Author: NewseDay

  • मां रूपी सोरेन को अंतिम विदाई, मोरहाबादी आवास से पैतृक गांव नेमरा रवाना हुआ पार्थिव शरीर

    मां रूपी सोरेन को अंतिम विदाई, मोरहाबादी आवास से पैतृक गांव नेमरा रवाना हुआ पार्थिव शरीर

     रांची
    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां और स्वर्गीय दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन के निधन के बाद आज उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी। उनका पार्थिव शरीर मोरहाबादी स्थित आवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था। यहां परिवार के सदस्यों, झामुमो नेताओं और समर्थकों के पहुंचने का सिलसिला जारी था। इस बीच, रूपी सोरेन का पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए रांची से उनके पैतृक गांव नेमरा, रामगढ़ रवाना हो गया है। नेमरा में आज उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी।

    रूपी सोरेन के अंतिम दर्शन के लिए मोरहाबादी स्थित गुरुजी आवास पर नेताओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश भी श्रद्धांजलि देने पहुंचे हैं। मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, बेरमो विधायक अनूप सिंह और पूर्व मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने भी रूपी सोरेन के अंतिम दर्शन किए। रूपी सोरेन के अंतिम दर्शन के लिए धनबाद सांसद ढुल्लू महतो भी रांची के मोरहाबादी स्थित उनके आवास पहुंचे हैं.

    बसंत सोरेन के झारखंड आने पर संशय
    रूपी सोरेन के छोटे बेटे और दुमका विधायक बसंत सोरेन उनके अंतिम दर्शन के लिए रांची पहुंचेंगे या नहीं, इसे लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है। इस संबंध में आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

    झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने बताया कि बसंत सोरेन इस समय सिंगापुर में इलाज करा रहे हैं। उनके रांची आने को लेकर अभी कोई जानकारी नहीं है। इससे पहले उनके सुबह करीब नौ बजे तक रांची पहुंचने की संभावना जताई जा रही थी।

    बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी दी श्रद्धांजलि
    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन के निधन पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और राजद नेता तेजस्वी यादव ने शोक जताया है। दोनों ने रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि दी और शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

    सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माताजी श्रीमती रूपी सोरेन के निधन की खबर अत्यंत दुखद है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की।

    पीएम मोदी ने भी दी श्रद्धांजलि
    रूपी सोरेन के निधन पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी शोक जताया है। उन्होंने संताली भाषा में पोस्ट कर रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि रूपी सोरेन के निधन से उन्हें गहरा दुख हुआ है। उन्होंने जनजातीय समुदायों के सशक्तीकरण के लिए लगातार काम किया।

    प्रधानमंत्री मोदी ने शोक की इस घड़ी में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कल्पना सोरेन और उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
     रूपी सोरेन जी के निधन से बहुत दुख हुआ है। उन्होंने सदैव जनजातीय समुदायों के सशक्तिकरण के लिए कार्य किए। शोक की इस घड़ी में हेमंत सोरेन जी, कल्पना जी और उनके परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं।

    रूपी सोरेन का बुधवार रात करीब आठ बजे रांची के बरियातू स्थित हिल व्यू अस्पताल में निधन हुआ था। वह लंबे समय से अस्वस्थ थीं। सांस लेने में परेशानी के बाद उन्हें 18 सितंबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

    पहले बाबा का साथ छूटा, अब मां भी चली गईं..
    रूपी सोरेन के निधन के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भावुक पोस्ट साझा कर अपनी मां को याद किया। उन्होंने लिखा, “बाबा के जाने के बाद मां ही मेरी सबसे बड़ी छांव थीं। आज वह छांव भी प्रकृति की गोद में समा गयीं।” इसके बाद हेमंत सोरेन ने सिर्फ “मां….” लिखकर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।

     

  • ‘हर गांव की खेल प्रतिभा पहुंचे मैदान तक’, बस्तर ओलंपिक 2026 को लेकर मंत्री केदार कश्यप का बड़ा संदेश

    ‘हर गांव की खेल प्रतिभा पहुंचे मैदान तक’, बस्तर ओलंपिक 2026 को लेकर मंत्री केदार कश्यप का बड़ा संदेश

    रायपुर : बस्तर ओलंपिक 2026 वन मंत्री केदार कश्यप ने कराया पंजीयन, अधिकाधिक भागीदारी पर दिया जोर

    हर गांव की खेल प्रतिभा पहुंचे मैदान तक- वन मंत्री केदार कश्यप

    रायपुर,

    जगदलपुर के धरमपुरा स्थित खेल परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान वन मंत्री केदार कश्यप ने बस्तर ओलंपिक 2026 के लिए स्वयं अपना पंजीयन कराया और बस्तर ओलंपिक के शुभंकर के साथ अपनी तस्वीर खिंचवाई। उन्होंने इस आयोजन को बस्तर की खेल प्रतिभाओं के लिए एक बहुत बड़ा और सुनहरा मंच बताया।

    दोगुने पंजीयन का लक्ष्य

    इस अवसर पर वन मंत्री ने युवाओं, महिलाओं और सभी खेल प्रेमियों से बढ़-चढ़कर पंजीयन कराने की अपील की। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में 3 लाख 91 हजार 289 खिलाड़ियों ने इसमें पंजीयन कराया था, और इस बार इसका दोगुना पंजीयन करने का लक्ष्य रखा गया है।

    गांव-गांव की प्रतिभाओं को अवसर

    वन मंत्री ने कहा कि बस्तर ओलंपिक सुदूर अंचल की छुपी हुई खेल प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें बड़ा मंच प्रदान करने का एक बेहतरीन माध्यम है।

    नये बस्तर की पहचान

    जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से अधिक से अधिक खिलाड़ियों को जोड़ने की अपील करते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में नये बस्तर की एक नई पहचान उसके प्रतिभाशाली युवाओं के दम पर बनेगी। इस कार्यक्रम के दौरान चित्रकोट विधायक विनायक गोयल सहित क्षेत्र के कई गणमान्य जनप्रतिनिधि एवं नागरिक उपस्थित रहे।

  • कबीरधाम में गूंजा सेवा का संदेश, भव्य सेवा ज्योति यात्रा में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

    कबीरधाम में गूंजा सेवा का संदेश, भव्य सेवा ज्योति यात्रा में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

    रायपुर : सेवा संकल्प अभियान के तहत कबीरधाम में निकली भव्य सेवा ज्योति यात्रा, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा हुए शामिल

    पंडरिया विधायक  भावना बोहरा, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष  मोना सेन सहित जनप्रतिनिधियों ने की सहभागिता

    हजारों नागरिकों ने सेवा, संकल्प और जनभागीदारी के साथ दिया विकसित भारत-2047 का संदेश

    रायपुर, 

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आज कबीरधाम जिले में भव्य सेवा ज्योति यात्रा निकाली गई। उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा, पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष श्रीमती मोना सेन सहित जनप्रतिनिधियों और हजारों नागरिकों ने यात्रा में उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

         सेवा ज्योति यात्रा से पूर्व शासकीय पीजी कॉलेज के डोम में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के संबोधन को उपस्थित नागरिकों ने सुना। इसके बाद सेवा ज्योति यात्रा निर्धारित मार्ग से होते हुए सेवा ज्योति चौक पहुंची। यात्रा में सामाजिक संगठनों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों सहित बड़ी संख्या में जिलेवासियों ने भाग लेकर सेवा, जनभागीदारी और विकसित भारत-2047 के संकल्प का संदेश दिया।

    *संकल्प मजबूत हो तो लक्ष्य कितना भी बड़ा हो, मंजिल हासिल की जा सकती है — उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा*

          उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि 7 अक्टूबर 2001 को नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी और आज 7 अक्टूबर 2026 को सरकार के मुखिया के रूप में उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। इन 25 वर्षों की यात्रा सेवा, सुशासन, संकल्प और देश को आगे ले जाने की यात्रा रही है।

