Author: NewseDay

  • आज सर्वजन प्रांतीय अग्रवाल महासभा द्वारा भगवान अग्रसेन जी की महाआरती एवं अनेक प्रतियोगिताएं आयोजित

    आज सर्वजन प्रांतीय अग्रवाल महासभा द्वारा भगवान अग्रसेन जी की महाआरती एवं अनेक प्रतियोगिताएं आयोजित

    भोपाल

    अग्रकुल प्रवर्तक एवं अग्रवाल समाज के आराध्य देव भगवान अग्रसेन जी की जयंति बड़े हर्षोल्लास से मनाई जाती है। इस अवसर पर अनेक धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किय जाते है। सर्वजन प्रांतीय अग्रवाल महासभा की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रश्मि अग्रवाल ने बताया कि भगवान अग्रसेन महाराज जी की जयंति 11 अक्टूबर को समाज द्वारा बड़े धूमधाम से मनाता है। 

    इसी क्रम में सर्वजन प्रांतीय अग्रवाल महासभा द्वारा 9 अक्टूबर को भोपाल के एमपी नगर स्थित होटल आदित्य में दोपहर 3 बजे से समाज के महिलाए एकत्रित होकर पारंपरिक वेशभूषा में भगवान अग्रसेन जी की विशेष रूप से सजाई गई पारंपरिक थालियों के साथ आरती करेंगी।
    संस्था की अध्यक्ष डॉ. रश्मि अग्रवाल ने बताया कि कार्यक्रम की खासियत यह होगी कि महाआरती के साथ महिलाओं की प्रतिभा, रचनात्मकता और पारंपरिक संस्कृति को मंच देने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा रही है। इनमें डांडिया, थाली सजाओ, भुट्टे के व्यंजन बनाओ और एक मिनट गेम प्रमुख रूप से शामिल हैं।

    सर्वजन प्रांतीय अग्रवाल महासभा की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रश्मि अग्रवाल ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य केवल जयंती समारोह मनाना नहीं, बल्कि समाज की महिलाओं को एकजुट कर अपनी परंपरा, संस्कृति और प्रतिभा को सामने लाने का अवसर देना भी है। उन्होंने कहा कि महाराजा अग्रसेन जी के सिद्धांतों और सामाजिक समरसता के संदेश को आगे बढ़ाते हुए यह आयोजन उत्सव के साथ सामाजिक एकता का उदाहरण प्रस्तुत करेगा। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में विदिशा, सीहोर, शाजापुर और नरसिंहपुर सहित अन्य स्थानों से अग्रवाल समाज की महिलाएं भी सहभागिता करेंगी। अलग-अलग शहरों से महिलाओं की भागीदारी आयोजन को और व्यापक स्वरूप देंगी।

    कार्यक्रम संयोजक रचना अग्रवाल, आशा गुप्ता, कुसुम अग्रवाल, यशस्वी, जागृति, अक्षिता, रुचि और दीपाली अग्रवाल सहित अन्य महिलाएं आयोजन की तैयारियों में जुटी हैं। आयोजकों ने कार्यक्रम को मनोरंजक बनाने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं और गतिविधियों की विशेष रूप से तैयारी की है। कार्यक्रम के समापन पश्चात भोजन प्रसादी की व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम में शामिल होने वाली सभी बहनों के लिए विशेष उपहार भी प्रदान किए जाएंगे।

  • ‘इसलिए कर रहे प्रदर्शन ताकि बाद में वोट चोरी का आरोप लगा सकें’- विपक्ष के हंगामे पर ओपी राजभर का बयान

    ‘इसलिए कर रहे प्रदर्शन ताकि बाद में वोट चोरी का आरोप लगा सकें’- विपक्ष के हंगामे पर ओपी राजभर का बयान

    ‘अखिलेश यादव को न राम प्यारे हैं, न कृष्ण’, सपा प्रमुख पर निशाना साधते हुए राजभर बोले- 2027 में हम जीतेंगे 350 सीट

    ‘12 बजे तक अखिलेश करते हैं अली-अली, उसके बाद बजरंगबली’- सपा प्रमुख पर ओपी राजभर का बड़ा हमला

    ‘इसलिए कर रहे प्रदर्शन ताकि बाद में वोट चोरी का आरोप लगा सकें’- विपक्ष के हंगामे पर ओपी राजभर का बयान

    'अखिलेश यादव शिवपाल को फूटी आंख भी नहीं देखना चाहते'- राजभर

    'सपा में शिवपाल की हालत झुनझुना बजाने वाले जैसी': अखिलेश पर ओपी राजभर का निशाना

    ओपी राजभर ने सपा को बताया डूबती नांव, 2027 को लेकर कहा- NDA के साथ लड़ेंगे चुनाव

    लखनऊ,
     योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया कि 2027 के चुनाव में हम 350 सीट जीतने जा रहे हैं। वहीं अयोध्या में हो रही कथा में अखिलेश यादव के जाने को लेकर राजभर ने कहा, “उनको ना तो राम प्यारे हैं और ना ही कृष्ण प्यारे हैं, अखिलेश यादव खुद को कृष्ण का वशंज बताते हैं लेकिन वो मथुरा और अयोध्या नहीं जाते। उन्हें डर लगा रहता है कि मुस्लिम सपा का साथ न छोड़ दें।”

    राजभर ने कहा, “अखिलेश यादव 12 बजे तक अली-अली करते हैं। उसके बाद बजरंगबली करते हैं। अखिलेश यादव का हाल माया मिली ना राम वाला है।” उन्होंने कहा, “अखिलेश यादव कांग्रेस को चालू पार्टी बता चुके हैं। कांग्रेस सपा को भाजपा की बी टीम बता चुकी है। 2027 में कोई लड़ाई नहीं है।”

