Author: NewseDay

  • नमो भारत में सफर के साथ मिलेगा संस्कृति का अनुभव, स्टेशनों पर दिखेगी भारतीय कला और विरासत

    नमो भारत में सफर के साथ मिलेगा संस्कृति का अनुभव, स्टेशनों पर दिखेगी भारतीय कला और विरासत

     नई दिल्ली
     नमो भारत ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों को जल्द ही यात्रा के दौरान भारतीय इतिहास, कला और संस्कृति का अनूठा अनुभव मिलेगा।नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) ने नमो भारत स्टेशनों के माध्यम से लोगों को देश की समृद्ध विरासत से जोड़ने के लिए इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

    इस पहल के तहत नमो भारत स्टेशन प्रदर्शनियों, साहित्यिक कार्यक्रमों, कार्यशालाओं और सांस्कृतिक आयोजनों के प्रमुख केंद्र बनेंगे।

    ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को जोड़ने का प्रयास
    दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर ऐतिहासिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण दो शहरों को आपस में जोड़ता है। एक तरफ जहां राजधानी दिल्ली देश की राजनीतिक और सांस्कृतिक यात्रा का प्रमुख केंद्र रही है।

    वहीं, मेरठ मेंमहाभारतकालीन धरोहर के साथ-साथ 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की जननी रहा है। इस समृद्ध पृष्ठभूमि में एनसीआरटीसी और आईजीएनसीए के बीच हुआ यह समझौता यात्रियों को उनकी रोजमर्रा की यात्रा के दौरान देश की विविधता और सांस्कृतिक पहलुओं से रूबरू कराएगा।

    स्टेशन परिसरों में आयोजित होंगी कला प्रदर्शनियां और वर्कशॉप
    इस साझेदारी के तहत दोनों संस्थान नमो भारत स्टेशन परिसरों में सार्वजनिक जुड़ाव से जुड़ी कई गतिविधियों को बढ़ावा देंगे। इसमें विशेष कला और सांस्कृतिक प्रदर्शनियां, विरासत से जुड़ी झलकियां, साहित्यिक कार्यक्रम, व्याख्यान, कार्यशालाएं और जागरूकता अभियान शामिल होंगे। इसका मुख्य उद्देश्य भारत की कलात्मक और सांस्कृतिक परंपराओं को दैनिक आवाजाही के सार्वजनिक स्थानों तक लाकर आम जनमानस से सीधे जोड़ना है।

    रोजाना 1.1 लाख से अधिक यात्री कर रहे हैं सफर
    वर्तमान में नमो भारत कॉरिडोर पर दैनिक रूप से लगभग 1.1 लाख यात्री सफर कर रहे हैं, जबकि यह सेवा अब तक 4.5 करोड़ से अधिक 'कम्यूटर ट्रिप्स' का आंकड़ा पार कर चुकी है। यात्रियों की बढ़ती संख्या यह दर्शाती है कि नमो भारत स्टेशन अब केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक और सामाजिक केंद्र के रूप में उभर रहे हैं।

    कलाकारों और छात्रों को मिलेगा नया मंच
    यह पहल छात्रों, युवा कलाकारों, सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों और शिक्षण संस्थानों के लिए भी बड़े अवसर प्रदान करेगी। एनसीआरटीसी स्टेशनों को एक जीवंत 'सोशल हब' के रूप में विकसित कर रहा है।

    वहीं, आईजीएनसीए अपनी विशेषज्ञता के जरिए देश की कला और परंपराओं को व्यापक जनसमुदाय तक पहुंचाएगा। इस प्रयास से नमो भारत के स्टेशन भारतीय संस्कृति, परंपराओं और कलात्मक अभिव्यक्तियों के संवर्धन का एक प्रमुख जरिया बनेंगे।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुम्बई में इंटरेक्टिव सेशन को किया संबोधित

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुम्बई में इंटरेक्टिव सेशन को किया संबोधित

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश ऐसा एकमात्र राज्य है, जहां उद्योगों की स्थापना के लिए अनेक तरह की अनुकूलताएं मौजूद हैं। जनवरी 2026 में भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के 30 प्रतिशत निवेश प्रस्ताव जमीन पर उतारे जा चुके हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि मध्यप्रदेश उद्योग, व्यापार और व्यवसाय को बढ़ाने के लिए सर्वाधिक अनुकूल राज्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुम्बई में 'इंटरेक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश' सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फार्मा और मेडिकल डिवाइस सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के लिए उद्योगपतियों और निवेशकों को मध्यप्रदेश आने का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी उद्योगपतियों को जनवरी-2027 में भोपाल में होने जा रही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में पधारने के लिए भी आमंत्रित किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र का संबंध एक मां की दो संतानों की तरह है। जहां मुंबई, निवेश और वित्त क्षेत्र की सबसे अच्छी समझ रखने वाला महानगर है, वहीं मध्यप्रदेश निवेश की संभावनाओं वाला राज्य है। एक बार कोई निवेशक मध्यप्रदेश आता है तो उसे भूल नहीं पाता है। मध्यप्रदेश भारत में औद्योगिक निवेश का सबसे तेजी से बढ़ता और सबसे पसंदीदा गंतव्य स्थल बनता जा रहा है। महाराष्ट्र के बड़े औद्योगिक घरानों ने मध्यप्रदेश को अपना निवेश स्थान बनाया है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने जनसेवा के साथ स्वाभिमान के साथ जीना सिखाया है

