Author: NewseDay

  • अबू धाबी टेस्ट में अफगानिस्तान का शानदार संघर्ष, पुछल्ले बल्लेबाजों ने बांग्लादेश से छीनी जीत की उम्मीदें

    अबू धाबी टेस्ट में अफगानिस्तान का शानदार संघर्ष, पुछल्ले बल्लेबाजों ने बांग्लादेश से छीनी जीत की उम्मीदें

    अबू धाबी

    अफगान‍िस्तान और बांग्लादेश के बीच अबू धाबी में खेला गया एकमात्र टेस्ट ड्रॉ पर छूट गया है. 9 अक्टूबर को शुरू हुआ मुकाबला मंगलवार (13 अक्टूबर) को ड्रॉ पर खत्म हुआ। खास बात यह रही कि इस मुकाबले में एक समय ऐसा लग रहा था कि बांग्लादेश की टीम आसान से जीत लेगी, लेकिन अफगान‍िस्तान के पुछल्ले बल्लेबाजों  कैस अहमद (49 रन नाबाद, 80 गेंद) और यामीन अहमजई (19 रन, 85 गेंद) ने मैच ड्रॉ करवाने में अहम भूम‍िका न‍िभाई। 

    दरअसल, एक समय बांग्लादेशी टीम ने एक समय अफगान‍िस्तान के 321 रनों पर 7 व‍िकेट ग‍िरा द‍िए थे. लेकिन इसी स्कोर कैस अहमद और यामीन अहमजई ने खेला कर दिया. हालांकि यामीन खेल के आख‍िरी पलों में आउट हो गए, पर इसके बाद आए ज‍िया उर रमान ने 12 गेंदें खेलकर अहम भूम‍िका न‍िभाई। 

    इस मुकाबले में बांग्लादेश ने पहली पारी में 346 रन बनाए थे, जवाब में अफगान‍िस्तान टीम की पहली पारी 240 रनों पर स‍िमट गई. इसके बाद बांग्लादेश ने 7 व‍िकेट पर 372 रन बनाकर घोष‍ित कर दी थी. जिसके बाद अफगानी टीम के सामने 479 रनों का व‍िशाल टारगेट म‍िला था. लेकिन अफगान‍िस्तान की टीम ने दूसरी पारी में 142 ओवर खेले और 346/8 का स्कोर बनाकर मैच ड्रॉ करवा द‍िया।

    अफगानिस्तान की प्लेइंग XI: अब्दुल मलिक, सेदिकुल्लाह अटल, रहमत शाह (c), हशमतुल्लाह शाहिदी, इकराम अलीखिल (w), ज‍िया-उर-रहमान अकबर, शाहिदुल्लाह कमाल, यामिन अहमदजई, कैस अहमद, मोहम्मद सलीम सफ़ी, इस्मत आलम

    बांग्लादेश की प्लेइंग XI: शादमान इस्लाम, तंजीद हसन तमीम, मोमिनुल हक, नजमुल हुसैन शान्तो (c), मुश्फ‍िकुर रहीम, लिटन दास (w), मेहदी हसन मिराज, नईम हसन, हसन महमूद, तैजुल इस्लाम, इबादत हुसैन

      

  • जौहर ट्रस्ट की वित्तीय अनियमितताओं पर ED की कार्रवाई, आजम खान के खिलाफ रामपुर में FIR दर्ज

    जौहर ट्रस्ट की वित्तीय अनियमितताओं पर ED की कार्रवाई, आजम खान के खिलाफ रामपुर में FIR दर्ज

    रामपुर

      उत्तर प्रदेश के रामपुर में समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान की मुश्किलें बढ़ गई हैं. दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में उनके खिलाफ FIR दर्ज कराई है. यह एफआईआर रामपुर के अजीमनगर थाने में दर्ज हुई है. मामले में बड़े पैमाने पर आर्थिक गड़बड़ियों के आरोप लगाए गए हैं। 

    मिली जानकारी के मुताबिक, ईडी के लखनऊ कार्यालय में तैनात डिप्टी डायरेक्टर पीयूष एस. थ्रोट ने पुलिस को शिकायत दी. इसके आधार पर अजीमनगर थाने में FIR दर्ज की गई है. यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट यानी धन शोधन निवारण अधिनियम की धारा 66(2) के तहत की गई शिकायत से जुड़ी है। 

    जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी में कथित आर्थिक अनियमितताओं को लेकर जांच एजेंसी ने यह कदम उठाया है. हालांकि, एफआईआर दर्ज होने का मतलब यह नहीं है कि आरोप साबित हो गए हैं. मामले की जांच के बाद ही आरोपों से जुड़े तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी। 

    भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी शामिल
    इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61, 316(5) और 318(4) के तहत भी FIR दर्ज की गई है. इसके अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 13(1) और 13(2) भी लगाई गई हैं. इन धाराओं के तहत दर्ज मामले में कथित वित्तीय गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों की जांच की जा सकती है. फिलहाल, उपलब्ध जानकारी में एफआईआर में लगाए गए आरोपों का पूरा ब्योरा सामने नहीं आया है। 

    जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े इस मामले में अब जांच के दौरान अहम दस्तावेजों और लेन-देन की पड़ताल की जा रही है. ईडी की शिकायत के आधार पर दर्ज FIR के बाद मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस और संबंधित जांच एजेंसियों की जांच पर निर्भर करेगी. आजम खान की ओर से इस एफआईआर पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। 