    वहीं सपा में शिवपाल यादव की स्थिति को लेकर ओपी राजभर ने कहा, “शिवपाल की स्थिति बैंड पार्टी में झुनझुना बजाने वाले जैसी हो गई है जिसे सुर-ताल से कोई मतलब नहीं होता। वही हाल उनका भी है।”

    उन्होंने कहा, “अखिलेश यादव शिवपाल यादव को फूटी आंख से भी नहीं देखना चाहते हैं। अभी उनको लोहिया ट्रस्ट से भी हटा दिया। अभी मैंने सुना कि अब कार्यालय में भी शिवपाल जाएंगे तो अखिलेश से पूछकर जाएंगे। यह सब अविश्वास ही तो है। अखिलेश यादव हमेशा शिवपाल यादव को अपमानित करने का काम करते हैं।”

    ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के प्रोटेस्ट पर राजभर का बयान
    मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के प्रोटेस्ट पर ओपी राजभर ने कहा, “कांग्रेस-सपा को तो ज्ञानेश कुमार को धन्यवाद देना चाहिए कि निष्पक्ष चुनाव करवाया। जिसमें 37 सीट सपा को, 6 सीट कांग्रेस को मिली।”

    उन्होंने कहा, “अगर चोरी होती, तो 2019 में लोकसभा के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी 303 सीट जीती। चोरी करती, तो बढ़ता न। और 2024 में 240 ही आई। यह क्या साबित करता है?”

    राजभर ने कहा, “2014 के पहले पूरे देश के सिस्टम पर कब्जा कांग्रेस का था। चुनाव आयोग कांग्रेस का था। तो क्या कांग्रेस ने चुनाव आयोग से मिलकर के मोदी जी को प्रधानमंत्री बना दिया? 2012 से 2017 तक समाजवादी पार्टी का कब्जा उत्तर प्रदेश के सारे सिस्टम पर था। तो क्या अखिलेश जी ने योगी जी को मुख्यमंत्री बना दिया?”

    उन्होंने आगे कहा, “अब मोदी जी और योगी जी दोनों लोग मिलकर के जनता का काम करने लगे, तो जनता उन पर विश्वास करने लगी और राहुल-अखिलेश को छोड़ दिया। तो अब यह लोग सोच रहे हैं कि अब प्रदर्शन करें कि आगामी चुनाव के बाद जनता से हम लोग कह सकें कि भाई वोट चोरी हो गई। बस इसी नाते लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। और कोई बात नहीं है।”

    2027 को लेकर क्या बोले राजभर?
    2027 को लेकर ओम प्रकाश राजभर से सवाल हुआ कि क्या सुभासपा भाजपा के साथ रहेगी या कहीं जाएगी? इस पर राजभर ने कहा, “अखिलेश यादव भी तो 8 बार समझौता किए, बसपा से, आरएलडी से, कांग्रेस से, सुभासपा से। उनसे नहीं कोई पूछता है।” राजभर ने कहा कि हम लोग NDA के साथ हैं। समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए राजभर ने कहा, “सपा डूबती हुई नैया है, जिसे डूबना हो वही उस पार्टी में जाए।"

  • एंटीलिया केस में सचिन वाजे की कारों पर हाईकोर्ट की नजर, BMW-Volvo और 2 Mercedes समेत 5 गाड़ियां

    एंटीलिया केस में सचिन वाजे की कारों पर हाईकोर्ट की नजर, BMW-Volvo और 2 Mercedes समेत 5 गाड़ियां

     मुंबई

    एंटीलिया बम केस में बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाजे की जमानत रद्द करने की NIA की याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है. गुरुवार को सुनवाई के दौरान अदालत में जब सचिन वाजे द्वारा इस्तेमाल की जा रही महंगी और लग्जरी गाड़ियों का ब्योरा सामने आया, तो जजों की बेंच भी हैरान रह गई। मामले की सुनवाई जस्टिस जीएस कुलकर्णी और जस्टिस डॉ. नीला गोखले की बेंच कर रही थी. एनआईए की तरफ से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह कोर्ट के सामने जांच के दौरान दर्ज किए गए गवाहों के बयान पढ़ रहे थे। 

    इन बयानों में साल 2021 की एक घटना का भी जिक्र था. गवाह ने बताया कि जब वाजे को लगा कि मामला बिगड़ सकता है और एनआईए जांच में आ सकती है, तब उसने अपने साथियों के साथ अपने मोबाइल फोन और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक सामान को नष्ट करने और उन्हें मीठी नदी में फेंकने की बात कही थी। 

    'काली मर्सिडीज में बैठा था वाजे'
    अनिल सिंह ने एक गवाह का बयान पढ़ते हुए बताया कि वाजे ने अपने साथियों को अपने साथ आने के लिए कहा. इसके बाद सभी लोग नीचे आए और एक काली मर्सिडीज में बैठे. गवाह के मुताबिक, कार में बैठने के बाद वाजे ने फिर सभी से अपने मोबाइल फोन बंद करने को कहा। 

    यह सुनने के बाद हाईकोर्ट ने पूछा कि यह मर्सिडीज किसकी थी? क्या यह वाजे की अपनी कार थी? अनिल सिंह ने जवाब दिया कि हां, यह कार वाजे की थी। 

    इस पर कोर्ट ने पूछा कि क्या गाड़ी का रजिस्ट्रेशन भी वाजे के नाम पर था? बेंच ने कहा कि आमतौर पर असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों को मर्सिडीज चलाते हुए देखने को नहीं मिलता। 

