Author: NewseDay

  • विकास अनुज्ञा रद्द होते ही ‘सौराष्ट्र’ परियोजना का रजिस्ट्रेशन निरस्त, CGRERA ने लिया फैसला

    विकास अनुज्ञा रद्द होते ही ‘सौराष्ट्र’ परियोजना का रजिस्ट्रेशन निरस्त, CGRERA ने लिया फैसला

    रायपुर. छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (CGRERA) ने रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता, नियमों का पालन और घर एवं भूखंड खरीदारों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। प्राधिकरण ने बिलासपुर जिले में स्थित रियल एस्टेट परियोजना ‘सौराष्ट्र’ की स्वीकृत विकास अनुज्ञा निरस्त होने के बाद परियोजना का रेरा पंजीयन भी निरस्त कर दिया है।

    यह कार्रवाई प्राधिकरण द्वारा स्वतः संज्ञान लेकर की गई है। प्राधिकरण से प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रमोटर नमन गोयल द्वारा विकसित की जा रही ‘सौराष्ट्र’ परियोजना बिलासपुर जिले के अग्रय नगर, वार्ड क्रमांक 12, खसरा नंबर 1551 में स्थित है। यह परियोजना CGRERA में पंजीयन क्रमांक PCGRERA161025001981 के अंतर्गत पंजीकृत थी। परियोजना को संचालनालय, नगर तथा ग्राम निवेश, छत्तीसगढ़ द्वारा छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम, 1984 के नियम 25 के अंतर्गत विकास अनुज्ञा प्रदान की गई थी। संबंधित सक्षम प्राधिकारी द्वारा परियोजना की स्वीकृत विकास अनुमति निरस्त किए जाने के बाद CGRERA ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वतः संज्ञान लिया और नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ की।

    प्रकरण की समीक्षा के उपरांत प्राधिकरण ने 05 अक्टूबर 2026 को पारित आदेश में स्पष्ट किया कि सक्षम प्राधिकारी द्वारा विकास अनुज्ञा निरस्त किए जाने के कारण परियोजना का रेरा पंजीयन जारी रखना उचित नहीं है। इसी आधार पर प्राधिकरण ने ‘सौराष्ट्र’ परियोजना का पंजीयन निरस्त करने का निर्णय लिया। CGRERA की यह कार्रवाई स्पष्ट करती है कि रियल एस्टेट परियोजनाओं के संचालन में वैधानिक अनुमतियों और निर्धारित नियमों का पालन अत्यंत आवश्यक है। परियोजनाओं के पंजीयन के साथ-साथ उनकी विकास अनुमतियों की वैधता भी महत्वपूर्ण है। प्राधिकरण द्वारा इस प्रकार के मामलों में कार्रवाई से रियल एस्टेट क्षेत्र में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के प्रयासों को मजबूती मिल रही है।

    भूखंड या मकान खरीदने से पहले जांच जरूरी
    छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण ने आम नागरिकों, भूखंड खरीदारों एवं संभावित निवेशकों से अपील की है कि किसी भी रियल एस्टेट परियोजना में निवेश करने अथवा भूखंड, मकान या फ्लैट खरीदने से पहले संबंधित परियोजना के रेरा पंजीयन की वर्तमान स्थिति, स्वीकृत विकास अनुमति तथा अन्य आवश्यक अनुमतियों की जांच अवश्य करें। प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया है कि पूर्व में पंजीकृत परियोजनाओं के संबंध में भी उनकी वर्तमान पंजीयन स्थिति का सत्यापन करना आवश्यक है, ताकि नागरिक किसी प्रकार की अनियमितता या संभावित आर्थिक जोखिम से बच सकें। नागरिक रेरा पंजीकृत परियोजनाओं की जानकारी एवं पंजीयन की वर्तमान स्थिति का सत्यापन CGRERA की आधिकारिक वेबसाइट https://rera.cgstate.gov.in/ के माध्यम से कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए प्राधिकरण के दूरभाष क्रमांक 0771-4918927 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

  • दिवाली से पहले रेलवे कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, 11 लाख से अधिक कर्मचारियों को मिलेगा 78 दिन का बोनस

    दिवाली से पहले रेलवे कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, 11 लाख से अधिक कर्मचारियों को मिलेगा 78 दिन का बोनस

     नई दिल्‍ली

    केंद्र सरकार की मोदी कैबिनेट ने रेलवे कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला लिया है. कैबिनेट ने रेलवे कर्मचारियों के लिए 78 दिन के बोनस का ऐलान कर दिया है. यह रेलवे कर्मचारियों के लिए दिवाली पर एक बड़ा बोनस तोहफा है. सरकार इस बोनस के तहत रेलवे कर्मचारियों को कुल  2009 करोड़ रुपये बांटेगी। 

    अश्विनी वैष्णव कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि इससे रेलवे के 11 लाख 40 हज़ार कर्मचारियों को फायदा होगा. वैष्‍णव ने कहा कि PM Modi की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने रेलवे कर्मचारियों के प्रदर्शन को देखते हुए 11,40,770 रेलवे कर्मचारियों को 2009.61 करोड़ रुपये के 78 दिनों के बोनस के भुगतान को मंजूरी दे दी है। 

    पात्र रेलवे कर्मचारियों को प्रोडक्‍ट लिंक बोनस (PLB) का भुगतान हर साल दुर्गा पूजा/दशहरा की छुट्टियों से पहले किया जाता है. इस साल भी लगभग 11.40 लाख रेलवे कर्मचारियों को 78 दिनों के वेतन के बराबर PLB राशि का भुगतान किया जा रहा है। 

    रेलवे के किन कर्मचारियों को मिलेगा कितना अमाउंट
    PLB का भुगतान रेलवे कर्मचारियों को रेलवे के प्रदर्शन में सुधार की दिशा में काम करने के लिए प्रेरित करने के लिए एक प्रोत्साहन के रूप में कार्य करता है. हर पात्र रेलवे कर्मचारियों को देने जाने वाली राशि 78 दिनों के लिए 17,951 रुपये है। 

