Author: NewseDay

  • बागदेव के घने जंगलों में अनोखा X आकार, एक ओर नेशनल हाईवे-46 तो दूसरी तरफ दिल्ली-चेन्नई रेलमार्ग

    बागदेव के घने जंगलों में अनोखा X आकार, एक ओर नेशनल हाईवे-46 तो दूसरी तरफ दिल्ली-चेन्नई रेलमार्ग

    इटारसी 

    इटारसी के पास बागदेव के घने जंगलों में एक ऐसा नजारा है, जो लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचता है. यहां ग्वालियर-नागपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-46 और दिल्ली-चेन्नई मुख्य रेल मार्ग एक-दूसरे को X आकार में पार करते हैं. ऊंचाई से देखने पर रोड और रेलवे ट्रैक का यह संगम बेहद खूबसूरत दिखाई देता है. चारों ओर हरियाली और पहाड़ियों के बीच बना यह स्थान पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र है। 

    पहाड़ी कटेगी,बनेगा नया कलवर्ट ब्रिजइटारसी के बागदेव की तस्वीर बदलने की तैयारी
    लेकिन इस खूबसूरत जगह पर सफर करना फिलहाल आसान नहीं है. रेलवे पुल के नीचे सड़क का रास्ता संकरा होने के कारण यहां अक्सर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है. खासकर छुट्टियों और धार्मिक अवसरों पर तवानगर, शरद देव बाबा और ग्यारहमुखी हनुमान मंदिर जाने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। 

    अब इस समस्या को दूर करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और रेलवे मिलकर बड़ा विकास कार्य करने की तैयारी में हैं. इसके तहत सड़क और रेलवे दोनों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। 

    वर्तमान में इस रेल पुल के नीचे एकल मार्ग होने के कारण यहां वाहनों की लंबी कतारें लगती हैं, जिससे पर्यटकों और श्रद्धालुओं को भारी असुविधा होती है। अब एनएचएआई और रेलवे मिलकर यहां एक मेगा डबल एक्शन प्लान पर काम कर रहे हैं। इस विस्तृत योजना के तहत, हाईवे को टू-लेन करने के लिए पास की पहाड़ी को काटकर रास्ता निकाला जाएगा।

    नया विशेष कलवर्ट ब्रिज बनेगा : मुख्य रेल ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुल के नीचे एक नया विशेष कलवर्ट ब्रिज बनाया जाएगा। इसके अलावा, इस महत्वपूर्ण गलियारे की क्षमता बढ़ाने के लिए यहां तीसरी और चौथी रेल पटरी के लिए भी नए पुल तैयार किए जाएंगे।

    इस बड़े विकास कार्य के पूरा होने पर तवानगर, शरद देव बाबा और ग्यारह मुखी हनुमान मंदिर जाने वाले यात्रियों व श्रद्धालुओं का सफर पूरी तरह से सुगम और बाधा रहित हो जाएगा।

    पहाड़ी काटकर चौड़ा होगा हाईवे
    योजना के अनुसार नेशनल हाईवे को टू-लेन किया जाएगा. इसके लिए पास की पहाड़ी के एक हिस्से को काटकर सड़क के लिए एक्सट्रा जगह बनाई जाएगी. इससे इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही आसान होगी और जाम की समस्या काफी कम होने की उम्मीद है। 

    रेलवे पुल के नीचे बनेगा नया कलवर्ट
    मुख्य रेलवे ढांचे की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुल के नीचे एक नया विशेष कलवर्ट ब्रिज बनाया जाएगा. इससे सड़क को पर्याप्त चौड़ाई मिलेगी और वाहनों के निकलने के लिए बेहतर रास्ता तैयार होगा. इसके साथ ही भविष्य में रेल यातायात बढ़ाने के लिए तीसरी और चौथी रेल पटरी के लिए भी नए पुल बनाए जाने की योजना है. इससे इस महत्वपूर्ण रेल मार्ग की क्षमता बढ़ेगी और ट्रेनों के संचालन में भी सुविधा होगी। 

    यह परियोजना पूरी होने के बाद सड़क और रेलवे दोनों का आवागमन बेहतर होने की उम्मीद है. तवानगर, शरद देव बाबा और ग्यारहमुखी हनुमान मंदिर जाने वाले यात्रियों और श्रद्धालुओं को जाम से राहत मिलेगी. इसके साथ ही बागदेव का यह अनोखा X आकार का संगम आने वाले समय में और सुगम और  आकर्षक पर्यटन की जगह बन सकता है। 

    मध्य प्रदेश के इटारसी के पास बागदेव के जंगलों में ग्वालियर-नागपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-46 और दिल्ली-चेन्नई मुख्य रेलवे लाइन एक 'एक्स' (X) आकार में एक दूसरे को पार करती हैं, जो ऊपर से देखने पर बहुत सुंदर दिखाई देता है।

    रेलवे ब्रिज के नीचे सड़क संकरी होने के कारण यहाँ अक्सर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। विशेष रूप से छुट्टियों और धार्मिक अवसरों पर तवानगर, शरद देव बाबा और ग्यारहमुखी हनुमान मंदिर जाने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

    यातायात की समस्या को हल करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग को दो-लेन बनाया जाएगा जिसके लिए पहाड़ी को काटा जाएगा, और रेलवे ब्रिज के नीचे पर्याप्त चौड़ाई के साथ एक नया विशेष कलवर्ट ब्रिज बनाया जाएगा।

  • भविष्य की डेटा सिक्योरिटी में भारत की बड़ी कामयाबी, क्वांटम Key Distribution में रचा नया रिकॉर्ड

    भविष्य की डेटा सिक्योरिटी में भारत की बड़ी कामयाबी, क्वांटम Key Distribution में रचा नया रिकॉर्ड

     नई दिल्ली

    भारत ने मुक्त अंतरिक्ष में क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन यानी QKD के क्षेत्र में एक बड़ा मील का पत्थर हासिल किया है. क्यूएनयू लैब्स, बीआईएसएजी-एन और आईआईटी गांधीनगर ने गांधीनगर परिसरों के बीच फील्ड ट्रायल पूरा किया. इस परीक्षण में 5.56 किलोमीटर की दूरी पर स्थिर क्वांटम बिट एरर रेट पांच प्रतिशत से कम रहा। 

    ये Key बीआईएसएजी-एन के पोस्ट-क्वांटम प्लेटफॉर्म पर एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन के लिए इस्तेमाल की गईं. इसमें क्वांटम हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों शामिल थे ताकि कम्यूनिकेशन अधिक मजबूत हो. डॉ. विनय ठाकुर और सुनील गुप्ता जैसे अधिकारियों ने इसे क्वांटम-प्रतिरोधी नेटवर्क और उपग्रह लिंक की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया. यह दूरी भारत के पिछले फ्री-स्पेस रिकॉर्ड से दोगुनी है। 