         शर्मा ने कहा कि संकल्प लेना बड़ी बात है, लेकिन उसे धरातल पर उतारना उससे भी बड़ी बात है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत-2047 का संकल्प देश के सामने रखा है। वर्ष 2047 में जब भारत विकसित राष्ट्र बने, तब हमारा छत्तीसगढ़ विकसित छत्तीसगढ़, कबीरधाम विकसित कबीरधाम और कवर्धा विकसित कवर्धा बने, यह हम सभी का संकल्प होना चाहिए।

          उन्होंने कहा कि लक्ष्य बड़ा हो सकता है और रास्ता कठिन हो सकता है, लेकिन संकल्प मजबूत हो तो मंजिल हासिल की जा सकती है। सेवा ज्योति यात्रा केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि जिले के विकास, सेवा और जनभागीदारी का संकल्प है। जब संकल्प बड़ा हो, नीयत स्पष्ट हो और 140 करोड़ देशवासियों की शक्ति साथ हो तो लक्ष्य कितना भी बड़ा क्यों न हो, “हम जरूर करबो।”

    *हिंसा की जगह विकास, भय की जगह विश्वास और बंदूक की जगह शिक्षा व रोजगार पहुंचे — शर्मा*

          उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि पिछले वर्षों में देश ने राष्ट्रीय एकता, सुरक्षा और विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव देखे हैं। आतंकवाद के विरुद्ध सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसी कार्रवाइयों ने भारत के सामर्थ्य का संदेश दिया है। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के अधिकांश प्रावधानों को समाप्त करने तथा अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण और रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा जैसी घटनाएं देश के सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण रही हैं।

         उन्होंने छत्तीसगढ़ के संदर्भ में कहा कि हमारा संकल्प स्पष्ट है कि हिंसा की जगह विकास पहुंचे, भय की जगह विश्वास पहुंचे और बंदूक की जगह शिक्षा, रोजगार और अवसर पहुंचे। यही विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा है। विकसित भारत-2047 केवल सरकार का लक्ष्य नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सामूहिक संकल्प है। कवर्धा, कबीरधाम और छत्तीसगढ़ को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है।

    *सेवा को उत्सव और उत्सव को सेवा का माध्यम बनाएं — विधायक श्रीमती भावना बोहरा*

          पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में 25 वर्ष सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण की यात्रा के प्रतीक हैं। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से सेवा और जनभागीदारी की भावना को जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि “सेवा को उत्सव बनाइए और उत्सव को सेवा का माध्यम बनाइए”, यही इस अभियान की मूल भावना है।

          श्रीमती बोहरा ने कहा कि सेवा सेतु, स्वच्छता अभियान, रंगोली सहित विभिन्न गतिविधियों में जिले के नागरिक उत्साह से भाग ले रहे हैं। विकसित भारत-2047 के संकल्प में कवर्धा और छत्तीसगढ़ की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने नागरिकों से इस संकल्प में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।

    *जनसेवा को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी — श्रीमती मोना सेन*

           फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष श्रीमती मोना सेन ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों तक सुविधाएं पहुंचा रही है। आवास, राशन, शौचालय, आयुष्मान भारत सहित विभिन्न योजनाओं से बड़ी संख्या में परिवार लाभान्वित हुए हैं।

          उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा योजनाएं बनाना जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही महत्वपूर्ण उनका लाभ सही हितग्राही और समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य केवल कार्यक्रमों का आयोजन नहीं, बल्कि समाज से जुड़ना, जरूरतमंदों तक पहुंचना और जनसेवा को मजबूत करना है।

         जिला अध्यक्ष राजेंद्र चन्द्रवंशी ने भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 25 वर्षों के सेवा काल और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान का उल्लेख करते हुए नागरिकों से सेवा संकल्प अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों ने “हम करेंगे — वी विल डू इट” के संकल्प के साथ विकसित भारत-2047 के निर्माण में अपनी सहभागिता का संकल्प लिया।

          इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू, जयंती पटेल, मोतीराम चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, राज्य पुलिस प्राधिकरण के सदस्य भगत पटेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुषमा गणपत बघेल, उपाध्यक्ष गणेश तिवारी, जनपद अध्यक्ष श्रीमती नंदनी साहू, जनपद अध्यक्ष बोडला श्रीमती बालका रामकिंकर वर्मा, उपाध्यक्ष नंद श्रीवास, नगर पंचायत अध्यक्ष विजय पाटिल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

  • रायपुर में राज्यपाल रमेन डेका ने गिनाए खेलों के फायदे, बोले- अनुशासन के साथ बनता है बेहतर करियर

    रायपुर में राज्यपाल रमेन डेका ने गिनाए खेलों के फायदे, बोले- अनुशासन के साथ बनता है बेहतर करियर

    रायपुर : खेलों से मिलती है शारीरिक मजबूती, अनुशासन और करियर की नई राह: राज्यपाल रमेन डेका

    नवभारत फुटबॉल प्रतियोगिता के समापन में शामिल हुए राज्यपाल, विजेता और उपविजेता टीमों को किया सम्मानित

    रायपुर, 

    राज्यपाल रमेन डेका नवभारत परिवार द्वारा आयोजित 17वीं अखिल भारतीय फुटबॉल एवं जिला स्तरीय विद्यालय फुटबॉल प्रतियोगिता के समापन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने फाइनल मुकाबला देखा और विजेता तथा उपविजेता टीमों को ट्रॉफी एवं नकद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। अखिल भारतीय प्रतियोगिता के फाइनल में तमिलनाडु पुलिस ने दल्लीराजहरा माइंस को 1-0 से हराकर खिताब जीता। विद्यालय स्तरीय प्रतियोगिता में सेंट जेवियर्स स्कूल भरनी ने नवीन पिछड़ा वर्ग क्रीड़ा परिसर को पराजित कर विजेता बनने का गौरव हासिल किया।

    राज्यपाल डेका ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल शारीरिक मजबूती के साथ अनुशासन, टीमवर्क और खेल भावना विकसित करते हैं। नियमित रूप से मैदान में खेलने से शरीर स्वस्थ और सक्रिय रहता है। उन्होंने कहा कि खेल अब करियर का भी महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं। खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर आगे बढ़ने के अवसर बढ़े हैं। प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में खिलाड़ियों की सहभागिता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ के खेलों के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने की शुभकामनाएं दीं।

    डेका ने कहा कि फुटबॉल हमें सिखाता है कि लक्ष्य पाने के लिए प्रत्येक खिलाड़ी को अपनी भूमिका निभानी होती है। एक-दूसरे का साथ देना, नियमों का सम्मान करना और अंतिम मिनट तक प्रयास करते रहना ऐसे गुण हैं, जो जीवन के हर क्षेत्र में उपयोगी होते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि खेल का आनंद लें, मेहनत करते रहें और हार से सीखकर फिर मैदान में उतरें। आपकी लगन ही आपकी सबसे बड़ी पूंजी है।

    राज्यपाल ने कहा कि विद्यालय स्तर की प्रतियोगिताएं बच्चों की प्रतिभा निखारने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इन्हीं बच्चों में से खिलाड़ी आगे चलकर राज्य और देश का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। जिला और राज्य स्तर के मुकाबलों से अनुभव मिलता है, जबकि अखिल भारतीय प्रतियोगिताओं में विभिन्न राज्यों की टीमों के साथ खेलने से खेल का स्तर बेहतर होता है और आगे की तैयारी की दिशा मिलती है। ऐसे आयोजनों का सिलसिला जारी रहना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिले। 

    समापन समारोह में विभिन्न विभाग के अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में खिलाड़ी एवं खेलप्रेमी दर्शक उपस्थित थे।

  • रीवा और सीधी को मिलेगी रेल कनेक्टिविटी की सौगात, 10 अक्टूबर से ट्रेन संचालन की तैयारी

    रीवा और सीधी को मिलेगी रेल कनेक्टिविटी की सौगात, 10 अक्टूबर से ट्रेन संचालन की तैयारी

