Author: NewseDay

  • शनिश्चरा अमावस्या मेले के लिए रेलवे अलर्ट, 9-11 अक्टूबर तक कई ट्रेनें स्टेशन पर 2 मिनट रुकेंगी

    शनिश्चरा अमावस्या मेले के लिए रेलवे अलर्ट, 9-11 अक्टूबर तक कई ट्रेनें स्टेशन पर 2 मिनट रुकेंगी

     भिंड
     शनिश्चरा स्टेशन पर आयोजित होने वाले शनिचरी अमावस्या मेले में यात्रियों की संभावित अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए रेलवे ने विशेष व्यवस्था की है। यात्रियों की सुविधा के लिए 9 से 11 अक्टूबर तक तीन दिनों की अवधि में कई प्रमुख ट्रेनों को शनिश्चरा स्टेशन पर दो-दो मिनट का अस्थायी ठहराव दिया गया है।

    झांसी-इटावा एक्सप्रेस का ठहराव
    रेलवे के अनुसार ट्रेन संख्या 11903 वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी-इटावा दैनिक एक्सप्रेस शाम 7.16 बजे शनिश्चरा पहुंचेगी और 7.18 बजे रवाना होगी। वापसी में ट्रेन संख्या 11904 इटावा-वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी दैनिक एक्सप्रेस सुबह 6.56 बजे पहुंचेगी और 6.58 बजे प्रस्थान करेगी।

    सूबेदारगंज-इंदौर और अन्य ट्रेनें
    इसी तरह द्वि-साप्ताहिक ट्रेन संख्या 04169 सूबेदारगंज-इंदौर दोपहर 1.23 से 1.25 बजे तक तथा ट्रेन संख्या 04170 इंदौर-सूबेदारगंज सुबह 11.25 से 11.27 बजे तक शनिश्चरा स्टेशन पर रुकेगी। साप्ताहिक ट्रेन संख्या 04113 प्रयागराज जंक्शन-श्री सिद्धारूढ़ स्वामीजी हुब्बल्ली जंक्शन दोपहर 1.34 बजे पहुंचेगी और 1.36 बजे रवाना होगी।

    हेल्पलाइन नंबर से लें जानकारी
    रेल प्रशासन ने यात्रियों से यात्रा शुरू करने से पहले ट्रेनों की वास्तविक स्थिति की जानकारी रेलवे के आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर 139 अथवा एनटीइएस के माध्यम से प्राप्त करने की अपील की है।

  • सूरजपुर हत्याकांड में कोर्ट का सख्त फैसला, तीन दोषियों को फांसी; चौथे को उम्रकैद

    सूरजपुर हत्याकांड में कोर्ट का सख्त फैसला, तीन दोषियों को फांसी; चौथे को उम्रकैद

    सूरजपुर.

    छत्तीसगढ़ के सूरजपुर के चर्चित मां बेटी हत्याकांड में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने चार दोषियों को सजा सुनाई है। कोर्ट ने मुख्य आरोपी कुलदीप साहू समेत तीन दोषियों को फांसी की सजा दी है। वहीं, चौथे आरोपी आर्यन विश्वकर्मा को मरते दम तक उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।

    पीड़ित पक्ष के वकील सुरेश कुमार शर्मा ने मामले को रेयरेस्ट ऑफ रेयर श्रेणी का बताते हुए दोषियों के लिए अधिकतम सजा की मांग की थी। मामले में 29 सितंबर को कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद अब इस बहुचर्चित मामले में सजा का ऐलान हो गया है।

    घर में घुसकर मां-बेटी को बनाया था निशाना
    यह मामला अक्टूबर 2024 में सामने आया था। पुलिस विभाग में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल की पत्नी और बेटी को आरोपियों ने उनके घर में निशाना बनाया था। आरोप के मुताबिक, हेड कॉन्स्टेबल की पत्नी से पहले रेप किया गया। इसके बाद चाकू से गोदकर उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद जब उनका मन नहीं भारा तो उन दरिंदों ने बेटी के कपड़े उतारकर धारदार हथियार से उसकी भी हत्या कर दी। वारदात के बाद दोनों के शवों को घर से करीब पांच किलोमीटर दूर ले जाकर फेंक दिया गया था। अगले दिन दोनों के शव नग्न हालत में मिले थे।
    हेड कॉन्स्टेबल जब रात में ड्यूटी से घर लौटा तो घर के अंदर खून बिखरा मिला। पत्नी और बेटी वहां नहीं थीं। दीवारों और फर्श पर खून के निशान थे। इसके बाद उसने दोनों की तलाश शुरू की, लेकिन रातभर उनका पता नहीं चल सका। अगले दिन घर से करीब पांच किलोमीटर दूर दोनों के शव मिलने के बाद घटना का खुलासा हुआ।

    भाई से मारपीट को लेकर था विवाद
    मामले की पृष्ठभूमि में मुख्य आरोपी कुलदीप साहू के भाई संदीप साहू से जुड़ा विवाद बताया गया था। 9 अक्टूबर 2024 की रात शहनाज अख्तर के जगराता कार्यक्रम के दौरान संदीप का नवापारा के कुछ युवकों से विवाद हुआ था। इसके दो दिन बाद पुलिस संदीप साहू को पकड़कर थाने ले गई थी। आरोप था कि वहां उसके साथ मारपीट की गई। बताया गया था कि संदीप के खिलाफ पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था। इसी घटना को लेकर कुलदीप नाराज था। जांच के दौरान सामने आए आरोपों के मुताबिक, कुलदीप ने अपने भाई के साथ मारपीट करने वालों को निशाना बनाने की योजना बनाई थी। जिस पुलिसकर्मी की पत्नी और बेटी की हत्या हुई, उससे भी कुलदीप का पुराना विवाद बताया गया था।