    क्या है पूरा मामला?
    दरअसल, जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़ा यह मामला पैसों के लेन-देन में कथित गड़बड़ी का है. ईडी को शक है कि ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी को मिले पैसों के सोर्स और उनके इस्तेमाल में गड़बड़ी हुई है. जांच एजेंसी यह पता लगा रही है कि ट्रस्ट को पैसा कहां से मिला और उसे किन कामों में खर्च किया गया. इस मामले में सरकारी ठेकेदारों से जुड़े पैसों के लेन-देन की भी जांच की जा रही है. ईडी इससे पहले ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी से जुड़े लोगों से पूछताछ कर चुकी है। 

    13 अक्टूबर को ईडी ने रामपुर जेल में आजम खान से भी करीब आठ घंटे तक पूछताछ की थी. अब एजेंसी की शिकायत पर रामपुर के अजीमनगर थाने में आजम खान के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. हालांकि, अभी ये आरोप हैं और जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी। 

  • बस्तर में नक्सलियों का सरेंडर, 6 माओवादियों ने छोड़ा रास्ता; कुल 35 लाख रुपये का था इनाम

    बस्तर में नक्सलियों का सरेंडर, 6 माओवादियों ने छोड़ा रास्ता; कुल 35 लाख रुपये का था इनाम

    बीजापुर
     छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में सुरक्षाबल के जवानों को एक बड़ी कामयाबी मिली है। छह माओवादी कैडरों ने सुरक्षाबल के जवानों के सामने सरेंडर कर दिया। इनमें से चार ओडिशा में सक्रिय थे और दो वेस्ट बस्तर डिवीजन संगठन से भागकर आए थे। इस समूह में चार पार्टी पॉलिटिकल कैडर सदस्य (पीपीसीएम) और दो पार्टी सदस्य (पीएम) शामिल थे।

    35 लाख रुपये के थे इनामी
    मामले की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि सरेंडर करने वाले नक्सलियों पर कुल 35 लाख रुपये का इनाम घोषित था। ये कैडर छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सल सरेंडर और पुनर्वास नीति, सुरक्षा बलों के लगातार नक्सल-विरोधी अभियानों और बीजापुर जिले में चल रहे पुनर्वास व कौशल विकास कार्यक्रमों से प्रभावित थे।

    मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया
    सुरक्षा बलों के लगातार संपर्क और तालमेल के कारण उन्होंने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने का फैसला किया। सुरक्षा बलों में डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) बीजापुर और सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) शामिल थे। उन्होंने अपने सरेंडर के मुख्य कारणों के तौर पर सुरक्षा बलों के बढ़ते असर, संगठन के बिखरने, माओवादियों की हिंसक और जन-विरोधी विचारधारा से मोहभंग होने, पुराने कैडरों के सफल पुनर्वास और आदिवासी इलाकों में तेजी से हो रहे विकास का जिक्र किया।

    तीन माओवादियों पर था 8-8 लाख रुपये का इनाम
    सरेंडर करने वालों में रानी सोढ़ी उर्फ संध्या (30), उनके पति संतोष कुड़ियम उर्फ सुक्कू (27) और पांडो पोडियाम उर्फ सस्मिता (28) शामिल हैं। ये तीनों ओडिशा राज्य इकाई की कंपनी नंबर 8 में प्लाटून पार्टी कमेटी सदस्य (पीपीसीएम) के रूप में सक्रिय थे। इनमें से प्रत्येक पर आठ लाख रुपये का इनाम घोषित था।

    इसके अलावा, छत्तीसगढ़ इकाई की कंपनी नंबर 2 में पीपीसीएम के रूप में सक्रिय कोसा मड़वी (30) पर भी आठ लाख रुपये का इनाम था। ओडिशा राज्य इकाई के पार्टी सदस्य देवें मड़कम उर्फ जन्नी (22) पर दो लाख रुपये, जबकि बीजापुर के गंगालूर क्षेत्र में सक्रिय लल्लू ताती (25) पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था।

    पुलिस के अनुसार, सभी सरेंडर करने वाले माओवादी बस्तर क्षेत्र के अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं। उन पर छत्तीसगढ़ और ओडिशा में सुरक्षा बलों पर हुए विभिन्न हमलों में शामिल होने का आरोप है। बीत दिनों सुकमा में बेकार और बचे हुए विस्फोटकों को नष्ट करने के दौरान अचानक धमाका हो गया। हादसे में CRPF के चार जवान घायल हो गए।

    पुनर्वास नीति के तहत मिलेगी सहायता
    एसपी उमेश प्रसाद गुप्ता ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को पुनर्वास नीति के तहत आर्थिक सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण, आवास, शिक्षा और स्वरोजगार के लिए सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें रोजगार के अवसर देकर समाज की मुख्यधारा में फिर से शामिल करने का प्रयास किया जाएगा।

    सुकमा के जंगल में हथियारों और विस्फोटकों का जखीरा मिला
    एक अन्य कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने  सुकमा जिले के जंगलों में छिपाकर रखे गए हथियारों, कारतूसों और विस्फोटकों का जखीरा बरामद किया। अधिकारियों के मुताबिक, आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर यह अभियान चलाया गया।

    जिला पुलिस, जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) और बस्तर फाइटर्स की संयुक्त टीम ने किस्टाराम थाना क्षेत्र के पलाचलमा गांव के पहाड़ी और वन क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। इसी दौरान छिपाकर रखी गई हथियारों की खेप का पता चला। बरामद सामग्री में दो .303 राइफल, एक सिंगल शॉट हथियार, चार बैरल ग्रेनेड लॉन्चर (बीजीएल), तीन 12 बोर राइफल, दो मजल-लोडिंग बंदूकें और एक देशी पिस्तौल शामिल हैं।

