Author: NewseDay

  • खाद्य विभाग की जांच में बड़ा खुलासा, पैक्ड घी में खतरनाक सीसा तय मानक से 10 गुना अधिक

    खाद्य विभाग की जांच में बड़ा खुलासा, पैक्ड घी में खतरनाक सीसा तय मानक से 10 गुना अधिक

    इंदौर
     मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में लोगों की सेहत के साथ एक बड़ा खिलवाड़ सामने आया है। खाद्य सुरक्षा विभाग की हालिया जांच में पैक्ड घी के नाम पर जहर बिकने की बात उजागर हुई है।जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि बीते तीन महीने यानी जुलाई से सितंबर के दौरान लिए गए घी के नमूनों में भारी मिलावट और स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक 'सीसा' पाया गया है।

    जांच के चौंकाने वाले आंकड़े

    कुल जांचे गए सैंपल- 96

    फेल हुए सैंपल- 28 (जिनमें 24 असुरक्षित और 4 अवमानक पाए गए)
    बाजार में पहुंचा दूषित घी

    मिली जानकारी के अनुसार, असुरक्षित पाए गए 24 सैंपलों से करीब 17000 लीटर घी का स्टॉक जुड़ा हुआ है। विभाग की कार्रवाई से पहले ही इसका 15 से 20% हिस्सा यानी लगभग 2550 से 3400 लीटर बाजारों तक पहुंचकर बिक चुका है। ये ज्यादातर मिलावटी और असुरक्षित ब्रांड गुजरात और महाराष्ट्र की कंपनियों के बताए जा रहे हैं।

    किन क्षेत्रों में हुई कार्रवाई?
    खाद्य सुरक्षा विभाग ने इंदौर के कई प्रमुख इलाकों में डिपो और विक्रेताओं के ठिकानों पर यह कार्रवाई की है। 

        लसूड़िया, देवास नाका और बांगड़दा।
        सियागंज, पालदा और लोहामंडी।
        मल्हारगंज और राजेंद्र नगर।

    घी में 'सीसा' आया कहां से?
    विशेषज्ञों के अनुसार, नकली या घटिया घी को असली जैसा दिखाने के लिए उसमें मिलाए जाने वाले हानिकारक रंग, केमिकल या तेल/वसा में सीसा हो सकता है। इसके अलावा, प्लास्टिक की पैकेजिंग और स्टोरेज के ड्रमों के संपर्क में आने से भी घी में सीसे के अंश घुलने की आशंका जताई गई है।

    सेहत के लिए कितना खतरनाक है सीसा?
    घी में सीसे की स्वीकार्य सीमा 0.02 mg/kg होती है, लेकिन जांचे गए 10 सैंपलों में यह मात्रा 0.10 से 0.21 mg/kg यानी तय सीमा से 5 से 10.5 गुना तक ज्यादा मिली है। इसका अलग-अलग वर्गों पर बेहद घातक असर पड़ता है।

    बच्चों पर कैसा असर?
    बच्चों पर इसके असर की बात करें तो इससे बच्चों के IQ स्तर में कमी और सीखने की क्षमता कमजोर हो सकती है। एकाग्रता की कमी और चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है। शरीर और हड्डियों का विकास धीमा पड़ सकता है।

    वयस्कों पर कैसा पड़ता है असर?
    इसके लगातार सेवन से वयस्को को हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। यह धीरे-धीरे गुर्दों को गंभीर नुकसान पहुंचाता है। साथ ही शरीर में हीमोग्लोबिन के निर्माण में रुकावट पैदा करता है।

    गर्भवती महिलाओं पर असर भी समझिए
    बता दें कि गर्भावस्था के दौरान सीसे के संपर्क में आने से गर्भपात, समय से पहले प्रसव, या होने वाले नवजात शिशु के दिमागी विकास पर बुरा असर पड़ सकता है।

     

  • नाना पाटेकर के निधन से सदमे में फिल्म इंडस्ट्री, मौत से पहले कही बातें सुनकर भावुक हुए फैंस

    नाना पाटेकर के निधन से सदमे में फिल्म इंडस्ट्री, मौत से पहले कही बातें सुनकर भावुक हुए फैंस

    'फिर मुलाकात होगी कभी…' नाना पाटेकर के निधन के बाद उनका हर चाहने वाला यही कहना चाह रहा है. नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में गुरुवार, 8 अक्टूबर को गोवा में निधन हो गया. नाना की अचानक मौत से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है. अपनी मौत से कुछ महीने पहले, नाना पाटेकर ने मृत्यु और एक अभिनेता होने के मकसद के बारे में बहुत गहराई से बात की थी. आइए जानते हैं कि उन्होंने क्या कहा था.

    मृत्यु का हो गया था आभास?
    CNN-News18 को दिए एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि वो कहानियों का हिस्सा बनना चाहते हैं, जो गहराई तक प्रभावित करें. नाना ने कहा था कि अभिनेता को अपने आस-पास हो रही घटनाओं से प्रभावित होना चाहिए. कैमरे के जरिए उन जज्बातों को सामने लाना चाहिए. उन्होंने कहा- मुझे तकलीफ होनी चाहिए, मेरे आस-पास जो घट रहा है, उससे तकलीफ तो होनी चाहिए. और उजागर करने का एक ही तरीका है, ये कैमरा है. उसके सामने हम उजागर करते हैं. ऐसी
    कहानी अगर उसका हिस्सा न बनूं तो क्या फायदा?

