Author: NewseDay

  • छत्तीसगढ़ कोल लेवी घोटाला: ₹104 करोड़ की रकम का राजीव भवन कनेक्शन, कई नेता और अफसर फंसे

    छत्तीसगढ़ कोल लेवी घोटाला: ₹104 करोड़ की रकम का राजीव भवन कनेक्शन, कई नेता और अफसर फंसे

    रायपुर

     ईओडब्ल्यू ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए कोल लेवी घोटाले में सोमवार को विशेष अदालत में छठा पूरक आरोप पत्र दाखिल कर कई चौंकाने वाले दावे किए हैं। जांच एजेंसी ने दावा किया है कि कोयला परिवहनकर्ताओं से वसूले गए अवैध लेवी के 104.20 करोड़ रुपये रायपुर स्थित राजीव भवन (प्रदेश कांग्रेस कार्यालय) पहुंचाए गए। यह रकम तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस कोषाध्यक्ष और नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल तक भेजी गई थी।

    जांच एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई 2020 में खनिज विभाग की आनलाइन ई-परमिट प्रणाली में बदलाव कर जिला खनिज अधिकारी (डीएमओ) का मैन्युअल अनुमोदन अनिवार्य किया गया। इसके बिना डीओ जारी होना बंद कर दिया गया और परिवहन पर रोक लगा दी गई। इसी प्रशासनिक शिकंजे की आड़ में 25 रुपये प्रति टन की दर से अवैध कोयला लेवी की वसूली शुरू हुई। वसूली का मुख्य सूत्रधार सूर्यकांत तिवारी था, जो मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) और वरिष्ठ अफसरों के नाम का दुरुपयोग कर पूरा सिंडिकेट चला रहा था।

    किसे कितनी मिली अवैध रकम

    रामगोपाल अग्रवाल (तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस कोषाध्यक्ष): डायरियों में दर्ज 'भवन' और 'सी पार्टी' कोडवर्ड की 32 प्रविष्टियों के जरिए कुल 104.20 करोड़ रुपये स्वीकार करने का आरोप।

    देवेंद्र सिंह यादव (पूर्व विधायक, भिलाई नगर): खैरागढ़ उपचुनाव और व्यक्तिगत उपयोग के लिए सहयोगी नवाज के माध्यम से 3 करोड़ रुपये लेने का विवरण।

    चंद्रदेव प्रसाद राय (पूर्व विधायक, बिलाईगढ़): नकद रकम और चुनावी खर्च के अलावा सूर्यकांत तिवारी द्वारा दिए गए लाखों रुपये के सोने के आभूषण प्राप्त किए।

    जयप्रकाश मौर्य (तत्कालीन संचालक, भौमिकी एवं खनिकर्म):सिंडिकेट को मदद पहुंचाने और पैलेट उद्योगों पर 100 रुपये प्रति टन वसूली के लिए दबाव बनाने के एवज में आर्थिक लाभ प्राप्त किया।

    विनोद तिवारी व रामप्रताप सिंह (कांग्रेस नेता): राजनीतिक प्रभाव और समन्वय के लिए क्रमशः 2.12 करोड़ रुपये और अन्य लेन-देन में सहभागिता के साक्ष्य।
    शेल कंपनियों और अचल संपत्तियों में निवेश

    जांच में सामने आया कि अवैध वसूली की रकम को छिपाने के लिए रानू साहू के भाई पियूष साहू, सौम्या चौरसिया के रिश्तेदार अनुराग चौरसिया और कारोबारी सुनील कुमार अग्रवाल (इंद्रमणि समूह) व जोगेंदर सिंह का सहारा लिया गया। फर्जी लोन,राइस मिलों के खातों और शेल कंपनियों के जरिए 10.77 करोड़ से अधिक की बैंक एंट्री कराई गई तथा बेनामी जमीनें, वाशरी और फ्लैट खरीदे गए।
    व्हाट्सएप चैट व डायरियों से खुले राज

    ईओडब्ल्यू ने जब्त हस्तलिखित डायरियों, फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट, बैंक स्टेटमेंट्स और आरोपियों के बीच हुई व्हाट्सएप चैट को पुख्ता साक्ष्य बनाया है। डायरियों में दर्ज 'डी','आरपी', 'जेपी', 'चंद्रा', 'भगत' और 'एमयू' जैसे कोडवर्ड की पहचान जांच के दौरान उजागर हो चुकी है।
    चालान में शामिल आरोपियों की भूमिका

    1. राम गोपाल अग्रवाल

    राम गोपाल अग्रवाल संबंधित अवधि में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोषाध्क्ष एवं छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष थे। जब्त डायरियों में ‘‘भवन’ एवं "C PARTY" के नाम से 32 प्रविष्टियों में कुल ₹104.20 करोड़ (एक सौ चार करोड़ बीस लाख रुपये) दर्ज हैं। विवेचना में यह रकम राजीव भवन पहुंचाए जाने तथा देवेन्द्र डडसेना के माध्यम से राम गोपाल अग्रवाल द्वारा पार्टी के लिए प्राप्त किए जाने के तथ्य मिले हैं। उनके परिवार से संबंधित कंपनियों के नाम भूमि खरीदी और रजिस्टी मूल्य के अतिरिक्त नकद भुगतान का विवरण भी चालान में शामिल है।

    2. देवेन्द्र सिंह यादव

    भिलाई नगर विधायक देवेंद्र सिंह यादव एवं उनके लिए रकम प्राप्त करने वाले नवाज से संबंधित 11 डायरी प्रविष्टियों में कुल ₹3 करोड़ ;तीन करोड़ रुपयेद्ध दर्ज हैं। इनमें खैरागढ़ उपचुनाव के लिए भेजी गई रकम भी शामिल है। विवेचना में सूर्यकांत तिवारी की ओर से रकम प्राप्त करने तथा उसका उपयोग चुनाव संबंधी कार्यों और स्वयं के लिए करने में देवेंद्र सिंह यादव की भूमिका पाई गई है।