    क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन कैसे काम करता है
    क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन एक ऐसी तकनीक है जिसमें जानकारी को क्वांटम कणों यानी फोटॉनों के जरिए भेजा जाता है. पारंपरिक तरीकों में हैकर्स बीच में बैठकर डेटा चुरा सकते हैं लेकिन क्वांटम सिस्टम में कोई भी छेड़छाड़ तुरंत पता चल जाती है क्योंकि क्वांटम अवस्था बदल जाती है। 

    इस परीक्षण में फ्री-स्पेस यानी हवा के माध्यम से सिग्नल भेजा गया जो फाइबर ऑप्टिक केबल से अलग है. कम एरर रेट से साबित हुआ कि यह तकनीक व्यावहारिक परिस्थितियों में भी काम कर सकती है. पोस्ट-क्वांटम प्लेटफॉर्म के साथ जोड़ने से भविष्य के क्वांटम कंप्यूटरों के हमलों से भी बचाव संभव होगा।  

    सामान्य जीवन में इसका उपयोग और फायदे
    सामान्य जीवन में यह तकनीक अभी सीधे घरों में नहीं आएगी लेकिन इसके प्रभाव धीरे-धीरे रोजमर्रा की सुरक्षा को मजबूत करेंगे. सबसे पहले बैंक और वित्तीय लेनदेन में इसका उपयोग हो सकता है. जब आप ऑनलाइन भुगतान करते हैं या नेट बैंकिंग करते हैं तो क्वांटम कुंजियां डेटा को इतना सुरक्षित बना देंगी कि कोई हैकर बीच में जानकारी नहीं चुरा सकेगा। 

    सरकारी सेवाओं जैसे आधार, पासपोर्ट या डिजिटल प्रमाणपत्रों के आदान-प्रदान में भी यह सुरक्षा बढ़ाएगी. स्वास्थ्य क्षेत्र में मरीजों के निजी मेडिकल रिकॉर्ड को अस्पतालों और डॉक्टरों के बीच सुरक्षित तरीके से भेजने में मदद मिलेगी. मोबाइल ऐप और क्लाउड स्टोरेज में व्यक्तिगत तस्वीरें, संदेश और दस्तावेज ज्यादा सुरक्षित रहेंगे। 

    भविष्य में जब उपग्रह आधारित क्वांटम नेटवर्क बनेगा तो दूरदराज के इलाकों में भी सुरक्षित इंटरनेट और संचार संभव होगा. स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स में ट्रैफिक सिस्टम, बिजली ग्रिड और निगरानी कैमरों का डेटा हैकिंग से बचाया जा सकेगा. कुल मिलाकर यह तकनीक आम आदमी के डिजिटल जीवन को अधिक भरोसेमंद बनाएगी भले ही वह सीधे दिखाई न दे। 

    राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के तहत भारत क्वांटम कंप्यूटिंग, संचार और सेंसिंग में आगे बढ़ना चाहता है. यह परीक्षण दिखाता है कि प्रयोगशाला से बाहर मैदान में भी तकनीक सफल हो सकती है. उपग्रह लिंक की बात इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भविष्य में देश भर में और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षित संचार के लिए उपग्रह जरूरी होंगे। 

    कम दूरी से शुरू करके धीरे-धीरे लंबी दूरी तय करने का यह तरीका सही दिशा में है. अधिकारियों की प्रशंसा से साफ है कि सरकार इस क्षेत्र को प्राथमिकता दे रही है. आने वाले वर्षों में ऐसे और परीक्षण होंगे जो व्यावसायिक उपयोग की ओर ले जाएंगे। 

    यह उपलब्धि सिर्फ वैज्ञानिक सफलता नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और डिजिटल आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम है. क्वांटम तकनीक पारंपरिक एन्क्रिप्शन की कमजोरियों को दूर कर सकती है. सामान्य जीवन में इसके फायदे धीरे-धीरे बैंकिंग, स्वास्थ्य, शिक्षा और सरकारी सेवाओं तक पहुंचेंगे. भारत जैसे देश के लिए जहां डिजिटल लेनदेन तेजी से बढ़ रहे हैं यह सुरक्षा परत बहुत जरूरी है. कुल मिलाकर 5.56 किलोमीटर का यह रिकॉर्ड भविष्य के सुरक्षित संचार नेटवर्क की नींव रखता है। 

  • UPI पेमेंट पर 15 अक्टूबर से नया नियम लागू, जानें ₹2,000 से ऊपर ट्रांजैक्शन पर कितना लगेगा MDR

    UPI पेमेंट पर 15 अक्टूबर से नया नियम लागू, जानें ₹2,000 से ऊपर ट्रांजैक्शन पर कितना लगेगा MDR

    नई दिल्ली
    UPI से पेमेंट करने वाले करोड़ों लोगों के लिए 15 अक्टूबर 2026 से कुछ बदलाव लागू होने जा रहे हैं। नए MDR (Merchant Discount Rate) नियम के तहत कुछ चुनिंदा P2M (Person-to-Merchant) UPI ट्रांजैक्शन पर चार्ज लगेगा। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि UPI से पेमेंट करने वाले ग्राहकों को हर बार अतिरिक्त पैसा देना होगा। MDR मुख्य रूप से मर्चेंट यानी दुकानदार या कारोबारी पक्ष पर लागू होगा। खास बात यह है कि ₹2,000 तक के P2M पेमेंट इस नए MDR इंफ्रास्ट्रक्चर से बाहर रहेंगे

    ₹2,000 तक के UPI पेमेंट पर क्या असर होगा?
    कम पैसे के UPI मर्चेंट पेमेंट को नए चार्ज से राहत मिलेगी। ₹2,000 या उससे कम के P2M ट्रांजैक्शन पर MDR नहीं लगेगा। वित्त मंत्रालय के अनुसार करीब 96% मर्चेंट ट्रांजैक्शन प्रभावित नहीं होंगे, क्योंकि इनमें से ज्यादातर या तो ₹2,000 से कम हैं या जीरो-MDR व्यवस्था के तहत आते हैं। इसका मतलब है कि रोजमर्रा की छोटी खरीदारी के लिए UPI इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों और कारोबारियों पर इस बदलाव का सीधा असर सीमित रहेगा।

