Author: NewseDay

  • गांव की बहनों को आत्मनिर्भरता की नई राह से जोड़ रही डबल इंजन सरकार: सीएम योगी

    गांव की बहनों को आत्मनिर्भरता की नई राह से जोड़ रही डबल इंजन सरकार: सीएम योगी

    ग्रामीण अर्थव्यवस्था की निर्माता और नए भारत की भाग्य विधाता बन रही यूपी की नारी: सीएम

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां कूष्मांडा को बताया सृजन, ऊर्जा व समृद्धि की सनातन प्रतीक 

    गांव की बहनों को आत्मनिर्भरता की नई राह से जोड़ रही डबल इंजन सरकार: सीएम योगी 

    लखनऊ, 
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि की चतुर्थी पर मां कूष्मांडा के चरणों में श्रद्धा निवेदित की। उन्होंने  प्रदेशवासियों को सृजन, ऊर्जा और समृद्धि की सनातन प्रतीक मां कूष्मांडा की आराधना का संदेश भी बताया। उन्होंने कहा कि जहां नारी को शक्ति व अवसर मिलता है, वहां अभाव परिश्रम में, परिश्रम आत्मनिर्भरता में और आत्मनिर्भरता समृद्धि में बदलती है।  

    2017 से पहले महिलाओं के लिए नहीं था अवसर
    मुख्यमंत्री ने 'एक्स' पर पोस्ट में लिखा कि उत्तर प्रदेश की नारी अब केवल विकास की लाभार्थी नहीं, बल्कि गांव की अर्थव्यवस्था की निर्माता और नए भारत की भाग्य विधाता बन रही है। वर्ष 2017 से पहले महिलाओं के लिए न अवसर था, न संसाधन और न ही सरकार के पास नीति और नीयत। 

    गांव की बहनों को आत्मनिर्भरता की नई राह से जोड़ रही सरकार
    सीएम ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में प्रदेश की डबल इंजन सरकार गांव की बहनों को आत्मनिर्भरता की नई राह से जोड़ रही है। बीसी सखी गांवों में बैंकिंग सेवाओं की सशक्त कड़ी हैं। लखपति दीदी आर्थिक स्वावलंबन की नई पहचान बन गई हैं। ड्रोन दीदी खेती में आधुनिक तकनीक का नेतृत्व कर रही हैं। स्वयं सहायता समूहों और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओज) के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं के लिए आजीविका, उद्यमिता और कृषि आधारित रोजगार के अवसरों का विस्तार हो रहा है।  

    नए उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा की नेतृत्वकर्ता
    मुख्यमंत्री ने लिखा कि अब महिलाएं केवल परिवार की समृद्धि का आधार नहीं, बल्कि गांव की अर्थव्यवस्था की संचालक और नए उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा की नेतृत्वकर्ता बन रही हैं। जब गांव की नारी समृद्ध होगी, तभी उत्तर प्रदेश सही मायने में समृद्ध और सशक्त बनेगा।

  • राज्यपाल डेका ने की विशेष ओलंपिक में स्वर्ण पदक विजेता इभानन साहू की सराहना

    राज्यपाल डेका ने की विशेष ओलंपिक में स्वर्ण पदक विजेता इभानन साहू की सराहना

    राज्यपाल डेका ने की विशेष ओलंपिक में स्वर्ण पदक विजेता इभानन साहू की सराहना

    रायपुर
    राज्यपाल रमेन डेका से आज लोकभवन में विशेष ओलंपिक में स्वर्ण पदक विजेता इभानन साहू ने मुलाकात की। ऑटिज्म से प्रभावित आकांक्षा लायंस इंस्टिटयूट ऑफ लर्निंग एंड एम्पावरमेंट रायपुर के इस 22 वर्षीय छात्र ने हांगकांग में आयोजित स्पेशल ओलंपिक ईस्ट एशिया रीजनल बॉलिंग प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए स्वर्ण पदक अर्जित किया है। राज्यपाल ने इभानन साहू की उपलब्धि की सराहना करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी और उन्हें प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की पहल की। 

            डेका ने कहा कि इभानन साहू की उपलब्धि अदम्य इच्छाशक्ति और कठोर परिश्रम का प्रेरणादायी उदाहरण है। उनकी सफलता न केवल छत्तीसगढ़ पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। राज्यपाल ने आकांक्षा लायंस इंस्टिट्यूट ऑफ लर्निंग एंड एम्पावरमेंट रायपुर द्वारा विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा एवं सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने संस्था के शैक्षणिक कार्याे को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अपने स्वेच्छानुदान मद से 10 कम्प्यूटर प्रदान करने की बात कही। 

            इस अवसर पर संस्था के उपाध्यक्ष डॉ. नितिन धबलिया, निदेशक डॉ. साधना नायक, प्राचार्य श्रीमती प्रतिष्ठा शुक्ला, एच.एफ.ओ. नित्यानंद जैसवाल, इभानन की माता श्रीमती तेजसाहू एवं अन्य शिक्षक उपस्थित थे।

  • दिल्ली जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट में हाईजैक का संकेत मिलने से खलबली, जयपुर में क्यों उतारना पड़ा विमान?