    रीवा 

     रीवा से रामपुर नैकिन के बीच जल्द यात्री ट्रेन का संचालन शुरू होने की उम्मीद है। रेलवे ने इसके लिए तैयारियां तेज कर दी है। पश्चिम मध्य रेलवे के जीएम दिलीप सिंह गुरुवार को सतना से देवेंद्रनगर रेलवे ट्रैक का निरीक्षण करने आ रहे है। संभावना जताई जा रही है कि वे रीवा से रामपुर नैकिन के बीच तैयार ट्रैक का भी निरीक्षण कर सकते हैं। हालांकि उनके इस निरीक्षण को लेकर अभी अधिकृत सूचना जारी नहीं हुई है। निरीक्षण के बाद रेलवे ट्रेन संचालन को हरी झंडी दे सकता है।

    ललितपुर-सिंगरौली रेल परियोजना का हिस्सा है ये रेल लाइन
    ललितपुर-सिंगरौली रेल परियोजना (Lalitpur-Singrauli railway project) के तहत रीवा से सीधी के बीच रेलवे ट्रैक का निर्माण किया जा रहा है। चुरहट तक ट्रैक का काम पूरा हो चुका है, जबकि चुरहट से आगे सीधी तक निर्माण कार्य जारी है। इस हिस्से का काम वर्ष 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। रीवा जिले में सिलपरा और गोविंदगढ़ में दो अतिरिक्त रेलवे स्टेशनों का निर्माण भी कराया गया है। निर्माण पूरा होने के बाद ये स्टेशन करीब एक साल से अधिक समय से उपयोग के इंतजार में हैं। अब रेलवे रीवा से रामपुर नैकिन तक यात्री ट्रेन चलाने की तैयारी में है।

    इसके लिए रेलवे स्टेशनों और ट्रैक पर व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा रही है। स्टेशनों पर ट्रैक की सफाई कर चूना लगाया गया है। रेलवे की तैयारियों को देखते हुए माना जा रहा है कि निरीक्षण के बाद ट्रेन संचालन को मंजूरी मिल सकती है। ट्रेन शुरू होने से रीवा और सीधी जिले के बीच आवागमन करने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी।

    सीधी में स्टेशन भवन का निर्माण जारी
    सीधी तक रेलवे ट्रैक बिछाया जा चुका है, लेकिन स्टेशन भवन का निर्माण अभी जारी है। ललितपुर-सिंगरौली रेल परियोजना के इस हिस्से को वर्ष 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित है। स्टेशन का निर्माण पूरा होने के बाद ट्रेनों का विस्तार सीधी तक किया जा सकेगा। वर्तमान में निर्माण कार्य को पूरा होने में करीब दो वर्ष का समय लगने की उम्मीद है।

    बिलासपुर ट्रेन का रामपुर नैकिन तक हो सकता है विस्तार
    बिलासपुर-रीवा के बीच चलने वाली ट्रेन को रामपुर नैकिन तक बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। यह ट्रेन सुबह करीब 6 बजे रीवा पहुंचती हैं। रेलवे ऐसा शेड्यूल तैयार कर रहा है, जिससे आनंद विहार, इतवारी, रेवांचल सहित अन्य ट्रेनों से आने वाले यात्री भी आगे रामपुर नैकिन तक सफर कर सकें। अभी ट्रेन विस्तार का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है, लेकिन रेलवे ने 10 अक्टूबर से संचालन शुरू करने की तैयारी की है।

    शटल ट्रेन में एलएचबी कोच से सफर होगा आरामदायक
    जबलपुर-रीवा के बीच चलने वाली शटल ट्रेन की पूरी रैंक बदलकर एलएचबी कोच लगाए गए हैं। रेलवे ने करीब दस दिन पहले इसकी घोषणा की थी, जिसके बाद अब पुरानी रैंक हटाकर नई एलएचबी रैंक लगा दी गई है। एलएचबी कोच अपेक्षाकृत हल्के और अधिक आधुनिक होते हैं तथा यात्रियों को बेहतर और आरामदायक सफर उपलब्ध कराते हैं। रीवा से चलने वाली छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनल मुंबई, रीवा-चिरमिरी और रीवा-भोपाल ट्रेनों में अभी पुराने रैंक लगे हैं। रेलवे इन ट्रेनों की रैंक भी जल्द बदलने की तैयारी कर रहा है।

  • MP Tourism को मिली नई डिजिटल उड़ान, बहुभाषी वेबसाइट और डिजिटल ट्रैवल हैंडबुक का लोकार्पण

    MP Tourism को मिली नई डिजिटल उड़ान, बहुभाषी वेबसाइट और डिजिटल ट्रैवल हैंडबुक का लोकार्पण

    देखो पूरा देश, पर सबसे पहले मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    टूरिज्म अब सिर्फ़ फीलिंग का ही नहीं, हार्ट हीलिंग का भी जरिया बन गया है
    वैश्विक पर्यटकों के लिए एमपी टूरिज्म की बहुभाषी वेबसाइट और अत्याधुनिक डिजिटल ट्रैवल हैंडबुक का हुआ लोकार्पण
    34 देशों के 100 से अधिक विदेशी टूर ऑपरेटर्स और 180 घरेलू टूर ऑपरेटर्स सहित 600 से अधिक प्रतिभागी हुए शामिल
    असीम पर्यटन संभावनाओं को आकर्षित करेगा ‘मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026’ : मंत्री लोधी
    ‘मुखयमंत्री डा. यादव ने किया मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट ; 2026’ के 7वें संस्करण का शुभारंभ
    प्रदेश में पर्यटन परियोजनाओं की स्थापना के लिए 6 महत्वपूर्ण एमओयू का हुआ आदान-प्रदान, निवेश प्रोत्साहन के तहत दिए गए 2 लेटर ऑफ अवार्ड

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक देश की अर्थव्यवस्था को 3 ट्रिलियन तक ले जाने का जो लक्ष्य रखा है, टूरिज्म उसका एक बहुत बड़ा पार्ट है। प्रधानमंत्री मोदी के तीन मंत्रों – देखो अपना देश, वोकल फ़ॉर लोकल और ट्रिपल टी यानी टेक्नोलॉजी, ट्रेड और टूरिज्म ने भारत के पर्यटन को नई दिशा दे दी है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में पर्यटकों की संख्या और संभावनाएं दोनों बढ़ रही है क्योंकि पर्यटन अब सिर्फ़ घूमने-फिरने और प्रकृति को एक्सप्लोर करने का ही विषय नहीं रहा, यह हमारी कला-संस्कृति के प्रसार, रोज़गार, निवेश और आर्थिक विकास का माध्यम बन चुका है। उन्होंने प्रदेश के नागरिकों से कहा कि यद्यपि पर्यटन के लिए पूरे देश में अनेकानेक स्थल हैं, तथापि जब भी पर्यटन के लिए निकलें, तो सबसे पहले अपने मध्यप्रदेश को ही चुनें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को प्रदेश के पर्यटन विकास, पर्यटकों की संख्या में ऐतिहासिक वृद्धि और टूर ऑपरेटर्स, होटल व्यवसायियों व होमस्टे संचालकों जैसे हितग्राहियों को व्यावसायिक गतिविधियों के लिए एक वैश्विक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में ‘मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026’ के 7वें संस्करण का शुभारंभ किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि टूरिज्म अब सिर्फ़ फीलिंग को शेयर करने का ही नहीं, हार्ट हीलिंग का भी जरिया बन गया है। अब टूरिस्ट ऐसे ट्रैवल डेस्टिनेशन पर जाना पसंद करता है , जहां सुंदर और शांत वातावरण हो। ट्रैकिंग और एडवेंचर के साथ वेलनेस ओर स्पिरिचुअल टूरिज्म भी अब तेजी से ट्रेंड कर रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में 17 सितम्बर 2022 से चीता पुनर्स्थापना के बाद वन पर्यटन बढ़ा है। टेक्नोलॉजी अब पर्यटन का अंग बन चुकी है। हमने 20 चीते लाकर यहां काम शुरू किया था। इनकी संख्या बढ़कर अब 60 हो गई है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व चीतों का तीसरा आश्रय स्थल बन गया है। मध्यप्रदेश में पर्यटन के विकास के लिए तेजी से काम हो रहे हैं, यही कारण है कि हमारा मध्यप्रदेश पर्यटन के मामले में नए-नए रिकार्ड बना रहा है। वर्ष 2025 में प्रदेश में 21 करोड़ से अधिक पर्यटक आए, जो वर्ष 2024 की तुलना में 57 प्रतिशत अधिक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आध्यात्मिक और वन्य जीव पर्यटन अब मध्यप्रदेश की पहचान बन चुका है। प्रकृति प्रेमियों  के लिए तो मध्यप्रदेश स्वर्ग है। हमारे 12 नेशनल पार्क और 9 टाइगर रिजर्व जैव विविधता से भरा हुआ  खजाना हैं।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देश के दूर-दराज से आए अतिथियों, टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंट्स, पर्यट न जगत के प्रतिनिधियों और निवेशकों का मध्यप्रदेश की धरती पर स्वागत करते हुए कहा कि आप कुछ दिन तो हमारे मध्यप्रदेश में गुजारिये, आप इसे भूल नहीं पाएंगे क्योंकि जो भी एक बार यहां आता है, वह हमारा ही हो जाता है। इसलिए एक बार मध्यप्रदेश घूमने का अनुभव जरूर लें।