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस सत्र में वेलस्पन ग्रुप, सनफार्मा और अन्य संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद हैं। उद्योग और कार्पोरेट जगत की लगभग सभी हस्तियां उपस्थित हैं, जो बदलते दौर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की क्षमताओं को जानती हैं। देश के साथ सभी राज्य आगे बढ़ रहे हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने बताया कि राज्यों के बीच सौहार्द्र पूर्ण संबंधों के आधार पर कैसे आगे बढ़ा जा सकता है। मध्यप्रदेश और गुजरात की सीमा पर बना सरदार सरोवर बांध इसी का उदाहरण है। इससे न सिर्फ मध्यप्रदेश और गुजरात दोनों राज्यों को पर्याप्त जल मिला बल्कि राजस्थान के हितों का भी ध्यान रखा गया। राज्यों के मध्य उन्होंने सौहार्द्रपूर्ण संबंध स्थापित करने का कार्य किया। उन्होंने सकारात्मक दृष्टि के साथ कार्य किया है। वर्तमान समय में दुनिया के सामने भारत की पहचान एक ऐसे देश की बन रही है, जहां वैश्विक स्तर के नेता हैं। बदलते दौर में भारत दुनिया की सशक्त अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने जनसेवा के साथ देश को स्वाभिमान से जीना सिखाया है। आज हमारा पासपोर्ट भी दुनिया में मजबूत हुआ है। वर्ष 2014 के पहले भारत कहां था, सभी जानते हैं। गत 12 वर्ष में कितना बदलाव आ सकता है, वो आज सबके सामने है। देश में जीएसटी से लेकर व्यापार-व्यवसाय की सभी व्यवस्थाएं की गई हैं। जी20 के वैश्विक समूह में भारत अपने टारगेट पूरा करते हुए तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत बहुत जल्द दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा।

    वी विल डू इट का नया मंत्र, आत्मविश्वास का नया परिचायक

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 'वी विल डू इट' का मंत्र दिया है। हम दुनिया में सब कुछ कर सकते हैं। उन्होंने कठिनाइयों से निकलकर एक आदर्श जीवन जीया है। आजादी के बाद पहली बार 2015-25 के बीच एक दशक में कृषि क्षेत्र में तेजी से प्रगति हुई है। भारत की निर्माण, नवाचार, नेतृत्व और प्रतिभा की शक्ति दुनिया के सामने है। भारत मोबाइल मैन्यूफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, ड्रोन, ईवी, बैटरी, सोलर हमारी पहचान बन चुके हैं। खेल क्षेत्र की बात करें तो हमारे खिलाड़ी अब वैश्विक खेल प्रतियोगिताओं में पदक जीत रहे हैं। हाल ही में एशियन गेम्स में भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा है। एशियाड हो या ओलम्पिक भारत कहीं भी सफलता प्राप्त कर सकता है। भारत के विदेश मंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका के साथ डील होगी, लेकिन इसमें भारतीय नागरिकों के आत्मसम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यह भारत के स्वाभिमान के साथ वैश्विक संबंधों के निर्वहन का प्रमाण है।

    मध्यप्रदेश जहां एक नहीं, अनेक अनुकूलताएं हैं, निवेशकों को हर प्रकार की सुविधा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसी राज्य में निवेश तभी आ सकता है। जब प्रदेश में स्थाई नेतृत्व हो, नीतियां स्पष्ट हों, पर्याप्त लैंड बैंक हो, उद्योग अनुकूल वातावरण हो, प्रदेश में छोटे-बड़े सभी निवेशकों का पूरा सम्मान है। मध्यप्रदेश की केन्द्रीय भौगोलिक स्थिति है। यहां प्रत्येक निवेशक को लाभ मिलता है। राज्य सरकार ने जीआईएस, रोडशो और अनेक रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के माध्यम से अपार निवेश पाया है। हम सभी निवेशकों को उनके हक की प्रोत्साहन राशि समय पर दे रहे हैं। मध्यप्रदेश में 5 लाख किलोमीटर का रोड नेटवर्क है। एक लाख एकड़ का लैंड बैंक मौजूद है। खनिज, वन, ऊर्जा सहित सभी तरह के छोटे-बड़े और मध्यम श्रेणी के उद्योगों की स्थापना हमारी प्राथमिकता है।

    फाइलों की बजाए फैसलों पर जोर

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सरलीकृत 25 नीतियां लागू की गईं, जो उद्योगों की स्थापना में मददगार बन रही हैं। फाइलों की बजाए फैसलों पर जोर दिया गया है। भोपाल से दिल्ली, मुम्बई, कलकत्ता, रायपुर, बैंगलोर और अन्य नगरों के लिए सीधी विमान सेवाएं हैं। मध्यप्रदेश एविएशन पॉलिसी के अंतर्गत वीजीएफ प्रदान करता है। प्रदेश में हेलीकॉप्टर और हवाई सेवाओं को प्रोत्साहन मिल रहा है। मध्यप्रदेश से खाड़ी देशों के लिए सीधी हवाई सेवा की शुरुआत की गई है। धार जिले में विकसित हो रहे पीएम मित्र पार्क में विभिन्न इकाइयों को 4 रूपए यूनिट बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। मुम्बई में ढाई वर्ष में यह आठवीं यात्रा है, जिसमें उद्योगपति मित्रों से भेंट हो रही है। आज हुई मुलाकातों के फलस्वरूप 90 हजार करोड़ रूपए के निवेश का आश्वासन भी मिला है, यह हमारे प्रयासों की सफलता है।

    निवेशकों की जरूरत के अनुसार कस्टमाइज्ड पैकेज और औद्योगिक सुविधाएं देगा मध्यप्रदेश