    अनिल सिंह ने कहा कि ऐसे कई अधिकारी हैं. इस पर कोर्ट ने पूछा कि क्या किसी इंस्पेक्टर जनरल के पास मर्सिडीज है? उन्होंने जवाब दिया कि हो सकता है IG के पास भी न हो, यहां तक कि कमिश्नर के पास भी न हो, लेकिन असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर के पास मर्सिडीज हो सकती है. ऐसा कोई नियम नहीं है कि कमिश्नर के पास मर्सिडीज होनी ही चाहिए। 

    कोर्ट ने कहा कि यह ऐसी बात है जिस पर पुलिस कमिश्नर को भी ध्यान देना चाहिए. हालांकि, कोर्ट ने यह भी साफ किया कि पहले यह देखना जरूरी है कि कार वास्तव में वाजे की ही थी या नहीं। 

    बेंच ने कहा कि जब वर्दी में रहे किसी व्यक्ति पर किसी अपराध में शामिल होने का आरोप लगाया जाता है तो पूरे मामले को समझने के लिए उसकी पूरी स्थिति देखना जरूरी है. उसकी नौकरी के प्रति ईमानदारी, उसका काम, उसकी पोस्टिंग, उसने किस तरह काम किया और वर्दी में रहते हुए उसका व्यवहार कैसा रहा, इन सभी बातों को भी ध्यान में रखना होगा। 

    कोर्ट ने यह भी कहा कि जांच के दौरान सामने आई ऐसी चीजों को समझना जरूरी है, क्योंकि रिकॉर्ड में बार-बार वाजे के इन महंगी गाड़ियों में घूमने की बात सामने आ रही है. बेंच ने पूछा कि आखिर ये गाड़ियां किसकी थीं और वाजे इनका इस्तेमाल क्यों कर रहा था। 

    CM के घर भी महंगी कार से जाता था वाजे
    कोर्ट के सामने रखे गए कई बयानों में बताया गया कि वाजे अपनी महंगी मर्सिडीज से पुलिस कमिश्नर के ऑफिस और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के सरकारी आवास 'वर्षा' भी जाता था. सुनवाई के दौरान अनिल सिंह ने यह भी बताया कि वाजे दक्षिण मुंबई के एक फाइव स्टार होटल में करीब 100 दिनों तक रहा था। 

    इस पर कोर्ट ने पूछा कि वह वहां इतने लंबे समय तक कैसे रह रहा था. बेंच ने यह भी पूछा कि उस समय वाजे की महीने की सैलरी कितनी थी. अनिल सिंह ने बताया कि फिलहाल उसकी सैलरी करीब 90 हजार रुपये महीना है। 

    BMW से लेकर लैंड क्रूजर तक, पांच महंगी गाड़ियां
    सुनवाई के दौरान कोर्ट के सामने वाजे के पास इस्तेमाल की गई पांच गाड़ियों की लिस्ट भी रखी गई. इसमें सफेद BMW, काली Volvo, सफेद Mercedes, सफेद Toyota Land Cruiser Prado और  काली Mercedes शामिल हैं. लिस्ट देखने के बाद कोर्ट ने हैरानी जताते हुए कहा, 'इसके पास 5 कारें हैं!

    अनिल सिंह ने बताया कि जांच के दौरान उन कार डीलरों के बयान भी दर्ज किए गए थे, जिन्होंने वाजे को ये गाड़ियां बेची थीं. इन गाड़ियों और उनके इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी भी जांच में सामने आई थी। 

    वाजे पर वसूली का भी मामला
    सचिन वाजे पर महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के साथ कथित वसूली के मामले में भी सीबीआई ने केस दर्ज किया था. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि जब जांच एजेंसी पूरे मामले को वसूली से जोड़ रही है तो वाजे की महंगी गाड़ियों, होटल में रहने और दूसरे खर्चों से जुड़ी जानकारी भी मामले को समझने के लिए अहम हो सकती है. सीबीआई के मामले में विशेष अदालत ने बाद में वाजे को सरकारी गवाह बनने के लिए माफी दे दी थी. हालांकि, प्रवर्तन निदेशालय की ओर से जांच किए जा रहे मनी लॉन्ड्रिंग मामले में वह अब भी आरोपी है। 

  • चिराग पासवान बढ़ा रहे रामविलास पासवान का मिशन, मुख्यमंत्री बोले- यूपी में भी मिलेगा वही सम्मान

    चिराग पासवान बढ़ा रहे रामविलास पासवान का मिशन, मुख्यमंत्री बोले- यूपी में भी मिलेगा वही सम्मान

    दलितों, वंचितों की प्रखर आवाज थे रामविलास पासवानः मुख्यमंत्री 

    राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की छठी पुण्यतिथि पर अर्पित की श्रद्धांजलि 

    रामविलास जी को जो सम्मान बिहार में मिला, वही यूपी में भी दिलाएंगेः मुख्यमंत्री

    सर्वाधिक मतों से जिताकर बिहार की जनता ने दिया बड़ा सम्मान, रामविलास जी का मिशन बढ़ा रहे चिरागः सीएम 

    लखनऊ,
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान जुझारू तेवर वाले जननेता थे। उन्होंने अपने इस तेवर से सामाजिक चेतना को नया आयाम प्रदान किया। 50 वर्ष पहले बिहार में ऐसे युवा नेता का अभ्युदय हुआ था, जो उस समय दलितों, वंचितों की प्रखर आवाज बना। बिहार की जनता ने उस स्वर को बड़ा सम्मान दिया और रामविलास जी को सबसे अधिक मतों से जिताकर संसद भेजा। उन्होंने भारतीय राजनीति के माध्यम से अपना जीवन सामाजिक चेतना को जागरूक करने और बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के सपने का भारत बनाने के लिए समर्पित किया। 

