Author: NewseDay

  • मुख्यमंत्री  साय ने महिला दर्शकों के लिए निःशुल्क प्रवेश का दिया सुझाव, छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ ने जताई सहमति

    मुख्यमंत्री साय ने महिला दर्शकों के लिए निःशुल्क प्रवेश का दिया सुझाव, छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ ने जताई सहमति

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। प्रदेश में पहली बार अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट मैच का आयोजन होने जा रहा है। भारत और जिम्बाब्वे की महिला क्रिकेट टीमों के बीच आयोजित होने वाले टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले को लेकर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण अवसर बताया है।

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से आज महानदी मंत्रालय भवन में छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के पदाधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की और उन्हें भारत-जिम्बाब्वे महिला टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री  साय ने आमंत्रण स्वीकार करते हुए प्रदेश में पहली बार आयोजित होने जा रहे इस अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट मुकाबले के लिए क्रिकेट संघ के पदाधिकारियों को बधाई दी और सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पहली बार अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट मैच का आयोजन होना प्रदेश की खेल यात्रा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। देश और दुनिया की श्रेष्ठ महिला क्रिकेट खिलाड़ियों को छत्तीसगढ़ की धरती पर खेलते देखना विशेष रूप से हमारी बेटियों और युवा महिला खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी अनुभव होगा। ऐसे आयोजनों से उनमें यह विश्वास और मजबूत होगा कि उचित अवसर, प्रशिक्षण और प्रोत्साहन मिलने पर वे भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकती हैं।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि भारत-जिम्बाब्वे महिला टी-20 मुकाबले को लेकर प्रदेश की महिलाओं, युवाओं और खेलप्रेमियों में विशेष उत्साह रहेगा। उन्होंने इस ऐतिहासिक आयोजन में महिलाओं की अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महिला दर्शकों के लिए प्रवेश निःशुल्क रखने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री के इस सुझाव पर छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के पदाधिकारियों ने सहमति व्यक्त की।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि खेलों में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है और हमारी बेटियां राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ा रही हैं। ऐसे में महिला खिलाड़ियों के मुकाबलों को देखने के लिए अधिक से अधिक महिलाओं और बालिकाओं को स्टेडियम तक लाना स्वयं में प्रेरणा का माध्यम बनेगा। जब हमारी बेटियां अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को मैदान पर आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धा के साथ खेलते देखेंगी, तो उनमें भी खेलों को अपने भविष्य और करियर के रूप में अपनाने का उत्साह बढ़ेगा।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ में खेलों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। हमारा लक्ष्य केवल अच्छे खिलाड़ी तैयार करना ही नहीं, बल्कि प्रदेश में ऐसी मजबूत खेल संस्कृति विकसित करना है, जिसमें बच्चों और युवाओं को खेलों से जुड़ने के लिए परिवार और समाज से भी प्रोत्साहन मिले। बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। राज्य के गांवों, कस्बों, आदिवासी एवं दूरस्थ अंचलों से अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ी सामने आ रहे हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि इन प्रतिभाओं को बेहतर खेल अधोसंरचना, प्रशिक्षण और आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध हों। प्रदेश में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन से खिलाड़ियों को बड़े मुकाबलों और श्रेष्ठ खिलाड़ियों को करीब से देखने तथा उनसे प्रेरणा लेने का अवसर मिलता है। इससे प्रदेश में खेलों के प्रति सकारात्मक वातावरण और मजबूत होगा।

    मुख्यमंत्री  साय ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत और जिम्बाब्वे के बीच होने वाला यह अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट मुकाबला छत्तीसगढ़ में महिला क्रिकेट की लोकप्रियता को नई ऊंचाई देगा। इससे प्रदेश की उभरती महिला क्रिकेट प्रतिभाओं को नई प्रेरणा मिलेगी और भविष्य में छत्तीसगढ़ से भी अधिक संख्या में खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बनाएंगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी के लिए तेजी से अपनी क्षमताओं का विस्तार कर रहा है। बेहतर खेल अधोसंरचना, खिलाड़ियों के लिए बढ़ती सुविधाएं और खेलों के प्रति युवाओं का उत्साह प्रदेश को खेलों के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने का आधार बन रहा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि आने वाले समय में विभिन्न खेलों की प्रतिष्ठित राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का आयोजन छत्तीसगढ़ में हो और प्रदेश देश के प्रमुख खेल केंद्रों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए।

    मुख्यमंत्री  साय ने भारत और जिम्बाब्वे की महिला क्रिकेट टीमों को आगामी मुकाबले के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि खेल प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ अनुशासन, टीम भावना और आपसी सद्भाव का भी माध्यम हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों और खेलप्रेमियों से इस ऐतिहासिक मुकाबले को उत्सव की तरह मनाने और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने का आह्वान किया।

    इस अवसर पर छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के अध्यक्ष  मोहन दास, डायरेक्टर  विजय शाह, पूर्व अध्यक्ष  मुकुल तिवारी, सचिव  विंटेश अग्रवाल,  जी. एस. मूर्ति,  विनय बजाज सहित संघ के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

  • युवा शक्ति संवाद में विद्यार्थियों को दिए सफलता के मंत्र कहा– एआई को अपनी ताकत बनाएं, उस पर निर्भर नहीं रहें

    युवा शक्ति संवाद में विद्यार्थियों को दिए सफलता के मंत्र कहा– एआई को अपनी ताकत बनाएं, उस पर निर्भर नहीं रहें