    3. विनोद तिवारी

    विनोद तिवारी के नाम अथवा उनसे जुड़े नामों से जब्त डायरियों में 22 प्रविष्टियों में कुल दो करोड़ बारह लाख ग्यारह हजार रुपये (लगभग ₹2.12 करोड़) दर्ज हैं। विवेचना में सूर्यकांत तिवारी से नकद रकम प्राप्त करने और उसका उपयोग राजनीतिक कार्यों में करने के तथ्य मिले हैं। खैरागढ़ उपचुनाव की होर्डिंग के भुगतान तथा जिला पंचायत के पदाधिकारियों एवं सदस्यों के लिए रकम की व्यवस्था से संबंधित विवरण भी सामने आया है।

    4. रामप्रताप सिंह

    जब्त डायरियों में "R P Singh" एवं "RP" नाम से रामप्रताप सिंह से संबंधित 25 प्रविष्टियों में कुल दो करोड़ बानवे लाख नब्बे हजार रुपये (लगभग ₹2.93 करोड़) दर्ज हैं। विवेचना में सूर्यकांत तिवारी से नकद रकम प्राप्त करने तथा उसे व्यक्तिगत खर्च, राजनीतिक कार्यों, मीडिया प्रबंधन और वाहन व्यवस्था में उपयोग करने में उनकी भूमिका पाई गई है।

    5. चंद्रदेव प्रसाद राय

    तत्कालीन बिलाईगढ़ विधायक चंद्रदेव प्रसाद राय से संबंधित चार डायरी प्रविष्टियों में कुल ₹49.50 लाख (लगभग उनचास लाख पचास हजार रुपये) दर्ज हैं। विवेचना में सूर्यकांत तिवारी से नकद रकम प्राप्त करने और उसका उपयोग चुनाव संबंधी खर्चों में करने के तथ्य मिले हैं। इसके अलावा सूर्यकांत तिवारी द्वारा उन्हें आभूषण उपलब्ध कराए जाने का विवरण भी चालान में शामिल है।

    6. जयप्रकाश मौर्य

    तत्कालीन संचालक, भौमिकी एवं खनिकर्म, जयप्रकाश मौर्य से संबंधित दो डायरी प्रविष्टियों में कुल ₹1 करोड़ (लगभग एक करोड़ रुपये) दर्ज हैं। विवेचना में सूर्यकांत तिवारी से नकद रकम प्राप्त करने, खनिज विभाग के मामलों में उसके साथ संपर्क रखने तथा अवैध वसूली की व्यवस्था में सहयोग करने में उनकी भूमिका पाई गई है। पैलेट उद्योगपतियों को ₹100 प्रति टन की रकम सूर्यकांत तिवारी अथवा उसके लोगों को देने के निर्देश दिए जाने का विवरण भी उनके विरुद्ध चालान में शामिल है।

    7. पियूष कुमार साहू

    पियूष कुमार साहू की भूमिका अपनी बहन रानू साहू को कोयला लेवी से प्राप्त रकम अपने एवं परिवारजनों के नाम संपत्तियों में निवेश कराने में पाई गई है। परिवार से संबंधित 13 संपत्तियों की खरीदी में बैंक खातों से भुगतान के अलावा रजिस्टी मूल्य के अतिरिक्त नकद भुगतान भी किया गया। रकम के लेन-देन और संपत्ति खरीदी में उनके तथा परिवारजनों के बैंक खातों का उपयोग किया गया।

    8. जोगेन्दर सिंह

    जोगेन्दर सिंह, सूर्यकांत तिवारी के व्यावसायिक भागीदार थे। विवेचना में जय अम्बे रोड लाइन्स के माध्यम से नकद रकम की व्यवस्था करने तथा अपनी फर्मों के खातों से बैंक प्रविष्टियां उपलब्ध कराने में उनकी भूमिका पाई गई है। सात फर्मों को भेजी गई लगभग ₹40 करोड़ (लगभग चालीस करोड़ रुपये) की राशि और उससे संबंधित लेन-देन का विवरण भी चालान में दिया गया है।

    9. अनुराग चौरसिया

    अनुराग चौरसिया की भूमिका सौम्या चौरसिया को कोयला लेवी से प्राप्त रकम अपने एवं परिवारजनों के नाम फ्लैट और भूमि खरीदी में लगाने में पाई गई है। इसके लिए मोटल मधुबन तथा परिवारजनों के बैंक खातों का उपयोग किया गया। इन खातों में प्राप्त रकम, आगे किए गए भुगतान और संपत्तियों में निवेश का विवरण चालान में शामिल है।

    10. दीपेश टांक

    दीपेश टांक की भूमिका भूमि सौदे में रजिस्टी मूल्य के अतिरिक्त नकद रकम प्राप्त करने तथा नकद रकम को कृषि आय के रूप में दर्शाने में पाई गई है। भूमि विक्रय के बाद भी वे ओम एग्रो फार्म के कार्यों एवं भुगतान से जुड़े रहे। अवैध रकम को भूमि और फार्म के कार्यों में लगाने तथा उसे वैध आय दर्शाने से संबंधित तथ्य चालान में दिए गए हैं।

    11. सुनील कुमार अग्रवाल

    इंद्रमणि समूह के सुनील कुमार अग्रवाल की भूमिका सूर्यकांत तिवारी की ओर से भेजी गई नकद रकम अपने यहां रखने, उससे आगे भुगतान करने तथा वाशरी खरीदी में निवेश कराने में पाई गई है। इंद्रमणि समूह से संबंधित लेन-देन, वाशरी एवं भूमि खरीदी और नकद रकम के उपयोग का विवरण चालान में शामिल है।

    12. राहुल मिश्रा

    राहुल मिश्रा, सूर्यकांत तिवारी से जुड़ी निर्माण परियोजनाओं में कार्य करते थे। विवेचना में उनके पास बड़ी नकद रकम रखे जाने तथा आवश्यकता पड़ने पर उसे निखिल चंद्राकर के माध्यम से सूर्यकांत तिवारी को वापस उपलब्ध कराए जाने के तथ्य मिले हैं। निर्माण कार्यों के भुगतान और नकद रकम सुरक्षित रखने में उनकी भूमिका का विवरण चालान में दिया गया है।

     

  • ‘अच्छी फॉर्म टीम में जगह की गारंटी नहीं’… वैभव सूर्यवंशी को लेकर गौतम गंभीर का बड़ा बयान