    राज्यपाल आनंदी बेन पटेल व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की छठी पुण्यतिथि पर सुशांत गोल्फ सिटी में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में अपनी बातें रखीं। मुख्यमंत्री ने रामविलास पासवान के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर सभी ने भजनों का श्रवण करते हुए आध्यात्मिक गंगा में डुबकी लगाई।

    संसद में हमने साथ कार्य किया 
    मुख्यमंत्री ने कहा कि बतौर सांसद मुझे भी पासवान जी के साथ लंबे समय तक संसद में कार्य करने का अनुभव प्राप्त हुआ। उनके मन में भारत की परंपरा के प्रति सदैव श्रद्धा व सम्मान की भावना रही। दलित-वंचित को न्याय मिले, उन्हें समाज की मुख्य धारा में सम्मान व उचित स्थान मिले, अपने इस संकल्प को मंजिल तक पहुंचाने के लिए रामविलास जी ने निरंतर कार्य किया। 

    जो सम्मान बिहार में मिला, वही यूपी में दिलाएंगे
    सीएम ने बिहार सरकार का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि वहां उनकी पुण्यतिथि को राष्ट्रीय समारोह के रूप में आयोजित किया जा रहा है। सीएम ने रामविलास पासवान के दृढ़ संकल्प का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने जो बोला, उसके अनुरूप जीवन जिया। उत्तर प्रदेश में इस आयोजन के लिए सीएम ने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान का आभार जताया और विश्वास दिलाया कि बिहार में जो सम्मान रामविलास पासवान को मिला है, वही सम्मान उत्तर प्रदेश में भी दिलाएंगे।

    रामविलास जी के मिशन को बढ़ा रहे चिराग 
    सीएम ने कहा कि रामविलास पासवान की अनुपस्थिति खलती है, लेकिन इस बात की संतुष्टि है कि चिराग पासवान उनके मिशन को बढ़ाने के लिए अनवरत कार्य कर रहे हैं। पीएम मोदी जी के सान्निध्य में केंद्रीय मंत्री के रूप में चिराग पासवान अपनी आवाज को हर मंच के माध्यम से बढ़ा रहे हैं। 

    रामविलास जी की सदाशयता हृदय छू लेती थी
    सीएम ने कहा कि रामविलास जी ने सामाजिक न्याय की लड़ाई को बिना भेदभाव आगे बढ़ाने का काम किया। श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी तथा नरेंद्र मोदी जी के मंत्रिमंडल में बतौर केंद्रीय मंत्री के रूप में, चुनावी जनसभाओं या अन्य अवसरों पर भी रामविलास जी की सहजता, स्नेह व सदाशयतापूर्ण व्यवहार हर किसी का हृदय छू लेता था।

  • आर्थिक चुनौतियों के बीच भारत की बड़ी छलांग! अगले दशक में $8 ट्रिलियन पार होने का अनुमान

    आर्थिक चुनौतियों के बीच भारत की बड़ी छलांग! अगले दशक में $8 ट्रिलियन पार होने का अनुमान

    नई दिल्ली
    दुनिया की अर्थव्यवस्थाएं इस समय कई तरह की चुनौतियों से जूझ रही हैं. कहीं महंगाई दबाव बना रही है, तो कहीं कच्चे तेल की कीमतें और भू-राजनीतिक तनाव आर्थिक रफ्तार के लिए चुनौती बने हुए हैं. इन सबके बीच भारतीय अर्थव्यवस्था अपनी रफ्तार बनाए रखने में सफल रही है. ग्लोबल इन्वेस्टमेंट फर्म 'कोहलबर्ग क्राविस रॉबर्ट्स एंड कंपनी' (Kohlberg Kravis Roberts & Co. – KKR) का मानना है कि भारत की अर्थव्यवस्था के आगे अभी लंबी ग्रोथ की गुंजाइश है और अगले 10 साल में यह 8 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा के स्तर तक पहुंच सकती है। 

    केकेआर ने अक्टूबर 2026 की अपनी रिपोर्ट में कहा है कि भारत 4 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी का लेवल पार कर चुका है. अब यहां से अर्थव्यवस्था के फिर दोगुना होने की राह बनती दिख रही है. फर्म के मुताबिक, पिछले एक दशक में किए गए कई ढांचागत सुधारों, डिजिटलाइजेशन और लगातार बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश ने भारत की विकास क्षमता को मजबूत किया है। 

    सुधारों का असर अब दिख रहा

    केकेआर के मुताबिक, 2014 के बाद भारत में कई ऐसे बड़े बदलाव हुए, जिनका असर धीरे-धीरे अर्थव्यवस्था की बुनियाद पर पड़ा है. इनमें वस्तु एवं सेवा कर (GST), इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड और लेबर मार्केट का ज्यादा औपचारिक होना शामिल है. रिपोर्ट के मुताबिक, इन सुधारों ने भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास क्षमता को बढ़ाया है. केकेआर का मानना है कि ऐसे ढांचागत सुधारों का असर किसी एक तिमाही में नहीं, बल्कि कई वर्षों में दिखाई देता है. फर्म के मुताबिक, ये बदलाव भारत के लिए 10-11% की नॉमिनल GDP ग्रोथ के रास्ते को सहारा दे सकते हैं। 