    ₹2,000 से ऊपर के P2M पेमेंट पर कितना MDR?
    15 अक्टूबर से एलिजिबल P2M UPI ट्रांजैक्शन में ₹2,000 से ज्यादा की रकम पर 0.4% MDR लागू होगा। यह शुल्क ग्राहक से सीधे वसूलने के बजाय मर्चेंट साइड पर लगाया जाएगा। साथ ही बड़े पेमेंट के लिए एक मैक्सिमम कैप (Maximum Cap) भी रखा गया है। ₹75,000 या उससे अधिक के UPI पेमेंट पर MDR अधिकतम ₹300 होगा। उदाहरण के लिए ₹1 लाख के पेमेंट पर 0.4% के हिसाब से ₹400 बनता है, लेकिन कैप की वजह से मर्चेंट से अधिकतम ₹300 ही लिया जाएगा।

    P2M और P2P में क्या अंतर है?
    P2M यानी पर्सन-टू-मर्चेंट का मतलब है, जब कोई व्यक्ति किसी दुकान, बिजनेस या सर्विस प्रोवाइडर को UPI से भुगतान करता है। उदाहरण के लिए किसी दुकान का QR कोड स्कैन करके सामान खरीदने के लिए पैसे देना P2M ट्रांजैक्शन है। वहीं, P2P यानी पर्सन-टू-पर्सन ट्रांजैक्शन में एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति को पैसा भेजता है। ऐसे UPI ट्रांसफर पर नया MDR लागू नहीं होगा, यानी परिवार या दोस्तों को UPI के जरिए पैसे भेजने पर रकम चाहे जितनी हो, इस नियम के तहत MDR नहीं लगेगा।

    छोटे दुकानदारों को भी देना होगा MDR?
    हर छोटे मर्चेंट पर 0.4% MDR लागू नहीं होगा। P2PM यानी पर्सन-टू-पर्सन मर्चेंट(Person-to-Person-Merchant कैटेगरी में आने वाले छोटे वेंडर्स के लिए जीरो-MDR व्यवस्था जारी रहेगी। इस कैटेगिरी में वे छोटे कारोबारी शामिल हैं, जो QR कोड के जरिए अपने पर्सनल बैंक अकाउंट में UPI पेमेंट लेते हैं और जिनका मासिक UPI कलेक्शन ₹1 लाख तक है। खास बात यह है कि इस छूट के लिए GST रजिस्ट्रेशन जरूरी नहीं है, यानी पात्रता मर्चेंट के बैंक अकाउंट क्लासिफिकेशन और मंथली कलेक्शन लिमिट पर निर्भर करेगी।

    रेलवेज से लेकर स्टॉक मार्केट तक अलग नियम
    कुछ खास सेक्टर्स के लिए MDR की दर अलग रखी गई है। रेलवेज, टेलीकॉम, इंश्योरेंस और फ्यूल जैसी कैटेगिरी में ₹2,000 से ऊपर के एलिजिबल ट्रांजैक्शन पर 0.4% के बजाय ₹5 प्रति ट्रांजैक्शन का फ्लैट MDR लागू होगा। वहीं, म्युच्युअल फंड्स, सिक्योरिटीज और स्टॉकब्रोकर्स से जुड़े पेमेंट पर 0.02% MDR होगा, जिसकी अधिकतम सीमा ₹300 प्रति ट्रांजैक्शन रखी गई है।

    इस बदलाव का सबसे अहम पहलू यह है कि MDR कस्टूमर फ्री नहीं है। इसलिए आम ग्राहक को UPI पेमेंट करते समय अलग से MDR देने की जरूरत नहीं होगी। वहीं छोटे पेमेंट और P2P ट्रांसफर को नए नियमों से बाहर रखा गया है, जिससे रोजमर्रा के UPI इस्तेमाल पर असर सीमित रहने की उम्मीद है।

     

  • मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के निर्देश पर जशपुर में आदिवासी विद्यार्थियों के लिए छात्रावास अधोसंरचना का विस्तार

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जशपुर में आदिवासी विद्यार्थियों के लिए छात्रावास अधोसंरचना का विस्तार

    रायपुर

     मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के निर्देशानुसार जशपुर जिले में आदिवासी विद्यार्थियों के लिए आवासीय एवं शैक्षणिक सुविधाओं के विस्तार की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। जिले में 24 पोस्ट एवं प्री-मैट्रिक अनुसूचित जनजाति छात्रावास भवनों के निर्माण के लिए कुल 77 करोड़ 86 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। इन छात्रावासों के निर्माण से विशेषकर दूरस्थ और ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं सुविधायुक्त आवास के साथ पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध होगा।

    स्वीकृत कार्यों में पोस्ट मैट्रिक एवं प्री-मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक और कन्या छात्रावास भवन शामिल हैं। जिले के विभिन्न विकासखंडों में इन छात्रावासों के निर्माण से विद्यार्थियों के लिए आवास, अध्ययन और दैनिक आवश्यकताओं से जुड़ी सुविधाओं का विस्तार होगा।

    जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बनेंगे नए छात्रावास भवन

    स्वीकृत कार्यों में पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति कन्या छात्रावास जशपुर के लिए 1 करोड़ 92 लाख रुपए, प्री-मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास लोदाम एवं पैकू के लिए 1 करोड़ 53 लाख रुपए प्रत्येक, पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास मनोरा एवं बगीचा के लिए 1 करोड़ 92 लाख रुपए प्रत्येक तथा प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास रौनी के लिए 1 करोड़ 53 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं।

    इसी प्रकार पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति कन्या छात्रावास पतराटोली एवं बालक छात्रावास दुलदुला के लिए 1 करोड़ 92 लाख रुपए प्रत्येक, प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास दुलदुला एवं कुनकुरी क्रमांक-02 के लिए 1 करोड़ 53 लाख रुपए प्रत्येक की स्वीकृति दी गई है।

    पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास पंडरीपानी एवं तपकरा के लिए 1 करोड़ 92 लाख रुपए प्रत्येक, प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास लवाकेरा, पंडरीपानी एवं दोकड़ा के लिए 1 करोड़ 53 लाख रुपए प्रत्येक तथा पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास दोकड़ा के लिए 1 करोड़ 92 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं।

    कांसाबेल में पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास के लिए 2 करोड़ 89 लाख रुपए तथा प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास के लिए 1 करोड़ 53 लाख रुपए की स्वीकृति मिली है। इसके साथ ही बटईकेला में प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास के लिए 1 करोड़ 53 लाख रुपए, कोतबा में पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास के लिए 1 करोड़ 92 लाख रुपए और प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास के लिए 1 करोड़ 53 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। बागबहार एवं गाला में प्री-मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास के लिए भी 1 करोड़ 53 लाख रुपए प्रत्येक की स्वीकृति प्रदान की गई है।

