Author: NewseDay

  • राहु-केतु की चाल बदलेगी 6 राशियों की किस्मत! अगले 68 दिन करियर-धन और सफलता के लिहाज से खास

    राहु-केतु की चाल बदलेगी 6 राशियों की किस्मत! अगले 68 दिन करियर-धन और सफलता के लिहाज से खास

     ज्योतिष शास्त्र में राहु और केतु को अत्यंत प्रभावशाली और मायावी ग्रह माना जाता है. ये दोनों ही ग्रह हमेशा वक्री (उल्टी) चाल चलते हैं और एक राशि से दूसरी राशि में गोचर करने में लगभग डेढ़ साल का लंबा समय लेते हैं. इनकी चाल में होने वाला हल्का सा बदलाव भी देश-दुनिया और सभी 12 राशियों के जीवन पर गहरा प्रभाव डालता है. वर्तमान में राहु शनि की राशि कुंभ और केतु सूर्य की राशि सिंह में विराजमान हैं.

    ज्योतिषीय गणना के अनुसार, आने वाले कुछ विशेष दिनों (करीब 68 दिनों) तक राहु और केतु की स्थिति कुछ चुनिंदा राशियों के लिए बेहद मंगलकारी और लाभप्रद रहने वाली है. आइए जानते हैं कि वे भाग्यशाली राशियां कौन सी हैं, जिनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आने की प्रबल संभावना है.

    मेष राशि (Aries)
    मेष राशि के जातकों के लिए राहु-केतु का यह गोचर बेहद शुभ साबित होने वाला है. इस दौरान आपको अपने करियर और कार्यक्षेत्र में तरक्की के नए और बेहतरीन मार्ग मिलते नजर आएंगे. लंबे समय से रुके हुए कार्य गति पकड़ेंगे और आर्थिक स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा.

    मिथुन राशि (Gemini)
    मिथुन राशि के लोगों के लिए यह अवधि अत्यंत सकारात्मक परिणाम लेकर आई है. यदि आप किसी दुविधा या मुश्किल में फंसे थे, तो गुरुजनों या वरिष्ठ मार्गदर्शकों के सहयोग से आप सभी बाधाओं को आसानी से पार कर लेंगे. आत्मविश्वास में वृद्धि होगी.

    कन्या राशि (Virgo)
    कन्या राशि के जातकों का यह दौर बहुत ही शानदार रहने वाला है. कार्यक्षेत्र में अनुकूलता बनी रहेगी. इसके अलावा, जो जातक शिक्षा या करियर के सिलसिले में यात्रा की योजना बना रहे थे, वे किसी एजुकेशनल ट्रिप पर भी जा सकते हैं.

    तुला राशि (Libra)
    तुला राशि के विद्यार्थियों के लिए यह समय विशेष तौर पर फलदायी और उत्तम माना जा रहा है. पठन-पाठन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को मेहनत का पूरा फल मिलेगा. मानसिक शांति बनी रहेगी.

    धनु राशि (Sagittarius)
    धनु राशि के जातकों में इस दौरान गजब का आत्मविश्वास देखने को मिलेगा. आप अपनी कम्युनिकेशन स्किल्स और सामाजिक मेलजोल से लोगों को प्रभावित करने में पूरी तरह सक्षम रहेंगे. व्यापार और कारोबार में विस्तार के नए अवसर हाथ लग सकते हैं.

    मीन राशि (Pisces)
    मीन राशि के जातकों के लिए यह समय उत्तम फल देने वाला है. इस अवधि में आपका झुकाव धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों की तरफ अधिक रहेगा. मानसिक रूप से आप काफी शांत और ऊर्जावान महसूस करेंगे, जिससे परिवार में सुख-शांति का माहौल बना रहेगा.

     

  • Jharkhand LPG: e-KYC में पीछे रह गए 11 लाख से अधिक उपभोक्ता, रांची में 1.66 लाख लोगों को करना है अपडेट

    Jharkhand LPG: e-KYC में पीछे रह गए 11 लाख से अधिक उपभोक्ता, रांची में 1.66 लाख लोगों को करना है अपडेट

     रांची
    एलपीजी गैस का ई-केवाईसी नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। 30 सितंबर से कई उपभोक्ताओं की गैस बुकिंग सेवा प्रभावित हो गई है। आइवीआरएस नंबर, पंजीकृत मोबाइल नंबर और संबंधित गैस कंपनियों के एप के माध्यम से भी ऐसे उपभोक्ता गैस सिलिंडर की बुकिंग नहीं करा पा रहे हैं।

    ई-केवाईसी पूरा कराने के बाद ही दोबारा बुकिंग सेवा शुरू हो रही है। इसके कारण इन दिनों गैस एजेंसियों के बाहर ई-केवाईसी कराने के लिए उपभोक्ताओं की लाइन लग रही है। वहीं झारखंड में इंडियन आयल के करीब 38 लाख गैस उपभोक्ता हैं।