    ट्रैवल मार्ट से वैश्विक पर्यटन बाजार में मजबूत होगी मध्यप्रदेश की पहचान : राज्यमंत्री लोधी

    संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि  प्रधानमंत्री मोदी के  मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. यादव  के नेतृत्व में मध्यप्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में निरंतर नई ऊंचाइयां प्राप्त कर रहा है।मध्यप्रदेश की गौरवशाली सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत , प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध परंपराएं और आध्यात्मिक धरोहर देश- दुनिया के पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। यहां के विविध पर्यटन अनुभवों ने हमेशा पर्यटकों का दिल जीता है। वर्ष 2025 में मध्यप्रदेश में 21 करोड़ से अधिक पर्यटकों का आगमन प्रदेश सरकार की पर्यटन क्षेत्र के विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ.  यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश को देश और दुनिया के प्रमुख पर्यटन गंतव्यों के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर नए नवाचार और प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट पर्यटन क्षेत्र के विभिन्न हितधारकों को एक मंच पर लाने के साथ-साथ प्रदेश में पर्यटकों की संख्या बढ़ाने, नए पर्यटन अवसरों को विकसित करने और मध्यप्रदेश के पर्यटन को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।

    एमपी ट्रैवल मार्ट 2026: प्रदेश के आर्थिक और पर्यटन विकास का सशक्त मंच:  मुख्य सचिव बर्णवाल

    मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने कहा कि आज हम “इंटीग्रेट, इनोवेट और इंस्पायर” (एकीकृत करें, नवाचार करें और प्रेरित करें) के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं। वर्ष 2025 में हमारे पर्यटन क्षेत्र में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। इसके अंतर्गत प्रदेश में 21 करोड़ से अधिक पर्यटकों का आगमन हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में 57% अधिक है। ‘हार्ट ऑफ इनक्रेडिबल इंडिया’ की आतिथ्य परंपरा का अनुभव लीजिए, क्योंकि 'मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट' मध्यप्रदेश को विकास के नए शिखर पर ले जाने की इस यात्रा में साझीदार बनने का एक सशक्त मंच है।

    आयोजन से पर्यटकों की संख्या में वृद्धि को मिलेगी और गति : महेंद्र प्रताप सिंह

    फिक्की मध्यप्रदेश और आईटो के चेयरमैन महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश में पर्यटन का भविष्य ‘एक्सपीरियंस टूरिज्म’ में है, जहां पर्यटक केवल स्थलों को देखें नहीं, बल्कि प्रदेश की संस्कृति, कला, शिल्प, खान-पान और ग्रामीण जीवन को करीब से महसूस करें। पर्यटन अब सिर्फ यात्रा नहीं, बल्कि अनुभवों, कहानियों और नए संबंधों को संजोने का माध्यम बन रहा है। ‘देखो अपना देश, सबसे पहले मध्यप्रदेश’ इसी अनुभव को आगे बढ़ाने की एक सोच है।

    कार्यक्रम के दौरान, पर्यटन विभाग के सचिव एवं मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैयाराजा टी. ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया, वही मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (MPSTDC) के प्रबंध संचालक दिलीप कुमार यादव ने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।

    कार्यक्रम के दौरान, पर्यटन के सचिव एवं मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैया राजा टी. ने स्वागत उद्बोधन में सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया। एमपी ट्रैवल मार्ट के उद्देश्यों और कार्यक्रम की रुपरेखा पर प्रकाश डाला मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (MPSTDC) के प्रबंध संचालक दिलीप कुमार यादव ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

    छह महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों का हुआ आदान-प्रदान

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड और विभिन्न संस्थाओं के बीच छह महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान हुआ। इनमें ग्रामीण पर्यटन, साहसिक पर्यटन, मोटरस्पोर्ट्स, फिल्म एवं कंटेंट निर्माण, AI आधारित डिजिटल पर्यटन तथा वन्यजीव पर्यटन जैसे विविध क्षेत्रों में सहयोग शामिल है।

    Explurger के साथ AI आधारित डिजिटल पर्यटन एवं पर्यटक अनुभव को सुदृढ़ करने के लिए सहयोग किया गया। इसके तहत AI एजेंट के माध्यम से चयनित गंतव्यों पर बहुभाषी डिजिटल सहायता, पर्यटक मार्गदर्शन एवं स्टोरीटेलिंग उपलब्ध कराने के साथ 100 पर्यटन गंतव्यों पर चरणबद्ध रूप से 1,000 QR बोर्ड स्थापित किए जाएंगे। इस अवसर पर Explurger के निदेशक जितेन भाटिया उपस्थित रहे।

    वहीं राजसन होटल्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ बांधवगढ़, सतपुड़ा एवं कान्हा टाइगर रिजर्व में प्रस्तावित वन्यजीव पर्यटन परियोजनाओं के विकास के लिए समझौता हुआ, जिसमें ₹520 करोड़ के संभावित निवेश और 375 प्रत्यक्ष रोजगार सृजन की संभावना है। इस अवसर पर कंपनी के निदेशक विनोद सिंह राजपुरोहित उपस्थित रहे।

    ग्राम स्टे–कनेक्टिंग विलेजेज ऑफ इंडिया के साथ ग्रामीण पर्यटन, डिजिटल दृश्यता एवं होमस्टे की ऑनलाइन बुकिंग को बढ़ावा देने के लिए समझौता हुआ, जिसमें संस्थापक एवं CEO परीक्षित सिंह उपस्थित रहे।

    TVF तथा KRARK फैमिली ऑफिस एवं प्रमोटर ग्रुप के साथ फिल्म निर्माण, कौशल विकास, कंटेंट निर्माण एवं फिल्म पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए समझौता हुआ, जिसमें निदेशक अर्णव उपस्थित रहे।

    एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ATOAI) के साथ साहसिक पर्यटन के विकास एवं सुरक्षा मानकों को सुदृढ़ करने पर सहयोग किया गया; इस अवसर पर पद्मएवं ATOAI के पूर्व अध्यक्ष अजीत बजाज उपस्थित रहे। NATRAX के साथ मोटरस्पोर्ट्स एवं साहसिक पर्यटन के विकास तथा पर्यटन गतिविधियों के विस्तार के लिए समझौता हुआ, जिसमें निदेशक डॉ. मनीष जायसवाल उपस्थित रहे।