    दूरस्थ अंचलों के आदिवासी विद्यार्थियों की पढ़ाई होगी आसान

    नए छात्रावास भवनों के निर्माण से दूरस्थ गांवों से उच्च एवं माध्यमिक शिक्षा के लिए आने वाले आदिवासी विद्यार्थियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। उन्हें अपने शैक्षणिक संस्थानों के नजदीक सुरक्षित आवास मिलने के साथ अध्ययन के लिए अनुकूल वातावरण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के निर्देश पर जशपुर जिले में शिक्षा से जुड़ी अधोसंरचना को सुदृढ़ करने और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने को प्राथमिकता दी जा रही है। छात्रावास भवनों के निर्माण से आदिवासी विद्यार्थियों की शिक्षा तक पहुंच आसान होने के साथ उनके लिए गुणवत्तापूर्ण आवासीय एवं शैक्षणिक वातावरण का भी विस्तार होगा।

  • रजिस्ट्री के बाद नामांतरण के लिए नहीं लगाने पड़े चक्कर, गौतम सिंह को मिली बड़ी राहत

    रजिस्ट्री के बाद नामांतरण के लिए नहीं लगाने पड़े चक्कर, गौतम सिंह को मिली बड़ी राहत

    रायपुर

    जमीन की रजिस्ट्री के बाद नामांतरण के लिए तहसील और पटवारी कार्यालय के बार-बार चक्कर लगाने की परेशानी अब तकनीक आधारित व्यवस्था से कम हो रही है। बलरामपुर निवासी  गौतम सिंह ने इस बदलाव को स्वयं महसूस किया। पंजीयन विभाग की ऑटो म्यूटेशन सुविधा से रजिस्ट्री के बाद उनके नामांतरण की प्रक्रिया स्वतः आगे बढ़ी। इससे उन्हें अलग से तहसील और पटवारी कार्यालय जाने की जरूरत नहीं पड़ी।  सिंह के अनुसार इस व्यवस्था से उनका समय बचा और आने-जाने सहित अन्य खर्चों को मिलाकर करीब 10 हजार रुपये की बचत भी हुई। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत पंजीयन विभाग से संवाद में उन्होंने अपना अनुभव साझा किया।

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त एवं पंजीयन मंत्री  ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में पंजीयन सेवाओं को सरल, सुगम, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए तकनीक आधारित सुधार किए गए हैं। रजिस्ट्री के साथ नामांतरण की प्रक्रिया को जोड़ने, आधार आधारित ई-केवाईसी से पहचान सत्यापन और व्हाट्सऐप के माध्यम से पंजीयन संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने जैसी सुविधाओं से नागरिकों की अनावश्यक दौड़भाग कम करने का प्रयास किया जा रहा है।

    रजिस्ट्री हुई तो नामांतरण की प्रक्रिया भी स्वतः बढ़ी आगे

     गौतम सिंह ने बताया कि पहले जमीन की रजिस्ट्री के बाद नामांतरण के लिए अलग से तहसील और पटवारी कार्यालय जाना पड़ता था। प्रक्रिया पूरी कराने के लिए बार-बार आने-जाने में समय लगता था और अतिरिक्त खर्च भी होता था। ऑटो म्यूटेशन व्यवस्था ने उन्हें इस परेशानी से राहत दी है।

     सिंह ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा, “पहले पंजीयन के बाद तहसील और पटवारी के चक्कर लगाने पड़ते थे। अब सीधे रजिस्ट्री कार्यालय से ऑटो म्यूटेशन की प्रक्रिया आगे बढ़ जाती है। इससे समय एवं धन दोनों की बचत हुई है।”

    उनके अनुसार कार्यालयों की दौड़भाग कम होने से उन्हें करीब 10 हजार रुपये की बचत का अनुभव हुआ। इस सुविधा ने रजिस्ट्री के बाद नामांतरण को लेकर उनकी चिंता भी कम की।

    आधार आधारित ई-केवाईसी से पहचान सत्यापन हुआ मजबूत

    पंजीयन व्यवस्था में तकनीक का उपयोग नामांतरण तक सीमित नहीं है। आधार आधारित ई-केवाईसी के माध्यम से पक्षकारों की पहचान का सत्यापन किया जा रहा है। इससे पंजीयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और गलत पहचान के आधार पर होने वाली गड़बड़ी की आशंका को कम करने में मदद मिल रही है।

     गौतम सिंह ने भी तकनीक आधारित इन सुधारों को सुविधाजनक बताया। उनका कहना है कि पहचान सत्यापन की डिजिटल व्यवस्था से प्रक्रिया के प्रति भरोसा बढ़ा है और पंजीयन का काम अधिक सहज हुआ है।

    व्हाट्सऐप पर जानकारी से सामान्य कामों के लिए कार्यालय जाने की जरूरत हुई कम

    नागरिकों की सुविधा के लिए पंजीयन के विभिन्न चरणों, अपॉइंटमेंट और पंजीकृत दस्तावेजों से संबंधित जानकारी व्हाट्सऐप के माध्यम से भी उपलब्ध कराई जा रही है। इससे सामान्य जानकारी और दस्तावेज के लिए बार-बार कार्यालय जाने की आवश्यकता कम हो रही है।

    गौतम की कहानी—कम दौड़भाग, समय और खर्च की बचत

     गौतम सिंह का अनुभव बताता है कि पंजीयन और नामांतरण की प्रक्रियाओं के बीच तकनीकी समन्वय नागरिकों को व्यावहारिक राहत दे रहा है। उनके लिए ऑटो म्यूटेशन का अर्थ केवल एक डिजिटल सुविधा नहीं, बल्कि तहसील और पटवारी कार्यालय की दौड़भाग से राहत, समय की बचत और आने-जाने सहित अन्य खर्चों में कमी है।

    ‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से पंजीयन विभाग हितग्राहियों से सीधे संवाद कर इन सुधारों के जमीनी प्रभाव, अनुभव और सुझाव संकलित कर रहा है। गौतम सिंह की कहानी इसी बदलाव की तस्वीर है—जहां तकनीक से प्रक्रिया छोटी हो रही है और नागरिकों के लिए संपत्ति पंजीयन से लेकर नामांतरण तक का सफर अधिक सहज बन रहा है।

     

  • 6 अक्टूबर का राशिफल: इन राशियों के लिए शुभ रहेगा दिन, धन लाभ से लेकर करियर में मिलेंगे अच्छे संकेत

    6 अक्टूबर का राशिफल: इन राशियों के लिए शुभ रहेगा दिन, धन लाभ से लेकर करियर में मिलेंगे अच्छे संकेत