    इनमें से करीब 71 प्रतिशत उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है। यानी अभी भी इंडियन आयल के राज्य में 11 लाख से अधिक उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी नहीं हुआ है।

    रांची में 77 प्रतिशत का ई-केवाईसी पूरा
    रांची जिलें में तीनों प्रमुख गैस कंपनियों के करीब 7.25 लाख उपभोक्ता हैं। इनमें इंडियन आयल के करीब 4.71 लाख, भारत गैस के 1.51 लाख और एचपी गैस के करीब 1.03 लाख उपभोक्ता शामिल हैं।

    रांची में अब तक करीब 77 प्रतिशत उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है। इसके बावजूद लगभग 1.66 लाख उपभोक्ता अभी ई-केवाईसी से वंचित हैं। वहीं शहर में इंडियन आयल के 1.5 लाख उपभोक्ता मौजूद है।

    आम उपभोक्ताओं ने कराया, वीवीआईपी पीछे
    गैस एजेंसी संचालकों के अनुसार, शहर में अधिकांश सामान्य कामकाजी उपभोक्ताओं ने अपना ई-केवाईसी करा लिया है। अब बड़ी संख्या में ऐसे उपभोक्ता सामने आ रहे हैं, जिन्होंने अभी तक प्रक्रिया पूरी नहीं की है। एजेंसी संचालकों का कहना है कि इनमें कई वीवीआईपी उपभोक्ता भी शामिल हैं, जो ई-केवाईसी कराने में पीछे रह गए हैं।

    सिर्फ फार्म, आधार और उपभोक्ता नंबर की जरूरत
    गैस एजेंसी संचालक ने बताया कि ई-केवाईसी की प्रक्रिया काफी आसान है। इसके लिए उपभोक्ता को एक फार्म भरना होता है। साथ में आधार कार्ड, एलपीजी कंज्यूमर नंबर और पंजीकृत मोबाइल नंबर की आवश्यकता होती है।

    पूरी प्रक्रिया सामान्य तौर पर एक दिन में आसानी से पूरी हो जाती है। ई-केवाईसी पूरा होने के बाद उपभोक्ता दोबारा सामान्य तरीके से गैस सिलिंडर की बुकिंग करा सकते हैं।

    एजेंसियों पर बढ़ी भीड़
    बुकिंग सेवा प्रभावित होने के बाद अब बड़ी संख्या में उपभोक्ता ई-केवाईसी कराने के लिए गैस एजेंसियों का रुख कर रहे हैं। एजेंसियों के बाहर कतार लगने से भीड़ बढ़ गई है।

    एजेंसी संचालकों का कहना है कि उपभोक्ताओं को अंतिम समय का इंतजार करने के बजाय जल्द से जल्द ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए, ताकि गैस सिलिंडर की बुकिंग में किसी तरह की परेशानी न हो।

     

  • विधायक निधि की योजनाओं में सुस्ती पर सम्राट चौधरी सरकार का एक्शन, जिलों से तलब हुआ पूरा ब्योरा

    विधायक निधि की योजनाओं में सुस्ती पर सम्राट चौधरी सरकार का एक्शन, जिलों से तलब हुआ पूरा ब्योरा

    पटना
    सम्राट चौधऱी सरकार मुख्यमंत्री क्षेत्र योजना को ठीक से लागू नहीं करने पर नाराज हो गई है। अब राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत पूरे राज्य से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। कई योजनाओं के क्रियान्वयन में हो रही सुस्ती से सरकार नाराज है और अब इसकी गहन समीक्षा की जाएगी। विभागीय स्तर पर कई वर्षों से काफी योजनाओं के अधूरे रहने की खबरें सामने आई हैं, जिसके बाद यह कदम उठाया गया है।

    योजना एवं विकास विभाग के अनुसार, जनवरी 2026 में 17वीं विधानसभा (2021-22 से 2025-26) के दौरान विधायकों और विधान पार्षदों द्वारा अनुशंसित विकास कार्यों पर 71.40 फीसदी राशि खर्च हो चुकी है। लगभग 20 फीसदी स्वीकृत योजनाएं अभी भी विभिन्न चरणों में लागू की जा रही हैं।

    कुल उपलब्ध निधि का ठीक से उपयोग नहीं हुआ
    विभागीय सूत्रों के अनुसार, अभी भी कई क्षेत्रों में आठ वर्ष पहले की स्वीकृत राशि के कार्य पूरे नहीं हुए हैं। भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (सीएजी) की मार्च 2023 की रिपोर्ट में भी मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के क्रियान्वयन में गंभीर कमियां सामने आई थीं। नमूना जांच किए गए 13 प्रमंडलों में कुल उपलब्ध निधि का 28 से 59 प्रतिशत तक उपयोग नहीं हुआ था। इससे पर्सनल लेजर अकाउंट में अव्यवहृत शेष राशि पड़ी रही।

