Author: NewseDay

  • चंडीगढ़ के धनास में बदलेगी तस्वीर, अस्पताल-पुलिस स्टेशन के लिए जमीन खोज रहा प्रशासन

    चंडीगढ़ के धनास में बदलेगी तस्वीर, अस्पताल-पुलिस स्टेशन के लिए जमीन खोज रहा प्रशासन

    चंडीगढ़ 
    चंडीगढ़ के धनास इलाके में लोगों को बेहतर पुलिस और स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए प्रशासन ने दो अहम परियोजनाओं पर काम शुरू किया है। धनास में नया पुलिस थाना बनाने के साथ 80 बेड का अस्पताल तैयार करने का प्रस्ताव है। दोनों परियोजनाओं के लिए प्रशासन ने जमीन की तलाश शुरू कर दी है और बुधवार शाम अधिकारियों ने प्रस्तावित साइट का निरीक्षण किया। होम-कम-हेल्थ सेक्रेटरी मंडीप सिंह बराड़ बुधवार शाम धनास पहुंचे। उन्होंने पुलिस थाने और अस्पताल के लिए संभावित जमीन का मौके पर निरीक्षण किया और अधिकारियों के साथ दोनों परियोजनाओं के लिए जरूरी जमीन को लेकर चर्चा की। प्रशासन का फोकस फिलहाल ऐसी जगह तय करने पर है, जहां दोनों परियोजनाओं के लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध हो और भविष्य में लोगों की जरूरत के मुताबिक सुविधाएं विकसित की जा सकें। साइट तय होने के बाद आगे की योजना को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया शुरू होगी।

    धनास में पिछले कुछ समय में आबादी बढ़ी है। आबादी बढ़ने के साथ इलाके में पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत भी महसूस की जा रही है। नया थाना बनने से धनास और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ेगी और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में पुलिस की पहुंच पहले के मुकाबले आसान हो सकती है। इलाके के लोगों के लिए इसका सीधा फायदा पुलिस सेवाओं तक पहुंच के रूप में होगा। शिकायत दर्ज कराने, पुलिस सहायता लेने या किसी घटना की सूचना देने के लिए लोगों को दूर स्थित थाने तक जाने की जरूरत कम हो सकती है। नया थाना बनने से किसी घटना की सूचना मिलने पर पुलिस की प्रतिक्रिया का समय कम करने में भी मदद मिल सकती है। इसके अलावा क्षेत्र में नियमित गश्त और पुलिस की मौजूदगी बढ़ने से स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।

    धनास में नया थाना बनाने की तैयारी…

        पुलिस थाने की जरूरत पर विशेष फोकस: धनास में पिछले कुछ समय में आबादी बढ़ी है। इसके साथ ही इलाके में पुलिस व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत महसूस की जा रही है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने यहां नया पुलिस थाना बनाने के लिए जगह का निरीक्षण किया है। नया थाना बनने के बाद धनास और आसपास के इलाकों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ेगी।
        पुलिस सेवाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा: इससे लोगों को पुलिस से जुड़ी शिकायत दर्ज कराने, मदद लेने और अन्य पुलिस सेवाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। साथ ही इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी घटना पर पुलिस के जल्दी पहुंचने में भी मदद मिलेगी।
        चीफ इंजीनियर और चीफ आर्किटेक्ट भी साथ रहे: निरीक्षण के दौरान चीफ इंजीनियर सीबी ओजा, चीफ आर्किटेक्ट राजीव मेहता और असिस्टेंट एस्टेट ऑफिसर पवितर सिंह समेत प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने होम-कम-हेल्थ सेक्रेटरी को प्रस्तावित दोनों प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी दी।
        आगे की योजना बनाने को लेकर भी चर्चा हुई: उन्होंने बताया कि पुलिस थाने और 80 बेड के अस्पताल के लिए कितनी जमीन की जरूरत होगी और किस तरह यहां निर्माण किया जा सकता है। मौके पर दोनों प्रोजेक्ट के लिए जमीन तय करने और आगे की योजना बनाने को लेकर भी चर्चा हुई। जमीन तय होने के बाद अर्बन प्लानिंग विभाग दोनों जगहों का नक्शा और पूरा प्लान तैयार करेगा।

    वेंडिंग जोन भी देखा, दुकानदारों से की बातचीत होम-कम-हेल्थ सेक्रेटरी मंडीप सिंह बराड़ ने धनास के अधिकृत वेंडिंग जोन का भी दौरा किया। उन्होंने मौके पर वेंडिंग जोन की व्यवस्था देखी और वहां सामान बेच रहे वेंडर्स से बातचीत की। वेंडर्स से उन्होंने पूछा कि उन्हें रोजाना काम करने के दौरान किसी तरह की परेशानी तो नहीं आ रही है। उन्होंने वेंडर्स की समस्याओं और वहां की सुविधाओं के बारे में भी जानकारी ली। अधिकारियों से वेंडिंग जोन की मौजूदा व्यवस्था और उसे बेहतर बनाने को लेकर भी चर्चा की।