    अपर मुख्य सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन नीरज मंडलोई ने कहा कि मध्यप्रदेश में उद्योगों के लिए पर्याप्त भूमि, जल, बिजली, प्राकृतिक संसाधन, कुशल श्रमबल और बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध है। प्रदेश के भौगोलिक केंद्र में होने से बड़े उपभोक्ता बाजारों तक आसान पहुंच है। राज्य में 8 एयरपोर्ट, 22 प्रमुख रेल जंक्शन, एक लाख एकड़ से अधिक तैयार औद्योगिक भूमि तथा 50 हजार एकड़ से अधिक विकसित की जा रही भूमि उपलब्ध है। निवेशकों की जरूरत के अनुसार राज्य सरकार कस्टमाइज्ड जोन, निवेश पैकेज और सेक्टर आधारित औद्योगिक पार्क विकसित करने के लिए तैयार है।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश में 18 से अधिक सेक्टर आधारित नीतियां लागू हैं। फार्मा और मेडिकल डिवाइस क्षेत्र में विशेष संभावनाएं हैं। प्रदेश में 300 से अधिक फार्मा इकाइयां, 30 से अधिक एपीआई एवं बल्क ड्रग निर्माता तथा 57 से अधिक मेडिकल डिवाइस निर्माता कार्यरत हैं। फार्मा क्षेत्र में इन-हाउस आरएंडडी, परीक्षण सुविधाओं और गुणवत्ता प्रमाणन के लिए विभिन्न प्रोत्साहन उपलब्ध हैं। प्रदेश में 2,700 से अधिक निजी अस्पताल और 12,100 से अधिक शासकीय स्वास्थ्य सुविधाएं भी इस क्षेत्र के लिए बड़ा बाजार उपलब्ध कराती हैं।

    श्री मंडलोई ने बताया कि इन्वेस्ट मध्यप्रदेश पोर्टल 3.0 के माध्यम से निवेश प्रक्रिया को डिजिटल, सरल और पारदर्शी बनाया गया है। एआई आधारित प्रणाली, जीआईएस लैंड बैंक, सिंगल कम्प्लायंस, फेसलेस इंसेंटिव डिस्बर्सल और इंसेंटिव कैलकुलेटर जैसी सुविधाएं निवेशकों को उपलब्ध हैं। उन्होंने टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल-ईवी, खाद्य प्रसंस्करण, नवीकरणीय ऊर्जा, टेलीकॉम, पर्यटन, फार्मा और मेडिकल डिवाइस सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के लिए उद्योग जगत को आमंत्रित किया।

    इप्का फार्मा के एमडी अजीत जैन ने मध्यप्रदेश में निवेश के अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहाकीकहा कि मध्य प्रदेश निवेश के लिए आदर्श गंतव्य है मुझे 40 साल में यहां कोई समस्या नहीं आई और यदि कोई छोटी-मोटी समस्या आई भी तो उसका त्वरित निराकरण शासन प्रशासन द्वारा प्रोएक्टिव होकर किया गया। उन्होंने कहा कि यहां संसाधनों की प्रचुरता के साथ प्रोएक्टिव गवर्नमेंट है एवं उद्योग विभाग का सकारात्मक रवैया, स्किल्ड मैनपॉवर की उपलब्धता एवं तकनीकी शिक्षा एवं कौशल प्रशिक्षण के संस्थाओं की उपलब्धता के साथ यहां उद्योग लगाना एकदम आसान है। यहां तक कि हमारे लेबर के लिए आवासीय व्यवस्था करने में भी सरकार ने हेल्प की है। सन फार्मास्यूटिकल्स के दिलीप सांघवी ने भी संबोधित किया।

    इस अवसर पर उज्जैन के विक्रम उद्योगपुरी के डीएमआईसी फेस-2 में निवेश के लिये 5 इकाईयों को आशय पत्र प्रदान किये गये।

     

  • 7 जिला चिकित्सालयों में आवश्यकतानुसार नवीन पदों के सृजन की कार्यवाही समय-सीमा में करें पूर्ण: उप मुख्यमंत्री  शुक्ल

    7 जिला चिकित्सालयों में आवश्यकतानुसार नवीन पदों के सृजन की कार्यवाही समय-सीमा में करें पूर्ण: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    भोपाल 

    उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के विभिन्न विषयों की समीक्षा की। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को लंबित प्रस्तावों का समय पर निराकरण सुनिश्चित करने और प्रशासनिक एवं तकनीकी विषयों में अंतर्विभागीय समन्वय के माध्यम से प्राथमिकता से कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने 27 जिला चिकित्सालयों में आवश्यकतानुसार नवीन पदों के सृजन से संबंधित कार्यवाही समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला चिकित्सालयों में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं और आवश्यकताओं के अनुरूप मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पदों के सृजन से संबंधित प्रस्ताव समय पर तैयार कर आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त की जाएं।

    उप मुख्यमंत्री  शुक्ल मेडिकल कॉलेजों में लगभग 3 हजार नवीन नर्सिंग पदों के सृजन से संबंधित प्रस्तावों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सा शिक्षा, उपचार एवं विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के अनुरूप आवश्यक मानव संसाधन की उपलब्धता महत्वपूर्ण है। इसके लिए पद सृजन से संबंधित प्रक्रिया को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाए।

    पांच मेडिकल कॉलेजों में कैंसर उपचार की सुविधाओं के विस्तार की समीक्षा

    उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने प्रदेश के पांच मेडिकल कॉलेजों में पेट स्कैन, कैंसर की जांच एवं उपचार से संबंधित सुविधाओं के विकास की भी समीक्षा की। उन्होंने इन संस्थानों में ऑन्कोसर्जरी तथा मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभागों की स्वीकृति से संबंधित कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि कैंसर रोगियों को जांच एवं उपचार की समग्र सुविधाएं मेडिकल कॉलेज स्तर पर उपलब्ध कराई जा सकें। उन्होंने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आधुनिक जांच एवं विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं का विस्तार राज्य सरकार की प्राथमिकता है। पेट स्कैन, लिनैक सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं के विकास के साथ विशेषज्ञ विभागों की उपलब्धता सुनिश्चित करने से मरीजों को बेहतर उपचार सेवाएं प्राप्त होंगी और उन्हें उपचार के लिए अन्य स्थानों पर जाने की आवश्यकता कम होगी।

