Author: NewseDay

  • शिवराज सिंह चौहान के घर आई खुशियां, बेटे कुणाल-रिद्धि के घर जन्मा बेटा; पोते का नाम ‘अहान’

    शिवराज सिंह चौहान के घर आई खुशियां, बेटे कुणाल-रिद्धि के घर जन्मा बेटा; पोते का नाम ‘अहान’

    भोपाल
     केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के घर में किलकारियां गूंजी हैं। वह एक बार फिर से दादा बने हैं। छोटी बहू ऋद्धि ने बेटे को जन्म दिया है। उसका नाम अभी अहान रखा गया है। अस्पताल से शिवराज सिंह चौहान ने खुशनुमा पल के इस वीडियो को एक्स पर शेयर किया है। इस दौरान परिवार के सभी सदस्य मौजूद थे।

    सौभाग्य का सूर्योदय हुआ
    शिवराज सिंह चौहान ने एक्स प
    र वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा कि आज हमारे जीवन में फिर एक बार सौभाग्य का सूर्योदय हुआ है। बेटे के रूप में ‘अहान’ हमारे घर अपार खुशियां लेकर आया है। कुणाल और रिद्धि माता-पिता बने है, मुझे और साधना को फिर से दादा-दादी बनने का सौभाग्य मिला है।

    इला को भाई मिल गया
    उन्होंने आगे लिखा कि कार्तिकेय-अमानत बड़े पापा-बड़ी मम्मी बन गए हैं और हमारी लाडली इला का भाई हमारे घर खुशियां लेकर आया है। बेटे 'अहान' की नन्ही-सी किलकारी ने पूरे घर को आनंद और प्रेम से भर दिया है। यह हमारे लिए ईश्वर का अनमोल आशीष है। वहीं, संदीप जैन और स्वाति जैन को भी नाना-नानी बनने की बहुत-बहुत बधाई।

    अहान के जन्म के साथ कार्तिकेय और अमानत बड़े पापा-बड़ी मम्मी बन गए हैं, जबकि परिवार की लाड़ली इला को छोटा भाई मिला है। शिवराज ने लिखा कि अहान की नन्ही-सी किलकारी ने पूरे घर को आनंद और प्रेम से भर दिया है। यह उनके लिए ईश्वर का अनमोल आशीर्वाद है।उन्होंने अहान के नाना-नानी संदीप जैन और स्वाति जैन को भी बधाई दी है।

    पोते के जन्म से बेहद खुश हैं शिवराज सिंह चौहान
    शिवराज सिंह चौहान ने पोते के जन्म की खुशखबरी साझा करने के लिए एक वीडियो शेयर की है. वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, ' आज हमारे जीवन में फिर एक बार सौभाग्य का सूर्योदय हुआ है. बेटे के रूप में ‘अहान’ हमारे घर अपार खुशियां लेकर आया है. कुणाल और रिद्धि माता-पिता बने हैं, मुझे और साधना को फिर से दादा-दादी बनने का सौभाग्य मिला है। 

    उन्होंने आगे लिखा, 'कार्तिकेय-अमानत बड़े पापा-बड़ी मम्मी बन गए हैं और हमारी लाड़ली इला का भाई हमारे घर खुशियां लेकर आया है. बेटे 'अहान' की नन्ही-सी किलकारी ने पूरे घर को आनंद और प्रेम से भर दिया है. यs हमारे लिए ईश्वर का अनमोल आशीष है. संदीप जैन जी और स्वाति जैन जी को भी नाना-नानी बनने की बहुत-बहुत बधाई। 

    पोते को प्यार से गोद में लेते दिखे शिवराज सिंह चौहान
    वीडियो में शिवराज सिंह चौहान नर्स से अपने नवजात पोते को अपने हाथों में लेते हुए दिखाई दे रहे हैं. उनके बगल में उनकी पत्नी भी खड़ी हैं, जो अपने पोते को प्यार से निहार रही हैं. वीडियो में पोते का चेहरा दिल के इमोजी से छिपाया हुआ है। 

    ‘अहान’ नाम में छिपा है खास मतलब
    शिवराज सिंह चौहान ने अपने पोते का नाम ‘अहान’ रखा है, जो सुनने में जितना प्यारा है, इसका मतलब भी उतना ही खास है. ‘अहान’ एक मशहूर भारतीय और हिंदू नाम है. संस्कृत में इसका संबंध ‘अहन’ या ‘अह’ शब्द से माना जाता है, जिसका अर्थ ‘दिन’ होता है. आमतौर पर ‘अहान’ का अर्थ भोर, सूर्योदय, सुबह की पहली किरण या नई शुरुआत माना जाता है. ये नाम नई सुबह, रोशनी और जीवन में एक नई शुरुआत का प्रतीक भी माना जाता है। 

    पोती के नाम का मतलब भी है खास
    शिवराज सिंह चौहान के 21 जनवरी 2026 को पोती का जन्म हुआ था. उन्होंने अपनी पोती का नाम ‘इला’ रखा था. ये नाम संस्कृत से लिया गया है और इसका संबंध धरती, वाणी और उर्वरता की देवी से माना जाता है. वैदिक ग्रंथों में इला को ‘इदा’ नाम से भी जाना जाता है. उन्हें सरस्वती और भारती के साथ भी पूजा जाता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इला वैवस्वत मनु की बेटी और बुध देव की पत्नी थीं. उनके पुत्र का नाम पुरूरवा था। 