    अभी पूरी नहीं भारत की ग्रोथ स्टोरी
    केकेआर का कहना है कि भारत की आर्थिक कहानी अभी पूरी नहीं हुई है. रिपोर्ट के मुताबिक, आगे की ग्रोथ सिर्फ नए सुधारों से नहीं आएगी, बल्कि पहले से लागू किए गए सुधारों का पूरा असर सामने आने से भी अर्थव्यवस्था को फायदा मिल सकता है. फर्म के अनुसार, अर्थव्यवस्था के ज्यादा औपचारिक होने से कारोबार और कैश फ्लो से जुड़े जोखिमों में कमी आई है. इससे भारतीय अर्थव्यवस्था के लंबे समय के आउटलुक को मजबूती मिली है। 

    बढ़ती आय और खपत बड़ा सहारा
    भारत की बढ़ती आय और घरेलू खपत भी केकेआर की नजर में लंबी अवधि की बड़ी ताकत है. जैसे-जैसे लोगों की आय बढ़ती है, वैसे-वैसे सामान और सेवाओं पर खर्च भी बढ़ता है. इससे अर्थव्यवस्था में मांग बनी रहती है. हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी इस रफ्तार के लिए छोटी अवधि में चुनौती बन सकती है. रिपोर्ट में करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के कच्चे तेल की कीमत का जिक्र करते हुए कहा गया है कि इससे कुछ समय के लिए ग्रोथ धीमी हो सकती है. हालांकि, केकेआर के मुताबिक सरकारी नीतियों ने इस बार घरेलू परिवारों पर उतना बोझ नहीं डाला है, जितना पिछले तेल संकटों के दौरान देखने को मिला था। 

    सर्विसेज बनीं ग्रोथ की बड़ी ताकत
    भारत के लिए सर्विसेज सेक्टर भी आर्थिक विकास का एक अहम इंजन बनकर उभरा है. केकेआर के मुताबिक, सर्विसेज एक्सपोर्ट अब पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गए हैं. ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर यानी GCC भी पारंपरिक आईटी सर्विसेज के साथ-साथ ग्रोथ का बड़ा स्रोत बनते जा रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, सर्विसेज का योगदान भारत की रियल GDP ग्रोथ में आधे से ज्यादा है. आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इस क्षेत्र के विकास का अगला बड़ा चरण बन सकता है। 

    इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश भी अहम
    केकेआर ने भारत के लगातार बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश को भी अर्थव्यवस्था की क्षमता बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण फैक्टर बताया है. सड़क, रेलवे, बंदरगाह, एयरपोर्ट और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश से न केवल आर्थिक गतिविधियां बढ़ती हैं, बल्कि लंबे समय में कारोबार की लागत और समय को कम करने में भी मदद मिलती है. कुल मिलाकर, केकेआर की रिपोर्ट भारत की लंबी अवधि की आर्थिक संभावनाओं को लेकर सकारात्मक तस्वीर पेश करती है. हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों जैसी वैश्विक चुनौतियां बीच-बीच में रफ्तार पर असर डाल सकती हैं. इसके बावजूद केकेआर का अनुमान है कि अगले 10 साल में भारतीय अर्थव्यवस्था 8 ट्रिलियन डॉलर से आगे जाने की राह पर है। 

     

  • JSSC CGL नियुक्ति विवाद पर हाई कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित, JPSC को लेकर कल फिर सुनवाई

    JSSC CGL नियुक्ति विवाद पर हाई कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित, JPSC को लेकर कल फिर सुनवाई

    रांची
    झारखंड हाईकोर्ट में जेएसएससी-सीजीएल नियुक्ति रद करने के मामले में राज्य सरकार की ओर से बहस पूरी कर ली गई है। सभी पक्षों की ओर से बहस पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। वहीं, JPSC से संबंधित मामले में कल फिर सुनवाई जारी रहेगी। इस दौरान राज्य सरकार की ओर से अपना पक्ष रखा जाएगा।

    नियुक्ति रद करने के फैसले को सरकार ने ठहराया था सही
    JSSC CGL नियुक्ति रद करने के सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर हाई कोर्ट में सुनवाई चल रही थी। पिछली सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से मामले की जांच से संबंधित सीलबंद रिपोर्ट अदालत में पेश की गई थी।

    राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा और महाधिवक्ता रोहिताश्य राय ने नियुक्ति रद करने के फैसले को उचित ठहराया था। सरकार की ओर से परीक्षा में बड़े स्तर पर अनियमितता और वित्तीय लेन-देन का हवाला दिया गया था। सरकार की ओर से बताया गया था कि मामले में 28 से अधिक गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और जांच अभी जारी है।

    सरकार की ओर से यह भी दलील दी गई थी कि ऐसी स्थिति में दोषी और निर्दोष अभ्यर्थियों को अलग करना संभव नहीं है। राज्य सरकार ने 18 अगस्त की देर रात CID की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर CGL समेत अन्य नियुक्ति परीक्षाओं को रद करने के फैसले का पक्ष रखा था।

    याचिकाकर्ताओं ने पूरी परीक्षा रद करने का किया विरोध
    वहीं, याचिकाकर्ताओं की ओर से पूरी परीक्षा और नियुक्ति प्रक्रिया रद करने का विरोध किया गया था। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव रंजन ने कहा था कि प्रश्नपत्र लीक होने का कोई प्रमाण नहीं है। उनके अनुसार किसी परीक्षा केंद्र से प्रश्नपत्र लीक होने की बात सामने नहीं आई है।