    ‘अच्छी फॉर्म टीम में जगह की गारंटी नहीं’… वैभव सूर्यवंशी को लेकर गौतम गंभीर का बड़ा बयान

    नई दिल्ली
    भारतीय क्रिकेट में टैलेंट की कोई कमी नहीं है लेकिन सही समय पर सही मौका मिलना ही किसी खिलाड़ी का भविष्य तय करता है। 15 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय मंच पर कदम रखकर इतिहास रचने वाले वैभव सूर्यवंशी इन दिनों लगातार चर्चा में हैं। हाल ही में भारत के हेड कोच गौतम गंभीर ने वैभव सूर्यवंशी को लेकर खुलकर बात की और यह साफ किया कि शानदार फॉर्म में होने के बावजूद इस युवा खिलाड़ी को अपनी बारी के लिए इंतजार क्यों करना पड़ा।

    वैभव ने मचाया धमाल
    वैभव ने इस साल की शुरुआत में सबसे कम उम्र में डेब्यू का रिकॉर्ड बनाकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा था। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ टी20 डेब्यू कर सचिन तेंदुलकर के सालों पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया और बाद में जिम्बाब्वे के खिलाफ अर्धशतक जड़कर इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे कम उम्र में फिफ्टी बनाने वाले बल्लेबाज भी बने। हालांकि, अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज और फिर एशिया कप के शुरुआती मैचों में उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली जिसको लेकर काफी सवाल उठ रहे थे।

    गौतम गंभीर ने दी सफाई
    गंभीर ने बाहर बैठने की इस वजह को साफ करते हुए स्पष्ट किया कि सिर्फ अच्छी फॉर्म में होना ही टीम में जगह मिलने की गारंटी नहीं होता। टीम मैनेजमेंट और लंबे समय से प्रदर्शन कर रहे अनुभवी खिलाड़ियों को सुरक्षा देना पहली प्राथमिकता होती है। गंभीर ने कहा, 'यह मेरे लिए भी एक नया अनुभव था। हां, वह बहुत अच्छी फॉर्म में थे लेकिन मैंने उन्हें समझाया कि कई बार ऐसे खिलाड़ियों की वजह से आपको अपने मौके का इंतजार करना पड़ता है जिन्होंने लंबे समय से टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन किया है। और एक बात साफ है सोशल मीडिया या बाहर का शोर यह तय नहीं करता कि प्लेइंग इलेवन क्या होगी।'

    संजू या अभिषेक को बाहर करना मुश्किल
    कोच ने टीम में सीनियर खिलाड़ियों की भूमिका और ड्रेसिंग रूम के माहौल को बनाए रखने पर जोर दिया। संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा जैसे खिलाड़ियों का उदाहरण देते हुए गंभीर ने कहा कि जिन खिलाड़ियों ने पिछले डेढ़-दो साल में प्रभाव डाला है उन्हें तीन-चार नाकामियों के आधार पर बाहर नहीं बैठाया जा सकता। गंभीर ने कहा, 'अगर वैभव आज खेलते हैं तो यह मेरे और उस खिलाड़ी के बीच एक कठिन बातचीत होगी जिसे हम बाहर बैठाएंगे चाहे वह अभिषेक हों या संजू। इसलिए हम उस कॉम्बिनेशन को अचानक नजरअंदाज नहीं कर सकते जिसने पिछले डेढ़ या दो साल में इतना प्रभाव डाला है। हम ड्रेसिंग रूम में वह सुरक्षा का माहौल बनाना चाहते हैं।'

    एशियन गेम्स में खेली शानदार पारी
    मौका मिलने पर वैभव ने खुद को फिर साबित किया। एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में श्रीलंका के खिलाफ वापसी करते हुए उन्होंने 21 गेंदों में 38 रनों की अहम पारी खेली। इसके बाद पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल मुकाबले में भी 9 गेंदों पर 15 रन बनाकर टीम की जीत में अपना योगदान दिया जिसकी बदौलत भारत ने 19 रनों से मुकाबला जीतकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

  • रोजाना मारपीट से परेशान पत्नी ने उठाया खौफनाक कदम, हथौड़ी से हमला कर पति की हत्या

    रोजाना मारपीट से परेशान पत्नी ने उठाया खौफनाक कदम, हथौड़ी से हमला कर पति की हत्या

    इंदौर

     गांधी नगर थाना क्षेत्र के जंबूड़ी गांव में घरेलू हिंसा और रोजाना के विवाद से तंग आकर एक महिला ने अपने ही पति की बेरहमी से हत्या कर दी। आरोपित पत्नी ने पहले सोते हुए पति के सिर पर हथौड़ी से मारा और फिर गला दबाकर पति को मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने आरोपित पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
    पति रोज करता था परेशान

    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान संतोष डावर (45) पिता रामचंद्र डावर के रूप में हुई है। मृतक संतोष देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, इंदौर पर विमानों में ईंधन भरने का काम करता था।

    परिजन और आसपास के रहवासियों के अनुसार संतोष को बहुत ज्यादा शराब पीने की लत थी। वह रोजाना शराब के नशे में धूत होकर घर आता था और अपनी पत्नी सूरज बाई व बच्चों के साथ मारपीट करता था।
    रात में सबको जान से खत्म कर दूंगा

    पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रविवार शाम को भी संतोष शराब पीकर घर आया और पत्नी सूरज बाई से विवाद करने लगा। बात इतनी बढ़ गई कि संतोष ने पत्नी और बच्चों को धमकी दी कि आज रात तुम सबको जान से खत्म कर दूंगा। डरी हुई पत्नी ने इसके बाद घटनाक्रम को अंजाम दिया।

     

  • पीएम एयर एम्बुलेंस, हेली पर्यटन सेवा और नई उड़ानों से मिल रही हैं नागरिकों को सुविधाएं

    पीएम एयर एम्बुलेंस, हेली पर्यटन सेवा और नई उड़ानों से मिल रही हैं नागरिकों को सुविधाएं