    जनवरी में पोती इला के दादा बने थे
    शिवराज सिंह चौहान के बड़े बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान और अमानत के घर 21 जनवरी 2026 को बेटी का जन्म हुआ था। दिल्ली के एम्स में जन्मी इस बच्ची का नाम इला रखा गया।

    पोती के जन्म पर शिवराज ने सोशल मीडिया पर लिखा था- आज हमारे घर लाड़ली लक्ष्मी आई है। कार्तिकेय पिता और अमानत मां बनी हैं, जबकि वे खुद दादा और साधना दादी बनी हैं।

    छोटे बेटे हैं कुणाल
    दरअसल, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के दो बेटे हैं। कुणाल उनके छोटे बेटे हैं। हालांकि उनकी शादी पहले हुई थी। कुणाल की शादी ऋद्धि से हुई है। ऋद्धि पहली बार मां बनी हैं। इसके बाद परिवार में खुशी की लहर हैं। शिवराज सिंह चौहान उनकी पत्नी साधना सिंह के चेहरे पर दादा-दादी बनने की खुशी देखी जा सकती है।

    पोती के साथ भी बिताते हैं समय
    गौरतलब है कि शिवराज सिंह चौहान को अपने कार्यों के बाद जब भी खाली समय मिलता है तो वह अपनी पोती के साथ व्यतीत करते हैं। सोशल मीडिया पर कई बार वह पोती को खेलाते हुए वीडियो पोस्ट करते रहते हैं। उन्हें फिर से दादा-दादी बनने पर लोग बधाई भी दे रहे हैं।

     

  • इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में दिखा भविष्य का टेक्नोलॉजी मॉडल, PM मोदी बोले- डिजिटल डिवाइड अब पीछे छूटा

    इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में दिखा भविष्य का टेक्नोलॉजी मॉडल, PM मोदी बोले- डिजिटल डिवाइड अब पीछे छूटा

     नई दिल्ली

    इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 का आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन किया. IMC 2026 देश का बड़ा टेक और टेलीकॉम इवेंट है. इसका आयोजन 7 से 10 अक्टूबर तक नई दिल्ली के यशोभूमि में हो रहा है. इस बार IMC का 10वां एडिशन है। 

    नरेंद्र मोदी ने IMC 2026 का उद्घाटन करते समय सबसे पहले लोगों का धन्यवाद किया. उन्होंने बताया कि आज भारत के लिए एक विशेष दिन है.  साथ ही उन्होंने बताया कि कल ही उन्हें देश की सेवा करते हुए 25 साल पूरे हुए हैं. उद्घाटन के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अभिनेता नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि दी। 

    नरेंद्र मोदी ने बताया है कि बीते 10-12 सालों में मोबाइल फोन गर्वनेंस का टूल बनकर सामने आया है. यह हमारे डिजिटल इंडिया का को रहा है. आज दूर सुदूर गांव और गरीब के बच्चे भी मोबाइल की वजब से बेहतर एजुकेशन पा रहे हैं। 

    कोरोना माहामारी के दौरान भी मिला फायदा – मोदी
    मोबाइल से कोरोना महामारी के दौरान भी काम और पढ़ाई जारी रही, जो नई टेक्नोलॉजी की वजह से संभव हुआ. दूर-दराज के गांवों के बच्चे भी डिजिटल लर्निंग का फायदा उठा पा रहे हैं. उन्होंने ऑनलाइन एजुकेशन के लिए ‘दीक्षा’ प्लेटफॉर्म के बारे में भी बात की। 

    प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि अब सरकारी योजना और सब्सिडी का लाभ आम लोगों तक आसानी से पहुंच रहा है. साथ ही उन्होंने बताया है कि भारत में टेलिकॉम सेक्टर का विस्तार हुआ है. रिमोट एरिया में भी टेलिकॉम का विस्तार हुआ और डेटा भी अफोर्डेबल हुआ है। 

    इंडिया मोबाइल कांग्रेस की थीम ‘Scale Without Boundaries’ है. यहां 5G, 6G, AI, IoT, सैटेलाइट कम्युनिकेशन और दूसरी नई टेक्नोलॉजी देखने को मिल रही हैं. दुनियाभर की बड़ी टेक और टेलीकॉम कंपनियां, स्टार्टअप और इंडस्ट्री के बड़े नाम इस इवेंट में हिस्सा ले रहे हैं. आइए जानते हैं क्या होगा इस इवेंट में। 

    फ्यूचर टेक्नोलॉजी की झलक
    IMC 2026 एशिया का बड़ा टेक्नोलॉजी शोकेस होने वाला इवेंट है. इस इवेंट में देश और दुनिया की बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों से लेकर नए-नए स्टार्टअप अपने प्रोडक्ट्स और भविष्य में इस्तेमाल होने वाली टेक्नोलॉजी की झलक दिखा रहे है. इस इवेंट में टेलीकॉम को 5G से 6G तक कैसे लेकर जाया जाए, इस पर भी बात होगी। 

    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को देश में ही कैसे बनाया जा सके और लोगों के भले के लिए इसका इस्तेमाल कैसे हो, इस पर भी चर्चा होगी. स्टार्टअप्स अपने AI प्रोडक्ट्स की झलक दिखा सकते हैं. इसके अलावा, इस साल कुछ नई चीजें भी जोड़ी गई हैं, जैसे स्मार्ट मोबिलिटी और इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स. आने वाले समय में बड़े स्तर पर इनका इस्तेमाल किया जा सकता है.इनका डेमोंस्ट्रेशन और एग्जिबिशन भी लगाया गया है। 

