Author: NewseDay

  • इजरायल के लिए उड़ान भरने वाले पाकिस्तानी क्रू पर रोक, एयर फ्रांस, यूनाइटेड एयरलाइंस और Smartwings का बड़ा फैसला

    इजरायल के लिए उड़ान भरने वाले पाकिस्तानी क्रू पर रोक, एयर फ्रांस, यूनाइटेड एयरलाइंस और Smartwings का बड़ा फैसला

    तेल अवीव

    एयर फ्रांस ने पाकिस्तानी पायलटों और क्रू मेंबर्स को इजरायल आने-जाने वाली उड़ानों के संचालन से रोक दिया है. यह फैसला इजरायल की ओर से उन देशों के एयरलाइन क्रू पर लगाए गए प्रतिबंधों को सख्ती से लागू करने के बाद लिया गया है, जिनके इजरायल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं. यह कदम 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की एक उड़ान में ओमानी को-पायलट की ओर से किए गए आतंकी हमले के प्रयास के बाद उठाया गया। 

    एयर फ्रांस के अलावा शिकागो स्थित यूनाइटेड एयरलाइंस ने भी अपने पायलटों और केबिन क्रू को इजरायल आने-जाने वाली उड़ानों के लिए नेशनलिटी नियमों की जानकारी दी है. इन प्रतिबंधों के बाद अंतरराष्ट्रीय विमानन पर इसके असर और क्या अन्य एयरलाइंस भी इजरायल के नियमों का पालन करने के लिए इसी तरह के कदम उठाएंगी, इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं। 

    फ्रांस की खोजी पत्रिका Mediapart और एविएशन इंटेलिजेंस कंपनी ch-aviation की 13 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों एयरलाइंस ने अपने फ्लाइट और केबिन क्रू को इजरायल की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों की जानकारी दी है. एयर फ्रांस ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि वह इन नियमों का पालन कर रही है, जबकि यूनाइटेड एयरलाइंस ने कथित तौर पर इन्हें अपनी क्रू-प्लानिंग प्रक्रिया में शामिल कर लिया है। 

    दोहरी नागरिकता पर भी असर
    चेक गणराज्य की सबसे बड़ी एयरलाइन Smartwings ने भी पुष्टि की है कि वह इजरायल के प्रतिबंधों का पालन करेगी. हालांकि, एयरलाइन ने कहा कि अभी तक उसके क्रू असाइनमेंट और संचालन पर इसका असर नहीं पड़ा है. इन प्रतिबंधों के तहत उन देशों की राष्ट्रीयता या दोहरी राष्ट्रीयता रखने वाले क्रू मेंबर्स को प्रभावित उड़ानों के संचालन से रोका जा सकता है, जिनके इजरायल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं। 

    इजरायल जाने वाली उड़ानों पर किन देशों के नागरिकों पर प्रतिबंध
    Ch-aviation के मुताबिक, यूनाइटेड एयरलाइंस के आंतरिक शेड्यूलिंग मेमो में 29 देशों की सूची है, जिनके नागरिकों को तेल अवीव आने-जाने वाली उड़ानों में काम करने से रोका जा सकता है. इनमें अफगानिस्तान, अल्जीरिया, बांग्लादेश, ब्रुनेई, कोमोरोस, क्यूबा, जिबूती, इंडोनेशिया, ईरान, इराक, कुवैत, लेबनान, लीबिया, मलेशिया, मालदीव, माली, मॉरिटानिया, नाइजर, उत्तर कोरिया, ओमान, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, सोमालिया, सूडान, सीरिया, ट्यूनीशिया, वेनेजुएला और यमन शामिल हैं. फ्लाईदुबई की घटना के बाद इजरायली अधिकारियों ने इन नियमों को सख्ती से लागू करना शुरू किया है। 

    इंडोनेशियाई पायलट की वजह से इथियोपियन फ्लाइट को लौटना पड़ा
    मंगलवार को इथियोपियन एयरलाइंस की एक उड़ान इन नए इजरायली प्रतिबंधों से प्रभावित होने वाली पहली उड़ान बनी. द जेरूसलम पोस्ट के मुताबिक, उड़ान इथियोपिया के एयरस्पेस में से आगे बढ़ चुकी थी, लेकिन तभी इजरायली अधिकारियों ने विमान में इंडोनेशियाई पायलट की पहचान होने के बाद उसे वापस लौटने का आदेश दिया. विमान इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा लौट गया, जहां पायलट को बदला गया. इसके बाद विमान ने फिर उड़ान भरी और तेल अवीव में लैंड किया. मुस्लिम बहुल इंडोनेशिया के इजरायल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं और उसके नागरिक इजरायल जाने वाली उड़ानों के संचालन पर लगाए गए प्रतिबंधों के दायरे में हैं। 

    इथियोपियन एयरलाइंस ने इस घटना को गलती बताया और कहा कि उसे जानकारी नहीं थी कि पायलट को इजरायल जाने वाली उड़ान संचालित करने से रोक दिया गया है. यूनाइटेड एयरलाइंस ने प्रतिबंधित देशों के कर्मचारियों से अपनी असाइनमेंट में बदलाव करने को कहा है और बताया है कि वह इन नियमों को अपनी क्रू-प्लानिंग सिस्टम में शामिल कर रही है. मेमो में यह भी कहा गया है कि प्रतिबंधित देशों की सूची पूरी नहीं भी हो सकती है. इन प्रतिबंधों का असर उन क्रू मेंबर्स पर भी पड़ सकता है, जिनके पास सूची में शामिल किसी देश की नागरिकता है, भले ही उनके पास किसी दूसरे देश की नागरिकता भी हो। 

    एयर फ्रांस ने सबसे पहले इजरायली नियमों का पालन किया
    एयर फ्रांस ने भी अपने कर्मचारियों को इन नए नियमों की जानकारी दी है. एयरलाइन ने कतर स्थित ब्रॉडकास्टर अल जजीरा से पुष्टि की कि वह इजरायली नियमों का पालन कर रही है. एयरलाइन ने कहा कि जिन देशों में वह उड़ानें संचालित करती है, वहां के प्रवेश नियम ग्राहकों और कर्मचारियों दोनों पर लागू होते हैं. एयर फ्रांस ने अल जजीरा से कहा, 'सभी एयरलाइंस की तरह, एयर फ्रांस को उन देशों के अधिकारियों की ओर से तय प्रवेश नियमों का पालन करना होता है, जहां वह उड़ानें संचालित करती है. ये नियम ग्राहकों और कर्मचारियों दोनों पर लागू होते हैं। 