    नाना ने सिनेमा के कमर्शियल पहलू और जिंदगी की अनिश्चितता के बारे में भी बात की. उन्होंने कहा- तो वैसे ऊटपटांग फिल्में हम करते रहेंगे, पैसे कमाते रहेंगे. और मैं कल मरने वाला हूं, इस पर अगर मैं भरोसा करूंगा तो आज अच्छा जी सकता हूं.

    नाना ने अपनी खुद की मौत पर भी गौर किया था. उन्होंने कहा था- हमें ऐसा लगता है कि हम मरने वाले नहीं हैं और बटोरते रहते हैं. और अचानक से आता है  इनका अकालिक निधन हो गया. कल रात को तो बैठे थे, खाना-वाना खाए, सुबह उठे ही नहीं. नाना ने कहा कि एक्टिंग अपने अंदर की घुटन को बाहर निकालने का जरिया भी है.

    नाना पाटेकर के निधन के बाद उनकी कहीं बातें सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं. उनकी बातें सुनकर ऐसा लग रहा है कि जैसे उन्हें अपनी मौत का आभास हो चुका था. वरना जीवन और मृत्यु पर इतनी गहरी बात कहना क्या सिर्फ इत्तेफाक हो सकता है?

  • बेअंत सिंह हत्याकांड में नया मोड़, हत्यारे की माफी के खिलाफ केंद्र; 28 को SC में सुनवाई

    बेअंत सिंह हत्याकांड में नया मोड़, हत्यारे की माफी के खिलाफ केंद्र; 28 को SC में सुनवाई

    चंडीगढ़.

    पूर्व पंजाब पुलिस कॉन्स्टेबल बलवंत सिंह राजोआना की फांसी की सजा को उम्रकैद में बदलने की मांग का केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में विरोध किया है। केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि पंजाब में मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए राजोआना की मृत्युदंड की सजा को उम्रकैद में बदलने पर फैसला लेना अनुकूल नहीं होगा।

    केंद्र के इस रुख के बाद सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अब वह राजोआना की याचिका पर उसके गुण-दोष के आधार पर सुनवाई करेगा। मामले की अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को होगी। जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष अतिरिक्त सालिसिटर जनरल (एएसजी) केएम नटराज ने केंद्र सरकार का पक्ष रखा। पीठ में जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह भी शामिल हैं। नटराज ने कहा कि केंद्र को राजोआना की मांग पर आपत्ति है।

    उन्होंने कहा कि पंजाब में मौजूदा स्थिति को देखते हुए राजोआना की सजा को कम करने के संबंध में कोई निर्णय लेना अनुकूल नहीं होगा। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अब जब केंद्र सरकार ने मृत्युदंड को उम्रकैद में बदलने की मांग का विरोध कर दिया है तो अदालत मामले की मेरिट पर सुनवाई करेगी। केंद्र की ओर से मामले की तैयारी के लिए समय मांगे जाने के बाद अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 28 अक्टूबर की तारीख तय की।

  • Navratri Vastu Tips: माता रानी को प्रसन्न करने के लिए नवरात्र से पहले घर से बाहर करें ये 5 अशुभ चीजें

    Navratri Vastu Tips: माता रानी को प्रसन्न करने के लिए नवरात्र से पहले घर से बाहर करें ये 5 अशुभ चीजें

    नवरात्र का पावन त्योहार आने वाला है. ऐसे में हर कोई अपने घर की साफ-सफाई में जुट जाता है.  लेकिन क्या आप जानते हैं कि केवल घर की धूल-मिट्टी साफ करना ही काफी नहीं है? वास्तु शास्त्र के मुताबिक, घर में रखी कुछ टूटी-फूटी और बेकार चीजें नकारात्मक ऊर्जा (बुरी ऊर्जा) को बढ़ावा देती हैं.  इससे मां दुर्गा और मां लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं.  अगर आप चाहते हैं कि नवरात्र में माता आपके घर में आएं और खूब तरक्की हो, तो इन 5 चीजों को तुरंत घर से बाहर कर दें.

    घर से तुरंत हटाएं ये 5 चीजें:
    1. सूखी तुलसी और कांटेदार पौधे
    तुलसी को बहुत पवित्र माना जाता है. अगर आपके घर में तुलसी का पौधा सूख गया है, तो उसे तुरंत हटा दें, क्योंकि सूखा पौधा घर में गरीबी और उदासी लाता है.  इसके अलावा, घर के अंदर कांटेदार पौधे (जैसे कैक्टस) भी नहीं रखने चाहिए.

    क्या करें: सूखे पौधे को मिट्टी में दबा दें या किसी नदी में प्रवाहित कर दें. इसकी जगह नया और हरा-भरा तुलसी या मनी प्लांट का पौधा लगाएं.

    2. टूटी हुई मूर्तियां और तस्वीरें
    पूजा घर में कभी भी देवी-देवताओं की टूटी हुई मूर्तियां या फटी हुई तस्वीरें नहीं रखनी चाहिए.  इससे घर में वास्तु दोष लगता है.

    क्या करें: अगर मूर्ति मिट्टी की है, तो उसे पानी में बहा दें. अगर किसी और धातु की है, तो उसे किसी पीपल के पेड़ के नीचे रख आएं.

    3. टूटी या पुरानी झाड़ू
    झाड़ू का संबंध माता लक्ष्मी से होता है. घर में टूटी हुई या बहुत पुरानी झाड़ू रखने से तंगी आ सकती है.
    क्या करें: नवरात्र शुरू होने से पहले पुरानी झाड़ू फेंक दें और नई झाड़ू खरीद लें.

