Author: NewseDay

  • जनसेवा में मितानिन दीदियों का योगदान सराहनीय, मंत्री लखन लाल देवांगन ने किया सम्मानित

    जनसेवा में मितानिन दीदियों का योगदान सराहनीय, मंत्री लखन लाल देवांगन ने किया सम्मानित

    नई दिल्ली

     कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अंकिता भंडारी के परिवार से मुलाकात करने के लिए इंडिया गेट पहुंचे हैं। 

    उत्तराखंड में 2022 में अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी। दरअसल, दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के फैसले के खिलाफ अंकिता भंडारी के परिजनों ने अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

    राष्ट्रपति से लगाई गुहार

    अंकिता भंडारी के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने कहा, 'दुष्यंत कुमार को सलाखों के पीछे होना चाहिए… मैं राष्ट्रपति से अनुरोध करता हूं कि CBI जांच पूरी होने तक दुष्यंत कुमार को गवर्नर न बनाया जाए।'

    अंकिता की मां क्या बोलीं?

    अंकिता की मां सोनी देवी ने कहा, '12 तारीख को जब हमने यह खबर सुनी कि उन्हें (BJP नेता दुष्यंत कुमार गौतम) अब गवर्नर बना दिया गया है, तो हमें बहुत दुख हुआ। मैं राष्ट्रपति से अपील करती हूं, जो खुद एक महिला हैं और मेरी भावनाओं को जरूर समझेंगी। उन्होंने कहा कि जब तक उनके खिलाफ CBI जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक इस व्यक्ति को गवर्नर बनाने के कदम को रोक दें।'

    बुधवार को अंकिता भंडारी के माता-पिता अपना विरोध प्रकट करने और बेटी के लिए न्याय की गुहार लगाने राजधानी दिल्ली स्थित इंडिया गेट पहुंचे हैं।

  • बड़ौनी तिराहे के पास हादसा: हाईवे पर बस को डंपर ने मारी टक्कर, 24 यात्री घायल

    बड़ौनी तिराहे के पास हादसा: हाईवे पर बस को डंपर ने मारी टक्कर, 24 यात्री घायल

    दतिया

     तेज रफ्तार डंपर ने हाईवे पर एक सवारी बस को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में बस में सवार 24 यात्री और डंपर चालक घायल हो गए। घायलों में 11 पुरुष, 9 महिलाएं और तीन बच्चे शामिल बताए जाते हैं। दुर्घटना के बाद बस में सवार यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई।

    सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। सभी घायलों की हालत खतरे से बाहर बताई गई है।

    घटना बड़ौनी तिराहे के पास बुधवार को हुई

    घटना बड़ौनी तिराहे के पास बुधवार को हुई। हादसे में बस का पिछला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। जानकारी के अनुसार, यादव बस सर्विस की बस क्रमांक एमपी 07 पी 1567 करीब 45 यात्रियों को लेकर ग्वालियर से दतिया आ रही थी। इसी दौरान हाईवे पर बड़ौनी तिराहे के पास पीछे से तेज रफ्तार में आ रहे डंपर क्रमांक आरजे 34 जीए 4477 के चालक ने वाहन को लापरवाही से चलाते हुए बस में पीछे से टक्कर मार दी।

    यात्रियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला

    टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस में बैठे यात्रियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। हादसे में बस यात्री घायल हो गए, जबकि डंपर चालक को भी चोटें आईं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। जिला अस्पताल में सभी घायलों का उपचार किया जा रहा है।

    बस और डंपर दोनों को जब्त कर कोतवाली पहुंचाया

    हादसे के बाद घटनास्थल पर कुछ समय के लिए यातायात बाधित हो गया और वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। पुलिस ने बस और डंपर को सड़क किनारे करवाकर आवागमन को फिर से सुचारु कराया। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल बस और डंपर दोनों को जब्त कर कोतवाली पहुंचाया। दिया है। फिलहाल पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।

     

  • परविंदर झोटा हत्याकांड के खिलाफ SGPC का विरोध, कल बंद रहेंगे सभी संस्थान और कार्यालय

    परविंदर झोटा हत्याकांड के खिलाफ SGPC का विरोध, कल बंद रहेंगे सभी संस्थान और कार्यालय

    अमृतसर.

    नशा बेचने वालों का विरोध करने वाले सिख युवक परविंदर सिंह की हत्या के विरोध में 15 अक्टूबर को दिए गए पंजाब बंद के आह्वान का शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने समर्थन किया है। एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने घोषणा की है कि 15 अक्टूबर को कमेटी के कार्यालय और सभी संस्थान बंद रहेंगे।

    उन्होंने कहा कि पंजाब की युवा पीढ़ी को नशे की दलदल से बाहर निकालने के लिए संघर्ष कर रहे लोगों के साथ शिरोमणि कमेटी मजबूती से खड़ी है। कमेटी परविंदर सिंह के स्वजन को हर संभव सहयोग देने के लिए भी प्रतिबद्ध है।