    पहले पुलिसकर्मी पर डाला था खौलता तेल
    वारदात से एक दिन पहले यानी 13 अक्टूबर 2024 की शाम कुलदीप साहू अपने साथियों आर्यन विश्वकर्मा, चंद्रकांत चौधरी और रिंकू सिंह के साथ सूरजपुर के पुराने बस स्टैंड में बैठा था। इसी दौरान आरक्षक घनश्याम सोनवानी की नजर कुलदीप पर पड़ी। जिला बदर किए गए कुलदीप को पकड़ने की कोशिश की गई तो आरोप है कि उसने आरक्षक पर खौलता हुआ तेल डाल दिया। इसके बाद वह तलवार से काट देने की धमकी देते हुए वहां से भाग गया। पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर कुलदीप को पकड़ने के लिए हेड कॉन्स्टेबल भी निकले थे। आरोप है कि इस दौरान कुलदीप ने पुलिसकर्मियों पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की।

    धमकी के कुछ घंटे बाद घर पहुंचा था कुलदीप
    पुलिस के मुताबिक, शाम को पुलिसकर्मियों को धमकी देने और उनसे बचकर निकलने के बाद कुलदीप हेड कॉन्स्टेबल के घर पहुंचा। आरोप है कि वहां उसने हेड कॉन्स्टेबल की पत्नी की चाकू मारकर हत्या कर दी। इसके बाद उसकी नाबालिग बेटी को भी निशाना बनाया गया। धारदार हथियार से उसकी हत्या करने के बाद दोनों शवों को घर से करीब पांच किलोमीटर दूर ले जाकर फेंक दिया गया।

  • IPL से टकराएगा PSL, पाकिस्तान ने खुद खड़ी की मुसीबत; खिलाड़ी और दर्शक दोनों होंगे दूर

    IPL से टकराएगा PSL, पाकिस्तान ने खुद खड़ी की मुसीबत; खिलाड़ी और दर्शक दोनों होंगे दूर

    नई दिल्ली
     पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड एक बार फिर अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारने की पूरी तैयारी कर चुका है। आर्थिक तंगी, टीम के खराब प्रदर्शन और खिलाड़ियों की अनुशासनहीनता से जूझ रहा क्रिकेट बोर्ड अपनी घरेलू टी20 लीग का आयोजन आईपीएल के समय पर ही कर रहा है। यह लगातार तीसरा साल है, जब पीएसएल के मैच आईपीएल के साथ टकरा रहे हैं। आईपीएल दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग है और खेल की टॉप-5 लीगों में भी शामिल है। वहीं, पीएसएल क्रिकेट की दुनिया में ही अपनी बड़ी पहचान के लिए तरस रही है। ऐसे में दोनों लीग के मैच एक साथ होने पर पीएसएल को भारी नुकसान होना तय है। पहले भी पीसीबी की इसी जिद के कारण उन्हें भारी नुकसान हुआ है।

    पीएसएल का 12वां संस्करण 18 मार्च से 2 मई 2027 तक आयोजित किया जाएगा। वहीं, आईपीएल का आयोजन भी मार्च से मई के बीच ही होगा। ऐसे में छोटी लीग को नुकसान होना तय है। सबसे ज्यादा नुकसान टीवी और ऑनलाइनल मैच देखने वाले दर्शकों का होगा। पीएसएल 2016 में शुरू हुआ था और 2024 तक फरवरी से लेकर मार्च के बीच इसका आयोजन होता था। ऐसे में आईपीएल शुरू होने से पहले यह लीग खत्म हो जाती थी, लेकिन 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी और 2026 में टी20 विश्व कप के कारण इसे अप्रैल-मई में आयोजित कराना पड़ा।

    बॉडकास्टर को हो रही चिंता
    मैच का बॉडकास्ट करने वाली कंपनी वाले टेक्नोलॉजी का कहना है कि रमजान के दौरान अधिकर कंपनियां जमकर विज्ञापन देती हैं और अपना पूरा बजट खर्च कर देती हैं। ऐसे में अगले महीने पीएसएल होने पर उनके पास विज्ञापन देने के लिए बजट ही नहीं होता है। हालांकि, अधिकतर फ्रेंचाइजी मार्च के बाद ही पीएसएल कराने के पक्ष में हैं। इनका कहना है कि जिन 4 मैदानों पर पीएसएल के मैच होते हैं, उनमें से तीन मैदानों (लाहौर, मुल्तान और रावलपिंडी) पर फरवरी में जमकर ठंड पड़ती है। कोहरे के कारण मैच का आयोजन और खिलाड़ियों को ट्रवल करने में परेशानी होती है।

    पहले यूएई में होते थे मैच
    2020 में पीएसएल के सभी मैचों का आयोजन पाकिस्तन में होने लगा। इससे पहले इस लीग के मुकाबले यूएई में भी आयोजित होते थे। इससे कोहरे की समस्या कम होती थी। हालांकि, पाकिस्तान के सामने कई चुनौतियां हैं। एक तरफ वाले टेक्नोलॉजी है, जिसके पास 2029 तक पीएसएल मैचों के ब्राडकास्टिंग राइट हैं और लीग की एक टीम का मालिकाना हक भी है। वहीं, दूसरी तरफ अन्य फ्रेंचाइजी हैं, जो मार्च-मई विंडो के पक्ष में हैं।

  • टीबी मुक्त मध्यप्रदेश की तैयारी तेज, JOSH टीमों के जरिए घर-घर होगी स्क्रीनिंग: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    टीबी मुक्त मध्यप्रदेश की तैयारी तेज, JOSH टीमों के जरिए घर-घर होगी स्क्रीनिंग: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    टीबी उन्मूलन के लिए युवा शक्ति तैयार, JOSH टीमें घर-घर स्क्रीनिंग में करेंगी सहयोग : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    टीबी उन्मूलन के लिए JOSH (जॉइंट स्क्वॉड फ़ॉर हेल्थ) टीम का किया शुभारंभ
    स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और समय पर जांच गंभीर बीमारियों से बचाव में महत्वपूर्ण
    टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों, निक्षय मित्रों और स्वास्थ्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को किया सम्मानित