    मेष राशि

    मेष राशि के जातकों के लिए कारोबार के लिहाज से दिन सकारात्मक रह सकता है. रुके हुए काम आगे बढ़ेंगे और नए ग्राहकों या लाभदायक सौदों के अवसर मिल सकते हैं. नौकरीपेशा लोगों की मेहनत की सराहना होगी और नई जिम्मेदारियां भविष्य में तरक्की का रास्ता खोल सकती हैं. सरकारी या प्रशासनिक कामों में भी सफलता मिलने के संकेत हैं।

    परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी और किसी शुभ कार्य की चर्चा हो सकती है. हालांकि, गुस्से और अहंकार से बचना जरूरी होगा. आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है, अटका हुआ धन वापस मिलने के योग हैं. स्वास्थ्य सामान्य से अच्छा रहेगा, लेकिन मानसिक दबाव कम करने पर ध्यान दें. आपका लकी अंक 7 और लकी रंग पिंक है. उपाय के तौर पर शिवलिंग पर लाल फूल अर्पित कर जल चढ़ाएं और हनुमान चालीसा का पाठ करें ।

    वृषभ राशि

    वृषभ राशि के लिए व्यापार विस्तार की योजनाएं आगे बढ़ सकती हैं. नए प्रोजेक्ट शुरू करने का मौका मिलेगा और साझेदारी से लाभ मिलने के संकेत हैं. नौकरी में प्रदर्शन बेहतर रहेगा और वरिष्ठ अधिकारी आपके काम से प्रभावित हो सकते हैं. किसी प्रभावशाली व्यक्ति से मुलाकात भविष्य में आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।

    परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा और पुरानी गलतफहमियां दूर हो सकती हैं. आर्थिक मामलों में दिन अनुकूल रहेगा. संपत्ति, जमीन या वाहन से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं और बचत भी बढ़ सकती है. स्वास्थ्य ठीक रहेगा, लेकिन तला-भुना और मीठा अधिक खाने से बचें. आपका लकी अंक 2 और लकी रंग ग्रे है. मां लक्ष्मी को खीर का भोग लगाना शुभ रहेगा।

    मिथुन राशि

    मिथुन राशि के जातकों को कारोबार में नए सौदों और ग्राहकों से लाभ मिल सकता है. मित्रों और शुभचिंतकों का सहयोग महत्वपूर्ण कामों को पूरा कराने में मदद करेगा. करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे और नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं. इंटरव्यू, प्रतियोगी परीक्षा या सरकारी कामों में सफलता के संकेत हैं।

    घर का माहौल सकारात्मक रहेगा. अविवाहित लोगों के लिए विवाह प्रस्ताव या नए रिश्ते की संभावना बन सकती है. आर्थिक रूप से दिन अच्छा रहेगा और रुका हुआ धन वापस मिलने के योग हैं. हालांकि, किसी महत्वपूर्ण दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से पहले उसे अच्छी तरह पढ़ लें. स्वास्थ्य सामान्य से अच्छा रहेगा, लेकिन बाहर के खाने से परहेज करें. लकी अंक 6 और लकी रंग क्रीम है. भगवान गणेश को दूर्वा चढ़ाएं और गाय को हरा चारा खिलाएं।

    कर्क राशि

    कर्क राशि के लिए व्यापार में नए अवसर सामने आ सकते हैं. हालांकि, किसी भी फैसले में जल्दबाजी करना नुकसानदायक हो सकता है. कार्यक्षेत्र में अपेक्षा से ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है, लेकिन इसका परिणाम सकारात्मक मिलने की उम्मीद है. वरिष्ठ अधिकारियों की सलाह आपके लिए उपयोगी रहेगी ।

    परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी और धार्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ सकती है. जीवनसाथी की भावनाओं को समझने की कोशिश करें. आर्थिक मामलों में बजट का ध्यान रखना जरूरी होगा, क्योंकि अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं. बड़े निवेश से पहले पूरी जानकारी हासिल करें. तनाव से बचने के लिए योग और ध्यान का सहारा लें. लकी अंक 2 और लकी रंग मैजेंटा है. शिवलिंग पर कच्चे दूध से अभिषेक कर 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करें।

    सिंह राशि

    सिंह राशि के जातकों के लिए व्यापार में विस्तार के नए रास्ते खुल सकते हैं. टीम के साथ बेहतर तालमेल से महत्वपूर्ण काम समय पर पूरे होंगे. नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों की प्रशंसा मिल सकती है. प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए भी दिन अनुकूल रहने के संकेत हैं।

    परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा, लेकिन बातचीत में अहंकार और कटु शब्दों से बचें. आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी और आय के स्रोत मजबूत हो सकते हैं. निवेश करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होगा. स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन ज्यादा थकान और धूप से बचें. लकी अंक 1 और लकी रंग नारंगी है. सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल चढ़ाएं और गुड़ का दान करें।

    कन्या राशि

    कन्या राशि के लिए व्यापार में लाभ के अच्छे अवसर बन सकते हैं. नई योजनाएं आगे बढ़ेंगी और साझेदारी से भी सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है. नौकरीपेशा लोगों को तरक्की के संकेत मिल सकते हैं और वरिष्ठ अधिकारी नई जिम्मेदारी सौंप सकते हैं. समय प्रबंधन पर ध्यान देना आपके लिए जरूरी होगा।

    माता-पिता का सहयोग और आशीर्वाद मिलेगा. जमीन, मकान या वाहन खरीदने की योजना आगे बढ़ सकती है और दांपत्य जीवन में भी मधुरता रहेगी. आर्थिक रूप से दिन काफी अच्छा रह सकता है और बचत बढ़ने के संकेत हैं. स्वास्थ्य ठीक रहेगा, लेकिन छोटी बातों को लेकर तनाव न लें. लकी अंक 1 और लकी रंग नीला है. जरूरतमंदों को हरे फल या हरे वस्त्र दान करें।

    तुला राशि

    तुला राशि के जातकों को कारोबार में कुछ उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है. इसलिए किसी नए काम की शुरुआत जल्दबाजी में न करें और किसी पर आंख मूंदकर भरोसा करने से बचें. नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जो भविष्य में करियर के लिए उपयोगी साबित होंगी. विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल रह सकता है।

    परिवार में पुरानी गलतफहमियां दूर होने से रिश्तों में मिठास आएगी और सामाजिक स्तर पर मान-सम्मान बढ़ सकता है. आर्थिक मामलों में योजनाएं सफल हो सकती हैं और बचत बढ़ाने के प्रयास रंग ला सकते हैं. मानसिक शांति के लिए योग और ध्यान करें. लकी अंक 6 और लकी रंग गुलाबी है. माता-पिता के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें और उन्हें कोई सफेद वस्तु भेंट करें।