    अकाली दल वारिस पंजाब का गुस्सा फूटा –
    मानसा में नशे के खिलाफ अलख जगाने वाले प्रमुख एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परमिंदर सिंह झोटा की सरेआम गोली मारकर की गई हत्या के विरोध में राजनीति गरमा गई है। शिरोमणि अकाली दल (वारिस पंजाब दे) ने कोटकपूरा में पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध जताया। इसके साथ ही पार्टी ने कड़ा रुख अपनाते हुए ऐलान किया है कि घटना के विरोध में 14 अक्टूबर को पंजाब के सभी जिला मुख्यालयों पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालयों के समक्ष विशाल प्रदर्शन किए जाएंगे। प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे पार्टी के वरिष्ठ नेता व हलका कोटकपूरा इंचार्ज रछपाल सिंह सोसन ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि परमिंदर सिंह झोटा की हत्या केवल एक कार्यकर्ता की हत्या नहीं, बल्कि पूरे पंजाब की अस्मिता और कानून-व्यवस्था की हत्या है। उन्होंने कहा कि झोटा सालों से इलाके में नशा तस्करों का पर्दाफाश कर रहे थे और युवाओं को नशे के दलदल से निकालने में जुटे थे।

  • यूपी की पहचान अब दंगा, कर्फ्यू और माफिया नहीं, काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या और महाकुंभ से होती है : मुख्यमंत्री योगी

    यूपी की पहचान अब दंगा, कर्फ्यू और माफिया नहीं, काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या और महाकुंभ से होती है : मुख्यमंत्री योगी

    वाराणसी में शिक्षक-स्नातक विधान परिषद चुनाव के लिए आयोजित महासम्मेलन को मुख्यमंत्री योगी ने भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में किया संबोधित
     
    राज्यसभा चुनाव में कहां चला गया सपा का पीडीए, एक सीट चाचा को दी और दूसरी मुंबई के धन्नासेठ को : मुख्यमंत्री योगी
     
    शिक्षकों की समस्याएं उठाने वाला हो विधान परिषद में प्रतिनिधि, कोई मुद्दा शेष रहा तो उसका भी निकालेंगे समाधान
     
    यूपी में अब नौकरी मांगने वाले ही नहीं, नौकरी देने वाले भी तैयार हो रहे, 120 से बढ़कर 24 हजार के पार पहुंचे स्टार्टअप
     
    वाराणसी

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को समाजवादी पार्टी पर शिक्षा, शिक्षकों और युवाओं के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को शिक्षा से कोई लेना-देना नहीं, जो माफिया के पिछलग्गू हैं और माफिया के मरने पर उसकी कब्र पर जाकर फातिहा पढ़ते हैं, उनसे शिक्षकों के हितों की उम्मीद कैसे की जा सकती है। सपा सरकार में शिक्षकों के पद खाली रहे, भर्ती आयोगों पर सैफई सिंडिकेट का कब्जा था और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ होता था। भाजपा सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के साथ शिक्षकों की समस्याओं का समाधान किया है। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल छात्र का भविष्य नहीं बनाता, बल्कि समाज, राष्ट्र और युग का निर्माण करता है।
     
    मुख्यमंत्री योगी वाराणसी में शिक्षक और स्नातक विधान परिषद चुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में आयोजित महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षक और स्नातक समाज के सजग प्रहरी हैं। दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। शिक्षक युवाओं को दिशा देता है और युवा राष्ट्र का भविष्य तय करते हैं। शिक्षकों और स्नातकों की समस्याओं का समाधान किया गया है। कोई मुद्दा शेष रह जाएगा तो सरकार उसका भी समाधान निकालेगी।
     
    राज्यसभा चुनाव में कहां चला गया सपा का पीडीए
    मुख्यमंत्री योगी ने राज्यसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि दस में आठ सीटें भाजपा और दो सपा को मिलीं। भाजपा ने विभिन्न समाजों को प्रतिनिधित्व दिया, लेकिन पीडीए की बात करने वाली सपा ने एक सीट अपने चाचा रामगोपाल यादव को दे दी और दूसरी मुंबई के धन्नासेठ को। उन्होंने सवाल किया कि सपा को काशी, गाजीपुर या बलिया का कोई यादव, दलित या मुस्लिम प्रत्याशी क्यों नहीं मिला। मुख्यमंत्री ने पीडीए को परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी और 'पराया धन अपना' बताते हुए सपा पर कथनी और करनी में अंतर होने का आरोप लगाया।
     
    सपा पर भरोसा करना मगरमच्छ से नदी पार कराने जैसा
    मुख्यमंत्री योगी ने सपा पर वादों से मुकरने का आरोप लगाते हुए कहा कि उस पर विश्वास करना मगरमच्छ से नदी पार कराने की उम्मीद करने जैसा है। मगरमच्छ नदी के बीच में ले जाकर क्या करेगा, यह सभी जानते हैं। उन्होंने सपा नेताओं पर बार-बार रंग बदलने का आरोप लगाते हुए कहा कि इन्हें देखकर गिरगिट भी खुश होता होगा कि मनुष्य में उसकी जाति का कोई पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि सपा को प्रदेश की नहीं, केवल अपने परिवार की चिंता रही है। समाज में भेदभाव और बंटवारा पैदा करने वाली राजनीति से सावधान रहना चाहिए।
     
    सैफई सिंडिकेट ने युवाओं के भविष्य से किया खिलवाड़
    मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सपा सरकार में भर्ती आयोगों और बोर्डों पर सैफई सिंडिकेट का कब्जा था। चाचा-भतीजे की जोड़ी वसूली के लिए निकलती थी। वर्ष 2017 में बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के 1.60 लाख पद खाली थे। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने नियुक्तियां कीं और सेवानिवृत्ति से रिक्त होने वाले पदों पर भी भर्ती जारी है। प्रदेश में साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। अगले छह महीने में एक लाख और नियुक्तियां देने का संकल्प है। बुधवार को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती में 32 हजार युवाओं का परिणाम घोषित हुआ है।
     