    रायपुर

    विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने और उच्च शिक्षा के लिए अधोसंरचना मजबूत करने की दिशा में उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक  विजय शर्मा ने आज कबीरधाम जिले के शासकीय गजानंद माधव मुक्तिबोध महाविद्यालय, सहसपुर लोहारा में 30 लाख रुपए की लागत से बनने वाले अतिरिक्त कक्ष का भूमिपूजन किया। इस दौरान उन्होंने महाविद्यालय में 15 लाख रुपए की लागत से बाउंड्रीवॉल तथा 5 लाख रुपए की लागत से बालिका शौचालय निर्माण कराने की घोषणा की। महाविद्यालय में आयोजित युवा शक्ति संवाद कार्यक्रम में उन्होंने विद्यार्थियों से सीधा संवाद कर उन्हें अनुशासन, मेहनत और आधुनिक तकनीक के उपयोग से भविष्य संवारने के लिए प्रेरित किया।

    अनुशासन और मेहनत से बनाएं भविष्य– उप मुख्यमंत्री  शर्मा   

    उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने युवा शक्ति संवाद में विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि युवा अपने लक्ष्य तय करें, अनुशासन में रहें और परिणाम की चिंता छोड़ मेहनत पर ध्यान दें। आधुनिक तकनीक सीखें, लेकिन उसके अधीन न हों। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कॉलेज करियर बनाने का महत्वपूर्ण केंद्र है। विद्यार्थियों को अनुशासन, मेहनत और स्पष्ट लक्ष्य के साथ आगे बढ़ना चाहिए।  शर्मा ने बताया कि कवर्धा क्षेत्र के स्कूलों में डिजिटल बोर्ड लगाए जा रहे हैं। अब महाविद्यालयों में भी डिजिटल बोर्ड के माध्यम से पीएससी, एसएससी और यूपीएससी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

    आधुनिक शिक्षा के साथ अपना ज्ञान और कौशल बढ़ाना जरूरी  

    तकनीक और नवाचार पर बात करते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के युवाओं को आधुनिक एआई टूल्स जैसे चैटजीपीटी, क्लॉड, परप्लेक्सिटी और सोशल मीडिया की तकनीकी समझ होनी चाहिए। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे इन तकनीकों का सही उपयोग कर इनका मास्टर बनें, न कि तकनीक को खुद का मास्टर बनने दें। आधुनिक तकनीक की समझ के साथ अपना ज्ञान और कौशल बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मेहनत और तैयारी हमारे हाथ में हैं, इसलिए परिणाम की चिंता करने के बजाय प्रयासों पर ध्यान देना चाहिए। निरंतर अभ्यास, अनुशासन और धैर्य से ही सफलता का रास्ता बनता है। उन्होंने महाविद्यालय को विद्यार्थियों का अपना संस्थान बताते हुए कहा कि जिस तरह दीपावली पर हम अपने घर को संवारते हैं, उसी तरह विद्यार्थियों और शिक्षकों को मिलकर कॉलेज को बेहतर बनाने में योगदान देना चाहिए।   

    उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म में आने और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि अनुशासन जीवन में आगे बढ़ने की मजबूत नींव है। उन्होंने प्राचार्य और प्राध्यापकों की सराहना करते हुए विद्यार्थियों से नियमित पढ़ाई करने, अपनी रूचि पहचानने और लक्ष्य हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू, नगरपालिका कवर्धा के अध्यक्ष  चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी, साकम्बरी बोर्ड के सदस्य  संतोष पटेल जी,  लाला राम साहू, जनपद पंचायत लोहारा की अध्यक्ष मती दुर्गा ठाकुर, नगरपालिका लोहारा की अध्यक्ष मती सरिता मिश्रा, जिला पंचायत सभापति  मनीराम साहू, नगरपालिका लोहारा के उपाध्यक्ष  हेमंत साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि, महाविद्यालय के प्राचार्य, प्राध्यापक, कर्मचारी और विद्यार्थी उपस्थित थे।

  • धान खरीदी की तैयारियों के बीच साय कैबिनेट की बैठक 27 अक्टूबर को, कई मुद्दों पर हो सकता है मंथन

    धान खरीदी की तैयारियों के बीच साय कैबिनेट की बैठक 27 अक्टूबर को, कई मुद्दों पर हो सकता है मंथन

    रायपुर.

    छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 27 अक्टूबर को साय कैबिनेट की अहम बैठक आयोजित की जाएगी। यह बैठक मंत्रालय महानदी भवन में होगी, जिसमें कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के साथ फैसले लिए जा सकते हैं। बैठक में धान खरीदी को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा होने की संभावना है।

    धान खरीदी का सीजन नजदीक आने के साथ ही किसानों और कृषि से जुड़े मुद्दे अहम हो गए हैं। ऐसे में कैबिनेट की इस बैठक पर किसानों सहित प्रदेशभर की नजरें टिकी रहेंगी। इसके अलावा बैठक में राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं, प्रशासनिक विषयों और जनहित से जुड़े अन्य प्रस्तावों पर भी विचार किया जा सकता है।

    धान खरीदी को मंजूरी
    खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी और कस्टम मिलिंग नीति को मंजूरी दिए जाने की संभावना है। इसके अलावा गन्ना किसानों से गन्ने की खरीदी की दर और प्रदेश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने से जुड़े प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल हो सकते हैं। कैबिनेट बैठक में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन नीति और कस्टम मिलिंग नीति के अनुमोदन की संभावना है। इस साल प्रदेश में धान खरीदी का काम 15 नवंबर के बाद शुरू किए जाने के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि, धान खरीदी की शुरुआत और इससे जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर अंतिम स्थिति कैबिनेट के निर्णय के बाद स्पष्ट होगी।