    भोपाल

    उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि सघन स्क्रीनिंग के परिणामस्वरूप मध्यप्रदेश में अब तक 1.12 लाख टीबी मरीजों की समय पर पहचान की जा चुकी है। पहले जहां 25 से 30 हजार मरीज ही चिन्हित हो पाते थे, वहीं व्यापक स्क्रीनिंग से अधिक मरीजों की पहचान कर उनका समय पर उपचार शुरू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नियमित रूप से 6 माह तक दवा लेने, पौष्टिक आहार और निक्षय मित्रों के सहयोग से टीबी मरीज पूर्णतः स्वस्थ होकर ‘टीबी चैंपियन’ बन रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य के साथ वर्ष 2047 तक विकसित और हेल्दी भारत के निर्माण का संकल्प है। उन्होंने युवाओं से टीबी उन्मूलन अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल आज गांधी चिकित्सा महाविद्यालय भोपाल के सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में JOSH (जॉइंट स्क्वॉड फ़ॉर हेल्थ) टीम के शुभारंभ अवसर पर संबोधित कर रहे थे। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा ने नई दिल्ली से राष्ट्रव्यापी स्तर पर JOSH टीम का वर्चुअल शुभारंभ किया। कार्यक्रम में राज्य मंत्री (लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा) नरेंद्र शिवाजी पटेल, आयुक्त स्वास्थ्य एस. धनराजू, आयुक्त स्वास्थ्य, मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. सलोनी सिडाना, गांधी चिकित्सा महाविद्यालय की डीन डॉ. कविता सिंह, सहित वरिष्ठ अधिकारी, चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी एवं युवा स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और समय पर जांच गंभीर बीमारियों से बचाव में महत्वपूर्ण है। उन्होंने गर्भवती महिलाओं के समय पर एंटी-नेटल चेकअप (एएनसी) कराने और ग्राम पंचायतों से इस दिशा में विशेष सतर्कता बरतने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) जैसे ब्लड प्रेशर, डायबिटीज एवं फैटी लिवर के साथ सिकल सेल एनीमिया की स्क्रीनिंग का भी व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। सरकार द्वारा निःशुल्क जांच एवं दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, लेकिन इन स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए जन-जागरूकता और जनभागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि JOSH टीमें युवाओं की शक्ति को टीबी उन्मूलन अभियान से जोड़ने की महत्वपूर्ण पहल हैं। माय भारत के स्वयंसेवकों और एनसीसी कैडेट्स की ब्लॉक एवं जिला स्तर पर गठित टीमें घर-घर स्क्रीनिंग अभियान में सहयोग करेंगी तथा संभावित मरीजों की पहचान, जागरूकता और स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

    टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों, निक्षय मित्रों और स्वास्थ्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को किया सम्मानित

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने टीबी उन्मूलन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 8 टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों, 3 निक्षय मित्रों तथा 5 स्वास्थ्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। भोपाल जिले की लगातार तीन वर्षों तक टीबी मुक्त पंचायत की श्रेणी में शामिल बैरसिया ब्लॉक की बांदरुआ, उनीदा, उमरिया, मणिखेड़ी एवं रानी खजूरी तथा फंदा ब्लॉक की निपनिया सूखा, खामखेड़ा एवं कोडिया ग्राम पंचायतों को सम्मानित किया गया। टीबी मरीजों को निरंतर पोषण एवं सामाजिक संबल प्रदान करने के लिए डॉ. मनोज निगम, डॉ. प्रेमलता गोयल एवं श्रीमती मोनिका रोबोट को निक्षय मित्र सम्मान प्रदान किया गया। टीबी स्क्रीनिंग एवं संभावित मरीजों की पहचान में उत्कृष्ट योगदान के लिए पीपुल्स हॉस्पिटल एवं डॉ. आर.के. दीक्षित को भी सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य के लिए डॉ. मनीष शर्मा, सीएमएचओ भोपाल, को प्रदेश में सर्वाधिक एक्स-रे स्क्रीनिंग सुनिश्चित करने, डॉ. अनिमेश सिंह, डीटीओ भोपाल, को उत्कृष्ट समन्वय एवं प्रबंधन, के.के. सिंह, टीबीएचवी, को सर्वाधिक फील्ड स्क्रीनिंग, महेश शर्मा, लैब टेक्नीशियन, को सर्वाधिक NAAT जांच तथा श्रीमती ज्योतिमाला रावोल, रेडियोग्राफर, को सर्वाधिक एक्स-रे जांच के लिए सम्मानित किया गया।

    सामूहिक प्रयासों से टीबी मुक्त मध्यप्रदेश और स्वस्थ भारत के लक्ष्य प्राप्ति को मिलेगी गति: राज्य मंत्री पटेल

    लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने कहा कि टीबी उन्मूलन के लिए युवाओं की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। JOSH टीम के माध्यम से माय भारत स्वयंसेवक एवं एनसीसी कैडेट्स जन-जागरूकता, स्क्रीनिंग और संभावित मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने में सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से टीबी मुक्त मध्यप्रदेश और स्वस्थ भारत के लक्ष्य को और गति मिलेगी।

    राज्य स्तरीय कार्यक्रम में 200 से अधिक प्रतिभागियों ने प्रत्यक्ष सहभागिता की। इनमें MY Bharat स्वयंसेवक, NCC कैडेट्स, NTEP टीम, गांधी चिकित्सा महाविद्यालय की फैकल्टी एवं स्वास्थ्यकर्मी शामिल रहे। भोपाल जिले के दो ब्लॉक्स की JOSH टीम के MY Bharat स्वयंसेवकों एवं NCC कैडेट्स ने मुख्य अतिथियों के साथ सामूहिक छायाचित्र भी लिया। कार्यक्रम से प्रदेश के सभी 55 जिलों के जनप्रतिनिधि, सरपंच, स्थानीय निकाय प्रतिनिधि, एनसीसी कैडेट्स, माय भारत स्वयंसेवक एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ता वर्चुअल माध्यम से जुड़े। प्रदेशभर से 5,000 से अधिक लोगों ने कार्यक्रम में ऑनलाइन सहभागिता की और टीबी सहित जन-स्वास्थ्य अभियानों को जन-आंदोलन बनाने का संकल्प लिया।

     

  • एक लाख नौकरियों के लक्ष्य को मिली रफ्तार, शिक्षा विभाग में 17 हजार से अधिक पदों पर भर्ती

    एक लाख नौकरियों के लक्ष्य को मिली रफ्तार, शिक्षा विभाग में 17 हजार से अधिक पदों पर भर्ती