    कैसे हिस्सा लें इस इवेंट में
    IMC 2026 के इवेंट में जाकर नई टेक्नोलॉजी को समझने और डेमोंस्ट्रेशन देखने के लिए आप रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. स्टूडेंट्स और विजिटर्स के लिए फ्री एंट्री दी गई है. रजिस्ट्रेशन करने के लिए IMC के ऑफिशियल रजिस्ट्रेशन पोर्टल से रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है। 

  • Navratri 2026: 10 या 11 अक्टूबर, कब से शुरू होगी नवरात्रि? जानें कलश स्थापना का सही समय

    Navratri 2026: 10 या 11 अक्टूबर, कब से शुरू होगी नवरात्रि? जानें कलश स्थापना का सही समय

    Shardiya Navratri 2026
     मां दुर्गा की आराधना का सबसे पवित्र पर्व शारदीय नवरात्र इस वर्ष 11 अक्टूबर, रविवार से शुरू होने जा रहा है. नवरात्र का यह पावन पर्व 20 अक्टूबर, मंगलवार को विजयादशमी के साथ संपन्न होगा.

    इस बार नवरात्र को लेकर एक विशेष धार्मिक मान्यता सामने आ रही है. ज्योतिषीय गणना और पंचांग के अनुसार, इस वर्ष जगत जननी मां दुर्गा का आगमन हाथी पर होगा. धार्मिक परंपराओं में मां दुर्गा का हाथी पर आगमन बेहद शुभ माना जाता है. मान्यता है कि हाथी पर देवी का आगमन अच्छी वर्षा, कृषि में उन्नति, सुख-समृद्धि, शांति और स्थिरता का संकेत देता है. हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि देवी की सवारी से जुड़े ये फलादेश धार्मिक मान्यताओं और परंपरागत ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित होते हैं.

    तो आइए पंडित श्रीपति त्रिपाठी जी से जानते हैं, इस वर्ष शारदीय नवरात्र कब से शुरू होगी? कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त क्या है? नवरात्र के प्रमुख दिन कौन-कौन से हैं? और इस बार देवी का आगमन और गमन किस वाहन पर होगा?

    11 अक्टूबर से शुरू होगी नवरात्र
    11 अक्टूबर, रविवार से शारदीय नवरात्र का शुभारंभ होगा. इस दिन आश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि रहेगी. विधि-विधान से कलश स्थापना की जाएगी और मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा होगी.

    नवरात्र के पहले दिन घर में कलश स्थापना करके मां भगवती की आराधना शुरू की जाती है. श्रद्धालु नौ दिनों तक माता के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा करते हैं. इस दौरान अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार व्रत, जप, पाठ और साधना की जाती है.

    कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
    पंचांग के अनुसार, 11 अक्टूबर को चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग रहेगा. कलश स्थापना के लिए अभिजीत मुहूर्त को विशेष महत्व दिया जाता है. इस दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:36 बजे से दोपहर 12:24 बजे तक रहेगा. इसी दौरान कलश स्थापना करना शुभ माना जाता है.

    हालांकि, अलग-अलग शहरों में सूर्योदय और स्थानीय समय के अंतर के कारण मुहूर्त में थोड़ा बदलाव हो सकता है. इसलिए श्रद्धालुओं को अपने स्थानीय पंचांग के अनुसार मुहूर्त की पुष्टि जरूर कर लेनी चाहिए.

    नवरात्र में करें दुर्गा सप्तशती का पाठ
    नवरात्र केवल व्रत रखने का पर्व नहीं है, बल्कि यह शक्ति की उपासना और आत्मिक साधना का भी समय माना जाता है. आश्विन शुक्ल पक्ष की नवरात्र को आदि शक्ति मां दुर्गा की आराधना के साथ भगवान श्रीराम की रावण पर विजय से भी जोड़ा जाता है. नवरात्र के दौरान दुर्गा सप्तशती का पाठ करना या योग्य ब्राह्मण और पुरोहित से संकल्प लेकर इसका पाठ करवाना धार्मिक रूप से पुण्यकारी माना जाता है. मान्यता है कि मां भगवती की आराधना से घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.
    अब जानते हैं नवरात्र के प्रमुख दिनों और उनसे जुड़े धार्मिक कार्यक्रमों के बारे में.

    16 अक्टूबर, शुक्रवार को बेलवरण पूजा होगी. बेलवरण दुर्गा पूजा की महत्वपूर्ण परंपराओं में से एक है. खासतौर पर बंगाल और पूर्वी भारत की दुर्गा पूजा परंपराओं में इसका विशेष महत्व माना जाता है.

    17 अक्टूबर को महा सप्तमी
    17 अक्टूबर, शनिवार को महा सप्तमी से जुड़ी पूजा होगी. पंचांग के अनुसार, सुबह 8:58 बजे के बाद सप्तमी से संबंधित पूजा की जाएगी.

    इसी दिन नवरात्र की कई महत्वपूर्ण परंपराएं पूरी की जाएंगी. नौपत्रिका प्रवेश, निशा पूजा और मूल नक्षत्र में पूजा पंडालों में देवी की स्थापना की जाएगी.

    इसी दिन श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए मां दुर्गा के पट भी खोल दिए जाएंगे. यानी 17 अक्टूबर से दुर्गा पूजा का उत्साह और भी बढ़ जाएगा और भक्त मां के दर्शन कर सकेंगे.