    वित्तीय वर्ष 2023-24 से प्रत्येक विधायक के लिए वार्षिक आवंटन ती करोड़ रुपये से बढ़ाकर ती करोड़ रुपये कर दिया गया था, ताकि उनके क्षेत्र में विकास कार्य तेज गति से हो सकें। बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों में कुल 318 सदस्य (243 विधायक और 75 विधानपार्षद) हैं, जो सालाना 1272 करोड़ रुपये की योजनाओं की अनुशंसा कर सकते हैं

    पटना समेत ये शहर चयनित
    मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत चयनित शहरों में पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर, पूर्णिया, छपरा, सीवान, सासाराम, बेतिया, सीतामढ़ी, मधुबनी, समस्तीपुर, बेगूसराय, नवादा, औरंगाबाद, बांका, सहरसा, खगड़िया, मुंगेर, जमुई, लखीसराय सहित कई प्रमुख शहरी क्षेत्र शामिल हैं।

  • अमृतसर फायरिंग केस में TTH का दावा, ‘ऑपरेशन नूर’ का जिक्र; पुलिस को खुलेआम चेतावनी

    अमृतसर फायरिंग केस में TTH का दावा, ‘ऑपरेशन नूर’ का जिक्र; पुलिस को खुलेआम चेतावनी

    अमृतसर

    अमृतसर में ASI सुखचैन पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी ‘तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान’ (TTH) नाम के संगठन ने ली है। संगठन की ओर से जारी प्रेस नोट में हमले को ‘ऑपरेशन नूर’ के तहत की गई कार्रवाई बताया गया है।साथ ही, भारतीय पुलिसकर्मियों और सरकारी कर्मचारियों को धमकी देते हुए भविष्य में ऐसे और हमले जारी रखने का दावा किया गया है। 

    प्रेस नोट में दावा किया गया कि पुलिसकर्मी अगर वर्दी के बजाय सादे कपड़ों में भी घूमते हैं, तो उन्हें पहचाना जा सकता है। संगठन ने दावा किया है कि उसे पुलिसकर्मियों के बारे में जानकारी है, चाहे वे वर्दी में हों या सिविल कपड़ों में।

    हालांकि अमृतसर रूरल SSP कंवलप्रीत सिंह चहल ने कल(5 अक्टूबर को) कहा था कि यह टारगेट किलिंग की कोशिश नहीं थी। उन्होंने कहा कि ASI के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। उसने आरोप लगाया है कि उसे शक है कि यह हमला उसकी भाभी ने करवाया है।

    अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला
    ड्यूटी से लौटते समय हमला हुआ: अमृतसर रूरल SSP कंवलप्रीत सिंह चहल के अनुसार, 4 अक्टूबर की शाम करीब 7 बजे GRP में तैनात ASI सुखचैन सिंह ड्यूटी खत्म करने के बाद अपने घर जगदेव कलां जा रहे थे। रास्ते में कुछ अज्ञात लोगों ने उन पर फायरिंग की। एक गोली उनकी बाजू में लगी। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत खतरे से बाहर है।

    भाभी से विवाद, भाई की हत्या की: SSP के मुताबिक, ASI सुखचैन सिंह के बयान के आधार पर सामने आया है कि उनका अपनी भाभी गुरप्रीत कौर के साथ विवाद चल रहा था। वह भिखीविंड की रहने वाली है। बताया गया कि 2019 में ASI के भाई हीरा सिंह की हत्या हुई थी। यह हत्या भाभी ने अपने दोस्त सतनाम सिंह उर्फ सत्ता के साथ मिलकर की थी।

    आरोपी भाभी को फेसबुक पर मिला था: ASI ने अपने बयान में कहा कि सत्ता हरियाणा का रहने वाला है। आरोपी भाभी को वह फेसबुक पर मिला था। उसके साथ मिलकर भाई को जहरीली चीज देकर मार दिया था। इसका केस सेशन कोर्ट में अंतिम चरण में चल रहा है।

    पुलिस CCTV खंगाल रही: SSP के अनुसार, ASI के बयान के मुताबिक 3 लोग मोटरसाइकिल पर आए थे। जगदेव कलां के पुल पार करने के बाद उन्होंने ASI पर एक राउंड फायर किया। घटना के बाद पुलिस की तकनीकी और फोरेंसिक टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिस CCTV फुटेज खंगाल रही है।

    अज्ञात हमलावरों के खिलाफ केस दर्ज : इस मामले में थाना अजनाला में FIR दर्ज की गई है। डीएसपी धर्मिंदर कल्याण ने बताया कि अज्ञात हमलावरों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपियों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए जांच कर रही है।

  • जबलपुर में बड़ा हादसा टला, 100 साल पुराने मकान के गिरने से मची अफरा-तफरी; कोई जनहानि नहीं

    जबलपुर में बड़ा हादसा टला, 100 साल पुराने मकान के गिरने से मची अफरा-तफरी; कोई जनहानि नहीं

