Author: NewseDay

  • चीतों की मौत की वजह जानने के लिए RTI, कूनो प्रबंधन से जुड़ी पोस्टमार्टम रिपोर्ट देने से वन विभाग ने मना किया

    चीतों की मौत की वजह जानने के लिए RTI, कूनो प्रबंधन से जुड़ी पोस्टमार्टम रिपोर्ट देने से वन विभाग ने मना किया

    श्योपुर

    चीता पुनर्वास परियोजना के तहत कूनो नेशनल पार्क में बसाए गए चीतों की मौत होने पर वास्तविक कारण पता नहीं चल पाता है। कई चीते संदिग्ध परिस्थतियों में भी मृत पाए गए, लेकिन मौत हादसे से हुई या बीमारी से, इसका पता नहीं चल पाया।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जानकारी सूचना का अधिकार अधिनियम (आरटीआई) में मांगे जाने पर जानकारी साझा करने से वन विभाग ने यह कह कर इन्कार कर दिया कि यह राष्ट्रीय विषय है।

    वन विभाग बोला-रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की जा सकती

    विभाग से वन्य जीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने आरटीआई में जानकारी मांगी थी, जिन्हें जबाव मिला कि आरटीआई एक्ट की धारा 8(1)(ए) के तहत रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की जा सकती। यह धारा उन जानकारियों को छूट देती है, जिनके सार्वजनिक होने से भारत की संप्रभुता और अखंडता, सुरक्षा, रणनीतिक या आर्थिक हितों या किसी विदेशी देश के साथ संबंधों पर बुरा असर पड़ सकता है।

    अब तक शावकों सहित 28 चीतों की मौत हो चुकी है

    गौरतलब है कि 17 सितंबर 2022 से शुरू हुई चीता परियोजना में अब तक शावकों सहित 28 चीतों की मौत हो चुकी है। 2026 में ही अब तक सात चीतों की मौत हुई है। 12 अक्टूबर को मृत मिले आशा चीता के शावक की मौत को लेकर भी सिर्फ इतना ही सामने लाया गया है कि वह मां के साथ नहीं दिखी। ढूंढने पर उसका शव मिला।

    मौत बीमारी से हुई या किसी हादसे से, अब भी रहस्य

    यह रहस्य ही बना हुआ है कि शावक की मौत बीमारी से हुई या किसी हादसे से। शव किस हालत में मिला, इसकी जानकारी भी नहीं मिल सकी है।

  • मध्य प्रदेश की खाली राज्यसभा सीट पर बीजेपी की नजर, किसी बाहरी दिग्गज नेता को मिल सकता है मौका

    मध्य प्रदेश की खाली राज्यसभा सीट पर बीजेपी की नजर, किसी बाहरी दिग्गज नेता को मिल सकता है मौका

     भोपाल

    मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य और केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री डा. एल. मुरुगन के अपने मंत्री पद और राज्यसभा की सदस्यता दोनों से इस्तीफा देने से राज्यसभा की एक सीट के लिए उपचुनाव होगा। मप्र में राज्यसभा की 11 सीटें हैं, जिनमें से दो कांग्रेस और आठ भाजपा के पास हैं।

    इसी वर्ष जून में हुए उपचुनाव में तरुण चुग, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट राज्यसभा चुनाव में निर्विरोध निर्वाचित हुए थे। पार्टी सूत्रों का कहना है कि भाजपा उपचुनाव में किसी बाहरी नेता को मप्र से राज्यसभा भेज सकती है। इसे मोदी कैबिनेट में होने वाले संभावित विस्तार से जोड़कर देखा जा सकता है।

  • भारत में स्टारलिंक की एंट्री पर मस्क vs मित्तल! राहुल गांधी के समर्थन के बीच सैटेलाइट इंटरनेट पर बढ़ा विवाद

    भारत में स्टारलिंक की एंट्री पर मस्क vs मित्तल! राहुल गांधी के समर्थन के बीच सैटेलाइट इंटरनेट पर बढ़ा विवाद

    मुंबई 

    अमेरिकी उद्योगपति एलॉन मस्क ने भारत में स्टारलिंक की एंट्री में देरी को लेकर मुकेश अंबानी के बहाने मोदी सरकार पर सवाल उठाए थे. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उन्होंने यहां तक पूछ लिया था कि क्या अंबानी भारत के असली बॉस हैं? मस्क का आरोप था कि जियो जैसी कंपनियों के दबदबे के कारण भारत में उनकी सैटेलाइट इंटरनेट सेवा को मंजूरी नहीं दी जा रही. उनके इस पोस्ट पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी थी और उनकी हां में हां मिलाया था। 

    अब भारती एंटरप्राइजेज के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल ने इस पूरे विवाद के बीच अपनी कंपनी की तैयारी का हिसाब सामने रखा है. सुनील भारती मित्तल के जवाब से एलॉन मस्क के आरोपों और दावों की धज्जियां उड़ गई हैं. सुनील मित्तल का कहना है कि उनकी कंपनी एयरटेल ने 5 साल पहले सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट सर्विस शुरू करने के लिए आवेदन किया था और उसका जमीनी नेटवर्क तीन साल से तैयार है. उनके इस जवाब से स्पष्ट हो गया है कि भारत में सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट सर्विस शुरू करने के लिए मंजूरी के इंतजार में सिर्फ मस्क की स्टारलिंक ही नहीं, भारतीय कंपनियां भी खड़ी हैं। 

    बुधवार को मस्क ने आरोप लगाया कि कुछ बड़े उद्योगपतियों ने अपनी मोनोपॉली बनाए रखने के लिए भारत में स्टारलिंक को रोक दिया है।

