Author: NewseDay

  • बंगाल की राजनीति में हलचल तेज, सबीना यास्मीन के इस्तीफे से तृणमूल में बढ़ी चर्चा

    बंगाल की राजनीति में हलचल तेज, सबीना यास्मीन के इस्तीफे से तृणमूल में बढ़ी चर्चा

    कलकत्ता

    पश्चिम बंगाल में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है. ममता बनर्जी के दुश्मन गुट ऋतब्रत बनर्जी ग्रुप को पहला झटका लगा है. महिला तृणमूल के लोकतांत्रिक विंग के अध्यक्ष पद से सबीना यास्मीन ने इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने अपना इस्तीफा पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बिप्लब मित्रा को भेजा है. सबीना ने इस्तीफे के पीछे सेहत खराब होने का हवाला दिया है. ऐसे में यह ममता दीदी के लिए एक राहत की खबर हो सकती है। 

    सिस्टर वेबसाइट न्यूज18 बांग्ला के मुताबिक सबीना यास्मीन ने अपने इस इस्तीफे की जानकारी विधायकों के व्हाट्सएप ग्रुप में भी डाली है. उन्होंने कहा कि वे संगठन के लिए काम करती रहेंगी। 

    बता दें कि सबीना यास्मिन को सितंबर 2026 के आखिर कोलकाता स्थित राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के दफ्तर में बुलाया गया था, जहां एजेंसी ने उनसे करीब तीन घंटे तक पूछताछ की थी. यह पूछताछ 1 अप्रैल 2026 को मोथाबारी या एसआईआर से जुड़े विरोध प्रदर्शन में हुई हिंसा और मालदा में न्यायिक अधिकारियों को निशाना बनाने के आरोपों से संबंधित थी. हालांकि उन्होंने इस मामले में सफाई दी थी कि उन्हें आरोपी नहीं, बल्कि गवाह के रूप में बुलाया गया था। 

  • ‘दूसरे की बारात में कब तक सहबाला बनेंगे अखिलेश जी’, राजभर का सपा पर तीखा हमला

    ‘दूसरे की बारात में कब तक सहबाला बनेंगे अखिलेश जी’, राजभर का सपा पर तीखा हमला

    'दिल्ली में पिछलग्गू बनकर घूमने में मजा आ रहा है?', ओमप्रकाश राजभर का अखिलेश पर तंज, बोले- सत्ताइस में सपा साफ

    'दिल्ली वाले दोस्तों ने आपकी हैसियत दिखा दी', इंडी गठबंधन के नेताओं की तस्वीर शेयर कर राजभर ने अखिलेश पर साधा निशाना

    'दूसरे की बारात में कब तक सहबाला बनेंगे अखिलेश जी', राजभर का सपा पर तीखा हमला

    'कुर्सी की ख्वाहिश पाले हैं और दिल्ली में दरी बिछा रहे हैं', ओमप्रकाश राजभर का अखिलेश पर तंज

    'इंडी गठबंधन में लोडर बन गए हैं अखिलेश यादव', दिल्ली प्रदर्शन की तस्वीर शेयर कर सपा पर बरसे राजभर

    'लग रहा है बारात के ट्रैक्टर में जबरन ठूंस दिया गया हो', अखिलेश की तस्वीर शेयर कर राजभर ने कसा तंज

    'दूल्हे के दोस्त के ममेरे भाई के नाराज फूफा जैसे हो गए अखिलेश', राजभर ने उड़ाया सपा प्रमुख का मजाक

    'चुनाव यूपी में, दौड़ लगा रहे दिल्ली की', राजभर बोले- करा लिए न घनघोर बेइज्जती

    'दिल्ली वाले मतलबी दोस्तों से तिरस्कार के सिवा कुछ नहीं मिलेगा', राजभर ने अखिलेश को दी नसीहत

    लखनऊ,
     यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को लेकर सोशल मीडिया पर तीखा पोस्ट किया है। राजभर ने दिल्ली में चल रहे प्रदर्शन की एक तस्वीर शेयर करते हुए अखिलेश को 'पिछलग्गू' बताया। उन्होंने लिखा कि विपक्षी गठबंधन में अखिलेश की असली हैसियत उनके दिल्ली वाले दोस्तों ने सबके सामने दिखा दी है। दरअसल, इंडी गठबंधन की भीड़ वाली इस तस्वीर में अखिलेश यादव सबसे पीछे नजर आ रहे हैं।

    'दिल्ली में पिछलग्गू बनकर घूमने में मजा आ रहा है?'