    दिल्ली जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट में हाईजैक का संकेत मिलने से खलबली, जयपुर में क्यों उतारना पड़ा विमान?

    जयपुर
     फ्रैंकफर्ट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की अंतरराष्ट्रीय उड़ान AI-2030 में उस वक्त हड़कंप मच गया जब विमान के पायलट से गलती से बटन दबा था, जिससे अचानक हाईजैक का अलर्ट जारी हो गया. सूत्रों के मुताबिक, पायलट की इस गलती के बाद अहमदाबाद एटीसी (ATC) को स्क्वाक-7500 (Squawk 7500) कोड का अलर्ट मिला. सिग्नल मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट हो गईं और आनन-फानन में फ्लाइट को जयपुर डाइवर्ट कर सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई. हालांकि, पायलट से गलती हुई या किसी टेक्निकल ग्लिच और फॉल्ट की वजह से ऐसा हुआ, इस एंगल पर भी तफ्तीश की जा रही है। 

    अलर्ट जारी होते ही सुबह करीब 9:45 बजे एयर इंडिया की इस फ्लाइट को जयपुर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के आइसोलेशन बे (Isolation Bay) पर ले जाया गया. आइसोलेशन बे एयरपोर्ट का वह सुरक्षित हिस्सा होता है जहाँ किसी भी संभावित सुरक्षा खतरे या बम/हाईजैक की सूचना पर विमान को बाकी टर्मिनल से दूर पार्क किया जाता है. विमान के उतरते ही सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। 

    दोनों पायलटों को उतारा गया बाहर, यात्रियों की गहन सुरक्षा जांच जारी
    विमान की सुरक्षित लैंडिंग के बाद दोनों पायलटों को तुरंत प्लेन से बाहर निकाला गया और उनसे पूछताछ की जा रही है. इसके साथ ही विमान में सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित तरीके से उतारकर उनकी और उनके सामान की सघन सुरक्षा जांच (Security Screening) की जा रही है. एटीएफ (ATS), स्थानीय पुलिस और अन्य केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों की टीम मौके पर मौजूद हैं. वहीं, किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए दिल्ली में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) की टीम को भी स्टैंडबाय पर रखा गया है। 

    पायलट की गलती, टेक्निकल ग्लिच या कोई अन्य फॉल्ट?
    शुरुआती सूत्रों के मुताबिक अहमदाबाद ATC को 7500 स्क्वाक कोड का सिग्नल महज कुछ सेकंड्स (Brief Duration) के लिए ही मिला था. सूत्रों से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार यह सिग्नल पायलट से गलती से बटन दब जाने के कारण या किसी टेक्निकल ग्लिच (तकनीकी खराबी) की वजह से जा सकता है. हालांकि सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह का जोखिम नहीं उठाना चाहती हैं. फिलहाल इस बात की भी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि यह बम की धमकी (Bomb Threat) है या हाईजैक अलर्ट. गुजरात ATS और अन्य एजेंसियां इस पूरे मामले की हर एंगल से गहन तफ्तीश कर रही हैं। 

    फ्लाइट AI-2030 की इमरजेंसी लैंडिंग की पूरी टाइमलाइन और ताजा अपडेट

        पिछली रात (13 अक्टूबर शाम): एयर इंडिया की फ्लाइट AI-2030 जर्मनी के फ्रैंकफर्ट से दिल्ली के लिए रवाना हुई. विमान ने लगभग शाम 7:30 बजे फ्रैंकफर्ट से उड़ान भरी थी और इसका दिल्ली पहुंचने का तय समय सुबह करीब 4:15 बजे था। 

        सुबह (भारतीय एयरस्पेस में प्रवेश): विमान जैसे ही भारतीय हवाई क्षेत्र के पास पहुंचा, अहमदाबाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को कुछ सेकंड के लिए Squawk 7500 (हाईजैक/अवैध दखल का अंतरराष्ट्रीय कोड) का सिग्नल मिला। 