    शिक्षकों की समस्याएं उठाने वाला हो प्रतिनिधि
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि विधान परिषद में ऐसा प्रतिनिधि होना चाहिए, जो शिक्षकों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से सरकार के सामने रख सके। उन्होंने उच्चतम न्यायालय के टीईटी संबंधी निर्णय के बाद पुराने शिक्षकों के लिए विशेष टीईटी की व्यवस्था करने का उल्लेख किया। कहा कि बेसिक से विश्वविद्यालय स्तर तक के शिक्षकों को पांच लाख रुपये की स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई गई है। स्ववित्तपोषित संस्थानों के शिक्षक भी इसमें शामिल हैं। वित्तपोषित विद्यालयों के शिक्षकों के लिए 40 लाख से डेढ़ करोड़ रुपये तक के बीमा कवर का भी उन्होंने उल्लेख किया।
     
    नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बन रहे युवा
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में केवल 120 स्टार्टअप थे, जबकि आज 24 हजार से अधिक स्टार्टअप काम कर रहे हैं। प्रदेश का युवा अब केवल नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि दूसरों को रोजगार देने वाला बन रहा है। निजी क्षेत्र में 65 लाख युवाओं को नौकरी मिली है और तीन करोड़ से अधिक लोग रोजगार तथा स्वरोजगार से जुड़े हैं। प्रदेश के 62 लाख युवाओं को टैबलेट और स्मार्टफोन दिए गए हैं। सरकार ने दो करोड़ युवाओं तक यह सुविधा पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
     
    अब यूपी की पहचान दंगा-कर्फ्यू नहीं, धार्मिक पर्यटन
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में त्योहारों से पहले दंगे शुरू हो जाते थे। उत्सव से पहले उपद्रव प्रदेश की पहचान बन गया था। खराब कानून-व्यवस्था के कारण निवेशक नहीं आते थे। आज काशी विश्वनाथ धाम में औसतन एक लाख श्रद्धालु प्रतिदिन पहुंच रहे हैं।

  • मुख्यमंत्री ने कहा – छत्तीसगढ़ की आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का महत्वपूर्ण केंद्र है शिवरीनारायण

    मुख्यमंत्री ने कहा – छत्तीसगढ़ की आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का महत्वपूर्ण केंद्र है शिवरीनारायण

    रायपुर

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज जांजगीर-चांपा जिले की पावन धार्मिक नगरी शिवरीनारायण पहुंचकर सपत्नीक भगवान नर-नारायण के दर्शन किए। मुख्यमंत्री  साय ने मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना की। उन्होंने छत्तीसगढ़ में सुख, शांति और समृद्धि के साथ निरंतर प्रगति के लिए भगवान नर-नारायण से प्रार्थना की।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि शिवरीनारायण छत्तीसगढ़ की आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का महत्वपूर्ण केंद्र है। यह पावन भूमि माता शबरी की अनन्य भक्ति और प्रभु राम से जुड़ी स्मृतियों को अपने भीतर संजोए हुए है। यहां आकर मन को विशेष शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा की अनुभूति होती है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत अत्यंत समृद्ध है और इसका संरक्षण एवं संवर्धन हम सभी का दायित्व है।

    मुख्यमंत्री  साय ने भगवान नर-नारायण की पूजा-अर्चना की और प्रदेश के प्रत्येक परिवार के जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि ईश्वर की कृपा से छत्तीसगढ़ निरंतर विकास और खुशहाली के पथ पर आगे बढ़े तथा समाज में सद्भाव, भाईचारा और आपसी प्रेम बना रहे।

    गौ माता को गुड़ और केला खिलाकर मुख्यमंत्री ने किया पूजन

    मुख्यमंत्री  साय इसके पश्चात शिवरीनारायण स्थित मठ मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने गौ माता को गुड़ और केला खिलाया तथा माल्यार्पण कर श्रद्धापूर्वक पूजन किया। मुख्यमंत्री ने गौ सेवा को हमारी सनातन संस्कृति और परंपरा का अभिन्न अंग बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की ग्रामीण जीवनशैली, कृषि परंपरा और लोकजीवन में गौ माता का विशेष स्थान रहा है।

    मुख्यमंत्री  साय ने मठ मंदिर परिसर में संतों एवं श्रद्धालुओं से भी आत्मीय भेंट की। उन्होंने कहा कि हमारे मठ-मंदिर और धार्मिक स्थल केवल आस्था के केंद्र नहीं हैं, बल्कि ये पीढ़ियों से समाज को संस्कार, सेवा, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना से जोड़ते आए हैं।

    जगन्नाथ मंदिर में की पूजा-अर्चना

    मुख्यमंत्री  साय ने धर्मपत्नी मती कौशल्या साय के साथ शिवरीनारायण स्थित जगन्नाथ मंदिर में भी विधि-विधान से दर्शन एवं पूजा-अर्चना की। उन्होंने भगवान जगन्नाथ से प्रदेशवासियों के स्वस्थ, सुखी और मंगलमय जीवन की प्रार्थना की।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवरीनारायण की धार्मिक परंपरा छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान का हिस्सा है। महानदी, शिवनाथ और जोंक नदी के पावन संगम के समीप स्थित यह नगरी सदियों से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रही है। यहां के मंदिर, परंपराएं और धार्मिक मान्यताएं हमारी सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध बनाती हैं।

