Author: NewseDay

  • रीवा में ड्रग्स के खिलाफ हाईलेवल मीटिंग, नशामुक्त मध्यप्रदेश के संकल्प पर सरकार का फोकस

    रीवा में ड्रग्स के खिलाफ हाईलेवल मीटिंग, नशामुक्त मध्यप्रदेश के संकल्प पर सरकार का फोकस

    रीवा
     मध्य प्रदेश में नशे के खिलाफ मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार सख्त दिखाई दे रही है.  प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ने स्थानीय राजनिवास में हाई लेवल मीटिंग बुलाई, जिसमें कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी, आईजी गौरव राजपूत, एसपी गुरकरण सिंह सहित अन्य तमाम आला अधिकारी उपस्थित रहे। 

    इस दौरान उप मुख्यमंत्री ने नशे के कारोबार में शामिला व्यक्तियों, उत्पादक और सप्लायरों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए. महत्त्वपूर्ण मीटिंग के बाद उप मुख्यमंत्री मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने पत्रकारों से चर्चा की. उन्होंने कहा कि हम विकास की रफ्तार में नशे का ग्रहण नहीं लगने देंगे। 

    उप मुख्यमंत्री की हाई लेवल मीटिंग
    मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री, स्वास्थ और चिकत्सा शिक्षा मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने आयोजित बैठक में नशामुक्त भारत अभियान की समीक्षा की, उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार में लिप्त व्यक्तियों पर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है. अवैध नशीले पदार्थों के उत्पादक और सप्लायर पर भी कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए. नशे के सौदागरों पर कड़ी कार्रवाई के साथ-साथ नशे से पीड़ित व्यक्तियों के पुनर्वास पर भी ध्यान देना आवश्यक है. नशामुक्ति केंद्रों को सक्रिय करके इनके माध्यम से नशे से पीड़ितों का समुचित पुनर्वास करें. उन्होंने कलेक्टर को निर्देश दिए कि नशे के शिकार व्यक्तियों की सूची बनाकर उन्हें नशामुक्ति केंद्रों में समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करें। 

    नशे से निरर्थक हो जाएगा विकास
    उप मुख्यमंत्री ने कहा, '' रीवा और पूरा विंध्य लगातार विकास की उंची उड़ान भर रहा है. कृषि, व्यापार और उद्योग में वृद्धि होने से लोगों की आमदनी बढ़ी है. अधोसंरचना विकास के कार्य क्षेत्र के विकास को गति दे रहे हैं. ऐसे में अगर युवा पीढ़ी कोरेक्स और अन्य नशीले पदार्थों की गिरफ्त में आ गई तो हर तरह का विकास निरर्थक हो जाएगा। 

    गृहमंत्री अमित शाह के संकल्प पर जोर
    उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियो को निर्देशित करते हुए कहा, " गृहमंत्री अमित शाह ने 2029 तक देश को नशे से मुक्त करने का संकल्प लिया है. इसके लिए समन्वय के साथ कार्ययोजना बनाएं और लगातार कार्रवाई करें.नशामुक्त भारत अभियान में स्वयंसेवी संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों तथा आम जनता को भी भागीदार बनाएं। 

    1615 आरोपी सलाखों के पीछे पहुंचे
    आयोजित बैठक में रीवा जोन के IG गौरव राजपूत ने कहा, " रीवा संभाग में पिछले 18 महीनों में एमडी ड्रग्स, हेरोइन, कोरेक्स, गांजा और अवैध शराब जैसे नशीले पदार्थों के विरूद्ध लगातार कार्रवाई की गई है. इस दौरान अब तक 1615 नशे के सौदागरों को जेल भेजा गया है. इन नशे के सौदागरों के पास से 5535 किलो 931 ग्राम गांजा, 97665 शीशी कोरेक्स, 413310 नग नशील टैबलेट कैप्सूल और 450 अफीम के हरे पेड़ जब्त किए गए हैं। 

  • इंदौर के हेड कॉन्स्टेबल की संपत्ति जांच के घेरे में, परिचित महिला के नाम भी प्रॉपर्टी; 15 जगह रेड

    इंदौर के हेड कॉन्स्टेबल की संपत्ति जांच के घेरे में, परिचित महिला के नाम भी प्रॉपर्टी; 15 जगह रेड

    इंदौर

     मध्य प्रदेश लोकायुक्त की टीम ने बुधवार सुबह पुलिस प्रशिक्षण महाविय इंदौर में पदस्थ प्रधान आरक्षक चालक फिरोज खान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। आय से अधिक संपत्ति की शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त इंदौर और उज्जैन की टीम ने सुबह 6 बजे से देवास और इंदौर में फिरोज खान के आवास सहित 15 ठिकानों पर तलाशी शुरू की। शुरुआती जांच में फिरोज खान के पास उनकी ज्ञात आय से कहीं अधिक संपत्ति होने की बात सामने आई है। लोकायुक्त के मुताबिक अब तक की जांच में करीब 6 करोड़ 26 लाख रुपये की अनुपातहीन संपत्ति का पता चला है।