    यह राशि रेलवे कर्मचारियों की अलग-अलग कैटेगरी जैसे ट्रैक मेंटेनर, लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर (गार्ड), स्टेशन मास्टर, पर्यवेक्षक, तकनीशियन, तकनीशियन हेल्पर, पॉइंट्समैन, मिनिस्ट्रियल स्टाफ और अन्य ग्रुप 'सी स्टाफ को भुगतान की जाएगी. यह बोनस वर्ष 2025-26 के लिए रेलवे कर्मचारियों को दिया जा रहा है. उनका प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा है। 

    ग्रामीण योजनाओं पर भी बड़ा फैसला
    कैबिनेट ने ग्रामीण विकास विभाग के उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है जिसके तहत 'नेशनल सोशल असिस्टेंस प्रोग्राम' (NSAP) को 2026-27 से 2030-31 तक पांच साल के लिए कुल 53,428 करोड़ रुपये के बजट के साथ जारी रखा जाएगा. इसके तहत योजना और उसकी उप-योजनाओं का नाम बदलना, दिव्यांगजन पेंशन के लिए पात्रता के नियमों, कवरेज और सहायता की दर में बदलाव और बुजुर्गों और विधवाओं के लिए पेंशन योजनाओं और परिवार लाभ योजना को उनके मौजूदा स्वरूप में जारी रखना शामिल हैं। 

  • छत्तीसगढ़ के सुकमा का डिजिटल मॉडल राष्ट्रीय स्तर पर चयनित, ‘सुकमा कनेक्ट 2.0’ से अंतिम छोर तक पहुंचेगी सरकारी सेवाएं

    छत्तीसगढ़ के सुकमा का डिजिटल मॉडल राष्ट्रीय स्तर पर चयनित, ‘सुकमा कनेक्ट 2.0’ से अंतिम छोर तक पहुंचेगी सरकारी सेवाएं

    ‘सुकमा कनेक्ट 2.0’ को मिली राष्ट्रीय पहचान, देश के 14 चयनित प्रस्तावों में शामिल

    मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में अंतिम छोर तक नागरिक सेवाएं पहुंचाने की पहल को मिली नई गति

    24 घंटे बहुभाषी कॉल सेंटर और मोबाइल सेवा वैन से घर के करीब मिलेंगी नागरिक सुविधाएं

    सेवा संकल्प अभियान की भावना के अनुरूप दूरस्थ वनांचलों तक पहुंचेगा प्रशासन, परियोजना के लिए 1.17 करोड़ रुपए मंजूर

    रायपुर, 
    छत्तीसगढ़ के दूरस्थ वनांचलों तक शासन की योजनाओं और नागरिक सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। सुकमा जिले की अभिनव पहल ‘सुकमा कनेक्ट 2.0’ को भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग ने ‘स्टेट कोलैबोरेशन इनिशिएटिव’ के तहत देश के 14 चयनित प्रस्तावों में शामिल करते हुए 1.17 करोड़ रुपए की वित्तीय मंजूरी दी है। प्रशासन द्वारा समन्वय केंद्र सेवा का विस्तार करते हुए प्रस्ताव “सुकमा कनेक्ट (सीएमसीसी) 2.0” प्रस्तुत किया गया था।सेवा संकल्प अभियान की भावना के अनुरूप अंतिम छोर तक शासकीय सेवाएं पहुंचाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल है। इसके तहत अब दूरस्थ गांवों के ग्रामीणों को मोबाइल सेवा वैन और चौबीसों घंटे संचालित बहुभाषी कॉल सेंटर के माध्यम से नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

                  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार दूरस्थ और आदिवासी अंचलों में शासकीय सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर विशेष जोर दे रही है। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से भी नागरिकों को योजनाओं का लाभ दिलाने और उनकी समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी जा रही है। इसी दिशा में ‘सुकमा कनेक्ट 2.0’ तकनीक और प्रशासनिक समन्वय के जरिए ग्रामीणों को जरूरी सेवाएं उनके गांवों के करीब उपलब्ध कराने का माध्यम बनेगा।

    40 हजार से अधिक फोन कॉल, हजारों नागरिकों तक पहुंची सेवाएं

                 सुकमा जिले में मार्च 2026 से संचालित केंद्रीकृत निगरानी एवं नियंत्रण केंद्र (सीएमसीसी 1.0) के माध्यम से अब तक 40 हजार से अधिक फोन कॉल किए गए हैं। इस पहल के तहत 10 हजार 78 आयुष्मान कार्ड और 11 हजार 103 नए मतदाता पहचान पत्र बनाए गए हैं। इसके अलावा 5 हजार 788 आधार नामांकन और 27 हजार 391 बायोमेट्रिक अपडेट किए गए हैं। आजीविका संवर्धन के लिए 452 महिला स्व-सहायता समूहों का गठन कर 4 हजार 745 परिवारों को आजीविका से जोड़ा गया है।

    स्थानीय बोलियों में मिलेगी सहायता, गांव-गांव पहुंचेंगी मोबाइल सेवा वैन

                ‘सुकमा कनेक्ट 2.0’ के तहत स्थानीय बोलियों में चौबीसों घंटे सहायता उपलब्ध कराने के लिए बहुभाषी कॉल सेंटर स्थापित किया जाएगा। दो मोबाइल सेवा वैन दूरस्थ गांवों में पहुंचकर आधार सहित अन्य नागरिक सेवाएं उपलब्ध कराएंगी। इससे अंदरूनी क्षेत्रों के ग्रामीणों को जरूरी सेवाओं के लिए लंबी दूरी तय करने की परेशानी कम होगी।