    18 अक्टूबर को दुर्गा अष्टमी
    18 अक्टूबर, रविवार को श्री दुर्गा अष्टमी का व्रत रखा जाएगा. इस दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की पूजा की जाती है.

    अष्टमी का दिन नवरात्र साधना में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. श्रद्धालु इस दिन व्रत रखते हैं, मां दुर्गा की पूजा करते हैं और अपनी श्रद्धा के अनुसार कन्या पूजन सहित अन्य धार्मिक अनुष्ठान करते हैं. इसी दिन विशेष पूजा और महानिशा पूजा का भी विधान रहेगा.

    19 अक्टूबर को संधि पूजा और महानवमी
    19 अक्टूबर, सोमवार को अष्टमी और नवमी तिथि की संधि बेला में संधि पूजा की जाएगी. पंचांग के अनुसार, संधि पूजा का विशेष समय सुबह 6:53 बजे रहेगा. अष्टमी और नवमी के मिलन का यह समय धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. इसलिए संधि पूजा को विशेष विधि-विधान और श्रद्धा के साथ संपन्न किया जाता है. इसी दिन महानवमी का पर्व भी मनाया जाएगा.

    20 अक्टूबर को विजयादशमी और विसर्जन
    20 अक्टूबर, मंगलवार को उदया तिथि के अनुसार नवमी रहेगी और नवमी तिथि सुबह 9:35 बजे तक रहेगी. इसके बाद नवरात्र व्रत का पारण किया जाएगा. इसी दिन विजयादशमी यानी दशहरा भी मनाया जाएगा. मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन भी इसी दिन किया जाएगा.

    हाथी पर होगा मां दुर्गा का आगमन
    धार्मिक मान्यता और ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस वर्ष मां दुर्गा का आगमन हाथी पर होगा. देवी का हाथी पर आगमन धार्मिक परंपराओं में बेहद शुभ माना जाता है. हाथी को समृद्धि, स्थिरता और ऐश्वर्य का प्रतीक माना जाता है. इसलिए मान्यता है कि देवी के हाथी पर आगमन से अच्छी वर्षा, कृषि में उन्नति, सुख-समृद्धि और खुशहाली का वातावरण बन सकता है.

    विशेष रूप से कृषि प्रधान समाज में अच्छी वर्षा का विशेष महत्व होता है. हालांकि, यहां एक बात स्पष्ट करना जरूरी है कि देवी की सवारी से संबंधित ये फलादेश धार्मिक मान्यताओं और परंपरागत पंचांग गणनाओं पर आधारित हैं.

    मां दुर्गा की आराधना में रखें श्रद्धा और संयम
    इस प्रकार 11 अक्टूबर को कलश स्थापना के साथ शुरू होने वाला शारदीय नवरात्र का यह पावन पर्व 20 अक्टूबर को विजयादशमी के साथ संपन्न होगा. नवरात्र केवल बाहरी उत्सव का पर्व नहीं है. यह अपने भीतर की शक्ति को पहचानने, मन को शुद्ध करने और मां भगवती के प्रति अपनी श्रद्धा को मजबूत करने का अवसर भी है.

    इन नौ दिनों में हम मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा करते हैं. मां शैलपुत्री से लेकर मां सिद्धिदात्री तक देवी के प्रत्येक स्वरूप में शक्ति, भक्ति और जीवन से जुड़े अलग-अलग संदेश छिपे हुए हैं.

    इस नवरात्र अपने घर में श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार मां भगवती की पूजा करें. यदि संभव हो तो प्रतिदिन देवी मंत्रों का जाप करें, सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पाठ करें, दुर्गा सप्तशती का पाठ करें या देवी कवच का पाठ करें. साथ ही जरूरतमंद लोगों की सहायता जरूर करें. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पूजा केवल दिखावे के लिए नहीं, बल्कि श्रद्धा, संयम और सकारात्मक भावना के साथ हो.

  • गड्ढों से परेशान मरीजों को मिली राहत, धार के अस्पताल परिसर का रास्ता 6 घंटे में हुआ चकाचक

    गड्ढों से परेशान मरीजों को मिली राहत, धार के अस्पताल परिसर का रास्ता 6 घंटे में हुआ चकाचक

    धामनोद
     शासकीय अस्पताल परिसर का अंदरूनी मार्ग जो वर्षों से गड्ढों के कारण मरीजों के लिए परेशानी बना हुआ था, वह अब दुरुस्त हो गया है। नगर के कुछ समाजसेवियों ने मंगलवार रात करीब छह घंटे में 200 मीटर लंबे मार्ग का अपने स्तर पर डामरीकरण करा दिया। इस दौरान न कोई भूमिपूजन हुआ, न प्रचार और न ही काम कराने वालों ने अपना नाम सार्वजनिक किया।

    स्ट्रेचर ले जाने में होती थी दिक्कत
    अस्पताल परिसर का यह मार्ग लंबे समय से जर्जर था। जगह-जगह गड्ढे होने से मरीजों को स्ट्रेचर से एक वार्ड से दूसरे वार्ड तक ले जाने में दिक्कत होती थी। बरसात में गड्ढों में पानी भर जाने से स्थिति और खराब हो जाती थी। दोपहिया वाहन चालकों के साथ ही गंभीर मरीजों के स्वजन को भी आवागमन में परेशानी होती थी। मार्ग सुधार को लेकर कई बार मांग भी उठी, लेकिन लंबे समय तक कोई पहल नहीं हुई।