    नौकरी के दौरान 75 लाख की सैलरी
    इंदौर लोकायुक्तअधिकारियों के अनुसार, फिरोज खान को वेतन से करीब 75 लाख रुपये मिलने का अनुमान है। दूसरी आय को जोड़कर उनकी कुल आय 1 करोड़ 93 लाख 84 हजार 440 रुपये आंकी गई है। इसके मुकाबले जांच में करीब 6 करोड़ 26 लाख 67 हजार 879 रुपये की संपत्ति होने की जानकारी मिली है। लोकायुक्त का दावा है कि यह संपत्ति उसकी अनुमानित आय से करीब 223 प्रतिशत अधिक है। इसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

    देवास और इंदौर में हुई तलाशी
    लोकायुक्त की टीमें फिरोज खान के देवास स्थित आदर्श नगर के मकान के अलावा इंदौर के बाणगंगा क्षेत्र में महेश यादव नगर और स्कीम नंबर 94 स्थित मनोरमा अपार्टमेंट में भी पहुंचीं। जांच के दायरे में श्रीनगर कॉलोनी स्थित एक फ्लैट भी शामिल है। अधिकारियों के अनुसार मनोरमा अपार्टमेंट में दो फ्लैट फिरोज खान की मां वहीदा खान के नाम पर खरीदे जाने की जानकारी मिली है।

    देवास में अलग-अलग जगहों पर प्लॉट
    इसके अलावा देवास की अलग-अलग कॉलोनियों में स्थित प्लॉट, मकान और कृषि भूमि की भी जांच की जा रही है। इनमें पुष्पकुंज कॉलोनी, विजय नगर कॉलोनी और इंदिरा गांधी नगर के भूखंड शामिल हैं। देवास जिले के गजीपुरा, जेतपुरा और गद्दूखेड़ी में स्थित कृषि भूमि तथा जेतपुरा बायपास के पास व्यावसायिक भूखंड भी लोकायुक्त की जांच के दायरे में हैं। इंदौर जिले की सांवेर तहसील के ग्राम गुरान में दर्ज कई सर्वे नंबरों की जमीनों की भी पड़ताल की जा रही है।

    जमीन के विवाद से जुड़ी शिकायत भी जांच में शामिल
    लोकायुक्त को दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया था कि फिरोज खान पुलिस विभाग में पदस्थ होने का प्रभाव दिखाकर देवास क्षेत्र में जमीन और प्लॉट से जुड़े विवादों में हस्तक्षेप करता हैं। शिकायत में यह भी कहा गया था कि वो अन्य लोगों के माध्यम से जमीनों के लेन-देन में शामिल हैं और अपने परिवार के सदस्यों तथा परिचित महिला के नाम पर संपत्तियां खरीद रहा हैं। शिकायतकर्ता ने उसके पास कई वाहन होने और लकड़ी के कारोबार से जुड़े होने का भी जिक्र किया था।

    21.75 बीघा जमीन के सौदे की भी जांच
    मामले में जमीन के एक विवाद का जिक्र भी सामने आया है। लोकायुक्त के अनुसार शिकायतकर्ता और उसके पिता के बीच सांवेर तहसील के ग्राम गुरान में जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। आरोप है कि इसी दौरान फिरोज खान ने अपनी परिचित रोशनी वर्मा के नाम से शिकायतकर्ता के पिता से करीब 21.75 बीघा कृषि भूमि का रजिस्टर्ड एग्रीमेंट कराया। जांच में इस सौदे के पीछे फिरोज खान की भूमिका होने की बात सामने आ रही है।

    मां और पत्नी के नाम पर ट्रेडिंग फर्म
    लोकायुक्त ने रोशनी वर्मा को भी इस मामले में आरोपी बनाया है। जांच एजेंसी के मुताबिक फिरोज खान की मां और पत्नी के नाम पर साहिल ट्रेडिंग कंपनी फर्म होने की जानकारी मिली है। कंपनी के खाते में करोड़ों रुपये के लेन-देन की भी जांच की जा रही है। रोशनी वर्मा के नाम से रोशनी सेल्स एंड सर्विस फर्म संचालित होने की जानकारी भी सामने आई है। इसके अलावा रॉयल ग्रीन रियल एस्टेट नाम की फर्म के जरिए रियल एस्टेट में निवेश किए जाने की भी पड़ताल की जा रही है।

    आठ अधिकारियों की टीम कर रही जांच
    लोकायुक्त की इस कार्रवाई में इंदौर और उज्जैन के आठ अधिकारियों सहित पुलिस बल के अन्य सदस्य शामिल हैं। देवास में उप पुलिस अधीक्षक सुनील तालान और दीपक सेजवार सहित निरीक्षक सचिन पटेरिया, राजेंद्र वर्मा और प्रतिभा तोमर की टीम कार्रवाई कर रही है। वहीं इंदौर में उप पुलिस अधीक्षक आनंद चौहान, दिनेशचंद्र पटेल और निरीक्षक आशुतोष मिठास सहित अन्य कर्मचारी तलाशी में जुटे हैं।

     

  • सुप्रीम कोर्ट से राहत के बाद भी बढ़ी परेशानी, सीएम मान के ओएसडी पर ED ने दर्ज किया भ्रष्टाचार का मामला

    सुप्रीम कोर्ट से राहत के बाद भी बढ़ी परेशानी, सीएम मान के ओएसडी पर ED ने दर्ज किया भ्रष्टाचार का मामला

    चंडीगढ़ 

    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मन से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में जांच का दायरा बढ़ता नजर आ रहा है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की प्राथमिकी के संबंध में राजबीर घुम्मन की गिरफ्तारी पर रोक और उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का आदेश दिए जाने के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी जालंधर में उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