    याचिकाकर्ताओं की ओर से यह भी कहा गया कि मामला संभावित प्रश्नों की परीक्षा से पहले जानकारी मिलने का हो सकता है। नेपाल में 28 अभ्यर्थियों द्वारा संभावित प्रश्नों को याद किए जाने और उनमें से 10 के सफल होने का भी उल्लेख किया गया था। इन अभ्यर्थियों का परिणाम हाई कोर्ट के आदेश से रोका गया था और सुप्रीम कोर्ट ने भी इस आदेश को बरकरार रखा था।

    दोषी और निर्दोष अभ्यर्थियों को अलग करने की दलील
    याचिकाकर्ताओं की ओर से यह दलील भी दी गई कि पहले की न्यायिक कार्यवाही में दोषी और निर्दोष अभ्यर्थियों को अलग करने की बात कही गई थी। नियुक्ति को आपराधिक मामले की स्थिति के आधार पर आगे बढ़ाया जा सकता है। याचिकाकर्ताओं ने यह भी कहा कि SIT की जांच दो साल से अधिक समय से चल रही है, लेकिन अब तक चार्जशीट नहीं हुई है और यह भी स्पष्ट नहीं हुआ है कि कौन दोषी है और कौन निर्दोष।

    अन्य अधिवक्ताओं की ओर से भी कहा गया कि CGL मामले में हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की ओर से पहले ही आदेश दिए जा चुके हैं। उनके अनुसार दोषी और निर्दोष अभ्यर्थियों को अलग करने तथा आपराधिक मामले के आधार पर नियुक्ति को लेकर निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद सरकार की ओर से पूरी प्रक्रिया को फिर रद किया गया।

    अब सभी पक्षों की बहस पूरी होने के बाद हाई कोर्ट ने JSSC CGL नियुक्ति रद करने के मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया है। वहीं, JPSC से संबंधित मामले में कल फिर सुनवाई होगी और राज्य सरकार की ओर से अपना पक्ष रखा जाएगा।

  • आकाश एजुकेशन ने लॉन्च किया ‘आकाश इनविक्टस इंजीनियरिंग 2.0’, जेईई की तैयारी को मिलेगी नई दिशा

    आकाश एजुकेशन ने लॉन्च किया ‘आकाश इनविक्टस इंजीनियरिंग 2.0’, जेईई की तैयारी को मिलेगी नई दिशा

    भोपाल
    भारत की प्रमुख परीक्षा-तैयारी संस्थाओं में से एक, आकाश एजुकेशन सर्विसेज लिमिटेड ने आकाश इनविक्टस इंजीनियरिंग 2.0 के माध्यम से इंजीनियरिंग की तैयारी के अपने अकादमिक इकोसिस्टम को और मजबूत करने की घोषणा की है। यह नया परफॉर्मेंस आधारित एकेडमिक सिस्टम जेईई मेन, जेईई एडवांस्ड और स्टेट सीईटी की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए एक व्यवस्थित और बेहतर तैयारी का मार्ग तैयार करेगा। आकाश एजुकेशनल सर्विसेज़ लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर, श्री चंद्र शेखर रेड्डी गरिसा ने कहा: "आकाश इनविक्टस-इंजीनियरिंग 2.0 को हमारे सबसे अच्छे टीचरों ने बनाया है, जिनके पास हर साल टॉप रैंक लाने का दशकों का अनुभव है। उन्होंने हमारे करिकुलम को फिर से बनाया, हमारी किताबें फिर से लिखीं, और हमारे टेस्टिंग मैकेनिज्म को शुरू से ही रीडिज़ाइन किया। हमने पहले कुछ खास सेंटर्स पर प्रोग्राम चलाया, और जेईई 2026 में रिजल्ट शानदार रहे। आज, हम भारत में हर आकाश ब्रांच के हर स्टूडेंट के लिए आकाश इनविक्टस ला रहे हैं, जिसकी शुरुआत हमारे मौजूदा स्टूडेंट्स से होगी। हमारा मानना है कि यह सिस्टम हमारे स्टूडेंट्स को जेईई एडवांस्ड, जेईई मेन, बिटसैट, और स्टेट इंजीनियरिंग एग्जाम में अपनी सबसे अच्छी रैंक पाने में मदद करेगा और हमें यकीन है कि जेईई 2027 और 2028 आकाश के इतिहास में सबसे अच्छे रिजल्ट होंगे। आखिर “एक्सीलेंस एक्सक्लूसिव क्यों रहना चाहिए।”
     