    इसके अलावा, इंसास राइफल की तीन मैगजीन, 26 जिंदा कारतूस, 12 बोर के 20 जिंदा कारतूस, एक एरो बम, बीजीएल के दो गोले, एक वायरलेस सेट और 208 नॉन-इलेक्ट्रिक डेटोनेटर भी बरामद किए गए।

    किसने किया सरेंडर
    अधिकारियों ने बताया कि सरेंडर करने वाले नक्सली कैडरों में रानी सोढ़ी उर्फ संध्या शामिल हैं, जो ओडिशा स्टेट कंपनी नंबर-8 में पीपीसीएम के पद पर सक्रिय थी। उसके सिर पर 8 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इनके अलावा पांडो पोडियम उर्फ सस्मिता ने आत्मसमर्पण किया, जो ओडिशा स्टेट कंपनी नंबर-8 की पीपीसीएम थीं और 8 लाख रुपये की इनामी थी। सुक्कु कुडियम उर्फ संतोष ओडिशा स्टेट सीसीएम के पूर्व सुरक्षा गार्ड थे। वहीं, गणेश उइका ने हथियार छोड़ दिए, उस पर 8 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

    आत्मसमर्पण करने वालों में कोसा माडवी कंपनी नंबर-2 के ए-सेक्शन कमांडर और पीपीसीएम थे। उस पर 8 लाख रुपये का इनाम था। इसके अलावा देवे माडकम उर्फ जन्नी पार्टी सदस्य होने के साथ ओडिशा स्टेट एसजेडसीएम जगदीश इरपा के सुरक्षा गार्ड था। इस पर 2 लाख रुपये का इनाम था। लालू ताती ने भी आत्मसमर्पण किया। उसपर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

    पुनर्वास नीति से थे प्रभावित
    इन सभी छह लोगों को राज्य सरका
    र की 'नक्सल आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति' के तहत आर्थिक मदद, कौशल विकास प्रशिक्षण, आवास, शिक्षा, स्वरोजगार और रोजगार में सहायता मिलेगी, ताकि वे मुख्यधारा में सम्मानजनक जीवन जी सकें। इस आत्मसमर्पण की सफलता में डीआरजी बीजापुर, सीआरपीएफ की 170वीं बटालियन और बीजापुर पुलिस के बीच बेहतरीन तालमेल, आपसी भरोसा और संवेदनशील रवैये ने अहम भूमिका निभाई।

  • MP में राजस्व वसूली में उछाल, अप्रैल-सितंबर में 11.37% वृद्धि

    MP में राजस्व वसूली में उछाल, अप्रैल-सितंबर में 11.37% वृद्धि

    वाणिज्यिक कर, आबकारी और पंजीयन-मुद्रांक विभागों ने हासिल किया छह माह के लक्ष्य का 94.25 प्रतिशत

    भोपाल
    मध्यप्रदेश में वित्तीय वर्ष 2026-27 में राजस्व संग्रहण की रफ्तार सकारात्मक बनी हुई है। अप्रैल से सितंबर तक वाणिज्यिक कर, आबकारी तथा पंजीयन एवं मुद्रांक विभागों ने कुल 44,711 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। यह निर्धारित लक्ष्य 47,439 करोड़ रुपये का 94.25 प्रतिशत है। अभी वित्तीय वर्ष समाप्ति में 6 माह शेष है और लक्ष्य आसानी से प्राप्त कर लिया जाएगा। पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि में प्राप्त 40,147 करोड़ रुपये की तुलना में इस बार राजस्व संग्रहण 44,711 करोड़ हुआ है, जिससे गत वर्ष की तुलना में 11.37 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

    विभागीय आंकड़ों के अनुसार, वाणिज्यिक कर विभाग ने छह माह में 28,385 करोड़ रुपये, आबकारी विभाग ने 9,769 करोड़ रुपये तथा पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग ने 6,557 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है।

    वाणिज्यिक कर विभाग का योगदान सर्वाधिक
    वाणिज्यिक कर विभाग ने अप्रैल से सितंबर तक 30,686 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध 28,385 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया, जो यह लक्ष्य का 92.50 प्रतिशत है। पिछले वर्ष की समान अवधि में विभाग ने 26,052 करोड़ रुपये जुटाए थे। इस प्रकार विभाग के राजस्व में 8.96 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

    आबकारी विभाग ने लक्ष्य का 98.68 प्रतिशत हासिल किया
    आबकारी विभाग ने छह माह में 9,900 करोड़ रुपये के निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 9,769 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। यह लक्ष्य का 98.68 प्रतिशत है। पिछले वर्ष की समान अवधि में प्राप्त 8,295 करोड़ रुपये की तुलना में राजस्व संग्रहण में 17.77 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। तीनों विभागों में आबकारी विभाग लक्ष्य प्राप्ति के सबसे करीब रहा।

    पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग के राजस्व में 13.06 प्रतिशत वृद्धि
    पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग ने अप्रैल से सितंबर तक 6,853 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध 6,557 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया। यह निर्धारित लक्ष्य का 95.68 प्रतिशत है। पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में विभाग ने 5,800 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया था। इस बार इसमें 13.06 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

    अप्रैल और सितंबर में बेहतर प्रदर्शन
    माह अप्रैल 2026 में तीनों विभागों ने संयुक्त रूप से 7,411 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध 7,938 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया, जो लक्ष्य का 107.11 प्रतिशत है। पिछले वर्ष की तुलना में 35.74 प्रतिशत की वृद्धि हुई। माह सितंबर 2026 में भी तीनों विभागों ने 6,936 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध 6,676 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया। यह लक्ष्य का 96.25 प्रतिशत है। पिछले वर्ष सितंबर माह की तुलना में इस माह राजस्व संग्रहण 12.89 प्रतिशत अधिक रहा।

