Author: NewseDay

  • बिहार में उद्यमिता को मिलेगा बूस्ट! 7136 लाभुकों को ₹150 करोड़, 1 करोड़ परिवारों को उद्यमी बनाने का लक्ष्य

    बिहार में उद्यमिता को मिलेगा बूस्ट! 7136 लाभुकों को ₹150 करोड़, 1 करोड़ परिवारों को उद्यमी बनाने का लक्ष्य

    पटना
    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के युवा उद्यमियों को बड़ा तोहफा दिया है। गुरुवार को मुख्यमंत्री ने बिहार के 7 हजार से ज्यादा उद्यमियों को 150 करोड़ रुपये भेजे। इसी के साथ सीएम ने राज्य के 1 करोड़ परिवारों के लिए बड़ा ऐलान भी किया है। सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के 7136 लाभुकों के बीच करीब 150 करोड़ रुपये वितरित किया। पटना के बापू सभागार में उद्यमी योजना के कई लाभुक मौजूद थे। उद्यमियों को पहली किस्त दी गई है। पहली किस्त के तौर पर लाभुकों को दो-दो लाख रुपये की किस्त दी गई है।

    इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ऐलान किया कि बिहार के एक करोड़ परिवारों को उद्यमी बनाना है। राज्य सरकार इसके लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 25 से 40 प्रतिशत की खरीद बिहार में उत्पादित सामान का करेगी।अगले पांच वर्षों में बिहार की तकदीर को बदलना है। इसके लिए हमसभी को मिलकर काम करना है। उन्होंने कहा कि अगले एक साल में सभी कृषि फीडर को सोलरयुक्त कर देंगे।

    बता दें कि मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत 10 लाख की सहायता राशि उपलब्ध करवाई जाएगी। इसमें 5 लाख रुपये का किस्त ही उद्यमियों को देना होगा। इस पैसे से अलग-अलग तरह के व्यवसाय शुरू किए जा सकते हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार औऱ स्टार्टअप के लिए प्रोत्साहित करना है। इसमें 5 लाख तक का ब्याज मुक्त कर्ज शामिल है।

  • हरियाणा की मंडियों में धान खरीद को लेकर हंगामा, जींद में किसानों का प्रदर्शन; अंबाला में पुलिस अलर्ट

    हरियाणा की मंडियों में धान खरीद को लेकर हंगामा, जींद में किसानों का प्रदर्शन; अंबाला में पुलिस अलर्ट

    पानीपत
     प्रदेशभर की अनाज मंडियों में धान की आवक जोरों पर है। वहीं कई जिलों की मंडियों में धान खरीद न होने से किसानों में रोष है। मंडियों में पीआर धान की सरकारी खरीद 29 सितंबर से शुरू हो चुकी है, लेकिन कई जगह राइस मिलर्स के पंजीकरण में देरी के चलते एजेंसियां खरीद शुरू करने से पीछे हटती रही बुधवार को अनाज जींद की अलेवा अनाज मंडी में धान खरीद शुरू नहीं होने से गुस्साए किसानों ने जींद-असंध मार्ग के मुख्य चौक पर जाम लगा दिया।

    वहीं अंबाला में सभी मंडियों में पुलिस निगरानी बढ़ गई है। यमुनानगर में मंगलवार को हुई वर्षा ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। जींद में अब तक 31,380 मीट्रिक टन धान की आवक हुई है और 5,253 टन की खरीद हुई है।

    कुरुक्षेत्र में 35 हजार मीट्रिक टन की आवक और 17 हजार एमटी धान की खरीद, यमुनानगर में 87 हजार एमटी धान की आवक और 38,400 एमटी धान की खरीद, पानीपत में अब तक 25 हजार मीट्रिक टन धान की आवक और खरीद 24,700 एमटी की खरीद हुई। अंबाला में अब तक 40 हजार एमटी धान की आवक हुई है, वहीं खरीद करीब 30 हजार एमटी हुई है।

    कैथल में अब तक साढ़े 3 लाख मीट्रिक टन धान की आवक और 38 हजार एमटी की खरीद हुई। इधर यमुनानगर में उठान धीमा होने से किसानों का भुगतान अटक गया है। अंबाला जिले की अनाज मंडियां पुलिस की निगरानी में हैं।

    बुधवार को अलेवा अनाज मंडी में पीआर धान की खरीद शुरू न होने से किसानों ने जींद-असंध मार्ग पर जाम लगा दिया। अलेवा थाना प्रभारी आत्माराम और नायब तहसीलदार ओंकार दत्त शर्मा मौके पर पहुंचे। एसडीएम और डीएम हैफेड ने किसान सभा के पदाधिकारियों के साथ पहुंचकर खरीद एजेंसी के माध्यम से पीआर धान की खरीद शुरू करवाई।

    अधिकारियों पर लगाए आरोप
    करनाल की नई अनाजमंडी में धान की सरकारी खरीद में देरी से परेशान किसानों की शिकायत पर भाकियू नेता पहुंचे। नेताओं ने अधिकारियों से बातचीत कर एक सप्ताह से मंडी में बैठे किसानों की खरीद शुरू करवाई और नमी जांच कराई। बहादुर मैहला बलड़ी व जगदीप ओलख ने अधिकारियों पर लापरवाही के आरोप लगाए।

    लाडवा मंडी में पहुंचे कृषि मंत्री
    कुरुक्षेत्र की लाडवा मंडी में बुधवार दोपहर बाद उस समय हलचल मच गई, जब कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा मंडी का निरीक्षण करने पहुंचे। मंडी में मंत्री के पहुंचने की सूचना पर आढ़तियों व किसानों में भी सक्रियता दिखाई दी। कृषि मंत्री ने कहा कि फसल की खरीद में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

     

  • 306 रन ठोककर मचाया तहलका, अब बिहार अंडर-19 महिला टीम की कमान संभालेंगी अक्षरा गुप्ता

    306 रन ठोककर मचाया तहलका, अब बिहार अंडर-19 महिला टीम की कमान संभालेंगी अक्षरा गुप्ता

    पटना
     बिहार क्रिकेट एसोसिएशन ने अंडर-19 महिला टीम की घोषणा कर दी है। टीम 9 से 16 अक्टूबर तक मुंबई में होने वाले अंडर-19 लीग मुकाबलों में हिस्सा लेगी। 15 सदस्यीय टीम की कमान युवा बल्लेबाज अक्षरा गुप्ता को सौंपी गई है।

    जूली को टीम का उपकप्तान बनाया गया है। अक्षरा की कप्तानी में बिहार की युवा टीम से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। टीम में पांच खिलाड़ियों को स्टैंडबाय के तौर पर भी रखा गया है।

    306 रन की पारी ने अक्षरा को दिलाई अलग पहचान
    अक्षरा गुप्ता की सबसे बड़ी चर्चा उनकी रिकॉर्डतोड़ बल्लेबाजी को लेकर हुई। महज 15 साल की उम्र में उन्होंने बिहार महिला अंडर-19 वनडे ट्रॉफी में 306 रन की नाबाद पारी खेली।

    उन्होंने सिर्फ 126 गेंदों का सामना करते हुए 55 चौके और 8 छक्के लगाए। अक्षरा ने 16 गेंदों में अर्धशतक और 34 गेंदों में शतक पूरा किया।

    233 मिनट तक क्रीज पर डटी रहीं अक्षरा की स्ट्राइक रेट 242.86 रही। उनकी इस पारी के दम पर बिहार ने 40 ओवर में 450 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।