      अर्बन प्लानिंग विभाग तैयार करेगा प्लान
    धनास में पुलिस थाने के साथ 80 बेड का अस्पताल बनाने का प्रस्ताव भी प्रशासन की योजना में शामिल है। बुधवार को साइट निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने अस्पताल के लिए जरूरी जमीन और वहां निर्माण की संभावनाओं को लेकर भी चर्चा की। अस्पताल के लिए जमीन तय करते समय भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखने पर जोर दिया गया। प्रशासन की ओर से साइट का निरीक्षण पूरा होने के बाद अब संबंधित विभाग प्रस्तावित जमीन की उपलब्धता और परियोजना के लिए जरूरी क्षेत्र का आकलन करेगा। निरीक्षण के दौरान चीफ इंजीनियर सीबी ओजा, चीफ आर्किटेक्ट राजीव मेहता और असिस्टेंट एस्टेट ऑफिसर पवितर सिंह समेत प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने होम-कम-हेल्थ सेक्रेटरी को दोनों परियोजनाओं से जुड़ी जानकारी दी और मौके पर जमीन की स्थिति को समझाया।

    अधिकारियों के बीच इस बात को लेकर भी चर्चा हुई कि पुलिस थाने और अस्पताल के लिए कितनी जमीन की जरूरत होगी। इसके अलावा दोनों परिसरों का लेआउट किस तरह तैयार किया जा सकता है और आसपास के क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए निर्माण की योजना कैसी होनी चाहिए, इस पर भी विचार किया गया। जमीन तय होने के बाद अर्बन प्लानिंग विभाग दोनों परियोजनाओं के लिए नक्शा और पूरा प्लान तैयार करेगा। इसके बाद परियोजनाओं को अगले चरण में ले जाने की प्रक्रिया शुरू होगी। धनास जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र में 80 बेड के अस्पताल का प्रस्ताव स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं के लिहाज से भी अहम है। अस्पताल बनने से आसपास रहने वाले लोगों को इलाज के लिए दूसरे क्षेत्रों में जाने की जरूरत कम हो सकती है। हालांकि फिलहाल यह परियोजना प्रस्ताव और जमीन चिह्नित करने के चरण में है। प्रशासन की ओर से साइट का निरीक्षण किए जाने के बाद दोनों परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब जमीन के चयन और प्लान तैयार होने के बाद इनके निर्माण से जुड़े अगले फैसले लिए जाएंगे।
     
    वेंडिंग जोन पहुंचे होम-कम-हेल्थ सेक्रेटरी
    साइट निरीक्षण के बाद होम-कम-हेल्थ सेक्रेटरी मंडीप सिंह बराड़ ने धनास के अधिकृत वेंडिंग जोन का भी दौरा किया। उन्होंने मौके पर वेंडिंग जोन की व्यवस्था देखी और वहां सामान बेच रहे वेंडर्स से बातचीत की। बराड़ ने वेंडर्स से रोजाना काम के दौरान आने वाली परेशानियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने यह भी पूछा कि वेंडिंग जोन में उन्हें काम करने के दौरान किसी तरह की दिक्कत तो नहीं हो रही है और उपलब्ध सुविधाएं पर्याप्त हैं या नहीं।

    वेंडर्स ने मौके पर अपनी समस्याओं और जरूरतों के बारे में जानकारी दी। अधिकारियों ने वेंडिंग जोन की मौजूदा व्यवस्था और वहां उपलब्ध सुविधाओं की भी जानकारी दी। होम-कम-हेल्थ सेक्रेटरी ने अधिकारियों के साथ वेंडिंग जोन को बेहतर बनाने को लेकर भी चर्चा की। निरीक्षण के दौरान स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाओं को व्यवस्थित रखने और वेंडर्स को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने से जुड़े मुद्दों पर जानकारी ली गई। धनास में एक ही दौरे के दौरान पुलिस थाना, अस्पताल और वेंडिंग जोन से जुड़े मुद्दों की समीक्षा से प्रशासन का फोकस इलाके की बुनियादी सुविधाओं पर भी नजर आया। फिलहाल पुलिस थाना और 80 बेड के अस्पताल के लिए जमीन तय करना अगला अहम चरण है। जमीन चिह्नित होने के बाद अर्बन प्लानिंग विभाग दोनों परियोजनाओं का प्लान तैयार करेगा। इसके बाद निर्माण और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़े फैसले लिए जाएंगे।

     

  • पंजाब कांग्रेस में नई टीम का दमखम, परगट सिंह ने किया शक्ति प्रदर्शन; सचिन पायलट के कार चलाने के मायने

    पंजाब कांग्रेस में नई टीम का दमखम, परगट सिंह ने किया शक्ति प्रदर्शन; सचिन पायलट के कार चलाने के मायने

    चंडीगढ़

    कांग्रेस के नए प्रदेश प्रधान बनने के बाद परगट सिंह ने पंजाब पहुंचकर शक्ति प्रदर्शन किया। 3 अक्टूबर को राजा वड़िंग की जगह पंजाब कांग्रेस की जिम्मेदारी मिलने के बाद यह उनका पहला पंजाब दौरा है।परगट सिंह कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट के साथ दिल्ली से सुबह करीब 9 बजे अमृतसर एयरपोर्ट पहुंचे। यहां कांग्रेस नेताओं ने ढोल बजाकर उनका स्वागत किया। इसके बाद एयरपोर्ट से परगट सिंह सीधे गोल्डन टेंपल में माथा टेकने पहुंचे।