     पर्यटन परियोजाओं की स्थापना के लिए लेटर ऑफ अवार्ड  किए गए प्रदान

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में प्रदेश में पर्यटन परियोजाओं की स्थापना के लिए लेटर ऑफ अवार्ड प्रदान किए गए। मेसर्स पालिया कंस्ट्रक्शन, ग्वालियर के पार्टनर अनूप शर्मा को ग्राम ओरछा, जिला निवाड़ी में ₹50 करोड़ के प्रस्तावित निवेश से रिसॉर्ट परियोजना स्थापित करने के लिए एलओए प्रदान किया गया।

     वीरेंद्र जादौन को लक्ष्मीपुर पैलेस , जिला पन्ना में ₹10 करोड़ के प्रस्तावित निवेश से हेरिटेज होटल परियोजना स्थापित करने के लिए एलओए प्रदान किया गया।

    एमपी टूरिज्म की बहुभाषी वेबसाइट और डिजिटल 'एमपी ट्रैवल हैंडबुक' का लोकार्पण

    वैश्विक पर्यटकों को अधिक सुगमता और आधुनिक अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से पर्यटन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट (www.mptourism.com) के बहुभाषी संस्करण का लोकार्पण किया गया, जिसमें अंग्रेजी और हिंदी के अलावा जर्मन, स्पैनिश, फ्रेंच और जापानी भाषाओं को शामिल किया गया है। इसके साथ ही, 'टेलमी डिजीइन्फोटेक' के सहयोग से विकसित 'एमपी ट्रैवल हैंडबुक' (डायनेमिक डिजिटल कॉफी टेबल बुक) का भी शुभारंभ हुआ, जिसमें 360-डिग्री व्यू, AI स्टोरीटेलिंग, VR (वर्चुअल रियलिटी) लिंक्स और ऑडियो नरेशन जैसी अत्याधुनिक डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

    "अमृतस्य मध्यप्रदेश" से बिखेरी संस्कृति की झलक

    कोरियोग्राफर सुमैत्रेयी पहाड़ी के निर्देशन में 100 से अधिक कलाकारों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक नृत्य नाटिका 'अमृतस्य मध्यप्रदेश' ने अपनी अलौकिक प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया। इस भव्य प्रस्तुति ने 'ओम' की गूँज के साथ शुरू होकर भीमबेटका, सांची, खजुराहो, ग्वालियर और ओरछा की ऐतिहासिक धरोहरों से होते हुए मध्य प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और वस्त्र परंपराओं को जीवंत किया।

    इसमें राज्य के वन्यजीवों, उज्जैन के सांदीपनि आश्रम, महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर और पावन नर्मदा के आध्यात्मिक वैभव को बेहद सुंदर ढंग से प्रदर्शित किया गया।अंत में मां नर्मदा जी की आरती और वर्ष 2028 के सिंहस्थ कुंभ के दिव्य दृश्यों के साथ यह संपूर्ण कलात्मक यात्रा भारतीय शास्त्रीय और लोक परंपराओं को पिरोते हुए पूर्णता को प्राप्त हुई।

    विदेशी टूर ऑपरेटर्स के अनुभव आधारित वीडियो हुए लॉन्च

    प्रदेश में फैम टूर पर आए विदेशी टूर ऑपरेटर्स के अनुभव आधारित वीडियो का प्रसारण किया गया जिनमें उन्होंने मध्य प्रदेश की सुंदरता, होमस्टे और वन्यजीवों के अपने अनूठे अनुभवों को साझा किया। इन वीडियो के माध्यम से राज्य के पर्यटन स्थलों की मनमोहक झलक और मेहमाननवाज़ी को प्रस्तुत किया गया।

    इस अवसर पर केंद्रीय सचिव पर्यटन मंत्रालय भुवनेश कुमार, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, विस्क्वेस्ट हॉस्पिटैलिटी के निदेशक एस. वेंकट एन. रेड्डी, ग्रुप ए.आर.एम. (ए.आर.एम. फूड्स) के चेयरमैन अतुल अग्रवाल, प्रसिद्ध शेफ, लेखक एवं टेलीविज़न प्रस्तोता रणवीर बराड़, अनादिरिशा टाइगर कैप प्रा. लि. के निदेशक विनोद सिंह राजपुरोहित, एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष वेद खन्ना और ईईएमए के अध्यक्ष दीपक चौधरी सहित अन्य गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही। इस प्रतिष्ठित वैश्विक महाकुंभ में 34 से अधिक देशों के 100 से अधिक विदेशी टूर ऑपरेटर्स, देश भर के 180 घरेलू टूर ऑपरेटर्स और प्रतिष्ठित फिल्मी हस्तियों सहित 600 से अधिक प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।     

  • पर्यटन के क्षेत्र में MP की बड़ी तैयारी, निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध राज्य सरकार

    पर्यटन के क्षेत्र में MP की बड़ी तैयारी, निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध राज्य सरकार

    पर्यटन की दृष्टि से असीम संभावनाओं का केंद्र है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    राज्य सरकार पर्यटन निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए प्रतिबद्ध
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मौजूदगी में महत्वपूर्ण एमओयू के साथ प्रदान किये लेटर ऑफ अवॉर्ड
    पर्यटन निवेशकों के साथ वन-टू-वन बैठक में आए करोड़ों रुपये के निवेश प्रस्ताव

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध वन्य जीव संपदा, ऐतिहासिक धरोहरों और आध्यात्मिक पर्यटन की दृष्टि से असीम संभावनाओं का केंद्र है और राज्य सरकार पारदर्शी नीतियों, त्वरित अनुमतियों और सिंगल-विंडो सिस्टम के माध्यम से निवेशकों को हरसंभव सहयोग देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ‘एमपी ट्रैवल मार्ट : 2026’ के दौरान मध्यप्रदेश में पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाई देने और निजी निवेश को गति प्रदान करने के उद्देश्य से देश-विदेश के प्रमुख पर्यटन निवेशकों, हॉस्पिटैलिटी समूहों और स्टेकहोल्डर्स के साथ वन-टू-वन बैठकें कीं। प्रदेश में पर्यटन अधोसंरचना, धरोहर संरक्षण, कौशल विकास, फिल्म पर्यटन और विभिन्न पर्यटन परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) का आदान-प्रदान किया गया तथा निवेशकों को लेटर ऑफ अवॉर्ड (एलओए) प्रदान किए गए।

    सीहोर के रामगढ़ में 848.40 करोड़ रुपये का बड़ा निवेश एमओयू

    निवेश संवर्धन के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए सीहोर जिले के रामगढ़ में ए.आर.एम. फूड्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 848.40 करोड़ रुपये के निजी निवेश से गोल्फ कोर्स, होटल विला, वेलनेस रिसॉर्ट एवं लक्जरी होटल परियोजनाओं के विकास के लिए महत्वपूर्ण एमओयू किया गया। इस महत्वाकांक्षी परियोजना से क्षेत्र में 920 प्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इस अवसर पर ए.आर.एम. फूड्स का प्रतिनिधित्व कंपनी के चेयरमैन एवं निदेशक अतुल अग्रवाल ने किया।

    निवेशकों को त्वरित अनुमतियों का भरोसा और रोजगार सृजन को मिलेगी गति

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी निवेशकों, संस्थाओं और उद्यमियों का स्वागत करते हुए आश्वस्त किया कि राज्य सरकार भूमि आवंटन, अधोसंरचना विकास और आवश्यक स्वीकृतियों को समयबद्ध रूप से पूरा करेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन महत्वपूर्ण एमओयू, निवेश प्रस्तावों और लेटर ऑफ अवॉर्ड के माध्यम से मध्यप्रदेश का पर्यटन क्षेत्र नई ऊंचाइयों को छुएगा और स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए रोजगार व स्वरोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे।

    कौशल विकास, हेरिटेज संरक्षण और फिल्म पर्यटन में हुए एमओयू

    पर्यटन विकास, योजना और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में कई अन्य महत्वपूर्ण एमओयू भी हुए। फिल्म पर्यटन के क्षेत्र में एसीएडी, इंदौर के साथ फिल्म निर्माण शिक्षा, पर्यटन एवं कंटेंट निर्माण के लिए समझौता (एमओयू) हुआ। ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के तहत स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए), नई दिल्ली के साथ ओरछा के ऐतिहासिक परिसर की समेकित प्रबंधन योजना तैयार करने के लिए एमओयू हुआ।