    4. एक्सपायर्ड दवाइयां और टूटे बर्तन
    घर में एक्सपायर्ड दवाइयां, पुराने कागज, चटके हुए बर्तन या टूटा हुआ कांच बिल्कुल न रखें.  इन चीजों से घर में बीमारी और मानसिक तनाव बढ़ता है.
    क्या करें: इन सारी बेकार और टूटी-फूटी चीजों को तुरंत घर से बाहर निकाल कर फेंक दें.

    5. बंद घड़ियां और खराब सामान
    घर में बंद पड़ी घड़ी इस बात का संकेत है कि आपका अच्छा समय रुक गया है. इससे घर के लोगों में आलस बढ़ता है. साथ ही, खराब पड़े इलेक्ट्रॉनिक सामान भी घर की तरक्की रोकते हैं.
    क्या करें: बंद घड़ी को तुरंत ठीक करवाएं या बैटरी बदलें. खराब पड़े कबाड़ और इलेक्ट्रॉनिक सामान को भी घर से हटा दें.

    नवरात्र के पहले दिन जरूर करें ये काम:
    मुख्य द्वार को सजाएं: नवरात्र के पहले दिन घर के मुख्य द्वार को अच्छे से साफ करें.

    स्वास्तिक बनाएं: मुख्य द्वार पर हल्दी और पानी से स्वास्तिक का चिह्न बनाएं.

    तोरण लगाएं: माता के स्वागत के लिए आम या अशोक के पत्तों की माला (तोरण) मुख्य दरवाजे पर जरूर बांधें.  इससे घर में सुख-शांति बनी रहती है.

  • 17 अक्टूबर को बनेगा त्रिग्रही योग, इन 3 राशियों की चमकेगी किस्मत; धन-करियर में होगा बड़ा लाभ

    17 अक्टूबर को बनेगा त्रिग्रही योग, इन 3 राशियों की चमकेगी किस्मत; धन-करियर में होगा बड़ा लाभ

    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अक्टूबर के मध्य में ग्रहों की स्थिति में बड़ा परिवर्तन होने जा रहा है. दरअसल, वैदिक पंचांग के अनुसार, 17 अक्टूबर 2026 को ग्रहों के राजा सूर्य देव तुला राशि में प्रवेश करेंगे और 16 नवंबर तक इसी राशि में रहेंगे. इस राशि में पहले से बुध और शुक्र की मौजूदगी के कारण सूर्य के प्रवेश के साथ तीन ग्रह एक ही राशि में आ जाएंगे, जिससे त्रिग्रही योग का निर्माण होगा. ऐसे में तुला राशि में बुध और शुक्र की युति से पहले से ही लक्ष्मी राजयोग बना हुआ है. अब सूर्य के यहां पहुंचने से बुध के साथ बुधादित्य योग और शुक्र के साथ शुक्रादित्य योग भी बनने की स्थिति बनेगी.

    ज्योतिषीय मान्यताओं के मुताबिक, ग्रहों का यह संयोग कुछ राशियों के लिए विशेष रूप से शुभ साबित हो सकता है. इन जातकों को आर्थिक मामलों में फायदा मिलने के साथ-साथ नौकरी और कारोबार में भी नए अवसर मिल सकते हैं. तो आइए जानते हैं किन तीन राशियों के लिए त्रिग्रही योग खास रहने वाला है.

    कब होगा सूर्य का तुला राशि में गोचर?
    वैदिक पंचांग के अनुसार, 17 अक्टूबर 2026 को शाम 7 बजकर 50 मिनट पर सूर्य देव कन्या राशि से निकलकर तुला राशि में प्रवेश करेंगे. इसके बाद सूर्य करीब एक महीने तक तुला राशि में रहेंगे. 16 नवंबर 2026 को शाम 7 बजकर 42 मिनट के बाद सूर्य वृश्चिक राशि में प्रवेश कर जाएंगे. ज्योतिष में सूर्य को आत्मविश्वास, पद, प्रतिष्ठा और नेतृत्व क्षमता का कारक ग्रह माना जाता है. सूर्य लगभग 30 दिनों के अंतराल पर एक राशि से दूसरी राशि में गोचर करते हैं. इस तरह लगभग एक वर्ष में सूर्य सभी 12 राशियों का चक्र पूरा करते हैं.

    सिंह राशि
    सिंह राशि के जातकों के लिए अक्टूबर में बनने वाला त्रिग्रही योग कई मामलों में सकारात्मक परिणाम लेकर आ सकता है. कारोबार से जुड़े लोगों को अच्छा मुनाफा मिलने की संभावना है. इस दौरान कोई बड़ी व्यावसायिक डील भी आपके पक्ष में तय हो सकती है. नौकरी करने वाले लोगों के लिए भी समय अनुकूल रह सकता है. कार्यक्षेत्र में आपकी जिम्मेदारियां बढ़ने के साथ पद और प्रतिष्ठा में वृद्धि के योग बन सकते हैं. आमदनी के नए स्रोत बन सकते हैं. लंबे समय से अटका हुआ पैसा भी वापस मिलने की संभावना है.  

    तुला राशि
    तुला राशि में ही सूर्य का गोचर होने के कारण इस राशि के जातकों पर इसका विशेष प्रभाव देखने को मिल सकता है. त्रिग्रही योग के प्रभाव से आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ जीवन में कई सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं. व्यापार करने वालों को कोई बड़ी सफलता मिल सकती है. महत्वपूर्ण डील फाइनल होने या कारोबार में विस्तार के अवसर प्राप्त हो सकते हैं. समाज में आपकी प्रतिष्ठा और मान-सम्मान बढ़ सकता है. पारिवारिक जीवन में भी सुख-शांति और समृद्धि का वातावरण बना रहेगा. पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए भी यह समय अच्छा रह सकता है.