    वृश्चिक राशि

    वृश्चिक राशि के लिए व्यापार में नए अवसर और लाभदायक सौदे मिल सकते हैं. लंबे समय से अटके काम पूरे होने से कारोबार को गति मिलेगी. नौकरी और व्यापार दोनों क्षेत्रों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं और वरिष्ठ अधिकारी आपके काम की सराहना कर सकते हैं।

    परिवार और मित्रों का सहयोग मिलेगा, लेकिन बातचीत के दौरान कठोर शब्दों से बचना होगा. आर्थिक स्थिति अच्छी रह सकती है और रुके हुए काम पूरे होने से धन लाभ के योग हैं. हालांकि, जोखिम भरे निवेश से दूरी रखें. स्वास्थ्य के लिहाज से तनाव और ब्लड प्रेशर का ध्यान रखना जरूरी है. लकी अंक 8 और लकी रंग मरून है. हनुमान चालीसा का पाठ करें और हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करें।

    धनु राशि

    धनु राशि के जातकों को कारोबार में नए संपर्क और लाभदायक सौदे मिल सकते हैं. जल्दबाजी से बचते हुए सोच-समझकर फैसले लेना फायदेमंद रहेगा. नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जो भविष्य में पदोन्नति का रास्ता खोलेंगी. विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के योग बन रहे हैं।

    परिवार का सहयोग मिलेगा और घर में कोई शुभ समाचार आ सकता है. जीवनसाथी के साथ रिश्ते मधुर रहेंगे. आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी और आय के नए स्रोत बनने की संभावना है. स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन यात्रा के दौरान सावधानी बरतें. लकी अंक 3 और लकी रंग केसरिया है. भगवान विष्णु का ध्यान करें और पीले वस्त्र धारण करें।

    मकर राशि

    मकर राशि के जातकों के लिए व्यापार में विस्तार के नए अवसर सामने आ सकते हैं. दोपहर के बाद परिस्थितियां और अनुकूल होने की उम्मीद है और लंबे समय से रुके काम पूरे हो सकते हैं. नौकरी में उन्नति के संकेत हैं और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा. नए संपर्क करियर के लिए फायदेमंद रह सकते हैं।

    परिवार के सदस्यों के लिए समय निकालना जरूरी होगा. शाम का समय परिजनों के साथ अच्छा बीत सकता है. जमीन, संपत्ति या वाहन से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं और धन लाभ के योग बनेंगे. स्वास्थ्य अच्छा रहेगा. लकी अंक 8 और लकी रंग नीला है. पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।

    कुंभ राशि

    कुंभ राशि के जातकों के लिए कारोबार में सामान्य लेकिन स्थिर लाभ की स्थिति बन सकती है. मेहनत का उचित परिणाम मिलेगा और काम के प्रति उत्साह बढ़ेगा. टीम के साथ बेहतर तालमेल से महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पूरे होंगे. नए संपर्क भविष्य में करियर के लिए उपयोगी हो सकते हैं।

    परिवार का माहौल सकारात्मक रहेगा. हालांकि, जिद और गुस्से से बचना जरूरी होगा. आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी और अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखने से बचत बढ़ सकती है. निवेश में सावधानी बरतें. मानसिक शांति के लिए योग और प्राणायाम को दिनचर्या में शामिल करें. लकी अंक 7 और लकी रंग आसमानी है. शनिदेव के बीज मंत्र 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' का जाप करें।

    मीन राशि

    मीन राशि के लिए व्यापार में नए अवसर और लाभ के संकेत हैं. नई जिम्मेदारियां मिलने से कारोबार के विस्तार की संभावनाएं बढ़ सकती हैं. नौकरीपेशा लोगों के लिए दिन उन्नति के संकेत दे रहा है, जबकि विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिल सकती है।

    घर-परिवार में सुख-शांति रहेगी और किसी शुभ कार्य की योजना बन सकती है. बच्चों से जुड़ी कोई अच्छी खबर मिल सकती है. आर्थिक रूप से दिन अच्छा रहेगा और निवेश से लाभ मिलने की संभावना है, लेकिन अनजान लोगों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें. स्वास्थ्य ठीक रहेगा और पर्याप्त पानी पीना लाभदायक रहेगा. लकी अंक 3 और लकी रंग पीला है. श्री विष्णु मंदिर में चने की दाल और हल्दी का दान करें।

  • सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत विद्यार्थियों की रचनात्मकता से रूबरू होंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत विद्यार्थियों की रचनात्मकता से रूबरू होंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल 

    सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत कल 6 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल, भोपाल में विद्यार्थियों की चित्रकला प्रदर्शनी एवं भाषण प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रस्तुतियों का अवलोकन करेंगे। साथ ही विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी प्रतिभा एवं रचनात्मक सोच को प्रोत्साहित करेंगे। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह भी उपस्थिति रहेंगे।

    17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक प्रदेश सरकार द्वारा सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत प्रदेश के सभी जिलों में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा भी प्रदेश भर के शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को सेवा, सामाजिक उत्तरदायित्व, रचनात्मकता और जनभागीदारी से जोड़ने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

    मेरे सपनों का भारत थीम पर आयोजित प्रदर्शनी में विद्यार्थी अपने चित्रों के माध्यम से विकसित और सशक्त भारत की अपनी कल्पना प्रस्तुत करेंगे। वहीं भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थी अपने विचारों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण और सेवा भावना में युवाओं की भूमिका पर अपनी बात रखेंगे।

     

  • जल की हर बूंद सहेजने की मुहिम, ग्रामीणों को मिल रहा स्थानीय रोजगार

    जल की हर बूंद सहेजने की मुहिम, ग्रामीणों को मिल रहा स्थानीय रोजगार

    रायपुर

    जशपुर जिले में वर्षा जल को सहेजने, भू-जल संवर्धन और ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में जल संरक्षण के कार्यों को प्राथमिकता से आगे बढ़ाया जा रहा है। वी बी जी राम जी योजना के अंतर्गत मनोरा जनपद की ग्राम पंचायत ओरडीह एवं आश्रित ग्राम आराकोना में जल संरक्षण की विभिन्न संरचनाओं का निर्माण कराया जा रहा है।

    इन कार्यों के माध्यम से वर्षा के पानी को गांव में ही अधिक से अधिक रोकने, पानी के तेज बहाव को नियंत्रित करने, मिट्टी के कटाव को कम करने और भू-जल पुनर्भरण को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण से कृषि एवं आजीविका गतिविधियों के लिए पानी की उपलब्धता बेहतर होने की संभावना के साथ स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार भी मिल रहा है।

