविधा बढ़ाने के लिए सभी जिलों में मतदान केंद्रों का पुनर्गठन किया गया. इसके तहत मतदान केंद्रों की संख्या 24,453 से बढ़ाकर 25,332 कर दी गई. मतदाताओं तक पहुंच बनाने के लिए एक महीने की SVEEP योजना के तहत कई माध्यमों से जागरूकता अभियान चलाया गया. मतदाताओं को अपनी जानकारी जांचने और जमा करने में मदद के लिए 7 जून, 11-12 जुलाई, 19 जुलाई और 16 अगस्त को मतदान केंद्रों पर स्पेशल शिविर लगाए गए. युवा मतदाताओं के पंजीकरण के लिए कॉलेजों और स्कूलों में भी विशेष शिविर आयोजित किए गए. राज्य और जिला स्तर पर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ नियमित बैठकें भी की गईं। 

  • बंदी सिंहों की रिहाई के लिए कानूनी रास्ते अपनाएगी पंजाब सरकार: भगवंत मान

    बंदी सिंहों की रिहाई के लिए कानूनी रास्ते अपनाएगी पंजाब सरकार: भगवंत मान

    चंडीगढ़
     मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि प्रदेश सरकार बंदी सिंहों की रिहाई के लिए हर कानूनी व संवैधानिक रास्ता अपनाएगी। लंबे समय से लंबित इस मामले को अनिश्चितकाल तक अनसुलझा नहीं छोड़ा जा सकता।

    आप सरकार ने केंद्र और राज्यपाल को आश्वासन दिया था कि यदि जगतार सिंह हवारा को अपनी बीमार मां से मिलने के लिए पैरोल दी जाती है, तो राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह बनाए रखी जाएगी।

    इसके बावजूद केंद्र सरकार ने अभी तक मंजूरी नहीं दी। सोमवार को कौमी इंसाफ मोर्चा, किसान यूनियनों और अन्य समूहों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में मुख्यमंत्री मान ने कहा कि सरकार कानून के दायरे में हरसंभव सहायता के लिए तैयार है। बंदी सिंहों के मामले में आप सरकार की मंशा व प्रतिबद्धता बिल्कुल स्पष्ट है। हम न्याय के पक्ष में मजबूती से खड़े हैं।

    हवारा को लेकर क्या बोले सीएम मान
    उन्होंने रामपुर खेड़ा के संत सेवा सिंह, बठिंडा के गुरदीप सिंह, भाई मोहकम सिंह, गुरसेवक सिंह काहनेके, बाबा भूपिंदर सिंह और किसान नेता बूटा सिंह बुर्जगिल सहित अन्य नेताओं के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि राज्य सरकार हवारा को पैरोल मिलने की स्थिति में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

    पंजाब सरकार ने पहले ही केंद्र सरकार और राज्यपाल से कहा है कि यदि हवारा को बीमार मां से मिलने के लिए पैरोल दी जाती है, तो राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बनाए रखेंगे। हमने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को आश्वासन दिया, लेकिन केंद्र सरकार ने पैरोल नहीं दी।

    हवारा को कुछ दिन की पैरोल दी जाती है तो यह मिसाल बननी चाहिए कि राज्य में शांति और भाईचारा किस तरह कायम रखा जा सकता है। इससे अन्य बंदी सिंहों की रिहाई का रास्ता भी आसान हो सकता है।

    हर मामले की कानूनी पहलुओं से जांच
    उन्होंने सिख संगठनों से अपना संघर्ष शांतिपूर्ण और कानून के दायरे में रहकर जारी रखने की अपील करते हुए कहा कि कुछ समूह जानबूझकर ऐसे आंदोलनों को पटरी से उतारने और सिखों की छवि खराब करने का प्रयास करते हैं।

    मुख्यमंत्री ने बुड़ैल जेल में बंद परमजीत सिंह भ्यौरा और जगतार सिंह तारा की पैरोल के मामले पर स्पष्ट किया कि मामला चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकार क्षेत्र में है। वह इसे राज्यपाल के समक्ष उठाएंगे, जोकि चंडीगढ़ के प्रशासक भी हैं।

    मुख्यमंत्री ने बैठक में मौजूद पंजाब के महाधिवक्ता मनिंदरजीत सिंह बेदी से कहा कि वे हर मामले की कानूनी पहलुओं से जांच करें, ताकि उचित समाधान निकाला जा सके।

    बैठक में मुख्य सचिव केएपी सिन्हा, गृह मामले विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आलोक शेखर, विशेष डीजीपी (कानून व्यवस्था) पीके सिन्हा, जेल विभाग की प्रमुख सचिव भावना गर्ग, मुख्यमंत्री के विशेष प्रधान सचिव कुमार अमित तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