    ओमप्रकाश राजभर ने अपने पोस्ट में लिखा,'प्रिय अखिलेश यादव जी, दिल्ली में पिछलग्गू बनके घूमने में मजा आ रहा है कि नहीं?' उन्होंने विपक्षी गठबंधन पर तंज कसते हुए कहा कि गठबंधन में अखिलेश की असली हैसियत उनके दिल्ली वाले मतलबी दोस्तों ने सबके सामने दिखा दी है।

    राजभर ने लिखा कि अखिलेश की स्थिति ऐसी लग रही है, जैसे उन्हें बारात वाले ट्रैक्टर में जबरन ठूंस दिया गया हो। उन्होंने आगे तंज कसा कि अखिलेश दूल्हे के दोस्त के ममेरे भाई के नाराज फूफा जैसे दिखाई दे रहे हैं।

    'अवतारी भैया जी अब भीड़ में खो जा रहे हैं'

    राजभर ने अखिलेश यादव के समर्थकों पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने लिखा कि जो समर्थक अखिलेश को 'अवतारी भैया जी' बताते नहीं थकते थे, अब वही देख रहे होंगे कि उनके भैया जी सबके सामने 'लोडर' बनकर भीड़ में खो जा रहे हैं।

    राजभर ने अखिलेश की राजनीतिक महत्वाकांक्षा पर तंज कसते हुए लिखा, 'कुर्सी की ख्वाहिश पाले दरी बिछाने में लगे हैं।' उन्होंने आगे कहा कि गठबंधन की नैया की पतवार राहुल गांधी के हाथ में चली गई है।

    'दूसरे की बारात में कब तक सहबाला बनेंगे महाराज?'

    राजभर ने अखिलेश यादव के दिल्ली दौरे पर सवाल उठाते हुए लिखा कि चुनाव उत्तर प्रदेश में होना है, लेकिन अखिलेश दिल्ली की दौड़ लगा रहे हैं। उन्होंने तंज कसा, 'और जाइए, भाग-भाग के दिल्ली! करा लिये न घनघोर बेइज्जती?' राजभर ने आगे लिखा, 'आप भी गजब करते हैं! चुनाव यूपी में है और आप दिल्ली की दौड़ लगा रहे हैं…! दूसरे की बारात में कब तक सहबाला बनेंगे महाराज?'

    'दिल्ली वाले मतलबी दोस्तों से तिरस्कार के सिवा कुछ नहीं मिलेगा'

    राजभर ने अखिलेश यादव को आगाह करते हुए लिखा कि दिल्ली के मतलबी दोस्तों से उन्हें तिरस्कार के अलावा कुछ नहीं मिलने वाला। उन्होंने कहा कि जिस तरह अखिलेश दिल्ली की भीड़ में खो गए हैं, उसी तरह इस बार उत्तर प्रदेश में भी विपक्ष की भीड़ में उनका पता नहीं चलेगा।

    'सत्ताइस में सपा साफ होने जा रही है'

    राजभर ने अपने पोस्ट के अंत में अखिलेश यादव की राजनीतिक गतिविधियों पर निशाना साधते हुए लिखा, आपके आजकल के लच्छनों से तो यही समझ में आ रहा है कि 'सत्ताइस में सपा साफ' होने जा रही है।

  • Raipur News: खेल मैदान में निजी विज्ञापन होर्डिंग लगाने का विरोध, सुरक्षा मानकों को लेकर नाराजगी

    Raipur News: खेल मैदान में निजी विज्ञापन होर्डिंग लगाने का विरोध, सुरक्षा मानकों को लेकर नाराजगी

    रायपुर: फुंडहर के खेल मैदान में निजी होर्डिंग लगाने का विरोध, सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप

    रायपुर
     राजधानी रायपुर के जोन क्रमांक 10 अंतर्गत फुंडहर स्थित खेल मैदान में निजी होर्डिंग बोर्ड लगाए जाने को लेकर विवाद सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि खेल मैदान में निजी होर्डिंग बोर्ड लगाने का काम किया जा रहा है, जिसका गांव के लोग विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों ने मैदान में हो रहे निर्माण कार्य और होर्डिंग लगाने की अनुमति को लेकर सवाल उठाए हैं।

    मौके की तस्वीरों में लोहे के विशाल ढांचे पर चढ़कर काम करते हुए मजदूर दिखाई दे रहे हैं। तस्वीरों में मजदूरों द्वारा ऊंचाई पर काम करते समय सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में किसी दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

    खेल मैदान में होर्डिंग लगाने की अनुमति किसने दी?
    ग्रामीणों के विरोध के बीच अब सवाल उठ रहा है कि सार्वजनिक उपयोग के खेल मैदान में निजी होर्डिंग लगाने की अनुमति किस विभाग या अधिकारी ने दी है। क्या इसके लिए नगर निगम से विधिवत अनुमति ली गई है? क्या संबंधित स्थल का उपयोग निजी विज्ञापन के लिए किया जा सकता है? इन सवालों पर संबंधित अधिकारियों का जवाब सामने आना बाकी है।

    मजदूरों की सुरक्षा पर भी सवाल
    होर्डिंग लगाने के दौरान मजदूर ऊंचे लोहे के ढांचे पर काम करते दिखाई दे रहे हैं। तस्वीरों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम स्पष्ट रूप से नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में सवाल है कि क्या काम के दौरान आवश्यक सुरक्षा उपकरणों और दुर्घटना से बचाव के मानकों का पालन किया जा रहा है?

    नगर निगम प्रशासन से कार्रवाई की मांग
    ग्रामीणों की मांग है कि मामले की जांच कराई जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि खेल मैदान में निजी होर्डिंग लगाने की अनुमति किस आधार पर दी गई है। साथ ही, मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और नियमों के उल्लंघन की स्थिति में उचित कार्रवाई करने की मांग भी उठ रही है।

    अब देखने वाली बात होगी कि नगर निगम जोन क्रमांक 10 के अधिकारी इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और ग्रामीणों की शिकायत पर क्या कार्रवाई की जाती है।

  • रणबीर कपूर की ‘रामायण’ को लेकर बड़ी खबर, क्या राष्ट्रपति भवन में फिल्म देखेंगे नेता?