    सुप्रीम कोर्ट से राहत के बाद ईडी ने दर्ज किया केस 
    सुप्रीम कोर्ट की राहत के बावजूद जांच पर रोक नहीं लगी है। ऐसे में मामले में ईडी की एंट्री को जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री कार्यालय में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं से जुड़े आरोप हैं। बताया जाता है कि प्रवर्तन निदेशालय ने पंजाब के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री कार्यालय में कथित कदाचार और भ्रष्टाचार की जांच की मांग उठाई थी। इसके बाद पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने इस मामले में 251 पन्नों की विस्तृत प्राथमिकी दर्ज की थी। अब ईडी ने भी जालंधर में मामला दर्ज कर अपनी जांच शुरू कर दी है।

    ये हैं आरोप
    मामले में राजबीर सिंह घुम्मन और उनके कथित सहयोगियों पर अधिकारियों की नियुक्तियों, तबादलों और तैनातियों को प्रभावित करने, सरकारी ठेके दिलाने तथा गोपनीय सरकारी फाइलों की जानकारी लीक करने के बदले कथित तौर पर करोड़ों रुपये नकदी और अचल संपत्तियां हासिल करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। जांच एजेंसियों को संदेह है कि इन गतिविधियों के पीछे रिश्वत के लेन-देन का एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा था। हालांकि, ये आरोप हैं और इनकी पुष्टि जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के जरिए ही होगी।

    सीबीआई इस मामले में भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों की जांच कर रही है, जबकि ईडी की कार्रवाई से कथित आर्थिक लेन-देन और संपत्तियों से जुड़े पहलुओं की भी जांच का रास्ता खुल सकता है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से गिरफ्तारी के मामले में मिली राहत और दूसरी ओर ईडी द्वारा मामला दर्ज किए जाने से यह प्रकरण पंजाब की प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल के केंद्र में आ गया है। 

  • हॉकी के बड़े टूर्नामेंट की मेजबानी करेगा पंजाब, नवंबर में मोहाली में होगा फाइनल मुकाबला

    हॉकी के बड़े टूर्नामेंट की मेजबानी करेगा पंजाब, नवंबर में मोहाली में होगा फाइनल मुकाबला

    चंडीगढ़.

    पंजाब में एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय हॉकी का रोमांच देखने को मिलेगा। पुरुष एशियन चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी प्रतियोगिता का कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। करीब 40 साल बाद पंजाब को इतने बड़े हॉकी टूर्नामेंट की आयोजन का मौका मिला है।

    27 अक्टूबर से पांच नवंबर तक होने वाली इस चैंपियनशिप के शुरुआती चरण के सभी मुकाबले जालंधर के ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में खेले जाएंगे, जबकि चार और पांच नवंबर को मोहाली में खिताब के लिए निर्णायक जंग होगी। हॉकी इंडिया ने आगामी एशियन चैम्पियंस ट्रॉफी 2026 के लिए 18 सदस्यीय भारतीय पुरुष हॉकी टीम का ऐलान कर दिया है. यह टूर्नामेंट 27 अक्टूबर से 5 नवंबर तक पंजाब के जालंधर और मोहाली में खेला जाएगा.  टीम की कमान एक बार फिर अनुभवी स्टार खिलाड़ी हरमनप्रीत सिंह के हाथों में सौंपी गई है, जिनकी अगुवाई में भारत ने जापान में हुए एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीता था. मुख्य कोच क्रेग फुलटन ने गोलकीपिंग, डिफेंस और मिडफील्ड विभाग में कुछ अहम बदलाव किए हैं.

    गोलकीपर कृष्ण बहादुर पाठक की टीम में शानदार वापसी हुई है. युवा डिफेंडर अमनदीप लकड़ा और मिडफिल्डर आदित्य अर्जुन लालगे को सीनियर सेटअप में अपनी जगह मजबूत करने का एक और मौका मिला है. इसके अलावा विष्णु कांत सिंह और अंगद बीर सिंह को 18 सदस्यीय मुख्य टीम के अलावा रिजर्व/रिप्लेसमेंट खिलाड़ियों के रूप में शामिल किया गया है. मुख्य कोच क्रेग फुलटन ने कहा कि पंजाब में एशियन चैम्पियंस ट्रॉफी खेलना बेहद खास अनुभव होगा और घरेलू दर्शकों के सामने खेलने का रोमांच ही कुछ और है.

    यह टूर्नामेंट इस लिहाज से भी बेहद खास है क्योंकि इसके जरिए पंजाब में लंबे समय बाद अंतरराष्ट्रीय हॉकी की वापसी हो रही है. डिफेंडिंग चैम्पियन के रूप में उतर रही भारतीय टीम इस टूर्नामेंट की सबसे सफल टीम है और अब तक पांच बार खिताब अपने नाम कर चुकी है. टूर्नामेंट के सभी लीग मुकाबले जालंधर के ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में खेले जाएंगे, जबकि सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में होंगे.