    रात 10 से सुबह चार बजे तक चला काम
    समाजसेवियों ने मरीजों की परेशानी को देखते हुए स्वयं पहल की। मंगलवार रात करीब 10 बजे डामरीकरण का काम शुरू हुआ, जो रातभर चला और सुबह चार बजे तक पूरा कर लिया गया। बुधवार सुबह जब मरीज और स्वजन अस्पताल पहुंचे तो गड्ढों की जगह डामरीकृत सड़क देखकर वे हैरान रह गए।

    अस्पताल सूत्रों के अनुसार इस मार्ग से रोजाना सैकड़ों मरीज और उनके स्वजन गुजरते हैं। नए रास्ते से अब एंबुलेंस और स्ट्रेचर की आवाजाही आसान हो गई है।

    प्रशासन ने सराहा, रखरखाव की कही बात
    इस संबंध में संबंधित अधिकारियों ने कहा कि `अस्पताल परिसर के अंदरूनी मार्ग के लिए हमने कई बार पत्राचार किया था, लेकिन बजट अभाव के कारण काम नहीं हो पा रहा था। समाजसेवियों द्वारा कराए गए इस कार्य से मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। अब अस्पताल प्रशासन द्वारा इस मार्ग के रखरखाव की जिम्मेदारी ली जाएगी।`

    समाजसेवियों ने बताया कि `अस्पताल आने वाले मरीजों को हो रही परेशानी देखी नहीं गई। इसलिए बिना किसी प्रचार के यह काम कराया गया है।` उन्होंने आगे भी अस्पताल में साफ-सफाई और अन्य जरूरी सुविधाओं में सहयोग करने की बात कही।

    सेवा का उदाहरण बना धामनोद
    आमतौर पर सार्वजनिक कार्यों में भूमिपूजन और प्रचार की होड़ रहती है। ऐसे में बिना नाम और प्रचार के कराया गया यह डामरीकरण क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

    समाजसेवी ने रातों-रात सुधार सामग्री लाकर सड़क सुधरवा दी
        समाजसेवी अस्पताल में आते-जाते रहते थे। वह देखते थे कि अस्पताल परिसर पहुंचने में सड़क का हिस्सा गड्ढों में तब्दील था, जिसे समाजसेवी ने रातों-रात सुधार सामग्री लाकर सड़क सुधरवा दी। उन्होंने इसे गुप्तदान कहकर नाम उजागर नहीं करने का निवेदन किया है। -कीर्ति बोरासी, सीबीएमओ, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धामनोद

     

  • बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी रेड, सिंचाई विभाग के इंजीनियर के 5 ठिकानों पर छापा

    बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी रेड, सिंचाई विभाग के इंजीनियर के 5 ठिकानों पर छापा

    पटना
     पटना में आय से अधिक संपत्ति के मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बड़ी कार्रवाई की है। EOU की टीम ने योजना एवं विकास विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर नारद कुमार दास के पांच ठिकानों पर छापेमारी की। गुरुवार को एक साथ पटना, मुंगेर, भागलपुर और मुजफ्फरपुर में तलाशी अभियान चलाया गया।

    प्राथमिक जांच में इंजीनियर के पास आय के ज्ञात स्रोतों से करीब 64 प्रतिशत अधिक संपत्ति होने के साक्ष्य मिलने की बात सामने आई है। कार्रवाई के दौरान उनके आवास और अन्य परिसरों में दस्तावेजों की जांच की जा रही है। EOU की टीम संपत्ति और वित्तीय लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड भी खंगाल रही है।

    पटना के तिलकामांझी स्थित आवास पर भी छापेमारी
    आर्थिक अपराध इकाई की एक टीम ने पटना से जुड़े ठिकाने पर भी तलाशी ली। वहीं मुंगेर में तैनात इंजीनियर के तिलकामांझी स्थित हनुमान पथ आवास पर भी कार्रवाई की गई।

    अधिकारियों की टीम घर में मौजूद दस्तावेज और अन्य सामान की जांच कर रही है। छापेमारी के दौरान संपत्ति से जुड़े कागजातों की पड़ताल की जा रही है।

    अधिकारियों का फोकस आय और संपत्ति के बीच के अंतर का पता लगाने पर है। फिलहाल तलाशी की कार्रवाई जारी है।

    चार जिलों में एक साथ पहुंची EOU की टीमें
    बताया जा रहा है कि आर्थिक अपराध इकाई ने इंजीनियर से जुड़े कुल पांच ठिकानों को कार्रवाई के दायरे में लिया है। इनमें पटना के अलावा मुंगेर, भागलपुर और मुजफ्फरपुर के ठिकाने शामिल हैं।

    एक साथ कई स्थानों पर तलाशी से संपत्ति और वित्तीय गतिविधियों से जुड़े दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं। प्राथमिक जांच में आय से अधिक संपत्ति के साक्ष्य मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई है।

    तलाशी पूरी होने के बाद बरामद दस्तावेज और अन्य सामग्री के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। फिलहाल EOU की जांच टीम अलग-अलग ठिकानों पर रिकॉर्ड खंगाल रही है।

     

  • राजस्थान में पंचायत चुनाव की प्रक्रिया शुरू, 16 जिला परिषद-104 पंचायत समितियों के लिए आज से नामांकन