    जबलपुर 
     नया मोहल्ला में दरबार होटल के पीछे मौजूद एक 100 साल पुराना मकान देर रात भरभराकर गिर गया. इस मकान में कोई रहता नहीं था लेकिन पीछे रहने वाले लोगों का रास्ता इसी के नीचे से होकर गुजरता था. बीती रात अचानक मकान गिरते ही यहां अफरा-तफरी मच गई. मौके पर पहुंचे जबलपुर नगर निगम के एडिशनल कमिश्नर सौरव मिश्रा ने बताया कि जैसे ही जानकारी मिली तो तुरंत नगर निगम व पुलिस-प्रशासन मौके पर पहुंच गया। 

    कोई जनहानि नहीं, रास्ता हुआ ब्लॉक
    सौरभ मिश्रा ने कहा, '' जिस वक्त मकान गिरा उसे वक्त उसके नीचे कोई भी नहीं था बल्कि लोगों ने बताया कि यह केवल हमारा आने जाने का रास्ता था. इस मकान में कोई रहता नहीं था लेकिन फिर भी पीछे रहने वाले 13 लोग इसके पीछे फंस गए क्योंकि उनका रास्ता ब्लॉक हो गया था. इसलिए प्रशासन ने एक साइड वाले घर की बाउंड्री तोड़कर एक अस्थाई रास्ता इन लोगों के लिए शुरू किया है.'' आसपास के लोगों को हिदायत दी गई है कि अभी इस मकान के बचे हुए हिस्से में कोई न जाए, क्योंकि ये काफी पुराना स्ट्रक्चर है. एडिशनल कमिश्नर ने कहा कि, '' आज इस मकान के बचे हुए हिस्से को भी गिरा दिया जाएगा। 

    पहले भी गिरी हैं कई इमारतें
    जबलपुर में यह कोई पहला मौका
    नहीं है जब इस तरह इमारत गिरी हो. 2 महीने पहले जबलपुर में एक पांच मंजिला इमारत भी इसी तरह गिर गई थी. हालांकि, यह गनीमत यह रही कि जबलपुर में किसी जर्जरे इमारत के गिरने से किसी की मौत नहीं हुई। 

    शहर में 100 से ज्यादा जर्जर इमारतें
    जबलपुर में 100 से ज्यादा ऐसी इमारतें हैं, जो पूरी तरह जर्जर हैं. नगर निगम के अधिकारियों को कहना है कि इन इमारत के मालिकों को नोटिस दिए हैं. यदि वे खुद इन इमारत को नष्ट नहीं करते हैं तो हमें यह कार्यवाही करनी होगी. नगर निगम की खुद की कुछ इमारते ऐसी हैं, जिनकी हालत बहुत खराब है. शहर में चार इमारतें ऐसी पाई गई हैं, जो बहुत ज्यादा जर्जर हैं और इन्हें जल्द गिराने की कार्रवाई की जाएगी। 

  • DA भुगतान पर पंजाब सरकार घिरी, हाईकोर्ट में आज अहम सुनवाई; कल कहा था- ‘लुका-छिपी नहीं चलेगी’

    DA भुगतान पर पंजाब सरकार घिरी, हाईकोर्ट में आज अहम सुनवाई; कल कहा था- ‘लुका-छिपी नहीं चलेगी’

    चंडीगढ़ 

    पंजाब के सरकारी मुलाजिमों और पेंशनरों के बकाया DA मामले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट आज (6 अक्टूबर) फिर सुनवाई करेगा। पंजाब के चीफ सेक्रेटरी केएपी सिन्हा आज भी व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में हाजिर होंगे। उन्हें कोर्ट ने समन किया है।

    सोमवार (5 अक्टूबर) को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि सरकार सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर करने के मामले में तथ्यों को गलत तरीके से पेश कर रही है।

    कोर्ट ने कहा- सुप्रीम कोर्ट जाना आपका अधिकार है, लेकिन ट्वीट कर फैसले को चुनौती देंगे तो हम इसकी तारीफ नहीं करेंगे। सरकार खुद के लिए कड़ी कार्रवाई की स्थिति पैदा कर रही है। अब बहुत हो चुका, अब और लुका-छिपी नहीं चल सकती।

    बता दें कि 3 अगस्त 2026 को हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को कर्मचारियों और पेंशनरों को IAS, IPS और IFS अधिकारियों के बराबर लंबित DA/DR देने को कहा था। कोर्ट ने यहां तक कहा था कि बकाया देने तक सरकार बड़े स्तर पर एडवरटाइजमेंट जैसे खर्च भी बंद करे।

    पहले जानिए कि मुख्य विवाद क्या है?
    पंजाब के मुलाजिम और पेंशनर्स मांग कर रहे हैं कि उन्हें छठे पंजाब पे कमीशन के अनुसार DA केंद्र सरकार के पैटर्न पर मिलना चाहिए। उनका कहना है कि राज्य का टैक्स राजस्व बढ़ा है, इसलिए सरकार को ₹14,200 करोड़ का बकाया एरियर तुरंत ब्याज समेत देना चाहिए।