  • भोपाल-इंदौर-ग्वालियर के 21 अस्पतालों पर कार्रवाई, आयुष्मान योजना के मरीजों की बढ़ी परेशानी

    भोपाल-इंदौर-ग्वालियर के 21 अस्पतालों पर कार्रवाई, आयुष्मान योजना के मरीजों की बढ़ी परेशानी

    भोपाल

    आयुष्मान भारत निरामयम योजना के तहत प्रदेश के 21 बड़े अस्पतालों पर सस्पेंशन की गाज गिरने वाली है। राज्य स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा एनएबीएच (नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थ केयर प्रोवाइडर्स सर्टिफिकेट) समय पर जमा न करने पर 21 अस्पतालों को सस्पेंड कर दिया जाएगा।

    आयुष्मान भारत निरामयम के सीईओ अरविंद कुमार शाह ने बताया कि इन अस्पतालों का भौतिक निरीक्षण पूरा हो चुका था, लेकिन तकनीकी कारणों से सर्टिफिकेट जारी होना लंबित रहा। इसलिए नियमानुसार सस्पेंशन की कार्रवाई की गई है। सभी संस्थानों को 31 अक्टूबर 2026 तक वैध एनएबीएच सर्टिफिकेट जमा करने का अंतिम अवसर दिया गया है।

    भोपाल, इंदौर और ग्वालियर के ये नामचीन अस्पताल शामिल

    सस्पेंड सूची में भोपाल के 10 अस्पताल- पीपुल्स हॉस्पिटल, एलएन मेडिकल कॉलेज एंड जेके हास्पिटल, हेल्थ स्टार, मयूर, शुभम, लक्ष्मी मल्टीस्पेशलिटी, एपेक्स, ओम हास्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, अरेरा ट्रामा एंड क्रिटिकल केयर और मिलेनियम हास्पिटल शामिल हैं। वहीं ग्वालियर के आठ अस्पताल- कल्पना मल्टीस्पेशलिटी, गालव, डाक्टर प्लस, शाश्वत, आईपी एंड डा. ओएस देवान मेमोरियल, मानसरोवर केयर, डा. मुद्गल स्पर्श और लिंक हास्पिटल तथा इंदौर के तीन अस्पताल- चरक, ओटू और मेडिप्लस हॉस्पिटल भी सूची में हैं।

    31 अक्टूबर तक का अल्टीमेटम, नए मरीजों को नहीं मिलेगा कैशलेस इलाज

    निलंबन अवधि में इन अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड धारक नए मरीजों को कैशलेस इलाज का लाभ नहीं मिलेगा। एजेंसी ने चेतावनी दी है कि 31 अक्टूबर तक सर्टिफिकेट नहीं दिया तो अस्पतालों को योजना से पूरी तरह डी-एम्पैनल कर दिया जाएगा।

     

  • इंदौर में आय से अधिक संपत्ति का मामला, हेड कांस्टेबल फिरोज खान के 15 ठिकानों पर छापेमारी

    इंदौर में आय से अधिक संपत्ति का मामला, हेड कांस्टेबल फिरोज खान के 15 ठिकानों पर छापेमारी

     इंदौर

     पुलिस विभाग में प्रधान आरक्षक (चालक) के पद पर पदस्थ फिरोज खान की संपत्तियों का ब्योरा देख कर लोकायुक्त अफसर चौक गए। इंदौर से देवास तक करीब 15 ठिकानों पर हुई सर्च में 30 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति मिली है। देर रात तक चली सर्च में मकान, फ्लैट, भूखंड, कृषि भूमि और कारोबारी निवेश से जुड़े दस्तावेज खंगाले गए। लोकायुक्त का दावा है कि जांच में अब तक करीब 12 करोड़ 95 लाख 72 हजार रुपये की गाइडलाइन कीमत वाली संपत्तियों का आकलन हुआ है, जबकि इनका बाजार मूल्य करीब 29 करोड़ 73 लाख 49 हजार 786 रुपये बताया गया है।

    फिरोज खान पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय (पीटीसी), इंदौर में चालक के पद पर पदस्थ है। लोकायुक्त के एसपी डा.राजेश सहाय के अनुसार, उसे वेतन से अब तक करीब 75 लाख रुपये मिलने का अनुमान है। लोकायुक्त की जांच में फिरोज खान की मां वहीदा खान और पत्नी हीना के नाम से साहिल ट्रेडिंग कंपनी फर्म का पता चला है। वहीं, महिला मित्र रोशनी वर्मा के नाम से रोशनी सेल्स एंड सर्विस फर्म संचालित होने की जानकारी सामने आई है। फिरोज खान और रोशनी द्वारा रायल ग्रीन रियल एस्टेट के माध्यम से करोड़ों रुपये का निवेश किया जाता था।

    इंदौर की स्कीम नंबर 94 स्थित मनोरमा अपार्टमेंट में उसकी मां वहीदा के नाम पर खरीदे गए दो फ्लैट,देवास के आदर्श नगर स्थित मकान सहित अन्य संपत्तियों और जमीनों के दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है। लोकायुक्त इन संपत्तियों के वास्तविक स्वामित्व, खरीद में लगी रकम और फर्मों के बैंक खातों में हुए लेन-देन की जानकारी जुटा रहा है।
    पिता-पुत्र के जमीन विवाद से खुला संपत्तियों का ब्योरा

    फिरोज खान के खिलाफ शिकायत की शुरुआत सांवेर तहसील के गुरान गांव में जमीन को लेकर चल रहे विवाद से जुड़ी बताई गई है। शिकायत के अनुसार, महेश चौधरी और उनके बेटे गौरव चौधरी के बीच जमीन को लेकर विवाद था। इसी दौरान फिरोज खान ने कथित तौर पर रोशनी वर्मा के नाम से 21.75 बीधा जमीन का करीब 65 लाख रुपये में अनुबंध कराया।शिकायत में आरोप लगाया गया कि जमीन के सौदे में फिरोज खान की भूमिका थी और राजस्व अधिकारियों से सांठगांठ कर मामला अपने पक्ष में करवाने की कोशिश की गई।