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश में विमानन सेवाओं और अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। नागरिकों को बेहतर हवाई कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के साथ ही आपातकालीन सेवाओं, पर्यटन और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को मजबूत करने के लिए एयरपोर्ट, एयरस्ट्रिप और हेलीपैड के नेटवर्क का नागरिक विमानन नीति-2025 के अंतर्गत विस्तार किया जा रहा है। प्रदेश में एयरपोर्ट बढ़कर 8 हो गए हैं और शीघ्र ही इनकी संख्‍या 10 हो जाएगी। इसी तरह से प्रदेश से अंतर्राष्‍ट्रीय उड़ानों की संख्‍या भी निरंतर बढ़ रही है। पहले दुबई और अब अबूधाबी के साथ इंदौर का हवाई संपर्क स्‍थापित हुआ है। सिंहस्‍थ-2028 के लिये भी दताना-मताना एयरपोर्ट का विस्‍तार हो रहा है। नए एयरपोर्ट के विकास, सभी विधानसभा क्षेत्रों में स्थायी हेलीपैड का निर्माण और पीएम एयर एम्बुलेंस एवं पीएम हेली पर्यटन सेवा से प्रदेश में हवाई सुविधाएं अधिक सुगम और व्यापक हो रही हैं।

    प्रदेश में सुदृढ़ हो रहा विमानन नेटवर्क

    मध्यप्रदेश में वर्तमान में 8 एयरपोर्ट, 20 से अधिक एयरस्ट्रिप और 220 हेलीपैड हैं। वर्ष 2023-24 में प्रदेश में 5 प्रमुख एयरपोर्ट इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर और खजुराहो संचालित थे। वर्ष 2024-25 में रीवा, दतिया और सतना को जोड़कर एयरपोर्ट की संख्या 8 हो गई है। उज्जैन और शिवपुरी में एयरपोर्ट के विकास का कार्य प्रगति पर है।

    हर 150 किमी पर एयरपोर्ट, 75 किमी पर एयरस्ट्रिप और 45 किमी पर हेलीपैड की योजना

    प्रदेश में हवाई सुविधाओं को और व्यापक बनाने के लिए हर 150 किलोमीटर पर एयरपोर्ट, हर 75 किलोमीटर पर एयरस्ट्रिप और हर 45 किलोमीटर पर हेलीपैड विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। प्रदेश के सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में स्थायी हेलीपैड विकसित करने की योजना है।

    पांच नए एयरपोर्ट की स्वीकृति प्रक्रियाधीन, सिंगरौली को प्राथमिकता

    प्रदेश में पांच नए एयरपोर्ट के विकास की स्वीकृति केंद्र सरकार के स्तर पर प्रक्रियाधीन है। इनमें सिंगरौली को प्राथमिकता दी गई है। इसके साथ ही उड़ान योजना अंतर्गत प्रदेश की 10 एयरस्ट्रिप को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है। इनमें सिंगरौली, सागर, नीमच, छिंदवाड़ा, मंडला, खंडवा, रतलाम, मंदसौर, उमरिया और शहडोल शामिल हैं।

    राज्य सरकार को मिल रहा नया विमान – व्यय रह जाएगा एक तिहाई

    प्रदेश में विमानन और वायु सेवाओं का विकास हो रहा है तथा राज्‍य शासन को नया शासकीय विमान मिल रहा है। देश में कई राज्‍यों जैसे- उत्‍तर प्रदेश, महाराष्‍ट्र, राजस्‍थान, गुजरात, पंजाब, हरियाणा, जम्‍मू कश्‍मीर, छत्‍तीसगढ़ इत्‍यादि में स्‍वयं के विमान ‍एवं हेलीकॉप्‍टर हैं। भौगोलिक दृष्टि से बड़ा राज्‍य होने के कारण मध्‍यप्रदेश में त्‍वरित पहुँच एवं आकस्मिक परिस्थितियों में विमान एवं हेलीकॉप्‍टर की तुलनात्‍मक रूप से अधिक आवश्‍यकता रहती है। कोविड-19 के दौरान प्रदेश सरकार का विमान कोविड की अत्‍यन्‍त महत्‍वपूर्ण दवा रेमडेसिविर को प्रदेश के विभिन्‍न स्‍थानों में ले जाते हुए ग्‍वालियर में क्षतिग्रस्‍त हो गया था। इसके बाद से लगातार चार्टर्ड (किराये) के विमान का उपयोग किया जा रहा है। शासकीय विमान आने से राज्य सरकार का व्‍यय प्रतिमाह एक तिहाई ही रह जाएगा।

    पीएम एयर एम्बुलेंस सेवा से मरीजों को मिल रही त्वरित सहायता

    प्रदेश में 29 मई 2024 से पीएम एयर एम्बुलेंस सेवा संचालित की जा रही है। आयुष्मान कार्डधारियों को प्रदेश में और प्रदेश से बाहर शासकीय और आयुष्मान योजना से संबद्ध अस्पतालों तक निःशुल्क हवाई परिवहन की सुविधा उपलब्ध है। गैर-आयुष्मान हितग्राहियों को प्रदेश के शासकीय अस्पताल तक निःशुल्क और प्रदेश के बाहर निर्धारित दरों पर सेवा उपलब्ध कराई जाती है। प्रदेश में परिवहन के लिए जिला कलेक्टर और प्रदेश के बाहर परिवहन के लिए चिकित्सा शिक्षा संचालक की अनुमति की आवश्यकता होगी। भुगतान वाले मामलों में स्वास्थ्य सेवा संचालनालय के माध्यम से उपलब्धता के आधार पर सेवा दी जाती है। अब तक 186 मरीजों एवं दुर्घटना पीड़ितों को इस सेवा का लाभ दिया गया है।

    पीएम हेली पर्यटन सेवा से आस्था, विरासत और प्रकृति के सुगम दर्शन

    पीएम हेली पर्यटन सेवा के माध्यम से पर्यटकों को प्रदेश में आस्था, विरासत और प्रकृति के सुगम दर्शन कराए जा रहे हैं। पीपीपी मॉडल पर तीन वर्ष के अनुबंध के तहत पीएम हेली पर्यटन सेवा संचालित की जा रही है। इसके अंतर्गत आधुनिक सिंगल एवं ट्विन इंजन हेलीकॉप्टरों के माध्यम से न्यूनतम 6 सीटों की सुविधा उपलब्ध है। आध्यात्मिक पर्यटन के लिए इंदौर-उज्जैन-ओंकारेश्वर, हेरिटेज पर्यटन के लिए भोपाल-चंदेरी-ओरछा तथा वाइल्ड लाइफ पर्यटन के लिए जबलपुर-मैहर-चित्रकूट-कान्हा-बांधवगढ़ सेक्टर निर्धारित किए गए हैं। चंदेरी और ओरछा में जॉय राइड की सुविधा भी उपलब्ध है। अब तक 5,200 से अधिक यात्रियों ने हेली सेवा का उपयोग किया है, जबकि 680 से अधिक जॉय राइड संचालित की जा चुकी हैं। ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा flyola.in और transbharat.in के माध्यम से उपलब्ध है।