    198 आवासीय विद्यालयों और आश्रमों में होगी डिजिटल निगरानी

                परियोजना के तहत शिक्षा व्यवस्था की निगरानी को भी सुदृढ़ किया जाएगा। जिले के 198 आवासीय विद्यालयों एवं आश्रमों में डिजिटल उपस्थिति प्रणाली लागू की जाएगी। साथ ही शाला से बाहर बच्चों की पहचान और निगरानी के लिए विशेष व्यवस्था विकसित की जाएगी, ताकि उन्हें दोबारा शिक्षा से जोड़ा जा सके। नागरिक सेवाओं, शासकीय योजनाओं और शिक्षा संबंधी गतिविधियों की एकीकृत निगरानी के लिए कलेक्टर स्तर पर डिजिटल डैशबोर्ड भी तैयार किया जाएगा। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन और सेवाओं की उपलब्धता की निगरानी एक ही मंच से हो सकेगी। यह पहल सुकमा में दूरस्थ आदिवासी अंचलों में “टेक्नोलॉजी-इनेबल्ड लास्ट-माइल गवर्नेंस“ का उदाहरण सामने लेकर आएगी। जिले में कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देशन और जिला सीईओ श्री मुकुन्द ठाकुर के मार्गदर्शन में मार्च 2026 से सीएमसीसी 1.0 (केंद्रीय निगरानी एवं नियंत्रण केंद्र)  का सफलता पूर्वक संचालन किया जा रहा है।

  • सोशल मीडिया पर पांच से सात घंटे बिताने वाले युवा एक-दो घंटे पुस्तकों को दें : मुख्यमंत्री योगी

    सोशल मीडिया पर पांच से सात घंटे बिताने वाले युवा एक-दो घंटे पुस्तकों को दें : मुख्यमंत्री योगी

    रील के लाइक्स नहीं, रियल लाइफ में आगे बढ़ने का रास्ता दिखाती हैं किताबें : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
     
    पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द की आत्मकथा ‘भारतीय गणतंत्र की विजयगाथा: मेरा जीवन, मेरा संघर्ष’ के हिंदी संस्करण का लोकभवन में मुख्यमंत्री योगी ने किया विमोचन
     
    अभावों को ढाल नहीं, संघर्ष का आधार बनाएं युवा : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
     
    कानपुर के परौंख गांव से राष्ट्रपति भवन तक की यात्रा में सादगी, परिश्रम और पुरुषार्थ की मिसाल बने रामनाथ कोविन्द
     
    राष्ट्रपति बनने के बाद भी जन्मभूमि से नहीं टूटा नाता, पुराने साथियों को भी नहीं भूले कोविन्द
     
    सोशल मीडिया पर पांच से सात घंटे बिताने वाले युवा एक-दो घंटे पुस्तकों को दें : मुख्यमंत्री योगी
     
    यूपी के 57,600 ग्राम सचिवालयों में पुस्तकालय की व्यवस्था, डिजिटल लाइब्रेरी का भी विस्तार
     
    लखनऊ और गोरखपुर के पुस्तक मेलों में उमड़ी पाठकों की भीड़, मुख्यमंत्री योगी बोले- अवसर मिले तो किताबें खरीदते हैं लोग
     
    लखनऊ

     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं को सोशल मीडिया की आभासी दुनिया से निकलकर पुस्तकों से जुड़ने की सीख दी। उन्होंने कहा कि आज लोग स्मार्टफोन और सोशल मीडिया पर पांच से सात घंटे बिता रहे हैं। इसमें से एक-दो घंटे भी अच्छी पुस्तकें पढ़ने में लगाएं तो जीवन को नई दिशा मिल सकती है। सोशल मीडिया पर रील बनाकर लाइक्स जुटाने के बजाय अपनी रियल लाइफ में आगे बढ़ना अधिक उपयोगी है। अच्छी पुस्तकें जीवन की सबसे महत्वपूर्ण मार्गदर्शक होती हैं। युवाओं को महापुरुषों की जीवनी और आत्मकथाएं पढ़नी चाहिए, जिनसे संघर्षों के बीच आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
     
    मुख्यमंत्री योगी बुधवार को लोकभवन सभागार में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द की आत्मकथा ‘भारतीय गणतंत्र की विजयगाथा: मेरा जीवन, मेरा संघर्ष’ के हिंदी संस्करण के विमोचन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसे भारतीय की जीवनगाथा है, जिसने अभावों को अपनी ढाल नहीं बनाया, बल्कि संघर्ष, परिश्रम और पुरुषार्थ के बल पर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त किया। यह आत्मकथा नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।
     
    गांवों तक पहुंच रही पुस्तकें, डिजिटल लाइब्रेरी का विस्तार
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से प्रदेश की हर ग्राम पंचायत में पुस्तकालय की व्यवस्था की जा रही है। प्रदेश में 57,600 ग्राम सचिवालय बन चुके हैं। इनमें एक कक्ष पुस्तकालय के लिए निर्धारित है, जहां गांव के बच्चे अध्ययन कर रहे हैं। डिजिटल लाइब्रेरी भी विकसित की जा रही हैं। बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों से लेकर महाविद्यालयों तथा विश्वविद्यालयों तक पुस्तकालयों का विस्तार हो रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति की आत्मकथा भी व्यापक स्तर पर पुस्तकालयों तक पहुंचनी चाहिए। सरकार इस दिशा में प्रयास करेगी।
     
    गोरखपुर में लखनऊ से ज्यादा बिकी थीं पुस्तकें
    मुख्यमंत्री योगी ने राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के पुस्तक मेलों का उल्लेख करते हुए कहा कि शुरुआत में आयोजकों को आशंका थी कि आज के दौर में पुस्तकें कौन खरीदेगा। लखनऊ में पुस्तक मेला लगा तो बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। इसके बाद गोरखपुर में उससे भी अधिक पुस्तकें बिकीं। हाल में लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित पुस्तक मेले में भी युवाओं और विद्यार्थियों की अच्छी भागीदारी रही। उन्होंने कहा कि लोगों में पढ़ने की रुचि है, जरूरत उन्हें उचित मंच उपलब्ध कराने की है।
     