    ग्वालियर में सीटीवीएस विभाग की स्थापना शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश

    उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने मेडिकल कॉलेज ग्वालियर में कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी (CTVS) विभाग की स्थापना से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने विभाग की स्थापना से जुड़ी आवश्यक प्रक्रियाओं को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि ग्वालियर एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को हृदय एवं रक्तवाहिका संबंधी जटिल सर्जरी की विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध हो सकें। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि विभाग से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों के प्रस्तावों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। प्रस्ताव समय पर तैयार कर आवश्यक स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किए जाएं। उन्होंने प्रशासनिक एवं तकनीकी विषयों के निराकरण में संबंधित विभागों के बीच प्रभावी समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और चिकित्सा शिक्षा से जुड़े कार्यों में जहां भी अंतर्विभागीय समन्वय की आवश्यकता हो, वहां संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

    पैरामेडिकल कॉलेजों की मान्यता संबंधी कार्यवाही प्राथमिकता से पूर्ण करें

    उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने प्रदेश में पैरामेडिकल कॉलेजों की मान्यता से संबंधित कार्यवाही की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि छात्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मान्यता संबंधी प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि मान्यता प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई एवं भविष्य प्रभावित न हो, इसके लिए संबंधित प्रकरणों का प्राथमिकता से परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही पूर्ण की जाए। बैठक में अपर मुख्य सचिव वित्त  मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  सुखवीर सिंह, आयुक्त  धनराजू एस सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

     

  • टीबी मुक्त भारत अभियान को मिलेगी युवाओं की ताकत, राजस्थान के 7 जिलों में शुरू हुई JOSH टीमों की पहल

    टीबी मुक्त भारत अभियान को मिलेगी युवाओं की ताकत, राजस्थान के 7 जिलों में शुरू हुई JOSH टीमों की पहल

    जयपुर
     केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार के प्रयासों के साथ समाज और युवाओं की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। युवाओं में ऊर्जा, उत्साह और समाज तक पहुंचने की क्षमता है। जोश (जाइंट स्क्वायड फॉर हेल्थ) टीमों के माध्यम से युवाओं को टीबी के खिलाफ जागरूकता और जनभागीदारी के अभियान से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जोश टीमें टीबी के लक्षणों, बचाव, समय पर जांच और पूरा इलाज कराने का संदेश समुदाय तक पहुंचाने के साथ ही टीबी से जुड़े भ्रम और भेदभाव को दूर करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

    नड्डा ने यह बात गुरुवार को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में जोश टीमों के राष्ट्रीय शुभारंभ के अवसर पर कही। कार्यक्रम में केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता तथा केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव श्रीमती पुण्य सलिला श्रीवास्तव सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। प्रथम चरण में देश के 11 राज्यों के 55 जिलों में जोश टीमों शुरू की जा रही हैं।

    राष्ट्रीय कार्यक्रम के साथ राजस्थान में भी जोश टीमों से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की गईं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ की अध्यक्षता में स्वास्थ्य भवन, जयपुर में अधिकारियों एवं चिकित्सकों ने राष्ट्रीय कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से भाग लिया।

    ब्लॉक स्तर पर युवाओं की टीम करेगी लोगों को जागरूक
    भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार जोश टीम में ब्लॉक स्तर पर 5 माय भारत वॉलंटियर्स और 5 एनसीसी कैडेट्स शामिल किए जा रहे हैं। टीम का नेतृत्व नामित क्लास-1 अधिकारी करेंगे। ये युवा लोगों को टीबी के लक्षणों, जांच और इलाज के बारे में जानकारी देने के साथ समय पर जांच एवं उपचार के लिए प्रेरित करेंगे। साथ ही टीबी को लेकर फैली गलत धारणाओं और भेदभाव को दूर करने में भी सहयोग करेंगे।

    राजस्थान के 7 जिलों में जोश टीम का पायलट शुभारंभ
    राजस्थान में प्रथम चरण में अलवर, बारां, बांसवाड़ा, जयपुर, जोधपुर, उदयपुर एवं राजसमंद जिलों में जोश टीम का पायलट शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही राज्य के अन्य जिलों में भी जिला स्तरीय लॉन्च और ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किए गए। विभिन्न कार्यक्रमों में माय भारत वॉलंटियर्स, एनसीसी कैडेट्स एवं अन्य प्रतिभागियों ने टीबी मुक्त भारत की शपथ ली।

    पायलट जिलों में टीमों को उनकी जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी दी गई तथा फील्ड गतिविधियों की शुरुआत की गई। इन टीमों के माध्यम से टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने और लोगों को समय पर जांच एवं इलाज के लिए प्रेरित करने पर विशेष जोर रहेगा।

    प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने माय भारत वॉलंटियर्स एवं एनसीसी कैडेट्स से संवाद करते हुए कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी से टीबी के खिलाफ जागरूकता अभियान को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने टीबी मुक्त भारत का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने और जनभागीदारी को बढ़ाने के निर्देश दिए।

    कार्यक्रम में टीबी मुक्त भारत अभियान में सक्रिय सहयोग के लिए माय भारत वॉलंटियर्स को श्रीमती गायत्री राठौड़ एवं निदेशक जन स्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा द्वारा प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

    राज्य स्तरीय कार्यक्रम में निदेशक जन स्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा, अतिरिक्त मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन श्रीमती टी. शुभमंगला, निदेशक एड्स डॉ. सुशील परमार, राज्य टीबी अधिकारी डॉ. पुरुषोत्तम सोनी, डॉ. एस.एन. धोलपुरिया, माय भारत के अधिकारी एवं स्वयंसेवक तथा एनसीसी कैडेट्स उपस्थित रहे।