    रणबीर कपूर की ‘रामायण’ को लेकर बड़ी खबर, क्या राष्ट्रपति भवन में फिल्म देखेंगे नेता?

    नई दिल्ली
     भारतीय सिनेमा की कुछ फिल्में ऐसी होती हैं, जिनका इंतजार सिर्फ दर्शकों को ही नहीं, बल्कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री को रहता है. निर्देशक नितीश तिवारी के निर्देशन में बन रही भारत की सबसे बड़ी पौराणिक फिल्मों में से एक ‘रामायण: राइज ऑफ ए लीजेंड’ को भी लेकर फैंस में वैसा ही क्रेज है. फिल्म 5 नवंबर को दुनियाभर में रिलीज होने वाली है. रणबीर कपूर और साई पल्लवी स्टारर इस फिल्म को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है. मिड डे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इसी दिन राष्ट्रपति भवन में भी फिल्म की खास स्क्रीनिंग करने की तैयारी है. इसमें राजनीतिक नेताओं और कई खास मेहमानों को फिल्म दिखाने की प्लानिंग चल रही है। 

    ‘रामायण: राइज ऑफ ए लीजेंड’ की खास स्क्रीनिंग को लेकर ये प्लानिंग चल रही है. हालांकि, अभी तक इसके लिए मंजूरी नहीं मिली है. रिपोर्ट के मुताबिक, अगर इसके लिए ऑफिशियल मंजूरी मिलती है तो यह स्क्रीनिंग राजनीतिक नेताओं और विशिष्ट अतिथियों के लिए हो सकती है. मेकर्स इसके लिए जरूरी परमिशन लेने की कोशिश कर रहे हैं। 

    रामायण में अनुपम खेर?
    फिल्म के प्रमोशन के बीच मेकर्स ने जटायु का नया पोस्टर भी जारी किया है. इस किरदार को एक्टर अनुपम खेर अपनी आवाज देंगे. पोस्टर के साथ शेयर किए गए मैसेज में जटायु को धर्म की रक्षा के लिए लड़ने वाला साहसी पक्षी बताया गया है. रामायण की कथा में जटायु उस समय रावण को रोकने की कोशिश करता है, जब वह माता सीता का हरण करके ले जा रहा होता है. अपनी उम्र और सीमाओं के बावजूद जटायु रावण से भिड़ जाता है. यही वजह है कि कहानी में उसका किरदार साहस और धर्म के लिए संघर्ष का प्रतीक माना जाता है। 

    रणबीर राम, साई सीता और यश बनेंगे रावण
    फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी माता सीता और यश रावण की भूमिका में नजर आएंगे. वहीं, सनी देओल हनुमान और रवि दुबे लक्ष्मण का किरदार निभाएंगे. मेकर्स ने फिल्म के टाइटल और एक्शन दृश्यों की झलक दिखाने वाला नया प्रमोशनल वीडियो भी जारी किया है. फिल्म को 3डी, आईमैक्स और प्रीमियम बड़े पर्दों पर रिलीज करने की योजना है। 

    6 भाषाओं में रिलीज होगी फिल्म
    ‘रामायण’ को दो हिस्सों में बनाया जा रहा है. पहला भाग 5 नवंबर को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज करने की योजना है, जबकि दूसरा भाग दिवाली 2027 के दौरान आएगा. फिल्म हिंदी, अंग्रेजी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम भाषाओं में रिलीज होगी। 

  • परविंदर झोटा की मौत से परिवार में मातम, मां ने इंसाफ के लिए उठाई आवाज़

    परविंदर झोटा की मौत से परिवार में मातम, मां ने इंसाफ के लिए उठाई आवाज़

    मानसा.

    पंजाब के मानसा में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की मंगलवार को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस बीच पुलिस ने बुधवार को हत्याकांड के मुख्य आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार किया है। इससे पहले एक्टिविस्ट के पिता और पूर्व फौजी भीम सिंह ने कहा था कि जब तक उनके बेटे का आरोपी गिरफ्तार नहीं हो जाता।

    वह अपने बेटे का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। वहीं, परविंदर सिंह झोटा की मां ने कहा कि हम भी बदला लेंगे। उन्होंने कहा कि उनका बेटा हमेशा नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ा।

    ""मेरे बेटा हमेशा नशा विक्रेताओं के खिलाफ लड़ाई लड़ा। डर के मारे उसे मार दिया गया।
    परविंदर झोटा की मां ने कहा कि उनके बेटे से नशा विक्रेताओं को डर था। इसलिए मार दिया गया। उन्होंने कहा कि मुझे भी बदला चाहिए। हम अपने बेटे का बदला लेकर छोड़ेंगे।""

    हत्या के बाद मच गया है हंगामा –
    पंजाब के मानसा में ड्रग्स के खिलाफ लड़ने वाले एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या के बाद हंगामा मच गया है. परविंदर सिंह की मां का रो-रोकर बुरा हाल है. उन्होंने कहा, 'मेरा बेटा मुझे कहता था, 'मां, ये मुझे मार देंगे.' जाने से पहले मेरे पैर छूकर बोला, 'मां, मेरा खाना तैयार रखना.' उन्होंने मेरा अनमोल बेटा छीन लिया. भगवंत मान सरकार ने सब बर्बाद कर दिया है.' परविंदर सिंह झोटा की हत्या का आरोप मेडिकल स्टोर चलाने वाले पर लगा है. पुलिस ने बताया कि मेडिकल स्टोर वाले ने ड्रग्स की अवैध बिक्री का खुलासा करने वाले एक एक्टिविस्ट की गोली मारकर हत्या कर दी. पुलिस ने बताया कि परविंदर सिंह झोटा दवा की दुकानों पर ड्रग्स की अवैध बिक्री का पर्दाफाश करने के लिए जाने जाते थे.