        सुबह (डायवर्जन का फैसला): अलर्ट मिलते ही विमान को दिल्ली की जगह जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की ओर मोड़ने का फैसला लिया गया. पायलट और क्रू ने स्थिति को संभालते हुए विमान को आगे बढ़ाया। 

        करीब सुबह 9:45 बजे: विमान जयपुर एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंड हो गया. इसके तुरंत बाद विमान को आइसोलेशन बे (अलगाव वाले क्षेत्र) में ले जाया गया, जहां सुरक्षा जांच के लिए इसे अन्य प्लेनों से दूर रखा जाता है। 

        सुबह 9:45 बजे के बाद: विमान के अंदर से मिली धमकी और अलर्ट के बाद यह कदम उठाया गया. विमान में सवार सभी यात्रियों (लगभग 250) और क्रू सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और टर्मिनल के होल्डिंग एरिया में ले जाया गया. CISF, स्थानीय पुलिस और बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड (BDDS) ने विमान और सामान की सघन जांच शुरू की। 

        अभी तक की स्थिति: आधिकारिक तौर पर Squawk 7500 की पूरी पुष्टि या वास्तविक खतरे की पुष्टि अभी नहीं हुई है. सभी यात्री और क्रू मेंबर पूरी तरह सुरक्षित हैं. विमान की पूरी जांच होने के बाद ही इसके दिल्ली के लिए रवाना होने पर फैसला लिया जाएगा। 

    सुबह 9:45 बजे आइसोलेशन बे में उतरा विमान
    अहमदाबाद ATC से मिले अलर्ट के बाद सुबह करीब 9:45 बजे एयर इंडिया की इस फ्लाइट को जयपुर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के आइसोलेशन बे (Isolation Bay) पर ले जाया गया. आइसोलेशन बे एयरपोर्ट का वह सुरक्षित हिस्सा होता है जहाँ किसी भी संभावित सुरक्षा खतरे या हाईजैक की सूचना पर विमान को मुख्य टर्मिनल से दूर पार्क किया जाता है. विमान के उतरते ही सुरक्षा तंत्र पूरी तरह सक्रिय हो गया। 

  • बंगाल की राजनीति में हलचल तेज, सबीना यास्मीन के इस्तीफे से तृणमूल में बढ़ी चर्चा

    बंगाल की राजनीति में हलचल तेज, सबीना यास्मीन के इस्तीफे से तृणमूल में बढ़ी चर्चा

    कलकत्ता

    पश्चिम बंगाल में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है. ममता बनर्जी के दुश्मन गुट ऋतब्रत बनर्जी ग्रुप को पहला झटका लगा है. महिला तृणमूल के लोकतांत्रिक विंग के अध्यक्ष पद से सबीना यास्मीन ने इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने अपना इस्तीफा पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बिप्लब मित्रा को भेजा है. सबीना ने इस्तीफे के पीछे सेहत खराब होने का हवाला दिया है. ऐसे में यह ममता दीदी के लिए एक राहत की खबर हो सकती है। 

    सिस्टर वेबसाइट न्यूज18 बांग्ला के मुताबिक सबीना यास्मीन ने अपने इस इस्तीफे की जानकारी विधायकों के व्हाट्सएप ग्रुप में भी डाली है. उन्होंने कहा कि वे संगठन के लिए काम करती रहेंगी। 

    बता दें कि सबीना यास्मिन को सितंबर 2026 के आखिर कोलकाता स्थित राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के दफ्तर में बुलाया गया था, जहां एजेंसी ने उनसे करीब तीन घंटे तक पूछताछ की थी. यह पूछताछ 1 अप्रैल 2026 को मोथाबारी या एसआईआर से जुड़े विरोध प्रदर्शन में हुई हिंसा और मालदा में न्यायिक अधिकारियों को निशाना बनाने के आरोपों से संबंधित थी. हालांकि उन्होंने इस मामले में सफाई दी थी कि उन्हें आरोपी नहीं, बल्कि गवाह के रूप में बुलाया गया था। 

  • ‘दूसरे की बारात में कब तक सहबाला बनेंगे अखिलेश जी’, राजभर का सपा पर तीखा हमला

    ‘दूसरे की बारात में कब तक सहबाला बनेंगे अखिलेश जी’, राजभर का सपा पर तीखा हमला

    'दिल्ली में पिछलग्गू बनकर घूमने में मजा आ रहा है?', ओमप्रकाश राजभर का अखिलेश पर तंज, बोले- सत्ताइस में सपा साफ

    'दिल्ली वाले दोस्तों ने आपकी हैसियत दिखा दी', इंडी गठबंधन के नेताओं की तस्वीर शेयर कर राजभर ने अखिलेश पर साधा निशाना