    यह भी आरोप है कि महेश चौधरी को परिवार से अलग रखने के लिए उनकी शादी एक कम उम्र की युवती से करवाई गई और देवास के इटावा में मकान उपलब्ध कराया गया। जमीन विवाद से नाराज गौरव चौधरी ने फिरोज खान की संपत्तियों की जानकारी जुटाई और लोकायुक्त महानिदेशक योगेश देशमुख को शिकायत दी। इसके बाद महीनों तक जांच चली। लोकायुक्त के अनुसार, जांच में कई संपत्तियों और कारोबारी गतिविधियों का विवरण सामने आने के बाद इंदौर और उज्जैन की टीमों को सर्च के लिए लगाया गया।

    लोकायुक्त को मिली फिरोज खान ने करोड़ों की संपत्ति

    मकान नम्बर 12-बी आदर्श नगर देवास (आरोपित का निवास) एवं देवास के सीनियर वार्ड क्रमांक 30 आदर्श नगर कालोनी में भूखण्ड कमांक 12 पर निर्मित मकान।

    बाणगंगा के महेश यादव नगर में मकान नम्बर 379/6 है। यह मकान फिरोज खान की दोस्त व सह आरोपित रोशनी वर्मा का निवास है।

    फ्लैट नम्बर 102, 202, मनोरमा अपार्टमेंट (स्कीम नम्बर 94), रिंग रोड इंदौर (आरोपित द्वारा अपनी माता वहीदा खान के नाम खरीदा है।)

    फ्लैट कमांक 505 श्रीदेवी अपार्टमेंट, भूखण्ड कमांक 249, श्रीनगर कालोनी मेन, इंदौर- ग्राम गजीपुरा पटवारी हल्का नम्बर 14 तहसील बागली जिला देवास की सर्वे कमांक 142 एवं 82 की कृषि भूमि

    राधागंज देवास स्थित आरोपित के चालक नफीस खान का आवास

    ग्राम आबादी इटावा स्थित पुष्पकुंज कालोनी में अंदर की ओर स्थित प्लाट क्रमांक 04-देवास के वार्ड कमांक 07 में स्थित पुष्पकुंज कालोनी में भूमि सर्वे नम्बर 26/1 स्थित प्लाट

    देवास के वार्ड क्रमांक 07 में स्थित पुष्पकुंज कालोनी में भूमि सर्वे नम्बर 26/1/मिन-1 पैकी पर स्थित भूखण्ड

    देवास विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित विजय नगर कालोनी में एचआईजी जूनीयर भवन कमांक 34

    देवास सीनियर इंदिरा गांधी नगर कालोनी देवास का भूखण्ड कमांक 28 एवं 29

    ग्राम गुरान तहसील सांवेर में 10.2 बीघा एवं 11.77 बीघा की भूमि सर्वे क्रमांक 403, 776, 781, 788 एवं सर्वे क्रमांक 129/1, 129/2, 144, 145, 153/2/2, 154/2, 155/2

    ग्राम जेतपुरा पटवारी हल्का नम्बर 17 तहसील व जिला देवास बाय पास स्थित व्यासायिक भूखण्ड

    ग्राम जेतपुरा तहसील व जिला देवास के पटवारी हल्का नम्बर 17 में बाय पास से जेतपुरा तक रोड के अंदर की ओर स्थित कृषि भूमि- ग्राम गद्दूखेडी पटवारी हल्का नम्बर 50 तहसील व जिला देवास की कृषि भूमि।

     

  • शिक्षा, पोषण, खेल और सामुदायिक सुविधाओं के विस्तार से ग्रामीण विकास को मिलेगी नई गति

    शिक्षा, पोषण, खेल और सामुदायिक सुविधाओं के विस्तार से ग्रामीण विकास को मिलेगी नई गति

    रायपुर

     रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र के गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और ग्रामीण विकास को नई गति मिल रही है। इसी कड़ी में वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक  ओ.पी. चौधरी ने आज विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में एक करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें आंगनबाड़ी भवन, सामुदायिक भवन, सांस्कृतिक शेड, क्रिकेट मैदान में अहाता निर्माण और प्राथमिक शाला में अतिरिक्त कक्ष निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। इन विकास कार्यों से ग्रामीणों को सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के लिए बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, वहीं बच्चों की शिक्षा, पोषण और युवाओं की खेल गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

    केसाईपाली में 30 लाख रुपये के विकास कार्यों की सौगात

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में वित्त मंत्री  चौधरी ने मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की योजना के तहत 10 लाख रुपये की लागत से निर्मित सांस्कृतिक शेड का ग्राम पंचायत घुटकूपाली के ग्राम केसाईपाली में लोकार्पण किया। इसके साथ ही सीएसआर मद से 20 लाख रुपये की लागत से बनने वाले सामुदायिक भवन का भूमिपूजन किया। सांस्कृतिक शेड से ग्रामीणों को सामाजिक, पारंपरिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के लिए सुविधाजनक स्थान उपलब्ध होगा, जबकि सामुदायिक भवन के निर्माण से गांव में सार्वजनिक कार्यक्रमों एवं सामूहिक गतिविधियों के संचालन में सुविधा मिलेगी।

    रियापाली में 20 लाख रुपये से बनेगा सामुदायिक भवन*

     ग्राम पंचायत घुटकूपाली के ग्राम रियापाली में वित्त मंत्री  चौधरी ने सीएसआर मद से 20 लाख रुपये की लागत से बनने वाले सामुदायिक भवन का भूमिपूजन किया। इस भवन के निर्माण से ग्रामीणों को सामाजिक, सांस्कृतिक एवं सार्वजनिक आयोजनों के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध होगा। साथ ही गांव में सामुदायिक गतिविधियों और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा मिलेगा।