    कैसे हुई झोटा की हत्या?
    पुलिस के मुताबिक, परविंदर सिंह उर्फ झोटा एक व्यक्ति को कुछ दवाएं बेचने को लेकर मेडिकल स्टोर वाले से सवाल कर रहे थे. इसी दौरान वह अपने मोबाइल फोन से बहस की रिकॉर्डिंग भी कर रहे थे, तभी उन्हें गोली मार दी गई.
    सामने आए 5 मिनट 49 सेकंड के एक वीडियो में झोटा को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि मेडिकल स्टोर के मालिक ने अपनी पिस्तौल निकाल ली थी.

    झोटा स्टोर के मालिक से कहता है, 'मार, मार, हम पर गोली चला.'
    वीडियो में झोटा मेडिकल स्टोर के मालिक से कहता है कि उस बुजुर्ग आदमी ने उसकी दुकान से कुछ दवाइयां खरीदी थीं. जब दुकानदार उस बुजुर्ग आदमी से इन दावों के बारे में पूछता है, तो झोटा कहता है कि उसके पास इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग है.
    बहस के दौरान, झोटा स्टोर के मालिक से पूछता है, 'पिस्तौल निकालने की क्या जरूरत है? क्या हमने तुमसे कुछ कहा? इस बुजुर्ग आदमी ने तुमसे यह (दवाइयां) खरीदी हैं.' वह आगे कहता है, 'हम ड्रग इंस्पेक्टर को बुलाएँगे, अश्वनी (स्टोर का मालिक)। क्या हम तुमसे कुछ कह रहे हैं? तुम पिस्तौल नीचे रखो। क्या हम तुम्हें मार-पीट रहे हैं?'  झोटा कहता है, 'इसके हाथ में पिस्तौल है और यह दवाइयां बेच रहा है.'  इसके बाद मेडिकल शॉप का मालिक गोली चला देता है, जो वीडियो में रिकॉर्ड हो जाती है. इस पर झोटा और उसके साथी दुकान से बाहर भागते हैं.

    पिस्तौल लहराता हुआ बाहर निकला स्टोर का मालिक
    इस पूरी घटना का एक राहगीर ने भी वीडियो बनाया, जिसमें मेडिकल स्टोर का मालिक हथियार लहराते हुए अपनी दुकान से बाहर निकलता और झोटा का पीछा करता हुआ दिखाई देता है. झोटा अपनी जान बचाने के लिए भागता है. जब बाजार में लोग डर के मारे यह सब देख रहे होते हैं, तो एक आदमी दुकान के मालिक पर एक डिब्बा फेंकता है, जो उसके सिर पर लगता है. बिना डरे, दुकानदार अपनी दुकान में वापस चला जाता है. बाद में, वीडियो में झोटा को पास की एक दुकान में खून से लथपथ पड़ा हुआ दिखाया गया है. झोटा के साथ स्टोर पर गए चार लोगों को भी गोली लगी. मानसा के एसएसपी वैभव चौधरी ने कहा कि आरोपी को पकड़ने की कोशिशें चल रही हैं.

    झोटा मानसा और आस-पास के इलाकों में ड्रग्स के इस्तेमाल और केमिस्ट की दुकानों पर नशीली दवाओं की गैर-कानूनी बिक्री के खिलाफ आवाज उठाते रहे थे. वह सोशल मीडिया पर वीडियो भी शेयर करते थे. 2023 में, उन्होंने बैन की गई दवाएं बेचने के आरोप में एक मेडिकल स्टोर के मालिक को जूतों की माला पहनाई थी और बाजार में घुमाया था. उस समय, दुकान के मालिक के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी, और झोटा पर मारपीट और जबरदस्ती घुसने का मामला दर्ज किया गया था.

  • जीवाजी विश्वविद्यालय के संचालन और अकादमिक सुधारों पर मंथन, मुख्यमंत्री से मिले प्रो. दिवाकर सिंह राजपूत

    जीवाजी विश्वविद्यालय के संचालन और अकादमिक सुधारों पर मंथन, मुख्यमंत्री से मिले प्रो. दिवाकर सिंह राजपूत

     ग्वालियर
    ग्वालियर में स्थित जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. दिवाकर सिंह राजपूत ने मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। इस दौरान विश्वविद्यालय के सुचारू संचालन, विकास योजनाओं, अकादमिक गतिविधियों और शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार समेत विभिन्न अहम विषयों पर दोनों के बीच चर्चा की गई। मुलाकात के दौरान विश्वविद्यालय के मौजूदा कार्यों के साथ – साथ भविष्य की विकास योजनाओं और संस्थागत प्रगति से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ।