    'दूसरे की बारात में कब तक सहबाला बनेंगे अखिलेश जी', राजभर का सपा पर तीखा हमला

    'कुर्सी की ख्वाहिश पाले हैं और दिल्ली में दरी बिछा रहे हैं', ओमप्रकाश राजभर का अखिलेश पर तंज

    'इंडी गठबंधन में लोडर बन गए हैं अखिलेश यादव', दिल्ली प्रदर्शन की तस्वीर शेयर कर सपा पर बरसे राजभर

    'लग रहा है बारात के ट्रैक्टर में जबरन ठूंस दिया गया हो', अखिलेश की तस्वीर शेयर कर राजभर ने कसा तंज

    'दूल्हे के दोस्त के ममेरे भाई के नाराज फूफा जैसे हो गए अखिलेश', राजभर ने उड़ाया सपा प्रमुख का मजाक

    'चुनाव यूपी में, दौड़ लगा रहे दिल्ली की', राजभर बोले- करा लिए न घनघोर बेइज्जती

    'दिल्ली वाले मतलबी दोस्तों से तिरस्कार के सिवा कुछ नहीं मिलेगा', राजभर ने अखिलेश को दी नसीहत

    लखनऊ,
     यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को लेकर सोशल मीडिया पर तीखा पोस्ट किया है। राजभर ने दिल्ली में चल रहे प्रदर्शन की एक तस्वीर शेयर करते हुए अखिलेश को 'पिछलग्गू' बताया। उन्होंने लिखा कि विपक्षी गठबंधन में अखिलेश की असली हैसियत उनके दिल्ली वाले दोस्तों ने सबके सामने दिखा दी है। दरअसल, इंडी गठबंधन की भीड़ वाली इस तस्वीर में अखिलेश यादव सबसे पीछे नजर आ रहे हैं।

    'दिल्ली में पिछलग्गू बनकर घूमने में मजा आ रहा है?'

    ओमप्रकाश राजभर ने अपने पोस्ट में लिखा,'प्रिय अखिलेश यादव जी, दिल्ली में पिछलग्गू बनके घूमने में मजा आ रहा है कि नहीं?' उन्होंने विपक्षी गठबंधन पर तंज कसते हुए कहा कि गठबंधन में अखिलेश की असली हैसियत उनके दिल्ली वाले मतलबी दोस्तों ने सबके सामने दिखा दी है।

    राजभर ने लिखा कि अखिलेश की स्थिति ऐसी लग रही है, जैसे उन्हें बारात वाले ट्रैक्टर में जबरन ठूंस दिया गया हो। उन्होंने आगे तंज कसा कि अखिलेश दूल्हे के दोस्त के ममेरे भाई के नाराज फूफा जैसे दिखाई दे रहे हैं।

    'अवतारी भैया जी अब भीड़ में खो जा रहे हैं'

    राजभर ने अखिलेश यादव के समर्थकों पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने लिखा कि जो समर्थक अखिलेश को 'अवतारी भैया जी' बताते नहीं थकते थे, अब वही देख रहे होंगे कि उनके भैया जी सबके सामने 'लोडर' बनकर भीड़ में खो जा रहे हैं।

    राजभर ने अखिलेश की राजनीतिक महत्वाकांक्षा पर तंज कसते हुए लिखा, 'कुर्सी की ख्वाहिश पाले दरी बिछाने में लगे हैं।' उन्होंने आगे कहा कि गठबंधन की नैया की पतवार राहुल गांधी के हाथ में चली गई है।

    'दूसरे की बारात में कब तक सहबाला बनेंगे महाराज?'

    राजभर ने अखिलेश यादव के दिल्ली दौरे पर सवाल उठाते हुए लिखा कि चुनाव उत्तर प्रदेश में होना है, लेकिन अखिलेश दिल्ली की दौड़ लगा रहे हैं। उन्होंने तंज कसा, 'और जाइए, भाग-भाग के दिल्ली! करा लिये न घनघोर बेइज्जती?' राजभर ने आगे लिखा, 'आप भी गजब करते हैं! चुनाव यूपी में है और आप दिल्ली की दौड़ लगा रहे हैं…! दूसरे की बारात में कब तक सहबाला बनेंगे महाराज?'