    अभावों को बनाया संघर्ष की ताकत

    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कानपुर के परौंख गांव में गरीब परिवार में जन्मे रामनाथ कोविन्द ने बचपन में ही मां को खो दिया। गांव के विद्यालय से पढ़ाई शुरू की और उच्च शिक्षा प्राप्त कर अधिवक्ता के रूप में गरीबों तथा वंचितों की आवाज बने। भाजपा संगठन, राज्यसभा, बिहार के राज्यपाल और राष्ट्रपति के रूप में जिम्मेदारियां निभाईं। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि बड़ा वही होता है, जिसमें संघर्ष का जज्बा हो। विपरीत परिस्थितियों से पलायन के बजाय उनका मुकाबला करना महानता की पहचान है।
     
    राष्ट्रपति बनने के बाद भी नहीं भूले गांव और पुराने साथी
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सर्वोच्च संवैधानिक पद पर पहुंचने के बाद भी रामनाथ कोविन्द का अपनी जन्मभूमि परौंख से लगाव बना रहा। वह अवसर मिलते ही गांव जाते हैं। पुराने साथियों और चाय-चाट वालों से भी उनके संबंध कायम हैं। उन्होंने गांव में शिक्षा सुविधाओं के विकास के लिए प्रयास किए। वहां के विद्यालय भवन को विकसित कर राज्य सरकार को समर्पित किया गया, जिसे आवासीय विद्यालय के रूप में आगे बढ़ाया गया। मुख्यमंत्री योगी ने भगवान श्रीराम के जन्मभूमि प्रेम का उदाहरण देते हुए कहा कि जननी और जन्मभूमि स्वर्ग से भी बढ़कर हैं।
     
    पद बड़ा हो, संस्कार नहीं बदलने चाहिए : केशव मौर्य
    उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति की आत्मकथा सार्वजनिक जीवन में शुचिता, सादगी और अहंकार से मुक्त रहने की प्रेरणा देती है। व्यक्ति कितना भी बड़ा पद प्राप्त कर ले, उसके संस्कार और विचार नहीं बदलने चाहिए। रामनाथ कोविन्द का जीवन इसका उदाहरण है।
     
    गरीब परिवार का बेटा राष्ट्रपति बने, यही गणतंत्र की खूबसूरती : ब्रजेश पाठक
    उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि कानपुर के छोटे से गांव में जन्मा गरीब परिवार का व्यक्ति अपनी योग्यता और कार्यक्षमता के बल पर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंच सकता है। यही भारतीय गणतंत्र की खूबसूरती है। पूर्व राष्ट्रपति का जीवन लोकतांत्रिक मूल्यों और पारदर्शिता की मिसाल है।
     
    विधायकों के लिए मांगी पुस्तक की 500 प्रतियां
    विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने पूर्व राष्ट्रपति के जीवन को ‘कच्चे घर, पक्के इरादे’ की यात्रा बताया। उन्होंने प्रकाशक से विधानसभा सदस्यों के लिए पुस्तक की 500 प्रतियां उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। रूपा पब्लिकेशंस के प्रबंध निदेशक कपिश मेहरा ने कहा कि प्रदेश के विद्यालयों और पुस्तकालयों में अच्छी हिंदी पुस्तकों की पहुंच बढ़ी है। किताबें बच्चों तक पहुंच रही हैं।
     
    पूर्व राष्ट्रपति और उनकी पत्नी का किया सम्मान
    कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय गीत के गायन से हुआ। मुख्यमंत्री योगी ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द को पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। उनकी पत्नी सविता कोविन्द का भी स्वागत किया। पूर्व राष्ट्रपति ने अतिथियों के साथ आत्मकथा के हिंदी संस्करण का विमोचन किया।
     
    कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
    समारोह में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द, उनकी पत्नी सविता कोविन्द, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक, वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण और रूपा पब्लिकेशंस के प्रबंध निदेशक कपिश मेहरा सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

  • परिवहन सुविधाओं को मिलेगी नई रफ्तार,CM साय की बड़ी सौगात जशपुर में 3 एकड़ में बनेगा हाईटेक बस स्टैंड

    परिवहन सुविधाओं को मिलेगी नई रफ्तार,CM साय की बड़ी सौगात जशपुर में 3 एकड़ में बनेगा हाईटेक बस स्टैंड

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की बड़ी सौगात, जशपुरनगर में 11.83 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा हाईटेक बस स्टैंड

    लगभग 3 एकड़ में विकसित होगा आधुनिक बस टर्मिनल, एक साथ 35 से 40 बसों के ठहराव की होगी व्यवस्था

    प्रतिदिन 5 हजार से अधिक यात्रियों को मिलेगा लाभ, वेटिंग हॉल, लिफ्ट, टिकट काउंटर और डिजिटल सूचना स्क्रीन सहित होंगी आधुनिक सुविधाएं

    कुनकुरी और पत्थलगांव में भी आधुनिक बस स्टैंड को स्वीकृति, बंदरचुआ और दुलदुला में निर्माण कार्य जारी

    रायपुर,
     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में यात्री सुविधाओं के विस्तार और सार्वजनिक परिवहन अधोसंरचना को मजबूत बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल की गई है। मुख्यमंत्री साय की पहल पर जिला मुख्यालय जशपुरनगर में 11 करोड़ 83 लाख 62 हजार रुपये की लागत से हाईटेक बस स्टैंड का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए स्वीकृति प्रदान कर दी गई है और वर्तमान में टेंडर प्रक्रिया जारी है। लगभग तीन एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाला यह आधुनिक बस टर्मिनल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ शहर की परिवहन व्यवस्था को नया स्वरूप देगा। लंबे समय से आधुनिक बस स्टैंड की प्रतीक्षा कर रहे जिलेवासियों के लिए यह परियोजना महत्वपूर्ण सौगात साबित होगी।