     

  • IPL 2027 में युवराज सिंह की एंट्री, बने सहायक और बल्लेबाजी कोच

    IPL 2027 में युवराज सिंह की एंट्री, बने सहायक और बल्लेबाजी कोच

    नई दिल्ली
    पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह को बड़ी जिम्मेदारी मिली है। 2011 विश्व कप विजेता युवराज सिंह को आईपीएल 2027 के लिए दिल्ली कैपिटल्स का सहायक और बल्लेबाजी कोच नियुक्त किया गया है। 44 वर्षीय युवराज सिंह का यह लीग में कोचिंग का पहला अनुभव होगा और वे फ्रेंचाइजी के कोचिंग स्टाफ में अपने पूर्व कप्तान सौरव गांगुली के साथ जुड़ेंगे। गांगुली मुख्य कोच होंगे।
     
    राजस्थान को 170 रन की बढ़त
    दिल्ली कैपिटल्स ने अपने X पर अपने आधिकारिक हैंडल से यह जानकारी दी। पोस्ट करते हुए दिल्ली कैपिटल्स ने कैप्शन दिया- “एक चैंपियन। एक नेता। एक टाइगर। पीढ़ियों को प्रेरित करने वाला यह दिग्गज दिल्ली की विरासत को संवारने के लिए तैयार है। घर वापसी पर आपका स्वागत है, युवराज सिंह।” दिल्ली कैपिटल्स ने इस कैप्शन के साथ एक खास वीडियो शेयर किया, जिसमें युवराज सिंह अपने बैक होने और अस्टिस्टेंट और बैटिंग कोच बनने की जानकारी साझा करते हैं। सौरव गांगुली ने इस वीडियों में युवराज सिंह के करियर को बखूबी सिनेमैटिक और इमोशनल तरीके से समझाया है।

    युवराज ने जाहिर की खुशी, खास उपलब्धि पर क्या कहा?
    44 वर्षीय युवराज सिंह ने भारत को 2007 टी20 विश्व कप और 2011 वनडे विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाई थी। युवराज का दिल्ली फ्रेंचाइजी के साथ एक पुराना इतिहास भी है, क्योंकि वह 2015 में रिकॉर्ड 16 करोड़ रुपये में दिल्ली डेयरडेविल्स में शामिल हुए थे और उस सीजन के सभी 14 मैचों में खेले थे। औपचारिक रूप से अपना पद शुरू करने के मौके पर युवराज सिंह ने कहा, “दिल्ली कैपिटल्स के साथ अपने जीवन का एक नया अध्याय शुरू करने को लेकर मैं बेहद उत्साहित हूं। इस फ्रेंचाइजी से मेरा पुराना जुड़ाव है और मैं मालिकों को अच्छी तरह जानता हूं, इसलिए यह मेरे लिए एक खास मौका है। मैं दादा के साथ कोच के तौर पर जुड़ने को लेकर भी उत्सुक हूं। कोचिंग मेरा जुनून है और मैं इस बेहद प्रतिभाशाली टीम के साथ शुरुआत करने के लिए बेताब हूं। मुझे पूरा यकीन है कि यह मेरे लिए एक रोमांचक सफर होगा और मैं टीम की सफलता में अपना योगदान देने के लिए तत्पर हूं।

  • बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए योगी सरकार की पहल, बिलिंग से लेकर राजस्व वसूली तक होगी मॉनिटरिंग

    बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए योगी सरकार की पहल, बिलिंग से लेकर राजस्व वसूली तक होगी मॉनिटरिंग

    योगी सरकार का बिजली व्यवस्था में लगातार सुधार पर जोर, राजस्व वसूली और सही बिलिंग की होगी सख्त निगरानी

    लाइन हानि कम करने और उपभोक्ता सेवाएं बेहतर बनाने के लिए वितरण निगमों को निर्देश

    गलत बिजली बिलों पर तय होगी जिम्मेदारी, डिस्कॉम प्रबंध निदेशक हर सप्ताह 7 से 10 बिलों की करेंगे रैंडम जांच

    लखनऊ,
     योगी सरकार प्रदेश में विद्युत वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने, राजस्व संग्रह बढ़ाने और उपभोक्ताओं को पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं यूपीपीसीएल के अध्यक्ष रणवीर प्रसाद ने वितरण निगमों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक कर राजस्व प्राप्ति, लाइन हानि, बिलिंग व्यवस्था, स्मार्ट मीटर स्थापना, परिवर्तकों की क्षतिग्रस्तता और विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    बैठक में पावर कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक नितीश कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि सभी वितरण निगमों के प्रबंध निदेशक एवं संबंधित अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। अध्यक्ष ने कहा कि राजस्व वृद्धि, विद्युत हानियों में कमी और उपभोक्ता सेवाओं में सुधार के लिए प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही तय की जाए।

    राजस्व वृद्धि और लाइन हानि में कमी पर जोर

    वित्तीय वर्ष 2026-27 में राजस्व प्राप्ति और केवाईपी अभियान की समीक्षा करते हुए रणवीर प्रसाद ने राजस्व संग्रह में सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने पांच रुपये से कम थ्रू रेट वाले फीडरों की विशेष समीक्षा करने तथा सर्वाधिक लाइन हानि वाले 10 पोषकों को प्राथमिकता के आधार पर लेकर सुधारात्मक कार्रवाई करने को कहा। सहारनपुर में 1.71 रुपये थ्रू रेट पर असंतोष जताते हुए सुधार के निर्देश दिए, जबकि मुरादाबाद में राजस्व प्राप्ति कम होने पर संबंधित अधिकारियों से प्रभावी प्रयास करने को कहा।