    'दिल्ली वाले मतलबी दोस्तों से तिरस्कार के सिवा कुछ नहीं मिलेगा'

    राजभर ने अखिलेश यादव को आगाह करते हुए लिखा कि दिल्ली के मतलबी दोस्तों से उन्हें तिरस्कार के अलावा कुछ नहीं मिलने वाला। उन्होंने कहा कि जिस तरह अखिलेश दिल्ली की भीड़ में खो गए हैं, उसी तरह इस बार उत्तर प्रदेश में भी विपक्ष की भीड़ में उनका पता नहीं चलेगा।

    'सत्ताइस में सपा साफ होने जा रही है'

    राजभर ने अपने पोस्ट के अंत में अखिलेश यादव की राजनीतिक गतिविधियों पर निशाना साधते हुए लिखा, आपके आजकल के लच्छनों से तो यही समझ में आ रहा है कि 'सत्ताइस में सपा साफ' होने जा रही है।

  • Raipur News: खेल मैदान में निजी विज्ञापन होर्डिंग लगाने का विरोध, सुरक्षा मानकों को लेकर नाराजगी

    Raipur News: खेल मैदान में निजी विज्ञापन होर्डिंग लगाने का विरोध, सुरक्षा मानकों को लेकर नाराजगी

    रायपुर: फुंडहर के खेल मैदान में निजी होर्डिंग लगाने का विरोध, सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप

    रायपुर
     राजधानी रायपुर के जोन क्रमांक 10 अंतर्गत फुंडहर स्थित खेल मैदान में निजी होर्डिंग बोर्ड लगाए जाने को लेकर विवाद सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि खेल मैदान में निजी होर्डिंग बोर्ड लगाने का काम किया जा रहा है, जिसका गांव के लोग विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों ने मैदान में हो रहे निर्माण कार्य और होर्डिंग लगाने की अनुमति को लेकर सवाल उठाए हैं।

    मौके की तस्वीरों में लोहे के विशाल ढांचे पर चढ़कर काम करते हुए मजदूर दिखाई दे रहे हैं। तस्वीरों में मजदूरों द्वारा ऊंचाई पर काम करते समय सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में किसी दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

    खेल मैदान में होर्डिंग लगाने की अनुमति किसने दी?
    ग्रामीणों के विरोध के बीच अब सवाल उठ रहा है कि सार्वजनिक उपयोग के खेल मैदान में निजी होर्डिंग लगाने की अनुमति किस विभाग या अधिकारी ने दी है। क्या इसके लिए नगर निगम से विधिवत अनुमति ली गई है? क्या संबंधित स्थल का उपयोग निजी विज्ञापन के लिए किया जा सकता है? इन सवालों पर संबंधित अधिकारियों का जवाब सामने आना बाकी है।

    मजदूरों की सुरक्षा पर भी सवाल
    होर्डिंग लगाने के दौरान मजदूर ऊंचे लोहे के ढांचे पर काम करते दिखाई दे रहे हैं। तस्वीरों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम स्पष्ट रूप से नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में सवाल है कि क्या काम के दौरान आवश्यक सुरक्षा उपकरणों और दुर्घटना से बचाव के मानकों का पालन किया जा रहा है?

    नगर निगम प्रशासन से कार्रवाई की मांग
    ग्रामीणों की मांग है कि मामले की जांच कराई जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि खेल मैदान में निजी होर्डिंग लगाने की अनुमति किस आधार पर दी गई है। साथ ही, मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और नियमों के उल्लंघन की स्थिति में उचित कार्रवाई करने की मांग भी उठ रही है।

    अब देखने वाली बात होगी कि नगर निगम जोन क्रमांक 10 के अधिकारी इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और ग्रामीणों की शिकायत पर क्या कार्रवाई की जाती है।

  • रणबीर कपूर की ‘रामायण’ को लेकर बड़ी खबर, क्या राष्ट्रपति भवन में फिल्म देखेंगे नेता?

    रणबीर कपूर की ‘रामायण’ को लेकर बड़ी खबर, क्या राष्ट्रपति भवन में फिल्म देखेंगे नेता?

    नई दिल्ली
     भारतीय सिनेमा की कुछ फिल्में ऐसी होती हैं, जिनका इंतजार सिर्फ दर्शकों को ही नहीं, बल्कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री को रहता है. निर्देशक नितीश तिवारी के निर्देशन में बन रही भारत की सबसे बड़ी पौराणिक फिल्मों में से एक ‘रामायण: राइज ऑफ ए लीजेंड’ को भी लेकर फैंस में वैसा ही क्रेज है. फिल्म 5 नवंबर को दुनियाभर में रिलीज होने वाली है. रणबीर कपूर और साई पल्लवी स्टारर इस फिल्म को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है. मिड डे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इसी दिन राष्ट्रपति भवन में भी फिल्म की खास स्क्रीनिंग करने की तैयारी है. इसमें राजनीतिक नेताओं और कई खास मेहमानों को फिल्म दिखाने की प्लानिंग चल रही है। 