    लगभग तीन एकड़ में बनेगा हाईटेक बस स्टैंड, 40 बसों तक के ठहराव की होगी सुविधा

    जशपुरनगर के वार्ड क्रमांक 8 स्थित पुराने मवेशी बाजार परिसर में हाईटेक बस स्टैंड का निर्माण प्रस्तावित है। लगभग तीन एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाले इस आधुनिक बस टर्मिनल में एक साथ 35 से 40 बसों के खड़े होने की व्यवस्था होगी। इससे बसों के आवागमन और ठहराव को व्यवस्थित करने के साथ यात्रियों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

    जशपुर जिला मुख्यालय का बस स्टैंड जिले के प्रमुख परिवहन केंद्रों में शामिल है। यहां प्रतिदिन 100 से अधिक बसों का आवागमन होता है और पांच हजार से अधिक यात्री सफर करते हैं। यहां से जिले के विभिन्न ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के अलावा पड़ोसी राज्यों झारखंड, ओडिशा, बिहार और पश्चिम बंगाल सहित अन्य स्थानों के लिए बस सेवाएं संचालित होती हैं। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए आधुनिक सुविधाओं से युक्त बस स्टैंड की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। नए बस स्टैंड के निर्माण से इस आवश्यकता की पूर्ति होगी।

    वेटिंग हॉल, लिफ्ट और डिजिटल सूचना स्क्रीन सहित मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

    प्रस्तावित हाईटेक बस स्टैंड को यात्रियों की सुविधा और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जाएगा। यहां आधुनिक यात्री प्रतीक्षालय, सुव्यवस्थित वेटिंग हॉल, टिकट काउंटर, लिफ्ट और आधुनिक शौचालय सहित विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यात्रियों को बसों के आगमन और प्रस्थान की जानकारी आसानी से मिल सके, इसके लिए डिजिटल सूचना स्क्रीन लगाने की भी योजना है।

    बस स्टैंड परिसर में 40 दुकानों का निर्माण भी प्रस्तावित है। इससे यात्रियों को आवश्यक वस्तुएं और सेवाएं एक ही परिसर में उपलब्ध हो सकेंगी। साथ ही स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और रोजगार के नए अवसर सृजित होने की संभावना है। आधुनिक सुविधाओं से युक्त इस बस टर्मिनल से विशेष रूप से महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों को सहूलियत होगी।

    ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच आवागमन होगा अधिक सुगम

    जशपुरनगर जिला मुख्यालय होने के कारण आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार, रोजगार और शासकीय कार्यों के लिए यहां पहुंचते हैं। आधुनिक बस स्टैंड के निर्माण से इन यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधाएं मिलेंगी। बसों के व्यवस्थित ठहराव और संचालन से शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने में भी मदद मिलेगी।

    नए बस टर्मिनल के विकसित होने से जशपुरनगर की परिवहन अधोसंरचना मजबूत होगी और जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के बीच संपर्क को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही पड़ोसी राज्यों से आने-जाने वाले यात्रियों को भी आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा।

    कुनकुरी और पत्थलगांव में भी बनेंगे आधुनिक बस स्टैंड

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले के विभिन्न नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। जशपुरनगर के साथ कुनकुरी और पत्थलगांव में भी अत्याधुनिक बस स्टैंड निर्माण की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है।

    इसी क्रम में बंदरचुआ और दुलदुला में एक-एक करोड़ रुपये की लागत से बस स्टैंड का निर्माण कार्य किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से जिले में यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था अधिक सुदृढ़ होगी।

    जशपुरनगर में प्रस्तावित हाईटेक बस स्टैंड सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में विकसित की जा रही परिवहन अधोसंरचना से आने वाले समय में यात्री सुविधाओं का विस्तार होगा तथा स्थानीय व्यापार, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

  • छत्तीसगढ़: पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल की पहल, आमजन के सुझावों और शिकायतों पर होगी कार्रवाई

    छत्तीसगढ़: पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल की पहल, आमजन के सुझावों और शिकायतों पर होगी कार्रवाई

    पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में नागरिकों से की आत्मीय भेंट-मुलाकात

    आमजन की समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना, निराकरण के लिए अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश

    रायपुर, 
    प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने आज नवा रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों से आत्मीय भेंट-मुलाकात कर उनकी समस्याओं, सुझावों एवं जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना तथा संबंधित अधिकारियों को उनके निराकरण के लिए आवश्यक पहल करने के निर्देश दिए। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता और आमजन की समस्याओं का समयबद्ध एवं प्रभावी समाधान राज्य सरकार की प्राथमिकता है। जनता से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी आवश्यकताओं और अपेक्षाओं को समझना ही जनहितकारी कार्यों को बेहतर ढंग से आगे बढ़ाने का सशक्त माध्यम है।

    मंत्री अग्रवाल ने नागरिकों से चर्चा करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि का सबसे महत्वपूर्ण दायित्व जनता की समस्याओं को समझना और उनके समाधान के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य करना है। आमजन की अपेक्षाओं के अनुरूप विकास और जनकल्याण के कार्यों को गति देना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जनता से निरंतर संपर्क और संवाद बनाए रखने से न केवल उनकी समस्याओं की वास्तविक स्थिति का पता चलता है, बल्कि शासन की योजनाओं और व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी प्राप्त होते हैं।

    जनसमस्याओं के निराकरण में संवेदनशीलता और तत्परता आवश्यक

    मंत्री अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार जनकल्याण, सुशासन और पारदर्शी प्रशासन की भावना के साथ कार्य कर रही है। सरकार का प्रयास है कि आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े तथा उनकी शिकायतों और आवेदनों पर संवेदनशीलता के साथ आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित हो।

    उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि नागरिकों द्वारा प्रस्तुत समस्याओं और जनहित से जुड़े विषयों पर गंभीरतापूर्वक ध्यान देते हुए नियमानुसार आवश्यक पहल की जाए। उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं का समाधान केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि जनसेवा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