    मस्क ने बिना नाम लिए किया था इशारा
    मस्क ने किसी कंपनी का नाम तो नहीं लिया, लेकिन कहा, 'आप अंदाजा लगा सकते हैं कि वे कौन हैं।'

    भारत के टेलीकॉम मार्केट में तीन प्राइवेट कंपनियां हैं- रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया।

    मस्क की स्टारलिंक, जियो सैटकॉम और यूटेलसैट वनवेब – ये तीन सैटेलाइट कम्युनिकेशन कंपनियां देश में सैटेलाइट सर्विस शुरू करने की होड़ में हैं।

    सरकार ने देश में कामकाज शुरू करने के लिए इन तीनों सैटेलाइट कम्युनिकेशन कंपनियों को लाइसेंस दे दिए हैं।

    हालांकि, सर्विस शुरू करने से पहले सभी कंपनियों को स्पेक्ट्रम और सिक्योरिटी मंजूरी की जरूरत है।

    सुनील मित्तल ने दी प्रतिक्रिया
    जब मस्क के आरोपों पर मित्तल की राय पूछी गई तो इंडिया मोबाइल कांग्रेस में उन्‍होंने कहा, 'हम अपनी मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं।'

    भारती ग्रुप की यूटेलसैट वनवेब और जियो सैटकॉम पहली दो सैटकॉम कंपनियां थीं जिन्हें सर्विस के लिए लाइसेंस मिला था। लेकिन, उन्हें अभी भी सर्विस शुरू करने के लिए स्पेक्ट्रम और सिक्योरिटी मंजूरी नहीं मिली है।

    जियो प्लेटफॉर्म्स के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी ने इस मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया करने से इनकार कर दिया।

    भाजपा ने राहुल और मस्क को दिया जवाब
    भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वह भारत में स्टारलिंक की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा को लाइसेंस मिलने में हो रही देरी को लेकर एलॉन मस्क का पक्ष ले रहे हैं. बीजेपी के उपाध्यक्ष राम माधव ने कहा कि स्पेक्ट्रम आवंटन की प्रक्रिया पारदर्शी और भेदभाव रहित होगी. उन्होंने मस्क को जवाब देते हुए कहा, 'आपको इस देश और उसके नेतृत्व के प्रति सम्मान भी रखना चाहिए. यहां स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए एक उचित व्यवस्था है, जो भेदभाव रहित है. जियो और एयरटेल भी स्टारलिंक के साथ इंतजार कर रहे हैं. भारत सरकार उचित समय पर पूरी तरह पारदर्शी और भेदभाव रहित तरीके से फैसला लेगी। 

    डेटा सेंटर कारोबार में भी एयरटेल की बड़ी तैयारी
    टेलीकॉम और सैटेलाइट इंटरनेट के अलावा भारती एयरटेल डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में भी अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है. कंपनी अपनी डेटा सेंटर क्षमता को करीब 300 मेगावाट से बढ़ाकर एक गीगावाट तक ले जाने की तैयारी में है. इसके लिए दक्षिण भारत, मुंबई और दिल्ली के आसपास विस्तार किया जा रहा है. कंपनी सॉवरेन क्लाउड सर्विस पर भी जोर दे रही है. इसका मकसद भारतीय कंपनियों, सरकारी एजेंसियों और रक्षा बलों को ऐसी सेवाएं देना है, जिनमें डेटा की सुरक्षा और उस पर देश का नियंत्रण अहम हो। 

    एआई के लिए बनाए जाएं वैश्विक सुरक्षा नियम: मित्तल
    सैटेलाइट इंटरनेट और डिजिटल कारोबार के साथ सुनील मित्तल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि इस तकनीक के लिए वैश्विक स्तर पर सुरक्षा नियम बनाए जाने चाहिए और सरकारों को किसी बड़े हादसे का इंतजार नहीं करना चाहिए. उनके मुताबिक, ऐसे नियमों का उद्देश्य यूजर्स की सुरक्षा करना होना चाहिए, न कि नई तकनीक के विकास को रोकना. फिलहाल, स्टारलिंक के साथ भारतीय कंपनियों के लिए भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं शुरू करने का रास्ता अंतिम सुरक्षा मंजूरियों और स्पेक्ट्रम से जुड़ी प्रक्रियाओं से होकर गुजरता है। 

    सरकार ने भी रुख किया साफ
    सरकार ने गुरुवार को अमेरिकी बिजनेस टाइकून एलन मस्क के इन आरोपों की आलोचना की कि स्टारलिंक की सैटकॉम सर्विस को रोका जा रहा है। यह साफ कर दिया कि देश में हर सैटकॉम लाइसेंसहोल्‍डर के लिए सिक्योरिटी नियमों का पालन करना जरूरी है।

    टेलीकॉम मिनिस्ट्री ने कहा, सरकार ने सैटेलाइट कम्युनिकेशन सर्विस समेत सभी टेलीकम्युनिकेशन सर्विस के लिए एक निष्पक्ष और बिना भेदभाव वाला ऑथराइजेशन फ्रेमवर्क बनाया है।

    टेलीकॉम मिनिस्ट्री के अनुसार, लाइसेंस की शर्तों के तहत, ऐसे हर लाइसेंसहोल्‍डर को सिक्योरिटी शर्तों का पालन करना जरूरी है।

    मिनिस्ट्री ने कहा, 'इसका मकसद यह पक्का करना है कि दी जाने वाली सर्विस सभी यूजर्स और उनके डेटा की सुरक्षा के लिए जरूरी सिक्योरिटी जरूरतों को पूरा करें। इस प्रोसेस के तहत तीनों लाइसेंसहोल्‍डर्स के लिए सिक्योरिटी असेसमेंट अभी चल रहा है।'