    भारतीय हॉकी टीम
    गोलकीपर: सूरज करकेरा, कृष्ण बहादुर पाठक.
    डिफेंडर: संजय, हरमनप्रीत सिंह (कप्तान), अमित रोहिदास, जुगराज सिंह, जरमनप्रीत सिंह, अमनदीप लाकड़ा.
    मिडफील्डर: राजिंदर सिंह, आदित्य अर्जुन लालगे, नीलकंठ शर्मा, हार्दिक सिंह, मनप्रीत सिंह.
    फॉरवर्ड: शिलानंद लाकड़ा, अभिषेक, सुखजीत सिंह, दिलप्रीत सिंह, मनदीप सिंह.
    रिजर्व खिलाड़ी: विष्णु कांत सिंह, अंगद बीर सिंह.

  • विलगांव चौधरी में विकास कार्यों पर 5.50 करोड़ खर्च का दावा, अब जमीनी हकीकत जानने की दरकार

    विलगांव चौधरी में विकास कार्यों पर 5.50 करोड़ खर्च का दावा, अब जमीनी हकीकत जानने की दरकार

    विलगांव चौधरी में 5.50 करोड़ के निर्माण कार्यों की फेहरिस्त, अब जमीन पर हिसाब की दरकार!

    33 निर्माण कार्यों की सूची में पेरीफेरल स्टोन बंड, रपटे और तालाब-पोखर शामिल; 80 लाख रुपये के एक मद का भी उल्लेख, स्वीकृति से लेकर भुगतान और मौके पर हुए कामों की जांच से सामने आएगी हकीकत

    मुरैना
     ग्राम पंचायत विलगांव चौधरी में निर्माण कार्यों को लेकर तैयार की गई सूची ने गांव में विकास कार्यों के खर्च और उनकी जमीनी हकीकत की पड़ताल का मुद्दा खड़ा कर दिया है। उपलब्ध दस्तावेज में पेरीफेरल स्टोन बंड, रपटा निर्माण और तालाब-कम-पोखर निर्माण सहित करीब 33 कार्यों का उल्लेख है। दस्तावेज के अंत में इन कार्यों की कुल लागत लगभग 5.50 करोड़ रुपये बताई गई है, जबकि 80 लाख रुपये की एक अलग राशि के साथ विभिन्न मदों का जिक्र भी दर्ज है। अब सबसे अहम सवाल यह है कि इन कार्यों की वास्तविक स्वीकृत लागत कितनी है, कितनी राशि खर्च या भुगतान की जा चुकी है और मौके पर निर्माण की स्थिति क्या है?

    दस्तावेज में विलगांव चौधरी के अलग-अलग स्थानों पर स्टोन बंड निर्माण के कार्य दर्ज हैं। इनमें वृक्षारोपण स्थल, एमएस रोड के पास, शांतिधाम, विभिन्न मंदिरों, पार्क और अन्य स्थानों का उल्लेख है। इसके अलावा रामचंद्र का पुरा, जवाहर कॉलोनी और आसपास के क्षेत्रों में रपटों के निर्माण तथा धाकड़ मोहल्ले, पानी की टंकी के पास और अन्य स्थानों पर तालाब-कम-पोखर निर्माण के कार्य सूचीबद्ध हैं। प्रत्येक कार्य के सामने एक आईडी और कुछ संख्यात्मक प्रविष्टियां भी दर्ज हैं।

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    33 कार्य, करोड़ों का हिसाब और कई सवाल

    सूची में कार्यों की संख्या और राशि से जुड़े विवरण सामने आने के बाद जरूरी है कि प्रत्येक निर्माण की अलग-अलग जांच की जाए। कितने कार्य पूरे हो चुके हैं, कितने अधूरे हैं और कितनों का केवल कागजों में उल्लेख है? क्या निर्माण की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप है? क्या स्वीकृत राशि और वास्तविक खर्च का मिलान किया गया है? इन सवालों का जवाब संबंधित निर्माणों के भौतिक सत्यापन, माप पुस्तिका, स्वीकृति आदेश, बिल-वाउचर और भुगतान रिकॉर्ड से ही मिल सकता है।

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     जिम्मेदार – जिम्मेदारी तय होना जरूरी

    उपलब्ध सूची में उपयंत्री सुनील शाक्य, जनपद पंचायत जौरा और ग्राम पंचायत विलगांव चौधरी का उल्लेख है। सरपंच के रूप में ऊषा बघेले का नाम भी दर्ज है। ऐसे में संबंधित विभाग से कार्यवार स्वीकृत राशि, निर्माण की वर्तमान स्थिति, भुगतान और गुणवत्ता जांच का ब्योरा सामने आना चाहिए। यदि किसी कार्य में अनियमितता मिलती है, तो जांच के आधार पर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

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    सरपंच सचिव से लेकर इंजिनियर तक की मिली भगत से धांधली.

    दरहसल,सरपंच के जिन 33 निर्माण कार्य की सूची सूची सामने आई है उनमें से अधिकांश निर्माण कार्य तो धरातल पर है ही नहीं कुछ एक दो है भी उनमें से कोई अधूरा है तो कोई समय से पहले ही जर्जर हो चुका है। अब ऐसे में सवाल यह खड़ा होता है। कि अधिक जो निर्माण कार्य मौके पर है ही नहीं उनको उपयंत्री सुनील शाक्य ने पास कैसे कर दिया है। क्या इस पूरे मामले में सरपंच सचिव से लेकर उपयंत्री तक की भूमिका संदिग्ध है। और अगर ऐसा है तो जिम्मेदार ऐसे भ्रष्ट लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई करेंगे.?