    मकर राशि
    मकर राशि के जातकों के लिए भी ग्रहों का यह संयोग आर्थिक और करियर के लिहाज से लाभकारी साबित हो सकता है. कारोबार से जुड़े लोगों को अच्छा मुनाफा मिलने के साथ व्यापार को आगे बढ़ाने के नए अवसर मिल सकते हैं. पैतृक संपत्ति से लाभ होने की संभावना है. वहीं नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा और करियर में आगे बढ़ने के नए रास्ते खुल सकते हैं. लंबे समय से अटका हुआ धन वापस मिलने से आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है. अगर आप कोई नया कारोबार शुरू करने या किसी नए प्रोजेक्ट पर काम शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो यह समय आपके लिए अनुकूल रह सकता है.

  • Elon Musk के आरोपों पर सरकार का जवाब, कहा- ‘सैटकॉम के लिए सभी कंपनियों के नियम समान’

    Elon Musk के आरोपों पर सरकार का जवाब, कहा- ‘सैटकॉम के लिए सभी कंपनियों के नियम समान’

    भारत सरकार ने गुरुवार को अमेरिकी बिजनेसमैन एलॉन मस्क (Elon Musk) के आरोपों पर जवाब दिया है. सरकार ने मस्क के उन आरोपों को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाए हैं कि भारत में स्टारलिंग की सैटेलाइट कम्युनिकेशन (Satcom) सर्विस को रोका जा रहा है.

    मस्क के आरोपों पर जवाब देते हुए भारत सरकार ने साफ कर दिया है कि देश में हर एक सैटकॉम लाइसेंस होल्डर के लिए सिक्योरिटी स्टैंडर्ड को फॉलो करना जरूरी है.

    सरकार ने जोर देकर कहा है कि सैटेलाइट सर्विस समेत सभी टेलिकॉम सर्विस के लिए देश में एक समान और गैर-भेदभावपूर्ण रेगुलेशन सिस्टम मौजूद है.

    सरकार ने एक बयान में कहा कि यह कहना कि रेगुलेशन सिस्टम या उसे लागू करने की प्रक्रिया भेदभावपूर्ण है, यह आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद और गलत धारणा पर आधारित हैं.

    मस्क ने सिस्टम पर लगाएं गंभीर आरोप
    दरअसल, बुधवार को मस्क ने आरोप लगाया था कि भारत में कुछ 'ओलिगार्क्स' (प्रभावशाली कारोबारी समूह) अपनी मोनोपॉली को बनाए रखने के लिए उनकी कंपनी की सैटेलाइट कम्युनिकेशन सर्विस को रोक दिया है.

    सोशल मीडिया पोस्ट सर्कुलेट हो रहा
    टेलीकॉम मंत्रालय ने गुरुवार को बताया है कि सोशल मीडिया पर एक पोस्ट सर्कुलेट हो रहा है, जिसमें भारत के सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेवाओं के नियामक सिस्टम की निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े किए हैं.

    टेलीकॉम सर्विस के लिए एक समान नियम
    मंत्रालय ने कहा, सरकार ने सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेवाओं समेत सभी टेलीकम्युनिकेशन सर्विस समेत सभी टेलीकॉम सर्विस के लिए एक समान और गैर भेदभावपूर्ण ऑथराइजेशन फ्रेमवर्क लागू किया है.

    भारत में तीन कंपनियों को लाइसेंस
    भारत सरकार ने तीन सैटेलाइट कम्युनिकेशन कंपनियों को देश में सर्विस शुरू करने के लिए लाइसेंस दिया है. इनमें मस्क की स्टारलिंक, जियो सैटकॉम और यूटेलसैट वनवेब शामिल हैं. हालांकि इन सभी कंपनियों को अपनी सर्विस को शुरू करने से पहले स्पेक्ट्रम और सिक्योरिटी अप्रूवल हासिल करने होंगे.

    टेलीकॉम मंत्रालय के मुताबिक, लाइसेंस की शर्तों के तहत हर एक सैटकॉम लाइसेंस होल्डर्स को सिक्योरिटी संबंधित नियमों को फॉलो करने की पुष्टि करनी होगी.

    सिक्योरिटी पैरामीटर्स को फॉलो करना जरूरी
    मंत्रालय ने आगे बताया है कि इसका मकसद कि भारत के लिए प्रोवाइड कराई जा रही सर्विस अलग-अलग सिक्योरिटी पैरामीटर्स को पूरा करें. इससे सभी यूजर्स और उनके डेटा की सिक्योरिटी सुनिश्चित की जा सके. इस प्रोसेस के तहत तीनों लाइसेंस होल्डर्स की सुरक्षा पैरामीटर्स की जांच अभी जारी है.

  • दुर्ग में सीमेंट सड़क की गुणवत्ता पर सवाल, महापौर ने जिम्मेदारों को फटकारा

    दुर्ग में सीमेंट सड़क की गुणवत्ता पर सवाल, महापौर ने जिम्मेदारों को फटकारा

    दुर्ग.