    गन्ना किसानों के लिए ₹425 प्रति क्विंटल की दर पर फैसला संभव
    बैठक में शक्कर कारखानों के माध्यम से प्रदेश के गन्ना किसानों से ₹425 प्रति क्विंटल की दर से गन्ना खरीदी किए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल सकती है। इस प्रस्ताव पर कैबिनेट का निर्णय गन्ना किसानों और शक्कर कारखानों से जुड़ी आगामी व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण होगा।

    औद्योगिक विकास और रोजगार को बढ़ावा देने पर जोर
    राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मौजूदा नीति में संशोधन से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा हो सकती है। इसके साथ ही विभिन्न विभागों के अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी के लिए कैबिनेट के सामने रखा जा सकता है।

    कैबिनेट के फैसलों पर रहेगी नजर
    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में कृषि, गन्ना खरीदी और औद्योगिक विकास से जुड़े मुद्दे प्रमुख रह सकते हैं। धान खरीदी नीति, गन्ने की दर और अन्य प्रस्तावों पर अंतिम निर्णय बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा।

  • मध्य प्रदेश में विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार, योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और मूल्यांकन की जिम्मेदारी संभालेंगे CM फेलोज

    मध्य प्रदेश में विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार, योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और मूल्यांकन की जिम्मेदारी संभालेंगे CM फेलोज

    सीएम फेलोज, विकास गतिविधियों और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का बेहतर क्रियान्वयन और प्रभावी मूल्यांकन सुनिश्चित करेंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    युवा, प्रदेश की बेहतरी और जनकल्याणकारी कार्यों का लाभ आमजन तक पहुंचाने के लिए काम करें
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीएम फेलोज को किया संबोधित
    ‘मुख्यमंत्री यंग प्रोफेशनल फॉर डेवलपमेंट प्रोग्राम’ के अंतर्गत सुशासन संस्थान में आरंभ हुआ पांच दिवसीय प्रशिक्षण सत्र

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सुशासन और नवाचारी कार्यों से संपूर्ण विश्व प्रभावित है। हम सब के लिए यह गर्व का विषय है कि भारत विश्व का सबसे युवा देश है और हम विश्व को नेतृत्व प्रदान करने में सक्षम हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश विकास और जनकल्याण की दिशा में निरंतर नित्य नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। प्रदेश के युवा निडरता पूर्वक अपनी योग्यता और क्षमता से सभी क्षेत्रों में उपलब्धियां अर्जित कर रहे हैं। शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यक्रमों के क्रियान्वयन तथा उनके मूल्यांकन में भी युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री यंग प्रोफेशनल्स फॉर डेवलपमेंट प्रोग्राम के सभी युवा साथी प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। पचपन जिलों से चयनित युवा नई पचपन आशाओं का समुच्चय हैं। यह युवा केन्द्र और राज्य द्वारा संचालित योजनाओं तथा शासन/प्रशासन की इकाईयों द्वारा उनके क्रियान्वयन का प्रभावी मूल्यांकन सुनिश्चित करेंगे। इससे क्रियान्वयन की कमजोरियों को चिन्हित कर उनमें आवश्यक सुधार करने में मदद मिलेगी। राज्य में जनकल्याणकारी नीतियों को लागू करने में जिला प्रशासन, ग्राम पंचायतों और निकायों के चुने गए जनप्रतिनिधियों की भूमिका भी काफी अहम है। सभी यंग प्रोफेशनल्स, शासकीय व्यवस्थाओं के क्रियान्वयन और उनमें जनभागीदारी की भूमिका का बारीकी से अवलोकन करते हुए जिला प्रशासन के लिए भी उपयोगी धरोहर बनें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री यंग प्रोफेशनल फॉर डेवलपमेंट प्रोग्राम के अंतर्गत चयनित सी. एम. फेलोज के पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान में दीप प्रज्वलित कर प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में ग्लोबल विलेज फाउंडेशन और सुशासन संस्थान के मध्य एम. ओ. यू. पर हस्ताक्षर भी हुए।

    वर्ष 2027 में महत्वपूर्ण होगी युवाओं की भूमिका

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने प्रत्येक वर्ष के लिए अलग-अलग लक्ष्य तय किया है। वर्ष 2025 को रोजगार और निवेश, वर्ष 2026 को किसान कल्याण और अब वर्ष 2027 को राज्य सरकार युवा वर्ष के रूप में मनाने जा रही हैं। इस वर्ष में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। युवाओं के लिए सालभर गतिविधियां संचालित की जाएगी। हमारे युवा प्रभावी नेतृत्व प्रदान करें वे अपने दायित्व को मात्र जॉब के रूप में न लें, बल्कि प्रदेश की बेहतरी और जनकल्याणकारी कार्यों का लाभ आमजन तक पहुंचाने के लिए काम करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी का संबंध मध्यप्रदेश से भी है। एक राजनेता का जीवन कैसा होना चाहिए, यह अटल जी के व्यक्तित्व के विविध पक्षों से बड़ी सरलता से समझा जा सकता है। उन्होंने राजनीति, साहित्य, संस्कृति और विपक्ष में बड़ी सहजता से प्रेरणादायी कार्य किए। अटल जी हर परिस्थिति में अपने दायित्वों का निर्वहन करने से पीछे नहीं हटे। वे सच्चे अर्थों में लोकतंत्र की गरिमा बनाए रखने के लिए सदैव अटल रहे। सशक्त लोकतंत्र के लिए उनके विचार, वर्तमान में भी प्रासंगिक और प्रेरक हैं।