  • सुकमा में आश्रम-छात्रावासों की व्यवस्था पर प्रशासन सख्त, 15 अधीक्षकों से मांगा जवाब

    सुकमा में आश्रम-छात्रावासों की व्यवस्था पर प्रशासन सख्त, 15 अधीक्षकों से मांगा जवाब

    सुकमा.

    जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में संचालित आश्रमों और छात्रावासों की व्यवस्थाओं को लेकर जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाई है. कलेक्टर अमित कुमार के निर्देश पर विभागीय टीमों ने जिले की आवासीय शिक्षण संस्थाओं का आकस्मिक और सघन निरीक्षण किया.

    निरीक्षण प्रतिवेदनों की समीक्षा में कुछ संस्थाओं में निर्धारित रोस्टर का पालन नहीं होने और मूलभूत व्यवस्थाओं में कमियां पाए जाने की बात सामने आई. इसके बाद प्रशासन ने संबंधित संस्थाओं के अधीक्षकों और अधीक्षिकाओं से जवाब तलब किया है. बालक आश्रम गुट्टागुड़ा, नीलावरम, मुनगा, नामापारा और मिरीवाड़ा सहित विभिन्न संस्थाएं इस कार्रवाई के दायरे में हैं. कन्या आश्रम चिंगावरम, पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास सुकमा तथा कोंटा, तोंगपाल और अन्य स्थानों के छात्रावासों को भी नोटिस जारी किया गया है. कुल 15 संस्थाओं के जिम्मेदार अधिकारियों को नोटिस प्राप्त होने के दो दिन के भीतर उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं.

    प्रशासन का कहना है कि आवासीय संस्थाओं में बच्चों के पोषण, रहने की सुविधा, अनुशासन और शिक्षा की व्यवस्था से समझौता नहीं किया जा सकता. दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों के लिए आश्रम और छात्रावास केवल आवास नहीं, बल्कि शिक्षा और सुरक्षित जीवन का महत्वपूर्ण आधार हैं. ऐसे में निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को दूर करना और जिम्मेदार कर्मचारियों की जवाबदेही तय करना जरूरी है. अब संबंधित अधीक्षकों के जवाब और विभागीय जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी.

  • बठिंडा में जनगणना की तैयारियां तेज, सुपरवाइजरों को प्रशिक्षण देकर समझाई गई जिम्मेदारियां

    बठिंडा में जनगणना की तैयारियां तेज, सुपरवाइजरों को प्रशिक्षण देकर समझाई गई जिम्मेदारियां

    बठिंडा 

    बठिंडा में जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारियों के तहत नगर निगम की ओर से प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई। बलवंत गार्गी ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से आए सुपरवाइजरों को पहले दिन जनगणना से संबंधित जानकारियां दी गईं।

    कार्यक्रम का आयोजन नगर निगम कमिश्नर एवं प्रिंसिपल सेंसस ऑफिसर लवजीत कलसी तथा असिस्टेंट कमिश्नर सुनील मेहता के मार्गदर्शन में मंगलवार को किया गया। नगर निगम की टीम ने प्रदीप कुमार, बलवान सिंह और राजल की देखरेख में प्रशिक्षण की व्यवस्थाएं संभालीं।

    प्रशिक्षण के आरंभ में सुनील मेहता ने सुपरवाइजरों से अपनी जिम्मेदारियां पूरी गंभीरता और ईमानदारी से निभाने की अपील की। उन्होंने निर्धारित समय पर सटीक और त्रुटिरहित काम पूरा करने पर जोर दिया।

    जनगणना की प्रक्रिया और कानूनी प्रावधानों की दी जानकारी प्रशिक्षण के दौरान पंजाब की डायरेक्टर सेंसस नवजोत कौर खोसा (आईएएस) का संदेश वीडियो के माध्यम से प्रतिभागियों के साथ साझा किया गया। फील्ड ट्रेनरों ने जनगणना की पृष्ठभूमि, उद्देश्य और महत्व के बारे में विस्तार से बताया।

    सुपरवाइजरों और गणनाकारों को उनकी भूमिकाओं और जिम्मेदारियों की जानकारी देने के साथ जनगणना से जुड़े कानूनी प्रावधानों, भवनों की नंबरिंग, क्षेत्र का नक्शा तैयार करने और जनगणना के दौरान पूछे जाने वाले सवालों के बारे में समझाया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान भी किया गया और विषयों को बेहतर ढंग से समझाने के लिए संबंधित वीडियो दिखाए गए।

    कई फील्ड ट्रेनर रहे मौजूद इस अवसर पर फील्ड ट्रेनर कपिल कुमार, सरबजीत शर्मा, प्रमोद कुमार, पवन कुमार, गमदूर सिंह, दीपक कुमार, अचिंत राज, राकेश कुमार, प्रलाद कुमार और अमित कुमार उपस्थित रहे। प्रशिक्षण का उद्देश्य जनगणना कार्य में शामिल कर्मचारियों को प्रक्रिया की सही जानकारी देकर काम को व्यवस्थित और त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराने के लिए तैयार करना रहा।

  • बस्तर दशहरा की अनूठी परंपरा बरकरार, फूल रथ की परिक्रमा ने बढ़ाई उत्सव की रौनक

    बस्तर दशहरा की अनूठी परंपरा बरकरार, फूल रथ की परिक्रमा ने बढ़ाई उत्सव की रौनक

    जगदलपुर.