    एक लाख नौकरियों के लक्ष्य को मिली रफ्तार, शिक्षा में 17 हजार से अधिक पदों पर भर्ती

    योगी सरकार के छह माह में एक लाख भर्ती के संकल्प में शिक्षा क्षेत्र की बड़ी हिस्सेदारी

    भर्ती प्रक्रिया में प्राचार्य से लेकर सहायक अध्यापक तक के पद शामिल

    रोजगार के साथ ही प्रदेश के शिक्षण संस्थानों को भी उपलब्ध होगा आवश्यक मानव संसाधन

    लखनऊ, 
     प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए योगी सरकार का मिशन रोजगार तेज गति से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छह माह में एक लाख सरकारी पदों पर भर्ती का संकल्प लिया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए विभिन्न विभागों में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया तेज की जा रही है। इसी क्रम में शिक्षा क्षेत्र में ही 17,059 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज की ओर से वर्ष 2026 में जारी भर्ती विज्ञापनों में उच्च शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा और बेसिक शिक्षा विभाग के महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। इन भर्तियों के जरिए बड़ी संख्या में युवाओं को सरकारी सेवा में आने का अवसर मिलेगा, साथ ही प्रदेश के शिक्षण संस्थानों को भी आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध होगा।

    उच्च शिक्षा में 2,047 पदों पर अवसर

    आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुमार के अनुसार, उच्च शिक्षा विभाग में प्राचार्य के 111 पद और सहायक आचार्य (असिस्टेंट प्रोफेसर) के 1,936 पद विज्ञापित किए गए हैं। सहायक आचार्य पदों के लिए परीक्षा 19 और 20 नवंबर 2026 को प्रस्तावित है। इस भर्ती से उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाने के साथ बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा।

    माध्यमिक शिक्षा में 3,504 पद

    उन्होंने बताया कि माध्यमिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक के 897 पद तथा प्रवक्ता (पीजीटी) के 2,607 पद शामिल हैं। सहायक अध्यापक पदों के लिए परीक्षा 3 और 4 दिसंबर 2026, जबकि प्रवक्ता पदों के लिए परीक्षा 15 और 16 दिसंबर 2026 को प्रस्तावित है।

    बेसिक शिक्षा में 11,508 पदों की बड़ी भर्ती

    शिक्षा क्षेत्र में प्रस्तावित भर्तियों में सबसे बड़ी हिस्सेदारी बेसिक शिक्षा विभाग की है। यहां सहायक अध्यापक प्राथमिक शहरी (अर्बन) के 11,508 पद विज्ञापित किए गए हैं। इन पदों के लिए परीक्षा 3 और 4 दिसंबर 2026 को प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त बेसिक शिक्षा विभाग में विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (स्पेशल टीईटी) भी आयोजित की जा रही है।

    एक लाख भर्ती के लक्ष्य में शिक्षा क्षेत्र की अहम भूमिका

    शिक्षा विभाग के इन आंकड़ों को देखें तो अकेले विज्ञापित 17,059 पद एक लाख सरकारी नौकरियों के लक्ष्य का करीब 17 प्रतिशत हैं। इससे स्पष्ट है कि योगी सरकार के रोजगार मिशन में शिक्षा क्षेत्र को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। इनमें 11,508 पद अकेले प्राथमिक शहरी सहायक अध्यापकों के, 2,607 प्रवक्ता, 1,936 सहायक आचार्य, 897 माध्यमिक सहायक अध्यापक और 111 प्राचार्य के पद हैं। यानी भर्ती प्रक्रिया में स्कूल शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक के विभिन्न स्तरों को कवर किया गया है।

    रोजगार के साथ शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती

    योगी सरकार की प्राथमिकता पारदर्शी चयन प्रक्रिया और समयबद्ध भर्ती के जरिए रिक्त पदों को भरने की है। शिक्षा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर नियुक्तियां होने से एक ओर प्रदेश के युवाओं को सरकारी रोजगार मिलेगा, वहीं दूसरी ओर स्कूलों, माध्यमिक शिक्षण संस्थानों और उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों की उपलब्धता भी बढ़ेगी। मिशन रोजगार के तहत हो रही ये भर्तियां युवाओं के लिए सरकारी नौकरी के नए अवसर खोलने के साथ प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का भी काम करेंगी।

  • रीवा से रामपुर नैकिन तक चलेगी MEMU ट्रेन? रेलवे बोर्ड की मंजूरी के बाद तय होगा शेड्यूल

    रीवा से रामपुर नैकिन तक चलेगी MEMU ट्रेन? रेलवे बोर्ड की मंजूरी के बाद तय होगा शेड्यूल

    सीधी 
     सीधी जिले में रेल कनेक्टिविटी को लेकर बड़ा अपडेट है. एक ओर जहां ललितपुर–सिंगरौली रेल परियोजना के तहत रामपुर नैकिन और चुरहट तक रेल लाइन पर ट्रायल की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है. तो वहीं दूसरी ओर पश्चिम मध्य रेलवे ने सतना से रीवा होते हुए रामपुर नैकिन तक नई दैनिक मेमू यात्री ट्रेन चलाने का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा है, इससे सीधी में ट्रेन चलने का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है। 

    गुरुवार को सीपीआरओ मयूर वर्मा ने कहा कि जबलपुर पश्चिम मध्य रेलवे ने इस प्रस्ताव को रेलवे के परिचालन स्तर पर स्वीकृति दे दी है, लेकिन रेलवे बोर्ड की मंजूरी अभी बाकी है। 

    क्या होगा प्रस्तावित ट्रेन का शेड्यूल?
    सतना से रीवा होते हुए रामपुर नैकिन तक डेली मेमू ट्रेन चलाने के प्रपोजल के मुताबिक ट्रेन सतना से सुबह 9:15 बजे रवाना होगी और कैमा, सकरिया, हिनौता रामबन, बघाई रोड तथा तुरकी रोड पर ठहरते हुए सुबह 10:25 बजे रीवा पहुंचेगी. वहीं, रीवा से सुबह 10:35 बजे रवाना होकर सिलपरा, गोविंदगढ़ और बघवार में ठहराव लेते हुए दोपहर 12:30 बजे रामपुर नैकिन पहुंचने का प्रस्ताव है। 