     

  • हरियाणा के मनदीप पर बरसी किस्मत, 50 लाख की लॉटरी जीतकर बने लखपति

    हरियाणा के मनदीप पर बरसी किस्मत, 50 लाख की लॉटरी जीतकर बने लखपति

    सरदूलगढ़ 
     हरियाणा के सिरसा जिले की रानियां तहसील के गांव सुल्तानपुरिया निवासी मनदीप सिंह ने लॉटरी में 50 लाख रुपये जीते हैं। इसके साथ ही मनदीप लखपति बन गया। हालांकि, लॉटरी निकलने के बाद शुरुआत में विजेता की पहचान नहीं हो पाई थी।

    इसके बाद लॉटरी सेंटर की ओर से इंटरनेट मीडिया पर वीडियो साझा कर लोगों से इसे अधिक से अधिक शेयर करने की अपील की गई, ताकि जीत की खबर संबंधित व्यक्ति तक पहुंच सके। सोमवार को विजेता मनदीप सिंह की पहचान हुई और उन्होंन गौरव लॉटरी सेंटर के संचालक से मुलाकात की।

    हेमराज ने भी जीता 21 लाख 
    वहीं, इससे पहले रूपनगर के कीरतपुर साहिब में पीर साईं बुढ़ण शाह जी की दरगाह के पास लंबे समय से फड़ी लगाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करने वाले बुजुर्ग हेमराज की किस्मत अचानक चमक गई थी। हेमराज की महज 50 रुपये की लाटरी टिकट ने उसे 21 लाख रुपये की इनामी राशि जितवा दी।

    लॉटरी निकलने की खबर मिलते ही हेमराज और उनके परिवार में खुशी का माहौल है। लंबे समय से आर्थिक तंगी में परिवार का गुजारा करने वाले हेमराज के लिए यह इनाम किसी बड़ी खुशखबरी से कम नहीं है। हेमराज दरगाह के पास कपड़े आदि की फड़ी लगाकर अपनी रोजी-रोटी कमाते हैं।

    विदेश में नहीं चमकी किस्मत, लॉटरी ने बना दी करोड़पति
    वहीं, बटाला के गांव वडाला ग्रंथियां का कवलजीत सिंह कर्ज लेकर विदेश गया था, लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया था। मां पिंदरजीत कौर के नाम पर खरीदी लॉटरी ने उसे करोड़पति बना दिया। कवलजीत सिंह ने बताया कि वह कर्ज लेकर मस्कट गया था।

    वह अकसर लॉटरी की टिकट खरीद कर स्टॉल पर ही रख जाता था। सोमवार को भी स्टॉल पर ही टिकट खरीद कर रख गया था। रात आठ बजे ड्रा निकला तो उसका एक करोड़ का इनाम निकल आया। इसके बाद फोन पर उसे सूचना दी गई।

     

  • नेपाल सीमा के गायब पिलरों से बढ़ी चिंता, अररिया-किशनगंज पर रहेगी खास नजर

    नेपाल सीमा के गायब पिलरों से बढ़ी चिंता, अररिया-किशनगंज पर रहेगी खास नजर

     भागलपुर
     गृह मंत्रालय ने भारत-नेपाल सीमा के आसपास के क्षेत्रों में बदलती डेमोग्राफी (जनसांख्यिकी) के सर्वे की तैयारी शुरू कर दी है। पिछले कुछ वर्षों से सीमा से सटे भारतीय और नेपाली इलाकों में आबादी का ढांचा तेजी से बदला है। डेमोग्राफी बदलाव के चलते सीमाई इलाकों खासकर बॉर्डर के आसपास अक्सर तनाव की भी स्थिति देखी जा रही है। इस मुद्दे पर गृह मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियां गंभीर हैं। हालत यह है कि वहां नो मेंस लैंड के पास कई पिलर या तो गायब हैं या फिर टूट चुके हैं। इसका फायदा भी अब संदिग्ध उठा रहे हैं।

    इसी साल 25 फरवरी को सीमांचल के दौरे पर आए गृह मंत्री अमित शाह ने भी बिहार के सीमाई इलाकों में बदलते डेमोग्राफी के मुद्दे पर एसएसबी, बीएसएफ, स्थानीय जिलों के डीएम व एसपी और सुरक्षा एजेंसियों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श किया था।

    एसएसबी के आईजी नीशीत कुमार उज्ज्वल ने कहा कि बदलते डेमोग्राफी को लेकर समीक्षा और सर्वे करने का काम जल्द ही गृह मंत्रालय द्वारा किए जाने की योजना है। इस पर काम चल रहा है। इंडो-नेपाल सीमा के आसपास बदलती डेमोग्राफी को लेकर पैनी नजर रखी जा रही है।