    छह मजबूत स्तंभों पर आधारित 360-डिग्री तैयारी का अनुभव: विद्यार्थियों को इनविक्टस का अलग अनुभव हर स्तर पर देखने को मिलेगा चाहे वह क्लासरूम में सीखने की प्रक्रिया हो, स्टडी मटेरियल और किताबें हों, टेस्ट हों या उन्हें मिलने वाली मेंटरशिप। यह कार्यक्रम छह प्रमुख स्तंभों पर आधारित है:
    परिणाम-केंद्रित अकादमिक दृष्टिकोण: हर कक्षा, प्रैक्टिस सेशन और रिवीजन साइकिल को एक ही लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है जेईई एडवांस्ड, जेईई मेन, बिट्सैट और विभिन्न राज्यों की इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में विद्यार्थियों को सर्वश्रेष्ठ संभव रैंक दिलाना।
    रैंक-प्रमाणित फैकल्टी टीम: फैकल्टी टीम आकाश इनविक्टस की सबसे बड़ी ताकत है। इसी अनुभवी अकादमिक टीम ने इनविक्टस के पाठ्यक्रम, स्टडी मटेरियल और टेस्टिंग सिस्टम को एक नई ऊँचाई दी है।
    वैज्ञानिक तरीके से तैयार और शोध-आधारित स्टडी मटेरियल: इन किताबों को इसी अकादमिक टीम ने लर्निंग साइंस और परीक्षा के पैटर्न पर किए गए गहन शोध के आधार पर नए सिरे से तैयार किया है। यह विद्यार्थियों को बुनियादी अवधारणाओं से लेकर सबसे कठिन प्रश्नों तक चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ने में मदद करता है।
    स्मार्ट टेस्टिंग और गहन विश्लेषण: टेस्टिंग की आवृत्ति, गहराई और स्तर तीनों को नए सिरे से तैयार किया गया है। हर टेस्ट के बाद विद्यार्थियों को अपनी मजबूतियों, कमियों और सुधार की जरूरत वाले सटीक क्षेत्रों की स्पष्ट तस्वीर मिलती है।
    एक ट्रांसपेरेंट ग्रोथ मैप: स्टूडेंट्स और पेरेंट्स साफ देख सकते हैं कि स्टूडेंट आज कहां खड़ा है और वह कहां पहुंचना चाहता है।
    कक्षा के बाहर मेंटरशिप और इकोसिस्टम: जोसा काउंसलिंग गाइडेंस, डाउट सपोर्ट और गाइडेंस सहित लगातार मेंटरशिप जो क्लासरूम के घंटों के बाद भी स्टूडेंट के साथ रहती है, ताकि कोई भी स्टूडेंट पीछे न छूट जाए।
    नेशनल लॉन्च के साथ, आकाश इनविक्टस चार खास बैच भी पेश कर रहा है ऐस, अचीवर, एक्सेलेरेटर, और एपेक्स।हर बैच एक जैसा मज़बूत रास्ता है, जो इस बात पर बना है कि कोई स्टूडेंट सबसे अच्छा कैसे सीखता है और उसकी ख्वाहिश क्या है। चारों का मकसद एक ही है: यह पक्का करना कि हर स्टूडेंट बिना टेंशन के अपनी पूरी काबिलियत तक पहुँचे।
    यह रोलआउट पूरे भारत में आकाश की सभी ब्रांच में होगा और तुरंत शुरू हो जाएगा। आकाश के मौजूदा स्टूडेंट्स सबसे पहले इनविक्टस सिस्टम में जाएंगे, उसके बाद हर नया स्टूडेंट जो जुड़ेगा। ब्रांच स्टूडेंट्स और पेरेंट्स के लिए ओरिएंटेशन सेशन भी कर रही हैं ताकि इस प्रोग्राम को डिटेल में समझने में मदद मिल सके।

  • पंचायती राज चुनावों में बढ़ेगा मतदान, स्वीप गतिविधियों के साथ प्रत्याशी प्रबोधन कार्यक्रम होगा आयोजित

    पंचायती राज चुनावों में बढ़ेगा मतदान, स्वीप गतिविधियों के साथ प्रत्याशी प्रबोधन कार्यक्रम होगा आयोजित

    जयपुर
     राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने निर्देश दिए कि आगामी पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव को देखते हुए पंचायत समिति स्तर पर 10 अक्टूबर को *प्रत्याशी प्रबोधन कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।

    उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से चुनाव लड़ने के इच्छुक व्यक्तियों को नामांकन प्रक्रिया, पात्रता एवं योग्यता, आवश्यक दस्तावेज, नामांकन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों तथा किन परिस्थितियों में नामांकन पत्र निरस्त हो सकता है, सहित चुनाव प्रक्रिया से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी जाए, ताकि अभ्यर्थी पूरी जानकारी के साथ अपना नामांकन प्रस्तुत कर सकें।

    सिंह राज्य निर्वाचन आयोग के सभागार में आज गुरुवार को आयोजित मतदाता जागरूकता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की अध्यक्षता कर रहे थे।

    राज्य निर्वाचन आयुक्त ने नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 के दौरान की गई स्वीप गतिविधियों की जानकारी ली तथा आगामी पंचायती राज चुनावों में की जाने वाली मतदाता जागरूकता गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने मतदाता साक्षरता क्लब के कैंपस एम्बेडसर छात्र, छात्राओं से संवाद कर उनके द्वारा की गई स्वीप गतिविधियों की भी जानकारी ली।

    राज्य निर्वाचन आयुक्त ने 'एक शाम लोकतंत्र के नामक, 'एक पेड़ लोकतंत्र के नाम', ‘एक दीप लोकतंत्र के नाम’, 'एक खेल लोकतंत्र के नाम' कार्यक्रम आयोजित करने, आदर्श मतदान केंद्र स्थापित कर वहां मतदाता संदेश बोर्ड लगाने, नुक्कड़ नाटक, चुनाव चौपाल, युवा मतदाता संवाद एवं महिला मतदाता संवाद आयोजित करने के निर्देश दिए।

    उन्होंने प्रत्येक पंचायत समिति क्षेत्र में कम से कम एक हरित एवं स्वच्छ बूथ स्थापित करने के निर्देश दिए। साथ ही मेहंदी प्रतियोगिता, मोटरसाइकिल एवं साइकिल रैली, सतरंगी सप्ताह तथा मैराथन  तथा मतदाता प्रश्नोत्तरी जैसी गतिविधियां आयोजित करने पर जोर दिया।

    उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत ग्रामीण स्थानीय शासन की महत्वपूर्ण इकाई है। इन चुनावों में एक लाख 55 हजार जनप्रतिनिधि चुने जाने है। सरपंच एवं अन्य निर्वाचित जनप्रतिनिधि सीधे ग्रामीणों से जुड़े होते हैं और गांव की स्थानीय आवश्यकताओं एवं विकास कार्यों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। इसलिए पंचायती राज चुनावों में मतदाताओं के साथ-साथ चुनाव लड़ने के इच्छुक व्यक्तियों को भी चुनाव प्रक्रिया एवं नियमों की सही और पूरी जानकारी होना आवश्यक है।

    राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव में अधिक से अधिक मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर मतदाता जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएं। उन्होंने युवा, महिला एवं पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं को विशेष रूप से जागरूक करने के निर्देश दिए।

    वीसी के प्रारंभ में राजेश वर्मा, मुख्य निर्वाचन अधिकारी, राज्य निर्वाचन आयोग ने स्वागत उद्बोधन किया। वीसी में सभी मुख्य कार्यकारी अधिकारी, राजकीय महाविद्यालयों के प्राचार्य, महाविद्यालयों के ईएलसी नोडल अधिकारी एवं कैंपस एम्बेडसर जुड़े।

  • 2029 लोकसभा चुनाव पर BJP का फोकस, बूथ से लेकर सामाजिक समीकरण तक मजबूत करने की तैयारी

    2029 लोकसभा चुनाव पर BJP का फोकस, बूथ से लेकर सामाजिक समीकरण तक मजबूत करने की तैयारी

     रांची
    भारतीय जनता पार्टी 2029 में होने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनाव के तीन साल पहले से इसकी तैयारी प्रारंभ कर रही है। बूथ स्तर तक पार्टी अपने कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर सामाजिक समीकरण साधेगी। इसके लिए नए सिरे से डाटा संग्रह किया जाएगा।

    बूथों पर मौजूद भाजपा समर्थकों की पहचान कर उनसे नियमित संवाद के लिए जिला स्तर के नेताओं को जिम्मेदारी दी जाएगी। प्रदेश भाजपा के नए संगठन प्रभारी गजेंद्र पटेल, सह प्रभारी सौरभ सिंह और निवेदिता सिंह ने कोर कमेटी के साथ बैठक में जमीनी समीकरण को मजबूत करने पर जोर दिया। भाजपा के पास पहले से पन्ना प्रमुख जैसी व्यवस्था है।

    अब इसे और हाइटेक बनाने के साथ नियमित अंतराल पर समर्थकों के साथ कार्यक्रम कर उन्हें पार्टी से सीधे जोड़े रखने की योजना है। मंडल स्तर पर भाजपा अपने कार्यकर्ताओं को इसके लिए सक्रिय करेगी और डाटा जुटाने का काम होगा।

    गिरिडीह उपचुनाव पर भी पार्टी नेताओं संग हुई चर्चा
    भारतीय जनता पार्टी के संगठन प्रभारियों ने प्रदेश के नेताओं के साथ बैठक में गिरिडीह में होने वाले उपचुनाव को गंभीरता से लेने पर चर्चा की। इसमें गिरिडीह विधानसभा के सभी छह मंडलों के मतदाताओं का आंकड़ा जुटाकर उनसे संवाद प्रारंभ कर देने का निर्णय लिया गया है।

    प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी गिरिडीह में जाकर कार्यकर्ताओं से मिलेंगे और चुनाव की तैयारी पर बात करेंगे। केंद्रीय नेतृत्व ने भाजपा नेताओं के गिरिडीह उपचुनाव में जीत के लिए मिलकर काम करने का निर्देश दिया है।

  • अखिलेश के अयोध्या दौरे पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का हमला, बोले- ‘सपा को सनातन संस्कृति से कोई लेना-देना नहीं’

    अखिलेश के अयोध्या दौरे पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का हमला, बोले- ‘सपा को सनातन संस्कृति से कोई लेना-देना नहीं’

    लखनऊ
    समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को लेकर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने तीखा हमला बोला है। अयोध्या में राम मंदिर दर्शन को लेकर पूछे गए सवाल पर ब्रजेश पाठक ने कहा कि समाजवादी पार्टी को सनातन संस्कृति से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा केवल तुष्टीकरण और वोट की राजनीति करती है, इसी वजह से राम मंदिर जाने से बचती है।

    ब्रजेश पाठक ने कहा कि समाजवादी पार्टी के नेताओं के हाथ कारसेवकों के खून से रंगे हुए हैं। ऐसे में वे राम मंदिर कैसे जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि सपा अल्पसंख्यकों को नाराज नहीं करना चाहती, इस डर से अखिलेश राम मंदिर नहीं जा रहे हैं। उनके मुताबिक, सपा के लिए यह पूरा मामला वोट पॉलिटिक्स से जुड़ा हुआ है।

    ‘जीतने पर चुनाव आयोग अच्छा, हारने पर खीज मिटाता है विपक्ष’

    एसआईटी को लेकर विपक्ष के हंगामे पर भी डिप्टी सीएम ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष जब चुनाव जीतता है तो निर्वाचन आयोग अच्छा होता है, लेकिन जब हारता है तो अपनी खीज निर्वाचन आयोग पर निकालता है। ब्रजेश पाठक ने कहा कि केरल, तमिलनाडु और हिमाचल में विपक्ष चुनाव जीता, लेकिन जीत के बाद उसने निर्वाचन आयोग को लेकर कोई सवाल नहीं उठाया।

    ‘2027 में सपा की लुटिया डूबने वाली है’

    ब्रजेश पाठक ने आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भी सपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी को पता है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में विपक्ष की लुटिया पूरी तरह डूबने वाली है। इसी वजह से विपक्ष फेस सेविंग के लिए इस तरह के षड्यंत्र रच रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष अपनी आने वाली स्थिति को लेकर परेशान है और इसी के चलते चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।