    दर्रीपाली में 37.72 लाख रुपये से शिक्षा, पोषण और खेल सुविधाओं का होगा विस्तार

    ग्राम पंचायत देवलसुर्रा के ग्राम दर्रीपाली में वित्त मंत्री  चौधरी ने 37 लाख 72 हजार रुपये की लागत के तीन महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया। इनमें सीएसआर मद से 14.35 लाख रुपये की लागत से आंगनबाड़ी भवन, 13.10 लाख रुपये की लागत से क्रिकेट मैदान में अहाता निर्माण तथा 10.27 लाख रुपये की लागत से प्राथमिक शाला में अतिरिक्त कक्ष निर्माण शामिल हैं। इन कार्यों से छोटे बच्चों को बेहतर आंगनबाड़ी सुविधाएं, विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए अतिरिक्त स्थान और युवाओं को खेल गतिविधियों के लिए सुरक्षित एवं व्यवस्थित परिसर उपलब्ध होगा।

    बोड़ाझरिया में 21.35 लाख रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन

    ग्राम पंचायत कांदागढ़ के ग्राम बोड़ाझरिया में वित्त मंत्री  चौधरी ने सीएसआर मद से 14.35 लाख रुपये की लागत से बनने वाले आंगनबाड़ी भवन का भूमिपूजन किया। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण के अंतर्गत 7 लाख रुपये की लागत से निर्मित शेड का लोकार्पण किया। नवीन आंगनबाड़ी भवन से बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा, पोषण एवं देखभाल संबंधी सेवाओं को मजबूती मिलेगी, वहीं शेड से ग्रामीणों को सामाजिक एवं सामुदायिक गतिविधियों के आयोजन में सुविधा होगी।

    हर गांव, हर परिवार और हर बच्चे का सर्वांगीण विकास सरकार की प्राथमिकता – वित्त मंत्री  चौधरी

    वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक गांव में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना और हर परिवार तक विकास का लाभ पहुंचाना प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास केवल सड़क, बिजली और पानी तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, खेल और सामाजिक सुविधाओं का विस्तार भी उतना ही आवश्यक है। इसी सोच के साथ गांवों में स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।

    चौधरी ने कहा कि गांवों में बेहतर शैक्षणिक अधोसंरचना से बच्चों को आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे, आंगनबाड़ी भवनों से माताओं और बच्चों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध होंगी तथा खेल मैदानों और सामुदायिक भवनों से युवाओं एवं ग्रामीणों को अपनी प्रतिभा निखारने और सामाजिक गतिविधियों में भागीदारी के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण जीवन को सुगम, सशक्त और समृद्ध बनाना सरकार का उद्देश्य है। मजबूत और सुविधासंपन्न गांव ही विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण का आधार बनेंगे।

     विभिन्न गांवों में विकास कार्यों की सौगात मिलने पर ग्रामीणों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी के प्रति आभार जताया। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

  • Bihar Police Promotion: नालंदा, पटना, गया समेत कई जिलों के इंस्पेक्टर बने DSP, देखें अधिकारियों की पूरी सूची

    Bihar Police Promotion: नालंदा, पटना, गया समेत कई जिलों के इंस्पेक्टर बने DSP, देखें अधिकारियों की पूरी सूची

    पटना।

    बिहार पुलिस महकमे में 49 पुलिस निरीक्षकों और समकक्ष कोटि के अधिकारियों को पुलिस उपाधीक्षक (DSP) के पद का अस्थायी कार्यकारी प्रभार दिया गया है। गृह विभाग की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई है। इस फैसले के बाद संबंधित अधिकारियों को उच्चतर पद की जिम्मेदारी संभालने का अवसर मिलेगा।
    नालंदा से पटना तक के अधिकारियों के नाम शामिल

    जारी सूची में नालंदा, पटना, भोजपुर, सारण, जहानाबाद, गया, जमुई और मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में तैनात अधिकारियों के नाम शामिल हैं।

    सूची में अरुण कुमार, शालिग्राम कुमार, संजय कुमार सिंह, जितेंद्र कुमार सिंह, विजय कुमार और संतोष कुमार सिंह जैसे अधिकारी शामिल हैं।
    महिला अधिकारियों को भी मिला DSP का प्रभार

    जारी अधिसूचना में महिला अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं। इनमें भोजपुर की संगीता कुशवाहा, मुंगेर की सीमा कुमारी और बक्सर की कुमारी चन्दना के नाम प्रमुख हैं। इसके अलावा किशोरी सहचारी और अन्य अधिकारियों को भी DSP पद का अस्थायी कार्यकारी प्रभार दिया गया है।

    वेतन स्तर-9 के साथ संभालेंगे नई जिम्मेदारी

    गृह विभाग के आदेश के मुताबिक, संबंधित अधिकारियों को बिहार पुलिस सेवा में पुलिस उपाधीक्षक के मूल कोटि के पद पर अस्थायी कार्यकारी प्रभार दिया गया है। इसके साथ उन्हें वेतन स्तर-9 के वेतनमान के अनुरूप उच्चतर पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
    स्थायी प्रोन्नति नहीं, अगले आदेश तक रहेगा प्रभार

    अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि यह व्यवस्था अस्थायी है। इसे नियमित और स्थायी प्रोन्नति नहीं माना जाएगा। संबंधित अधिकारियों का वर्तमान पद अगले आदेश तक DSP के मूल कोटि के पद में उत्क्रमित किया जाएगा। अधिकारियों को उनके कैडर में मूल कोटि की वरीयता के आधार पर उच्चतर पद का प्रभार दिया गया है।
    DSP का प्रभार पाने वाले सभी 49 अधिकारियों की सूची