    राजस्थान में पंचायत चुनाव की प्रक्रिया शुरू, 16 जिला परिषद-104 पंचायत समितियों के लिए आज से नामांकन

    जयपुर
     राजस्थान में आज अधिसूचना जारी होने के साथ ग्रामीण सरकार के सियासी हलचल बढ़ जाएगी। गुरुवार यानी आज से जहां 16 जिला परिषद, 104 पंचायत समिति व 3314 ग्राम पंचायतों में चुनाव की अधिसूचना जारी हो जाएगी, वहीं 16 जिला परिषदों व 104 पंचायत समितियों में सदस्यों के नामांकन की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। पहले चरण में ही 3314 ग्राम पंचायतों में पंच-सरपंच के चुनाव भी हैं, जिनके लिए नामांकन प्रक्रिया मतदान से एक दिन पहले 23 अक्टूबर को पूरी होगी।

    राजस्थान में लगभग आधी 6940 ग्राम पंचायतों को पंच, सरपंच व उपसरपंच इसी माह मिल जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार पहले चरण की 3314 ग्राम पंचायतों में 25 एवं दूसरे चरण की 3626 ग्राम पंचायतों में 31 अक्टूबर को चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। शेष दो चरणों के चुनाव अगले माह होंगे।

    मतदान दलों को नहीं लाने पडेंगे गद़्दे-तकिया, पांच दिन रुकेंगे मतदानकर्मी
    राज्य निर्वाचन आयोग ने इस बार मतदान दलों की सुविधाओं का भी पूरा ध्यान रखा है। इस बार में सुरक्षाकर्मियों सहित मतदान दल में शामिल कर्मचारियों को अपने साथ बिस्तर नहीं ले जाने पडेंगे, उनके लिए गद्दे-चद्दर-तकिया की व्यवस्था के लिए आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को व्यवस्था सौंप दी है। इसके अलावा छाया-पानी व रोशनी की व्यवस्था के लिए भी पहले से ही दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं, जिससे मतदाताओं व चुनाव कर्मियों को परेशानी का सामना नहीं करना पडेगा।

    मतदान कर्मी करीब पांच दिन रुकेंगे, इसको देखते हुए उनके लिए कुक व हेल्पर की व्यवस्था भी जिला निर्वाचन अधिकारी करेंगे। इसका खर्च मतदानकर्मी स्वयं वहन करेंगे, जिसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से प्रत्येक मतदानकर्मी को 2200 से 3450 रुपए तक भुगतान किया जाएगा।

    प्रत्येक मतदान केंद्र पर 17650 रुपए खर्च
    राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से प्रत्येक दल को पांच दिन में होने वाले खर्च के रूप में 17650 रुपए दिए जाएंगे। इस दल में सहायक मतदान अधिकारी से रिटर्निंग अधिकारी तक कुल 6 कर्मचारी शामिल होंगे, जिनको प्रतिदिन के हिसाब से कुल 2550 रुपए मिलेंगे।

    शांतिपूर्ण मतदान के लिए 10 बड़े प्रतिबंधात्मक आदेश लागू
    राजस्थान में पंचायती चुनाव को लेकर प्रशासन भी एक्शन मोड में है। निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए 10 बड़े प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए गए हैं। सरकारी कर्मचारियों के अवकाश और बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर रोक रहेगी। रात 10 से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर प्रतिबंधित रहेगा। प्रचार वाहन, सभा और जुलूस के लिए अनुमति जरूरी होगी। BNSS की धारा 163 के तहत हथियारों के प्रदर्शन पर रोक रहेगी। सरपंच प्रत्याशियों को सीमित प्रचार समय मिलेगा और विजय जुलूस नहीं निकलेगा। सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट पर कार्रवाई होगी। मतदान केंद्र के 200 मीटर दायरे में मोबाइल प्रतिबंधित रहेगा। मतदान से 48 घंटे पहले और मतगणना के दिन ड्राई डे रहेगा।

  • SIR पर तेज हुई कार्रवाई, दिल्ली में नोटिस पाने वाले 33 लाख में 13.62 लाख वोटर्स का वेरिफिकेशन पूरा

    SIR पर तेज हुई कार्रवाई, दिल्ली में नोटिस पाने वाले 33 लाख में 13.62 लाख वोटर्स का वेरिफिकेशन पूरा

    नई दिल्ली
     दिल्ली में SIR के दौरान करीब 33 लाख वोटर्स को नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें नो-मैपिंग और लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी से जुड़े मामलों का डॉक्यूमेंट के आधार पर वेरिफिकेशन किया जा रहा है। बुधवार तक 13,62,162 मामलों का वेरिफिकेशन पूरा हो चुका है। सीईओ ऑफिस के मुताबिक, बीएलओ नोटिस वाले वोटर्स के घर जाकर जरूरी डॉक्यूमेंट्स ले रहे हैं। उन्हें वेरिफिकेशन के लिए अलग से ऑफिस में सुनवाई के लिए आने की जरूरत नहीं।

    सीईओ दिल्ली ने बुधवार को सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों, ईआरओ और एईआरओ के साथ नोटिस और क्लेम-ऑब्जेक्शन के निपटारे की प्रोग्रेस की समीक्षा की। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी एलिजिबल वोटर लिस्ट में नाम जुड़ने से छूट न जाए। एसआईआर के तहत सभी नोटिस, क्लेम और ऑब्जेक्शन का निपटारा 30 नवंबर तक किया जाना है। नई दिल्ली जैसी विधानसभा में नोटिस के निस्तारण का काम लगभग पूरा हो चुका है। मटियाला, विकासपुरी, बुराड़ी, करावल नगर, किराड़ी, बदरपुर जैसी विधानसभाओं में अधिक वोटर्स हैं और यहां थोड़ा अधिक समय लग रहा है।