    नगर निगम दुर्ग के निर्माण कार्य में लगातार गड़बड़ी मिल रही है। इस गड़बड़ी को उजागर करने में महापौर अलका बाघमार की भूमिका महत्वपूर्ण है। वे लगातार निर्माण कार्यों पर निगरानी रख रही है।

    ताजा मामले में दुर्ग सीमा अंतर्गत गया नगर वार्ड 5 महर्षि स्कूल लाइन में चल रहे सीमेंटीकरण सड़क निर्माण कार्य का बुधवार को महापौर अलका बाघमार ने औचक निरीक्षण किया। क्षेत्रवासियों से प्राप्त शिकायत को महापौर ने गंभीरता से लेते हुए निर्माण स्थल पर पहुंचकर सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता, मोटाई एवं निर्माण की प्रक्रिया का बारीकी से जायजा लिया। महापौर ने निर्माणाधीन सीमेंटीकरण सड़क की मोटाई की जांच कराई। जांच में सामने आया कि सड़क का निर्माण निर्धारित मापदंड के अनुसार 6 इंच मोटाई में किया जाना है, जबकि मौके पर 2.50 से 3 इंच तक ही निर्माण की स्थिति सामने आई।

    महापौर अलका बाघमार ने यह भी देखा कि सड़क निर्माण के दौरान दोनों ओर निर्धारित चैनल का भी समुचित निर्माण नहीं किया जा रहा था । निर्माण कार्य में इस प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर महापौर ने मौके पर ही नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित ठेकेदार को कड़ी फटकार लगाई। महापौर ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि नगर निगम द्वारा कराए जा रहे विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निर्माण कार्य निर्धारित मापदंड, तकनीकी स्वीकृति एवं गुणवत्तापूर्ण सामग्री के साथ ही कराया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण का लाभ लंबे समय तक आम नागरिकों को मिलना चाहिए, इसलिए कार्य केवल पूरा करना ही उद्देश्य नहीं होना चाहिए, बल्कि गुणवत्ता भी बेहतर होनी चाहिए।

  • शिवराज सिंह चौहान के घर आई खुशियां, बेटे कुणाल-रिद्धि के घर जन्मा बेटा; पोते का नाम ‘अहान’

    शिवराज सिंह चौहान के घर आई खुशियां, बेटे कुणाल-रिद्धि के घर जन्मा बेटा; पोते का नाम ‘अहान’

    भोपाल
     केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के घर में किलकारियां गूंजी हैं। वह एक बार फिर से दादा बने हैं। छोटी बहू ऋद्धि ने बेटे को जन्म दिया है। उसका नाम अभी अहान रखा गया है। अस्पताल से शिवराज सिंह चौहान ने खुशनुमा पल के इस वीडियो को एक्स पर शेयर किया है। इस दौरान परिवार के सभी सदस्य मौजूद थे।

    सौभाग्य का सूर्योदय हुआ
    शिवराज सिंह चौहान ने एक्स प
    र वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा कि आज हमारे जीवन में फिर एक बार सौभाग्य का सूर्योदय हुआ है। बेटे के रूप में ‘अहान’ हमारे घर अपार खुशियां लेकर आया है। कुणाल और रिद्धि माता-पिता बने है, मुझे और साधना को फिर से दादा-दादी बनने का सौभाग्य मिला है।

    इला को भाई मिल गया
    उन्होंने आगे लिखा कि कार्तिकेय-अमानत बड़े पापा-बड़ी मम्मी बन गए हैं और हमारी लाडली इला का भाई हमारे घर खुशियां लेकर आया है। बेटे 'अहान' की नन्ही-सी किलकारी ने पूरे घर को आनंद और प्रेम से भर दिया है। यह हमारे लिए ईश्वर का अनमोल आशीष है। वहीं, संदीप जैन और स्वाति जैन को भी नाना-नानी बनने की बहुत-बहुत बधाई।

    अहान के जन्म के साथ कार्तिकेय और अमानत बड़े पापा-बड़ी मम्मी बन गए हैं, जबकि परिवार की लाड़ली इला को छोटा भाई मिला है। शिवराज ने लिखा कि अहान की नन्ही-सी किलकारी ने पूरे घर को आनंद और प्रेम से भर दिया है। यह उनके लिए ईश्वर का अनमोल आशीर्वाद है।उन्होंने अहान के नाना-नानी संदीप जैन और स्वाति जैन को भी बधाई दी है।

    पोते के जन्म से बेहद खुश हैं शिवराज सिंह चौहान
    शिवराज सिंह चौहान ने पोते के जन्म की खुशखबरी साझा करने के लिए एक वीडियो शेयर की है. वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, ' आज हमारे जीवन में फिर एक बार सौभाग्य का सूर्योदय हुआ है. बेटे के रूप में ‘अहान’ हमारे घर अपार खुशियां लेकर आया है. कुणाल और रिद्धि माता-पिता बने हैं, मुझे और साधना को फिर से दादा-दादी बनने का सौभाग्य मिला है। 

    उन्होंने आगे लिखा, 'कार्तिकेय-अमानत बड़े पापा-बड़ी मम्मी बन गए हैं और हमारी लाड़ली इला का भाई हमारे घर खुशियां लेकर आया है. बेटे 'अहान' की नन्ही-सी किलकारी ने पूरे घर को आनंद और प्रेम से भर दिया है. यs हमारे लिए ईश्वर का अनमोल आशीष है. संदीप जैन जी और स्वाति जैन जी को भी नाना-नानी बनने की बहुत-बहुत बधाई। 