    इस दौरान कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट खुद उनकी कार ड्राइव करते नजर आए। परगट सिंह ने कहा कि आज वह श्री दरबार साहिब में शुकराना करने के लिए आए हैं। आज राजनीति का दिन नहीं है, मैं राजनीति जरूर करूंगा, लेकिन एक-दो दिन बाद करूंगा।

    परगट सिंह अमृतसर में सभी धर्मों के धर्मस्थलों पर माथा टेकेंगे। इसके बाद वे मोहाली में कांग्रेस लीडरशिप की बैठक ले सकते हैं। इसके अगले दिन हिमाचल प्रदेश के मां चिंतपूर्णी दरबार में भी माथा टेकने का कार्यक्रम है।

    पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान परगट सिंह की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, सचिन पायलट के दौरे का आगे का कार्यक्रम बाद में जारी किया जाएगा। पंजाब लौटने से पहले परगट सिंह ने दिल्ली में पूर्व प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग से मुलाकात की।

    मुलाकात के बाद परगट सिंह ने कहा कि कांग्रेस पंजाब में एकजुट है। उन्होंने कहा कि सभी की अपनी-अपनी राय हो सकती है, लेकिन यही लोकतंत्र की खूबसूरती है। पंजाब में कांग्रेस एकजुट होकर 2027 का विधानसभा चुनाव लड़ेगी।

     पंजाब कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह की ताजपोशी के बाद पार्टी में नई सियासी कवायद तेज हो गई है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने दिल्ली में परगट सिंह से उनके आवास पर मुलाकात की। प्रदेश अध्यक्ष पद से हटने के बाद दोनों नेताओं की यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब कांग्रेस 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर संगठन को एकजुट करने में जुटी है।

    जानकारी के अनुसार, राजा वड़िंग परगट सिंह को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने पर बधाई देने उनके आवास पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। इस दौरान पंजाब कांग्रेस की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और आने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है।

    परगट ने दिया अमृतसर साथ चलने का न्योता
    मुलाकात के दौरान नए प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह ने राजा वड़िंग को गुरुवार को अमृतसर आने का न्योता दिया। परगट सिंह 8 अक्टूबर को पंजाब दौरे की शुरुआत अमृतसर से करने जा रहे हैं। वह श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेकने के बाद पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे।

    इस कार्यक्रम में पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट भी शामिल होंगे। पार्टी की कोशिश है कि नए अध्यक्ष की पहली ही गतिविधि में पंजाब कांग्रेस के सभी प्रमुख नेताओं को साथ लाकर एकजुटता का संदेश दिया जाए।

    वड़िंग की मौजूदगी से बढ़ेगा सियासी संदेश
    परगट सिंह के अमृतसर कार्यक्रम में राजा वड़िंग की संभावित मौजूदगी को कांग्रेस के भीतर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष पद में बदलाव के बाद यह पहला बड़ा मौका होगा, जब पूर्व और नए अध्यक्ष एक मंच पर नजर आ सकते हैं। ऐसे में 2027 से पहले कांग्रेस की नई टीम और सामूहिक नेतृत्व की रणनीति का संदेश पंजाब की राजनीति में साफ तौर पर जाने की कोशिश होगी।

     

  • विष्णु भैया की सरकार में उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य हितों को प्राथमिकता, खाद्य प्रतिष्ठानों में निरीक्षण और नमूना संकलन की कार्रवाई जारी

    विष्णु भैया की सरकार में उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य हितों को प्राथमिकता, खाद्य प्रतिष्ठानों में निरीक्षण और नमूना संकलन की कार्रवाई जारी

    विष्णु के सुशासन में जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सर्वाेपरि, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन सख्त

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए सतत निगरानी और जांच

    फॉर्च्यून मैदा के संबंधित बैच की बिक्री एवं वितरण पर तत्काल रोक, गौरेला में पनीर का नमूना जांच में पाया गया असुरक्षित

    विष्णु भैया की सरकार में उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य हितों को प्राथमिकता, खाद्य प्रतिष्ठानों में निरीक्षण और नमूना संकलन की कार्रवाई जारी

    रायपुर
     मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार आम नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा तथा शुद्ध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की सघन निगरानी की जा रही है। खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, खाद्य सामग्री के नमूनों का संकलन और प्रयोगशाला जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई के माध्यम से उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य हितों की रक्षा के प्रयास किए जा रहे हैं।

    विष्णु के सुशासन में जिले में खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा जांच में निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने वाले खाद्य पदार्थों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में फॉर्च्यून मैदा के संबंधित बैच की बिक्री एवं वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का आदेश जारी किया गया है। प्रशासन ने खाद्य कारोबारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि खाद्य सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित करें तथा प्रतिबंधित बैच के उत्पाद का विक्रय एवं वितरण नहीं करें।

    पनीर की जांच में मिली अनियमितता, जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए कार्रवाई

    खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा गौरेला में खाद्य सुरक्षा अधिकारी के माध्यम से पनीर का विधिवत नमूना लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया था। प्राप्त जांच प्रतिवेदन में वेजिटेबल फैट की मात्रा निर्धारित सीमा से 77 प्रतिशत अधिक पाए जाने के आधार पर खाद्य विश्लेषक द्वारा संबंधित पनीर को असुरक्षित घोषित किया गया है। जांच में सामने आई इस अनियमितता को गंभीरता से लेते हुए विभाग द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