    स्वयं पर विश्वास, स्वभाव में विनम्रता और बेहतर संवाद शैली है सफलता का आधार

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के वक्तव्य 'यही समय है-सही समय है' से प्रेरणा लेते हुए हम अपने कार्यों द्वारा समाज और देश के प्रति अपनी भूमिका सार्थक करें। प्रधानमंत्री मोदी ने लोकतंत्र की मजबूती के लिए सुशासन स्थापित कर उत्कृष्ट कार्य किए हैं। उनकी प्रशासनिक कार्य कुशलता की प्रसंशा पूरी दुनिया में हो रही है। पहले हम पश्चिमी देशों से अपनी तुलना करते थे, लेकिन अब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में दृढ़ इच्छा शक्ति के बल पर भारत ने अनेक चुनौतियों का समाप्त करते हुए नए कीर्तिमान गढ़े हैं। अंतरिक्ष विज्ञान क्षेत्र में इसरो की उपलब्धियां इसका उत्कृष्ट उदाहरण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवा साथी देश को आगे बढ़ाने की भावना के साथ जमीनी स्तर पर अपने दायित्वों को निभाएं। उन्होंने कहा कि यंग प्रोफेशनल्स जिला स्तर पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर काम करें। युवा, अपने उत्तरदायित्वों को समझें, स्वयं पर विश्वास करें और अपने स्वभाव में विनम्रता और बेहतर संवाद के साथ कार्य करें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया यंग प्रोफेशनल्स से संवाद

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर यंग प्रोफेशनल से संवाद भी किया। भोपाल की सुप्राची गौर ने पूछा कि मैदानी स्तर पर आने वाली चुनौतियों का सामना कैसे किया जाए। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समय प्रबंधन पर विशेष ध्यान दें । शांत चित्त और तनाव रहित रहते हुए जन सामान्य से सहज संवाद में रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं को नवाचार के लिए तत्पर रहने और परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को ढालने की क्षमता विकसित करने तथा किताबी ज्ञान के साथ-साथ अनुभव को भी महत्व देने की सलाह दी।

    युवाओं को डाटा विश्लेषण, जिला स्तर पर प्रशासनिक संरचना और कार्यप्रणाली का दिया जाएगा प्रशिक्षण

    अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के उपाध्यक्ष प्रो. राजीव दीक्षित ने कहा कि जीवन में प्रशिक्षण की विशेष महत्ता है। ‘मुख्यमंत्री यंग प्रोफेशनल फॉर डेवलपमेंट प्रोग्राम’ के अंतर्गत सीएम फेलोज का प्रशिक्षण भी इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए आयोजित किया जा रहा है। अलग-अलग प्रशिक्षण सत्रों में युवाओं को डाटा विश्लेषण, जिला स्तर पर प्रशासनिक संरचना और कार्यप्रणाली की जानकारियां प्रदान की जा रही हैं। प्रशिक्षण सत्र में राज्य के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, युवा साथियों को जमीनी स्तर की बारीकियां बता रहे हैं। इसके अंर्तगत जनजातीय कल्याण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, महिला एवं बाल विकास, राजस्व, कृषि एवं कृषक कल्याण और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, विशेष रूप से शामिल हैं। प्रशिक्षण सत्र में देश के अन्य राज्यों से भी विशेषज्ञ अपना योगदान दे रहे हैं। कार्यक्रम में लोकसेवा प्रबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, युवा आयोग के अध्यक्ष प्रवीण शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं प्रदेशभर से आए युवा साथी उपस्थित थे।

     

  • योगी सरकार की तारीफ में बोले रामनाथ कोविन्द, यूपी में विकास और सुशासन को लेकर कही बड़ी बात

    योगी सरकार की तारीफ में बोले रामनाथ कोविन्द, यूपी में विकास और सुशासन को लेकर कही बड़ी बात

    योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश में विकास, कानून-व्यवस्था और सुशासन को दी नई ऊर्जा: रामनाथ कोविन्द

    पूर्व राष्ट्रपति ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के प्रयासों की सराहना की, वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को बताया महत्वपूर्ण

    ‘भारतीय गणतंत्र की विजयगाथा, मेरा जीवन, मेरा संघर्ष’ के विमोचन समारोह में पूर्व राष्ट्रपति ने साझा कीं जीवन संघर्ष की स्मृतियां

    गरीबों, पीड़ितों और वंचितों की आवाज रामनाथ कोविन्द के व्यक्तित्व और कार्यशैली का अभिन्न हिस्सा रही: ब्रजेश पाठक

    देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर पहुंचने के बाद भी सहज-सरल बने रहे रामनाथ कोविन्द: केशव प्रसाद मौर्य

    सादगी, विनम्रता, दृढ़ संकल्प और जनसामान्य से आत्मीय जुड़ाव की मिसाल हैं रामनाथ कोविन्द: सतीश महाना

    लखनऊ, 
     पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में विकास, कानून-व्यवस्था और सुशासन के क्षेत्र में हुए प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वर्ष 2017 में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद प्रदेश को नई ऊर्जा मिली है। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का संकल्प लिया है और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सपनों के अनुरूप उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के प्रयासों को अभूतपूर्व गति दी है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश में चल रही विकास योजनाओं से रोजगार, शिक्षा और आर्थिक प्रगति के अवसर समाज के सभी वर्गों तक पहुंचेंगे।