    कौशल विकास अन्तर्गत भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान (आईआईटीटीएम), ग्वालियर के साथ पर्यटक वाहन चालकों के आरपीएल प्रशिक्षण एवं प्रमाणन के लिए एमओयू किया गया। इसके प्रथम चरण में भोपाल के 100 पर्यटक वाहन चालकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसमें संस्थान का प्रतिनिधित्व प्रो. प्रशांत के. गौता ने किया। वहीं, द्रोणह के साथ ओरछा परिसर के पर्यावरण, लैंडस्केप एवं संरक्षण योजना तैयार करने के लिए एमओयू किया गया, जिसमें श्रीमती शिखा जैन ने प्रतिनिधित्व किया।

    इसके अतिरिक्त, टेकनपुर (ग्वालियर) स्थित बीएसएफ अकादमी में पर्यटन सुविधाओं के विकास, डिजिटल अधोसंरचना और बीएसएफ म्यूजियम के उन्नयन के लिए बीएसएफ अकादमी, एमपीएसटीडीसी तथा जिला प्रशासन के बीच त्रिपक्षीय एमओयू हुआ, जिसका प्रतिनिधित्व डीआईजी हरिंदर सिंह तोमर एवं रितेश ठाकुर ने किया।

    हॉस्पिटैलिटी और लक्जरी रिसॉर्ट्स के क्षेत्र में आए निवेश प्रस्ताव

    वन-टू-वन बैठकों के दौरान हॉस्पिटैलिटी और लक्जरी रिसॉर्ट्स के क्षेत्र में अन्य बड़े निवेश प्रस्ताव भी सामने आए। एटमॉस्फियर ग्रुप के प्रबंध निदेशक सौभाग्य महापात्रा ने उज्जैन, इंदौर और प्रमुख वन्य जीव सर्किटों में लक्जरी हॉस्पिटैलिटी विस्तार के लिए 500 करोड़ रुपये के निवेश की योजना साझा की।

    रेनी ग्रुप के निदेशक पंकज फुलवानी ने मांडू में 350 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक लुनेरा सराय को ‘वेलकम होटल बाय आईटीसी’ (130 करोड़ रुपये) के रूप में विकसित करने, खजुराहो में कुटनी डैम के सामने वॉटर फ्रंट रिसॉर्ट (125 करोड़ रुपये), सीधी में ‘स्टोरी बाय आईटीसी’ (35 करोड़ रुपये) और मैहर में बाणसागर डैम के पास रिसॉर्ट सहित कुल 290 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के संबंध में चर्चा हुई।

    सर्व ग्रुप के प्रबंध निदेशक कुणाल ज्ञानी ने सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (मढ़ई) में ‘ताज सफारीज’ के साथ 40 एकड़ में 100 करोड़ रुपये के अल्ट्रा-लक्जरी वन्य जीव रिसॉर्ट और राज्य में कुल 300 करोड़ रुपये के समग्र निवेश संबंधी चर्चा की। एमआरवीएच रिसॉर्ट्स के निदेशक जितेंद्र सिंह ने ओंकारेश्वर में 200 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे ‘रमाडा रिसॉर्ट बाय विंडहैम’ को सिंहस्थ 2028 से पूर्व, वर्ष 2026 के अंत तक पूर्ण करने तथा रातापानी, बांधवगढ़, पचमढ़ी व मढ़ई में 150 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश का प्रस्ताव दिया।

    वन्य जीव पर्यटन और होटल विस्तार में प्रमुख समूहों ने दिखाई रुचि

    वन्य जीव पर्यटन को गति देने के लिए रामको ग्रुप (जेकेआर हॉस्पिटैलिटी) की प्रबंध निदेशक सुशारदा दीपा ने कान्हा, कूनो, पेंच, रानी दुर्गावती, संजय डुबरी, रातापानी, बांधवगढ़ और पन्ना में 120 से 140 करोड़ रुपये के सतत वन्य जीव रिसॉर्ट्स विकसित करने की योजना प्रस्तुत की।इसके साथ ही वराय होटल्स के सीएमडी शैलेश कलवाडिया ने उज्जैन के ब्रजराजखेड़ी में 80 करोड़ रुपये के होटल प्रोजेक्ट, इवॉल्व बैक ग्रुप के अब्राहम जॉर्ज रामापुरम ने मांडू में 50 करोड़ रुपये से अधिक के रिसॉर्ट प्रोजेक्ट और अनाशविश टाइगर कैंप के विनोद सिंह राजपुरोहित ने ‘द लीला’ के साथ मिलकर कान्हा व सतपुड़ा में लक्जरी परियोजनाओं पर चर्चा की।

    विसक्वेस्ट हॉस्पिटैलिटी के एस. वेंकट रेड्डी, जूस्टा होटल्स के आशीष वोहरा, अंबुजा नियोतिया के अवनीश कोहली और अहिल्या एक्सपीरिएंसेज के यशवंत राव होलकर ने भी प्रदेश में होटल व डेस्टिनेशन हॉस्पिटैलिटी परियोजनाओं में निवेश की गहरी रुचि दिखाई।

    फिल्म निर्माण, सांस्कृतिक प्रचार और फूड टूरिज्म पर विमर्श

    फिल्म पर्यटन के तहत ‘द वायरल फीवर’ (टीवीएफ) के संस्थापक अरुणाभ कुमार ने ‘पंचायत’ और ‘गुल्लक’ जैसी चर्चित वेब-सीरीज की शूटिंग का उल्लेख करते हुए राज्य को फिल्म हब के रूप में विकसित करने पर चर्चा की। सुप्रसिद्ध अभिनेता अन्नू कपूर ने सिनेमा के जरिए सांस्कृतिक धरोहर के प्रचार पर विचार रखे, जबकि सेलिब्रिटी शेफ रणवीर बरार ने डेस्टिनेशन-बेस्ड फूड टूरिज्म विकसित करने पर सुझाव दिए।

    विभिन्न अंचलों में रिसॉर्ट व पर्यटन परियोजनाओं के लिए लेटर ऑफ अवॉर्ड जारी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा प्रदेश के विभिन्न अंचलों में नई पर्यटन परियोजनाओं के विकास के लिए निवेशकों और उद्यमियों को लेटर ऑफ अवॉर्ड प्रदान किए गए। इसके अंतर्गत निवाड़ी जिले के ओरछा में रिसॉर्ट व बहुउद्देश्यीय पर्यटन परियोजना के लिए मेसर्स अन्या पॉलीटेक एंड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (यशपाल यादव), बैतूल के ग्राम गुरगुंडा में रिसॉर्ट प्रोजेक्ट के लिए मेसर्स हेवन टेक्नो सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड (राजेंद्र ठाकुर) तथा ग्राम बोथिया में रिसॉर्ट प्रोजेक्ट के लिए संदीप सोनी को लेटर ऑफ अवॉर्ड दिया गया।

    नीमच के ग्राम बस्सी में रिसॉर्ट प्रोजेक्ट के लिए श्रीमती स्वाति गोयल, मंदसौर के ग्राम कंगहट्टी में वेलनेस रिसॉर्ट के लिए जैनम जैन तथा गांधी सागर में इको-टूरिज्म गतिविधि के लिए रघुराज सिंह चौधरी को अनुबंध पत्र सौंपे गए। रायसेन के ग्राम मुरलीखेड़ी में रिसॉर्ट एवं अन्य पर्यटन परियोजनाओं के लिए मेसर्स टेक्नो प्लानर्स एलएलपी (आशीष भदौरिया) तथा सागर जिले के ग्राम सलैया गंज में होटल/रिसॉर्ट प्रोजेक्ट के लिए मेसर्स ज्ञानोदय ग्रुप (मूरत सिंह) को लेटर ऑफ अवॉर्ड प्रदान किए गए।