    माता शबरी की भक्ति से जुड़ी शिवरीनारायण की पावन धरा

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि शिवरीनारायण का नाम आते ही माता शबरी की अनन्य भक्ति और प्रभु राम के प्रति उनके अगाध प्रेम का स्मरण होता है। यह पावन भूमि हमें भक्ति, समर्पण और सामाजिक समरसता का संदेश देती है। शिवरीनारायण की आध्यात्मिक विरासत छत्तीसगढ़ के गौरवशाली इतिहास और लोकआस्था का महत्वपूर्ण अध्याय है।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व के स्थलों की पहचान को और सुदृढ़ करने तथा हमारी समृद्ध विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराएं हमारी पहचान हैं और इनका संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी साझा जिम्मेदारी है।

    इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू, वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी, सांसद मती कमलेश जांगड़े, राजे महंत रामसुंदर दास  सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

  • 137.45 लाख की आबादी को लाभ पहुंचाने की योजना, जलापूर्ति नेटवर्क का हो रहा विस्तार

    137.45 लाख की आबादी को लाभ पहुंचाने की योजना, जलापूर्ति नेटवर्क का हो रहा विस्तार

    1,950 नए नलकूपों के लक्ष्य के सापेक्ष 984 का निर्माण पूरा

    802 ओवरहेड जलाशयों में 196 और 197 भूमिगत जलाशयों में 24 का निर्माण पूर्ण

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश में शहरी क्षेत्रों के प्रत्येक परिवार तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने और जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए योगी सरकार अटल नवीकरण एवं शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत 2.0) के तहत व्यापक स्तर पर कार्य कर रही है। मिशन के माध्यम से पेयजल नेटवर्क के विस्तार, नए नलकूपों के निर्माण, जलाशयों की स्थापना और आधुनिक जल प्रबंधन व्यवस्था को विकसित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य शहरी नागरिकों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के साथ ही भविष्य की जरूरतों के अनुरूप जलापूर्ति व्यवस्था तैयार करना है।

    27.49 लाख घरों को पेयजल कनेक्शन देने का लक्ष्य
    योजना के तहत प्रदेश में 27.49 लाख घरों को पेयजल कनेक्शन उपलब्ध कराने और 137.45 लाख की आबादी को लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पेयजल वितरण नेटवर्क के विस्तार में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। कुल 25302.80 किलोमीटर प्रस्तावित नेटवर्क में से 17431.00 किलोमीटर का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। यह उपलब्धि शहरी क्षेत्रों में पाइपलाइन के माध्यम से घरों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

    984 नए नलकूपों का निर्माण पूरा
    अमृत 2.0 के तहत प्रदेश में जलापूर्ति के लिए 1,950 नए नलकूपों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से 984 नलकूपों का निर्माण पूरा हो चुका है। नलकूपों के माध्यम से विभिन्न नगरीय क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता बढ़ाने और जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा योजना के तहत 802 ओवरहेड जलाशयों में से 196 का निर्माण पूरा हो चुका है। वहीं, 197 भूमिगत जलाशयों में से 24 का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है।

    अमृत 2.0 से शहरी जल भंडारण और वितरण व्यवस्था होगी मजबूत
    ओवरहेड और भूमिगत जलाशय शहरी क्षेत्रों में पानी के भंडारण और वितरण व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। इनके निर्माण से विभिन्न क्षेत्रों में जलापूर्ति की जरूरतों को पूरा करने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे का विस्तार हो रहा है। योगी सरकार की ओर से संचालित इस मिशन के जरिए पेयजल परियोजनाओं को गति देने के साथ ही नागरिकों को बेहतर शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

     परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा में पूरी करने के प्रयास
    शासन की प्राथमिकता है कि प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में प्रत्येक पात्र परिवार तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। अमृत 2.0 मिशन के तहत पेयजल नेटवर्क के विस्तार, नए नलकूपों के निर्माण और ओवरहेड एवं भूमिगत जलाशयों के निर्माण कार्यों को तेजी से पूरा कराया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि सभी परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा में पूरी हों और शहरी नागरिकों को सुचारु जलापूर्ति का लाभ मिले। जल निगम नगरीय द्वारा परियोजनाओं की नियमित निगरानी की जा रही है।

     

  • IAS एस. जयवर्धन बने केंद्रीय गृह मंत्रालय के उप सचिव, जॉइनिंग के लिए मिला तीन सप्ताह का समय

    IAS एस. जयवर्धन बने केंद्रीय गृह मंत्रालय के उप सचिव, जॉइनिंग के लिए मिला तीन सप्ताह का समय

    रायपुर.

    छत्तीसगढ़ कैडर के 2014 बैच के आईएएस अधिकारी एस. जयवर्धन को केंद्र सरकार में नई जिम्मेदारी मिली है। केंद्रीय स्टाफिंग योजना के तहत उन्हें दिल्ली स्थित गृह मंत्रालय में उप सचिव नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति को लेकर भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव को निर्देश जारी किए हैं।

    जारी जानकारी के मुताबिक, एस. जयवर्धन की नियुक्ति पदभार संभालने की तारीख से चार साल या अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी। केंद्र सरकार ने राज्य सरकार से कहा है कि अधिकारी को तत्काल उनके मौजूदा दायित्वों से मुक्त किया जाए, ताकि वे दिल्ली में नई जिम्मेदारी संभाल सकें।