  • वनोपज  से आजीविका बढ़ाने की छत्तीसगढ़ की पहल को नीति आयोग की सराहना

    वनोपज से आजीविका बढ़ाने की छत्तीसगढ़ की पहल को नीति आयोग की सराहना

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ में लघु वनोपज आधारित आजीविका और महिला सशक्तीकरण के लिए संचालित वन धन विकास केन्द्रों के मॉडल को नीति आयोग ने अन्य राज्यों के लिए उपयोगी और अनुकरणीय बताया है। नीति आयोग के विकास निगरानी एवं मूल्यांकन कार्यालय (डीएमईओ) के दल ने राज्य का अध्ययन भ्रमण कर वन धन विकास केन्द्रों की कार्यप्रणाली और जनजातीय समुदायों के लिए आजीविका के अवसर बढ़ाने की पहल का अध्ययन किया। दल ने विशेष रूप से महिला स्व-सहायता समूहों को वनोपज के संग्रहण से लेकर प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन तक की गतिविधियों से जोड़ने के प्रयासों की सराहना की।

    नीति आयोग की महानिदेशक मती निधि छिब्बर के नेतृत्व में आए दल को छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ की प्रबंध संचालक मती संजीता गुप्ता ने राज्य में संचालित आजीविका गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन और पीएम-जनमन के अंतर्गत वन धन विकास केन्द्रों के माध्यम से महिला समूहों को उपलब्ध कराए जा रहे आजीविका के अवसरों तथा संग्रहण से लेकर उत्पाद निर्माण और विपणन तक की व्यवस्था पर प्रस्तुतीकरण दिया।

    महानिदेशक मती निधि छिब्बर ने राज्य शासन और लघु वनोपज संघ के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि महिला समूहों को विभिन्न चरणों में निरंतर सहयोग मिलने से रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। उन्होंने अन्य कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े समूहों को भी वन धन विकास केन्द्रों से जोड़ने तथा भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में पहल करने का सुझाव दिया।

    वन मंत्री  केदार कश्यप के मार्गदर्शन में राज्य में लघु वनोपज आधारित आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।  बैठक में राज्य नीति आयोग और ट्राइफेड के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

  • Jharkhand SIR: मतदाता सूची पुनरीक्षण की समयसीमा बढ़ी, 22 अक्टूबर तक नोटिस मामलों का होगा निपटारा

    Jharkhand SIR: मतदाता सूची पुनरीक्षण की समयसीमा बढ़ी, 22 अक्टूबर तक नोटिस मामलों का होगा निपटारा

    रांची
     झारखंड में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 की समय-सीमा बढ़ा दी गयी है. भारत निर्वाचन आयोग की स्वीकृति के बाद मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी-सह-सचिव के. रवि कुमार ने 8 अक्टूबर को सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्तों को संशोधित कार्यक्रम जारी कर आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया है. अब मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 30 नवंबर 2026 को होगा.

    SIR के लिए अर्हता तिथि 1 अक्टूबर 2026 निर्धारित है. पुनरीक्षण का लक्ष्य है कि कोई पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से छूटे नहीं और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल नहीं हो.

    22 अक्टूबर तक नोटिस वाले मामलों का निपटारा
    संशोधित कार्यक्रम के अनुसार नो-मैपिंग और लॉजिकल विसंगतियों से जुड़े मामलों में जारी पहले और दूसरे नोटिस का निपटारा 22 अक्टूबर तक किया जायेगा. वहीं, BLO के घर-घर सत्यापन और दूसरे नोटिस के बाद भी दस्तावेज नहीं देने वाले मतदाताओं का सत्यापन तथा गैर-नोटिस वाले अन्य श्रेणी के मामलों का निपटारा 31 अक्टूबर तक करना होगा. इसी अवधि में फॉर्म-6, 6A, 7 और 8 से संबंधित सभी दावों और आपत्तियों का डिजिटलीकरण भी पूरा किया जायेगा.

    नवंबर में होगा होम-टू-रोल सत्यापन
    1 से 12 नवंबर तक छूटे हुए योग्य नागरिकों का होम-टू-रोल सत्यापन किया जायेगा और फॉर्म-6 का डिजिटलीकरण होगा. 1 से 21 नवंबर तक DEO, रोल ऑब्जर्वर और CEO स्तर से निपटाये गये मामलों की जांच और सुपर-चेकिंग की जायेगी.

    वहीं 1 से 23 नवंबर तक ECINET पर नोशनल मकान नंबर, नजरी नक्शा, की-मैप, गूगल मैप और मतदान केंद्रों की तस्वीरों को अपडेट किया जायेगा.

    23 नवंबर तक दावे-आपत्तियों का अंतिम निपटारा
    सभी प्राप्त दावों और आपत्तियों का अंतिम निष्पादन 23 नवंबर तक पूरा करना है. इसके बाद 24 से 29 नवंबर के बीच मतदाता सूची के स्वास्थ्य मानकों की जांच, निर्वाचन आयोग से अंतिम प्रकाशन की अनुमति और मतदाता सूची की छपाई की प्रक्रिया पूरी होगी.

    30 नवंबर को अंतिम मतदाता सूची
    संशोधित कार्यक्रम के अनुसार 30 नवंबर 2026, सोमवार को झारखंड की SIR के तहत तैयार मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जायेगा.

    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने संशोधित कार्यक्रम की प्रति राज्य के सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों, प्रमंडलीय आयुक्तों और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को भी भेजी है.