    मंत्रालय ने कहा कि जब किसी लाइसेंस वाली कंपनी के लिए यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी तो वह स्पेक्ट्रम के आवंटन के लिए अगले कदम पर आगे बढ़ सकती है।

    बयान में कहा गया, 'फिलहाल, तीनों कंपनियां मोटे तौर पर एक ही रेगुलेटरी स्टेज पर हैं। इसलिए, यह सुझाव कि फ्रेमवर्क या उसका लागू होना अनुचित या भेदभावपूर्ण है, बेबुनियाद और गलतफहमी पर आधारित है।'

    भारत में सैटेलाइट इंटरनेट की जंग क्यों अहम?
    सैटेलाइट इंटरनेट उन इलाकों में कनेक्टिविटी पहुंचाने का जरिया बन सकता है, जहां मोबाइल टावर या फाइबर नेटवर्क बिछाना मुश्किल है. पहाड़ी क्षेत्रों, दूरदराज के गांवों और देश के ऐसे हिस्सों में, जहां इंटरनेट की पहुंच सीमित है, यह तकनीक उपयोगी साबित हो सकती है। 

    इस मार्केट में स्टारलिंक के अलावा भारती एयरटेल ग्रुप की कंपनी यूटेलसैट वनवेब और रिलायंस की जियो सैटकॉम भी मौजूद हैं. ऐसे में मंजूरी से जुड़े नियम सिर्फ मस्क की कंपनी स्टारलिंक तक ही नहीं, बल्कि भारतीय कंपनियों के लिए भी उसी निष्पक्षता से काम कर रहे हैं. भारती एयरटेल ग्रुप की यूटेलसैट वनवेब अफ्रीका में सैटेलाइट सेवाएं शुरू करने के लिए अलग-अलग कंपनियों के साथ साझेदारी भी कर रही है। 

  • मुख्यमंत्री ने की महाआरती, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और कल्याण की कामना

    मुख्यमंत्री ने की महाआरती, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और कल्याण की कामना

    रायपुर 

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज माता शबरी की पावन नगरी शिवरीनारायण में महानदी के पवित्र तट पर आयोजित चित्रोत्पला गंगा महाआरती में शामिल हुए। 

    मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने धर्मपत्नी मती कौशल्या देवी साय के साथ श्रद्धा और भक्तिभाव से महाआरती में सहभागिता की तथा महानदी मैया से छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, खुशहाली और प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की। महानदी के तट पर दीपों की जगमगाहट, वैदिक मंत्रोच्चार और श्रद्धालुओं की विशाल उपस्थिति के बीच आयोजित महाआरती ने शिवरीनारायण की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गरिमा को और भव्यता प्रदान की।

    मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को शिवरीनारायण महोत्सव और शारदीय नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज का दिन अत्यंत मंगलमय है। माता शबरी की पुण्यभूमि में महानदी के पावन तट पर चित्रोत्पला गंगा महाआरती में सपत्नीक शामिल होना उनके लिए सौभाग्य का अवसर है। इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता हमारी आस्था, परंपरा और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के प्रति समाज के गहरे जुड़ाव को दर्शाती है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि महानदी छत्तीसगढ़ की गंगा मैया है। यह केवल जल की धारा नहीं, बल्कि हमारे प्रदेश की आस्था, संस्कृति, सभ्यता और जनजीवन की अविरल धारा है। सदियों से महानदी ने छत्तीसगढ़ की धरती को सींचा है, हमारी कृषि और अर्थव्यवस्था को संबल दिया है तथा इसके तटों पर हमारी समृद्ध संस्कृति और सभ्यता पुष्पित-पल्लवित हुई है। जिस प्रकार पूरे देश में गंगा मैया के प्रति श्रद्धा और सम्मान का भाव है, उसी प्रकार महानदी के प्रति भी छत्तीसगढ़वासियों के मन में अगाध श्रद्धा है। उन्होंने कहा कि नदियों के प्रति हमारी आस्था तभी सार्थक होगी, जब हम उनके संरक्षण, संवर्धन और स्वच्छता को भी अपनी सामूहिक जिम्मेदारी मानें।

    जल संरक्षण को जनभागीदारी से जनआंदोलन बनाना होगा : मुख्यमंत्री  साय

    मुख्यमंत्री  साय ने जल संरक्षण का आह्वान करते हुए कहा कि जल है तो कल है। जल के बिना जीवन की कल्पना संभव नहीं है। प्रकृति से प्राप्त जल अनमोल धरोहर है और इसे भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। आज किए गए हमारे प्रयास ही आने वाली पीढ़ियों का भविष्य तय करेंगे। इसलिए जल संरक्षण प्रत्येक नागरिक का दायित्व बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के लिए समाज की सामूहिक चेतना और सक्रिय जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। हमें वर्षा जल की एक-एक बूंद सहेजने की संस्कृति विकसित करनी होगी। 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव हो या शहर, घर हो या सार्वजनिक परिसर – जहां भी संभव हो, वर्षा जल संचय की प्रभावी व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए। जब जल बचाना प्रत्येक परिवार और प्रत्येक नागरिक का संकल्प बनेगा, तभी जल संरक्षण वास्तविक अर्थों में एक व्यापक जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने जल संरक्षण को देश की प्राथमिकताओं से जोड़ते हुए इसे जनभागीदारी का अभियान बनाया है। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में देशभर में जल संचय-जनभागीदारी अभियान के माध्यम से वर्षा जल को सहेजने और भूजल स्तर बढ़ाने की दिशा में व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री जी ने अपने लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ सहित विभिन्न अवसरों पर जल संरक्षण के महत्व को रेखांकित कर देशवासियों को इस अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित किया है।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से हमें छत्तीसगढ़ में भी जल संरक्षण के प्रयासों को और व्यापक बनाना है। प्रत्येक गांव, नगर और परिवार को जल संचय की मुहिम से जोड़कर इसे जन-जन का संकल्प बनाना होगा।