    हेरिटेज होटल और राजमार्गों पर वे-साइड एमिनिटीज की स्थापना को मंजूरी

    सीहोर जिले के ग्राम लावाखेड़ी में रिसॉर्ट परियोजनाओं के लिए संजेश रघुवंशी, आलोक कटारिया तथा मेसर्स साई हरदा कंस्ट्रक्शन एंड डेवलपर्स (आकाश सचदेवा) को लेटर ऑफ अवॉर्ड प्रदान किए गए। उज्जैन जिले के ग्राम ब्रजराज खेड़ी में रिसॉर्ट प्रोजेक्ट के लिए शैलेश कलवारिया तथा पन्ना जिले के लक्ष्मीपुर पैलेस में हेरिटेज होटल प्रोजेक्ट के लिए श्रीमती रत्न जादौन को लेटर ऑफ अवॉर्ड प्रदान किया गया।

    राजमार्गों पर पर्यटकों एवं यात्रियों को उच्च स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मार्ग सुविधा केंद्रों (वे-साइड एमिनिटीज) की स्थापना के लिए भी लेटर ऑफ अवॉर्ड जारी किए गए। इसके अन्तर्गत खजुराहो-पन्ना मार्ग पर सुविधा केंद्र के लिए मेसर्स नीलम कंस्ट्रक्शन (श्रीमती नीलम सिंह), जबलपुर-भोपाल मार्ग स्थित ग्राम तेंदूखेड़ा में सुविधा केंद्र के लिए दुर्गा दास पटेल तथा उज्जैन-मक्सी मार्ग स्थित ग्राम हरसोदन में मार्ग सुविधा केंद्र की स्थापना के लिए पाटीदार फूड्स प्राइवेट लिमिटेड (पुरुषोत्तम पाटीदार एवं आकाश पाटीदार) को अनुबंध पत्र प्रदान किए गए।

    एमआईसीई, साहसिक पर्यटन और तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहन

    प्रदेश को राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों (एमआईसीई) और साहसिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाने के उद्देश्य से ईमा के अध्यक्ष दीपक चौधरी और विजक्राफ्ट इंटरनेशनल के सह-संस्थापक सबास जोसेफ ने बड़े आयोजनों के संबंध में विचार-विमर्श किया। एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष अजीत बजाज ने पर्यावरण-अनुकूल एडवेंचर टूरिज्म पर बल दिया।

    टीबीओ ग्रुप के प्रबंध निदेशक अंकुश निझावन ने ‘टीबीओ एकेडमी’ के जरिए पर्यटन हितधारकों के कौशल विकास का प्रस्ताव दिया। टीएएआई के अध्यक्ष सुनील कुमार तथा एडीटीओआई के अध्यक्ष वेद खन्ना ने अनछुए पर्यटन गंतव्यों के प्रचार की रूपरेखा रखी। तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में एक्सप्लर्जर के संस्थापक जितिन भाटिया ने पर्यटन स्थलों पर एआई-आधारित सहायक ‘एआई एजेंट’ की तैनाती का प्रस्ताव रखा।

     

  • Jaguar की नई इलेक्ट्रिक कार Type-01 लॉन्च, 720KM रेंज के साथ मिलेगी अल्ट्रा-फास्ट चार्जिंग

    Jaguar की नई इलेक्ट्रिक कार Type-01 लॉन्च, 720KM रेंज के साथ मिलेगी अल्ट्रा-फास्ट चार्जिंग

     नई दिल्ली
    जगुअर ने अपनी इलेक्ट्रिक कार टाइप-01 (Jaguar Type 01) से पर्दा उठा दिया है. ये ब्रिटिश ब्रांड की नई शुरुआत है. 2024 में कंपनी ने जगुअर टाइप-00 को पेश किया था और टाइप-01 उससे काफी ज्यादा इंस्पायर्ड है. इस कार को कंपनी ने जगुआर इलेक्ट्रिक आर्किटेक्चर पर तैयार किया है। 

    टाइप-01 कंपनी की दूसरी कारों से काफी अलग डिजाइन के साथ आती है. ये लग्जरी मार्केट को टार्गेट करता है. इस कार में 1000 बीएचपी से ज्यादा पावर और 720 किलोमीटर तक की क्लेम्ड रेंज मिलेगी. इसमें 4 लोगों के लिए स्पेस दिया गया है. आइए जानते हैं इस कार की खास बातें। 

    बैटरी और रेंज 
    टाइप-01 में दमदार परफॉर्मेंस वाले हार्डवेयर के साथ आती है. इसमें तीन मोटर का सेटअप दिया गया है, जिसमें दो रियर साइड में और एक फ्रंट में दिया गया है. ये सेटअप 1030 एचपी की पावर और 1365 एनएम तक का टॉर्क ऑफर करता है. इस कार का वजन लगभग 2.7 टन है। 

    ये कार 3.2 सेकंड में 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ लेती है. कार में 120kWh की बैटरी मिलती है, जिसकी डब्लूएलटीपी क्लेम्ड रेंज 720 किलोमीटर है. जगुआर टाइप-01 को सिर्फ 13 मिनट चार्ज करके 321 किलोमीटर का सफर तय किया जा सकता है. 10 से 80 परसेंट तक चार्ज को चार्ज होने में सिर्फ 22 मिनट का वक्त लगता है। 

    ये कार चार अलग-अलग जोन में बटी हुई है. डैशबोर्ड पर कार के बोनट वाला ही पैटर्न देखने को मिलेगा. कार में फिजिकल बटन्स नहीं दी गई हैं. सेंटर टचस्क्रीन से ही क्लाइमेट कंट्रोल और दूसरे फीचर्स का एक्सेस मिलेगा. इस स्क्रीन को ऐसे प्लेस किया गया है कि ड्राइवर को इसे इस्तेमाल करने में दिक्कत नहीं हो। 

    कार में 24 इंच का ओएलईडी डिस्प्ले दिया गया है. जगुआर की सेल्स में तेजी से गिरावट आई है और इसे रोकने के लिए कंपनी को नए कंज्यूमर्स को जोड़ना होगा. यही वजह है कि कंपनी नए डिजाइन के साथ एंट्री कर रही है. कार की कीमतों को लेकर कंपनी ने कोई ऐलान नहीं किया है। 

    जगुआर टाइप-01 की कीमत रोल्स रॉयस जितनी तो नहीं होगी, लेकिन ब्रांड की पुरानी फ्लैगशिप कार से ज्यादा होगी. इसकी डिलीवरी मिड 2027 में शुरू हो सकती है. ये कार भारत में भी लॉन्च होगी. जहां इसकी कीमत 2 करोड़ रुपये के आसपास हो सकती है। 

  • पटना में प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर बड़ा फैसला, टैक्स के दायरे से बाहर संपत्तियों पर दोगुना जुर्माना

    पटना में प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर बड़ा फैसला, टैक्स के दायरे से बाहर संपत्तियों पर दोगुना जुर्माना

    पटना
    संपत्ति कर के दायरे से बाहर रहकर अब तक कर नहीं देने वाले संपत्ति मालिकों पर पटना नगर निगम जनवरी 2027 से शिकंजा कसने जा रहा है।निगम के डोर-टू-डोर सर्वेक्षण में चिह्नित ऐसी संपत्तियों का 31 दिसंबर 2026 तक कर निर्धारण नहीं कराने पर जनवरी से 100 प्रतिशत जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही बकाया संपत्ति कर पर अक्टूबर 2026 से 1.5 प्रतिशत मासिक पेनाल्टी भी लागू कर दी गई है।

    नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने सभी अंचलों को 31 दिसंबर तक वार्डवार विशेष कर निर्धारण शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया है।

    इन शिविरों में नागरिक संपत्ति कर का नया निर्धारण कराने के साथ कर पुनर्निर्धारण, कर में संशोधन और बकाया कर का भुगतान करा सकेंगे। खास बात यह है कि नागरिक अपने नजदीकी किसी भी शिविर में पहुंचकर इन सेवाओं का लाभ ले सकेंगे।