    तीन सप्ताह में संभालना होगा पदभार
    नियुक्ति से जुड़े निर्देशों के अनुसार, अधिकारी को कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) का नियुक्ति आदेश जारी होने की तारीख से तीन सप्ताह के भीतर नया पदभार ग्रहण करना होगा। निर्धारित समय में कार्यभार नहीं संभालने पर केंद्रीय स्टाफिंग योजना के तहत उन्हें अयोग्य घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। इस वजह से तय समयसीमा में पदभार ग्रहण करना जरूरी होगा। एस. जयवर्धन की नियुक्ति से छत्तीसगढ़ कैडर के एक और अधिकारी को केंद्र सरकार में काम करने का अवसर मिला है। अब उनकी नई जिम्मेदारी गृह मंत्रालय में होगी।

  • खेल जीवन में अनुशासन और एकाग्रता का देते हैं संदेश : टंक राम वर्मा

    खेल जीवन में अनुशासन और एकाग्रता का देते हैं संदेश : टंक राम वर्मा

    ​रायपुर

    दशहरा मैदान तिल्दा में आयोजित राज्य स्तरीय पुरुष वालीबॉल प्रतियोगिता का रोमांचक समापन समारोह आज संपन्न हुआ। कड़े मुकाबले और बेहतरीन खेल भावना के बीच खेले गए इस फाइनल मैच में राजनादगांव सेक्टर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रायपुर सेक्टर को हराकर प्रतियोगिता की विजेता ट्रॉफी अपने नाम कर ली, जबकि रायपुर सेक्टर उपविजेता रहा।

     ​समारोह के मुख्य अतिथि  राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने विजेता और उपविजेता टीमों को शील्ड, पदक और नगद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।। ​समापन समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री  टंक राम वर्मा ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि खेल केवल हार-जीत का नाम नहीं है, बल्कि यह आपसी भाईचारा, अनुशासन और शारीरिक-मानसिक विकास का मजबूत माध्यम है। छत्तीसगढ़ की माटी में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। राज्य सरकार युवाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने के लिए हरसंभव संसाधन और मंच उपलब्ध करा रही है।

    मंत्री  वर्मा ने खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की छुपी हुई खेल प्रतिभाएं निखर कर सामने आती हैं। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, खेल संघ के पदाधिकारी, खेल प्रेमी और बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित रहे।

  • Blue Drum Case: मेरठ में सौरभ राजपूत हत्याकांड का फैसला, मुस्कान और साहिल को मौत की सजा

    Blue Drum Case: मेरठ में सौरभ राजपूत हत्याकांड का फैसला, मुस्कान और साहिल को मौत की सजा

    मेरठ 

    मेरठ में प्रेमी के साथ मिलकर पति सौरभ राजपूत की हत्या करने वाली मुस्कान को फांसी की सजा सुनाई गई। उसके प्रेमी साहिल को भी कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई। सजा सुनाते हुए जज ने कहा- यह नृशंस हत्याकांड है, माफी स्वीकार नहीं होगी। सजा सुनाने से पहले जेल में बंद मुस्कान और साहिल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जोड़ा गया। मुस्कान रस्तोगी और साहिल फूट-फूटकर रोने लगे। जज ने मुस्कान से पूछा- तुम अपने पति सौरभ राजपूत की हत्या में दोषी हो, क्या सजा चाहती हो? उसने जवाब दिया- मेरी बच्चियों का ख्याल रखा जाए। फिर वह खामोश हो गई। इसके बाद साहिल से यही सवाल पूछा गया, तो वह चुप रहा।

    सजा के ऐलान के बाद सौरभ की मां रो पड़ीं। कहा- शांति से न्याय मिल गया। सौरभ राजपूत की हत्या 3 मार्च, 2025 को हुई थी। शव को 5 टुकड़ों में काटकर नीले ड्रम में भर दिया गया था।मार्च 2025 में मर्चेंट नेवी कर्मी सौरभ राजपूत की उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला ने हत्या कर दी थी, जिसके बाद शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में सीमेंट से बंद कर दिए गए थे. जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा ने दोनों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई। 

    अदालत ने 30 सितंबर 2026 को सुरक्षित रखा था
    मामले में मेरठ की जिला अदालत ने 30 सितंबर 2026 को दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया था और बुधवार को सजा पर अंतिम फैसला आया. मामले में जिला अदालत ने इस मामले में दोनों को फांसी की सजा सुनाई। 

    इस दौरान कोर्ट की टिप्पणी ने भी सभी का ध्यान खींचा. मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा सुनाए जाने के दौरान अदालत में महाभारत का भी जिक्र हुआ. सामने आया है कि फैसला सुनाने से पहले जज कोर्ट में मु्स्कुराते हुए आए, उन्होंने फैसला पढ़ना शुरू किया इससे पहले उन्होंने अहम टिप्पणी में कहा कि 'दंड भी धर्म है'. उन्होंने महाभारत का जिक्र करते हुए कहा कि 'दंड को भी धर्म ही बताया गया है, यानी अपराधी को दंड देना धर्म है। 

    इस फैसले की जानकारी देते हुए वकील केके चौबे ने मीडिया बातचीत में कहा कि, सुनवाई के दौरान जज ने महाभारत का उल्लेख करते हुए कहा कि अपराधियों को दंड देना भी धर्म है. फैसला सुनाए जाने के दौरान कोर्ट रूम में 'भारत माता की जय' के नारे भी लगे. उन्होंने अदालत के फैसले को समाज के लिए एक बड़ा संदेश बताया। 