    इसी क्रम में खाद्य एवं औषधि प्रशासन, जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही द्वारा फॉर्च्यून मैदा के संबंधित बैच क्रमांक FAMD50059A की जिले में बिक्री एवं वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का आदेश जारी किया गया है। विभाग ने संबंधित खाद्य कारोबारियों को आदेश का कड़ाई से पालन करने तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप ही खाद्य सामग्री का विक्रय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

    खाद्य प्रतिष्ठानों में जांच का दायरा बढ़ा, विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने संकलित

    जिले में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर नमूना संकलन की कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में गृहस्थी सुपर बाजार से मैगी एवं साबूदाना तथा 786 बिरयानी सेंटर और हरी कन्फेक्शनरी से विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए संकलित किए गए हैं।

    संकलित नमूनों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार परीक्षण के लिए भेजा गया है। जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभाग द्वारा यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि बाजार में उपलब्ध खाद्य सामग्री निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हो और उपभोक्ताओं को असुरक्षित खाद्य पदार्थों से बचाया जा सके।

    खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन पर जोर, कारोबारियों को दिए आवश्यक निर्देश

    राज्य सरकार की जनस्वास्थ्य संरक्षण संबंधी प्राथमिकताओं के अनुरूप खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने जिले के सभी खाद्य कारोबारियों से खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों का गंभीरता से पालन करने की अपील की है। खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण, परिवहन एवं विक्रय के दौरान स्वच्छता तथा गुणवत्ता संबंधी निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

    विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से संबंधित अनियमितताओं को गंभीरता से लिया जाएगा। जांच में अमानक अथवा असुरक्षित खाद्य सामग्री पाए जाने पर संबंधित प्रावधानों के अंतर्गत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। खाद्य प्रतिष्ठानों के निरीक्षण एवं नमूना परीक्षण की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।

    नागरिकों से सतर्कता बरतने की अपील

    विष्णु भैया की सरकार की जनहितकारी प्राथमिकताओं के अनुरूप खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा आम नागरिकों को खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया जा रहा है। विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि खाद्य सामग्री खरीदते समय उसकी पैकेजिंग, निर्माण तिथि, अवसान तिथि, गुणवत्ता तथा लेबल पर अंकित आवश्यक विवरणों की सावधानीपूर्वक जांच करें।

    नागरिकों को संदिग्ध गुणवत्ता वाले, खराब पैकेजिंग वाले अथवा निर्धारित अवधि समाप्त हो चुके खाद्य पदार्थों की खरीद और सेवन से बचने की सलाह दी गई है। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर किसी प्रकार की आशंका होने पर संबंधित विभाग को जानकारी देने की भी अपील की गई है।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप जिले में खाद्य सुरक्षा संबंधी निगरानी, निरीक्षण और जांच की कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन का उद्देश्य खाद्य सुरक्षा मानकों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करते हुए नागरिकों को शुद्ध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना है।

  • ई-शिक्षाकोष से तय होगा ‘Yes’ या ‘No’, बिहार में 75% हाजिरी पर ही मिलेंगे योजना के पैसे

    ई-शिक्षाकोष से तय होगा ‘Yes’ या ‘No’, बिहार में 75% हाजिरी पर ही मिलेंगे योजना के पैसे

    पटना
    राज्य के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त सभी विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की उपस्थिति के आधार पर लाभुक योजनाओं का लाभ मिलेगा। इस संबंध में शिक्षा विभाग ने आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग ने एक अप्रैल से 30 सितंबर तक की उपस्थिति के आधार पर विद्यार्थियों की पहचान करने और उसकी रिपोर्ट देने का निर्देश सभी जिलों को दिया है।

    निर्देश में कहा गया है कि 75 प्रतिशत या उससे अधिक उपस्थिति वाले विद्यार्थियों के सामने ‘यस’ और इससे कम उपस्थिति वाले विद्यार्थियों के सामने ‘नो’ दर्ज किया जाएगा।

    उपस्थिति के आधार पर यस या नो
    विभागीय निर्देश के मुताबिक यह प्रक्रिया ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर पूरी की जाएगी। प्रधानाध्यापकों को अपने लागिन से नामांकित विद्यार्थियों के सामने उनकी उपस्थिति के आधार पर यस या नो अंकित करना होगा। इसके आधार पर ही लाभुक योजनाओं की राशि के भुगतान की आगे की प्रक्रिया पूरी होगी।

    विद्यार्थियों की उपस्थिति के साथ परिवार की वार्षिक आय 1.50 लाख रुपये तक होने के आधार पर भी पोर्टल पर यस या नो दर्ज करना होगा। विद्यालयों को सभी नामांकित विद्यार्थियों का डाटा को भी ई-शिक्षाकोष पर अपडेट करने का निर्देश दिया गया है।
    योजनाओं की राशि का भुगतान पीएफएमएस के माध्यम से