    गलत बिलिंग पर तय होगी जिम्मेदारी

    यूपीपीसीएल अध्यक्ष ने उपभोक्ताओं को सही और समयबद्ध बिजली बिल उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने गलत बिल तत्काल ठीक करने, बिलिंग संबंधी शिकायतों का निस्तारण करने और बिल संशोधन में अनियमितता रोकने के निर्देश दिए। सभी डिस्कॉम के प्रबंध निदेशकों को प्रत्येक सप्ताह सात से दस उपभोक्ताओं के बिलों की रैंडम जांच करने को कहा। लंबित बिल संशोधन मामलों के निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाने और लापरवाही मिलने पर संबंधित कार्मिक की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश भी दिए।

    बकायेदारों पर कार्रवाई, परिवर्तकों की सुरक्षा पर ध्यान

    बकाया वसूली के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के बकायेदार उपभोक्ताओं के संबंध में ग्राम प्रधानों को पत्र भेजकर अवगत कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के गोला और नवाबगंज, गोंडा क्षेत्रों में बिलों की जांच तथा 10 बड़े बकायेदारों को चिह्नित कर नियमानुसार नोटिस और आवश्यक कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए हैं। बैठक में 100 केवीए से कम क्षमता वाले परिवर्तकों पर फ्यूज सेट लगाने का कार्य तेज करने तथा परिवर्तकों की क्षतिग्रस्तता कम करने के तकनीकी उपायों पर भी जोर दिया गया। 

    इसके अलावा बिजनेस प्लान 2024-25, 2025-26 और 2026-27 के स्वीकृत कार्यों की प्रगति, एमबी, ईआरपी क्लोजर और अंतिम भुगतान से जुड़े मामलों को समय से निस्तारित करने के निर्देश दिए गए। रणवीर प्रसाद ने कहा कि सही बिलिंग, शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण, राजस्व वृद्धि और विद्युत हानियों में कमी वितरण निगमों की जिम्मेदारी है। इसके लिए नियमित निगरानी और निर्धारित समयसीमा में परिणाम सुनिश्चित किए जाएं।

  • पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द के जीवन और संघर्ष की कहानी, सीएम योगी करेंगे आत्मकथा का विमोचन

    पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द के जीवन और संघर्ष की कहानी, सीएम योगी करेंगे आत्मकथा का विमोचन

    पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द की आत्मकथा 'भारतीय गणतंत्र की विजयगाथा: मेरा जीवन, मेरा संघर्ष' का विमोचन करेंगे सीएम योगी

    पूर्व राष्ट्रपति की गरिमामय उपस्थिति में लोक भवन सभागार में होगा रूपा पब्लिकेशंस इंडिया द्वारा प्रकाशित पुस्तक का विमोचन

    विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना और दोनों डिप्टी सीएम भी रहेंगे मौजूद

    साधारण पृष्ठभूमि से सर्वोच्च संवैधानिक पद तक के संघर्ष, अनुभव व राष्ट्रपति भवन के अनछुए पहलुओं पर आधारित है पुस्तक

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार, 14 अक्टूबर को भारत के 14वें राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द की आत्मकथा 'भारतीय गणतंत्र की विजयगाथा: मेरा जीवन, मेरा संघर्ष' का विमोचन करेंगे। पूर्व राष्ट्रपति की गरिमामय उपस्थिति में यह कार्यक्रम लोकभवन सभागार में आयोजित किया गया है। रूपा पब्लिकेशंस इंडिया द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक के विमोचन समारोह में विधानसभा अध्य्क्ष सतीश महाना, दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य एवं ब्रजेश पाठक समेत अन्य अतिथिगण उपस्थित रहेंगे।

    पुस्तक में कई अनछुए पहलुओं और निर्णयों का विवरण
    पूर्व राष्ट्रपति द्वारा लिखी गई पुस्तक में केवल उनके व्यक्तिगत जीवन ही नहीं, बल्कि राष्ट्रपति के रूप में 5 वर्षीय कार्यकाल के दौरान लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों, संवैधानिक शक्तियों, कोविड-19 संकट, केंद्र-राज्य संबंधों और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति से जुड़े कई अनसुने-अनदेखे अनुभवों का विवरण दर्ज है। साथ ही, इसमें देश की शासन व्यवस्था और सशस्त्र सेनाओं के सर्वोच्च कमांडर के रूप में उनके दायित्वों को भी गहराई से साझा किया गया है। यह पुस्तक न केवल एक पूर्व राष्ट्रपति की जीवनगाथा है, बल्कि भारतीय लोकतंत्र की शक्ति, संवैधानिक आदर्शों और सामाजिक-राजनीतिक परिवेश की जीवंत झलक भी प्रस्तुत करती है। 

    संघर्ष से शिखर तक की प्रेरक यात्रा
    यह कार्यक्रम भारतीय गणतंत्र की उस मूल भावना का उत्सव है, जिसमें एक साधारण नागरिक अपने दृढ़ संकल्प, परिश्रम और सादगी के बल पर देश के सर्वोच्च पद तक पहुंच सकता है। उत्तर प्रदेश के एक साधारण ग्रामीण परिवेश (परौंख) से निकलकर राष्ट्रपति भवन तक का पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द का सफर प्रेरणादायी है।