     

  • ‘वजन त्यौहार’ और बाल गृहों के स्वास्थ्य एवं साप्ताहिक आहार प्लान की हुई सराहना

    ‘वजन त्यौहार’ और बाल गृहों के स्वास्थ्य एवं साप्ताहिक आहार प्लान की हुई सराहना

    रायपुर

    बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और संरक्षण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ द्वारा किए जा रहे प्रयासों को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन-सह-चिंतन शिविर में सराहना मिली। महिला एवं बाल विकास मंत्रीलक्ष्मी राजवाड़े ने सुषमा स्वराज भवन, चाणक्यपुरी में आयोजित इस सम्मेलन में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया। दो दिवसीय सम्मेलन में देशभर के महिला एवं बाल विकास मंत्री और विभागीय सचिव भाग ले रहे हैं।

    भारत सरकार की केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रीअन्नपूर्णा देवी, केंद्रीय राज्य मंत्रीसावित्री ठाकुर, भारत सरकार के सचिव तथा वरिष्ठ अधिकारी भी सम्मेलन में उपस्थित रहे। शिविर में आंगनबाड़ी सेवाओं में सुधार, मिशन वात्सल्य, महिला सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है। इसका उद्देश्य राज्यों के अनुभव साझा करना और महिला एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने के उपायों पर मंथन करना है।

    सम्मेलन के प्रथम सत्र में छत्तीसगढ़ के ‘वजन त्यौहार’ की विशेष रूप से सराहना की गई। इस पहल के माध्यम से बच्चों के वजन और पोषण की स्थिति के प्रति परिवारों तथा समुदाय को जागरूक किया जा रहा है। बच्चों की नियमित वृद्धि पर निगरानी रखने और कुपोषण में कमी लाने के प्रयासों में जनभागीदारी को जोड़ना इस पहल की प्रमुख विशेषता है।

    छत्तीसगढ़ शासन द्वारा बाल गृहों में रहने वाले बच्चों के लिए तैयार स्वास्थ्य प्लान और साप्ताहिक आहार चार्ट को भी सराहना मिली। बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई गई इन व्यवस्थाओं से बाल गृहों में उनकी देखभाल को व्यवस्थित करने का प्रयास किया गया है।

    मंत्रीराजवाड़े की सहभागिता में राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत छत्तीसगढ़ के ये अनुभव राज्य में महिला एवं बाल विकास विभाग की प्राथमिकताओं और कार्यप्रणाली को सामने लाए। सम्मेलन के आगामी सत्रों में चारों प्रमुख विषयों पर चर्चा जारी रहेगी। कार्यक्रम के दूसरे दिन, 9 अक्टूबर को, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी भी सम्मेलन में शामिल होंगे।

  • राजस्व कार्यों में अनियमितता और भ्रष्टाचार के मामलों में होगी कड़ी कार्रवाई

    राजस्व कार्यों में अनियमितता और भ्रष्टाचार के मामलों में होगी कड़ी कार्रवाई

    भोपाल

    राजस्व के कार्यों में अनियमितता और भ्रष्टाचार के मामलों में जिला स्तर पर निरंतर कार्रवाई की जा रही है। विभिन्न जिलों में रिश्वत के आरोपी पटवारियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अभियोजन स्वीकृति प्रदान की गई है। यह कार्रवाई लोकायुक्त में दर्ज शिकायत, जांच में सामने आए तथ्यों एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की गई है।

    सतना के पटवारी संतोष सतनामी के विरुद्ध अभियोजन स्वीकृति जारी, नामांतरण-बंटवारे के लिए 15 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप

    सतना जिले की तहसील रामपुर बघेलान के हल्का क्रमांक-17 डेंगराहट में पदस्थ तत्कालीन पटवारी संतोष सतनामी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अभियोजन स्वीकृति प्रदान की गई है। कलेक्टर सतना के आदेश के अनुसार नामांतरण एवं बंटवारे के प्रकरण के निराकरण में तत्कालीन पटवारी संतोष सतनामी द्वारा 15 हजार रुपये रिश्वत की मांग की गई और 5 हजार रुपये नकद लेते हुए ट्रैप की कार्रवाई की गई।

    जारी आदेशानुसार पुलिस अधीक्षक, विशेष पुलिस स्थापना, लोकायुक्त रीवा से प्राप्त प्रतिवेदन, एफआईआर, शिकायत, साक्षियों के कथन, जप्ती एवं विभिन्न पंचनामों तथा अन्य उपलब्ध दस्तावेजों के परीक्षण के बाद प्रकरण प्रथम दृष्टया अभियोजन योग्य पाया गया। इसके आधार पर हल्का क्रमांक-17 डेंगराहट, तहसील रामपुर बघेलान, जिला सतना के तत्कालीन पटवारी संतोष सतनामी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988, संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7, 13(1)(बी) एवं 13(2) के तहत अभियोजन संस्थित करने की स्वीकृति प्रदान की गई है।

    चार बीघा भूमि के नामांतरण के लिए 15 हजार रुपये रिश्वत मांगने वाले जबलपुर के पटवारी सनी द्विवेदी के विरुद्ध अभियोजन स्वीकृति जारी

    जबलपुर जिले की तहसील कुंडम के हल्का क्रमांक-04 में पदस्थ पटवारी सनी द्विवेदी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अभियोजन स्वीकृति प्रदान की गई है।अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), सिहोरा द्वारा जारी आदेश के अनुसार ग्राम पंचायत पिपरिया के ग्राम मझौली में आवेदक के पिता की चार बीघा भूमि के नामांतरण के लिए तहसीलदार कुंडम के समक्ष पटवारी सनी द्विवेदी के माध्यम से शपथ पत्र प्रस्तुत किया गया था। नामांतरण के लिए पटवारी द्वारा 15 हजार रुपये रिश्वत की मांग की गई।