    इस पर पंजाब सरकार का तर्क है कि 2021 के पे-रूल्स में कोई निश्चित केंद्रीय दर अनिवार्य नहीं है। इतनी बड़ी रकम अचानक जारी करने से राज्य का वित्तीय ढांचा प्रभावित होगा और वह पहले से ही कर्मचारियों को कई केंद्रीय श्रेणियों से ज्यादा वेतन दे रही है।

    अब विवाद की पूरी टाइमलाइन पढ़िए
        8 अप्रैल 2026 (सिंगल बेंच का फैसला):
    हाई कोर्ट के सिंगल जज की बेंच ने पंजाब सरकार को आदेश दिया कि वह अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स को केंद्रीय पैटर्न के अनुसार उसी दर पर DA/DR जारी करे, जिस दर पर पंजाब में तैनात IAS, IPS अधिकारियों को दिया जाता है। कोर्ट ने इसके लिए 30 जून 2026 तक की डेडलाइन तय की थी।

        3 अगस्त 2026 (हाई कोर्ट की डबल बेंच का सख्त आदेश): पंजाब सरकार ने सिंगल बेंच के फैसले के खिलाफ अपील दायर की। हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस की अगुवाई वाली डिवीजन बेंच ने सरकार की अपील खारिज कर दी और आदेश दिया कि 15 दिनों के भीतर सभी लंबित किस्तों का भुगतान किया जाए। कोर्ट ने यह भी शर्त रखी कि देरी होने पर 6% सालाना साधारण ब्याज देना होगा और जब तक भुगतान नहीं होता, सरकार प्रिंट या सोशल मीडिया पर विज्ञापनों जैसे गैर-जरूरी खर्चों पर रोक लगाए।

        17 अगस्त 2026 (हाई कोर्ट की डेडलाइन खत्म): हाई कोर्ट की ओर से दी गई 15 दिनों की डेडलाइन समाप्त हो गई, लेकिन सरकार ने भुगतान नहीं किया। इसके विरोध में पंजाब स्टेट मिनिस्टीरियल सर्विसेज यूनियन और अन्य संगठनों ने हड़ताल की चेतावनी दी।

        27 अगस्त 2026 (कर्मचारियों की महा-हड़ताल और सरकार का एक्शन): लंबित DA, एरियर और पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लेकर कर्मचारियों ने राज्यव्यापी सामूहिक हड़ताल की। जवाब में भगवंत मान सरकार ने नो वर्क, नो पे (काम नहीं तो वेतन नहीं) का नियम लागू कर कर्मचारियों को कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस जारी कर दिए।

        1 सितंबर 2026 (सरकार पहुंची सुप्रीम कोर्ट): पंजाब सरकार ने हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगाने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) दाखिल की। सरकार ने तर्क दिया कि इतनी बड़ी रकम का एक साथ भुगतान करना वित्तीय और संवैधानिक रूप से संभव नहीं है।

        8 से 9 सितंबर 2026 (पेन-डाउन स्ट्राइक और सरकार का झुकना): शो-कॉज नोटिस के विरोध में कर्मचारियों ने आंदोलन तेज करते हुए पेन-डाउन स्ट्राइक शुरू कर दी और सामूहिक छुट्टी पर चले गए। चौतरफा दबाव के बाद, 9 सितंबर को सरकार ने सभी कर्मचारियों के खिलाफ जारी किए गए कारण बताओ नोटिस वापस ले लिए, जिसके बाद कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल स्थगित की।

        11 सितंबर 2026 (हाई कोर्ट का अल्टीमेटम): सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने पंजाब सरकार की याचिका (SLP) में 9 तकनीकी आपत्तियां निकाली थीं। हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार को इन आपत्तियों को दूर करने और सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू करवाने के लिए 10 दिन का समय दिया।

        18 से 27 सितंबर 2026 (8% डीए बढ़ोतरी का ऐलान): मुख्यमंत्री भगवंत मान और कर्मचारी यूनियनों के बीच एक अहम बैठक हुई। गतिरोध को कम करने के लिए सरकार ने अंतरिम राहत के रूप में 8% डीए बढ़ोतरी का नोटिफिकेशन जारी किया। इससे राज्य में DA 42% से बढ़कर 50% हो गया। हालांकि, पुराने बकाए का मुद्दा अभी भी जस का तस बना रहा।