    सीमा पिलरों के क्षतिग्रस्त होने से समस्या बढ़ी
    नो मेंस लैंड पर मौजूद सैकड़ों सीमा पिलरों के क्षतिग्रस्त होने या गायब रहने का फायदा असामाजिक और संदिग्ध तत्व उठा रहे हैं। पिलर न होने से सीमा रेखा का स्पष्ट चिह्न कठिन हो गया है, जिससे एसएसबी को गश्ती और अतिक्रमण रोकने में तकनीकी दिक्कतें आ रही है।

    नया बॉर्डर आउटपोस्ट स्थापित करने का प्रस्ताव
    वर्तमान में इंडो-नेपाल सीमा की सुरक्षा में बिहार, नेपाल और यूपी एसएसबी की 35 से अधिक बटालियन तैनात है। सर्वे पूरा होने के बाद संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर अतिरिक्त बटालियने तैनात करने और नया बॉर्डर आउटपोस्ट स्थापित करने का प्रस्ताव गृह मंत्रालय को भेजा जाएगा। कोसी के सुपौल और सीमांचल के अररिया और किशनगंज इंडो-नेपाल के काफी संवेदनशील इलाके में आते हैं।

  • दमोह में सनातन हिंदू एकता रथयात्रा की तैयारी, राष्ट्रगान और हनुमान चालीसा पाठ से होगी शुरुआत

    दमोह में सनातन हिंदू एकता रथयात्रा की तैयारी, राष्ट्रगान और हनुमान चालीसा पाठ से होगी शुरुआत

    दमोह

    बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता रथयात्रा तीसरे दिन दमोह जिले के हटा से रवाना हो गई। इससे पहले, पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने गौरी शंकर भगवान के दर्शन किए। आज यात्रा में अयोध्या की हनुमानगढ़ी से राजू दास महाराज, मलूकपीठ के गंगा दास महाराज, हरिद्वार के मोनी महाराज, चित्रकूट धाम के राधेश्याम महाराज धीरेन्द्र शास्त्री के साथ मौजूद हैं।

    दोपहर में रथयात्रा दमोह के पॉलिटेक्निक कॉलेज ग्राउंड पहुंचेगी। यहां भोजन और 90 मिनट का कार्यक्रम रखा गया है। यहां से यात्रा सागर के लिए रवाना होगी। इससे पहले, रविवार को पन्ना में शास्त्री ने कहा- भारत में कास्टवाद नहीं, राष्ट्रवाद जरूरी है। अगर सभी हिंदू एकजुट नहीं हुए, तो आने वाला समय बहुत खराब हो जाएगा।

    यात्रा में अयोध्या की हनुमानगढ़ी से राजू दास महाराज, मलूकपीठ के गंगा दास महाराज, हरिद्वार के मोनी महाराज, चित्रकूट धाम के राधेश्याम महाराज मौजूद हैं।

    शास्त्री बोले- चाहे प्राण चले जाएं, धर्म नहीं छोड़ना
    यात्रा के पहले दिन शास्त्री ने कहा था, ‘चाहे जितने विरोधी आएं, प्राण चले जाएं, तो भी धर्म नहीं छोड़ना है।’ उन्होंने सनातनियों की एकता से भारत मजबूत होने की बात कही। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने ‘जात-पात की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई’ के नारे लगाए।

    यात्रा में शामिल कुछ युवकों ने चुनौती देते हुए कहा, ‘अब आ जाएं बागेश्वर धाम और रोककर दिखाएं यात्रा को।’ बिहार से आए संत ऋषि ने पन्ना में मिले सहयोग और उत्साह की सराहना की। उन्होंने लोगों से अच्छे कार्यों में सहयोग देने, गुरुदेव के साथ जुड़े रहने और उनकी बातों का पालन करने की अपील की।

    500 किमी की यात्रा, पांच जिलों से गुजरेगी
    सनातन हिंदू एकता रथयात्रा 3.0 रविवार सुबह करीब 11:30 बजे बागेश्वर धाम से शुरू हुई थी। पांच दिवसीय यात्रा करीब 500 किलोमीटर का सफर तय कर पांच जिलों से गुजरेगी। इसका उद्देश्य सनातन एकता, सामाजिक समरसता, नशामुक्ति और लव जिहाद से मुक्त बुंदेलखंड बनाना बताया गया है।

    सोमवार को पन्ना में रात्रि विश्राम के बाद यात्रा सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ, राष्ट्रगान और बच्चों को शपथ दिलाने के साथ रवाना हुई। शास्त्री ने हजारों श्रद्धालुओं को सनातन धर्म, हिंदू एकता और सामाजिक समरसता से जुड़े सात वचनों की शपथ दिलाई।