    ‘रामायण: राइज ऑफ ए लीजेंड’ की खास स्क्रीनिंग को लेकर ये प्लानिंग चल रही है. हालांकि, अभी तक इसके लिए मंजूरी नहीं मिली है. रिपोर्ट के मुताबिक, अगर इसके लिए ऑफिशियल मंजूरी मिलती है तो यह स्क्रीनिंग राजनीतिक नेताओं और विशिष्ट अतिथियों के लिए हो सकती है. मेकर्स इसके लिए जरूरी परमिशन लेने की कोशिश कर रहे हैं। 

    रामायण में अनुपम खेर?
    फिल्म के प्रमोशन के बीच मेकर्स ने जटायु का नया पोस्टर भी जारी किया है. इस किरदार को एक्टर अनुपम खेर अपनी आवाज देंगे. पोस्टर के साथ शेयर किए गए मैसेज में जटायु को धर्म की रक्षा के लिए लड़ने वाला साहसी पक्षी बताया गया है. रामायण की कथा में जटायु उस समय रावण को रोकने की कोशिश करता है, जब वह माता सीता का हरण करके ले जा रहा होता है. अपनी उम्र और सीमाओं के बावजूद जटायु रावण से भिड़ जाता है. यही वजह है कि कहानी में उसका किरदार साहस और धर्म के लिए संघर्ष का प्रतीक माना जाता है। 

    रणबीर राम, साई सीता और यश बनेंगे रावण
    फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी माता सीता और यश रावण की भूमिका में नजर आएंगे. वहीं, सनी देओल हनुमान और रवि दुबे लक्ष्मण का किरदार निभाएंगे. मेकर्स ने फिल्म के टाइटल और एक्शन दृश्यों की झलक दिखाने वाला नया प्रमोशनल वीडियो भी जारी किया है. फिल्म को 3डी, आईमैक्स और प्रीमियम बड़े पर्दों पर रिलीज करने की योजना है। 

    6 भाषाओं में रिलीज होगी फिल्म
    ‘रामायण’ को दो हिस्सों में बनाया जा रहा है. पहला भाग 5 नवंबर को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज करने की योजना है, जबकि दूसरा भाग दिवाली 2027 के दौरान आएगा. फिल्म हिंदी, अंग्रेजी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम भाषाओं में रिलीज होगी। 

  • परविंदर झोटा की मौत से परिवार में मातम, मां ने इंसाफ के लिए उठाई आवाज़

    परविंदर झोटा की मौत से परिवार में मातम, मां ने इंसाफ के लिए उठाई आवाज़

    मानसा.

    पंजाब के मानसा में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की मंगलवार को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस बीच पुलिस ने बुधवार को हत्याकांड के मुख्य आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार किया है। इससे पहले एक्टिविस्ट के पिता और पूर्व फौजी भीम सिंह ने कहा था कि जब तक उनके बेटे का आरोपी गिरफ्तार नहीं हो जाता।

    वह अपने बेटे का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। वहीं, परविंदर सिंह झोटा की मां ने कहा कि हम भी बदला लेंगे। उन्होंने कहा कि उनका बेटा हमेशा नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ा।

    ""मेरे बेटा हमेशा नशा विक्रेताओं के खिलाफ लड़ाई लड़ा। डर के मारे उसे मार दिया गया।
    परविंदर झोटा की मां ने कहा कि उनके बेटे से नशा विक्रेताओं को डर था। इसलिए मार दिया गया। उन्होंने कहा कि मुझे भी बदला चाहिए। हम अपने बेटे का बदला लेकर छोड़ेंगे।""

    हत्या के बाद मच गया है हंगामा –
    पंजाब के मानसा में ड्रग्स के खिलाफ लड़ने वाले एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या के बाद हंगामा मच गया है. परविंदर सिंह की मां का रो-रोकर बुरा हाल है. उन्होंने कहा, 'मेरा बेटा मुझे कहता था, 'मां, ये मुझे मार देंगे.' जाने से पहले मेरे पैर छूकर बोला, 'मां, मेरा खाना तैयार रखना.' उन्होंने मेरा अनमोल बेटा छीन लिया. भगवंत मान सरकार ने सब बर्बाद कर दिया है.' परविंदर सिंह झोटा की हत्या का आरोप मेडिकल स्टोर चलाने वाले पर लगा है. पुलिस ने बताया कि मेडिकल स्टोर वाले ने ड्रग्स की अवैध बिक्री का खुलासा करने वाले एक एक्टिविस्ट की गोली मारकर हत्या कर दी. पुलिस ने बताया कि परविंदर सिंह झोटा दवा की दुकानों पर ड्रग्स की अवैध बिक्री का पर्दाफाश करने के लिए जाने जाते थे.