        5 अक्टूबर 2026 (मुख्य सचिव की पेशी और हाई कोर्ट की फटकार): मामले की सुनवाई के दौरान पंजाब के मुख्य सचिव केएपी सिन्हा हाई कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश हुए। सरकार ने हलफनामा देकर कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। इस पर हाई कोर्ट ने सख्त नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार सुप्रीम कोर्ट की अपील के स्टेटस को लेकर तथ्यों को गलत तरीके से पेश कर रही है और कोर्ट को गुमराह कर रही है। कोर्ट ने नोट किया कि 1 सितंबर को याचिका दायर होने के बावजूद तकनीकी आपत्तियां अभी तक दूर नहीं की गई हैं। ऐसा लग रहा है कि सरकार सिर्फ समय बिताने की कोशिश कर रही है। हाई कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री से खुद स्टेटस रिपोर्ट मांगी है।

  • भोपाल मेट्रो फेज-2 के रूट को लेकर विरोध तेज, भोपाल टॉकीज के पास विधायक ने जताई नाराजगी

    भोपाल मेट्रो फेज-2 के रूट को लेकर विरोध तेज, भोपाल टॉकीज के पास विधायक ने जताई नाराजगी

    भोपाल 

    भोपाल में मेट्रो के ऑरेंज लाइन के फेज-2 के रूट पर उत्तर से कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने फिर आपत्ति उठाई है। सोमवार देर रात जब मेट्रो टीम भोपाल टॉकीज के पास स्थित शाही कब्रिस्तान पहुंची और बेरिकेड्स लगाने शुरू किए तो विधायक का पारा चढ़ गया। उन्होंने मेट्रो और पुलिस अफसरों से कहा कि चलो बाहर निकलो, वरना मैं बदतमीजी करने लगूंगा।

    उनकी मेट्रो के कब्रिस्तान में से अंडरग्राउंड रूट निकालने को लेकर नाराजगी थी। देर रात जब पता चला कि मेट्रो कॉरपोरेशन के अधिकारी-कर्मचारी कब्रिस्तान के बाहर बेरिकेड्स लगा रहे और मशीनें लेकर पहुंचे तो वे मौके पर पहुंच गए।

    उन्होंने मेट्रो और पुलिस अफसरों से सख्त लहजे में कहा कि कब्रिस्तान को छोड़कर मेट्रो का काम करें। यहां पर सामान लेकर कैसे आए? यह शाही कब्रिस्तान की प्रॉपर्टी है। क्या पहले जानकारी दी थी? या अनुमति है? पुलिस वाले सामने खड़े होकर कब्जा करवा रहे हैं। पहले शाही औकाफ से परमिशन लाना, फिर काम करना।

    बिना अनुमति कोई काम न करें
    समाज के लोगों के साथ विधायक अकील ने कहा कि बिना वैधानिक अनुमति के कोई भी कार्य न किया जाए। सभी मशीनों व सामान को तुरंत मौके से हटाया जाए।

    यह है मेट्रो का फेज-2
    बता दें कि भोपाल में ऑरेंज लाइन के प्रायोरिटी कॉरिडोर सुभाषनगर से एम्स के बीच मेट्रो दौड़ रही है। अब दूसरे फेज के रूट यानी, सुभाषनगर से करोंद तक तेजी से काम चल रहा है। इसकी कुल लंबाई 16.74 किमी है।

    दूसरे फेस में सुभाषनगर से करोंद की कुल दूरी 9.74 किमी लंबा है, लेकिन 8.77 किमी में होगा। इसमें से 5.38 Km हिस्से में 6 एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन बनेंगे, जिस पर 650 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इस काम की शुरुआत हो चुकी है। पुल बोगदा, ऐशबाग, सिंधी कॉलोनी, डीआईजी बंगला, कृषि उपज मंडी और करोंद चौराहा पर स्टेशन बनेंगे।

    वहीं, बाकी 3.39 किलोमीटर रूट अंडरग्राउंड होगा। इसमें 2 मेट्रो स्टेशन भोपाल रेलवे स्टेशन व नादरा बस स्टैंड भी रहेंगे। यह पूरा काम 890 करोड़ रुपए में होगा। इसी रूट को लेकर आपत्ति दर्ज कराई गई है। मध्य प्रदेश राज्य वक्फ अधिकरण में सुनवाई भी चल रही है। जिसमें दोनों पक्ष अपना-अपना पक्ष रख रहे हैं।

    विधायक की यह आपत्ति

    इस मामले में विधायक अकील का कहना है कि यहां हमारे बाप-दादा दफन है। कई कब्र हैं। इसलिए कब्रिस्तान में से मेट्रो कतई न गुजरे। वे पहले भी आपत्तियां लगा चुके हैं।

  • भोपाल पुलिस की कार्यशैली को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान, 4 थाने और DCP ऑफिस ISO प्रमाणित

    भोपाल पुलिस की कार्यशैली को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान, 4 थाने और DCP ऑफिस ISO प्रमाणित