    बात करें वापसी की तो वापसी में ट्रेन रामपुर नैकिन से दोपहर 3:30 बजे रवाना होगी. स्टेशन बघवार, गोविंदगढ़, सिलपरा और रीवा सहित निर्धारित स्टेशनों पर ठहरते हुए शाम 7:15 बजे सतना पहुंचने का प्रस्ताव है. इस सेवा के लिए आठ मेमू कोच प्रस्तावित किए गए हैं। 

    चुरहट में भी चलेगी ट्रेन?
    रामपुर नैकिन से चुरहट तक इंजन और स्पीड ट्रायल अगस्त 2026 में सफल हुआ था. इससे क्षेत्र में नियमित यात्री सेवा शुरू होने की उम्मीद बढ़ी है. हालांकि, अभी उपलब्ध प्रस्तावित समय-सारिणी रामपुर नैकिन तक की सेवा के लिए है। 

    सीधी जिला मुख्यालय तक कब पहुंचेगी ट्रेन?
    सीधी जिला मुख्यालय तक रेल सुविधा पहुंचाने के लिए निर्माण कार्य जारी है. जहां, चुरहट से सीधी के बीच शेष कार्य पूरा होने और आवश्यक निरीक्षण एवं स्वीकृतियां मिलने के बाद ही ट्रेन का विस्तार किया जा सकेगा. वहीं, अब सीधी जिला मुख्यालय तक रेल सुविधा पहुंचाने के लिए निर्माण कार्य जारी है. जहां चुरहट से सीधी के बीच शेष कार्य पूरा होने और आवश्यक निरीक्षण एवं स्वीकृतियां मिलने के बाद ही ट्रेन का विस्तार किया जा सकेगा। 

  • बस्तर से गूंजा सहकारिता का संदेश, जगदलपुर में राष्ट्रीय वर्कशॉप शुरू; विकास को मिलेगी नई रफ्तार

    बस्तर से गूंजा सहकारिता का संदेश, जगदलपुर में राष्ट्रीय वर्कशॉप शुरू; विकास को मिलेगी नई रफ्तार

    बस्तर से सहकारिता का नया सूर्योदय

    जगदलपुर में सहकार से समृद्धि राष्ट्रीय वर्कशाॅप का शुभारंभ

    सहकार से समृद्धि के राष्ट्रीय विमर्श से दूरदराज के क्षेत्रों तक विकास पहुंचाने का शंखनाद

    अंतिम छोर तक जनमानस को लाभ पहुंचाना ही सहकारिता की सार्थकता-सचिव सहकारिता भारत सरकार डाॅ. आशीष भूटानी

    रायपुर
    मां दंतेश्वरी की पावन धरा बस्तर जिले के जगदलपुर में भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सहकार से समृद्धि वर्कशाॅप का भव्य शुभारंभ गुरुवार को हुआ। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में आयोजित यह नौवां सम्मेलन ऐतिहासिक महत्व रखता है, क्योंकि बस्तर में पहली बार किसी केंद्रीय मंत्रालय द्वारा इस स्तर का राष्ट्रीय विचार-मंथन आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन का मुख्य ध्येय सहकारिता आंदोलन के माध्यम से देश के सबसे दूरदराज, आकांक्षी और जनजातीय अंचलों के अंतिम व्यक्ति तक आर्थिक समृद्धि और विकास का लाभ पहुंचाना है।

            सम्मेलन को संबोधित करते हुए भारत सरकार के सहकारिता सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी ने रेखांकित किया कि सहकारिता की सार्थकता तभी सिद्ध होगी जब इसका प्रभाव जमीनी स्तर पर अंतिम छोर तक दिखाई दे। असम में शांति बहाली के बाद आई विकास की गति का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि ठीक वैसा ही सकारात्मक और अभूतपूर्व बदलाव आज बस्तर की धरती पर भी महसूस किया जा रहा है। प्राथमिक कृषि साख समितियों को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की धुरी बताते हुए उन्होंने देश भर में दो लाख नई बहुउद्देशीय पैक्स की स्थापना, उनके पूर्ण डिजिटलीकरण, कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में रूपांतरण और विश्व की सबसे बड़ी विकेंद्रीकृत अनाज भंडारण योजना को तेजी से लागू करने की आवश्यकता जताई। इसके साथ ही उन्होंने नाबार्ड, एनसीडीसी और एनडीडीबी जैसी शीर्ष संस्थाओं के सहयोग से पैक्स के विविधीकरण, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसे आधुनिक क्षेत्रों में नए अवसर तलाशने और सहकारी बैंकिंग व्यवस्था के पारदर्शी व सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन पर विशेष बल दिया।

             छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विकास शील ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ते हुए सहकारिता को केवल पारंपरिक खाद व ऋण वितरण तक सीमित न रखकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विविधीकरण, प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन का सशक्त माध्यम बनाने का रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में अब तक 500 से अधिक नई बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख समितियों का गठन हो चुका है और डेयरी, मत्स्य पालन तथा लघु वनोपज के क्षेत्रों में भी इसी तर्ज पर तेजी से कार्य जारी है। इन समितियों को डिजिटल करने के साथ-साथ माइक्रो-एटीएम और सीएससी सुविधाओं से लैस किया गया है, जिससे ग्रामीण आबादी को नागरिक सेवाएं मिलने के साथ समितियों की आय भी बढ़ी है। औद्योगिक विस्तार की चर्चा करते हुए उन्होंने कोंडागांव के मक्का आधारित और कवर्धा के गन्ना आधारित एथेनॉल संयंत्रों का उल्लेख किया और कहा कि गुजरात व महाराष्ट्र के सफल मॉडलों की तरह इकोनॉमिक्स ऑफ स्केल हासिल करने के लिए नेफेड, एनसीसीएफ और बीबीएसएसएल जैसी राष्ट्रीय संस्थाओं के साथ सप्लाई चेन को मजबूत किया जा रहा है।