    डाटा प्रविष्टि पूरी होने के बाद प्रधानाध्यापक पोर्टल पर सबमिट करेंगे। इसके बाद संबंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के लागिन में आंकड़े सत्यापन के लिये जाएंगे। प्रखंड स्तर से सत्यापन के बाद डाटा को अप्रूव अथवा रिजेक्ट किया जाएगा। किसी प्रकार की त्रुटि मिलने पर उसे सुधार के लिए विद्यालय के लॉगिन पर वापस भेजा जाएगा।

    सत्यापन के बाद आंकड़े जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (योजना एवं लेखा) के लॉगिन में अंतिम स्वीकृति के लिए भेजे जाएंगे। जिला स्तर पर अनुमोदन के बाद संबंधित विद्यार्थियों की लाभुक योजनाओं की राशि का भुगतान पीएफएमएस के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में किया जाएगा।

  • अर्जेंटीना से मेसी की शानदार विदाई, 208वें मैच में किया कमाल; बेनिन के खिलाफ 3-0 की जीत

    अर्जेंटीना से मेसी की शानदार विदाई, 208वें मैच में किया कमाल; बेनिन के खिलाफ 3-0 की जीत

    नई दिल्‍ली
     लियोनेल मेसी ने अर्जेंटीना से उसी तरह की विदाई ली, जैसी दर्शकों को उम्‍मीद थी। 39 साल के सुपरस्‍टार ने अपना 126वां अंतरराष्‍ट्रीय गोल दागा और अर्जेंटीना को बेनिन पर दोस्‍ताना मैच में 3-0 से जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

    इसी के साथ ब्‍यूनस एयर्स के मोन्‍यूमेंटल स्‍टेडियम में करीब 85,000 फैंस के बीच मेसी के 21 साल के अंतरराष्‍ट्रीय करियर का भावुक अंत हुआ। मेसी ने अर्जेंटीना के लिए अपना रिकॉर्ड 208वां मैच खेला। उन्‍होंने निकोलस ओटामेंडी और निको पाज को गोल करने में सहायक की अहम भूमिका निभाई। फिर 71वें मिनट में पेनल्‍टी के जरिये मेसी ने अपना गोल दागा।

    मेसी के लिए आंसू रोकना हुआ मुश्किल
    से, अर्जेंटीनी फैंस के लिए इस मैच का नतीजा कोई मायने नहीं रखता था। उनके लिए यह मौका बड़ी चीज थी। कारण बहुत साधारण था- मेसी की विदाई। इस मैच का प्रमोशन 'द लास्‍ट टैंगो' करके किया गया, जिससे अर्जेंटीनी प्रशंसकों को एक आखिरी मौका मिला कि महानतम फुटबॉलर्स में से एक को खेलते देखने का जश्‍न मना सके।

    मैच शुरू होने से पहले ही भावुकता अपने चरम पर थी। जब अर्जेंटीना की टीम बस लोगों से भरी सड़कों के बीच से स्‍टेडिम की तरफ जा रही थी, तो यह देखकर मेसी का अपने आंसूओं पर काबू पाना मुश्किल हो रहा था। बाद में मेसी मैदान पर अपनी पत्‍नी एंटोनेला रोकूजो, मां सेलिया कूकीटिनी और तीन बच्‍चों के साथ आए। सभी ने दर्शकों का अभिवादन स्‍वीकार किया।

    दर्शकों का भरपूरा प्‍यार मिला
    मैच से पहले एक विशाल अर्जेंटीना की जर्सी मैदान पर रखी गई, जिसमें लिखा था ग्रासियस (धन्‍यवाद) और मेसी का मशहूर नंबर-10। दर्शकों ने भी अपने चहेते सुपरस्‍टार को खूब प्‍यार दिया।

    ब्‍यूनस एयर्स में आसमान में एक ड्रोन ने लियोनेल मेसी की तस्‍वीर दिखाई, जिससे आठ बार के बैलन डी ओर विजेता के करियर को सेलिब्रेट किया गया।

  • पेपर लीक से परीक्षा तक पूरी साजिश का खुलासा, JSSC CGL प्रश्नपत्र की छपाई-पैकेजिंग में शामिल था राहुल

    पेपर लीक से परीक्षा तक पूरी साजिश का खुलासा, JSSC CGL प्रश्नपत्र की छपाई-पैकेजिंग में शामिल था राहुल

    रांची
    झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (सीजीएल) प्रतियोगिता परीक्षा 2023 में कथित पेपर लीक मामले की जांच कर रही सीआइडी को पूछताछ में एक आरोपित राहुल कुमार ने कई अहम जानकारियां दी है।

    राहुल परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी मेसर्स आईसीएन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का कर्मी है। उसकी गिरफ्तारी उसके एक अन्य साथी सोमांश प्रकाश के साथ दिल्ली से हुई थी। दोनों से सीआईडी रिमांड पर लंबी पूछताछ कर चुकी है।

    सीआईडी की छानबीन व आरोपितों से पूछताछ में यह जानकारी सामने आई है कि आरोपित राहुल कुमार हरियाणा के मानेसर स्थित प्रिंटिंग फैसिलिटी में प्रश्न पत्रों की छपाई, ओएमआर प्रिंटिंग, निगरानी, पैकेजिंग तक में शामिल था और एक अभ्यर्थी के रूप में उस परीक्षा में भी शामिल था। सीआइडी ने कोर्ट में इसकी पूरी जानकारी दी है। सीआईडी ने मानेसर प्रिंटिंग प्रेस के रजिस्टर में उसकी एंट्री, मोबाइल के सीडीआर व लोकेशन विश्लेषण में भी मिले इसके सबूत से कोर्ट में सौंपा है।