    वर्षा जल का अधिकतम संचय और भूजल संवर्धन समय की आवश्यकता

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण और जल संचय की दिशा में अनेक अच्छे प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में स्थानीय परिस्थितियों और उपलब्ध संसाधनों के अनुरूप किए जा रहे नवाचारों को और विस्तार देने की आवश्यकता है। उन्होंने जल संरक्षण के लिए अपनाए जा रहे पांच प्रतिशत मॉडल सहित विभिन्न नवाचारों को प्रोत्साहित करने पर जोर देते हुए कहा कि ऐसे प्रयासों के माध्यम से वर्षा जल को अधिक से अधिक सहेजा जा सकता है।

    उन्होंने कहा कि वर्षा का पानी बहकर निकल जाने के बजाय धरती के भीतर पहुंचे, इसके लिए हमें वैज्ञानिक और स्थानीय दोनों प्रकार के उपाय अपनाने होंगे। सोकपिट निर्माण, हैंडपंपों के आसपास भूजल पुनर्भरण की व्यवस्था, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और स्थानीय जल संरचनाओं का संरक्षण जैसे छोटे-छोटे प्रयास व्यापक परिणाम दे सकते हैं। गांवों और शहरों में उपलब्ध संसाधनों तथा भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप जल संचय की व्यवस्थाएं विकसित करने से भूजल स्तर में सुधार होगा और भविष्य की जल आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायता मिलेगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे परंपरागत तालाब, कुएं और अन्य जल स्रोत केवल जल संरचनाएं नहीं, बल्कि हमारी विरासत का भी हिस्सा हैं। इनका संरक्षण और पुनर्जीवन आवश्यक है। उन्होंने प्रदेशवासियों से नदियों, तालाबों, कुओं सहित सभी जल स्रोतों को स्वच्छ रखने, उनके संरक्षण में सहभागी बनने और वर्षा जल का अधिकतम संचय करने की अपील की।

    नदियों के प्रति श्रद्धा के साथ उनके संरक्षण का भी लें संकल्प

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि महानदी सहित प्रदेश की सभी नदियां हमारी जीवनरेखा हैं। नदियों के प्रति हमारी श्रद्धा हमें उनके संरक्षण के लिए भी प्रेरित करती है। उन्होंने कहा कि चित्रोत्पला गंगा महाआरती जैसे आयोजन हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को सशक्त करने के साथ प्रकृति और नदियों के प्रति हमारे दायित्व का भी स्मरण कराते हैं। आज इस पवित्र अवसर पर हम सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि जल का अपव्यय नहीं करेंगे, जल स्रोतों को प्रदूषित होने से बचाएंगे और जल संरक्षण के प्रयासों में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

    मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि सरकार अपने स्तर पर जल संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है, लेकिन इस अभियान की वास्तविक शक्ति समाज की भागीदारी है। जब शासन और समाज मिलकर एक दिशा में प्रयास करेंगे, तब हम अपनी नदियों और जल स्रोतों को सुरक्षित रखते हुए आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्याप्त जल सुनिश्चित कर सकेंगे।

    शिवरीनारायण हमारी आस्था और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र

    मुख्यमंत्री  साय ने शिवरीनारायण की धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पावन भूमि भगवान राम और माता शबरी की भक्ति से जुड़ी हुई है। शिवरीनारायण की पहचान छत्तीसगढ़ की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपरा के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में है। यहां आयोजित होने वाले धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, परंपराओं और विरासत से जोड़ने का कार्य करते हैं।

    उन्होंने कहा कि शिवरीनारायण जैसे हमारे महत्वपूर्ण धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों की विशिष्ट पहचान को और सशक्त करना आवश्यक है। इन स्थलों की आध्यात्मिक गरिमा और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए उनकी पहचान को व्यापक स्तर तक पहुंचाने की दिशा में राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है।

    केंद्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू ने अपने संबोधन में कहा कि महानदी तट पर महाआरती का आयोजन हमारी धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं को सशक्त बनाता है। गंगा आरती की तरह नदियों के प्रति श्रद्धा और सम्मान का भाव हमें उनके संरक्षण की प्रेरणा देता है। नदियां हमारी जीवनरेखा हैं और उन्हें प्रदूषण से बचाकर स्वच्छ एवं अविरल बनाए रखना हम सभी का सामूहिक दायित्व है।

    जिले के प्रभारी एवं वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने कहा कि शिवरीनारायण की धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। भगवान राम और माता शबरी की भक्ति से जुड़ी इस पावन नगरी का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि शिवरीनारायण की महिमा और गौरव को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक स्थापित करते हुए इसे देश के प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों में विशिष्ट पहचान दिलाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

    महानदी के पावन तट पर आयोजित चित्रोत्पला गंगा महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। भक्तिमय वातावरण में संपन्न महाआरती के दौरान उपस्थित जनसमुदाय ने महानदी के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए जल एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी ग्रहण किया।

    इस अवसर पर मती कौशल्या देवी साय, केंद्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू, वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी, जांजगीर-चांपा सांसद मती कमलेश जांगड़े,  नारायण चंदेल,  महंत रामसुंदर दास सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