    306 के चार दिन बाद फिर बरसा अक्षरा का बल्ला
    306 रन की पारी के महज चार दिन बाद अक्षरा ने एक और बड़ी पारी खेली। उन्होंने 68 गेंदों में 164 रन बनाकर अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया। इस पारी में अक्षरा ने 24 चौके और 6 छक्के लगाए।

    लगातार दो बड़ी पारियों ने उन्हें बिहार क्रिकेट की नई चर्चित प्रतिभाओं में शामिल कर दिया। कम उम्र में इतनी बड़ी पारियां खेलने के कारण उनकी तुलना वैभव सूर्यवंशी से भी की जा रही है। इसी वजह से उन्हें बिहार की महिला क्रिकेट में 'लेडी सूर्यवंशी' के नाम से भी जाना जाने लगा है।

    14 साल की उम्र में ही संभाल चुकी हैं टीम की कमान
    अक्षरा की कप्तानी का सफर भी उनकी उम्र के मुकाबले काफी जल्दी शुरू हो गया। बिहार अंडर-19 टीम में चयन के बाद महज 14 साल की उम्र में उन्हें कप्तानी की जिम्मेदारी मिली

    हरियाणा और पंजाब जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ उन्होंने अर्धशतक लगाकर अपनी क्षमता दिखाई। लगातार अच्छे प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा।

    फरवरी 2026 में अक्षरा का चयन बिहार की सीनियर महिला टीम में भी हुआ। इसके साथ ही वह बिहार के लिए सीनियर क्रिकेट खेलने वाली सबसे कम उम्र की महिला क्रिकेटर बनीं।

    एक सीजन में चार एज ग्रुप खेलने का रिकॉर्ड
    अक्षरा ने एक ही सीजन में BCCI के चार अलग-अलग एज ग्रुप में खेलने की उपलब्धि हासिल की। वह अंडर-15, अंडर-19 टी-20, अंडर-19 वनडे और अंडर-23 टूर्नामेंट में खेलीं। ऐसा करने वाली वह बिहार की पहली महिला क्रिकेटर बनीं।

    इसके बाद उनकी 306 और 164 रन की पारियों ने उनकी प्रतिभा को और चर्चा में ला दिया। अब अक्षरा के सामने मुंबई में बिहार अंडर-19 टीम को मजबूत शुरुआत दिलाने की चुनौती होगी। टीम की कमान के साथ उनकी बल्लेबाजी पर भी क्रिकेट प्रशंसकों की नजर रहेगी।

    BCCI के चयनकर्ताओं ने चुनी 15 सदस्यीय टीम
    बिहार की इस टीम का चयन BCCI की ओर से बुलाए गए चयनकर्ताओं अमिता शर्मा और सुलक्षणा नाइक ने किया। चयन प्रक्रिया के बाद 15 खिलाड़ियों को मुख्य टीम में जगह दी गई है।

    पांच खिलाड़ियों को स्टैंडबाय सूची में रखा गया है। टीम के हेड कोच की जिम्मेदारी नीतू सिंह संभालेंगी। राखी सिन्हा असिस्टेंट कोच, अनु कुमारी एस एंड सी कोच और जूरी दत्ता फिजियो की भूमिका में रहेंगी। अब मुंबई में होने वाले मुकाबलों में अक्षरा की कप्तानी और टीम के प्रदर्शन पर सबकी नजर होगी।

  • रेजांगला युद्ध स्मारक पर शहीदों को नमन, वायु सेना दिवस पर पूर्व सैन्य अधिकारियों ने दी श्रद्धांजलि

    रेजांगला युद्ध स्मारक पर शहीदों को नमन, वायु सेना दिवस पर पूर्व सैन्य अधिकारियों ने दी श्रद्धांजलि

    गुरुग्राम.

    आसमान की ऊंचाइयों से दुश्मन के मंसूबों को ध्वस्त करने वाली भारतीय वायु सेना के शौर्य और पराक्रम को वायु सेना दिवस पर सलाम किया गया। बृहस्पतिवार सुबह रेजांगला युद्ध स्मारक पर आयोजित समारोह में पूर्व सैन्य अधिकारियों और क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को नमन किया।

    इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले सैनिकों का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। पूर्व सैन्य अधिकारी कर्नल महावीर यादव ने कहा कि बलिदानियों का सम्मान ही राष्ट्र का सम्मान है। सैनिकों ने देश की सीमाओं की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया है। उनका साहस और त्याग देश की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

    "अपने पूर्वजों की अस्थियों और अपने देवताओं के मंदिरों के लिए, भयंकर चुनौतियों का सामना करते हुए मरने से बेहतर मृत्यु और क्या हो सकती है?" थॉमस बैबिंगटन मैकाले के ये अमर शब्द सम्मान के सर्वोच्च रूप की बात करते हैं – एक ऐसा जीवन जो स्वेच्छा से बलिदान कर दिया जाता है, बहादुरी से खतरे का सामना करते हुए, जो सबसे पवित्र है उसकी रक्षा के लिए: अपने पूर्वजों, मातृभूमि, संस्कृति और विश्वासों की रक्षा के लिए। दक्षिणपूर्वी लद्दाख के लुभावने ऊंचे इलाकों में , जहां बर्फीली हवाएं बलिदान की कहानियां फुसफुसाती हैं और बर्फ से ढकी चोटियां मूक प्रहरी की तरह खड़ी हैं, वहां एक ऐसी जगह मौजूद है जहां यह अर्थ न केवल पत्थर पर उकेरा गया है, बल्कि स्वयं भूमि की आत्मा में समाया हुआ है। चुशुल के मैदानों में 15,000 फीट से अधिक की ऊंचाई पर स्थित , रेजांग ला युद्ध स्मारक मात्र कंक्रीट और संगमरमर की एक इमारत नहीं है; यह स्मृति की एक जीवंत लौ है। यहाँ इतिहास किताबों में नहीं पढ़ा जाता, बल्कि इसे सीने में महसूस किया जाता है, मौन में सुना जाता है और गहरे नीले आकाश में शान से लहराते तिरंगे में देखा जाता है।

    यह स्मारक मूल रूप से 1963 में चुशुल के मैदानों में, 15,000 फीट से अधिक की ऊंचाई पर , भारत-चीन सीमा पर उन असाधारण पुरुषों के समूह को सम्मानित करने के लिए बनाया गया था जिन्होंने साहस के अर्थ को फिर से परिभाषित किया। 18 नवंबर, 1962 को , भारत-चीन युद्ध के दौरान, 13 कुमाऊं रेजिमेंट की चार्ली कंपनी के 120 सैनिकों ने रेजांग ला दर्रे पर अंतिम मोर्चा संभाला। शून्य से नीचे के तापमान में भारी चीनी सेनाओं के खिलाफ लड़ते हुए, उन्होंने "आखिरी आदमी और आखिरी गोली" तक लड़ाई लड़ी। यह स्मारक उस दुर्भाग्यपूर्ण दिन की स्थायी स्मृति के रूप में खड़ा है जब मेजर शैतान सिंह (परमवीर चक्र) और 113 सैनिकों ने पूर्वी लद्दाख में कैलाश पर्वतमाला पर 16,500 फीट की ऊंचाई पर भारतीय क्षेत्र की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया था। जैसे ही आगंतुक स्मारक परिसर के पास पहुंचते हैं, उनका स्वागत विशाल भारतीय तिरंगे झंडे द्वारा किया जाता है जो हिमालय की भव्य चोटियों की पृष्ठभूमि में लहराता है। आज, यह स्मारक उस दुर्भाग्यपूर्ण दिन की एक स्थायी स्मृति के रूप में खड़ा है, जिसमें दूर से रेजांग ला दर्रा स्पष्ट रूप से दिखाई देता है – एक ऐसा दृश्य जो विस्मय और गहरी श्रद्धा दोनों को जगाता है।