    सीआईडी के अनुसार, इस केस के अन्य आरोपितों सोमांश प्रकाश, मिथिलेश सिंह, समीर व नवीन किशोर से राहुल का संपर्क था। परीक्षा से पहले राहुल के वाट्सएप पर प्रश्न पत्र पहुंच गए थे। राहुल को सिर्फ गोपनीय प्रश्न व उत्तर मिले थे, जिसे उसने वाट्सएप पर उसे आगे सिंडिकेट के अन्य साथियों तक बढ़ाया था।

    जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में कथित पेपर लीक मामले में लालपुर के कैरियर फाउंडेशन कोचिंग के शिक्षक राजेश प्रसाद ने रातू थाने में लिखित आवेदन दिया था। उनकी शिकायत थी कि 21 और 22 सितंबर 2024 को राज्य भर में तीन पालियों में हुई परीक्षा में धांधली हुई है।

    26 सितंबर 2024 को जेएसएससी कार्यालय में हुए हंगामे में यह सामने आया कि परीक्षा से दो-तीन दिन पहले अभ्यर्थियों को पश्चिम बंगाल के आसनसोल के होटलों और नियामतपुर के मैरिज हाल में रखकर उत्तर रटवाए गए थे। इसके तार मुजफ्फरपुर, रांची, मांडू, दिल्ली और काठमांडू (नेपाल) तक जुड़े।

    मामला सामने आने के बाद रातू थाना में कांड संख्या 405/2024 दर्ज हुआ। इसी केस के आधार पर सीआइडी ने एक जनवरी 2025 को सीआइडी थाने में कांड संख्या 01/2025 दर्ज की थी।
    दुर्गापुर के सीतुलपुर के क्वार्टर में 30-35 अभ्यर्थियों को रटवाए गए थे प्रश्न व उत्तर

    सीआईडी को छानबीन में पता चला है कि पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर स्थित सीतुलपुर के एक क्वार्टर में 30-35 अभ्यर्थियों को प्रश्न व उत्तर रटवाया गया था। गिरफ्तार एजेंट दिलीप कुमार पासवान ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वह स्वयं वहां मौजूद था।

    इसके अलावा नेपाल के बीरगंज स्थित सेंटर की तरह ही सीतुलपुर, बोकारो के दुग्धा, आसनसोल के नियामतपुर व बिहार के पटना में भी अभ्यर्थियों को प्रश्न व उत्तर रटवाया गया था। दिलीप पासवान ने अभ्यर्थी प्रभाकर शर्मा के साथ-साथ अपनी पत्नी अस्मिता करुणा व बहन विजेता को भी सिंडिकेट के साथियों से मिलवाया था।

    दिलीप पासवान व उसकी पत्नी अस्मिता करुणा का वाट्सएप चैट भी सीआईडी को मिला है, जिसमें प्रश्न पत्र, उत्तर सामग्री व उसे रटने को लेकर बातचीत है। सितंबर-अक्टूबर 2024 में अभ्यर्थी प्रभाकर शर्मा की मां शांति देवी के बैंक खाते से दिलीप पासवान के खाते में करीब छह लाख रुपये स्थानांतरित किए गए थे।

    रिजल्ट आने के बाद सफल अभ्यर्थी रामचरण सिंह गुर्जर के दोस्त देवनारायण गुर्जर के खाते से करीब 3.50 लाख रुपये और खुद सफल अभ्यर्थी रामचरण सिंह गुर्जर के खाते से 1.50 लाख रुपये दिलीप के खाते में भेजे गए थे। इसी तरह हरि सिंह गुर्जर के खाते से भी करीब 3 लाख रुपये दिलीप के खाते में आए थे। सीआईडी को इससे संबंधित साक्ष्य मिल चुके हैं।

  • राजस्थान में नल कनेक्शन की नई व्यवस्था रद्द, हाईकोर्ट बोला- सर्कुलर से नहीं बदले जा सकते नियम

    राजस्थान में नल कनेक्शन की नई व्यवस्था रद्द, हाईकोर्ट बोला- सर्कुलर से नहीं बदले जा सकते नियम

    जयपुर
    राजस्थान हाईकोर्ट ने ठेकेदार के माध्यम से 8,100 रुपए में नल कनेक्शन देने की व्यवस्था को समाप्त कर दिया है। कोर्ट ने जलदाय विभाग की ओर से 12 फरवरी 2025 को परिपत्र के जरिए राजस्थान वाटर सप्लायर नियम, 1967 में किए गए संशोधन को रद्द कर दिया।

    कोर्ट ने स्पष्ट किया कि नियमों में संशोधन के लिए अधिसूचना जारी करना जरूरी है। इसे केवल कार्यालय आदेश या परिपत्र के जरिए बदला नहीं जा सकता। वहीं, विभाग ने अभी यह तय नहीं किया है कि आगे नई व्यवस्था क्या होगी या कोर्ट के आदेश को चुनौती दी जाएगी। पहले की तरह एल फॉर्म के जरिए कनेक्शन देने के संबंध में भी अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है।