    पोते को प्यार से गोद में लेते दिखे शिवराज सिंह चौहान
    वीडियो में शिवराज सिंह चौहान नर्स से अपने नवजात पोते को अपने हाथों में लेते हुए दिखाई दे रहे हैं. उनके बगल में उनकी पत्नी भी खड़ी हैं, जो अपने पोते को प्यार से निहार रही हैं. वीडियो में पोते का चेहरा दिल के इमोजी से छिपाया हुआ है। 

    ‘अहान’ नाम में छिपा है खास मतलब
    शिवराज सिंह चौहान ने अपने पोते का नाम ‘अहान’ रखा है, जो सुनने में जितना प्यारा है, इसका मतलब भी उतना ही खास है. ‘अहान’ एक मशहूर भारतीय और हिंदू नाम है. संस्कृत में इसका संबंध ‘अहन’ या ‘अह’ शब्द से माना जाता है, जिसका अर्थ ‘दिन’ होता है. आमतौर पर ‘अहान’ का अर्थ भोर, सूर्योदय, सुबह की पहली किरण या नई शुरुआत माना जाता है. ये नाम नई सुबह, रोशनी और जीवन में एक नई शुरुआत का प्रतीक भी माना जाता है। 

    पोती के नाम का मतलब भी है खास
    शिवराज सिंह चौहान के 21 जनवरी 2026 को पोती का जन्म हुआ था. उन्होंने अपनी पोती का नाम ‘इला’ रखा था. ये नाम संस्कृत से लिया गया है और इसका संबंध धरती, वाणी और उर्वरता की देवी से माना जाता है. वैदिक ग्रंथों में इला को ‘इदा’ नाम से भी जाना जाता है. उन्हें सरस्वती और भारती के साथ भी पूजा जाता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इला वैवस्वत मनु की बेटी और बुध देव की पत्नी थीं. उनके पुत्र का नाम पुरूरवा था। 

    जनवरी में पोती इला के दादा बने थे
    शिवराज सिंह चौहान के बड़े बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान और अमानत के घर 21 जनवरी 2026 को बेटी का जन्म हुआ था। दिल्ली के एम्स में जन्मी इस बच्ची का नाम इला रखा गया।

    पोती के जन्म पर शिवराज ने सोशल मीडिया पर लिखा था- आज हमारे घर लाड़ली लक्ष्मी आई है। कार्तिकेय पिता और अमानत मां बनी हैं, जबकि वे खुद दादा और साधना दादी बनी हैं।

    छोटे बेटे हैं कुणाल
    दरअसल, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के दो बेटे हैं। कुणाल उनके छोटे बेटे हैं। हालांकि उनकी शादी पहले हुई थी। कुणाल की शादी ऋद्धि से हुई है। ऋद्धि पहली बार मां बनी हैं। इसके बाद परिवार में खुशी की लहर हैं। शिवराज सिंह चौहान उनकी पत्नी साधना सिंह के चेहरे पर दादा-दादी बनने की खुशी देखी जा सकती है।

    पोती के साथ भी बिताते हैं समय
    गौरतलब है कि शिवराज सिंह चौहान को अपने कार्यों के बाद जब भी खाली समय मिलता है तो वह अपनी पोती के साथ व्यतीत करते हैं। सोशल मीडिया पर कई बार वह पोती को खेलाते हुए वीडियो पोस्ट करते रहते हैं। उन्हें फिर से दादा-दादी बनने पर लोग बधाई भी दे रहे हैं।

     

  • इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में दिखा भविष्य का टेक्नोलॉजी मॉडल, PM मोदी बोले- डिजिटल डिवाइड अब पीछे छूटा

    इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में दिखा भविष्य का टेक्नोलॉजी मॉडल, PM मोदी बोले- डिजिटल डिवाइड अब पीछे छूटा

     नई दिल्ली

    इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 का आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन किया. IMC 2026 देश का बड़ा टेक और टेलीकॉम इवेंट है. इसका आयोजन 7 से 10 अक्टूबर तक नई दिल्ली के यशोभूमि में हो रहा है. इस बार IMC का 10वां एडिशन है। 

    नरेंद्र मोदी ने IMC 2026 का उद्घाटन करते समय सबसे पहले लोगों का धन्यवाद किया. उन्होंने बताया कि आज भारत के लिए एक विशेष दिन है.  साथ ही उन्होंने बताया कि कल ही उन्हें देश की सेवा करते हुए 25 साल पूरे हुए हैं. उद्घाटन के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अभिनेता नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि दी। 

    नरेंद्र मोदी ने बताया है कि बीते 10-12 सालों में मोबाइल फोन गर्वनेंस का टूल बनकर सामने आया है. यह हमारे डिजिटल इंडिया का को रहा है. आज दूर सुदूर गांव और गरीब के बच्चे भी मोबाइल की वजब से बेहतर एजुकेशन पा रहे हैं। 

    कोरोना माहामारी के दौरान भी मिला फायदा – मोदी
    मोबाइल से कोरोना महामारी के दौरान भी काम और पढ़ाई जारी रही, जो नई टेक्नोलॉजी की वजह से संभव हुआ. दूर-दराज के गांवों के बच्चे भी डिजिटल लर्निंग का फायदा उठा पा रहे हैं. उन्होंने ऑनलाइन एजुकेशन के लिए ‘दीक्षा’ प्लेटफॉर्म के बारे में भी बात की। 

    प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि अब सरकारी योजना और सब्सिडी का लाभ आम लोगों तक आसानी से पहुंच रहा है. साथ ही उन्होंने बताया है कि भारत में टेलिकॉम सेक्टर का विस्तार हुआ है. रिमोट एरिया में भी टेलिकॉम का विस्तार हुआ और डेटा भी अफोर्डेबल हुआ है। 