    अहिर धाम, रेज़ांगला
    ऐतिहासिक युद्ध के ठीक एक साल बाद निर्मित मूल स्मारक एक सरल लेकिन शक्तिशाली संरचना थी जो सैनिकों के बलिदान के सार को दर्शाती थी। इसके प्रवेश द्वार पर अहीर धाम स्थित है , जो एक पवित्र श्मशान स्थल है जहाँ उन वीर शहीदों के पार्थिव शरीर को पूर्ण सैन्य सम्मान और श्रद्धा के साथ अग्नि के हवाले किया गया था। इस पवित्र भूमि पर उत्कीर्ण शिलालेख में एक ऐसा सशक्त संदेश है जो दशकों बाद भी आगंतुकों को भावुक कर देता है और उनकी आँखों में आँसू ला देता है। कई वर्षों तक, यह स्मारक सैन्य कर्मियों, पूर्व सैनिकों और उन नागरिकों के लिए एक तीर्थस्थल रहा है जो रेजांग ला की कहानी से गहरा जुड़ाव महसूस करते हैं। इसके दूरस्थ स्थान और वहां तक ​​पहुंचने की चुनौतीपूर्ण यात्रा के बावजूद, हजारों लोग भारत की संप्रभुता की अद्वितीय वीरता से रक्षा करने वाले वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए यहां आते हैं।

  • ED का बड़ा एक्शन, पंजाब के पूर्व DIG भुल्लर को गिरफ्तार करने कोर्ट से लिया प्रोडक्शन वारंट

    ED का बड़ा एक्शन, पंजाब के पूर्व DIG भुल्लर को गिरफ्तार करने कोर्ट से लिया प्रोडक्शन वारंट

    चंडीगढ़.

    आठ लाख रुपये रिश्वत मामले में फंसे पंजाब के निलंबित डाॅ. हरचरण सिंह भुल्लर की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी उनके खिलाफ मनी लाॅन्ड्रिंग के मामले में जांच शुरू कर दी है। ईडी ने सीबीआई कोर्ट में अर्जी दायर कर भुल्लर को प्रोडक्शन वारंट पर अदालत में पेश करने की मांग की थी।

    कोर्ट ने ईडी की अर्जी पर भुल्लर के प्रोडक्शन वारंट जारी कर दिए हैं। अब उन्हें नौ अक्टूबर को सुबह 10 बजे सीबीआई कोर्ट में पेश किया जाएगा। चंडीगढ़ की मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पंजाब पुलिस के पूर्व डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर के लिए एक नया प्रोडक्शन वारंट जारी किया है और निर्देश दिया है कि उन्हें 9 अक्टूबर, 2026 को अदालत के समक्ष पेश किया जाए। इससे पहले, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दायर एक आवेदन पर अदालत ने बुधवार को भुल्लर के लिए पेशी वारंट जारी किया था, जिसमें चंडीगढ़ के बुराइल स्थित मॉडल जेल के अधीक्षक को उन्हें अदालत के समक्ष पेश करने का निर्देश दिया गया था।

    हालांकि, शहर में एक वीवीआईपी के दौरे के कारण पुलिसकर्मियों की अनुपलब्धता के चलते भुल्लर को पेश नहीं किया जा सका। ईडी ने 6 नवंबर, 2025 को प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज की, जब भुल्लर को सीबीआई द्वारा 16 अक्टूबर, 2025 को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 61(2) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 और 7ए के तहत दर्ज भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार किया गया था। सीबीआई की एफआईआर आकाश बट्टा की शिकायत पर दर्ज की गई थी, जिन्होंने आरोप लगाया था कि भुल्लर, जो उस समय पंजाब पुलिस के रोपड़ रेंज में डीआईजी के पद पर तैनात थे, ने पुलिस स्टेशन सरहिंद में दर्ज एक एफआईआर में अनुकूल व्यवहार के बदले और यह सुनिश्चित करने के लिए कि शिकायतकर्ता के व्यवसाय के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए, एक निजी मध्यस्थ, कृषानु शारदा के माध्यम से अवैध रिश्वत की मांग की थी।

    शिकायत के बाद, सीबीआई ने जाल बिछाया और कथित तौर पर 16 अक्टूबर, 2025 को शिकायतकर्ता से रिश्वत के तौर पर मांगे गए 5 लाख रुपये लेते हुए शारदा को गिरफ्तार कर लिया। भुल्लर को भी उसी दिन गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद ईडी ने 6 नवंबर, 2025 को पंजीकृत ईसीआईआर के संबंध में भुल्लर का प्रोडक्शन वारंट मांगा। अभियुक्तों की ओर से अधिवक्ता एसपीएस भुल्लर और एचएस धनोआ पेश हुए। अपने आदेश में, अदालत ने कहा कि भुल्लर, जो 16 अक्टूबर, 2025 की एफआईआर के संबंध में चंडीगढ़ की मॉडल जेल में बंद है, को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया गया था। अदालत ने यह भी कहा कि ईडी मामले में उसे अभी तक हिरासत में नहीं लिया गया है। तदनुसार, अदालत ने निर्देश दिया कि भुल्लर को 9 अक्टूबर, 2026 को उसके समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश किया जाए और इस संबंध में एक नया पेशी वारंट जारी किया।

  • छत्तीसगढ़ के जवानों के लिए बड़ी खबर, Bank of Baroda देगा आकर्षक सैलरी पैकेज और खास सुविधाएं

    छत्तीसगढ़ के जवानों के लिए बड़ी खबर, Bank of Baroda देगा आकर्षक सैलरी पैकेज और खास सुविधाएं

    छत्तीसगढ़ होम गार्ड्स, फायर और एसडीआरएफ के जवानों के लिए बैंक ऑफ़ बड़ौदा लाया आकर्षक सैलरी बेनिफिट्स

    रायपुर
     नगर सेना, अग्निशमन, आपातकालीन सेवाएँ एवम् SDRF छत्तीसगढ़ और बैंक आफ बड़ौदा के मध्य 6 अक्टूबर 2026 को MOU संपादित किया गया है । इसमें विभाग के समस्त ऐसे निम्न आय वर्ग के स्वयंसेवकों एवम् कर्मचारियों,  जिन्हें 10 हजार से 50 हजार के मध्य वेतन/मानदेय वेतन प्राप्त होता है, के लिए जीवन बीमा, व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना एवम् अन्य सुविधाओं का लाभ सुनिश्चित किया गया है। इससे लाभान्वित होने वाले कर्मचारी/स्वयंसेवक अपना वेतन एकाउण्ट (खाता) बैंक आफ बड़ौदा के अपने जिला शाखा में खुलवा सकते हैं। सभी इकाई प्रमुखों को बैंक से समन्वय स्थापित कर उक्त कार्यवाही को शीघ्र पूर्ण करने निर्देशित किया गया है।