        अरुण कुमार — नालंदा
        शालिग्राम कुमार — जहानाबाद
        संजय कुमार सिंह — सारण
        भवेश मंडल — दुमका, झारखंड
        जितेंद्र कुमार सिंह — भोजपुर
        विजय कुमार — नालंदा
        संतोष कुमार सिंह — भोजपुर
        वैद्यनाथ कुमार — पटना
        विश्वरंजन सिंह — भागलपुर
        शशि भूषण चौधरी — पटना
        जयकान्त साव — जमुई
        धनंजय कुमार — गया
        विमल कुमार — जहानाबाद
        उमाशंकर राय — कटिहार
        अरविंद कुमार — नालंदा
        अजय कुमार — पटना
        अजीत कुमार — पटना
        मुकेश चन्द्र कुमार — वैशाली
        मोहन कुमार — बलिया, उत्तर प्रदेश
        रविन्द्र कुमार — सारण
        विश्वनाथ भगत — बोकारो, झारखंड
        संजय कुमार गुप्ता — पटना
        अभय कुमार सिंह — भोजपुर
        राम शंकर सिंह — बेगूसराय
        दिलीप कुमार-2 — मुजफ्फरपुर
        राम बिलास सिंह — सुपौल
        संगीता कुशवाहा — भोजपुर
        किशोरी सहचारी — नालंदा
        सचिन्द्र यादव — समस्तीपुर
        सतीश कुमार सिंह — नालंदा
        जितेंद्र कुमार-1 — पटना
        विरेंद्र प्रसाद यादव — मधुबनी
        वेदनाथ पाठक वैदिक — कटिहार
        कमल किशोर सिंह — समस्तीपुर
        ओम प्रकाश — वैशाली
        सीमा कुमारी — मुंगेर
        धर्मेन्द्र कुमार — गया
        दिलीप कुमार — बेतिया
        राजेश्वर प्रसाद-2 — पूर्वी चंपारण
        विजय कुमार सिंह — रोहतास
        सौम्य प्रियदर्शी — किशनगंज
        अब्दार अहमद खां — सीवान
        सुभाष वेदानंद — सहरसा
        राकेश रंजन सिंह — अररिया
        संजय कुमार-1 — रोहतास
        कुमारी चन्दना — बक्सर
        अजय कुमार सिंह — औरंगाबाद
        निशिकान्त निशी — रोहतास
        अनिल कुमार सिन्हा — नालंदा

     

  • बचत, बैंकिंग, कौशल विकास और आजीविका के अवसरों से महिलाओं के जीवन में आ रहा सकारात्मक बदलाव

    बचत, बैंकिंग, कौशल विकास और आजीविका के अवसरों से महिलाओं के जीवन में आ रहा सकारात्मक बदलाव

    बिहान से बदल रही ग्रामीण महिलाओं की तकदीर, आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रहीं जीपीएम की 59 हजार से अधिक महिलाएं

    महिला सशक्तिकरण से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही नई मजबूती, स्वावलंबन और स्वरोजगार की दिशा में बढ़ रहे महिलाओं के कदम

    बचत, बैंकिंग, कौशल विकास और आजीविका के अवसरों से महिलाओं के जीवन में आ रहा सकारात्मक बदलाव

    रायपुर
    छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में महिला सशक्तिकरण और आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई तस्वीर उभर रही है। कभी घर-परिवार की जिम्मेदारियों तक सीमित रहने वाली ग्रामीण महिलाएं अब संगठित होकर आर्थिक गतिविधियों में अपनी भागीदारी बढ़ा रही हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित 'बिहान' योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान कर रही है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में हजारों महिलाएं स्व-सहायता समूहों के माध्यम से संगठित होकर बचत, वित्तीय प्रबंधन, स्वरोजगार और आजीविका के नए अवसरों की ओर कदम बढ़ा रही हैं। बिहान मिशन महिलाओं के लिए केवल आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है।

    5,576 स्व-सहायता समूहों में संगठित हुईं 59,524 महिलाएं

    जिले में बिहान मिशन के अंतर्गत महिलाओं को संगठित कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मिशन की 13 अक्टूबर 2026 तक की प्रगति के अनुसार जिले में कुल 5,576 स्व-सहायता समूहों का गठन किया जा चुका है, जिनसे 59,524 महिलाएं जुड़ी हुई हैं। यह उपलब्धि ग्रामीण महिलाओं में सामूहिक संगठन, आर्थिक जागरूकता और आत्मनिर्भरता के प्रति बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।

    विकासखंडवार आंकड़ों के अनुसार गौरेला विकासखंड में 1,828 स्व-सहायता समूहों से 19,654 महिलाएं जुड़ी हैं। इसी प्रकार पेंड्रा विकासखंड में 1,603 समूहों के माध्यम से 17,612 महिलाएं तथा मरवाही विकासखंड में 2,145 समूहों से 22,258 महिलाएं संगठित हुई हैं। जिले में समूहों की संख्या और महिलाओं की भागीदारी के मामले में मरवाही विकासखंड अग्रणी है। इन समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को एक साझा मंच मिल रहा है, जहां वे अपनी आर्थिक जरूरतों, बचत, आजीविका और सामूहिक विकास से जुड़े विषयों पर निर्णय लेने में भागीदारी कर रही हैं।

    चालू वित्तीय वर्ष में 676 नए समूहों का गठन, 12 हजार से अधिक महिलाएं जुड़ीं

    महिला सशक्तिकरण की दिशा में जिले में बिहान मिशन का विस्तार निरंतर जारी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 676 नए स्व-सहायता समूहों का गठन किया गया है, जिनसे 12,029 महिलाएं जुड़ी हैं। नए समूहों का गठन ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी बढ़ाने और उन्हें संगठित करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

    चालू वित्तीय वर्ष में गौरेला विकासखंड में 211 नए स्व-सहायता समूहों का गठन कर 4,189 महिलाओं को जोड़ा गया है। पेंड्रा विकासखंड में 130 नए समूहों से 3,302 महिलाएं तथा मरवाही विकासखंड में 335 नए समूहों से 4,538 महिलाएं जुड़ी हैं। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि जिले के तीनों विकासखंडों में महिलाओं को सामूहिक संगठन से जोड़ने के प्रयासों को गति मिली है। विशेष रूप से मरवाही विकासखंड में नए समूहों का गठन महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।

    बचत और बैंकिंग से आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम

    बिहान मिशन की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक प्रबंधन के प्रति जागरूक बनाना है। स्व-सहायता समूह महिलाओं में नियमित बचत की आदत विकसित करने, सामूहिक वित्तीय निर्णय लेने और बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ने का अवसर प्रदान करते हैं। समूहों के माध्यम से महिलाएं अपनी छोटी-छोटी बचत को संगठित कर आर्थिक जरूरतों की पूर्ति और भविष्य की योजनाओं के लिए वित्तीय आधार तैयार कर सकती हैं।