    इंदौर-अबूधाबी सीधी उड़ान से अंतर्राष्ट्रीय हवाई संपर्क को मिला नया आयाम

    इंदौर से अबूधाबी के बीच सीधी उड़ान मध्यप्रदेश नागरिक विमानन नीति-2025 के अंतर्गत वित्त पोषित प्रदेश की पहली अंतर्राष्ट्रीय उड़ान है। लगभग 3 घंटे 15 मिनट की इस सीधी उड़ान से अबूधाबी के साथ हवाई संपर्क स्थापित हुआ है। इससे विकास, व्यापार, पर्यटन और वैश्विक निवेश के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा।

    सिंहस्थ-2028 के लिए उज्जैन में विकसित हो रहा दताना-मताना एयरपोर्ट

    उज्जैन के दताना-मताना एयरपोर्ट का विकास आरसीएस उड़ान 5.2 के अंतर्गत किया जा रहा है। प्रारंभिक चरण में 1,800 मीटर लंबा रनवे विकसित किया जा रहा है, जिसे भविष्य में 2,700 मीटर तक बढ़ाया जाएगा। सिंहस्थ-2028 के दृष्टिगत यह एयरपोर्ट महत्वपूर्ण होगा। उज्जैन और शिवपुरी एयरपोर्ट का कार्य पूर्ण होने के बाद प्रदेश में एयरपोर्ट की संख्या 10 हो जाएगी।

    मध्यप्रदेश में एयरपोर्ट, एयरस्ट्रिप्स, हेलीपैड और नए हवाई मार्गों के विस्तार के साथ प्रदेश के विभिन्न अंचलों को बेहतर हवाई संपर्क से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। शासकीय हवाई बेड़े में शामिल होने जा रहा नया विमान, उज्जैन में दताना-मताना एयरपोर्ट का विकास, नए एयरपोर्ट एवं एयरस्ट्रिप्स का विस्तार, सभी विधानसभा क्षेत्रों में स्थायी हेलीपैड तथा मध्यप्रदेश नागरिक विमानन नीति-2025 के प्रावधान प्रदेश के विमानन नेटवर्क को व्यापक आधार प्रदान कर रहे हैं। सिंहस्थ-2028 सहित प्रदेश में बढ़ती विकास गतिविधियों के दृष्टिगत हवाई अधोसंरचना का यह विस्तार प्रदेश में हवाई संपर्क को और सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार उपलब्ध करा रहा है।

     

  • पेड़ के सेबों से सीखते हैं जोड़-घटा, शब्द हटाते ही दिखता है विलोम; शिक्षक

    पेड़ के सेबों से सीखते हैं जोड़-घटा, शब्द हटाते ही दिखता है विलोम; शिक्षक

    यमुनानगर
     यहां घंटी बजते ही किताबें जरूर खुलती हैं, लेकिन पढ़ाई किताबों के पन्नों तक सीमित नहीं रहती। थर्माकोल का पेड़ बच्चों को जोड़-घटा सिखाता है। उसकी हरी पत्तियां और लाल सेब गणित के सवाल बन जाते हैं।

    कागज पर लिखा शब्द हटाते ही उसका विपरीतार्थक सामने आ जाता है। यानी यहां चीजें बोलती हैं और बच्चे उन्हें देखकर, छूकर और करके सीखते हैं। राजकीय प्राथमिक पाठशाला मिल्क खास के जेबीटी पवन कुमार ने इसी अनोखी शिक्षण शैली को अपनी पहचान बनाया है।

    बेकार वस्तुओं से बनाते हैं शिक्षण सामग्री
    करीब 26 साल की सेवा में इसी प्रयास और विद्यार्थियों की उपलब्धियों के लिए उन्हें इस साल राज्य शिक्षक पुरस्कार भी मिला है। पवन कुमार थर्माकोल, कागज और घरों में बेकार पड़ी वस्तुओं से कम लागत वाली शिक्षण सामग्री तैयार करते हैं। थर्माकोल के पेड़ पर कागज की पत्तियां और फल लगाकर बच्चों से उनकी संख्या गिनवाते हैं।

    फिर इन्हीं के जरिए जोड़-घटा के सवाल करवाते हैं। विपरीतार्थक शब्दों के लिए भी ऐसी सामग्री बनाई है, जिसमें एक शब्द हटाते ही दूसरा शब्द सामने दिखाई देता है। यही सामग्री अभिभावकों को भी दी जा रही है, ताकि बच्चे अभ्यास कर सकें।

    विद्यालय में हैं 61 बच्चे
    विद्यालय में 61 बच्चे हैं। विद्यार्थी स्कूल, खंड और जिला स्तर पर सांस्कृतिक, खो-खो, प्रश्नोत्तरी और चित्र देखकर विवरण लिखने जैसी प्रतियोगिताओं में अव्वल रह चुके हैं।

    शिक्षक के संग समाजसेवक भी हैं पवन
    पढ़ाई संग समाजसेवा का पाठ व्यासपुर में जन्मे पवन कुमार करीब दस वर्षों से मिल्क खास में कार्यरत हैं। वर्ष 2015 में फेरूवाला स्कूल से रक्तदान शिविर की शुरुआत की। अब तक 16 शिविरों में योगदान दे चुके हैं और स्वयं 15 बार रक्तदान कर चुके हैं।

    स्काउट एवं गाइड गतिविधियों के जरिए बच्चों में सेवा, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम की भावना विकसित कर रहे हैं। पवन कुमार की शिक्षण शैली और विद्यार्थियों की उपलब्धियों को देखते हुए उन्हें इस वर्ष राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