  • समान नागरिक संहिता पर उच्च स्तरीय समिति के समक्ष विभिन्न संगठनों व सामाजिक प्रतिनिधियों ने रखे अपने सुझाव

    समान नागरिक संहिता पर उच्च स्तरीय समिति के समक्ष विभिन्न संगठनों व सामाजिक प्रतिनिधियों ने रखे अपने सुझाव

    रायपुर

    /समान नागरिक संहिता के क्रियान्वयन के पूर्व राज्य स्तर पर गठित उच्च स्तरीय समिति द्वारा विस्तृत चर्चा एवं सुझाव के लिए आज चर्चा कार्यक्रम आयोजित की गई।  समान नागरिक संहिता के लिए बनाई गई समिति के सदस्य भारतीय प्रशासनिक सेवा के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी  एम. के. राउत, समिति के सदस्य एवं वरिष्ठ अधिवक्ता  मोहन पवार तथा मती ज्योतिरानी सिंह के समक्ष विभिन्न समाज के प्रतिनधियों ने अपने विचार रखे। प्रतिनिधियों को पीपीटी के माध्यम से समान नागरिक संहिता के वर्तमान नियमों एवं कानूनों की जानकारी दी गई। 

    समान नागरिक संहिता पर रायशुमारी के लिए विभिन्न संगठनों व सामाजिक प्रतिनिधियों ने की चर्चा

     पुराने सर्किट हाउस के सभाकक्ष में छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर गठित राज्य स्तरीय समिति द्वारा आज आयोजित परामर्श बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस दौरान समिति के सदस्यों ने विभिन्न सामाजिक प्रतिनिधियों तथा समाज प्रमुखों से बिन्दुवार चर्चा की। इस दौरान मुख्य रूप से विवाह और तलाक, उत्तराधिकार और विरासत, भरण-पोषण तथा लिव-इन रिलेशनशिप जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषयों पर सभी पक्षों से खुलकर सुझाव प्राप्त किए गए।

    इस दौरान रानी दुगार्वती जागृति महिला मंडल के डॉ. वेदवती मंडावी, मती राजकुमारी ठाकुर, मती नमिता नुरूटी, धनेश्वरी प्रभाकर, रंजना नेताम, कमला देवी नेताम, राजकुमारी धु्रव, पुष्पा प्रिस्ट और वंदना कतलाम ने आदिवासी समाज की रूढ़िगत परंपराओं और विशिष्ट सांस्कृतिक ताने-बाने की रक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आदिवासी समुदाय की मौलिक पहचान और अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें समान नागरिक संहिता के दायरे से पृथक रखने का औपचारिक अनुरोध किया। 

    वहीं द्वितीय सत्र में अल्पसंख्यक समुदाय से उपस्थित मुस्लिम समाज, ईसाई, बौद्ध तथा गोंडवाना समाज के प्रतिनिधियों का समाज प्रमुखों ने विवाह एवं तलाक का अनिवार्य पंजीयन कराने तथा संपत्ति व वसीयत से जुड़े कानूनी प्रावधानों व लिव-इन संबंध अपने विचार रखे। उक्त चर्चा में मुस्लिम समुदाय से प्रमुख रूप से सर्व अहमद नूरानी, मती अयाज तनवीर, सैयद इरफान रिजवी, सबाउल्ला खान, मो. अदनान, मो. अशफाक, गुलाम मुस्तफा, गुलाम सैलानी, मसीही समाज से प्रिस्ट फादर तरूण, अधिवक्ता डब्ल्यूपी मेसी, निर्मल कुजूर, सुभाषचन्द्र मेश्राम, भारतीय बौद्ध महासभा के  रविन्द्र गाडगे तथा  विरेन्द्र, सतनामी समाज के  बी.एल. कुर्रे मौजूद रहे।

    समिति के सदस्यों ने सभी प्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत किए गए सुझावों को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। उन्होंने आश्वस्त किया कि विभिन्न सामाजिक समूहों से प्राप्त इन सभी महत्वपूर्ण व्यावहारिक तथ्यों और सुझावों का गहराई से विश्लेषण किया जाएगा, ताकि एक समावेशी, संतुलित और निष्पक्ष मसौदा तैयार किया जा सके।

  • छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विच्छिन्नता निवारण संशोधन विधेयक 2026-

    छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विच्छिन्नता निवारण संशोधन विधेयक 2026-

    रायपुर, 

    राज्य शासन के प्रशासनिक सुधार और अत्यावश्यक सेवाओं के सुचारू संचालन को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में मुख्य सचिव  विकासशील की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में वरिष्ठ सचिवों की उच्च स्तरीय समिति की बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में ‘छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विच्छिन्नता निवारण संशोधन विधेयक 2026’ के विभिन्न प्रावधानों और इसके क्रियान्वयन से जुड़े पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। 

    मुख्य सचिव ने जोर दिया कि नागरिकों को मिलने वाली बुनियादी और अत्यावश्यक जनसुविधाओं में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो, इसके लिए कानूनी प्रावधानों को समय के अनुकूल और अधिक सख्त बनाया जाना आवश्यक है।

    अधिनियम की समीक्षा

    समिति ने छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विच्छिन्नता निवारण अधिनियम (पूर्ववर्ती 1979 अधिनियम) में प्रस्तावित संशोधनों के प्रत्येक बिंदु की बारीकी से समीक्षा की। लोक सेवाओं की सुगमता, प्रशासनिक नियंत्रण और अनुशासन बनाए रखने से जुड़े प्रावधानों को शामिल करने पर चर्चा की गई। विभिन्न विभागों के वरिष्ठ सचिवों ने अपने-अपने विभागों से संबंधित आवश्यक सेवाओं के दायरे को स्पष्ट करने तथा विधिक प्रक्रियाओं को त्रुटिरहित बनाने के बहुमूल्य सुझाव दिए।