          सम्मेलन में अन्य राज्यों के अनुभवों को साझा करते हुए तमिलनाडु की अतिरिक्त मुख्य सचिव सहकारिता पी. अमुधा ने बताया कि उनके राज्य ने केंद्र के दिशा-निर्देशों के आधार पर एक, तीन और पांच वर्षीय विजन डॉक्यूमेंट तथा विस्तृत एक्शन प्लान तैयार कर उन्हें जमीन पर उतारा है। तमिलनाडु का सहकारी तंत्र राष्ट्रीय स्तर के प्रमुख संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर प्राथमिक समितियों के उत्पादों को एक मजबूत और प्रतिस्पर्धी बाजार उपलब्ध करा रहा है।

         सत्र के शुभारंभ पर छत्तीसगढ़ के सहकारिता सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना ने बस्तर के जीवट और अदम्य इच्छाशक्ति का प्रभावशाली खाका खींचा। उन्होंने साझा किया कि मात्र पंद्रह दिन पहले ही यह पूरा क्षेत्र भारी जलभराव से जूझ रहा था और सम्मेलन का सभागार भी कई दिनों तक पानी में डूबा रहा, लेकिन जिला प्रशासन और पूरी टीम ने इस प्राकृतिक आपदा को चुनौती मानकर बहुत कम समय में परिसर का कायाकल्प कर इसे राष्ट्रीय स्तर के आयोजन के लिए तैयार कर दिया। उन्होंने विश्वास जताया कि अतीत के संघर्षों को पीछे छोड़कर बस्तर अब विकास की मुख्यधारा में आगे बढ़ रहा है और यहां सहकारिता के क्षेत्र में मौजूद अपार संभावनाएं स्थानीय आजीविका को नई ऊंचाई देंगी। सम्मेलन के शुरूआत में देश में सहकारिता के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों को लघु फिल्म के द्वारा प्रदर्शित किया गया। साथ ही सम्मेलन स्थल पर विभिन्न सहकारी समितियों एवं संस्थाओं द्वारा अपने उत्पादों से संबंधित स्टाॅल लगाया गया है। इस दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के अधिकारियों द्वारा अपने अनुभव साझा करने सहित सहकारिता के क्षेत्र में नवोन्मेषी प्रयासों के बारे में अवगत कराया जाएगा।

             बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह, कलेक्टर आकाश छिकारा, भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों, विभिन्न राज्यों के सहकारिता सचिवों और पंजीयकों तथा विभिन्न सहकारी संगठनों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में शुरू हुआ यह दो दिवसीय मंथन देश भर में सहकार से समृद्धि के राष्ट्रीय संकल्प को नई गति और दिशा प्रदान करने में मील का पत्थर साबित होगा।

  • मुख्यमंत्री योगी ने चित्र पर पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि, हरे राम-हरे कृष्ण भजन से भक्तिमय हुआ माहौल

    मुख्यमंत्री योगी ने चित्र पर पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि, हरे राम-हरे कृष्ण भजन से भक्तिमय हुआ माहौल

    रामविलास पासवान को बिहार जैसा सम्मान देगा यूपी: मुख्यमंत्री योगी
     
    लखनऊ में रामविलास पासवान की छठी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान रहे मौजूद
     
    मुख्यमंत्री योगी ने चित्र पर पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि, हरे राम-हरे कृष्ण भजन से भक्तिमय हुआ माहौल
     
    पिता के सामाजिक न्याय के मिशन को आगे बढ़ा रहे चिराग पासवान: मुख्यमंत्री योगी
     
    दलितों और वंचितों को न्याय दिलाने के लिए रामविलास पासवान ने समर्पित किया जीवन
     
    राजनीतिक विचार अलग थे, लेकिन भारतीय परंपराओं के प्रति गहरा सम्मान रखते थे पासवान: मुख्यमंत्री योगी
     
    संसद में साथ बिताए दिनों को मुख्यमंत्री योगी ने किया याद, बोले- सहज व्यवहार से हर किसी का दिल जीत लेते थे
     
     लखनऊ

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय रामविलास पासवान की छठी पुण्यतिथि पर कहा कि उन्हें बिहार में जो सम्मान मिला है, वही सम्मान उत्तर प्रदेश में भी दिया जाएगा। रामविलास पासवान ने सामाजिक न्याय के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया। दलितों और वंचितों को न्याय दिलाने तथा समाज की मुख्यधारा में सम्मानजनक स्थान दिलाने के लिए उन्होंने लंबा संघर्ष किया। उनके योगदान को उत्तर प्रदेश में भी पूरा सम्मान मिलेगा।
     
    मुख्यमंत्री योगी गुरुवार को सुशांत गोल्फ सिटी स्थित दयाल बाग एन ईको रिजॉर्ट में आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की मौजूदगी में रामविलास पासवान के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। मुख्यमंत्री योगी ने उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि दी।
     
    सामाजिक न्याय की लड़ाई को दिया जीवन
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि करीब 50 वर्ष पहले बिहार की राजनीति में एक युवा नेता के रूप में रामविलास पासवान का उदय हुआ था। वह दलितों और वंचितों की प्रखर आवाज बने। बिहार की जनता ने उन्हें भारी मतों से संसद पहुंचाया। उन्होंने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के सपनों का भारत बनाने के लिए अपना जीवन समर्पित किया। समाज के वंचित वर्गों को न्याय और सम्मान दिलाना उनका संकल्प था।
     
    उन्होंने कहा कि बिहार में रामविलास पासवान की पुण्यतिथि राष्ट्रीय समारोह के रूप में मनाई जा रही है। इसके लिए बिहार सरकार का आभार जताते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि रामविलास पासवान ने जो कहा, उसी के अनुरूप जीवन जिया। बिना किसी भेदभाव के सामाजिक न्याय की लड़ाई को आगे बढ़ाया।
     