    आवेदक द्वारा लोकायुक्त जबलपुर में शिकायत की गई। रिश्वत मांगने संबंधी बातचीत रिकॉर्ड की गई, जिसमें आरोपी द्वारा 13 हजार रुपये लेने पर सहमति व्यक्त की गई। इसके बाद लोकायुक्त द्वारा ट्रैप कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान पटवारी को 13 हजार रुपये की रिश्वत राशि प्राप्त करते हुए पकड़ा गया। रिश्वत राशि एवं अन्य सामग्री जब्त कर आवश्यक कार्रवाई की गई।

    जांच के दौरान आवेदक, पंच साक्षियों, ट्रैप दल एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों के कथन लिए गए। राज्य फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी, सागर द्वारा की गई आवाज की जांच में रिकॉर्ड की गई बातचीत की आवाज का मिलान आरोपी के प्रमाणित आवाज नमूने से पाया गया। जांच में 15 हजार रुपये रिश्वत की मांग एवं 13 हजार रुपये प्राप्त किए जाने की पुष्टि होने पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 13(1)(बी) एवं 13(2) के तहत अपराध प्रमाणित पाया गया। इसके आधार पर अभियोजन स्वीकृति प्रदान की गई है।

    नर्मदापुरम के पटवारी देवेंद्र सहारिया के विरुद्ध अभियोजन स्वीकृति जारी

    नर्मदापुरम जिले की तहसील नर्मदापुरम में पदस्थ पटवारी (नगर सर्वेक्षक) देवेंद्र सहारिया के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अभियोजन स्वीकृति प्रदान की गई है।अनुविभागीय अधिकारी राजस्व नर्मदापुरम द्वारा जारी आदेश के अनुसार पुलिस अधीक्षक, विशेष पुलिस स्थापना, लोकायुक्त भोपाल संभाग द्वारा अभियोजन स्वीकृति के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया था।

    आदेश में नवीन भू-अभिलेख नियम 2020 के नियम 10 के अंतर्गत अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को आरोपी को पद से हटाने के लिए सक्षम प्राधिकारी होना उल्लेखित है। उपलब्ध अभिलेखों एवं तथ्यों के परीक्षण के बाद पटवारी (नगर सर्वेक्षक), तहसील नर्मदापुरम, जिला नर्मदापुरम देवेंद्र सहारिया के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988, संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 और धारा 13(1) सहपठित धारा 13(2) के तहत अभियोजन स्वीकृति प्रदान की गई है।

    भूमि नामांतरण के लिए 8 हजार रुपये रिश्वत मांगने वाले सीहोर के पटवारी धर्मेन्द्र सिंह राठौर के विरुद्ध अभियोजन स्वीकृति जारी

    सीहोर जिले की तहसील जावर के पटवारी धर्मेन्द्र सिंह राठौर के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अभियोजन स्वीकृति प्रदान की गई है। शिकायतकर्ता द्वारा लोकायुक्त में शिकायत की गई थी कि भूमि नामांतरण के लिए पटवारी द्वारा 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की गई है। शिकायत के सत्यापन के लिए निरीक्षक मुकेश तिवारी द्वारा डिजिटल वॉइस रिकॉर्डर उपलब्ध कराया गया। रिकॉर्ड की गई बातचीत में पटवारी द्वारा 8 हजार रुपये लेने पर सहमति व्यक्त की गई।

    स्वतंत्र पंच साक्षियों की उपस्थिति में रिकॉर्ड की गई बातचीत का अवलोकन किया गया तथा प्रारंभिक पंचनामा तैयार किया गया। इसके बाद जावर में ट्रैप कार्रवाई की गई, जिसमें रिश्वत की मांग की पुष्टि हुई। तहसील कार्यालय जावर में वॉइस रिकॉर्डर एवं मेमोरी कार्ड की जब्ती का पंचनामा तैयार कर उसे सीलबंद किया गया। आरोपी के आवाज के नमूने को एफएसएल भोपाल भेजा गया, जहां रिकॉर्ड की गई आवाज को पटवारी धर्मेन्द्र सिंह राठौर की आवाज प्रमाणित किया गया।

    हल्का क्रमांक-24, तहसील जावर, जिला सीहोर के पटवारी धर्मेन्द्र सिंह राठौर द्वारा लोक सेवक के पद का दुरुपयोग करते हुए भूमि नामांतरण के लिए 8 हजार रुपये रिश्वत की मांग किए जाने के संबंध में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988, संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया। उपलब्ध तथ्यों एवं अभिलेखों के परीक्षण के बाद कलेक्टर सीहोर श्री बालगुरु के. द्वारा अभियोजन के लिए पर्याप्त आधार पाए जाने पर अभियोजन स्वीकृति प्रदान की गई है।

    मकान के फर्जी नामांतरण एवं लीज रिन्यू के एवज में 8 हजार रुपये रिश्वत लेने वाले भोपाल के पटवारी मंगलेश खण्डेलवाल के विरुद्ध अभियोजन स्वीकृति जारी

    भोपाल जिले में कोलार क्षेत्र के पटवारी मंगलेश खण्डेलवाल के विरुद्ध विशेष पुलिस स्थापना, लोकायुक्त भोपाल में दर्ज मामले में अभियोजन स्वीकृति प्रदान की गई है। पटवारी मंगलेश खण्डेलवाल पर मकान के फर्जी नामांतरण एवं लीज रिन्यू के एवज में 8 हजार रुपये रिश्वत लेने का आरोप है। विशेष पुलिस स्थापना, लोकायुक्त भोपाल द्वारा उन्हें रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने के बाद कार्रवाई की गई।