    त्वरित कार्रवाई के निर्देश

    मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि संशोधन विधेयक के प्रारूप को विधिक और प्रशासनिक औपचारिकताओं को शीघ्रता से पूरा करते हुए उच्च स्तरीय कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

     बैठक में गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव मती निहारिका बारिक सिंह, विधि एवं विधायी विभाग के प्रमुख सचिव  मनीष कुमार ठाकुर, वित्त एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव  अविनाश चम्पावत, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, कृषि एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव  सिद्धार्थ कोमल परदेशी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

  • सेवा संकल्प अभियान के तहत दिव्यांग धनेश्वर साहू को मिली ट्राइसाइकिल

    सेवा संकल्प अभियान के तहत दिव्यांग धनेश्वर साहू को मिली ट्राइसाइकिल

    रायपुर

     महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री एवं भटगांव विधायक मती लक्ष्मी राजवाड़े ने संवेदनशीलता और जनसेवा की प्रतिबद्धता का परिचय देते हुए सूरजपुर जिले के ग्राम कसलगिरी निवासी दिव्यांग  धनेश्वर साहू को ट्राइसाइकिल प्रदान की। विधानसभा क्षेत्र के भ्रमण के दौरान मंत्री की मुलाकात  साहू से हुई थी। उनकी आवागमन संबंधी कठिनाइयों और आवश्यकता को समझते हुए मती राजवाड़े ने उन्हें ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था।

    सेवा संकल्प अभियान के तहत अपने आश्वासन को पूरा करते हुए मंत्री राजवाड़े ने अपने निज निवास बीरपुर में  धनेश्वर साहू को ट्राइसाइकिल भेंट की। इससे उन्हें आवागमन में सुविधा मिलेगी और दैनिक गतिविधियां अधिक सहजता से पूरी करने में मदद मिलेगी।

    मंत्री  राजवाड़े ने कहा कि जनसेवा का उद्देश्य आमजन की जरूरतों को समझकर यथासंभव सहायता उपलब्ध कराना है। दिव्यांगजनों के जीवन को सहज और सुविधाजनक बनाने के लिए जरूरी सहयोग देना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने के प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।

  • आज यूपी पुलिस के 32000 पदों की भरती का परिणाम आया, जल्द देंगे नियुक्ति पत्रः सीएम

    आज यूपी पुलिस के 32000 पदों की भरती का परिणाम आया, जल्द देंगे नियुक्ति पत्रः सीएम

    सीएम ने विधान परिषद प्रत्याशी (शिक्षक) डॉ. प्रमोद कुमार मिश्र तथा (स्नातक) केदारनाथ सिंह के पक्ष में मांगा जनसमर्थन

    पीडीए के दलित या मुसलमान को नहीं, बल्कि सपा ने धन्ना सेठ को दिया टिकट, पाप करने वाले सपाई हमें उपदेश न दें: मुख्यमंत्री

    वाराणसी
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में वाराणसी खंड क्षेत्र सम्मेलन (शिक्षक-स्नातक) को संबोधित किया। सीएम ने विधान परिषद प्रत्याशी (शिक्षक) डॉ. प्रमोद कुमार मिश्र तथा (स्नातक) केदारनाथ सिंह के पक्ष में जनसमर्थन मांगा। मुख्यमंत्री ने जनसमुदाय से कहा कि सपा रूपी गिरगिटों से सावधान रहना। ये मगरमच्छ हैं, पास आकर नदी पार कराने का आश्वासन देते हैं, लेकिन इन पर भूलकर भी विश्वास नहीं करना। इनका पीडीए सिर्फ छलावा है, राज्यसभा में इनके चचाजान और धन्ना सेठ ही भेजे जाएंगे।

    सीएम ने कहा कि हाल में हुए राज्यसभा चुनाव में 10 में से 8 सीट भाजपा ने जीतीं, जबकि दो सपा के पक्ष में गई। भाजपा ने हर समाज को प्रतिनिधित्व दिया, लेकिन समाजवादी बताएं कि उनका पीडीए कहां चला गया। इनके पीडीए का मतलब ‘परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी’ या ‘पराया धन अपना’ है, जो इस चुनाव में चरितार्थ हुआ। इनके एक प्रत्याशी गाजीपुर, काशी, बलिया के यादव नहीं, बल्कि चचाजान रामगोपाल यादव रहे और दूसरी सीट भी किसी दलित या इनके खानदानी वोटबैंक मुस्लिम को नहीं दी गई, बल्कि वह टिकट धन्ना सेठ को बेच दिया गया।

    हजारों युवाओं को जल्द ही नियुक्ति पत्र
    मुख्यमंत्री ने कहा कि स्नातक व शिक्षक समाज के सजग प्रहरी हैं। सपा सरकार के समय युवाओं की दुर्गति किसी से छिपी नहीं है। सैफई सिंडिकेट ने भर्ती आयोगों व बोर्डों में अपने खानदान के लोगों को बैठा दिया था, फिर चाचा-भतीजे की जोड़ी वसूली के लिए निकल पड़ती थी। सैफई सिंडिकेट के बाहर किसी को नौकरी नहीं मिलती थी। डबल इंजन सरकार ने साढ़े 9 वर्ष में साढ़े 9 लाख नौजवानों को नियुक्ति पत्र वितरित किए हैं। छह महीने में एक लाख और युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। नियुक्ति पत्र वितरण के चार कार्यक्रम संपन्न हो चुके हैं। आज यूपी पुलिस में 32000 पदों पर भर्ती का एक और परिणाम आया है। एक सप्ताह पहले होमगार्ड के 42 हजार जवानों की भर्ती पूरी हुई, इन सभी को जल्द ही नियुक्ति पत्र देंगे।  