    ओरडीह और आराकोना में 3800 कंटूर ट्रेंच का निर्माण

    जल संरक्षण की दिशा में आराकोना में 1700 और ओरडीह में 2100 सहित कुल 3800 कंटूर ट्रेंच का निर्माण किया गया है। इसके साथ ही 5 आजीविका डबरी और 10 गैबियन संरचनाओं का निर्माण पूरा किया जा चुका है। ओरडीह में 10 एलबीसीडी का कार्य भी पूर्ण हो गया है।

    आराकोना के लोहड़ा नाला में 10 बोल्डर चेकडैम बनाए जाने हैं, जिनमें से 6 का निर्माण पूरा हो चुका है और शेष कार्य प्रगतिरत हैं। अलग-अलग प्रकृति की इन जल संरक्षण संरचनाओं के माध्यम से स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप वर्षा जल को रोकने और उसका अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

    खेत का पानी खेत में, गांव का पानी गांव में सहेजने की पहल

    कंटूर ट्रेंच, गैबियन और बोल्डर चेकडैम जैसी संरचनाएं वर्षा जल के बहाव की गति को कम कर पानी को स्थानीय स्तर पर रोकने में सहायक होती हैं। इससे मिट्टी के कटाव को नियंत्रित करने के साथ भू-जल पुनर्भरण और आसपास के क्षेत्रों में नमी बनाए रखने में मदद मिलती है। इसका लाभ आगे चलकर खेती और अन्य आजीविका गतिविधियों में भी मिल सकता है।

    वहीं आजीविका डबरी ग्रामीण परिवारों के लिए जल संरक्षण के साथ सिंचाई, मछलीपालन एवं अन्य आयमूलक गतिविधियों का आधार बन सकती है। इस तरह जल संरक्षण के लिए तैयार की जा रही संरचनाएं प्राकृतिक संसाधनों को सहेजने के साथ ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने की संभावनाएं भी बढ़ा रही हैं।

    जल संरक्षण के साथ गांव में ही मिल रहा रोजगार

    जल संवर्धन के इन कार्यों की एक महत्वपूर्ण विशेषता स्थानीय स्तर पर रोजगार का सृजन भी है। जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण में ग्रामीणों की भागीदारी से उन्हें गांव में ही रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। इससे एक ओर वर्षा जल को सहेजने के लिए स्थायी परिसंपत्तियां तैयार हो रही हैं, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण परिवारों की आजीविका को भी सहारा मिल रहा है।

    जिले में स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों और ग्रामीण जरूरतों के अनुरूप जल संरक्षण कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। ओरडीह और आराकोना में किए जा रहे ये प्रयास वर्षा जल की हर बूंद को सहेजकर गांवों को जल की दृष्टि से अधिक सक्षम बनाने तथा जल संरक्षण को रोजगार और आजीविका से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं।

  • मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 का कमाल एक फोन कॉल से जशपुर के तपकरा में बहाल हुई जलापूर्ति  200 परिवारों को मिली राहत

    मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 का कमाल एक फोन कॉल से जशपुर के तपकरा में बहाल हुई जलापूर्ति 200 परिवारों को मिली राहत

    रायपुर

    आम नागरिकों की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुँचाने और उनके त्वरित निराकरण में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 एक बेहद प्रभावी और सशक्त माध्यम साबित हो रही है। इस हेल्पलाइन के जरिए दर्ज होने वाली शिकायतों पर संबधित विभागों द्वारा तुरंत कार्रवाई की जा रही है, जिसका एक ताज़ा और बेहतरीन उदाहरण जशपुर जिले के फरसाबहार विकासखंड अंतर्गत ग्राम तपकरा में देखने को मिला है।

    क्या थी समस्या?

    ग्राम तपकरा निवासी श्री ओम प्रकाश ने गत 26 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 पर गांव में पेयजल आपूर्ति बाधित होने की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि पिछले करीब 15 दिनों से गांव में पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है। मोटर और पाइपलाइन में खराबी आ जाने के कारण जलापूर्ति पूरी तरह ठप थी, जिससे लगभग 200 घर-परिवारों को भारी पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा था।

    त्वरित कार्रवाई और समाधान

    हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज होने के बाद मामले को तुरंत संबंधित विभाग और स्थानीय अमले के संज्ञान में लाया गया। त्वरित कार्रवाई करते हुए ग्राम तपकरा में संचालित रेट्रो जल प्रदाय योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत द्वारा तुरंत नया मोटर स्थापित किया गया। नया मोटर लगते ही गांव में पेयजल आपूर्ति सुचारू रूप से पुनः बहाल हो गई, जिससे लंबे समय से पानी की किल्लत झेल रहे करीब 200 परिवारों को बड़ी राहत मिली है।

    सुनिश्चित हो रही है जवाबदेही

     समस्या के समाधान के बाद शिकायतकर्ता श्री ओम प्रकाश से संपर्क कर उनकी संतुष्टि की भी पुष्टि की गई। इस व्यवस्था से न केवल नागरिकों की समस्याओं के समाधान में तेजी आ रही है, बल्कि समाधान के बाद फीडबैक लिए जाने की इस प्रक्रिया से शासन-प्रशासन की जवाबदेही भी सुनिश्चित हो रही है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 आज आम नागरिकों और प्रशासन के बीच भरोसेमंद सीधे संवाद का मजबूत जरिया बन चुकी है।

  • बाल विवाह पर अब और कसेगा शिकंजा, सीएमपीओ को मिलेगा कानून और कार्रवाई का गहन प्रशिक्षण

    बाल विवाह पर अब और कसेगा शिकंजा, सीएमपीओ को मिलेगा कानून और कार्रवाई का गहन प्रशिक्षण

    भोपाल

    मध्यप्रदेश में बाल विवाह की रोकथाम को और प्रभावी बनाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारियों का राज्य स्तरीय क्षमतावर्धन किया जा रहा है। विभाग द्वारा यूनिसेफ के सहयोग से 6 अक्टूबर को आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी, भोपाल के स्वर्ण जयंती सभागार में एक दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की जाएगी। कार्यशाला में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के प्रावधानों, बाल विवाह के प्रकरणों में प्रभावी कार्रवाई तथा अन्य संबंधित कानूनों के साथ इसके जुड़ाव पर अधिकारियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