        छत्तीसगढ़ राज्य के होमगार्ड, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज (अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं) तथा एसडीआरएफ (SDRF) विभाग के कर्मचारियों और जवानों के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) द्वारा विशेष वेतन लाभ (Salary Benefits) की घोषणा की गई है। इस योजना के तहत जवानों और उनके परिवारों को कई बेहतरीन वित्तीय और बीमा सुरक्षा लाभ प्रदान किए जा रहे हैं।

    प्रमुख विशेषताएँ एवं मिलने वाले लाभ

                छत्तीसगढ़ राज्य के होमगार्ड, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज (अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं) तथा एसडीआरएफ (SDRF) विभाग के कर्मचारियों और जवानों को 1 लाख तक का जीवन बीमा कवर, 40 लाख तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा,  40 लाख तक का हवाई दुर्घटना बीमा कवर, ड्यूटी के दौरान अतिरिक्त कवर- मूल व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा (PAI) का 25% अतिरिक्त कवर (10 लाख तक), दिव्यांगता लाभ- पूर्ण/स्थायी विकलांगता पर 40 लाख तक और आंशिक विकलांगता पर 30 लाख तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

    परिवार और बच्चों के लिए कल्याणकारी योजनाएं 

               राज्य के होमगार्ड, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज (अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं) तथा एसडीआरएफ (SDRF) विभाग के कर्मचारियों और जवानों  के पुत्री की विवाह के लिए 4 लाख तक की सहायता, बच्चों की शिक्षा के लिए 4 लाख तक का लाभ दिया जाएगा।

    खाता और कार्ड की विशेषताएं

             राज्य के होमगार्ड, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज (अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं) तथा एसडीआरएफ (SDRF) विभाग के कर्मचारियों और जवानों  को  जीरो बैलेंस (Zero Balance) तिमाही औसत शेष (QAB) की सुविधा, लाइफटाइम फ्री रुपे प्लेटिनम डेबिट कार्ड (Rupay Platinum Debit Card) और सिलेक्ट वेरिएंट का मुफ्त क्रेडिट कार्ड प्रदाय किया जाएगा। उनके   परिवार के लिए 4 खातों तक और जीवनसाथी (पति-पत्नी) के खाते के लिए जीरो बैलेंस के साथ मुफ्त रुपे डेबिट कार्ड की सुविधा के अलावा अन्य बैंकिंग सुविधाएं में मुफ्त चेक बुक, डिमांड ड्राफ्ट (DD), आरटीजीएस (RTGS), नेफ्ट (NEFT) और एटीएम का असीमित उपयोग पूरी तरह नि:शुल्क है।

              बैंक ऑफ़ बड़ौदा की इस पहल से राज्य की सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं में अपनी सेवाएं दे रहे इन जवानों और उनके परिवारों को बड़ी आर्थिक मजबूती और सहूलियतें प्राप्त होंगी।

  • ऋषभ पंत की बल्लेबाजी पोजिशन पर सौरव गांगुली ने साफ किया प्लान, मिडिल ऑर्डर में दिखेगा नया अवतार

    ऋषभ पंत की बल्लेबाजी पोजिशन पर सौरव गांगुली ने साफ किया प्लान, मिडिल ऑर्डर में दिखेगा नया अवतार

    नई दिल्ली
    दिल्ली कैपिटल्स (DC) में ऋषभ पंत की वापसी हो चुकी है, लेकिन उनकी बल्लेबाजी पोजिशन को लेकर टीम ने तस्वीर साफ कर दी है. नए हेड कोच सौरव गांगुली ने कहा है कि पंत को टॉप ऑर्डर में नहीं खिलाया जाएगा. वह टीम के लिए मिडिल ऑर्डर में अहम भूमिका निभाएंगे.

    DC ने 6 अक्टूबर को पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली को नया हेड कोच नियुक्त किया है. टीम का लक्ष्य पहली बार IPL खिताब जीतना है. मिनी ऑक्शन से पहले DC ने बड़ा ट्रेड करते हुए पंत को वापस टीम में शामिल किया. पंत पिछले दो सीजन लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के कप्तान थे.

    LSG में पंत टॉप ऑर्डर में बल्लेबाजी करना चाहते थे, लेकिन उन्हें वह भूमिका नहीं मिली. इसके बाद उनका प्रदर्शन भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा. अब गांगुली ने पंत के रोल को लेकर कहा- हमें एक मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज की जरूरत थी और पंत इसके लिए बिल्कुल फिट हैं. वह पहले हमारे साथ थे और उन्होंने हमारे लिए अच्छा प्रदर्शन किया है.

    गांगुली ने यह भी कहा कि दिल्ली लौटकर पंत को समय और मैच मिलेंगे, जिससे वह बेहतर खिलाड़ी बन सकें. उन्होंने कहा कि पंत को दिल्ली के फिरोज शाह कोटला (अरुण जेटली स्टेडियम) में बल्लेबाजी करना पसंद है और उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में वह दिल्ली की जर्सी में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे.

    नंबर-4 या 5 पर उतर सकते हैं पंत
    DC के पास केएल राहुल के रूप में स्थापित ओपनर मौजूद हैं. पिछले दो सीजन में राहुल ने टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन किया है और उनका स्ट्राइक रेट भी बेहतर हुआ है. पिछले सीजन में टीम ने बेन डकेट के नहीं रहने के बाद पथुम निसंका को ओपन कराया. साहिल परख और अभिषेक पोरेल को भी ओपनिंग में आजमाया गया, जबकि पृथ्वी शॉ को पूरे सीजन बेंच पर रहना पड़ा.

    टीम अब मिनी ऑक्शन में नए ओपनर की तलाश कर सकती है. वहीं ट्रिस्टन स्टब्स, डेविड मिलर, कप्तान अक्षर पटेल, समीर रिजवी और नीतीश राणा जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी के बावजूद पंत के लिए नंबर-4 या नंबर-5 की जगह तय मानी जा रही है. यह वही बैटिंग पोजिशन है, जहां वह DC के लिए पहले भी खेल चुके हैं.

    DC के लिए सबसे ज्यादा रन, LSG में नहीं चला बल्ला
    पंत दिल्ली कैपिटल्स के ऑलटाइम सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं. उन्होंने DC के लिए 3,284 रन बनाए हैं. उनका औसत 35.31 और स्ट्राइक रेट करीब 149 का रहा है. इस दौरान उनके बल्ले से एक शतक और 18 अर्धशतक निकले.

    वहीं LSG के कप्तान के तौर पर उनका प्रदर्शन खास नहीं रहा. 27 करोड़ रुपये की कीमत के बावजूद पंत 26 पारियों में 581 रन ही बना सके. उनका औसत 26.40 और स्ट्राइक रेट 135.74 रहा. उन्होंने एक शतक और सिर्फ दो अर्धशतक लगाए.

    2027 पंत के लिए बेहद अहम
    IPL 2027 पंत के व्हाइट-बॉल करियर के लिहाज से भी अहम होगा. DC में वापसी पर उनकी कीमत 15 करोड़ रुपये रही है. 27 साल के पंत जुलाई 2024 के बाद से कोई T20I नहीं खेले हैं और 2027 में अच्छा प्रदर्शन कर अपनी दावेदारी मजबूत करना चाहेंगे.

    उम्मीद है कि पूर्व भारतीय स्टार युवराज सिंह भी DC के कोचिंग स्टाफ का हिस्सा बन सकते हैं और बल्लेबाजी कोच की भूमिका संभाल सकते हैं. इससे पंत समेत मिडिल ऑर्डर और ओपनिंग को लेकर टीम को अतिरिक्त इनपुट मिल सकता है.