    श्री कोविन्द ने 25 जुलाई 2017 को भारत के 14वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी। इससे पहले वह बिहार के राज्यपाल पद पर कार्यरत रहे। अप्रैल 1994 में उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सदस्य निर्वाचित हुए और मार्च 2006 तक लगातार दो कार्यकाल पूरे किए। इस दौरान उन्होंने कई संसदीय समितियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वकील के तौर पर उन्होंने 1977 से 1979 तक दिल्ली उच्च न्यायालय में केंद्र सरकार के अधिवक्ता के रूप में कार्य किया। वह सर्वोच्च न्यायालय में एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड भी बने। उनकी रुचि कानून, इतिहास, राजनीति और अध्यात्म में है।

  • जनकार्यों में देरी पर योगी सरकार सख्त, स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल में निर्माण मामले में बड़ा कदम

    जनकार्यों में देरी पर योगी सरकार सख्त, स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल में निर्माण मामले में बड़ा कदम

    जनकार्यों में हीला-हवाली पर योगी सरकार की बड़ी कार्रवाई 

    प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय परिसर में निर्माणाधीन बाल चिकित्सालय के निर्माण का मामला

    समय से निर्माण कार्य पूर्ण न करने पर यूपी सिडको ने आरसीबी इन्फ्राकॉन्स का अनुबन्ध किया निरस्त

    आरसीबी इन्फ्राकॉन्स की 55 लाख बैंक गारंटी जब्त, अग्रिम भुगतान की वसूली का आदेश

    फर्म निदेशक के विरुद्ध दर्ज मुकदमों को छुपाकर पंजीकरण कराने पर 5 साल के लिए किया गया ब्लैक लिस्ट

    मुख्य अभियंता केजी दुबे से पंजीकरण/नवीनीकरण का कार्य हटाया गया, कई अन्य अभियंताओं पर भी विभागीय कार्रवाई

    डीसीयू पैटर्न पर चिकित्सालय निर्माण के कार्य को समय से पूर्ण कराने के निर्देश जारी

    मौजूदा मुख्य अभियंता (पूर्व) अरविन्द कुमार निर्मल को प्रयागराज में रहकर कार्य पूर्ण कराने के निर्देश

    लखनऊ
     योगी सरकार ने प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय परिसर में बाल चिकित्सालय के निर्माण में हीला-हवाली पर बड़ी कार्रवाई की है। यूपी सिडको ने बाल चिकित्सालय का निर्माण कर रही फर्म आरसीबी इन्फ्राकान्स का अनुबंध निरस्त कर दिया है। यह कार्रवाई जन स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से अति महत्वपूर्ण एवं जन उपयोगी निर्माण कार्य को अनुबन्ध की निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण न करने के कारण की गई।

    यूपी सिडको के प्रबंध निदेशक संजीव सिंह ने फर्म के पंजीकरण में कूटरचित अभिलेखों एवं फर्म निदेशक के विरूद्ध दर्ज मुकदमे का तथ्य छिपाने के आरोप में फर्म को 05 वर्ष के लिए ब्लैक लिस्ट भी कर दिया है। साथ ही चिकित्सालय के निर्माण में अत्यधिक विलम्ब एवं लापरवाही के लिए फर्म के द्वितीय चरण का अनुबन्ध निरस्त करते हुए सिक्योरिटी एवं परफॉर्मेंस गारंटी की धनराशि 55.00 लाख रुपये को भी जब्त कर लिया गया है। कार्य की महत्ता के दृष्टिगत बाल चिकित्सालय के अवशेष निर्माण कार्य को निगम द्वारा डीसीयू पैटर्न पर अविलंब पूर्ण कराने की कार्यवाही की जाएगी। इसके लिए मुख्य अभियन्ता (पूर्व) एके निर्मल को नोडल अधिकारी नामित किया गया है।

    एमडी ने निर्देश दिया कि निगम अभियन्ताओं द्वारा फर्म को किये गये अग्रिम भुगतान की वसूली भी की जायेगी। उपरोक्त बाल चिकित्सालय के निर्माण कार्य में निगम के अभियन्ताओं द्वारा की गयी लापरवाही तथा बिना कार्य पूर्ण कराये फर्म के पक्ष में आंशिक रूप से धनराशि अवमुक्त करने के दोषी तत्कालीन अधीक्षण अभियन्ता  राजेश चौधरी, अधिशासी अभियन्ता मनीष कुमार श्रीवास्तव एवं सहायक अभियन्ता धर्म शंकर त्रिपाठी के विरूद्ध विभागीय कार्रवाई की जा रही है।

    एमडी संजीव सिंह ने बताया कि फर्म का फर्जी प्रपत्रों के आधार पर पंजीकरण करने एवं त्रुटिपूर्ण निविदा प्रक्रिया के लिए प्रथमदृष्टया दोषी पूर्व अधीक्षण अभियन्ता/मुख्य अभियन्ता (सेवानिवृत्त) पंकज चोपड़ा के विरूद्ध भी विधिक कार्रवाई की जाएगी। चिकित्सालय के निर्माण कार्य के लिए त्रुटिपूर्ण टेण्डर की कार्यवाही कर अनुबन्ध करने वाले तत्कालीन अधीक्षण अभियन्ता एवं मुख्य अभियन्ता (पूर्व) केजी दुबे के विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई की जा रही है। फर्मों के पंजीकरण एवं नवीनीकरण के समस्त कार्य मुख्य अभियन्ता, मुख्यालय केजी दुबे से तत्काल प्रभाव से हटा दिए गए हैं। इस प्रकरण के दृष्टिगत निगम में फर्जी अनुभव एवं अन्य प्रपत्रों के आधार पर पंजीकरण कराने वाली अन्य फर्मों को भी चिह्नित किए जाने के निर्देश दिये गये हैं। दोषी पाए जाने पर इन फर्मों को भी ब्लैक लिस्टेड किया जाएगा। सरकार ने पूरे प्रदेश में चल रहे निर्माण कार्यों को समयबद्ध रूप में पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। जनसेवा से जुड़े कार्यों में हीला-हवाली पर फर्मों और अभियंताओं पर कार्रवाई की जाएगी।