    कार्यशाला की अध्यक्षता महिला एवं बाल विकास मंत्री सु निर्मला भूरिया करेंगी। इसमें महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ सामान्य प्रशासन, राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारी और अधिसूचित बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी शामिल होंगे। बाल विवाह की रोकथाम के लिए जिले से लेकर ग्राम स्तर तक तथा नगर निगम, नगर पालिका और नगर परिषद स्तर पर सीएमपीओ अधिसूचित किए गए हैं। इनमें बाल विकास परियोजना अधिकारियों और पर्यवेक्षकों को भी बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है।

    कानून की जानकारी से लेकर जमीनी कार्रवाई तक होगा प्रशिक्षण

    प्रशिक्षण कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य सीएमपीओ को केवल कानून की जानकारी देना ही नहीं, बल्कि बाल विवाह की सूचना मिलने से लेकर उसके प्रभावी प्रतिषेध, संबंधित विभागों के साथ समन्वय, प्रकरणों की रिपोर्टिंग और प्रभावित बालिकाओं के संरक्षण तक उनकी भूमिका को स्पष्ट और प्रभावी बनाना है। अधिकारियों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के साथ किशोर न्याय अधिनियम, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता के प्रासंगिक प्रावधानों के आपसी जुड़ाव की जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण में बाल विवाह के प्रकरणों में कानून के अनुरूप कार्रवाई, संबंधित विभागों और एजेंसियों की भूमिका तथा स्थानीय स्तर पर सामने आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों पर भी चर्चा होगी। साथ ही बाल विवाह मुक्त भारत पोर्टल की सतत निगरानी और उस पर प्रकरणों की प्रभावी रिपोर्टिंग के संबंध में भी सीएमपीओ की क्षमतावृद्धि की जाएगी।

    सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण निर्णय की भी दी जाएगी जानकारी

    कार्यशाला में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के प्रावधानों को विस्तार से समझाने के साथ माननीय सर्वोच्च न्यायालय के सोसायटी फॉर इन्लाइंटमेंट एण्‍ड वॉलेन्टरी एक्शन एण्ड अनदर वर्सस यूनियन ऑफ इंडिया एण्ड अदर मामले में दिए गए निर्णय की जानकारी भी दी जाएगी। यह सत्र बाल विवाह की रोकथाम के लिए कानून के प्रभावी क्रियान्वयन और अधिकारियों की जिम्मेदारियों को समझने की दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा। बाल विवाह के प्रकरणों में पुलिस, विधिक सेवा प्राधिकरण, पंचायती राज संस्थाओं और महिला एवं बाल विकास विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी विशेष जोर रहेगा। इसी विषय पर विभिन्न विभागों और एजेंसियों के प्रतिनिधियों की पैनल चर्चा होगी, जिसमें बाल विवाह रोकथाम के लिए आपसी सहयोग और मैदानी स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

    किशोरियों के अनुभव बताएंगे कि बाल विवाह रोकना क्यों जरूरी

    कार्यशाला में बाल विवाह रोकने के लिए स्वयं आगे आई किशोरी बालिकाओं को भी अपने अनुभव साझा करने का अवसर मिलेगा। इससे अधिकारियों को बाल विवाह के सामाजिक, शैक्षणिक, स्वास्थ्य और व्यक्तिगत जीवन पर पड़ने वाले प्रभावों को जमीनी अनुभवों के माध्यम से समझने में मदद मिलेगी। कार्यशाला में किशोरी बालिकाओं के सशक्तिकरण और उन्हें बाल विवाह के विरुद्ध आवाज उठाने के लिए सक्षम बनाने की आवश्यकता पर भी चर्चा होगी। बाल विवाह की प्रभावी रोकथाम के लिए तैयार की गई व्यावहारिक मार्गदर्शिका और प्रशिक्षण मॉड्यूल का विमोचन भी किया जाएगा। इन सामग्रियों का उद्देश्य सीएमपीओ को कानून के साथ मैदानी परिस्थितियों में कार्रवाई के लिए व्यावहारिक दिशा प्रदान करना है।

    पुलिस से पंचायत तक सभी विभागों की भूमिका होगी स्पष्ट

    कार्यशाला में बाल विवाह रोकथाम के लिए विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों और उनसे अपेक्षाओं को भी रेखांकित किया जाएगा। पुलिस की भूमिका, विधिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया, पंचायत एवं ग्रामीण स्तर पर निगरानी तंत्र तथा नगरीय निकायों की जिम्मेदारियों को लेकर अधिकारियों के बीच समन्वय को मजबूत किया जाएगा। इस दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग के मिशन वात्सल्य, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ टीम, स्टेट सपोर्ट टीम तथा संचालनालय के वरिष्ठ अधिकारी भी सहभागिता करेंगे। यूनिसेफ के प्रतिनिधि भी कार्यशाला में शामिल होंगे।

    विशेषज्ञ देंगे कानून और मैदानी कार्रवाई का प्रशिक्षण

    कार्यशाला में बाल अधिकार एवं बाल विवाह से जुड़े विषयों के विशेषज्ञ अधिकारियों को प्रशिक्षित करेंगे। सु भारती अली, बाल अधिकार विशेषज्ञ, नई दिल्ली बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम और सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय सहित बाल विवाह रोकथाम के विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षण देंगी।  गुरमुख सिंह लांबा, अधिवक्ता एवं वरिष्ठ तकनीकी सलाहकार, किशोर न्याय समिति, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर पीसीएमए के जेजे एक्ट, पॉक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता से जुड़ाव की जानकारी देंगे।  गोविंद बेनीवाल, बाल संरक्षण अधिकारी, यूनिसेफ, मध्यप्रदेश सीएमपीओ की भूमिका, जिम्मेदारियों और बाल विवाह के प्रकरणों की रिपोर्टिंग से संबंधित प्रशिक्षण देंगे।

    वरिष्ठ अधिकारी करेंगे मार्गदर्शन

    कार्यशाला में महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त  संदीप जी. आर., सचिव मती जी.व्ही. रश्मि, पंचायत राज संचालनालय के संचालक सह आयुक्त  छोटे सिंह, नगरीय विकास एवं आवास विभाग के आयुक्त  संकेत भोंडवे, मध्यप्रदेश पुलिस में महिला सुरक्षा के विशेष पुलिस महानिदेशक  अनिल कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मार्गदर्शन करेंगे। पुलिस उप महानिरीक्षक (सामुदायिक पुलिसिंग) डॉ. विनीत कपूर, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राजगढ़ के  देवदत्त तथा पंचायत राज संचालनालय के उप निदेशक  सुधीर जैन भी बाल विवाह रोकथाम में अपने विभागों की भूमिका और आपसी समन्वय के विभिन्न पहलुओं पर प्रतिभागियों से संवाद करेंगे।