    9 और 11 अक्टूबर को पोलिंग स्टेशन पर स्पेशल कैंप, भर सकेंगे फॉर्म-6
    वहीं, वोटर लिस्ट में नाम जुड़ने से छूट गए एलिजिबल लोगों के लिए 9 और 11 अक्टूबर को दिल्ली के सभी पोलिंग स्टेशन पर स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे। इनमें लोग फॉर्म-6 भरकर अपना नाम वोटर लिस्ट में जुड़वा सकेंगे। इससे पहले 7 और 8 अक्टूबर को अलग-अलग कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में भी स्पेशल कैंप लगाए जा रहे हैं। इन कैंप में बीएलओ स्टूडेंट्स को फॉर्म भरने में मदद करने के साथ एसआईआर से जुड़े सवालों का जवाब दे रहे हैं। हाल ही में जिन कॉलोनियों के डिमोलिशन के बाद लोग दूसरी जगह शिफ्ट हुए हैं, उनके लिए भी स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे। ऐसे लोग अपने नए पते वाले इलाके में कैंप में जाकर नाम जुड़वा सकेंगे।

    • 33 लाख वोटर्स (करीब) को दिल्ली में जारी किए गए हैं SIR के नोटिस
    • बीएलओ नोटिस पाने वाले के घर जाकर जरूरी डॉक्यूमेंट्स ले रहे हैं

    SIR के खिलाफ इंडिया ब्लॉक का मार्च, CEO को सौंपा ज्ञापन
    SIR को लेकर इंडिया ब्लॉक के दिल्ली के घटक दलों ने बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया। गठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कश्मीरी गेट से विरोध मार्च निकाला और दिल्ली के CEO अशोक कुमार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इसप्रदर्शन में कांग्रेस, RJD, CPI, CPM, CPI (ML), RSP, AIFB और TMC समेत INDIA ब्लॉक के घटक दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए। कांग्रेस की ओर से अनिल भारद्वाज और हारून युसूफ, CPM के अनुराग सक्सेना और सुबीर बनर्जी, समेत कई नेता मौजूद रहे।

     

  • भोपाल में अस्पताल की मनमानी पर कार्रवाई, G+1 की परमिशन के बावजूद 4 मंजिलें खड़ी कीं; अब होगी तोड़ने की तैयारी

    भोपाल में अस्पताल की मनमानी पर कार्रवाई, G+1 की परमिशन के बावजूद 4 मंजिलें खड़ी कीं; अब होगी तोड़ने की तैयारी

    भोपाल 
     राजधानी में नियमों को ताक पर रखकर भवन खड़े करने और उनका मनमाना उपयोग करने वालों पर नगर निगम की कार्रवाई लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। एक दिन पहले दो केमिकल फैक्ट्रियों को सील करने के बाद बुधवार को भवन अनुज्ञा शाखा ने रेडक्रास सोसायटी स्थित सिद्धांता सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल को सील कर दिया।

    निगम के अनुसार, भवन अनुज्ञा शाखा द्वारा इस भवन के लिए जी प्लस वन की अनुमति कामकाजी महिला छात्रावास के प्रयोजन से दी थी, लेकिन मौके पर निर्माण चार मंजिला मिला। यानी स्वीकृति से तीन मंजिल अधिक निर्माण कर दिया गया। ऊपर से उसी भवन में अस्पताल संचालित हो रहा था।

    नियमों का उल्लंघन
    निगम ने इसे स्वीकृत अधिभोग का उल्लंघन मानते हुए 21 अगस्त को नोटिस जारी किया था और 12 सितंबर को 24 घंटे का अंतिम नोटिस भी किया। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन उच्च न्यायालय चला गया था। हालांकि, बाद में अस्पताल प्रबंधन ने न्यायालय से अपना आवेदन वापस ले लिया, जिसके बाद नगर निगम ने कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सील कर दिया।

    स्वीकृत नक्शे के विपरीत निर्माण के चलते अब निगम प्रशासन अस्पताल की इमारत को तोड़ने की कार्रवाई भी कर सकता है। अतिरिक्त निर्माण को लेकर निगम ने नोटिस जारी कर दिया है।

    स्वास्थ्य विभाग निरस्त कर चुका है रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस
    वहीं इससे पूर्व स्वास्थ्य विभाग की जांच में भी अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर 19 गंभीर कमियां सामने आ चुकी हैं। इसके बाद सीएमएचओ कार्यालय ने अस्पताल का नर्सिंग होम रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस निरस्त कर दिया था। निगम के अनुसार, भवन में फायर सेफ्टी नार्म्स के अनुरूप आवश्यक व्यवस्थाएं भी पूर्व में नहीं पाई गई थीं।

        सिद्धांता अस्पताल के भवन को स्वीकृत उपयोग के विपरीत संचालित किए जाने पर सील किया गया है। साथ ही अतिरिक्त निर्माण को लेकर भवन स्वामी को नोटिस जारी किया गया है। नियमों के अनुसार आगे कार्रवाई की जाएगी। – भुवन गुप्ता, उपायुक्त, नगर निगम