    पूर्व राष्ट्रपति अपनी आत्मकथा ‘भारतीय गणतंत्र की विजयगाथा, मेरा जीवन, मेरा संघर्ष’ के हिंदी संस्करण के विमोचन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और मेट्रो जैसी बड़ी बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के बीच आवागमन को सुगम बनाया है। सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से अंत्योदय की भावना के अनुरूप विकास का लाभ ग्रामीण परिवारों और समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के प्रयास हो रहे हैं।

    गरीबों को आवास से मिला सम्मान और सुरक्षा
    रामनाथ कोविन्द ने अपने बचपन की स्मृतियां साझा करते हुए बताया कि कानपुर देहात के गांव परौंख में उनका घर बेहद साधारण था और बरसात के दिनों में छत से पानी टपकता था। वर्ष 2017 में राष्ट्रपति निर्वाचित होने के बाद उन्हें उन परिवारों की याद आई, जो आज भी बेहतर भविष्य का सपना देखते हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत केंद्र की मोदी सरकार और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के प्रयासों से गरीब परिवारों को पक्के मकान मिलने के साथ सम्मान और सुरक्षा का एहसास भी हुआ है। टपकती छत के नीचे जीवन बिताने वाले लोग ही पक्के घर का वास्तविक महत्व समझ सकते हैं।

    शिक्षा और परिश्रम से साकार होते हैं सपने
    पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि उनके पिता ने शिक्षा के महत्व को समझते हुए परिवार की कृषि भूमि अपने पास रखने के बजाय बेटों की पढ़ाई को प्राथमिकता दी। ईमानदारी, करुणा, उदारता और न्यायप्रियता जैसे जीवन मूल्य उन्हें पिता से मिले। परौंख से राष्ट्रपति भवन तक की उनकी यात्रा केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय गणतंत्र, संविधान के आदर्शों और करोड़ों भारतीयों की आकांक्षाओं की विजय है। भारतीय लोकतंत्र में सामान्य परिवार से आने वाला व्यक्ति भी अपनी योग्यता और परिश्रम के बल पर सर्वोच्च पद तक पहुंच सकता है। इसी व्यवस्था में नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने और उन्हें राष्ट्रपति पद तक पहुंचने का अवसर मिला।

    महाकुंभ ने विश्व को दिखाई भारत की आध्यात्मिक शक्ति
    रामनाथ कोविन्द ने कहा कि उत्तर प्रदेश प्रभु श्रीराम, श्रीकृष्ण, भगवान बुद्ध, महावीर, संत कबीर और संत रविदास की धरती है। वर्ष 2025 के प्रयागराज महाकुंभ ने दुनिया को भारत की आध्यात्मिक चेतना, आस्था और सामाजिक समरसता की विराट शक्ति से परिचित कराया। भारत की प्राचीन परंपराएं आज भी करोड़ों लोगों को एक सूत्र में जोड़ने की क्षमता रखती हैं।

    युवाओं से राजनीति में आने की अपील
    पूर्व राष्ट्रपति ने उत्तर प्रदेश के युवाओं से राजनीति, शासन-प्रशासन और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में भागीदारी केवल मतदान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। सुशासन के लिए ईमानदार, योग्य और संवेदनशील लोगों का राजनीति में आगे आना आवश्यक है। उन्होंने युवाओं को राष्ट्रसेवा की भावना के साथ काम करने और कभी हार न मानने का संदेश दिया।

    गरीबों, पीड़ितों व वंचितों की आवाज बने कोविन्द: ब्रजेश पाठक
    उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द का अभिनंदन करते हुए कहा कि उन्होंने देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर पहुंचने के बाद भी अपने सहज एवं सरल स्वभाव को बनाए रखा। गरीबों, पीड़ितों और वंचितों की आवाज उनके व्यक्तित्व और कार्यशैली का अभिन्न हिस्सा रही। समाज में ऐसे बिरले ही व्यक्ति होते हैं, जो वंचित वर्गों की समस्याओं को समझने के साथ उन्हें धरातल पर समाधान तक पहुंचाने का प्रयास करते हैं। रामनाथ कोविन्द ने संसद में रहते हुए लगातार पीड़ितों और वंचितों की आवाज को बुलंद किया। बिहार के राज्यपाल के रूप में भी उन्होंने अपनी सहजता और कार्यशैली से अमिट छाप छोड़ी। राष्ट्रपति के रूप में देश के लिए किए गए उनके कार्य भारतीय गणतंत्र के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखेंगे। ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ विषय पर गठित समिति के अध्यक्ष के रूप में उनकी भूमिका भी उल्लेखनीय है।

    सर्वोच्च पद पर भी सहज रहे कोविन्द: केशव प्रसाद मौर्य
    उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सार्वजनिक जीवन सबसे कठिन, जिम्मेदारी भरा और व्यापक पहचान दिलाने वाला क्षेत्र है। इसमें व्यक्ति का पद कितना भी बड़ा क्यों न हो, उसे अपनी शुचिता बनाए रखनी चाहिए और अहंकार से दूर रहना चाहिए। रामनाथ कोविन्द का जीवन इस बात का उदाहरण है कि सर्वोच्च संवैधानिक पद पर पहुंचने के बाद भी व्यक्ति अपने मूल विचारों, संस्कारों और सहजता को बनाए रख सकता है। रामनाथ कोविन्द को वह उस समय से जानते हैं, जब वह राज्यसभा के सदस्य थे और उत्तर प्रदेश भाजपा के महामंत्री के रूप में कार्य कर रहे थे। बिहार के राज्यपाल और देश के राष्ट्रपति के रूप में भी उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। राष्ट्रपति बनने के बाद जब वह अपने गृह नगर कानपुर आए, तब अपने गुरु के चरण स्पर्श कर उन्होंने संस्कारों के प्रति अपनी निष्ठा प्रदर्शित की। देश के प्रथम नागरिक के पद पर पहुंचने के बाद भी उन्होंने अपने पुराने साथियों और परिचितों से आत्मीय संबंध बनाए रखे। उनके व्यवहार में पद के कारण कोई दूरी या अहंकार दिखाई नहीं दिया।