    बस्तर दशहरा की सदियों पुरानी परंपरा एक बार फिर आस्था, जनभागीदारी और सांस्कृतिक विरासत के साथ आगे बढ़ रही है. जोगी बिठाई की रस्म के बाद 13 अक्टूबर से जगदलपुर में चार पहियों वाले विशाल फूल रथ की परिक्रमा शुरू हो गई है.

    मंगलवार देर रात रथ की पहली परिक्रमा पूरी हुई, जिसमें जगदलपुर और तोकापाल विकासखंड के 36 गांवों से पहुंचे 400 से अधिक ग्रामीण शामिल हुए. परंपरा के अनुसार, मां दंतेश्वरी के प्रतिनिधि स्वरूप उनके छत्र को दंतेश्वरी मंदिर से लाकर प्रधान पुजारी प्रेम पाढ़ी ने फूल रथ पर विराजित किया. पूजा-अर्चना और अभिवादन की रस्म के बाद सिरहासार चौक से रथ रवाना हुआ और ग्रामीणों ने उसे खींचकर गोलबाजार तथा मावली माता मंदिर की परिक्रमा कराई. रथ रवाना होने से पहले जिला पुलिस बल के जवानों ने हर्ष फायर कर माता को सलामी दी. इस दौरान जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा. करीब 52 घन मीटर लकड़ी से तैयार यह विशाल फूल रथ बस्तर की विशिष्ट धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक है. परंपरा के मुताबिक, मां दंतेश्वरी पांच दिनों तक मावली माता मंदिर की परिक्रमा करेंगी.

    इस दौरान श्रद्धालुओं की भागीदारी उत्सव का प्रमुख आकर्षण रहेगी. दंतेश्वरी मंदिर के पुजारी उदय चंद्र पाणिग्राही के अनुसार, पहले बस्तर महाराजा माता का छत्र लेकर रथ पर सवार होते थे, जबकि अब यह जिम्मेदारी प्रधान पुजारी निभाते हैं. मान्यता है कि काकतीय नरेश पुरुषोत्तम देव की जगन्नाथपुरी यात्रा के बाद रथपति की उपाधि से जुड़ी परंपरा बस्तर में शुरू हुई थी. आज भी ग्रामीणों के सामूहिक श्रम और आस्था के सहारे निभाई जा रही यह रस्म बस्तर दशहरा को देश के अनूठे सांस्कृतिक आयोजनों में विशेष पहचान देती है.

  • PM मोदी से मिले Hyundai चेयरमैन ईइसुन चुंग, भारत में भारी निवेश से ऑटो सेक्टर को मिलेगी रफ्तार

    PM मोदी से मिले Hyundai चेयरमैन ईइसुन चुंग, भारत में भारी निवेश से ऑटो सेक्टर को मिलेगी रफ्तार

    नई दिल्‍ली
     दक्षिण कोरियाई कंपनी हुंडई मोटर ग्रुप 2026 और 2032 के बीच भारत में 15.5 अरब डॉलर (करीब 1.47 लाख करोड़ रुपये) का निवेश करेगी। इससे हुंडई मोटर इंडिया लिमिटेड और किआ इंडिया की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ेगी। साथ ही रिसर्च एंड डेवलपमेंट, लोकल सोर्सिंग और भविष्य की मोबिलिटी से जुड़े बिजनेस भी मजबूत होंगे।

    नई दिल्ली में हुंडई मोटर ग्रुप के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन यूइसुन चुंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई बैठक के बाद मंगलवार को इस सात साल के निवेश प्लान की घोषणा की गई। यह प्लान कोरियाई ऑटोमोटिव ग्रुप की ग्लोबल ग्रोथ स्ट्रैटेजी में भारत के बढ़ते महत्व को दिखाता है।

    भारत में बनेगी खास निवेश इकाई
    यह पहल भारत को हुंडई मोटर ग्रुप की भविष्य की ग्रोथ, उभरते बाजारों में विस्तार और अगली पीढ़ी के ऑटोमोटिव इनोवेशन के लिए एक अहम रणनीतिक बाजार के तौर पर स्थापित करती है।

    इतने बड़े पैमाने पर निवेश की इस पहल को सही ढंग से लागू करने के लिए हुंडई मोटर ग्रुप भारत में एक खास निवेश इकाई बनाएगा। यह इकाई R&D इंफ्रास्ट्रक्चर, भविष्य की टेक्नोलॉजी और ऑटोमोटिव इंडस्ट्री के बड़े इकोसिस्टम में निवेश का तालमेल बिठाएगी। साथ ही उसे लागू करेगी।

    भारत में निवेश और रणनीतिक विस्तार
    हुंदै मोटर समूह के कार्यकारी चेयरमैन ईसुन चुंग ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान भारत के वाहन उद्योग के भविष्य और समूह की दीर्घकालिक वृद्धि रणनीति पर चर्चा हुई। समूह ने कहा कि निवेश का बड़ा हिस्सा हुंदै मोटर इंडिया और किआ इंडिया की विनिर्माण क्षमता बढ़ाने में लगाया जाएगा। इसका उद्देश्य बढ़ती घरेलू मांग को पूरा करना और भारत को समूह के प्रमुख वैश्विक निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करना है। भारत में समूह की मौजूदा वार्षिक उत्पादन क्षमता 14 लाख से अधिक वाहनों की है।