    भारतीय परंपराओं के प्रति थी गहरी श्रद्धा
    मुख्यमंत्री योगी ने संसद में रामविलास पासवान के साथ बिताए दिनों को याद किया। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक उनके साथ काम करने का अवसर मिला। राजनीतिक विचारों में अंतर हो सकता था, लेकिन भारतीय परंपराओं के प्रति उनके मन में उतनी ही श्रद्धा थी, जितनी दलितों और वंचितों को न्याय दिलाने की प्रतिबद्धता। वह चाहते थे कि समाज के प्रत्येक वर्ग को मुख्यधारा में सम्मानजनक स्थान मिले।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि रामविलास पासवान का व्यवहार बेहद सहज और स्नेहपूर्ण था। अटल बिहारी वाजपेयी और प्रधानमंत्री मोदी के मंत्रिमंडल में काम करने के दौरान भी उनका यही स्वभाव रहा। सार्वजनिक कार्यक्रमों और चुनावी सभाओं में उनकी सदाशयता लोगों के हृदय को छू लेती थी।
     
    पिता की विरासत को आगे बढ़ा रहे चिराग
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि रामविलास पासवान की भौतिक अनुपस्थिति आज भी महसूस होती है। उनकी स्मृतियां हमेशा साथ रहेंगी। संतोष इस बात का है कि उनके पुत्र चिराग पासवान पिता के मिशन को निरंतर आगे बढ़ा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्री के रूप में वह विभिन्न मंचों से सामाजिक न्याय की आवाज उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी ने लखनऊ में कार्यक्रम आयोजित करने के लिए चिराग पासवान का आभार व्यक्त किया।
     
    भजनों के बीच दी गई भावपूर्ण श्रद्धांजलि

    श्रद्धांजलि सभा में मुख्यमंत्री योगी के संबोधन के बाद हरे राम-हरे कृष्ण भजन का गायन हुआ। भजन की प्रस्तुति से कार्यक्रम स्थल का वातावरण भक्तिमय हो गया। उपस्थित लोगों ने रामविलास पासवान को श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके योगदान को याद किया।
     
    कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
    श्रद्धांजलि सभा में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, रामविलास पासवान के परिवार के सदस्य, शुभचिंतक और अनुयायी मौजूद रहे।

  • आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम में केदार कश्यप ने बच्चों-महिलाओं से किया संवाद, कुपोषण पर जागरूकता का जोर

    आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम में केदार कश्यप ने बच्चों-महिलाओं से किया संवाद, कुपोषण पर जागरूकता का जोर

    बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषण पर दें विशेष ध्यान- वन मंत्री केदार कश्यप

    आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम में बच्चों और महिलाओं से किया संवाद, कुपोषण से बचाव के लिए जागरूकता पर दिया जोर

    रायपुर, 
     वन मंत्री केदार कश्यप ने गुरुवार को कोंडागांव जिले के गोलावंड स्थित स्कूलपारा आंगनवाड़ी केंद्र में आयोजित आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम में बच्चों और महिलाओं से संवाद किया। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने पोषण एवं कुपोषण की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषण पर विशेष ध्यान देने तथा पालकों को कुपोषण से बचाव के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए।

    बच्चों से किया, महिलाओं के पोषण पर विशेष फोकस के निर्देश
    वन मंत्री कश्यप ने बच्चों से बातचीत कर उनकी सीखने की क्षमता परखी। जहां बच्चों ने चित्रों के माध्यम से फल, पशु-पक्षियों और विभिन्न वस्तुओं की पहचान की। मंत्री ने उनका उत्साह बढ़ाते हुए फल और चॉकलेट वितरित किए। उन्होंने महिलाओं को बच्चों के संतुलित आहार और गर्भावस्था में उचित पोषण की सलाह दी। इस दौरान पांच गर्भवती महिलाओं की गोदभराई और तीन बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार हुआ।

    सेवाभाव के लिए छह आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-मितानिन का सम्मान
    मंत्री कश्यप ने आंगनवाड़ी केंद्र की व्यवस्थाओं और साफ-सफाई का जायजा लिया। उन्होंने केंद्र को स्वच्छ एवं व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और मितानिन सहायिका सहित छह महिलाओं को उनके सेवाभाव और योगदान के लिए सम्मानित किया।

    इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीता सोरी, जनपद अध्यक्ष श्रीमती अनिता कोर्राम सहित जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

  • एनडीए मतलब नौकरी देंगे अलायंस, पहले था प्रदेश डुबाओ अलायंस: मुख्यमंत्री योगी

    एनडीए मतलब नौकरी देंगे अलायंस, पहले था प्रदेश डुबाओ अलायंस: मुख्यमंत्री योगी

     लखनऊ

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को नौकरियों के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी को घेरा। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश डुबाओ अलायंस था, अब एनडीए यानी नौकरी देंगे अलायंस की सरकार है। पहले नियुक्तियों पर एक परिवार का कब्जा था। नौकरी के लिए दो ही रास्ते थे, सैफई या सिफारिश। अब किसी की सिफारिश नहीं, केवल प्रतिभा और परिश्रम चलता है। उन्होंने कहा कि पहले यूपी की पहचान मर्डर से होती थी, अब खिलाड़ियों के मेडल से हो रही है।
     
    मुख्यमंत्री योगी लोक भवन में पुलिस के कुशल खिलाड़ी कोटे से चयनित 470 खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र वितरित करने के बाद संबोधित कर रहे थे। इनमें नागरिक पुलिस के 43 उपनिरीक्षक, 295 आरक्षी और पीएसी के 132 आरक्षी शामिल हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से पूछा कि क्या भर्ती में किसी ने पैसे मांगे या सिफारिश करानी पड़ी। कहा कि यह नियुक्ति न सरकार की कृपा है, न उनकी अनुकंपा। यह खिलाड़ियों के पसीने और परिश्रम का परिणाम है।
     
    सपा की नियुक्तियों पर मगरमच्छ वाली टिप्पणी
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले समाजवादी पार्टी ने प्रदेश में 10 लाख गुंडे पाले थे। वे बेटियों की सुरक्षा के लिए खतरा थे, दंगे कराते थे और गरीबों की जमीनों पर कब्जा करते थे। उनकी सरकार ने 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। उन्होंने कहा कि सपा आज युवाओं की नियुक्ति की बात करती है तो ऐसा लगता है, जैसे पानी में बैठा मगरमच्छ शांति का उपदेश दे रहा हो। पहले खनन, भर्ती और रिवर फ्रंट घोटालों की चर्चा होती थी। अब प्रदेश देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।
     