    अनुविभागीय अधिकारी राजस्व द्वारा उपलब्ध अभिलेखों एवं तथ्यों का परीक्षण कर कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही एवं भ्रष्टाचार में प्रथम दृष्टया संलिप्तता के आधार पर अभियोजन स्वीकृति के लिए प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी भोपाल श्री प्रियंक मिश्रा द्वारा प्रकरण से संबंधित तथ्यों एवं अभिलेखों का परीक्षण करने के बाद लागू विधिक प्रावधानों के तहत अभियोजन स्वीकृति प्रदान की गई है।

    राज्य सरकार द्वारा भ्रष्टाचार के मामलों में नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। प्रशासन में पारदर्शिता एवं शुचिता बनाए रखने के लिए अनियमितता और भ्रष्टाचार के मामलों में निरंतर कार्रवाई की जा रही है।

     

  • अखिलेश यादव की राम भक्ति संदेह के घेरे में: डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य

    अखिलेश यादव की राम भक्ति संदेह के घेरे में: डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य

    लखनऊ

    समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव 8 अक्टूबर को अयोध्या पहुंचे। इस दौरान सपा प्रमुख एक कथा के आयोजन में शामिल हुए लेकिन राम मंदिर में रामलला के दर्शन करने नहीं गए। इसको लेकर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव पर निशाना साधा।

    केशव मौर्य ने कहा कि अयोध्या पहुंचने के बावजूद रामलला के दर्शन नहीं करना अखिलेश की राम भक्ति पर सवाल खड़े करता है। केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, “प्रदेश की जनता, प्रदेश के राम भक्त सब देख रहे हैं कि जो अयोध्या जाकर राम लला के मंदिर में नहीं जा रहे हैं, इसका मतलब उनकी राम भक्ति संदेह के घेरे में है। क्योंकि देश ही नहीं दुनिया के कोने-कोने से लोग अयोध्या जाकर राम मंदिर के दर्शन करते हैं।”

    ‘राम और कृष्ण एक ही हैं’ बयान पर भी घेरा

    अखिलेश यादव के राम और कृष्ण एक ही हैं, वाले बयान पर केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, “तो अखिलेश यादव कृष्ण जन्मभूमि चले जाएं, श्री राम जन्मभूमि चले जाएं, काशी विश्वनाथ जी चले जाएं, लेकिन उनको वोट बैंक खिसकने का डर लगेगा।”

    ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस के प्रदर्शन पर भी बोले

    मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर भी डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “कांग्रेस को जवाब देश की जनता देगी।”

    अयोध्या दौरे पर बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी
    अखिलेश यादव का अयोध्या दौरा ऐसे समय हुआ है जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हैं। इस बीच अखिलेश यादव अयोध्या में पूर्व मंत्री पवन पांडेय के यहां आयोजित भागवत कथा में शामिल हुए।

  • कांकेर में राज्य स्तरीय वन्यप्राणी संरक्षण सप्ताह का समापन, उत्कृष्ट कार्य करने वाले वनकर्मी सम्मानित

    कांकेर में राज्य स्तरीय वन्यप्राणी संरक्षण सप्ताह का समापन, उत्कृष्ट कार्य करने वाले वनकर्मी सम्मानित

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को रोकने और वन्यप्राणियों की निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता, संसदीय कार्य मंत्री  केदार कश्यप ने कांकेर में राज्य स्तरीय वन्यप्राणी संरक्षण सप्ताह के समापन समारोह में रेडियो कॉलरिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित निगरानी एवं मोबाइल अलर्ट सिस्टम के लिए 60 लाख रुपए की मंजूरी की घोषणा की। उन्होंने वन्यप्राणियों के सुरक्षित रेस्क्यू के लिए आधुनिक उपकरणों से लैस वाहन उपलब्ध कराने की भी घोषणा की।

     वन मंत्री  कश्यप ने बताया कि भालू और तेंदुओं की गतिविधियों एवं लोकेशन की निगरानी के लिए 40 लाख रुपए की लागत से रेडियो कॉलरिंग परियोजना शुरू की जाएगी। वहीं, 20 लाख रुपए की लागत से एआई आधारित मॉनिटरिंग और मोबाइल अलर्ट सिस्टम विकसित किया जाएगा। इसके जरिए वन्यप्राणियों की गतिविधियों की निगरानी के साथ संभावित खतरे की सूचना ग्रामीणों को मोबाइल पर मिल सकेगी।  कश्यप ने कहा कि वन्यप्राणियों का संरक्षण केवल वन विभाग की नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने जनसहभागिता से वन्यजीव संरक्षण का आह्वान किया।

    वन्यजीवों और प्राकृतिक विरासत पर तीन पुस्तकों का विमोचन

     समारोह में वन मंत्री  कश्यप ने वन्यजीव संरक्षण, जैव-विविधता और प्राकृतिक विरासत पर आधारित तीन पुस्तकों एवं पुस्तिकाओं का विमोचन किया। इनमें गोमर्डा वन्यजीव अभयारण्य की जैव-विविधता पर आधारित 'Gomarda: The Hidden Emerald of Chhattisgarh', बाघिन के दृष्टिकोण से जंगल के अनुभवों को प्रस्तुत करने वाली 'अचानकमार की जीती-जागती कहानी झुमरी की जुबानी' तथा गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व के प्राचीन शैलचित्रों और पुरातात्विक धरोहरों पर केंद्रित 'Timeless Imprints: Guru Ghasidas Tamor Pingla Tiger Reserve' शामिल हैं। इस अवसर पर मानव-वन्यजीव संघर्ष प्रबंधन और वन्यप्राणी संरक्षण में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वन अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। 

      कार्यक्रम में विधायक  आशाराम नेताम, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख  अरुण कुमार पाण्डेय, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी)  ओ.पी. यादव सहित वन विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी, कलेक्टर, डीएफओ,  स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण जन उपस्थित रहे।