    कैसे हुई झोटा की हत्या?
    पुलिस के मुताबिक, परविंदर सिंह उर्फ झोटा एक व्यक्ति को कुछ दवाएं बेचने को लेकर मेडिकल स्टोर वाले से सवाल कर रहे थे. इसी दौरान वह अपने मोबाइल फोन से बहस की रिकॉर्डिंग भी कर रहे थे, तभी उन्हें गोली मार दी गई.
    सामने आए 5 मिनट 49 सेकंड के एक वीडियो में झोटा को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि मेडिकल स्टोर के मालिक ने अपनी पिस्तौल निकाल ली थी.

    झोटा स्टोर के मालिक से कहता है, 'मार, मार, हम पर गोली चला.'
    वीडियो में झोटा मेडिकल स्टोर के मालिक से कहता है कि उस बुजुर्ग आदमी ने उसकी दुकान से कुछ दवाइयां खरीदी थीं. जब दुकानदार उस बुजुर्ग आदमी से इन दावों के बारे में पूछता है, तो झोटा कहता है कि उसके पास इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग है.
    बहस के दौरान, झोटा स्टोर के मालिक से पूछता है, 'पिस्तौल निकालने की क्या जरूरत है? क्या हमने तुमसे कुछ कहा? इस बुजुर्ग आदमी ने तुमसे यह (दवाइयां) खरीदी हैं.' वह आगे कहता है, 'हम ड्रग इंस्पेक्टर को बुलाएँगे, अश्वनी (स्टोर का मालिक)। क्या हम तुमसे कुछ कह रहे हैं? तुम पिस्तौल नीचे रखो। क्या हम तुम्हें मार-पीट रहे हैं?'  झोटा कहता है, 'इसके हाथ में पिस्तौल है और यह दवाइयां बेच रहा है.'  इसके बाद मेडिकल शॉप का मालिक गोली चला देता है, जो वीडियो में रिकॉर्ड हो जाती है. इस पर झोटा और उसके साथी दुकान से बाहर भागते हैं.

    पिस्तौल लहराता हुआ बाहर निकला स्टोर का मालिक
    इस पूरी घटना का एक राहगीर ने भी वीडियो बनाया, जिसमें मेडिकल स्टोर का मालिक हथियार लहराते हुए अपनी दुकान से बाहर निकलता और झोटा का पीछा करता हुआ दिखाई देता है. झोटा अपनी जान बचाने के लिए भागता है. जब बाजार में लोग डर के मारे यह सब देख रहे होते हैं, तो एक आदमी दुकान के मालिक पर एक डिब्बा फेंकता है, जो उसके सिर पर लगता है. बिना डरे, दुकानदार अपनी दुकान में वापस चला जाता है. बाद में, वीडियो में झोटा को पास की एक दुकान में खून से लथपथ पड़ा हुआ दिखाया गया है. झोटा के साथ स्टोर पर गए चार लोगों को भी गोली लगी. मानसा के एसएसपी वैभव चौधरी ने कहा कि आरोपी को पकड़ने की कोशिशें चल रही हैं.

    झोटा मानसा और आस-पास के इलाकों में ड्रग्स के इस्तेमाल और केमिस्ट की दुकानों पर नशीली दवाओं की गैर-कानूनी बिक्री के खिलाफ आवाज उठाते रहे थे. वह सोशल मीडिया पर वीडियो भी शेयर करते थे. 2023 में, उन्होंने बैन की गई दवाएं बेचने के आरोप में एक मेडिकल स्टोर के मालिक को जूतों की माला पहनाई थी और बाजार में घुमाया था. उस समय, दुकान के मालिक के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी, और झोटा पर मारपीट और जबरदस्ती घुसने का मामला दर्ज किया गया था.