    जनता का विश्वास और सहभागिता ही विकास की सबसे बड़ी शक्ति

    पर्यटन मंत्री अग्रवाल ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता का विश्वास और सहभागिता विकास की सबसे बड़ी शक्ति है। नागरिकों से मिलने वाले सुझाव शासन की कार्यप्रणाली को अधिक जनोन्मुखी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के बीच नियमित संवाद से समस्याओं की पहचान और उनके समाधान की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

    उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों का वास्तविक उद्देश्य आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। इसके लिए आवश्यक है कि जनप्रतिनिधि जनता के बीच रहकर उनकी आवश्यकताओं और अपेक्षाओं को समझें तथा संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर समाधान की दिशा में कार्य करें।

    आमजन से निरंतर संवाद और जनसेवा का संकल्प

    मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि जनसामान्य की समस्याओं का निराकरण और उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि जनता से मिलने वाला स्नेह, विश्वास और सुझाव जनसेवा के दायित्वों को और अधिक समर्पण के साथ निभाने की प्रेरणा देते हैं।

    उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि निरंतर जनसंवाद, संवेदनशील प्रशासन और जनभागीदारी के माध्यम से जनहित के कार्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सकेगा। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए उनके प्रयास निरंतर जारी रहेंगे तथा जनता की सेवा और प्रदेश के विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता सदैव बनी रहेगी।

  • छत्तीसगढ़ सरकार की जनकल्याणकारी योजना से परिवार को राहत, पूजा पटेल को मिले ₹20 हजार की सहायता राशि

    छत्तीसगढ़ सरकार की जनकल्याणकारी योजना से परिवार को राहत, पूजा पटेल को मिले ₹20 हजार की सहायता राशि

    विष्णु भैया की जनकल्याणकारी योजना बनी सहारा, पूजा पटेल को बच्चे की बेहतर देखभाल के लिए मिला आर्थिक संबल

    मिनीमाता महतारी जतन योजना से पूजा पटेल को मिली 20 हजार रुपये की सहायता, बच्चे के पौष्टिक आहार की जरूरतें पूरी करने में मिल रही मदद

    रायपुर, 
     मां के लिए अपने बच्चे का बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और उज्ज्वल भविष्य सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है। लेकिन आर्थिक कठिनाइयों के कारण कई बार जरूरतमंद परिवारों के लिए बच्चों की पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करना चुनौती बन जाता है। ऐसे परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित मिनीमाता महतारी जतन योजना माताओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर मातृ एवं शिशु कल्याण की दिशा में सार्थक पहल साबित हो रही है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के गौरेला विकासखंड अंतर्गत ग्राम सारबहरा की निवासी श्रीमती पूजा पटेल भी इस योजना से लाभान्वित हुई हैं। श्रम विभाग द्वारा योजना के अंतर्गत मिली 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता उनके लिए बड़ी राहत लेकर आई है। इस राशि का उपयोग वे अपने बच्चे के पौष्टिक आहार और बेहतर देखभाल के लिए कर रही हैं।

    20 हजार रुपये की सहायता से बच्चे के बेहतर पोषण की राह हुई आसान

    ग्राम सारबहरा निवासी श्रीमती पूजा पटेल के लिए मिनीमाता महतारी जतन योजना आर्थिक सहयोग का महत्वपूर्ण माध्यम बनी है। श्रम विभाग के माध्यम से योजना के अंतर्गत प्राप्त 20 हजार रुपये की सहायता राशि से उन्हें अपने बच्चे की पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिल रही है। इस आर्थिक सहयोग से वे बच्चे के लिए पौष्टिक आहार की व्यवस्था कर पा रही हैं।

    बच्चे के शुरुआती जीवन में उचित पोषण और देखभाल उसके स्वस्थ विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। ऐसे समय में शासन से मिली आर्थिक सहायता पूजा पटेल के लिए उपयोगी साबित हो रही है। इससे उन्हें अपने बच्चे की पोषण संबंधी जरूरतों पर विशेष ध्यान देने और उसकी बेहतर देखभाल करने में सहयोग मिल रहा है।

    मातृत्व की जिम्मेदारियों में आर्थिक सहयोग दे रही महतारी जतन योजना

    छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग द्वारा संचालित मिनीमाता महतारी जतन योजना का उद्देश्य पात्र पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिकों को मातृत्व के दौरान आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। योजना के माध्यम से मिलने वाली सहायता राशि माताओं को प्रसव के बाद अपनी तथा नवजात शिशु की देखभाल और पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करती है।

    विशेष रूप से सीमित आर्थिक संसाधनों वाले श्रमिक परिवारों के लिए यह सहायता महत्वपूर्ण होती है। मातृत्व के दौरान महिलाओं को स्वास्थ्य, पोषण और बच्चे की देखभाल के लिए अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता होती है। ऐसे में योजना के माध्यम से मिलने वाली आर्थिक सहायता परिवारों की वित्तीय परेशानियों को कुछ हद तक कम करने में सहायक बनती है।

    पूजा पटेल की कहानी इस बात का उदाहरण है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचने से उनके दैनिक जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

    बच्चे के पोषण के लिए मिली मदद से पूजा के चेहरे पर आई खुशी

    श्रीमती पूजा पटेल ने बताया कि मिनीमाता महतारी जतन योजना के अंतर्गत मिली 20 हजार रुपये की सहायता राशि उनके लिए काफी उपयोगी साबित हो रही है। इस राशि से उन्हें अपने बच्चे के पौष्टिक आहार की व्यवस्था करने में आर्थिक सहयोग मिला है। इससे वे बच्चे के स्वास्थ्य और पोषण पर बेहतर ध्यान दे पा रही हैं।

    उन्होंने कहा कि शासन की इस योजना से उन्हें मातृत्व की जिम्मेदारियों को निभाने में आर्थिक सहारा मिला है। सहायता राशि प्राप्त होने से बच्चे की पोषण संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति में मदद मिल रही है। यह सहयोग उनके परिवार के लिए राहत का माध्यम बना है।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति जताया आभार