    उनकी कक्षा में गणित मात्र सवाल नहीं, पेड़ पर लगे सेबों में दिखाई देता है और भाषा केवल किताब में नहीं, कागज के प्रयोग से समझ आती है।

  • स्वामी आत्मानंद स्कूल सेलूद में बनेगा साइकिल स्टैंड, बाउंड्रीवाल और वॉलीबॉल ग्राउंड

    स्वामी आत्मानंद स्कूल सेलूद में बनेगा साइकिल स्टैंड, बाउंड्रीवाल और वॉलीबॉल ग्राउंड

    रायपुर

    स्कूल की छुट्टी के बाद घर लौट रहे विद्यार्थियों के लिए सोमवार का दिन उस समय खास बन गया, जब स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव अचानक उनके बीच पहुंचे और सहजता से बातचीत करने लगे। दुर्ग जिले में सेवा सेतु शिविर में शामिल होने ग्राम फेकारी पहुंचे मंत्री  यादव कार्यक्रम से लौटते समय सेलूद चौक स्थित हाईस्कूल के विद्यार्थियों से मिले। शिक्षा मंत्री को अपने बीच पाकर बच्चों में उत्साह दिखाई दिया और उन्होंने खुलकर अपनी पढ़ाई, स्कूल की गतिविधियों और आवश्यकताओं के बारे में चर्चा की। स्वामी आत्मानंद शासकीय विद्यालय, सेलूद की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए शिक्षा मंत्री  यादव ने स्कूल परिसर में साइकिल स्टैंड, बाउंड्रीवाल एवं वॉलीबॉल ग्राउंड के निर्माण की घोषणा की। 

     शिक्षा मंत्री  यादव ने विद्यार्थियों से पढ़ाई, तिमाही परीक्षा की तैयारी, स्कूल की गतिविधियों और खेल-कूद के बारे में जानकारी ली। आत्मीय संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने स्कूल परिसर में प्रार्थना शेड एवं मंच निर्माण की आवश्यकता बताई। बच्चों की मांग पर मंत्री  यादव ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करते हुए प्रार्थना शेड एवं मंच निर्माण के निर्देश दिए।

     शिक्षा मंत्री  यादव ने विद्यार्थियों से चर्चा करते हुए कहा कि आने वाला समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और नई तकनीक का है। विद्यार्थियों को नियमित पढ़ाई के साथ तकनीकी ज्ञान में भी दक्ष होना चाहिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में गूगल, एक्सेल सहित विभिन्न संस्थाओं एवं कंपनियों के सहयोग से बच्चों को एआई जैसी आधुनिक तकनीकों के लिए तैयार करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। विद्यार्थियों के लिए इंग्लिश लर्निंग कोर्स शुरू करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।

    इसके बाद शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव स्वामी आत्मानंद शासकीय विद्यालय, सेलूद पहुंचे और विद्यालय की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने प्राचार्य एवं शिक्षकों से शैक्षणिक व्यवस्था, उपलब्ध सुविधाओं और विद्यार्थियों की आवश्यकताओं के संबंध में जानकारी ली। प्राचार्य ने बताया कि विद्यालय में शौचालय निर्माण का कार्य पूर्ण हो चुका है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बेहतर शैक्षणिक वातावरण, खेल सुविधाएं और आवश्यक आधारभूत संसाधन उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

  • कृषि, पशुपालन एवं मत्स्यपालन को बताया आय बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम

    कृषि, पशुपालन एवं मत्स्यपालन को बताया आय बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम

    भोपाल

    किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत बलराम कृषि महोत्सव का जिला स्तरीय कार्यक्रम सोमवार को कृषि उपज मंडी, चंगेरा, नीमच में आयोजित हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खंडवा जिले से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए नीमच के किसानों से सीधा संवाद किया। उन्होंने किसानों से कृषि गतिविधियों, शासन की किसान हितैषी योजनाओं से मिल रहे लाभ, कृषि क्षेत्र में नवाचार तथा किसानों की आवश्यकताओं के संबंध में बात की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नीमच जिला उन्नत कृषि, आधुनिक खेती एवं कृषि व्यापार के क्षेत्र में प्रदेश में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है। जिले में अश्वगंधा, इसबगोल, तुलसी, सतावरी, चिरायता, आंवला, बहेरा और नीम सहित विभिन्न औषधीय फसलों का उत्पादन होता है। चिया सीड, लहसुन, मेथी एवं धनिया सहित अनेक कृषि उत्पादों के उत्पादन एवं व्यापार में भी नीमच की महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्यमंत्री ने किसानों को देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ एवं आधारशिला बताया।

    नीमच मंडी की बढ़ती आवक और आय का किया उल्लेख

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नीमच कृषि उपज मंडी की कृषि व्यापार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि नीमच मंडी ए-ग्रेड मंडी है और औषधीय फसलों के व्यापार के लिए एशिया के प्रमुख केंद्रों में अपनी पहचान रखती है। वर्ष 2023-24 में मंडी में 53.46 लाख क्विंटल कृषि उपज की आवक हुई थी, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर लगभग 72 लाख क्विंटल हो गई। इसी अवधि में मंडी की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई और वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर करीब 34.5 करोड़ रुपये हो गई।

    प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिले में 10 हजार एकड़ से अधिक क्षेत्र में प्राकृतिक एवं जैविक खेती की जा रही है। प्राकृतिक खेती से भूमि की उर्वरता बनाए रखने के साथ गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित कृषि उत्पादों के उत्पादन को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने, फसल विविधीकरण तथा कृषि के साथ अन्य आयवर्धक गतिविधियों को बढ़ावा देने का आह्वान किया।

    सिंचाई परियोजनाओं से बढ़ेगा कृषि क्षेत्र का दायरा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिले में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए संचालित परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि रामपुरा-मनासा सूक्ष्म वृहद सिंचाई परियोजना से 212 गांवों की 67 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि सिंचित हो सकेगी। इसी प्रकार जावद-नीमच एवं खुमान सिंह शिवाजी सिंचाई योजनाओं के पूर्ण होने से एक लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से जिले में कृषि का रकबा बढ़ेगा तथा बड़ी संख्या में किसानों को लाभ मिलेगा।