    प्रमोशन रोकने वाले को ही टाल देंगे
    मुख्यमंत्री योगी ने खिलाड़ियों से कहा कि नियुक्ति अंतिम मंजिल नहीं, नए जीवन की शुरुआत है। नियमित अभ्यास और बेहतर प्रदर्शन से पदोन्नति के अवसर मिलेंगे। प्रमोशन कोई टाल नहीं सकता और जो टालेगा, उसे ही टाल देंगे। उन्होंने कहा कि पुरस्कार मंच से प्रशंसा करने पर नहीं मिलेगा। इसके लिए पसीना बहाना होगा। खिलाड़ियों से दिल खोलकर खेलने और नए रिकॉर्ड बनाने का आह्वान करते हुए उन्होंने नौकरी की चिंता न करने को कहा।
     
    शराब और सपा से सावधान रहने की सलाह
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि युवाओं को दो चीजों से सावधान रहना चाहिए। पहली शराब और दूसरी सपा। दोनों ने प्रदेश को बर्बाद किया है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी नशे के खिलाफ अभियान के सबसे बड़े ब्रांड एंबेसडर बन सकते हैं। खिलाड़ियों का हाथ पोडियम पर होना चाहिए, पुड़िया पर नहीं। युवाओं के रील देखने में समय गंवाने पर कहा कि रील में लाइक्स मिलते हैं, लेकिन खेल के मैदान में लाइफ मिलती है।
     
    हर खिलाड़ी को एक गांव से जोड़ने का सुझाव
    मुख्यमंत्री योगी ने पुलिस महानिदेशक को सुझाव दिया कि पुलिस में भर्ती कुशल खिलाड़ियों को एक-एक गांव गोद दिया जाए। वे सप्ताह में कम से कम एक दिन वहां खेल गतिविधियां संचालित करें। मिशन शक्ति के तहत महिला बीट पुलिस अधिकारियों के गांव जाने की व्यवस्था की तरह खिलाड़ियों को भी गांवों से जोड़ा जाए। उन्होंने खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास जारी रखने और वर्दी में भी अनुशासन, टीमवर्क तथा न्याय के प्रति प्रतिबद्ध रहने की सीख दी।
     
    सात पदक विजेताओं को डिप्टी एसपी की नौकरी
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले खिलाड़ियों की सीधी भर्ती का नियम नहीं था। अब ओलंपिक, एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों के सात पदक विजेताओं को डिप्टी एसपी बनाया जा चुका है। इनमें हॉकी खिलाड़ी ललित उपाध्याय और राजकुमार पाल शामिल हैं। खिलाड़ियों को 200 करोड़ रुपये से अधिक प्रोत्साहन राशि दी गई है। करीब एक हजार खिलाड़ियों को पहले नियुक्ति मिल चुकी है और 555 अन्य की चयन प्रक्रिया चल रही है।
     
    हर मंडल में स्पोर्ट्स कॉलेज और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
    मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि भू-माफिया से 64 हजार हेक्टेयर भूमि मुक्त कराई गई। गांवों में खेल मैदान, ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम और बड़े स्टेडियम विकसित किए जा रहे हैं। प्रत्येक मंडल में स्पोर्ट्स कॉलेज और खेल विशेष के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाए जाएंगे। प्रदेश में खेल विश्वविद्यालय भी शुरू हो चुका है। उन्होंने खेलो इंडिया, फिट इंडिया, सांसद खेलकूद प्रतियोगिता और यूपी की ग्रामीण खेल लीग का उल्लेख किया।
     
    खेल अभी जारी है: केशव प्रसाद मौर्य
    उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि नियुक्ति मिलने से खिलाड़ियों का खेल समाप्त नहीं हुआ है। वर्ष 2017 से पहले प्रदेश की कानून व्यवस्था ध्वस्त थी। आज बेहतर कानून व्यवस्था की देशभर में चर्चा है। पहले खिलाड़ियों को अपेक्षित अवसर नहीं मिलते थे। अब पदक जीतकर आने वाले खिलाड़ियों के लिए सरकारी नौकरियों के अवसर हैं।
     
    पुरस्कार राशि ढाई गुने से अधिक बढ़ी: गिरीश यादव
    खेल राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी ने खिलाड़ियों की पुरस्कार राशि ढाई गुने से अधिक बढ़ाई है। खेल नीति-2023 लागू करने के साथ आर्थिक रूप से कमजोर खिलाड़ियों के लिए एकलव्य क्रीड़ा कोष बनाया गया। प्रत्येक मंडल में स्पोर्ट्स कॉलेज खोलने का निर्णय हुआ है। मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय का निर्माण पूरा हो चुका है और लोकार्पण होना है।
     
    खिलाड़ियों को 513 आउट ऑफ टर्न पदोन्नतियां: डीजीपी
    पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने बताया कि वर्ष 2022 से अब तक 950 कुशल खिलाड़ियों की भर्ती हो चुकी है। निरीक्षक और दलनायक पद पर 14, उपनिरीक्षक और प्लाटून कमांडर पद पर 59 तथा मुख्य आरक्षी पद पर 440 आउट ऑफ टर्न पदोन्नतियां दी गई हैं। उन्होंने कहा कि खेल से मिला अनुशासन और दबाव में निर्णय लेने की क्षमता पुलिस सेवा में उपयोगी होगी।
     
    लघु फिल्म में दिखा गुड़िया का संघर्ष
    कार्यक्रम में खिलाड़ियों के संघर्ष पर आधारित लघु फिल्म दिखाई गई। इसमें भदोही के छेछुआ गांव की गुड़िया की कहानी भी थी, जिन्होंने 400 मीटर बाधा दौड़ में राष्ट्रीय पदक जीता है। नियुक्ति पाने वाले खिलाड़ियों ने खाकी पहनकर जनसेवा का संकल्प जताया।
     
    कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
    कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, खेल राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव, डीजीपी राजीव कृष्ण, अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद, भर्ती बोर्ड के डीजी एसबी शिरोडकर, पीएसी के डीजी आलोक सिंह समेत वरिष्ठ अधिकारी और खिलाड़ियों के अभिभावक मौजूद रहे