    अधिसूचना से ही हो सकता है नियमों में बदलाव
    न्यायाधीश शुभा मेहता ने पीएचईडी कॉन्ट्रेक्टर कल्याण समिति की याचिका पर यह आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि अधिसूचना के जरिए नियम जारी करना एक विधिक प्रक्रिया है। ऐसे नियमों में प्रशासनिक आदेश या परिपत्र के माध्यम से बदलाव नहीं किया जा सकता।

    कोर्ट के अनुसार, 12 फरवरी 2025 के परिपत्र के जरिए किए गए संशोधन से नल कनेक्शन की पूरी प्रक्रिया प्रभावित हुई। इसमें प्लंबिंग, जल मीटर, रोड कट और नल कनेक्शन सहित विभिन्न कार्यों की प्रक्रिया में बदलाव किया गया था। कोर्ट ने कहा कि प्रक्रिया को सरल बनाने और लोगों को सुविधा देने के नाम पर नियमों में प्रशासनिक आदेश के जरिए बदलाव नहीं किया जा सकता।

    याचिकाकर्ता पक्ष के अधिवक्ता बाबूलाल गुप्ता और अंकुल गुप्ता ने कोर्ट को बताया कि राज्य सरकार ने 12 फरवरी 2025 को नियमों में संशोधन कर नल कनेक्शन से जुड़े कार्य के लिए 8100 रुपए शुल्क तय किया था। इसके तहत ठेकेदार लाइसेंसी प्लंबरों के माध्यम से यह कार्य करवाते। याचिकाकर्ता पक्ष ने तर्क दिया कि इस व्यवस्था से सरकार को राजस्व का नुकसान होगा। मामले में सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने परिपत्र के जरिए किए गए नियम संशोधन को रद्द कर दिया।

    अब विभाग के अगले कदम पर नजर
    हाईकोर्ट के आदेश के बाद 8100 रुपए में ठेकेदार के माध्यम से नल कनेक्शन देने की व्यवस्था फिलहाल समाप्त हो गई है। हालांकि, जलदाय विभाग ने अभी नई व्यवस्था लागू करने अथवा हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया है। वहीं, पहले की तरह एल फॉर्म के जरिए नल कनेक्शन देने की व्यवस्था को लेकर भी विभाग की ओर से अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।

  • खाद्य विभाग की जांच में बड़ा खुलासा, पैक्ड घी में खतरनाक सीसा तय मानक से 10 गुना अधिक

    खाद्य विभाग की जांच में बड़ा खुलासा, पैक्ड घी में खतरनाक सीसा तय मानक से 10 गुना अधिक

    इंदौर
     मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में लोगों की सेहत के साथ एक बड़ा खिलवाड़ सामने आया है। खाद्य सुरक्षा विभाग की हालिया जांच में पैक्ड घी के नाम पर जहर बिकने की बात उजागर हुई है।जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि बीते तीन महीने यानी जुलाई से सितंबर के दौरान लिए गए घी के नमूनों में भारी मिलावट और स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक 'सीसा' पाया गया है।

    जांच के चौंकाने वाले आंकड़े

    कुल जांचे गए सैंपल- 96

    फेल हुए सैंपल- 28 (जिनमें 24 असुरक्षित और 4 अवमानक पाए गए)
    बाजार में पहुंचा दूषित घी

    मिली जानकारी के अनुसार, असुरक्षित पाए गए 24 सैंपलों से करीब 17000 लीटर घी का स्टॉक जुड़ा हुआ है। विभाग की कार्रवाई से पहले ही इसका 15 से 20% हिस्सा यानी लगभग 2550 से 3400 लीटर बाजारों तक पहुंचकर बिक चुका है। ये ज्यादातर मिलावटी और असुरक्षित ब्रांड गुजरात और महाराष्ट्र की कंपनियों के बताए जा रहे हैं।

    किन क्षेत्रों में हुई कार्रवाई?
    खाद्य सुरक्षा विभाग ने इंदौर के कई प्रमुख इलाकों में डिपो और विक्रेताओं के ठिकानों पर यह कार्रवाई की है। 

        लसूड़िया, देवास नाका और बांगड़दा।
        सियागंज, पालदा और लोहामंडी।
        मल्हारगंज और राजेंद्र नगर।

    घी में 'सीसा' आया कहां से?
    विशेषज्ञों के अनुसार, नकली या घटिया घी को असली जैसा दिखाने के लिए उसमें मिलाए जाने वाले हानिकारक रंग, केमिकल या तेल/वसा में सीसा हो सकता है। इसके अलावा, प्लास्टिक की पैकेजिंग और स्टोरेज के ड्रमों के संपर्क में आने से भी घी में सीसे के अंश घुलने की आशंका जताई गई है।

    सेहत के लिए कितना खतरनाक है सीसा?
    घी में सीसे की स्वीकार्य सीमा 0.02 mg/kg होती है, लेकिन जांचे गए 10 सैंपलों में यह मात्रा 0.10 से 0.21 mg/kg यानी तय सीमा से 5 से 10.5 गुना तक ज्यादा मिली है। इसका अलग-अलग वर्गों पर बेहद घातक असर पड़ता है।

    बच्चों पर कैसा असर?
    बच्चों पर इसके असर की बात करें तो इससे बच्चों के IQ स्तर में कमी और सीखने की क्षमता कमजोर हो सकती है। एकाग्रता की कमी और चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है। शरीर और हड्डियों का विकास धीमा पड़ सकता है।