    मिशन के अंतर्गत महिलाओं को बैंकिंग सेवाओं, ऋण सुविधाओं और वित्तीय साक्षरता से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया जाता है। इससे ग्रामीण महिलाओं की औपचारिक वित्तीय संस्थाओं तक पहुंच आसान बनाने और स्वरोजगार के लिए आवश्यक संसाधन जुटाने की संभावनाएं बढ़ती हैं। आर्थिक गतिविधियों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से परिवार की आय में योगदान देने के साथ उनकी निर्णय लेने की क्षमता भी मजबूत होती है।

    खेती, पशुपालन और स्थानीय उत्पादों से आजीविका के नए अवसर

    बिहान मिशन का उद्देश्य महिलाओं को केवल स्व-सहायता समूहों से जोड़ना नहीं, बल्कि उन्हें स्थायी आजीविका और आयवर्धक गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करना भी है। ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि आधारित गतिविधियां, सब्जी उत्पादन, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण, स्थानीय उत्पादों का निर्माण और विपणन जैसे अनेक क्षेत्रों में स्वरोजगार की व्यापक संभावनाएं हैं।

    स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को उनकी रुचि, स्थानीय संसाधनों और उपलब्ध अवसरों के अनुरूप आजीविका गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा सकता है। सामूहिक प्रयासों से उत्पादन, संसाधनों के बेहतर उपयोग और उत्पादों के विपणन की संभावनाएं बढ़ती हैं। स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों का विस्तार ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने के साथ गांवों की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाने में सहायक हो सकता है।

    आर्थिक सशक्तिकरण के साथ सामाजिक बदलाव का भी माध्यम बना बिहान

    बिहान मिशन ग्रामीण महिलाओं के जीवन में आर्थिक बदलाव के साथ सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। स्व-सहायता समूह महिलाओं को अपनी बात रखने, सामूहिक निर्णय लेने और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने का अवसर प्रदान करते हैं। समूहों के माध्यम से महिलाओं में नेतृत्व क्षमता, आपसी सहयोग और आत्मविश्वास विकसित करने की दिशा में सकारात्मक वातावरण तैयार हो रहा है।

    सामूहिक संगठन महिलाओं को यह विश्वास दिलाता है कि छोटे-छोटे प्रयास भी मिलकर बड़े बदलाव का आधार बन सकते हैं। समूहों से जुड़कर महिलाएं एक-दूसरे के अनुभवों से सीखती हैं और आर्थिक चुनौतियों का सामना करने के लिए सामूहिक प्रयास कर सकती हैं। इससे परिवार और समाज में महिलाओं की भूमिका को नई पहचान मिलने के साथ सामाजिक विकास में उनकी भागीदारी बढ़ने की संभावनाएं भी मजबूत होती हैं।

    महिलाओं की सामूहिक शक्ति से मजबूत हो रही ग्रामीण अर्थव्यवस्था

    किसी भी क्षेत्र के समग्र विकास में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। जब महिलाएं आर्थिक रूप से सक्षम होती हैं, तो उसका सकारात्मक प्रभाव परिवार की शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य और जीवन स्तर पर भी पड़ता है। बिहान मिशन इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए ग्रामीण महिलाओं को संगठित कर उनकी क्षमताओं को आर्थिक अवसरों में बदलने का माध्यम बन रहा है।

    गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में 59 हजार से अधिक महिलाओं का स्व-सहायता समूहों से जुड़ना महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। समूहों का यह व्यापक नेटवर्क भविष्य में आजीविका संवर्धन, स्थानीय उद्यमिता और ग्रामीण आर्थिक गतिविधियों के विस्तार के लिए मजबूत आधार तैयार कर सकता है। महिलाओं को आवश्यक प्रशिक्षण, वित्तीय संसाधन और बाजार से जोड़कर उनकी आर्थिक संभावनाओं को और अधिक विस्तार दिया जा सकता है।

    आत्मनिर्भर गांव और विकसित भारत की संकल्पना को साकार कर रहा बिहान

    ग्रामीण विकास की वास्तविक सफलता तभी संभव है, जब विकास की प्रक्रिया में महिलाओं की सक्रिय और समान भागीदारी सुनिश्चित हो। बिहान मिशन इसी उद्देश्य के साथ महिलाओं को संगठित कर उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है।

    गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में स्व-सहायता समूहों का निरंतर विस्तार इस बात का संकेत है कि ग्रामीण महिलाएं अपनी सामूहिक शक्ति को पहचानते हुए आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। बचत से आर्थिक अनुशासन, संगठन से आत्मविश्वास और आजीविका के अवसरों से स्वावलंबन की राह तैयार हो रही है।

    बिहान के माध्यम से महिलाओं की बढ़ती भागीदारी केवल व्यक्तिगत आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह परिवार, समाज और गांवों के समग्र विकास की संभावनाओं को भी नई दिशा दे रही है। जिले की 59,524 महिलाओं का यह सामूहिक संगठन 'सशक्त महिला, समृद्ध परिवार और आत्मनिर्भर गांव' की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार बन रहा है। महिलाओं की यही सामूहिक शक्ति आने वाले समय में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने और विकसित छत्तीसगढ़ तथा विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।

  • MP की जेलों में पहली बार आने वाले कैदियों के लिए बदलेगी व्यवस्था, सुधार का मिलेगा मौका

    MP की जेलों में पहली बार आने वाले कैदियों के लिए बदलेगी व्यवस्था, सुधार का मिलेगा मौका

    भोपाल

    प्रदेश की केंद्रीय और जिला जेलों में बंद सजा प्राप्त कैदियों में 81 प्रतिशत ऐसे हैं, जो पहली बार अपराध करने के बाद जेल पहुंचे हैं। अब जेल मुख्यालय ने पहली बार अपराध करने वाले कैदियों के लिए अलग व्यवस्था बनाने, उनकी काउंसिलिंग और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने के साथ पैरोल के लिए अलग मापदंड तय करने का प्रस्ताव बनाया है। जेल महानिदेशक वरुण कपूर ने कहा कि यह प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।