    सदैव जमीन से जुड़े रहे कोविन्द: सतीश महाना
    उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द के व्यक्तित्व और जीवन यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि लोकतंत्र में राष्ट्रपति से बड़ा कोई संवैधानिक पद नहीं है, लेकिन इतनी ऊंचाई पर पहुंचने के बाद भी वह सदैव जमीन से जुड़े रहे। उनका जीवन सादगी, विनम्रता, दृढ़ संकल्प और जनसामान्य से आत्मीय जुड़ाव की प्रेरक मिसाल है। उनके साथ जुड़ी अनेक स्मृतियां हैं, जो उनके व्यक्तित्व की सहजता और संवेदनशीलता को दर्शाती हैं। मैं चाहता हूं कि रामनाथ कोविन्द की पुस्तक उत्तर प्रदेश विधानसभा के सभी सदस्यों तक पहुंचे, ताकि वे भी उनके जीवन, संघर्ष और अनुभवों से परिचित हो सकें। इसके लिए उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति से विधानसभा सदस्यों के लिए 500 पुस्तकें उपलब्ध कराने का अनुरोध किया और कहा कि पुस्तकों का पूरा मूल्य वह स्वयं देंगे।

  • मंत्री चौहान का अधिकारियों को संदेश, अनुसूचित जाति वर्ग के कल्याण और विकास योजनाओं पर दें विशेष ध्यान

    मंत्री चौहान का अधिकारियों को संदेश, अनुसूचित जाति वर्ग के कल्याण और विकास योजनाओं पर दें विशेष ध्यान

    अनुसूचित जाति वर्ग के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता से कार्य करें अधिकारी : मंत्री चौहान

    राज्य सहकारी अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के 16 नवनियुक्त अधिकारियों को वितरित किए नियुक्ति पत्र

    भोपाल

    अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार अनुसूचित जाति वर्ग के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तीकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है। नवनियुक्त अधिकारी शासन की जनहितैषी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के पात्र हितग्राहियों तक पहुँचाने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करें। उन्हें शिक्षा, कौशल उन्नयन, रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएँ, जिससे कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। मंत्री चौहान, मध्यप्रदेश राज्य सहकारी अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के राजीव गांधी सभागार में नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे।

    मंत्री चौहान ने चयनित अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान कर शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि शासकीय सेवा केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि जनसेवा का पुनीत दायित्व है। सभी अधिकारी अपने पदीय कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ करें।

    निगम के अध्यक्ष सावन सोनकर ने नवनियुक्त अधिकारियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि सेवा-भाव और उत्तरदायित्व के साथ सभी दायित्वों का संपादन करें। योजनाओं की वास्तविक सार्थकता तभी है, जब उनका सीधा लाभ लक्षित वर्ग तक समय-सीमा में पहुँचे।

    अनुसूचित जाति कल्याण आयुक्त सत्येन्द्र सिंह ने विभागीय प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि अधिकारी मैदानी स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, हितग्राहियों की समस्याओं के समयबद्ध निराकरण और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करें। उन्होंने नवनियुक्त अधिकारियों से विभागीय लक्ष्यों की प्राप्ति में सक्रिय योगदान देने का आह्वान भी किया।

    मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल, भोपाल द्वारा आयोजित संयुक्त भर्ती परीक्षा के माध्यम से मध्यप्रदेश राज्य सहकारी अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम में 8 सहायक कार्यपालन अधिकारी और 8 क्षेत्राधिकारी सहित कुल 16 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है, जिन्हें विधिवत नियुक्ति पत्र सौंपे गए।इस अवसर पर अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के अधिकारी, एवं चयनित अभ्यर्थियों के अभिभावक उपस्थित रहे।

     

  • ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना सुशासन सरकार की प्राथमिकता—मंत्री  राजवाड़े

    ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना सुशासन सरकार की प्राथमिकता—मंत्री राजवाड़े

    रायपुर

    महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े की पहल पर सूरजपुर जिले के भटगांव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम लटोरी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) 108 एंबुलेंस की सुविधा मिली है। मंत्री  राजवाड़े ने आज सेवा संकल्प अभियान के तहत हरी झंडी दिखाकर एंबुलेंस को रवाना किया। स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल की घोषणा के महज 12 घंटे के भीतर एंबुलेंस लटोरी पहुंच गई।

    इस अवसर पर मंत्री  राजवाड़े ने कहा कि जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सुशासन सरकार की प्राथमिकता है। हमारा निरंतर प्रयास है कि ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों में भी स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित हो और जरूरतमंदों को समय पर उपचार मिल सके। लटोरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ALS एंबुलेंस की सुविधा से गंभीर मरीजों और दुर्घटना पीड़ितों को आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

    मंत्री  राजवाड़े ने एंबुलेंस की मांग पर त्वरित पहल कर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस सुविधा से लटोरी सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को लाभ होगा और जरूरत पड़ने पर मरीजों को बेहतर उपचार के लिए उच्च स्वास्थ्य संस्थानों तक सुरक्षित पहुंचाने में सहायता मिलेगी।