    'अपराधी को सजा देना धर्म का हिस्सा'
    उन्होंने कहा कि लालच में आकर करीबी रिश्तों की हत्या करने जैसे जघन्य अपराधों में कठोर सजा मिलनी चाहिए. चौबे के मुताबिक, अदालत ने महाभारत का उदाहरण देते हुए स्पष्ट किया कि अपराध करने वालों को सजा देना भी धर्म का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि 'यह फैसला समाज को संदेश देता है कि जघन्य अपराध करने वालों को कानून के तहत कठोर दंड भुगतना पड़ेगा। 

    13 महीने चला केस, 126 सुनवाई हुईं
    अदालत के अधिकारियों के मुताबिक, मुस्कान और साहिल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया था. इससे पहले अदालत ने 30 सितंबर को मुस्कान और साहिल को सौरभ राजपूत की हत्या करने और उनके शव को छिपाने की कोशिश के मामले में दोषी करार दिया था. करीब 13 महीने तक चले मुकदमे में कुल 126 सुनवाई हुईं, जिसके बाद अदालत ने दोनों को सजा सुनाई। 

    हत्या के बाद शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में छिपाए
    अभियोजन पक्ष के मुताबिक, सौरभ राजपूत की हत्या 3 मार्च 2025 को की गई थी. आरोप था कि मुस्कान और साहिल ने हत्या के बाद सौरभ के शव के टुकड़े कर दिए और उन्हें एक नीले ड्रम में रख दिया. इसके बाद अपराध को छिपाने के लिए ड्रम में सीमेंट भर दिया गया था. यह मामला उस समय सामने आया, जब मेरठ स्थित घर से सौरभ के शव के अवशेष बरामद किए गए. हत्या के तरीके और शव को ठिकाने लगाने की कोशिश के कारण यह मामला काफी चर्चित हुआ था। 

    22 गवाहों की हुई गवाही
    मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में कुल 22 गवाह पेश किए. इनमें हत्या में कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए चाकू, नीले ड्रम और अन्य सामान की खरीद से जुड़े लोग भी शामिल थे. इसके अलावा होटल मैनेजरों और कैब ड्राइवरों की भी गवाही कराई गई. इन गवाहों के जरिए आरोपियों की गतिविधियों और अलग-अलग स्थानों पर उनकी आवाजाही को साबित करने की कोशिश की गई. अदालत में आरोपियों के विभिन्न स्थानों पर ठहरने से संबंधित रिकॉर्ड भी पेश किए गए। 

    करीब 13 महीने तक चली सुनवाई और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने पहले दोनों को दोषी करार दिया और अब मुस्कान रस्तोगी तथा साहिल शुक्ला को मौत की सजा सुनाई है। 

    कब क्या हुआ था?
    24 फरवरी 2025 को मर्चेंट नेवी अफसर सौरभ राजपूत लंदन से वापस मेरठ लौटे और इंदिरा नगर स्थित अपने घर पहुंचे। 
    25 फरवरी 2025 को सौरभ के घर में उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी का जन्मदिन मनाया गया। 

    28 फरवरी 2025 को उनकी बेटी पीहू का जन्मदिन मनाया गया.
    3 मार्च 2025: अभियोजन पक्ष के अनुसार, साजिश के तहत सौरभ को नींद की दवा दी गई और उसके बाद उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को घर बुलाया गया, जहां सौरभ की बेरहमी से हत्या कर दी गई. इसके बाद शव के टुकड़े कर उसे सीमेंट भरकर एक नीले ड्रम में सील कर दिया गया। 

    4 मार्च 2025: इस दिन मुस्कान अपनी बेटी को मायके छोड़कर साहिल के साथ शिमला घूमने निकल गई और सौरभ के फोन से मैसेज भेजकर परिवार को धोखे में रखा। 
    17 मार्च 2025: शिमला से लौटने के बाद जब मामले का खुलासा हुआ और पुलिस ने जांच शुरू की, तो घर के अंदर रखे नीले ड्रम से सौरभ राजपूत के शव के टुकड़े बरामद किए गए. पुलिस ने आरोपी मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार किया। 

    7. मार्च 2025 से सितंबर 2026: इस मामले में करीब 13 महीने तक सुनवाई चली. अदालत में कुल 126 पेशियां (सुनवाई की तारीखें) हुईं और 22 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। 
    30 सितंबर 2026 लगभग 545 दिनों की कानूनी प्रक्रिया और अंतिम बहस पूरी होने के बाद, मेरठ जिला अदालत द्वारा इस हत्याकांड में मुख्य आरोपी मुस्कान और साहिल पर ऐतिहासिक फैसला आया है। 

    आइए जानते हैं इस केस से जुड़े पल-पल के अपडेट्स….