    वयस्कों पर कैसा पड़ता है असर?
    इसके लगातार सेवन से वयस्को को हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। यह धीरे-धीरे गुर्दों को गंभीर नुकसान पहुंचाता है। साथ ही शरीर में हीमोग्लोबिन के निर्माण में रुकावट पैदा करता है।

    गर्भवती महिलाओं पर असर भी समझिए
    बता दें कि गर्भावस्था के दौरान सीसे के संपर्क में आने से गर्भपात, समय से पहले प्रसव, या होने वाले नवजात शिशु के दिमागी विकास पर बुरा असर पड़ सकता है।

     

  • नाना पाटेकर के निधन से सदमे में फिल्म इंडस्ट्री, मौत से पहले कही बातें सुनकर भावुक हुए फैंस

    नाना पाटेकर के निधन से सदमे में फिल्म इंडस्ट्री, मौत से पहले कही बातें सुनकर भावुक हुए फैंस

    'फिर मुलाकात होगी कभी…' नाना पाटेकर के निधन के बाद उनका हर चाहने वाला यही कहना चाह रहा है. नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में गुरुवार, 8 अक्टूबर को गोवा में निधन हो गया. नाना की अचानक मौत से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है. अपनी मौत से कुछ महीने पहले, नाना पाटेकर ने मृत्यु और एक अभिनेता होने के मकसद के बारे में बहुत गहराई से बात की थी. आइए जानते हैं कि उन्होंने क्या कहा था.

    मृत्यु का हो गया था आभास?
    CNN-News18 को दिए एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि वो कहानियों का हिस्सा बनना चाहते हैं, जो गहराई तक प्रभावित करें. नाना ने कहा था कि अभिनेता को अपने आस-पास हो रही घटनाओं से प्रभावित होना चाहिए. कैमरे के जरिए उन जज्बातों को सामने लाना चाहिए. उन्होंने कहा- मुझे तकलीफ होनी चाहिए, मेरे आस-पास जो घट रहा है, उससे तकलीफ तो होनी चाहिए. और उजागर करने का एक ही तरीका है, ये कैमरा है. उसके सामने हम उजागर करते हैं. ऐसी
    कहानी अगर उसका हिस्सा न बनूं तो क्या फायदा?

    नाना ने सिनेमा के कमर्शियल पहलू और जिंदगी की अनिश्चितता के बारे में भी बात की. उन्होंने कहा- तो वैसे ऊटपटांग फिल्में हम करते रहेंगे, पैसे कमाते रहेंगे. और मैं कल मरने वाला हूं, इस पर अगर मैं भरोसा करूंगा तो आज अच्छा जी सकता हूं.

    नाना ने अपनी खुद की मौत पर भी गौर किया था. उन्होंने कहा था- हमें ऐसा लगता है कि हम मरने वाले नहीं हैं और बटोरते रहते हैं. और अचानक से आता है  इनका अकालिक निधन हो गया. कल रात को तो बैठे थे, खाना-वाना खाए, सुबह उठे ही नहीं. नाना ने कहा कि एक्टिंग अपने अंदर की घुटन को बाहर निकालने का जरिया भी है.

    नाना पाटेकर के निधन के बाद उनकी कहीं बातें सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं. उनकी बातें सुनकर ऐसा लग रहा है कि जैसे उन्हें अपनी मौत का आभास हो चुका था. वरना जीवन और मृत्यु पर इतनी गहरी बात कहना क्या सिर्फ इत्तेफाक हो सकता है?

  • बेअंत सिंह हत्याकांड में नया मोड़, हत्यारे की माफी के खिलाफ केंद्र; 28 को SC में सुनवाई

    बेअंत सिंह हत्याकांड में नया मोड़, हत्यारे की माफी के खिलाफ केंद्र; 28 को SC में सुनवाई

    चंडीगढ़.

    पूर्व पंजाब पुलिस कॉन्स्टेबल बलवंत सिंह राजोआना की फांसी की सजा को उम्रकैद में बदलने की मांग का केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में विरोध किया है। केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि पंजाब में मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए राजोआना की मृत्युदंड की सजा को उम्रकैद में बदलने पर फैसला लेना अनुकूल नहीं होगा।

    केंद्र के इस रुख के बाद सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अब वह राजोआना की याचिका पर उसके गुण-दोष के आधार पर सुनवाई करेगा। मामले की अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को होगी। जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष अतिरिक्त सालिसिटर जनरल (एएसजी) केएम नटराज ने केंद्र सरकार का पक्ष रखा। पीठ में जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह भी शामिल हैं। नटराज ने कहा कि केंद्र को राजोआना की मांग पर आपत्ति है।

    उन्होंने कहा कि पंजाब में मौजूदा स्थिति को देखते हुए राजोआना की सजा को कम करने के संबंध में कोई निर्णय लेना अनुकूल नहीं होगा। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अब जब केंद्र सरकार ने मृत्युदंड को उम्रकैद में बदलने की मांग का विरोध कर दिया है तो अदालत मामले की मेरिट पर सुनवाई करेगी। केंद्र की ओर से मामले की तैयारी के लिए समय मांगे जाने के बाद अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 28 अक्टूबर की तारीख तय की।