    दो दिन में 60 से अधिक संपत्तियों का नया निर्धारण
    पहले चरण में पाटलिपुत्र और नूतन राजधानी अंचल में वार्डवार विशेष शिविर शुरू किए गए हैं। शुरुआती दो दिनों में दोनों अंचलों के शिविरों में 60 से अधिक संपत्तियों का नया कर निर्धारण किया गया।

    16 संपत्तियों में कर संशोधन और छह संपत्तियों का पुनर्निर्धारण भी हुआ। शिविरों के माध्यम से 211 संपत्तियों से करीब 14 लाख रुपये संपत्ति कर की वसूली की गई।
    सर्वे में सामने आईं कर से बाहर संपत्तियां

    नगर निगम के डोर-टू-डोर सर्वेक्षण के दौरान बड़ी संख्या में ऐसी संपत्तियां चिन्हित की गई हैं, जो अभी तक संपत्ति कर के दायरे में नहीं थीं। निगम अब इन संपत्तियों के मालिकों को शिविरों के माध्यम से कर निर्धारण कराने का अवसर दे रहा है।

    31 दिसंबर तक कर निर्धारण कराने पर संपत्ति मालिकों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत कर जमा करने का मौका मिलेगा। इसके बाद निगम स्तर से कार्रवाई और जुर्माने का प्रविधान लागू होगा।

    इन जगहों पर लगेंगे शिविर
    सात अक्टूबर को नूतन राजधानी अंचल में सब्जपुरा के वार्ड-3 स्थित वार्ड पार्षद कार्यालय और पाटलिपुत्र अंचल में अशोक राजपथ स्थित गेट संख्या-93, वार्ड-22ए में शिविर लगेगा।

    आठ से 10 अक्टूबर तक नूतन राजधानी अंचल में हरनीचक के वार्ड-11 स्थित वार्ड पार्षद कार्यालय तथा पाटलिपुत्र अंचल में कुर्जी में बैंक आफ बड़ौदा के पास वार्ड-22बी स्थित वार्ड पार्षद कार्यालय में शिविर आयोजित होगा।

    नहीं कराया निर्धारण तो हो सकती है कुर्की-जब्ती
    नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अवधि में कर निर्धारण नहीं कराने वाले संपत्ति मालिकों पर बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।

    इसमें नियमानुसार कुर्की-जब्ती, बैंक खाते को फ्रीज करने, संपत्ति की बिक्री और गिरफ्तारी वारंट समेत अन्य कार्रवाई का प्रविधान है।

    निगम ने संपत्ति मालिकों से अंतिम समय का इंतजार नहीं करने और 31 दिसंबर से पहले विशेष शिविर में कर निर्धारण कराने की अपील की है।

     

     

  • विदेश में फिर नीलाम होगा चंडीगढ़ का विरासत फर्नीचर, 10 अक्टूबर को दो कुर्सियों पर लगेगी बोली

    विदेश में फिर नीलाम होगा चंडीगढ़ का विरासत फर्नीचर, 10 अक्टूबर को दो कुर्सियों पर लगेगी बोली

     चंडीगढ़
     चंडीगढ़ के विरासत फर्नीचर की विदेशों में नीलामी का मामला फिर गरमा गया है। शहर की प्रशासनिक इमारतों में इस्तेमाल किए गए और प्रसिद्ध वास्तुकार पियरे जेनरे द्वारा डिजाइन किए गए फर्नीचर की विदेशों में नीलामी को लेकर एडवोकेट अजय जग्गा ने यूटी प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि पेरिस में प्रस्तावित नीलामी में संबंधित फर्नीचर बिक नहीं पाया, लेकिन अब 10 अक्टूबर को नीदरलैंड में पियरे जेनरे की डिजाइन की दो कुर्सियों की नीलामी प्रस्तावित है।

    जग्गा ने सात अक्टूबर को प्रशासक को भेजे पत्र में मांग की है कि यदि अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई है तो तत्काल दर्ज की जाए, ताकि विदेश मंत्रालय के माध्यम से संबंधित देश के अधिकारियों और नीलामी घर को नीलामी रोकने के लिए कहा जा सके। उनका तर्क है कि बिना एफआईआर के राजनयिक स्तर पर कार्रवाई करने में दिक्कत आती है।

    नीलामी कैटलॉग में चंडीगढ़ का स्पष्ट उल्लेख नीदरलैंड के हेसिन्क फाइन आर्ट ऑक्शनरिस की नीलामी में लॉट नंबर 28 में पियरे जेनरे की दो एक्स-लेग आर्मचेयर शामिल हैं। इनकी अनुमानित कीमत 5,000 से 7,000 यूरो और शुरुआती बोली 3,000 यूरो बताई गई है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कैटलॉग में इनकी प्रोवेनेंस स्पष्ट रूप से फ्रॉम द एडमिनिस्ट्रैटिव बिल्डिंग्स, चंडीगढ़, इंडिया लिखी गई है।

    इसी तरह पेरिस के Artcurial की नीलामी में लॉट नंबर 73 में पियरे जेनरे की ‘चेयर वी टाइप केन सीट, केन बैक’ शामिल थी। इसकी अनुमानित कीमत 4,000 से 6,000 यूरो थी और कैटलॉग में प्रोवेनेंस एडमिनिस्ट्रैटिव बिल्डिंग्स, चंडीगढ़ दर्ज था। जग्गा के अनुसार पेरिस की नीलामी में यह वस्तु न तो बिकी और न ही नीलाम हो पाई।

    जांच हो कि फर्नीचर चंडीगढ़ से विदेश कैसे पहुंचा
    जग्गा ने प्रशासन से मांग की है कि नीलामी घरों से इन वस्तुओं की पूरी प्रोवेनेंस हिस्ट्री, खरीद-बिक्री के दस्तावेज, निर्यात-आयात और कस्टम दस्तावेज तथा स्वामित्व से जुड़े रिकॉर्ड मांगे जाएं। साथ ही यह भी जांच हो कि ये वस्तुएं चंडीगढ़ की प्रशासनिक इमारतों से कब, किसकी अनुमति से और किस माध्यम से बाहर गईं।

    उन्होंने कहा कि मामला केवल फर्नीचर की खरीद-बिक्री का नहीं है। पियरे जेनरे का फर्नीचर चंडीगढ़ के निर्माण और इसकी आधुनिक वास्तुकला की विरासत से सीधे जुड़ा है। ऐसे में प्रशासनिक भवन में इस्तेमाल हुआ कोई फर्नीचर सामान्य व्यावसायिक वस्तु नहीं माना जा सकता।

    विरासत फर्नीचर का डेटाबेस बनाने की मांग
    जग्गा ने चंडीगढ़ के विरासत फर्नीचर के संरक्षण के लिए स्थायी व्यवस्था बनाने की भी मांग की है। इसमें प्रशासनिक रिकॉर्ड में उपलब्ध फर्नीचर की सूची तैयार करने, विदेशों में पहुंच चुके या गायब विरासत सामान का केंद्रीय डेटाबेस बनाने तथा जरूरत पड़ने पर इंटरपोल, कस्टम विभाग, संग्रहालयों और अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक संस्थाओं के साथ समन्वय करने का सुझाव दिया है।

    उन्होंने प्रशासक से मांग की है कि हेरिटेज आइटम प्रोटेक्शन सेल (HIPC) को प्रभावी रूप से सक्रिय किया जाए और जिन वस्तुओं पर चंडीगढ़ का वैध स्वामित्व साबित हो, उनकी वापसी और पुनर्स्थापना (रिपैट्रिएशन) के लिए कानूनी और राजनयिक कार्रवाई की जाए।

    जग्गा ने संविधान के अनुच्छेद 49 का हवाला देते हुए कहा कि राष्ट्रीय महत्व की कला और ऐतिहासिक वस्तुओं की सुरक्षा राज्य का दायित्व है। इसलिए नीदरलैंड की नीलामी से पहले कार्रवाई करना जरूरी है।