     

  • मोहाली कोर्ट का बड़ा आदेश, बब्बर खालसा से जुड़े 3 आरोपी समेत 4 भगोड़े घोषित; पेश होने के निर्देश

    मोहाली कोर्ट का बड़ा आदेश, बब्बर खालसा से जुड़े 3 आरोपी समेत 4 भगोड़े घोषित; पेश होने के निर्देश

    चंडीगढ़
     प्रतिबंधित आतंकी सं
    गठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआइ) से जुड़े तीन आरोपितों समेत चार लोगों को मोहाली की विशेष एनआइए अदालत ने भगोड़ा घोषित किया है।गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद भी आरोपितों के नहीं मिलने पर अदालत ने उनके खिलाफ उद्घोषणा जारी की है। इनमें जसविंदर सिंह उर्फ बागी उर्फ मन्नू अगवान उर्फ जस्सा, करण सिंह उर्फ अभी, मलविंदर सिंह उर्फ सुख और गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी नवाशहरियां शामिल हैं। अदालत ने सभी को 16 नवंबर 2026 को पेश होने के लिए कहा है।

    यूएपीए सहित कई मामलों में केस दर्ज
    एनआइए की ओर से दर्ज मामले में आतंकी साजिश, हथियार और विस्फोटक से जुड़े आरोप हैं। एनआइए ने यह केस 22 मई 2025 को दर्ज किया था। इसमें प्रतिबंधित आतंकी संगठन बीकेआइ से जुड़े नेटवर्क की जांच की जा रही है। मामले में यूएपीए, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, आर्म्स एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।

    पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के सामने आए दस्तावेजों के अनुसार जसविंदर सिंह उर्फ बागी उर्फ मन्नू अगवान उर्फ जस्सा को बीकेआइ का सक्रिय गुर्गा बताया गया है। उसके खिलाफ आतंकी साजिश रचने, लोगों में डर पैदा करने और देश-विरोधी गतिविधियों से जुड़े आरोप हैं। जांच में उसके नेटवर्क के हथियारों की तस्करी, टारगेट किलिंग और जबरन वसूली जैसी गतिविधियों से जुड़े होने की बात भी सामने आई है।

    पंजाब में आतंकी संगठनों और गैंगस्टर नेटवर्क की जांच जारी
    करण सिंह उर्फ अभी और मलविंदर सिंह उर्फ सुख के नाम भी इसी नेटवर्क से जुड़े मामले में सामने आए हैं। दोनों पर जसविंदर और उसके साथियों के साथ मिलकर आपराधिक और देश-विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं। सुरक्षा एजेंसियां पंजाब में आतंकी संगठनों और गैंगस्टर नेटवर्क के बीच संपर्क की भी जांच कर रही हैं।

    इसी मामले से जुड़े न्यायिक रिकॉर्ड में फाजिल्का के गैंगस्टर से नेता बने जसविंदर सिंह रॉकी की हत्या का संदर्भ भी सामने आता है। रॉकी की वर्ष 2016 में हिमाचल प्रदेश के परवाणू में हत्या कर दी गई थी। न्यायिक रिकॉर्ड में इस घटना की जिम्मेदारी प्रतिबंधित आतंकी संगठन बीकेआइ द्वारा लिए जाने की सूचना का उल्लेख है।

    मोहाली अदालत ने गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी नवाशहरियां को भी भगोड़ा घोषित किया है। वह शहीद भगत सिंह नगर जिले के गांव बिरोवाल का रहने वाला बताया गया है। अदालत के अनुसार गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद भी वह नहीं मिला। अब चारों को 16 नवंबर को अदालत में पेश होना होगा। निर्धारित समय में पेश नहीं होने पर उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

  • हरियाणा में SIR को लेकर विशेष अभियान तेज, पहले दिन 28 हजार मामलों का समाधान

    हरियाणा में SIR को लेकर विशेष अभियान तेज, पहले दिन 28 हजार मामलों का समाधान

    चंडीगढ़.

    हरियाणा में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची से संबंधित नोटिस और सुनवाई मामलों के समयबद्ध निपटारे को लेकर निर्वाचन आयोग ने विशेष शिविर शुरू किए हैं। पहले दिन बुधवार को 28 हजार मामले निपटाए गए।

    वीरवार और शुक्रवार को भी विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। साथ ही निर्वाचन आयोग के प्रतिनिधि घर-घर जाकर भी दस्तावेज जुटाएंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए श्रीनिवास ने नोटिस प्राप्त करने वाले मतदाताओं से निर्धारित तिथि पर सुनवाई में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने की अपील की है। निर्वाचन आयोग की ओर से कुल 44 लाख 91 हजार 923 लोगों को नोटिस जारी किए गए थे, जिनमें तीन लाख 15 हजार 173 के सुनवाई मामले लंबित हैं।

    आयोग द्वारा लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को लंबित सुनवाई मामलों के शीघ्र निस्तारण, प्रभावी मानिटरिंग व निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस की सुनवाई समय पर समाप्त करने के लिए आयोग के प्रतिनिधि ऐसे मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर व घर-घर सर्वे के दौरान दस्तावेज प्राप्त करेंगे, जहां पर नोटिस प्राप्त होने पर अभी तक संबंधित मतदाताओं द्वारा आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं कराए गए हैं। सभी योग्य मतदाताओं के नाम छह नवंबर को प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची में शामिल होंगे।