    कुलगुरु प्रो. दिवाकर सिंह राजपूत ने मुख्यमंत्री से विश्वविद्यालय के संचालन और विकास की भावी योजनाओं के संबंध में मार्गदर्शन प्राप्त किया। चर्चा का प्रमुख केंद्र विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों को बेहतर बनाना, शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने जैसे विषय रहे।

    इन मुद्दों पर हुई चर्चा
    मुलाकात के दौरान विश्वविद्यालय में संचालित अकादमिक कार्यों के साथ – साथ संस्थागत विकास की संभावनाओं पर भी विचार साझा किए गए। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विश्वविद्यालय की भूमिका को मजबूत बनाने और शैक्षणिक गतिविधियों को अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।

    ग्वालियर समेत बड़े इलाके में उच्च शिक्षा का एक प्रमुख संस्थान
    आपको बता दें कि, जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर समेत आसपास के इलाकों में उच्च शिक्षा का एक प्रमुख संस्थान है। ऐसे में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और प्रशासनिक कामकाज को बेहतर बनाने के लिए विकास योजनाओं का प्रभावी संचालन महत्वपूर्ण माना जाता है। विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार और संस्थागत विकास के प्रयास विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

    शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों को बेहतर पर चर्चा
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ हुई इस मुलाकात को विश्वविद्यालय के संचालन और भावी विकास से जुड़े विषयों पर संवाद के रूप में देखा जा रहा है। मुलाकात के दौरान शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों को बेहतर बनाने और विश्वविद्यालय की विकास संभावनाओं पर चर्चा की गई।हालांकि, मुलाकात के बाद किसी नई योजना, वित्तीय स्वीकृति या विशेष घोषणा की जानकारी सामने नहीं आई है।

  • छत्तीसगढ़ के बस्तर में मौसम की मार, भारी बारिश और भूस्खलन से रेल परिचालन बाधित

    छत्तीसगढ़ के बस्तर में मौसम की मार, भारी बारिश और भूस्खलन से रेल परिचालन बाधित

    जगदलपुर.

    बस्तर की रेल कनेक्टिविटी पर भारी बारिश और भू-स्खलन का असर अब लंबा खिंचता जा रहा है. केके रेललाइन पर मल्लीगुड़ा रेलवे स्टेशन के समीप हुए भू-स्खलन के कारण जगदलपुर की ओर यात्री ट्रेनों का परिचालन प्रभावित है.

    जानकारी के मुताबिक, 25 सितंबर को भारी बारिश के दौरान करीब 60 मीटर पटरी के नीचे की मिट्टी बह गई थी, जिससे रेल मार्ग असुरक्षित हो गया. इस घटना के बाद से यात्री ट्रेनें कोरापुट तक ही संचालित हो रही हैं और बस्तर की ओर रेल सेवा बहाल होने का इंतजार जारी है. रेलवे कर्मचारी और मशीनें क्षतिग्रस्त हिस्से को दुरुस्त करने में जुटे हैं. राहत कार्य में एक दर्जन से अधिक जेसीबी और करीब 200 मजदूर लगाए जाने की जानकारी दी गई है. स्टेशन मास्टर श्याम सुंदर चंद्रा के अनुसार, नुकसान की गंभीरता को देखते हुए 22 अक्टूबर से पहले परिचालन बहाल होना मुश्किल है. उन्होंने यह भी आशंका जताई कि यदि मरम्मत के दौरान दोबारा बारिश हुई, तो काम प्रभावित होने से बहाली में और देरी हो सकती है.

    रेल मार्ग बाधित होने का असर माल परिवहन पर भी पड़ा है. जानकारी के अनुसार, करीब 40 मालगाड़ियों की आवाजाही प्रभावित हुई है. इससे लौह अयस्क के परिवहन और बस्तर को विशाखापत्तनम तथा रायगढ़ की दिशा से जोड़ने वाली रेल व्यवस्था पर दबाव बढ़ा है. अब यात्रियों और कारोबारियों की निगाह मरम्मत कार्य पूरा होने तथा सुरक्षित रेल परिचालन की बहाली पर टिकी है. रेलवे के सामने चुनौती केवल पटरी की मरम्मत नहीं, बल्कि पहाड़ी क्षेत्र में भविष्य में ऐसे नुकसान से बचाव के उपाय सुनिश्चित करने की भी है.

  • धीरेंद्र शास्त्री बोले- बेटियां दुर्गा और काली बनें, गरबा पंडाल में एंट्री को लेकर भी दिया संदेश

    धीरेंद्र शास्त्री बोले- बेटियां दुर्गा और काली बनें, गरबा पंडाल में एंट्री को लेकर भी दिया संदेश

    सागर
    बेटियो! तुम दुर्गा बनना, काली बनना, लेकिन कभी ना बुर्के वाली बनना। नवरात्र का पर्व चल रहा है। गरबा में धर्म विरोधी नाम बदलकर आएंगे, इसलिए गरबा पंडाल में बाहरी लोगों को गोमूत्र पिलाकर एंट्री दी जानी चाहिए। कम से कम उनकी घर वापसी तो हो जाएगी।