    स्टार्क पूरे सीजन खेलेंगे?
    गांगुली ने DC को मजबूत टीम बताया है और लुंगी एनगिडी, डेविड मिलर, ट्रिस्टन स्टब्स और मिचेल स्टार्क के रिटेन होने के संकेत दिए हैं. उन्होंने कहा कि KL राहुल, अक्षर पटेल, पंत, स्टार्क, एनगिडी, मिलर और स्टब्स के साथ टीम काफी मजबूत है और खिलाड़ियों को अपनी क्षमता के मुताबिक प्रदर्शन करना होगा.

    हालांकि स्टार्क के पूरे IPL 2027 सीजन में उपलब्ध रहने पर सवाल बना हुआ है. ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज टेस्ट क्रिकेट को अपनी प्राथमिकता बता चुके हैं. IPL 2027 के ठीक बाद वर्ल्ड टेस्ट चैम्प‍ियनश‍िप (WTC) 2025-27 का फाइनल होना है. ऑस्ट्रेलिया अभी WTC तालिका में टॉप पर है और लगातार तीसरी बार फाइनल में पहुंचने की स्थिति में है.इसके अलावा 2027 में वनडे वर्ल्ड कप और इंग्लैंड में एशेज सीरीज भी होनी है. ऐसे में स्टार्क के वर्कलोड और उपलब्धता पर नजर रहेगी.

    गेंदबाजी में बदलाव पर भी नजर
    गांगुली के एजेंडे में DC की गेंदबाजी की कमजोरियों को दूर करना भी होगा. आक‍िब नबी डार और मुकेश कुमार महंगे साबित हुए. नबी पांच मैचों में एक भी विकेट नहीं ले सके, जबकि मुकेश ने 10 मैचों में छह विकेट लिए. दोनों पर टीम ने मिलाकर 16.40 करोड़ रुपये खर्च किए हैं.

    कुलदीप के जाने के बाद टीम को एक विशेषज्ञ स्पिनर की भी जरूरत होगी. DC श्रीलंका के तेज गेंदबाज दुश्मंथा चमीरा और इंग्लैंड के लेग स्पिन ऑलराउंडर रेहान अहमद को रिलीज कर सकती है. रेहान को बेन डकेट के रिप्लेसमेंट के तौर पर टीम में शामिल किया गया था.

    DC के कोचिंग स्टाफ में स्पिन बॉलिंग कोच अमित मिश्रा और तेज गेंदबाजी कोच चामिंडा वास भी शामिल हैं. युवराज के आने पर मिडिल ऑर्डर या ओपनर को लेकर भी सुझाव मिल सकते हैं. अगर स्टार्क IPL 2027 से बाहर होते हैं या सीमित मैच खेलते हैं तो टीम को एक एक्सप्रेस पेसर की तलाश करनी होगी.

    रिटेन और रिलीज खिलाड़ियों की लिस्ट जारी करने की आखिरी तारीख 15 नवंबर है. इसके बाद DC की टीम की तस्वीर और साफ हो जाएगी.

    DC की मौजूदा स्क्वॉड: केएल राहुल राहुल (व‍िकेटकीपर), साहिल परख, अक्षर पटेल (कप्तान), ऋषभ पंत, ट्रिस्टन स्टब्स, डेविड मिलर, माधव तिवारी, अभिषेक पोरेल, त्रिपुराना विजय, लुंगी एनगिडी, मिचेल स्टार्क, मुकेश कुमार, आशुतोष शर्मा, समीर रिजवी, विप्रज निगम, पृथ्वी शॉ, करुण नायर, दुश्मंथा चमीरा, नीतीश राणा, काइल जैमीसन, टी नटराजन, अजय जादव मंडल, पथुम निसांका, औकीब नबी डार, रेहान अहमद.

  • रेल मंत्री के स्वागत की तैयारी में रायपुर, ओवरब्रिज पर पर्दे लगाए; ठेले-गुमठियां हटाईं

    रेल मंत्री के स्वागत की तैयारी में रायपुर, ओवरब्रिज पर पर्दे लगाए; ठेले-गुमठियां हटाईं

    रायपुर.

    रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के रायपुर दौरे में बदलाव किया गया है। अब वे 12 अक्टूबर को रायपुर पहुंचेंगे। पहले रेल मंत्री के 9 अक्टूबर को रायपुर आने का कार्यक्रम था। अपने दौरे के दौरान वे रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के 42वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल होंगे।

    रेल मंत्री के दौरे को लेकर रेलवे प्रशासन तैयारियों में जुटा हुआ है। हर दिन परेड की रिहर्सल कराई जा रही है। वहीं रायपुर रेलवे स्टेशन से लेकर आयोजन स्थल तक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। अधिकारियों की टीम लगातार व्यवस्थाओं का जायजा ले रही है, ताकि कार्यक्रम के दौरान किसी तरह की कमी न रहे।

    स्टेशन पर भी चल रहा निर्माण कार्य
    रायपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर नए फुटओवर ब्रिज के लिए लिफ्ट लगाने का काम तेजी से चल रहा है। प्लेटफॉर्म की तरफ क्रेन के जरिए काम किए जाने के कारण यात्रियों के आने-जाने की जगह प्रभावित हुई है। ट्रेन आने के समय यात्रियों की भीड़ पर थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    गुमटियों-ठेलों को भी कराया गया बंद
    वहीं खमतराई ब्रिज के दोनों तरफ पर्दादारी की गई है। गुमटियों और ठेलों को भी बंद करवाया गया है। DRM कार्यालय से लेकर आयोजन स्थल तक साज-सज्जा का काम चल रहा है। खमतराई ओवरब्रिज के दोनों ओर रंगीन पर्दे लगाने के लिए बांस-बल्लियां लगाई गई हैं। रेलवे इंस्टीट्यूट के बाजू से रेल मंत्री के मंच तक मैदान में सीसी रोड का काम पूरा हो चुका है। इसके अलावा ग्राउंड के चारों ओर मुरम की सड़कें बनाने का काम भी तेजी से चल रहा है।

    RPF स्थापना दिवस को यादगार बनाने की तैयारी
    रेल मंत्री के दौरे के दौरान उन्हें RPF जवानों की परेड और रिहर्सल का निरीक्षण करना है। ऐसे में रेलवे सुरक्षा बल के 42वें स्थापना दिवस समारोह को यादगार बनाने तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

    शहर में RPF की बैंड पार्टी दे रही प्रस्तुतियां
    शहर के अलग-अलग स्थानों पर RPF की बैंड पार्टी भी प्रस्तुतियां दे रही है। मंगलवार को भाठागांव बस स्टैंड में RPF बैंड ने लोकप्रिय और देशभक्ति गीतों की मधुर धुनें प्रस्तुत कीं। बैंड की प्रस्तुति सुनकर बड़ी संख्या में लोग रुक गए और जवानों की प्रस्तुति को देखते नजर आए।

  • मुख्यमंत्री साय ने दुर्ग की 3.89 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में अंतरित किए ₹37.19 करोड़

    मुख्यमंत्री साय ने दुर्ग की 3.89 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में अंतरित किए ₹37.19 करोड़

    मातृशक्ति के सम्मान और स्वावलंबन का मजबूत आधार बनी महतारी वंदन योजना: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जारी की महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त, 67.38 लाख से अधिक माताओं-बहनों के खातों में पहुंचे ₹632.40 करोड़