    उल्लेखनीय है कि 13 अक्टूबर को सूरजपुर जिले में इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंत्री  राजवाड़े ने स्वास्थ्य मंत्री  जायसवाल से लटोरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए ALS एंबुलेंस उपलब्ध कराने का आग्रह किया था। स्वास्थ्य मंत्री ने तत्काल एंबुलेंस उपलब्ध कराने की घोषणा की और घोषणा के 12 घंटे के भीतर एंबुलेंस लटोरी पहुंच गई।

    कार्यक्रम में इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमैन  बाबूलाल अग्रवाल,  नूतन विश्वास, महेश्वर पैकरा,   बीना गुप्ता,  ठाकुर सिंह पैकरा,  सुमित्रा राजवाड़े, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रशांत सिंह सहित जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

  • 10 वर्षों में 49% बढ़ा खाद्यान्न उत्पादन, चावल में दुनिया में नंबर वन हुआ भारत- शिवराज सिंह चौहान

    10 वर्षों में 49% बढ़ा खाद्यान्न उत्पादन, चावल में दुनिया में नंबर वन हुआ भारत- शिवराज सिंह चौहान

    'आप मंथन से अमृत निकालिए, हम लागू करेंगे': एग्रीविज़न सम्मेलन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का ऐलान

    दिल्ली में एग्रीविज़न के 10वें राष्ट्रीय अधिवेशन में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की सहभागिता

    किसानों की आजीविका को और बेहतर बनाने के साथ ही भारत अब सिर्फ अपना पेट नहीं भरेगा, दुनिया का 'फूड बास्केट' बनेगा- शिवराज सिंह चौहान

    नई दिल्ली
    केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्रीशिवराज सिंह चौहान ने आज पूसा, दिल्ली में एग्रीविज़न के 10वें राष्ट्रीय अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों की आजीविका को और बेहतर बनाने के साथ ही भारत अब केवल अपना पेट भरने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले समय में पूरी दुनिया का ‘फूड बास्केट’ बनकर उभरेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में बिना मानक के कुकुरमुत्तों की तरह खुल रहे निजी कृषि कॉलेजों और फर्जी डिग्रियों पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी और इसके नियमन हेतु जल्द एग्रीकल्चर काउंसिल का गठन होगा।

    अभाव के दौर से आत्मनिर्भरता और रिकॉर्ड उत्पादन तक का सफर
    केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने संबोधन में देश की कृषि यात्रा को रेखांकित करते हुए कहा कि एक दौर वह था जब देश को पीएल-480 के तहत आयातित अनाज पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन आज भारतीय किसानों के परिश्रम और आधुनिक नीतियों के दम पर देश खाद्यान्न में पूरी तरह आत्मनिर्भर है। वर्ष 2014 से 2024 के बीच देश का कुल कृषि उत्पादन 49 प्रतिशत बढ़ा है। भारत आज चावल उत्पादन और निर्यात में दुनिया में पहले स्थान पर है, जबकि गेहूं में दूसरे स्थान पर है। अब समस्या उत्पादन की नहीं, बल्कि उसके वैज्ञानिक भंडारण, प्रबंधन और वैश्विक निर्यात की है।

    'आप अमृत निकालिए, हम उसे नीति बनाकर लागू करेंगे'
    श्री चौहान ने नीति-निर्माण में छात्र और किसान संगठनों की विशेषज्ञता को सबसे अहम बताया। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और भारतीय किसान संघ जैसे संगठन दिन-रात जमीनी हकीकत के बीच काम करते हैं। उन्होंने अधिवेशन में उपस्थित विशेषज्ञों और छात्रों से आह्वान किया, "आप इस राष्ट्रीय अधिवेशन में गहन मंथन कीजिए और निष्कर्ष रूपी अमृत निकालिए, उसे देशहित में बांटने और लागू करने का काम सरकार करेगी।" उन्होंने घोषणा की कि अधिवेशन के निष्कर्षों पर विस्तृत कार्ययोजना बनाने के लिए वे अगले 15 दिनों से एक महीने के भीतर प्रतिनिधियों के साथ दोबारा बैठक करेंगे, जिसमें शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म योजनाओं पर सीधा काम होगा।

    कृषि छात्रों का भविष्य सुरक्षित करना पहली प्राथमिकता
    कृषि शिक्षा का स्तर ऊंचा उठाने पर जोर देते हुए केंद्रीय मंत्रीचौहान ने कहा कि किसी को भी सिर्फ फीस लेकर डिग्री बांटने की दुकान चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि युवाओं द्वारा ली जाने वाली बीएससी (एजी) और एमएससी (एजी) जैसी तकनीकी डिग्रियों का पूरा मान रहे और वे व्यर्थ न जाएं।

    छोटे किसानों के लिए 'इंटीग्रेटेड फार्मिंग' मॉडल
    भारत में औसत जोत मात्र 0.96 हेक्टेयर होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि छोटे और सीमांत किसानों की आय बढ़ाने के लिए विविधीकरण (डाइवर्सिफिकेशन) जरूरी है। अनाज के साथ-साथ फल, सब्जी, औषधीय खेती, पशुपालन, मछली पालन, मधुमक्खी पालन और प्राकृतिक खेती को जोड़कर ही किसानों की आजीविका को सुरक्षित व समृद्ध बनाया जाएगा। साथ ही, आधुनिक तकनीक जैसे एआई, मशीन लर्निंग और रोबोटिक्स को खेती से जोड़ने की दिशा में तेजी से कदम उठाए जा रहे हैं।

    कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने एग्रीविज़न के 10 वर्षों के सफर पर आधारित विशेष पुस्तिका का विमोचन किया। इस राष्ट्रीय सम्मेलन में एबीवीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रघुराज किशोर तिवारी, एग्रीविज़न के अखिल भारतीय प्रमुखविक्रम सिंह, राष्ट्रीय सह-संगठन मंत्रीएस. बालकृष्ण, क्षेत्रीय संगठन मंत्रीघनश्याम शाही, आयोजन सचिवमनीष फाटे, राष्ट्रीय संयोजकसनथ कुमार सहित देशभर से आए कृषि वैज्ञानिक, शोधार्थी और छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

     

  • किसानों के लिए अहम खबर, पैराक्वेट डाइक्लोराइड के उपयोग पर प्रतिबंध; स्वास्थ्य और पशुओं की सुरक्षा को लेकर कदम

    किसानों के लिए अहम खबर, पैराक्वेट डाइक्लोराइड के उपयोग पर प्रतिबंध; स्वास्थ्य और पशुओं की सुरक्षा को लेकर कदम

    राज्य शासन ने पैराक्वेट डाइक्लोराइड के उपयोग पर लगाया प्रतिबन्ध

    मानव और पशुओं के लिए है ख़तरनाक
    निर्माता कम्पनियों के पास बचा स्टॉक तत्काल नष्ट करने के निर्देश

    भोपाल 

    राज्य शासन ने पैराक्वेट डाइक्लोराइड नामक कीटनाशक के उपयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। यह कीटनाशक मानव और पशुओं के लिए बेहद हानिकारक है। भारत सरकार ने इस संबंध में पहले ही अधिसूचना  जारी कर दी है।

    किसान कल्याण और कृषि  विकास विभाग ने इस खतरनाक कीटनाशक का निर्माण करने वाली कंपनियों द्वारा विक्रय और भण्डारण पर तत्काल रोक लगाने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।  जिन निर्माताओं के पास पैराक्वेट डायक्लोराइड के पंजीकरण  प्रमाण पत्र है उन्हें तत्काल केन्द्रीय कीटनाशी बोर्ड और पंजीकरण समिति को वापस करने के निर्देश दिए हैं। इस कीटनाशक के बचे स्टाक को वापस बुलाकर नियम, प्रक्रिया अनुसार नष्ट करने की कार्रवाई करने के लिए भी निर्देश दिए हैं।

    उल्लेखनीय है कि भारत सरकार ने कीटनाशक अधिनियम 1968 के तहत पैराक्वेट डाइक्लोराइड के नए रजिस्ट्रेशन और पहले से जारी सभी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट्स को रद्द कर इस पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। दुनिया के लगभग 70 देशों में इसका उपयोग पहले से प्रतिबंधित है।

    कैसे काम करता है?

    यह पौधों के हरे हिस्सों के संपर्क में आते ही उन्हें तेजी से जलाकर नष्ट कर देता था। इसे 'ग्रामोक्सोन' (Gramoxone) जैसे ट्रेड नाम से भी जाना जाता है। यह इंसानों और जानवरों के लिए अत्यधिक विषैला है। इसके शरीर में जाने या संपर्क में आने से फेफड़े और गुर्दे (किडनी) गंभीर रूप से खराब हो जाते हैं। इसका कोई विशिष्ट एंटीडोट (विषारोधी इलाज) उपलब्ध नहीं है। किसान मूंग की फसल में पैराक्वेट डाइक्लोराइड का उपयोग फसल की कटाई से ठीक पहले पत्तियों को सुखाने और फसल को जल्दी पकाने के लिए करते हैं। इसका छिड़काव करने से मूंग के हरे पौधे और पत्तियां 24 से 72 घंटों के भीतर पूरी तरह सूख जाती हैं। पत्तियां सूख जाने से फसल को काटना और थ्रेसिंग करना आसान हो जाता है, जिससे मजदूरों का खर्च और समय बचता है। भारत सरकार के नियमों के अनुसार इसका  उपयोग मूंग की फसल पर करने की अनुमति नहीं थी, लेकिन इसके बावजूद किसान अवैध रूप से इसका शॉर्टकट के रूप में इस्तेमाल करते रहे हैं।

    स्वास्थ्य के लिए खतरनाक

     यह एक अत्यंत विषैला  केमिकल है। इसके संपर्क में आने या इसके अवशेषों वाली मूंग के सेवन से कैंसर, लिवर, किडनी और मस्तिष्क से जुड़ी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। यदि यह शरीर में चला जाए या गलती से पिया जाए, तो इसका कोई इलाज या एंटीडोट नहीं है, जिससे यह जानलेवा साबित होता है।          

  • मोटे अनाज की खरीदी पर सरकार का फोकस, मुख्य सचिव ने कोदो-कुटकी, रागी और मक्का के उपार्जन पर की चर्चा

    मोटे अनाज की खरीदी पर सरकार का फोकस, मुख्य सचिव ने कोदो-कुटकी, रागी और मक्का के उपार्जन पर की चर्चा

    रायपुर.

    मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में कोदो, कुटकी, रागी तथा मक्का के उपार्जन एवं फसल विविधीकरण, किसानों को प्रोत्साहित करने सहित अन्य आवश्यक विषयों पर चर्चा हुई।

    बैठक में इन कृषि उत्पादों की आवश्यकता, उपार्जन तथा मिलेटस के उपयोग के संबंध में चर्चा हुई। इसके तहत स्कूलों में मध्यांह भोजन और महिला एवं बाल विकास के पोषक आहार कार्यक्रमों में आंगनबाड़ियों के माध्यम में वितरित करने के संबंध में विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में मुख्यमंत्री एवं ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, वित्त एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले, कृषि एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी सहित अन्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।