    यह बात बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कही। दरअसल, धीरेंद्र शास्त्री 11 अक्टूबर से सनातन हिंदू एकता रथयात्रा निकल रहे हैं, जो 13 अक्टूबर की रात सागर के गढ़ा कोटा पहुंची। यहां बस स्टैंड में कार्यक्रम के दौरान उन्होंने नवरात्र और गरबा का जिक्र करते हुए लोगों को सतर्क रहने की अपील की।

    शास्त्री का कहना था कि गरबा में कुछ लोग कालनेमि की तरह रूप बदलकर आते हैं। उन्होंने गढ़ा कोटा और सागर को लव जिहाद मुक्त बनाने की बात भी कही। साथ ही कहा कि वे साधु हैं, नेता नहीं; लोगों को जागरूक कर सकते हैं।

    गौरतलब है कि शास्त्री ने गरबा पंडाल में गोमूत्र पिलाकर एंट्री देने की बात दमोह में कही थी।

    जात-पात मिटाने और नशामुक्ति की अपील
    मंचीय कार्यक्रम के बाद रथयात्रा रहली की ओर रवाना हुई। रहली बायपास पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने यात्रा का स्वागत किया। इसके बाद यात्रा कड़ता गांव और ढाना सहित विभिन्न स्थानों से गुजरी। रास्ते में कई जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया।

    रथ से शास्त्री ने कहा, “जात-पात की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई।” उन्होंने हिंदुओं से एक-दूसरे के काम आने और लोगों से शराब छोड़कर अपने गांव को नशामुक्त बनाने की अपील की।

    यात्रा बम्होरी बीका, बम्होरी चौराहा और आरटीओ रोड से होते हुए रात करीब 2:30 बजे बालाजी मंदिर परिसर पहुंची। यहां दिव्य दरबार लगाया गया और यात्रा ने रात्रि विश्राम किया।

    जेन-जी के प्रदर्शन पर बोले- युवाओं को अपनी बात रखने का अधिकार
    मीडिया से चर्चा में धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि रथयात्रा के जरिए कम समय में अधिक स्थानों तक पहुंचा जा रहा है। उन्होंने कहा, “तनातनी नहीं, सनातनी रहें और एक रहेंगे, नेक रहेंगे।”

    दिल्ली में जेन-जी के प्रदर्शन को लेकर उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में युवाओं को अपनी बात रखने का अधिकार है। हालांकि, उन्हें यह भी ध्यान रखना चाहिए कि देश की छवि खराब न हो।

    आज मकरोनिया से बंडा पहुंचेगी रथयात्रा
    14 अक्टूबर को सुबह 8 बजे पूजा-अर्चना, राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत और ध्वजारोहण के बाद यात्रा आगे रवाना होने का कार्यक्रम है। यात्रा मोती नगर चौराहे, ओम स्टील, रेलवे ब्रिज और भगवानगंज होते हुए मकरोनिया पहुंचेगी। यहां रजाखेड़ी चौराहे पर स्वागत कार्यक्रम होगा।

    इसके बाद यात्रा बंडा के लिए रवाना होगी। कर्रापुर में मंचीय कार्यक्रम के बाद रथयात्रा बंडा पहुंचेगी।

  • MP में बस सफर होगा आसान, घर बैठे चुन सकेंगे रूट और बोर्डिंग पॉइंट; जल्द शुरू होगी ऐप से टिकट बुकिंग सुविधा

    MP में बस सफर होगा आसान, घर बैठे चुन सकेंगे रूट और बोर्डिंग पॉइंट; जल्द शुरू होगी ऐप से टिकट बुकिंग सुविधा

    भोपाल
     मध्य प्रदेश में बस से सफर करने वाले यात्रियों के लिए जल्द ही एक बड़ी सुविधा शुरू होने वाली है। रेलवे के आईआरसीटीसी की तर्ज पर अब मोबाइल एप के जरिए घर बैठे बस टिकट बुक करने की तैयारी की जा रही है।मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एमपी-वायपीआईएल) द्वारा मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत यह आधुनिक मोबाइल एप तैयार कराया जा रहा है। इस सेवा की शुरुआत सबसे पहले भोपाल और इंदौर के आईएसबीटी से किए जाने की योजना है।

    इसके जरिए यात्री घर बैठे बस का रूट, चढ़ने का स्थान और गंतव्य चुनकर टिकट बुक कर सकेंगे। शुरुआत भोपाल और इंदौर के आईएसबीटी से करने की तैयारी है। हालांकि, एप का नाम, डाउनलोड लिंक और बुकिंग शुरू होने की तारीख अभी घोषित नहीं हुई है।योजना में टिकट बुकिंग के साथ बसों की निगरानी, जीपीएस और कैमरे चालू रखने और टिकट नहीं देने वाले कंडक्टर पर कार्रवाई का प्रावधान भी शामिल है।

    यात्रियों के लिए सबसे अहम सवाल यह है कि टिकट किस एप पर मिलेगा, बुकिंग के समय कितना पैसा देना होगा, बस कहां से मिलेगी और किसी कारण से बस छूट जाने पर उसी टिकट से अगली बस में सफर कर सकेंगे या नहीं। उपलब्ध जानकारी में इन सभी सवालों के अंतिम नियम अभी स्पष्ट नहीं हैं। सरकार जल्द ही एप लॉन्च करने वाली है।