    महतारी वंदन योजना के माध्यम से अब तक माताओं-बहनों को ₹20,708 करोड़ से अधिक की आर्थिक सहायता

    मुख्यमंत्री साय ने दुर्ग की 3.89 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में अंतरित किए ₹37.19 करोड़

    मातृशक्ति के हाथों में आर्थिक सामर्थ्य देकर परिवार और प्रदेश को सशक्त बना रही हमारी सरकार: मुख्यमंत्री साय

    दुर्ग जिले को ₹218.48 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात, सड़क, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और ऊर्जा क्षेत्र को मिलेगी नई गति

    23 विकास कार्यों का भूमिपूजन, आईटीआई दुर्ग के उन्नयन कार्य का लोकार्पण

    रायपुर 
    छत्तीसगढ़ की लाखों माताओं-बहनों के आर्थिक स्वावलंबन, आत्मसम्मान और आत्मविश्वास को मजबूत कर रही महतारी वंदन योजना ने आज एक और महत्वपूर्ण पड़ाव पूरा किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दुर्ग जिले में आयोजित कार्यक्रम में योजना की 32वीं किस्त जारी करते हुए प्रदेश की 67 लाख 38 हजार 217 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से 632 करोड़ 40 लाख रुपये से अधिक की राशि अंतरित की। इसके साथ ही महतारी वंदन योजना के अंतर्गत माताओं-बहनों को अब तक दी गई आर्थिक सहायता की राशि 20708 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा कि मातृशक्ति का सम्मान और उनका आर्थिक सशक्तीकरण हमारी सरकार के लिए केवल एक योजना या कार्यक्रम नहीं, बल्कि सुशासन की प्रमुख प्राथमिकता है। हमारा विश्वास है कि जब परिवार की महिला आर्थिक रूप से सशक्त होती है, तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ता है। बच्चों की शिक्षा और पोषण से लेकर परिवार के स्वास्थ्य और भविष्य से जुड़े निर्णयों तक उसकी भागीदारी और मजबूत होती है। इसलिए महतारी वंदन योजना के माध्यम से सरकार माताओं-बहनों के हाथों में आर्थिक सामर्थ्य देकर उन्हें अपने निर्णय स्वयं लेने का आत्मविश्वास दे रही है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में नारीशक्ति को विकास की धुरी बनाते हुए महिला सशक्तीकरण को नई दिशा दी है। उनके नेतृत्व में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए अनेक ऐतिहासिक पहल हुई हैं। छत्तीसगढ़ सरकार भी इसी भावना के अनुरूप माताओं-बहनों के जीवन में स्थायी और सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

    उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना इसी संकल्प का सशक्त उदाहरण है। प्रतिमाह मिलने वाली एक हजार रुपये की राशि लाखों महिलाओं के लिए अपनी व्यक्तिगत और पारिवारिक आवश्यकताओं को पूरा करने का भरोसेमंद आर्थिक आधार बनी है। कोई बहन इस राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई में कर रही है, कोई पोषण और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों में, तो कोई अपनी छोटी-छोटी बचत और आजीविका से जुड़ी गतिविधियों को आगे बढ़ाने में इसका उपयोग कर रही है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महतारी वंदन की राशि केवल बैंक खातों में पहुंचने वाली आर्थिक सहायता नहीं है। यह माताओं-बहनों के आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और स्वावलंबन को नई शक्ति देने वाली राशि है। हमारी सरकार का प्रयास है कि प्रदेश की माताएं-बहनें न केवल आर्थिक रूप से मजबूत हों, बल्कि परिवार और समाज के निर्णयों में उनकी भागीदारी भी निरंतर बढ़े।

    हर महीने सीधे माताओं-बहनों के खाते में पहुंच रहा आर्थिक संबल

    प्रदेश में 1 मार्च 2024 से प्रभावी महतारी वंदन योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में प्रदान की जाती है। योजना की शुरुआत से सितंबर 2026 तक 31 किस्तों में महिलाओं को 20075 करोड़ 76 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जा चुकी थी।

    मुख्यमंत्री साय द्वारा आज जारी 32वीं किस्त में प्रदेश की 67 लाख 38 हजार 217 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 632 करोड़ 40 लाख 4 हजार 250 रुपये की राशि अंतरित की गई। इस प्रकार योजना के अंतर्गत माताओं-बहनों को अब तक 20708 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है।

    प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में पहुंचने से उन्हें नियमित आर्थिक संबल मिल रहा है। यह व्यवस्था पारदर्शिता के साथ महिलाओं को अपने संसाधनों पर सीधा अधिकार भी प्रदान कर रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के जीवन में खुशहाली लाना और उन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्रतिबद्धता है। राज्य सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के साथ उनके स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कौशल और आजीविका के क्षेत्र में भी निरंतर कार्य कर रही है।

    उन्होंने कहा कि एक महिला सशक्त होती है तो उसका परिवार सशक्त होता है और जब प्रदेश की लाखों महिलाएं आत्मनिर्भर बनती हैं तो पूरा समाज और राज्य विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ता है। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में मातृशक्ति की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।

    दुर्ग की 3.89 लाख से अधिक माताओं-बहनों को मिले ₹37.19 करोड़

    महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त से दुर्ग जिले की 3 लाख 89 हजार 507 पात्र महिलाओं को भी सीधा लाभ मिला। मुख्यमंत्री साय ने जिले की इन माताओं-बहनों के बैंक खातों में 37 करोड़ 19 लाख 10 हजार 250 रुपये की राशि अंतरित की।

    नियमित रूप से मिलने वाली यह आर्थिक सहायता महिलाओं को घरेलू आवश्यकताओं के साथ स्वयं की जरूरतों को पूरा करने की स्वतंत्रता दे रही है। इससे परिवार की आर्थिक व्यवस्था में महिलाओं की भूमिका और निर्णय क्षमता भी मजबूत हो रही है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार चाहती है कि छत्तीसगढ़ की हर माता-बहन आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़े। उनके सपनों और आकांक्षाओं को पूरा करने में सरकार सहभागी बने। महिला सशक्तीकरण हमारे लिए केवल आर्थिक सहायता तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि उनके जीवन में सम्मान, अवसर और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने का व्यापक संकल्प है।

    मातृशक्ति के सशक्तीकरण के साथ दुर्ग के विकास को ₹218.48 करोड़ की नई गति

    कार्यक्रम में एक ओर प्रदेश की लाखों माताओं-बहनों को महतारी वंदन योजना के माध्यम से आर्थिक संबल मिला, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री साय ने दुर्ग जिले के समग्र विकास के लिए 218 करोड़ 48 लाख 29 हजार रुपये की लागत के विकास कार्यों की सौगात दी।

    मुख्यमंत्री ने 1 करोड़ 22 लाख 56 हजार रुपये की लागत से पूर्ण हुए आईटीआई दुर्ग के उन्नयन कार्य का लोकार्पण किया। इसके साथ ही 217 करोड़ 25 लाख 73 हजार रुपये की लागत के 23 निर्माण एवं विकास कार्यों का भूमिपूजन किया।

    ये कार्य सड़क संपर्क, सिंचाई, शिक्षा, कौशल विकास, चिकित्सा एवं नर्सिंग शिक्षा और विद्युत अधोसंरचना जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े हैं। इनके पूर्ण होने से दुर्ग जिले में नागरिक सुविधाओं का विस्तार होगा और ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में विकास को नई गति मिलेगी।