    भोपाल 
     राजधानी भोपाल के 4 थाने और एक डीसीपी कार्यालय को बेहतर कार्य के लिए आईएसओ सर्टिफिकेट मिला है. जनता की शिकायतों का निर्धारित समय पर निराकरण करने, अपराधियों को पकड़ने, थाने के रखरखाव और रिकॉर्ड कम्प्यूटराइज्ड होने के साथ जनता के बीच बेहतर संबंध स्थापित करने पर भोपाल पुलिस कमिश्नरेट के चार थानों और एक एडिशनल DCP कार्यलय जोन-3 को अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण संगठन ने सर्टिफिकेट जारी किया है. भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार, एडिशनल पुलिस कमिश्नर शैलेंद्र सिंह चौहान और ISO टीम की मौजूदगी में थाना प्रभारियों और अधिकारियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। 

    भोपाल के इन थानों को ISO सर्टिफिकेट
    भोपाल पुलिस कमिश्नरेट द्वारा थानों को बेहतर, आधुनिक और जनोन्मुखी बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी उपलब्धि मिली है. भोपाल शहर के चार थाने कोलार, बागसेवनिया, अशोका गार्डन और खजूरी सड़क सहित एडिशनल डीसीपी कार्यालय जोन-3 को ISO-9001:2015 सर्टिफिकेट प्रदान किया गया। 

    जर्जर थानों का किया गया कायाकल्प
    भोपाल पुलिस कमिश्नरेट ने शहर के जर्जर पुलिस थानों के जीर्णोद्धार को अभियान के तौर पर शुरू किया है. इन थानों की इमारतें लंबे समय से खराब स्थिति में थीं. पुलिस स्टाफ के साथ-साथ शिकायत लेकर आने वाले आम लोगों और पीड़ितों के बैठने तक की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी. रिकॉर्ड के रखरखाव की स्थिति भी बेहतर नहीं थी. वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में इन थानों का कायाकल्प किया गया. पुराने रिकॉर्ड को नियमानुसार नष्ट करने के साथ आवश्यक रिकॉर्ड को व्यवस्थित और संधारित किया गया. आमजन के बैठने के लिए बेहतर व्यवस्था, थाना परिसर का सौंदर्यीकरण और जनोन्मुखी सुविधाओं को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया। 

    ISO टीम ने गुणवत्ता और व्यवस्थाओं का किया मूल्यांकन
    थानों में की गई व्यवस्थाओं, साफ-सफाई, रिकॉर्ड प्रबंधन, जनसुविधाओं और निर्धारित गुणवत्ता मानकों का ISO टीम द्वारा मूल्यांकन किया गया. मूल्यांकन के बाद बागसेवनिया, अशोका गार्डन, कोलार, खजूरी सड़क थाना और एडिशनल डीसीपी जोन-3 कार्यालय को ISO-9001:2015 प्रमाणन के लिए चयनित किया गया. इससे पहले मिसरोद, रातीबड़ और महिला थाना भी ISO सर्टिफाइड हो चुके हैं। 

    पुलिस कमिश्नर ने स्टाफ को दी बधाई
    पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने ISO प्रमाण पत्र मिलने पर चारो थानों के थाना प्रभारियों सहित अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी. उन्होंने कहा, '' थानों में की गई जनोन्मुखी व्यवस्थाओं का उद्देश्य आम नागरिकों और पीड़ितों को बेहतर वातावरण और प्रभावी पुलिस सेवा उपलब्ध कराना है.'' उन्होंने अन्य थानों को भी इसी श्रेणी में लाने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रेरित किया. साथ ही उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में भोपाल कमिश्नरेट के अन्य थानों का भी इसी तरह जीर्णोद्धार कर उन्हें ISO-9001:2015 प्रमाणन दिलाने का प्रयास किया जाएगा। 

    कार्यक्रम में DCP विकास सहवाल, एडिशनल डीसीपी शालिनी दीक्षित, एडिशनल डीसीपी मिनी शुक्ला, ACP उमराव सिंह, ACP मनोज कुमार, ISO टीम से योगेंद्र द्विवेदी, RI जयसिंह तोमर सहित सभी थाना प्रभारी, पुलिस स्टाफ, गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। 

  • नाबालिग दुष्कर्म केस में हाई कोर्ट की सख्ती, SIT गठन के निर्देश; DNA रिपोर्ट ने बदला पूरा मामला

    नाबालिग दुष्कर्म केस में हाई कोर्ट की सख्ती, SIT गठन के निर्देश; DNA रिपोर्ट ने बदला पूरा मामला

    जबलपुर
     बागेश्वर धाम में मार्च में सामने आए नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने जांच का दायरा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। न्यायमूर्ति अजय कुमार निरंकारी की अदालत ने आरोपित राजू जाटव की दूसरी जमानत याचिका खारिज करते हुए छतरपुर एसपी को विशेष जांच टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं।

    कोर्ट ने टीम को यह पता लगाने के लिए जांच करने को कहा है कि नाबालिग का यौन उत्पीड़न किस व्यक्ति ने किया था और उसके गर्भ से मिले भ्रूण का जैविक पिता कौन है। जांच को दो महीने के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