    किस एप पर मिलेगा टिकट?
    मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एमपी-वायपीआईएल) आईआरसीटीसी की तर्ज पर मोबाइल एप तैयार करा रही है। अभी एप का आधिकारिक नाम, गूगल प्ले स्टोर या एपल एप स्टोर का लिंक और वेबसाइट की जानकारी जारी नहीं हुई है।

    इसलिए फिलहाल किसी अनधिकृत एप या लिंक से टिकट बुक करने से बचें। आधिकारिक जानकारी परिवहन विभाग या सेवा संचालित करने वाली एजेंसी की घोषणा के बाद ही मिलेगी।

    क्या टिकट बुक करते समय ही पूरा किराया देना होगा?
    ऑनलाइन टिकट बुकिंग में भुगतान की व्यवस्था प्रस्तावित है। योजना के मुताबिक, टिकट की राशि सीधे संबंधित बस ऑपरेटर के खाते में जमा होगी। एप के संचालन के लिए टिकट राशि पर 0.1 से 0.2 प्रतिशत तक कन्विनियंस फीस लेने की व्यवस्था पर भी काम हो रहा है।

    हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि हर टिकट के लिए पूरा किराया बुकिंग के समय ही देना होगा या कोई दूसरा विकल्प भी मिलेगा।

    यूपीआई, डेबिट-क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग या वॉलेट में से कौन-कौन से भुगतान विकल्प होंगे, इसकी आधिकारिक जानकारी भी सामने नहीं आई है। कन्विनियंस फीस किस पर और किस तरह लागू होगी, यह भी अंतिम नियमों से स्पष्ट होगा।

    बस छूट गई तो क्या दूसरी बस में टिकट मान्य होगा?
    यह यात्रियों के लिए सबसे जरूरी सवालों में से एक है। अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि टिकट किसी खास बस और समय के लिए होगा या उसी रूट पर अगली बस में भी मान्य रहेगा। टिकट बदलने, यात्रा की तारीख या समय में बदलाव, कैंसिलेशन और रिफंड के नियम भी घोषित नहीं हुए हैं।

    इसलिए यात्रियों को यह मानकर नहीं चलना चाहिए कि एक बस छूटने पर उसी टिकट से दूसरी बस में सफर किया जा सकेगा। बुकिंग शुरू होने से पहले इन नियमों की स्पष्ट जानकारी लेना जरूरी होगा।

    मोबाइल एप और टिकट बुकिंग से जुड़ी मुख्य बातें
    सुगम परिवहन सेवा:
    इस नई व्यवस्था के तहत यात्री घर बैठे ही बस का रूट, चढ़ने का स्थान (बोर्डिंग पॉइंट) और अपने गंतव्य का चयन कर ऑनलाइन टिकट बुक कर सकेंगे। हालांकि, अभी एप का आधिकारिक नाम, डाउनलोड लिंक और लॉन्चिंग की तारीख घोषित नहीं की गई है।

    सुरक्षा और निगरानी: इस योजना के तहत बसों में जीपीएस और कैमरे हर समय चालू रखना अनिवार्य किया गया है, जिससे बसों की लाइव लोकेशन और सुरक्षा पर नजर रखी जा सके।

    कंडक्टर और यात्रियों पर सख्त कार्रवाई: सुगम परिवहन सेवा के नियमों के तहत यदि कोई कंडक्टर किराया लेने के बावजूद यात्री को टिकट नहीं देता है, तो उस पर केस दर्ज करने और जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, बिना टिकट यात्रा करते पकड़े जाने पर संबंधित यात्री पर भी कार्रवाई की जाएगी।

    ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर की सौगात: सड़क हादसों पर अंक लगाने और चालकों को प्रशिक्षित करने के लिए प्रदेश में 38 नए ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, छतरपुर और बैतूल में पांच रीजनल ड्राइविंग सेंटर शामिल हैं।

    यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
    परिवहन विभाग या आधिकारिक एजेंसी द्वारा एप का नाम और लिंक जारी होने तक किसी भी अनधिकृत या फर्जी एप से टिकट बुक करने से बचने की सलाह दी जाती है। बुकिंग, भुगतान के तरीकों, रिफंड और बस छूटने पर टिकट की वैधता से जुड़े स्पष्ट नियम आधिकारिक घोषणा के बाद ही सामने आएंगे।

    बस कहां से मिलेगी, स्टॉपेज कैसे पता चलेगा?
    प्रस्तावित एप में निर्धारित बस स्टैंड, अधिकृत स्टॉपेज और गंतव्य के अनुसार टिकट बुक करने की सुविधा होगी। यानी यात्री को अपनी यात्रा के लिए तय चढ़ने और उतरने का स्थान चुनना होगा। पहले चरण में भोपाल और इंदौर के आईएसबीटी से सेवा शुरू करने की तैयारी है।

    अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यात्री किसी भी अधिकृत स्टॉपेज से बस पकड़ सकेंगे या कुछ रूटों पर केवल आईएसबीटी से ही बोर्डिंग होगी।

    बस का सटीक प्लेटफॉर्म, स्टॉपेज की लोकेशन और बस की लाइव लोकेशन टिकट बुकिंग एप पर दिखाई जाएगी या नहीं, यह भी अंतिम सुविधाओं की घोषणा के बाद पता चलेगा।