    कलपुर्जों का स्थानीयकरण बढ़ेगा
    हुंदै स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं के साथ साझेदारी बढ़ाकर कलपुर्जों का स्थानीयकरण करेगा। इससे भारत में वाहन कलपुर्जों की घरेलू आपूर्ति श्रृंखला मजबूत करने में मदद मिलेगी। समूह नई प्रौद्योगिकियों और नए मोबिलिटी कारोबार में भी निवेश करेगा। इसमें इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग, वाहन वित्त और पुराने वाहनों के पुनर्चक्रण जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

    रोजगार के मौके बढ़ेंगे
    कंपनी चेयरमैन चुंग ने कहा कि भारत वैश्विक स्तर पर हुंदै मोटर के सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक बाजारों में से एक है। भारत में समूह की मौजूदगी के 30 साल पूरे होने के बाद यह निवेश अगले 30 साल और उससे आगे तक देश के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और भारत के औद्योगिक विकास में योगदान मिलेगा।

    भारत ग्रुप के सबसे अहम बाजारों में एक
    हुंडई मोटर ग्रुप के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन यूइसुन चुंग ने कहा, 'भारत दुनियाभर में हुंडई मोटर ग्रुप के सबसे अहम और रणनीतिक बाजारों में से एक बना हुआ है। पिछले 30 साल भारत के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दिखाते हैं। यह निवेश अगले 30 साल और उसके बाद भी भारत के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को फिर से पक्का करता है।'

    चुंग ने आगे कहा, 'इस निवेश के जरिए हम रोजगार के और मौके पैदा करेंगे। भारत के लगातार औद्योगिक विकास में मदद करने के लिए अपने पार्टनर्स और स्टेकहोल्डर्स के साथ मिलकर काम करेंगे।'

    कंपनी का बड़ा है प्‍लान
    ग्रुप की योजना बढ़ती मांग को पूरा करने और भारत को ग्लोबल एक्सपोर्ट हब के तौर पर मजबूत करने के लिए अपनी हुंडई और किआ फैसिलिटीज में प्रोडक्शन क्षमता बढ़ाने की है। हुंडई मोटर ग्रुप की भारत में अभी सालाना मैन्युफैक्चरिंग क्षमता 14 लाख से ज्‍यादा गाड़ियों की है। इसमें हुंडई की चेन्‍नई और पुणे फैसिलिटीज और किआ का अनंतपुर प्लांट शामिल हैं।

    दक्षिण कोरियाई ऑटोमेकर अपनी भारतीय रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर में भी लगभग 70 करोड़ डॉलर का निवेश करेगी। इसमें गाड़ी टेस्टिंग ट्रैक भी शामिल है ताकि अगली पीढ़ी की ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी के विकास में तेजी लाई जा सके। इसका प्‍लान लोकल इंजीनियरिंग क्षमताओं को मजबूत करने का है। साथ ही भारत को एक अहम इनोवेशन हब के तौर पर विकसित करने की भी योजना है।

    ग्रुप की योजना रीजनल पार्टनर्स में निवेश करके और एक ज्यादा मजबूत लोकल सप्लाई चेन विकसित कर घरेलू सोर्सिंग को मजबूत करने की है। यह EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, खास ऑटोमोटिव फाइनेंसिंग और गाड़ियों की रीसाइक्लिंग जैसे क्षेत्रों में भी मौके तलाशेगा। साथ ही, यह ज्‍याादा संभावना वाले स्टार्टअप्स को सपोर्ट कर मोबिलिटी सर्विसेज का विस्तार करेगा।

    भारत में 24,000 से ज्‍यादा कर्मचारी
    हुंडई मोटर ग्रुप के भारत में अभी 24,000 से ज्‍यादा कर्मचारी हैं। उसने कहा कि इस निवेश से मैन्युफैक्चरिंग, इंजीनियरिंग, R&D और सप्लाई चेन में रोजगार के मौके पैदा होने की उम्मीद है।

    इस घोषणा में हुंडई और किआ के बीच निवेश के बंटवारे के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।

    हुंडई मोटर ग्रुप ने अपनी सहयोगी कंपनियों के जरिए भारत में कंपोनेंट और सर्विस से जुड़े कामकाज भी शुरू किए हैं। इन कंपनियों में हुंडई मोबिस, हुंडई ट्रांसिस, हुंडई कैपिटल, हुंडई विया और हुंडई ग्लोविस शामिल हैं।

  • MP में IAS अफसरों की नई पोस्टिंग जारी, सुखबीर सिंह को मिली मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव की जिम्मेदारी

    MP में IAS अफसरों की नई पोस्टिंग जारी, सुखबीर सिंह को मिली मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव की जिम्मेदारी

    भोपाल 
     मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने मंगलवार देर रात फिर एक बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की है. मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार 23 आईएएस अधिकारियों के ट्रांसफर के साथ प्रभार बदले गए हैं. सबसे बड़े बदलाव में पीडब्ल्यूडी, लोक स्वास्थ्य चिकित्सा, भोपाल गैस त्रासदी व खाद्य सुरक्षा के प्रमुख सचिव सुखवीर सिंह(1997) को मुख्यमंत्री का प्रमुख सचिव बनाया गया है. इसके साथ ही उन्हें पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. प्रशासनिक व राजनीतिक दृष्टि से इस प्रशासनिक सर्जरी के कई मायने निकाले जा रहे हैं। 