  • सीएम डॉ. यादव ने किशोर कुमार को किया याद, गायन और अभिनय की विरासत को बताया अमूल्य

    सीएम डॉ. यादव ने किशोर कुमार को किया याद, गायन और अभिनय की विरासत को बताया अमूल्य

    किशोर कुमार, गायन और अभिनय से हमारी स्मृतियों में रहेंगे मौजूद : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    अभिनेता रघुवीर यादव को मिला इस वर्ष का किशोर कुमार राष्ट्रीय सम्मान
    गायक अभिनेता किशोर कुमार की नगरी खंडवा में शीघ्र प्रारंभ होगा एयरपोर्ट
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव किशोर कुमार राष्ट्रीय सम्मान अलंकरण समारोह 2026 से वर्चुअली जुड़े

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि खंडवा की माटी के सपूत बहुमुखी प्रतिभा के धनी गायक और अभिनेता किशोर कुमार महान कलाकार थे। उन्हें संसार से विदा हुए 39 वर्ष हो गये, लेकिन वे अपने अभिनय और गीतों से प्रशंसकों के लिए अमर हैं और आगे भी स्मृतियों में बने रहेंगे। मध्यप्रदेश सरकार, हरफनमौला किशोर कुमार की स्मृति में राष्ट्रीय स्तर का पुरस्कार "किशोर कुमार अलंकरण" प्रतिवर्ष प्रतिभा संपन्न कलाकार को प्रदान करती है। वर्ष 2026 के पुरस्कार के लिये अभिनेता रघुवीर यादव का चयन किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अलंकरण समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि खंडवा के विकास के लिये सभी क्षेत्रों में कार्य हो रहा हैं। खंडवा में शीघ्र ही एयरपोर्ट भी बनेगा और जिले के प्रसिद्ध धार्मिक महत्व के स्थल ओंकारेश्वर तक श्रद्धालुओं और पर्यटकों का आवागमन आसान हो जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस वर्ष राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान से अलंकृत किए गए अभिनेता रघुवीर यादव को अलंकरण के लिये बधाई दी। समारोह में रघुवीर यादव को 5 लाख रुपए की सम्मान निधि, प्रशस्ति पत्र, अंगवस्त्रम् और स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, मुख्यमंत्री निवास भोपाल से वर्चुअली खंडवा में आयोजित राष्ट्रीय किशोर कुमार अलंकरण समारोह और संगीत संध्या को संबोधित कर रहे थे।

    किशोर कुमार का अंदाज याद रहेगा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गायक और अभिनेता किशोर कुमार का अपनी जन्मभूमि खंडवा से विशेष लगाव था। वे सदैव कहते थे – "दूध जलेबी खाएंगे, खंडवा में बस जाएंगे।" मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अनेक ऐसे गीत हैं जिन्हें किशोर कुमार ने न सिर्फ गाया बल्कि उन गीतों से जीवन दर्शन भी दिया। "रोते-रोते हंसना सीखो, हंसते-हंसते रोना…" और "जिन्‍दगी एक सफर है सुहाना…" ऐसा ही गीत हैं। फिल्म "पड़ोसन" में किशोर कुमार का अलग अंदाज दिखाई दिया, जो दर्शकों को सदैव याद रहेगा। फिल्म "चलती का नाम गाड़ी" उनके फिल्मी कैरियर की एक विशेष फिल्म रही, जिसमें उनके भाईयों अशोक कुमार और अनूप कुमार ने भी अभिनय किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किशोर कुमार को श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

    विलक्षण है रघुवीर यादव की प्रतिभा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश निवासी रघुवीर यादव विलक्षण प्रतिभा रखते हैं। वे वेब सीरिज 'पंचायत' में प्रधान की भूमिका से चर्चित हुए लेकिन इसके पहले पीपली लाइव के 'बुधिया', फिल्म लगान के 'भूरा' और उसके पहले "मुंगेरीलाल के हसीन सपने" में 'मुंगेरीलाल' का किरदार निभाकर उन्होंने नाम कमाया है। उनका ठेठ ग्रामीण अंदाज माटी की सौन्धी खुशबू का अहसास करवाता है। अभिनेता रघुवीर यादव ने मध्यप्रदेश पर्यटन के लिए लोकप्रिय जिंगल "एमपी अजब है सबसे गजब है" के लिए भी आवाज दी हैं। उन्हें किशोर कुमार राष्ट्रीय सम्मान से अलंकृत कर मध्यप्रदेश सरकार स्वयं गौरवान्वित हो रही है।

    किशोर कुमार राष्ट्रीय अलंकरण समारोह में जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. विजय शाह, संस्कृति राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी, विधायक श्रीमती कंचन मुकेश तन्वे, विधायक नारायण सिंह पटेल, विधायक श्रीमती छाया मोरे, महापौर श्रीमती अमृता अमर यादव, पूर्व विधायक देवेन्द्र वर्मा और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।h

  • कच्चे तेल में फिर उछाल की आशंका, भारत की अर्थव्यवस्था पर क्या होगा असर? SBI रिसर्च की रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता

    कच्चे तेल में फिर उछाल की आशंका, भारत की अर्थव्यवस्था पर क्या होगा असर? SBI रिसर्च की रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता

     नई दिल्ली

    भारत के लिए बड़ी चेतावनी (Big Warning For India) आई है और ये वेस्ट एशिया से कनेक्टेड है. इस बड़े संकट को लेकर एसबीआई रिसर्च की ओर से अलर्ट किया गया है. SBI की नई रिसर्च रिपोर्ट में कहा है कि कच्चा तेल फिर से भारत का खेल बिगाड़ सकता है और महज आने वाले 10 दिन में इसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में (Crude Oil Price) 110 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच सकती है. एक्सपर्ट्स ने कहा है कि ये भारत के लिए परेशानी का सबब होगा, क्योंकि इससे देश की आयतित वस्तुओं की कीमत 130 डॉलर तक जा सकती है। 

    कच्चा तेल… बिगाड़ेगा खेल
    एसबीआई रिसर्च रिपोर्ट में जियो-पॉलिटिकल घटनाक्रम और ग्लोबल सप्लाई की बहाली के आधार पर कच्चे तेल की कीमतों के लिए तीन संभावित चरणों का फ्रेमवर्क पेश किया गया है. SBI Research के अनुसार, वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में निकट भविष्य में तेज गिरावट आने की संभावना बिल्कुल भी नजर नहीं आ रही है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का दाम (Brent Crude Price) अगले 10 कारोबारी दिनों में संभावित रूप से 110 डॉलर प्रति बैरल तक उछल सकता है. अगर ऐसा होता है कि फिर भारत की कच्चे तेल की बास्केट 130 डॉलर तक पहुंच सकती है। 

    रुपया को स्थिर करने में परेशानी
    सोमवार को जारी एसबीआई रिसर्च की इकोरैप रिपोर्ट में कहा गया है कि कि भू-राजनीतिक टेंशन और आपूर्ति-पक्ष के बढ़ते जोखिमों के कारण, ब्रेंट की कीमत पूर्वानुमान से बढ़कर 110 डॉलर प्रति बैरल होती है, तो भारतीय बास्केट की कीमत 10 व्यापारिक दिनों की पूर्वानुमान अवधि में लगभग 127 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 130 डॉलर प्रति बैरल होगी। 

    एक्सपर्ट्स ने कहा है कि ये बड़े जोखिम लगातार तेल की कीमतों पर लगातार दबाव डालने का काम रहे हैं, जिससे भारतीय रुपया को स्थिर करने के प्रयासों में जटिलता पेश आ रही है. उन्होंने कहा है कि, 'डेटेड ब्रेंट और इंडियन बास्केट दोनों के लिए रिकरेंट न्यूरल नेटवर्क का पूर्वानुमान बढ़ती प्रवृत्ति दर्शाता है, जिससे संकेत मिलता है कि तेल की कीमतों में तेज गिरावट की संभावना नहीं है और है भी तो सिर्फ लंबी अवधि में ही संभव है। 

    तेल की कीमतों का Rupee कनेक्शन
    कच्चे तेल की कीमतों का यह दृष्टिकोण ऐसे समय में आया है, जब भारतीय रिजर्व बैंक ने इंडियन करेंसी रुपया को संभालने के लिए तमाम उपाय लागू किए हैं. इनका असर भी दिखा है और Indian Rupee अमेरिकी डॉलर की तुलना में 1% तक ऊपर नजर आया है। 

    उपायों में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL), हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (HPCL) और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPCL) के लिए एक विशेष डॉलर-आपूर्ति विंडो शामिल है, जिसे खुले विदेशी मुद्रा बाजार से लगभग 10-12 अरब डॉलर की मंथली Dollar डिमांड को स्थानांतरित करने के लिए डिजाइन किया गया है. करेंसी चेंज से जुड़े पिछले हस्तक्षेपों के विपरीत, नई व्यवस्था में भारत के फॉरेक्स रिजर्व से सीधे डॉलर की बिक्री शामिल है। 

    हालांकि, रिसर्च रिपोर्ट ने तरलता की कठिन परिस्थितियों पर भी फोकस किया है और इसमें बैंकों के न्यूनतम डेली कैश रिजर्व रेशियो को बनाए रखने की आवश्यकता को 90% से बढ़ाकर 99% किया गया है, जबकि सरकारी प्रतिभूतियों की 25,000 करोड़ रुपये की नियोजित बिक्री को शामिल है. अनुमान लगाया गया है कि RBI आरबीआई के इन उपायों से समय के साथ बैंकिंग सिस्टम से 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि निकाली जा सकती है. ऐसे में सिर्फ आरबीआई का हस्तक्षेप रुपये को सीमित समर्थन ही दे सकता है। 

    दबाव बहुत, लेकिन भारत में है दम 
    एसबीआई रिसर्च का अनुमान है कि 3 नवंबर से पहले ब्रेंट क्रूड प्राइस काफी हद तक सीमित दायरे में रहेगा, जिनमें मामूली गिरावट की संभावना है. यानी राजनयिक प्रयासों और इमरजेंसी ऑयल रिजर्व जारी करने से कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन इसमें समय लगेगा। 

    एक्सपर्ट्स ने इन तमाम दबावों के बावजूद कहा है कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार आकस्मिकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त है, हालांकि FY2027 में भुगतान संतुलन अधिशेष घटकर 55-60 अरब डॉलर हो जाएगा. उन्होंने कहा कि,  'संक्षेप में कहें तो, भारत का फॉरेक्स रिजर्व सबसे कठिन परिस्थितियों में भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त से अधिक है।