    बेहतर सड़कें बढ़ाएंगी कनेक्टिविटी, सुगम होगा आवागमन

    लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में पुलगांव पुल मुख्य मार्ग से अंजोरा-रसमड़ा पहुंच राज्य मार्ग क्रमांक-22 के लगभग पांच किलोमीटर हिस्से को चार लेन बनाने के लिए 30.20 करोड़ रुपये की लागत से कार्य किया जाएगा।

    अहिवारा विधानसभा क्षेत्र में कुम्हारी-अहिवारा-पथरिया राज्य मार्ग क्रमांक-21 के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए 24.06 करोड़ रुपये तथा जेवरा सिरसा से भटगांव तक 3.60 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए 4.28 करोड़ रुपये के कार्यों की आधारशिला रखी गई।

    पाटन विधानसभा क्षेत्र में भिलाई-सिरसा-औंधी-औरी-मोतीपुर मार्ग के 15.50 किलोमीटर हिस्से के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण पर 15.03 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। भिलाई से तर्रा मुख्य जिला मार्ग के 15 किलोमीटर हिस्से के मजबूतीकरण के लिए 8.33 करोड़ रुपये तथा पौहा से खपरी तक 2.20 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए 3.97 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

    अहिवारा एवं वैशाली नगर क्षेत्र में चंदूलाल चंद्राकर शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय से जुनवानी-कोहका-कुरूद मुख्य मार्ग के 2.50 किलोमीटर हिस्से के चौड़ीकरण के लिए 7.06 करोड़ रुपये के कार्य का भी भूमिपूजन किया गया।

    इन कार्यों से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच संपर्क बेहतर होगा, आवागमन अधिक सुरक्षित एवं सुगम बनेगा तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और रोजगार के केंद्रों तक लोगों की पहुंच आसान होगी।

    युवाओं के कौशल और भविष्य में निवेश

    मुख्यमंत्री साय ने दुर्ग शहर विधानसभा क्षेत्र में सिडबी क्लस्टर डेवलपमेंट फंड से वित्तपोषित आईटीआई दुर्ग के उन्नयन कार्य का लोकार्पण किया। इस कार्य पर 1 करोड़ 22 लाख 56 हजार रुपये की लागत आई है। उन्नत अधोसंरचना से युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण और उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप कौशल अर्जित करने की बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

    शासकीय पॉलिटेक्निक दुर्ग में भी 8.86 करोड़ रुपये की लागत से ऑफिस ब्लॉक के नवीनीकरण, सीसी रोड निर्माण, दिव्यांगजनों के लिए प्रसाधन तथा सिविल विंग के विस्तार सहित विभिन्न अधोसंरचना विकास कार्य किए जाएंगे।

    दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में 4.11 करोड़ रुपये की लागत से लाइवलीहुड कॉलेज भवन का निर्माण किया जाएगा। इससे जिले के युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण और कौशल विकास के लिए आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी तथा उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने में सहायता मिलेगी।

    सिंचाई व्यवस्था होगी मजबूत, किसानों को मिलेगा लाभ

    जल संसाधन विभाग के अंतर्गत सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, जल संरक्षण और जलाशयों की क्षमता को बेहतर बनाने के लिए अनेक कार्यों की आधारशिला रखी गई।

    पाटन विधानसभा क्षेत्र में सुरपा व्यपवर्तन योजना के जीर्णोद्धार तथा नहर प्रणाली की रीमॉडलिंग एवं लाइनिंग के लिए 2.23 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

    अहिवारा क्षेत्र में मोहंदी जलाशय के जीर्णोद्धार एवं नहर लाइनिंग के लिए 4.96 करोड़ रुपये, कपसदा जलाशय के लिए 4.57 करोड़ रुपये तथा नंदौरी जलाशय के लिए 4.77 करोड़ रुपये के कार्य किए जाएंगे।

    दुर्ग ग्रामीण क्षेत्र में तिरगा और गनियारी जलाशयों के जीर्णोद्धार पर प्रत्येक के लिए 4.71 करोड़ रुपये तथा रिसाली-उमरपोटी जलाशय के जीर्णोद्धार एवं नहर लाइनिंग पर 4.97 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

    दुर्ग नगर निगम क्षेत्र के तालाबों में निस्तारी जल भरने के लिए कोटनी माइनर चैनल का निर्माण 4.93 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। शिवनाथ मंडल कार्यालय दुर्ग के जीर्णोद्धार एवं नवीन निर्माण के लिए भी 4.96 करोड़ रुपये के कार्य की आधारशिला रखी गई।

    इन कार्यों के पूरा होने से जल प्रबंधन बेहतर होगा, सिंचाई व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और किसानों को खेती के लिए जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

    चिकित्सा और नर्सिंग शिक्षा की सुविधाओं का होगा विस्तार

    दुर्ग शहर में चिकित्सा शिक्षा की अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए भी महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री साय ने शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं के लिए 16.16 करोड़ रुपये की लागत से छात्रावास निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया।

    जिला चिकित्सालय दुर्ग स्थित शासकीय जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र के निर्माण के लिए 11.96 करोड़ रुपये के कार्य की भी आधारशिला रखी गई। इन परियोजनाओं से चिकित्सा एवं नर्सिंग विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने में सहायता मिलेगी।

    पाटन क्षेत्र में और मजबूत होगी विद्युत अधोसंरचना

    पाटन विधानसभा क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति और ट्रांसमिशन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए तीन महत्वपूर्ण कार्यों का भूमिपूजन किया गया।

    इनमें 25.83 करोड़ रुपये की लागत से 132/33 केवी उपकेंद्र जामगांव (आर) का निर्माण तथा 14 करोड़ रुपये की लागत से 132 केवी पाटन-जामगांव (आर) अति उच्च दाब ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण शामिल है।

    इसके अतिरिक्त 220/132 केवी उपकेंद्र पाटन में 2.50 करोड़ रुपये की लागत से दो अतिरिक्त 132 केवी बे का निर्माण किया जाएगा। इन कार्यों के पूरा होने से क्षेत्र की ट्रांसमिशन क्षमता बढ़ेगी और उपभोक्ताओं को अधिक मजबूत एवं विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

    मातृशक्ति के सामर्थ्य से बनेगा विकसित छत्तीसगढ़

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का विकास मॉडल जनकल्याण और मजबूत अधोसंरचना के समन्वय पर आधारित है। एक ओर माताओं-बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सड़क, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में छत्तीसगढ़ पूरी शक्ति से योगदान दे रहा है। विकसित छत्तीसगढ़ की यात्रा में मातृशक्ति की भूमिका निर्णायक है। महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाकर, युवाओं के लिए अवसर बढ़ाकर, किसानों को मजबूत करके और आधुनिक अधोसंरचना विकसित करके राज्य सरकार विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश की माताओं-बहनों के चेहरे पर खुशी, उनके जीवन में आत्मविश्वास और उनके हाथों में आर्थिक सामर्थ्य हमारी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। सशक्त मातृशक्ति ही सशक्त परिवार, समृद्ध समाज और विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव है।

  • CM मोहन यादव से मिले RPG ग्रुप के प्रतिनिधि, MP के 4 शहरों में ट्रांसमिशन-टायर और IT निवेश की तैयारी

    CM मोहन यादव से मिले RPG ग्रुप के प्रतिनिधि, MP के 4 शहरों में ट्रांसमिशन-टायर और IT निवेश की तैयारी

     भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुंबई के होटल द सेंट रेजिस में आयोजित 'मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर संवाद' कार्यक्रम में कई बड़े समूहों से चर्चा की। उन्होंने वन टू वन चर्चा भी। इस मुलाकात के दौरान आरपीजी समूह के चेयरमैन हर्ष गोयनका और वेलस्पन एंटरप्राइजेज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संदीप गर्ग से निवेश पर चर्चा हुई। हर्ष गोयनका ने मध्यप्रदेश के जबलपुर, रतलाम, सागर और उज्जैन में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। वहीं संदीप गर्ग के साथ पाइप निर्माण, टेक्सटाइल और अधोसंरचना पर निवेश की बातें हुईं।
    मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर संवाद' कार्यक्रम को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गुरुवार को आरपीजी समूह के अध्यक्ष हर्ष गोयनका से मुलाकात की। मुंबई में हुई बैठक में समूह की ओर से प्रदेश में विद्युत पारेषण, टायर निर्माण और आईटी क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की गई। इस दौरान जबलपुर, रतलाम, सागर और उज्जैन को संभावित निवेश स्थलों के तौर पर चर्चा में रखा गया।

    जबलपुर में ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट की संभावना
    आरपीजी समूह ने जबलपुर में विद्युत पारेषण क्षेत्र में निवेश करने में रुचि दिखाई। बैठक में प्रदेश की औद्योगिक सुविधाओं, भौगोलिक स्थिति और उपलब्ध कार्यबल के साथ निवेश के लिए राज्य की नीतियों पर भी चर्चा हुई। बैठक के दौरान हर्ष गोयनका ने जबलपुर में निवेश कर विद्युत पारेषण क्षेत्र में कार्य करने की इच्छा व्यक्त की। चर्चा में मध्यप्रदेश की औद्योगिक अवसंरचना, भौगोलिक स्थिति, कुशल कार्यबल और राज्य सरकार की निवेश अनुकूल नीतियों का लाभ लेकर नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने की संभावनाओं पर विचार किया गया। आरपीजी समूह ने मध्यप्रदेश की केंद्रीय भौगोलिक स्थिति और कच्चे माल की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए राज्य में टायर निर्माण इकाई स्थापित करने की संभावनाओं पर चर्चा की। इसके लिए रतलाम, सागर और जबलपुर संभावित निवेश स्थलों के रूप में चर्चा में आए। इन स्थानों पर उपलब्ध औद्योगिक सुविधाओं और अन्य आवश्यकताओं का आकलन करने के बाद आगे की संभावनाओं पर विचार किया जा सकता है। सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में निवेश को लेकर भी सकारात्मक चर्चा हुई। आरपीजी समूह की टीम ने संभावित निवेश स्थलों का दौरा कर आवश्यक सुविधाओं और व्यावसायिक संभावनाओं का आकलन करने की इच्छा व्यक्त की। इस क्रम में उज्जैन के आईटी बिल्ट-अप पार्क में उपलब्ध प्लग-एंड-प्ले सुविधाओं के उपयोग की संभावना पर भी चर्चा हुई। इससे समूह को तैयार बुनियादी ढांचे के माध्यम से आईटी क्षेत्र में अपनी गतिविधियां शुरू करने का अवसर मिल सकता है।

    तीन शहरों में टायर प्लांट पर विचार
    टायर निर्माण इकाई के लिए रतलाम, सागर और जबलपुर के विकल्पों पर चर्चा हुई। समूह इन स्थानों पर औद्योगिक सुविधाओं, कच्चे माल की उपलब्धता और अन्य जरूरी संसाधनों का आकलन कर सकता है। इसके बाद संभावित परियोजना को लेकर आगे की प्रक्रिया तय होगी। 

    मध्यप्रदेश से पुराना जुड़ाव
    आरपीजी समूह अवसंरचना, मोबिलिटी, टायर, सूचना प्रौद्योगिकी, फार्मास्यूटिकल्स, ऊर्जा समाधान और उभरती प्रौद्योगिकियों सहित विविध क्षेत्रों में कार्यरत प्रमुख भारतीय औद्योगिक समूह है। इसके प्रमुख व्यवसायों में केईसी इंटरनेशनल, सिएट और जेनसार टेक्नोलॉजीज शामिल हैं। समूह की वैश्विक उपस्थिति छह महाद्वीपों के 135 से अधिक देशों में है। समूह का मध्यप्रदेश से लंबे समय से जुड़ाव रहा है। वर्ष 1951 से आरपीजी ट्रांसमिशन लिमिटेड के माध्यम से समूह की राज्य में उपस्थिति रही है।

    टेक्निकल टेक्सटाइल पार्क में वेलस्पन समूह ने दिखाई रुचि
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वेलस्पन एंटरप्राइजेज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संदीप गर्ग से पाइप निर्माण, टेक्निकल टेक्सटाइल और अधोसंरचना क्षेत्र में समूह की निवेश योजनाओं तथा नई परियोजनाओं में सहभागिता की संभावनाओं पर चर्चा की। वेलस्पन समूह ने मिल की भूमि पर टेक्निकल टेक्सटाइल पार्क विकसित करने में निवेश की रुचि दिखाई। समूह ने प्रस्तावित पार्क में एंकर यूनिट स्थापित करने की इच्छा भी व्यक्त की। इस संबंध में वेलस्पन समूह स्थल का निरीक्षण करने के लिए अपनी टीम भेजेगा।

    एमएस लाइन पाइप क्षेत्र में ₹150 करोड़ के निवेश पर चर्चा
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव और गर्ग के बीच वेलस्पन कॉर्प द्वारा एमएस लाइन पाइप क्षेत्र में ₹150 करोड़ के निवेश पर चर्चा हुई। प्रदेश में पाइप निर्माण क्षेत्र में समूह की गतिविधियों और निवेश योजनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में सिंटेक्स के ₹700 करोड़ के प्रगतिरत निवेश पर भी चर्चा की गई। समूह की रायसेन और देवास में उपस्थिति के संदर्भ में पाइप निर्माण तथा टेक्सटाइल क्षेत्र की गतिविधियों पर संवाद हुआ।

    उज्जैन के आईटी पार्क पर नजर
    आईटी क्षेत्र में निवेश के लिए उज्जैन के आईटी बिल्ट-अप पार्क की सुविधाओं पर भी चर्चा हुई। समूह की टीम संभावित स्थानों का दौरा कर वहां उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं और व्यावसायिक संभावनाओं का आकलन करेगी। प्लग-एंड-प्ले सुविधा के कारण तैयार इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल कर आईटी गतिविधियां शुरू करने का विकल्प भी बैठक में सामने आया। बैठक में संभावित परियोजनाओं के लिए जमीन, जरूरी मंजूरियों और निवेशकों को मिलने वाली सुविधाओं पर भी चर्चा हुई। सरकार की एकल-खिड़की व्यवस्था के जरिए परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में सहयोग देने की बात कही गई। आरपीजी समूह के प्रमुख कारोबार में केईसी इंटरनेशनल, सिएट और जेनसार टेक्नोलॉजीज शामिल हैं। समूह का मध्यप्रदेश से भी पुराना कारोबारी जुड़ाव है। केईसी इंटरनेशनल ने प्रदेश में विद्युत पारेषण से जुड़ी परियोजनाओं में काम किया है। अब समूह की ओर से नए क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं तलाशने से प्रदेश में औद्योगिक निवेश बढ़ने की उम्मीद है।