    थर्ड डिवीजन पास बना था यूपीपीएससी टॉपर
    सीएम ने कहा कि अब विभिन्न आयोगों व बोर्डों की तमाम भर्तियां ईमानदारी से हो रही हैं, लेकिन सपा के समय यह पारदर्शिता नहीं थी। सपा ने अयोग्य अनिल यादव को एक आयोग का अध्यक्ष बना दिया गया था। यूपी पब्लिक सर्विस कमीशन में ऐसे व्यक्ति ने टॉप किया था, जो हाईस्कूल, इंटर व बीए तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुआ था। उस समय अराजकता, युवाओं के जीवन से खिलवाड़, माफियाराज और उत्सव से पहले उपद्रव होता था। कर्फ्यू के इस असुरक्षित माहौल में कोई निवेश करने नहीं आता था।

    तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार/स्वरोजगार से जोड़ा
    सीएम ने कहा कि अब काशी विश्वनाथ धाम में औसतन प्रतिदिन एक लाख श्रद्धालु आते हैं। सावन व त्योहारों में यह संख्या बढ़ जाती है। बाबा की धरती पर सर्वाधिक श्रद्धालु आ रहे हैं। प्रदेश में नए रोजगार सृजित हुए हैं। 65 लाख युवाओं को निजी क्षेत्र में नौकरी दी गई है। परंपरागत उद्यम को ओडीओपी, पीएम विश्वकर्मा के माध्यम से प्रमोट कर तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार व स्वरोजगार से जोड़ा गया है। यूपी की पहचान अब दंगा, माफिया, कर्फ्यू से नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था, पर्यटन डेस्टिनेशन, इन्फ्रास्ट्रक्चर, काशी विश्वनाथ धाम, राम मंदिर, प्रयागराज महाकुंभ व मथुरा-वृंदावन से होती है। 2017 से पहले केवल 120 स्टार्टअप थे, आज यह संख्या 24,000 से अधिक है। अब युवा जॉब सीकर नहीं, जॉब क्रिएटर हो गया है। यूपी अब बीमारू राज्य से मुक्त होकर भारत का ग्रोथ इंजन बना है।

    मंडलों के बाद जनपदों में बन रहे हैं विश्वविद्यालय
    सीएम ने कहा कि सरकार ने 62 लाख युवाओं को टैबलेट व स्मार्टफोन दिए हैं। दो करोड़ युवाओं को टैबलेट देंगे। भारतीय ज्ञान परंपरा को लेकर हर विश्वविद्यालय में पीठ की स्थापना का कार्यक्रम बढ़ रहा है। हर मंडलों में विश्वविद्यालय के बाद जनपदों में विश्वविद्यालय बन रहे हैं। संतरविदास नगर, कुशीनगर, शाहजहांपुर में विश्वविद्यालय बन रहा है। डबल इंजन सरकार ने मीरजापुर में मां विंध्यवासिनी, बलरामपुर में मां पाटेश्वरी, आजमगढ़ में महाराज सुहेलदेव, मुरादाबाद में गुरु जम्भेश्वर, सहारनपुर में मां शाकंभरी, अलीगढ़ में राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय का निर्माण किया। अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल विश्वविद्यालय, गोरखपुर में आयुष विवि, मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय बनाया गया।

    सपा और शिक्षा, नदी के दो छोर
    सीएम ने तंज कसा कि सपा शिक्षा की घोर विरोधी है। सपा और शिक्षा नदी के वे दो छोर हैं, जो कभी मिलते नहीं। सपा जब शिक्षा, शिक्षकों व युवाओं पर बोलती है तो हंसी आती है। पाप करने वाले सपाई हमें उपदेश न दें। 2017 में बेसिक व माध्यमिक में 1.60 लाख शिक्षकों के पद भऱे गए। सेवानिवृत्त शिक्षकों के स्थान पर भी भर्ती हुई। शिक्षक समाज, राष्ट्र व युग के निर्माता हैं। काशी तो ज्ञान की धरा है। यहां गुरु परंपरा श्रद्धा से परिपूर्ण है। कभी संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय भारत में एकमात्र संस्कृत विश्वविद्यालय हुआ करता था। मदन मोहन मालवीय ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय स्थापित किया।

  • डोनाल्ड ट्रंप को लेकर प्रेस सेक्रेटरी की जुबान फिसली, 14 मिनट की पहली ब्रीफिंग में हुआ दिलचस्प वाकया

    डोनाल्ड ट्रंप को लेकर प्रेस सेक्रेटरी की जुबान फिसली, 14 मिनट की पहली ब्रीफिंग में हुआ दिलचस्प वाकया

    वाशिंगटन 

    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई प्रेस सेक्रेटरी केटी जकारिया ने व्हाइट हाउस के प्रेस ब्रीफिंग रूम में मंगलवार को पहली बार पत्रकारों का सामना किया. लेकिन उनका डेब्यू लंबा नहीं चला. करीब 14 मिनट की इस ब्रीफिंग में उन्होंने सिर्फ तीन मीडिया संस्थानों से सवाल लिए और फिर अचानक सेशन खत्म कर दिया। 

    ब्रीफिंग की शुरुआत में जकारिया ने ट्रंप की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि वह राष्ट्रपति के साथ काम करने को लेकर सम्मानित महसूस कर रही हैं और लंबे समय से उनके लिए काम करना चाहती थीं. इसके बाद उन्होंने ट्रंप प्रशासन की नीतियों और उपलब्धियों पर तैयार बयान पढ़ा। 