    15 मार्च को अकेली आई थी नाबालिग
    अभियोजन के मुताबिक, नाबालिग 15 मार्च को अकेले बागेश्वर धाम पहुंची थी। 17 मार्च को उसकी मुलाकात राजू जाटव से हुई। आरोप है कि राजू उसे घर छोड़ने की बात कहकर अपने साथ ले गया और करीब 15 दिनों तक अपने पास रखा। इसके बाद वह नाबालिग को ट्रेन से पचोर ले गया।

    पुलिस ने राजू की पत्नी की निशानदेही पर नाबालिग को बरामद किया था। जांच के दौरान नाबालिग के गर्भवती होने की जानकारी सामने आई। गर्भपात के बाद अदालत ने भ्रूण की डीएनए जांच कराने के निर्देश दिए थे।

    डीएनए रिपोर्ट में राजू को जैविक पिता नहीं माना गया

    29 अगस्त को सामने आई डीएनए रिपोर्ट में राजू जाटव को भ्रूण का जैविक पिता नहीं पाया गया। मामले में उस समय नया मोड़ आया, जब नाबालिग ने अदालत के समक्ष राजू द्वारा दुष्कर्म किए जाने से इन्कार किया।

    हालांकि, पुलिस के समक्ष दर्ज उसके पूर्व बयानों में उसने राजू पर जबरन दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। बयानों में अंतर और डीएनए रिपोर्ट के बाद हाई कोर्ट ने मामले की जांच का दायरा बढ़ाने की जरूरत महसूस की।

    अब विशेष जांच टीम पूरे मामले की नए सिरे से पड़ताल करेगी और यह पता लगाएगी कि नाबालिग के साथ वास्तव में किसने यौन अपराध किया तथा गर्भ में पल रहे भ्रूण का जैविक पिता कौन था।

    धाम में अकेले न आएं महिलाएं : धीरेंद्र शास्त्री
    इधर, 3 अक्टूबर की रात बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने महिलाओं और माताओं से अकेले धाम नहीं आने की अपील की। उन्होंने अनजान लोगों और सेवादारों पर आंख मूंदकर भरोसा न करने की सलाह भी दी। हालांकि, उनकी अपील में इस नाबालिग से जुड़े प्रकरण का कोई सीधा उल्लेख नहीं था।

     

  • Rajpal Yadav Legal Trouble: महू कोर्ट पहुंचा मामला, राजपाल यादव के खिलाफ जमानती वारंट जारी

    Rajpal Yadav Legal Trouble: महू कोर्ट पहुंचा मामला, राजपाल यादव के खिलाफ जमानती वारंट जारी

     महू 
     फिल्म अभिनेता राजपाल यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। महू सिविल न्यायालय ने उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। यह कार्रवाई महू निवासी और फिल्म फाइनेंसर प्रकाश जाजू की ओर से दायर प्रकरण की सुनवाई के दौरान की गई। पंचम व्यवहार न्यायाधीश फरहान मसूद कुरैशी ने वारंट जारी करते हुए संबंधित थाने को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
    25 लाख दिए, पोस्ट डेटेड चेक हुए बाउंस

    प्रकरण में प्रकाश जाजू की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता राधेश्याम अग्रवाल के अनुसार, जाजू पिछले करीब 30-40 वर्षों से फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े हैं और फिल्मों के लिए फाइनेंसिंग का काम करते हैं। उनकी फर्म निर्मला जानकी सिनेमा के नाम से है।

    अधिवक्ता के मुताबिक, प्रकाश जाजू ने अभिनेता राजपाल यादव को 25 लाख रुपये दिए थे। इस लेन-देन को लेकर दोनों पक्षों के बीच एग्रीमेंट भी हुआ था। रकम की वापसी के लिए राजपाल यादव की ओर से पोस्ट डेटेड चेक दिए गए थे।

    आरोप है कि एग्रीमेंट में तय शर्तों के अनुसार रकम वापस नहीं की गई। जब जाजू ने चेक बैंक में लगाए तो वे बाउंस हो गए।

    चेक बाउंस के बाद कोर्ट पहुंचा मामला
    चेक बाउंस होने के बाद प्रकाश जाजू की ओर से परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 138 के तहत महू न्यायालय में प्रकरण दायर किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने राजपाल पुत्र नौरंग यादव, निवासी रुनवाल हाइट, लोखंडवाला के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है।

    13 अक्टूबर तक पेश होने के निर्देश
    कोर्ट की ओर से जारी वारंट के बाद अब अभिनेता राजपाल यादव को 13 अक्टूबर तक न्यायालय के समक्ष उपस्थित होना होगा। मामले में आगे की कार्रवाई न्यायालय में होने वाली सुनवाई और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर तय होगी।

    प्रकाश जाजू मूल रूप से महू के रहने वाले हैं, हालांकि वर्तमान में मुंबई में निवास करते हैं। उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े अपने वित्तीय कारोबार के दौरान राजपाल यादव को यह रकम दिए जाने की बात कही है।