    इंडिया मोबाइल कांग्रेस की थीम ‘Scale Without Boundaries’ है. यहां 5G, 6G, AI, IoT, सैटेलाइट कम्युनिकेशन और दूसरी नई टेक्नोलॉजी देखने को मिल रही हैं. दुनियाभर की बड़ी टेक और टेलीकॉम कंपनियां, स्टार्टअप और इंडस्ट्री के बड़े नाम इस इवेंट में हिस्सा ले रहे हैं. आइए जानते हैं क्या होगा इस इवेंट में। 

    फ्यूचर टेक्नोलॉजी की झलक
    IMC 2026 एशिया का बड़ा टेक्नोलॉजी शोकेस होने वाला इवेंट है. इस इवेंट में देश और दुनिया की बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों से लेकर नए-नए स्टार्टअप अपने प्रोडक्ट्स और भविष्य में इस्तेमाल होने वाली टेक्नोलॉजी की झलक दिखा रहे है. इस इवेंट में टेलीकॉम को 5G से 6G तक कैसे लेकर जाया जाए, इस पर भी बात होगी। 

    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को देश में ही कैसे बनाया जा सके और लोगों के भले के लिए इसका इस्तेमाल कैसे हो, इस पर भी चर्चा होगी. स्टार्टअप्स अपने AI प्रोडक्ट्स की झलक दिखा सकते हैं. इसके अलावा, इस साल कुछ नई चीजें भी जोड़ी गई हैं, जैसे स्मार्ट मोबिलिटी और इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स. आने वाले समय में बड़े स्तर पर इनका इस्तेमाल किया जा सकता है.इनका डेमोंस्ट्रेशन और एग्जिबिशन भी लगाया गया है। 

    कैसे हिस्सा लें इस इवेंट में
    IMC 2026 के इवेंट में जाकर नई टेक्नोलॉजी को समझने और डेमोंस्ट्रेशन देखने के लिए आप रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. स्टूडेंट्स और विजिटर्स के लिए फ्री एंट्री दी गई है. रजिस्ट्रेशन करने के लिए IMC के ऑफिशियल रजिस्ट्रेशन पोर्टल से रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है। 

  • Navratri 2026: 10 या 11 अक्टूबर, कब से शुरू होगी नवरात्रि? जानें कलश स्थापना का सही समय

    Navratri 2026: 10 या 11 अक्टूबर, कब से शुरू होगी नवरात्रि? जानें कलश स्थापना का सही समय

    Shardiya Navratri 2026
     मां दुर्गा की आराधना का सबसे पवित्र पर्व शारदीय नवरात्र इस वर्ष 11 अक्टूबर, रविवार से शुरू होने जा रहा है. नवरात्र का यह पावन पर्व 20 अक्टूबर, मंगलवार को विजयादशमी के साथ संपन्न होगा.

    इस बार नवरात्र को लेकर एक विशेष धार्मिक मान्यता सामने आ रही है. ज्योतिषीय गणना और पंचांग के अनुसार, इस वर्ष जगत जननी मां दुर्गा का आगमन हाथी पर होगा. धार्मिक परंपराओं में मां दुर्गा का हाथी पर आगमन बेहद शुभ माना जाता है. मान्यता है कि हाथी पर देवी का आगमन अच्छी वर्षा, कृषि में उन्नति, सुख-समृद्धि, शांति और स्थिरता का संकेत देता है. हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि देवी की सवारी से जुड़े ये फलादेश धार्मिक मान्यताओं और परंपरागत ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित होते हैं.

    तो आइए पंडित श्रीपति त्रिपाठी जी से जानते हैं, इस वर्ष शारदीय नवरात्र कब से शुरू होगी? कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त क्या है? नवरात्र के प्रमुख दिन कौन-कौन से हैं? और इस बार देवी का आगमन और गमन किस वाहन पर होगा?

    11 अक्टूबर से शुरू होगी नवरात्र
    11 अक्टूबर, रविवार से शारदीय नवरात्र का शुभारंभ होगा. इस दिन आश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि रहेगी. विधि-विधान से कलश स्थापना की जाएगी और मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा होगी.

    नवरात्र के पहले दिन घर में कलश स्थापना करके मां भगवती की आराधना शुरू की जाती है. श्रद्धालु नौ दिनों तक माता के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा करते हैं. इस दौरान अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार व्रत, जप, पाठ और साधना की जाती है.

    कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
    पंचांग के अनुसार, 11 अक्टूबर को चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग रहेगा. कलश स्थापना के लिए अभिजीत मुहूर्त को विशेष महत्व दिया जाता है. इस दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:36 बजे से दोपहर 12:24 बजे तक रहेगा. इसी दौरान कलश स्थापना करना शुभ माना जाता है.

    हालांकि, अलग-अलग शहरों में सूर्योदय और स्थानीय समय के अंतर के कारण मुहूर्त में थोड़ा बदलाव हो सकता है. इसलिए श्रद्धालुओं को अपने स्थानीय पंचांग के अनुसार मुहूर्त की पुष्टि जरूर कर लेनी चाहिए.