    81 प्रतिशत पहली बार अपराध वाले कैदी

    बता दें, यह प्रस्ताव उस अध्ययन के बाद बनाया गया है जिसमें पता चला है कि 19 प्रतिशत कैदी ऐसे हैं, जो एक से अधिक बार अपराध कर जेल पहुंचे हैं। शेष 81 प्रतिशत पहली बार अपराध वाले हैं। प्रदेश की जेलों में सजा काट रहे करीब 19 हजार कैदियों के रिकॉर्ड के पहली बार करवाए गए अध्ययन में यह तथ्य सामने आया है। जेल मुख्यालय का मानना है कि पहली बार अपराध करने वाले और बार-बार अपराध करने वाले कैदियों को एक ही तरह की व्यवस्था में रखना उचित नहीं होता।

     

  • 15 से 17 अक्टूबर तक आयोजित होगा निःशुल्क दिव्यांग सहायता शिविर

    15 से 17 अक्टूबर तक आयोजित होगा निःशुल्क दिव्यांग सहायता शिविर

    रायपुर

    बस्तर अंचल के दिव्यांगजनों एवं नक्सल आईईडी ब्लास्ट से प्रभावित जरूरतमंदों को सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दंतेवाड़ा जिले में 15 से 17 अक्टूबर 2026 तक विशाल निःशुल्क दिव्यांग सहायता एवं उपकरण वितरण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जिला मुख्यालय दंतेवाड़ा स्थित पुलिस लाइन करली में आयोजित इस शिविर से केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह वर्चुअल माध्यम से जुड़ेंगे। इस दौरान वे शिविर में उपस्थित लोगों को संबोधित करने के साथ ही नक्सल हिंसा एवं आईईडी ब्लास्ट से प्रभावित पीड़ितों से संवाद करेंगे। शिविर में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री  विजय शर्मा भी शामिल होंगे।

    शिविर में दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप कृत्रिम हाथ-पैर, कैलिपर्स, ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र सहित विभिन्न सहायक उपकरण निःशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। शिविर का विशेष उद्देश्य बस्तर के दूरस्थ एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले दिव्यांगजनों तक आवश्यक सहायता पहुंचाना है। विशेष रूप से नक्सल हिंसा के कारण दिव्यांग हुए व्यक्तियों को कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण उपलब्ध कराकर उनके दैनिक जीवन को सुगम बनाने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनने में सहयोग प्रदान करने पर जोर दिया जा रहा है।

    केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह करेंगे नक्सल हिंसा पीड़ितों से संवाद

    केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह शिविर में वर्चुअल माध्यम से जुड़कर दिव्यांगजनों एवं उपस्थित लोगों को संबोधित करेंगे। इस अवसर पर वे नक्सल हिंसा से प्रभावित व्यक्तियों से संवाद भी करेंगे और उनकी परिस्थितियों, समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी लेंगे। उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा भी शिविर में उपस्थित होकर दिव्यांगजनों एवं नक्सल हिंसा से प्रभावित हितग्राहियों का प्रोत्साहन करेंगे।

    तीन जिलों के दिव्यांगजन होंगे शामिल

    दंतेवाड़ा, बीजापुर एवं सुकमा जिलों में कुल 768 दिव्यांग हितग्राहियों को सहायक उपकरण वितरण के लिए चिन्हांकित किया गया है। उपकरण वितरण के लिए मांग अनुसार चिन्हांकित हितग्राहियों में दंतेवाड़ा जिले के 509, बीजापुर के 197 और सुकमा जिले के 62 दिव्यांगजन शामिल हैं। शिविर में दिव्यांगजनों की व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुरूप सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। 

    आईईडी ब्लास्ट से दिव्यांग हुए 30 हितग्राही होंगे लाभान्वित

    शिविर के लिए चिन्हांकित हितग्राहियों में नक्सल घटनाओं के दौरान आईईडी ब्लास्ट दुर्घटनाओं से दिव्यांग हुए 30 व्यक्ति भी शामिल होंगे। इन हितग्राहियों को उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नक्सल हिंसा से प्रभावित इन व्यक्तियों के लिए कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण मिलने से अब उनके दैनिक जीवन आसान हो जाएगा। इससे उन्हें चलने-फिरने, दैनिक कार्यों को पूरा करने तथा आजीविका संबंधी गतिविधियों में भागीदारी बढ़ाने में मदद मिलेगी। शिविर में दिव्यांगजनों की व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुरूप उपकरण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है, ताकि उन्हें दैनिक जीवन में अधिक सुविधा मिल सके।

    15 अक्टूबर को सुकमा और बीजापुर, 16 अक्टूबर को दंतेवाड़ा के हितग्राही होंगे शामिल

    निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 15 अक्टूबर को सुकमा एवं बीजापुर जिलों के दिव्यांगजन तथा नक्सल हिंसा से प्रभावित हितग्राही शिविर में शामिल होंगे। वहीं 16 अक्टूबर को दंतेवाड़ा जिले के हितग्राहियों को शिविर में लाभान्वित करने की व्यवस्था की गई है। शिविर 17 अक्टूबर तक जारी रहेगा।

  • राम रहीम को दोषी ठहराने वाले जज जगदीप सिंह की नई पोस्टिंग, अब संभालेंगे फरीदाबाद जिला अदालत की कमान

    राम रहीम को दोषी ठहराने वाले जज जगदीप सिंह की नई पोस्टिंग, अब संभालेंगे फरीदाबाद जिला अदालत की कमान

    फरीदाबाद.

    डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को दुष्कर्म के मामले में सजा सुनाने वाले न्यायाधीश जगदीप सिंह को फरीदाबाद का जिला एवं सत्र न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति के साथ ही सेक्टर-12 स्थित जिला अदालत परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।

    न्यायाधीश जगदीप सिंह बुधवार को पदभार ग्रहण कर सकते हैं। जगदीप सिंह अगस्त 2017 में उस समय देशभर में चर्चा में आए थे, जब उन्होंने डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी। सुरक्षा कारणों से इस मामले की सुनवाई रोहतक की सुनारिया जेल परिसर में विशेष अदालत लगाकर की गई थी। फैसले के बाद उन्हें विशेष सुरक्षा प्रदान की गई थी।

    पंचकूला से फरीदाबाद तक का सफर
    न्यायिक नियुक्तियों से जुड़ी उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जगदीप सिंह इससे पहले पंचकूला में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर तैनात थे। अक्टूबर 2025 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के प्रशासनिक आदेश के तहत उन्हें गुरुग्राम से पंचकूला में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर नियुक्त किया गया था। अब उन्हें फरीदाबाद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    पूर्व सेशन जज संदीप गर्ग की जगह नई जिम्मेदारी
    फरीदाबाद में इससे पहले जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर संदीप गर्ग तैनात थे। जगदीप सिंह की नियुक्ति के बाद न्यायिक प्रशासन में बदलाव होगा। उनके पदभार ग्रहण करने के बाद जिला अदालत में लंबित मामलों की सुनवाई और प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी भी उनके पास होगी। राम रहीम को सजा सुनाने वाले न्यायाधीश की तैनाती को देखते हुए अदालत परिसर की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

  • पेट्रोल-डीजल खरीदने वालों के लिए बड़ा अपडेट, पंजाब-हरियाणा में UPI भुगतान पर लग सकती है रोक

    पेट्रोल-डीजल खरीदने वालों के लिए बड़ा अपडेट, पंजाब-हरियाणा में UPI भुगतान पर लग सकती है रोक

    चंडीगढ़.

    पंजाब एवं हरियाणा के पेट्रोल पंप संचालकों ने MDR के खिलाफ कदम उठाते हुए डिजिटल भुगतान के तहत यूपीआई पेमेंट स्वीकार नहीं करने का फैसला लिया है। इस फैसले से रोजाना पेट्रोल-डीजल डलवाने वाले आम वाहन चालकों को बड़ी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। एसोसिएशन के इस फैसले से व्यापारिक हलकों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
    पंजाब प्रधान परमजीत सिंह दोआबा और प्रवक्ता मोंटी सहगल ने कहा-
    "" पहले से ही पेट्रोलियम डीलर्स कम मुनाफा और तेल कंपनियों की मनमानी नीतियों से परेशानियों से घिरे हुए हैं, ऐसे में हमारे फिक्स मार्जिन से ही MDR का नुकसान हम सहन नहीं करेंगे। उनका कहना है कि पेट्रोलियम डीलर्स पहले से ही भारी वित्तीय संकट, कम मुनाफे और तेल कंपनियों की मनमानी नीतियों के कारण बुरी तरह से परेशान हैं। ऐसे हालात में मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) के कारण होने वाले वित्तीय नुकसान को वे अपने फिक्स मार्जिन से सहन करने की स्थिति में बिल्कुल नहीं हैं।""

    यूपीआई भुगतान स्वीकार करना बंद –
    पूरे पंजाब में पेट्रोल पंप डीलरों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) या डिजिटल लेनदेन शुल्क इस तरह के लेनदेन पर पेश किया जाता है, तो वे 2,000 रुपये से ऊपर यूपीआई भुगतान स्वीकार करना बंद कर देंगे।
    द पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन पंजाब (PPDAP) ने यूपीआई भुगतान पर किसी भी प्रस्तावित एमडीआर से पेट्रोलियम रिटेल आउटलेट्स के लिए छूट की मांग की है। एसोसिएशन ने केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, वित्त और तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) से संपर्क किया है, यह तर्क देते हुए कि पतले मार्जिन पर काम करने वाले डीलर किसी भी अतिरिक्त लेनदेन लागत को अवशोषित नहीं कर पाएंगे। पीपीडीएपी के अध्यक्ष परमजीत सिंह डोबा ने केंद्रीय मंत्रियों के साथ-साथ अध्यक्षों और प्रबंध निदेशकों को संबोधित एक पत्र में यह मुद्दा उठाया इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल), जैसा कि टीओआई द्वारा रिपोर्ट किया गया है।

    डीलरों ने UPI लेनदेन शुल्क से छूट मांगी
    एसोसिएशन ने केंद्र से यूपीआई लेनदेन पर एमडीआर से पेट्रोल पंपों को छोड़कर एक विशिष्ट आदेश या सलाहकार जारी करने का आग्रह किया है, जिसमें 2,000 रुपये से अधिक का भुगतान भी शामिल है। पीपीडीएपी ने कहा कि पेट्रोलियम डीलर पहले से ही अपर्याप्त मार्जिन के कारण अपने परिचालन खर्च को पूरा करने में कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। इसने कहा कि अतिरिक्त थोपना डिजिटल लेनदेन शुल्क खुदरा दुकानों पर वित्तीय बोझ को और बढ़ाएगा। एसोसिएशन ने 14 सितंबर को केंद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा जारी एक असाधारण राजपत्र अधिसूचना का उल्लेख किया और पेट्रोलियम खुदरा दुकानों के लिए किसी भी नए ढांचे से पहले सुरक्षा की मांग की। यूपीआई लेनदेन शुल्क लागू किया जाता है।

    मोहाली डीलरों ने प्रस्तावित यूपीआई भुगतान सीमा का समर्थन किया
    मोहाली पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अश्विन्दर सिंह मोंगिया ने कहा कि पेट्रोल पंप डीलर पहले से ही ‘बहुत पतले मार्जिन’ के साथ काम कर रहे हैं और यूपीआई लेनदेन पर अतिरिक्त लागत वहन करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, ‘हमें यूपीआई लेनदेन पर अतिरिक्त शुल्क लेने की उम्मीद नहीं की जा सकती है। हम पंजाब एसोसिएशन के इस फैसले का समर्थन करते हैं कि एमडीआर लगाए जाने पर 2,000 रुपये से अधिक का यूपीआई भुगतान स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। सरकार को पेट्रोल पंपों को डीलरों पर बोझ डालने के बजाय ऐसे शुल्कों से छूट देनी चाहिए। मोहाली एसोसिएशन की स्थिति राज्य स्तरीय डीलरों के निकाय द्वारा उठाए गए रुख के अनुरूप है, जिसने केंद्र से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि यूपीआई लेनदेन के लिए पेट्रोल पंपों को किसी भी प्रस्तावित एमडीआर ढांचे के तहत नहीं लाया जाए।