    ब्रीफिंग का सबसे चर्चित पल तब आया, जब उनसे पूछा गया कि व्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी जैसी व्यस्त जिम्मेदारी के साथ वह अपने चार बच्चों के लिए समय कैसे निकालेंगी.जकारिया ने जवाब में अपने पति का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ शाम का वक्त न बिताना उनके लिए स्वीकार्य नहीं है. इसी दौरान शब्दों का ऐसा उलटफेर हुआ कि वह ट्रंप को अपना पति कह बैठीं.उन्होंने कहा- मेरे प्रेसिडेंट… माफ कीजिए, मेरे पति…

    जब जकारिया को भी अपनी गलती का एहसास हुआ और उन्होंने इसे मजाक में लेते हुए कहा कि यह अच्छा वाला था. इसके तुरंत बाद उन्होंने फिर ट्रंप की तारीफ की और कुछ ही देर में ब्रीफिंग खत्म कर दी। 

    सिर्फ 14 मिनट चली पहली ब्रीफिंग
    जकारिया की पहली प्रेस ब्रीफिंग में सवाल-जवाब का हिस्सा बेहद छोटा रहा. उन्होंने ब्राइटबार्ट, फॉक्स न्यूज और डेली मेल से सवाल लिए. इसके बाद उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप जल्द मरीन वन से अलास्का की यात्रा के लिए रवाना होने वाले हैं और पत्रकार उनसे वहीं सवाल पूछ सकते हैं। 

    हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप करीब डेढ़ घंटे बाद व्हाइट हाउस से रवाना हुए. इस वजह से ब्रीफिंग को अचानक खत्म करने का उनका तर्क भी चर्चा में रहा. ट्रंप ने हालांकि जकारिया के प्रदर्शन की आलोचना नहीं की. पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें लगा कि जकारिया ने “बहुत अच्छा” काम किया। 

    कौन हैं केटी जकारिया?
    केटी जकारिया कैलिफोर्निया की रहने वाली हैं और लंबे समय से रिपब्लिकन राजनीति से जुड़ी रही हैं. उन्होंने पेपरडाइन यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की और 2011 में कानून की डिग्री हासिल की. वह फॉक्स न्यूज समेत दूसरे मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ट्रंप की नीतियों का बचाव करती नजर आती रही हैं। 

    2026 में उन्होंने कुछ समय होमलैंड सिक्योरिटी विभाग में प्रवक्ता के तौर पर काम किया. इसके बाद वह ट्रंप की सोशल मीडिया कंपनी से जुड़ीं और कम्युनिकेशन एडवाइजर के तौर पर काम किया. ट्रंप ने 9 अक्टूबर को उन्हें व्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी बनाने का ऐलान किया. उन्होंने अगस्त में पद छोड़ने वाली करोलिन लेविट की जगह ली है। 

     

  • योगी सरकार बाढ़ प्रभावितों को राहत पहुंचाने और जनजीवन सामान्य बनाने के लिए लगातार प्रयासरत

    योगी सरकार बाढ़ प्रभावितों को राहत पहुंचाने और जनजीवन सामान्य बनाने के लिए लगातार प्रयासरत

    बाढ़ प्रभावित गांवों में नगर विकास मंत्री ने किया निरीक्षण, संवाद कर सुनी समस्याएं, राहत सामग्री वितरित की

    लखनऊ
    योगी सरकार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन सामान्य बनाने और लोगों को बीमारियों से बचाने के लिए राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने पर जोर दे रही है। इसी क्रम में नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने लखनऊ के मलिहाबाद विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सैंथा और आसपास के गांवों के बाढ़ प्रभावित इलाकों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों, साफ-सफाई और प्रभावित नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

    बाढ़ के बाद बीमारियों की रोकथाम पर योगी सरकार का जोर
    मंत्री एके शर्मा ने कहा कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद मक्खी-मच्छरों के प्रकोप और प्रदूषित जल एवं वायु से आमजन तथा पशुओं में बीमारियां फैलने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में प्रभावित क्षेत्रों में साफ-सफाई, दवा छिड़काव और जलनिकासी की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने ड्रोन तकनीक से किए जा रहे दवा छिड़काव का निरीक्षण किया और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भी जरूरत के अनुसार इस तकनीक का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए।

    राहत शिविरों और स्वास्थ्य सुविधाओं का लिया जायजा
    नगर विकास मंत्री ने बाढ़ राहत शिविर और राहत चिकित्सा शिविर का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने पानी उतर चुके क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था का जायजा लेते हुए सफाईकर्मियों का उत्साहवर्धन किया। साथ ही नगर निगम के अधिकारियों, सफाईकर्मियों और अन्य संबंधित कर्मचारियों को आपसी समन्वय से स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए, ताकि प्रभावित इलाकों में संक्रमण और मच्छरजनित बीमारियों का खतरा कम किया जा सके।

    प्रभावित परिवारों से संवाद, राहत सामग्री वितरित
    निरीक्षण के दौरान नगर विकास मंत्री ने बाढ़ प्रभावित नागरिकों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और राहत सामग्री वितरित की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक प्रभावित परिवार तक राहत सामग्री और आवश्यक सुविधाएं पहुंचाई जाएं। प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा, स्वच्छ पेयजल और साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि इस चुनौतीपूर्ण समय में सरकार और प्रशासन जनता के साथ खड़े हैं। बाढ़ प्रभावितों को राहत पहुंचाना और जनजीवन सामान्य बनाना सरकार की प्राथमिकता है। राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त गौरव कुमार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।