    जजमेंट के बाद कोर्ट के बाहर मिठाई बांटी गई. फैसले से सौरभ का परिवार संतुष्ट। 

    सुनवाई के दौरान कोर्ट ने महाभारत का जिक्र किया. जज ने कहा- दंड देना भी धर्म है. सजा के ऐलान के बाद कोर्ट रूम में भारत माता की जय के नारे लगे। 
     सबसे खास बात यह रही कि सजा सुनाए जाने से ठीक पहले सुबह के वक्त मुस्कान के माता-पिता ने अदालत में लिखित रूप में दिया कि यदि उनकी बेटी को फांसी भी दी जाती है, तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी. साथ ही, परिवार ने सौरभ को एक बहुत ही अच्छा लड़का बताया। 

    मेरठ कोर्ट ने मुस्कान और साहिल शुक्ला को मृत्युदंड की सजा सुनाई है. सजा सुनाए जाने के दौरान दोनों आरोपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जेल से जुड़े थे. वहीं, कोर्ट रूम में मृतक सौरभ राजपूत की मां रेनू राजपूत और उनके भाई मौजूद रहे। 

     दोनों तरफ के वकील कोर्ट रूम में पहुंचे. जज अरविंद मिश्रा भी पहुंचे. किसी भी वक्त फैसला आ सकता है. दोनों आरोपी जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये जुड़े। 

     फैसले से पहले सौरभ का परिवार कोर्ट पहुंचा. सौरभ की मां, मौसी, भाई अन्य लोग कोर्ट पहुंच गए हैं. मुस्कान-साहिल पर फैसले के वक्त अदालत में परिवार मौजूद रहेगा. परिवार ने मुस्कान-साहिल को फांसी की मांग की है। 

     सजा के ऐलान से पहले सौरभ की मां ने 'आजतक' से कहा कि बेटे सौरभ की हत्या के बाद मेरे परिवार ने न्याय पाने के लिए हर स्तर पर प्रयास किया. प्रशासन और उन सभी लोगों का आभार, जिन्होंने मामले में हमारा साथ दिया. पूरी उम्मीद है कि इन गवाहियों और दूसरे सबूतों के आधार पर हमें न्याय मिलेगा. मुस्कान-साहिल को फांसी होगी। 

     सौरभ हत्याकांड को लेकर मुस्कान और साहिल की सजा पर फैसले को लेकर सुनवाई फिर से शुरू हो गई है. कोर्ट रूम में जज की तरफ से सभी सबूतों को चेक किया जा रहा है और देशभर की नजर इस केस के फैसले पर है। 

    घटना के सामने आने के लगभग 19 महीने बाद भी मेरठ के ब्रह्मपुरी इलाके की वह संकरी गली जहां हत्या हुई थी, आज भी इस मामले से जुड़ी हुई है. जिस घर में अपराध हुआ था, वह घटना के बाद से ही बंद पड़ा है. घर के मालिक ओमपाल सिंह ने स्थानीय मीडिया को बताया कि उनके बेटे विदेश में रहते हैं और वे खुद उस घर में नहीं रहते। 

     सौरभ राजपूत की हत्या 4 मार्च, 2025 को हुई थी. आरोप है कि आरोपियों ने उनके शव के टुकड़े कर दिए और अवशेषों को सीमेंट से भरे नीले ड्रम में छिपा दिया था. जांच के बाद मुस्कान और साहिल को गिरफ़्तार किया गया. इस दौरान अभियोजन पक्ष ने कोर्ट के सामने सबूत और गवाह पेश किए। 

     शर्मा के मुताबिक दोनों को दोषी करार दिए जाने के बाद सौरभ राजपूत की मां रेनू देवी और भाई राहुल भावुक हो गए और दोषियों के लिए मौत की सज़ा की मांग की. परिवार ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा है, लेकिन वे चाहते हैं कि दोनों को कड़ी से कड़ी सज़ा मिले। 

    जेल सुपरिटेंडेंट डॉ. वीरेश राज शर्मा के मुताबिक दोनों को सज़ा पर अपनी बात रखने का मौका दिया गया था. जिसमें वे कारण भी शामिल थे कि उन्हें कम सज़ा क्यों दी जानी चाहिए। 

     जेल सुपरिटेंडेंट डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि मुस्कान, जिनकी 10 महीने की बेटी उनके साथ जेल में रह रही है, ने बच्ची के भविष्य को लेकर चिंता जताई और इस बारे में सवाल भी पूछे. उन्होंने कहा कि नियमों के मुताबिक, बच्चा छह साल का होने तक अपनी मां के साथ जेल में रह सकता है। 

     जेल अधीक्षक के मुताबिक, दोषी करार दिए जाने के बाद दोनों की जेल में रहने की व्यवस्था और नियमों में बदलाव होगा.उन्हें जेल के निर्धारित कपड़े पहनने होंगे और जेल मैनुअल के अनुसार काम भी करना पड़ सकता है. जरूरत और उपलब्धता के आधार पर पुरुष बंदी को दूसरी जेल में स्थानांतरित किया जा सकता है, जबकि महिला बंदी को निर्धारित नियमों के तहत महिला जेल में भेजा जा सकता है। 

    मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में बुधवार को दोषियों की सजा पर अदालत में बहस हुई. अभियोजन पक्ष ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला के लिए फांसी की सजा की मांग की, जबकि बचाव पक्ष ने न्यूनतम सजा देने की अपील की. अभियोजन ने इस मामले को ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ यानी विरलतम श्रेणी का अपराध बताते हुए मृत्युदंड दिए जाने की दलील दी। 

     बचाव पक्ष के तरफ़ से मिनिमम सज़ा की मांग की गई. रेयरेस्ट केस का हवाला देकर फांसी की मांग की गई है. जानकारी के मुताबिक इस केस पर फैसला आज शाम 4 बजे सज़ा सुनाई जाएगी.  सुनवाई के दौरान कहा गया है कि ये हत्या कर के ये रुके नहीं, ये घूमते रहे. हत्या सोच समझ कर की गई. ऐसे में मामलों में सुप्रीम कोर्ट की तरफ से तीन साइटेशन दिया गया है, जिसमे मृत्युदंड का उल्लेख है। 