    मिनीमाता महतारी जतन योजना से लाभान्वित श्रीमती पूजा पटेल ने आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए छत्तीसगढ़ शासन और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा दी गई 20 हजार रुपये की सहायता राशि से उन्हें अपने बच्चे के बेहतर पोषण और देखभाल में मदद मिल रही है।

    पूजा पटेल ने योजना को जरूरतमंद माताओं के लिए उपयोगी बताते हुए कहा कि इस प्रकार की आर्थिक सहायता से महिलाओं को मातृत्व के दौरान संबल मिलता है और वे अपने बच्चों की आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से पूरा कर पाती हैं।

    मातृ एवं शिशु कल्याण की दिशा में सार्थक पहल

    मिनीमाता महतारी जतन योजना केवल आर्थिक सहायता प्रदान करने का माध्यम नहीं, बल्कि जरूरतमंद माताओं और उनके बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण को सहयोग देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। योजना के माध्यम से मिलने वाली सहायता राशि महिलाओं को मातृत्व के दौरान आवश्यक संसाधन जुटाने में मदद करती है।

    गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की पूजा पटेल की यह कहानी शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के सकारात्मक प्रभाव को दर्शाती है। उनके लिए 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता केवल एक राशि नहीं, बल्कि बच्चे के बेहतर पोषण, स्वास्थ्य और देखभाल के लिए मिला महत्वपूर्ण सहयोग है। यह योजना श्रमिक परिवारों की माताओं को आर्थिक संबल प्रदान करने के साथ स्वस्थ और सशक्त भविष्य की नींव मजबूत करने में सहायक बन रही है।

  • UP Police Result 2026: 28 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों का इंतजार खत्म, फाइनल मेरिट लिस्ट जारी; यहां देखें रिजल्ट

    UP Police Result 2026: 28 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों का इंतजार खत्म, फाइनल मेरिट लिस्ट जारी; यहां देखें रिजल्ट

    लखनऊ 

    उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही बनने का सपना देख रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर है. यूपी पुलिस में 32,679 पदों पर भर्ती का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया गया है. उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने रिजल्ट अपनी आधिकारिक वेबसाइट uppbpb.gov.in पर जारी किया है. इस भर्ती के तहत सिविल पुलिस, पीएसी, आर्म्ड पुलिस, यूपीएसएसएफ, महिला बटालियन, घुड़सवार पुलिस और जेल वार्डर के पदों पर चयन प्रक्रिया पूरी की गई है.इस भर्ती के लिए करीब 28.86 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था. लिखित परीक्षा 8, 9 और 10 जून 2026 को छह पालियों में आयोजित की गई थी. अब भर्ती प्रक्रिया का फाइनल रिजल्ट जारी होने के बाद उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर इससे जुड़ी जानकारी देख सकते हैं। 

    किस विभाग में कितने पदों पर भर्ती?
    यूपी पुलिस की इस भर्ती में अलग-अलग इकाइयों के लिए पद निर्धारित किए गए थे. इनमें सिविल पुलिस में 10,469 पद, पीएसी और आर्म्ड पुलिस में 15,131 पद और उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल (UPSSF) में 1,341 पद शामिल हैं. इसके अलावा महिला बटालियन में कांस्टेबल के 2,282 पदों, घुड़सवार पुलिस में सिपाही के 71 पदों, पुरुष जेल वार्डर के 3,279 पदों और महिला जेल वार्डर के 106 पदों के लिए भी फाइनल रिजल्ट जारी किया गया है। 

    कितने अभ्यर्थी सफल हुए?
    फाइनल रिजल्ट में अलग-अलग आरक्षण श्रेणियों के पदों और सफल अभ्यर्थियों का विवरण भी दिया गया है. सामान्य वर्ग के 6,685 पदों के सापेक्ष 4,628 आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के अभ्यर्थियों सहित कुल 8,818 अभ्यर्थियों के चयन का विवरण दिया गया है. अनुसूचित जाति (SC) के 6,857 पदों के सापेक्ष 7,136 अभ्यर्थी सफल हुए हैं. वहीं अनुसूचित जनजाति (ST) के 647 पदों के सापेक्ष 648 अभ्यर्थियों को सफलता मिली है। 

    4,481 महिला अभ्यर्थियों का चयन
    यूपी पुलिस की इस भर्ती में कुल 4,481 महिला अभ्यर्थियों का चयन हुआ है. महिला बटालियन में कांस्टेबल के 2,282 पदों के अलावा अन्य संबंधित पदों पर भी भर्ती प्रक्रिया के तहत चयन किया गया है। 

    28.86 लाख ने किया था आवेदन
    इस भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों के बीच काफी प्रतिस्पर्धा रही. उपलब्ध जानकारी के अनुसार कुल 28.86 लाख उम्मीदवारों ने आवेदन किया था. भर्ती परीक्षा 8, 9 और 10 जून 2026 को छह पालियों में आयोजित की गई थी. अब पुलिस भर्ती बोर्ड की ओर से फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया गया है। 

    कहां देखें यूपी पुलिस भर्ती का फाइनल रिजल्ट?
    अभ्यर्थी यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट uppbpb.gov.in पर जाकर भर्ती के फाइनल रिजल्ट से जुड़ी जानकारी देख सकते हैं. रिजल्ट देखने के लिए वेबसाइट पर संबंधित भर्ती के परिणाम से जुड़े लिंक को तलाशें और उसमें दिए गए निर्देशों का पालन करें। 

  • UP News: मिशन शक्ति के तहत बेटियों को नेतृत्व का अवसर, चार छात्राओं ने संभाली मध्याह्न भोजन प्राधिकरण की कमान

    UP News: मिशन शक्ति के तहत बेटियों को नेतृत्व का अवसर, चार छात्राओं ने संभाली मध्याह्न भोजन प्राधिकरण की कमान

    योगी सरकार में मिशन शक्ति से बेटियों को नेतृत्व का अवसर, चार छात्राओं ने संभाली मध्याह्न भोजन प्राधिकरण की कमान