    टिकट नहीं देने वाले कंडक्टर पर केस, बिना टिकट यात्री पर भी कार्रवाई
    सुगम परिवहन सेवा में किराया लेने के बाद टिकट नहीं देने वाले कंडक्टर के खिलाफ केस और जुर्माने का प्रावधान प्रस्तावित है। बिना टिकट यात्रा करते पकड़े जाने पर यात्री पर भी जुर्माना और कार्रवाई हो सकती है। जुर्माने की राशि, जांच की प्रक्रिया और कार्रवाई करने वाले अधिकारियों के अधिकार अभी स्पष्ट नहीं हैं।

    यात्रियों के लिए जरूरी है कि किराया देने के बाद टिकट जरूर लें और यात्रा पूरी होने तक उसे संभालकर रखें। डिजिटल टिकटिंग से टिकट बिक्री और भुगतान का रिकॉर्ड रखने में मदद मिल सकती है।

    बसों में जीपीएस और कैमरे चालू रखना अनिवार्य
    योजना में शामिल निजी बसों में जीपीएस और कैमरा सिस्टम चालू रखना अनिवार्य होगा। इससे बसों की निगरानी और लोकेशन की जानकारी हासिल करने में मदद मिलेगी।

    हालांकि, लाइव लोकेशन यात्रियों को एप पर उपलब्ध होगी या नहीं, कैमरों की रिकॉर्डिंग कितने समय तक सुरक्षित रखी जाएगी और शिकायतों पर किस तरह कार्रवाई होगी, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

    यात्रियों के लिए अभी सबसे जरूरी बात
    मोबाइल एप का नाम और आधिकारिक लिंक जारी होने तक टिकट बुकिंग शुरू होने का इंतजार करें। बुकिंग, भुगतान, रिफंड और बस छूटने पर टिकट की वैधता के नियम घोषित होने के बाद ही पूरी प्रक्रिया स्पष्ट होगी।

    हादसे रोकने 38 नए ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर
    सरकार निजी और व्यावसायिक वाहन चालकों तथा परिचालकों को प्रशिक्षित करने के लिए 38 नए ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर स्थापित करने की तैयारी कर रही है।

    भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, छतरपुर और बैतूल में पांच रीजनल ड्राइविंग सेंटर की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसके अलावा 33 ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किए जाने हैं।

    इनमें से 11 केंद्रों के प्रस्ताव केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेजे जा चुके हैं, जबकि 22 केंद्रों की स्थापना की प्रक्रिया चल रही है। प्रदेश में पहले से इंदौर और छिंदवाड़ा में ड्राइविंग एंड ट्रेनिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट संचालित हैं।

     

  • मध्य प्रदेश भवन दिल्ली की कमान संकेत भोंडवे को, रश्मि अरुण शमी की भूमिका बदली

    मध्य प्रदेश भवन दिल्ली की कमान संकेत भोंडवे को, रश्मि अरुण शमी की भूमिका बदली

    भोपाल
    प्रशासनिक अनुभव, दिल्ली में काम करने की पृष्ठभूमि और केंद्र सरकार के साथ समन्वय की जरूरत—इन पहलुओं के बीच मध्य प्रदेश सरकार ने आईएएस अधिकारी संकेत भोंडवे को एक महत्वपूर्ण अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी है। नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त भोंडवे अब मध्य प्रदेश भवन, नई दिल्ली में आवासीय आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे।

    भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2007 बैच के अधिकारी संकेत भोंडवे दिल्ली में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के निजी सचिव के रूप में काम कर चुके हैं। उनके इस पूर्व अनुभव को नई जिम्मेदारी के लिहाज से प्रासंगिक माना जा रहा है।

    दिल्ली में समन्वय, भोपाल में योजनाओं पर नजर
    राज्य सरकार की अनेक विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में केंद्रीय मंत्रालयों के साथ तालमेल की जरूरत होती है। योजनाओं से संबंधित प्रस्तावों, स्वीकृतियों और लंबित मामलों पर समन्वय स्थापित करना इस प्रक्रिया का अहम हिस्सा है। आवासीय आयुक्त के रूप में संकेत भोंडवे की भूमिका इस दिशा में महत्वपूर्ण हो सकती है।

    सिंहस्थ बनेगा प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक?
    मध्य प्रदेश में सिंहस्थ मेले की तैयारियां नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी हैं। संकेत भोंडवे इस विभाग के आयुक्त हैं। ऐसे में दिल्ली में अतिरिक्त प्रभार मिलने से सिंहस्थ से संबंधित मामलों में केंद्र सरकार के साथ संवाद और समन्वय स्थापित करने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। हालांकि, इस नियुक्ति से योजनाओं को कितनी तेजी मिलेगी, यह संबंधित प्रस्तावों, केंद्रीय स्वीकृतियों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगा।

    प्रशासनिक जिम्मेदारियों में बदलाव
    मध्य प्रदेश भवन में आवासीय आयुक्त की जिम्मेदारी पहले अपर मुख्य सचिव रश्मि अरुण शमी के पास थी। अब उन्हें विशेष आयुक्त समन्वय का दायित्व सौंपा गया है। संकेत भोंडवे के सामने अब प्रदेश में नगरीय प्रशासन से जुड़े कार्यों के साथ दिल्ली में राज्य सरकार के मामलों के समन्वय की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी होगी।