    नवरात्र में करें दुर्गा सप्तशती का पाठ
    नवरात्र केवल व्रत रखने का पर्व नहीं है, बल्कि यह शक्ति की उपासना और आत्मिक साधना का भी समय माना जाता है. आश्विन शुक्ल पक्ष की नवरात्र को आदि शक्ति मां दुर्गा की आराधना के साथ भगवान श्रीराम की रावण पर विजय से भी जोड़ा जाता है. नवरात्र के दौरान दुर्गा सप्तशती का पाठ करना या योग्य ब्राह्मण और पुरोहित से संकल्प लेकर इसका पाठ करवाना धार्मिक रूप से पुण्यकारी माना जाता है. मान्यता है कि मां भगवती की आराधना से घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.
    अब जानते हैं नवरात्र के प्रमुख दिनों और उनसे जुड़े धार्मिक कार्यक्रमों के बारे में.

    16 अक्टूबर, शुक्रवार को बेलवरण पूजा होगी. बेलवरण दुर्गा पूजा की महत्वपूर्ण परंपराओं में से एक है. खासतौर पर बंगाल और पूर्वी भारत की दुर्गा पूजा परंपराओं में इसका विशेष महत्व माना जाता है.

    17 अक्टूबर को महा सप्तमी
    17 अक्टूबर, शनिवार को महा सप्तमी से जुड़ी पूजा होगी. पंचांग के अनुसार, सुबह 8:58 बजे के बाद सप्तमी से संबंधित पूजा की जाएगी.

    इसी दिन नवरात्र की कई महत्वपूर्ण परंपराएं पूरी की जाएंगी. नौपत्रिका प्रवेश, निशा पूजा और मूल नक्षत्र में पूजा पंडालों में देवी की स्थापना की जाएगी.

    इसी दिन श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए मां दुर्गा के पट भी खोल दिए जाएंगे. यानी 17 अक्टूबर से दुर्गा पूजा का उत्साह और भी बढ़ जाएगा और भक्त मां के दर्शन कर सकेंगे.

    18 अक्टूबर को दुर्गा अष्टमी
    18 अक्टूबर, रविवार को श्री दुर्गा अष्टमी का व्रत रखा जाएगा. इस दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की पूजा की जाती है.

    अष्टमी का दिन नवरात्र साधना में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. श्रद्धालु इस दिन व्रत रखते हैं, मां दुर्गा की पूजा करते हैं और अपनी श्रद्धा के अनुसार कन्या पूजन सहित अन्य धार्मिक अनुष्ठान करते हैं. इसी दिन विशेष पूजा और महानिशा पूजा का भी विधान रहेगा.

    19 अक्टूबर को संधि पूजा और महानवमी
    19 अक्टूबर, सोमवार को अष्टमी और नवमी तिथि की संधि बेला में संधि पूजा की जाएगी. पंचांग के अनुसार, संधि पूजा का विशेष समय सुबह 6:53 बजे रहेगा. अष्टमी और नवमी के मिलन का यह समय धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. इसलिए संधि पूजा को विशेष विधि-विधान और श्रद्धा के साथ संपन्न किया जाता है. इसी दिन महानवमी का पर्व भी मनाया जाएगा.

    20 अक्टूबर को विजयादशमी और विसर्जन
    20 अक्टूबर, मंगलवार को उदया तिथि के अनुसार नवमी रहेगी और नवमी तिथि सुबह 9:35 बजे तक रहेगी. इसके बाद नवरात्र व्रत का पारण किया जाएगा. इसी दिन विजयादशमी यानी दशहरा भी मनाया जाएगा. मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन भी इसी दिन किया जाएगा.

    हाथी पर होगा मां दुर्गा का आगमन
    धार्मिक मान्यता और ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस वर्ष मां दुर्गा का आगमन हाथी पर होगा. देवी का हाथी पर आगमन धार्मिक परंपराओं में बेहद शुभ माना जाता है. हाथी को समृद्धि, स्थिरता और ऐश्वर्य का प्रतीक माना जाता है. इसलिए मान्यता है कि देवी के हाथी पर आगमन से अच्छी वर्षा, कृषि में उन्नति, सुख-समृद्धि और खुशहाली का वातावरण बन सकता है.

    विशेष रूप से कृषि प्रधान समाज में अच्छी वर्षा का विशेष महत्व होता है. हालांकि, यहां एक बात स्पष्ट करना जरूरी है कि देवी की सवारी से संबंधित ये फलादेश धार्मिक मान्यताओं और परंपरागत पंचांग गणनाओं पर आधारित हैं.

    मां दुर्गा की आराधना में रखें श्रद्धा और संयम
    इस प्रकार 11 अक्टूबर को कलश स्थापना के साथ शुरू होने वाला शारदीय नवरात्र का यह पावन पर्व 20 अक्टूबर को विजयादशमी के साथ संपन्न होगा. नवरात्र केवल बाहरी उत्सव का पर्व नहीं है. यह अपने भीतर की शक्ति को पहचानने, मन को शुद्ध करने और मां भगवती के प्रति अपनी श्रद्धा को मजबूत करने का अवसर भी है.

    इन नौ दिनों में हम मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा करते हैं. मां शैलपुत्री से लेकर मां सिद्धिदात्री तक देवी के प्रत्येक स्वरूप में शक्ति, भक्ति और जीवन से जुड़े अलग-अलग संदेश छिपे हुए हैं.

    इस नवरात्र अपने घर में श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार मां भगवती की पूजा करें. यदि संभव हो तो प्रतिदिन देवी मंत्रों का जाप करें, सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पाठ करें, दुर्गा सप्तशती का पाठ करें या देवी कवच का पाठ करें. साथ ही जरूरतमंद लोगों की सहायता जरूर करें. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पूजा केवल दिखावे के लिए नहीं, बल्कि श्रद्धा, संयम और सकारात्मक भावना के साथ हो.