    चीता परियोजना से पर्यटन और रोजगार की नई संभावनाएं

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गांधीसागर अभयारण्य में चीता परियोजना के आने से नीमच जिले में पर्यटन की संभावनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र के विकसित होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा नीमच को पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी।

    कृषि के साथ पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और मत्स्यपालन पर जोर

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि के साथ पशुपालन, दुग्ध उत्पादन एवं मत्स्यपालन को भी बढ़ावा देना आवश्यक है। उन्होंने पशुपालकों को प्रोत्साहित करने तथा गांधीसागर जलाशय सहित जिले में मत्स्य उत्पादन से जुड़े परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।

    मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक (अपेक्स बैंक) के प्रशासक  महेंद्र सिंह यादव, जावद विधायक  ओमप्रकाश सकलेचा, नीमच विधायक  दिलीप सिंह परिहार, मनासा विधायक  अनिरुद्ध माधव मारू ने संबोधित किया।

    प्रगतिशील किसानों एवं मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान

    कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा उत्कृष्ट एवं प्रगतिशील किसानों  श्याम कारपेंटर,  हरीश पाटीदार,  किशोर कुमार पाटीदार एवं  अनिल धाकड़ को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। वहीं 11 मेधावी छात्र-छात्राओं को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। महोत्सव में कृषि वैज्ञानिकों एवं विभागीय अधिकारियों द्वारा किसानों को उन्नत कृषि तकनीक, आधुनिक कृषि पद्धतियों, फसल उत्पादन, पशुपालन तथा किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी दी गई। आयोजन स्थल पर कृषि एवं विभिन्न विभागों द्वारा योजनाओं और कृषि तकनीकों से संबंधित प्रदर्शनी भी लगाई गई।

    कार्यक्रम में कलेक्टर  हिमांशु चंद्रा, अपर कलेक्टर  बी.एस. कलेश,  जयपाल सिंह चावड़ा, कप्तान सिंह,  कपिल यार्डे,  वंदना खंडेलवाल, नगर पालिका अध्यक्ष  स्वाति चोपड़ा सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, हितग्राही एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

     

  • गांवों के ऐसे नाम नहीं सुने होंगे! यूपी में ‘कोरोना’ से ‘पनौती’ तक अजब नामों

    गांवों के ऐसे नाम नहीं सुने होंगे! यूपी में ‘कोरोना’ से ‘पनौती’ तक अजब नामों

     लखनऊ
     उत्तर प्रदेश में ऐसे कई गांव हैं जिनके नाम इतने अटपटे हैं कि लोग अपनी हंसी नहीं रोक पाते। इन गांवों में रहने वाले लोग अपने गांव के नामों को लेकर इतने परेशान हैं कि नाम बदलने के लिए कई प्रयास कर चुके हैं। आज हम आपको इन्हीं अजब-गजब गांवों के बारे में बताने वाले हैं, जिनके नाम सुनकर आप भी अपनी हंसी नहीं रोक पाएंगे।

    कोरोना
    सीतापुर जिले की मिश्रित तहसील में स्थित इस गांव का नाम महामारी कोरोना से काफी पहले से रखा गया है। लेकिन ये गांव कोरोना संक्रमण के दौरान ही चर्चा में आया था। इस नाम की वजह से ग्रामीणों को कई बार अजीब स्थिति का सामना करना पड़ता है।

    पनौती
    पनौती का अर्थ अक्सर हम बूरी किस्मत वाले को कहते हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश में ऐसा भी एक गांव है जिसका नाम ही पनौती है। चित्रकूट जिले में स्थित इस गांव के लोग अपने गांव के नाम से ही परेशान हैं। यहां के ग्रामीण अपने गांव का नाम बदलने की मांग लंबे समय से कर रहे हैं।

    रण्डौली
    उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिला की जयसिंहपुर तहसील के अंतर्गत आने वाला रण्डौली गांव अपने नाम बदलने की वजह से काफी चर्चा में रहा है। इस गांव का नाम अजीब होने के कारण यहां के निवासियों को दूसरों को अपने गांव का नाम बताने में शर्मिंदगी महसूस होती थी। हालांकि लंबे प्रयास के बाद इस गांव का नाम वर्ष 2017 में बदलकर अन्नपूर्णा नगर कर दिया गया है।

    मुंहकुचवां
    यूपी के मीरजापुर जिले में मुहकुचवां गांव का नाम अजीबोगरीब है। जब भी लोग इस गांव के नाम को सुनते हैं तो अपनी हंसी नहीं रोक पाते। मुहकुचवां गांव की कुल आबादी करीब दो हजार है। ये गांव मीरजापुर शहर से लगभग 3 किलोमीटर दूर है।

    लोलपुर
    उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले की तरबगंज तहसील में स्थित लोलपुर गांव का नाम Lol (लाफ ऑफ लाउड) से मिलता-जुलता है, जो सुनने में काफी अनोखा लगता है। अपने इस अनोखे नाम की वजह से ये गांव भी काफी चर्चा में रहा है।

    गंज्हेड़ी
    सुल्तानपुर जिले में स्थित इस गांव का नाम भी काफी अजीब और हास्यास्पद माना जाता है। यहां के लोग अपने गांव के नाम को लेकर काफी परेशान हैं। बाहरी लोग अक्सर इस गांव के नाम का मजाक बनाते हैं।

    भैंसा
    मथुरा जिले में 'भैंसा' नाम का गांव है। जानवर से जुड़े नाम वाले इस गांव के बारे में पहली बार सुनने वाले लोग अक्सर हैरान रह जाते हैं।

    बालमपुर
    सुल्तानपुर जिले के भदैयां ब्लॉक में स्थित बालामपुर गांव अपने नाम को लेकर काफी प्रसिद्ध है। यहां कि महिलाएं अपने गांव का नाम बताने में अक्सर शर्मा जाती हैं।

  • आईटीआई प्रवेश के पांचवें चरण की प्रक्रिया शुरू, 11 अक्टूबर तक होंगे ऑनलाइन आवेदन