    – केजीबीवी काकोरी की मुस्कान, सरिता, साक्षी और राधिका ने एक दिन की निदेशक बनकर समझी प्रशासनिक कार्यप्रणाली

    – छात्राओं ने विद्यालयों के किचन शेड में स्वच्छता, गुणवत्तापूर्ण भोजन और रसोइयों के प्रशिक्षण पर दिया जोर

    – निदेशक प्रेमरंजन सिंह ने छात्राओं के सुझावों की सराहना की, विद्यालयों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाने की तैयारी

    – मिशन शक्ति के माध्यम से बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता, निर्णय कौशल और प्रशासनिक समझ विकसित करने पर जोर

    लखनऊ, 
     योगी सरकार की प्रेरणा से मिशन शक्ति अभियान प्रदेश में बालिकाओं को आत्मविश्वास, निर्णय क्षमता और नेतृत्व के व्यावहारिक अवसरों से जोड़ रहा है। इसी क्रम में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी), काकोरी, लखनऊ की चार छात्राओं मुस्कान (कक्षा 8), सरिता (कक्षा 8), साक्षी (कक्षा 8) और राधिका (कक्षा 7) ने बुधवार को मध्याह्न भोजन प्राधिकरण पहुंचकर एक दिन की निदेशक के रूप में सांकेतिक दायित्व संभाला। 

    इस पहल के माध्यम से छात्राओं को प्रशासनिक कार्यप्रणाली समझने, विभागीय व्यवस्थाओं की समीक्षा करने और जनहित से जुड़े विषयों पर सुझाव रखने का अवसर मिला। प्राधिकरण के निदेशक प्रेमरंजन सिंह ने छात्राओं का मार्गदर्शन किया और उनके विचारों को सुना। छात्राओं ने विद्यालयों में रसोई की स्वच्छता, बच्चों को ताजा एवं संतुलित भोजन उपलब्ध कराने तथा रसोइयों के प्रशिक्षण को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए।

    मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत इस प्रकार की पहल बालिकाओं को नेतृत्व का अनुभव देने के साथ उनकी निर्णय क्षमता, आत्मविश्वास और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का अवसर प्रदान करती है।

    नेतृत्व का अनुभव, प्रशासनिक कार्यप्रणाली की समझ
    सांकेतिक पदभार ग्रहण कार्यक्रम के दौरान चारों छात्राओं ने निदेशक की कुर्सी संभाली और विद्यालयों में मध्याह्न भोजन व्यवस्था को बेहतर बनाने से जुड़े विषयों पर अपनी बात रखी। उन्होंने परिषदीय एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के किचन शेड में स्वच्छता के मानकों का पालन सुनिश्चित करने, बच्चों को पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन देने और भोजन तैयार करने वाली रसोइयों को समय-समय पर स्वच्छता एवं पोषण प्रबंधन का प्रशिक्षण देने पर जोर दिया।

    स्वच्छता और पोषण पर छात्राओं के सुझाव
    छात्राओं ने मध्याह्न भोजन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए विद्यालयों में छात्र संख्या के अनुरूप भोजन तैयार करने, निर्धारित मेन्यू में पोषण का ध्यान रखने और आधुनिक किचन व्यवस्थाओं को प्रोत्साहित करने जैसे सुझाव दिए। उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर अस्वस्थ बच्चों को तत्काल प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर भी ध्यान देने की बात कही।

    निदेशक ने की छात्राओं की पहल की सराहना
    मध्याह्न भोजन प्राधिकरण के निदेशक प्रेमरंजन सिंह ने छात्राओं के आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और प्रशासनिक सोच की सराहना की। उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य बालिकाओं को आगे बढ़ने, निर्णय लेने और समाज में अपनी प्रभावी भूमिका निभाने के अवसर उपलब्ध कराना है। इस तरह के अनुभव छात्राओं को प्रशासनिक व्यवस्था समझने और भविष्य में जनसेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

    विद्यालयों की स्वच्छता और भोजन की गुणवत्ता पर जोर
    निदेशक ने छात्राओं की ओर से उठाए गए स्वच्छता एवं पोषण संबंधी विषयों पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही। उन्होंने बताया कि विद्यालयों के किचन शेड में स्वच्छता बनाए रखने और बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेशभर में विशेष स्वच्छता अभियान चल रहा है। इस पहल के माध्यम से विद्यालयों में भोजन की गुणवत्ता, रसोई की स्वच्छता और बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े मानकों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

  • Durg News: ट्रांसपोर्ट नगर में ₹105.85 लाख से बनेगी सीसी रोड, आवागमन होगा बेहतर

    Durg News: ट्रांसपोर्ट नगर में ₹105.85 लाख से बनेगी सीसी रोड, आवागमन होगा बेहतर

    दुर्ग के ट्रांसपोर्ट नगर में 105.85 लाख रुपए की लागत से बनेगी सीसी रोड

    स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने किया सड़क निर्माण कार्य का भूमिपूजन

    रायपुर, 
     मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में प्रदेशभर में अधोसंरचना विकास और नागरिक सुविधाओं के विस्तार का कार्य तेजी से जारी है। इसी कड़ी में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने दुर्ग शहर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 15, ट्रांसपोर्ट नगर में 105.85 लाख रुपए की लागत से बनने वाली सीसी रोड निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया।

    इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। नागरिकों को बेहतर सड़क, सुगम आवागमन और सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

    मंत्री यादव ने बताया कि ट्रांसपोर्ट नगर में सीसी रोड के निर्माण से इस क्षेत्र की यातायात व्यवस्था काफी बेहतर होगी। इससे स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और वाहन चालकों को आवागमन में भारी सुविधा मिलेगी और परिवहन गतिविधियों को भी सुगमता प्राप्त होगी। उन्होंने यह भी कहा कि दुर्ग शहर में नागरिकों के जीवन को और सुगम बनाने के लिए आधारभूत संरचनाओं के विकास से जुड़े कई कार्य लगातार किए जा रहे हैं।