  • जीवाजी विश्वविद्यालय के संचालन और अकादमिक सुधारों पर मंथन, मुख्यमंत्री से मिले प्रो. दिवाकर सिंह राजपूत

    जीवाजी विश्वविद्यालय के संचालन और अकादमिक सुधारों पर मंथन, मुख्यमंत्री से मिले प्रो. दिवाकर सिंह राजपूत

     ग्वालियर
    ग्वालियर में स्थित जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. दिवाकर सिंह राजपूत ने मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। इस दौरान विश्वविद्यालय के सुचारू संचालन, विकास योजनाओं, अकादमिक गतिविधियों और शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार समेत विभिन्न अहम विषयों पर दोनों के बीच चर्चा की गई। मुलाकात के दौरान विश्वविद्यालय के मौजूदा कार्यों के साथ – साथ भविष्य की विकास योजनाओं और संस्थागत प्रगति से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ।

    कुलगुरु प्रो. दिवाकर सिंह राजपूत ने मुख्यमंत्री से विश्वविद्यालय के संचालन और विकास की भावी योजनाओं के संबंध में मार्गदर्शन प्राप्त किया। चर्चा का प्रमुख केंद्र विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों को बेहतर बनाना, शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने जैसे विषय रहे।

    इन मुद्दों पर हुई चर्चा
    मुलाकात के दौरान विश्वविद्यालय में संचालित अकादमिक कार्यों के साथ – साथ संस्थागत विकास की संभावनाओं पर भी विचार साझा किए गए। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विश्वविद्यालय की भूमिका को मजबूत बनाने और शैक्षणिक गतिविधियों को अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।

    ग्वालियर समेत बड़े इलाके में उच्च शिक्षा का एक प्रमुख संस्थान
    आपको बता दें कि, जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर समेत आसपास के इलाकों में उच्च शिक्षा का एक प्रमुख संस्थान है। ऐसे में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और प्रशासनिक कामकाज को बेहतर बनाने के लिए विकास योजनाओं का प्रभावी संचालन महत्वपूर्ण माना जाता है। विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार और संस्थागत विकास के प्रयास विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

    शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों को बेहतर पर चर्चा
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ हुई इस मुलाकात को विश्वविद्यालय के संचालन और भावी विकास से जुड़े विषयों पर संवाद के रूप में देखा जा रहा है। मुलाकात के दौरान शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों को बेहतर बनाने और विश्वविद्यालय की विकास संभावनाओं पर चर्चा की गई।हालांकि, मुलाकात के बाद किसी नई योजना, वित्तीय स्वीकृति या विशेष घोषणा की जानकारी सामने नहीं आई है।

  • छत्तीसगढ़ के बस्तर में मौसम की मार, भारी बारिश और भूस्खलन से रेल परिचालन बाधित

    छत्तीसगढ़ के बस्तर में मौसम की मार, भारी बारिश और भूस्खलन से रेल परिचालन बाधित

    जगदलपुर.

    बस्तर की रेल कनेक्टिविटी पर भारी बारिश और भू-स्खलन का असर अब लंबा खिंचता जा रहा है. केके रेललाइन पर मल्लीगुड़ा रेलवे स्टेशन के समीप हुए भू-स्खलन के कारण जगदलपुर की ओर यात्री ट्रेनों का परिचालन प्रभावित है.

    जानकारी के मुताबिक, 25 सितंबर को भारी बारिश के दौरान करीब 60 मीटर पटरी के नीचे की मिट्टी बह गई थी, जिससे रेल मार्ग असुरक्षित हो गया. इस घटना के बाद से यात्री ट्रेनें कोरापुट तक ही संचालित हो रही हैं और बस्तर की ओर रेल सेवा बहाल होने का इंतजार जारी है. रेलवे कर्मचारी और मशीनें क्षतिग्रस्त हिस्से को दुरुस्त करने में जुटे हैं. राहत कार्य में एक दर्जन से अधिक जेसीबी और करीब 200 मजदूर लगाए जाने की जानकारी दी गई है. स्टेशन मास्टर श्याम सुंदर चंद्रा के अनुसार, नुकसान की गंभीरता को देखते हुए 22 अक्टूबर से पहले परिचालन बहाल होना मुश्किल है. उन्होंने यह भी आशंका जताई कि यदि मरम्मत के दौरान दोबारा बारिश हुई, तो काम प्रभावित होने से बहाली में और देरी हो सकती है.

    रेल मार्ग बाधित होने का असर माल परिवहन पर भी पड़ा है. जानकारी के अनुसार, करीब 40 मालगाड़ियों की आवाजाही प्रभावित हुई है. इससे लौह अयस्क के परिवहन और बस्तर को विशाखापत्तनम तथा रायगढ़ की दिशा से जोड़ने वाली रेल व्यवस्था पर दबाव बढ़ा है. अब यात्रियों और कारोबारियों की निगाह मरम्मत कार्य पूरा होने तथा सुरक्षित रेल परिचालन की बहाली पर टिकी है. रेलवे के सामने चुनौती केवल पटरी की मरम्मत नहीं, बल्कि पहाड़ी क्षेत्र में भविष्य में ऐसे नुकसान से बचाव के उपाय सुनिश्चित करने की भी है.