    आईटीआई प्रवेश के पांचवें चरण की प्रक्रिया शुरू, 11 अक्टूबर तक होंगे ऑनलाइन आवेदन

    लखनऊ

    योगी सरकार की युवाओं को कौशल प्रशिक्षण, रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने की नीति के तहत प्रदेश के राजकीय एवं निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में प्रशिक्षण सत्र 2026-27 के पंचम चरण की प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। चतुर्थ चरण की प्रवेश प्रक्रिया 3 अक्टूबर को पूरी होने के बाद रिक्त रह गई सीटों के सापेक्ष यह प्रक्रिया शुरू की गई है। इच्छुक अभ्यर्थी 6 अक्टूबर से 11 अक्टूबर 2026 की मध्यरात्रि तक ऑनलाइन आवेदन और विकल्प भर सकेंगे।

    राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद (एससीवीटी), उत्तर प्रदेश के अधिशासी निदेशक अभिषेक सिंह ने बताया कि पंचम चरण में राजकीय आईटीआई के पूर्व पंजीकृत लेकिन प्रवेश से वंचित अभ्यर्थियों को नए विकल्प भरने का अवसर दिया गया है। वहीं राजकीय एवं निजी आईटीआई में प्रवेश के लिए नए अभ्यर्थी भी ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।

    पूर्व पंजीकृत अभ्यर्थी बदल सकेंगे विकल्प

    राजकीय आईटीआई की प्रवेश प्रक्रिया के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय चरण में अचयनित अथवा चयनित होने के बावजूद प्रवेश न ले पाने वाले अभ्यर्थी परिषद की वेबसाइट पर उपलब्ध लिंक के माध्यम से अपनी पंजीकरण संख्या और जन्मतिथि दर्ज कर रिक्त व्यवसायों एवं इच्छित संस्थानों के लिए पुनरीक्षित विकल्प भर सकेंगे। अभ्यर्थियों को लिंग, उपवर्ग एवं शैक्षिक अर्हता संबंधी विवरण भी पुनः पंजीकृत करने का अवसर मिलेगा। यदि कोई अभ्यर्थी नए विकल्प दर्ज नहीं करता है तो उसे मूल आवेदन में दिए गए विकल्पों के आधार पर ही पंचम चरण की सीट आवंटन प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। इसके अलावा राजकीय संस्थानों में पहले प्रवेश लेने के बाद किसी कारणवश नाम कटवा चुके अभ्यर्थी भी इस चरण में आवेदन कर सकेंगे।

    नए अभ्यर्थियों को भी मिलेगा मौका

    राजकीय एवं निजी आईटीआई में नए सिरे से आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को परिषद की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा। आवेदन के बाद डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग अथवा यूपीआई के माध्यम से यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के पेमेंट गेटवे से शुल्क जमा किया जा सकेगा। शुल्क भुगतान के बाद अभ्यर्थी आवेदन पत्र का प्रिंट आउट प्राप्त कर सकेंगे।

    श्रेणीवार निर्धारित है आवेदन शुल्क

    सामान्य एवं पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए पंजीकरण शुल्क 300 रुपये, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों के लिए 250 रुपये तथा सभी महिला अभ्यर्थियों के लिए 100 रुपये निर्धारित किया गया है। ऑनलाइन आवेदन एवं विकल्प भरने की प्रक्रिया 6 अक्टूबर 2026 से 11 अक्टूबर 2026 की रात 12 बजे तक उपलब्ध रहेगी।

    रिक्त सीटों की जानकारी वेबसाइट पर होगी उपलब्ध

    अधिशासी निदेशक अभिषेक सिंह ने बताया कि चतुर्थ चरण के बाद बची रिक्त सीटों का जनपदवार, संस्थानवार और व्यवसायवार विवरण परिषद की अधिकृत वेबसाइट पर देखा जा सकता है। अभ्यर्थी संबंधित आईटीआई के कार्यालय से भी रिक्त सीटों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। प्रदेश के सभी राजकीय एवं निजी आईटीआई के प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने संस्थानों में रिक्त सीटों की व्यवसायवार अद्यतन स्थिति अनिवार्य रूप से सूचना पट पर प्रदर्शित करें, ताकि अभ्यर्थियों को विकल्प चयन में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

    कौशल प्रशिक्षण के जरिए रोजगार की राह आसान करने पर जोर

    योगी सरकार प्रदेश के युवाओं को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ व्यावसायिक एवं कौशल प्रशिक्षण से जोड़कर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर लगातार जोर दे रही है। आईटीआई जैसे संस्थानों में तकनीकी प्रशिक्षण युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप कुशल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पंचम चरण की प्रवेश प्रक्रिया के जरिए रिक्त सीटों को भरने से अधिक से अधिक युवाओं को स्किल डेवलपमेंट और रोजगारपरक प्रशिक्षण से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

  • चन्नी को कांग्रेस हाईकमान की बड़ी जिम्मेदारी, तीसरी बार सौंपी कृषि समिति की कमान

    चन्नी को कांग्रेस हाईकमान की बड़ी जिम्मेदारी, तीसरी बार सौंपी कृषि समिति की कमान

    चंडीगढ़.

    पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी पर पार्टी नेतृत्व ने एक बार फिर भरोसा जताया है। संसदीय स्थायी समितियों के पुनर्गठन के बाद चन्नी को लगातार तीसरी बार कृषि, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी और मत्स्य पालन संबंधी स्थायी समिति का अध्यक्ष बनाया गया है।

    जताया पार्टी प्रमुखों का आभार
    चन्नी ने इसके लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का आभार जताया है। चन्नी ने कहा कि वह किसानों की सेवा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए पूरी ईमानदारी, लगन और समर्पण के साथ काम करते रहेंगे। चन्नी सितंबर 2024 से इस समिति के अध्यक्ष हैं। समिति कृषि, पशुपालन और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े मंत्रालयों की नीतियों, योजनाओं, बजट और कामकाज की समीक्षा करती है।

    दो साल में दो संसद रत्न सम्मान
    चन्नी के संसदीय प्रदर्शन को हाल के वर्षों में लगातार पहचान मिली है। वर्ष 2025 में उन्हें व्यक्तिगत संसदीय प्रदर्शन के लिए संसद रत्न सम्मान मिला था। वहीं 2026 में उनके नेतृत्व वाली कृषि संबंधी स्थायी समिति को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए संसद रत्न सम्मान दिया गया।