    जेल अधीक्षक ने बताया कि मुस्कान ने अपनी छह से सात साल की बेटी के बाहर होने की बात कही थी. वह बेटी से मिलना चाहती है और इसके लिए बेचैन है. हालांकि, अब तक उससे मिलने के लिए कोई नहीं आया है. मुस्कान को बताया गया है कि यदि वह बेटी या किसी अन्य व्यक्ति को पत्र लिखना चाहती है, तो उसे इसकी अनुमति दी जा सकती है. जेल प्रशासन की प्रक्रिया के तहत उसे कागज और कलम उपलब्ध कराए जाएंगे. पत्र की सुरक्षा जांच के बाद उसे बताए गए पते पर भेजा जाएगा। 

      जेल अधीक्षक के अनुसार, मुस्कान का व्यवहार भी पहले के मुकाबले बदल गया है. वह पहले अन्य महिला बंदियों के साथ सामान्य तरीके से बातचीत करती थी, लेकिन अब बातचीत करने से बच रही है और एकांत में रहना पसंद कर रही है. वह अपना अधिकांश समय पूजा-पाठ में बिता रही है. महिला बैरक में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं, इसलिए जेल स्टाफ के माध्यम से उस पर निगरानी रखी जा रही है. साहिल की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है। 

     

     

     

  • मॉडल विधानसभा बनेगा बलौदाबाजार! राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने विकास कार्यों को लेकर दोहराया संकल्प

    मॉडल विधानसभा बनेगा बलौदाबाजार! राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने विकास कार्यों को लेकर दोहराया संकल्प

    बलौदाबाजार को मॉडल विधानसभा बनाने के लिए प्रतिबद्ध- राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा

    ​420 नए प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति से टंडवा पंचायत में विकास और खुशहाली की नई बहार

    ग्राम पंचायत टण्डवा के बैकुंठ मोहल्ले में 11.76 लाख रुपये की लागत से बने नए सार्वजनिक वितरण प्रणाली भवन का हुआ लोकार्पण

    ​रायपुर, 
    राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने आज तिल्दा विकासखंड के ग्राम टण्डवा के बैकुंठ मोहल्ले में 11.76 लाख रूपए से नवनिर्मित सार्वजनिक वितरण प्रणाली भवन का लोकार्पण किया। राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने उपस्थित जनसमूह और हितग्राहियों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य और देश में 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस एवं भगवान विश्वकर्मा जयंती से सेवा और संकल्प महाअभियान की शुरुआत की गई है। इस अभियान के तहत प्रदेशभर में एक दिया आशीर्वाद का जलाकर जन-जन तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने और प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त करने का कार्य किया जा रहा है।

    ​जन-कल्याणकारी योजनाओं से बदल रही आमजन की जिंदगी

    ​       राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि जल जीवन मिशन से हर घर नल का जल, प्रधानमंत्री आवास योजना, और जन धन योजना जैसी जन-कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ पूरे प्रदेश और देशवासियों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना के अनुरूप आज गांव-गांव तक पारदर्शी एवं सुगम राशन वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है।

         ​मंत्री वर्मा ने टंडवा के नए राशन दुकान (पीडीएस भवन) के निर्माण पर ग्रामीणों को बधाई देते हुए कहा कि पहले ग्रामीणों को राशन के लिए अपना काम-काज छोड़कर दूर जाना पड़ता था और भारी तकलीफों का सामना करना पड़ता था। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सरपंच के प्रयासों से अब गांव में ही यह सर्वसुविधायुक्त सुंदर नया भवन बनकर तैयार हो गया है, जिससे जरूरतमंद हितग्राहियों को राशन प्राप्त करने में बड़ी राहत मिलेगी।

    ​पंडित दीनदयाल उपाध्याय के सपनों को साकार कर रहे प्रधानमंत्री

            मंत्री ​वर्मा ने अंत्योदय के प्रण को दोहराते हुए कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का सपना था कि देश के अंतिम व्यक्ति तक बिजली, पानी, राशन, शिक्षा और पक्का मकान पहुँचे। आज हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस सपने को धरातल पर साकार कर रहे हैं। टंडवा जैसी छोटी पंचायत में 420 नए प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति मिली है, जिनका निर्माण कार्य तेज़ी से प्रगति पर है। गांव की गलियों में निर्माण सामग्री की चहल-पहल इस बात का प्रमाण है कि हर गरीब को पक्की छत मिल रही है।

    ​विकास निरंतर चलने वाली प्रक्रिया- बलौदाबाजार क्षेत्र के लिए अब तक 700 करोड़ की सौगात

           ​मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि बलौदाबाज़ार विधानसभा क्षेत्र को एक मॉडल विधानसभा के रूप में विकसित करना उनका मुख्य ध्येय है। इसके लिए अब तक क्षेत्र के समग्र विकास हेतु 700 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की स्वीकृति दी जा चुकी है। ​उन्होंने कहा कि गांवों की समस्याएं प्राथमिकता के आधार पर धीरे-धीरे हल की जा रही हैं। शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए स्कूलों का जीर्णाेद्धार और अधोसंरचना विकास किया जा रहा है। इस गरिमामयी कार्यक्रम में क्षेत्र के कई गणमान्य जनप्रतिनिधि, ग्राम पंचायत टण्डवा की सरपंच श्रीमती योगिता कृष्ण कुमार वर्मा एवं समस्त ग्रामवासियों उपस्थित थे।