    मध्य प्रदेश के इन IAS के हुए ट्रांसफर, प्रभार बदले

        रश्मि अरुण शमी (1994) – अपर मुख्य सचिव, खाद्य, नागरिक आपूर्ति, उपभोक्ता संरक्षण, नवीन पदस्थापना: अपर मुख्य सचिव, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, भोपाल गैस त्रासदी राहत और आयुक्त खाद्य सुरक्षा.
        सुखवीर सिंह (1997) – प्रमुख सचिव, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य शिक्षा, भोपाल गैस त्रासदी व खाद्य सुरक्षा, नवीन पदस्थाना: प्रमुख सचिव, मुख्यमंत्री और PWD का अतिरिक्त प्रभार.
        जॉन किंग्सली ए. आर. (2004) – सचिव औद्योगिक नीति व निवेश प्रोत्साहन, व सूक्ष्म, लघु मध्यम उद्यम विभाग, नवीन पदस्थाना: सचिव सूक्ष्म, लघु मध्यम उद्यम विभाग.
        ऊषा परमार (2011), कलेक्टर पन्ना, नवीन पदस्थापना: अपर सचिव, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण.
        राजेश कुमार ओगरे (2012), अपर सचिव, वाणिज्यिक कर विभाग, नवीन पदस्थापना : कलेक्टर, मऊगंज.
        सोमेश मिश्रा (2013), कलेक्टर नर्मदापुरम, नवीन पदस्थापना: संचालक, एड्स नियंत्रण सोसाइटी.
        राघवेन्द्र सिंह (2013), कलेक्टर जबलपुर, नवीन पदस्थापना: प्रबंध संचालक, कृषि विपणन बोर्ड, सह आयुक्त मंडी.
        पवन कुमार जैन (2013), उपसचिव सहकारिता विभाग, नवीन पदस्थापना: कलेक्टर, भिण्ड.
        अरुण कुमार विश्वकर्मा (2014), कलेक्टर रायसेन, नवीन पदस्थापना: कलेक्टर जबलपुर.
        आशीष वशिष्ठ (2014), प्रबंध संचालक राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम, समग्र सामाजिक सुरक्षा, नवीन पदस्थापना: कलेक्टर नर्मदापुरम.
        अंकित अस्थाना (2014), उप सचिव, सामान्य प्रशासन, संचालक कर्मचारी चयन मंडल, नवीन पदस्थापना: कलेक्टर सिंगरौली.
        आदित्य सिंह (2014), संचालक भोपाल गैस त्रासदी, नवीन पदस्थापना: कलेक्टर बालाघाट.
        ऋजु बाफना (2014), कलेक्टर शाजापुर, नवीन पदस्थापना: अपर आयुक्त (राजस्व), उज्जैन संभाग.
        हर्ष सिंह (2015), कलेक्टर बुरहानपुर, नवीन पदस्थापना: कलेक्टर पन्ना.
        संजय कुमार जैन (2015), कलेक्टर मऊगंज,नवीन पदस्थापना: उप सचिव, किसान कल्याण.
        सिद्धार्थ जैन (2016), कलेक्टर हरदा, नवीन पदस्थापना: उप सचिव, वाणिज्यिक कर.
        किरोड़ी लाल मीना (2016), कलेक्टर भिण्ड, नवीन पदस्थापना: उप सचिव, वित्त विभाग.
        गौरव बैनल (2016), कलेक्टर सिंगरौली,नवीन पदस्थापना: उप सचिव, सामान्य प्रशासन व संचालक, कर्मचारी चयन मण्डल.
        रोहित सिसोनिया (2017), उप सचिव किसान कल्याण, नवीन पदस्थापना: कलेक्टर रायसेन.
        विवेक कुमार (2017), उप सचिव नवीन नवकरणीय उर्जा, नवीन पदस्थापना: कलेक्टर बुरहानपुर.
        डॉ. परिक्षित संजय राव झाड़े (2017), मुख्य कार्यपालन अधिकारी इंदौर, नवीन पदस्थापना: कलेक्टर शाजापुर.
        कुमार सत्यम (2017), कलेक्टर बालाघाट, नवीन पदस्थापना: कलेक्टर हरदा.
        संदीप केरकेट्टा (2018), उप सचिव सीएम, व प्रबंध संचालक बीज निगम, नवीन पदस्थापना: मुख्य कार्यपालन अधिकारी, इंदौर विकास प्राधिकरण

    इन आईएएस को मिले अतिरिक्त प्रभार

        के.सी. गुप्ता (1992) को खाद्य, नागरिक आपूर्ति का अतिरिक्त प्रभार
        शोभित जैन (2000) को कुटीर एवं ग्रामोद्योग का अतिरिक्त प्रभार
        संकेत भोंडवे (2007) को आवासीय आयुक्त, MP भवन दिल्ली का प्रभार
        स्वतंत्र कुमार सिंह (2007) को औद्योगिक नीति का प्रभार
        भरत यादव (2008) को जनसंपर्क विभाग का प्रभार
        अभय बेडेकर (2014) को पुरातत्व एवं संग्रहालय का प्रभार
        अंशुमन राज (2020) को इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम का प्रभार